Articles by "behen ki chudayi"

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Chut chhoti aur kunbe ke land bade bade

Chut chhoti aur kunbe ke land bade bade


चूत छोटी और कुनबे के लंड बड़े बड़े - Chut chhoti aur kunbe ke land bade bade, घर में चुदाई का सिलसिला , रिश्तों में होती है चुदाई , परिवार के लोग ही तोड़ते है कुवारी लड़की की सील , बड़े ही सिखाते है चोदना और चुदना.


उस दिन मैं बड़े रोमांटिक मूड में थी।  अचानक मेरी दोस्त का फोन आ गया।  मैंने कहा हां बोल भोसड़ी की रेशमा तुझे इतने दिनों के बाद मेरी याद आयी ? ,,,,,,,,,,,,,अभी तक क्या माँ चुदा रही थी तू अपनी,,,,,,,,,,,,,, ? वह बोली - नहीं  यार, ऐसा कुछ नहीं है।  मैं शहर के बाहर चली गयी थी और ऐसे लोगों से घिरी थी की तुझसे बात करने का मौक़ा ही नहीं मिल रहा था।  तू बुर चोदी गालियों से बात करती है और मैं भी तो ऐसे में कोई एकांत जगह चाहिए न ?
अच्छा हां बता ,,,,,,,,,,,,,,,,? अच्छा ये बात है उसकी माँ का भोसड़ा ,,,,,,,,,,,,,,,,,? उसकी बात मत करो यार ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,मैं छोटे लोगों से और छोटे लण्ड वालो से बात नहीं करती ,,,,,,,,,,,,,,? तुझे मालूम है की मुझे छोटे लण्ड बिलकुल पसंद नहीं है,,,,,,,,,,,,,,,? एक तो मेहनत करके कोई लड़का पटाओ और जब खोल कर देखो तो  लण्ड साला छोटा मिलता है, बहन चोद ,,,,,,? ऐसे में मेरी माँ चुद जाती है ,,,,,,,,,,,,,,झांटें सुलग कर राख हो जातीं हैं मेरी,  बहन चोद,,,,,,,? मेहनत पर पानी फिर जाता है यार ,,,,,,,,? अब तो मैं पहले ही पूंछ लेती हूँ की तेरे लण्ड का साइज क्या है ? ,,,,,,,,,,,, अगर पसंद आया तो दोस्ती करती हूँ वरना गांड पर लात मार कर भगा देती हूँ, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,तू क्या करेगी ? ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,देखने में हैंडसम है तो क्या लण्ड तो छोटा है।,,,,,
,,,,,,,,,,,तेरी तो गांड पहले ही फट जाती है ,,,,,,,,,,,,,,माँ चुद जाती है तेरी लण्ड देख कर ,,,,,,,,,,,,? मुझे देखो, मादर चोद ,,,,,,,,,,,, लण्ड जब तक 8" का न हो तब तक मैं हाथ नहीं लगाती ? ,,,,,,,,,,,,,हां ये बात तो है ,,,,,,,,,,, ऐसे लण्ड ढूंढने के लिए बड़ी मसक्कत करनी पड़ती है, रेशमा ,,,,,,,,,,,,,,माँ चुद जाती है मन माफिक लण्ड ढूंढते ढूंढते ,,,,,,,,,, हां बिलकुल करूंगी मसक्कत क्योंकि चूत तो बुर चोदी  बिना लण्ड के रह नहीं सकती न ?
मैंने अपनी बात ख़तम की और फोन बंद करके पीछे मुड़ी तो देखा की मेरी अम्मी जान सामने खड़ी हैं।  मैं थोड़ा सहम गई की मेरी गन्दी गन्दी बातें और गालियां अम्मी जान ने सुन लीं हैं।  अब तो डांट पड़ेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

    अम्मी बोली - हाय मेरी हुमा बेटी,  मुझे नहीं पता था की इतना कुछ जानती हो ? इतनी अच्छी अच्छी बातें कर लेती हो और खुल कर लेती हो ?
    मैंने कहा - नहीं अम्मी जान बस यूं ही अपनी दोस्त से बातें कर रही थी।  अब दोस्ती में कुछ इधर उधर की बातें हो ही जातीं हैं,  अम्मी जान ?
    हां आज मुझे मालूम हुआ की दोस्तों से कैसे ही बातें की जातीं हैं।  पर बेटी तुम कुछ 'लण्ड' वगैरह की बातें भी कर रहीं थीं ?
    अरे अम्मी जान, बस ऐसे ही बातों बातों में हो जाता है। अब कॉलेज की लड़कियां सब इसी तरह की  बातें करतीं हैं तो मैं भी बोल लेती हूँ।
    अरे बेटी हुमा मैं तो खुद तुमसे ये सब बातें करने वाली थी।  पर मैं तुम्हे जवान होने का इंतज़ार कर रही थी।  मैंने सोंच लिया है जब तू 18 + की हो जाएगी तो मैं तुझे अपनी दोस्त बना लूंगी और तब हम दोनों भी इसी तरह की बातें करेंगी जैसी तू अभी कर रही थी।  तुझसे गालियों से ही बात किया करूंगी।  
    अरे अम्मी जान मैं 18 + की पिछले साल ही हो गयी थी।  अब तो मैं  19 + की हो गयी हूँ।  पूरी जवान हो गई हूँ मैं ? बालिग हो गई हूँ मैं। सब कुछ जानती समझती हूँ.   
    हाय अल्लाह, मैंने बेकार में ही एक साल बर्बाद कर दिया।  हुमा बेटी, तेरी माँ की चूत, बहन चोद। तूने पहले क्यों नहीं बताया ?  तूने बताया होता तो मैं अब तक जाने कितने लण्ड तेरी माँ की बिटिया की बुर में पेल चुकी होती ? चोद डालती तेरी माँ की  बिटिया की बुर ? मैं तो भरी बैठी हुई थी ।  
    अब मुझे क्या मालूम था अम्मी जान ? नहीं तो मैं पर साल ही बता देती तुम्हे और अब तक मैं भी जाने कितने लण्ड तेरी बेटी की माँ के भोसड़ा में घुसा चुकी होती ? चोद डालती तेरी बेटी की माँ का भोसड़ा, अम्मी जान।  मैं भी भरी बैठी हुई थी माँ चोदने के लिए।   
    अम्मी जान, ने मेरे गाल थपथपाये और कहा अब आज से तू मेरी दोस्त है हुमा और हम उसी तरह बातें  करेंगीं जैसे दोस्त आपस में करतीं हैं। लेकिन हां तू वो 'लण्ड' की आतें कर रही थी।  उसके बारे में बता न  मुझे ? पहले तो यह बता की तूने अब तक कितने लण्ड पकड़ें हैं और कहाँ कहाँ के लण्ड पकड़ें हैं ? सब सही सही बताना मुझे ?
    मैंने तो अभी तक 10/12 लण्ड पकड़े होंगें ? दो तो मेरी सहेलियों के भाई जान के लण्ड हैं और बाकी कॉलेज के लड़कों के लण्ड ?
    लेकिन तू कुछ मोटे  लण्ड की बात कर रही थी ?
    हां अम्मी जान मैंने जब से नेट पर पोर्न फ़िल्में देखीं है तबसे जाने क्यों मुझे मोटे लण्ड ज्यादा अच्छे लगने लगे हैं।  और मैं मोटे लण्ड की दीवानी हो गई हूँ।  लेकिन हकीकत में मोटे लण्ड बड़ी मुश्किल में मिलते हैं।  4 लण्ड पकड़ती हूँ जब कहीं एक लण्ड मेरे मन का मिलता है।  मैं तो हॉस्टल रहती हूँ तो मुझे लण्ड के लिए बाहर जाकर ही ढूंढना पड़ता है।  मैं बस मोटे के तलाश में  रहती हूँ।
    हाय अल्लाह एक कहावत है बेटी "कनिया लड़का गाँव गुहार" ? इसका मतलब यह हैं की लड़का तो अपनी गोद में हैं और माँ उसे गाँव भर में ढूँढती फिर रही है।  
    क्या मतलब मैं समझी  नहीं अम्मी जान ?
    मतलब यह है मेरी  माँ की लौड़ी हुमा की बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड तो तेरे कुनबे में ही हैं।  और तू भोसड़ी की उन्हें बाहर ढूंढने में लगी है।  मुझसे बताया होता तो मैं अपने कुनबे के ही मोटे मोटे लण्ड की लाइन लगा देती ?
    मैंने आँखें फाड़ कर कहा  वाओ, सच अम्मी जान ? इतने मोटे मोटे लण्ड अपने कुनबे में ही हैं ?
    तो फिर दखाओ न मुझे अम्मी जान।  मैं तो उन्हें पकड़ कर देखने के लिए बेताब हो रही हूँ।
    अब तू जवान हो गई है।  अभी तक तू बच्चों के कमरे में लेटती थी।  अब बड़े लोगों के साथ रात में मेरे पास लेटना। वहीं पर मैं तुम्हे मोटे मोटे लण्ड से रूबरू करा दूँगी।  

