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अंजान लड़के ने पूरी रात मुझे चोदा


 

अंजान लड़के ने पूरी रात मुझे चोदा

हैल्लो मेरी फेमिली में, में और मेरे पापा है इसलिए में पापा की लाडली हूँ. मेरी उम्र 19 साल है और में दिखने में सुंदर और सेक्सी हूँ. मेरा फिगर 34-24-36 है और मेरा कलर गौरा, हाईट 5 फुट 5 इंच, वजन 47 किलोग्राम, स्लिम बॉडी है.

मेरे एक अंकल की लड़की की शादी थी तो मेरा और पापा का जाना जरुरी था, लेकिन पापा की तबीयत अचानक ख़राब हो गई तो मुझे ही जाना पड़ा. प्रोग्राम एक होटल में था और प्रोग्राम घर से ज्यादा दूर नहीं था तो में अपनी स्कूटी लेकर चली गई और में बहुत ही शरीफ लड़की थी किसी लड़के की तरफ देखती ही नहीं थी. मुझे क्या पता था? कि आज मेरी शराफ़त की माँ बहन होने वाली है.

 में पार्टी में पहुँच गई और कन्यादान किया, फिर स्टेज पर जाकर दीदी को गिफ्ट दिया और फिर खाना खाया और घर की और चल दी. तभी मुझे याद आया कि पापा ने कहा था कि एक बार अंकल को हैल्लो बोलकर जरूर आना तो में उन्हे ढूँढने लगी. बहुत देर हो गई लेकिन अंकल नहीं मिले. वहां सब लड़के मुझे घूर रहे थे क्योंकि में बहुत ही सेक्सी लग रही थी. मैंने मिनी स्कर्ट और फिटिंग का टॉप पहना था, वो भी साईज़ में छोटा था और मेरी जांघे और नाभि और क्लीवेज साफ दिखाई दे रहे थे. ये मेरी नॉर्मल ड्रेस है.

 फिर मुझे आंटी दिखी तो मैंने उनसे पूछा कि अंकल कहाँ है? तो उन्होंने बाहर की तरफ इशारा कर दिया. में वहां नहीं जाना चाहती थी, लेकिन पापा ने बोला था इसलिए जाना जरूरी था. फिर में वहां गई और अंकल को हैल्लो बोला, अंकल फुल नशे में थे उन्होंने मुझे नॉर्मली हग किया और वाइन का ग्लास दे दिया. मैंने मना किया लेकिन वो नहीं माने और मुझे पिला दिया. जिससे वहीं पर मेरा सिर घूमने लगा. फिर मैंने अपनी स्कूटी स्टार्ट की और जैसे ही स्टार्ट करके रेस तेज की तो में गिर गई और बेहोश हो गई.

 फिर जब मेरी आँख खुली तो एक लड़का मेरे साथ बैठा था. फिर मैंने पूछा कि में कहाँ हूँ? तो उसने बताया कि में उसके रूम में हूँ और उसे में पार्टी के बाहर पार्किंग में बेहोश मिली थी. फिर मैंने उसे थैंक्स बोला और उठकर जाने लगी, तो उसने मुझे रोका और कहा कि रात के 1 बज गए है, अब तुम कहाँ जाओगी और कल सुबह चली जाना तो में भी मान गई.

 फिर मैंने पापा को फोन किया और बोल दिया कि में मेरी दोंस्त के घर पर हूँ कल सुबह आ जाउंगी तो पापा भी मान गए. फिर वो बोला चलो सोते है और मेरे साथ आकर बेड पर लेट गया. फिर मैंने कहा कि तुम कहीं और सो जाओ प्लीज. तो उसने बताया कि उसके पास एक ही बेड है तो मैंने कहा चलो एड्जस्ट कर लेते है फिर हम सो गए. सॉरी दोस्तों मैंने आपको उस लड़के के बारे में तो बताया ही नहीं, उसका नाम विक्की था और उसकी उम्र 20 साल थी. हाईट 5 फुट 7 इंच और लंड का साईज़ 8 इंच था वो बहुत ज्यादा स्मार्ट नहीं था, लेकिन एवरेज था.

 फिर रात को अचानक मुझे अपनी जांघो पर कुछ महसूस हुआ तो मैंने आँख खोली तो विक्की मेरी जांघो पर हाथ घुमा रहा था. फिर में उसे रोकने लगी तो मैंने देखा कि मेरे हाथ बंधे हुए थे और उसने पैरो को भी बांध रखा था और मेरे मुँह पर टेप थी. में डर गई और रोने लगी तो वो बोला कि चिंता मत करो आज तुझे बहुत मजा आने वाला है तो उसने मेरे ऊपर से चादर हटाकर फेंक दी तो में देखकर और ज्यादा डर गई कि में पहले से ही नंगी थी और वो भी नंगा था. में उसे मना करती रही, लेकिन वो नहीं रुका और कभी मेरी नाभि को किस करता तो कभी जांघो को किस करता, कभी बूब्स चूसता और बूब्स दबाता रहा.

 फिर वो मेरी चूत चाटने लगा, जिस पर बहुत बाल थे. फिर वो उठा और रेजर से मेरी चूत के बाल साफ़ कर दिए. में रो रही थी, लेकिन वो मेरी तरफ देख ही नहीं रहा था. फिर वो मेरी चूत लिक करने लगा तो मुझे नशा सा होने लगा. फिर में भी उसका साथ देने लगी और अपनी चूत उसके मुँह में धकेलने लगी. वो समझ गया था कि अब में तैयार हूँ और फिर उसने मुझे खोल दिया और किस करने लगा. में उससे लिपट गई और किस करती रही. फिर वो मेरे बूब्स मसलने लगा और दबा भी रहा था. में सातवें आसमान में थी.

फिर उसने अपना लंड मेरे मुँह पर रख दिया तो मैंने लंड चूसने से मना कर दिया, लेकिन वो नहीं माना. फिर में तैयार हो गई और उसका लंड देखते ही डर गई, बाप रे कितना बड़ा था, लंड मेरे मुँह में आधा ही गया था. में मस्त होकर चूसती रही और उसने मेरे मुँह में ही झाड़ दिया और पीने को बोला तो में उसके लंड का पूरा पानी पी गई.

 फिर उसने मुझे लेटा दिया और मेरी चूत चूसने लगा और में सिसकियाँ लेने लगी आईईई उम्म्म्मम और तेजज़्ज़्ज अह्ह्ह्ह उम्म्म्मम और 10 मिनट के बाद में फिर झड़ गई. वो मेरा सारा पानी पी गया. फिर हम दोनों एक दूसरे को किस करते रहे और उसका लंड फिर से खड़ा हो गया और वो मेरी गर्म और गीली चूत पर लंड रगड़ने लगा. में अब रुक नहीं पा रही थी और फिर मैंने उससे बोला जो करना है जल्दी से कर लो ना प्लीज, तो उसने टाईम वेस्ट ना करते हुए एक ज़ोरदार झटका मारा और उसका पूरा लंड मेरी चूत में अन्दर चला गया. क्योंकि मेरी चूत पहले से ही गीली थी और अन्दर से कुछ टूटने की आवाज़ आई और खून निकलने लगा.

 फिर मेरे मुँह से आवाज़ निकलने लगी आईईईइ माँ मरररर गईई पापा बचाओं आइईईई इतने में उसने अपने होठों से मेरे मुँह को लॉक कर दिया और थोड़ी देर वैसे ही रहा और किस करता रहा. फिर जब मेरा दर्द कम हो गया तो वो फिर से धीरे धीरे स्टार्ट हो गया, लेकिन उसने मेरे होठों को नहीं छोड़ा. फिर थोड़ी देर के बाद वो मेरी चूत में ही झड़ गया और में भी झड़ गई.

 फिर वो मेरी गांड मारने लगा तो उसने मेरी गांड में लंड डाल दिया और चोदने लगा, लेकिन उसने मेरे होठों को नहीं छोड़ा और फिर उसने थोड़ी देर के बाद मुझे छोटे बच्चे की तरह गोद में उठा लिया और वो पूरी छत पर मुझे लेकर घूम रहा था और साथ में चोद भी रहा था. फिर मैंने कहा अभी के लिए बहुत है तो वो मेरी गांड में अन्दर ही छूट गया. फिर हम बेड पर आकर नंगे ही सो गए.

 फिर जब मेरी आँख खुली तो सुबह के 11 बज रहे थे और हम अब भी बेड पर नंगे पड़े थे. फिर मैंने विक्की को उठाया तो उसने मुझे किस किया और फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और फिर वो मेरे लिए कॉफी ले आया.

फिर हमने कॉफी पी और उसने कहा कि चलो तुम्हें घर छोड़ दूँ. फिर मैंने सोचा क्यों ना आज भी मजा लिया जाए? फिर मैंने उससे कहा कि यार पापा तो ऑफिस गए होंगे. क्यों ना हम आज शाम तक साथ में टाईम बिताये? वो समझ गया था कि मुझे क्या चाहिए? तो उसने कहा कि ठीक है नहा लेते है. फिर उसने मेरे लिए अपनी बहन के कपड़े ला दिए और हम नहाने चले गए. फिर उसने मुझे बाथरूम में दो बार चोदा.

पूरी रात बिस्तर में बहू की चुदाई (Sasur bahu ki chudai)

पूरी रात बिस्तर में बहू की चुदाई (Sasur bahu ki chudai)
ससुर जी- चल आज तेरा सारी स्ट्रिपिंग शूट लेता हूँ..!
मैं घबरा गई, मैंने कहा- मैं कुछ समझी नहीं… बाबूजी?
ससुर जी- कुछ नहीं इसमे तू पहले साड़ी में होगी और फिर धीरे-धीरे स्ट्रिपिंग करनी होगी, मैं तेरा शूट लेता रहूँगा और आखिरी में लिंगरी में शूट करूँगा!
मैंने एकदम सुन्न रह गई- मैं ये सब कुछ नहीं करूँगी बाबूजी, मैं आपकी बहू हूँ… आपके सामने ये सब कैसे कर सकती हूँ?
मैंने एकदम गुस्से में कहा और उनके कमरे से जाने लगी।
तो उन्होंने मेरा साड़ी का पल्लू पकड़ लिया और खींच कर अपने बिस्तर पर गिरा दिया। उन्होंने जल्दी से कमरा अन्दर से बन्द कर दिया।
ससुर जी ने कहा- बहू.. तू भी तो प्यासी रहती है और मैं भी… क्यों ना हम दोनों एक-दूसरे की मदद करें..!
और यह कह कर उन्होंने मेरी साड़ी खींचनी शुरु कर दी, फ़िर मेरे पेटिकोट का नाड़ा खींच दिया।
मैं भी प्यासी थी तो मैंने भी अपने ससुर का कोई खास विरोध नही किया बस थोड़ा बहुत दिखावा किया।
तभी मेरे ससुर ने मेरे ब्लाऊज के हुक खोल कर उसे उतार दिया।
और फ़िर ब्रा और पैन्टी को भी मुझसे अलग कर दिया।
मैं अब अपने ससुर के सामने एकदम नंगी थी। मैंने तो घबराहट के मारे आँखें बंद कर लीं और रोने का ड्रामा करने लगी।
मेरे ससुर ने मेरी चूचियों को मसलना शुरू कर दिया। वो कभी मेरी बाईं चूची को तो कभी दाईं चूची को बड़ी बुरी तरह मसल रहे थे। वो एक ताकतवर मर्द थे।
और तभी मेरे नीचे कुछ चुभने लगा, तो मुझे एहसास हुआ कि उनका लंड बहुत बड़ा है और वो उनके पजामे में एकदम तम्बू की तरह तन गया है।
ससुर जी बोले- वाह बहू… तू तो चूत एकदम साफ़ रखती है!
उन्होंने एक ऊँगली मेरी चूत में डाल दी, मैं दर्द से चीख पड़ी क्योंकि मैंने तो अभी तक अताउल्ला के साथ भी अच्छे से चुदाई नहीं की थी, तो मेरी योनि एकदम तंग थी। फिर उन्होंने अपनी ऊँगली को अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया। मैं दर्द के मारे तड़पने लगी।
उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगे। मैंने अभी भी आँखें बंद कर रखी थीं और अपने होंठ भी एकदम बंद कर रखे थे।
ससुर जी ने मेरी चूचियों को और जोर से मसलना शुरू कर दिया और मैं चिल्लाने लगी।
ससुर जी का कमरा एकदम अन्दर है इसलिए बाहर तक मेरी आवाज़ शायद नहीं जा रही थी। वो अपनी ऊँगली अन्दर-बाहर करते रहे और मैं कहती रही- बाबूजी प्लीज़ ऐसा मत करो… मैं आपकी बहू हूँ..!’
ससुर जी- कौसर बेटा.. तू तो बहुत ही कामुक है… तेरी ये जवानी छोड़ कर अताउल्ला बेकार में बाहर रहता है… बेटा प्लीज़ मेरे साथ सहयोग कर ले… मैं तुझे पूरा मज़ा दूँगा…!
उनकी ये सब बातें सुनना मुझे अच्छा लग रहा था, मेरे शरीर में एक सनसनी होने लगी और अब दर्द भी कम हो गया था। मेरी चिल्लाना अब सिसकारियों में बदल गया और मुझे अब उनकी ऊँगली अन्दर-बाहर करना अच्छा लग रहा था।
तभी उन्होंने अपना पजामा उतार दिया और मुझे अपनी चूत पर कुछ गरम-गरम सा लगा!
या अल्लाह.. ये ससुर जी क्या कर रहे थे…! वो मेरी चूत में अपना लंड डालने वाले थे।
मैं छटपटाने लगी और तभी उन्होंने एक हल्का धक्का दिया और उनका करीब 2½ इंच लंड मेरी चूत में घुस चुका था, मेरी जान निकलने लगी।
उनका लौड़ा अताउल्ला से भी मोटा था। करीब 2½ इंच मोटा और तभी उन्होंने एक और धक्का दिया और मुझे लगा कि किसी ने गरम लोहे की छड़ मेरी चूत में पेल दी हो।
करीब 7 इंच लंबा और 2½ इंच मोटा लंड मेरी चूत में था और अब मुझसे दर्द सहन नहीं हो रहा था।
उन्होंने अपना एक हाथ मेरे होंठों पर रख कर मुझे चीखने से रोका हुआ था।
वो अब हल्के धक्के दे रहे थे और मेरी चूचियों को मसल रहे थे और उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए थे। मैं एकदम बेसुध सी थी। अब तो मुझसे चीख भी नहीं निकल रही थी।
उन्होंने हल्के-हल्के झटके मारना शुरू किए। मैंने उनके हर झटके के साथ मचल उठती थी। अब मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया था, अब मुझे उनका धक्के देना अच्छा लगने लगा और उनके हर धक्के का अब मैं भी नीचे से अपने चूतड़ उछाल कर साथ दे रही थी।
अब ससुर जी ने अपने धक्के तेज़ कर दिए और मेरी जान से निकलने लगी, जैसे ही वो पूरा लंड मेरे अन्दर करते मुझे लगता कि उनका लंड मेरा पेट फाड़ कर बाहर आ जाएगा, पर मुझे भी अब बहुत मज़ा आ रहा था।
शादी के अभी कुछ महीने ही बीते थे और मैंने ऐसा सम्भोग अताउल्ला के साथ भी नहीं किया था।
अताउल्ला ने हमेशा हल्के-हल्के ही सब कुछ किया था।
पर आज तो ससुर जी ने मुझे बुरी तरह मसल दिया था। मेरी चूत ने भी अब पानी छोड़ना शुरू कर दिया था, मैं झड़ने वाली थी।
मैंने आँखें अब भी नहीं खोली थीं, पर मैंने अपने ससुर जी को अपने से एकदम चिपका लिया और मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं- उह्ह ओह्ह… बाबूजी प्लीज़… नहीं..!
मैं अब भी उन्हें मना कर रही थी, पर उन्हें अपने ऊपर भी खींच रही थी और एकदम से मेरी चूत से पानी की धार निकल पड़ी और मैं एकदम से निढाल हो गई।
ससुर जी- बहुत अच्छा कौसर बेटा, मैं भी अब आने वाला हूँ।
उन्होंने धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी और एकदम से मेरे ऊपर गिर पड़े। उनका गरम-गरम पानी मेरी चूत में मुझे महसूस हो रहा था।
मुझे नहीं पता फिर क्या हुआ, उसके बाद जब मेरी आँख खुली तो मेरे ऊपर एक चादर पड़ी थी और मैं अभी भी ससुर जी के बिस्तर पर ही थी।
घड़ी में देखा तो करीब 2 बज रहे थे।
मैं उठी तो मेरा पूरा जिस्म दर्द कर रहा था। मैंने जल्दी से अपने कपड़े ढूँढने शुरू किए तो पाया कि सिर्फ़ साड़ी को छोड़ कर सब कपड़े फटे हुए थे।
ससुर जी ने उन्हें बुरी तरह फाड़ दिया था। मैंने सब कपड़े समेटे और फ़ौरन अपने कमरे में आ गई। मुझे नहीं पता कि ससुर जी उस समय कहाँ थे। मैंने अपना दरवाजा बंद कर लिया और फिर अपना फोन देखा तो वो मेरे कमरे में नहीं था।
अब मैं सोचने लगी कि आज मेरे साथ क्या हो गया। अब मुझे खुद पर ग्लानि आ रही थी कि मैंने अपनी अन्तर्वासना के वशीभूत होकर अपने ससुर को यह क्या करने दिया। फ़िर मैंने सोचा कि मैं नासमझ हूँ तो मेरे ससुर तो समझदार हैं, उन्होंने यह हरकत क्यों की, अगर वो पहल ना करते तो मैं इस पचड़े में ना पड़ती। मुझे लगा कि इसके गुनाहगार मेरे ससुर ही हैं, मैं नहीं, उन्हें सजा मिलनी ही चहिये।
मैंने अपना दरवाजा बंद कर लिया और फिर मैं रोने लगी। काफ़ी देर तक रोती रही और मैंने मन बना लिया कि आज इस आदमी को सबक सिखाऊँगी और अताउल्ला को सारी बात बता कर पुलिस को फोन करूँगी। मैंने अपना फोन देखा तो वो मेरे कमरे में नहीं था।
मैंने जल्दी से एक सलवार-सूट अलमारी से निकाल कर पहना और सोचा की शायद ड्राइंग-रूम में फोन होगा। मैं एकदम गुस्से में थी और ड्राइंग-रूम में फोन देखने लगी तो देखा ससुर जी अपने कंप्यूटर पर बैठे है और मेरी नग्न-चित्र कंप्यूटर पर चला रहे हैं। मैं एकदम सुन्न रह गई।
मेरे ससुर जी ने मेरी नग्न चित्र जब मैं बेहोशी की हालत में थी, तब ले लिए थे। मैं भाग कर फिर अपने कमरे में आ गई और अंदर से बन्द कर लिया।
मुझे नहीं पता था मेरे साथ ये सब क्यों हो रहा है। मैं अपनी किस्मत पर रो रही थी कि मैं कहाँ फंस गई। मेरा फोन भी मेरे पास नहीं था, मैं अताउल्ला को तुरंत कॉल करके सब बताना चाहती थी, पर मेरे पास फोन नहीं था।
मैं फिर अपनी किस्मत पर रोने लगी, तभी ससुर जी की आवाज़ आई- बेटा.. आज क्या भूखा रखेगी, दोपहर का खाना तो लगा दे..!’
वो मेरे कमरे के एकदम पास थे, मैंने कहा- चले जाओ यहाँ से, मैं अताउल्ला को अभी कॉल करती हूँ..!

