Articles by "samuhik chudai"

adult stories in hindi Antarvasna Story baap beti ki chudai ki kahani bahan ki chudayi balatkar ki kahani behen ki chudayi bhabhi ki chudai bhai bahan ki chudai bhai bahan sex story in hindi bollywood actress ki chudai ki kahani bollywoos sex stories in hindi chacha bhatiji ki chudai ki kahani chachi ki chudai ki kahani chhoti bahan ki chudai chhoti ladkai ki chudai chudai ki kahaniya dehati chudai ki kahani devar bhabhi ki chudai ki kahani Didi ki Chudai Free Sex Kahani gand chudai gand chudai ki kahani gangbang ki kahani Ghode ke sath desi aurat ki sex story girlfriend ki chudai gujarati bhabhi habshi lund se chudai hindi sex stories Hindi Sex Stories Nonveg hindi urdu sex story jija saali sex jija sali ki chudai ki kahani Kahani kunwari choot chudai ki kahani Losing virginity sex story mama bhanji ki chudai ki kahani mama ki ladaki ki chudai marathi sex story mote lund se chudai ki kahani muslim ladaki ki chudai muslim ladki ki chuadi nana ne choda naukarani ki chudai New Hindi Sex Story | Free Sex Kahani Nonveg Kahani Nonveg Sex Story Padosi Ki Beti pahali chudai pakistani ladaki ki chudai Pakistani Sex Stories panjaban ladki ki chudai sali ki chudai samuhik chudai sasur bahu ki chudai sasur bahu ki sex story sasural sex story school girl ki chudai ki kahani seal tod chudai sex story in marathi suhagraat ki chudai urdu chudai ki kahani in urdu Virgin Chut wife ki chudai zabardasti chudai ki kahaniya एडल्ट स्टोरी कुंवारी चूत की chudai गर्लफ्रेंड की चुदाई गांड चुदाई की कहानियाँ जीजा साली सेक्स पहलवान से चुदाई बलात्कार की कहानी बाप बेटी की chudai की सेक्सी कहानी मामा भांजी चुदाई की कहानी ससुर बहु चुदाई सेक्स स्टोरी
Showing posts with label samuhik chudai. Show all posts

School Ke Harami Laundo Ne Balatkar Kiya Mera


 

School Ke Harami Laundo Ne Balatkar Kiya Mera

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम प्राची है, और मैं कटनी के केन्द्रीय विद्यालय के अध्यापिका हूँ | ये मेरी रियल कहानी है जो मेरे साथ पिछले साल अगस्त में हुई थी, इस कहानी में मैं आपको बताउंगी कि कैसे मेरी एक स्टूडेंट की वजह से मेरे बदनामी के साथ साथ मुझे सजा भी भुगतनी पड़ी | अब मैं कहानी चालू करती हूँ|

हर साल आल इंडिया में केन्द्रीय विद्यालय में रीजनल स्पोर्ट्स मीट होता है |और कुछ टीचर्स को स्कूल के बच्चो को लेकर दूसरे स्कूलों में जाना पड़ता है | तो मैं चेस कि टीम ले कर सागर गई थी केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-3 में सबके रुकने कि व्यवस्था थी | और मैं सिर्फ लड़किओं को लेकर गई हुई थी तो मेरे ऊपर जिम्मेदारी बहुत ज्यादा थी जबकि सभी ये बात जानते हैं कि सागर एरिया बहुत ख़राब है | रात के 8 बजे हम सब वहां पहुंचे थे और अपना अपना रूम देख रहे थे कि हमे कौन-सा रूम मिला है |

तभी मेरी नजर एक सर पर पड़ी वो बहुत बदमाश टाइप के सर हैं और वो वहीँ लोकल सागर के ही हैं उनके बारे में सभी को पता है | रूम का पता चलने के बाद हम सब रूम में गए और वहां अपना अपना सामान जमाने लगे | तभी मेरी एक स्टूडेंट जिसका नाम दिव्या है उसने मुझसे कहा कि मैडम मुझे टॉयलेट आई है | तो मैंने कहा कि ठीक है तुम चले जाओ और फिर वहां से आ कर अपना सामान जमा लेना फिर वो वहां से चली गई और हम सब अपना अपना सामान ज़माने में लग गए |


तभी दिव्या वापस रोते रोते आई और तो मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ तुम्हे ? तुम रो क्यों रही हो ? वो रोये जा रही थी और मैं उससे बार बार पूछे जा रही थी क्या हुआ है मुझे बताओ | बहुत बोलने के बाद उसने मुझसे कहा कि मैडम जब मैं टॉयलेट जा रही थी तो वहां दो लड़के घुस आये और मेरा वीडियो बना लिए और बोल रहे हैं कि रात में 11 बजे हमे स्कूल के पीछे वाली पहाड़ी में आ कर मिलना नहीं तो तुम्हारा वीडियो सबको दिखा के तुम्हे बदनाम कर देंगे | ये बात सुनते ही साथ मेरी तो आँखे फटी की फटी रह गई मेरे कान के परदे फट गए |

मैंने उससे कहा कि देखो तुम रोना बंद करो तुम्हे परेशान होने की जरुरत नहीं है कौन है वो लड़के मैं देख लूंगी | फिर मैंने उसे चुप करा के रूम में भेज दिया और सोचने लगी कि वो लड़के कौन हो सकते हैं जो इतनी खराब हरकत कर सकते हैं ? फिर मैं भी रूम में आ गई और बच्चो से कहा कि मैं जा रही हूँ खाने का टोकन लेने | खाना भी बन ही रहा था तब फिर मैं टोकन ले के वापस आई और बच्चो को एक एक टोकन दे कर कहा कि 15 मिनट से सब खाना खाने चलेंगे | दिव्या से कहा कि तुम मेरे साथ रहना और मुझसे दूर मत जाना और उसने हाँ में सिर हिला दिया |

फिर हम सब खाना खाने लगे और खाने के बाद सब रूम की तरफ चल दिए | मैंने दिव्या से कहा कि तुम रात में सोना नहीं और मेरे साथ चलना जब सब सो जायेंगे | करीब 10:30 बजे तक मेरे रूम की सारी लड़कियां सो चुकी थी और मैंने चुपके से दिव्या को उठाया और कहा कि चलो मेरे साथ

(मैंने उसे ले जाना इसलिए जरुरी समझा | क्यूंकि मैं उन कमीने बच्चो को नहीं जानती थी और मैं जानना चाहती थी कि कौन हैं ये बच्चे और किस स्कूल के हैं ताकि मैं उनकी शिकायत कर सकूं | फिर हम दोनों स्कूल के बाहर निकले तो पूरा सुनसान इलाका था | फिर मैंने सोचा कि मैं छुप जाती हूँ और इंतज़ार करती हूँ और देखती हूँ कि कौन बच्चे हैं ?


11 बजे तक वहां कोई नहीं आया था और हलकी बारिश हो रही थी और मुझे भी डर लग रहा था कि इतनी रात का वक़्त हैं कहीं मुझे ही लेने के देने न पड़ जाए | जैसे ही मैं निकलने को हुई तभी मेरे पीछे से किसी ने मुझे दबोच लिया और गले में चाकू अड़ा दिया (चाकू अड़ा कर उसने कहा कि ज्यादा होशियारी मत करना मैडम वरना तुम्हे यहीं कहीं ठिकाने लगा देंगे ) | मैं डर के मारे कुछ बोल भी न पाई और मैंने जब सामने देखा तो दो और लडकें थे जो दिव्या के गले में चाकू अड़ा कर उसे मेरे पास ला रहे थे |

हलकी सी रौशनी में मैं एक लड़के को पहचान गई थी | और मुझे समझते जरा भी देर न लगी कि ये सब वही सर के स्टूडेंट्स हैं जिनकी इमेज हर स्कूल में खराब है | उन लोगों ने शांति से उनके पीछे आने का इशारा किया | एक लड़का हमारे आगे था और दो लड़के हमारे पीछे थे वो हम दोनों को स्कूल के पीछे वाली पहाड़ी पर ले जा रहे थे | 10 मिनट के बाद हम सब वहां पंहुचे तब तक वो बहुत खुश होने लगे कि चारा डाला एक बकरी को फ़साने के लिए और यहा देखो फस गई दो और वो जोर जोर से हसने लगे |

और मैं मन ही मन बहुत रो रही थी कि कहाँ से मैं इनके चंगुल में फंस गई जैसा मैं सोच रही थी आखिर वही हुआ मेरे साथ | उनलोग ने हम दोनों से कहा कि अगर जिन्दा रहना चाहते हो तो शोर मत मचाना और जो हम करना चाहते हैं वो करने देना वरना तुम दोनों को यहाँ ही मार देंगे |
उसमे से एक लड़के ने मुझे पेड़ से बाँध दिया और बाकि दो लडको ने दिव्या को पकड़ के उसके कपडे उतारने लगे वो चिल्ला रही थी और गिडगिडा रही थी कि उसे छोड़ दे पर वो कहाँ किसी कि सुनने वाले थे | वो तो बस अपनी ही धुन में सवार थे फिर उन दोनों ने दिव्या को नंगी कर दिया और उसे उसी के कपड़े में बिछा कर लेटा दिया | मैं ये सब नहीं देखना चाहती थी पर मैं क्या करती ये सब मेरी आँखों के सामने ही हो रहा था | फिर उनमे से एक लड़के ने उसके मुंह में लंड डाल दिया और दूसरा उसके दूध चूस रहा था |

बेचारी बहुत घबरा रही थी और इन हैवानो को जरा भी रहम नहीं आ रहा था | 10 मिनट तक ऐसा करने के बाद जिसका नाम कार्तिक था उसने अपना लंड चुसाना चालु कर दिया और हेमंत ने उसकी चूत में जोरदार धक्का लगा के पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया | उसकी चीख निकल गई और वो जोर जोर से आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह  करने लगी और हेमंत उसकी चूत जोर जोर से चोदे जा रहा था | 15 मिनट तक चोदने के बाद वो उसकी चूत में ही झड गया और मेरे पास आ कर बैठ गया |

ऐसे ही हेमंत के बाद कार्तिक ने उसे चोदना चालू किय और अंकित उसकी गांड में अपना लंड डाल रहा था | उसकी चूत और गांड फट चुकी थी और वो आह्हह्हह्हह्हह ऊओह्हह्ह रुक जाओ कमीनो सांस तो लेने दो कह रही थी | करीब आधे गनते टक चोदा था हरामखोरों ने उसे और सब उसकी चूत में ही झड़ गए थे |

उसकी चूत से मुठ निकलता जा रहा था बिलकुल अन्दर तक भर दिया था उसकी चूत को | मुझे लग रहा था जैसे साले प्यासे है चूत के लिए | फिर सब मेरे पास आकर बैठ गए और जिस लड़के का नाम हेमंत था उसने दिव्या से कहा चल कपडे पहन ले | तभी कार्तिक ने कहा अरे देखो उसकी चूत तो मारली अब मैडम को भी तो चखलो |

फिर सब भूके भेदिये कि तरह मुझे देखने लगे और धीरे धीरे मेरे पास आये | मेरे कपडे फटना शुरू हो गए और मेरे ब्रा और पेंटी को देखकर तो सारे लड़के पगा हो गए | उन सब ने मेरी चूत को मेरी पेंटी के ऊपर से ही चाटना शुरू कर दिया और कार्तिक मेरे दूध को ब्रा के ऊपर से पीने लगा |


उन सब ने पेंटी के ऊपर से ही मेरी चूत में ऊँगली करना चालू कर दी थी | मैं उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म अह्हह्हह्हह्हह क्या कर रहे हो कहने लगी | १० मिनट बाद मेरी पूरी पेंटी गीली हो गयी | और सबने अपने लंड उठाये एक ने मेरी गांड में पेल दिया और दोस्सरे ने मेरी चूत में | मुझे चोद चोद के पागल कर दिया था और में बस उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आअह्ह्ह्ह  आअह्ह्ह्ह कर रही थी |

फिर एक और लड़का आया जो हमारी विडियो बन रहा था | उसने कहा मैडम का गजब फिगर है मैं भी चोदुंगा | और अब मेरी चूत में दो लंड और गांड में एक और मुह में एक | सब ने मुझे ४० मिनट चोदा और मुठ मेरी चूत, गांड और मुह में भर दिया | अब हम दोनों लस्त पड़े हुए थे वो लोग चले गए और विडियो भी मिटा दिया | हमने इसके बारे में किसी को नहीं बताया और ना ही कभी कही गए |

बेटी के साथ सामूहिक चुदाई


 

बेटी के साथ सामूहिक चुदाई

मेरा नाम है माहिरा। मैं २५ साल की हूँ। मेरी शादी अभी पिछले साल ही हुई है। मेरी अम्मी आबिदा खातून हैं वह ४५ साल की हैं और बड़ी मस्त जवान हैं। अपनी बॉडी मैन्टन कर रखी है और वह ३०/३२ साल की ही लगतीं हैं। हां मन से वह २० साल से ज्यादा उम्र की नहीं लगती हैं।
खूब हंसी मजाक करतीं हैं गन्दी गन्दी बातें करतीं हैं और हमारे साथ बैठ कर पोर्न फिल्म देखतीं हैं। फिल्म देखते हुए भी बोलती रहतीं है इसका लण्ड मोटा है उसका पतला है इसकी चूत टाइट है उसकी ढीली हो चुकी है।

ये बुर चोदी चुदवाकर ही जाएगी वगैरह वगैरह ? हमारे साथ मेरी भाभी भी हैं समीना। उसकी शादी दो साल पहले हुई थी पर मेरा भाई विदेश में काम करता है . भाभी यहाँ हमारे साथ ही रहतीं हैं। मैं भी खूबसूरत हूँ और मेरी भाभी भी। हम दोनों के बूब्स बड़े बड़े हैं। चूतड़ उभरे हुए हैं और जांघें मोटी मोटी हैं। इत्तिफाक से हम तीनो ही लण्ड की जबरदस्त शौक़ीन हैं।

मैं १९ साल की उम्र में ही अम्मी से खुल गयी थी।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

एक दिन मैं अपनी सहेली से फोन पर बात कर रही थी। मैं बोली – हाय बोल साइमा, माँ की चूत, क्या हो रहा है ? ,,,,,,,,,,,, क्या बात करती है तू ,माँ की चूत, ऐसा भी कहीं होता है। उसने तेरी गांड मार दी और तू खड़ी खड़ी देखती रही, माँ की चूत।

मैं होती तो उसकी माँ चोद देती, माँ की चूत ? ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,? अरे यार मेरी सुन, उसकी गांड में मैं पेल दूँगी लण्ड, माँ की चूत ? ,,,,,,,,,,मेरी माँ की न पूंछो वो तो, लौड़े से, चुदवाती रहती है।,,,,,,,,,,,,? तेरी भी माँ भी यही करती है बाप रे बाप, माँ की चूत ,,,,,,,,,,,,,,,,? कोई बात नहीं मैं सब ठीक कर दूँगी माँ की चूत। अम्मी ने मुझे सुन लिया उसे पक्का यकीन हो गया की मेरा तकिया कलाम है माँ की चूत।

एक दिन मैं अपने दोस्त को चुपके से घर ले आयी। मैं समझी की अम्मी घर पर नहीं हैं। मैं उसे नंगा करके उसका लण्ड हिलाने लगी। फिर मैं भी नंगी हो गयी। वह मेरी चूँचियाँ और चूत सहलाने लगा। मुझे मस्ती चढ़ गयी तो मैं जबान निकाल कर लण्ड चाटने लगी। इतने में अम्मी आ गयी। उसे देख कर मेरी तो गांड फट गयी। उसका लण्ड सिकुड़ गया।

पर अम्मी मुस्कराते हुए बोली हाय दईया तू इतनी बड़ी हो गयी है भोसड़ी की अभी तक ठीक से लण्ड चाटना भी नहीं जानती ? मैं बताती हूँ, लौड़े से, की कैसे चाटा जाता है लण्ड ? इतनी बड़ी बड़ी चूँचियाँ और गांड लिए घूम रही है तू, लौड़े से, और इतने दिनों के बाद आज एक लौड़ा तुझे मिला है, लौड़े से ?

अभी तक क्या तू अपनी माँ चुदा रही थी ? मुझे देख मैं लण्ड चाट कर बताती हूँ तुझे की कैसे चाटा जाता है लण्ड ? अम्मी लण्ड चाटने लगीं। फिर अम्मी ने उससे पूंछा बेटा मेरी बिटिया की बुर लेते हो ? वह कुछ बोला नहीं। तब अम्मी ने कहा कोई बात नहीं बेटा, आज पहले मेरी बिटिया की बुर ले लो फिर उसकी माँ का भोसड़ा चोद लेना ?बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

तेरी बेटी की माँ चोदूँगी सासू जी

तेरी माँ की चूत, बहन का लण्ड

ऐसा बोल कर अम्मी ने लण्ड मेरे मुंह में घुसा दिया। मैं लण्ड चूसने लगी। अम्मी मुझसे इतना ज्यादा खुल जायेगीं यह मुझे नहीं मालूम था। अम्मी ने फिर आहिस्ते से लण्ड मेरी चूत में पेल ही दिया। मैं पहले चिल्लाई तो लेकिन फिर मजे से चुदवाने लगी। थोड़ी देर बाद अम्मी ने भी लण्ड पेल लिया अपनी चूत बोली देख माहिरा ऐसे चुदवाई जाती है बुर ? अब उसे क्या मालूम की मैं कई बार कई लड़कों से चुदवा चुकी हूँ। आज से तू अपनी बुर क्या अपनी माँ का भोसड़ा भी चुदाना सीख ले ? मैंने मन में कहा अब आएगा जवानी का असली मज़ा ?