मेरी उत्सुकता बढ़ गई। मैं बड़ी बेकरारी से रात होने का इंतज़ार करने लगी। मोटे मोटे लण्ड पकड़ कर देखने की मेरी तमन्ना आसमान छू रही थी। एक एक पल मेरे भारी था।  किसी तरह ७ बजा तो मैं इधर उधर झांकने लगी और यह पता लगाने लगी की आज हमारे साथ कौन कौन मर्द लेटेगा ? इतने में अम्मी जान आ गई।
वह बोली -  देखो हुमा - तुम जवान भी हो और बोल्ड भी हो।  मैं तुमसे खुल कर बता रही हूँ।   रात को यहाँ औरत और मर्द सब साथ साथ लेटते हैं।  फिर रात में चुदाई शुरू हो जाती है। मर्द औरतों पर चढ़ाई कर देतें हैं और औरतें भी मर्द पर चढ़ जातीं हैं। कौन किसको चोदेगा और कौन किससे चुदवायेगी यह पता नहीं चलता ?  सब उसी वखत जो मन में आता वो सब लोग करतें हैं।  पर हां कोई औरत कभी किसी को इंकार नहीं करती और कोई मर्द भी कभी किसी को इंकार नहीं करता।  सब लोग मिलजुल कर चुदाई करतें हैं और मज़ा लेते हैं।  एक बात और है औरतों को गालियां देने का हक़ है पर मर्दों को नहीं।  मर्द तो औरतों के मुंह से गालियां सुन सुन कर मज़ा लेते हैं।
करीब 9 बजे सब लोग खाना वगैरह खा कर सोने के लिए आने लगे। मैं तो पहले से ही थी।  फिर मेरी भाभी जान हिना आ गई , मेरी खाला जान शाबिरा आ गई, उसकी बेटी रिया भी आ गई और अम्मी जान भी।  फिर मर्दों का आना शुरू हुआ।  सबसे पहले मेरा  करीम भाई जान आया, फिर यासिर मामू जान, फिर खालू मंसूर , फिर मेरे चचा जान हासिम, और रिया का मियां मुनीर भी आ गया. सब एक ही लाइन लेट गए।
खालू जान ने कहा - ज़ोया भाभी (मेरी अम्मी का नाम) आज तो आपकी की बेटी हुमा भी नज़र आ रही है।
अम्मी ने कहा - हां बिलकुल, अब तो वह एकदम जवान हो गई है 19  + की है वो। अब वह बच्ची नहीं रही। इसलिए मैंने उसे भी शामिल कर लिया जैसे पिछली बार मैंने तेरी बेटी सायरा को शामिल किया था।
वह बोला - हां सायरा अब तो हम सबके साथ ही लेटती है।
कुछ देर तक मामला शांत रहा। कहीं से कोई आवाज़ नहीं आयी। फिर मैंने देखा की  मेरी हिना भाभी जान की चूँचियाँ खुली हुई हैं और उन पर चचा जान का हाथ चल रहा है।  यानी मेरा चचा मेरी भाभी के बूब्स दबाने लगा है।  फिर मैंने भाभी का हाथ चचा के पजामा के अंदर देखा।  मुझे यह जानने में देर नहीं लगी की भाभी जान लौड़ा सहला रहीं हैं।  फिर पलक झपकते ही उसने  लण्ड बाहर निकाल लिया।  लण्ड धीरे धीरे बढ़ने लगा।  उधर खाला जान भाई जान से चिपकी हुई थी।  मेरे देखते ही देखते खाला एकदम नंगी हो गईं और भाई जान भी। खाला की मस्त मस्त बड़ी बड़ी चूँचियाँ मुझे बड़ी अच्छी लग रहीं थीं।  सामने भाई जान का लौड़ा एकदम तन कर खड़ा हो गया था।  मैं तो लण्ड देख कर हैरान हो गई।  बहन चोद इतना बड़ा और मोटा लण्ड मेरे ही घर में ही है  ,,,,,,? मैं बुर चोदी ऐसे ही लण्ड के लिए बेकार ही इधर उधर धक्के खा रही थी।  खाला ने भाई जान का लण्ड  मुंह में भर लिया।
मैंने सोंचा की जब मेरी भाभी नंगी हैं, मेरी खाला भी नंगी हैं तो मैं क्यों न नंगी हो जाऊं ? मैंने भी अपने कपड़े उतार कर फेंक दिया और खाला जान के हाथ से लण्ड लेकर खुद चाटने और चूसने लगी। वह पेल्हड़ चाटने लगी।  कुछ देर में मेरी नज़र उठी तो मैंने देखा की मेरा मामू भोसड़ी का खाला की बेटी रिया के ऊपर चढ़ा हुआ है।  मामू भी नंगा और रिया भी नंगी।  मामू रिया की चूत चाट रहा था और रिया मामू का लण्ड चाट रही थी।  मैंने मन में कहा रिया बुर चोदी अपने ही मियां के आगे मामू का लण्ड रंडी की तरह चाटने में जुटी है।  मुझे हैरानी तो तब हुई जब मैंने देखा की मेरा खालू मेरी माँ का भोसड़ा भकाभक चोद रहा है।  अम्मी भी चित लेटी हुई अपनी टांगें फैलाये हुए अपना भोसड़ा बड़े प्यार से चुदवा रही हैं।  इतने में अचानक रिया के शौहर मुनीर ने अपना लण्ड मेरे कंधे पर रख दिया।  मैंने कनखियों से देखा तो मुझे पहाड़ी आलू की तरह लण्ड का सुपाड़ा दिखाई पड़ा।  मैं थोड़ा मुस्कराई तो उसने लण्ड मुंह में घुसेड़ दिया।  लण्ड देख कर मैं दंग रह गई।  मुनीर यहाँ सबसे छोटा मर्द है और लौड़ा इसका साला इतना बड़ा और मोटा है।  मेरे मुंह से निकला मुनीर तेरी माँ का भोसड़ा, तेरी बहन की बुर। तूने इतनी देर में लौड़ा क्यों मेरे मुंह में डाला ?  पहले क्यों नहीं डाला ?  माँ चुद रही थी तेरी ?
मेरी गालियों ने माहौल को और गरमा दिया।
उस बिस्तर पर अब कोई ऐसा नहीं था जो नंगा न हो या नंगी न हो। मुझे इतने सारे लोग नंगे नंगे देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था।  मैंने अभी तक इतने नंगे लण्ड देखे नहीं थे। मुझे अब अपने जवान होने पर फक्र महसूस होने लगा। मेरा मन हुआ की मैं सबके लण्ड नाप कर देखूं लेकिन सोंचा चलो छोड़ो यार क्या जरुरत है।  लेकिन मन नहीं माना तो मैंने अपनी पर्श से इंची टेप निकाला और सबके लण्ड नापने लगी। सबसे पहले चचा का लण्ड नापा तो वह 8" x 5" का निकला। फिर भाई जान का लौड़ा नापा तो वह 8.2" x 5" का निकला।  फिर खालू का लौड़ा 8.3" x 5.2" का था, मामू का लण्ड 8" x 5.5" का था और मुनीर का लौड़ा बहन चोद 8.5" x 5.5" का था।  मैं कहा - अम्मी जान तुम सच कह रहीं थीं की मोटे मोटे लण्ड तो कुनबे में ही हैं।  इन सब भोसड़ी वालों के लण्ड गज़ब के मोटे हैं।
मैं उधर सबके लण्ड का साइज ले रही थी और इधर खालू लण्ड पेल कर मेरी माँ का भोसड़ा चोदने लगा. चाचा ने अपना पूरा लण्ड भाभी की बुर में घुसा रखा था।  वह भी धकाधक् चोदने लगा, भाई जान ने अपना लौड़ा खाला की चूत में पेला और उसे अपनी बीवी समझ कर चोदने लगा। मामू खाला की बेटी रिया की बुर चोदने में पागलों की तरह जुट गया। इधर रिया का मियां मुनीर ने लण्ड गप्प से मेरी चूत में घुसा दिया। वह बड़ी बेशर्मी और बेरहमी से मेरी बुर चोदने लगा।  इस तरह हम सब की बुर का बाजा बजने लगा।  चुदाई की आवाज़ से सारा घर गूंजने लगा।  मुझे तो अपनी बुर चुदवाने से ज्यादा मज़ा सबकी चुदती हुई बुर देखने में आ रहा था।  कौन कैसे चुदवाती है और कौन कैसे चोदता है इसका भी पता चल रहा था। मुझे आज मालूम हुआ की मेरा कुनबा बहन चोद चोदा चोदी के मामले में बहुत आगे है।
तब तक भाभी जान ने कहा - अरी मेरी नन्द रानी तू तो बहुत अच्छी चुदवा लेती है ? लगता है तू पहले भी चुदवा चुकी है ?  अगर ऐसा है तो तूने मुझे बताया क्यों नहीं।  तेरी माँ की चूत ? अब मुझसे कुछ छुपाना नहीं ?
मैंने कहा - तेरी सास का भोसड़ा भाभी जान तेरी नन्द की चूत ? मैं भी एक हॉट लड़की हूँ।  मेरे पास भी एक चूत है मुझे भी लण्ड चाहिए। चुदवाऊंगी नहीं तो क्या झांटें उखाडूँगी ?  एक तरफ चुदाई हो रही थी और दूसरी तरफ हमारी हंसी मजाक चल रही थी।  अचानक खालू ने लण्ड अम्मी की चूत से निकाल कर भाभी की चूत में पेल दिया।  चचा जान ने भाभी की चूत से लण्ड निकाल कर खाला के भोसड़ा में घुसा दिया, भाई जान तो खाला को छोड़ कर खाला की बेटी की बुर चोदने लगा।  यानी अभी तक माँ का भोसड़ा चोद रहा था अब उसकी बिटिया की बुर चोदने लगा।  मामू ने लण्ड मेरी चूत में पेला तो मुनीर मेरी बुर से लण्ड निकाल कर मेरी अम्मी के भोसड़ा में घुसेड़ दिया। वह मादर चोद अभी तक बेटी की बुर चोदने में लगा था और अब बेटी की माँ का भोसड़ा चोदने चला गया।  इस तरह चूत और लण्ड अदल बदल कर चुदाई मैं पहली बार देख रही थी।
इतना रंगीन, सेक्सी और मजेदार नज़ारा था की हमारी उत्तेजना हर पल बढती जा रही थी।  मुझे इस बात का फक्र हो रहा था की हमारे ही घर में, हमारे ही कुनबे में ही इतने बड़े बड़े लण्ड हैं, इतने मोटे मोटे लण्ड हैं की अब हमें कहीं और देखने की जरुरत ही नहीं। उत्तेजना से चूत बहन चोद बोल गई।  ढीली हो गई मेरी बुर चोदी बुर।  मेरी ही नहीं मैंने देखा की सबकी बुर ढीली हो रही है और अब लण्ड भी खलास होने लगें हैं।  कोई चूत में झड़
गया कोई चूँचियों पर कोई मुंह में झड़ा तो कोई चूतड़ों पर।  फिर हम एक एक करके बाथ रूम गए और फ्रेश होकर अपने अपने  बिस्तर पर आ गए। मेरी नज़र अभी चचा जान के लण्ड पर, खालू के लण्ड पर और भाई जान के लण्ड पर थी। मैं जब तक इन लौंड़ों को पकड़ कर चूस नहीं लेती इन्हें अपनी चूत मे घुसा नहीं लेती तब तक मुझे न नींद आएगी और न चैन ? रिया ने कहा अरे हुमा तुम बहुत बड़ी चुदक्कड़ लड़की।  बड़ी मस्ती से चुदवाती है तू ? कहाँ से सीखा तूने इस तरह  चुदवाना।  मैंने कहा तेरी माँ का भोसड़ा चोद चोद कर सीखा है मैंने चुदवाना।  वह भी मुस्कराकर बोली अच्छा ये  मैं भी अब तेरी माँ की गांड मार मार सीखूंगी तेरी गांड मारना ? तब तक अम्मी जान ने कहा अरी निशा तू भी तो अपनी माँ चुदाने में बड़ी होशियार है। किसका लण्ड ठोकती है तू अपनी माँ की चूत में ? निशा ने कहा अरे खाला जान मेरी अम्मी तो मेरे ही मियां का लौड़ा ठोंक लेती है अपनी चूत में ? तो उधर से खाला बोली तू भी तो अपने ससुर का लण्ड पेल लेती है अपनी बुर में, बुर चोदी,  रिया।  मैंने कहा वॉवो तुम दोनों एक दूसरे की पोल खोल रही हो।  मेरी अम्मी ने कहा अरे हुमा इन दोनों में कोई पोल है ही नहीं। दोनों एक दूसरे की बुर में लण्ड  पेलती हैं।  तब तक चचा मेरी तरफ बढ़ा और बोला  बेटी हुमा मैंने अभी तक तेरी बुर नहीं चोदी।  मैंने कहा तो फिर चोदो ने मेरी बुर चचा जान।  मेरी बुर है ही चुदने के लिए पेलो न  लण्ड गचागच।  उधर से खालू बोला हुमा मैं भी पेलूँगा लण्ड तेरी चूत में।  मैंने कहा हां हां तुम पेलो न।  तुम दोनों मिलकर चोदो मुझे और सबके सामने चोदो। मुझे भी सुनहरा मौक़ा मिया और मैं दोनों चुदवाने लगी।  एक लण्ड मुंह में तो दूसरा लण्ड बुर में।  एक लण्ड चूँची में तो दूसरा लण्ड हाथ में।  मैं बड़ी बेशर्मी से लण्ड का मज़ा लेने लगी।
मुझे देख कर मेरी भाभी जान को भी जोश आ गया। उसने अपना हाथ बढाकर मामू जान का लण्ड  पकड़  लिया और दूसरे हाथ से मुनीर का लण्ड।  उसका भी मन दो दो लण्ड से चुदवाने का हो गया।  वह मेरी भाभी और मैं उसकी नन्द।  हम दोनों में अपने आप कम्पटीशन होने लगा की कौन कितने अच्छे तरह से चुदवाती है ? बाकी सब हम दोनों की चुदाई देखने लगी।
अम्मी ने कहा - बहू,  तेरी बुर चोदी नन्द की चूत खूब चुद रही है।
तो खाला ने जबाब दिया -  हुमा, तेरी माँ की बहू की बुर भी खूब चुद रही है भोसड़ी वाली ?
इन सब बातों से हमारी चुदाई का हौसला बढ़ने लगा और तब न मैंने चुदाई में कोई कसर छोड़ी और न भाभी जान ने ?
सवेरे मैंने अम्मी जान का शुक्रिया अदा किया और कहा की आपकी की वजह से मुझे इतने बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड का दीदार हुआ। अम्मी बोली बेटी हुमा आज तू इनसे भी बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड देखेगी।  मैं फिर रात  होने का बड़ी बेक़रारी से इंतज़ार करने लगी। रात को जब मैं लेटी तो देखा की मेरे बड़े अब्बू आ गए हैं।  . वह मेरे अब्बू से दो साल बड़े हैं। उसके पीछे मेरा फूफा जान भी था।  वह मेरे अब्बू के बराबर उम्र का था।  मैं दोनों से मिली बड़ा मज़ा। आया  फिर खाला जान का बेटा वाहिद भी  गया।  वाहिद मेरी उम्र का था।  मैंने सोंचने लगी की क्या इसका भी लौड़ा बड़ा मोटा है ? उधर मेरी चची जान भी गई।  वह भी मेरे साथ लेट गयीं।  पहले तो कुछ बातें हुई और फिर हम सब अपनी अपनी औकात में आ गयीं।  अम्मी ने सबसे पहले बड़े अब्बू का लौड़ा खोल कर बाहर निकाल लिया और उसे  प्यार से हिलाने लगीं।  चची जान ने फूफा का लौड़ा निकाला और उसे चुम कर  सहलाने लगी।  मैं भी बेशर्मी से वाहिद को नंगा किया और उसका लण्ड हिलाने लगी।  साथ साथ मैं मादर चोद अपने कपड़े खोल कर नंगी भी हो गयी।
लण्ड जब सबके तन कर खड़े हो गए तो अम्मी ने कहा हुमा ले अब तू इनके साइज नाप ले ? मैंने बड़े अब्बू का लण्ड नापा तो वह 9" x 5.5 " का निकला।  फूफा का लौड़ा 8.5" x 5" का था और वाहिद का लौड़ा 8.5" x 5.5" का था।  मैंने कहा हाय अल्लाह ये तो कल वाले लौंडों से भी बड़े हैं अम्मी जान। हमारा कुनबा वाकई बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड वाला है। अम्मी बड़े अब्बू का लण्ड चाटने लगी, चची फूफा का लौड़ा और मैं वाहिद का लौड़ा।  तीनो मर्द भी बिलकुल नंगे थे और हम तीनो औरतें भी।
इतने में बड़े अब्बू बोले - बेटी हुमा, मैंने तेरी माँ कई बार चोदी है और खूब चोदी है।  आज मैं सबसे पहले तेरी बुर चोदूंगा।
मैंने कहा - ठीक है अब्बू जान चोद लो।  मैं तैयार हूँ।
तब तक फूफा ने लण्ड मेरी चची जान की बुर में पेल दिया और वाहिद बहन चोद मेरी माँ का भोसड़ा चोदने लगा। इस तरह हम तीनो की चूत का बाजा एक साथ बजने लगा।

