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जीजा जी का मोटा लंड और मैं कच्ची कली

जीजा जी का मोटा लंड और मैं कच्ची कली

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मेरा नाम पायल है, मैं एडल्ट स्टोरीज पर आज पहली बार कहानी लिख रही हूँ। मेरे पास कोई कहानी थी भी नहीं जो लिखती पर आज मुझे मौक़ा मिल गया है। आज मैं आपको अपनी सेक्स कहानी बताने जा रही हूँ। ये कहानी मेरे और मेरे जीजा जी के बिच की है। आज मैं आपको खुलकर बताउंगी की कैसे मैं अपने जीजा जी का मोटा लंड अपनी चुत में ले पाई। क्यों की मैं इस लायक थी नहीं की मोटा लंड अपनी चूत में ले सकूँ। पर वासना चीज ही ऐसी है जो की चुदने को मजबूर कर देती है।

 

आइए सीधे कहानी पर आते हैं क्या कैसे और क्यों हुआ था। मेरी दीदी की शादी पिछले साल ही हुई है। मेरे जीजा जी और दीदी दोनों भोपाल में रहते हैं। मैं लखनऊ में अपनी मम्मी के साथ रहती हूँ। मैं दो बहन ही हूँ। तो घर में अब अकेली अपने पापा मम्मी के साथ रहती हूँ। मेरे पापा मम्मी दोनों बैंक में जॉब करते हैं।

 

तो जीजा जी अपने कंपनी के काम से लखनऊ हेड ऑफिस आये थे। इसलिए दीदी भोपाल में ही रह गयी और जीजा जी यहाँ आ गए। तो मुझे मौक़ा मिल गया जीजा जी के साथ टाइम स्पेंड करने के लिए। मम्मी पापा सुबह नौ बजे ही घर से चले जाते थे और वो वापस छह बजे आते थे। तब तक मैं और जीजा जी दोनों घर में ही रहते थे। ऑफिस का काम वो दो बजे तक कर लेते थे। और एक दिन छोड़ कर एक दिन उनको जाना होता है। ुका ट्रेनिंग थे इसलिए।

 

तो एक दिन की बात है हम दोनों ही लेट कर बात कर रहे थे। तो जीजा जी ने मुझे पूछा की आपको कोई बॉयफ्रेंड है। तो मैंने कहा दिया नहीं है। उन्होंने कहा फिर तो आपको आजतक कोई छुआ नहीं होगा। मैंने कहा नहीं आजकल किसी ने भी मेरे किस भी अंग को नहीं छुआ। कभी ट्रैन पर या बाजार में या बस पर कुछ आवारा लोग छू दिए होंगे तो अलग बात पर मैंने कभी भी किसी को छूने नहीं दिया।

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जीजा जी बड़े ही हॉट और स्मार्ट हैं तो उनके तरफ बार बार मैं आकर्षित भी हो रही थी। क्यों की इसके पहले मैंने कभी भी किसी लड़के के साथ अकेली और एक घर में एक कमरे में और एक बेड पर नहीं लेटी थी। तो मुझे भी हल्का हल्का शुरुर हो रहा था। तो मैंने भी पूछा की क्या आपने दीदी के अलावा किसी और लड़की या औरत के साथ सेक्स किया। तो उन्होंने कह दिया की हां उन्होंने अपनी भाभी और अपनी बहन के साथ भी सेक्स सम्बन्ध बनायें है। पर उन्होंने ये भी कहा की तुम दीदी को मत बताना।

 

मैंने कहा कैसा लगता है अलग अलग के साथ सेक्स करना। तो उन्होंने कहा मजा इसी में ही है की आप अलग अलग सेक्स करो। आप खुद ही सोचो एक ही खाना रोज खाने को दिया जाये तो क्या आप खाओगी या बदल बदल कर खाओगी। मैंने कहा पर खाना और सेक्स अलग अलग होती है। तो उन्होंने कहा जब भी मौक़ा मिले कर लेने चाहिए।

 

तो मैंने कहा तो आज आपको लग रहा होगा की मैं अकेली हूँ मुझे भी आपके साथ सेक्स सम्बन्घ बना लेने चाहिए।मैंने मजाक में बोली और हसने लगी। तो उन्होंने कहा अगर आप मुझे अपना विर्जिनिटी दे डौगी तो मैं आपको वो दूंगा जो आप कहोगी। तो मैंने कहा क्या आप मेरे मम्मी पापा को मना लोगे। मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहती हूँ वो लोग इसके लिए तैयार नहीं है।

 

तो उन्होंने कहा बस इस छोटी सी बात के लिए मैं आपकी कसम खाता हूँ। सोच लो की आपका काम हो गया। सच तो या है की मैं खुद ही चुदना चाह रही थी। क्यों की मेरी दो दो सहेली पिछले महीने ही अपनी सील तुड़वाई है और वो भी अपने जीजा से ही। तो ऐसा मौक़ा मुझे भी शायद नहीं मिलता। माँ बाप घर पर नहीं और मैं अकेली और मेरे साथ जीजा जी।

 

मैं उनके तरफ देखने लगी और उन्होंने अपना ऊँगली मेरे होठ पर रख दिया। मैंने अपनी आँखे बंद कर ली वो मेरे होठ को छूने लगे। धीरे धीरे मेरी साँसे तेज होने लगी। अब उन्होने मुझे खींच कर अपने करीब ले आया और एक रंग मेरे पर रख दिया मैं सीधी थी और वो मेरे तरफ टांग चढ़ा लिए। उन्होंने अपना हाथ मेरी चूचियों पर रख दिया। मैं कुछ ना बोल पाई। पर मेरी साँसे और धड़कन तेज तेज चलने लगी।

 

उन्होंने मेरे गाल पर हौले से किस किया। फिर दूसरे गाल पर फिर होठ पर। जैसे ही उनका होठ मेरे होठ पर आया मैं पागल सी हो गयी। मेरे तन बदन में आग लग गयी। मेरा गला सूखने लगा। उन्होंने धीरे धीरे मेरे होठ को चूसने लगे। पर अभी तक मैं काठ की भांति कुछ भी नहीं कर रही थी। जो कर रहे थे वही कर रहे थे।

 

पर जैसे ही उन्होंने मेरे सलवार की डोरी को खोलने की कोशिश की मैंने उनका हाथ पकड़ लिया। मैंने उनको किस करना चाह रही थी। उन्होंने जैसे ही फिर से मेरे होठ पर अपना होठ रखा। मैंने उनके होठ को चूसने लगी। फिर क्या था मैं उनके बालों को सहलाते हुए उनके चौड़ी छाती पर हाथ फेरने लगी।

 

उन्होंने अपना शर्ट उतार दिया। अब मैं उनके ऊपर चढ़ गयी और छाती को सहलाती हुई उनके होठ को चूसने लगी। हम दोनों के लिप लॉक कर लिए। अब उन्होंने मुझे निचे किया और मेरे सारे कपडे उतार दिए। मेरी चूचियां संतरे के साइज की है बहुत ही टाइट उसपर से पिंक निप्पल बहुत छोटी छोटी। मेरी चूत गोरी है बाल नहीं नहीं।

 

उन्होंने मेरे जिस्म के साथ खेलना शुरू कर दिया। मैं पागल होने लगी सिसकारिया मेरे मुँह से निकलने लगी। उन्होंने मेरे एक एक अंग को छुआ और चूमा। अब बारी आई चूत चाटने की तो वो निचे आ गए। और दोनों पैरों को अलग अलग कर के पहले मेरी चूत को सहलाया फिर चाटने लगे। मैं बार बार गीली हो रही थी। पानी निकल रहा था चूत से।

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वो चाट रहे थे। जब वो फिर से ऊपर आये तो मैं हैरान हो गयी क्यों की उनका लौड़ा बहुत ही बड़ा और मोटा था। मैं डर गई की मेरी चूत की साइज बहुत छोटी है। इतना मोटा लंड कैसे जाएगा पर वासना से भरी ही थी मुझे अपनी चुत फटने का डर नहीं था। मैं छोड़ना चाह रही थी।

 

