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ठंड में पापा के रजाई में सोना भारी पड़ा मुझे पूरी रात उन्होंने मुझे चोदा

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Rajai Me Chudai, Baap Beti Sex Story, बेटी की चुदाई रजाई में, बाप बेटी की सेक्स कहानी: सर्दी का मौसम कई बार बहुत खास हो जाता है। जब आपको कुछ ऐसी चीजें सामने आ जाते हैं जो आपने कभी लाइफ में ना की हुई हो और वह करने का मौका मिल जाए तब वह खास हो जाता है। कल की रात मेरे लिए बहुत खास रात थी। कल रात मेरी पहली चुदाई हुई और वह भी अपने फादर के साथ जी हां दोस्तों कल मेरे पापा ने मुझे पूरी रात जमकर चोदा। आप वजह जानेंगे तो हैरान हो जाएंगे कैसे-कैसे क्या हुआ था वह मैं सारी बातें आपको इस वेबसाइट पर जाने के AdultStories.co.in पर सुनाने जा रही हूं। मेरी हिंदी थोड़ी कमजोर है इस वजह से अगर कहीं कोई गलतियां हो जाए तो आप माफ कर देना मेरी भावनाओं को समझना कि मैं क्या कहना आपको चाह रही हूं।


मेरा नाम संध्या है मेरे पापा शहर में रहते हैं। मेरे घर में मेरे अलावा मेरी बहन जो जुड़वा है और मेरी मां है। हम लोग गांव में रहते हैं पापा मेरे शहर में रहते हैं। मेरी मम्मी 18 साल बाद फिर से मां बन रही है इस वजह से पापा मेरे गांव आए हुए हैं क्योंकि डॉक्टर ने डेट दे दिया है डिलीवरी होने का। अपने आप में ही एक मजेदार बात है कि मेरी मां फिर से मां बन रही है। तो हुआ क्या था अब वह आपको बताने जा रहे हो ताकि आपको पता चले कि कैसे-कैसे क्या हुआ था कि एक तरफ ना मेरे प्रेग्नेंट है और दूसरी तरफ उसका बाप अपनी बेटी को मां बनाने की कोशिश कर रहा है।


इस मौसम का भी मैं दोष दूंगी अगर की सर्दी का मौसम नहीं होता तो होता तो मेरी चुदाई नहीं होती और मेरे पापा के साथ सेक्स संबंध नहीं बनते पर ठंड की वजह से ही कल बात थोड़ी आगे तक निकल गई और जवानी के जोश में ना मैं अपने आप को संभाल पाए ना पापा ने अपने आप पर काबू पाया क्योंकि मेरी मचलती जवानी को देखकर उनका लंड बर्दाश्त नहीं कर पाया और मेरी चूत में घुसने के लिए तैयार हो गया।


मेरे पापा शाम को 6:00 बजे हावड़ा नई दिल्ली एक्सप्रेस से उतरे घर आते आते हैं उनको शाम के 8:00 बज गए थे। घर आए तो खाना पीना हुआ हम लोग बैठ कर बातें करने लगे। मेरी मम्मी का 9 महीना हो चुका है तो ऐसे हालात में वह पापा के साथ नहीं सोएंगे। तो हम लोग बात करते करते काफी समय निकल गया और सोने का जब बारी आएगी तो एक बेड पर मेरी मम्मी और मेरी बहन सो रही थी। दूसरे पर मैं और पापा। मैं अलग भी सोती पर रजाई की कमी होने के कारण हम लोगों ने डिसाइड किया कि मम्मी बहन के साथ और मैं पापा के साथ सो जाऊं। हम लोग सो गए हम दूसरे कमरे में थे और मम्मी और मेरी छोटी बहन दूसरे कमरे में।


मैं और पापा दोनों ही आपस में बातचीत करने लगे। धीरे-धीरे मुझे नींद आ गई पता ही नहीं चला। करीब रात के 12:00 बजे मेरे नींद खुली नींद खुलने का कारण क्या था कि मेरे पापा मेरी सूचियों को दबा रहे थे साला रहे थे और अपना एक टांग मेरी टांग पर रखे हुए थे। उनकी सांसे तेज तेज चल रही थी और उनका लंड मेरे जांग पर सटा हुआ था जो मुझे महसूस हो रहा था कि काफी टाइट था उनका लंड। मुझे यह समझ नहीं आया कि क्या करना चाहिए मुझे। मुझे लगा कि मैं पापा को मना कर दूं। फिर मुझे लगा कि यह बात कल अगर मैं अपनी मां को बोलूंगी तुम्हारे मम्मी और पापा का रिश्ता तो खराब हो ही जाएगा मां बाप के बीच में भी मैं दुश्मन के रूप में उतर जाउंगी।

मैं चुप रहना बेहतर समझा पर मैं अपने पापा से चुदना नहीं चाहती थी। मुझे लगा कि पापा से लाकर मुझे छोड़ देंगे पर मैं गलत थी। धीरे-धीरे उन्होंने मेरे कपड़े के अंदर हाथ अपना घुसा दिया फिर मेरी चूचियों को पकड़ लिया , निप्पल को अपनी उंगली से रगड़ने लगे। मैं जाग चुकी थी इसलिए मेरी सांसे तेज तेज चलने लगी। पापा को भी शायद यह बात समझ आ गया कि मैं जाग चुकी हूं और मैं कुछ नहीं बोल रही हूं इससे उनका हौसला और भी थोड़ा बढ़ गया। उन्होंने मेरे कपड़े को मेरे छाती से ऊपर कर दिया अब मेरे दोनों बूब्स बाहर निकल गए थे उनको वह होले होले फैलाने लगे।

मैं मना करना चाहती थी पर मना नहीं कर पा रही थी। धीरे-धीरे उन्होंने अपने हाथ को मेरे अंदर घुसा दिया। जैसे उनका हाथ मेरी चूत के पास पहुंचा। मेरी चूत गीली हो चुकी थी। रिश्ते में कोई भी लगे जब आपके जिस्म को कोई छेड़ेगा और आप जवान हैं। तो आपकी वासना भड़क ही जाएगी ऐसा ही मेरे साथ हुआ था। ना चाहते हुए भी मेरे तन बदन में आग लगने लगी मेरी वासना भड़कने लगी मेरी कामवासना जाग गई थी। अब उन्होंने मेरे दोनों बूब्स को पकड़कर मसलना शुरू कर दिया। बार-बार वह मेरे पेंटी के अंदर हाथ घुसा देते थे फिर वह मेरे बूब्स को पकड़कर दबाते थे।


मेरी सांसे तेज तेज चलने लगी थी मैं कुछ भी नहीं बोल पा रही थी मुझे अच्छा भी लग रहा था खराबी लग रहा था। खराब इसलिए लग रहा था कि सामने वाला मेरा बाप था। अगर कोई लड़का रहता तो मैं अब तक आपके ऊपर चढ़ चुकी होती। सब्र से मैंने काम लिया पर मेरा सब्र का बांध टूट गया जैसे उन्होंने अपना होंठ मेरे होंठ पर रखा। मेरी सीमाएं टूट गई उन्होंने मुझे किस करने लगे और मैं भी उनको अपनी बाहों में भर कर उनके होंठ को चूमने लगी चूसने लगी।

फिर क्या था दोस्तों उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए हम दोनों की साथ में तेज तेज चलने लगी बस हम दोनों एक दूसरे से कुछ बोल नहीं रहे थे। पर एक दूसरे को पता चल चुका था कि आगे क्या होने वाला है। मैंने भी अपने कपड़े उतार दी अब हम दोनों नंगे हो गए थे एक ही रजाई के अंदर। उन्होंने मुझे दबोच लिया, मुझे अपनी बाहों में समा लिया दोनों पैरों को अलग-अलग करके अपना लंड मेरी चूत के पास रखकर रगड़ने लगे। मैं भी अपने दोनों टांगों को फैला दी थी अपने हाथ को पर क र दी वह मेरे चुचियों को दबाते हुए मेरे होंठ को चूमने लगे। उस समय अपने लंबे बाल को खोल दी जिससे मैं और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी।

वह मेरे पैरों के तरफ चले गए रजाई हटाकर दोनों टांगों को अलग-अलग करके मेरी चूत को अपने जीभ से चाटने लगे। मेरे अंदर करंट दौड़ गई जैसे ही उनका जीभ मेरी चूत के छेद पर पड़ा। मैं बोखला गई। मेरे से रहा नहीं गया मैंने उनका लंड तुरंत पकड़ कर हिलाने लगी। तभी बाहर तभी बाहर कुछ आहट हुई हम दोनों शांत हो गए मेरी मम्मी बाथरूम गई थी। क्योंकि उनकी पायल की आवाज सुनाई दे रही थी। हम दोनों शांत हो गए पापा और मैं उस समय सिर्फ एक दूसरे को चूम रहे थे।

वह अपने जीभ को मेरे मुंह में डाल दिया था। और हम दोनों एक दूसरे से अपने जीभ को लड़ा रहे थे। हम दोनों की वासना और भी ज्यादा भड़क गई थी। मम्मी अपने कमरे में जाकर दरवाजा लगाई तो हम लोगों को पता चल गया कि मम्मी वापस जा चुकी है। पर हम दोनों ने 5 मिनट और इंतजार किया था कि मम्मी को नींद आ जाए। 5 मिनट बाद उन्होंने मेरे दोनों टांगों को अलग अलग किया अपना लंड मेरी चूत के छेद पर रखा। और जोर-जोर से घुसाने लगे। पर मेरी पहली चुदाई थी इस वजह से उनका लंड इतनी आसानी से मेरे चूत के अंदर नहीं जा रहा था।
गरमा गरम है ये  पहली बार लड़की की चूत की सील तोड़ने की कहानी

काफी मशक्कत करने के बाद उनका आधा लंड मेरी चूत के अंदर गया मैं दर्द से कराह ने लगे। मुझे काफी ज्यादा दर्द हो रहा था। उन्होंने मेरे मुंह को अपने हाथों से दबा दिया तकिया मेरे गांड के नीचे रखा और जोर से लंड घुसा दिया। उनका पूरा लंड मेरी चूत के अंदर समा गया पर मैं दर्द से कराह ने लगी। मेरे चूत से खून निकल गया था मेरे सील टूट चुकी थी। अब मैं वर्जिन नहीं रही थी। उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों चुचियों को पकड़ा और जोर-जोर से अपना लंड मेरी चूत के अंदर डालने लगे। 5 मिनट बाद में नार्मल हो गई अब मुझे दर्द नहीं कर रहा था और वह मुझे जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिए।

अब मैं उनको बाहों में लेकर उनके लैंड का मजा लेने लगी वह भी अपनी जवान बेटी का सील तोड़ कर चुदाई का मजा लेने लगे। उन्होंने करीब 1 घंटे तक मुझे ऊपर से नीचे से उलट कर पलट कर चोदा फिर उन्होंने सारा माल मेरी चूत के अंदर ही छोड़ दिया। अंत में सिर्फ एक ही बात बोले कल मैं टेबलेट ला दूंगा तुम खा लेना डरने की कोई बात नहीं। मैं बोली पापाजी मुझे बहुत दर्द हो रहा है। वह बोले कोई बात नहीं शुरू में होता ही है। कल तक सब ठीक हो जाएगा। और फिर हम दोनों एक दूसरे को पकड़ कर सो गए पर पापा कहां आप पूरी रात मेरे दोनों चुचियों को और मेरे चूत को सहलाता रहा। मैं अपने दूसरी कहानी जल्द ही AdultStories.co.in पर भी लिखने वाली हूं। तब तक के लिए आपसे मैं आज्ञा चाहती हूं। आप लोगों ने मेरी कहानियों को पढ़ा इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। 

छोटी बहन को वियाग्रा खिलाकर उसकी चूत फाड़ी

Chhoti Bahan Ki Chudai Story, छोटी बहन को वियाग्रा खिलाकर उसकी चूत फाड़ी


Virgin Sex Story, Chhoti Bahan Ki Chudai Story  : मेरे प्यारे दोस्त मैं आज मैं आपको एक मस्त कहानी सुना रहा हु जो की मेरे बहन के बारे मैं है आज मैं आपको बताऊंगा मैंने कैसे अपने बहन का सील तोडा, खूब चुदाई की साली की, मजा आ गया तो सोचा क्यों ना मैं अपने नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम बाले फ्रेंड को भी अपनी बहन की चुदाई के बारे में बताऊँ, तो देर किस बात का दोस्त हाज़िर हु अपनी कहानी लिए क्यों की जब मैं यहाँ दूसरों की कहानी पढता हु तो मेरा भी फ़र्ज़ बनता है की मैं भी अपनी कहानी आपलोगो से शेयर करूँ.

