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मैं अकेली और चोदने बाले तीन जम कर चोदा तीनो लड़को ने

अकेली लड़की को चोदा तीनो लड़को ने


मेरा नाम ऋचा है मैं मैं अभी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रही हु, . मेरी दो फ्रेंड्स की नोकारी लग गई और एक की तो शादी भी हो गई. हमारा एक कामन फ्रेंड है साहिल जो 21 साल का लंबा और पतला सा स्मार्ट लड़का है. वो भले ही टॅक्सी ड्राइवर है लेकिन उसने 9 महीने पहले हम तीनो को पहली बार चोदा था तब से मे उसे राज़ा ही बोलती हू. अब मे उस से शादी करना चाहती हू लेकिन मेरे घर बाले टॅक्सी ड्राइवर से शादी नही करेंगे इस बात का मुझे पूरा पता है क्यूकी मेरे पापा की गाव मे इज़्ज़त है.

तो मेने डिसाइड किया की मे मेरे साहिल राज़ा क साथ ऐसे ही मज़े लेती रहूगी. कॉंपिटेशन क सिलसिले मे मेने पास के शहर मे रूम ले लिया था और वह मे अकेली ही रहती हू. मोका पाकर मे साहिल से मिल लेती हू और साहिल की हर बात को मे मनती थी क्यूकी उसने ही मुझे पहली बार आज से 9 महीने पहले चोदा था और मेरी कुवारि चूत और गांड को फाड़ा था. साहिल ने कुछ दिन पहले मुझे कहा की जैसे तुम तीनो लड़कियो ने 9 महीने पहले मेरे से चूत और गांड मरवाई थी वैसे ही मे और मेरे दो दोस्त मिलकर तेरी चूत और गांड मारेंगे तो मेने हंस कर टाल दिया और साहिल को कहा की तो तू बदला लेगा मेरी चूत और गांड से.

वो भी हसने लगा लेकिन मेरे मन से ये बात निकली नही थी. मुझे साहिल क अलावा आज तक किसी ने नही चोदा . साहिल क लंड मे कितना दूं है वो मेरी चूत और गांड क अलावा कोई नही जान सकता. साहिल ने भी जितना मज़ा मेरी चूत और गांड का लिया उतना किसी का नही लिया. साहिल जब भी मुझे चोदता तो लंड क टोपे को चूत और गांड की स्किन मे फसा कर मुझे बहुत एग्ज़ाइटेड करता था. उसके सपाट लंड की साइज़ 9.25″ लंबा और 3.25″ मोटा था और लंड का टोपा 3.75″ मोटा और पिंकिश-रेड कलर का था. अब मेरी चूत और गांड खुल चुकी थी लेकिन इसका मतलब ये तो नही की 3-3 लड़के एक साथ चोदे तो कोई फ़र्क नही पड़े.

अकेली लड़की को चोदा तीनो लड़को ने


आख़िर वो टाइम भी आ गया जब साहिल का प्लान पूरा होने वाला था. उसने मुझे कॉल किया की आज रिचा ही रहेगी या गाव जाएगी तो मेने बोला की मे तो यही रहूगी और मेने उसको कहा की राज़ा मिस उ तुम आ जाओ ना. तो वो फोन पर बोलने लगा की रानी मे अवँगा भी और आज नाइट मे तुझे बहुत कुच्छ दूंगा . साहिल क साथ मेने नाइट मे कभी सेक्स नही किया था उसके साथ जब भी सेक्स किया वो दिन मे ही किया था क्यूकी नाइट मे चुदाई का सिस्टम बैठा ही नही. मेने मेरी चूत क बाल मेरे राज़ा क लिए सॉफ कर लिए और ब्यूटी पार्लर जाकर अच्छे से तैयार हो गई. मार्केट से पिंक कलर की न्यू ब्रा और पनटी जाली वाली ट्राणस्परांट ले आई क्यूकी ये कलर साहिल को अच्छा लगता था. चुदाई क आइटम क्रीम और आयिल मेरे पास पहले से थे – ये मेरी फ्रेंड माया सिंग जो नर्स है उसने लाकर दिए थे.

मे राज़ा क लिए तैयार होकर इंतज़ार करने लगी इतने मे किसी ने दरवाजा खटखटाया तो मेने दरवाजे क च्छेद मे से देखा तो साहिल नज़र आया और उसके साथ 18-19 साल क दो लड़के और वो दोनो भी स्मार्ट और फिज़िकली फिट लग रहे थे. मे साहिल के साथ 2 और लड़के देखकर घबरा गई लेकिन मेने मेरे साहिल राज़ा क लिए दरवाजा खोल दिया तो तीनो रूम मे आ गये और मेने तीनो को पानी पिलाया. रात को 10 बाज चुके थे. साहिल की तरह ही उनकी भी बॉडी सॉफ थी. साहिल ने उनसे मेरा इंट्रोडक्षन करवाया और उनके बारे मे बताया. एक का नामे इरफ़ान था और सिटी क सिनिमा हॉल मे जॉब करता है. दूसरे का नामे शाहिद था और वो कभी कभी साहिल की टॅक्सी चला लेता था.

मेरा रूम इतना सेफ है की वाहा किसी की नज़र नही पड़ती की कों आ रहा है और कों जा रहा है. अब हम चारो एक दूसरे को चुपचाप देख रहे थे. मेने महसूस किया की इरफ़ान और शाहिद को साहिल धोखे से मेरे रूम पर लेकर आया था इसलिए वो मेरे ट्राणस्परांट स्कर्ट जिसमे से मेरी पनटी नज़र आ रही थी को देखकर अबनॉर्मल लग रहे थे. साहिल ने मुझे आँख मार कर इशारा कर दिया की आज हम तीनो तेरी प्यास डोर करेंगे.