ससुर जी- बहू सोच कर कॉल करियो, जो तू अताउल्ला से कहेगी तो मैं भी कह सकता हूँ कि मैंने तुझे पराए मर्द के साथ पकड़ लिया, इसलिए तू मुझ पर इल्ज़ाम लगा रही है और मेरे पास तो तेरी फोटो भी हैं। वो मैं अगर इंटरनेट पर डाल दूँ। तो तेरी दोनों बहनों की शादी तो होने से रही बेटा…!
 ‘आप यहाँ से चले जाओ… मुझे आपसे बात नहीं करनी..!’ मैं चिल्लाई और फिर फूट-फूट कर रोने लगी।

मैं अपने कमरे में फर्श पर ही बैठ गई और ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी और ससुर जी ने जो अभी कहा उसे सोचने लगी।
क्या अताउल्ला मेरी बात मानेंगे..या अपने पिता की…! मुझे तो अभी वो सही से जानते भी नहीं..! क्या वो मुझ पर यक़ीन करेंगे कि उनके बाप ने मेरे साथ ऐसा किया?
मेरा सर, दर्द के मारे फटने लगा।
और अगर क्या मैं पुलिस मैं जाऊँ तो क्या ससुर जी सच में मेरे नग्न चित्र इंटरनेट पर डाल देंगे?
मैं अपनी बहनों को बहुत प्यार करती थी, क्या इससे मेरी बहनों पर फर्क पड़ेगा, मेरी आँखों के आगे अँधेरा सा छाने लगा, मैं अभी भी फर्श पर बैठी थी और मुझे बहुत तेज़ प्यास लग रही थी, मेरा गला सूख रहा था।

मैं उठी और अपने कमरे से रसोई में चली गई। वहाँ जाकर पानी पिया, तभी ससुर जी की आवाज़ आई- बहू, बहुत भूख लगी है, तुझे जो करना है कर लियो.. पर प्लीज़ खाना तो खिला दे… देख तीन बजने वाले हैं और मैंने तुझसे जो कहा है पहले उस पर भी सोच-विचार कर लेना बेटा…!
मेरी आँखों से फिर आँसू आ गए और मैं वापिस रसोई में आ गई।
फ्रिज खोला उसमें सब्ज़ी बनी पड़ी थी, मैंने वो गर्म की, 4 रोटी बनाई और ड्राइंग कमरे में ससुर जी को देने आ गई।
मैंने देखा वो सोफे पर सो रहे थे, मैंने ज़ोर से टेबल पर थाली रख दी और वहाँ से जाने लगी।
ससुर जी की आँख मेरी थाली रखने से खुल गई, वो बोले- बेटा, तू नहा कर ठीक से कपड़े पहन ले, देख ऐसे अच्छा नहीं लगता और कुछ खा भी लेना. और उन्होंने खाना शुरू कर दियमैंने अपने आप को देखा तो मैंने जो सलवार-सूट जल्दी में पहना था, उसके ऊपर मैंने चुन्नी भी नहीं ली थी और मेरे सारे बाल बिखरे पड़े थे।
मैं जल्दी से गुसलखाने में चली गई और फिर नहाने लगी।
मैंने अपने जिस्म को देखा तो जगह-जगह से लाल हो रहा था। ससुर जी ने मेरी चूचियाँ इतनी बुरी तरह मसली थी कि उनमें अभी तक दर्द हो रहा था और मुझे अपनी चूत में भी दर्द महसूस हो रहा था।
मैं एकदम गोरी थी, इसलिए ससुर जी ने जहाँ-जहाँ मसला था, वहाँ लाल निशान पड़ गए थे। जिस्म पर पानी पड़ना अच्छा लग रहा था। मैं 20 मिनट तक नहाती रही और फिर देखा तो मैं अपने कपड़े और तौलिया भी लाना भूल गई थी।
मैं जल्दी से नंगी ही भाग कर अपने कमरे में आ गई और अन्दर से बन्द कर लिया और फिर जल्दी से एक दूसरी साड़ी निकाली, नई ब्रा और पैन्टी निकाली, जो मैंने शादी के लिए ही खरीदी थी क्योंकि एक सैट तो बाबूजी ने फाड़ दिया था। दूसरी साड़ी पहनी और फिर अपने कमरे में ही लेट गई।
मुझे घर की याद आने लगी और फिर रोना आ गया। मुझे पता ही नहीं चला कब मेरी आँख लग गई और जब आँख खुली तो शाम के छः बजे थे।
मुझे रोज अताउल्ला सात बजे शाम को फोन करते हैं, मैं यही सोच कर कि जब फोन आएगा तो उन्हें सब बता दूँगी, इंतज़ार करने लगी, पर तभी मुझे याद आया कि मेरा फोन तो ड्राइंग कमरे में है, मैं उनका फोन कैसे उठा पाऊँगी।
मैंने अपना दरवाजा खोला और ड्राइंग कमरे में आ गई। उधर देखा तो ससुर जी बैठे थे, अपने कंप्यूटर पर कुछ कर रहे थे।
ससुर जी- बहू चाय तो बना दे!
वो तो ऐसे बात कर रहे थे, जैसे कुछ हुआ ही नहीं और फिर बोले- ले बेटा, तेरा फोन यहीं पड़ा था,
अताउल्ला का फोन आने वाला होगा… इसे रख ले अपने पास!
उन्होंने मुझे मेरा फोन दे दिया। मैंने जल्दी से अपना फोन ले लिया और रसोई में आ गई।
मेरा मन कर रहा था कि तुरंत अताउल्ला को फोन करके उनके बाप की करतूत बता दूँ, पर सोचने लगी क्या वो मेरी बात पर यकीन करेंगे और फिर ससुर जी की धमकी भी याद आने लगी।
ये सोचते-सोचते मैंने उनके लिए चाय बना दी और चाय लेकर ड्राइंग कमरे में आ गई और टेबल पर रख कर जाने लगी।
तो ससुर जी बोले- बेटा दो मिनट बैठ जा, मुझे कुछ बात करनी है।

मैंने कहा- मुझे आपसे कुछ बात नहीं करनी…
और अपना मुँह फेर लिया।
ससुर जी- तू प्यार की ज़ुबान नहीं समझेगी, तो फिर मुझे दूसरा तरीका अपनाना पड़ेगा..!
उनकी आवाज़ में काफ़ी गुस्सा था।
मैं सिहर गई और मैं वहीं सोफे पर बैठ गई, बोली- क्या बात करनी है.. जल्दी करिए..
मैंने आँखें अभी भी नीचे की हुई थीं।
ससुर जी- बेटा.. मुझे माफ़ कर दे, मैं तुझे बहुत प्यार करता हूँ.. जिस दिन से तुझे अपने बेटे के लिए पसंद किया है, उस दिन से उसके नसीब की दाद देता हूँ कि उसे तेरी जैसी सुंदर बीवी मिली है। पर तू ज़रा सोच उसे तेरी कितनी कदर है?
ससुर जी- हर समय काम-काम करता रहता है, तुझे क्या लगता है, उसकी कम्पनी में लड़कियों की कमी है? वो रोज अपनी सेटिंग को चोदता होगा लाहौर में.. मैं उसे बचपन से जानता हूँ!
मेरी तो शर्म के मारे आँख बंद हो गई कि ससुर जी मेरे सामने कैसे लफ्ज़ बोल रहे हैं.. वो ऐसे तो कभी नहीं बोलते थे।
में चिल्ला कर बोली- तो फिर जब आपको पता था, तो फिर उनकी शादी क्यों की मेरे साथ? उनके साथ ही कर देते जो उनकी सेटिंग हैं।
ससुर जी- तू मेरी पसंद है बहू, अताउल्ला की नहीं.. और तू उसे सब कुछ बता भी दे तो भी वो तेरी बात नहीं मानेगा और वो लाहौर में खुश है, यहाँ कभी-कभी आएगा तेरे साथ एक-दो रात बिताएगा और फिर लाहौर चला जाएगा.. उसे मॉडर्न लड़कियों का चस्का है, मैंने उसे फोन पर बात करते सुना था। अब तक अपनी कंपनी की करीब 8-10 लड़कियाँ पटा कर चोद चुका है वो..
मैंने कहा- बस करिए.. आप ये सब मुझे क्यों बता रहे हैं… और मेरे सामने ऐसी गंदी बातें ना करिए प्लीज़..! मुझ को आप से बात नहीं करनी…
और मैं रोने लगी।
ससुर जी- बहू.. रो मत, मैं बस यह कहना चाहता हूँ कि मैं तुझे बहुत प्यार करता हूँ और तुझे कोई पेरशानी नहीं होगी यहाँ पर… तू यहाँ खुश रह और अगर तूने मेरी बात नहीं मानी तो तुझे जो मैंने कहा है, मैं वो सब कर दूँगा और अताउल्ला से मैं खुद बात करूँगा और वो तुझे तलाक दे देगा, ना तू कहीं की रहेगी और ना तेरी दोनों कुंवारी बहनें..! बस इन सब चीजों का अंजाम दिमाग़ से सोच ले और मुझे कुछ नहीं कहना…

तभी मेरा फोन बज उठा, अताउल्ला का कॉल था। मैं अपने कमरे में भाग आई, काफ़ी घंटियाँ बज गईं, तब मैंने फोन उठाया।
अताउल्ला- कहाँ हो आप, कब से कॉल कर रहा हूँ!
मैंने कहा- कुछ नहीं… वो मैं रसोई में थी..!
और अपने आँसू पोंछने लगी।
 ‘आप यहाँ कब आओगे, आपकी बहुत याद आ रही है!’ मैंने सिसकते हुए कहा।
अताउल्ला- यार… यहाँ का काम ही ऐसा है, शायद दो महीने में कुछ छुट्टी मिल जाए और सब ठीक है वहाँ पर? और अब्बू कैसे हैं?
मन तो किया कि अभी ससुरजी का काला चिठ्ठा बयान कर दूँ, पर ससुरजी की धमकी से सिहर गई।
मैंने कहा- हाँ.. सब ठीक है, मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं है, मैं आपसे बाद में बात करती हूँ!
मुझसे बात नहीं हो पा रही थी, इसलिए ऐसा कह दिया।
अताउल्ला- ठीक है.. अपना और अब्बू दोनों का ख़याल रखना… अल्ला हाफ़िज़..!
यह कह कर उन्होंने फोन काट दिया और मैं फिर अकेली रह गई। घड़ी में समय देखा तो शाम के 7-30 बज रहे थे। मैं जल्दी से फोन रख कर रसोई में आ गई।
मैं वो सब भूल जाना चाहती थी और रसोई में काम करने लगी। खाना बनाते-बनाते एक घंटा गुजर गया, ससुर जी का खाना ड्राइंग कमरे में लगाया और अपने कमरे में जाने लगी।
तभी ससुर जी बोले- बहू, तूने कुछ खाया?
मैंने गुस्से में कहा- मुझे भूख नहीं है, आप को कुछ चाहिए हो तो मुझे आवाज़ दे देना, मैं अपने कमरे में जा रही हूँ!
यह कह कर मैं अपने कमरे में आ गई और दरवाजा बन्द करके लेट गई, उसके बाद पता ही नहीं चला कब आँख लग गई।
जब सुबह का अलार्म बजा तब आँख खुली, सुबह के 5 बजे थे।
मुझे पता था ससुर जी को स्कूल जाना होगा, उनका लंच लगाना था। तो मैं नहा-धो कर जल्दी से रसोई में गई और उनका ब्रेकफास्ट और लंच जल्दी से तैयार किया।
मुझे उनकी तिलावत करने की आवाज़ आ रही थी, मैंने मन में कहा कि कैसा ढोंगी इंसान है, यह तो उस ऊपर वाले से भी नहीं डर रहा।
फिर थोड़ी देर में मैंने उनका नाश्ता ड्राइंग रूम में लगा दिया। आज मैंने रोज की तरह साड़ी ही पहनी थी।

वैसे तो मैं रोज ससुर जी को सलाम करती थी, पर आज चुपचाप खड़ी रही।
ससुर जी- बहू… मुझे पता है तूने कल से कुछ नहीं खाया है.. चल बैठ मेरे साथ और कुछ खा ले!

मैंने कहा- मुझे अभी भूख नहीं है।
ससुर जी बोले- तू मेरे साथ खाती है या मैं फिर आज छुट्टी करूँ स्कूल की.. बोल?
कल छुट्टी करने पर मेरा क्या हाल हुआ था, वो सोच कर मैं फिर काँप गई और चुपचाप सोफे पर बैठ गई।

मैं नज़रें झुका कर बैठी थी और धीरे-धीरे मैंने ससुर जी के साथ नाश्ता कर लिया।
उन्होंने अपना दूध का कप भी मेरे आगे कर दिया और कहा- चलो पियो इसे!
वो मुझे ऐसे नाश्ता करा रहे थे, जैसे कोई बच्चे को कराता है।
ससुर जी बोले- बहू.. इस घर में हम दोनों अकले हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे का ख़याल रखना चाहिए… खुश रह बेटा और तू साड़ी में सिर पर पल्लू डाल कर बड़ी सुंदर लगती है… चल अब मैं स्कूल जा रहा हूँ.. तू दरवाज़ा बंद कर ले..!
वो ऐसा कह कर चले गए। मैंने फिर दरवाज़ा बंद कर लिया और सोचने लगी कि ससुर जी आज इतने अच्छे से बात कर के गए हैं और कल उन्होंने मेरी इज़्ज़त तार-तार कर दी थी, वो ऐसा क्यों कर रहे हैं।

फिर मैं अपने घर के काम में लग गई। दोपहर के 2-00 बज चुके थे, आम तौर पर ससुर जी अब तक स्कूल से आ जाते थे, पर वो आज नहीं आए थे। मुझे लगा पता नहीं क्या हुआ, वो आज कहाँ चले गए।

करीब तीन बजे दरवाजे की घंटी बजी, तो मैंने दरवाज़ा खोला।
ससुर जी अन्दर आ गए थे, मैंने कहा- बाबूजी आप फ्रेश हो लो, मैं आपका खाना लगा देती हूँ।
तो ससुर जी बोले- बेटा ये ले!