उन्होंने अपने लंड में थूक लगया मेरे दोनों पैरों को अलग अलग कर दिया। मेरी गांड के निचे तकिया लगाया। और फिर मेरी चूत में लंड से रगड़ने लगे। फिर पोजीशन लेकर घुसाने की कोशिश करते पर मेरी चूत में दर्द बहुत ज्यादा होने लगता इसलिए मैं पीछे हो जाती। ऐसा ही होता रहा करीब पांच मिनट तक।

 

फिर वो एकदम से मेरी चूचियों को सहलाते हुए लंड को चुत पर सेट किया और पहले शांत रहे उसके बाद जोर से झटका दिया मेरी चूत फट गयी। खून भी निकलने लगा। मैं रो गयी पर उन्होंने फिर से सहलाया और कहा की ऐसा होता है पहली बार। अब तुमने अपनी विर्जिनिटी खो दी है तुम्हारा सील टूट गया है। अब्ब दर्द नहीं होगा।

 

फिर धीरे धीरे वो अंदर बाहर करने लगे लंड को। मैं भी मजे लेने लगी। वो अब मेरे जिस्म को सहलाते हुए चोदने लगे। मैं भी गांड उठ उठा कर चुदवाने लगी। अब मजे लेने लगी। दर्द के साथ साथ मजा भी आने लगा। वो मेरी चूचियों को मसलते हुए चुदाई करने लगे। करीब एक घंटे तक मुझे चोदा फिर सारा वीर्य मेरे मुँह में गिरा दिया।

 

मुझे नमकीन नमकीन वीर्य स्वादिष्ट लगने लगा। इसलिए मैंने उनके लंड में जितना भी वीर्य लगा था मैं साफ़ कर दी अपने जीभ से चाट कर। फिर हम दोनों एक दूसरे को पकड़ पर सो गए। उसके बाद तो हम दोनों रोजाना चुदाई करने लगे।

 


होली पर ससुर से चुदी बहू

होली पर ससुर से चुदी बहू

हेलो दोस्तों यह मेरी पहली कहानी है एडल्ट स्टोरीज पर,  सबसे पहले तो आप सभी को होली की शुभकामनाएं।  आज मैं आपको एक रंगीन सेक्सी कहानी इस वेबसाइट पर पोस्ट कर रही हूं ताकि आप लोग भी होली का अच्छे से मजा लीजिए।  यह कहानी कल रात की है और बहुत ही सेक्सी और मजेदार है।  मैं आशा करती हूं आपको यह कहानी बहुत पसंद आएगी क्योंकि यह एकदम नई और होली के दिन की है तो बिना देर किए हुए अब मैं सीधे अपने होली की चुदाई  की कहानी पर आती हूं।

 

मेरा नाम सुषमा है मेरी उम्र 28 साल है अभी तक कोई बच्चा नहीं है 2 साल हो गए शादी होने के।  मेरे घर में मैं मेरे पति और मेरे ससुर।  मेरे ससुर पहलवान किस्म के आदमी हैं अभी भी उनका शरीर गठीला और चुस्त-दुरुस्त है।  बाप बेटा एक जैसे लगते हैं।  कल रात मेरे से गलती हो गई और मैं पति के बजाए अपने ससुर से ही पूरी रात  वासना की आग में धधकती रही और वासना को शांत करवाती रही।  और सबसे बड़ी बात तो यह है कि मेरे ससुर ने कभी यह नहीं कहा कि बहू तुम गलती कर रही हो मैं पापा जी हूं ऐसा उन्होंने नहीं कहा।  और पूरी रात उन्होंने मेरी चुदाई  की और मैं भी उन से चुदवाती रही।

 

 ऐसा कैसे हुआ वह मैं आपको बता देती हूं।  कल सुबह जब होली शुरू हुई तो मेरे पति के दोस्त आ गए उनके लिए मैंने नाश्ता निकाला चखना दिया मेरे पति और उनके दोस्तों ने जमकर शराब पी और यह सिलसिला रात के 8:00 बजे तक चला। रंग खेलते खेलते बीच-बीच में शराब सब लोग पी रहे थे। मैं भी अपने मन को रोक नहीं पाए और मैं भी उन लोगों के साथ ही शराब पी ली।  क्योंकि शराब पीने में जो मेरा साथ दे रही थी वहीं के दोस्त की पत्नी भी थी तो जब दौड़ते ऑलरेडी पी रही है तो मेरे से रुका नहीं गया और मैं भी शराब पी ली।

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 रात के 9:00 बजे एक बार फिर दो दो पैग लेकर।  हम लोग उनके एक दोस्त के यहां चले गए।  रात के करीब 10:30 बज गए थे वहां से आने में पर मेरे पति को अपने दोस्तों के यहां चुदाई  की पार्टी थी।  एक रंडी को बुला रखा था और वहीं पर पूरी रात रंगरेलियां मंती इसलिए वह मुझे  घर पर छोड़ने आए थे।  पर नशे की हालत में रहने के  कारण मैं लड़खड़ाते हुई अंदर आई।  मेरे कपड़े अस्त-व्यस्त थे पति तो मुझे गाड़ी से उतारकर वह वापस चले गए।

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 और मैं सीधे लड़खड़ाते हुए अपने पल्लू को ठीक करते हुए सीधे ससुर जी के कमरे में ही घुस गई।  मुझे होश ही नहीं रहा कि मेरा पति मुझे उतार कर गया मुझे लगा कि मेरा पति ही सोया है।  मेरे से गलती हो गई नशे की हालत में।  और मैं जाकर उनसे लिपट कर बोली आज की होली बहुत अच्छी रही।  मेरी जान आज तो तुमने खुशी मुझे कर दिया खूब मिला है सुबह से लेकर शाम तक।  पति हो तो तुम्हारे जैसा आज मैं बहुत खुश हूं तुम्हारे जैसा पति पाकर।  दोस्तों में इतनी पागल हो गई थी शराब पीकर के मुझे पता ही नहीं चला कि पति  नहीं बल्कि ससुर जी हैं।

 

 आप खुद सोचो एक आदमी पर कोई लेट हो जाए बड़ी-बड़ी चूचियां जब उसके छाती पर रख दे।  उसके कपड़े अस्त-व्यस्त हो।  तो कौन ऐसा मर्द होगा जो औरत को नहीं चोदेगा।  मेरे सास को मरे हुए 8 साल हो गए।  मेरे ससुर को ऐसे भी चूत  के दर्शन नहीं हो रहे थे।  और उनको होली में ऐसा ऑफर मिल गया मैं उनके आजू बाजू में लोट रही थी।

 

उन्होंने  मुझे कस के पकड़ा और मेरे ब्लाउज के हुक खोल दिए पीछे से ब्रा का हुक खोल दिए।  अब मेरी बड़ी-बड़ी चूचियां जब बाहर निकले तो ससुर जी पागल हो गए उन्होंने मुझे ऐसे जोर से चुम्मा लिया और मेरे चुचियों को दबाना शुरू किया कि मैं अपनी आंखें बंद करके मज़े लेने लगी।

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मैंने अपनी दोनों टांगें फैला दी उन्होंने मेरे पेटीकोट को ऊपर किया और अपना नाक मेरी चूत  में घुसा दिया। अब मैं और भी ज्यादा सेक्सी हो गई।  नशे में ज्यादा रहने के कारण मुझे कुछ भी पता नहीं चल रहा था बस मैं वासना में पागल हो गई थी।  ससुर जी ने अपना मोटा लंड निकाला और मेरी चूत  पर सेट किया और जोर से उन्होंने घुसा दिया। इतना मोटा लंड तो पति का नहीं था। मैंने तुरंत ही कहा अरे क्या बात है आज तो आपका लंड बहुत मोटा और लम्बा हो गया है। मजे आए गए। और उन्होंने जोर जोर से पेलना शुरू कर दिया। मेरे मुँह से सिर्फ हाय हाय की आवाज निकल रही थी। जब जब वो धक्के देते मैं हिल जाती मेरी चूचियां आगे पीछे होती और जोर जोर से मुझे चोद रहे थे। मेरे होठ सुख रहे थे पर चूत गीली हो रही थी। मैं आआह आआह आआह करती तो वो मुझे और भी जोर से धक्के देते।

 

मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। मैं कराह रही थी और वो जोर जोर से चोद रहे थे। अब मुझे गांड चुदवाने की इच्छा हुई। तो मैंने तुरंत ही कह दिया आज मेरा पिछवाड़ा भी मार लो। आज गांड मारने की आज़ादी है। तुम रोज कहते हो गांड चोदने दो पर मैं नहीं देती पर आज तुम मेरा गांड मार लो फाड़ दो मेरी गांड। मैं नशे में थी तो दर्द का भी एहसास नहीं हुआ। उन्होंने मुझे उलटा कर अपने लंड में थूक लगा कर मेरी गांड में घुसेड़ दिया।

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मैं भी चूतड़ हिला हिला कर गांड मरवाने लगी। ओह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करती और धक्के देती और गांड घुमा घुमा कर लंड को अपने अंदर ले लेती। मैं अब घोड़ी बन गयी और गांड ऊपर कर दी और सर निचे।  अब वो मेरी गांड के तरफ से चूत में लंड घुसाया और चूतड़ पर थप्पड़ मार मार कर जोर जोर से चोदने लगे। मैं अब तक गयी थी मैंने कहा बस करो आज तो मेरी गांड और चूत दोनों ही फट गयी। आज मेरी होली जबरदस्त गुजरी। रात को तो तूने रंगीन बना दिया।

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इतना कहकर मैं सीधी हुई उन्होंने मेरी चूत में लंड दिया और दोनों टांगो को अपने कंधे पर रख जोर जोर से धक्के देने लगे और जल्दी जल्दी अपने लंड को अंदर बाहर करने लगे। अचानक वो जोर से आवाज निकाले  ओह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह और लंड चूत से बाहर निकाल कर हिलाते हुए मेरे पेट पर सारा वीर्य निकाल दिया। जब उन्होंने आवाज किया ओह्ह्ह्हह्ह की तब मेरा नशा फट गया और आँखे मेरी खुली की खुली रह गयी।

 

मुझे चोदने वाला मेरा पति नहीं बल्कि ससुर जी था। ओह्ह्ह्हह्हह मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी थी नशे में पर उन्होंने कहा बहू आज तूने खुश कर दिया। अब आज से तुम्हे किसी चीज की कमी नहीं होगी। जो मर्जी ले लेना जो जेवर बनाना है बना लेना कल जाकर मार्किट। मुझे लगा चलो जो होना था हो गया अब क्यों ना इसका फायदा उठाया जाय। मैंने कहा ठीक है पचास हजार दे दो मुझे झुमके लेने हैं।

 

उन्होंने अपना बक्सा खोला पचास हजार मेरे हाथ पर रख दिया। उन्होंने फिर मुझे किश करने लगे मेरी चूचियां सहलाने लगे। मैं भी उनके बगल में लेटी रही उन्होंने फिर चोदा। पूरी रात वो मुझे रुक रुक कर चोदते रहे और चुदवाती रही।

 


पापा ने अपनी बेटी की गांड मारी

हेल्लो दोस्तों...

मेरी बेटी का सुमी है..वो 17 साल की है...उसके बूब्स 34...कमर 30 और गांड 36 है...

 

बहुत मस्त माल है...चूत पर अभी हल्के हल्के बाल उगना शुरू हुवे हैं.. गोरी गोरी जांगे...और चूसने लायक ओंठ....गोल गोल बूब्स, बड़ी बड़ी आँखें..लम्बे और घने बाल...बस समझो सपनो की परी और चुदाई की रांड है मेरी बिटिया..

 

जो भी एक बार चोदे तो मरने के बाद भी ना भूले...कई बार कहा अपनी बेटी को की बॉलीवुड में किसी डारेक्टर को पटा..

उसको अपनी टाइट चूत के दर्शन करवा...एक बार अगर वो डारेक्टर तुझे चोद दे तो समझ जा तुझे मूवी में काम मिल ही जायेगा...

 

बहुत सेक्सी भी और हॉट भी .और सुंदर तो हो ही..पर वो हर बार मना कर देती है और कहती है की पापा मुझे आपके लंड की लत गयी है...बस आप से ही चुदना चाहती हूँ जिंदगी भर..आपका लंड दुनिया का सबसे बेस्ट लंड है ,.मेरी चूत पर एक डीएम फिट बैठता है.....

 

आज की कहानी में मैंने कैसी अपनी बेटी सुमी की गांड मारी ये है...मैं इससे पहले अपनी सुमी बेटी को 3 बार पेल चूका हूँ....कल सुबह की बात है पूरे देश में लॉकडाउन की बजह से सब कुछ बंद है तो सब्जी लेने दूर जाना पड़ता है. और सब्जियां भी सुबह ही लानी पड़ती है...आने जाने में काफी वक्त लगता है.

 

तो मेरी बीबी सब्जी लेने चली गयी उसे पूरा 1.30 घंटा ;लगना था...सुबह के नौ बज रहे थे..घर में मैं और मेरी बेटी सुमी ही थी...बहुत खुशनुमा मौसम था उस दिन...मेरी बेटी सुमी नहा कर बहार आई और किचन में चली गयी उसने सिर्फ अपने नंगे जिस्म को टॉवेल से ढका हुवा था...

बाप ने बेटी की गांड मारी

मैं किचन में चाय बनाने गया देखा मेरी बेटी वहां टॉवेल में चाय बना रही थी..भीगा जिस्म, भीगे बाल और उपर से टॉवेल लपेट रखा है...अधा नंगा जिस्म में कितनी खूबसूरत सेक्सी और हॉट लग रही थी..एक दम चुदास रान की तरह....

 

ओह्ह्ह क्या मस्त चुदडक माल लग रही थी. क्या मस्त माल लग रही थी.. देखते ही मेरा लौड़ा खड़ा हो गया.. मैंने बिना सोचे समझे उसे पीछे से दबोच लिया..उसने कहा पापा ये क्या कर रहे हो..छोडो माँ आ जायगी...

 

मैंने कहा इतना मस्त माल कैसे छोड़ों.. ऐसे माल को ऐसी हालत में देख कर बिना चोदे नही रह सकता...क्या मस्त सेक्सी लग रही है आज.., और उसके मम्मे मसलने लगा....एक हाथ से उसकी चूची दबाता रहा और दुसरे हाथ से उसका टॉवेल ऊपर करके उसकी गांड सहलाता रहा...

 

सुमी ने अंदर से ब्रा पेंटी नही पहन रखी थी...सुमी का अंदर से चुदने का बहुत मन हो रहा था मगर बाहरी मन से बार बार अपने आपको छुडवाने की कोशिश कर रही थी... कुछ देर एक मैं ऐसा ही करता ही..उसके बाद मैंने उसका मुह अपनी तरफ करके उसके कोमल और मखमली ओंठ चूसने लगा...

 

दोनों हाथों को उसके गालों पर रख कर उकसे ओंठों का रसपान करने लग गया...आह्ह क्या ओंठ हैं मेरी सुमी के...गुलाब की पंखुड़ियों की तरह..अब सुमी भी गर्म होने लग गयी थी... वो भी मेरे ओंठ चूसे जा रही थी...अब सुमी ज्यादा गर्म होने लगी और मुझे जगह जगह किस करने लग गयी ..कभी मेरे माथे को कभी गाल को कभी गले चूमती रही...

 

उसका हर एक चुम्मन मेरे शरीर में एक हलचल पैदा कर रही थी....इतने में मैंने उसका टॉवेल उसके जिस्म से अलग करके उसको पूरा नंगा कर दिया... आह्ह क्या मस्त माल था मेरा...परियों जैसा बदन...

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अगर मेरी बिटिया मेरे अलावा बाहरी रांड बन जाय तो उसके सेक्सी बदन के लिए एक रात का कम से कम 5 लाख मिले. ऐसी हॉट और सेक्सी माल है मेरी बेटी सुमी.....अब मैंने सुमी को किचन की स्लेप पर बिठा कर और उसकी टाँगे फैलाकर उसकी चूत चाटने लगा...