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हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग ? मैं उम्मीद करता हूँ की आप सभी लोग ठीक ही होगे और अपनी लाइफ को अच्छे से जी ही रहे होगे | आप लोगो चुदाई करना तो पसंद ही करते होगे अगर आप लोग चुदाई करना पसंद करते हो तो चुदाई का मज़ा तो ले ही रहे होगे | दोस्तों मैं आप सभी की तरह सेक्सी कहानी पढता काफी समय से आ रहा हूँ और मुझे सेक्सी कहानी पढना बहुत पसंद है | मैं जब कहानी पढता हूँ तो मेरे मन को बहुत ख़ुशी मिलती हैं | मैं आज जो कहानी आप लोगो के सामने पेश करने जा रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है | मैं चुदाई तो बहुत लड़कियों की है पर मुझे जो मज़ा इस चुदाई में आया था वो किसी चोदाई में नही |

मैं कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ | मेरा नाम प्रताप है और मैं अभी 12 वीं में पढता हूँ | मेरी उम्र 20 साल है और मैं दिखने में बहुत गोरा हूँ | मेरी हाईट भी ठीक ठाक था जिससे मैं स्मार्ट भी लगता हूँ | मैं जो अब कहानी प्रस्तुत करने जा रहा हूँ मैं आप लोगो से आशा करता हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आएगी और इस कहानी को पढने में मज़ा तो खूब आएगा |

छोटी बहन की सील तोड़ी


जिस दिन मेरी दीदी की शादी थी | उस दिन जीजा जी के घर के सब लोग आये थे और उनकी छोटी बहन आकांशा भी आई थी | उस दिन जब मैंने आकांशा को देखा तो देखता ही रह गया | वो उस दिन ब्लैक कॉलर की ती शर्ट और जींस पहन रखी थी | वो मुझे उस दिन इतनी अच्छी लग रही थी की मेरी नज़ारे उस पर से हट ही नही रहीं थी | वो दिखने में बहुत सेक्सी लग रही थी | मुझे उससे पहली नज़र वाला प्यार हो गया था | मैं जब जीजा जी के पास जाता तो मैं उसे ही देखता पर वो मेरी तरफ देखती ही नही थी | मैं उस रात उसके आगे पीछे चक्कर लगता रहा जिससे वो कुछ घंटो बाद मेरी तरफ देखकर स्माइल दी | जब उसने मुझे देखकर स्माइल दी तो मुझे बहुत अच्छा लगा | मैं उस रात उसको प्रपोज करने का पक्का इरादा कर लिया | फिर जब सब कार्यक्रम ख़त्म हो गए तो मैंने उसे बात करने के लिए कहा तो वो बोली बोलो तो मैंने उससे कहा यहाँ नही अकेले में कुछ बात करनी है |

उस रात जब वो मुझसे मिलने आई तो मैंने उससे डरते डरते बता दिया की मैं तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ | वो मेरे मुंह से ये बात सुनकर कुछ देर बाद बोली मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ और तब से करती हूँ जब तुम पहली बार मेरे घर गए थे | मैं उसके मुंह से ये बात सुनकर उसे अपनी बाँहों में भर लिया और वो मुझसे लिपट गयी | जब मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया तो उसके बड़े बूब्स बीच में दब गए | जब उसके बड़े बूब्स मेरे से टच हुए तो मेरे अन्दर करंट लग गया | उसके बूब्स कपडे के ऊपर से इतने चिकने लग रहे थे तो अन्दर कितने सॉफ्ट होंगे |

भाई ने की सिस्टर की चुदाई


मैं उस रात उसके साथ ऐसे ही कुछ देर तक बात करने के बाद मैं घर चला गया और वो अपने भाई के पास जाकर बैठ गयी | फिर सुबह हुई और जो शादी की रस्मे थी पूरी की गयी और फिर दीदी को बिदा करने लगे | जब सब लोग जाने लगे तो आकांशा ने मुझसे बाय किया और चली गयी | अब मैं काफी काफी जब दीदी से बात करता तो आकांशा से बात कराने के लिए कहता | तब वो मेरी बाते आकांशा से करा देती थी | अब मैं और आकांशा एक दुसरे से बहुत प्यार करने लगे थे और मैं जब दीदी के घर जाता तो उसे किस भी करता और उसके बड़े चिकने बूब्स को भी दबा देता | मैं जब उसके बूब्स को दबाता था तो उसकी सांसे तेज हो जाती पर मैं कभी उसके घर रुक नही पता था जो उसकी चुदाई करता |

फिर एक दिन की बात है जब मैं उसके घर घुमने गया था तो उस दिन आकांशा मुझे अपने यहाँ घुमाने भी ले गयी | मैं उस दिन उसकी स्कूटी पर पीछे बैठ कर उसकी कमर में हाथ डाल कर बैठा था और वो स्कूटी चला रही थी | हम दोनों उस दिन घूम कर आये और तब तक दीदी ने खाना तैयार कर दिया | फिर सब लोग खाना खाने के बाद लेट गए और मेरा बिस्तर आकांशा के पास वाले रूम में दीदी ने लगाया था | मैं उस रात लेट गया और जब सब लोग सोने लगे तो मैं चुपके से आकांशा के कमरे में चला गया |

मैं और आकांशा एक दुसरे के लिपट गए और मैं उसको चूमने लगा | मैं आकांशा को चूम रहा था और चुमते हुए उसकी होठो पर अपनी होठो को रख दिया | जब मैंने अपनी होठो को रख दिया तो वो मेरे होठो को अपने मुंह में रख कर चूसने लगी | वो मेरी होठो को मुंह में रख कर चूसने लगी और मैं उसकी पतली रसीली होठो को अपनी होठो से दबा दबा कर चूस रहा था | मैं उसकी होठो को चूसने के साथ उसके बड़े और चिकने बूब्स को पकडे के ऊपर से मसलने लगा |

मैं जब उसके बूब्स को मसलने लगा तो उसके मुंह से जोरदार सिसकियाँ निकल गयी | मैं उसके मस्त चिकने बूब्स को दबा ही रहा था और उसकी जींस के अन्दर हाथ डाल कर उसकी चूत को सहलाने लगा | वो मस्त तेज तेज सांसे लेने लगी और मैं उसकी वो सांसो को सुनकर और जोश में आ गया | वो अब गर्म हो गयी थी और मैं अब चोदाई करने के पुरे मूड में था की मुझे तभी लगा की कोई आ रहा है तो मैं चुपके से अपने कमरे में आ गया | तब मैंने देखा की मेरा जीजा बाहर घूम रहे हैं तो मैं भी पानी पीने के बहाने से बाहर आया | मैंने पूछा क्या जीजा अब इस टाइम घूम रहे हो वो बोले बस ऐसे ही और मुझसे पूछने लगे की तुम्हरे पसीना बहुत चला रहा है |

मैंने कहा कुछ नही जीजा लेटा था तो सपना अजीब देख लिया | वो बोले इस उम्र में सपने आते ही ज्यादा हैं और फिर वो चले गए | मैं उनको देखता रहा और जब वो अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया तो मैं फिर से आकांशा के कमरे में चला गया | तब आकांशा ने मुझसे पूछा की तुम भैया से क्या बात कर रहे थे तो मैंने कहा कुछ नही मेरी जान | फिर मैं उसको बाँहों में लेकर बेड पर लेट गया | मैं उसको अपनी बाँहों में लेकर बेड पर लेटा था और उसके मस्त बड़े बूब्स को दबाते हुए उसके दूध को मुंह में रख लिया | मैं जब उसके दूध को मुंह में रख लिया तो उसके मुंह से अह अह अह अह…. हाँ हाँ उई हाँ उई हाँ उई हाँ उई….. सी सी उई सी सी उई सी हाँ हाँ उई…. की सिसकियाँ लेने लगी | वो मस्त आवाजे कर रही थी |

मैं उसके बूब्स को मुंह में रख कर जोर जोर से चूस रहा था | वो मेरे सर को अपने बूब्स पर दबा रही थी | मैं उसके मस्त बड़े और चिकने बूब्स को एक एक करके चूस रहा था और साथ में उसकी पैन्ट को नीचे खिसका दिया और उसके चूत में अपनी ऊँगली घुसा दी | जब मैंने उसकी चूत में ऊँगली घुसा दी तो उसके मुंह से जोरदार सिसकियाँ निकल गयी |

मैं उसकी चूत में अपनी ऊँगली को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर कर रहा था | वो हं हं हं हाँ हाँ…. सी सी उई सी उई सी हाँ…. अह अह उई हा उई उई…. की आवाजे करती हुई मुझे कस के पकडे हुए थी | अब वो सेक्स के नशे में डूब गयी थी और चुदने के लिए तरस रही थी | तब मैं बिना टाइम को बर्बाद करते हुए अपने कपडे निकाल दिए और उसकी चूत के दाने को लंड से फैला दिया | मैं उसकी चूत के दाने को फैला कर उसकी चूत में लंड को घुसाने लगा | दोस्तों उसकी वो पहली चुदाई थी जिसकी वजह से उसकी चूत में लंड नही घुस रहा था | उसकी चूत बहुत टाईट थी |

मैं दूसरी बार उसकी चूत में थूक लगा कर घुसाने लगा और थोडा सा लंड घुसा कर जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए अन्दर तक घुस गया | आकांशा की चूत से खून निकलने लगा और उसकी आँखों में पानी आ गया | दोस्तों दर्द की वजह से आकांशा का मुंह खुला का खुला ही रह गया | मैं उसकी होठो पर अपनी होठो को रख कर धीरे धीरे अन्दर बहर करने लगा | वो बिस्तर को पकड कर जोर जोर से इधर उधर हो रही थी |

फिर वो कुछ देर बाद हाँ हाँ उई हाँ उई हाँ उई हाँ उई….. सी सी उई सी सी उई सी हाँ हाँ उई…. की आवाजे करती हुई चुदने लगी | मैं उसकी पतली कमर को हाथ में पकड लिया और जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए उसको चोदने लगा और वो मस्त होकर चुदने लगी | मैं उसकी चूत में जितने जोर से धक्का मारता वो उतने ही जोर से उछल जाती | दोस्तों जब मेरा लंड उसकी बच्चे दानी में जाकर रगड़ता तो उसके जिस्म में आग लग जाती जिससे वो उछल जाती | मैं उसकी चूत में ऐसे ही 15 मिनट तक धक्के मारता रहा जिससे उसकी चूत का पानी निकल गयी और वो झड़ गयी | उसके 2 मिनट बाद मैं भी झड़ गया | फिर मैंने उसकी होठो पर प्यारी से किस की और कपडे पहन कर अपने रूम में आ गया जहाँ मेरा बिस्तर दीदी ने लगाया था | उस चुदाई के बाद मैं उसको 3 बात और चोद चूका हूँ |


बाप ने बीच रास्ते में सगी बेटी को चोदा

 
बाप ने बीच रास्ते में सगी बेटी को चोदा

हेल्लो दोस्तों.....