अम्मी कुछ ज्यादा ही मस्ती में थीं। वह बोली माहिरा तेरी माँ की चूत बहन चोद आ गया न तुझे माँ चुदाना ? मैंने कहा हां आबिदा खातून भोसड़ी की तुझे भी आ गया बिटिया की बुर चुदाना। वह मेरे मुंह से गालियां सुनकर बहुत खुश हुई और मेरे गाल थपथपाकर बोली हां बेटी इसी तरह लिया जाता है चुदाई का पूरा पूरा मज़ा ?

एक दिन मैं जेसिका आंटी के घर चली गयी, माँ की चूत ? मैंने कहा अम्मी अरे वह तो बड़ी मजेदार हैं और बड़ी गहरी मजाक करतीं है, माँ की चूत ? अम्मी ने कहा – तुझे मालूम नहीं है लौड़े से की जेसिका बुर चोदी सेक्स की बहुत बड़ी खिलाड़ी है। उसकी बेटी भी उसका साथ देती है। जेसिका लण्ड अपनी बेटी की चूत में दानादन्न घुसेड़ती है और उसकी बेटी भी अपनी माँ के भोसड़ा में एक के एक बाद ठोंकती जाती है। दोनों खूब खुलकर गली गलौज करती है और खूब एन्जॉय करतीं हैं। मैंने मन में कहा एक मैं ही नहीं हूँ माँ चुदाने वाली बेटी और भी हैं बेटियां हैं जो अपनी माँ चुदवाती हैं।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

मेरी समीना भाभी बड़ी मजेदार भी हैं और खूबसूरत भी। एक दिन हम तीनो बैठी हुई बातें कर रहीं थी। मेरे मुंहसे निकला अरे समीना भाभी तुम तो बहुत शर्माती हो ? शरमाओगी तो फिर लण्ड का मज़ा कैसे ले पाओगी ? वह बोली हाय दईया नन्द रानी मैं लण्ड किसी ने नहीं शर्माती।

मैं तो सबके लण्ड से बड़ी मोहब्बत करती हूँ। मैं जब कॉलेज में थी तो खूब लण्ड पकड़ा करती थी। घर में लोगों के लण्ड पकड़ती थी। सबसे पहले मैंने मामू लण्ड पकड़ा फिर उसके दोस्त का लण्ड पकड़ा और एक दिन मैंने खालू का लण्ड पकड़ लिया।

इसी तरह एक दिन जीजू का लण्ड भी मेरे हाथ लग गया। मैं तो दिन रात लण्ड के सपने देखती थी और आज भी देखती हूँ। इसीलिए मुझे ‘लण्ड’ कहने की आदत पड़ गयी। मैंने मजाक में कहा समीना भाभी कभी अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेला तुमने ? वह बोली हां बिलकुल पेला।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

भाभी ने बताया की एक दिन की बात है। मैं जब कमरे में घुसी तो देखा की अम्मी पड़ोस के शब्बीर अंकल के पैजामे में हाथ डाल कर उसका लण्ड हिला रहीं हैं।

मैं वहां से घूम कर जाने लगी तो अम्मी ने कहा अरी भोसड़ी की समीना इधर आ तेरी माँ की चूत ? इतना शरमायेगी तो जवानी का मज़ा कैसे ले पायेगी ? इधर आ मरे पास। मैं जब पास में गयी तो अम्मी ने लण्ड बाहर निकाल लिया और मुझे लण्ड दिखाते हुए बोली लो बेटी समीना अंकल का लण्ड चाटो ?

अंकल का लंबा चौड़ा लण्ड देख कर मैं भी ललचा गयी। मेरा हाथ अपने आप बढ़ गया और मैं लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लण्ड बहन चोद और सख्त हो गया। अम्मी ने पूंछा कैसा लगा लण्ड तुम्हे समीना ? मैंने कहा अम्मी ये तो बिलकुल खालू के लण्ड की तरह है। अम्मी ने कहा हाय दईया तो तू बुर चोदी खालू का लण्ड चूसती है। तेरे खालू का लण्ड खड़ा होने पर थोड़ा टेढ़ा हो जाता है न समीना।

मैंने कहा हां अम्मी तुम ठीक कह रही हो। वह बोली जानती हो समीना तेरा खालू तेरी माँ का भोसड़ा चोदता है। मैंने भी जोश में आकर कह दिया अम्मी मेरा खालू तेरी बिटिया की भी बुर लेता है। अम्मी ने मेरा गाल चूम लिया और बोली कोई बात नहीं बेटी ये चूत बुर चोदी चुदवाने के लिए ही होती है।

एक दिन समीना भाभी जाने किस मूड में थीं।

वह आई और बोली :- माहिरा, तेरी माँ की चूत, तेरी भाभी की बुर ?

मैं भी मूड में आ गयी तो मैने भी जबाब दे दिया।

मैंने कहा :- भाभी, तेरी नन्द की बुर, तेरी सास का भोसड़ा ? तब तक मेरी अम्मी भी आ गयी।

वह बोली :- बहू, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा, तेरी तेरी माँ की बिटिया की बुर ?

फिर हम सब बड़ी जोर से हंसने लगीं।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

उसी दिन शाम को मेरा ससुर आ गया और भाभी का जीजा भी। मैंने कहा हाय दईया लो दो लण्ड का

इन्तज़ाम हो गया है। आज मैं अपनी भाभी की बुर तो चोद लूंगी और चोद लूंगी उसकी सास का भोसड़ा ? तब तक भाभी बोली नहीं मैं चोदूँगी अपनी सास का भोसड़ा और अपनी नन्द की बुर ?

अम्मी ने कहा हाय दईया तुम सब लोग ऐसा क्यों कह रही हूँ। फिर तो मैं भी चोदूँगी बिटिया की बुर और बहू की चूत ? लेकिन तुम लोग परेशान न हो मैंने फ़ोन कर दिया है और आज ही मेरा देवर दुबई से आ रहा है। वो चोदेगा तुम दोनों की चूत ? तब आएगा चुदाई का घनघोर मज़ा ?

कुछ देर बाद सब लोग इकठ्ठा हो गये। मेरा ससुर तस्कीम आ गया उधर भाभी का जीजू सकीब मियां भी आ गया। मैं दोनों को जानती थी लेकिन लण्ड इनमे से किसी का नहीं जानती थी। मेरी इच्छा बढ़ने लगी की जल्दी से जल्दी इनके लण्ड पकड़ कर देखूं। तभी किसी ने घंटी बजा दी। अम्मी ने दरवाजा खोला और बोली हाय उस्मान आ जा जल्दी से हम लोग तेरा ही इंतज़ार कर रहीं हैं।

अम्मी ने उसे हम सबसे मिलवाया। मैं तो समझती थी की कोई ४५/५० साल का आदमी होगा पर वह तो मस्त जवान लड़का निकला उम्र शायद २५/२६ के लगभग होगी। मेरे दिल की धड़कने बढ़ने लगीं। यही हाल भाभी जान भी था। अम्मी ने फटाफट ड्रिंक्स का इंतज़ाम कर दिया और हम लोग मस्ती से दारू का मज़ा लेने लगे।

चुदाई के खेल के पहले अगर थोड़ा नशा वगैरह कर लिया जाये तो चुदाई एक मज़ा दुगुना हो जाता है।अब जब हमें अय्यासी करनी है तो फिर अच्छी तरह क्यों न की जाए ? दारू चालू हो गयी और नशा भी चढाने लगा। मस्तियाँ भी छाने लगीं और दिमाग में खुराफात भी चलने लगी। मेरी नज़र ससुर के लण्ड पर जैम गयी।

मैं सोंचने लगी की इसका लण्ड कैसा होगा, कितना बड़ा होगा, कितना मोटा होगा, कैसे चोदता होगा। मैंने कभी उसका लण्ड न देखा और मन पकड़ा ? मैंने फिर सोंचा की आज तो मौक़ा है। आज तो मुझे चूकना नहीं चाहिए। बस मैं ससुर के पैजामे का नाड़ा बड़े प्यार से खोलने लगी। उसने कोई ऐतराज़ नहीं किया। किसी ने कुछ कहा नहीं। बस मैंने हाथ अंदर घुसेड़ दिया। तब भाभी ने भी अपने जीजू के पैजामे के अंदर हाथ घुसेड़ दिया।

मैं तो बड़ी बेशर्मी से ससुर का लण्ड अंदर ही अंदर सहलाने लगी। लण्ड बहन चोद खड़ा होने लगा। तब मुझे अहसास हुआ की लण्ड बड़ा जबरदस्त है।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

सबसे पहले मैंने ही ससुर का लण्ड बाहर निकाल लिया, उसका सुपाड़ा चूमा और अम्मी को लण्ड दिखाते हुए बोली लो अम्मी मेरे ससुर का लण्ड पियो। अम्मी ने मुस्कराकर लण्ड मेरे हाथ से ले लिया। तब तक भाभी बोली अरे मेरी बुर चोदी नन्द रानी लो तुम मेरे जीजू का लण्ड पियो ? उधर अम्मी ने बहू को अपने पास इशारे से बुलाया और कहा बहू ले तू पी ले मेरे देवर का लण्ड ? ये भोसड़ा का तेरा ससुर ही है। फिर एक एक करके हम तीनो ने अपने अपने कपड़े खोल डाले और एकदम नंगी हो गयीं तो महफ़िल में आग लग गयी।

उधर मरद भी मादर चोद तीन के तीनो एकदम नंगे हो गए और उनके लण्ड टन टनाने लगे। अम्मी को मेरे ससुर का लण्ड पसंद आ गया। पसंद तो मुझे भी आ गया पर मैं चाहती हूँ की पहले वह मेरी माँ चोद ले फिर मुझे चोदे। मैं तो भाभी के जीजू के लण्ड में खो गयी। सकीब के लण्ड से मुझे भी मोहब्बत होने लगी। मैं जबान निकाल कर लण्ड का टोपा चाटने लगी। भी मस्ती से उस्मान का लौड़ा हिला हिला आकर पहले तो बड़ी देर तक देखतीं रहीं और फिर उसे मुंह में घुसेड़ कर चूसने लगीं।

एक ज़माना था की जब की मरद का लण्ड खड़ा होते ही चूत में घुस जाता था और वह थोड़ी देर तक चोद चाद कर झड़ जाता था। पर अब ज़माना बदल गया है। अब तो लण्ड खड़ा होते ही लड़कियों के मुंह खुल जातें हैं। लण्ड सीधे मुंह में घुस जाता है या यूँ कहें की लड़कियां सबसे पहले लण्ड मुँह में लेतीं हैं फिर कर कहीं। आजकल तो लण्ड चाटने, लण्ड चूसने का और लण्ड पीने का समय है।

झड़ता हुआ लण्ड पीना और मुठ्ठ मार कर लण्ड पीना आजकल का फैसन हैं।

थोड़ी देर में अम्मी ने लण्ड अपने भोसड़ा में घुसा लिया और यह भकाभक चुदवाने लगीं। अम्मी तो वास्तव में चुदवाने में बड़ी बेशर्म है। हम दोनों भी बेशर्म हो गयीं। मैंने भी सकीब का लण्ड घुसेड़ा अपनी चूत में और गचागच चुदवाने लगी। अब तक तो मुझे चुदवाने का अच्छा ख़ासा तज़ुर्बा हो चुका था। मेरी समीना तो ऐसे चुदवाने लगीं जैसे की वह एक मंजी हुई रंडी हों।

अम्मी को मस्ती सूझी तो वह बोली ;- हाय बुर चोदी समीना तू बहन चोद अपनी नन्द की माँ चुदवा रही है।

समीना भाभी बोली :- हां सासू जी मुझे अपनी नन्द की माँ चुदाने में मज़ा आ रहा है पर तू भी तो अपनी बिटिया की भाभी की बुर चुदवा रही है, हरामजादी।

मैंने कहा :- अरे भाभी तेरी सास भोसड़ी की अपनी बिटिया की बुर देखो न कितनी शिद्दत से चुदवा रही है और तेरी नन्द की बुर में लौड़ा घुसेड़ने के लिए कितनी बेताब हो रही है ? इसकी तो बहन की बुर ?

अम्मी ने फिर कहा – बहू, तेरी नन्द की बुर चोदी बुर बहुत टाइट है इसमें कोई मोटा लण्ड पेलना ?

इसी तरह की मस्ती करती हूँ हम तीनो धकापेल ऊपर से नीचे तक आगे से पीछे तक चुदवाने में लगीं थीं। अचानक लण्ड की अदला बदली होने लगी। मेरे ससुर ने अम्मी की बुर से लण्ड निकाल कर भाभी की बूर में घुसा दिया। उस्मान ने भाभी की बुर से लण्ड निकाल कर मेरी चूत में घुसेड़ दिया। सकीब ने अपना लण्ड मेरी चूत से निकाल कर अम्मी के भोसड़ा में ठोंक दिया। लण्ड बदलते ही चुदाई का मज़ा दूना हो गया।

एक दिन मेरी खाला जान आ गयी। उसकी शादी शुदा बेटी भी उसके साथ थी। रात को खूब झमाझम बातें हुईं। मैंने भी खूब खुल कर बातें की और अपनी कहानी सुनाई। अम्मी ने भी कुछ छुपाया नहीं और मेरी भाभी जान भी खुल कर बोलीं।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

तभी उसकी बेटी बोली :- अरे यार माहिरा, यह सब तो मेरे घर मे भी होता है। एक दिन मेरा अब्बू मेरी ससुराल आया और मेरी नन्द की बुर में रात भर लण्ड पेला। सवेरे जब वह जाने लगा तो नन्द बोली अरे अंकल कहाँ जा रहे हो ? आज तो मेरी माँ चोदो। मुझे चोदा है तो मेरी माँ चोद कर जाओ न प्लीज। उधर मेरा ससुर भोसड़ी का बड़ा हरामी है।

एक दिन लण्ड खोल कर मेरे सामने खड़ा हो गया बोला बहू एक बार इसे भी पकड़ कर देख लो न ? अच्छा लगे तो आगे भी पकड़ती रहना ? उसका साला ८” लण्ड देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया। लण्ड का सुपाड़ा साला तोप का गोला लग रहा था। फिर क्या मैंने पकड़ ही लिया। उस दिन मैंने जब उससे चुदवाया तो पता चला की बड़ी लोगों से चुदवाने में कितना मज़ा आता है।

इस तरह एक बार हमने खाला और उसकी बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया। खाला भी बहुत बड़ी चुड़क्कड़ औरत हैं।

कहा :- खाला जान तेरी बहन का भोसड़ा ? तू तो बिलकुल हम लोगों जैसी ही है।

वह बोली :- माहिरा, तेरी माँ की बिटिया की बुर ? तेरी खाला की बेटी भी बहन चोद लण्ड की बड़ी शौक़ीन है। जाने कहाँ कहाँ के लण्ड अपनी माँ की चूत में घुसेड़ा करती है ?

तब तक उसकी बेटी बोली :- अरे यार माहिरा तेरी खाला भी भोसड़ी वाली एक से एक बेहतर लण्ड अपनी बेटी की चूत में पेलती है ? बड़ी हरामजादी है तेरी खाला और तेरी खाला का भोसड़ा ?