तो मेने ज़्यादा टाइम खराब नही करते हुए साहिल क प्लान को अंजाम तक पहुचने की शुरुआत कर दी क्यूकी मे साहिल की हर बात का रेस्पेक्ट करती थी. साहिल की वजह से मुझे उन दोनो से भी कोई दर नही था. मे बातरूम मे जाकर मेरे स्कर्ट क हुक को ऐसे लगाया की अगर मे हल्की सी भी झूकू तो स्कर्ट नीचे गिर जाए. बातरूम से बाहर आकर मे पानी का ग्लास उठाने क लिए झुकी तो मेरी स्कर्ट गिर गयी और मेरे चूतड़ शाहिद की तरफ थे. मे वापिस बातरूम मे भागने का नाटक करते हुए लड़कड़कर साहिल और इरफ़ान क बीच गिर गई तो इरफ़ान क पंत मे लंड की जगह मेरा रिघ्त हॅंड आ गया. अब मे चोरी नज़र से देख रही थी की साहिल क साथ साथ उन दोनो लोंडो का लंड भी जीन्स पंत क अंडर ही अंडर हरकत करने लगा.

और इसी क साथ तीनो लोंडे मुझ पर टूट पड़े. साहिल मेरे माममे दबा रहा था तो इरफ़ान मेरी चूत पर हाथ रग़ाद रहा था और शाहिद मेरे चूतड़ दबा रहा था. साहिल ने मेरी ब्रा तो इरफ़ान ने मेरी पनटी उतार दी. उसमे उतरना क्यट हा वो तो वैसे ही ट्रॅन्स्परेंट थी लेकिन आयेज क इरादे और प्लान क अनुसार चूत और गांड की चुदाई क लिए ये उतरना ज़रूरी भी था. इरफ़ान तो साला सबसे तेज लग रहा था तो शाहिद भी साहिल से कम नही था. साहिल राज़ा को तो मेने आजमाया हुआ था या यू कहे की मेरे से ज़्यादा तो मेरी चुड और गांड ने उसके लंड और लंड क टोपे को अच्छे से आजमाया हुआ था.

मे बिल्कुल न्यूड थी और उन तीनो मदारचोड़ो ने अभी तक तो उपर क कपड़े भी नही उतरे थे तो मेरे इरफ़ान की त-शर्ट उतार दी और उसकी जीन्स खोलने क लिए हुक निकल दिया. पता नही क्यू आज मे इरफ़ान की तरफ कुछ ज़्यादा ही अट्रॅक्ट हो रही थी और मेने उसकी पंत भी उतार दी तो उसकी हाथ और पैर और थाइस एकद्ूम टाइट और मस्त लग रही थी. फिर मेने साहिल का शर्ट और पंत उतार दी और पीछे पलट कर मेरे चूतड़ को दबा रहे शाहिद क त-शर्ट और पंत उतार दी तो शाहिद तो बिल्कुल न्यूड हो गया क्यूकी उसने अंडरगार्मेंट्स नही पहने हुए थे तो मेने उसके लंड को छेड़ा और कहा नौज्ी अंडरगार्मेंट्स नही पहनता तो वो बोला क्या करू यार मेरा एक फ्रेंड और एक गर्लफ्रेंड माना करते है. शाहिद का लंड भी साहिल जैसा ही था और उसका टोपा पिंकिश नही होकर बिल्कुल रेड था ऐसे लग रहा था की जैसे ब्लड निकालने वाला है. उसकी थाइस एकद्ूम से स्लिम थी लेकिन देखते ही उसमे दूं लग रहा था क्यूकी वो अभी अभी तो जवान हुआ था.

मेने साहिल की अंडरवेर और बनियान भी उतार – उसको ये मेने ही उसके बर्तडे पर गिफ्ट की ही. मेने साहिल क लंड को किस किया और उसकी बॉल्स को मूह मे लेकर चूसा तो शाहिद अपने लंड से मेरी गांड की दोनो दीवारो क बीच हरकत करने लगा तो मेने उसको कहा शाहिद बेटा तस्सली रख अभी तो मेने तेरे लंड को चूसा ही नही तो मेरी गांड का नंबर नही आ सकता तो वो मेरे माममे दबाने लगा और इरफ़ान ने मेरे चूतड़ दबाने शुरू कर दिए और इरफ़ान का लंड उसकी व-शेप अंडरवेर से एक तरफ से बाहर निकल रहा था तो मेने उसकी अंडरवेर उतारकर उसको भी पूरा नंगा कर दिया तो उसके फंफंते हुए नाग ने मेरे चूतड़ पर ज़ोर से मारी मुझे ऐसे लगा जैसे उसने किसी डंडे की मारी हो.

आप विश्वास नही करोगे उसका लंड तो तीनो मे सबसे मोटा और लंबा और सुडोल और स्पॅट था और उसके लंड पर स्किन तो थी ही नही जो बिल्कुल रेड कलर का था और आगे का टोपा 4” का था और टोपे का शेप मशरूम जैसा था जो चूत या गांड मे घुस जाए तो बाहर निकलते टाइम अंडर का सब कुछ बाहर निकल दे और इतने भयंकर टोपे क साथ ही लंड की लेंग्थ 10” और विड्त टोपे से कुछ कम यानी 3.50” थी. इरफ़ान क लंड और टोपे की विड्त मे 0.50” क डिफरेन्स ने मुझे पागल कर दिया. मेने ज़ोर से सिसकारी भारी और लंड को चूसने लगी और मे पागल हो चुकी थी की 18 साल का लोंदा और उसका ये लंड. मेरे मान की आवाज़ सुनकर इरफ़ान ने धीरे से बोला पगली मे डेली 10 केयेम ऋण लगता हू और 1 घंटे फुटबॉल खेलता हू और जिम भी करता हू और मेरे नाग की भी सांड़े क आयिल से रेग्युलर मसाज करता हू तो उसकी ये बात सुनकर तो मे और भी जोश मे आ गयी और उसके लंड को काट दिया तो उसने रोका लेकिन वो था असली मर्द.