मेरी बेटी सुमी जिसकी उम्र 17 साल है...

और मेरे उसके साथ तीसरी बार सेक्स है एक बार जब मैंने सील तोड़ी दूसरी तब जब मैंने उसकी गांड मारी..

 

आज मैं वो कहानी बताने जा रहा हूँ जब मैंने उसे बीच रास्ते में चोदा....मेरी बेटी सुमी 34 के उसके बूब्स हैं 30 की कमर और 36 की गांड...

इतना सेक्सी बदन ही शायद किसी का हो तभी तो अपनी सगी बेटी को चोदने का मन किया...

 

अब जब सामने ऐसा सुंदर सेक्सी माल हो तो कौन नही चोदना चाहेगा...उसके गुलाबी ओंठ और गोरी गोरी जांगें..गहरी नाभि .उत्तेजित  करने के लिए यही काफी हैं...जिसके ऐसा अंग उत्तेजित वाले हों सोचो उसकी मुलायम चूत और बड़े बड़े बूब्स कैसे होंगे...

 

इतना मस्त माल...मेरा लंड छ इंच का है पर मैं चाहता हूँ की नौ इंच लंड वाला कोई मेरी बेटी की चूत में डाले मेरे सामने और उसे बड़े मोटे लंड का भरपूर मजा दे...अब कहानी पर आता हूँ...पिछले साल मई की बात है हमें शादी में हिमाचल जाना था...पहाड़ी इलाके में...

 

मेरी दीदी की लड़की की शादी थी....हम चल दिए 12 मई की बात है गर्मी शुरू हो गयी थी...हम सुबह 8 बजे अपने घर से निकले गाड़ी से उतरकर हमें कम से कम एक किलोमीटर पैदल चलना था...आधा किमोमीटर नीचे तो आधा ऊपर...

baap beti ki chudai ki kahaniya

जहाँ से गाड़ी छोड़ी वहां पर हम 10.30 बजे सुबह पहुंचे...पहले निचे तो हम आसानी से उतरे..20 मिनट में ही पर अब ऊपर चढ़ाई चढना थोडा मुस्किल था...मेरी बेटी सुमी ने उस दिन ब्लू सफ़ेद वाली लॉन्ग स्कर्ट पहन रखती थी और ऊपर रेस कलर की टीशर्ट..

 

मैंने ब्लू कलर की जींस और ब्लू ही कलर की टीशर्ट...उपर चढ़ने के लिए चढ़ाई थी जैसी ही मेरी बेटी चढ़ाई चढ़ने लगी तो उसकी स्कर्ट लॉन्ग होने के कारण पैर के नीचे आने से फट गयी... अब फटी हवी स्कर्ट से दुसरे गाँव में जा नही सकते थे तो मेरी बेटी सुमी कहने लगी पापा क्या करूँ अब मैंने कहा कपड़े ला तो रखे हैं बदल ले..जींस पहन ले...तो सुमी कहने लगी यहाँ रास्ते में कहाँ बदलूं...

 

तो मैंने कहा बेटा यहाँ इस समय कोई नही आता गाँव वाले अपने काम १० बजे से पहले निपटाकर घर चले जाते हैं..ये रास्ता सुनसान है...मैं पहले भी तीन चार बार आ रखा हूँ तो मुझे पता है...और तेरी बुवा बता रही थी की उस रास्ते लोग बहुत कम जाते हैं क्यूँ की सब ऊपर के रास्ते ही जाते हैं....

 

तो मैंने कहा चिंता ना कर वो छोटा सा खेत है उसके कोने में जाकर बदल....सुमी मान गयी और खेत के कोने में चली गयी जहाँ से मुझे साफ़ दिखाई दे रही थी...वैसे उसे मेरे सामने कपड़े बदलने में कोई शर्म नही थी क्यूंकि सुमी मुझसे दो बार चुद गयी थी...

 

सुमी ने जैसे ही स्कर्ट निचे की और उसकी गोरी गोरी जांगे दिखी मेरा लंड तनने लगा...पहले सुमी बड़ी वाली पेंटी पहनती थी तो इस बार मैंने उसकी शोपिंग की और उसके सेक्सी वाली जालीदार पेंटी लाकर दी...जिसे पहनकर उसकी गांड बहार झलक रही थी...

 

क्या मस्त चुतड थे मेरी बिटिया के....मुझसे रहा नही गया तो मैंने सुमी के पास जाकर उसकी चूची दबाने लगा और एक हाथ उकी जांग पर फेरने लगा...सुमी कहने लगी पापा ये क्या कर रहे हो छोडो मुझे कोई आ जायेगा...मैंने एक नही सुनी और उसके ओंठ चूमने लगा...उसकी चूची दबाते रहा....वो मुझे रोकती रही मैं नही माना..और उसकी कच्छी के अंदर हाथ देकर उसकी बालों वाली चूत सहलाने लगा...

 

सुमी ने कहा पापा प्लीज छोड़ दो ना वैसे भी हमारा प्लान चुदाई का आज रात का था ही ...मैंने कहा बेटा तेरी गोरी गांड और जांगे देखकर मेरा मन बहुत है...आज मेरा मन बीच रास्ते में तुझे चोदने का हो रहा है..खुले आसामान के निचे कितना मजा आएगा...प्लीज ये चुदाई यादगार बनाते हैं....इस बार सुमी कुछ नही बोली..शायद वो गर्म होने लगी थी...उसे मजा आने लगा था...

 

मैंने उसकी चूत में ऊँगली दे रखी थी और एक साथ उसकी चूची दबा रहा था तो ओंठ उसके ओंठ चूस रहे थे....अब मैंने उसकी टेड टीशर्ट ऊपर करके उसकी ब्रा से एक चूची को बहार निकाल कर उसे चूसने लगा एक बच्चे की तरह....अब सुमी कहने लगी ''आऊऊ'' मेरा बच्चा दूदू पी रहा है..

sagi beti ki chudai

पी मेरा बचा पी...अब मैंने सुमी एक टांग वहीँ खेत की दिवार पर खड़ा करके उसकी कच्ची नीचे करके उसकी रसदार मलाईदार चूत चाटने लगा...सुमी की चूत पर अभी हल्के हल्के बाल उगना शुरू हुवे हैं लाल चूत....कितनी मजेदार थी....जैसा मासूम चहेरा वैसी ही मासूम चूत भी...

 

मासूम थी फिर भी उसे फाड़ने का मन था...अब मैंने सुमी की चूत को अंदर तक चाटने लगा...रसदार चूत के रस का आनंद लेने लगा....सुमी अब बहुत गर्म हो चुकी थी...मेरा लंड पूरी तरह तन चूका था...सुमी बहुत तेजी से मति पेंट और फिर मेरा कच्छा नीचे करके जल्दी से मेरा लंड बहार निकाला और अपने मुह में घुसा कर चूसने लगी..

 

बहुत तेजी से मुह के अंदर बहार करने लगी...क्या आनंद था वो जब मेरी सगी बेटी ही मेरा लंड चूस रही....कितना मजा आ रहा था...सुमी मेरा लंड चूसे जा रही थी मैंने सुमी से कहा बेटा लंड का पानी निकलने वाला है तो सुमी ने कहा की निकलने दो..और सारा पानी उसने अपने मुह में समेट लिया....और लंड चाटने लगी...मेरा लंड अब मुरझा चूका था पर सुमी की प्यास वैसी ही थी...

 

मैंने कहा चिंता ना कर थोड़ी देर में खड़ा हो जायेगा...इतने में सुमी मेरे सीने से चिपक गयी और कुछ देर ऐसी ही रही...और कहने ली पापा मैं अभी भी गर्म हूँ...मेरी अपनी रांड बिटिया को ठंडा कर दो...अब मैंने फिर से उसकी गीली और चिकनी चूत में ऊँगली दी और अंदर बहार करने लगा...अब मैंने सुमी से कहा बेटा तो हाथ से पकड़ कर मेरा लंड हिला हिलाकर खड़ा कर ताकि मैं आज तुझे इस खेत में चोद सकूँ...

 

सुमी ने कहा हाथ से क्यूँ पापा मैं चूस कर खड़ा करती हूँ जल्दी हो जायेगा...और मेरा लंड मुह में दे कर अंदर बहार करने लगी..कुछ ही पल में मेरा लंड कड़क हो गया तो सुमी ने कहा पापा अब जल्दी करो...मैंने कहा ठीक है...मैंने सुमी को पर से पूरा नंगा कर दिया..तो कहने लगी पापा पूरी नंगी मत करो कोई आ जायेगा...मैंने कहा कोई नही आएगा और तेरा सुंदर जिस्म को नंगा करके चोदने में मजा आता...

 

मैंने उसे पूरा नंगा कर ही दिया और खुद भी नंगा हो गया....अब मैंने सुमी के एक टांग फिर से खेत की दीवार में रखकर उसकी चूत में वहीँ खड़े खड़े लंड अंदर डाल दिया और एक ही झटके में सीधा अंदर सुमी की चीख निकल गयी...अब मई धीरे धीरे सुमी की चूत में धक्के मारने लगा..हम दोनों को बहुत मजा आने लगा....

 

सुमी के मुह से तेज तेज आवाजें निकलने लग गयी वो भूल गयी की वो बीच रास्ते में अपने पापा से चुद रही है.....आह्ह्ह्ह पापा ...ओह्ह्ह्ह पापा...चोदो अपनी बिटिया को ....आह्ह्ह सुमी आपके लंड की प्यासी है....मुझे आपके लंड से बहुत प्यार है...

 

आह्ह्ह्ह पापा....और जोर से...फाड़ दो इस कुतिया सुमी की चूत....i love u पापा.... आह्ह्ह...ओह्ह्ह्ह...मुहाआआअ...उईईइ...पापा धक्के की स्पीड बढाओ....वोह्ह्ह्ह मेरे पापा...सुमी की गर्म साँसे मेरे मुह से टकराने लगी..सुमी सेक्स के सागर में गोते लगा रही थी....

 

ले मेरी सुमी रांड...आह्ह्ह्ह मेरी गुडिया....वोह्ह्ह्ह मेरी सुमी....सुमी की सिस्कारियां तेज हो गयी...उसकी सांसे तेज तेज चलने लगी....आह्ह्ह उह्ह्ह्ह i love u पापा....आह्ह्ह पापा आज अपने बच्चे की माँ दो मुझे....मैं आपके बच्चे की माँ बनकर सदा आपकी होना चाहती हूँ....

 

मैं सारी दुनिया छोड़कर सिर्फ आपकी होकर रहना चाहती हूँ...आह्ह्ह पापा i love u पापा....मैं खड़े खड़े ही अपनी बेटी सुमी की जमकर चुदाई कर रहा था..सुमी को भरपूर मजा दे रहा था...धक्कों की स्पीड तेज हो गयी...फच फच फच की आवाज सुमी की चूत से आने लगी...

 

सुमी अब चरम सीमा पर थी और जोर से आवाजें कर रही थी...उसकी आवाज से पूरा जंगल गूंजने लगा...मैंने सुमी को कहा आवाज थोड़ी निचे कर मेरी रांड कोई सुन लेगा..तो कहने लगी सुनने तो मुझे मेरा पति ही चोद रहा है....आज से मैंने आपको अपना पति अपना सब कुछ मान लिया..अब तुम्ही मेरे सब कुछ हो.... आह्ह्ह्ह ऊओह्ह्ह मेरे पति ...मुझे पत्नी ना सही अपनी रखेल ही बनाकर रखना...