इस मस्ती का रिजल्ट यह है की पिछले कई सालों से हमारे घर में कोई परेशानी नहीं है। कभी कोई बीमार नहीं हुआ और कभी किसी डॉक्टर की जरुरत नहीं पड़ी।

ऑफिस में मेरी बीवी एक साथ 8 लोगों से चुदवा रही थी 

ऑफिस में मेरी बीवी एक साथ 8 लोगों से चुदवा रही थी


मेरी बीवी दीपिका एक बहुत सेक्सी औरत है, उसकी उम्र 26 साल है, हम दोनों मुंबई में जॉब करते है, मेरी बीवी का फिगर 40″38″44 है, दीपिका मोटी है लेकिन बहुत खूबसूरत है।

हमेशा जीन्स टॉप और छोटे कपडे पहनती है, ऐसी बीवी को हर पति दिन रात चोदना चाहेगा। मैं भी यही करता हूँ, हमारी शादी को 2 साल हो गए है मैं पूरी तरह से उसे चोद कर खुस रखने की कोशिस करता हूँ, हर रात चुदाई होती है लेकिन मेरा लंड सिर्फ 4 इंच का छोटा और पतला है जिसकी वजह से उसकी प्यास अधूरी रह जाती है दीपिका ने कभी मुझे बोला नहीं फिर भी मैं उसे देख कर समझ जाता हूँ।


1 महीने पहले मेरी नौकरी छूट गयी मैं घर पर ही रहता और नयी जॉब की तलाश में था लेकिन कही बात बन नहीं रही थी। दीपिका को डेली उसके ऑफिस बाइक से लेने और छोड़ने जाता था। एक दिन दीपिका खुश हो कर घर आयी और बोली मेरा प्रमोशन हुआ है, मैं सुन कर बहुत खुस हुआ और दीपिका से बोला चलो पार्टी हो जाये, लेकिन वो मना करने लगी, काम बहोत था थक गयी हूँ किसी और दिन पार्टी करेंगे। खाना खा कर हम दोनों सोने चले आये, मैं खुसी के मौके पर अपनी बीवी को चोदना चाहता था मैं उसको पकड़ कर चूमने लगा दीपिका मुझे गुस्से से धक्का दे कर बोली अरे यार थक गयी हूँ और तुम सुरु हो गए। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम


मैं रुक गया और सोचा काम से थक गयी है आराम करने देता हूँ, एक सप्ताह ऐसे ही निकल गए दीपिका उसके बाद ऑफिस से लेने आने को मना करने लगी। बोली आप शाम को मत आना मुझे काम से देर हो सकता है मैं कैब से घर आ जाउंगी। मैं मान गया मेरी पत्नी की खुसी में मेरी खुसी थी।

दूसरे दिन मैं बाहर सामान लेने निकला और दीपिका को साथ लेकर जाऊंगा सोच कर उसके ऑफिस चला गया 7 बज गए थे ऑफिस बंद होने का टाइम था। मैं अंदर गया वह कोई नहीं थी सभी जा चुके थे। अंदर हॉल की लाइट जल रही थी और कुछ लोगो की आवाज आ रही थी। मैं जैसे आगे बढ़ा मुझे सामने की गेट पर चपरासी आते हुए दिखा, सायद उसने मुझे नहीं देखा था। मैं चपरासी से बात किये बिना आगे बढ़ गया हॉल के विंडो पर जाली वाला पर्दा लगा हुआ था मैं अपनी पत्नी को ढूंढता हुआ वो पर्दा हलके से उठा कर अंदर देखा।

अंदर बहोत से आदमी बैठ कर शराब पी रहे थे तभी मेरी नजर मेरी बीवी पर गयी वो अपने बॉस की गोद में बैठी थी, ये सब देख कर मेरा गुस्सा बढ़ गया मैं जाकर अपनी बीवी को दो थप्पड़ मारना चाहता था लेकिन खुद को काबू किया और सोचने लगा देखता हूँ ये किस हद तक गिर सकती है आज पता चल ही जाये। वहाँ पर टोटल 8 आदमी थे सभी हट्टे कट्टे मोटे थे, मेरी बीवी अपने बोस की गोद में बैठी थी और उसका बॉस दीपिका के कमर में हाथ रख कर सहला रहा था। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

तभी दीपिका बोली राजीव सर मुझे देर हो रही है आज जल्दी कर लेते है वैसे भी 8 लोग है टाइम लग जायेगा। मेरी समझ में कुछ नहीं आया ये 8 लोग से क्या करना चाहती है। मेरी बीवी दीपिका का बॉस अपने पेन्ट की ज़िप खोल कर अपना लंड बाहर निकाल लिया, दीपिका उसका मोटा लम्बा लंड हाथ में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।

आंटी चुदवाने को बेकरार है मोबाइल नंबर डाउनलोड करो

वहाँ बैठे बाकी के 7 लोग अपने पेन्ट उतार कर चड्डी निकाल फेके और मेरी बीवी के पास आकर खड़े हो गए, दीपिका राजीव का लंड छोड़ कर उन सब के लंड को बारी – बारी चूसने लगी। राजीव उठा और अपनी पुरे कपडे उतार कर नंगा हो गया। दीपिका को खड़ा किया और उसके टॉप जीन्स निकाल कर सब दीपिका पर टूट पड़े ब्रा पेन्टी के ऊपर से 8 लोग उसको चूसने लगे। दीपिका पुरे मजे में सिसकारियां ले कर उनको खुस करने की पूरी कोसिस कर रही थी।

तभी एक ने दीपिका के पेंटी नीचे उतार कर उसकी चुत चाटने लगा एक बन्दा पीछे से उसकी गांड चाट रहा था। ऊपर से दो लोग उसकी ब्रा उतारकर दोनों निप्पल चूसने में लगे थे। बाकी के ४ लोग दीपिका के सरीर पर अपना लौड़ा रगड़ रहे थे। दीपिका का बॉस बोला ये ले तेरी चुत की खुजली मिटाने के लिए आज 8 लोग हो गए है बता अब तो खुजली मिट जाएगी तेरी। दीपिका बोली अरे ये तो कुछ भी नहीं मैं कॉलेज के दिनों में एक साथ 10 लड़को के साथ ग्रुप सेक्स करती थी।

मेरी चुदाई की प्यास बुझाना आसान नहीं है। दीपिका का बॉस बोला – तेरे गांडू पति से तो ज्यादा मजा देंगे हम लोग तेरे को। दीपिका चुप थी और वो लोग उसको मसल रहे थे। अपनी बुराई सुन कर मेरा दिमाग ख़राब हो गया था लेकिन मैं बर्दास्त कर गया। 5 मिनट बाद दीपिका का बॉस टेबल पर लेट गया और दीपिका को अपने लंड पर बैठा लिया पीछे से उसका एक काला दोस्त अपना 7-8 इंच का लंड लिए दीपिका की गांड में डाल कर दोनों एक साथ चोदने लगे। दीपिका उम्म्म्म अह्ह्ह्हह चोदा सालों मेरी प्यास बुझा दो ,, और चोदो साले चोदो चोदो अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह कर रही थी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

बाकी लोग अपना लंड हाथ में लिए मुठ मार रहे थे, 2 लोग दीपिका की तरफ बढे और एक ने दीपिका क्वे मुँह में लंड डाल दिया। अब दीपिका के तीनो छेद में लंड था। तीसरा बन्दा दीपिका के बूब्स चूसने लगा दीपिका उसका लंड अपने एक हाथ से हिलाने लगी। बाकी के ४ लोग खड़े थे दीपिका को चोदने का इन्तजार कर रह थे। 10 मिनट बाद शिफ्ट चेंज हुई और ये चार गए और बाकी के 4 दीपिका की वैसे ही चुदाई करने लगे। दीपिका के मुँह से गुन गु गु गु गु गु सिर्फ इतने आवाज निकल रही थी। कमरे से शराब की बदबू चुदाई की थपेड़ो की आवाज तप तप थप थप गन्दी गालिया और हंसने की आवाज आ रही थी 15 -20 मिनट ऐसे वो लोग चोद रहे थे सब अपना लंड हाथ में लेकर मुठ मारने लगे दीपिका टेबल पर लेटी हुई चारो तरफ से वो लोग उसके ऊपर अपना वीर्य गिरा रहे थे।

दीपिका ब्लू फिल्म के तरह उन लोगो से चुदवा कर उनका वीर्य चाटचाट कर पी गई।

अपनी बीवी के प्यास मैं बुझा नहीं सकता इसका दुःख था, लेकिन इस तरह वो दुसरो से चुदा कर मेरा मजाक बना रही थी इसका गुस्सा मुझे था। सब लोग कपडे पहनने लगे दीपिका नंगी थी तभी चपरासी हॉल में आया और बोला शाहब आप लोग का हो गया हो तो मैडम की मैं भी ले लूँ ? इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

राजीव बोला – हां जरूर तू हमारा वफादार है तेरा तो पूरा हक़ है। वैसे भी सब से बड़ा औजार तो तेरा है दीपिका तेरी दीवानी हो जाएगी।

दीपिका बोली आ चंदू आज तेरा लंड भी देखूँ कितना लम्बा – मोटा है। दीपिका चपरासी के कपडे निकाल कर फेकने लगी बाकी के 8 लोग बैठ कर किसी फिल्म की तरह इनकी चुदाई का खेल देखने को तैयार थे। चंदू का कपडा उतारते ही मेरी नजर उसके लंड पर गयी। उसका लंड ब्लू फिल्म में काले लोगो के जैसी 10 इंच से भी ज्यादा लम्बी और मोटी थी। दीपिका बोली ये क्या है कहा से इतना लम्बा मोटा ले आया तू ? बता न कैसे इतना बड़ा हुआ ?

ये सब देख कर मेरा दिमाग और ख़राब हो गया, मुझे मेरा 4 इंच का लंड याद आया जिसकी लम्बाई चंदू के लंड की आधी भी नहीं थी।

चंदू बिना समय बर्बाद किये दीपिका को गोद में उठा कर अपने लंड पर बैठा लिया और एक झटके से लंड चुत के अंदर डाल दिया। दीपिका बोली – हयी माँ मर गयी मैं साले बहनचोद धीरे से डालना था न भोसड़ीके। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

चंदू खड़े खड़े मेरी बीवी को उछाल कर चोदने लगा सब चुदाई देखने का आनंद ले रहे थे। चंदू कभी दीपिका कि गांड कभी चुत दोनों छेद बदल कर चोद रहा था। दीपिका उम्म्म्म अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह चोद माधरचोद और तेज और तेज बोल कर मजे ली रही थी। पैट पैट पैट पैट पैट की आवाज से पूरा ऑफिस गूंज गया।

मेरा दिमाग सुननन पड़ गया था मैं वहाँ से बाहर निकला और घर आ गया। रात को 9 बजे मेरी बीवी आयी और नहाने चली गयी, हमने साथ खाना खाया। जब सोने गए दीपिका बोली मुझे नींद आ रही है आज बहुत काम था थक गयी हूँ पूरा सरीर दर्द हो रहा है। मैं उसको गुड नाईट बोल कर लेट गया।

मेरी आँखों में नींद नहीं था पूरा नजारा घूम रहा था। मैंने फैसला किया जैसे भी है ठीक है, मेरा लंड छोटा है अगर इसकी चुत की आग ज्यादा है तो इसकी मर्जी किसी से चुदाई, अगर मैं कुछ बोला तो मेरा ही इनसल्ट होगा। उस दिन से आज 3 साल हो गए है मेरी दीपिका से सेक्स नहीं हुई है। दीपिका अपनी कंपनी में टॉप लेवल पर पहुँच गयी है,

बेटी के साथ सामूहिक चुदाई

Beti Ke Sath Samuhik Chudai,बेटी के साथ सामूहिक चुदाई

मेरा नाम है माहिरा। मैं २५ साल की हूँ। मेरी शादी अभी पिछले साल ही हुई है। मेरी अम्मी आबिदा खातून हैं वह ४५ साल की हैं और बड़ी मस्त जवान हैं। अपनी बॉडी मैन्टन कर रखी है और वह ३०/३२ साल की ही लगतीं हैं। हां मन से वह २० साल से ज्यादा उम्र की नहीं लगती हैं।

बेटी के साथ सामूहिक चुदाई

खूब हंसी मजाक करतीं हैं गन्दी गन्दी बातें करतीं हैं और हमारे साथ बैठ कर पोर्न फिल्म देखतीं हैं। फिल्म देखते हुए भी बोलती रहतीं है इसका लण्ड मोटा है उसका पतला है इसकी चूत टाइट है उसकी ढीली हो चुकी है।

ये बुर चोदी चुदवाकर ही जाएगी वगैरह वगैरह ? हमारे साथ मेरी भाभी भी हैं समीना। उसकी शादी दो साल पहले हुई थी पर मेरा भाई विदेश में काम करता है . भाभी यहाँ हमारे साथ ही रहतीं हैं। मैं भी खूबसूरत हूँ और मेरी भाभी भी। हम दोनों के बूब्स बड़े बड़े हैं। चूतड़ उभरे हुए हैं और जांघें मोटी मोटी हैं। इत्तिफाक से हम तीनो ही लण्ड की जबरदस्त शौक़ीन हैं।

मैं १९ साल की उम्र में ही अम्मी से खुल गयी थी।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

एक दिन मैं अपनी सहेली से फोन पर बात कर रही थी। मैं बोली – हाय बोल साइमा, माँ की चूत, क्या हो रहा है ? ,,,,,,,,,,,, क्या बात करती है तू ,माँ की चूत, ऐसा भी कहीं होता है। उसने तेरी गांड मार दी और तू खड़ी खड़ी देखती रही, माँ की चूत।

मैं होती तो उसकी माँ चोद देती, माँ की चूत ? ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,? अरे यार मेरी सुन, उसकी गांड में मैं पेल दूँगी लण्ड, माँ की चूत ? ,,,,,,,,,,मेरी माँ की न पूंछो वो तो, लौड़े से, चुदवाती रहती है।,,,,,,,,,,,,? तेरी भी माँ भी यही करती है बाप रे बाप, माँ की चूत ,,,,,,,,,,,,,,,,? कोई बात नहीं मैं सब ठीक कर दूँगी माँ की चूत। अम्मी ने मुझे सुन लिया उसे पक्का यकीन हो गया की मेरा तकिया कलाम है माँ की चूत।

एक दिन मैं अपने दोस्त को चुपके से घर ले आयी। मैं समझी की अम्मी घर पर नहीं हैं। मैं उसे नंगा करके उसका लण्ड हिलाने लगी। फिर मैं भी नंगी हो गयी। वह मेरी चूँचियाँ और चूत सहलाने लगा। मुझे मस्ती चढ़ गयी तो मैं जबान निकाल कर लण्ड चाटने लगी। इतने में अम्मी आ गयी। उसे देख कर मेरी तो गांड फट गयी। उसका लण्ड सिकुड़ गया।

पर अम्मी मुस्कराते हुए बोली हाय दईया तू इतनी बड़ी हो गयी है भोसड़ी की अभी तक ठीक से लण्ड चाटना भी नहीं जानती ? मैं बताती हूँ, लौड़े से, की कैसे चाटा जाता है लण्ड ? इतनी बड़ी बड़ी चूँचियाँ और गांड लिए घूम रही है तू, लौड़े से, और इतने दिनों के बाद आज एक लौड़ा तुझे मिला है, लौड़े से ?

अभी तक क्या तू अपनी माँ चुदा रही थी ? मुझे देख मैं लण्ड चाट कर बताती हूँ तुझे की कैसे चाटा जाता है लण्ड ? अम्मी लण्ड चाटने लगीं। फिर अम्मी ने उससे पूंछा बेटा मेरी बिटिया की बुर लेते हो ? वह कुछ बोला नहीं। तब अम्मी ने कहा कोई बात नहीं बेटा, आज पहले मेरी बिटिया की बुर ले लो फिर उसकी माँ का भोसड़ा चोद लेना ?बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

Beti Ke Sath Samuhik Chudai


तेरी बेटी की माँ चोदूँगी सासू जी

तेरी माँ की चूत, बहन का लण्ड

ऐसा बोल कर अम्मी ने लण्ड मेरे मुंह में घुसा दिया। मैं लण्ड चूसने लगी। अम्मी मुझसे इतना ज्यादा खुल जायेगीं यह मुझे नहीं मालूम था। अम्मी ने फिर आहिस्ते से लण्ड मेरी चूत में पेल ही दिया। मैं पहले चिल्लाई तो लेकिन फिर मजे से चुदवाने लगी। थोड़ी देर बाद अम्मी ने भी लण्ड पेल लिया अपनी चूत बोली देख माहिरा ऐसे चुदवाई जाती है बुर ? अब उसे क्या मालूम की मैं कई बार कई लड़कों से चुदवा चुकी हूँ। आज से तू अपनी बुर क्या अपनी माँ का भोसड़ा भी चुदाना सीख ले ? मैंने मन में कहा अब आएगा जवानी का असली मज़ा ?

अम्मी कुछ ज्यादा ही मस्ती में थीं। वह बोली माहिरा तेरी माँ की चूत बहन चोद आ गया न तुझे माँ चुदाना ? मैंने कहा हां आबिदा खातून भोसड़ी की तुझे भी आ गया बिटिया की बुर चुदाना। वह मेरे मुंह से गालियां सुनकर बहुत खुश हुई और मेरे गाल थपथपाकर बोली हां बेटी इसी तरह लिया जाता है चुदाई का पूरा पूरा मज़ा ?

एक दिन मैं जेसिका आंटी के घर चली गयी, माँ की चूत ? मैंने कहा अम्मी अरे वह तो बड़ी मजेदार हैं और बड़ी गहरी मजाक करतीं है, माँ की चूत ? अम्मी ने कहा – तुझे मालूम नहीं है लौड़े से की जेसिका बुर चोदी सेक्स की बहुत बड़ी खिलाड़ी है। उसकी बेटी भी उसका साथ देती है। जेसिका लण्ड अपनी बेटी की चूत में दानादन्न घुसेड़ती है और उसकी बेटी भी अपनी माँ के भोसड़ा में एक के एक बाद ठोंकती जाती है। दोनों खूब खुलकर गली गलौज करती है और खूब एन्जॉय करतीं हैं। मैंने मन में कहा एक मैं ही नहीं हूँ माँ चुदाने वाली बेटी और भी हैं बेटियां हैं जो अपनी माँ चुदवाती हैं।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

मेरी समीना भाभी बड़ी मजेदार भी हैं और खूबसूरत भी। एक दिन हम तीनो बैठी हुई बातें कर रहीं थी। मेरे मुंहसे निकला अरे समीना भाभी तुम तो बहुत शर्माती हो ? शरमाओगी तो फिर लण्ड का मज़ा कैसे ले पाओगी ? वह बोली हाय दईया नन्द रानी मैं लण्ड किसी ने नहीं शर्माती।

मैं तो सबके लण्ड से बड़ी मोहब्बत करती हूँ। मैं जब कॉलेज में थी तो खूब लण्ड पकड़ा करती थी। घर में लोगों के लण्ड पकड़ती थी। सबसे पहले मैंने मामू लण्ड पकड़ा फिर उसके दोस्त का लण्ड पकड़ा और एक दिन मैंने खालू का लण्ड पकड़ लिया।

इसी तरह एक दिन जीजू का लण्ड भी मेरे हाथ लग गया। मैं तो दिन रात लण्ड के सपने देखती थी और आज भी देखती हूँ। इसीलिए मुझे ‘लण्ड’ कहने की आदत पड़ गयी। मैंने मजाक में कहा समीना भाभी कभी अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेला तुमने ? वह बोली हां बिलकुल पेला।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

भाभी ने बताया की एक दिन की बात है। मैं जब कमरे में घुसी तो देखा की अम्मी पड़ोस के शब्बीर अंकल के पैजामे में हाथ डाल कर उसका लण्ड हिला रहीं हैं।

मैं वहां से घूम कर जाने लगी तो अम्मी ने कहा अरी भोसड़ी की समीना इधर आ तेरी माँ की चूत ? इतना शरमायेगी तो जवानी का मज़ा कैसे ले पायेगी ? इधर आ मरे पास। मैं जब पास में गयी तो अम्मी ने लण्ड बाहर निकाल लिया और मुझे लण्ड दिखाते हुए बोली लो बेटी समीना अंकल का लण्ड चाटो ?