ये स्टोरी मेरी बहन के साथ हुए एनकाउंटर की हे उसका रंग गोरा बाल काले ओर घुंघराले ओर फिगर की क्या बात करू दोस्तो देख के ही खड़ा हो जाय सभी का ओर उसी वक़्त मूठ मार लो उसका फिगर 34 28 36 हे हेना पर्फेक्ट सेक्स फिगर चलो देर ना करके सीधा स्टोरी पर आता हू


मैं मुंबई में रहता हु, और मैं जिगोलो हु, मैं अपने घर का खर्च भी उसी से उठता हु, क्यों की मुझे अपने घर चलने के लिए काफी पैसे की जरूरत होती है और कोई छोटी मोटी नौकरी में कितना कम लेगा इसलिए मुझे जिगोलो बनने के लिए मजबूर होना पड़ा, पर मुझे मस्ती रहती है रोज रोज मैं भाभी आंटी लड़की को जो की हॉस्टल में या किसी काम से मुंबई में रहती है, कॉलेज गर्ल को, बड़े घर के औरत को जिसका पति बिज़नेस टूर पे हमेशा रहता है उसकी वाइफ को मैं चुदाई से संतुष्ट करता हु और उसके बदले में मुझे पैसे मिलते है , मेरे घर मे मेरी मा मैं बहन ओर पापा हे पापा एलेक्ट्रॉनिक डिपार्टमेंट मे है जिनकी सैलरी कुछ खास नहीं हे |

इस साल ही मेरी बहन बारह्वी पास की तो मैंने उसको गिफ्ट में एक अच्छा सा मोबाइल फ़ोन गिफ्ट किया, रात को फिर वो मेरे पास आई और फिर एंड्राइड पे कुछ नयी नयी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए बोली.मैं उसके मोबाइल में सॉफ्टवेयर डालने लगा तभी मेरे क्लाइंट का फ़ोन आने लगा था, उसी समय मैं अपनी बहन की चूची देख ली उस समय वो एक ढीली ढली सी टी शर्ट पहनी थी मेरा मन तो बहक गया मैं क्या करता मेरा तो लैंड खड़ा होने लगा कोई चारा भी नहीं था मस्त मस्त गदराई हुयी सी चूची जो थी मैं भी क्या करता तुरंत बाथरूम में गया और मूठ मार ली.


एक दिन मे अपन कमरे मे नंगा था कपड़े बदला रहा था तभी अचानक से वो कमरे मे घुस आई मे डोर लॉक करना भी भूल गया था ओर उसने मूज़े नंगा देख लिया फिर वो तुरंत ही चली गयी ओर बाद मे मुझे से माफी माँगी उसकी भूल केलिए मेने भी माफ़ कर दिया


वो अपने न्यू सेल पे एक बार पॉर्न देख रही थी तो मेने देख लिया उसे लेकिन कुछ कहा नहीं क्यू की मे भी उसे चोदना चाहता था तो उसे गरम होने दे रहा था जैसे से ही उसने पॉर्न बंद की मे उसके पीछे से पास जाकर बैठ गया उसे ये लगा की मे उसे वीडियो देखते हुए देखलिया हे लेकिन मे अनजान बना रहा वो गरम हो चुकी थी ये देख के मेरा लंड पायजामे मे ही टेंट बना दिए था वो ये देख सके इसतरह मे पास ही बैठ गया ओर टीवी देख ने लगा बात बात ओर मैं उसके कमर ओर बदन को फील करने लगा ओर वो ओर गरम होती गई ऐसा व्यवहार मेने कई दीनो तक किया आख़िर सब्रका फल मीठा जो होता हे फिर उसकी नज़र मे मेने कुछ प्यास देखी की जो मे ही बुझा सकता था फिर मेने जान भुज कर जब मे क्लाइंट से बात करता तो वो सुन सके उस समय मैं और भी सेक्सी सेक्सी बात करता था.


आख़िर मे मेरा इंतजार खत्म हुआ ओर वो घड़ी आयी गई की जब मे उसकी चूत का भोसड़ा बना डू उस रत मे अपने घर पर था ओर मां ओर पापा बाहर गये थे और वो एक हफ्ते बाद आने वाले थे मेरी सिस का भी वाकेशन था सो वो भी घर पर ही थी हम रोज रत को बाहर खाना खाने जाते थे मेरी बाइक पे तो मे जान बुजकर ब्रेक मरता ताकि उसे गर्म कर सकु लेकिन वो भी क्या खुद को कंट्रोल करती थी उसे लंड की प्यास थी


लेकिन वो उस प्यास को बुझा ना ही नई चाहती थी फिर मेने वियाग्रा उसे रात को खिलाई ओर बोला की इसे नींद अच्छी आती हे ओर उसके गरम होने का वेट किया जैसे ही वो गरमा हुई मे उसके सामने नंगा हो गया ओर वो मेरा खड़ा लंड देख के पागल हो गई ओर लोलीपोप की तरह चूस ने लगी दोस्तो क्या बतौ की क्या मज़ा अरहा था जैसे जन्नत मे हू मे फिर मेने उसको लेटया ओर उसकी अनचुई चूत को चाट कर मज़ा लिया मे ओर उसको सातवे आसमान की सेर कराई

फिर हमारा रीलेशन ही बदल सा गया हो फिर वो रह नहीं पा रही थी मेरे लंड की बगैर वो मुझे ज़ोर ज़ोर से बोल रही थी की मे कब से तेरे से चुदबाना चाहती थी आज मेरी ये ख्वाहिस पूरी कर दे ओर मेरी चूत को फाड़ दे मेरी चूत चोद दे उसे भोसड़ा बना दे मुझे आज कच्ची कली से फूल ओर देरी मत कर फाड़ दे चूत मेरी ये सब सुन कर मुज मे नया जोश जेसे अगया हो वो पहली बार चुद रही थी इसलिए मेने पास मे रखी पेट्रोलियम जेल ली

ओर थोड़ी उसकी चूत पर ओर मेरे लंड प्र ल्गाई पहले तीन चार धक्के मारे लेकिन लंड फिसल ही जाता था फिर क्या जैसे मे भाभी को चोदता वैसे ही लॅंड लगाया चूत पे ओर ज़ोर का ढाका मारा पूरा लंड एक जटके मे अंडर गुसा दिया ओर जैसे ही मेरा लंड घुसा कुछ फटा हो ऐसा महसूस हुवा मुहे ओर मे समझ आ गया की मेने इसकी सील तोड़ दी ओर वो ज़ोर से चिल्ला उठी ओर बोलने लगी की निकालो अपने लण्ड को मेरे चूत से बहुत दर्द हो रहा है, मैं रो दूंगी प्लीज निकालो मुझे सहन नहीं हो रहा है.


फिर मे उसी पोज़िशन्स मे रहा ओर उसका मूह अपने मूह से बाँध किया वो थोड़ी देर तड़पदै बाद मे नॉर्मल हो गई उसकी आँख से आँशु निकल गये थे फिर मे उसे धीरे धीरे फिर से उसके चूत में डालने लगा और उसकी चूची को दबाने लगा, वो फिर भी दर्द से कराह रही थी पर करीब दस मिनट के बाद वो नार्मल हो गयी और फिर वो अपना गांड उठा उठा के चुदवाने लगी, मैंने उसको फिर अलग अलग पोसिशन में चुदाई की, और चूच के निप्पल को अपने दांत से दबाता तो वो और भी कामुक हो जाती.

उस दिन मैंने कई बार उसको चोदा उस दिन वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी क्यों की वो काली से फूल बानी थी, उसके चूत में कॅाफ़ी दर्द हो रहा था, फिर शाम को मैंने दर्द की टेबलेट के साथ साथ मैंने गर्भ निरोधक गोली भी खिलाया ताकि वो प्रेग्नेंट ना हो जाये, फिर क्या अब तो मैं रोज उसको चोदता हु,

घर की खूबसूरत नौकरानी की चुदाई

 

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दोस्तों मै सुमित आज मजेदार कहानी बता रहा हु जो की मेरे साथ हुयी वैसे कहानी पढने से पहले आप लोग यह जान ले की मै बहुत खुले विचारो वाला आदमी हूँ और सेक्स के मायने में तो और भी खुला हु मै किसी लड़की से सेक्स कर लू तो मेरी बीवी कभी बुरा नहीं मानती और अगर मेरी बीवी किसी के सेक्स कर ले मै भी बुरा नहीं मानता क्युकी दोस्तों आप लोगो के एक बात पता होना चाहिए अमेरिका भारत से क्यों इतना आगे क्युकी अमेरिका वाले काम को दिमाग में और लंड को चूत में डाल के रखते है और भारत वाले चूत को दिमाग में और काम को लंड पर रख कर चलते है अगर आपको प्रूफ चाहिए तो आप ले लीजिये ओलम्पिक खेल को ही अभी तक एक भी मैडल अपने भारत को नहीं मिला नंबर एक पर अमेरिकन है |


तो दोस्तों बदल जाईये और चुदाई करने के लिए आप वेश्यालय जा कर चोद कर अपनी इच्छा पूरी कर लीजिये पर किसी बेचारी लड़की के साथ जबरदस्ती कभी ना कीजिये जो की हमें अमेरिका वालो से सिखना चाहिए एक बात और अपने अभी तक साल में १ या २ रेप केस अमेरिका में सुनते होगे लेकिन अपने देश को ले लीजिये मुझे लगता है रोज हजारो लडकिया बेचारी बलात्कार की शिकार होती सो दोस्तों आप अभी से अपनी सोच बदलो देश बदलेगा |


हम सभी मिलकर अगर अपने दिमाग से ये सब ख्याल निकल दे तो हमें अमेरिका से आगे जाने में १ साल से ज्यादा का वक्त नही लगेगा | बाते बहुत हो गयी चलिए अब कहानी पर चलता हूँ दोस्तों अभी मुंबई में मेरी पोस्टिंग कुछ महीने पहले ही हुई थी, मैं और मेरी बीवी नताशा एक फ्लैट में रहते थे। मेरी नौकरी ऐसी थी कि मुझे खाली टाइम में इन्टरनेट पर काम करने से ८-१० हजार एक्स्ट्रा इनकम हो जाता था | नताशा मुझे ठीक से सेक्स नहीं करने देती थी।


हमारी नौकरानी का नाम जैनब था, उसकी उम्र ३२ साल के करीब होगी, वह हमारे यहाँ 3 महीने से काम कर रही थी, चूचियाँ उसकी तनी हुई और थोड़ी बड़ी-बड़ी संतरे जैसी थीं। अक्सर मैं अपनी बीवी से नज़र बचाकर, जब वो मेरे कमरे में पौंछा लगाती थी तो उसके ब्लाउज से झांकती हुई चूचियों का मज़ा लेता था। एक दो बार उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा भी था और हल्की सी मुस्कुराहट भी दी थी।


एक दिन मेरी बीवी नताशा नीचे बाज़ार से कुछ सामान लेने गई वो मेरे कमरे में पौंछा लगाने आई और अंगड़ाई लेकर बोली- साहबजी, आज गर्मी बहुत हो रही है !


और उसने अपने ब्लाउज के तीन बटन खोल लिए। नीचे ब्रा वो नहीं पहने थी पूरी चूचियाँ एकदम से बाहर आ गईं। चुचूक आधे से ज्यादा बाहर थे। पौंछा लगाते लगाते वो मुस्कुरा रही थी। जैनब मुस्कुरा कर बोली- बाबू, आप मुझे 200 रुपए दे दो | दोस्तों आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | मेरा लौड़ा पूरा टनटना रहा था, मैं बोला- ठीक है, लो ! और मैं उसे रुपए देने लगा तो उसने जानबूझ कर अपना पल्लू नीचे गिरा दिया। पूरी नंगी होती चूचियाँ मेरी आँखों के सामने थी।


जैनब कामुक मुस्कान दे रही थी, मेरे से रहा नहीं गया, मैंने उसकी चूचियाँ दोनों हाथों से दबा दीं। इतने से उसका आखिरी बटन भी खुल गया। अब पूरी नंगी चूचियां मेरे सामने थी। मैंने कस कर दो तीन बार उन्हें मसल दिया।


जैनब मुझे हटाती हुई बोली- बीबी जी आने वाली हैं, जब मायके जाएँ तब पूरे मज़े ले लेना ! आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो।  दोस्तों आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |


इतना कह कर उसने हल्के से मेरा लण्ड सहला दिया और मेरे होंटों पर एक पप्पी दे दी।


दो हफ़्ते बाद ही मेरी पत्नी को दस दिन के लिए अपने घर जाना पड़ा। अब मैं घर में इतने दिन अकेला था। मेरे मन में जैनब को चोदने का ख्याल पलने लगा।


सुबह सात बजे वो आती थी। बड़ी मुश्किल से मुझे रात में नींद आई।


सुबह छः बजे दरवाजे की घंटी बजी। मैंने दरवाज़ा खोला तो सामने जैनब मुस्कुरा रही थी।

मैंने उसके अन्दर घुसते ही दरवाज़ा बंद कर दिया और पीछे से उसकी चूचियाँ पकड़ लीं।

जैनब हँसते हुए बोली- साहबजी, क्यों परेशान होते हो, आज तो पूरा मज़ा ले लो ! भाभीजी बाहर हैं इसलिए ही जल्दी आई हूँ।

हम दोनों कमरे में आ गए हँसते हुए उसने अपना ब्लाउज उतार दिया ब्रा में बंद दोनों चूचियाँ मेरा लण्ड खड़ा कर चुकी थीं।

उसने कामुक अंगड़ाई ली और बोली- ब्रा का हुक खोलो ना !