मैंने देखा तो उनके हाथ में एक पोली बैग था, उसमें कुछ कपड़े थे।
मैंने कहा- यह क्या है?
ससुर जी- बहू.. कल तेरे कपड़े फट गए थे ना मुझसे… मुझे मुआफ़ करना… मैं नए लाया हूँ। आज शाम को तू इन्हीं को पहन लेना..!
और वो फ्रेश होने चले गए।
मैंने वो पोली बैग अपने कमरे में रख दिया और उनका खाना लगाया, खुद भी खाया और फिर अपने कमरे में थोड़ा आराम करने आ गई।
अब मेरा ध्यान उस पोली बैग पर गया, जो ससुर जी ने मुझे दिया था।
मैंने सोचा देखूँ इसमें वो क्या लाए हैं। बैग खोला तो मैं एकदम दंग रह गई, उसमें एक मशहूर ब्रांड की बहुत ही महंगी सुनहरे रंग की ब्रा थी और साथ में एक सुनहरे रंग की थोंग (पैन्टी) थी। पैन्टी तो बिल्कुल किसी डोरी की तरह थी। उसमें पीछे की तरफ की डोरी पर कुछ चमकदार नग लगे हुए थे।
और साथ में एक नाईटी भी थी, जो काले रंग की एकदम पारदर्शी थी। उसमें बहुत ही कम कपड़ा था, वो एकदम लेस वाली नाईटी थी। उसे कोई पहन ले तो शायद ही उसमें लड़की का कोई अंग छुप सके।
आज तक अताउल्ला ने भी मुझे ऐसी कोई ड्रेस नहीं दी थी। ऐसी ड्रेस तो मैंने सिर्फ़ फिल्मों में ही देखी थी। तो ससुर जी को आज आने में इसलिए देरी हुई थी।
मुझे यकीन नहीं हुआ कि वो मेरे लिए ऐसी ड्रेस भी खरीद सकते हैं।
मैंने फ़ौरन उस पोली बैग को बंद कर के बेड पर एक तरफ रख दिया और फिर मैं लेट गई और मेरी आँख लग गई।
जब आँख खुली तो शाम के छः बजे थे। मैंने जल्दी से उठ कर चाय बनाई और ससुर जी को देने के लिए ड्राइंग रूम में आ गई।
वो ड्राइंग रूम में अख़बार पढ़ रहे थे।
मैंने चाय मेज पर रख दी और जाने लगी।
ससुर जी- बहू… तुझे कहा था मैंने कि शाम को वो कपड़े पहन लेना, जो मैं आज लाया था और तूने अभी तक साड़ी पहन रखी है। मुझे तेरा फोटोशूट लेना है, चलो जल्दी से वो ड्रेस पहन कर आ जा..
मैं हाथ जोड़ते हुए बोली- बाबूजी… प्लीज़ मुझे छोड़ दो, मैं वो कपड़े पहन कर आप के सामने कैसे आ सकती हूँ.. प्लीज़ बाबूजी!
मैंने अपनी आँखें नीचे की हुई थीं।
ससुर जी- बहू, तू एक बार मेरी बात मान ले, आज के बाद तुझे कुछ पहनने को नहीं बोलूँगा.. प्लीज़, मान जा!
मैं उनसे अर्ज कर रही थी और वो मुझसे..!
ससुर जी- जा अब.. और मुझे तू रात तक उसी ड्रेस में दिखनी चाहिए, बस!
मुझे लगा वो गुस्सा होने वाले हैं, इसलिए मैं तुरंत अपने कमरे में आ गई।
मरती क्या ना करती.. मैंने वो पोली बैग उठाया और उसमें से वो ब्रा, पैन्टी और वो नाईटी निकाल ली। मैंने ड्रेसिंग टेबल के सामने जाकर अपनी साड़ी उतारी और फिर वो नई ब्रा और पैन्टी पहन ली।
मैंने पहली बार इतनी महंगी ब्रा और पैन्टी पहनी थी। मैंने शीशे में खुद को देखा, मैं उस समय बहुत ही सेक्सी लग रही थी। मैं एकदम गोरी हूँ और वो सुनहरे रंग की ब्रा और थोंग (पैन्टी) मेरे जिस्म पर एकदम ग्लो कर रही थी। थोंग तो ऐसी थी कि बड़ी मुश्किल से मेरी चूत उसमें छुप पा रही थी और उसके पतले डोरे मेरी टांगों के बीच में डाल लिए थे।
मैंने ऊपर से वो पारदर्शी नाईटी डाल ली, मैंने ड्रेसिंग टेबल में देखा तो मैं एकदम मॉडल सी लग रही थी।
उस समय मैं सब कुछ भूल गई और अपने बालों को अच्छे से बनाए, अपना मेकअप किया और फिर खुद को शीशे में निहारने लगी।
मुझे नहीं लगता कि उस नाईटी में कुछ भी छुप रहा था। मेरी चूचियां और तनी हुई लग रही थी उस ब्रा में और थोंग तो सिर्फ़ 3 इंच का कपड़ा डोरियों के साथ था, उसमें यक़ीनन मैं बहुत ही मादक और कामुक लग रही थी।
मेरी टाँगें एकदम नंगी थीं। मुझे इतना भी ध्यान नहीं रहा कि मैंने अपने रूम का दरवाज़ा बंद नहीं किया है। पीछे मुड़ी तो देखा कि ससुर जी मुझे टकटकी लगाए देख रहे हैं.. मैं एकदम शरमा गई।
मैंने कहा- बाबूजी.. आप यहाँ क्या कर रहे हैं?
और अपने हाथों से अपने तन को ढकने लगी।
ससुर जी- बहू अब शरमा मत… देख मैं कैमरा भी लाया हूँ.. अब मैं जैसा कहूँगा तू वैसा करेगी, नहीं तो तू सोच ले!
मैंने नजरें झुका लीं और चुपचाप खड़ी रही।
ससुर जी- चल अब सीधी खड़ी हो जा… मैं तेरे इस मादक रूप की फोटो तो खींच लूँ!
मैंने हाथ हटा लिए, ससुर जी ने कई फोटो लिए।
ससुर जी- चल.. अब नाईटी भी उतार दे..
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मैंने उनकी वो बात भी मान ली। अब मैं अपने ससुर के सामने केवल एक ब्रा और एक पतली डोरी वाली की थोंग में थी। अपने को छुपाने की पूरी कोशिश कर रही थी, पर इन कपड़ों में कुछ छुपता कहाँ है।
ससुर जी ने मुझे अलग-अलग हालत में खड़ा कर के कई फोटो लिए।
फिर बोले- चल अब पूरी नंगी हो जा बहू और नंगी तू इस कैमरा के सामने होगी..!
मैंने कहा- बाबूजी प्लीज़, मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ… प्लीज़ मुझे नंगा मत करिए, आपने जो कहा, वो मैंने किया!
ससुर जी- बेटा… तू अभी कौन से कपड़ों में है?
यह कहते हुए उन्होंने मेरे शरीर से ब्रा और पैन्टी भी उतार दी। मैं अब एकदम नंगी थी, मैं एकदम सीधी खड़ी हो गई।
उन्होंने मेरी कई नंगी फोटो खींची।
फिर मेरी चूचियाँ देख कर बोले- बेटा.. ये तो अब तक लाल है, कल मैंने ज़्यादा तेज़ मसल दी थी क्या!
और मेरे चूचुक छूने लगे।
मैंने कहा- प्लीज़ बाबूजी, ऐसे मत करिए!
ससुर जी- चल अब दोनों हाथ दीवार पर रख और पीछे मुँह कर के खड़ी हो जा!
जैसा उन्होंने कहा, मैं वैसे ही खड़ी हो गई। मेरे हाथ दीवार पर थे, मेरे बाल खुले हुए थे और वो मेरे चूतड़ों तक आ रहे थे।
उन्होंने उस स्थिति के कई कोणों से फोटो लिए।
थोड़ी देर बाद मैंने पीछे मुड़ कर देखा वो एकदम नंगे हो चुके थे और उनका लंड एकदम तना हुआ था। उनका लवड़ा आज तो और भी लंबा लग रहा था। मैंने फिर से दीवार की तरफ मुँह कर लिया और अपनी आँखें बंद कर लीं।
मुझे अब अपने जिस्म पर उनके हाथ महसूस हो रहे थे, उनका एक हाथ मेरी बाईं चूची को मसल रहा था और दूसरा दाईं चूची को भभोंड़ रहा था।
मेरे मुँह से ‘उफआह.. बाबूजी प्लीज़… उफ्फ….नहीं…आह.. बस करो.. आ..’ जैसे अल्फ़ाज़ निकल रहे थे।
तभी उन्होंने दायें हाथ की एक उंगली मेरी चूत में डाल दी, मैं एकदम से उछल सी गई, तो उन्होंने मेरे बाल पकड़ लिए।
ससुर जी- बहू.. बस थोड़ी देर ऐसे ही खड़ी रह..!
और फिर मुझे अपनी चूत पर उनका मोटा लण्ड महसूस होने लगा। उन्होंने मेरे बाल पकड़े हुए थे और दाईं वाली चूची मसल रहे थे। उन्होंने एक झटका मारा और पूरा लंड मेरे अन्दर समा गया।
बिल्कुल जैसे हीटर की रॉड मेरे अन्दर समा गई हो।
आज वो मेरे साथ खड़े-खड़े ही चुदाई कर रहे थे।
मैंने अपनी आँखें बंद की हुई थीं।
फिर पता नहीं क्या हुआ मुझे अपनी चूत में सनसनी होने लकी और लगा मेरी चूचियाँ खड़ी हो रही हैं…!
या अल्लाह…. मेरा जिस्म मेरा साथ छोड़ रहा था, अब मैं भी मजे में डूबती जा रही थी, अब उनका लंड मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
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मेरे मुँह से निकल रहा था- उफ़फ्फ़… बाबूजी…प्लीज़ नहीं…आहाहहा..!
और में उनके हर झटके का जवाब अपने चूतड़ हिला-हिला कर दे रही थी।
ससुर जी- ऊ…आहह.. बहू… तू बहुत ही प्यारी है बस दस मिनट और खड़ी रह…!
और इस तरह वो मुझे 20 मिनट तक दीवार पर खड़ा करके चोदते रहे, वो भी मेरे अपने कमरे में।
उसके बाद एक करेंट सा लगा और मेरी चूत से पानी की धार बह गई!
मुझे लगा वो भी झड़ गए हैं, वो एकदम मुझसे चिपक गए और मुझे सीधा करके मेरे होंठों को चूसने की कोशिश करने लगे।
फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से निकाल लिया और मुझे गोदी में उठा कर मेरे बेड पर लिटा दिया और खुद भी लेट गए।
हम दोनों 15 मिनट ऐसे ही लेट रहे।
मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि मैं अपने ससुर के साथ अपने बिस्तर पर नंगी पड़ी हूँ।
और इतने में मेरा फोन बजने लगा।
समय देखा तो सात बज रहे थे और अताउल्ला का फोन था।
ससुर जी- बेटा, अताउल्ला का फोन है… उठा ले!
और मेरी चूत को सहलाने लगे, मैंने उनका हाथ हटाया और अताउल्ला का फोन उठा लिया।
अताउल्ला- हैलो कौसर, कैसी हो आप?
मैंने कहा- ठीक हूँ, आप बताइए..!
अताउल्ला- क्या कर रही थी?
अब मैं उन्हें कैसे बताती कि मैं एकदम नंगी उनके बाप के साथ अपने बेड पर हूँ और ससुर जी मेरी चूत में उंगली डाल रहे थे। मैंने उन्हें बड़ी मुश्किल से रोका हुआ था।
मैंने कहा- मैं रसोई में काम कर रही थी..!
तभी ससुरजी ने मेरी एक चूची बड़ी ज़ोर से दबा दी, मेरे मुँह से फोन पर ही चीख निकल गई- ओफ़फ्फ़…
अताउल्ला घबरा गए, पूछने लगे- क्या हुआ?
मैंने ससुर जी से हाथ जोड़ कर इशारा किया कि प्लीज़ मुझे बात करने दो, तब जाकर उन्होंने मेरी चूची छोड़ी।
मैं नंगी ही बेड से उठ कर बोली- कुछ नहीं सब्ज़ी काट रही थी, थोड़ा सा लग गया..!
अताउल्ला- अपना ध्यान रखा करो और अब्बू कहाँ हैं?
उन्हें क्या पता था कि अभी थोड़ी देर पहले ही मेरी चूत के अन्दर अपना लण्ड डाले पड़े थे।
मैंने कहा- वो शायद बेडरूम में हैं, टीवी देख रहे हैं।
अताउल्ला- ठीक है अपना ख्याल रखना!
और उन्होंने फोन रख दिया।
मैंने ससुर जी को देखा तो वो बेड पर लेट मुझे ही देख रहे थे, पर उन्होंने अपने कपड़े पहन लिए थे।
मैं उनसे नज़रें नहीं मिला रही थी इसलिए फ़ौरन दूसरी तरफ देखने लगी।
मैंने भी सोचा कि मैं भी अपने कपड़े पहन लूँ और अलमारी खोल कर अपना एक सूट निकाल लिया।
ससुर जी- क्या कर रही है बेटा?
मैंने बिना उनकी तरफ देखे कहा- खाना बनाना है, देर हो जाएगी इसलिए रसोई में जा रही हूँ।
उन्होंने तभी बेड से उठ कर मेरा सूट छीन लिया, बोले- तो इसमें सूट का क्या काम? आज से तू खाना नंगी हो कर ही बनाएगी।
मैंने कहा- बाबूजी प्लीज़… मेरा सूट छोड़िए साढ़े सात बज गए हैं, बहुत काम है।
मुझे लगा शायद वो ऐसे ही कह रहे हैं।
ससुरजी- तुझे समझ नहीं आता क्या… अब शाम को तू ऐसे ही रहा करेगी, चल जा अब खाना बना…
और मेरा सूट बेड के दूसरी तरफ फेंक दिया।
मैंने कहा- प्लीज़ बाबूजी… मुझे कुछ तो पहनने दो!
और मैं नजरें झुकाए खड़ी रही।
ससुरजी- अच्छा चल तू इतना कह रही है तो तू कुछ चीज़ पहन सकती है..!
फिर बोले- तू अपनी कोई भी ज्वैलरी, अपनी चुन्नी और कोई भी हील वाली सैंडिल पहन सकती है.. ठीक है अब?
मैंने सोचा इसमें तो एक भी कपड़ा नहीं है, पहनूँ क्या और चुन्नी का क्या करूँगी जब नीचे से पूरी नंगी हूँ।
ससुर जी- और थोड़ा फ्रेश हो ले पहले, बाल भी बना ले, देख एकदम बिखरे पड़े हैं!
इतना कह कर वो अपने कमरे में चले गए।


तड़पती बहु को ससुर ने जमकर चोदा


 

तड़पती बहु को ससुर ने जमकर चोदा

हरीनाथ की पत्नी देवानी की मौत 2 साल पहले हो गयी थी। अब वो 42 साल का एक असंतुष्ट मर्द था और अपने लंड की गरमी निकालने के लिए नई चूत की तलाश में था। उसका एक बेटा अमर और एक बेटी दीपा थी। बेटी की शादी गौतम के साथ हो चुकी थी जो कि फौज में काम करता था। गौतम की पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में थी और दीपा से अलग रहने पर मज़बूर था। दीपा 19 साल की जवान औरत थी.. गोरी चिट्टी, गदराया हुआ बदन, भारी चूतड़, भरी हुई चूचियाँ, मोटे होंठ, लंबा कद और कसरती जांघे। कई बार तो गोपी अपनी ही बेटी के जिस्म की कल्पना से उत्तेजित हो चुका था। वो एक ही शहर में होते हुए भी अपनी बेटी से कम ही मिलता क्योंकि वो नहीं चाहता था कि उसका हाथ अपनी ही बेटी पर लगकर इस पवित्र रिश्ते को तोड़ डाले।

अमर ने भी अपनी प्रेमिका प्रिया से शादी करके घर बसा लिया था। प्रिया एक साँवली 20 साल की लड़की थी.. बिल्कुल स्लिम, सेक्सी आँखें, लंबी टाँगें और भरा हुआ जिस्म। प्रिया की ज़िद थी कि वो अलग घर में रहेगी.. तो अमर ने अलग घर ले लिया था। हरीनाथ अब अकेलेपन का शिकार हो रहा था कि अचानक एक दिन उसकी बहू प्रिया का फोन आया और वो बोली कि बाबूजी आप यहाँ पर चले आइए.. मुझे आपकी ज़रूरत है। अमर ने मुझे धोखा दिया है और में आपके बेटे से तलाक़ चाहती हूँ.. आप अभी चले आये बाबूजी।

तभी हरीनाथ जल्दी से अपने बेटे के घर पहुँचा तो देखा कि प्रिया ने रो रो रोकर अपना बुरा हाल कर लिया था। फिर हरीनाथ उसके पास आया और पूछने लगा कि बेटी क्या हुआ? रोना बंद करो अब और मुझे पूरी बात बताओ बेटी.. तू घबरा नहीं.. तेरे बाबूजी हैं ना? शाबाश बेटी मुझे सारी बात बताओ? लेकिन प्रिया कुछ नहीं बोली बल्कि उसने तस्वीरों का एक लिफ़ाफ़ा अपने ससुर की तरफ बढ़ा दिया। फिर हरीनाथ ने एक नज़र जब तस्वीरों पर डाली तो हक्का बक्का रह गया। अमर क़िसी पराई औरत को चोद रहा था और उसकी हर तस्वीर साफ थी और एक तस्वीर में वो औरत अमर का लंड चूस रही थी तो दूसरी में अमर उसकी गांड चाट रहा था, चूत चूम रहा था और तस्वीरें बिल्कुल साफ थी और उस औरत की शक्ल भी जानी पहचानी लग रही थी। वो औरत भी बहुत सेक्सी थी। गोरी, गदराया हुआ बदन, 25-26 साल की हसीना थी। फिर हरीनाथ बोला कि बेटी यह औरत कौन है? कब से चल रहा है ये सब कुछ?

फिर प्रिया बोली कि बाबूजी क्या आप नहीं जानते इस औरत को? ये रीना है.. मेरी भाभी जिसको आपके बेटे ने फंसाया हुआ है। आपका बेटा मुझसे और मेरी सग़ी भाभी से शारीरिक संबंध बनाए हुए है। तभी हरीनाथ कहने लगा कि यह शरम की बात है उसको मर जाना चाहिए.. जो अपनी बहन समान भाभी को चोद रहा है और दिन रात उसके साथ चिपका रहता है। तभी प्रिया बोली कि हाँ बाबूजी और में यहाँ करवटें बदलती रहती हूँ। तभी हरीनाथ की नज़र अब अपनी बहू के रोते हुए चेहरे पर से ऊपर नीचे होते हुए सीने पर जा रुकी। प्रिया का कमीज़ बहुत नीचे गले का था और उसके सीने का उभार आधे से अधिक बाहर खनक रहा था। तभी बूब्स की गहरी घाटी देखकर ससुर का दिल बहक उठा और हरीनाथ जानता था कि जब औरत के साथ बेवफ़ाई हो रही हो तो वो गुस्से और जलन में कुछ भी कर सकती है। इस वक्त उसकी बहू को कोई भी ज़रा सी हमदर्दी जता कर चोद सकता था और अगर कोई भी चोद सकता था तो फिर हरीनाथ क्यों नहीं? और ऐसा माल बाहर वाले के हाथ क्यों लगे? और बेटे की पत्नी उसके बाप के काम क्यों ना आए?