मेने इरफ़ान का लंड चूसा और जीभ से उसकी गांड को भी चटा और उसकी गांड क च्छेद मे मेरी जीभ फसाने की कोशिश की तो बहुत मज़ा आया और वो भी 69 पोज़िशन मे आकर मेरी चूत और गांड को बरी बरी से चाटने लगा वो मेरी चूत क पॉइंट को भी छत रहा था. शाहिद मेरे चूतड़ और साहिल निपल्स दबा रहा था. मे इरफ़ान की गांड पर और इरफ़ान मेरी गांड पर मार रहा था जिस से मेरी गांड पर उसके हाथो क निशान रेड-रेड बन गये थे और हम दोनो को बहुत जोश आ रहा था इतने मे 30-35 मिनिट बाद मे हम दोनो अकड़ कर झाड़ गये और इरफ़ान क लंड का गरम गरम लावा मेरे मूह मे पिचकारी की तरह च्छुत गया और मे उसके लंड क पानी की प्यासी पोरा जूस पी गयी और मेरा पानी मेरी चूत से भहर बहने लगा जो इरफ़ान पी कर शांत हो गया और इरफ़ान वही लेट गया और मे शम्भालने लगी तो साहिल और शाहिद मुझ पर टूट पड़े.

शाहिद और साहिल ने मेरी चूत और गांड को चटा और उनके लंड का जूस बरी बरी से मे पी गई और जैसे ही मे झड़ी तो मेरा जूस भी वो दोनो आधा आधा बाँटकर पी गये. मे दो बार झाड़ चुकी थी और लोंडे एके क बार और अब हुँने 10 मिनिट रेस्ट की और सभी ने कॉफी पी लेकिन सभी न्यूड ही थे. नाइट मे 12.30 बाज चुके थे लेकिन मेरी चूत और गांड की चुदाई नही हुई थी. उन लोंडो ने मिलकर मुझे डॉग्गी स्टाइल मे करके पैरो तो बेड पर रख दिए और आयेज की बॉडी चेर पर पिल्लो रखकर ऐसी पोज़िशन बनाई की ये तीनो लोंडे एक साथ मेरी चूत और गांड और मौत की चुदाई कर सके और साथ ही साथ मेरे निपल्स और चूतड़ और थाइस एक साथ दबा दबा कर मसाज भी कर सके.

मुझे इसी पोज़िशन मे तैयार करके उन्होने आयिल और क्रीम से मेरी पूरी बॉडी की मसाज की और आयिल और क्रीम मेरी गांड और चूत पर कुछ ज़्यादा ही लगा रहे थे और मुझे अंडर से ठंडक महसूस हो रही थी और गुदगुदी भी हो रही थी. कुल मिलक्र् ये आयिल और क्रीम क साथ मसाज की जो भी तैयारिया हो रही थी वो सब मेरी चूत और स्पेशली मेरी गांड मे इरफ़ान क लंड क 4” मोटे टोपे को घुसाड़ने की तैयारिया थी – ये मे साँझ चुकी थी और मुझे तो केवल और केवल इरफ़ान क लंड का बिना स्किन का रेड कलर का 4” मोटा टोपा ही नज़र आ रहा था और ये सोच सोच कर मे बहुत ज़्यादा जोश मे आ रही थी. मुझे मेरी चूत की ज़्यादा टेन्षन नही थी क्यूकी नॉर्मली हर चूत मे इलॅस्टिसिटी और फ्लेक्सिबिलिटी वैसे भी ज़्यादा होती है और उपर से साहिल 9 महीने से मेरी गड्रई हुई चूत का चबूतरा नही तो भी भोसड़ा बनाने की शुरुआत तो कर ही चक्का था. मे मेरी तरफ से कुछ भी नही कर रही थी क्यूकी मुझे साहिल ने माना कर दिया था तुम तो इसी पोज़िशन मे रहो अब जो भी करेंगे हम ही करेंगे और मे मेरे राज़ा की बात मानकर चुपचाप मज़े लिए जा रही थी.

अब साहिल ने अपना लंड मेरे मूह मे दे दिया और इरफ़ान ने नीचे जाकर अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया जो बार बार गांड क च्छेद की ट्राफ् जर रहा था और शाहिद ने मेरे उपर पोज़िशन बनाकर मेरी गांड की दोनो दीवारो क बीच क्रीम क साथ अपने लंड को स्पीड से रगड़ना शुरू किया जो स्लिप होकर या यू कहे की अपना रास्ता भटक कर चूत की तरफ जा रहा था. शाहिद क लंड का टोपा तो फिर भी चूत और गांड क च्छेद पर कुछ अटक रहा था जबकि इरफ़ान क लंड का टोपा तो ऐसे फिसल रहा था जैसे मार्बल क फ्लोर पर पानी मे पैर फिसल रहे हो. 10 मिनिट बाद सभी ने अपनी पोज़िशन चेंज की और साहिल मेरे नीचे और शाहिद मेरे उपर तो इरफ़ान मेरे मूह की तरफ आकर अपने अपने काम मे लग गये लेकिन मूह क अलावा चूत और गांड मे लंड अंदर नही जा रहे थे और साहिल जानबूझकर लंड नही घुसा रह था क्यूकी वो आज मुझे नये लोंडो से छुड़वाना चाहता था

लेकिन फिर भी साहिल ने मेरी गांड पर लंड का टोपा रखकर ज़ोर का धक्का मारा तो वो गांड मे फस गया और उसने क्रीम लगाकर धीरे धीरे मेरी गांड को 5-6 धक्को से उन दोनो लोंडो क लिए खोल दिया. 10 मिनिट बाद फिर से उन्होने अपनी पोज़िशन चेंज कर ली और इरफ़ान मेरी गांड पर अपना टोपा रख कर ज़ोर लगने लगा लेकिन टाइट गांड मे टाइट लंड भी नही जा सका इसी बीच साहिल ने मेरी चूत मे लंड डालकर 5-6 बार रग़ाद कर बाहर निकल दिया ताकि नये लोंडो क लिए चूत का मूह कुछ खुल जाए. एक बात क्लियर कर डू की साहिल ने मेरी गांड और चूत मे जो 5-6 स्ट्रोक लगाए थे वो छोड़ने क इरादे से नही लेकिन उन दोनो लोंडो क लिए गांड और चूत का रास्ता तैयार करने क लिए लगाए थे.