 

मेरी जीभ अंदर तक उसकी चूत का आनन्द ले रही थी..अब सुमी भी गर्म होने लगी और आहें भरने लगी. उसकी सिसकारी तेज होने लगी...aaahhhhh ओह्ह्ह्हह पापा....मैंने उसकी चूत से हल्का हल्का निकलता पानी भी चाट रहा था और जीभ भी अंदर तक डाल रहा था...

 

काफी देर तक मैं उसकी चूत का रसपान करता रहा...अब मेरी सुमी बहुत गर्म हो चुकी थी...वो कहने लगी पापा अब रहा नही जा रहा.....3 बार चुद जाने के बाद उसकी शर्म खत्म हो चुकी थी तो खुद ही कहने लगी..मेरे राजा कब चोदोगे अपनी इस रांड को...

 

पेलो ना फिर माँ आ जाएगी....मेरा मन सुबह सुबह चुदने का बिलकुल नही था .पर पापा आप हो ही इतने सेक्सी की मुझे चुदने के लिए मजबूर कर दिया..अब जल्दी से अपना सात इंच का लौड़ा मेरी मुलायम चूत में डाल कर मेरी मासूम चूत के चीथड़े उड़ा दो...

 

मैंने उससे कहा बेटा मेरा आज तेरी गांड मारने का मन कर रहा है...उसने कहा पापा जो करना है पर जल्दी करो...मुझे पता था मेरा लंड उसकी गांड में आसाने से नही घसेगा...तो मैंने वहीँ किचन से तेल निकालकर सुमी को कहा की बेटा पहले अपने पापा के लंड की मालिस कर तभी घुसेगा...

 

सुमी ने पहले लंड को मुह में लेकर चुसना शुरू किया...काफी देर तक वो मेरा लंड ऐसे ही चूसती रही एक पोर्न की तरह....10 से 15 तक सुमी मेरा लंड चूसती रही तो मेरे लंड का माल गिरने लगा..मैंने कहा सुमी बेटा मैं झड़ने वाला हूँ...पर अनसुनी कर दी और मेरा लंड चूसती रही.

 

और मेरे लंड का सारा वीर्य उसके मुह के अंदर उसने सारा का चाट लिया और मेरा लंड चूस कर भी साफ़ कर दिया.. और कहने लगी पापा आपके लंड का वीर्य इतने टेस्टी है की मैं सारा पी गयी..बहुत मस्त था....उसके बाद सुमी मेरे सीने से चिपक गयी....कुछ देर ऐसे रहने के बाद पूछने लगी पापा कब दुबारा खड़ा होगा आपका लंड अपने बेटी की गांड मारने के लिए ..

 

मैंने कहा तेरे साथ में जब तू चाहे खड़ा कर...फिर उसने अचानक से फ्रिज से मलाई निकाली और मेरे लंड पर लगा कर उसे चाटने लगी आइसक्रीम की तरह...चाट चाटकर उसने मेरा लंड लाल कर दिया...मैंने उससे कहा बेटा तूने तो चाट चाटकर मेरा लंड लाल कर दिया...तो कहने लगी पापा आप भी तो मेरी चूत बजा बजाकर लाल कर देते हो...

 

अब उसने मेरे लंड पर तेल की मालिश करना शुरू कर दिया...काफी देर तक तो खूब सारा तेल लगा कर मालिस करती रही.....इतने मेरा लंड दुबारा खड़ा हो गया. सुमी तो अभी गर्म ही थी...कहने लगी पापा मेरी प्यास कब भुजाओगे...मैंने कहा अभी बेटा...इतने में मैंने उसकी चूत में ऊँगली डालना शुरू कर दिया...और धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा..उसे खूब मजा आ रहा था...

 

थोड़ी देर ऐसा ही करता ही अब मेरा लंड बिलकुल तैयार गया था अपनी रांड बिटिया की गांड मारने के लिए...मैंने कहा सुमी तेरे पापा का लंड कडक हो गया...तो कहने की पापा अब देरी मत कर मार दे आज अपनी नाजुक बिटिया की गांड...

 

मैंने उसे कहा चल बेडरूम में वहीँ तेरी गांड मरूँगा...उसने कहा चलो..हम चलने लगे तो फिर से कहने लगी अपनी रांड बिटिया को ऐसे ही ले जाओगे गोदी में उठा कर ले चलो...फिर मैंने अपनी नंगी बिटिया को गोदी में उठाया और वो मेरे ओंठ चूसती रही मैं उसे बेडरूम में ले आया...और बेड पर पटक दिया..उसे उल्टा करके उसकी गांड को चूमने लगा...अपने जीभ से उसकी गांड को चाटने लगा....

 

आह्ह क्या मस्त गांड थी मेरी बिटिया की...खूब देर तक मैं उसकी गांड चाटता रहा...मेरे लंड पर तेल तो पहले से ही लगा हुवा था तो मैंने थोडा तेल अपनी बिटिया की गांड में भी डाल दिया..और अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रख कर अंदर पेलने लगा... पहली बार होने के कारण उसकी गांड में लंड नही घुस रहा था..मैंने थोडा सा धक्का मारा तो थोडा सा अंदर चला गया..

 

अब मेरी बेटी सुमी चिलाने लगी..पापा बहुत दर्द हो रहा है. अपना लंड बहार निकालो..प्लीज बहार निकालो...तो मैंने कहा बेटा जब मैंने पहली बार तेरी चूत की सील तोड़ी थी तब भी तो दर्द हुवा था..बस थोड़ी देर करेगा...थोड़ी देर ऐसा ही चुप रहा..फिर मैंने इस बार एक ही झटके में पूरा लंड अपनी बेटी की गांड में पेल दिया...उ सका दर्द से बुरा हाल हो गया...उसके आंसू निकल आये...वो चिला रही थी...

 

मुझे उसका चिलाना बहुत मजा दे रहा था..अब मैं रुका नही धीरे धीरे सुमी की गांड में धक्का मारने लगा...पांच मिनट तक ऐसा ही करता रहा..अब सुमी का दर्द कम होने लगा...अब वो भी साथ देने लगी...अपनी गांड को उछाल उछाल कर मजे लेने लगी...और कहने लगी आज अपने पापा से गांड मरवाने में कितना मजा रहा है...वोह्ह्ह्ह पापा खूब गांड मारो अपनी बिटिया....फाड़ दो अपनी बेटी की गांड...

 

ओह्ह्ह्ह मेरे राजा....और जोर से धक्का मारो पापा...अब मेरी धक्कों की स्पीड बढ़ चुकी थी...मेरी बेटी फिर कहने लगी पापा जब माल छूटने वाला हो तो लंड सीधे चूत में पेल देना और और लंड का माल चूत में छोड़ कर मुझे माँ बनाना....आह्ह्ह्ह पापा...i love u मेरा जानू...i love u मेरे स्वीट हार्ट...आह्ह्ह पेलो पापा पेलो....

 

मैं ऐसे ही सुमी की गांड में धक्का मारता रहा...फिर मैंने सुमी को सीधी साइड करके फिर से उसकी गांड में लंड पेलकर गांड मारने लगा और साथ उसकी चूचियां भी दबाने लगा..सुमी मेरे मुह निचे खिंच कर मेरे ओंठ अपने अपने ओंठ पर लगा कर चूसने लगी...मैं भी उसके ओंठ चूसने लगा....गांड में धक्कों की स्पीड जारी थी..मैंने कहा बेटा मैं झड़ने वाला हूँ...तो कहने लगी पापा थोडा रूककर चूत में चूत में डालो लंड....

 

मैं थोडा रुका और फिर मैंने भी उसकी टाँगे खड़ी करके एक झटके में लंड चूत में डाला..और सुमी को चोदने लगा...आह्ह्ह चूत में क्या मजा आ रहा था.. टाइट चूत है मेरी बिटिया की....अब सुमी की सिसकारियां पूरे कमरे में दौड़ने लगी...

 

सुमी की आवाजें तेज होने लग गयी...आह्ह्ह पापा...चोदो अपनी रानी को....आह्ह्ह ओह्ह्ह्हह ऊव्वीईइ ...उवीईईइ माँ मसल डाला मेरे बाप ने नाजुक कलि को...आह्ह पापा ऊह्ह्ह पापा ..उसकी गर्म सांसे मेरे चहेरे पर पड़ने लगी...उसकी सिसकारियां तेज हो गयी...सुमी की मादक आवाज से कमरा गूंजने लगा..वो मुझसे विनती करने लग गयी की पापा जोर जोर से चोदो...