फिर हरीनाथ बोला कि बेटी घबरा मत.. में हूँ ना तेरी हर तरह की मदद के लिए। बोलो कितने पैसे चाहिए तुझे.. दस लाख, बीस लाख.. में तुझे इतना धन दूँगा कि तुझे कोई कमी ना रहेगी और कभी अमर के आगे हाथ नहीं फैलने पड़ेंगे। बस तुम मेरे घर की इज़्ज़त रख लो और अमर की बात किसी से मत कहना और तुझे जब भी किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो मुझे बुला लेना। गोपी ने कहा और अपनी बहू को बाहों में भर लिया। रोती हुई बहू उसके सीने से चिपक गयी और जब प्रिया का गरम जिस्म ससुर के साथ लिपटा तो एक करंट उसके जिस्म में दौड़ गया जिसका सीधा असर उसके लंड पर हुआ। तभी 45 साल के पुरुष में पूरा जोश भर गया और उसने अपनी बहू को सीने से भींच लिया और उसके गालों को सहलाने लगा।

उधर जवान बहू ने जब इतने दिनों के बाद मर्द के जिस्म को स्पर्श किया तो उसकी चूत में भी एक आग सी मच गयी और वो एक मिनट के लिए भूल गयी कि हरीनाथ उसका पति नहीं बल्कि पति का बाप था। हरीनाथ ने बहू को गले से लगाया हुआ था और फिर वो सोफे पर बैठ गया और प्रिया उसकी गोद में। जब अपने ससुर के लंड की चुभन बहू के चूतड़ पर होने लगी तो बहू भी रोमांचित हो उठी और वैसे भी ससुर ने पैसे देने का वादा तो कर लिया था।

अब उसकी जिस्मानी ज़रूरतों की बात थी तो वो सोचने लगी कि क्यों ना अमर से बदला लेने के लिए उसके बाप को ही अपने जाल में फंसा लूँ? बाबूजी का लंड तो बहुत मोटा ताज़ा महसूस हो रहा है.. अगर मदारचोद अमर ने मेरी भाभी को फंसाया है तो क्यों ना में उसके बाप को अपना पालतू चोदू मर्द बना लूँ? और वैसे भी बुजुर्ग आसानी से पट जाते हैं और फिर औरत को एक जानदार लंड तो चाहिए ही। अब तरकीब लगानी है कि ससुर जी को कैसे लाईन पर लाया जाए? और उसके लिए खुल जाना बहुत ज़रूरी है। तभी प्रिया अपनी स्कीम पर मुस्कुरा उठी और कहने लगी कि मेरे प्यारे बाबूजी, आप कितना ख्याल रखते हैं अपनी बहू का? में आपकी बात मानूँगी और घर की बात बाहर नहीं जाने दूँगी..

यह बात कहते हुए उसने प्यार से अपने ससुर के होंठों को चूम लिया। हरीनाथ भी औरतों के मामले में बहुत समझदार था और जनता था कि उसकी बहू को चोदने में कोई मुश्किल नहीं आएगी। तभी उसका लंड उसकी बहू के चूतड़ में घुसने लगा तो बहू भी शरारत से बोली कि बाबूजी ये क्या चुभ रहा है मुझे? शायद कोई सख्त चीज़ मेरे कूल्हों में चुभ रही है। फिर हरीनाथ बड़ी बेशर्मी से हंस कर बोला कि बेटी तुझे धन के साथ साथ इसकी भी बहुत ज़रूरत पड़ेगी.. धन बिना तो तू रह लेगी लेकिन लंड के बिना रहना बहुत मुश्किल होगा.. मेरी प्यारी बेटी को इसकी ज़रूरत बहुत रहेगी और बेटे का तो ले चुकी है अब अपने बाबूजी का भी लेकर देख लो और अगर तुझे खुश ना कर सका तो जिसको मर्ज़ी अपना यार बना लेना।

तभी हरीनाथ का हाथ सीधा बहू की चूची पर जा टिका और बहू मुस्कुरा पड़ी और उसने अपने ससुर के लंड पर हाथ रखा तो लंड फूंकार उठा। पेंट में तंबू बन चुका था। तभी प्रिया समझ गयी थी कि अब बेटे के बाद बाप को ही अपना पति मान लेने में भलाई है। फिर हरीनाथ ने बहू के सर पर हाथ फैरते हुए कहा कि रानी बेटी अब ज़िप भी खोल दो ना और देख लो अपने बाबूजी का हथियार और अपने कपड़े उतार फेंको और मुझे भी अपना खज़ाना दिखा दो। तभी बहू ने झट से ज़िप खोल दी और बाबूजी की अंडरवियर नीचे सरकाते हुए लंड को अपने हाथों में ले लिया और कहने लगी कि बाबूजी आपका लंड तो आग की तरह दहक रहा है.. लगता है माँ जी के जाने के बाद से यह बेचारा प्यासा है। खैर अब में आ गयी हूँ इसका ख्याल रखने के लिए। ये बहुत बैचेन हो रहा है अपनी बहू को देख कर। फिर हरीनाथ ने भी अब अपना हाथ कमीज़ के गले में डालकर प्रिया की चूची भींच ली और उसके निप्पल को मसलने लगा। तभी जल्दी जल्दी दोनों प्यासे जिस्म नंगे होने को बेकरार हो रहे थे और बहू ने ससुर की पेंट नीचे सरका दी और उसके लंड को किस करने लगी। फिर हरीनाथ बोला कि बेटी तेरे बाबूजी का कैला कैसा है स्वाद पसंद आया? लेकिन बहू तो बस कैला खाने में मग्न हो चुकी थी। फिर प्रिया बोली कि बाबूजी मेरा मन तो कैले के साथ आपके आंड भी खा जाने को कर रहा है.. कितने भारी हो चुके है यह आंड.. इनका पूरा रस मुझे दे दो आज बाबूजी प्लीज।

तभी हरीनाथ बोला कि इनका रस तुझे मिल जाएगा लेकिन उसके लिए तुमको पूरा नंगा होना पड़ेगा और अपने बाबूजी को अपने जिस्म का हर अंग दिखना पड़ेगा ताकि तेरे बाबूजी तुझे प्यार कर सकें। अपनी बेटी के अंग अंग को चूम सकें, सहला सकें और अपना बना सकें। बेटी आज मुझे अपने जिस्म की खूबसूरती दिखा दो। मुझे तो कल्पना करने से ही उतेज्ना हो रही है। मेरी रानी बेटी.. आज तेरी फिर से सुहागरात होने वाली है अपने बाबूजी के साथ। आज हम दो जिस्म एक जान हो जाने वाले हैं। बेटी क्या घर में विस्की है? लेकिन मुझे अपनी किस्मत पर विश्वास नहीं हो रहा.. अपनी रानी बेटी को आज नागन रूप में देखकर कहीं में मर ना जाऊ? में अपना मन मज़बूत करने के लिए दो घूँट पी लूँ तो बहुत अच्छा होगा। आज मेरी अप्सरा जैसी बेटी मेरी हो जाएगी बेटी तुम कपड़े उतार लो और ज़रा विस्की ले आना प्रिया मुस्कुराती हुई उठी और दूसरे रूम में चली गयी।

फिर 10 मिनट के बाद जब वो लौटी तो केवल काली पेंटी और ब्रा में थी और हरीनाथ पूरी तरह से नंगा था। वो अपने लंड को मुठिया रहा था और वासना भरी नज़र से प्रिया को घूर रहा था और प्रिया का सांवला जिस्म देखकर उसका लंड आसमान की तरफ उठा हुआ था। कसी हुई पेंटी में उसकी बहू की चूत उभरी हुई थी और चूची तो ब्रा को फाड़कर बाहर आने को उतावली हो रही थी। प्रिया के हाथ में ट्रे थी जिसमे शराब की बॉटल रखी हुई थी जो उसने टेबल पर रखी और बाबूजी के लिए पेक बनाने लगी। तभी गोपी ने अपना एक हाथ आगे बड़ाकर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए और वो मचल गयी.. लेकिन मुस्कुरा पड़ी। बाबूजी ने अपनी बहू की चूची को मसल दिया और बोली कि बेटी क्या मेरा बेटा भी तेरी चूची को इतना प्यार करता है? इसको चूसता है? और बेटी तुम भी तो एक पेक पी लो.. अपने लिए भी पेक बनाओ।

तभी प्रिया पहले झिझकी लेकिन फिर दूसरे ग्लास में शराब डालने लगी और जब पेक बन गये तो गोपी ने बहू को गोद में बैठा लिया और अपने हाथ से पिलाने लगा। फिर वो कहने लगी कि बाबूजी जब में पी लेती हूँ तो मेरी कामुकता बहुत बड़ जाती है और में अपने होश में नहीं रहती। तभी हरीनाथ मुस्कुरा कर बोला कि बेटी आज होश में रहने की ज़रूरत भी नहीं है और मुझे ज़रा अपने दूध पी लेने दो। ऐसी कड़क चूची मैंने आज तक नहीं देखी है और हरीनाथ वो चूची चूसने लगा.. जिसको कभी उसका बेटा चूसा रहा था। तभी ग्लास ख़त्म हुआ तो हरीनाथ मस्ती में भर गया और उसने अपनी बहू को अपने सामने खड़ा किया और अपने होंठ उसकी फूली हुई चूत पर रख दिए और पेंटी के ऊपर से ही किस करने लगा।

प्रिया कहने लगी कि बाबूजी क्या एसे ही करते रहोगे या फिर बेटिंग भी करोगे? मैंने आपके लिए पिच से घास साफ कर रखी है दिखाऊँ क्या? हरीनाथ जोर से हंस पड़ा। क्योंकि चुदाई में बेशर्मी बहुत ज़रूरी होती है और उसकी लंड की प्यासी बहू बेशर्म हो रही थी। वो कहने लगा कि बेटी मेरा लंड कैसा लगा? और में भी देखता हूँ कि तेरा पिच तैयार है.. सेंचुरी बनाने के लिए या नहीं? पिच से खुश्बू तो बहुत बढ़िया आ रही है और यह कहते हुए उसने पेंटी की इलास्टिक को बहू के कूल्हों से नीचे सरका दिया और तभी कसे हुए चूतड़ नंगे हो उठे और शेव की हुई चूत हरीनाथ के सामने मुस्कुरा उठी। हरीनाथ ने धीरे से पेंटी को बहू की कसी हुई जांघों से नीचे गिरा दिया और अपने बेटे की पत्नी की चूत को प्यार से निहारने लगा। चूत के उभरे हुए होंठ मानो मर्द के स्पर्श के लिए तरस गये हों।

फिर हरीनाथ ने एक सिसकी भरकर अपना हाथ चूत पर फैरा और फिर अपने होंठ चूत पर रख दिए। चूत मानो आग में दहक रही हो। फिर प्रिया कहने लगी कि ओह बाबूजी मेरे प्यारे बाबूजी क्यों आग भड़का रहे हो? इस प्यासी चूत की प्यास बुझा दो ना.. प्लीज। अब आप ही इस जवान चूत के मालिक हो.. इसको चूसो, चाटो, चोदो, लेकिन अब देर मत करो बाबूजी.. में मरी जा रही हूँ। फिर हरीनाथ ने बहू के चूतड़ कसकर थाम लिए और जलती हुई चूत में जीभ घुसाकर चूसने लगा। जवान चूत के नमकीन रस की धारा ने उसकी जीभ का स्वागत किया जिसको हरीनाथ पीने लगा। बहू ने अपनी जांघे खोल दी जिससे ससुर के मुहं को चूसने में आसानी हो और कामुक ससुर किसी कुत्ते की तरह चूत चूसने लगा और उधर प्रिया की वासना भड़की हुई थी और वो अपने ससुर के लंड को चूसने के लिए उतावली और गरम हो रही थी।

तभी प्रिया कहने लगी कि बाबूजी मुझे बिस्तर पर ले चलो.. मुझे भी आपका कैला खाना है आपके बेटे को तो मेरी परवाह नहीं है.. उस बहनचोद ने तो मेरी भाभी को ही मेरी सौतन बना रखा है। आप मुझे चोदकर अमर की माँ का दर्जा दे दो बाबूजी.. प्लीज। उधर हरीनाथ बहू की चूत से मुहं हटाने वाला नहीं था.. लेकिन बहू का कहा भी टाल नहीं सकता था। तभी कामुक ससुर ने अपनी नग्न बहू के जिस्म को बाहों में उठाया और अपने बेटे के बिस्तर पर ले गया। बहू का नंगा जिस्म बिस्तर पर फैला हुआ देखकर हरीनाथ नंगा हो गया और इतनी सेक्सी औरत तो उसकी सग़ी बेटी भी होती तो आज वो उसको भी चोद देता। हरीनाथ अपनी बहू पर उल्टी दिशा में लेट गया था तो उसका लंड बहू के मुहं के सामने था और बहू की चूत पर उसका मुहं झुक गया। प्रिया समझ गयी कि उसे क्या करना है। उसने दोनों हाथों में ससुर जी का लंड थाम लिया और उस आग के शोले को मुहं में भर लिया और प्रिया हरीनाथ के सूपाड़े को चाटने लगी। लंड को चूसते हुए उस पर दाँत से भी काटने लगी और अंडकोष को मसलने लगी।

उधर ससुर भी अपनी जीभ बहू की चूत की गहराई में मुहं घुसाकर चुदाई करने लगा। दोनों कामुक जिस्म मुहं से चुदाई करते हुए सिसकियाँ भरने लगे.. आहह उूुुउफ आआहह… तभी गोपी को लगा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो जल्दी ही झड़ जाएगा। इसलिए उसने बहू को अपने आप से अलग कर लिया और उसने बहू को लेटा लिया और उसकी जांघों को खोल कर ऊपर उठा दिया। फिर उसने अपना सुपाड़ा प्रिया की चूत पर टिकाया और चूत पर रगड़ने लगा और प्रिया सिसकियाँ भरने लगी और कहने लगी कि उफफफफफ्फ़ अहह बाबूजी क्यों इतना तरसा रहे हो? डाल दो ना और वो कराह उठी.. बाबूजी चोद डालो अपनी बहू को.. आपकी बहू की चूत मस्ती से भरी पड़ी है.. मसल डालो अपनी बेटी की प्यासी चूत को और जो काम आपका बेटा ना कर सका आज आप कर डालो। बाबूजी अब जल्दी से चोदना शुरू करो.. मेरी चूत जल रही है। तभी गोपी ने अपना सुपाडा प्रिया की चूत पर टिकाया और चूत पर रगड़ने लगा। उफफफफफ्फ़ बाबूजी.. क्यों तरसा रहे हो?

डाल दो ना प्लीज कहते हुए बहू ने ससुर के लंड को अपनी दहकती हुई चूत पर रखकर चूतड़ ऊपर उछाल दिए और लोहे जैसा लंड चूत में समाता चला गया। ऊऊऊऊऊऊऊऊहह.. आआअहह.. मर गयी.. में माँ डाल दो बाबूजी.. शाबाश बाबूजी चोद डालो मुझे.. मेरी चूत जल रही है। तभी प्रिया की चूत से इतना पानी बह रहा था कि लंड आसानी से चूत की गहराई में उतर गया और बहू ने अपनी टाँगें बाबूजी की कमर पर कस दी और वो अपनी गांड उछालने लगी। ससुर बहू की साँस भी बहुत भारी हो चुकी थी और दोनों कामुक सिसकियाँ भर रहे थे। तभी गोपी ने बहु की चूची को ज़ोर से मसलते हुए धक्कों की स्पीड बढ़ा डाली और लंड फ़चा फ़च चूत के अंदर बाहर होने लगा। फिर गोपी ने बहू के निप्पल चूसना शुरू किया तो वो बेकाबू हो गयी और पागलों की तरह चुदवाने लगी। वाह! बाबूजी वाह चोद डालिए मुझे.. चोद डालो अपनी बहू की चूत.. चोदो अपनी बेटी को बाबूजी.. आह्ह बाबूजी।

फिर बाबूजी ने भी जोश में आकर धक्के और तेज़ कर दिए और इतनी जवान चूत गोपी ने आज तक नहीं चोदी थी। ऐसा बढ़िया माल उसे मिला भी तो अपने ही घर में और उत्तेजना में उसने बहू के निप्पल को काट लिया तो बहू चिल्ला उठी आआआअहह ऊऊऊऊओह ईईईईईईी माँआआ। बहू पूरी तरह से होश खो चुकी थी मदहोश हो होकर अपने ससुर की चुदाई का मज़ा ले रही थी। पूरा कमरा कामुक सिसकियों से गूँज रहा था। मुझे मार डाला आपने बाबूजी आआअहह में जन्नत में पहुँच गयी। तभी गोपी ने अपना लंड बहू की चूत की गहराईयों में उतार दिया और पागलों की तरह चोदने लगा और बहू ससुर चुदाई के परम आनंद में डूब चुके थे ससुर का लंड तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था और बहू की चूत की दीवारों ने उसको जकड़ रखा था। तभी बहू ने बिखरती साँसों के बीच कहा अह्ह्ह मर गयी में। मेरे राजा बाबूजी चोदो मुझे और ज़ोर से मेरे बाबूजी आज मेरी चूत की तृप्ति कर डालो.. आज मुझे निहाल कर दो अपने मूसल लंड के साथ मुझे चोद दो मेरे बाबूजी.. मेरी चूत किसी भी वक्त पानी छोड़ सकती है।

फिर हरीनाथ का भी समय नज़दीक ही पहुँच चुका था और वो बहू को जकड़ कर अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदाई में लग गया और कमरे में फ़चा फ़च की आवाज़ें गूँज रहीं थी। उसने पूरे ज़ोर से धक्के मारते हुए कहा कि बहु मेरी रानी बेटी चुदवा ले मुझसे। अब ज़ोर लगा कर मेरा लंड भी झड़ने के पास ही है.. ले लो इसको अपनी चूत की गहराई में मेरा लंड अब तेरी चूत में अपना पानी छोड़ने वाला है। मेरी रानी बेटी तेरी चूत ग़ज़ब की टाईट है.. में सदा ही तेरी चूत को चोदने का वादा करता हूँ.. मेरी रानी लो में झड़ा शीहहह.. मेरी बेटी मेरा लंड तेरी चूत में पानी छोड़ रहा है। मेरा रस समा रहा है तेरी प्यारी चूत में में झड़ा आआह्ह्ह्ह और इसके साथ ही उसके लंड ने और प्रिया की चूत ने एक साथ पानी छोड़ना शुरू कर दिया और दोनों निढाल होकर एक दूसरे से लिपट कर सो गये। दोस्तों इस तरह ससुर और बहू की चुदाई की शुरुआत हुई.. जो कि आज तक भी जारी है ।

Chhote bhai ki biwi ki train me chudai


Chhote bhai ki biwi ki train me chudai,छोटे भाई की बीवी की ट्रेन में चुदाई

 

मेरे छोटे भाई की बीवी की ट्रेन में चुदाई, Mere chhote bhai ki biwi ki train me chudai, भाई की बीवी की चुदाई, भाई की बीवी चुद गई, जेठ ने छोटे भाई की बीवी को चोद दिया, छोटी बहु और जेठ की कामवासना, चुद्क्कड़ छोटी बहु और सेक्सी जेठ, छोटे भाई की बीवी की चूत में बड़े भाई का लंड, छोटी बहु की चूत की प्यास बुझाई. चूत में लंड डालकर को छोटे भाई की बीवी को किया शांत, बड़े लंड से छोटे भाई की बीवी की चूत को चोदा.