अंकल का लंबा चौड़ा लण्ड देख कर मैं भी ललचा गयी। मेरा हाथ अपने आप बढ़ गया और मैं लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लण्ड बहन चोद और सख्त हो गया। अम्मी ने पूंछा कैसा लगा लण्ड तुम्हे समीना ? मैंने कहा अम्मी ये तो बिलकुल खालू के लण्ड की तरह है। अम्मी ने कहा हाय दईया तो तू बुर चोदी खालू का लण्ड चूसती है। तेरे खालू का लण्ड खड़ा होने पर थोड़ा टेढ़ा हो जाता है न समीना।

मैंने कहा हां अम्मी तुम ठीक कह रही हो। वह बोली जानती हो समीना तेरा खालू तेरी माँ का भोसड़ा चोदता है। मैंने भी जोश में आकर कह दिया अम्मी मेरा खालू तेरी बिटिया की भी बुर लेता है। अम्मी ने मेरा गाल चूम लिया और बोली कोई बात नहीं बेटी ये चूत बुर चोदी चुदवाने के लिए ही होती है।

एक दिन समीना भाभी जाने किस मूड में थीं।

वह आई और बोली :- माहिरा, तेरी माँ की चूत, तेरी भाभी की बुर ?

मैं भी मूड में आ गयी तो मैने भी जबाब दे दिया।

मैंने कहा :- भाभी, तेरी नन्द की बुर, तेरी सास का भोसड़ा ? तब तक मेरी अम्मी भी आ गयी।

वह बोली :- बहू, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा, तेरी तेरी माँ की बिटिया की बुर ?

फिर हम सब बड़ी जोर से हंसने लगीं।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

उसी दिन शाम को मेरा ससुर आ गया और भाभी का जीजा भी। मैंने कहा हाय दईया लो दो लण्ड का

इन्तज़ाम हो गया है। आज मैं अपनी भाभी की बुर तो चोद लूंगी और चोद लूंगी उसकी सास का भोसड़ा ? तब तक भाभी बोली नहीं मैं चोदूँगी अपनी सास का भोसड़ा और अपनी नन्द की बुर ?

अम्मी ने कहा हाय दईया तुम सब लोग ऐसा क्यों कह रही हूँ। फिर तो मैं भी चोदूँगी बिटिया की बुर और बहू की चूत ? लेकिन तुम लोग परेशान न हो मैंने फ़ोन कर दिया है और आज ही मेरा देवर दुबई से आ रहा है। वो चोदेगा तुम दोनों की चूत ? तब आएगा चुदाई का घनघोर मज़ा ?

कुछ देर बाद सब लोग इकठ्ठा हो गये। मेरा ससुर तस्कीम आ गया उधर भाभी का जीजू सकीब मियां भी आ गया। मैं दोनों को जानती थी लेकिन लण्ड इनमे से किसी का नहीं जानती थी। मेरी इच्छा बढ़ने लगी की जल्दी से जल्दी इनके लण्ड पकड़ कर देखूं। तभी किसी ने घंटी बजा दी। अम्मी ने दरवाजा खोला और बोली हाय उस्मान आ जा जल्दी से हम लोग तेरा ही इंतज़ार कर रहीं हैं।

अम्मी ने उसे हम सबसे मिलवाया। मैं तो समझती थी की कोई ४५/५० साल का आदमी होगा पर वह तो मस्त जवान लड़का निकला उम्र शायद २५/२६ के लगभग होगी। मेरे दिल की धड़कने बढ़ने लगीं। यही हाल भाभी जान भी था। अम्मी ने फटाफट ड्रिंक्स का इंतज़ाम कर दिया और हम लोग मस्ती से दारू का मज़ा लेने लगे।

चुदाई के खेल के पहले अगर थोड़ा नशा वगैरह कर लिया जाये तो चुदाई एक मज़ा दुगुना हो जाता है।अब जब हमें अय्यासी करनी है तो फिर अच्छी तरह क्यों न की जाए ? दारू चालू हो गयी और नशा भी चढाने लगा। मस्तियाँ भी छाने लगीं और दिमाग में खुराफात भी चलने लगी। मेरी नज़र ससुर के लण्ड पर जैम गयी।

मैं सोंचने लगी की इसका लण्ड कैसा होगा, कितना बड़ा होगा, कितना मोटा होगा, कैसे चोदता होगा। मैंने कभी उसका लण्ड न देखा और मन पकड़ा ? मैंने फिर सोंचा की आज तो मौक़ा है। आज तो मुझे चूकना नहीं चाहिए। बस मैं ससुर के पैजामे का नाड़ा बड़े प्यार से खोलने लगी। उसने कोई ऐतराज़ नहीं किया। किसी ने कुछ कहा नहीं। बस मैंने हाथ अंदर घुसेड़ दिया। तब भाभी ने भी अपने जीजू के पैजामे के अंदर हाथ घुसेड़ दिया।

मैं तो बड़ी बेशर्मी से ससुर का लण्ड अंदर ही अंदर सहलाने लगी। लण्ड बहन चोद खड़ा होने लगा। तब मुझे अहसास हुआ की लण्ड बड़ा जबरदस्त है।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

सबसे पहले मैंने ही ससुर का लण्ड बाहर निकाल लिया, उसका सुपाड़ा चूमा और अम्मी को लण्ड दिखाते हुए बोली लो अम्मी मेरे ससुर का लण्ड पियो। अम्मी ने मुस्कराकर लण्ड मेरे हाथ से ले लिया। तब तक भाभी बोली अरे मेरी बुर चोदी नन्द रानी लो तुम मेरे जीजू का लण्ड पियो ? उधर अम्मी ने बहू को अपने पास इशारे से बुलाया और कहा बहू ले तू पी ले मेरे देवर का लण्ड ? ये भोसड़ा का तेरा ससुर ही है। फिर एक एक करके हम तीनो ने अपने अपने कपड़े खोल डाले और एकदम नंगी हो गयीं तो महफ़िल में आग लग गयी।

उधर मरद भी मादर चोद तीन के तीनो एकदम नंगे हो गए और उनके लण्ड टन टनाने लगे। अम्मी को मेरे ससुर का लण्ड पसंद आ गया। पसंद तो मुझे भी आ गया पर मैं चाहती हूँ की पहले वह मेरी माँ चोद ले फिर मुझे चोदे। मैं तो भाभी के जीजू के लण्ड में खो गयी। सकीब के लण्ड से मुझे भी मोहब्बत होने लगी। मैं जबान निकाल कर लण्ड का टोपा चाटने लगी। भी मस्ती से उस्मान का लौड़ा हिला हिला आकर पहले तो बड़ी देर तक देखतीं रहीं और फिर उसे मुंह में घुसेड़ कर चूसने लगीं।

एक ज़माना था की जब की मरद का लण्ड खड़ा होते ही चूत में घुस जाता था और वह थोड़ी देर तक चोद चाद कर झड़ जाता था। पर अब ज़माना बदल गया है। अब तो लण्ड खड़ा होते ही लड़कियों के मुंह खुल जातें हैं। लण्ड सीधे मुंह में घुस जाता है या यूँ कहें की लड़कियां सबसे पहले लण्ड मुँह में लेतीं हैं फिर कर कहीं। आजकल तो लण्ड चाटने, लण्ड चूसने का और लण्ड पीने का समय है।

झड़ता हुआ लण्ड पीना और मुठ्ठ मार कर लण्ड पीना आजकल का फैसन हैं।

थोड़ी देर में अम्मी ने लण्ड अपने भोसड़ा में घुसा लिया और यह भकाभक चुदवाने लगीं। अम्मी तो वास्तव में चुदवाने में बड़ी बेशर्म है। हम दोनों भी बेशर्म हो गयीं। मैंने भी सकीब का लण्ड घुसेड़ा अपनी चूत में और गचागच चुदवाने लगी। अब तक तो मुझे चुदवाने का अच्छा ख़ासा तज़ुर्बा हो चुका था। मेरी समीना तो ऐसे चुदवाने लगीं जैसे की वह एक मंजी हुई रंडी हों।

अम्मी को मस्ती सूझी तो वह बोली ;- हाय बुर चोदी समीना तू बहन चोद अपनी नन्द की माँ चुदवा रही है।

समीना भाभी बोली :- हां सासू जी मुझे अपनी नन्द की माँ चुदाने में मज़ा आ रहा है पर तू भी तो अपनी बिटिया की भाभी की बुर चुदवा रही है, हरामजादी।

मैंने कहा :- अरे भाभी तेरी सास भोसड़ी की अपनी बिटिया की बुर देखो न कितनी शिद्दत से चुदवा रही है और तेरी नन्द की बुर में लौड़ा घुसेड़ने के लिए कितनी बेताब हो रही है ? इसकी तो बहन की बुर ?

अम्मी ने फिर कहा – बहू, तेरी नन्द की बुर चोदी बुर बहुत टाइट है इसमें कोई मोटा लण्ड पेलना ?

इसी तरह की मस्ती करती हूँ हम तीनो धकापेल ऊपर से नीचे तक आगे से पीछे तक चुदवाने में लगीं थीं। अचानक लण्ड की अदला बदली होने लगी। मेरे ससुर ने अम्मी की बुर से लण्ड निकाल कर भाभी की बूर में घुसा दिया। उस्मान ने भाभी की बुर से लण्ड निकाल कर मेरी चूत में घुसेड़ दिया। सकीब ने अपना लण्ड मेरी चूत से निकाल कर अम्मी के भोसड़ा में ठोंक दिया। लण्ड बदलते ही चुदाई का मज़ा दूना हो गया।

एक दिन मेरी खाला जान आ गयी। उसकी शादी शुदा बेटी भी उसके साथ थी। रात को खूब झमाझम बातें हुईं। मैंने भी खूब खुल कर बातें की और अपनी कहानी सुनाई। अम्मी ने भी कुछ छुपाया नहीं और मेरी भाभी जान भी खुल कर बोलीं।बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया

तभी उसकी बेटी बोली :- अरे यार माहिरा, यह सब तो मेरे घर मे भी होता है। एक दिन मेरा अब्बू मेरी ससुराल आया और मेरी नन्द की बुर में रात भर लण्ड पेला। सवेरे जब वह जाने लगा तो नन्द बोली अरे अंकल कहाँ जा रहे हो ? आज तो मेरी माँ चोदो। मुझे चोदा है तो मेरी माँ चोद कर जाओ न प्लीज। उधर मेरा ससुर भोसड़ी का बड़ा हरामी है।

एक दिन लण्ड खोल कर मेरे सामने खड़ा हो गया बोला बहू एक बार इसे भी पकड़ कर देख लो न ? अच्छा लगे तो आगे भी पकड़ती रहना ? उसका साला ८” लण्ड देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया। लण्ड का सुपाड़ा साला तोप का गोला लग रहा था। फिर क्या मैंने पकड़ ही लिया। उस दिन मैंने जब उससे चुदवाया तो पता चला की बड़ी लोगों से चुदवाने में कितना मज़ा आता है।

इस तरह एक बार हमने खाला और उसकी बेटी के साथ सामूहिक चोदा चोदी में हिस्सा लिया। खाला भी बहुत बड़ी चुड़क्कड़ औरत हैं।

कहा :- खाला जान तेरी बहन का भोसड़ा ? तू तो बिलकुल हम लोगों जैसी ही है।

वह बोली :- माहिरा, तेरी माँ की बिटिया की बुर ? तेरी खाला की बेटी भी बहन चोद लण्ड की बड़ी शौक़ीन है। जाने कहाँ कहाँ के लण्ड अपनी माँ की चूत में घुसेड़ा करती है ?

तब तक उसकी बेटी बोली :- अरे यार माहिरा तेरी खाला भी भोसड़ी वाली एक से एक बेहतर लण्ड अपनी बेटी की चूत में पेलती है ? बड़ी हरामजादी है तेरी खाला और तेरी खाला का भोसड़ा ?

इस मस्ती का रिजल्ट यह है की पिछले कई सालों से हमारे घर में कोई परेशानी नहीं है। कभी कोई बीमार नहीं हुआ और कभी किसी डॉक्टर की जरुरत नहीं पड़ी।


लेडी पुलिसवालियों की हो गयी सामूहिक चुदाई

 

लेडी पुलिसवालियों की हो गयी सामूहिक चुदाई


जाट आंदोलन के वक्त मैं धरने पर बैठा था. काफी बड़ा टेंट लगा था. यहां पुलिस वालों की तैनाती की गई. एक रात मेरा दोस्त मुझे टेंट से बुला कर ले गया. उसने मुझे क्या दिखाया?

दोस्तो, मेरा नाम संजय है, मैं हरियाणा के रोहतक का रहने वाला हूं और एक जाट हूं. मैं दिखने में हट्टा-कट्टा 5 फुट 11 इंच लम्बा लड़का हूँ.

ये बात हमारे जाट आंदोलन की है. करीब दो साल पहले पास के एक गांव जस्सीया में जाट आंदोलन के लिए धरने पर बैठने के लिए वहां पर काफी बड़ा टेंट लगाया गया था. जिसमें हमारे जाट समुदाय के काफी लोगों ने हिस्सा लिया. यहां पर हरियाणा सरकार की तरफ से पुलिस वालों की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की कोई हिंसक घटना ना हो.

पुलिस वालों की संख्या 300 के लगभग थी, जिसमें 60-70 महिला पुलिस वाली भी थीं.

पुलिस वालों के भी टेंट लगाए गए थे, जिसमें महिला पुलिस का टेंट अलग था. पुलिस रात के समय भी वहीं रहती थी.

दो तीन दिन तो ऐसे ही निकल गए. मैं भी रात को आंदोलन वाले टेंट में ही रहता था. सर्दियों का समय था, तो हम सब रज़ाई ओढ़ा करते थे. खाने के लिए गांव वालों ने खाना बनाने वालों का इंतजाम किया हुआ था. लेकिन वहां पर बाथरूम या लैट्रिंग का सही इंतजाम नहीं था. इसलिए हम लोग और पुलिस वाले सब लोग हल्के होने के लिए खेतों में ही जाते थे.

इसी दौरान मेरी भी जान पहचान गांव के कुछ लड़कों से हो गई थी.

सर्दियों का समय होने की वजह से रात को ओस गिरती थी और कोहरा भी कहर बरपा रहा था.

एक हफ्ते बाद एक रात को एक लड़का अमित, जो कि गांव का ही था, मेरे पास आया और बोला कि मेरे साथ चलो, तुमसे कुछ काम है.

मुझे लगा कि दारू के लिए ले जा रहा होगा. मुझे ठंड लग रही थी. मैंने कम्बल ओढ़ा और उसकी बात मान कर उसके चल दिया.

मैंने उससे पूछा- किधर चलना है. दारू चखना का इंतजाम किधर है.

इस पर वो हंस कर बोला- आज दारू पार्टी नहीं … लाइव ब्लू-फिल्म की जुगाड़ हाथ लगी है.

मैं उसकी तरफ देखने लगा. मैंने सोचा कि साला गांव की किसी भाभी की चुदाई दिखाने की कह रहा होगा.

मैंने उससे जब पूछा कि किस भाभी की चुदाई देखने की जुगाड़ लग गई है?

तो वो बोला- तू चुप रह और बस मेरे साथ चल.

मैं उसके साथ चला गया. वो मुझे दूर खेतों में ले गया, जहां मेरी पहचान वाले तीन लड़के पहले से मौजूद थे.

उन्होंने मुझसे कहा कि यहां पर इस खेत में 4 महिला पुलिस वाली और कुछ पुरुष पुलिस वाले हैं, जो आपस में चुदाई कर रहे हैं. हम लोग उन्हें चुदाई करते देखेंगे.

उनकी ये बात सुनकर मेरी आंखें फ़ैल गईं कि इन कमीनों ने पुलिस वालियों की चुदाई देखने की जुगाड़ बना ली. पहले तो मुझे कुछ डर लगा कि कहीं कोई लफड़ा न हो जाए. पर उन लोगों ने मुझे आश्वस्त किया कि कुछ नहीं होगा.

उनके पास दो टॉर्च भी थीं. इसी योजना के साथ हम पांचों खेत में दबे पांव चलने लगे. कुछ दूर खेत में से एक ओर से आवाजें आ रही थीं, तो हम उसी तरफ को चलने लगे. जब हम वहां पहुंचे, तो देखा कि वहां पर तीन महिला पुलिस वालीं और तीन ही पुरुष पुलिस वाले थे. तीनों जोड़े बना कर कुछ कुछ दूरी पर थे. उनकी पुलिस वालियों की उम्र 25-30 साल के लगभग थी.

हम लोग उनसे करीब दस मीटर दूर थे. खेत और धुंध की वज़ह से हम उन्हें नजर नहीं आ रहे थे. वो तीनों जोड़े एक दूसरे को किस कर रहे थे. हम उनकी चुदाई का इंतजार करने लगे.