 

अपने धक्कों की स्पीड बड़ा कर मसल दो अपनी बिटिया को...अच्छी तरह से रगड दो आज मुझे...मैं अपने पापा में पूरी तरह से समा जाना चाहती हूँ...निचोड़ दो मुझे पापा.. कुछ देर ऐसे ही धक्के मार कर माल अंदर सुमी की चूत में ही छोड़ दिया... कुछ देर लंड ऐसे रखा और उसके बाद बहार निकाला तो सुमी ने मेरा लंड चूस कर साफ़ किया...

 

और मुझे सीने से लगा कर मुझे खूब चूमा..और कहा पापा आप ने आज गांड और चूत दोनों में खूब मजा दिया...और सच कहूँ तो सुबह सुबह चुदने का अलग ही मजा है...अब हम ज्यादातर सुबह सी चुदाई का मजा लेंगे..और पापा जब मैं बाथरूम में नहा रही थी तो मैं उस समय यही सोच रही थी काश मेरे पापा झट से बाथरूम में आपकर अपनी सुमी बिटिया को खूब पेलते..

 

उसे समय बहुत मन था मेरे चुदने का...जब साबुन को अपनी झांटों पर लगाया तो खूब झाग बना और मेरी चूत गर्म हो गयी...मैंने कहा कोई बात नही जब बाथरूम में चुदना हो तो बता दिया कर...ऐसे मस्त माल कहीं भी चुदने को मिले मैं चोद ही दूंगा..छोडूंगा थोड़ी..और हाँ बेटा आज सच में सुबह सुबह बहुत मजा आया और फिर मैं उसके ओंठ चूसने लग गया..तो दोस्तों कैसी लगी मेरी ये कहानी..मेल में जरुर बताना..

 


बाप ने बीच रास्ते में सगी बेटी को चोदा

 
बाप ने बीच रास्ते में सगी बेटी को चोदा

हेल्लो दोस्तों.....

मेरी बेटी सुमी जिसकी उम्र 17 साल है...

और मेरे उसके साथ तीसरी बार सेक्स है एक बार जब मैंने सील तोड़ी दूसरी तब जब मैंने उसकी गांड मारी..

 

आज मैं वो कहानी बताने जा रहा हूँ जब मैंने उसे बीच रास्ते में चोदा....मेरी बेटी सुमी 34 के उसके बूब्स हैं 30 की कमर और 36 की गांड...

इतना सेक्सी बदन ही शायद किसी का हो तभी तो अपनी सगी बेटी को चोदने का मन किया...

 

अब जब सामने ऐसा सुंदर सेक्सी माल हो तो कौन नही चोदना चाहेगा...उसके गुलाबी ओंठ और गोरी गोरी जांगें..गहरी नाभि .उत्तेजित  करने के लिए यही काफी हैं...जिसके ऐसा अंग उत्तेजित वाले हों सोचो उसकी मुलायम चूत और बड़े बड़े बूब्स कैसे होंगे...

 

इतना मस्त माल...मेरा लंड छ इंच का है पर मैं चाहता हूँ की नौ इंच लंड वाला कोई मेरी बेटी की चूत में डाले मेरे सामने और उसे बड़े मोटे लंड का भरपूर मजा दे...अब कहानी पर आता हूँ...पिछले साल मई की बात है हमें शादी में हिमाचल जाना था...पहाड़ी इलाके में...

 

मेरी दीदी की लड़की की शादी थी....हम चल दिए 12 मई की बात है गर्मी शुरू हो गयी थी...हम सुबह 8 बजे अपने घर से निकले गाड़ी से उतरकर हमें कम से कम एक किलोमीटर पैदल चलना था...आधा किमोमीटर नीचे तो आधा ऊपर...

baap beti ki chudai ki kahaniya

जहाँ से गाड़ी छोड़ी वहां पर हम 10.30 बजे सुबह पहुंचे...पहले निचे तो हम आसानी से उतरे..20 मिनट में ही पर अब ऊपर चढ़ाई चढना थोडा मुस्किल था...मेरी बेटी सुमी ने उस दिन ब्लू सफ़ेद वाली लॉन्ग स्कर्ट पहन रखती थी और ऊपर रेस कलर की टीशर्ट..

 

मैंने ब्लू कलर की जींस और ब्लू ही कलर की टीशर्ट...उपर चढ़ने के लिए चढ़ाई थी जैसी ही मेरी बेटी चढ़ाई चढ़ने लगी तो उसकी स्कर्ट लॉन्ग होने के कारण पैर के नीचे आने से फट गयी... अब फटी हवी स्कर्ट से दुसरे गाँव में जा नही सकते थे तो मेरी बेटी सुमी कहने लगी पापा क्या करूँ अब मैंने कहा कपड़े ला तो रखे हैं बदल ले..जींस पहन ले...तो सुमी कहने लगी यहाँ रास्ते में कहाँ बदलूं...

 

तो मैंने कहा बेटा यहाँ इस समय कोई नही आता गाँव वाले अपने काम १० बजे से पहले निपटाकर घर चले जाते हैं..ये रास्ता सुनसान है...मैं पहले भी तीन चार बार आ रखा हूँ तो मुझे पता है...और तेरी बुवा बता रही थी की उस रास्ते लोग बहुत कम जाते हैं क्यूँ की सब ऊपर के रास्ते ही जाते हैं....

 

तो मैंने कहा चिंता ना कर वो छोटा सा खेत है उसके कोने में जाकर बदल....सुमी मान गयी और खेत के कोने में चली गयी जहाँ से मुझे साफ़ दिखाई दे रही थी...वैसे उसे मेरे सामने कपड़े बदलने में कोई शर्म नही थी क्यूंकि सुमी मुझसे दो बार चुद गयी थी...

 

सुमी ने जैसे ही स्कर्ट निचे की और उसकी गोरी गोरी जांगे दिखी मेरा लंड तनने लगा...पहले सुमी बड़ी वाली पेंटी पहनती थी तो इस बार मैंने उसकी शोपिंग की और उसके सेक्सी वाली जालीदार पेंटी लाकर दी...जिसे पहनकर उसकी गांड बहार झलक रही थी...

 

क्या मस्त चुतड थे मेरी बिटिया के....मुझसे रहा नही गया तो मैंने सुमी के पास जाकर उसकी चूची दबाने लगा और एक हाथ उकी जांग पर फेरने लगा...सुमी कहने लगी पापा ये क्या कर रहे हो छोडो मुझे कोई आ जायेगा...मैंने एक नही सुनी और उसके ओंठ चूमने लगा...उसकी चूची दबाते रहा....वो मुझे रोकती रही मैं नही माना..और उसकी कच्छी के अंदर हाथ देकर उसकी बालों वाली चूत सहलाने लगा...

 

सुमी ने कहा पापा प्लीज छोड़ दो ना वैसे भी हमारा प्लान चुदाई का आज रात का था ही ...मैंने कहा बेटा तेरी गोरी गांड और जांगे देखकर मेरा मन बहुत है...आज मेरा मन बीच रास्ते में तुझे चोदने का हो रहा है..खुले आसामान के निचे कितना मजा आएगा...प्लीज ये चुदाई यादगार बनाते हैं....इस बार सुमी कुछ नही बोली..शायद वो गर्म होने लगी थी...उसे मजा आने लगा था...

 

मैंने उसकी चूत में ऊँगली दे रखी थी और एक साथ उसकी चूची दबा रहा था तो ओंठ उसके ओंठ चूस रहे थे....अब मैंने उसकी टेड टीशर्ट ऊपर करके उसकी ब्रा से एक चूची को बहार निकाल कर उसे चूसने लगा एक बच्चे की तरह....अब सुमी कहने लगी ''आऊऊ'' मेरा बच्चा दूदू पी रहा है..

sagi beti ki chudai

पी मेरा बचा पी...अब मैंने सुमी एक टांग वहीँ खेत की दिवार पर खड़ा करके उसकी कच्ची नीचे करके उसकी रसदार मलाईदार चूत चाटने लगा...सुमी की चूत पर अभी हल्के हल्के बाल उगना शुरू हुवे हैं लाल चूत....कितनी मजेदार थी....जैसा मासूम चहेरा वैसी ही मासूम चूत भी...