नरुसा मेरे छोटे भाई आदि की वाइफ़ है। नरुसा काफ़ी सुंदर महिला है। उसका बदन ऊपरवाले ने काफ़ी तसल्ली से तराश कर बनाया है। मैं शिवम उसका जेठ हूँ। मेरी शादी को दस साल हो चुके हैं। नरुसा शुरु से ही मुझे काफ़ी अच्छी लगती थी। मुझसे वो काफ़ी खुली हुई थी। आदि एक यूके बेस्ड कम्पनी में सर्विस करता था। हां बताना तो भूल ही गया नरुसा का मायका नागपुर में है और हम जालंधर में रहते हैं। आज से कोई पांच साल पहले की बात है। हुआ यूं कि शादी के एक साल बाद ही नरुसा प्रेग्नेंट हो गयी। डिलीवरी के लिये वो अपने मायके गयी हुई थी। सात महीने में प्रीमेच्योर डिलीवरी हो गयी। बच्चा शुरु से ही काफ़ी वीक था। दो हफ़्ते बाद ही बच्चे की डेथ हो गयी। आदि तुरंत छुट्टी लेकर नागपुर चला गया। कुछ दिन वहां रह कर वापस आया। वापस अकेला ही आया था। डिसाइड ये हुआ था कि नरुसा की हालत थोड़ी ठीक होने के बाद आयेगी। एक महीने के बाद जब नरुसा को वापस लाने की बात आयी तो आदि को छुट्टी नहीं मिली।

नरुसा को लेने जाने के लिये आदि ने मुझे कहा। सो मैं नरुसा को लेने ट्रैन से निकला। नरुसा को वैसे मैने कभी गलत निगाहों से नहीं देखा था। लेकिन उस यात्रा मे हम दोनो में कुछ ऐसा हो गया कि मेरे सामने हमेशा घूंघट में घूमने वाली नरुसा बेपर्दा हो गयी। हमारी टिकट 1st class में बुक थी। चार सीटर कूपे में दो सीट पर कोई नहीं आया। हम ट्रैन में चढ़ गये। गरमी के दिन थे। जब तक ट्रैन स्टेशन से नहीं छूटी तब तक वो मेरे सामने घूंघट में खड़ी थी। मगर दूसरों के आंखों से ओझल होते ही उसने घूंघट उलट दिया और कहा, “अब आप चाहे कुछ भी समझें मैं अकेले में आपसे घूंघट नहीं करूंगी। मुझे आप अच्छे लगते हो आपके सामने तो मैं ऐसी ही रहूंगी।” मैं उसकी बात पर हँस पड़ा। “मैं भी घूंघट के समर्थन में कभी नहीं रहा।” मैने पहली बार उसके बेपर्दा चेहरे को देखा। मैं उसके खूबसूरत चेहरे को देखता ही रह गया। अचानक मेरे मुंह से निकला “अब घूंघट के पीछे इतना लाजवाब हुश्न छिपा है उसका पता कैसे लगता।” उसने मेरी ओर देखा फ़िर शर्म से लाल हो गयी।  आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।

उसने बोतल ग्रीन रंग की एक शिफ़ोन की साड़ी पहन रखी थी। ब्लाउज़ भी मैचिंग पहना था। गर्मी के कारण बात करते हुए साड़ी का आंचल ब्लाउज़ के ऊपर से सरक गया। तब मैने जाना कि उसने ब्लाउज़ के अन्दर ब्रा नही पहनी हुई है। उसके स्तन दूध से भरे हुए थे इसलिये काफ़ी बड़े बड़े हो गये थे। ऊपर का एक हुक टूटा हुआ था इसलिये उसकी आधी छाती साफ़ दिख रही थी। पतले ब्लाउज़ में से ब्रा नहीं होने के कारण निप्पल और उसके चारों ओर का काला घेरा साफ़ नजर आ रहा था। मेरी नजर उसकी छाती से चिपक गयी। उसने बात करते करते मेरी ओर देखा। मेरी नजरों का अपनी नजरों से पीछा किया और मुझे अपने बाहर छलकते हुए बूबस को देखता पाकर शर्मा गयी और जल्दी से उसे आंचल से ढक लिया। हम दोनो बातें करते हुए जा रहे थे। कुछ देर बाद वो उठकर बाथरूम चली गयी। कुछ देर बाद लौट कर आयी तो उसका चेहरा थोड़ा गम्भीर था। हम वापस बात करने लगे।

छोटे भाई की बीवी की ट्रेन में चुदाई


कुछ देर बाद वो वापस उठी और कुछ देर बाद लौट कर आ गयी। मैने देखा वो बात करते करते कसमसा रही है। अपने हाथो से अपने ब्रेस्ट को हलके से दबा रही है। “कोई प्रोब्लम है क्या?’ मैने पूछा। “न ।। नहीं” मैने उसे असमंजस में देखा। कुछ देर बाद वो फिर उठी तो मैने कहा “मुझे बताओ न क्या प्रोब्लम है?” वो झिझकती हुई सी खड़ी रही। फ़िर बिना कुछ बोले बाहर चली गयी। कुछ देर बाद वापस आकर वो सामने बैठ गयी। बोली – ”मेरी छातियों में दर्द हो रहा है।” उसने चेहरा ऊपर उठाया तो मैने देखा उसकी आंखें आंसु से छलक रही हैं। ”क्यों क्या हुआ” मर्द वैसे ही औरतों के मामले में थोड़े नासमझ होते हैं।

मेरी भी समझ में नहीं आया अचानक उसे क्या हो गया। ”जी वो क्या है म्म वो मेरी छातियां भारी हो रही हैं। ” वो समझ नहीं पा रही थी कि मुझे कैसे समझाये आखिर मैं उसका जेठ था। ” म्मम मेरी छातियों में दूध भर गया है लेकिन निकल नहीं पा रहा है।” उसने नजरें नीची करते हुए कहा। मैने पूछा – ”बाथरूम जाना है क्या?” ”गयी थी लेकिन वाश-वेसिन बहुत गंदा है इसलिये मैं वापस चली अयी” उसने कहा “और बाहर के वाश-वेसिन में मुझे शर्म आती है कोई देख ले तो क्या सोचेगा?” “फ़िर क्या किया जाए?” मैं सोचने लगा “कुछ ऐसा करें जिससे तुम यहीं अपना दूध खाली कर सको। लेकिन किसमें खाली करोगी? नीचे फ़र्श पर गिरा नहीं सकती और यहां कोई बर्तन भी नही है जिसमें दूध निकाल सको”उसने झिझकते हुये फ़िर मेरी तरफ़ एक नजर डाल कर अपनी नजरें झुका ली। वो अपने पैर के नखूनों को कुरेदती हुई बोली, “अगर आप गलत नहीं समझें तो कुछ कहूं?””बोलो””आप इन्हें खाली कर दीजिये न””मैं? मैं इन्हें कैसे खाली कर सकता हूं।” मैने उसकी छातियों को निगाह भर कर देखा। ”आप अगर इस दूध को पीलो……”उसने आगे कुछ नहीं कहा।

मैं उसकी बातों से एकदम भौचक्का रह गया। ”लेकिन ये कैसे हो सकता है। तुम मेरे छोटे भाई की बीवी हो। मैं तुम्हारे स्तनों में मुंह कैसे लगा सकता हूं” ”जी आप मेरे दर्द को कम कर रहे हैं इसमें गलत क्या है। क्या मेरा आप पर कोई हक नहीं है?” उसने मुझसे कहा. “मेरा दर्द से बुरा हाल है और आप सही गलत के बारे में सोच रहे हो। प्लीज़। ”मैं चुप चाप बैठा रहा समझ में नहीं आ रहा था कि क्या कहूं। अपने छोटे भाई की बीवी के निप्पल मुंह में लेकर दूध पीना एक बड़ी बात थी। उसने अपने ब्लाउज़ के सारे बटन खोल दिये। ”प्लीज़” उसने फ़िर कहा लेकिन मैं अपनी जगह से नहीं हिला। ”जाइये आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। आप अपने रूढ़ीवादी विचारों से घिरे बैठे रहिये चाहे मैं दर्द से मर ही जाउं।” कह कर उसने वापस अपने स्तनों को आंचल से ढक लिया और अपने हाथ आंचल के अंदर करके ब्लाउज़ के बटन बंद करने की कोशिश करने लगी लेकिन दर्द से उसके मुंह से चीख निकल गयी “आआह्हह्ह” । मैने उसके हाथ थाम कर ब्लाउज़ से बाहर निकाल दिये।

फ़िर एक झटके में उसके आंचल को सीने से हटा दिया। उसने मेरी तरफ़ देखा। मैंने अपनी सीट से उठ कर केबिन के दरवाजे को लोक किया और उसके बगल में आ गया। उसने अपने ब्लाउज़ को उतार दिया। उसके नग्न ब्रेस्ट जो कि मेरे भाई की अपनी मिल्कियत थी मेरे सामने मेरे होंठों को छूने के लिये बेताब थे। मै अपनी एक उंगली को उसके एक ब्रेस्ट पर ऊपर से फ़ेरते हुए निप्पल के ऊपर लाया। मेरी उंगली की छुअन पा कर उसके निप्पल अंगूर की साइज़ के हो गये। मैं उसकी गोद में सिर रख कर लेट गया। उसके बड़े बड़े दूध से भरे हुए स्तन मेरे चेहरे के ऊपर लटक रहे थे। उसने मेरे बालों को सहलाते हुए अपने स्तन को नीचे झुकाया। उसका निप्पल अब मेरे होंठों को छू रहा था। मैने जीभ निकाल कर उसके निप्पल को छूआ। ”ऊओफ़्फ़फ़्फ़ जेठजी अब मत सताओ। पहले इनका दूध चूस लो। ” कहकर उसने अपनी छाती को मेरे चेहरे पर टिका दिया। मैने अपने होंठ खोल कर सिर्फ़ उसके निप्पल को अपने होंठों में लेकर चूसा। मीठे दूध की एकतेज़ धार से मेरा मुंह भर गया। मैने उसकी आंखों में देखा। उसकी आंखों में शर्म की परछाई तैर रही थी।

मैने मुंह में भरे दूध को एक घूंठ में अपने गले के नीचे उतार दिया। ”आआअह्हह्हह” उसने अपने सिर को एक झटका दिया। मैने फ़िर उसके निप्पल को जोर से चूसा और एक घूंट दूध पिया। मैं उसके दूसरे निप्पल को अपनी उंगलियों से कुरेदने लगा। ”ऊओह्हह ह्हह्हाआन्न हा आन्नन जोर से चूसो और जोर से। प्लीज़ मेरे निप्पल को दांतों से दबाओ। काफ़ी खुजली हो रही है।” उसने कहा। वो मेरे बालों में अपनी उंगलियां फ़ेर रही थी। मैने दांतों से उसके निप्पल को जोर से दबाया।”ऊउईईइ” कर उठी। वो अपने ब्रेस्ट को मेरे चेहरे पर दबा रही थी। उसके हाथ मेरे बालों से होते हुए मेरी गर्दन से आगे बढ़ कर मेरे शर्ट के अन्दर घुस गये। वो मेरी बालों भरी छाती पर हाथ फ़ेरने लगी। फ़िर उसने मेरे निप्पल को अपनी उंगलियों से कुरेदा। “क्या कर रही हो?” मैने उससे पूछा।”वही जो तुम कर रहे हो मेरे साथ” उसने कहा” क्या कर रहा हूं मैं तुम्हारे साथ” मैने उसे छेड़ा” दूध पी रहे हो अपने छोटे भाई की बीवी के स्तनों से” ”काफ़ी मीठा है” ”धत” कहकर उसने अपने हाथ मेरे शर्ट से निकाल लिये और मेरे चेहरे पर झुक गयी। इससे उसका निप्पल मेरे मुंह से निकल गया।

उसने झुक कर मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रख दिये और मेरे होंठों के कोने पर लगे दूध को अपनी जीभ से साफ़ किया। फ़िर उसने अपने हाथों से वापस अपने निप्पल को मेरे लिप्स पर रख दिया। मैने मुंह को काफ़ी खोल कर निप्पल के साथ उसके बूब का एक पोर्शन भी मुंह में भर लिया। वापस उसके दूध को चूसने लगा। कुछ देर बाद उस स्तन से दूध आना कम हो गया तो उसने अपने स्तन को दबा दबा कर जितना हो सकता था दूध निचोड़ कर मेरे मुंह में डाल दिया। ”अब दूसरा” मैने उसके स्तन को मुंह से निकाल दिया फ़िर अपने सिर को दूसरे स्तन के नीचे एडजस्ट किया और उस स्तन को पीने लगा। उसके हाथ मेरे पूरे बदन पर फ़िर रहे थे।  आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।

हम दोनो ही उत्तेजित हो गये थे। उसने अपना हाथ आगे बढ़ा कर मेरे पैंट की ज़िप पर रख दिया। मेरे लिंग पर कुछ देर हाथ यूं ही रखे रही। फ़िर उसे अपने हाथों से दबा कर उसके साइज़ का जायजा लिया।” काफ़ी तन रहा है” उसने शर्माते हुए कहा।”तुम्हारी जैसी हूर पास इस अन्दाज में बैठी हो तो एक बार तो विश्वामित्र की भी नीयत डोल जाये।””म्मम्म अच्छा। और आप? आपके क्या हाल हैं” उसने मेरे ज़िप की चैन को खोलते हुए पूछा”तुम इतने कातिल मूड में हो तो मेरी हालत ठीक कैसे रह सकती है” उसने अपना हाथ मेरे ज़िप से अन्दर कर ब्रीफ़ को हटाया और मेरे तने हुए लिंग को निकालते हुए कहा “देखूं तो सही कैसा लगता है दिखने में”मेरे मोटे लिंग को देख कर खूब खुश हुयी। “अरे बाप रे कितना बड़ा लिंग है आपका। दीदी कैसे लेती है इसे?” ”आ जाओ तुम्हें भी दिखा देता हूं कि इसे कैसे लिया जाता है।” ”धत् मुझे नहीं देखना कुछ। आप बड़े वो हो” उसने शर्मा कर कहा। लेकिन उसने हाथ हटाने की कोई जल्दी नहीं की।” इसे एक बार किस तो करो” मैने उसके सिर को पकड़ कर अपने लिंग पर झुकाते हुए कहा। उसने झिझकते हुए मेरे लिंग पर अपने होंठ टिका दिये।

अब तक उसका दूसरा स्तन भी खाली हो गया था। उसके झुकने के कारण मेरे मुंह से निप्पल छूट गया। मैने उसके सिर को हलके से दबाया तो उसने अपने होंठों को खोल कर मेरे लिंग को जगह दे दी। मेरा लिंग उसके मुंह में चला गया। उसने दो तीन बार मेरे लिंग को अन्दर बाहर किया फ़िर उसे अपने मुंह से निकाल लिया।” ऐसे नहीं… ऐसे मजा नहीं आ रहा है” ”हां अब हमें अपने बीच की इन दीवारों को हटा देना चाहिये” मैने अपने कपड़ों की तरफ़ इशारा किया। मैने उठकर अपने कपड़े उतार दिये फ़िर उसे बाहों से पकड़ कर उठाया। उसकी साड़ी और पेटीकोट को उसके बदन से अलग कर दिया। अब हम दोनो बिल्कुल नग्न थे। तभी किसी ने दरवाजे पर नोक किया। “कौन हो सकता है।” हम दोनो हड़बड़ी में अपने अपने कपड़े एक थैली में भर लिये और नरुसा बर्थ पर सो गयी। मैने उसके नग्न शरीर पर एक चादर डाल दी। इस बीच दो बार नोक और हुआ।

मैने दरवाजा खोला बाहर टीटी खड़ा था। उसने अन्दर आकर टिकट चेक किया और कहा “ये दोनो सीट खाली रहेंगी इसलिये आप चाहें तो अन्दर से लोक करके सो सकते हैं” और बाहर चला गया। मैने दरवाजा बंद किया और नरुसा के बदन से चादर को हटा दिया। नरुसा शर्म से अपनी जांघों के जोड़ को और अपनी छातियों को ढकने की कोशिश कर रही थी। मैने उसके हाथों को पकड़ कर हटा दिया तो उसने अपने शरीर को सिकोड़ लिया और कहा “प्लीज़ मुझे शर्म आ रही है।” मैं उसके ऊपर चढ़ कर उसकी योनि पर अपने मुंह को रखा। इससे मेरा लिंग उसके मुंह के ऊपर था। उसने अपने मुंह और पैरों को खोला। एक साथ उसके मुंह में मेरा लिंग चला गया और उसकी योनि पर मेरे होंठ सैट हो गए। “आह विशाल जी क्या कर रहे हो मेरा बदन जलने लगा है। पंकज ने कभी इस तरह मेरी योनि पर अपनी जीभ नहीं डाली” उसके पैर छटपटा रहे थे। उसने अपनी टांगों को हवा में उठा दिया और मेरे सिर को उत्तेजना में अपनी योनि पर दबाने लगी।