मैं पगला रहा था, मैंने उसे बाँहों में भरा और उसकी ब्रा का हुक खोल कर पलंग गिरा दिया। उसकी दोनों बड़ी बड़ी संतरे जैसी चूचियाँ बाहर आ गई थीं जिन्हें मैं पागल की तरह दबाने लगा।

कहानी जारी है ….

छोटी भतीजी की छोटी चूचियां मसल मसल चोदा चाचा ने

छोटी भतीजी की छोटी चूचियां मसल मसल चोदा चाचा ने,bhatiji ki chudai ki kahani

चाचा भतीजी सेक्स, घर का माल, रिश्तों में सेक्स, Chacha Bhatiji Sex Story : हेल्लो दोस्तों मैं हरपाल सिंह खट्टर आप सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से इसका नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

दोस्तों मैं भटिंडा का रहने वाला हूँ। मेरे साथ में मेरे बड़े भैया और भाभी रहते है। मेरी पापा मम्मी गाँव में रहते है। मेरे बड़े भैया के 2 बच्चे थे. लिली और राहुल। धीरे धीरे मेरी भतीजी जवान और खूबसूरत माल होती जा रही थी। अब वो 17 साल की कच्ची कली हो गयी थी। उसका जिस्म अब पहले की तुलना में हॉट, सेक्सी और भरा हुआ हो गया था। मेरा तो लंड बार बार अपनी भतीजी को देखकर फुफकारने लग जाता था। मन करता था की इसका बलात्कार कर डालूं पर दोस्तों जो मजा किसी लौंडिया की चूत प्यार से मारने में होता है जो जोर जबरदस्ती में नही होता। इसलिए मैं अपनी भतीजी लिली को पटाकर चोदना चाहता था। धीरे धीरे मैं अपने काम पर जुट गया। कुछ दिनों बाद उसका 18 वां जन्मदिन मनाया गया।

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मैं भतीजी को एक मस्त स्मार्ट फोन गिफ्ट कर दिया। उसमे मैंने कुछ ब्लू फिल्म भी डाल दी। अब लिली का जिस्म बहुत हॉट हो गया था। उसकी छाती अब बड़ी बड़ी हो गयी थी और उसके बूब्स 34” से भी जादा बड़े बड़े हो गये थे और बिलकुल संतरे के जैसे गोल गोल और रसीले दिखते थे। अक्सर लिली मेरे कमरे में आकर जब झाड़ू लगाती तो उसके टॉप से उसके दूध मक्खन की तरह मुझे दिख जाते।

दोस्तों मेरे तो सोये अरमान जान जाते थे। मन करता था की बस अभी इसको चोद डालूं और अपने 10” के लंड की प्यास बुझा लूँ। पर मैं इन्तजार कर रहा था की सही मौका कब मिले। एक दिन रात के वक़्त मुझे प्रेस चाहिए था जो लिली के रूम में रखा था। उस वक़्त रात के 10 बजे थे। अचानक मैं उसके रूम में घुस गया। मेरी जवान भतीजी लिली मेरे द्वारा गिफ्ट किये गये स्मार्ट फोन में ब्लू फिल्म देख रही थी और “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की तेज आवाजे आ रही थी। जैसे ही मैं अंदर घुसा लिली डर गयी।

“चाचा आपपपप..????” उसके मुंह से निकला। वो जल्दी से फोन को बंद करने लगी पर इसी जल्दी में फोन हाथ से छूट कर गिर गया और फिर वो चुदाई वाली विडियो चलता ही रहा। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ…हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की गर्म गर्म आवाजे एक लड़की विडियो में निकाल रही थी जो चुदवा रही थी। पुरे कमरे में सिर्फ वो सेक्सी आवाज ही गूंज रही थी। लिली का चेहरा लाल पड़ गया। जल्दी से उसने फोन उठाया और बंद किया।

“चाचू प्लीस पापा मम्मी से मत बोलना” लिली बोली

“नही बोलूँगा। भला मैं अपनी भतीजी की बुराई क्यों करूंगा” मैंने कहा और हंसकर मैं प्रेस लेकर लौट गया। धीरे धीरे मेरी भतीजी को चुदाई वाले नई नई विडियो देखने की आदत हो गयी। अब वो इंटरनेट से नये नये विडियो डाउनलोड करने लगी और रोज नये नये विडियो देकने लगी। एक दिन मैं उसे चूत में ऊँगली करते रंगे हाथों पकड़ लिया।

“प्लीस चाचू पापा मम्मी से मत कहना” लिली बोली


मैं समझ गया की अब ये माल चूत आराम से दे देगी। 1 हफ्ते बाद मेरे बड़े भैया भाभी गाँव मेरे पापा को देखने चले गये। मेरे पापा की तबियत खराब थी। अब घर पर सिर्फ मैं और भतीजी लिली ही रह गये थे। उस दिन शाम को घर में बड़ा सन्नाटा था। मैं बहुत थका हुआ था। उस दिन ऑफिस में मुझे बड़ा काम पड़ा था। मैंने 9 बजे ही खाना खा लिया और सो गया। लिली टीवी वाले रूम में टीवी देख रही थी। मैं सो चुका था। रात 2 बजे मेरी नींद कुछ देर के लिए टूटी। “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की तेज आवाजे मैंने सुनी। जब मैं लिली के कमरे में गया तो हैरान रह गया। दोस्तों वो पूरी तरह से नंगी थी और स्मार्ट फोन में चुदाई वाली फिल्म देख रही थी। जल्दी जल्दी वो अपनी बुर में ऊँगली कर रही थी। उसकी रसीली चूत से ताजा ताजा मक्खन निकल रहा था।

साफ़ था की वो मोटा लंड खाना चाहती थी। मैं तुरंत जाकर उसे पकड़ लिया और उसके उपर लेट गया। अपना मुंह मैं भतीजी के होठो पर रख दिया और जल्दी जल्दी मैं उसके गुलाबी होठ चूसने लगा। लिली मान गयी। कहीं कोई मनाही नही। कोई विरोध नही। वो भी मेरे होठ चूसने लगी। लिली ने मुझे बाहों में भर लिया और हम दोनों रासलीला करने लगे। मैंने बनियान और कच्छे में था। क्यूंकि मैं यही पहनकर रात में सोता था गर्मी की वजह से। किस करते करते मेरा लंड मेरे कच्छे में ही खड़ा हो गया। अब दोनों तो एक दूसरे में समाए जा रहे थे। मेरी भतीजी मेरे जिस्म को बार बार सहला रही थी। वो भी अपना मुंह चला रही थी। इधर मैं भी अपना मुंह चला रहा था।

वो मेरे मुंह में अपनी जीभ डालने लगी। मैं जल्दी जल्दी चूसने लगा। लिली की जीभ मुझे पागल कर रही थी। दोस्तों आज मैं उसके जिस्म में उतर जाना चाहता था। उसकी आत्मा में समाकर उसके कसके चोद लेना चाहता था। मैंने भी अपनी जीभ उसके मुंह में डाल दी। उसके बाद तो ऐसा तांत्रिक चुम्बन हम लोगो से किया की उधर लिली की चूत भीग गयी और इधर मेरा लंड कच्छे में ही बहने लगा। मैंने उसके नीचे वाले होठ काट कई बार दांत से काट लिए। अब लिली को तेज सेक्स चढ़ चुका था। वो बिस्तर पर लेट गयी और अपनी चूत में जल्दी जल्दी ऊँगली करने लगी।

“चाचू! आज घर पर कोई नही है। बोलो क्या आप मुझे चोदोगे अपने इस मोटे लंड से???” लिली किसी छिनाल की तरह बोली

मैं खड़ा था। वो जल्दी जल्दी अपनी चूत में मेरे सामने ऊँगली कर रही थी।

“चाचू! प्लीस कुछ तो बोलो। आज लोगे मेरी चूत। तुमको भी मजा मिल जाएगा। इधर मैं भी अपनी चूत की प्यास बुझा लुंगी” लिली बोली

अब देर करना सही नही था। दोस्तों मैं अपना कच्छा उतार दिया। लिली के पैर खोल दिए। जिस गद्दे पर वो लेती थी वो काफी मोटा और नर्म और आरामदायक था। लिली की कमर पकड़कर मैं उसे किसी रंडी की तरह अपनी तरफ खीच लिया। उसके पैर खोल दिए। उसकी चूत में मैंने थूका तो सीधा चूत पर जाकर गिरा। अपना लंड मैंने हाथ से पकड़ लिया और लिली के चूत के दाने पर घिसने लगा। वो“अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की मधुर आवाजे निकालने लगी। मैं 5 मिनट तक अपनी भतीजी को तड़पाता रहा। अपने मोटे 10” के रोकेट जैसे दिखने वाले लंड से उसके चूत के दाने को घिसता रहा। लिली कसकती रही। आखिर वो ग्रेट पल आ गया जब मैं अपनी सगी भतीजी की रसीली चूत में लंड सरका दिया और घपा घप उसे बजाने लगा।

हम दोनों की जन्नत की तरह आनन्द की प्राप्ति होने लगी। हम दोनों चाचा भतीजी भरपूर यौन सुख का मजा लेने लगे। जल्दी जल्दी मैं अपनी भतीजी की बुर चोदने लगा। वो मस्त हो गयी। उसकी हालत, उसका चेहरा ये बताने के लिए पर्याप्त था की वो उच्च स्तर का मानसिक और शारीरक सुख का मजा ले रही थी। दोस्तों आज मेरे घर में बस “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ… यस यस ओह्ह यस चाचा! आज फाड़ दो मेरी रसीली चूत। पेलो और जोर से…ओह्ह यस” की आवाजे आ रही थी। लिली जबरदस्त सम्भोग रत थी। किसी रस्सी की तरह उसका बदन ऐठ और घूम रहा था। मैने उसकी पतली लचकती कमर को दोनों हाथो से कसके पकड़ रखा था। चाहकर भी लिली भाग नही पा रही थी। मैं लम्बे लम्बे शॉट्स उसकी चुद्दी में लगा रहा था। एक एक्सपर्ट मर्द की तरह मैं उसको पेल रहा था। मेरा 10” का लंड उसे भरपूर सुख और चुदाई वाला नशा दे रहा था।

हम दोनों जबर्दस्त तरीके से सम्भोग कर रहे थे। हमारे बेड के पावे चू चू कर रहे थे। लिली की चूत में बवंडर आ चुका था। वो मजे से लंड खा रही थी। मेरी कमर जल्दी जल्दी घूम घूम कर उसे बजा रही थी। दोस्तों आखिर में 16 17 मिनट बाद वो पल आ गया जिसका हम दोनों को इंतजार था। जल्दी जल्दी अनगिनत धक्के के बीच मैंने माल उसकी गुलाबी चुद्दी में छोड़ दिया। मैं स्खलित हो गया। लिली का पेट अब भी मरोड़ खा रहा था। “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाजे अब भी उसके मुंह से निकल रही थी। कुछ देर में वो भी ठंडी पड़ गयी। मैं भी एक किनारे लेटकर सुस्ताने लगा। हम चाचा भतीजी का पहला सम्भोग कामयाब रहा था। हम दोनों को भरपूर मज मिला था।

हम दोनों पसीने में तर हो चुके थे। दोनों हांफ रहे थे। दोस्तों आधे घंटे बाद फिर से हम दोनों तैयार हो गये थे।

“क्यों भतीजी मेरे लंड की सेवा कैसी लगी???” मैंने लिली से पूछा

“मजा आ गया चाचू। अबसे फोन में चुदाई फिल्म देखना बंद। सिर्फ आपका ही मोटा लंड अब मुझे रोज खाना है” लिली शरारती होकर बोली अपना सिर हिलाकर

“अच्छा!…तो आकर मेरा लंड चूसो भतीजी” मैंने कहा

उसके बाद लिली मेरी जांघो को सहलाने लगी। दोस्तों मैं 5’ 10 लम्बा गबरू जवान मर्द था। अच्छी और फिट बॉडी थी मेरी। धीरे धीरे लिली मेरे नंगे जिस्म से खेल रही थी। आज घर पर कोई नही था इसका वो पूरा पूरा फायदा उठा रही थी। धीरे धीरे उसने मेरे लंड को हाथ से पकड़ लिया और उपर नीचे करके जल्दी जल्दी फेटने लगी। वो मजे लेकर से मेरा 10” का लौड़ा चूसने लगी। धीरे धीरे उसे अच्छा लगने लगा। वो जल्दी जल्दी मेरे लौड़े को हाथ से फेट भी रही थी।