करीब 10 मिनट बाद महिला पुलिस वालियों ने अपनी अपनी सलवार और कुर्ती खोल दी और वहां बिछाई हुई चादरों पर लेट गईं. ये चादरें शायद वो अपने साथ ही लेकर आए थे. पुलिस वालों ने भी अपनी पैंट और शर्ट उतार कर अपने अपने साइड में रख लीं.


लेडी पुलिसवालियों की हो गयी सामूहिक चुदाई


वो पुलिस वालों से कहने लगीं- जल्दी जल्दी करो … ठंड बहुत है.

पुलिस वालों ने भी चड्डी उतारकर चुदाई शुरू कर दी. हम सब देख रहे थे. कोई 15 मिनट की बाद वो सब उठ गए और अपने अपने कपड़े पहन कर चादर लपेट कर चलने लगे.

तभी एक और जोड़ा सामने से आता दिखा, जो शायद कुछ और दूरी पर चुदाई करके निपटा होगा. उस जोड़े पर हमारा ध्यान नहीं गया था.

उन सबके जाने के बाद हम भी अपने टेंट में वापिस आ गए और आपस में बात करने लगे कि ये लोग यहां पर भी मजे कर रहे हैं और हम लोग सूखे ही हैं.

खैर इसके बाद गांव के लड़के चले गए और मैं सो गया.

अगले दिन सुबह वो चारों लड़के मेरे पास आए और बोले कि आज रात की प्लानिंग करते हैं. हम भी किसी तरह उन महिला पुलिस वालियों की चुदाई कर सकें.

प्लानिंग क्या हो इस पर चर्चा होने लगी. मैंने दिमाग लगाया और उन पुलिस के लोगों को डरा कर भगाने के बाद पुलिस वालियों की चुदाई करने की बात कही.

इस पर अमित बोला- चुदाई में तो टाइम लगेगा. कहीं इस बीच पुलिस वाले लौट आए, तो सब रायता फैल जाएगा.

मैंने उन्हें बताया कि मैंने इसका इंतजाम कर लिया है.

उन्होंने पूछा तो मैंने उन्हें बताया.

हमने पक्की प्लानिंग कर ली और रात होने का इंतजार करने लगे. मैंने एक लड़के की ड्यूटी लगा दी कि वो महिला पुलिस के टेंट पर ध्यान रखे कि वो वहां से कब निकलेंगी.

रात 8 बजे उस लड़के का फोन आया कि 5 महिला पुलिस वालीं टेंट के बाहर फोन पर बात कर रही हैं और सामने सड़क पर 5 पुरुष पुलिस वाले भी फोन पर बात कर रहे हैं. शायद वो लोग आपस में ही बात कर रहे हैं.

सर्दियों के कारण रात भी जल्दी हो जाती थी, तो लगभग 8:45 पर उस लड़के का फिर से फोन आया कि टेंट में से महिला पुलिस खेतों की तरफ गई हैं और जो पुलिस वाले सड़क पर घूम रहे थे, वो भी अब नजर नहीं आ रहे हैं.

हम समझ गए कि आज भी चुदाई चलेगी. हम चारों निकल पड़े और अपने पांचवें साथी के पास पहुँच कर हम पांचों खेतों में घुसकर उन लोगों को तलाश करने लगे. धुंध की वजह से थोड़ी दिक्कत हो रही थी, लेकिन हमने उन लोगों को ढूंढ लिया.

वो 4 पुलिस वाले 4 महिला पुलिस वालियों के गले लगे हुऐ थे और किस कर रहे थे. एक महिला पुलिस उन सबसे अलग खड़ी थी और उनको देख रही थी. हमने दो टीम बना लीं. योजना के अनुसार हम उन सभी के मोबाइल से वीडियो बनाने लगे.

फिर मैंने दो लड़कों को दूसरी साइड भेज दिया और कहा कि जब महिला पुलिस वालीं कपड़े उतारकर लेटेंगी, तब उन सबको दोनों साइड से टॉर्च जलाकर शोर मचाकर डराना है. वो दोनों दूसरी साइड चलेंगे, तो इधर हम लोग रहेंगे.

योजना के मुताबिक़ हम सब अपनी जगह पर आ गए.

करीब 15 मिनट बाद कल की तरह वो कपड़े उतारकर नंगी हो गईं और साथ लाई चादरों पर लेट गईं.

बस यही समय था, जब हम डराकर पुरूष पुलिस वालों को भगा देना चाह रहे थे.

हम तीनों ने टॉर्च जलाकर शोर किया ‘कौन है … कौन है..’

इसी तरह हमारे दोनों साथियों ने दूसरी तरफ से शोर मचा दिया. उन लोगों को कुछ समझ नहीं आया कि ये क्या हुआ. उन्होंने सोचा कि गांव वाले आ गए हैं. पुरुष पुलिस वाले तो वहां से भागने लगे और महिला पुलिस वालीं अपने कपड़े उठाने को भागीं. जब हमने पुरुष पुलिस वालों को भागते देखा, तो हम लोग ये कहते हुए भागकर उस जगह आ गए कि सालों का वीडियो बना लिया है. लेकिन अँधेरे के कारण चेहरे साफ़ नहीं दिख रहे थे. बस अब इन लौंडियों को पकड़ो और गांव ले चलो.

ये सुनकर पुलिस वालों की गांड फट गई और वे भाग गए. मेरा प्लान सफल हो गया था. वे पुलिस वाले अब वापस आने से पहले दस बार सोचेंगे.

इसके बाद हमने देखा कि वहां महिला पुलिस वालीं जल्दी जल्दी अपने कपड़े पहनने की कोशिश कर रही थीं.

वो सब डरी हुई थीं. हमने जल्दी से 2 महिला पुलिस वालियों का हाथ पकड़ लिया और एक दूसरे को कहने लगे कि फोन करके गांव से लोग बुलाओ, इनको नंगी ही पंचायत में लेकर चलेंगे.

ये सब सुनकर वो बहुत डर गईं और कहने लगीं- हमको जाने दो.

इतनी देर में हमारे एक साथी ने उनके उतारे हुऐ कपड़े इकठ्ठा किया और दूर भाग गया. वो डर से और ठंड से कांप रही थीं. हम उन्हें लगातार गालियां दे रहे थे कि सालियों ने यहां गंदगी फैलाई हुई है … गश्ती हैं साली रंडियां.

वो ये सुनकर पूरी तरह से डर गई थीं.

चार बिना कपड़ों के थीं और एक ने कपड़े डाले हुऐ थे. वो सब हाथ जोड़कर कहने लगीं- हमारे कपड़े दे दो, हमें जाने दो … किसी को मत बुलाओ.

इतने में मेरा दोस्त अमित बोला कि एक शर्त पर जाने देंगे, जो तुम लोग उन पुलिस वालों के साथ करने आई थीं. वो हम लोगों के साथ करो, तब जाने देंगे … नहीं तो हम अभी गांव से और लोगों को बुला लाएंगे.

वो सब एक दूसरे का चेहरा देखने लगीं. उनके पास कोई और रास्ता नहीं था. वो मान गईं.

बस फिर क्या था, हमने आवाज लगा कर अपने उस साथी को भी बुला लिया और फिर हमने एक एक को उठाया और थोड़ी थोड़ी दूर ले गए. चादर बिछाकर उन्हें लिटा कर अपना लोअर उतारकर उनकी चुदाई शुरू कर दी.

कसम से ठंड में लंड चुत में क्या घुसा … हीटर का अहसास होने लगा था. थोड़े झटके लगाकर मैं एक पुलिस वाली के ऊपर से उठा और दूसरे साथी के पास जाकर उसे अपनी जगह भेज दिया. मैं खुद उसकी वाली पुलिस वाली को चोदने लगा.

हम पांचों लड़के उन पांचों पुलिस वालियों की चुत में ताबड़तोड़ लंड पेल रहे थे. अमित तो अपनी वाली को चोदते हुए कह रहा था कि साली ये पुलिस वालीं भी बड़ी मस्त चुदवाती हैं. उसके दूध तो देखो कितने कसे हुए हैं.

मैं बगल में ही चुदाई में लगा था. मैंने कहा- इसके भी बड़े मस्त दूध हैं, चल छेद बदल लेते हैं.

हम दोनों चुत बदल कर लंड पेलने लगे. अब तक वे पुलिस वालीं भी लंड से चुदने का मजा लेने लगी थीं

मेरी वाली तो बेहद सीत्कार करते हुए कह रही थी- तेरा बहुत बड़ा है … मजा आ गया.

इस तरह उन पांचों पुलिस वालियों ने चुत चुदाई का मजा लिया और लंड की ताकत को सराहा.

उस दिन हम लड़कों बदल बदल कर पांचों पुलिस वालियों की चुत में लंड पेला और हम सबने अपना अपना पानी उनकी चुत में ही निकाल दिया.

चुदाई के बाद हम सब उन्हें उनके कपड़े देकर वहां से भाग गए. गांव के लौंडे अपने घरों में चले गए और मैं अपने टेंट में आकर सो गया.

हमारा मिशन कामयाब रहा. हमने अगले दिन भी महिला पुलिस के टेंट पर नजर रखी … लेकिन 3-4 दिन तक कोई खबर नहीं हाथ लगी.

एक दिन रात को महिला पुलिस के टेंट के सामने एक पुलिस जीप 3 पुलिस वालियों को 8 बजे ले गई और रात 11 बजे उन्हें वापिस छोड़ गई. शायद इस बार वे किसी बड़े पुलिस अफसर से चुदवाने गई होंगी.

फिर एक दिन हमारे साथी ने बताया कि अब चुदाई सड़क पार वाले खेतों में होती है.

Aai La Jhavla Ticha Student

samuhik chudai,pahali chudai,sali ki chudai,marathi sex story,adult stories in hindi,chudai ki kahaniya,gand chudai,gand chudai ki kahani,


Mitrano, mazi aai shalet ganitachi shikshika aahe. Ti 6-10 walyana ganit shikavte. Ti maths teacher aahe. Ti khup hushar aahe, tine padak, trophies milavlet ganita madhye. Disayla pan tevdhich sunder aahe. Manje ekhadi mast kadak madam kiva aunty imagin kara tich mazi aai. Chashmish, don venya lamb sadak kale kes, tichi figure manal tr 36/32/36 ashi aahe. Mla ek bahin aahe aamhi perfect kutumb aahot. Mla evdh mahit aahe tich ani papa chi sex life khup changli aahe. Karan june photos bagitle ki ti lagnachya veli ekhadi kadki porgi hoti pan halu halu jas jase aamhi jholy tas tas photo ti eldum ujal, fresh, bhargaccha disu lagli. Tila bagun konacha hi uthel ashi pan fakth jyala khar taste kiva gyan aahe tyalach aw baherun kapdya verun ti typical madam vatte.

Gharat ti nighty var aste ha kissa i think mi 6-7 vit astanacha aahe. Manje mi aai chya shalet hoto, tumhla tr mahitey aahe shikshak kase astat te tondavr khup shiksha detat, boltat, khare shishak tech astat jyana khup mastikhor, bhandkhor, dha por aavdat astat. Asch mazya aai cha ek 9vi f madhla avinash navacha aavdta student hota. Manje tasa toh hushar hota, ekpathi hota, purn shalet tyachya badaal mahit hot tyane ekda vacha ki kadhi pan vichara line to line jas chya tas tyla lakshat asta. Pan tech masti khor abhyaasat laksh nai tasa toh ganita madhye chapal hota, fakth aai chya vishayt ch toh paiki chya paiki mark milvaycha. Aai nehmi mla gharat tyachya badaal ekvaychi. Pan shalet kadhi dakhval navta tevha aai ch vay 36-37 asel, 10 vi sathi tyla aai ne aamchya ghari extra tuition chalu kel. Toh hota pan tasa cool, disyla handsome, paise wala, mi shalet tyacha mitra manun khup porinshi maitri keli hoti mla pan fayda hot hota tyacha. Aamchya vargaat mazi ijjat vadhli hoti. Pan mla navta mahit ya ijjat chya badlyat ijaat janar aahe. Mahinya bharatch toh ekdum aamchyat missala, as vatlch nai ki bahercha aahe. Toh motha hota tyala barik mishya, dadhi yeu lagli hoti, kanth futla hota, tyachya shaletlya 2-3 gf hotya, aamchya building madhli pan ek porgi tyane patvli lagech 15 divast ji bhalya bhalyana line det navti.


Jhal as tichya sobat aai ne tyala pakdla kissing kartana, he mla tyane sangital ki tyacha hath tichya skirt madhye hota ani ekdum deep kiss chalu hoti as. Mla mahit navta ki mazya aai la toh ya level la aavdto ki ti jealous hoil. Tevdha aathvda aai ne tyla lay shiksha dili, sunval pan toh nibbar gatta pharak padto vay. Mi kai nehmi tyanchyat nasycho shakyto toh sandhyakali 6 la yaycha 9 la jaycha. Mi nashta karun khelayla jaycho tevhada velch aamhi bhetyacho ani baki shalet. 4-6 mahine jhale hote mla aai ani tyachya vagnyat badal disu lagla hota. Aai mazya samor ghabrlya sarkh karaychi. Lamb lamb anter thevaychi. Pahile as vagat naslymule lagech kalal. Mi nashta jhalyver mazi bat shodyla aat gelo hoto mla evdh kai mahit navta tevha pan jas mi baher aalo bagital tyacha hath aai chya kamrevar hota. Tyane mithi marli hoti. Mla bagtach dogh vegle jhale hote. Baher gelyver pan dokyat tech challa hota, aai khup badalli hoti pahile ti ekdum sanskari bai sarkhi rahaychi ata ekdum change jhali hoti ti sleevless nighty ghalu lagli hoti pahile nighty madhun tiche tokeri samosya sarkhe bra disycha aaj mi chakka aai cha manuka pahila hota ekdum hard jhalya sarkh. Kadachit bra ghalna pan sodla hota. Kes pahile telane chip asayche ata mokle havet udat hote aai gharat 24 taas chashma lavaychi ata te pan navta. Mazya manat toh vichar aala karan tevdha motha mi jhalto tevha mobile madhye bp,

savita bhabhi he sagla vachaycho, mla hi kalata naa mi swata tevha pen desk chya khali padun porinchi chaddi bagaycho. Mazi shalet lya item chya chaddit hath ghatla hota mi tevha. So mla khatakla hota aaich vagna, mi laksh deu laglo tas tas mla khup aatun feel yeu lagla kai na kai ahe. Manun mi ya parakrnacha chada lavaych tharaval. Ekda sandhyakal ch toh uahira aala, nemka ti sandhi sadhun mi aamchya gallery madhye laplo. Manje hall la gallery aahe ani tithe pustaka, kapat asch sagla saman aahe ani tyala darvaja nasun lokandi sakhli aahe odhaychi ani parda lavlay so halchal keli tri samorchya la kalnar navta mi tithe aahe. Mi kan lavun baslo hoto ardhya tasane mla aai cha awaaj eku yeyla lagla. Aai :- avinaash nko! Abhyaast laksh de.

Avinash :- pls madam, pls, tumhi mla aavdta, tumhla tr mahiteych he. Mla ekun vishwaas navta basat. Aai chya hatachya bangdycha cha awaaj yet hota manun mi jara pardyachya aadun bagital tr avinaash aai chya mandi var dok thevun jhopla hota. Aai tyala uthvat hoti. Tyane aai ch dok pakdun aaplya kade khechla te dogh kiss karat hote. Toh aai la sangat hota aas nai, jib dya na madam pls, aai pan det hoti vattay. Ata doghanchya jibecha charr charr awaaj yet hota. Aai tyala bas bas manat hoti pan toh ekat navta. Aai manali abhyaas nai karaychay ka tula. Tr toh manala bai aata aathvda jhal aasel mi tumhala perm nai kelay, mazi daya yet nai ka tumhala aaj nko na abhyaas aaj mla tumhla mansokat prem karu dya. Aai tyala nai nai karat hoti. Tyane aai chya nighty chi button ughdun aai che mamme baher kadhle. Mi pahilyana aai cha mamma bagitala lahan pana nanter. Mi pahilyanda eka bai cha nagda ball bagitla hota. Mummy cha ball gora gora hota ani manuka kala jaad butkasa ani tyachya bhovti kala ringan hota. Maza bulla tathla bagun. Tya ne ball la tond lavun chokhayla chalu kel. Aai swata la mage sarkvun ssssss karat kes mage karu lagli. Kes bandhli ani tyachya dokyat hath phirvat lahan bala la jas dudh pajtat tas mandivar gheun pajvu lagli ek ek.

Mag tyane hath gheun chaddit tathlelya bullya var neli mummy hasat tyachya panti chi chain ughdat tyacha bulla baher kadhat hatat ghetla tyacha bulla tevha 7 inch hota jaada kala, maza tevha 4 inch asel tyachya samor. Tyacha bulla bagun mla jara bhitich vatli tyana tas avghad jaat hota manun aai tyala bolli aatchal. Toh uthla aai pudh hoti tyane aai chya gandi var phatka marla. Aai ne aauch karat hasat tyachya shirtala pakdat badmash manat tyala aat gehun geli. Mla vishwaas nvata basat mazya aai ch he rup bagun ti adani navti ek shikshika asun as vagna. Ata mazya manat kutuhul nirman jhali hoti mla tyanchi jhava jhavi bagavi vatat hoti. Mi haluch baher yeun dabkya pavlat aat aalo bedroom madhye gelo tr darvaja lavla hota. Mi khali baslo ani key chain walya holatun bagat hoto sandhyakal aslya mule thodasa ujed hota. Aai ne light band keli hoti.