मैं उसके मुंह में अपना लिंग अंदर बाहर करने लगा। मेरे होंठ उसकी योनि की फ़ांकों को अलग कर रहे थे और मेरी जीभ अंदर घूम रही थी। वो पूरी तन्मयता से अपने मुंह में मेरे लिंग को जितना हो सकता था उतना अंदर ले रही थी। काफ़ी देर तक इसी तरह 69 पोज़िशन में एक दूसरे के साथ मुख मैथुन करने के बाद लगभग दोनो एक साथ खल्लास हो गये। उसका मुंह मेरे रस से पूरा भर गया था। उसके मुंह से चू कर मेरा रस एकपतली धार के रूप में उसके गुलाबी गालों से होता हुआ उसके बालों में जाकर खो रहा था। मैं उसके शरीर से उठा तो वो भी उठ कर बैठ गयी। हम दोनो एक दम नग्न थे और दोनो के शरीर पसीने से लथपथ थे। दोनो एक दूसरे से लिपट गये और हमारे होंठ एक दूसरे से ऐसे चिपक गये मानो अब कभी भी न अलग होने की कसम खा ली हो। कुछ मिनट तक यूं ही एक दूसरे के होंठों को चूमते रहे फ़िर हमारे होंठ एक दूसरे के बदन पर घूमने लगे।”अब आ जाओ” मैने नरुसा को कहा।”जेठजी थोड़ा सम्भाल कर। अभी अंदर नाजुक है। आपका बहुत मोटा है कहीं कोई जख्म न हो जाये।””ठीक है। चलो बर्थ पर हाथों और पैरों के बल झुक जाओ। इससे ज्यादा अंदर तक जाता है और दर्द भी कम होता है।” नरुसा उठकर बर्थ पर चौपाया हो गयी।

मैंने पीछे से उसकी योनि पर अपना लंड सटा कर हलका सा धक्का मारा। गीली तो पहले ही हो रही थी। धक्के से मेरे लंड के आगे का टोपा अंदर धंस गया। एक बच्चा होने के बाद भी उसकी योनि काफ़ी टाइट थी। वो दर्द से “आआह्हह” कर उठी। मैं कुछ देर के लिये उसी पोज़ में शांत खड़ा रहा। कुछ देर बाद जब दर्द कम हुआ तो नरुसा ने ही अपनी गांड को पीछे धकेला जिससे मेरा लंड पूरा अंदर चला जाये।”डालो न रुक क्यों गये।””मैने सोचा तुम्हें दर्द हो रहा है इसलिये।””इस दर्द का मजा तो कुछ और ही होता है। आखिर इतना बड़ा है दर्द तो करेगा ही।” उसने कहा। फ़िर वो भी मेरे धक्कों का साथ देते हुए अपनी कमर को आगे पीछे करने लगी। मैं पीछे से शुरु शुरु में सम्भल कर धक्का मार रहा था लेकिन कुछ देर के बाद मैं जोर जोर से धक्के मारने लगा। हर धक्के से उसके दूध भरे स्तन उछल जाते थे। मैने उसकी पीठ पर झुकते हुए उसके स्तनो को अपने हाथों से थाम लिया। लेकिन मसला नहीं, नहीं तो सारी बर्थ उसके दूध की धार से भीग जाती।

काफ़ी देर तक उसे धक्के मारने के बाद उसने अपने सिर को जोर जोर से झटकना चालू किया। ”आआह्हह्ह शीईव्वव्वाअम्मम आआअह्हह्ह तूउम्म इतनीए दिन कहा थीए। ऊऊओह्हह माआईईइ माअर्रर्रर जाऊऊं गीइ। मुझीए माअर्रर्रर डालूऊओ मुझीए मसाअल्ल डाअल्लूऊ” और उसकी योनि में रस की बौछार होने लगी। कुछ धक्के मारने के बाद मैने उसे चित लिटा दिया और ऊपर से अब धक्के मारने लगा। ”आअह मेरा गला सूख रहा है।” उसका मुंह खुला हुआ था। और जीभ अंदर बाहर हो रही थी। मैने हाथ बढ़ा कर मिनरल वाटर की बोतल उठाई और उसे दो घूंठ पानी पिलाया। उसने पानी पीकर मेरे होंठों पर एक किस किया।” चोदो शिवम चोदो। जी भर कर चोदो मुझे।” मैं ऊपर से धक्के लगाने लगा। काफ़ी देर तक धक्के लगाने के बाद मैने रस में डूबे अपने लिंग को उसकी योनि से निकाला और सामने वाली सीट पर पीठ के बल लेट गया।” आजा मेरे उपर” मैने नरुसा को कहा।

नरुसा उठ कर मेरे बर्थ पर आ गयी और अपने घुटने मेरी कमर के दोनो ओर रख कर अपनी योनि को मेरे लिंग पर सेट करके धीरे धीरे मेरे लिंग पर बैठ गयी। अब वो मेरे लिंग की सवारी कर रही थी। मैने उसके निप्पल को पकड़ कर अपनी ओर खींचा। तो वो मेरे ऊपर झुक गयी। मैने उसके निप्पल को सेट कर के दबाया तो दूध की एक धार मेरे मुंह में गिरी। अब वो मुझे चोद रही थी और मैं उसका दूध निचोड़ रहा था। काफ़ी देर तक मुझे चोदने के बाद वो चीखी “शिवम मेरा पानी निकलने वाला है। मेरा साथ दो। मुझे भी अपने रस से भिगो दो।” हम दोनो साथ साथ झड़ गये। काफ़ी देर तक वो मेरे ऊपर लेटी हुई लम्बी लम्बी सांसे लेती रही।  आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।

फ़िर जब कुछ नोर्मल हुई तो उठ कर सामने वाली सीट पर लेट गयी। हम दोनो लगभग पूरे रास्ते नग्न एक दूसरे को प्यार करते रहे। लेकिन उसने दोबारा मुझे उस दिन और चोदने नहीं दिया, उसके बच्चेदानी में हल्का हल्का दर्द हो रहा था। लेकिन उसने मुझे आश्वासन दिया। “आज तो मैं आपको और नहीं दे सकुंगी लेकिन दोबारा जब भी मौका मिला तो मैं आपको निचोड़ लुंगी अपने अंदर। और हां अगली बार मेरे पेट में देखते हैं दोनो भाईयों में से किसका बच्चा आता है। उस यात्रा के दौरान कई बार मैने उसके दूध की बोतल पर जरूर हाथ साफ़ किया।

सुहागरात में कुंवारी बीवी को बनाया सुहागन

सुहागरात में कुंवारी बीवी को बनाया सुहागन,Honeymoon Sex Story In Hindi


मेरी शादी को एक साल हो गया है। मेरी शादी दिसम्बर में हुई थी, उस समय बहुत ठण्ड थी लेकिन मैं तो बस अपनी पहली रात के बारे में सोच-सोच कर मन ही मन खुश हो रहा था। शादी की सारी थकन तो मानो सुहागरात के कारण महसूस हो ही नहीं रही थी।

अधिकतर मेहमान जा चुके थे पर तब भी कुछ मेहमान थे और वो बाहर के कमरे में सो रहे थे। हमारे लिए अंदर का कमरा तैयार किया गया था। उस रात मैं पहली बार चुदाई करने वाला था, इससे पहले बस पिक्चर्स में देखा था।

मेरा लंड 6 इंच लम्बा है और उस रात पूरे शबाब पर था। वो रात मेरे और मेरी बीवी दोनों के लिए यादगार था क्योंकि हम दोनों पहली बार सेक्स करने वाले थे।

जब सब सोने चले गए तो हम दोनों भी कमरे में आ गए। बात करते-करते मैंने उसे बाँहों में ले लिया और फिर एक किस लिया। हम शादी से पहले मिलते जरूर थे तब हमने एक दूसरे को गले लगाया था और किस भी किया था तो किस का अनुभव तो हो गया था। फिर हम बहुत देर तक एक दूसरे को चूमते चाटते रहे और मैंने उसके होंठों को अपने मुँह में भींच लिया। फिर धीरे-धीरे मैंने उसका लहंगा और जेवर उतारे, उसकी पीठ पर हाथ फेरता रहा और वो भी मुझे सहलाती रही। फिर मैंने उसका ब्लाऊज भी उतार फेंका और उसने भी मुझे सिर्फ अंडरवियर में कर दिया।

अब वो सिर्फ ब्रा पेंटी में थी और मैं अंडरवियर में। हम दोनों ऐसे ही रजाई के अंदर एक दूसरे से लिपट कर लेट गए और शरीर गर्म करने लगे। जब गर्माहट शरीर में फैल गई तो मैंने अपनी अंडरवियर और उसकी ब्रा पेंटी उतार फेंकी। फिर हम दोनों 69 पोजिशन में एक दूसरे के अंगों को चूसने लगे। मुझे उसकी चिकनी चूत चाटने में मजा आ रहा था और यही मजा लेने क लिए ही मैंने उसे शादी से एक दिन पहले ही चूत की शेविंग करने को कहा था और खुद के लंड की भी सफाई की थी।

Honeymoon Sex Story In Hindi


जब वो लंड चूस रही थी तो मुझे शरारत सूझी और मैंने जोर से अपने लंड को उसके मुँह में घुसेड़ दिया जो सीधा उसके तालू में जा टकराया और वो बेड पर ही उछल गई।

जब हमारे चुसाई कार्यक्रम को बहुत देर हो गई तो फिर चुदाई की तैयारी करने लगे।

मैंने अपने दोस्तों द्वारा गिफ्ट किया हुआ डोटेड कॉन्डम निकाला और अपने तने हुए लंड पर चढ़ा लिया। मैंने अपनी बीवी को पलंग पर सीधा लिटाया और उसके ऊपर आ गया। फिर मैं धीरे-धीरे अपने लंड से उसकी चूत सहलाने लगा ताकि उसकी चूत गीली हो जाये और चुदाई में दर्द ना हो।

उसी समय मैं उसके मम्मों को दबाने लगा…….. और वो धीरे-धीरे सिसकियाँ लेने लगी। उसके मम्मे भी काफी कड़क थे जो अब तो दब-दब कर, चुस-चुस कर बड़े और भारी हो गए हैं। मम्मों को दबाते दबाते मैं उन्हें चूसने लगा और उसके गले पर भी चूमता रहा और वो सिसकियाँ लेती रही………..

फिर धीरे से मैंने अपने तना हुआ लंड उसकी चूत के मुँह पर लगाया और अंदर डालने लगा। पर जैसे ही डालने को हुआ, वो दर्द से तड़पने लगी और उसके मुँह से आः ह्ह्ह …….. निकलने लगी।

तुरंत मैंने अपने लंड चूत पर से हटाया और उसका मुँह अपने हाथ से बंद किया ताकि उसकी आवाज बाहर मेहमानों के कान में ना चली जाये।

अब तो मैं यह सोच रहा था कि कैसे इसकी चुदाई करूँ…..

मैंने उसकी चूत पर अपना थूक लगा कर उसे गीला किया और फिर से उसके पैर उठा कर लंड अंदर डालने लगा। पर वो फिर से आ आह्ह ह्ह्ह …. करने लगी और कहने लगी मत करो- जान ……… बहुत दर्द हो रहा है !

तब मैंने उसका मनोबल बढ़ाया और धीरे-धीरे लंड अंदर करने लगा और वो आ आह्ह्ह् ह्ह्ह्ह ……. उम्म्मह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह…… करने लगी।

फिर मैंने हिम्मत करके थोड़ा ज्यादा दम लगा कर लंड उसकी चूत के अंदर सरकाया। कुछ ही देर में मेरे लंड को उसकी चूत को भेदने में सफलता मिल गई और वो एक दम से ऊह्ह्ह्ह मम्मी ईईई………………कर के निढाल हो गई और मैं भी लंड उसकी चूत में रखे ही उसके ऊपर लेट गया और उसे होश में लाने लगा। मैं उसे हिलाने डुलाने लगा पर वो होश में नहीं आई। तब मैंने उसके गले और वक्ष पर चूमना शुरू किया। मैं उठ कर पानी नहीं ला पा रहा था क्योंकि ऐसा करने के लिए लंड बाहर निकालना पड़ता। फिर मैं उसे हल्के से काटने लगा, तब उसे होश आया और होश में आते ही फिर से आःह्ह्ह…… बहुत दर्द हो रहा है ! कहने लगी।

फिर मैंने लंड को चूत में अंदर-बाहर करना शुरु किया जैस मैं पिक्चर में देखता था और उसे चूमता भी रहा ताकि उसकी आवाज बाहर ना जाये और वो हल्की आवाज में ऊऊऊम्म्म्म्म…… आ आअह्ह्ह्ह्ह करने लगी….. और मैं उसकी खूब चुदाई करता रहा…..

फिर लंड को अंदर ही डाले मैंने करवट बदल ली और वो मेरे ऊपर आ गई। फिर मैंने अपनी गांड उठा कर उसकी चुदाई चालू कर दी और अब वो मजे लेने लगी थी। वो भी कहने लगी थी- करते रहो जानू…..

और मैं उसे चोदता रहा !

आप सब यकीन नहीं मानेंगे- उस रात को मैंने उसे पूरे 50 मिनट तक चोदा जो कि मेरे लिए भी आश्चर्यजनक था कि इतनी देर चुदाई करने पर भी मैं झड़ा नहीं। जब बहुत देर हो गई तो फिर से मैंने उसे अपने नीचे लिटा लिया और जोर से चोदने लगा और वो तो बस आःह्ह्ह …… ऊऊउह्ह्ह्ह्ह…… .मम्मीईईई ….. आ आआह्ह्ह्ह ……… मजा आ गया ! कहती रही।

और फिर मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और उसकी आवाज भी तेज होने लगी…….

उस समय मैं भी जोश में आ गया था, तो मैंने भी आवाज की और मेहमानों की परवाह नहीं की, सोचा कि यही तो सोचेंगे कि चलो सुहागरात मजे से मन रही है ! यही सोच कर मैं निश्चिन्त हो कर अपनी बीवी को चोदने लगा और जैसे ही मैं झड़ने के करीब आया तो अपने लंड की चोदने की रफ़्तार बहुत तेज कर दी। मेरी बीवी मेरी पीठ को खरोंचने लगी और कुछ ही देर में मैंने अपने लंड का वीर्य छोड़ दिया और वो सीधा कॉन्डम में इकट्ठा हो गया।

फिर कुछ देर हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे। जैसे ही मैंने लंड निकाला तो कॉन्डम पूरा लाल था जो मेरी कुंवारी बीवी की सील टूटने की वजह से निकले खून से लाल हुआ था। हम इस बारे में पहले ही फोन पर बात कर चुके थे इसलिए खून देख कर मेरी बीवी भी डरी नहीं और उसके मन में भी संतोष था कि वो अपनी जिंदगी में पहली बार अपने पति से ही चुदी।

फिर हम दोनों बाथरूम मैं अपने लंड और चूत साफ़ करने चले गए और फिर ऐसे ही नंगे एक दूसरे से लिपट कर सो गए। फिर एक घंटे बाद दुबारा से चुदाई की। उस रात पूरी तीन बार हमारा चुदाई कार्यक्रम चला।

इस तरह मैंने अपनी कुंवारी बीवी की सील तोड़ के उसे सुहागन बना दिया।

ड्राइवर ने मुझे जानवरों की तरह चोदा

ड्राइवर ने मुझे जानवरों की तरह चोदा


हैल्लो दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है जो एक सच्ची घटना है. मेरा नाम नुपुर है और में देहरादून में पढ़ती हूँ और मेरा फिगर 34-26-30 है. जब मेरे साथ ये घटना हुई तब में बस 19 साल की थी और तब में कॉलेज में पढ़ती थी और तब भी मेरे बूब्स अच्छे दिखते थे और उनका साईज़ 32 था. में आपको बता दूँ कि मेरा रंग गोरा है और हाईट 5 फुट 6 इंच है. जब ये घटना हुई तब में कॉलेज अपनी कॉलेज वेन से जाया करती थी और में हमेशा वेन में ड्राइवर की पास वाली सीट पर बैठा करती थी. मेरी वेन का ड्राइवर 26 साल का दुबला पतला सा लड़का था. वो हमेशा मुझे टोफ़ी और चॉकलेट दिया करता था. मुझे तब तक उसकी गंदी सोच के बारे में पता नहीं था, क्योंकि में बहुत शरीफ हुआ करती थी, लेकिन जब मेरे बूब्स बड़े हुए तब से उसकी सोच मेरे लिए कुछ और हो गई थी. मेरा घर हमेशा आख़िर में आता था तो वेन में ड्राइवर के साथ में अकेली रह जाती थी और सुबह के वक़्त भी कुछ समय तक में अकेली होती थी.

एक दिन सुबह-सुबह में कॉलेज जाने के लिए लेट हो गई तो में जल्दी-जल्दी में अपने जूतों के फीते बांधना भूल गई और ऐसे ही वेन में बैठ गई और ड्राइवर ने मुझे स्माइल देकर दरवाज़ा खोला और में वेन में बैठ गई. जब में वेन में बैठी थी तब मेरी स्कर्ट थोड़ी ऊपर हो जाती थी और मेरी जांघे दिखने लग जाती थी. फिर उस दिन भी ऐसा ही हुआ, ड्राइवर ने मेरे जूतों के फीते खुले देखे और बोला नुपुर तुम्हारे जूतों के फीते खुले है इसे बांध लो. फिर मैंने उससे कहा कि में कॉलेज में बाँध लूँगी. लेकिन उसने बोला कि कॉलेज में तुम फीते के कारण गिर जाओगी तो रूको में तुम्हारे फीते बाँध देता हूँ.