अब दोनो लोंडे मुझे पालने क लिए बिल्कुल तैयार पोज़िशन मे थे और इतने मे शाहिद ने मोका पाकर लंड का टोपा धक्के क साथ मेरी गांड मे डाल दिया तो मुझे दर्द हुआ क्यूकी वो अनाड़ी की तरह कर रहा था और वो मेरी गांड का सत्यनसशह करने पर तुला था तो नीचे से साहिल चूत को छोड़ रहा था जिस से दर्द कम हो गया तो फिर से अनाड़ी शाहिद ने मेरी गांड मे जड़ तक पूरा का पूरा लंड 3-4 धक्को क साथ घुसा दिया और दनादन छोड़ने लगा और उसका लंड सेम साहिल जैसा था तो मुझे गांड मरवाने मे कोई परेशानी नही हुई. अब साहिल मेरे मूह क पास चला गया और मेरा ड्रीम-बॉय इरफ़ान मेरे नीचे आकर चूत को छोड़ने लगा

तो मेरी चूत मे उसका टोपा नही गया तो साहिल ने मेरी पोज़िशन चेंज करवाई क्यूकी उसको पता था की लड़की कैसे चुड्ती है और उसने मुझे सीधा लिटाकर मेरी गांड क नीचे पिल्लो रखा और शाहिद और साहिल ने मेरी दोनो टाँगे उपर कर के साइड मे फैला दी मे स्कूल टाइम से जाइमनॅस्टिक मे रही हू तो मेरी टाँगे 180 डिग्री तक फैल गई तो अब मेरी चूत पूरी खुल गई थी और इरफ़ान अपना लंड लेकर मेरी चूत पर आ गया और लंड का टोपा मेरी चूत पर रगड़ा तो पहली बार लंड मेरी चूत क च्छेद पर जाकर रुका और उसने ज़ोर से धक्का मारा तो मेरी चूत जो की साहिल 9 महीने पहले फाड़ चक्का था

फिर से फट गई और दर्द क साथ उसका टोपा मेरी चूत मे फस गया मे तड़फ़ रही थी लेकिन कुत्तों ने मुझे पकड़ रखा था और तोड़ा रुक कर इरफैबन मुझे फिर से पालने लग गया और सीपड़ बड़ा दी तो मुझे मज़ा आने लगा मोका पाकर इरफ़ान मुझे लेकर खड़ा हो गया और मेने उसकी गर्दन पर हाआत डालकर उस से लटक लटक कर मज़े लेने लगी और फिर वो उसी पोज़िशन मे मेरे से नीचे आ गया और मे उल्टी हो गई तो उपर से मेरी गांड भी खुल गयी थी तो मोका पाकर शाहिद मेरी गांड मरने लगा और अब मेरी दोनो तरफ से भयंकर चुदाई हो रही थी मेने भी साहिल का लंड मूह मे ले लिया 15-20 मिनिट तक चुदाई चलती रही और मे पागल और बेसूध हो गई थी और अचानक मुझे लगा की मे झड़ने वाली हू तो तीनो लोंडो ने भी अपनी स्पीड और बढ़ा ली उनके लंड पुर अंदर तक जा रहे थे और इरफ़ान क स्ट्रोक सबसे ज़्यादा ख़तरनाक लग रहे थे तो तीनो लोंडो का एक साथ लंड का पानी निकल गया और मेरी चूत और गांड और मूह एक साथ लंड क लावे क सैलाब से भर गये.

साहिल का पानी मे पी गई और शाहिद का पानी मेरी गांड मे भर कर अच्छा लग रहा था तो सबसे मस्त तो मेरी चूत हो रही थी और उसी मस्ती मे चूत ने भी पानी निकल दिया जो इरफ़ान क लंड क टोपे क वजह से अंडर ही रुका हुआ था और हम सभी 5 मिनिट तक इसी पोज़िशन मे रहे और जैसे ही अलग हुए तो इरफ़ान क टोपे क मेरी चूत से बाहर निकलते ही मेरी चूत से मेरी चूत क जूस और इरफ़ान क लंड क पानी का मिक्स्ड लावा बाहर निकाने लगा और इसी त्राह से गांड से भी शाहिद क लंड क पानी का लावा बाहर निकल गया तो शाहिद ने चूत का मलबा तो इरफ़ान ने गांड का मलबा इस उमीद क साथ चाटना शुरू कर दिया की अब दोनो चूत का बाद गांड और गांड क बाद चूत का स्वाद उनके लंड को भी मिलेगा. मेने संभाल कर साहिल, शाहिद और इरफ़ान क लंड को चटकार सॉफ किया और फिर नाइट क 2.45 हो चुके थे और ताबड़तोड़ चुदाई से मे भी तक चुकी थी तो 30 मिनिट तक रेस्ट कर ली.