 

चोदो मेरे पति देव... आह्ह्ह्ह..आज से ये सुमी तुम्हारी पत्नी बन गयी....बस अब जल्दी से माँ बना दो....आह्ह्ह्ह पापा ओह्ह्ह्ह मेरे पति....सुमी की चूत एकदम टाईट थी लग नहीं रहा था कि वो पहले भी दो बार चुदी हुई है... मैंने अपना लंड बाहर खींचा और फिर से अंदर डाल दिया... इस बार सुमी के मुंह से सेक्सी आवाज़ निकली...

 

मैं जोर जोर से सुमी की चूत चोदने लगा और उसके बड़े-बड़े बूब्ज़ मेरे झटकों के साथ हिलने लगे... सुमी अपने हिलते हुए बूब्ज़ को पकड़ कर दबाने लगी और उसका चेहरा चुदाई के नशे से चहक रहा था... मेरे लंड के अंदर-बाहर होने से सुमी की चूत बिल्कुल गीली हो गई और फच्च फच्च की आवाज़ें आने लगीं... हम दोनों अपने रिश्ते से बेखबर हो कर चुदाई का आनंद ले रहे थे....

Video: बेटे ने सोती हुई माँ को चोद दिया

 

मैंने सुमी को उल्टा लेटा कर दिया, मैंने सुमी की टांगें खोलकर उसकी चूत पर लंड लगा दिया और उसके कंधों को कस को पकड़ लिया... मैंने झटका मारकर अपना लंड सुमी की चूत में घुसा दिया और चूत चोदने लगा... चूत में लंड का अंदर-बाहर होना और सुमी के नर्म चूतडो़ं का स्पर्श मुझे अजीब सी मदहोशी दे रहा था.. मैं दनादन झटके मारकर अपनी सगी बेटी को मस्ती से चोदने लगा और सुमी भी बड़ी गर्मजोशी से अपने सगे बाप का लंड ले रही थी...

 

मेरे हर झटके से सुमी के मुंह से कामुक आहें निकलती और मेरा जोश और भी बढ़ जाता.. जब सुमी मस्ती में चिल्लाती तो मैं जोश में आकर और भी तेज़ी से उसकी चूत चोदता...मैं सुमी को चोदते हुए हांफने लगा तो सुमी ने मुझे नीचे लेटा दिया.. वो मेरे ऊपर आ गई और मेरी छाती को जीभ से चाटते हुए मेरे निप्पलों को मुंह में भर कर चूसने लगी...

 

उसने अपनी चूत मेरे लंड पर टिका दी और दोनों हाथ मेरी छाती पर रख दिए... सुमी ने मेरे दोनों हाथ अपने बूब्ज़ पर रखकर अपनी गांड नीचे धकेल दी और मेरा लंड फिर से सुमी की चूत की गहराई की सैर करने लगा.. सुमी उछल उछल कर मेरा लंड अपनी चूत के अंदर-बाहर करने लगी और मैं उसके बूब्ज़ मसलने लगा....आह्ह क्या मजा आ रहा था...

 

सुमी कहने लगी पापा मजा आ रहा है न अपनी रांड बिटिया के साथ...मैंने कहाँ हाँ बेटा तेरे साथ नही आएगा तो किसके साथ आएगा...तू तो 100 साल के बुड्डे को भी भरपूर मजा दे....हाँ पापा...आह्ह्ह्ह और सुमी उपर जोर जोर से चोदने लगी...अब सुमी कहने लगी पापा मुझे अपनी गोदी में लेकर खड़े खड़े चोदो...मैंने सुमी को अपनी गोदी में लिया और खड़े खड़े चोदने लगा...

 

अब सुमी की सिस्कारियां और तेज हो गयी...उसने जोर जोर से मेरे ओंठ चोसना शुरू कर दिया...और मैंने भी अपनी धक्कों की स्पीड बड़ा दी...सुमी झड़ने वाली थी इसी लिए मुझे जोर जोर से किस कर रही थी...उसका बदन अकड़ने लगा और कुछ ही देर में सुमी झड़ गयी..और कहने लगी पापा आप भी झडो में मेरी चूत में मैंने भी अपने लंड का गर्म गर्म वीर्य उसकी नाजुक और गीली चिकनी चूत में छोड़ दिया...कुछ देर मैंने सुमी को ऐसे ही अपनी गोदी में रखा और हम दोनों चूमा चाटी करते रहे...

 

अब मैंने अपनी बिटिया को निचे उतारा सुमी कपड़े पहनने लगी तो मैंने उसे रोका और कहा यहाँ कोई नही आगे थोड़ी दूर तक ऐसे ही नंगे चलते हैं...क्यूंकि थोड़ी दूर पर एक झरना था दोहपर के एक बज गये थे गर्मी भी हो गयी थी और हम जबर्दस्त चुदाई करके थक भी गये थे तो मेरा प्लान उस झरने में नंगे नहाने का था...अब हम उपर को ऐसे ही नंगे चले..

 

मैंने अपनी सुमी की नंगी कमर में हाथ रख दिया...थोड़ी दूर चले झरना आ गया...हम झरने में नंगे नहाने चले गये..अब आपको पता ही जब खूबसूरत लड़की के साथ झरने में नंगे नहाने को जाओ तो चुदाई का मूड हो जाता है..मैंने सुमी को कहा बेटा मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया...तो सुमी कहने लगी मैं मना करुँगी तो आप कौन सा मानने वाले हो...करो पापा जो करना है....

 

तुम्हारी इस रांड बिटिया की चूत तुम्हारे लिए धर्मशाला है कभी भी घुसा दो....झरना होने कारण वहां एक छोटा सा तालाब भी बन गया था..मैंने अपनी बिटिया को उसी तालाब में पटक कर पानी के अंदर ही उसकी चूत में लंड घुसा दिया...और घक्के मारने लगा....सुमी कहने लगी पापा उससे ज्यदा चुदने में तो पानी के अंदर मजा आ रहा है....

 

आज आपने अपनी सुमी रांड को जी भरके नये नये मजे दे दिया..मजा आ गया ..i love u my sweet heart....आह्ह्ह्ह पापा....पानी के अंदर धक्कों की खूब आवाज आ रही थी ..छपाक छपाक.....झरने के ठंडे पानी से भी हम दोनों की गर्मी खत्म नही हो रही थी..धक्कों की स्पीड और सुमी की आवाजें तेज हो गयी....मैंने सुमी से कहा बेटा इस बार लंड का माल तेरे मुह में गेरुंगा...सुमी ने कहा पापा जहाँ मर्जी गेरना आपकी रांड हूँ  जो चाहे वो करना..पर अभी अपनी बिटिया को खूब पेलो...चूत फाड़ दो...

 

आह्ह्ह्ह पापा i love u पापा....ऊओह्ह्ह्ह पापा उईईईईई...आज तहस नहस कर दे मति चूत का ....हम दोनों चरम सीमा में थे...झड़ने वाले थे मैंने लंड बहार निकाला और सुमी से कहा बीटा लंड हिला हिला के खुद ही लंड का माल मुह में ले...सुमी ने ऐसे ही किया और सारा माल चाट के साफ किया...और कहा पापा आज सच में बहुत मजा आया यादगार बना दी आज आपने ये चुदाई...muhhhhaaa और किस करने लगी...

 

फिर नंगे ही मेरे सीने से चिपक गयी...उसके बाद उसने मुझे उसी तालाब में अपने हाथ से नहलाया...मेरा लंड खूब साफ़ किया...2 बज चुके थे...हमने कपड़े पहने और चल दिया....वहां हम 3.30 बजे पहुंचे...हमने जल्दी पहुँच जाना था पर दो बार की चुदाई ने हम दोनों को थका दिया तो हम आराम से गये...वहां पहुंचते ही हम खाना गया..थोड़ी वहां गाँव में घुमे...रात को मेहँदी थी...

 

हमने पहले रात का खाना खाया उसके बाद सुमी मेहँदी लगाने चली गयी..दुल्हन को उसी ने मेहदी लगानी थी क्यूंकि उसने इसका कोर्स कर रखा था..मेहँदी लगाने के बाद हम थोड़ी देर नाचे...अब रात की 11 बज चुके थे..हम अपने रूम में सोने के लिए...रूम में आते ही मैंने सुमी को गोदी में उठाया और उसे किस किया....तो सुमी ने कहा पापा अभी भी मरे चुदाई होने वाली है...

 

मैंने कहा हाँ ..ऐसी रात में कहाँ छोड़ने वाला..पापा मैं बहुत थक गयी हूँ...तो मैंने कहा तेरा मन नही तो कहने लगी मन तो है पर....मैंने कहा बस.. रात अपनी बात अपनी... जिस रूम में हम थे उसी रूम में दुल्हन का सारा मेकप का सामान था ..और दुल्हन का जोड़ा भी...मैंने सुमी से कहा अब यहाँ कोई नही आने वाला तू दुल्गन बन जा...आज रात हम सुहागरात मनाएंगे...

 

एक पति पत्नी की तरह...सुमी ने कहा हाँ पापा मैं भी कब से रही सोच थी की कब आएगा वो दिन जिस दिन मैं दुल्हन के रूप में आपसे सुहाग रत मनाउंगी....मैंने कहा बीएस वो दिन आज है और बन जा मेरी दुल्हन एक रात के लिए...सुमी ने कहा थी है आप बहार जाओ मैं दुल्हन बनकर सजकर सेज पर बैठी रहूंगी...सेज तो नही था पर बेड था और नर्म गदा भी...अब मैं बहार चला...

 

वहीँ छत में टहलने लगा..आधा घंटे बाद मैं अंदर चला गया...सुमी दुल्हन के रूप में सजकर बैठी थी...आह क्या सुंदर लग रही थी...पहचान में आ ही नही थी..उसको मेकप करना अच्छी तरह आता था...पूरी तरह दुल्हन लग रही थी..कितनी मस्त थी मेरी सुमी...आज हम दोनों सुहाग रात मनाने वाले थे....अब मैं सुमी के पास गया और दोनों हाथ उसके मुलायम गालों पर रख कर उसके मक्खन जैसे ओंठ चूमने लगा....

 

सुमी मेरी जान आज तुम इस साड़ी में बहुत सेक्सी लग रही हो, आज तो में पूरी रात तुम्हे सोने नहीं दूँगा, क्योंकि आज तो तुम्हारा एक एक अंग मुझे देखना है.चूमना है. और में तुम्हे नीचे लेकर ऊपर तक जी भरकर देखना चाहता हूँ..प्यार करना चाहता हूँ...सुमी ने कहा जैसे मेरे पतिदेव की इच्छा...आज ये सुमी आपकी पत्नी है...जी भरके प्यार करो...निचोड़ दो आज अपनी पत्नी सुमी को...आओ मेरे पति मुझमें समां जाओ.....

 

मैं कहने लगा सुमी  आज तेरे बूब्स को चूसूंगा और इनका रस पीऊँगा और ऊपर से लेकर नीचे तक तुझे किस करूँगा, तेरे हर एक अंग को में किस करूँगा...सुमी कहने लगी हाँ मेरी जान..करो आज जी भरके...ऐसी सेक्सी बातें और किस करते करते आधा घंटा हो गया...तो सुमी कहने लगी मेरे पतिदेव आज अपनी सी पत्नी को नंगा कर दो....आज मेरी नथ उतार दो...आज मेरी चूत को ऐसे चोदना की ये खूब से लथ पथ हो जाय...

 

अब मैं सुमी को धीरे धीरे नंगा करने लगा उसके एक एक गहने उतारने लगा...अब उसके सरे गहने उतर चुके थे अब मैंने उसकी सारी उतार दी..अब सुमी मेरे सामने पेटीकोट और ब्लाउज में थी..वाह क्या गजब की बला लग रही थी...मैं सुमी के बूब्स उसके ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा तो सुमी ने कहा मेरे पतिदेव उपर से क्या दबा रहे हो इन को आजाद करो और जी भर के मसलों दबाव चुसो...ये सिर्फ तुम्हारे हैं...

 

अब मैंने ब्लाउज से सुमी की चूचियां बहार निकाल दी उसने अंदर ब्रा नही पहनी थी...सुमी की चूचियां मैंने पहले भी देखि थी दबाई थी मगर आज कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही थी....अब मैं उनको सहलाने लगा...चूसने लगा ..उनको दबाने लगा...सुमी कहने लगी ओह्ह्ह मेरे पति देव क्या चूसते हो .मजा आ गया...चूस मेरे राजा आज अपनी पत्नी सुमी की चूचियां खूब चूस...