यह कहकर उसने अपना एक हाथ मेरी जांघो पर रखा और झुककर फीते बाँधने लग गया, उसके झुकते ही उसने मुझसे मेरे पैर थोड़े फैलाने को बोला जिससे वो मेरे फीते आराम से बाँध सके. फिर मैंने भी अपने पैर थोड़े फैला दिए, जब मेरे पैर थोड़े से खुले तो ड्राइवर ने इस बात का फायदा उठाकर मेरी टांगो की जगह से मेरी पेंटी देखनी शुरू कर दी और जांघो पर अपना हाथ फैरने लग गया. मुझे यह सब ग़लत लगा तो मैंने उसका हाथ हटा दिया और अपने हाथों का एक साथ ज़ोर दिया ताकि वो मेरी पेंटी से मेरी चूत की फीलिंग ना ले सके, लेकिन वो फिर मेरे फीते बाँधने लग गया. फिर फीते बाँधकर उसने फिर से वेन चलानी शुरू कर दी और फिर बाकी बच्चो के घर से उन्हें लेने लग गया. में बहुत डरी हुई थी तो जब तक कॉलेज ना आया तब तक में वेन की खिड़की से बाहर ही देखती रही और ड्राइवर की तरफ नहीं देखा.

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उसने ऐसा क्यों किया? बस एक गंदी सी भावना आ रही थी. फिर हम कॉलेज पहुंचे और कॉलेज में व्यस्त हो गए. फिर कॉलेज की छुट्टी के बाद में फिर से वेन में जाकर बैठ गई, फिर उसने सबको घर छोड़ दिया अब ड्राइवर और में हमेशा की तरह वेन में केवल में अकेली रह गयी थी, ड्राइवर के मुँह पर अजीब सी हंसी थी. फिर उसने मुझे टोफ़ी दी और मैंने वो रख ली, फिर वो मेरे बाहर देखने का फ़ायदा उठाते हुए उसने वेन लंबे रास्ते से ले ली और जब मैंने उससे पूछा कि ये दूसरे रास्ते से क्यों ले रहे हो?

उसने कहा कि दूसरे रास्ते में ट्रेफिक जाम है तो वेन इस रास्ते से ले ली. वो टूटा फूटा रास्ता था तो वेन के झटको से मेरी स्कर्ट फिर से ऊपर हो गई, यह देखते ही ड्राइवर को पता नहीं क्या हुआ? और उसने अपना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया और मेरी जांघो को रगड़ने लग गया. फिर मैंने उसका हाथ हटाया तो उसने अपनी हवस वाली मुस्कान देते हुए फिर से अपना हाथ मेरी जाँघो पर रख दिया और रगड़ता हुआ थोड़ा ऊपर भी हाथ फेरने लग गया. मेरी हालत रोने जैसी हो गई थी, क्योंकि उसने मेरी जाँघो को बहुत ज़ोर से पकड़ा हुआ था और में अपने दोनों हाथों से भी उसका हाथ नहीं हटा पा रही थी.

फिर उसने अपना हाथ हटाकर मेरे लेफ्ट बूब्स को पकड़ लिया, मेरे बूब्स को उसने ऐसे पकड़ा कि मेरी चीख निकल गई और में चीखी आआआहह माँ. उसने फिर मेरी तरफ देखते हुए पूछा कि क्या में तुम्हारी पेशाब करने वाली जगह चेक कर सकता हूँ? ये सुनकर में रो पड़ी. फिर उसने वेन एक सुनसान इलाक़े में रोक दी और मेरे आंसूओं को मेरी छाती से अपनी ज़ुबान से लिक किया और मेरे होंठो पर स्मूच करनी शुरू कर दी और में अब भी रोये जा रही थी, लेकिन मैंने अपना मुँह बंद रखा हुआ था.

फिर उसने अपने होंठ थोड़े पीछे किए तो इतनी देर से अपने होंठ बंद रखने के कारण मैंने रिलेक्स होने के कारण अपने होंठ थोड़े खोले, तभी झट से ड्राइवर ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी ज़ुबान मेरे मुँह में डाल दी और फ्रेंच किस करनी शुरू कर दी और एक हाथ से मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए. में मम्मी मम्मी कर रही थी, लेकिन उसने इस बात की परवाह ना करते हुए मेरे मुँह पर हाथ रखकर मुझे अपनी गोद में उठाया और मुझे पीछे की सीट पर लेटा दिया.

फिर मैंने ड्राइवर से मुझे घर छोड़ देने को बोला, लेकिन वो कहने लगा कि तू जब से जवान हुई है तब से में तेरे बारे में सोच कर मुठ मारता हूँ, तो में तुझे कैसे जाने दूँ और चुपचाप हो जा नहीं तो यही जंगल में नंगी छोड़ जाऊंगा. फिर में डर गयी और उसने मेरी शर्ट उतार दी और ब्रा फाड़कर मेरे दोनों बूब्स को दबाया और सीधे बूब्स के निप्पल पर काटना शुरू कर दिया. में दर्द के मारे रो रही थी और मुझे जाने दो की पुकार लगा रही थी, लेकिन उसने मेरी एक ना सुनते हुए मेरी स्कर्ट निकाल फेंकी और पेंटी के ऊपर से मेरी चूत को रगड़ने लग गया, मेरी चूत भी गीली हो गई थी. तब उसने मेरी काली पेंटी को फाड़ दिया.

फिर मेरी चूत को देखकर बोला कि वाह क्या चिकनी चूत है तेरी? अब तैयार हो ज़ा औरत बनने के लिए. तो में डर गई क्योंकि मुझे नहीं पता था कि अब वो क्या करेगा? और में रोये जा रही थी, उसने मेरी चूत पर थप्पड़ मारे और चाटना शुरू कर दिया. फिर उसने अपना लंड जो 7 इंच का था मेरी चूत के छेद पर टिकाया और एक धक्का मारा, लेकिन उसका लंड फिसल कर मेरे पेट पर आ गया.

उसने फिर से लंड टिकाया और मेरी कमर को पकड़ कर ज़ोर से धक्का मारा और मेरी चूत फाड़ कर उसका लंड आधा अंदर घुस गया. मेरी दर्द के मारे चीख निकल गई में आआआअ मम्मी करके रोने लग गई, लेकिन वो जानवरों की तरह मेरे निपल्स पर काट रहा था और लंड घुसने के बाद उसने 1 मिनट तक अपने लंड को फिट किया और झटके मारना शुरू कर दिया और मेरी चीखे निकलनी शुरू हो गई. मुझसे दर्द सहन नहीं हो रहा था और खून निकल रहा था. लेकिन ड्राइवर मुझे जानवरों की तरह जोर-जोर से चोद रहा था.

फिर उसने मेरी टांगे और चोड़ी की और 10 मिनट की चुदाई के बाद उसने अपना वीर्य मेरी चूत में भर दिया और लंड बाहर निकालकर मेरी चूत पर मारने लग गया. में अभी भी मरी हुई पड़ी थी और फिर ड्राइवर ने अपनी उंगली मेरी चूत में डालकर वो सारा पानी निकाला और पानी की बोतल से पानी पीकर कुछ देर लेट गया. फिर कुछ देर बाद उसने मुझे कपड़े पहनने को बोला और धमकी लगाई कि अगर मैंने किसी को बोला तो वो मेरा अपहरण करके रोज़ मुझे ऐसे ही चोदेगा. फिर मैंने डर के मारे उसे हौसला दिया कि में ये किसी को नहीं बताउंगी और उसने मुझे फिर घर छोड़ दिया. उस दिन में सारा दिन चल नहीं पाई और कमरे में बैठी रही और डर के मारे मैंने अपनी माँ को बोलकर वो वेन बदल ली, लेकिन अभी भी वो मुझे देखकर गंदे गंदे इशारे करता रहता है.

Darji Ne Chodi Meri Chut

 

Darji Ne Chodi Meri Chut, दर्जी ने चोदी मेरी चूत

Hi doston, ummeed hai aaog thik honge, Me savita, is baar apni dost Sonal ki kahani bata rahi hu, sonal meri achhi dost hai, usne mere saath apna ek adbudh anubhav share kiya, to Me uska experience aap logo ke saath share kar rahi hu. Adult stories


Hello, mera naam Sonal hai, Me 30 yrs ki shaadi shuda mahila hu, mere pati rajiv hai, mera vital status 36-30-38 hai, mera rang gora hai, eyes badi, meri choochi bohot gore aur bade hai, aur mere chutad bhari bhadkam tarbooz hain, to doston ye baat meri shadi k 3 saal baad ki hai.

Mere pati ko sex me koi interest nahi reh gaya tha, vo aksar kaam me busy rehte the, meri o ne mujhe worn kiya kahi unka secretary ke saath kuch ho na, par Mene aisa kabhi socha nahi.

Do hafte ho gaye the rajiv ne mujhe choda nahi, pichli baar bhi yuhi jaldi jaldi karke apna kaam kar liya aur mujhe yuhi pyasa chod diyatha, Mene kai raat koshish kari, sexi nighty pehenkar, blue movies (jo rajivkabhi mere sath enjoy kiya karte the) lagakar unhe lubhaya, Mene role plat bhi karne ki koshish ki.

Mene kaha “Rajiv aaj Me tumhari favourite savita bhabhi ki tarah tumhari nurse ban jaati hu, naughty student banti hu, aap police vankar mujhe chori karte pakdo aur mujhe khoob chodo, ”

Par unhe kuch achha nahi lagta hai, khana kha kar har raat so jaate hain, isi tarah ek raat Mene unhe khoob lubhaya, unke lund ki apni nangi choot se massage kiya, par unhone mujhe daant kar hata diya, aur Me aisi hi ro ro kar so gai.

Subah uthkar Mene Ramu (tailor) ko phone kiya aur kaha aj 10 baje aakar mera naap le lena, mujhe blouse silwana hai, fir Me rajiv ko tayar hone me madad karne lagi.

Raat chudai nahi hone ke kaaran choot ki talab abhi baaki thi, baar baar vahin khayal ja raha tha, naashta nahi ban paya time par, rajiv office jaane lage, “Sonal!! Kitni der se awaz laga raha hu!!! Kya kitchen me dhatur ka khet uga rahi hai, abhi tak naashta nahi bana, chal aa kar darwaza band kar, Me baahar kha lunga.”

Rajiv gusse me the, vo aaj kal mujhe bohot daantne lage the, par patanahi, Me bhi thoda laparwahi baratti thi.

Me sofe par baith kar rone lagi, fir shant hokar mej par rakha paani liya, dheere dheere raat ki tadpan mujh par chadhne lagi aur Me maxi upar kar ke apni choot me ungli karne lagi.

Me aaah oohhh rajiv chodo na mujhe, tumhe mujhe kitne time se nahi choda, bol rahi thi, achanak darwaza khula aur raaju andar a gaya, rajiv darwaza bhidka kar office chale gaye the aur Me apne gham me kundi lagana bhul gai.

Me taang failaye choot me ungli diye bhaithi thi aur raaju mujhe aankh phaadkar dekh raha tha, do second me freeze ho gai, par fir achanak uchali aur khadi huwi.

Ramu: maaf karna mam darwaza khula tha.

Me: khula tha to andar chale aaoge, khatkhataya kyo nahi.

Ramu: mujhe rhodi na pata tha ki aap.

Me: Me kya? Tumhe kuch nahi dekha, chupchap naap lo.

Ramu: ok, blouse deep neck ka silna hai, ?

Me: haan, aur thoda right fit chahiye, shape aani chahiye.

Ramu mera naap lene laga, naap lene ke bahane vo meri choochi choo raha tha, uske haatho ka sparsh mujhe achha lag raha tha, par vo mere breast se jaada chipka ke naap le raha tha.

Me: raaju ye kya kar rahe ho.

Ramu: ab aapko tight fitting chaahiye to thoda tight to pakadna hoga na, itna kehkar mere piche chala gaya, “Madam thoda haath upar karo, “, vo piche se haath aage laya aur inchitape mere right nipple par chipka diya aur piche se aur pass a gaya.

Me: Ramu ye kya kar rahe ho.

Ramu: naap le ra hu mam, kuch der me mujhe aapne gaand par uska paina auzaar mehsoos huwa, Me sihur uthi.
Uska haath aur tape baar baar mere breast se meri kamar par ja rahe the.

Me: ho gaya naap.?

Ramu: nahi abhi breast ki golayi leni hai, cup fit cone ke liye, Ramu piche se hi pakadkar tape ko meri breast ki golaiyo me lapet liya aur aisa karte waqt mere choochi ko poore hatheli se choo liya.

Me: ssssss, Ramu: kya hua mam?

Me: ye pichhe se door hato, kuchh chubh raha hai.

Ramu aur chipakte huwe: lene do na mam, vaise bhi aap dene ko itna tadap rahi thi, naap.

Me: ohhhhsssss, kaisi baaten karte ho Ramu.

Ramu: saham kyo rahi ho madam, aur daba daba kar naap lu??

Me: haye, mere jada pass mat ao, uff ye kya kar rahe ho Ramu.

Ramu: ohh madam blouse ke liye aapke chooche kade karne honge, inhe masalna hoga.

Me: ohhh ahhhhh, ye kya kar rahe hoooooohhhhhh.

Ramu: is nipple ka naap lena hai madam, is sone me tight fit chahiye ya loose, ye tight aur paine achhe lagenge, unhe masalna padega.

Me “Aaahhh dhang sssse naap lo yekya kar rahe ho.”

Me (hosh me aate huwe): mujhe khud ko kaabu me rakhna hai.

Ramu (mere left choochi masalte huwe) : vo to thik hai, par ye bataiye jab Me aaya to tum siiskiya le kar keh rahi thi ki mujhe chodo rajiv, tumhe bohot dino se mujhe nahi choda, kya tum sachme chudne ko tadap rahi ho?.

Ye kekar Ramu ne meri nighty upar ki aur meri choot sehlaane laga.

Me (uska haath kichte huwe): Ramu ye bohot personal matter hai, aur mene kaha na bhul jaao jo bhi tumhe dekha.

Ramu: ye kaise bhool jau ki tu apni gulaabi gori choot me ungli pel rahi thi, ye kehkar rahu ne apni beech wali ungli meri choot me daal diya aur andar bahar karne laga.

Me: ye kya badtami hai.

Par Ramu ab tak meri choochi pakad kar masal raha tha aur meri choot me unhi zor zor se kar raha tha.

Me: aahhh ohhhh, Ramu ye kya kar rahe ho, meri haalat samjho please.

Ramu:tumhari haalat samajh kar hi to ye kar raha hu jaaneman.

Me: par Me apne pati se kya kahungi?

Ramu: kehna Ramu mere choochiyo ka naap le kar gaya hai, aur batana kaise Mene masal masal kar in gore kabootaro ka naap liya, aur tumhare nipple ko choos choos kar inhe khada kiya, kitni mehnat lagi mujhe tight naap lene me.

Me: ohhhhhh aaahhhh ssssss.

Ramu: ye bhi batana apne pati ko kaise Mene teri nighty utaari, aur tere choochi ke divye darshan kiye, Ramu me seedhe mere nipple par jhapatta maara aur unhe apne honth me dabochhkar choosne laga, fir mere nipple apne daanto me dabakar bahar ko kar ki khincha.

Me: aahhh dhire raja.

Ramu khuch der tak mere dono nipplle ke saath yahi karta raha, choochi tight pakadkar nipple daanto se khinchta ki halka dard hota, phir use choos kar shant karta, Me bas ooooh aahhh ssss karke is mithe dard ka maza lene lagi.

Ramu ab mujhe gale se le kar pet tak chaat aur choom raha tha, Me to pagal ho gai thi.

Ramu: tere pati ne kabhi teri choot khayi hai? Nai na, aise pati ki chinta kyon karti hai jo tujhe dino din pyasa rakhta ho, aisi biwi ho to chudai ki mehfil khatam na ho, ye kehte huwe Ramu mere taango ke bich aa kar panty, ke upar se hi choot muh me daba liya.

Me : hai raam ohhhhh ufffff Ramu mere raja, pagal kar doge kya, ohhhh, Ramu ne meri panti utaar di aur mera ek pair mez par rakh diya, mez unchi hone ke kaaran meri geeli choot khul gai.

Ramu: dekh to teri chot lund ke swad me kaise laar tapka rahi hai, lalachi billi, par pehlie Me ise choos choos kar ise laall karunga.

Ramu ne apni pant aur, kachha utar diya, uska lund 7.5 inch ka hoga aur bohot mota tha, bahar nikalte hi vo poora tan kar khada ho gaya, Ramu meri choot ko khol kar jeeb se chaatne laga, mere choot ko bahar se andar se chaat kar honth gol kiye aur mere daane ko daboch liya.

Me: aahh Ramu Me jhad jaungi ohhh, aur chooso, Ramu ne apni jeebh gol aur tight ki aur mere choot ke ched me andar bahar karne laga.

Phir hum jamin par let gaye aur 69 position me ho gaye Me uska lund choosne lagi aur vo mujhe jeebh se chodta raha, Me: aaahhh ohhhhh umffff ahhhh, sssssss choos Ramu choos, mere choot ka bhi naap le, ise kaat kaat kar kha ja, Ramu choot ka daana kaatne laga.

Oooooh hai mera to likhte huwe bhi haalat kharab ho rahi hai aisa tadpaya ussne, Me ek baar jhad chuki thi, Me: Ramu ab to chodo mujhe, Ramu upar utha aur apni pant utaar di, fir mujhe table par liya kar mere par chaude kar diye aur mere choot par thook gira kar andar bahar mal diya.

Phir apne lund ka topi ched se sata kar dhaka lagaya, lund adha andar chala gaya par bohot din choot sookhi rehne ke kaaran halka dard huwa, Me: aahhh dheere Ramu, Ramu apna lund andar bahar karne laga.
Ramu: randi ab to Me ise chod chod kar phar dunga, hmmmfff hmpphhhffff, tu bas choot marwane ka maza le, tere pati ne tujhe choda hi kahan hai, aj asli chudai dekhegi.

Aur usne meri tang cheer kar ek zordar dhaka maara.

Me: aaahhhhh kutte.

Ramu: mmmmphfffff aj tu banegi bhosdi wali, le chud, bohot lund khaane kha shok hai, le hmmmpfffff aur le.

Me: ahhhh haan aur pel apna lund, thok mujhe zor zor se raaja, randi banalo mujhe apni, aaaahhhhhssss chodo ahhhhhhhh mmmmmm.

Me 35 minute ki chudai me teen baar jhar gai thi, phir raaju ka nikalne wala tha to Mene kaha mere muh me jhado.