मुझे अलग तरह की यौन उतेज्जना महसूस हो रही थी। अब मेरा लौड़े ३ इंच मोटा हो गया था। लिली इसे किसी आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। मुझे मजा आ रहा था। मेरा लौड़ा तो किसी खूटे की तरह दिख रहा था। बिलकुल तम्बू दिख रहा था। लिली इसे अपने मुंह में पूरा अंदर तक गहराई तक लेने लगी और लगन से चूसने लगी। मुझे तो परम आनंद मिलने लगा। अब मेरा लंड बहुत सुंदर और गुलाबी लग रहा था। लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था। लिली की उँगलियाँ उसपर जल्दी जल्दी घूम रही थी और मेरे लंड को फेट रही थी। मुझे आनंद आ रहा था। मैंने उसके सिर को दोनों हाथो से पकड़ लिया और जल्दी जल्दी लेटे लेटे ही उसका मुंह चोदने लगा। उसे तो साँस तक नही आ पा रही थी। मुझे ये सब बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने काफी देर तक मुख मैथुन का मजा ले रहा था। दोस्तों उसके बाद मैंने बिस्तर पर सीधा लेट गया।

“लिली चल मेरे लंड पर आ जा” मैंने कहा

लिली किसी शरारती लड़की की तरफ कूदकर मेरे लंड पर आकर बैठ गयी। फिर उसने खुद ही अपनी चूत में मेरा मोटा लंड घुसा दिया। अभी तो आधे पहले मैंने उसकी चुद्दी की बैंड बजाई थी इस वजह से उसके बुर के होठ पूरी तरह फट कर दाए बाए झूल रहे थे। मुझे खुसी हो रही थी की आज अपनी सेक्सी और खूबसूरत जवान की बुर मैंने फाड़कर रख दी।

फिर लिली मेरे लंड पर बैठ गयी और हल्के हल्के धक्के देने उसने शुरू कर दिए।

“ओह्ह यस!! ओह्ह यस बेबी” मैंने कहा

धीरे धीरे लिली किसी रंडी की तरह मेरे मोटे लंड पर कूदने लगी। वो तेज तेज उचल रही थी। उसके बाल खुल गये थे और तेज तेज हवा में उछल रहे थे। लिली का गोरा महकता जिस्म मेरे सामने था। जब वो जल्दी जल्दी कूद रही थी उसकी 34” की चूचियां इधर उधर डांस कर रही थी। मुझे मजा आ रहा था।

““……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” लिली पागलो की तरह चिल्ला रही थी। फिर मैं भी नीचे से धक्के मारने लगा। लिली की कमर को मैंने दोनों हाथों से पकड़ रखा था। कुछ देर बाद उसकी कमर अपने आप घूम रही थी। मुझे कुछ करना नही पड़ रहा था। भतीजी अपने आप चुद रही थी। मेरा लंड उसकी रसीली बुर में उसी तरफ से बुरी तरफ फंस गया था जैसे कुतिया की चूत में कुत्ते का लंड फंस जाता है। हम दोनों दो जिस्म एक जान हो गये थे। लिली मेरे लंड की सवारी कर रही थी। डिस्को डांस कर रही थी। वो मटक मटक कर चुदवा रही थी। उसके बाद दोस्तों वो झूला झूलने लगी।“..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा चाचू मजा आ रहा है। करते रहो। प्लीस अभी झड़ना मत…. ऐसा बोलने लगी।

मैंने उसकी संगमर्मर जैसी चूची को कसके हाथ में भर लिया और सहलाने लगा। फिर मैं धीरे धीरे दबाने लगा। लिली मचल मचल कर चुदाने लगी। उसकी आँखों बंद थी जैसे चुदाई वाली कोई पूजा या प्रार्थना कर रही हो। मैंने उसके रूप और खूबसूरती का रस अपनी आंखों से पी रहा था। दोस्तों जबकि दूसरी तरह उसकी रसीली चूत का रस मेरा लंड पी रहा था।

वो मेरे लंड पर कसरत कर रही थी। झुला झूल रही थी। आखिर में 35 मिनट के सम्भोग के बाद हम दोनों साथ ही स्खलित हो गये। लिली मेरे उपर गिर गयी जैसे युद्ध में उसे गोली लग गयी हो। वो जोर जोर से “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” बोलकर हांफ रही थी। मेरे सीने पर दो धडाम हो गयी। उसकी नर्म नर्म चूचियां मुझे जन्नत जैसा मजा दे रही थी। मैं प्यार से उसकी नंगी पीठ सहलाने लगा।

“मेरी बच्ची!! मजा आया चाचू का मोटा लंड खाकर?? बोलो भतीजी मजा आया की नही

“बहुत मजा आया चाचू” लिली बोली

दोस्तों अब मेरी भतीजी मुझसे पूरी तरह से पट चुकी है। जब मन करता है मैं उसे बता देता हूँ और उसके रूम में जाकर रात में उसे मैं चोद लेता हूँ।

Fufa Ji Ke Khade Lund Ki Malish Ki

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Mai village me rehti hu aur meri bua ki tabiyat kharab hone ke kaaran mai unke ghar gayi thi. Kuch din ke liye hi aur is bich mere phuphaji ke saath sex sambandh ho gaye. Baat darhasal ye hai ke phuphaji ki job delhi me thi. Isliye woh waha shift ho gaye. Teen Girl Suck Dick

Aur waha bua ki tabiyat kharab ho gayi thi, kyuki waha ka mousam yaha ke mousam se alag tha. Shayad isliye bua ki tabiyat kharab hui hogi, isliye phuphaji ne ma se kaha tha. Ke kuch din ke liye Saumya (Mai) ko yaha bhej do aur fir aisa huwa.

Mai pahuch gayi delhi par use pehle mai apne ghar aur village ke baare mai bata du. Humare ghar hum 5 family members mai, mera chota bhai, choti behan, maa aur baap. Mai 5 class pass hu, woh aage nahi pad saki ghar ke halat kuch aise the.

Par mai apne bhai behan ko khub padhana chahti thi. Isliye mai logo ke ghar jaakar aksar kaam karti thi, ghar acha chal raha tha. Waise maine ek baat note ki thi, ke log mujhe ghur ghur kar dekhte the. Meri big boobs the aur meri gaand bhi badi thi, woh mujhe pehle pata nahi tha ke woh kya dekhte hai.

Aur mere boobs aur nipples saaf dikhte the. Kyuki humare yaha ladkiya bra nahi pehanti thi. Srif andar slip pehanti thi, banyan jaise aur niche kuch nahi, sirf salwar. Meri life thik chal rahi thi aur achanak ek mod aaya jisse meri puri life hi change ho gayi.

Woh the mere phuphaji Santosh jisne meri life change kardi. Mai unke baare me bata deti hu, woh meri bua Seema ke pati hai. Bua ki age thi 31 saal aur figure 32.30.32 aur phuphaji ki umar 34 saal hai. Unka ek beta hai jinka naam Sunny hai, age 7 saal.

Waise phuphaji kaafi handsome hai, body bhi kaafi achi hai, height 5.8, weight 67 kg aur haan ek aur baat, unka samaan 7 inch lamba aur 4 inch mota hai. Mujhe bahut dard huwa unka lund apni chut me lene ke liye. Ab kahani par aati hu, baat darsal bua ki shadi ke kareeb 8 saal baad ki hai.

Phuphaji ek teacher hai to unki duty change hoti rehti hai, is baar unki duty delhi me change hui. Aur uper se bua ki tabiyat kharab ho gayi to phuphaji ne ma se kaha ke Seema ki tabiyat kharab ho gayi hai isliye kuch din ke liye yaha bhej do.
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Mai yeh sunte bahut khush hui thi, bua ke ghar jaana hai. Aur mujhe phuphaji ka ek dost lene aya mai uske saath chali gayi bua ke ghar. Bua ka ghar ek luxury flats 5th floor par 2bhk ka kaafi mast tha. Unke ek room me computer bhi tha, mujhe bahut shok tha computer sikhne ka.

Mai bua ke ghar ponch gayi, phuphaji ghar par nahi the. Bua andar thi mujhe dekh kar bahut khush hui, aur fir maine bua ko tea bana kar di. Aur dophar ka khana bhi banaya, phuphaji ne bahut taarif ki khane ki. Aur raat ka dinner bhi maine banya tha.

Mujhe phuphaji ne ek room de diya tha. Waise ek room unka extra tha aur us room me computer bhi tha, jo phuphaji chalate the. Raat ko mai so jaati thi, par phuphaji baithe hote the computer par. Kuch din guzar gaye, mai bua ka kheyal rakhti thi. Unko dawai khilana khana khane ke baad, unki dekh baal karna aur sath me phuphaji ka bhi khayal rakhti thi.

Aur phuphaji mere ghar paise bhi bhejte the money order karke. Is bich maine dekha tha ki phuphaji mere boobs ko gor se dekhte hai. Mai ignore kar deti thi, shayad aise hi hoga isliye mai jyada tar dhyan nahi deti thi. Kuch hi dino me phuphaji se frankly hone lagi pata nahi kyu. Ek din phuphaji mere liye kuch kapde le kar aye-

Phuphaji – Saumya yeh tumhre liye kuch kapde le kar aye hu, tum aaj ye new kapde pehna karna thik hai.

Mai – Thik hai phuphaji.

Aur mujhe se kaha jao inme se ek dress pehan kar dekhlo aur fir inme jitne tumko ache lage utne rakhlo. Fir kaha mujhe bhi dekhna hai tum in dress me kaisi lagti ho. Mai kapdo ka thela utha kar room mai le gayi andar ja kar maine thela khola.

Andar bahut ache ache dress the, jaise salwar kameez, patiala dress, saree, jeans top, aur do jodi bra panty bhi thi. Jo mujhe kaafi hot lag rahi thi, ek red colour ki aur black colour ki, mujhe dono bahut pasand aayi. Maine apne kapde utare aur maine salwar kameez uthaya, kyuki humare waha jyadatar salwar kameez pehnte hai.

Mai ne pehle panty pehni aur fir salwar pehan kar nada banda. Ab maine bra uthai, par mujhe bra pehanna nahi aata tha. Par fir bhi maine bra daali, aage se to fit ho gayi par piche se mai huk nahi daal saki. Mere muh se awaz nikal gayi. Ki phuphaji zara andar to aao… are ye kya bol diya maine! Woh andar aa gaye-

Phuphaji – Kya huwa Saumya??

Mai unke saamne bra aur salwar pehne khadi thi, woh mujhe aise dekh kar bole-

Phuphaji – Wow Saumya kya figure hai tera, mera lund khada ho gaya!

Mai dhire se boli – Phuphaji…

Itne mai woh bole-

Phuphaji – I’m very sorry Saumya, bolo kyu awaz di thi mujhe?

Mai – Okay koi baat nahi, woh aap meri bra ka huk laga denge? Mujhe nahi aata lagana.

To fir phuphaji ne mere piche jaldi se aa kar jaise huk pakad kar daalne lage, tabhi huk toot gaya aur meri bra niche gir gayi. Mai jhat se unki taraf hui aur boli yeh aapne kya kiya! Meri bra ka huk tod diya. Unki Nazir mere nange boobs par thi, mai bhool gayi thi ki meri bra niche gir gayi hai.

Mere boobs nange ho gaye hai, jo phuphaji ghur ghur kar dekh rahe the. Tabhi kisi ki aane ki awaz aayi to mai aur phuphaji darwaze ke piche chup kar khade ho gaye. Mere boobs phuphaji ke seene se chimte huwe the. Aur unka khada lund meri salwar ki bich mai meri chut ko touch ho raha tha.

Meri dil ki dhadkan tez ho gayi thi, meri saanse fullne lagi thi, aisa mere sath pehli baar huwa tha. Lund bahut hard tha aur kaafi lamba aur mota lag raha tha. Meri chut ke hont ko daboch raha tha Phuphaji ka lund. Mai garam hone lagi thi itne me aur meri chut bhi geeli ho gayi thi.

Aur fir phuphaji dusri bra pehana kar chale gaye. Ab mujhe phuphaji se bahut sharam aane lagi thi, mai unse nazre nahi mila paa rahi thi. Mai unse baat karte waqt mera sir niche jhuka huwa hota tha. Aur fir ek baar phuphaji computer off karna bhool gaye the.
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Mai uthi to dekha computer on tha, pehle socha off kar du. Par maine off nahi kiya aur jaise mouse ko haath lagaya to samne porn movie chalu ho gayi. Ek ladki apni chut me ungli kar rahi thi aur dusare hath se apne boobs ko masal rahi thi. Yeh dekh kar mai bhi garam hone lagi aur na jane kab mera hath bhi meri chut par chala gaya.

Aur apni salwar ka nada khol kar mai bhi apni chut mai ungli karne lagi. Mujhe bahut maza aane laga aur tez se ungli karne lagi mai aur muh se ahhhh ahhhh ahhhh ahhhh ki awaaz nakal ne lagi. Aur boobs bhi dabane lagi thi, jab meri chut se paani nikla tab mai shant hui.

Fir us din se akasar mai apni chut mai ungli karti thi. Kabhi bathroom me to kabhi room me computer chalate huwe. Ek baar phuphaji ke jaane ke baad maine computer on kar ke dekha to usme phuphaji ki video thi. Jisme woh muth maar rahe the, unka lund kaafi bada lag raha tha.