 

मासूम थी फिर भी उसे फाड़ने का मन था...अब मैंने सुमी की चूत को अंदर तक चाटने लगा...रसदार चूत के रस का आनंद लेने लगा....सुमी अब बहुत गर्म हो चुकी थी...मेरा लंड पूरी तरह तन चूका था...सुमी बहुत तेजी से मति पेंट और फिर मेरा कच्छा नीचे करके जल्दी से मेरा लंड बहार निकाला और अपने मुह में घुसा कर चूसने लगी..

 

बहुत तेजी से मुह के अंदर बहार करने लगी...क्या आनंद था वो जब मेरी सगी बेटी ही मेरा लंड चूस रही....कितना मजा आ रहा था...सुमी मेरा लंड चूसे जा रही थी मैंने सुमी से कहा बेटा लंड का पानी निकलने वाला है तो सुमी ने कहा की निकलने दो..और सारा पानी उसने अपने मुह में समेट लिया....और लंड चाटने लगी...मेरा लंड अब मुरझा चूका था पर सुमी की प्यास वैसी ही थी...

 

मैंने कहा चिंता ना कर थोड़ी देर में खड़ा हो जायेगा...इतने में सुमी मेरे सीने से चिपक गयी और कुछ देर ऐसी ही रही...और कहने ली पापा मैं अभी भी गर्म हूँ...मेरी अपनी रांड बिटिया को ठंडा कर दो...अब मैंने फिर से उसकी गीली और चिकनी चूत में ऊँगली दी और अंदर बहार करने लगा...अब मैंने सुमी से कहा बेटा तो हाथ से पकड़ कर मेरा लंड हिला हिलाकर खड़ा कर ताकि मैं आज तुझे इस खेत में चोद सकूँ...

 

सुमी ने कहा हाथ से क्यूँ पापा मैं चूस कर खड़ा करती हूँ जल्दी हो जायेगा...और मेरा लंड मुह में दे कर अंदर बहार करने लगी..कुछ ही पल में मेरा लंड कड़क हो गया तो सुमी ने कहा पापा अब जल्दी करो...मैंने कहा ठीक है...मैंने सुमी को पर से पूरा नंगा कर दिया..तो कहने लगी पापा पूरी नंगी मत करो कोई आ जायेगा...मैंने कहा कोई नही आएगा और तेरा सुंदर जिस्म को नंगा करके चोदने में मजा आता...

 

मैंने उसे पूरा नंगा कर ही दिया और खुद भी नंगा हो गया....अब मैंने सुमी के एक टांग फिर से खेत की दीवार में रखकर उसकी चूत में वहीँ खड़े खड़े लंड अंदर डाल दिया और एक ही झटके में सीधा अंदर सुमी की चीख निकल गयी...अब मई धीरे धीरे सुमी की चूत में धक्के मारने लगा..हम दोनों को बहुत मजा आने लगा....

 

सुमी के मुह से तेज तेज आवाजें निकलने लग गयी वो भूल गयी की वो बीच रास्ते में अपने पापा से चुद रही है.....आह्ह्ह्ह पापा ...ओह्ह्ह्ह पापा...चोदो अपनी बिटिया को ....आह्ह्ह सुमी आपके लंड की प्यासी है....मुझे आपके लंड से बहुत प्यार है...

 

आह्ह्ह्ह पापा....और जोर से...फाड़ दो इस कुतिया सुमी की चूत....i love u पापा.... आह्ह्ह...ओह्ह्ह्ह...मुहाआआअ...उईईइ...पापा धक्के की स्पीड बढाओ....वोह्ह्ह्ह मेरे पापा...सुमी की गर्म साँसे मेरे मुह से टकराने लगी..सुमी सेक्स के सागर में गोते लगा रही थी....

 

ले मेरी सुमी रांड...आह्ह्ह्ह मेरी गुडिया....वोह्ह्ह्ह मेरी सुमी....सुमी की सिस्कारियां तेज हो गयी...उसकी सांसे तेज तेज चलने लगी....आह्ह्ह उह्ह्ह्ह i love u पापा....आह्ह्ह पापा आज अपने बच्चे की माँ दो मुझे....मैं आपके बच्चे की माँ बनकर सदा आपकी होना चाहती हूँ....

 

मैं सारी दुनिया छोड़कर सिर्फ आपकी होकर रहना चाहती हूँ...आह्ह्ह पापा i love u पापा....मैं खड़े खड़े ही अपनी बेटी सुमी की जमकर चुदाई कर रहा था..सुमी को भरपूर मजा दे रहा था...धक्कों की स्पीड तेज हो गयी...फच फच फच की आवाज सुमी की चूत से आने लगी...

 

सुमी अब चरम सीमा पर थी और जोर से आवाजें कर रही थी...उसकी आवाज से पूरा जंगल गूंजने लगा...मैंने सुमी को कहा आवाज थोड़ी निचे कर मेरी रांड कोई सुन लेगा..तो कहने लगी सुनने तो मुझे मेरा पति ही चोद रहा है....आज से मैंने आपको अपना पति अपना सब कुछ मान लिया..अब तुम्ही मेरे सब कुछ हो.... आह्ह्ह्ह ऊओह्ह्ह मेरे पति ...मुझे पत्नी ना सही अपनी रखेल ही बनाकर रखना...

 

चोदो मेरे पति देव... आह्ह्ह्ह..आज से ये सुमी तुम्हारी पत्नी बन गयी....बस अब जल्दी से माँ बना दो....आह्ह्ह्ह पापा ओह्ह्ह्ह मेरे पति....सुमी की चूत एकदम टाईट थी लग नहीं रहा था कि वो पहले भी दो बार चुदी हुई है... मैंने अपना लंड बाहर खींचा और फिर से अंदर डाल दिया... इस बार सुमी के मुंह से सेक्सी आवाज़ निकली...

 

मैं जोर जोर से सुमी की चूत चोदने लगा और उसके बड़े-बड़े बूब्ज़ मेरे झटकों के साथ हिलने लगे... सुमी अपने हिलते हुए बूब्ज़ को पकड़ कर दबाने लगी और उसका चेहरा चुदाई के नशे से चहक रहा था... मेरे लंड के अंदर-बाहर होने से सुमी की चूत बिल्कुल गीली हो गई और फच्च फच्च की आवाज़ें आने लगीं... हम दोनों अपने रिश्ते से बेखबर हो कर चुदाई का आनंद ले रहे थे....

Video: बेटे ने सोती हुई माँ को चोद दिया

 

मैंने सुमी को उल्टा लेटा कर दिया, मैंने सुमी की टांगें खोलकर उसकी चूत पर लंड लगा दिया और उसके कंधों को कस को पकड़ लिया... मैंने झटका मारकर अपना लंड सुमी की चूत में घुसा दिया और चूत चोदने लगा... चूत में लंड का अंदर-बाहर होना और सुमी के नर्म चूतडो़ं का स्पर्श मुझे अजीब सी मदहोशी दे रहा था.. मैं दनादन झटके मारकर अपनी सगी बेटी को मस्ती से चोदने लगा और सुमी भी बड़ी गर्मजोशी से अपने सगे बाप का लंड ले रही थी...

 

मेरे हर झटके से सुमी के मुंह से कामुक आहें निकलती और मेरा जोश और भी बढ़ जाता.. जब सुमी मस्ती में चिल्लाती तो मैं जोश में आकर और भी तेज़ी से उसकी चूत चोदता...मैं सुमी को चोदते हुए हांफने लगा तो सुमी ने मुझे नीचे लेटा दिया.. वो मेरे ऊपर आ गई और मेरी छाती को जीभ से चाटते हुए मेरे निप्पलों को मुंह में भर कर चूसने लगी...