साहिल ने सबके लिए चाय बनाई तब तक इरफ़ान मेरे सिर को गोद मे लेकर सहलाता रहा और शाहिद भी केर्फुली सॉफ्ट हाथो से मुझे सहला रहा था तो लग रहा था की उनको मेरे से अटॅचमेंट हो गया है. इरफ़ान तो कुछ ज़्याड्डा ही सेंटिमेंटल हो रहा था लेकिन हुमारे पास आज की चुदाई क लिए 5 बजे तक का ही टाइन था तो चाय पीकेर फिर से एक चुदाई होने वाली थी. मे इतने लंड लेकर भी भूखी शेरनी कीट रह इनके लंड फिर से लेने क लिए बैतब थी तो वो लोंडे भी इसी फिराक मे थे क्यूकी शाहिद को मेरी चूत लेनी थी तो इरफ़ान को मेरी गांड लेनी थी. ह्यूम आयिल और क्रीम से एक दूसरे की मसाज करनी शुरू की तो लोंडे मेरी गांड और चूत मे क्रीम और आयिल से उंगली कर रहे थे और ये सब देखकर मेने भी क्रीम और आयिल से लोंडो की भी गांड मे उंगली डाली तो साहिल और इरफ़ान की गांड तो टाइट थी लेकिन शाहिद की गांड मे उंगली ईज़िली चली गयी और उसको मज़ा भी आने लगा तो मुझे ऐसा लगा की वो गांड भी मरवाता है. एनिहाउ मुझे क्या करना ये उसकी गांड थी जो करे वो करे और मे भी तो टीन टीन लोंडो से गांड मरवा रही थी.

ऐसा करते करते 4 बाज गये थे और हमारे पास चुदाई क लिए एक घंटा ही बचा था तो साहिल ने शुरुआत की और उसने मेरी चूत मे लंड क 8-10 स्ट्रोक दिए फिर उसने मेरी गांड मे भी 10-12 स्ट्रोक दिए. इतने मे शाहिद ने मेरी चूत पर लंड टीका दिया और उसने धक्का मारा तो आसानी से उसका लंड अंदर चला गया क्यूकी जहा इरफ़ान क लंड का टोपा खेल ले वाहा कुछ नही बचता लेकिन उसका अनदीपन मुझे दर्द से तडफा रहा था और उसने चूत क अंदर की दीवारो को अच्च्चे से रग़ाद दिया.

मोका पाकर इरफ़ान मेरी गांड पर सॉवॅर हो गया और मेरी गांड की असली परीक्षा तो अब थी की कैसे उसके लंड का टोपा मेरी गांड सहन करेगी. साहिल सबकी हेल्प कर रहा था और उसने क्रीम और आयिल मिक्स करके मेरी गांड और इरफ़ान क लंड पर लगाया तो हम दोनो पागल हो गये और इसी पागलपन क बीच इरफ़ान ने अपने लंड का टोपा दनदनाते हुए मेरी गांड क च्छेद पर रखा और लंबी साँस लेकर पोज़िशन बनाते हुए कुटिया की तरह छोड़ने क लिए पूरा ज़ोर लगाकर एक स्ट्रोक मारा तो मेरी गांड को चीरते हुए लंड का टोपा अंडर चला गया और मेरी गांड मे फस कर जाम हो गया तो साहिल ने जल्दी से क्रीम लगाई और नीचे से चूत को गान्डू शाहिद छोड़ ही रहा हू.

शाहिद को मे गान्डू कहने लगी थी क्यूकी वो गांड मरवाता था और उसकी गांड मे मेरी उंगली गई तो इसको मज़ा आ रहा था. अब इफरन ने फिर से 3-4 धक्के लगाए तो पूरा लंड मेरी गांड क अंदर पहुच गया वो मेरे रेक्टम से भी आयेज बड़ी आँत तक पहुच गया था जिसको मे महसूस कर रही थी. मुझे 30-35 मिनिट तक लगातार छोड़ते रहे और मेरी गांड और चूत को बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था.

अब इरफ़ान ने मेरे बाल पकड़कर उल्टी घोड़ी बॅंकर बाल कीचे और मेरे हिप्पस पर हाथ से मरने लगा जो मुझे और भी ज़्यादा जोश आ रा था और उसने मेरी गांड की चुदाई बंद नही की थी. इतने मे मोका पाकर साहिल ने शाहिद क नीचे घुशकर उसकी गांड पर क्रीम लगाकर अपना लंड उसकी गांड मे डाल दिया तो शाहिद ने गांड मे लंड जाने से एग्ज़ाइटेड होकर मेरी चूत मे ज़ोर ज़ोर से स्ट्रोक मरने शुरू कर दिए. अब हम सभी आपस मे चुड रहे थे की अचानक सभी ने ज़ोर ज़ोर से धक्के मरने शुरू किए और पसीने की वजह से चूतड़ आपस मे टकराकर तपाताप तपाताप की आवाज़ कर रहे थे जो सभी एक एक करके झड़ने लगे.

साहिल ने शाहिद की गांड मे तो शाहिद ने मेरी चूत मे लंड का पानी डाल दिया और शांत हो गये लेकिन मे और इरफ़ान शांत नही हुए थे जो 20-25 धक्के लगते ही हम दोनो भी झाड़ गये और उसने मुझे घूमकर कस कर पकड़ लिया और 5 मिनिट तक हम सभी ऐसे ही रहे. तीनो ने मेरी चूत और गांड को चटा और मेने भी उनके लंड को चटा. बहुत मज़ा आया और फिर सभी ने कपड़े पहने और मुझे ऐसे ही नंगी छोड़कर चले गये. इरफ़ान क जाने से मे सबसे ज़्यादा दुखी थी. मुझे कब नीड आई पता ही नही चला और 11 बजे नीड खुली तो गांड और चूत मे दर्द हो रहा था. बातरूम मे जाने क लिए खड़ी हुई तो मेरे से चला भी नही जर हा था. लेकिन मुझे मेरे रूम मे चुदाई की खुसबू आ रही थी और मे इरफ़ान से मिलने को बेताब थी.