Maine socha nahi tha ki phuphaji ka lund itna bada hoga, woh us din mujhe mehsus to huwa tha ki phuphaji ka lund bada hai. Par video me to kaafi jyada bada lag raha tha. Video dekh kar mai bhi garam ho gayi thi. Aur maine phuphaji ko muth maarte dekh kar mai khud bhi apni chut me ungli daal kar muth maarne lagi.

Kareeb 20 mint baad meri chut ne apna paani chor diya. Aur mai apni chut ko saaf karke bed par so gayi. Subha bua aur phuphaji ko nahsta aur tea di aur khud bhi nashta kiya aur fir bua ko unki dawai di. Fir saare bartan done chali gayi, last mai jab mai bathroom gayi to maine dekha mera ek photo tha. Jis par safed rang ka kuch laga huwa tha.

Woh baad mai pata chala woh cum tha phuphaji ke lund ka. Kaafi ghada tha ghudh jaisa aur chip chipa bhi. Maine kapde se meri photo ko saaf kiya aur wahi chor diya. Mai bahar aa gayi fresh ho kar aur dusre din meri panty me cum tha.

Ab mujhe shak ho raha tha, ki ye phuphaji karte hai aur mai note karne lagi phuphaji ke upar. Maine ek baar dekha phuphaji meri panty apne lund par lapet kar muth maar rahe the. Maine pehli baar real mai lund dekha tha. Woh bhi phuphaji ka aur aise to bahut mota aur lamba lag raha tha.

Uske baad phuphaji mere saath kaafi ashlil harkat karne lage the. Mai unko ignore kar rahi thi par woh nahi ruk rahe the. Kabhi mere kandhe par hath maarte kabhi gaal toh kabhi piche gaand par. Kabhi kabhi to saamne se aate aur jan bhuj kar takar marte. Jisse unka lund sidha meri chut ko touch hota.

Mai chup hi rehti thi. Aisa kaafi din tak chalata raha. Mai na na bolti par woh meri ek nahi sunte aur woh aise harkat karte rahte the. Aur sach kahu to mujhe bhi achi lagti thi unki ye harkato se mujhe maza aata tha.

Matlab hum dono karna chahte the bus ek dusre ko bata nahi paa rahe the. Fir ek din phuphaji ne hi start kiya. Unhone raat ko khana khane ke baad hum apne apne room mai chale gaye. Aur fir phuphaji mere room mai aye aur mujhe se kaha ki-

Phuphaji – Saumya aaj bahut kaam tha, mai thak gaya hu, tum mere per (legs) thode daba do.

Mai- Thik hai phuphaji.

Aur fir mai unke per dabane lagi. Woh aste aste upar aur thoda upar aur upar tak… Aise karte karte mere hath phuphaji ke lund ko touch karne laga. Woh aste aste tight hone laga, phuphaji ki ankhe band thi.

Maine apna hath aur thoda aaghe badaya to phuphaji ne mera hath khich liya apni taraf. Ab mere hath me poora lund tha phuphaji ka bahut garam tha. Mai unka lund sehlane lagi, unke muh se halki halki se ahhhh ahhh ki awaaz nikal ne lagi. Maine thodi speed bada di. “Teen Girl Suck Dick”

Ab mai muth marne lagi unka lund hath mai pakad kar. Kareeb 10 mint baad unke lund ne mere hath mai pichkari chor di. Mera haath ganda ho gaya aur fir phuphaji uth kar chale gaye. (Next day) Khana khane ke baad sone ke time-
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Phuphaji – Saumya kal raat ko tumne mujhe maza diya, aaj raat mai tum ko maza dunga.

Mai – Thik hai.

Aur phuphaji mujhe masage karne mera matlab meri taange ko dabane lage. Aste aste upar hote hote meri jhange tak aa gaye aur last me meri chut par hath rakhte hue bole-

Phuphaji- Are Saumya yeh kya teri chut par to bahut baal hai. Kya tu chut ke baal saaf nahi karti kya? Ya tujhe ache lagte hai chut par baal?

Mai – Woh humare yaha aisa kuch koi nahi karti. Aur meri jitni saheliya thi un sabki chut par baal the.

Phuphaji bole – Thik hai koi baat nahi, tu kal mere sath chalna.

Fir phuphaji ne mera body massage kiya aur meri chut se paani nakala. Aur fir phuphaji chale gaye apne bedroom me aur mai wahi room me so gayi. Subha phuphaji mujhe apne sath ek beauty parlour me le gaye.

Waha usne pehle wax kiya poore jism ka, chut ka bhi aur mere hair wash bhi kiye sir ke. Aur makeup bhi kiya acha khasa, phuphaji ke hosh udd gaye mujhe dekh kar. Fir hum ghar aa gaye, ab phuphaji se control nahi ho raha tha. “Teen Girl Suck Dick”

Ab jab mai akeli hoti to mere piche aa jaate aur mujhe apni bahon me lete aur chuma chaati (kissing) karte rehte the. Ek baar dophar ko mai bathroom me naha rahi thi. Apne jism par sabun laga kar masal rahi thi, boobs aur chut bhi. Achanak se phuphaji aa gaye.

Mai – Phuphaji aap andar kaise aye bathroom ka door to lock tha..?!

Phuphaji – Mujhe lock kholna aata hai aur mai tumhare liye abhi ghar aya tha. Maine Seema se pucha to boli tum nahane gayi ho. Isliye mai bhi aa gaya nahane tumhare sath.

Mai – Thik hai.

Aur fir phuphaji ne mere boobs dabane lage, mere samne khade the aur meri chut par apna lund set kiya. Dhire dhire dhakka maarne lage,  aur lund ka topa meri chut mai ghus gaya. Bus aur aage lund nahi jaa raha tha, lund baar baar fisal raha tha.

Fir phuphaji ne mujhe diwar ki taraf kar diya aur mere piche se meri chut mai apna mota lund gusane lage. Par lund fir bhi fisal raha tha. To phuphaji ne pehle apni ek ungli daali meri chut aur andar bahar karne lage kaafi der tak. Mere muh se ahhhh ahhhh ahhhh ki siskiyan nikal rahi thi.

Phuphaji ne ek sath do ungliya daal di mere muh se jor ki chikh nikal gayi ahhhhhhh…. Aur phuphaji ne apni ungliya nikali aur meri chut pe thoda sa thuk lagaya aur fir apna lund meri chut par set kiya aur ek jor ka jhatka maara. “Teen Girl Suck Dick”

Lund adha ghus gaya, mujhe kaafi dard huwa. Kyuki maine pehli baar apni chut me lund liya tha. Aur fir phuphaji lund ko meri chut mai gussate gaye. Dhakke maarte maarte pora lund ghusa diya meri chut me.

Mere muh se to ahhhh ahhhh ahhhh ahhhh ohhhhh uffff aaahh ki siskiyan nikal rahi thi. Kareeb 7 se 8 mint tak aise Phuphaji ne dhakke maare meri chut me. Aur fir lund bahar nikaal kar mere muh me daal diya aur bole-

Phuphaji-  Ab Saumya mere lund ko apne muh me le. Mai tumhare muh me jhadna chahta hu.

Mai – Thik hai phuphaji.

Fir mai unka lund chusne lagi aur kuch hi der me unhone mere muh me apna paani chor diya. Fir hum dono fresh ho kar bathroom se bahar aa gaye. Mujhe phuphaji ne kaha ki raat ko bhi taiyar rehna, hum full sex enjoy karenge.

Aur fir huwa yeh ke bua boli ke aaj se mai unke sath unke bedroom mai soya karu. Aur mujhe aisa hi karna pada, mai bua ke sath soi thi ek taraf aur dusri taraf phuphaji soye the. Thodi der baad phuphaji meri taraf aa gaye aur mere boobs ko dabane lage.
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Mere upar chadh gaye aur kissing bhi karne lage, aur meri salwar ka nada khol kar niche kardi aur meri panty bhi nikal di. Aur jhat se apna lund meri chut daal diya aur ghapa gap mujhe chodne lage. Mai dar rahi thi kahi bua jag na jaaye aur mujhe bahut maza aa raha tha.

Mai bade maze se phuphaji ke sath chudai kar rahi thi, aur fir hum 69 ki position mai aa gaye. Woh meri chut chatne lage mai unka lund chusne lagi. Kareeb 7 mint baad phuphaji ne mere muh me jadh gaye. Aur meri chut unke muh me paani chor diya.

Hum dono fir shaant ho gaye aur so gaye bua ke sath hum dono. Subha sawre me fresh hone chali gayi kyuki meri chut mai phuphaji ka maal tha. Aur fir mujhe nashta bhi banana tha, aur friends yeh phuphaji bahut bade kamine hai. “Teen Girl Suck Dick”

Jab bhi mujhe dekhte hai, chodne lag jaate hai. Par unke lund se mujhe bahut maza aata hai. Mai bhi unse chudai kare bina nahi reh sakti hu. Achanak se phuphaji ne mujhe piche se pakad liya. Woh nange the aur mai bhi nangi thi.

Phuphaji – Oh my darling Saumya, mujhe pata hai tum ko abhi mera lund chahiye apni chikni chut me.

Mai – Oh acha haan!

Aur fir phuphaji mere samne aa gaye aur ghutno ke bal baith kar meri chut ko apni jheeb se chatne lage. Mai aise kaafi garam ho gayi thi. Mere boobs hard ho rahe the, meri chut paani chorne lagi thi. Phuphaji to jor jor se meri chut ko chat rahe the, meri chut ab bahut geeli ho gayi thi. Ab mujhe meri chut mai phuphaji ka lund chahiye tha. Fir phuphaji uthe aur jhat se apna lund meri chut me gusa diya.

Phuphaji – Saumya mujhe nahte huwe tum ko chodna bahut pasand hai, waise tum ko maza aa raha hai na?

Mai- Haan mujhe bahut maza aa raha hai, aapka lund poora gus raha hai meri chut me. Aur jor se dhakke maaro phuphaji aur jor se ahhhh ohhhhhh uffff aaahh ohhhh bahut maza aa raha hai.

Ahhhh ahhhh ahhhh ohhh phuphaji ahhhhhhh ahhhhhhh ohhh ufffff kya chudai karte ho ap phuphaji ahhh karte raho. Ab mai jadhne waali thi aur phuphaji bhi meri chut me jadh gaye. Aur fir hum dono ek sath fresh ho bahar aa gaye. Humne sath me nashta kiya, bua ko bhi nashta diya. Fir mai kitchen me chali gayi to mere piche piche phuphaji aa gaye. “Teen Girl Suck Dick”

Woh mujhe piche se hug karne lage, kising karne lage – Phuphaji aap ko kaam par nahi jaana kya aaj?

Phuphaji – Saumya abhi time pada hai kaam par jaana ke liye. Isliye mai ek baar aur karna chahta hu.

Mai – Ab kya karu phuphaji ka mai, aap mujhe kal raat se chod rahe ho. Apka mann abhi tak nahi bhara meri chut se.

Phuphaji – Haan Saumya mera mann nahi bhara aur tumhari jaisi chut baar baar kaha milti hai. Aur mujhe pata hai mai tum ko jitni baar chodna chahuga tum mujhe chodne dogi.

Mai – Haan phuphaji, mujhe aap ka lund bahut pasand hai isliye na nahi bol paati hu.

Aur fir phuphaji ne meri salwar aur panty utaar di aur meri khameez upar karke meri chudai karne lage. Ahh ahh ahh ahh ohhh ufffff Phuphaji aur jor se karo mujhe bahut maza aa raha hai. Karte raho meri chudai meri chut apke lund ki bahut paysi hai. “Teen Girl Suck Dick”

Phuphaji – Haan meri jaan tumhari chikni ras bhari chut bahut tasty hai. Mera lund thakta nahi tumhari chudai karte karte.

Mai – Oh ho aahhhh….

Kareeb 15 mint tak phuphaji ne kitchen me meri non stop chudai ki aur fir kaam par gaye. Waise phuphaji ke sath 3 se 4 baar chudai kar chuki thi, jiske kaaran meri chut laal ho gayi thi. Aur soojan bhi ho gayi thi, par mann to mera bhi nahi bhara tha chudai se.

Ab bua ki tabiyat bhi kuch thik ho gayi thi, woh khud uthne chalne lagi thi. Yaha tak ke kitchen me aa jaati thi khana banana ke liye aur mujhe se kaha tha ab tumko ghar bhejna hai. Kyuki ab mai thik hu. Mai kuch nahi boli bua ko bus chup chaap khadi thi.

Mujhe ghar nahi jaana tha, woh ab meri aadat pad gayi thi phuphaji se chudai karne ki isliye. Aur subha ke time bus bahar kam kahi gayi hui thi, aur fir na jaane kaha se phuphaji ghar aa gaye. Woh aate hi mujhe apne bedroom me le gaye. Mujhe kaafi garam lag rahe the. Aur phuphaji ne mere kapde utaar diye aur mere boobs nipple chusne lage. “Teen Girl Suck Dick”

Ahhhh ahhhh ufffff ohhhhhh phuphaji chuste raho mere boobs ko aur jor jor se dabao… Aaj woh mujhe toot pade the aur khud bhi nange ho gaye, ab hum dono ekdum nange the ek dusre ke saamne. Mai unse boli phuphaji aap itni jald baazi kyu kar rahe ho? Mai apse pyar se chudwana chahti hu.