 

अब मैंने धीरे धीरे सुमी का पेटीकोट ऊपर जांगों तक सरका दिया और उसकी जांगे सहलाने लगा...और धीरे धीरे अपने हाथ उसकी गर्म चूत पर ले गया जहाँ ज्वालामुखी था...मैं उसकी चूत सहलाने लगा..सुमी कहराने लगी...आह्ह्ह्ह ...सुमी कहने लगी पापा ऊँगली से काम नही चलेगा अपना लंड डालो...मैंने कहा पापा नही पति...सुमी...हाँ मेरे पति...लंड डालो...

 

मैंने सुमी का पेटीकोट उपर करके उसकी चूत में लंड डालने लगा...दोपहर में दो बार चुदने के बाद चूत में एक दम से लंड घुस गया...अब मैं धक्के मारने लगा..सुमी की सिस्कारियां बड़ने लग गयी...आह्ह्ह्ह मेरे राजा....आज जैसे दुल्हन बनाया बस वैसे ही मुझे माँ बना दो..अपने लंड का गर्म गर्म वीर्य में मेरी चूत में गेर कर मुझे अपने बचे के माँ बना दो....आःह्ह उऊऊऊउईई....i love u my sweet huby...i kiss u baby.....रगड़ दो आज अपनी पत्नी बेटी और प्रेमिका को..खूब रगड़ों अपनी इस रांड को..आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह्हह्ह्ह ....shhhhhhhhhhhh....

 

पापा आज अपनी इस पत्नी के चूत का भोसड़ा बना दो...आह्ह्ह्ह पापा...चोदो और जोर से चोदो अपनी दुल्हन को...पापा मेरा पेटीकोट निकाल दो अपनी पत्नी को पूरी तरह से नंगा करके चोदो..फाड़ दो आज मेरी चूत ...अब मैंने सुमी से कहा घोड़ी बन जा...सुमी घोड़ी बन गयी मैंने पीछे से उसकी गर्म चूत में लंड घुसा दिया और धक्के मारने लगा..अब सुमी अपने पापा से घोड़ी बनकर चुद रही थी...

 

मैं भी फुल स्पीड में धक्के मारे जा रहा....इस पोजीशन में सुमी को चोदते 15 मिनट हो गये तो सुमी कहने लगी पापा अब मैं आपकी उपर से आकर आपको चोदूंगी...मैंने कहा ठीक है...मैंने नीचे लेट गया सुमी ने अपना मुह मेरी तरफ करके मेरा लंड अपने हाथ से पकडकर चूत में मुह पर सटा दिया..और उपर से जोरदार झटका मारा ...मेरा पूरा लंड नीचे से उसकी चूत में घुस गया...

 

अब सुमी ऊपर से ताबड़ तोड़ धक्के मार कर अपने पापा को चोदने लग गयी...आह्ह्ह्ह क्या मजा आ रहा था....मैंने कहने लगा आःह्ह्ह सुमी बेटा और जोर से कर उपर से...अंदर बच्चेदानी तक घुसा से अपने बाप का लंड....आह्ह्हह्ह मेरी गुडिया.... ओह्ह्ह...हम दोनों की आवाजों से पूरा कमरा महकने लगा....बहार ज्यादा आवाज में DJ पर गाने बज रहे थे ..इसलिए हमारी आवाजें बहार नही जा रही थी...

 

अब सुमी ने कहा पापा अपनी बेटी की एक टांग खड़ी करके चोदो..अब मैंने वैसे ही किया सुमी की एक टांग खड़ी करके उसकी चुदाई करने लग गया...सुमी कहने लगी वोह्ह बेबी मेरे दुदू चोसू...अब मैं सुमी के बड़े बड़े दुदू एक बच्चे की भाँती चूस रहा था...

 

अब सुमी जोर जोर से आवाज निकाल के बोलने लगी .आःह्ह्ह पापा मैं आने वाली हूँ.... ओह्ह्ह्ह पापा...स्पीड बढाओ मैं झड़ने वाली हूँ....मेरी स्पीड बढ़ गयी..और थोड़ी ही देर में मैंने लंड का सारा माल अपनी बेटी की चूत में डाल दिया...सुमी ने मुझे खूब किस किया और कहा पापा आज आपने मुझे सुहागरात का पूरा मजा दिया...i love u my sweet पापा.....

 

उसके बाद हम दोनों बहुत थक गये और ऐसे नंगे सो गये...पहले बार हम दोनों एक साथ नंगे सो रहे थे...सुमी ने कहा पापा प्लीज... अपना लंड मेरी छुट में डालकर ही सो जाओ...मैंने कहा बेटा अब ये मुरझा गया चूत में नही जाएगा...

 

तो सुमी ने बिना कुछ बोले लंड को मुह में लेकर चूसने लगी...10 मिनट तक चूसती रही..इतने में लंड खड़ा हो गया तो कहने लगी पापा मैंने अपनी जान को खड़ा कर दिया अब आप अपनी जान में मेरी जान को घुसा कर सो जाओ...

 

मैंने सुमी का एक पैर अपने उपर रख कर लंड उनकी चूत में घुसा दिया और हम दोनों सो गये....सुबह 5 बजे नींद टूटी तो देखा सुमी मेरा लंड चूस रही थी...मैंने कहा क्या हुवा बेटा रात को प्यास नही बुझी...

 

पापा बुझ तो गयी पर अभी फिर चुदाई का मन हो रहा है...एक बार फिर हम चुदाई के सागर में गोते लगाने लगे...सुमी ने कहा पापा सुबह सुबह चुदने का मजा ही कुछ और है..मैंने सुना था की सुहागरात के बाद पति पत्नी एक बार सुबह भी चुदाई करते हैं तो मैंने भी सोचा हम भी करें...

 

एक बार फिर हम दोनों ने जमकर चुदाई की...और फिर सो गये...10 बजे आराम से उठे....आज ही बारात आनी थी...हम दोनों नहा के तैयार हो गये...मेरी सुमी ने रेड साड़ी पहन रखी थी..उसका नावेल साफ़ दिखाई दे रहा उसकी नाभि दिखने से वो गजब की सेक्सी लग रही वहाँ के सब लडकों की नजर मेरे माल पर थी...

 

पर मेरा माल किसी को भाव ही नही दे रहा था...इस कहानी में बस इतना बाकी अगली कहानी में..धन्यवाद

 

Lockdown ke baad dosto ke sath bahan chodi

Hello, I am Anubhav, thank you aap sabka hamari pichli story padne ke liye. Ab ham aage ki story leke aa rahe hai.

To ghar vapis aane ke bad ham sabko gangbang karne ka to time nahi mil raha tha. Lekin ab mere dosto me se (amar, sonu, shani, pranav) jab bhi kisi ka sex karne ka man karta. Tab vo palak ya simmi ko call karke bula leta.

Aur simmi aur palak time nikal ke uske sath hotel me chali jati ya fir jab bhi koi dost ka flat khali hota waha chali jati.

Lekin kyuki bathinda koi bahut badi city nahi hai. Uski wajah se sab kuch chhup ke karna padta. Even hotel me bhi jate waqt dhayan rakhna padta ki receptionist ke sivaye koi unhe dekhe naa aur har bar alag hotel choose kiya jata.

Aur main aur meri bahen palak ghar par hi sex karke rat ko mom dad ko nind ki davayi deke. Palak is sab se bahut khush thi, kyuki ab vo almost har dusre din chudti thi aur kabhi kabhi subah aur sham chudti jaise subah shani se uske flat pe. Aur sham ko amar se hotel me. Aur rat ko merse. Bich me usse kafi rest mil jati to vo bahut khush thi.

Lekin ham sab ab kuch alag karna chahte the lekin kar nahi paa rahe the.. To ye sab chalte chalte corona virus ka time aa gaya aur india me lockdown ho gaya 21 din ka. Ab sabko jo mil raha tha vo bhi milna band ho gaya.

Sabne 15 din to wait kiya lekin jab raha nahi gaya to hamne plan banaya ki rat ko 1 banda ghar pe aa jaya karegaa. Lekin night curfew ki wajah se ye plan bhi cancel ho gaya.

To sabne badi mushkil se time nikala 15 april tak lekin tab announce huya ki lockdown bada diya gaya aur ese hote hote 1 june aa gyi. Aur isi bich shani ke ek dost ko corona virus ho jata hai jiske flat pe lejake vo palak ko choda karta tha. Aur vo hospital me bed le leta hai aur uska flat khali ho jata hai. To 2 din bad shani ko idea ata hai.

Bahen ko Randi bana dosto se chudwaya

Shani mujhe call karta hai.

Shani: sun yar ek idea aya hai. Vo mere dost ka flat khali pada hai. Waha le chalte hai simi ko.

Main: yar mushkil hai ghar wale kahi nahi jane dengee bina kisi kaam ke.

Shani: yar sun na maine sab socha hai. Simmi ki bat karva denge tere ghar. Vo palak ke kisi frnd ke nam se bat karegi aur gharpe bolegi ki palak 2 din mere pass rukegi study ke liyee.

Main: yar pata nahi ye idea kitna chalega.

To main ye sab palak ko batata hu aur vo thoda darti hai. Par man uska bhi hota to ham fir simmi ko call karke sab samjate hai aur uski bat gharpe karvate hai. Aur vo badi mushkil se mom dad ko manati hai aur ese bat karti hai jese vo palak ki real friend ritu hi hai.

Simmi ritu banke mom dad ko samjati hai ki sab safe hai aur palak uske pass ruk jayegi. Thode din study ke liye aur aapko dar hai to anubhav bhayiyo ko bhi sath bhej do. To mom dad ready ho jate hai aur mujhe aur palak ko agle din bhej dete hai.

To ham sabko msg kar dete hai ki agle din sham tak sab 1-1- karke aayee thode thode time tak taki koi dekhe na aur kisi ko shak na hoo. Shani ke vo dost ka flat vese bathinda ke end pe hota hai aur hamare ghar se kafi dur. To agle din main aur palak subah 10 baje tak waha pahunch jate hai. Aur shani wahi hota hai.

bahan ki samuhik chudai

Gate kholte hi shani jese palak pe tut padta hai aur use niche bitha ke uske muh me lund de deta hai. Ye dekhke main bhi garam ho jata hu aur gate band karke main bhi aapna lund nikalta hu. Aur palak ab bari bari se hamara lund chusne lagti hai. Aur kafi der chusne ke bad.

Shani usse wahi letata hai aur uski chut me lund de deta hai. Aur uski full speed me marne lagta hai. Itni speed hone ke karn kuch minute me hi vo jhad jata hai vo wahi let jata hai. Tabhi main bhi palak ki chut me lund dalta hu aur karib 10 minute tak uski chut marta hu.

Ab shani palak ko godi me uthata hai aur bedroom me lee jata hai kiss karte huye aur wahi lejake leta deta hai aur uske boobs se khlne lagta hai. Tabhi gate ki ghanti bajti hai main gate kholta hu to amar aya hota hai. Ander ate hi vo puchta hai

Amar: palak kaha hai.

Main: bedroom me.

Ye sunta hi vo aapne kapde utarta hai aur sidha bedroom me jakee aapna lund palak ki chut me de deta hai. Ab shani uske boobs chus raha hota hai aur amar suki chut mar raha hotaa hai. Aur karib 7-8 minute bad jhad jata hai.

samuhik chudai

Ab karib 2 ghante tak ham teeno palak ke sath khelte hai aur 1-1 bar uski chut aur marte hai. Utne me sonu aur pranav bhi aa jate hai.. Aur vo bhi palak ki 2-2 bar mast chut marte hai uske bad sab rest karne lagte hai aur dekhte hi dekhte sham ho jati hai.

To sabko bhukh lagti hai to sab khana khane hall me aate hai. Ab sab nange hi hote hai. Palak kapde pehnne lagti hai to shani usse rok deta hai.

Shani: ab jitne din yaha rahegi nangi hi rahegii.

Palak: theek hai kutte lekin pehonge tum sab bhi kuch nahi.

Shani: theek hai lekin chudayi khub hogi fir teri.

Palak: vo to vese bhi honi hai sab tarse pade the lockdown ke karn.