साहिल ने 9 महीने मे मुझे छोड़ छोड़ कर चूत और गांड को कुच्छ ढीला कर दिया था और मेरी बॉडी भी गड्रई हुई लगने लगी थी और चूतड़ तो और ज़्यादा सेक्सी लगने लगे थे. जब मे कोचैंग सेंटर क लिए निकलती थी तो चलते समय मेरे चूतड़ हिलते थे तो लड़के कॉमेंट मरते थे और बहुत गंदा बोलते थे.

अब तो मेरे ड्रीम बॉय इरफ़ान ने मेरे राज़ा साहिल और गान्डू शाहिद क साथ मिलकर चूत का भोसड़ा बना दिया था और गांड को फाड़ दिया था जिसके कारण मेरे चूतड़ और ढीले हॉग आए थे जो चलते टाइम और ज़्यादा हिलने लगे. मेरी दोस्त माया सिंग मेरे पास आई है और उसको डाउट हो गया की डाल मे कुच्छ कला है क्यूकी रूम मे अभी भी चुदाई की खुसबू तो आ ही रही है. माया ने फोन करके सुषमा को भी बुला लिया है.

वो दोनो मेरे मज़े ले रही है की तूने साहिल क लंड से भी मोटा लंड लेना शुरू कर दिया है तभी तो तेरे चूतड़ बिल्कुल ऐसे हो रहे है लेकिन मे मान ही मान मुस्कराने लगी और उनको कुछ नही बताया. माया की शादी होने वाली है उसने मेरे से रिक्वेस्ट कर रही है की तू मेरी शादी से पहले एक बार साहिल से मेरी गांड और चूत मरवा दे तो मेने मान मे ही कहा की मुझे मेरा ड्रेअंबोय इरफ़ान मुझे मिल गया है और तू साहिल से चुड्ती है तो भी मुझे कोई ऑब्जेक्षन नही है. मेने माया को साहिल से छुड़वाने का प्लान बना दिया था. इरफ़ान से मेरी नज़दीकिया बढ़ गई और वो भी मेरी चूत और गांड का दीवाना हो गया था.

मेरे घरवालो को मेरे बारे मे कुच्छ डाउट हुआ तो उन्होने मेरी शादी की बात चला दी लेकिन मेने नोकारी लगने से पहले शादी से माना कर दिया. एक लड़का मुझे देखने आया था वो मुझे बिल्कुल भी पसंद नही आया क्यूकी मेरा ड्रीम-बॉय तो इरफ़ान है. आप मुझे बताओ की माया की चुदाई अकेले साहिल से करऔ या उन तीनो लोंडो से. मे इरफ़ान को नही खोना चाहती.

पूरी रात कुकी की चुदाई

पूरी रात कुकी की चुदाई

हेलो दोस्तों, मेरा नाम मुकेश है और मैं पंजाब का रहने वाला हु. मेरे घर में मेरे माँ डेड और मैं हु. अभी तो मैं जॉब करता हु, बट ये जो कहानी है वो २०१० की है, जब मैं स्कूल में था. मेरी जून की छुट्टिय आने वाली थी और मेरे विलेज में शादी थी. मेरे माँ डेड नहीं जा रहे थे, तो मैं अकेला ही यूपी निकल गया. पहले बार अकेले ट्रेन में सफ़र कर रहा था. मुझे उन दिनों सेक्स करने का बहुत शौक था.. मेरा दिल बहुत करता था. मेरे सभी दोस्तों की गर्लफ्रेंड थी, सब मजे लेते थे. लेकिन मैं अभी तक सिंगल ही था. इस बार मैंने सोच रखा था, कि कोई ना कोई लड़की को पटाना है. मैं अपने मामा के यहाँ गया और वहां मेरे एक दूर के मामा की शादी थी, शादी में सब लोग आये हुए थे. और एक – एक माल लड़की भी आई हुई थी.

शादी का फंशन चल रहा था, मैंने बहुत ट्राई किया वहां आई लडकियों पर. मैं इस लाइन में नया था. इसलिए मुझे लडकियों को पटाने का सही तरीका नहीं आता था. ऐसे शादी बीत गयी और एक भी लड़की को मैं पटा नहीं पाया. अब मैं बोर होने लगा था, तो मामा ने कहा, कि गाँव वाले घर में चले जा, नाना – नानी के पास. वो लोग वहां अकेले ही रहते है. मैंने कहा – मैं अकेले क्या करूँगा वहां? तभी मेरी मौसी वहां आई और उन्होंने कहा, कि तेरी छोटी बहन यहीं मौसी की लड़की जो हॉस्टल में थी आ रही है ५ -६ दिनों के लिए. तू उसे भी अपने साथ गाँव ले जा. मौसी की लड़की का नाम कुकी है और हम दोनों गाँव आ गये. वहां पर मैं सब से मिला और १ दिन गुजर गया. मैं उदास था, क्योंकि इस बार भी मैं एक भी लड़की को नहीं पटा पाया और अभी तक कुछ भी नहीं कर पाया था. कुकी हर वक्त मेरे साथ ही रहती थी और खेलती रहती थी. वो मुझ से काफी छोटी थी.

अगले दिन मैं बाहर बैठा हुआ था, तभी मेरा ध्यान कुकी की तरफ गया. उसने ब्लैक कलर की टॉप और रेड कलर की शॉर्ट्स पहनी हुई थी. वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी. मैंने उसके छोटे – छोटे बूब्स देखे, जो टॉप्स के ऊपर से साफ़ दिख रहे थे. उसकी गांड और टाँगे भी मस्त दिख रही थी. मैंने सोचा, कि कुकी भी तो लड़की है.. चाहे छोटी है, लेकिन है तो लड़की ही. कुकी बहुत सुंदर थी और एकदम गोरी. बस मैंने उस वक्त प्लं बनाया, कि ये ही सही मौका है. क्योंकि हमारा गाँव का घर बहुत बड़ा है और सिर्फ नाना – नानी ही वहां रहते है. अब मैंने कुकी की चुदाई करने का मन बना लिया था. अगले दिन जब कुकी नहा रही थी, तो मैं उसको चुपके से देख रहा था. वो एकदम नंगी थी और उसकी गांड बहुत ही सेक्सी थी.. चूत बहुत छोटी सी थी एकदम सील बंद और बूब्स छोटे – छोटे थे.