 

उसने अपनी चूत मेरे लंड पर टिका दी और दोनों हाथ मेरी छाती पर रख दिए... सुमी ने मेरे दोनों हाथ अपने बूब्ज़ पर रखकर अपनी गांड नीचे धकेल दी और मेरा लंड फिर से सुमी की चूत की गहराई की सैर करने लगा.. सुमी उछल उछल कर मेरा लंड अपनी चूत के अंदर-बाहर करने लगी और मैं उसके बूब्ज़ मसलने लगा....आह्ह क्या मजा आ रहा था...

 

सुमी कहने लगी पापा मजा आ रहा है न अपनी रांड बिटिया के साथ...मैंने कहाँ हाँ बेटा तेरे साथ नही आएगा तो किसके साथ आएगा...तू तो 100 साल के बुड्डे को भी भरपूर मजा दे....हाँ पापा...आह्ह्ह्ह और सुमी उपर जोर जोर से चोदने लगी...अब सुमी कहने लगी पापा मुझे अपनी गोदी में लेकर खड़े खड़े चोदो...मैंने सुमी को अपनी गोदी में लिया और खड़े खड़े चोदने लगा...

 

अब सुमी की सिस्कारियां और तेज हो गयी...उसने जोर जोर से मेरे ओंठ चोसना शुरू कर दिया...और मैंने भी अपनी धक्कों की स्पीड बड़ा दी...सुमी झड़ने वाली थी इसी लिए मुझे जोर जोर से किस कर रही थी...उसका बदन अकड़ने लगा और कुछ ही देर में सुमी झड़ गयी..और कहने लगी पापा आप भी झडो में मेरी चूत में मैंने भी अपने लंड का गर्म गर्म वीर्य उसकी नाजुक और गीली चिकनी चूत में छोड़ दिया...कुछ देर मैंने सुमी को ऐसे ही अपनी गोदी में रखा और हम दोनों चूमा चाटी करते रहे...

 

अब मैंने अपनी बिटिया को निचे उतारा सुमी कपड़े पहनने लगी तो मैंने उसे रोका और कहा यहाँ कोई नही आगे थोड़ी दूर तक ऐसे ही नंगे चलते हैं...क्यूंकि थोड़ी दूर पर एक झरना था दोहपर के एक बज गये थे गर्मी भी हो गयी थी और हम जबर्दस्त चुदाई करके थक भी गये थे तो मेरा प्लान उस झरने में नंगे नहाने का था...अब हम उपर को ऐसे ही नंगे चले..

 

मैंने अपनी सुमी की नंगी कमर में हाथ रख दिया...थोड़ी दूर चले झरना आ गया...हम झरने में नंगे नहाने चले गये..अब आपको पता ही जब खूबसूरत लड़की के साथ झरने में नंगे नहाने को जाओ तो चुदाई का मूड हो जाता है..मैंने सुमी को कहा बेटा मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया...तो सुमी कहने लगी मैं मना करुँगी तो आप कौन सा मानने वाले हो...करो पापा जो करना है....

 

तुम्हारी इस रांड बिटिया की चूत तुम्हारे लिए धर्मशाला है कभी भी घुसा दो....झरना होने कारण वहां एक छोटा सा तालाब भी बन गया था..मैंने अपनी बिटिया को उसी तालाब में पटक कर पानी के अंदर ही उसकी चूत में लंड घुसा दिया...और घक्के मारने लगा....सुमी कहने लगी पापा उससे ज्यदा चुदने में तो पानी के अंदर मजा आ रहा है....

 

आज आपने अपनी सुमी रांड को जी भरके नये नये मजे दे दिया..मजा आ गया ..i love u my sweet heart....आह्ह्ह्ह पापा....पानी के अंदर धक्कों की खूब आवाज आ रही थी ..छपाक छपाक.....झरने के ठंडे पानी से भी हम दोनों की गर्मी खत्म नही हो रही थी..धक्कों की स्पीड और सुमी की आवाजें तेज हो गयी....मैंने सुमी से कहा बेटा इस बार लंड का माल तेरे मुह में गेरुंगा...सुमी ने कहा पापा जहाँ मर्जी गेरना आपकी रांड हूँ  जो चाहे वो करना..पर अभी अपनी बिटिया को खूब पेलो...चूत फाड़ दो...

 

आह्ह्ह्ह पापा i love u पापा....ऊओह्ह्ह्ह पापा उईईईईई...आज तहस नहस कर दे मति चूत का ....हम दोनों चरम सीमा में थे...झड़ने वाले थे मैंने लंड बहार निकाला और सुमी से कहा बीटा लंड हिला हिला के खुद ही लंड का माल मुह में ले...सुमी ने ऐसे ही किया और सारा माल चाट के साफ किया...और कहा पापा आज सच में बहुत मजा आया यादगार बना दी आज आपने ये चुदाई...muhhhhaaa और किस करने लगी...

 

फिर नंगे ही मेरे सीने से चिपक गयी...उसके बाद उसने मुझे उसी तालाब में अपने हाथ से नहलाया...मेरा लंड खूब साफ़ किया...2 बज चुके थे...हमने कपड़े पहने और चल दिया....वहां हम 3.30 बजे पहुंचे...हमने जल्दी पहुँच जाना था पर दो बार की चुदाई ने हम दोनों को थका दिया तो हम आराम से गये...वहां पहुंचते ही हम खाना गया..थोड़ी वहां गाँव में घुमे...रात को मेहँदी थी...

 

हमने पहले रात का खाना खाया उसके बाद सुमी मेहँदी लगाने चली गयी..दुल्हन को उसी ने मेहदी लगानी थी क्यूंकि उसने इसका कोर्स कर रखा था..मेहँदी लगाने के बाद हम थोड़ी देर नाचे...अब रात की 11 बज चुके थे..हम अपने रूम में सोने के लिए...रूम में आते ही मैंने सुमी को गोदी में उठाया और उसे किस किया....तो सुमी ने कहा पापा अभी भी मरे चुदाई होने वाली है...

 

मैंने कहा हाँ ..ऐसी रात में कहाँ छोड़ने वाला..पापा मैं बहुत थक गयी हूँ...तो मैंने कहा तेरा मन नही तो कहने लगी मन तो है पर....मैंने कहा बस.. रात अपनी बात अपनी... जिस रूम में हम थे उसी रूम में दुल्हन का सारा मेकप का सामान था ..और दुल्हन का जोड़ा भी...मैंने सुमी से कहा अब यहाँ कोई नही आने वाला तू दुल्गन बन जा...आज रात हम सुहागरात मनाएंगे...

 

एक पति पत्नी की तरह...सुमी ने कहा हाँ पापा मैं भी कब से रही सोच थी की कब आएगा वो दिन जिस दिन मैं दुल्हन के रूप में आपसे सुहाग रत मनाउंगी....मैंने कहा बीएस वो दिन आज है और बन जा मेरी दुल्हन एक रात के लिए...सुमी ने कहा थी है आप बहार जाओ मैं दुल्हन बनकर सजकर सेज पर बैठी रहूंगी...सेज तो नही था पर बेड था और नर्म गदा भी...अब मैं बहार चला...

 

वहीँ छत में टहलने लगा..आधा घंटे बाद मैं अंदर चला गया...सुमी दुल्हन के रूप में सजकर बैठी थी...आह क्या सुंदर लग रही थी...पहचान में आ ही नही थी..उसको मेकप करना अच्छी तरह आता था...पूरी तरह दुल्हन लग रही थी..कितनी मस्त थी मेरी सुमी...आज हम दोनों सुहाग रात मनाने वाले थे....अब मैं सुमी के पास गया और दोनों हाथ उसके मुलायम गालों पर रख कर उसके मक्खन जैसे ओंठ चूमने लगा....

 

सुमी मेरी जान आज तुम इस साड़ी में बहुत सेक्सी लग रही हो, आज तो में पूरी रात तुम्हे सोने नहीं दूँगा, क्योंकि आज तो तुम्हारा एक एक अंग मुझे देखना है.चूमना है. और में तुम्हे नीचे लेकर ऊपर तक जी भरकर देखना चाहता हूँ..प्यार करना चाहता हूँ...सुमी ने कहा जैसे मेरे पतिदेव की इच्छा...आज ये सुमी आपकी पत्नी है...जी भरके प्यार करो...निचोड़ दो आज अपनी पत्नी सुमी को...आओ मेरे पति मुझमें समां जाओ.....