Ab sab hasne lagte hai aur sab khush hote hai. Lekin tabhi ek shock lagta hai jo ki sabko hila ke rakh deta hai. Ye shock kya hota hai aur aage kya huya ye janne ke liye padte rahiye Indian Adult Story dot com aur Mazedaar chudai kahaniyon ka maza uthate rahiye.

Bua ki Beti ko sote hue Choda

 
Bhai bahan ki chudai ki kahani, Bua Ki ladki Ki Chudai, Bua ki Beti ko sote hue Choda

Hello friends Mera naam Rajiv hai, main Pune ka rehne wala hun. Aur ye kahani mere aur meri bua ki ladki Reena ki cousin ki chudai kahani hai.

Ye mere first story hai, so please feedback jarur share kare. Agar Pune me agar kisi ko fun chayie toh aap mujhse contact kar satke hai. Ab jyada time na lete hue main khud ke bare me bta deta hun.

Main ek college student hun, aur meri age abhi 20 saal hai. Aur main kisi bhi ladki ya aunty ko satisfy kar sakta hun. Are main Reena ke bare me batna toh bhul hi gya, wo dikhne main kuch jyada achi nhi hai.

Par uske boobs bohat hi bade hai, uski gand dekh ke usko chodne ka maan karta hai. Wo bhi 20 saal ki hai, pehle main uske liye kuch galat nhi socha tha. Par jab se maine Indian adult story par cousin wale sex stories padhi hai, main usko choodne ke liye bechan hone lag gya.

Baat tab ki hai jab wo humhare ghar main rehne bua ke sath aayi thi. Hum dono ki bahot achi bani hui thi. Toh jab wo aayi thi, toh hum dono bahot masti kari. Aap yah cousin ki chudai ki desi kahani Indian Adult Story dot com par padh rahe ho. Hum movie dekhte hue aise hi raat raat bhar bat karte rhete the.

Ek baar Reena ne mujhse pucha – Tumhare koi girl friend nhi hai kya?

Main – Nhi teri jaise mil hi nhi abhi tak.

Reena – Bas bas.

Main – Are sachi yaar.

Reena – Acha ye chhod baki ye bta studies kaise chal rhi hai?

Main – Achi chal rhi hai.

Bua Ki ladki Ki Chudai

Fir hum yahan whan ki baat kar ne ke baad, wo mere hi room me so gyi thi. Aur mani usko dekh rha tha, uske baade baade boobs uske nighty me bina bra ke mujhe khane ko bula rahe the.

Aur uski gili chut mujhe uske pass kich rahi thi, main aise hi baith kar apna lund bahar nikal kar hila rha tha. Fir maine thodi himat karke uske boobs par maine apna hath rkha diya.

Usne koi response nhi diya, thode der aise hi rehne ke baad main uske boobs ko dabane lag gya. Fir maine dheere se uski chut ko uppar se hi touch kiya, aur thoda sehlane lag gya.

Uski chut bhi gili ho rkhi thi, aur thode hi der me maine uski panty ko niche karke uski gili chut me apni ek ungli daal di.

Fir bhi usne koi response nhi diya, wo aise hi chup chap padi thi. Meri aur himmat badh gyi, main dheere dheere uski chut me ungli kar rha tha. Tabhi mujhe mere lund pe kuch mehsus hua, joki uska hath tha. Main daar gya aur maine apni ungli nikal di.

Main – Sorry.

Par usne meri baat ka koi jawab nhi diya. Fir usne mere lund ko hath me liya aur wo use hilane lag gyi. Ab main samjh gya ki ye bhi puri garam hai, aur ab ye hi sahi time hai.

Fir usne mere lund ko apne muh me bhar liya, aur wo usko chussne lag gyi. Wo feeling bohat hi jyada mast thi, sorry ye main aapko words me explain nhi kar sakta. Nain uski muh ko choodne lag gya tha.

Fir maine usko bed pe sidha leta kar uske bade bade boobs par bite krne lag gya. Sath hi main niche se uski chut me ungli krne lag gya. Wo bohat hi jyada turned on ho gye thi, fir main uski chut ko chaatne lag gya.

Jo ki namkeen thi aur thoda thoda pani uski chut me se nikal bhi rha tha. Aap yah cousin ki chudai ki desi kahani Indian Adult Story dot com par padh rahe ho. Jo aur tasty tha, Reena mere sir ki apni chut par daba rahi thi taki main uski chut ko kha jan.

Bhai bahan ki chudai ki kahani

Fir maine usko 69 ki position me aane bola, fir maine uski clean shaved gili chut ko chatne lag gya. Usme se bohat hi aachi smell aa rhi thi. Main usko apni tongue se chaatne lag gya, aur usko main apni tongue se chodne lag gya.

Wo ab pagalo ki tarha moan kar rahi rhi thi, aur kuch hi der oral sex ke bad uske uska sara pani mere muh me hi nikal gya. Jo maine pura nigal liya, wo thoda salty aur bahot tasty tha.

Fir Reena ne mujhe uski chut me lund dalne ko kaha, par mujhe abhi usko aur bhi tadpana tha. Maine uski gand ke hole ko chatna shuru kar diya, jisse wo bohat hi jyada wild ho gyi.

Ab wo mera lund jor jor se chusne lag gyi, aur wo boli – Please ab mujhe chodo aur meri chud ka bhosda bana do.

Fir aur der na karte hue, maine apna mota lund, uski chut par rkha aur dheere dheere dhaka de kar lund ander dalne lag gya. Ab wo dard se thoda rone lag gyi thi, fir maine ek aur dhaka mara aur apna pura lund uski chut me utar diya.

Fir main thodi der ruk gya, aur fir dheere dheere maine use speed se chodna shuru kar diya. Ab wo mujhe bar bar apne uper khinch rhi thi. Wo mujhe jor jor chodne ko keh rhi thi, par main fir bhi dheere dheere chod rha tha.

Jab uski chut ka pani nikal gya, toh maine apni full speed se use chodna shuru kar diya. Fir maine use doggy style ke liye pucha, toh wo man gyi. Fir maine uski gili chut kar karib 25 minute tak jam kar choda.

Aur ab me discharge hone wala tha, toh maine use pucha – Jaan kahan par nikalun?

Wo – Janu ander hi nikal do naa.

Fir aise hi kuch der dhakke marne ke baad hum dono sath hi main discharge ho gye. Aur aise hi ek dusre pe paade rahe. Fir Reena ne Mera lund fir mu me le kar usko khada kar diya.

Fir wo mere uppar aa kar baith gyi, aur wo mere lund ke uper kudne lag gyi. Main tab bhi uske boobs ko chus rha tha, kuch hi der me wo fir se jhad gyi aur thoda weak ho gyi.

Fir main usko pakad kar choodne lag gya, aur kuch 20 min baad main discharge hone wala tha.

Wo – Mujhe ab tera pani peena hai.

Fir kuch hi dhakke ke baad maine mera lund nikal kar usko de diya, ab wo niche baith ke lund muh me bhar kar usko chusne lag gyi. Karib 1-2 minute me maine uske muh me apne lund ka pani bhar diya.

Mere sare pani ko wo chat chat par sara pi gyi, fir wo lund ko muh me le kar use chus kar saaf karne lag gyi.

Fir usne mujhe ye bataya, ki wo mujhe dekh rahi thi jab main apna lund hila rha tha. Aur usko mera lund tabhi hi lena tha par wo daar rahi thi.

Us raat humne 3 Baar aur sex kiya, jisme maine ek baar uski gand bhi mari thi.

 

बहन की चुदाई गर्लफ्रेंड की मदद से

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और में अपनी पहली स्टोरी आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ. ये एक सच्ची कहानी है. अगर आपको भी ज़िंदगी में मज़ा चाहिए है तो ज़िंदगी में एक बार तो अपनी बहन की चूत का मज़ा ले लो, ये बहुत मुश्किल है, लेकिन असंभव नहीं है. अब में सीधा स्टोरी पर आता हूँ. में एक सामान्य फेमिली का लड़का हूँ, अच्छी बॉडी और 6 इंच के लंड का मालिक हूँ.

मेरी बहन का नाम रिया है और वो एक खूबसूरत चूत की मालकिन है. उसकी उम्र 20 साल है और में 22 साल का हूँ. वो 12वीं क्लास फैल हो गई है और अब घर में ही रहती है. वो बिल्कुल हिरोइन ही लगती है. वो 8वीं क्लास से ही भैया और भाभी के साथ रहती थी और अभी उसे हमारे घर आए एक साल हो गया है और हम एक अपार्टमेंट में रहते है, जिसमें डबल बेडरूम है. उसके आने के बाद वो रात को मेरे ही कमरे में सोती थी. मुझे कभी उसके बारे में बुरा ख्याल नहीं आया, क्योंकि मुझे लड़कियों की कोई कमी नहीं थी. मेरे 3 गर्लफ्रेंड अनामिका थी और इसी वजह से में हफ्ते में 2 या 3 बार चूत का मज़ा लेता था.

एक बार 15 दिन से ज़्यादा हो गये थे, लेकिन मैंने चूत का मज़ा नहीं लिया था तो मैंने मेरी एक गर्लफ्रेंड अनामिका अनामिका को फोन किया और कहा कि आज मेरे एक फ्रेंड के रूम की चाबी मेरे पास है तो क्या तुम शाम को सकती हो? तो उसने बहुत नाटक किया और हाँ बोल दिया और शाम को एक बियर पीकर मेरे फ्रेंड के रूम पर उसका इंतज़ार करने लगा और वो 9 बजे आई थी. मैंने उससे पूछा वो लेट कैसे आई? तो उसने कहा रात को आना बहुत मुश्किल होता है और फिर हम दोनों ने खाना खाया और बेडरूम में गये और वो अभी भी चुदवाने के लिए बहुत नाटक कर रही थी.

अब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने फोर्स करते हुए उसकी टी-शर्ट को निकाल दिया और उसने गुस्से में आकर कह दिया कि तुमने आज तक मुझे बहुत बार चोदा है तो आज छोड़ नहीं सकते हो. में ऐसा करूँगी कि तुम मुझे टच भी नहीं कर सकोगे. वो ये कहकर टी-शर्ट लेने के लिए गई. तब में उसकी ब्रा निकालने के लिए गया तो वो मुझसे मज़ाक करते हुए कहने लगी कि मुझे मत लूटो तो मुझे गुस्सा गया और मैंने कहा तुम ऐसा क्यों कह रही हो? में तुम्हारा बॉयफ्रेंड हूँ. तभी उसने कहा कि अगर आज रात तुम मुझे चोदने के लिए आए हो तो में तुम्हें भैया ही कहूँगी और तुम मुझे चोद भी नहीं सकते. ये कहते हुए वो मेरे सामने ही अपनी ब्रा निकाल कर सिर्फ़ टी-शर्ट पहनने लगी.

behen ki choot  chudayi

फिर कुछ मिनट के बाद उसने मुझसे कहा कि तुम ज़रा बाहर जाओ, क्योंकि मुझे मेरी पेंटी उतारनी है. वो बिना ब्रा पेंटी के सोती थी. फिर मैंने कहा कि में बाहर नहीं जाऊँगा तो उसने कहा कि मुझे मेरे भैया के सामने नंगा होने में कोई प्रोब्लम नहीं है कहते हुए उसने अपनी पेंटी निकाल दी. अब वो कहने लगी कि अगर तुम बाहर नहीं गये तो तुम तुम्हारी बहन की चूत देखोगे. मैंने कहा सॉरी डियर सिस्टर अगर तुझे ड्रेस बदलना ही है तो अपने भाई के सामने ही बदलो ये कहकर में भी उसको घूरने लगा, तभी उसने कहा ओके नो प्रोब्लम. उसने अपनी पेंटी निकाली, और उसने शायद अपनी चूत का शेव आज ही किया होगा. अब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और में उसे अपने बेड पर ले आया, वो अब सिर्फ़ एक टी-शर्ट पहने थी. फिर मैंने उसकी चूत पर हाथ लगाया तो वो अब गर्म हो गई थी और फिर से कहने लगी कि अपनी बहन की चूत को टच करने में शर्म नहीं आती है?