Ramu ne apna lund nikalkar mere muh me daal diya aur mera muh chodne laga, Me bhi muh bhich kar uska lund daba kar choos rahi thi, 5 minutes muh dudai ke baad Ramu ka paani nikal gaya jo mere gale se neeche utar gaya, Mene uska lund chaat kar saaf kiya, fir humne kapde pehen liye.

Ramu ne mere lips kaate aur choochi masalte huwe kaha: naap achhe se liya na madam.

Me: haan raaju, aise hi naap lete rahoge to aur bhi blouse silwaungi, aur is tarah Ramu mujhe chodta rehta hai jab mauka mile.

Kahani padhne ke baad apne vichar niche comment section me jarur likhe, taaki DesiKahani par kahaniyon ka ye dor apke liye yun hi chalta rhe.

Lockdown ke baad dosto ke sath behan chodi

Lockdown ke baad dosto ke sath behan chodi



Hello, I am Pulkit, thank you aap sabka hamari pichli story padne ke liye. Ab ham aage ki story leke aa rahe hai.


To ghar vapis aane ke bad ham sabko gangbang karne ka to time nahi mil raha tha. Lekin ab mere dosto me se (vicky, praveen, mukesh, pranav) jab bhi kisi ka sex karne ka man karta. Tab vo renu ya simmi ko call karke bula leta.

Aur simmi aur renu time nikal ke uske sath hotel me chali jati ya fir jab bhi koi dost ka flat khali hota waha chali jati.

Lekin kyuki bathinda koi bahut badi city nahi hai. Uski wajah se sab kuch chhup ke karna padta. Even hotel me bhi jate waqt dhayan rakhna padta ki receptionist ke sivaye koi unhe dekhe naa aur har bar alag hotel choose kiya jata.

Aur main aur meri bahen renu ghar par hi sex karke rat ko mom dad ko nind ki davayi deke. Renu is sab se bahut khush thi, kyuki ab vo almost har dusre din chudti thi aur kabhi kabhi subah aur sham chudti jaise subah mukesh se uske flat pe. Aur sham ko vicky se hotel me. Aur rat ko merse. Bich me usse kafi rest mil jati to vo bahut khush thi.

Lekin ham sab ab kuch alag karna chahte the lekin kar nahi paa rahe the.. To ye sab chalte chalte corona virus ka time aa gaya aur india me lockdown ho gaya 21 din ka. Ab sabko jo mil raha tha vo bhi milna band ho gaya.

Sabne 15 din to wait kiya lekin jab raha nahi gaya to hamne plan banaya ki rat ko 1 banda ghar pe aa jaya karegaa. Lekin night curfew ki wajah se ye plan bhi cancel ho gaya.

To sabne badi mushkil se time nikala 15 april tak lekin tab announce huya ki lockdown bada diya gaya aur ese hote hote 1 june aa gyi. Aur isi bich mukesh ke ek dost ko corona virus ho jata hai jiske flat pe lejake vo renu ko choda karta tha. Aur vo hospital me bed le leta hai aur uska flat khali ho jata hai. To 2 din bad mukesh ko idea ata hai.

Mukesh mujhe call karta hai.

Mukesh: sun yr ek idea aya hai. Vo mere dost ka flat khali pada hai. Waha le chalte hai simi ko.

Main: yr mushkil hai ghar wale kahi nahi jane dengee bina kisi kaam ke.

Mukesh: yr sun na maine sab socha hai. Simmi ki bat karva denge tere ghar. Vo renu ke kisi frnd ke nam se bat karegi aur gharpe bolegi ki renu 2 din mere pass rukegi study ke liyee.

Main: yr pata nahi ye idea kitna chalega.

To main ye sab renu ko batata hu aur vo thoda darti hai. Par man uska bhi hota to ham fir simmi ko call karke sab samjate hai aur uski bat gharpe karvate hai. Aur vo badi mushkil se mom dad ko manati hai aur ese bat karti hai jese vo renu ki real friend ritu hi hai.

Simmi ritu banke mom dad ko samjati hai ki sab safe hai aur renu uske pass ruk jayegi. Thode din study ke liye aur aapko dar hai to pulkit bhayiyo ko bhi sath bhej do. To mom dad ready ho jate hai aur mujhe aur renu ko agle din bhej dete hai.

To ham sabko msg kar dete hai ki agle din sham tak sab 1-1- karke aayee thode thode time tak taki koi dekhe na aur kisi ko shak na hoo. Mukesh ke vo dost ka flat vese bathinda ke end pe hota hai aur hamare ghar se kafi dur. To agle din main aur renu subah 10 baje tak waha pahunch jate hai. Aur mukesh wahi hota hai.

Gate kholte hi mukesh jese renu pe tut padta hai aur use niche bitha ke uske muh me lund de deta hai. Ye dekhke main bhi garam ho jata hu aur gate band karke main bhi aapna lund nikalta hu. Aur renu ab bari bari se hamara lund chusne lagti hai. Aur kafi der chusne ke bad.

Mukesh usse wahi letata hai aur uski chut me lund de deta hai. Aur uski full speed me marne lagta hai. Itni speed hone ke karn kuch minute me hi vo jhad jata hai vo wahi let jata hai. Tabhi main bhi renu ki chut me lund dalta hu aur karib 10 minute tak uski chut marta hu.

Ab mukesh renu ko godi me uthata hai aur bedroom me lee jata hai kiss karte huye aur wahi lejake leta deta hai aur uske boobs se khlne lagta hai. Tabhi gate ki ghanti bajti hai main gate kholta hu to vicky aya hota hai. Ander ate hi vo puchta hai

Vicky: renu kaha hai.

Main: bedroom me.

Ye sunta hi vo aapne kapde utarta hai aur sidha bedroom me jakee aapna lund renu ki chut me de deta hai. Ab mukesh uske boobs chus raha hota hai aur vicky suki chut mar raha hotaa hai. Aur karib 7-8 minute bad jhad jata hai.

Ab karib 2 ghante tak ham teeno renu ke sath khelte hai aur 1-1 bar uski chut aur marte hai. Utne me praveen aur pranav bhi aa jate hai.. Aur vo bhi renu ki 2-2 bar mast chut marte hai uske bad sab rest karne lagte hai aur dekhte hi dekhte sham ho jati hai.

To sabko bhukh lagti hai to sab khana khane hall me aate hai. Ab sab nange hi hote hai. Renu kapde pehnne lagti hai to mukesh usse rok deta hai.

Mukesh: ab jitne din yaha rahegi nangi hi rahegii.

Renu: theek hai kutte lekin pehonge tum sab bhi kuch nahi.

Mukesh: theek hai lekin chudayi khub hogi fir teri.

Renu: vo to vese bhi honi hai sab tarse pade the lockdown ke karn.

Ab sab hasne lagte hai aur sab khush hote hai. Lekin tabhi ek shock lagta hai jo ki sabko hila ke rakh deta hai. Ye shock kya hota hai aur aage kya huya ye janne ke liye padte rahiye Indian Adult Story dot com aur Mazedaar chudai kahaniyon ka maza uthate rahiye.
 

14 saal ki kuwari choot ki chudai



Dosto aaj jo kuwari chut ki chudai ki kahani batane jaa raha hu wo mere mahalle ki ek sirf 14 saal ki kuwari ladki ki chudai ki kahani hai. Uski naam Priya hai. jo ki 14 saal ki hai aur dekhne mein bahut hi jabartdust hai. Hamara Priya ke ghar aur unka hamare ghar aana jaana laga rehta tha. Main jab bhi apni chatt pe chadta to usse dekhta to main dangg reh jaata tha aur neeche aakar muth maar leta tha. Main usse dekhkar ek dum josh mein aa jaata tha aur usse chodne ke baare mein sochne lagg jaata tha. Ek din main apne kamre mein baitha huya net par surfing kar raha tha tabhi bahar kissi ke aane ki awaaz sunayi di. Main uth kar bahar gaya to mummy se pucha ki koun hai to maa ne kaha ki Priya aayi thi aur pooch rahi thi ki,”sunny ghar pe hi hai, maine maths ke question samjhne hai usse.” aur meri maa ne keh ka ki,”woh samajhne ke liye aa rahi hai samjha dena usko,” maine keh diya ki theek hai.
5 min baad woh book le kar aa gayi. Maine usse kamre mein hi bula liya Aur usse samjhaane lag gaya. Woh mere saamne book par jhukk kar dhayaan de rahi mera dhayaan baar baar uski chotti chooti chuchiyon par jaa raha tha aur mera lund bhi dheere dheere khadda hone laga. Itne mein bahar se maa ki awwaz ayyi,”ki main Priya ki mummy ke paas ja rahi hoon.” maine kaha ki theek hai Ab main aur Priya akle the ghar par.maine notice kiya Priya ne mere khadde lund ko baar baar dekh rahi thi. Tabhi maine kaha ki tum thoda apne aap padho main thoda computer par kaam kar loon tabhi usne kaha ki mujhe bhi computer sikhna hai. Maine dheek hai ki theek hai to mere saath computer ke aage baith gayi. Thodi der maine himmat kar ke jaan bhooj kar sexy site khol di. Nangi pictures dekh kar woh thoda sharma gayi maine kaha ki kya huya to woh boli ki yeh band kar do.Aap ye kahani hindichudaikikahani.com paar paad rahe hai. Maine uski jaangh par haath rakhte huye kaha ki kyon to woh kuch nahi boli. Meri thodi si himmat bad gayi aur maine uski jaangh ko halke se dabba diya. Ab mujhse raha nahi gaya aur maine usko kiss kar diya. Toi woh kehne laggi ki yeh tum kya kar rahe ho maine kuch nahi kaha aur usse kass ke pakad liya aur uske hothon ko choosta raha. Ab usne kuch na kehte huye mujhe jor se gaale laga liya. Kuch der main uske hothon ko choosna band kar diya to usne mere hothon ko kiss kar liya.maine apne dono haatho se uski kamar ko neech se pakad liya. Aur krte karte maine uske chutad dabba diye. Mera lund khadda huya tha aur uske pet par lag raha tha usne apne ek haath se mere lund ko pakda aur thodi saham gayi. Tab maine usse poocha ki tum isse dekhna chaahogi to usne haan me sir hilla diyatabhi maine apna lower nichekar diya aur usko kaha ki mera underwear niche utaarr kar kar dekh le. Usne jaisa hi mera underwear niche utaara to mera lund ek dum se uske saame aa gaya.
Usne kaha ki haaye ram itna bada aur mota. Tab maine usse kaha ki ise pakde aur sahlaye usne vaisa hi kiya. Tab maine use computer pe ek 5 min ki sexy film dikhayi aur woh thoda josh mein aa gayi. Tab maine usse kaha ki chalo hum bhi aisa hi kar te hain aur na na karte huye maan gayi. Tab main kaha ki chalo ab mera lund apne munh mein lo to usne kaha ki yeh mere munh mein nahi aayega maine kaha tum try to karo. Tab usne niche baith kar mere lund ko pakad kar use chumne laggi. Jaise hi usne chumna shuru kiya to mujhe aisa laga ki main satwe aasmaan pe hoon. Tabhi usne apna munh khol kar mere lund ka agla hiaas apne munh mein le liya aur usse jor ke choosne laggi. Tab maine usse kaha ki thoda sa apna munh aur khole jaise hi usne apna munh thoda sa aur khola to maine jhatke dekar apna lund aur uske munh mein ghussa diya, mera aisa karne par usne lund munh se nikaal diya maine bhi jyada jabardasti nahi ki.Aap ye kahani hindichudaikikahani.com paar paad rahe hai. Tab main usse kaha ki apne kapde utaar de to usne mana kar diya. Maine usse se poocha ki kyon to usne kaha ki tum hi utaar do.tab maine uske haath uppar kiye aur uska kameez utaar diya usne niche keval underpehna hi pehna hua tha maine uska under under shirt bhi uttar diya . Ab uski dono chuchiyan mere saamne thi chuchiyan thodi chotti thi par maine unko kiss kiya aur unko apne munh mein le liya mera aise kjarne par usko maza aane laga. Chuchiyan chooste huye maine apnba ek haath uski salwaar mein daal diya aur uske panty ke uppar se hi uski kuwari chut ko sehlaane laga. Mera aisa karne se woh aah aah aah aaha ….. Karne lagi. Tab maine uski chuchioyaon ko chodd uske hothon par jor kiss kiya aur ghutno ke bal baith gaya aur dheere dheere uski salwaar kja naada khol diya uski salwaar jhatt se zameen par gir gayi ab woh kewal blue color ki panty mein thi. Tab maine pantgy ke uppar se hi usko chuma uski pantyu thodi gili thi. Tab maine chumna band karke halke se uski panty uttarne laga . Maine dekha ki chut par halke halke se bhoore bhoore baal the . Maine unhe dekhkar madhosh ho gaya tha tha. Maine uski chut ko jor se chuma.
Ab maine usse bed par letne ke liye kaha aur woh bed par chadd kar let gayi. Maine zindagi mein pehli itnio sundar chut dekhi thi baaki maine isse se pehle jin 2 ladkiyon kop choda tha unki chut par ghanne kaale baal the. Jab woh bed par let gayi to maine uski taango ko khola aur uski sundar chut ko nihaarne laga. Phir maine nichhe jhukk kar uski chut ke munh ko khol kar kiss kiya to woh tadap uthi. Tab main Priya ki kuwari chut ko jor jor ke chaatne laga. Chaate huye main kabhie kabhie apni jeebh ko kuwari choot ke andar kar deta jisse se wah tadap uthti. Tyab thodi der baad Priya ki choot se juicy material bahne laga chakhne mein wah namkeen tha. Tab maine uth kar usko chooma aur kaha ki ab main apna lund tumahari chut mein dalne laga hoon isse tumhe thoda dard hoga par tum ghabrana nahi. Maine itna keh kar apne lund ke sir ko Aap ye kahani hindichudaikikahani.com paar paad rahe hai.uski choot par ragdne laga mera aisa karne par wah sisiiyane laggi. Tab maine thoda sa thuk apne lund par aur thoda sa uski choot par lagaya. Aur maine apne lund ka sir uski chut ke munh par rakh diya. Uski choot ka munh bahut tight tha kyonki ki wah kunwari thi. Is liye maine kha ki tum apne hathin se choot ka munh thoda sa kholo. Mera aisa kehne par usne apni choot ka munh khola aur maine apne lund ka sir uski choot mein ghussa diya woh cheekhi aur kahne laggi ki ise bahar nikalo bahut dard ho raha hai. Tab maine jhukk kar uske honthon par apne honth rakh diya aur kiss karne laga.
Woh apna munh khol ke mujhse lipat gayi aur kiss karne laggi. Amine usse kass ke pakad liya. Jab wah thodi shaant huyi to maine kaha ki ab kaisa lag raha hai to usne kaha uski chut mein dard aur jalan ho rahi hai. Tab maine kaha ki thodi der mein tumhe mazza aane lagega par tum chilna mat aur usne haan mein sir hilla diya. Ab amin ahista ahista jhatke marne laga use thoda mazza aane laga to maine ek jor ka jhata mara jisse mera lund 2 inch aur uski kunwari chut mein ghuss gaya woh phir dard tadap uthi maine kuch na sunte huye jhatke marne laga ek aur jhatke ke saath mera lund 5 inch tak uski chut mein chala gaya. Aap ye kahani hindichudaikikahani.com paar paad rahe hai.Ab to wah dard se buri tarah karah rahi thi aur uski aankhon mein aansoo bhi aagaye the par abhi tak mera lund sitrf 5 inch hi ghussa tha aur 4 inch bahar tha. Main phir jhatk marne laga aur 2-4 jor ke jhatko ke baad mera poora 9 inch ka lund uski choot ke andar tha. Wah buri tarah se kanmp rahi thi aur pasine se naha gayi thi. Maine thodi der tak lund uski choot ke andar hi rakha aur ahista-2 jhatke maarne laga. Jab wah thodi shaant ho gayi to maine lund bahar nikaal liya jisse use thodi rahat huyi maine deri na karte huye ek baar phir apna lund uski choot ke munh pe rakha aur is baar 4 jhatko mein hi maine poora lund kuwari chut mein ghussa diya. Maine aisa 3-4 baar kiya to wah jhadd gayi. Jhaddne ke baad uski chut ek dum geeli ho gayi thi aur mujhe lund andar bahar karne mein jhyada mushkil nahi ho rahi thi. Main ab use aaram se chod raha tha aur woh bhi chudayi ka mazza le rahi thi.
Woh bhi apni kamr ko hilla kar mera saath dene lag gayi maine use poocha ki ab kaisa lagg raha hai to usne sharma kar kaha ki mujhe bahut mazza aa raha hai. Lagbhag 25-30 min ki chudai ke baad jab mujhe lagga ki main jhadne wala hoon to maine apna lund uski chut mein se nikaal kar saara virya uske pett par girra diya. Hum dono boori tarah se haanf rahe the. 2 min ruk kar main utha Priya ko saaf karne ke liye kapda lene gaya. Aap ye kahani hindichudaikikahani.com paar paad rahe hai.Jab main kapda lekar aaya to choot ko saaf karne ke liye jab maine uski taango khola to dekha ki uski sundar si gulaabi choot khoon se laal huyi padi hai. Maine use kuch nahi kaha aur kapde se uski choot se khoon ko aur pett se apne virza ko saaf kiya. Maine jab uski taraf dekha to wah muskarai aur mujhe kiss karne ke liye kaha maine usse 25-30 seconds ke liye kiss kiya aur kaha ki ab wah apne kapde pehan le usne kaha ki nahi ki please mujhse ek baar aur karo. Tab maine use kaha ki nahi abhi nahi phiar kabhie abhi tum kapde pehno aur ghar jaayo kahin meri maa aa gayi to usne kaha ki theek hai. Usne apne kapde pehne aur apni book lekar ghar chali gayi. Main us din bahut khush tha kyonki maine zindagi mein pehli baar kissi kunwari ladki ko choda tha.. friends.. kaisi lagi kuwari chut ki chudai ki kahani .



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