 

मैं कहने लगा सुमी  आज तेरे बूब्स को चूसूंगा और इनका रस पीऊँगा और ऊपर से लेकर नीचे तक तुझे किस करूँगा, तेरे हर एक अंग को में किस करूँगा...सुमी कहने लगी हाँ मेरी जान..करो आज जी भरके...ऐसी सेक्सी बातें और किस करते करते आधा घंटा हो गया...तो सुमी कहने लगी मेरे पतिदेव आज अपनी सी पत्नी को नंगा कर दो....आज मेरी नथ उतार दो...आज मेरी चूत को ऐसे चोदना की ये खूब से लथ पथ हो जाय...

 

अब मैं सुमी को धीरे धीरे नंगा करने लगा उसके एक एक गहने उतारने लगा...अब उसके सरे गहने उतर चुके थे अब मैंने उसकी सारी उतार दी..अब सुमी मेरे सामने पेटीकोट और ब्लाउज में थी..वाह क्या गजब की बला लग रही थी...मैं सुमी के बूब्स उसके ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा तो सुमी ने कहा मेरे पतिदेव उपर से क्या दबा रहे हो इन को आजाद करो और जी भर के मसलों दबाव चुसो...ये सिर्फ तुम्हारे हैं...

 

अब मैंने ब्लाउज से सुमी की चूचियां बहार निकाल दी उसने अंदर ब्रा नही पहनी थी...सुमी की चूचियां मैंने पहले भी देखि थी दबाई थी मगर आज कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही थी....अब मैं उनको सहलाने लगा...चूसने लगा ..उनको दबाने लगा...सुमी कहने लगी ओह्ह्ह मेरे पति देव क्या चूसते हो .मजा आ गया...चूस मेरे राजा आज अपनी पत्नी सुमी की चूचियां खूब चूस...

 

अब मैंने धीरे धीरे सुमी का पेटीकोट ऊपर जांगों तक सरका दिया और उसकी जांगे सहलाने लगा...और धीरे धीरे अपने हाथ उसकी गर्म चूत पर ले गया जहाँ ज्वालामुखी था...मैं उसकी चूत सहलाने लगा..सुमी कहराने लगी...आह्ह्ह्ह ...सुमी कहने लगी पापा ऊँगली से काम नही चलेगा अपना लंड डालो...मैंने कहा पापा नही पति...सुमी...हाँ मेरे पति...लंड डालो...

 

मैंने सुमी का पेटीकोट उपर करके उसकी चूत में लंड डालने लगा...दोपहर में दो बार चुदने के बाद चूत में एक दम से लंड घुस गया...अब मैं धक्के मारने लगा..सुमी की सिस्कारियां बड़ने लग गयी...आह्ह्ह्ह मेरे राजा....आज जैसे दुल्हन बनाया बस वैसे ही मुझे माँ बना दो..अपने लंड का गर्म गर्म वीर्य में मेरी चूत में गेर कर मुझे अपने बचे के माँ बना दो....आःह्ह उऊऊऊउईई....i love u my sweet huby...i kiss u baby.....रगड़ दो आज अपनी पत्नी बेटी और प्रेमिका को..खूब रगड़ों अपनी इस रांड को..आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह्हह्ह्ह ....shhhhhhhhhhhh....

 

पापा आज अपनी इस पत्नी के चूत का भोसड़ा बना दो...आह्ह्ह्ह पापा...चोदो और जोर से चोदो अपनी दुल्हन को...पापा मेरा पेटीकोट निकाल दो अपनी पत्नी को पूरी तरह से नंगा करके चोदो..फाड़ दो आज मेरी चूत ...अब मैंने सुमी से कहा घोड़ी बन जा...सुमी घोड़ी बन गयी मैंने पीछे से उसकी गर्म चूत में लंड घुसा दिया और धक्के मारने लगा..अब सुमी अपने पापा से घोड़ी बनकर चुद रही थी...

 

मैं भी फुल स्पीड में धक्के मारे जा रहा....इस पोजीशन में सुमी को चोदते 15 मिनट हो गये तो सुमी कहने लगी पापा अब मैं आपकी उपर से आकर आपको चोदूंगी...मैंने कहा ठीक है...मैंने नीचे लेट गया सुमी ने अपना मुह मेरी तरफ करके मेरा लंड अपने हाथ से पकडकर चूत में मुह पर सटा दिया..और उपर से जोरदार झटका मारा ...मेरा पूरा लंड नीचे से उसकी चूत में घुस गया...

 

अब सुमी ऊपर से ताबड़ तोड़ धक्के मार कर अपने पापा को चोदने लग गयी...आह्ह्ह्ह क्या मजा आ रहा था....मैंने कहने लगा आःह्ह्ह सुमी बेटा और जोर से कर उपर से...अंदर बच्चेदानी तक घुसा से अपने बाप का लंड....आह्ह्हह्ह मेरी गुडिया.... ओह्ह्ह...हम दोनों की आवाजों से पूरा कमरा महकने लगा....बहार ज्यादा आवाज में DJ पर गाने बज रहे थे ..इसलिए हमारी आवाजें बहार नही जा रही थी...

 

अब सुमी ने कहा पापा अपनी बेटी की एक टांग खड़ी करके चोदो..अब मैंने वैसे ही किया सुमी की एक टांग खड़ी करके उसकी चुदाई करने लग गया...सुमी कहने लगी वोह्ह बेबी मेरे दुदू चोसू...अब मैं सुमी के बड़े बड़े दुदू एक बच्चे की भाँती चूस रहा था...

 

अब सुमी जोर जोर से आवाज निकाल के बोलने लगी .आःह्ह्ह पापा मैं आने वाली हूँ.... ओह्ह्ह्ह पापा...स्पीड बढाओ मैं झड़ने वाली हूँ....मेरी स्पीड बढ़ गयी..और थोड़ी ही देर में मैंने लंड का सारा माल अपनी बेटी की चूत में डाल दिया...सुमी ने मुझे खूब किस किया और कहा पापा आज आपने मुझे सुहागरात का पूरा मजा दिया...i love u my sweet पापा.....

 

उसके बाद हम दोनों बहुत थक गये और ऐसे नंगे सो गये...पहले बार हम दोनों एक साथ नंगे सो रहे थे...सुमी ने कहा पापा प्लीज... अपना लंड मेरी छुट में डालकर ही सो जाओ...मैंने कहा बेटा अब ये मुरझा गया चूत में नही जाएगा...

 

तो सुमी ने बिना कुछ बोले लंड को मुह में लेकर चूसने लगी...10 मिनट तक चूसती रही..इतने में लंड खड़ा हो गया तो कहने लगी पापा मैंने अपनी जान को खड़ा कर दिया अब आप अपनी जान में मेरी जान को घुसा कर सो जाओ...

 

मैंने सुमी का एक पैर अपने उपर रख कर लंड उनकी चूत में घुसा दिया और हम दोनों सो गये....सुबह 5 बजे नींद टूटी तो देखा सुमी मेरा लंड चूस रही थी...मैंने कहा क्या हुवा बेटा रात को प्यास नही बुझी...

 

पापा बुझ तो गयी पर अभी फिर चुदाई का मन हो रहा है...एक बार फिर हम चुदाई के सागर में गोते लगाने लगे...सुमी ने कहा पापा सुबह सुबह चुदने का मजा ही कुछ और है..मैंने सुना था की सुहागरात के बाद पति पत्नी एक बार सुबह भी चुदाई करते हैं तो मैंने भी सोचा हम भी करें...

 

एक बार फिर हम दोनों ने जमकर चुदाई की...और फिर सो गये...10 बजे आराम से उठे....आज ही बारात आनी थी...हम दोनों नहा के तैयार हो गये...मेरी सुमी ने रेड साड़ी पहन रखी थी..उसका नावेल साफ़ दिखाई दे रहा उसकी नाभि दिखने से वो गजब की सेक्सी लग रही वहाँ के सब लडकों की नजर मेरे माल पर थी...

 

पर मेरा माल किसी को भाव ही नही दे रहा था...इस कहानी में बस इतना बाकी अगली कहानी में..धन्यवाद

 

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