फिर मैंने कहा कि अगर टच ही किया है तो ज़रा टेस्ट भी करता हूँ, ये कहकर में उसकी चूत को चाटने लगा तो उसको गुस्सा आया और वो कहने लगी ये तुम्हारी बहन रिया की चूत समझ कर चाटो और वो हंसने लगी. मुझे बहुत गुस्सा आया, लेकिन मेरे सामने एक नंगी चूत थी. फिर मैंने मज़ाक में ऐसे ही कहा हाँ कह दिया और में फिर से उसकी चूत चाटने लगा. अब वो मज़ा लेती हुई भैया ज़ोर से चाटो और उंगली भी डालो कहने लगी. अब मुझे भी बहुत मज़ा रहा था तो मैंने भी हाँ रिया कहकर उसकी टी-शर्ट निकाल कर उसे पूरा नंगा कर दिया और उसकी चूत में मेरा लंड रख दिया. अब उसने मज़े लेते हुए मुझसे पूछा क्या तुमने अपनी बहन रिया को कभी नंगा देखा है क्या? तो मैंने कहा नहीं देखा. तो उसने पूछा अगर ग़लती से वो नंगी आई तो क्या करोगें? तो मैंने कहा कुछ नहीं करूँगा. उस रात मैंने उसको मेरी बहन बनाकर 3 बार चोदा और सुबह उठते ही उसने कहा हम 2 साल से चुदाई कर रहे है, लेकिन पहले कभी ऐसा मज़ा नहीं आया. फिर वो मेरे लंड को उसके मुँह में ले रही थी. मुझे सुबह सेक्स करना बहुत अच्छा लगता था तो में भी शुरू हो गया. अब वो बहुत मज़े से मेरे लंड को चाट रही थी और मुझे भी बहुत मज़ा रहा था.

फिर मैंने ग़लती से उससे कहा रिया चाटो मेरा लंड तो वो चौंक गई और बोली कि कल की बात तुम अभी तक नहीं भूले? तो मैंने कहा कि मैंने तो बस मज़ाक किया है. शायद उसे पता चल गया था कि मुझे उसको बहन बनाकर चोदना अच्छा लग रहा है, लेकिन में भी मज़ाक नहीं कर रहा था, तो मैंने कहा कि मुझे मेरी बहन की चूत में उंगली डालना अच्छा लगता है तो उसने वो मज़ाक समझ लिया, लेकिन वो मज़ाक नहीं था. मुझे सच में उसे मेरी बहन बनाकर चोदना अच्छा लग रहा था. फिर सुबह चुदाई नहीं हुई, क्योंकि कंडोम ख़त्म हो गये थे इसलिए मैंने मेरी उंगली से उसे ठंडा किया.

फिर हम दोनों अपने अपने घर गये और घर जाते ही मैंने देखा कि मेरी बहन सो रही थी और वो स्कर्ट पहन कर सोई थी और उसकी पेंटी ज़रा सी दिख रही थी ये सब देखते ही में गर्म हो गया और बाथरूम में जाकर मेरी बहन के नाम की मुठ मारने लगा. फिर जब में बाहर आया तो वो बेड पर नहीं थी और फिर मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका का फोन गया और ऐसे ही बात करते-करते मैंने उसे बताया कि मैंने आज घर जाते ही फिर मुठ मारी और वो भी मेरी बहन के नाम से तो वो सीरीयस हो गयी और कहने लगी कि तुमने ये ग़लत किया. तो फिर मैंने उससे कहा कि ओके आज के बाद में ऐसा नहीं करूँगा, लेकिन जब भी में तुझे चोदूंगा अपनी बहन बनाकर ही चोदूंगा, क्योंकि मुझे ऐसे चोदना अच्छा लग रहा है. फिर उसने हँसते हुए हाँ भैया कहा और में तुम्हें राखी भी बांधूगी और वो भी तेरे लंड पर, लेकिन मुझे मेरी बहन को देखकर मुठ मारना अच्छा लग रहा था और में जब मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका से मिलता तो उसे अपनी बहन बनाकर चोदता था और वो भी बहुत खुश थी, क्योंकि में उसे हफ्ते में 4-5 बार चोद रहा था.

फिर एक दिन अचानक से मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका को 2 महीने के लिए उसके गाँव जाना पड़ा, तो मुझे बहुत बुरा लगा, क्योंकि सिर्फ़ यही मेरी बहन बनकर चुदती थी. उसके जाने के बाद वो वहाँ पर बहुत फ्री रहती थी इसलिए वो रात को 10 बजे के बाद सेक्स चैट और फोन पर बात भी करती थी. अब उसको गये हुए 4 दिन हो गये थे और मुझे उसकी चूत की बहुत याद रही थी, तभी उसने फोन किया और कहने लगी कि मुझे तुम्हारे लंड की बहुत याद रही है. फिर मैंने कहा कि मुझे भी तुम्हारी चूत की बहुत याद रही है. तब उसने कहा झूठ मत बोलो, तुम तो रोज़ चूत के साथ ही सोते हो कहकर हंसने लगी. फिर मैंने कहा चूत तो है, लेकिन में उसे देख भी नहीं सकता और छू भी नहीं सकता, इसका क्या फायदा? फिर उसने कहा छू तो नहीं सकते, लेकिन देखकर मुठ तो मार सकते हो ना. फिर मैंने कहा वो कैसे? तो मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका ने पूछा कि तुम्हें चूत या अपनी बहन की चूत देखना जरुरी है? तो तभी मेरी बहन नहाकर गयी और में बालकनी में जाकर बात करने लगा.

फिर मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका ने पूछा तुम्हारी बहन रोज़ रात को नहाकर सोती है क्या? तो में बोला हाँ, अभी रोज़ नहाकर सोती है, क्योंकि गर्मीयों के दिन है. फिर उसने कहा बाथरूम तो अटेच है और तुम रोज़ उसको होल से देखकर मुठ मार लिया करो तो मुझे भी ये आइडिया अच्छा लगा और अगले दिन रात को मैंने भी उसे होल से देखने का प्लान बना लिया, लेकिन मुझे कुछ ठीक से नहीं दिख रहा था तो में जाकर सो गया और फिर रात को 1 बजे मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका का फोन आया और कहने लगी कि सॉरी में मेरी फेमिली के साथ मूवी देखने गयी थी इसलिए में फोन नहीं कर पाई. मैंने कहा ओके नो प्रोब्लम कल बात करेंगे, तो उसने कहा मुझे बहुत मूड है और में उंगली कर रही हूँ कुछ देर बात करो तो में बोला सॉरी डियर मुझे बहुत नींद रही है और में सो रहा हूँ.

फिर उसने कहा कि अपनी बहन को गर्म नहीं करोगे? तो में मूड में गया और मैंने कहा कि बहन को चोदने के लिए तो बहुत मूड है इसलिए मैंने आज उसे होल में से नहाते वक़्त देखना चाहा, लेकिन में मेरी बहन को ठीक से देख नहीं पाया. फिर मैंने मेरी बहन को आवाज़ लगाई ये देखने के लिए कि वो सो रही है या नहीं. वो सो रही थी. फिर मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका ने कहा कि चलो वो सो रही है तो तुम जाकर उसकी ब्रा निकालो. अब मुझे डर लग रहा था, लेकिन मुझे भी देखने का मन कर रहा था तो मैंने हिम्मत करके उसके नाईट टॉप के 2 हुक को खोल दिया और वो अन्दर ब्रा नहीं पहने थी. अब उसके आम साईज़ के बूब्स देखते ही मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने मुठ मारना चालू कर दिया. मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका अब भी मुझसे फोन पर बात कर रही थी और कह रही थी कि बूब्स को प्रेस करो तो में थोड़ा डर गया था इसलिए मैंने कुछ नहीं किया और मुठ मारकर सो गया. फिर अगले दिन जब में उठा तो मेरी बहन उठकर ब्रेकफास्ट बना रही थी क्योंकि पापा और माँ कज़िन की शादी के लिए गये थे, वो तो अब 10 दिन तक आने वाले नहीं थे. फिर में तैयार हो कर ब्रेकफास्ट करके कॉलेज के लिए निकल गया और अब में मेरी बहन को चोदने का प्लान बना रहा था? अब घर में पापा और माँ तो नहीं थे इसलिए मैंने एक बियर पीकर घर जाने का प्रोग्राम बना लिया. रात को घर जाने के बाद मेरी बहन ने खाना दिया और खुद नहाने के लिए चली गयी.

फिर मैंने खाना खाने के बाद बेडरूम में जाकर अपनी गर्लफ्रेंड अनामिका को फ़ोन किया और कहा कि पापा और माँ घर में नहीं है तो आज में पीकर आया हूँ तो वो बोली तुम जब पीते हो तो बहुत रोमांटिक बात करते हो और में रात को सब के सोने के बाद 12 बजे कॉल करूँगी कहकर उसने फोन रख दिया. तभी मेरी बहन माँ की नाइटी पहनकर बाथरूम से बाहर आई तो मैंने पूछा कि तुमने माँ की नाइटी क्यों पहनी है? तो उसने कहा गर्मी है ना और मेरे पास कोई ढीले कपड़े नहीं है कहकर वो सो गयी. अब मुझे भी नींद नहीं रही थी तो मैंने मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका को फोन किया और बालकनी में जाकर बात करने लगा. फिर मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका ने पूछा कि आज नहाते वक़्त चूत नहीं देखी क्या? तो मैंने ना कहा, तो वो हंसने लगी.

फिर जब में सुबह उठा तो मेरी बहन अभी भी सो रही थी. फिर मैंने मेरे लंड को अंडरवेयर से बाहर निकाल कर सोने का नाटक करते हुए बेड पर ही सो गया. कुछ मिनट के बाद मेरी बहन उठी और मेरे खड़े हुए लंड को देखकर मुझसे कहा कि भैया ठीक से सो जाओ कहकर बाहर चली गयी और उसके जाते ही में मेरे लंड की मालिश करने लगा. फिर कुछ मिनट के बाद मुझे वापस उसका आना महसूस हुआ तो फिर में सोने का नाटक करने लगा और वो मेरे लंड को घूरने लगी. मैंने मेरी आँख आधी खुली ही रखी थी. अब वो मेरे लंड को देखकर अपने हाथ को चूत पर रख रही थी. तभी में समझ गया कि मेरा काम हो गया और मालिश करने के बाद मेरा लंड खड़ा हुआ था.

फिर कुछ मिनट के बाद वो बाथरूम में चली गयी और फिर जब वो बाथरूम से बाहर आई तो में उठाकर चाय बना रहा था. फिर मैंने उसे देखते ही सॉरी कहा तो उसने इट्स ओके कहा और फिर मैंने अचानक से उससे पूछा कि इट्स ओके क्यों? तो उसने हँसते कहा कि तुम्हारी बतमीज़ी के लिए कहकर चली गयी. फिर मैंने फ्रेश होकर बाहर जाकर मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका को सब कुछ बता दिया, तो वो दुखी हुई और कहने लगी चान्स मिला है तो टच कर लो, लेकिन चोदना मत क्योंकि वो तुम्हारी बहन है. अब मुझे भी बुरा लगने लगा कि मैंने अपनी बहन को लंड दिखाया और में रात को बियर पीकर घर गया. फिर रात को मेरे घर जाते ही मेरी बहन मुझे बताने लगी कि मम्मी का फोन आया था उन्हें वापस आने में 2 हफ्ते लगेगें और वो कहने लगी कि उसे नॉनवेज खाने का मन कर रहा है प्लीज खाना बाहर से लेकर आओ और मुझे खाना लेने भेज दिया. फिर मैंने नॉनवेज ऑर्डर किया और फिर में एक बियर पीने के लिए बैठ गया और रात को 11 बजे घर आया.

फिर मेरी बहन ने पहले खाना खाया और उसने पूछा तुम नहीं खाओगें? तो मैंने मना कर दिया. फिर वो नहाने के लिए चली गयी. अब वो कुछ गुस्से में थी शायद मैंने बहुत ज्यादा पी ली थी. फिर वो नहाकर बाहर आई तो वो स्कर्ट पहने थी और उसमें वो बहुत हॉट लग रही थी. वो स्कर्ट सिर्फ़ जब रात को में घर पर नहीं रहता था तब ही पहनती थी. फिर वो मुझे कहने लगी कि तुम्हारा पजामा नहीं मिला तो तुझे आज भी कल जैसे ही सोना पड़ेगा कहकर