वो तैयार होकर आई और मेरे साथ बैठ गयी. मैंने प्लानिंग की हुई थी पहले से ही, कि मुझे क्या करना है और कुकी को कैसे गरम करना है? मेरे मोबाइल में उस वक्त सेक्स क्लिप पड़ी हुई थी. उस वक्त नोकिया के कैमरे वाले मोबाइल चले ही थे. वो मेरे मोबाइल पर रोज़ गाने सुनती थी और आज मैंने जान कर उसको विडियो का फोल्डर करके दे दिया. उसने वो क्लिप प्ले कर दी और देखने लगी. वो शरमा रही थी. मैंने कहा – क्या हुआ? उसने कहा – ये सब क्या है? मैंने कहा – ये सब सेक्स का खेल होता है. जोकि एक लड़का और लड़की मिलकर खेलते है. इस मैं बहुत मज़ा आता है. वो चुप रही और फिर मैंने कहा, कि बड़े लोग खेलते है इसे सिर्फ. लेकिन बच्चे भी इसको चुपचाप छुप – छुप कर खेल सकते है. मैं उसको एक कमरे में लेकर गया और अपना लंड निकाल कर दिखाया. वो देख रही थी और शरमा भी रही थी. मैंने कहा – इसको लंड कहते है. अब चलो तुम दिखाओ.. तो वो हसने लगी और मैंने कहा – तुम्हारे पास लंड नहीं है. जो तुम्हारे पास है उसको चूत कहते है.

मैंने उसकी पेंट उतारी और उसको बेड पर लिटा दिया और फिर उसकी कच्छी उतार दी. मेरे सामने एक छोटी बच्ची की चूत थी. मैं उसको चूसने लगा और वो डर रही थी. तभी किसी के आने की आवाज़ आई और मैंने उसको कपड़े पहनाये और चला गया. मैं बाज़ार गया और कंडोम ले आया. रात हो गयी थी और हम रोज़ रात को नीचे सोते है और आज मैंने नाना – नानी से कहा, कि आज रात हम दोनों ऊपर वाले कमरे में सोने वाले है और फिर मैं कुकी को लेकर ऊपर वाले कमरे में चले गया. रात होने का इंतज़ार किया. उसको भी नीद नहीं आ रही थी. मैंने कहा – चल चुदाई वाला खेल खेलते है. उसने भी हाँ में सिर को हिला दिया. रात हो गयी थी. मैंने बेडरूम का दरवाजा बंद किया और पूरा नंगा हो गया. अब मैंने उसके कपड़े भी उतारने चालू कर दिए और वो कुछ भी नहीं बोल रही थी. उसने वाइट कलर की कच्छी पहनी हुई थी. मैंने उसका टॉप उतारा और कुकी के बूब्स को अब मैं चूसने लगा. कुकी भी आँखे बंद करके मजे ले रही थी.

अब मैं उसकी चूत को चाट रहा था और उसकी चूत में से पानी निकल रहा था. कुकी के साथ किस्सिंग स्टार्ट की और मैं उसके होठो को चूस रहा था. मैंने उसको अपना लंड चूसने को बोला, तो वो डरने लगी. फिर उसने  थोड़ा सा लंड चूसा और हम दोनों अब एकदम पति – पत्नी की तरह सेक्स कर रहे थे. मानो की किसी का डर ना हो. फिर मैंने अपने लंड पर कंडोम चड़ाया और उसकी चूत पर तेल लगाया. और फिर मैंने उसकी चूत में अपना लंड डालना शुरू किया. कुकी की चूत बहुत ही छोटी सी थी और बहुत ज्यादा टाइट थी. मैंने बड़े आराम से धीरे – धीरे अपना लंड कुकी की चूत में डाला. उसको पहले ही बोला दिया था, कि दर्द होगा. तू चीखना मत. उसको दर्द हो रहा था. मेरा आधा लंड उसकी चूत में जा चूका था और वो बोल रही थी. भैया बस करो.. और नहीं… मैंने कहा – अभी तो चुदाई शुरू भी नहीं हुई है. अब मैंने और थोड़ा जोर से धक्के मार कर कुकी की चुदाई शुरू की. मैंने अब अपने लंड को अन्दर बाहर करना शुरू किया. क्या बताऊ दोस्तों, कितना मज़ा आ रहा था.

साथ – साथ में, मैं अपनी छोटी बहन के बूब्स भी चूस रहा था. फिर मैं ने पोजीशन चेंज की बट हम दोनों को ही सेक्स कोई एक्सपीरियंस नहीं था. इसलिए एक ही पोजीशन में सेक्स कर रहे थे. मैं झड़ गया था और फिर उसको किस करता रहा. मैंने कंडोम निकाल दिया और फिर सेक्स करने लगा. कुकी की गांड भी मारने की कोशिश की. पर नहीं कर पाया. फिर मैंने कुकी को टेबल पर लिटा दिया और खूब चोदा. मेरा लंड बिलकुल अन्दर तक जा चूका था और मुझे लग रहा था, कि मेरा लंड उसकी चूत में फस चूका है. लेकिन मैंने अपनी गांड का पूरा जोर लगा दिया और अपने लंड को मस्ती में अन्दर बाहर कर रहा था. अब वो भी शांत कर अपनी गांड हिला रही थी और मस्ती में मेरे धक्को का जवाब अपनी गांड को हिलाकर दे रही थी. उसकी आवाज़े और सिस्कारिया पुरे कमरे में गूंज रही थी और मस्ती में उसका मचलता हुआ शरीर मेरा जोश बड़ा रहा था. मैंने उसको मस्ती में पकड़ा हुआ था और मैं उसके कामुक गरम अंगो को मसल रहा था और उसको चोद रहा था. मैंने उसकी गांड पर भी अपना लंड रखा और एक धक्का मारा. लेकिन उसकी गांड उसकी चूत से भी ज्यादा टाइट थी और १० मिनट की कोशिश के बाद भी जब मैं अपना लंड अन्दर नहीं घुसा पाया, तो उसकी गांड मारने का विचार त्याग दिया और उसकी चूत पर ही टूट पड़ा.