Phuphaji – Are Saumya teri bua kisi bhi waqt aa sakti hai. Isliye humko jo karna hai woh jaldi jaldi kar lete hai, fir kabhi moka mile na mile.
Kamukata Hindi Sex Story : Dick Sucking Ki Training Bhi Di Office Wali Ragini Ko

Mai – Acha thik hai.

Aur fir mai phuphaji ka lund apne muh me le kar chusne lagi ahhhh lund kaafi tasty lag raha tha. Mai kulfi ki tarah unka lund chus rahi thi. Woh kaafi tadap rahe the aur fir phuphaji ne jhat se mujhe doggy style me kar diya. Aur meri chudai karne lage ahhhh phuphaji dhire dhire karna mujhe dard ho raha hai.

Phuphaji – Mai kya karu tumhari chut bahut geeli hai isliye mera lund jor jor se andar bahar ho raha hai.

Mai – ahhhh ahhh ab maza aa raha aur karo karte raho…. ahhhh ahhhh ahhhh ufffff ohhhhhh phuphaji ahhh bahut maza aa raha hai!!

To phuphaji aur jor jor se dhakke marne lage mujhe woh dhakke bhaut maza de rahe the. Aur fir hum ne ek dusre ko kas ke pakad liya kyuki ab hum dono jhadne waale the. Kuch hi der me hum dono shaant ho gaye aur fir fresh hone chale gaye. Hamare fresh hone ke kich hi der baad bua bhi aa gayi.

मासूम आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून का बहाव हो रहा था

मासूम आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून का बहाव हो रहा था


मासूम आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून का बहाव हो रहा था हिंदी सेक्स स्टोरी : हेल्लो दोस्तों  मेरा नाम रणबीर कपूर है और मैं मुंबई का रहने वाला हूं. आप सब लोग तो वैसे भी मेरे बारे में सभ जानते है की मै कितना बड़ा बॉलीवुड एक्टर हूँ. मै हिंदी फिल्मो में काम करता हूँ. दोस्तों मैंने अभी अभी बॉलीवुड की फिल्म एक्ट्रेस आलिया भट्ट को सेट करा है और मेरी यह हिंदी सेक्स स्टोरी आलिया भट्ट की चुत चुदाई की ही है मै उम्मीद करता हूँ के मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी पड़ कर आप सभी को बहुत मजा आयगा…

जब मैं मासूम सेक्सी माल आलिया भट्ट से पहली बार मिला तो उससे मेरी उतनी बात नहीं हो पाई थी लेकिन हम लोगों की मुलाकात एक दो बार हुई तो मुझे जवान और सेक्सी माल आलिया भट्ट अच्छी लगने लगी वो बहुत ही मासूम और सेक्सी लड़की है मै समझ गया की इसको चुदाई के लिया सेट करना बहुत आसन है।
मासूम आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून का बहाव हो रहा था हिंदी सेक्स स्टोरी

फिल्म स्क्ट्रेस आलिया भट्ट का व्यवहार भी बहुत ही अच्छा है। कुछ दिनों तक हमारी फेसबुक पर बाते होने लगी फिर हम एक दुसरे को फ़ोन करने लगे और घंटो घंटो बाते करते. आलिया भट्ट भी मेरी तरफ आकर्षित हो रही थी मै समझ गया था की अब वो दिन दूर नहीं जब ये मासूम आलिया भट्ट मेरे बिस्ता पर मेरे निचे होगी और मै इसकी चुत में अपना लंड डाल कर इसे एक धंधा करने वाली रंडी की तरह चोद रहा होऊंगा.

फिर एक दिन मैंने आलिया भट्ट से अपने प्यार का इजहार कर दिया बदले में उसने भी मुझे I Love You बोला. फिर हम दोनों ने मिलने का प्लान बनाया मैंने होटल के एक कमरा बुक करवा लिया, उसी दौरान आलिया भट्ट मुझे मिली उस कमरे में आई आलिया भट्ट और मैं साथ में बैठे हुए थे हम दोनों आपस में बात कर रहे थे। मैंने आलिया भट्ट से कहा कि मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं तो वह मुझसे कहने लगी की रणबीर मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं।


फिर मैंने मासूम सी आलिया भट्ट मे सेक्स करने की उत्त्जेना जगाने के लिये  उसके हाथों को अपने हाथों में लिया और उसके हाथों को मैं अच्छे से चूमने लगा। मुझे मासूम सी बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट के साथ यहा सब करते हुए बड़ा अच्छा लग रहा था वह उस दिन बहुत ज्यादा सुंदर भी लग रही थी मैंने सेक्सी आलिया भट्ट से कहा कि क्या हम लोग आज साथ में समय बिता सकते हैं। मासूम आलिया भट्ट कहने लगी ठीक है फिर वह मेरे साथ आ गयी और  मेरे साथ मेरी कार में बैठी.

मैंने सेक्सी और हॉट माल आलिया भट्ट के गुलाबी होठों को अपने मुह में लेकर चूमना शुरू किया तो उसे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने मासूम आलिया भट्ट के होठों का रसपान काफी देर तक किया उसके अंदर की सेक्स करने की गर्मी बाहर निकलने लगी तो वह मुझे कहने लगी हम दोनों को कहीं चले जाना चाहिए। मैंने अपने दोस्त को फोन किया तो उसने मुझे कहा तुम मेरे फ्लैट में चले आओ रात को मैंने उससे उसके फ्लैट की चाबी ली और उसके फ्लैट में चली गए.

वहां पर एक बैड लगा हुआ था। उसमें हम दोनों लेट गए मैंने सेक्सी और गरम माल आलिया भट्ट के रसीले लाल लाल होठों का फिर से रसपान करना शुर कर दिया। यहाँ भी देखें: दिवाली की सफाई के दौरान मोटा लंड भाभी की गांड में डाल दिया थोड़ी देर बाद मासूम सी आलिया भट्ट एक रंडी बन चुकी थी फिर मैंने उसके सारे कपडे उतारे और आलिया भट्ट को बिलकुल नंगी पुंगी कर डाला.

मैंने जब आलिया भट्ट का नंगा शारीर देखा तो मेरे अंदर सेक्स करने की उत्तेजना और भी बढ़ गई मैंने करीब पांच मिनट तक उसके दोनों छोटे छोटे बोबो को अपने मुह में लेकर चूसा फिर उसकी चिकनी वर्जिन चुत पर अपने लंड को लगा दिया और उसकी गीली हो चुकी चूत के अंदर अपने लंड को मैंने जैसे ही घुसाया तो वह चिल्लाने लगी।

मेरा लंड आलिया भट्ट की कुँवारी चुत के अंदर बच्चे दानी तक जा चुका था मैं उसकी चुत में अपने 9 इंच लम्बे लंड से बड़ी तेजी से धक्के देने लगा। उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत मजा आता मैं लगातार उसे तेजी से धक्के दिए जाता जिससे कि उसके अंदर की उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ जाती और वह मेरा साथ बडे अच्छी तरीके से देती। आलिया भट्ट की चुत से खून का बहाव हो रहा था वो दर्द के मारे जोर जोर से रो रही थी.

आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून निकलता देख मुझे और भी ज्यादा मजा आरहा था। आलिया पहली लड़की नहीं थी जिसकी चुत चुदाई के वक्त वर्जिन चुत से खून निकल रहा था बल्कि मै तो हर लड़की को ही इतना बुरा चोदता हूँ की उनकी गांड और चुत से खून निकल आता है. यहाँ भी देखें >> कुँवारी ट्यूशन टीचर की वर्जिन चूत फाड़ कर खून निकाला दोस्तों जो भी लड़की मेरे साथ सेक्स करती है उसकी चुत से खून का बहाव होना आम बात है मेरा लंड है ही इतना बड़ा के वो लडकियों की चुत को फाड़ते हुए उनकी बच्चे दानी तक चला जाता है.

मैंने सेक्सी आलिया भट्ट के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया और लगातार तेजी से धक्के मारने लगा .  चुत चुदवाते चुदवाते उस रंडी के मुंह से गन्दी गन्दी मादक आवाजे निकल रही थी जिससे मेरे अंदर उसे चोदने की उत्तेजना और भी ज्यादा बडती जा रही थी।

हम दोनों ही पूरी तरीके से जोश में आ चुके हैं मेरा वीर्य जैसे ही आलिया भट्ट की वर्जिन चुत में गिरा तो हम दोनों अपार सुख की अनुभूति हुई। मैंने उसे गले लगा लिया उस रात हम दोनों एक साथ नंगे ही लिपट कर सोये. मेरे 9 इंच लम्बे लंड से आलिया भट्ट बहुत खुश थी आलिया भट्ट ने सुबह उठकर मेरे 9 इंच लम्बे लंड को अपने हाथ से हिलाया और मेरा मुठ मारा जिस कारण मेरा लंड दोबारा से उसकी चुत में गुसने को खड़ा हो गया.

फिर वो मुझसे बोलने लगी की मेरी चुत की झिल्ली तो खुल चुकी है अब मेरी वर्जिन गांड की झिल्ली भी खोल दो रणबीर.  फिर मैंने वर्जिन आलिया भट्ट को गांड मारने के लिये उलटा करा वो फटा फट अपनी गांड मरवाने के लिये नंगी ही मेरे सामने घोड़ी बन गयी फिर मैंने उस कुंवारी लड़की की गांड में अपना लंड डाल कर करीब बीस मिनट तक उसकी टट्टी से भरी गांड मारी उसे भी मेरे लंड के अपनी गांड मरवाने में बहुत मजा आ रहा था.

चुदवाते चुदवाते मासूम सेक्सी आलिया भट्ट जोर जोर से चिल्ला रही थी फ़क मी रणबीर … ओह.. माय गॉड… माय प्ले बॉय रणबीर.. फ़क मी… आह… आह… फिर मेरे लम्बे और मोटे लंड ने उस कुंवारी लड़की की गरम गांड में अपना गर्म गर्म वीर्य चोद दिया फिर मै निढाल होकर नंगा ही आलिया भट्ट के उप्पर लेट गया. अब हमारा सेक्स ख़त्म हो चूका था और आलिया भट्ट अपनी वर्जिन चुत की झील्ली मेरे वर्जिन लंड से फड़वा कर अपना कोमार्य भंग करवा चुकी थी.

उसके बाद नंगी आलिया भट्ट वोशरूम में चली गयी और तैयार हो कर आयी फिर मैंने आलिया भट्ट को उसके घर पर छोड़ दिया। उस दिन आलिया भट्ट मेरा 9 इंच लम्बा लंड अपनी गांड और चुत में डलवा कर बहुत खुश थी अब हम बहुत जल्द शादी करने वाले है शादी के बाद तो मै रोज आलिया भट्ट को रंडी की तरह चोदा करूँगा बहुत मजा आयगा…

चुकून ठोकली रघूची गोलाकार सेक्सी गांड

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मी आणि राजू रिलेशन मध्ये होतो। खूप वर्ष रिलेशन मध्ये असल्याने आम्हाला बरोबर माहीत होते कि आम्हाला काय हवे आहे ते। मी तर राजू ला असा काही ठोकत असे कि काही विचारू नका। त्याच्या मदमस्त फिगर चा कर्ता धर्ता खरे बघायला गेले तर मीच होतो। त्याच्या सिंहकटी कमरेला बघून मी आज पण वेडा होतोच होतो। त्याची ती गोलाकार गांड म्हणजे माझ्यासाठी पर्वणीच असायची।

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तो आणि मी एकाच रूम वर राहत असे आणि त्यामुळे मला पाहिजे तेव्हा मी त्याला उपभोगू शकत असे। अगदी मी कधीही ऑफिस मधून आलो तरी तो माझ्या सेवे साठी तत्पर तयार असे। त्यामुळे खूप वेळा तर मी त्याला मध्यरात्री आल्यावर देखील उठवून ठोकून काढले होते आणि आज देखील खूप वेळा मी तसे त्याला उठवत असे। पण कधी कधी तो खूपच थकला असेल तर तो उठत नसे।



पण याचा अर्थ असा नव्हे कि मग तो मला उपभोगू देत नसे त्याला। अश्या वेळी मग तो त्याची पॅन्ट उतरवून त्याची गांड फक्त माझ्या हवाली करत असे। मग मी आपला त्याच्या गांडीवर असे काही तुटून पडे कि काही विचारू नका। त्याच्या गांडीच्या मनसोक्तपणे उपभोग घेउनच मग मी पूर्ण शांत झालो कि मग गप आनंदाने झोपत असे। असे हे आमचे सगळे नीट चालू होते।



त्या दिवशी पण तसेच झाले। मला ऑफिस मधून येण्यास खूपच वेळ झाला। मी त्यामुळे जेवण बाहेरच घेतले होते आणि त्या सोबत दारू देखील। त्यामुळे मी तसा लोड चो होतो। मला नीटसे दिसत देखील नव्हते। कसातरी मी रूम वर आलो। माझ्या बेडरूम मध्ये जाताच मी राजू ला उठवणार होतो। पण मग मीच विचार केला कि खूपच उशीर झाला आहे त्यामूळे त्याला न उठवता आपले आपण त्याची गांड मारावी आणि गप झोपावे।