Tyane light lavli achanak mla toh nagda disla, mazi aai khali jhopli hoti. Toh aai var chadun chumma chati karat hote. Aai tyala light band kar mla laaj vatte as bolat hoti pan toh ekat navta. Mla aai che pay disat hote, mag tyane pay fakvat madhye gusla tevha mla aai chi gand disli. Toh khali sarkat sarkat aai chya pucchi pashi aala ani tond lavun chatu lagla. Aai mashya sarkhi tadfadat hoti tyala lamb karat hoti tari toh chatat hota. Aai ne hath var karat bed la pakdla ani awaaj karu lagli aaaaaa, aaaahhhhh, aahhh, hmmm, hmmmm aai cha evdha nasila aawaaj hota ki fakth awaaj ekun por halvu shaktil. Toh ubha jhala toh aai la bulla chokhayla sangat hota vattay aai nko nko karat hoti. Tyane hath pakdun uthval tevha aai mla disli tiche ball latakle hote ammbya vani. Aai tyacha bulla chokhu lagli tyane aai che bandhlele kes sodun dok pakdla ani halvu lagla. Aai tyacha bulla tondatun kadhat navti tila kiti aavdat hot he kalat hota. Tyane tasch aai la var khechla ani jhopla aai ne tyacha bulla asach pucchi var thevla ani aat ghalu lagli 2-3 nda ghasla baherch aai ne hathane bulla pucchi var lavun aat ghusvla ani udu lagli. Aai che mamme tan tan udat hote.

Ti thambun tyachya tondavat ball net chokhvat hoti toh khalun aai la gand uchlun uchlun jhavat hota. Pach pach, thap thap awaaj yet hota purn kholit. Maza bulla kadhi chadditun mazya hatat aala ani kadhi mi halvayla laglo mlach kalal nai. Mag tyane aai la doggy banvat kes pakdun magun jhavu lagla. Aai che kes pakdun gandi bar marat hota. Aai ekhadya randewani jhavun ghet hoti tyachya kadun toh javal javal 20 min aai la nonstop jhavat hota. Tyane aai la vichral ki nighnar aahe tr aai ne tyachya samor ubhi jhali tyane aai chya chati var pani kadhla ani dogh padle tasech mi palat haluch gallery madhye jaun laplo ata te kadhi hi baher yenar hote tari te ardha taas bhar nai aale kadachit parat jhavat hota vattay toh. Tevha mi dok lavla ani dar ughdun vajval ani aat yeun ordlo aai mla bhuk lagliye khayla banav mi aaloch 2 mintat ani baher jaun thamblo 5 mintani aat aalo aai che kes viskatle hote, ti ghabrli hoti, shwas mothe chalu hote.

Toh khali pustakat tond ghalun basla hota. Aai mla vicharu lagli tr mi mantal daar ughda hota, ani aat gelo bed var ola sopt hota bedsheet khali. Mi bathroom madhye jaun fresh houn baher aalo tevdhyat avinash gela hota aai manali tyacha abhyaas jhala manun sodla. Ti mla asch ikdach tikadch boltana vicharat hoti gharat kai bagitals ka pan mi as dakhvat hoto ki kai mahitich nai. Tya nanter pan mi 3-4 vela tyanchi jhava jhavi bagitli, aai chi pali miss jhali hoti tevha lay motha kand hota hota vachla tyane class la yench sodla. Mazya papa la pan doubt aala hota vattay ani nanter toh clg la gelya mule shala pan sutli tyachi. Mag mich 10 vichya suttit aai la jhavlo blackmail karun kas te tumhla pudhchya bhagat sangen.

Baap ne Beti ko Dosto se Chudwaya

Baap ne Beti ko Dosto se Chudwaya


Hello dosto, to jaisa ki aapne hamari last story me pada ki behen ko papa ne hamse chudwate huye pakad liya tha. Aur vo bhi usse ek sunsan jagah lejake chodne ke bad usse wahi bahar nanga khada kar diya tha.

Ab aage…

Tab meri behen renu papa ko kehti hai.

Renu: papa please andar aane do koi dekh lega.

Papa: itno se chudwate huye ye bat na sochi thi?

Renu: Papa sorry. Dekho maf kar do. Ab se nai karungi.

Papa: Kyu nai karegi beti. Ab to main bhi chodunga tujhee aur ab tu khub chudegi.

Ye kehke papa ne renu ko andar bithaya aur kapde pehne ko kaha, aur renu ne jaldi se kapde pehen liyee.

Aur fir papa ne gadi start kari aur ghar vapis aa gaye. Aur renu ko bole.

Papa: jaa aj rest karle subah hame kahi jaldi jana hai.

Renu ne sar hilaya aur rest karne chali gyi. Tabhi main renu ke pass gaya aur puchne laga ki kya huyaa. To renu ne mujhe bataya ki papa usse sunsan jagah le gaye the. Aap baap beti ki chudai kahani Indian Adult Story dot com par padh rahe he.

To main ek bar to sun ke heraan reh gaya lekin andar hi andar se khush bhi huya sch ke chalo ab chup chup ke karne wala jhanjhat hi khatam. Ab sirf mom se chupana padega.

Itni bat hone ke bad maine renu ko kiss kiya aur vo sone chali gyi.

Rat 10 baje tak sone ke bad vo 10 baje tak khana khane ke liye uthii aur usne khana khaya aur firse sone jane hi wali thi ki papa ne usse uske room me jake pakad liya aur kiss karne lage.

Renu: papa mummy dkeh lengi chodo.

Papa: dekh legi to kya huya usse bhi to pata chale uski beti ke bare me.

Renu: chodo papa subah kar lena.

To papa ne usse chod diya aur usse subah 9 baje tyar rehne ko kaha.

To renu sone chali gyi aur subah 8 baje uth ke 9 baje tak tyar ho gyi. Usne jeans top pehna.

Jaise hi papa ne usse dekha. Vo bole ki kapde change karke aao aur koi one-piece dress pehen ke aao.

Renu samaj gyi ki aj fir se kuch ajib hone wala hai. Vo gyi aur yellow color ki koi dress pehen ke aayii.

Papa: ye huyi na bat.

Us dress me renu kya hot lag rehi thi. Uski khubsurat tange. Uske boobs wah wah.

To papa ne car stat kari aur renu ko bitha ke le gaye. Raste me renu ne papa se pucha ki kaha ja rahe hai lekin papa ne kuch nahi batay, aur kuch der bad vo kisi ke ghar pahunche. Kafi bada ghar tha bahar se dekhne me

Renu: papa ye kaha aye hai ham?

Papa: khud chalke dekh lo.

To papa aur renu andar jate hai aur andar jate hi renu heraan reh jati hai. Waha papa ke 3 dost khade hote hai. Aap baap beti ki chudai kahani Indian Adult Story dot com par padh rahe he.

Unme se ek jiska naam gaurav hota hai. Vo renu ko aapne pass bulata hai. Aao bitiya aao.

Papa: jao beta sabko namaste bolo.

Renu: aage badke sabko namaste karne lagi hai. Tabhi papa ka ek dost renu ko pakad ke dono hath uske gand me rakh deta hai.

Renu: yee kya kar rahe hoo chodo.

Papa: beti aram se. Ye sab aapne hi hai.

Ye sun ke renu thodi shant hoti hai lekin fir bhi vo thodi ghbrayi huyi hoti hai.

Tabhi papa ka dusra dost ata hai aur renu ke kapde khol deta hai.

Renu ke mast hot sharir ko dekh ke vo pagal ho jate hai aur uske upar tut padte hai. Pehle gaurab renu ko aapne lund pe bathata hai aur dusre dono uske boobs masalne lagte hai. Aur renu majhe lene lagti hai.

Gaurav: are teri beti to randi hai ye. Kitne majhe le rahi hai.

Papa: are han bhai. Tabhi to tumse chud rahi.

Ye sun ke gaurav paglo ki taga renu ko chodne lagta hai, aur thodi der bad vo jhad jata hai. Fir baki dono ki ek ek karke renu ko chodte hai. Un teeno ke chodne ke bad. Gaurav papa ko bolta hai ki chal ab tu bhi chod le teri beti ko. Aap baap beti ki chudai kahani Indian Adult Story dot com par padh rahe he.

To papa bhi aapne kapde utarte hai aur renu ko chodne lagte hai. Papa jab tak renu ko chodte hai utne me sabka mood dubara ho jata hai aur vo sab dubara ek ek chot lete hai. Ye sab 3 ghante tak chalta hai aur renu ki halat kharab ho jati hai. To papa bolte hai.

Papa: beta chal ab naha lee bathroom me jake. Tujhe ghar le jata hu.

Gaurav: abe itni jaldi kya hai. Aj rat yahi chod de isse.

Papa: abe bas karo ab. Har hafte le aya karunga maje kar liya karna.

Gaurav: ek hafta kon wait karegaa. Daily leke aa na isse.

Papa: daily to nahi aayegi. Itne bhi paise nahi dene maine tumhare.

Tab renu ko pata chalta ai ki papa ne un dosto ki udhar chukani hoti hai lekin vo chuka nahi paa rahe hotee is wajah se renu ab unki udhari chuka rahi hoti hai.

Tabhi renu nahane chali jati hai, aur gaurav renu ke piche hi bathroom me ghus jata hai, aur uske boobs masalne lagte hai. Thodi der bad teeno dost wah chale jate hai. Renu ko dard bhi ho raha hota hai lekin vo majhe bhi le rahi hoti hai jab teeno ke hath uske booobs aur chut pe hote hai.

Ye sab hote hote 2 baj jate hai fir vo teeno bhi naha ke bahar jane lagte hai aur renu kapde pehen ke papa ke sath ghar aa jati hai.

Papa ghar aate hi sone chale jate hai, aur mummy kisi kaam se market gyi hoti hai. To maine renu ke aate hi pure mood me hota hu aur usse kehta ki aja chudayi karte hai.

Renu: nahi bhai aj nahi mujhe rest karna hai thak gyi hu.

Main: tu chudegi ya fir jabardasti chodu.

Renu: bhai mat kar na yr sachme thak gyi hu.

Main: to renu ko pakadta hu aur uske kapde fad deta hu.

अपने पहले गैंगबैंग में इशिता नंगी होकर 5 लड़कों से खुलकर चुदी

5 ladkon ne gangbang kiya



हेलो दोस्तों, मैं इशिता आपको अपने पहले गैंग बैंग की कहानी सुना रही हूँ। अभी मैं केवल 24 साल की हूँ पर मेरे मम्मे 34 साइज के है, कमर पतली 30 की है और हिप्स 32 के है। मैं देखने में बिलकुल कयामत लगती हूँ। मैं जिधर से भी निकलती हूँ जवान तो जवान बुड्ढों के भी लण्ड अग्नि मिसाइल की तरह खड़े हो जाते है। हर आदमी बस मुझसे एक बार कसके चोद लेना चाहता है।

हाँ तो दोस्तों ,इसकी सुरुवात ऐसै होती है। मैं जब 16 साल की कली हुई तो मेरी सहेलियां अपने आशिक़ो से खूब चुदवाती थी। और अपनी दास्तान मुझे सुनाती थी। मैं शर्मा जाती थी और दिखावा करती थी की मैं उनकी कोई बात नही सुन रही हूँ और ना ही मुझसे मजा आ रहा है। जबकि हकीकत ये थी की मैं कान लगाकर उनकी बात सुनती थी। मेरा भी मन करता था कि काश मेरा भी कोई आशिक़ होता और मुझे सलवार फाड़ के मेरी चूत फाड़ के रख देता।

असल में मैं एक अच्छे परिवार से belong करती थी। मेरे पप्पा डॉक्टर थे और मम्मी इनकम टैक्स ऑफिसर थी। मैं कभी बसों, या टेम्पो में नही चलती थी। हमेशा एक ड्राइवर मुझसे कहीं में ले जाता था। इसलिये मुझसे कभी किसी लड़के से बात करने का मौका नही मिला। पर धीरे धीरे मैं जैसे जैसे 17, 18, 19 साल पार करती गयी, मैं कली से खिला हुआ फूल बनने लगी। मैं दिन पर दिन जैसे ही रात होती मैं इंटेरनेट अपने लैपटॉप पर खोल लेती और ब्लू फिल्म देखने लगती।

उस समय फेसबुक नही सुरु हुआ था। हाँ ऑरकुट शूरु हो गया था। पर दोस्तों, मैं रात में सिर्फ लंबे लंबे मोटे मोटे लण्ड के बारे में ही सोचती रहती। और ब्लू फिल्म सारि सारी रात देखती। जब मेरी मम्मी चेक करने आती तो मैं जल्दी से किताब उठा लेती। मेरी मम्मी समझती की लड़की बड़ी पढ़ाकू है और रात के 11  12 बजे भी पढ़ रही है।  पर मम्मी नही जानती थी की उनकी लड़की अब जवान हो गयी है। वो लंबे लंबे रास से भरे लण्ड के बारे में जान गई है।
उनकी बेटी चूत चुदाई के बारे में सब जान गई है।

रूपा! मुझसे भी चुदना है! अपने दोस्त से मुझसे चुदवा दो। मैं तुमको पिज़्ज़ा खिलाऊंगी  मैं अपनी दोस्त रूपा से कहा। हम साथ में ग्रेजुएशन कर रहे थे।
ठीक है मैं अपने बॉयफ्रेंड शिवाय से बात करुँगी  रूपा बोली
मैं बेसब्री से चूदने का इंतजार करने लगी।

शानिवार रात को रूपा के बॉयफ्रेंड ने अपने गुडगाँव वाले फार्महाउस में पार्टी दी। पार्टी में बेयर, व्हिस्की, रम, ग्रिल्ड चिकन, और बर्बेक़यु था। रूपा के कहे अनुसार मैं शॉर्ट स्कर्ट में गयी। मेरी टांगे झांघे ठक् दिख रही थी। पार्टी के वक्त ही शिवाय ने रुपा को आँख मारी। रूपा ऊपर कमरे में चली गयी। मैं जान गयी की अब वो चुदेगी। करीब 1 घण्टे बाद रूपा लौटी उसकी लिपस्टिक, काजल बिखरा हुआ था।
अरे रूपा? इतनी देर कहाँ लग गयी  मैं पूछा
3 राउंड के खेल कर आई हूँ!  रूपा ने बताया।

5 ladkon ne gangbang kiya


मेरा खून एकदम से जल गया। अब 3 राउंड के बाद शिवाय मुझे क्या चोदेंगे। अब तो वो चादर तान कर ac चला कर सोयेगा। रूपा ने मुझे कमरे में ऊपर भेजा। पर देखा तो शिवाय से व्हिस्की के 2 पेग लगाकर वो बेड पर पसर गया था, वो भी बिलकुल नंगा। दोस्तों, इस तरह मेरी चूदने की इक्षा ना पूरी हो सकी।

कुछ दिनों बात श्लोक जो मेरी क्लास में है , थोड़ा काला कलूटा सा है मुझे लाइन देने लगा। मैं उससे पट गयी। मैं श्लोक को डेट करने लगी। वो मुझे अपनी करिश्मा बाइक पर बैठाता। हम दोनों, मॉल,जाते, मल्टीप्लेक्स में पिक्चर देखते। कभी कभी हम डिस्को भी जाते। पता नही क्यों मैं कुछ ज्यादा ही वाइल्ड हो गयी।
यार श्लोक, तू बस मुझे बस घुमाएगा ही या कुछ करेगा भी?? मैंने श्लोक से पूछा

उस दिन श्लोक अपने पापा की होंडा सिटी लेकर आया था। क्या मस्त गाडी थी। बिलकुल हवाई जहाज की तरह चलती थी। ac बड़ी मस्त थी। गर्मी में सर्दी और सर्दी में गर्मी। पार्टी करते 1 बज गए थे। हम बार से निकले ही थे। कार में श्लोक ने मुझसे पकड़ लिया।
इशिता, तो भी कार में ही दे दे!  श्लोक बोला
अबे चूतिये, इसमें पूछना क्या, चल चोद मुझे, मैं तो कब से इंतजार कर रही हूँ!  मैंने व्हिस्की के नशे में कहा

श्लोक ने मुझसे पकड़ लिया और ताबड़ तोड़ मेरे जवाँ जिस्म पर किस्सेस की बरसात कर दी। उसने एक अँधेरे वाली जगह पार्क की थी। हम एक मॉल की अंदर ग्राउंड पार्किंग में थे। श्लोक से अपनी हौंडा सिटी की सीट पीछे कर दी थी। मैं आराम से लेट गयी थी और अपनी सील तुड़वाना चाहती थी।

श्लोक ने मेरी शार्ट स्कर्ट ऊपर कर दी और मेरी चिकनी टांगों को चूमने लगा। धीरे 2 वो ऊपर बढ़ने लगा। फिर वो मेरी मांसल झंघों पर पंहुचा और किश करने लगा। आँख उसने मेरी डिजायनर पैंटी ढूंढ ली और मेरी चूत को चड्ढी के ऊपर से ही चूमने लगा। मैं गरम होने लगी। श्लोक ने मेरा टॉप जिसमे ब्रिटनी स्पीयर्स बनी थी निकाल दिया। आज तक मैं सिर्फ अपनी मम्मी के सामने नंगी हुई थी, पर आज दूसरी बार श्लोक के सामने नंगी हो रही है।