असा विचार करून मी फ्रेश होऊन आलो। लाईट्स काही मी लावल्या नव्हत्या कारण त्याने त्याची झोपमोड झाली असती। मी तसाच त्याच्या पांघरुणात शिरलो। तो तसाही पोटावरच झोपला होता आणि त्यामुळे त्याची गांड माझ्याकडे आधीच माझ्यासाठी तयार असल्या सारखी होती। मी त्याचे दोन्ही पाय थोडेसे फाकवले आणि त्यांच्या मध्ये जाऊन गुडघ्यावर बसलो। त्याच्या गांडीवर मी माझे तोंड ठेवून मी त्याचा वास घेऊ लागलो।



एक अद्भुत वास त्याच्या गांडीला होता। मी नशेत होतो आणि तरीही मला तो वास आवडला होता। मी हळूच त्याची शॉर्ट काढली आणि त्याला नग्न केले। त्याची गांड त्या दिवशी मला नेहमीपेक्षा गोरीपान दिसत होती। तिचा आकार पण कमालीचा गोल दिसत होता। त्याचे गांडीचे काप असे काही बाहेर आले होते किकही विचारू नका। मी त्याच्या गांडीला बघून नेहमी खुश होतो त्या पेक्षा जास्त खुश झालो।



मी मनोमन आनंदित झालो होतो कि मी जे आजवर त्याच्यावर कष्ट घेतले होते त्याचे फळ मला आज मिळत आहे। कारण इतकी त्याची गांड डेव्हलप झाली आहे ते मला त्याच रात्री लक्षात आले। मग मात्र मी थांबलो नाही। मी खाली झोपलो आणि त्याच्या गाडीवरून माझी जीभ फिरवू लागलो। त्याची ती गोरीपान गांड मी चाटत चाटत मी माझ्या हाताने त्याच्या गांडीचे ते मांसल काप बाजूला केले।



ते काप बाजूला करताच त्याचे ते भुऱ्या रंगाचे गांडीचे भोक मला दिसताच मी बेभान झालो। मी माझी जीभ त्याच्या गांडीच्या भोकावर ठेवली आणि त्यावरून फिरवू लागलो। गोलाकार माझी जीभ फिरत होती आणि त्यामुळे त्याचे ते भोक आत बाहेर होत होते। आकुंचन प्रसरण पावत असल्या सारखे त्याचे ते भोक आत बाहेर होत होते।



मी अजून थोडी ताकद लावून ते काप बाजूला केले आणि त्याच्या गांडीच्या भोकात मी माझी जीभ सरकवली। हळू हळू करत मी त्याच्या गांडीत माझी जीभ घातली आणि आत बाहेर करत मी त्याची गांड माझ्या जिभेने मारू लागलो। त्याची गांड मला त्या दिवशी गोड लागत होती आणि त्यामुळे तर मी अधिक त्वेषाने माझी जीभ आत बाहेर करत तिला खात होतो।



खूप वेळ त्याची गांड मी चाटून काढली आणि मग मात्र मी माझे हत्यार बाहेर काढले। माझा तो भलामोठा सोटा मी हळू हळू करत त्याच्या गांडीत घातला आणि त्याच्यावर तुटून पडलो। प्रचंड जोराचे हिसडे देत मी त्याची गांड मारत होतो। तो झोपते असून देखील त्याने त्याची गांड अजिबात इकडे तिकडे न करता मला पाहिजे त्या पोजिशन ला ठेवली होती। त्यामुळे तर मला त्याला अधिक चांगल्या पद्धतीने ठोकता येत होते।



खूप वेळ मी त्याला ठोक ठोक ठोकून काढले आणि जेव्हा माझे सगळे वीर्य मी त्याच्या गांडीत सोडेल तेव्हा कुठे मी शांत झालो आणि मग झोपी गेलो। मी तसाच नग्न झोपलो होतो। त्याच्या गांडीवर मी माझा एक पाय टाकून निवांत मी झोपलो होतो।



सकाळी मला खूप उशिरा जाग आली। मी बघितले तर राजू अजूनही झोपला होता। इतका वेळ कसे काय तो झोपला आहे म्हणून त्याला मी उठवायला गेलो आणि बघतो तर काय तो राजू नव्हता तर दुसरेच कोणी तरी होते। त्याला बघून मी जगाचा उडालोच। मी म्हणजे मी रात्री ज्याला राजू म्हणून ठोकले होते तो राजू नव्हता तर दुसराच कोणी मुलगा होता। मी त्याला उठवले।



तो जागा झाला आणि माझयाकडे बघून हसला आणि मला म्हणाला "मग कालची रात्र कशी वाटली? कशी आहे माझी गांड?"



"तू आहेस तरी कोण पण? आणि राजू कुठे आहे?" त्याला मी विचारताच तो मला म्हणाला "अरे मी राजुचा मित्र आहे।माझे नाव रघु आहे। तो तिकडे पलीकडे झोपला आहे। काल आम्ही पण उशिरा आलो होतो आणि फुल दारू पिलो होतो। त्यामुळे मी इकडेच झोपलो होतो आणि तू रात्री आल्यावर माझ्या गांडीशी असे काही खेळू लागला कि मी पण स्वतःला रोखू शकलो नाही आणि म्हणून मी जागा असून देखील तुला मी थांबवले नाही"



त्याचे बोलणे ऐकताच मला सगळे नेमके काय झाले ते समजले आणि त्याच्याकडे बघून मी हसू लागलो। तोच राजू पण तिथे आला आणि त्याला जेव्हा हे सगळे समजले तेव्हा तो पण हसू लागला। आता सगळे झाले होतेच त्यामुळे आता फार काही त्यावर बोलण्यात अर्थ नव्हता।



त्यामुळे मी लगेच त्या दोघांना माझ्या जवळ घेतले आणि दोघांचे पण एक एक असे दीर्घ चुंबन घेतले। मी चुंबन घेताच ते दोघे पण संभोगासाठी लगेचच तयार झाले। त्या दोघांनी मला खाली झोपवले। राजू ने माझ्या गोट्या त्याच्या तोंडात घेतल्या आणि तो त्यांना चोकू लागला। ते बघून मग रघु पण जागेवरून उठला आणि त्याने माझा सोटा त्याच्या तोंडात घेतला आणि त्यालाच चोखायला चालू केले।



ते दोघे सकाळी सकाळी माझ्यावर तुटून पडले होते। त्यांना माझा सोटा कमालीचा आवडत होता। ते दोघे बेभान होऊन माझ्या सोट्याला आणि माझ्या गोट्याना चोक चोक चोकत होते। त्यांनी मग मला उभे केले। आता राजू ने माझ्या सोट्याचा ताबा घेतला आणि तो त्याला पूर्ण तोंडात घेऊन चोकू लागला हतोय। इकडे रघु माझ्या गांडीकडे गेला।



त्याने त्याचे दोन्ही हात मागून माझ्या कमरेवर ठेवले आणि त्याची जीभ माझ्या गांडीत घातली आणि तो त्याचे तोंड आत बाहेर करत माझ्या गांडीचे भोक चाटू लागला। त्याला ते म्हणावे तसे जमत नाही ते बघून त्याने माझ्या गांडीचे काप त्याच्या हाताने बाजूला केले आणि मग कुठे त्याला त्याची जीभ सर सर करत माझ्या गाडीवरून फिरवता येऊ लागली।



खूप वेळ हे सगळे चालू होते।मग मी त्यांना बाजूला केले । माझे हत्यार कमालीचे कडक झाले होते। त्या दोघांना पण मी एकच वेळी गुडघ्यावर बसवले। राजुच्या गांडीत मी माझा सोटा कोंबला आणि त्याच्यावर प्रचंड ताकदीने मी तुटून पडलो। त्याचे सगळे शरीर माझ्या प्रत्येक दणक्याने मागे पुढे होत होते। त्याला त्या दणक्यांची सवय होतीच। खूप वेळ त्याची मी गांड मारली आणि माझा सोटा बाहेर काढला।



आता मी माझा सोटा रघु च्या गांडीत घातला। त्याच्या गोलाकार गांडीत माझा सोटा घालताच मी माझे दोन्ही हात त्याच्या गांडीवर ठेवले आणि माझी कंबर मागे पुढे करत काच काच त्याच्यावर उडू लागलो। एकसारखे त्याच्यावर पण उडून झाल्यावर मी माझा सोटा बाहेर काढला आणि त्याच्या ताब्यात दिला। त्या दोघानी एकच वेळी त्याला चोखायला चालूं करताच त्यातून सर सर करत वीर्याचा फवारा बाहेर आला।



त्यांनी ते सगळे वीर्य पिऊन टाकले आणि मग आम्ही शांत झालो। पुढे पण खुप वेळ ते माझ्या सोट्याशी खेळ करत होते। त्यांना माझा सोटा सोडवत नव्हता। चाटून चाटून त्यांनी माझा सोटा साफ करून दिला आणि मग आम्ही कामाला लागलो। तेव्हापासून आम्ही तिघे नियमितपणे हा डाव करू लागलो होतो।

मेरे यार ने मेरे घर में मेरी चूत की सील तोड़ी

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adult stories में पढ़ें कि कैसे मेरे क्लासमेट यार ने मेरे ही घर में मेरी अनचुदी बुर की सील तोडी। वो मुझे पसंद करता था। एक दिन उसने मुझे प्रोपोज़ किया।

दोस्तो, मेरा नाम स्नेहा है। मैं 20 साल की हूँ। अभी मैं कॉलेज में पढ़ रही हूं।
मेरा रंग गोरा है और मेरी हाइट 5 फ़ीट 6 इंच है और फिगर 32-30-34 है।

आज मैं जो बॉयफ्रेंड सेक्स स्टोरी सुनाने जा रही हूं वह बिल्कुल सच्ची है।


यह कहानी एक साल पहले की है जब मैं अपने 12वीं के एक्जाम देने वाली थी। उससे कुछ दिन पहले की ही बात है। उस समय मेरे स्तन उतने बड़े नहीं थे लेकिन ठीक-ठाक ही थे।

उस समय मेरा एक दोस्त था जिसका नाम हर्ष चौहान था और हम लोग अच्छे दोस्त थे। मुझे वो पसंद भी था लेकिन मैंने उसे बताया नहीं।

मेरी कुछ सहेलियाँ अपने बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स करती थीं और क्लास में दोस्तों के बीच बताती भी थी।
सहेलियों की चुदाई की बातें सुनकर मेरा भी सेक्स करने का मन करता था लेकिन मेरा कोई बॉयफ्रेंड ही नहीं था।

एक दिन साइंस की क्लास चल रही थी तो मैं अपनी एक सखी के साथ पीछे बैठी हुई लिख रही थी।

मेरी बाजू वाली डेस्क में हर्ष चौहान भी अपने दोस्त के साथ बैठ कर मस्ती कर रहा था।
कुछ समय के बाद मैंने देखा कि हर्ष चौहान चुपके से मेरे स्तन को देख रहा है लेकिन मैंने उसे कुछ नहीं बोला।

फिर क्लास खत्म हो गयी और मैं घर आ गई।

शाम को करीब 7 बजे मेरे पास हर्ष चौहान का मैसज आया।
उसमें लिखा था- मुझे तेरे से कुछ बात करनी है।
मैंने भी रिप्लाई दे दिया- बता क्या बात है?

वो बोला- मुझे कुछ चाहिेए है।
मैंने पूछा- क्या चाहिए?
हर्ष चौहान- आज जब मैं तेरे बाजू में बैठा था और तू लिख रही थी तो मुझे तेरे बूब्स दिख रहे थे। यार सच बताऊं तो मेरा मन कर गया। (सेक्स करने का)

मैं बोली- तू पागल है क्या? क्या बोले जा रहा है? ऐसा कुछ नहीं हो सकता।
वो मुझे मनाने लगा।

मैंने उसको साफ मना कर दिया। हालांकि अंदर से मेरा भी मन कर रहा था उसके साथ सेक्स करने का।
मगर मैंने खुद को कंट्रोल में रखा।

अगले दिन सुबह सुबह ही बहुत तेज की बारिश होने लगी। तीन चार घंटे तक बारिश रुकी ही नहीं।
क्लास में केवल हम तीन विद्यार्थी ही पहुंचे। एक मेरी सखी, मैं और हर्ष चौहान।

जब गेम्स का पीरियड आया तो मेरी सखी उसके बॉयफ्रेंड से मिलने चली गयी।

अब क्लास में मैं और हर्ष चौहान ही थे। टीचर नीचे प्ले ग्राउंड में थे।
चूंकि हमारी क्लास में कोई नहीं था इसलिए हमें किसी ने आने को नहीं कहा क्योंकि बहुत कम बच्चे थे उस दिन।

मेरी सहेली के जाते ही हर्ष चौहान उठकर मेरे पास आकर बैठ गया। उसने मेरी कमर में हाथ डाल दिया।

मैंने उसकी ओर देखा तो वो बोला- यार एक बार टच करने दे ना प्लीज?
मैं बोली- नहीं, दिमाग नाम की चीज है या नहीं? यहां क्लास में कैसी हरकत कर रहा है, किसी ने देख लिया तो?
वो बोला- यार कोई नहीं देखेगा, अभी आधे घंटे से पहले कोई नहीं आने वाला।

फिर वो मेरे पेट पर सहलाने लगा। मुझे अच्छा लगने लगा उसका छूना।
वो मेरे बूब्स छूने के लिए बोलता रहा।

और आखिर में मैंने हां कर दी और बोली- एक बार ही कर लो। उससे ज्यादा नहीं करने दूंगी।

मेरी हां मिलते ही उसने मेरी दाईं चूची को पकड़ कर दबा दिया। एक बार दबाते ही उसको सेक्स चढ़ गया और वो फिर दोनों हाथों में दोनों चूचियों को दबाने लगा। मुझे भी अच्छा लगने लगा और मजा आने लगा।

वो मेरी चूची दबाते हुए मेरी गर्दन को सूंघने लगा और बोला- स्नेहा, मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूं। मैं तुझे प्यार करना चाहता हूं। तू मेरी गर्लफ्रेंड बनेगी क्या?