बिना नंगी हुए आखिर मैं कैसे चुदवा सकती थी। श्लोक मेरी ब्रा निकलने लगा। मैंने विरोध नही किया। फिर उसने खुद को नंगा किया और मेरी डिजायनर पैंटी भी निकाल दी। श्लोक ने कार को लॉक कर लिया जिसने कोई अंदर ना आ पाए। उसने सारी लाइट्स बन्द कर दी। मैंने अपने नाजुक पतले पतले हाथ अपने सिर के नीचे रख दिए। श्लोक मेरे बूब्स पिने लगा। वो बड़ी लग्न ने मेरी निप्पल्स पी रहा था। बिच बीच में वो कभी कभी मेरे काले निपल्स को काट भी लेता था। मैं चिहुँक उठती थी।

फिर श्लोक मेरी पुसी की ओर बड़ा। मेरी पुसी किसी भट्टी की तरह गर्म थी। श्लोक मेरी पुसी चाटने लगा। वो अपनी जीभ को गोल गोल घुमाकर मेरी चूत चाट रहा था। मुझे थोड़ी गुदगुदी भी हो रही थी। वाकई दोस्तों, चूत चतवाने में बहुत आनंद मिलता है। आज मैंने जाना। जब चूत चतवाने में इतना मजा मिलता है तो चुदवाने में कितना मजा मिलेगा।

मेरा क्लासमेट श्लोक मेरी चूत को ऊपर से नीचे उसकी मुलायम तहो में चाटने लगा। लगा मै कहीं झड़ ना जाऊ। श्लोक ने फिर अपना फोन निकाला। अपनी ऊँगली से मेरी चूत को फैलाया और मेरी गुलाबी कुंवारी झिल्ली की फोटो खींची। मैं कोई विरोध् नही किया। उसने मेरे पैर कार के बोनट पर रख दिए। उसने मेरी चूत पर एक दो बार ऊपर से नीचे तक ऊँगली फिराई फिर अपने बड़े से लण्ड को एक दो बार मुठ मारके ताव दिया।

मेरी धड़कन बढ़ गयी। हाय! अब मैं भी चूदने वाली थी। आज मैं भी अपनी फ्रेंड्स की तरह लण्ड खा जाऊंगी। मेरी धड़कन बढ़ गयी। इस बात का डर भी था कज कहीं सिक्योरिटी गार्ड ना आ जाए और हम लोगो को रंगे हाथ पकड़ ले। श्लोक ने अपने फ़ोन की रिकॉर्डिंग खोल दी और एक जगह सेट कर दिया।
श्लोक जरा धीरे करना भाई! कम दर्द हो!  मैंने कहा
ओए इशिता! मुझे भाई मत बोल। मुझे बहनचोद नही बनना है। और रही बात दर्द की सब लौंडियों को पहली बार होता है!   श्लोक बोला

मैंने अपनी आँखे बंद कर ली। मैं अपने पापा की बहाःदुर बेटी बन गयी। श्लोक ने अपनी अग्नि मिसाइल मेरे लॉन्चिंग पैड यानि मेरी चूत पर रखी और ये जोर का दम लगाया। बाप रे!! मेरी तो माँ चुद गयी। लगा की किसी ने मुझे चाकू मार दिया हो। मैं छटपटाने लगी। श्लोक ने मेरे दोनों पतले चिकने पैर कस के पकड़ लिए और लण्ड को ऊपर लाया और फिर से पेल दिया मेरी कुंवारी चूत की गहराई में। उसका लण्ड लाल लाल हो गया। जैसे उसने अपने मोटे लण्ड को लाल स्याही की शीशी में डूबा दिया हो।

मैंने डरकर आँखे नही खोली। मैं दर्द बर्दास्त कर गयी। मैं अपने पापा की बहादुर बेटी थी। श्लोक मेरी लाल स्याही की शीशी में डुबकी लगाता रहा। आधे घण्टे बाद दर्द कम हो गया।
इशिता डार्लिंग! ओपन योर आईज! श्लोक श्लोक
मैंने आँखे खोली। बस बेबी नॉव टेक थे प्लेजर ऑफ़ फकिंग!! श्लोक बोला।
वो मुझे झटके मार मार के चोदने लगा। सारी कार हिलने लगी और जंपिंग जंपिंग करने लगी। श्लोक ने मुझे कस के पकड़ लिया और रगड़ के चोदने लगा। कार डांस करने लगी।

और फिर दोस्तों, मुझे चूदने में जो मजा आया की बता नही सकती। ओह!! मुझे चर्म सुख मिल गया। ऊऊऊऊ आहहा हा आ! जोररर से ! और तेजज्ज और क्स्स्स के मैं श्लोक ने रिक्वेस्ट करने लगी। श्लोक मुझे रगड़ के चोदने लगा। मैंने अपनी तांग पूरी खोल दी जिससे वो मेरी चूत फाड़ के रख दे। श्लोक के धक्कों को गिनना नामुमकिन था। बस कार में पट पट चट चट की आवाज ही गूंज रही थी। हम दोनों पसीना पसीना हो गए थे। मेरी गर्म चुदती हुई कुंवारी चूत की महक पूरी कार में फ़ैल गई थी।

श्लोक ने उस रात मुझसे ढाई घण्टे चोदा था। मैं कहीं प्रेग्नेंट ना हो जाऊ उसने लण्ड निकाल लिया था और मेरे मुँह पर छोड़ दिया था। उसके गरमा गरम वीर्य को मैंने पूरा का पूरा चाट लिया था। फिर हमने कपड़े पहने। अब मैं श्लोक से ज्यादातर मॉल्स की कार पार्किंग में पेलवाती थी।

ई वांट टू डु गैंग बैंग!!  एक दिन यूँ ही मजाक मजाक में मैंने उसे व्हाट्स अप कर दिया। श्लोक समझा की मैं सीरियस हूँ। उसने शिवाय, रूद्र, अंशुमान, और विक्रम से बात करली। मुझसे उन चारो की प्रोफाइल भी भेज दी। सारे लड़के खूब हट्टे कट्टे थे। मेरे मुंह में पानी आ गया। मैं एक साथ 5 5 लण्ड लुंगी कितना मजा आएगा। मेरे पहले गैंग बैंग की प्लानिंग होनी लगी। शिवाय ने प्लानिंग की की उसके फार्महाउस पर ही मेरा गैंग बैंग होना चाहिए।

आखिर वो दिन आ गया। संडे की सुबह सभी दोस्त अपनी अपनी कार लेकर आ गए। मैं अपनी स्विफ्ट डिजायर लेकर पहुँची। शिवाय बेयर की 5 कार्ट ले आया। इसमें 60 बोतले बिअर की थी। विक्रम थोड़ा कोकीन ले आया जिससे और मजा आये। श्लोक, अंशुमान भी चिचेन सैंडविच ले आये। रूद्र कंडोम के कई पैकेट्स, और सेल्डेनफिल की गोलियां ले आया, जिससे मुझे वो सब बार बार रगड़ रगड़ के चोद सके।

दोस्तों, मुझसे थोड़ी शरम आ रही थी, बस ये जल्द ही दूर हो गयी। क्योंकि ये पांचों लड़के मेरे क्लासमेट थे। सब मेरे साथ ही पढ़ते थे।
इशिता!! शो अप बेबी!!  शिवाय बोला।
मैंने अपने सारे कपड़े उतार फेके। श्लोक से पहली चुदाई के बाद मैं खुल गयी थी। शिवाय मेरे पास आया और मेरे तने हुए बूब्स को पिने लगा। उधर विक्रम, श्लोक, अंशुमान, रूद्र ने अपने कपड़े उतार दिए। पांचो के जवान मोटे मोटे लण्ड लहराने लगे जैसे सर्दियों में खेतों में सरसों लहराने लगती है।

रूद्र, विक्रम, और शिवाय जिम जाते थे। जिनके 6 पैक थे। इसलिए इनके लण्ड जादा बड़े, पुस्ट व हट्टे कट्टे थे। शिवाय और रूद्र मेरे एक एक बूब्स पिने लगी जबकि बाकी बिअर गटकने लगे। शिवाय ने एक बोतल मुझे भी पिला दी। मैं भी नशे में हो गयी।
ऐ गाँडुओं! जिसका लण्ड सबसे बड़ा और लम्बा हो वही मुझे फक करेगा!! मैंने कह दिया।
पांचो लड़के सीटी मरने लगे की मैं खुलकर चुदवा रही हूँ।

विक्रम ही सबसे पावरफुल लगता था। उनका कॉक भी 12इंच का था।  उसने मुझसे सोफे पर  बैठा दिया और मेरी  गाण्ड के पीछे से आकर कुत्तों की तरह मेरी चूत चाटने लगा। उफ़्फ़!! जितनी जल्दी जल्दी वो जीभ दौड़ा रहा था, मुझसे चर्म सुख मिल रहा था।
बेबी, हु टूक यूर वर्जिनिटी?? विक्रम ने पूछा।
ई डिड!  श्लोक ने हाथ खड़ा किया।
ऐसा कड़क मॉल नही देखा! सिर्फ एक बार की चुदी लौण्डिया हमे गैंग बैंग ले लिए मिल गयी!! वी पीपल आर लकी!! विक्रम बोला।

वो जल्दी जल्दी मेरी चूत चाटने लगे। उसने मुझसे लेटाया नही था। बल्कि सोफे के हत्थे का सहारा देकर बैठा दिया था। विक्रम ने अपने हाथ में ढेर सारा थूक लिया, अपने लौड़े पर मला और पेल दिया मेरी गुलाबी पुसी में। और मुझे चोदने लगा। मैं मजे से चूदने लगी। तब तक शिवाय आया और उसने मेरे मुँह में अपना लण्ड दे दिया। मैं आँखे बंद किये चूसने लगी। फिर रूद्र को विक्रम से जलन होने लगी। वो मेरे नीचे बैठकर मेरे बूब्स पिने लगा। अंशुमान का लौड़ा भी ईर्ष्या महसूस करने लगा। वो मेरे पास आकर मेरे पीठ और मेरे गोल गोल चुत्तड़ सहलाने लगे।

एक साथ 4 5 लड़कों के स्पर्श से मदहोश होने लगी। उफ्फ्फ!! दोस्तों मैं जन्नत में थी। आप भी कभी गैंग बैंग करके देख्ना। मजा आजाएगा। मैं खुद को रानी मधुमक्खी जैसी महसूस कर रही थी। ये पांचो लड़के मेरे सर्वेन्ट थे। विक्रम मुझे गाचागच चोदने लगा। उधर शिवाय मेरा मुँह चोदने लगा। रूद्र मेरे बूब्स पी पीकर मुझे अतिरिक्त उत्तेजना दे रहा था। रूद्र मुझसे मेरी नंगी पीठ पर कन्धों से मेरे चुत्तड़ो तक बड़े प्यार से सहला रहा था। ये चुदाई की कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है।

फ्रेंड्स, ई कैन नॉट एक्सप्लेन , ई वास् इन हेवन!! आधे घण्टे तक मुझे चोदने के बाद विक्रम हट गया। अब शिवाय मुझे चोदने लगा, श्लोक आकर मेरे मुंह को चोदने लगा। फिर 40 मिनट बाद शिवाय झड़ गया। अब रूद्र मेरी गुलाबी चूत पीछे से मारने लगा मुझे बैठाकर अब अंसुमान मेरे मुँह को चोदने लगा। फिर अंशुमान और श्लोक ने भी बारी बारी मुझे चोदा और मेरी गुलाबी पुसी को फाड़ के रख दिया।

फिर हम सबसे थोड़ा रेस्ट किया। हमने चिकन खाया व्हिस्की पि। थोड़ी कोकीन भी खींची। सबने मुझे बिना कंडोम के चोदा। फिर सबने सिल्डेनाफिल की गोलियां खायी। सबका लण्ड जो मुझे चोद चोद कर सुख गया था, फिर से जाग गया। इस बार रूद्र मुझे सबसे पहले चोदने खाने लगा। फिर अंशुमान ने, फिर श्लोक ने, फिर शिवाय और विक्रम ने। उन संडे को मैं पूरा दिन खुलकर चुदी।

मैंने पांचो के लण्ड भी खूब चूसे। सच में दोस्तों लण्ड चूसने में भी कम मजा नही मिलता है। मैं सिर हिला हिलाकर अपने मुंह में गले तक लँडों को चूस रही थी। उसके सीमेन को निगल जाती थी। मैंने बिलकुल उसी तरह अपना गैंग बैंग किया था, जैसा मैं ब्लू फिल्म्स में छुप छुपकर देखा करती थी।  मेरे गैंग बैंग में मेरे रिसोर्सेस का पूरा यूज़ हुआ। पांचो फ्रेंड्स ने मेरे बूब्स जी भरकर पिए, और मेरी गुलाबी पुसी को खूब बजाया।

gaon me meri gangbang chudai ki kahani

gaon me meri gangbang chudai ki kahani


तुरंत घर के बाहर आ गयी विशाल के साथ और उसने मुझे उस घर का रास्ता भी समझा दिया जहाँ जा कर मुझे अपने कपड़े लाने थे। अब दिन का वक्त था और सुबह के साढ़े सात बज चुके थे। उस छोटे गाँव में ले दे कर एक बीड़ी फैक्ट्री थी इसलिये उस गाँव में ज्यादातर सिर्फ मर्द ही रहते थेजो उस फैक्ट्री में मज़दूरी करते थे। अब मैं बेशरम बन कर गाँव में मादरजात नंगी ही ऊँची हील की सैंडल खटखटाती चल पड़ी। वैसे तो वो रास्ता सुनसान ही था पर बीच में इक्का-दुक्का लोग आ जा भी रहे थे और सभी मेरी तरफ़ देख रहे थे। शायद विशाल के चुंगल में फंसी मेरी जैसी हालत में और औरतें भी देखी होंगी उन्होंने पहले। पूरी रात की घमासान गाँव में गैंगबैंग चुदाई की वजह से मैं ठीक तरह चल नहीं पा रही थी। दारू का नशा भी उतरा नहीं था और पैरों में ऊँची पेन्सिल हील के सैंडल भी थे। सैंडल उतार देती पर गाँव के कच्चे पत्थरीले रास्ते पर नंगे पैर चलने से तो ऊँची हील के सैंडल पहन कर दो किलोमीटर चलना ज्यादा मुनासिब था। सबसे पहले दो मर्दों ने मुझे नंगी देखा। उन्होंने मेरे को वहीं पर पकड़ लिया और उन्होंने मुझे वहीं पर चोदना चालू कर दिया। मैंने भी कोई ऐतराज़ नहीं किया और खुशी से अमादा हो कर चुदाई में शामिल हो गयी। अभी वो मुझे चोद ही रहे थे कि वहाँ पर और तीन आदमी आ गये। उन्होंने भी मुझे चोदने का मन बना लिया। इस तरह वहाँ पर अब पाँच मर्द मुझे चोदने लगे। मेरी चूत और गाँड तो अब तक बहुत खुल चूकी थी क्योंकि रात में मैंने एक साथ दो-दो लन्ड लिये थे अपनी चूत में।

अब उन्होंने मुझे वहीं कच्ची सड़क के किनारे ले जकर चोदना स्टार्ट कर दिया। सभी चुदाई के भूखे थे और मेरे ऊपर कुत्तों की तरह टूट पड़े। अब मुझे पाँच मर्द चोद रहे थे। एक लन्ड मेरी चूत में, दूसरा मेरी गाँड में और तीसरा मेरे मुँह में, चौथा और पाँचवा मेरे हाथों में। उन सभी ने बारी-बारी से अपनी जगह बदली और तकरीबन डेढ़-दो घंटे तक मुझे वहीं चोदते रहे। जब चुदाई खत्म हुई तो वो मुझसे पैसे माँगने लगे। मैंने हैरान हो कर पूछा कि किस बात के पैसे, तो वो वो बोले कि तेरी चुदाई करने के पैसे। जब मैंने कहा कि मेरे पास तो इस वक्त पैसे नहीं हैं तो वो मुझे गालियाँ बकते हुए अपने रास्ते चले गये।

मैं उठ कर आगे चल पड़ी। अब मैं बहुत धीरे चल रही थी क्योंकि मेरी बहुत ज्यादा चुदाई हो चूकी थी और मैं बहुत थक चूकी थी और मुझे मालूम था कि अभी और चुदाई होगी। मैं तकरीबन साढ़े दस बजे उस घर में पहुँची तो देखा कि वहाँ पर ताला लगा हुआ था और बाहर एक पर्ची थी जिस पर लिखा था कि तुम यहाँ देर से पहुँची हो, इसलिये तुम्हारे कपड़े वहीं पर पहुँचा दिये गये हैं जहाँ से तुम आयी हो। इसलिये वापिस चली जाओ। मैं ये पढ़कर वापस जाने लगी। मैं ये सोच रही थी कि अगर फ़िर से रास्ते में कोई मिल गया तो फिर से चुदाई हो जायेगी और फिर से लेट हो जाऊँगी।

मैं थक भी गयी थी और मेरी टाँगें भी दुख रही थीं पर मैं फिर भी जितना हो सके तेज़ चलने लगी। इस बार मुझे रास्ते में चार आदमी और मिले और उन्होंने भी मेरी चुदाई स्टार्ट कर दी वहीं सड़क पर। तकरीबन डेढ़ घंटे तक मैं उनसे बारी-बारी से चुदवाती रही। मैं हैरान थी कि इन मर्दों ने भी मुझसे मेरी चुदाई करने के पैसे माँगे। जब मैंने कहा कि उन्हें देने के लिये मेरे पास कुछ नहीं है तो वो भी मुझे उल्टा-सीधा कहते हुए आगे बढ़ गये।

उसके बाद मैं वहीं पहुँच गयी जहाँ से आयी थी। मैंने विशाल से कहा, “अब तो मेरी सज़ा हो गयी है… प्लीज़ अब मेरे कपड़े दे दो!” इस पर उसने कहा, “अभी तो तेरी एक सज़ा पूरी हुई है… अभी दूसरी बाकी है और तेरी दूसरी सज़ा बहुत ही मुश्किल होगी।” उसके बाद उसने कहा कि “तुझे आज भी यहीं रहना पड़ेगा और कल सुबह तू यहाँ से जायेगी!” उसके बाद विशाल ने मुझे खाना और पानी दिया और कुछ देर के लिये आराम करने को कहा। मैंने तकरीबन दो घंटे आराम किया।

अभी मैं सो रही थी कि विशाल ने आ कर मुझे उठा दिया और कहने लगा, “अगर अबकि बार कुछ भी बोली तो सज़ा और बढ़ा दी जायेगी इसलिये जो कहता हूँ चुपचाप करती जा।” मैं कुछ भी नहीं बोली और चुप रही। अब दोपहर के तकरीबन एक बज चुके थे और अभी भी मैं नंगी ही थी।

विशाल ने मुझे कहा, “आज तुझे और बहुत जनों से चुदना है!” अब तो मैं बेशरम बन चूकी थी और मेरी चूत, गाँड और मुँह सभी छेद बहुत बुरी तरह चुद चुके थे और अच्छी तरह से खुल चुके थे क्योंकि मैंने सभी में बहुत मोटे-मोटे लन्ड लिये थे। विशाल ने मुझे कहा कि “तेरी दूसरी सज़ा ये है कि तुझे आज शाम के सात बजे तक गाँव में से दो हज़ार रुपये कमा कर लाने हैं और वो भी नंगी रह कर ही और अगर सात बजे से लेट हुई या पैसे कमा कर नहीं ला पायी तो तेरी चुदाई पूरे एक हफ़्ते तक होती रहेगी!”

मैं ये सुनकर कुछ नहीं बोली क्योंकि अगर कुछ बोलती तो मेरी सज़ा विशाल और बढ़ा सकता था। ये सब बातें सुनकर मैं बहुत डर गयी और सोचने लगी कि अगर मैं पैसे ना ला पायी तो पता नहीं क्या होगा आज मेरे साथ। मैं ये सोच ही रही थी और अपने ख्यालों में खोयी हुई थी कि तभी मुझे विशाल ने एक जोर से थप्पड़ मारा और कहा “साली रंडी! यहीं खड़ी रहेगी अब क्या? चल हरामज़ादी जल्दी से नहा-धो कर बाहर जाने की तैयारी कर और चुदवा कर पैसे कमा कर ला।”

मैं सैंडल उतार कर बाथरूम में जा कर जल्दी-जल्दी नहायी और जिस्म पोंछ कर फिर से पैरों में अपने ऊँची ऐड़ी के सैंडल पहन लिये। मेरे पर्स में लिप्स्टिक पाऊडर वगौरह था तो मैंने हल्का मेक-अप भी कर लिया। तभी मुझे मेज पर देसी ठर्रे की बोतल दिखायी दी जिसे उठा कर मैं मुँह लगा कर पीने लगी। पीते-पीते मैंने सोचा कि मैं पूरी कोशिश करुँगी दो हज़ार रुपये कमाने की और ना कमा सकी तो जो भी होगा देखा जायेगा। इतने दिनों से मैं चुदने के लिये ही तड़प रही थी और जब अल्लाह के करम से मुझे इतनी चुदाई नसीब हो रही है तो क्यों ना खुल कर मज़े लूँ। इस कहानी की लेखिका रिहाना हुसैन है!

इतने में विशाल फिर कमरे में आया और चिल्लाते हुए कहा कि “साली यहाँ खड़ी दारू पी रही है! चल वक्त बर्बाद न कर और सात बजे के पहले रुपये कमा कर ला!” अब मैं एक बार फिर से बस ऊँची पेन्सिल हील के सैंडल पहने बिल्कुल नंगी ही बाहर चल पड़ी। मेरे एक हाथ में ठर्रे की बोतल थी और मैं अब एक पूरी रंडी बन चूकी थी और मैं फैसला कर चुकी थी कि मैं रंडी ही बन जाऊँगी और फ़्री में लोगों से ऐसे ही चुदवाया करूँगी। खैर अभी तो मुझे ऐसे मर्द ढूँढने थे जो मुझे चोदें और पैसे भी दें पर गाँव में ये काम बहुत मुश्किल था क्योंकि वहाँ पर सभी फ़्री में चोदने वाले गरीब लोग थे। सुबह तो कुछ गाँव वालों ने मुझसे ही मुझे चोदने के पैसे माँगे थे। अब मैं शराब पीती हुई नशे में झूमती हुई गाँव कि उस तरफ़ चल पड़ी जहाँ पर मज़दूरों की छोटी सी बस्ती थी और उस तरफ़ मर्द भी ज्यादा रहते थे। वो इलाका एक गंदी बस्ती जैसा था प र मेरे पास और कोई चारा नहीं था।

मैं वहाँ पर अंदर घुस गयी और तभी मेरी तरफ़ मर्दों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गयी। मैं ये देखकर हैरान रह गयी कि वहाँ करीब तीन-चार औरतें और भी थीं जो अलग-अलग जगह पर गाँव के कईं मर्दों से ग्रुप-चुदाई करवा रही थीं। उन्हें देखकर साफ ज़ाहिर था कि ये गाँव की रहने वाली औरतें नहीं थीं बल्कि मेरी ही तरह शहर से आयी हुई अमीर औरतें थीं। मैंने तभी उन मर्दों से कहा कि “आप सब मेरी चुदाई कर लो पर इसके बदले में मुझे पैसे चाहिये।” इस पर वो कहने लगे कि “पहले चुदाई होगी तेरी और बाद में पैसे दे देंगे तुझे थोड़े बहुत! ” फिर मेरी चुदाई वहीं पर स्टार्ट हो गयी।

अल्लाह जाने मेरे अंदर घंटों इतनी चुदाई करवाने ताकत कहाँ से आ गयी थी। पिछली शाम से मैं कितने ही मर्दों से बेतहाशा चुदी थी और अब फिर चुदने के लिये तैयार थी। सभी मर्द मेरे को चोदने के लिये आ गये। वहाँ पर भीड़ इतनी बढ़ गयी कि कोई भी मुझे चोद नहीं पा रहा था। तभी उनमें से जो थोड़ा नेता किस्म का था उसने कहा, “बारी-बारी से चोद लेना सभी लोग और एक लाइन लगा लो सभी मर्द!” तकरीबन बीस-पच्चीस मर्द होंगे वहाँ पर। उन सभी ने लाइन लगा ली और बारी-बारी से मुझे चोदने लगे।

मुझे कुछ नहीं होश था कि मुझे कौन-कौन चोद रहा था। बस मैं तो अब ऐसे ही गंदी गली में ज़मीन पर पड़ी थी जो कोई आ रहा था बस मुझे चोदते जा रहा था। तकरीबन शाम के पाँच बजे मैंने उनसे कहा कि “बस अब मुझे जाने दो और पैसे दे दो!” तो उन्होंने कहा “अभी कुछ देर और रुक जा। और थोड़ी देर में चली जाना।” तकरीबन सवा पाँच बजे उन्होंने मेरी चुदाई बंद कर दी और मुझे कहा “चल अब दफ़ा हो जा यहाँ से!”

मैंने उन्हें कहा कि “मुझे पैसे तो दे दो!” तो सभी हंसने लग पड़े और कहने लगे “तेरे जैसी अमीर और शहरी औरतें हमारे पास चुदवाने के लिये आती हैं और हमें ही पैसे भी देती हैं और तू हमसे पैसे माँग रही है?” अब मैं समझी कि वो औरतें जो मुझसे पहले वहाँ चुद रही थीं वो पैसे दे कर इन गाँव वालों से चुदवाने के लिये आती हैं। और इसी ल्ये सुबह मुझे चोदने वाले मर्दों ने मुझसे पैसे माँगे थे। पर मेरे हालात उस वक्त दूसरे थे। मुझे तो चुदवा कर पैसे कमाने थे।

मैंने उनसे मिन्नत की कि मुझे पैसे बहुत ज़रूरी चाहिये तो सबने कहा “लगता है ये छिनाल विशाल साहब ने यहाँ भेजी है! चलो इस कुत्ती को थोड़े बहुत पैसे सभी दे दो! हमारा ही फायदा है क्योंकि ये भी अब हमारी नई ग्राहक बनेगी।” तो सभी ने मुझे पचास-पचास रुपये दे दिये। कुल मिला कर तेरह सौ पचास रुपये ही इकट्ठे हुए।

अब भी मेरे पास साढ़े छः सौ रुपये कम थे। मैंने उनसे कहा कि “मुझे साढ़े छः सौ रुपये और चाहिये” तो उन्होंने कहा कि “साली इतने दे दिये ना बहुत है अब और पैसे नहीं मिलेंगे तुझे!” मैंने उनसे फ़िर से मिन्नत की और कहा कि “मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ पर मुझे साढ़े छः सौ रुपये और दे दो।” इस पर उनमें से एक ने कहा कि “तुझे अभी के अभी एक कुत्ते और गधे का लन्ड लेना होगा।” मैं ये सुनकर हैरान गयी। इस कहानी की लेखिका रिहाना हुसैन है!

मैंने पहले सोचा कि अगर पैसे ना लेकर गयी तो एक हफ़्ते तक कईं मर्दों से चुदाई होगी और पता नहीं विशाल क्या-क्या उल्टी सीधी सज़ा दे मुझे। इससे अच्छा तो है कि मैं अभी कुत्ते और गधे से चुदवा लूँ… एक नया तजुर्बा भी हो जायेगा। मैं इतनी ठरकी और बेशरम बन गयी थी कि जानवरों से चुदने का सोच कर गरम हो रही थी। मैंने तुरंत हाँ कर दी।

तभी वहाँ पर थोड़ी ही देर में कुछ मर्द एक बड़े से कुत्ते और गधे को ले कर आ गये। कुत्ते के मुँह बन्धा हुआ था ताकि वो किसी को काट ना ले। वहाँ पर बहुत भीड़ जमा हो गयी मुझे देखने के लिये। तकरीबन पूरा गाँव मुझे देखने के लिये आ गया। तकरीबन साठ-सत्तर मर्द वहाँ पर आ गये थे।

मैंने तभी गधे का लन्ड चूसना स्टार्ट कर दिया और कुत्ते को मेरी कमर पर चढ़ा कर मेरी चूत में कुत्ते का लन्ड डाल दिया गया। गाँव के सभी लोग कहकहे लगा रहे थे और मजे ले रहे थे। सभी बहुत मजे ले रहे थे और कह रहे थे “आज तो मज़ा आ गया! ऐसी चुदाई काफी दिनों बाद देखने को मिली है!” कुत्ते के लण्ड से चुदाई में मुझे भी जम कर मज़ा आया। कुत्ते से चुदते हुए मैं गधे के लन्ड का टोपा भी चुस रही थी। गधे के लन्ड के छेद से चीकना सा पानी बह रहा थ जिसे मैं पीने लगी। बहुत ही अजीब सा स्वाद था। जब कुत्ते का वीर्य मेरी चूत में निकल गया तो मेरी चूत में गधे का लन्ड लेने की बारी थी। मेरे चूसने और मेरे हाथों की मालिश से गधे का लन्ड तो तन कर बहुत ही ज्यादा बड़ा हो गया था। तकरीबन पंद्रह-सोलह इंच से भी ज्यादा बड़ा लन्ड होगा उस गधे का। उस तने हुए लन्ड का साइज़ देखकर एक बार तो मैं सिहर गयी लेकिन मेरी चूत उससे चुदने के लिये मचलने लगी।

गाँव में गैंगबैंग चुदाई


मैंने गधे के नीचे लेट कर चुदने के लिये पोज़िशान ले ली। मेरा सिर और कंधे ज़मीन पर टिके थे और पैर मज़बूती से ज़मीन पर गड़ाये हुए मैंने अपने घुटने मोड़कर अपनी गाँड हवा में उठा कर अपनी चूत गधे के फनफनाते लन्ड के पास ठेल दी। मैंने एक हाथ बढ़ा कर उसका लन्ड अपनी चूत के ऊपर टिका दिया और तभी वो गधा झटके से लन्ड मेरी चुत में पेलने लगा तो मैंने भी अपने कुल्हे लन्ड पर आगे ठेल दिये। वो लन्ड थोड़ा सा मेरी चूत में अंदर जा कर फंस गया। थोड़ा मैंने अपनी गाँड घुमा-घुमा कर हिलायी और थोड़ा गधे ने लन्ड को झटके मारे और उसका लन्ड मेरी चूत में उतरने लगा। आखिर में गधा जोर से रेंका और एक ज़ोर का धक्का मार कर लन्ड इतना अंदर उतार दिया कि अब और अंदर जाने कि गुंजाइश नहीं थी। मैं मस्ती में ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी। मैं ये भी भूल गयी थी कि हमारे चारों तरफ गाँव के मर्द खड़े गधे से मेरी चुदाई का नज़रा देख रहे थे। उसके बाद मेरी गधे से चुदाई स्टार्ट हो गयी। तकरीबन २-३ मिनट की चुदाई के बाद ही मेरा जिस्म ऐंठ गया और मैं जोर से चींखते हुए भरभरा कर झड़ गयी। मेरा जिस्म इस तरह झनझनाने लगा जैसे मिर्गी का दौरा पड़ा हो। इतनी ज़ोर से मैं झड़ी कि मेरी आँखों के आगे अंधेरा छा गया। उसके बाद तो मुझे कुछ होश ही नहीं रहा।

तकरीबन पंद्रह-बीस मिनट तक गधा मुझे चोदता रहा और मैं बे-होशी की हालत में भी बार-बार झड़ती रही। जब मुझे होश आया तो मैं वहीं ज़मीन पर पड़ी हुई थी और मेरे ऊपर गधे का बहुत सारा वीर्य था। उसके बाद मैं उठी और मुझे उन्होंने दो हज़ार रुपये दे दिये। मैं वहाँ से विशाल के घर की तरफ़ चल पड़ी। मैं वहाँ पहुँची तो देखा कि वहाँ पर रुबीना कि चुदाई चल रही थी।

मैंने विशाल को कहा कि “मैं दो हज़ार रुपये ले आयी हूँ।” इसपर विशाल ने मुझे मेरे फटे हुए कपड़े दे दिये। मैं एक बार फिर से बाथरूम में जा कर नहायी और मैंने वो कपड़े पहन लिये। उसके बाद विशाल ने मुझे बताया कि रुबिना एक हफ़्ते के लिये यहाँ पर रह कर उससे और उसके दोस्तों से चुदने के लिये आयी है। उसके बाद मुझे विशाल ने मेरे घर छोड़ दिया।

इस बात को तकरीबन तीन साल हो गये हैं। उसके बाद से मुझे लन्ड लेने की ऐसी लत्त लगी कि अब तक मैं तकरीबन दो सौ से भी ज्यादा मर्दों से चुदवा चूकी हूँ। हर महीने में तकरीबन दो-तीन बार मैं विशाल के गाँव में जा कर उसके दोस्तों के अलावा गाँव के मर्दों से चुदवाती हूँ वो भी पैसे दे कर। इसके अलावा भी मैं जहाँ कहीं भी हूँ वहीं किसी ना किसी से चुदवा लेती हूँ। अपने मोहल्ले में भी कईं पड़ोसियों के साथ-साथ दूध वाले, सब्ज़ी वाले, चौंकीदार और यहाँ तक कि भिखारियों तक से चुदवाने से बाज़ नहीं आती।

मर्दों के अलावा मुझे जानवारों से भी चुदने की लत्त पड़ गयी। मेरे मोहल्ले की गलियों का शायद ही कोई कुत्ता बचा हो जिससे मैंने चुदवाया ना हो। तकरीबन हर रोज़ ही दिन भर में गली के एक या दो कुत्तों को फुसला कर अपने घर में ले जा कर खूब चुदवाती हूँ। कुत्तों का लन्ड झड़ने के बाद जब मेरी चूत या गाँड में फूल कर फंस जाता है तो मुझे खूब मज़ा आता है और मैं आधा-आधा घाँटा कुत्ती की तरह उनसे जुड़ी रहती हूँ। अब तो ये हाल है कि मेरे घर के गेट के बाहर गली-मोहल्ले के कुत्ते खुद ही मंडराते रहते हैं मुझे चोदने के लिये। जब भी विशाल के गाँव में जाती हूँ तो गाँव के मर्दों की मदद से किसी ना किसी गधे से ज़रूर चुदवाती हुँ। गाँव वालों के मेहरबानी से ही कुत्तों और गधों के अलावा कईं बार तो दूसरे जानवर जैसे कि घोड़ा, बकरा, बैल, इनके लन्ड से भी चुदवाने का खूब मज़ा लेती हूँ।

मेरे शौहर जब भी छः-सात महीने में दो हफ्तों की छुट्टी लेकर आते हैं तो मैं उन्हें भी नहीं छोडती। उन्हें भी वायग्रा खिला-खिला कर घंटों उनसे चुदवाती हूँ। उन्हें मैंने ये एहसास दिला रखा कि उनके ना रहने पर मैं कितना तड़पती हुँ और जब वो आते हैं तो मैं चुदाई की महीनों की कसर उनके साथ निकालती हूँ। मुझे चोदते-चोदते अधमरे हो जाते हैं और बारह-बारह घंटे बेसुध होकर सोये पड़े रहते हैं। इस दौरान उनकी मौजूदगी में भी मैं दुसरे मर्दों और कुत्तों से चुदवा लेती हूँ।

Author Name

Adult Stories

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.