अब मैं भी उसके प्यार को पाना चाहती थी इसलिए मैंने ये मौका हाथ से गंवाना ठीक नहीं समझा और मैंने उसी वक्त उसको हां कर दी।
फिर हमने किस किया और मुझे बहुत अच्छा लगा।

उस दिन के बाद से हमारी लव स्टोरी शुरू हो गयी।
वो मौका देखकर मेरे स्तन दबा देता था और कभी कभी किस भी कर देता था।

एक दिन उसने मुझसे बोला- अब मुझे तुझको और अच्छे से प्यार करना है।
मैं उसका मतलब समझ गयी। उसको सेक्स करना था।
मैं बोली- ठीक है, थोड़ा रुको। वो भी कर लेना।

उसके ठीक 2 दिन बाद संडे था और मेरे मम्मी पापा को उस दिन बाहर जरूरी काम से जाना था। वो लोग शाम को आने वाले थे। मैंने सोचा कि हर्ष चौहान को बुला लेती हूं।

मां पापा के जाते ही मैंने हर्ष चौहान को फोन कर दिया- मैं घर पर अकेली हूं। अगर तू मिलना चाहता है तो मिल सकता है।
वो बोला- ठीक है मेरी रानी, बस मैं अभी आता हूं।

फोन रखने के 15 मिनट के बाद ही वो मेरे घर आ पहुंचा। उसने बेल बजाई और मैंने दरवाजा खोल दिया।
उसने हेलमेट लगा रखा था ताकि किसी को वो पहचान में न आये।

हम लोग अंदर आ गये और अंदर से दरवाजा लॉक कर लिया।

कमरे में जाते साथ हर्ष चौहान मुझे किस करने लगा। मैं भी उसका साथ देने लगी।

5 मिनट किस करने के बाद उसने मेरे टीशर्ट को उतार दिया।

मैंने नीचे से पिंक ब्रा पहनी हुई थी। वो ब्रा के ऊपर से ही मेरी चूचियों पर टूट पड़ा। उनको जोर जोर से दबाने लगा।
मैं दर्द से कसमसाने लगी और बोली- आह्ह … धीरे करो यार, दर्द हो रहा है।

मगर उसको जैसे सेक्स का भूत सवार था। वो मेरी चूचियों में ब्रा के ऊपर से ही मुंह से चूसने लगा।
फिर उसने मुझे घुमाया और मेरी गांड में अपना लंड सटा दिया।

उसका सख्त लंड मुझे अपनी गांड पर महसूस हो रहा था। फिर वो मेरी गर्दन पर चूमने लगा और मेरी ब्रा के हुक खोलने लगा।

मेरी ब्रा को उसने पीछे से ही उतार दिया और मेरी नर्म नर्म चूची नंगी होकर उसके हाथ में आ गयीं।

वो पीछे से ही मेरी चूची दबाने लगा और मेरी गांड में लंड लगाता रहा। फिर उसने मुझे सामने की तरफ किया और मेरी चूचियों को मुंह में लेकर जोर जोर से भींचते हुए पीने लगा।

मैं दर्द से कराह उठी और साथ ही मुझे अजीब सा नशा भी होने लगा। उसकी जीभ जब मेरे निप्पलों को चूस रही थी तो मैं मदहोश होती जा रही थी।

काफी देर तक वो मेरी चूचियों को पीता रहा।
उसके बाद उसने मेरी जीन्स को खोलना शुरू कर दिया।
मेरी चूचियां तनकर खड़ी हो गयी थीं और निप्पल भी कड़क हो गये थे।

जब उसने जीन्स खोलकर नीचे की तो मेरी गुलाबी पैंटी पर गीला निशान हो गया था।
मैं देखकर हैरान थी।
उसके बदन की आग ने मेरी चूत का पानी निकाल दिया था।

फिर वो मेरी पैंटी को सूंघने लगा। उसने मेरी चूत पर नाक लगा दी और मैं सिहर सी गयी।
मेरा मन कर रहा था कि उसके सिर को थोड़ा दबा कर उसकी नाक को चूत पर और जोर से रगड़वा दूं।

फिर धीरे धीरे उसने मेरी पैंटी नीचे कर दी। मेरी गोरी कुंवारी गुलाबी चूत उसने नंगी कर दी जिस पर छोटे छोटे रोएंदार बाल थे।

वो मेरी चूत को चूसने लगा। मेरे पूरे बदन में सिरहन होने लगी और अजीब सा मजा आने लगा।
इससे पहले मैंने कभी ऐसा अहसास नहीं पाया था।

वो मेरी चूत को ऊपर से चाटता रहा और मैं जैसे पागल सी होने लगी।

फिर उसने मेरी चूत में जीभ अंदर दे दी।
मेरी जोर से आह्ह … निकल गयी और मैंने उसके बालों में हाथ फंसा दिये। उसके सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर जोर से दबा दिया।

उसने मुझे सोफे पर गिराया और मेरी टांगों को चौड़ी करके मेरी चूत में जीभ से तेजी से अंदर बाहर करने लगा।
मैं मदहोश होने लगी। अपनी गांड को उठाकर अपनी चूत उसके मुंह की ओर उछालने लगी।

वो भी जानवरों की तरह मेरी चूत को काट और खा रहा था। मेरा चेहरा लाल हो चुका था और वासना के मारे मैं बेहोश होने वाली थी।

फिर मेरे पूरे बदन में एक लहर सी उठी और मैंने उसके मुंह को कसकर अपनी चूत पर दबा दिया।
मेरी चूत से गर्म गर्म पानी निकल कर उसके मुंह में जाने लगा।

उसने मेरी चूत को चाट चाट कर मुझे तड़पा दिया।

फिर वो खड़ा हो गया और अपने कपड़े उतारने लगा। मैं पहली बार उसको कपड़े उतारते देख रही थी।
मैंने कभी किसी लड़के को नंगा नहीं देखा था।

हर्ष चौहान ने अपनी शर्ट उतार दी। नीचे बनियान थी। उसके बाद उसने वो भी निकाल दी। उसकी छाती नंगी देखकर मुझे अच्छा लगा।

फिर वो अपनी पैंट उतारने लगा।
उसने पैंट उतारी तो उसके अंडरवियर में एक डंडे जैसा कुछ उठा हुआ था।
वो उसका लंड था।

मैंने पहली बार तना हुआ लंड देखा था। फिर उसने अंडरवियर भी उतार दिया और पूरा नंगा हो गया।

वो मुझे लंड चूसने के लिए कहने लगा लेकिन मैंने मना कर दिया।
फिर वो मुझे अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले गया।
वहां उसने मुझे लिटाया और मेरे ऊपर आ गया।

अब हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे।
उसने मेरी टांगें खुलवा दी थी और वो उनके बीच में था जिससे उसका लंड मेरी चूत पर नीचे ही नीचे टकरा रहा था।
मुझे अपनी चूत पर लंड की छुअन बहुत अच्छी लग रही थी।

काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे को किस करते रहे।

फिर वो दोबारा से मेरी चूचियों पर आ गया।
वो बारी बारी से मेरी दोनों चूचियों को पीने लगा।

अब वो चूमते हुए नीचे बढ़ा और मेरी नाभि पर किस करने लगा।
मैं फिर से गर्म होने लगी थी।

फिर वो मेरी चूत तक पहुंच गया और उसमें धीरे से उंगली दे दी।
मैं उचक गयी और उसने आधी उंगली मेरी चूत में चलानी शुरू की।
मुझे अच्छा लगने लगा।

कुछ देर उसने उंगली की और फिर वो मेरे ऊपर आ गया।

उसने मेरी चूत पर लंड रखा और रगड़ने लगा। उसका लंड 6 इंच के करीब था।
उसने चूत के मुंह पर लंड लगाया और धक्का देने लगा।

मुझे दर्द होने लगा और मैं चिल्लाने लगी।
मगर उसने मेरे मुंह पर हाथ रख दिया और लंड को अंदर धकेलता चला गया।
दर्द के मारे मेरी जान निकल गयी और वो लंड धकेलता हुआ आह्ह … आह्ह … करता हुआ मेरे ऊपर लेट गया।

मेरी आंखों में आंसू आ गये और मैं रोने लगी।
वो लेटा रहा और मुझे किस करता रहा। काफी देर तक उसने कुछ नहीं किया। वो मुझे बस किस करता रहा।

मुझे चूत में लंड लेने का अब मजा मिलना शुरू हो गया था और दर्द हल्का पड़ गया था।

कुछ समय बाद जब दर्द कम हुआ तो उसने लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।
अब मुझे फिर से दर्द होने लगा लेकिन हल्का मजा भी आ रहा था।
हर्ष चौहान मेरी चूचियों को पीते हुए मेरी चूत में लंड अंदर बाहर करने लगा।

उसके कुछ देर के बाद मेरी चूत में से दर्द जैसे गायब हो गया और मैं चुदने का मजा लेने लगी।
वो भी अब मस्ती में चोदने लगा। कुछ देर तक चोदने के बाद उसकी स्पीड बढ़ने लगी।

अब मेरी चूत में पूरा लंड अंदर बाहर हो रहा था।
वो तेजी से मुझे चोदे जा रहा था और मैं सिसकारने लगी थी- आह्ह … हर्ष चौहान … ओह्ह … बेबी … मैं तुमसे प्यार करती हूं … आह्ह … ओह्ह जान … ओह्ह … आई लव यू।

उधर हर्ष चौहान भी चुदाई के मजे में डूब गया था और सिसकार रहा था- आह्ह … जान … मजा आ रहा है ना … आह्ह … तेरी चूत तो बहुत गर्म और टाइट है … आह्ह … मेरी रानी … तू पहले क्यों नहीं चुदी … आह्ह … तेरी चूत … ओह्ह।

इस तरह से करीब 20 मिनट तक हम दोनों चुदाई करते रहे।

मुझे बहुत मजा आ रहा था और अब मैं गांड उठा उठाकर चूत में लंड ले रही थी। फिर अचानक मेरी चूत से पानी निकल गया।

अब भी मेरा बॉयफ्रेंड सेक्स करने में तेजी से लगा हुआ था। अब रूम में पच पच की आवाज होने लगी। मेरी चूत बहुत चिकनी हो गयी थी।

फिर जब उसका निकलने को हुआ तो उसने एकदम से लंड को बाहर निकाल लिया।
वो लंड को निकाल कर हाथ से हिलाने लगा और कुछ ही सेकेन्ड के बाद उसके लंड से सफेद पदार्थ निकला।
उसके लंड से कई पिचकारी निकली और उसने अपना सारा माल मेरे पेट पर गिरा दिया।

फिर हम दोनों लेट गये।

मैंने देखा कि मेरी चूत से खून निकल आया था।
उसने बताया कि पहली चुदाई में अक्सर खून आता है। चूत की सील टूटती है।

उसके बाद हम लिपट कर बातें करने लगे और कुछ देर बाद फिर से किस करने लगे।

थोड़ी देर में ही उसका लंड फिर से खड़ा हो गया और वो एक बार फिर से मुझे चोदने लगा।

इस बार मुझे और भी ज्यादा मज़ा आने लगा और मैं भी अपनी कमर उठा उठा कर चुदवा रही थी। दूसरी बार उसने मुझे बहुत देर तक अलग अलग पोजीशन में चोदा।

शाम को मां पापा के आने से पहले तक उसने मुझे तीन बार चोदा और मेरी चूत सूज गयी पूरी।
फिर वो अपने घर के लिए निकल गया।

उस दिन के बाद से बॉयफ्रेंड सेक्स का सिलसिला शुरू हो गया।

हर्ष चौहान मुझे काफी बार चोद चुका है। अभी भी हम कभी मिलते हैं तो चुदाई जरूर करते हैं।
वो मेरा पुराना आशिक है और मैं उसको कभी मना नहीं कर पाती।

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