मैंने पूरी रात जमकर उसकी चुदाई की और फिर हम ऐसे हो सो गए. सुबह जब उठे, तो हमारी पहली सुहाग रात पूरी हो चुकी थी. हमने कपड़े पहने और मैं वहां ४ दिन रहा और मैंने कुकी की रोजाना चुदाई की. फिर हमने एक दुसरे को अलविदा कहा और उसकी समझा दिया, कि हम दोनों के बीच जो भी हुआ, वो किसी को मत बताना. फिर लास्ट इयर २०१४ में फेसबुक पर मुझे मिली और मैंने उसकी फोटो देखी. वो और भी सेक्सी हो गयी थी. मैंने उसको फ़ोन किया और उससे मुझे लगा, कि वो सब कुछ भूल गयी है. लेकिन उसे सब कुछ याद था और अब उसका बॉयफ्रेंड भी है और वो उसके मजे लेता है और उसकी चुदाई भी करता है. उसने मुझे कहा, कि मैं ही उसका पहला सेक्स टीचर हु और उसे मेरे साथ किया सेक्स का हर लम्हा याद है और वो उस लम्हे को फिर से जीने के लिए तड़प रही है. अब वो दिल्ली में स्टडी कर रही है और इस साल मैं उस से फिर से मिलने जा रहा हु. वो फिर से मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार है. दोस्तों, वो कहानी मैं आपको फिर कभी जरुर बताऊंगा. अगर मैं उसको चोद पाया तो. थैंक्स.. कहानी पढ़ने के बाद.. मुझे अपने विचार जरुर बताये अपने कमेंट्स में.

पापा ने चूत और गांड लाल कर दिया चोद-चोद कर

पापा ने चूत और गांड लाल कर दिया चोद-चोद कर

Father Daugher Sex Story in Hindi : हेल्लो दोस्तों, मैं आप सभी का adultstories.co.in में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मेरा नाम झुम्पा शर्मा है। मैं पिछले कई सालों से एडल्ट स्टोरीज की नियमित पाठिका रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।

मैं अपने सगे पापा से फंस चुकी थी। हुआ ऐसा था की पापा ने पूरे घर में कैमरे लगवा दिए थे। मैं हरिद्वार के स्कूल में पढ़ रही थी। वही पर मुझे शराब और सेक्स की बुरी लत लग गयी थी। जब मुझे लंड खाने को नही मिलता था तब मैं चूत में ऊँगली कर लेती थी। मैंने कई बड़े डिलडो और वाईब्रेटर भी खरीद लिए थे और जब मुझे चुदाई की तलब होती थी मैं अपनी चूत में डिलडो या वाईब्रेटर डालकर मजा ले लेती थी। गर्मियों की छुट्टियों में मैं जब घर आई तो मुझे नही मालूम था की डैड ने पुरे घर में कैमरे लगवा रखे है। एक रात जब मैं डिलडो लेकर अपनी चूत चोदने लगी तो डैड ने मुझे देख लिया और मेरे कमरे में घुस जाए। मैं पूरे २० मिनट से अपनी चूत को डिलडो से चोद रही थी। अब मेरा माल छूटने वाला था। पर ना जाने कहाँ से डैड मेरे कमरे में घुसे चले आये। उनको देखकर मैं डर गयी पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

डैड के सामने ही मेरा माल छूट गया और कई पिचकारी मेरी पुसी से निकली। मैं बहुत शर्मिंदा थी।

“बेटी झुम्पा…..देखो जो तुम कर रही हो वो गलत है!!” डैड बोले

“….ओह्ह्ह्ह डैड मैं क्या करती। मुझे चुदाई की बड़ी जोर की तलब लगी थी। अब यहाँ कोई लड़का तो है नही जो मेरी रसीली चूत में लौड़ा दे देता। इसलिए मैं डिलडो का इस्तेमाल कर रही थी!!” मैंने सफाई दी

पर तभी डैड ने मुझे पकड़ लिया और मेरे होठो पर किस करने लगे। मुझे भी अच्छा लग रहा था। फिर डैड मेरे साथ बिस्तर में ही लेट गये और मेरे रसीले होठ चूसने लगे। आज वो अपनी सगी बेटी को चोदने वाले थे। मैंने कभी सोचा नही था की एक दिन मेरे डैड मुझे बजाएँगे। सायद उनको भी चूत की बहुत तलब लगी हुई थी। मैं पूरी तरह से नंगी थी और अपने बिस्तर पर पड़ी थी पर अब तो डैड भी मेरे साथ आकर लेट गये थे। उन्होंने मेरे दोनों हाथो को कसके पकड़ रखा था जिससे मैं उनको रोक न सकूं। वो तेज तेज मेरे रसीले और गुलाबी होठ चूस रहे थे। कुछ देर बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा और मैं भी डैड के होठ चूसने लगी। कुछ देर बाद उन्होंने मेरे रसीले होठ अच्छे से चूस लिए।

“बेटी झुम्पा …..चूत देगी???” डैड बोले

“हाँ जरूर डैड …..क्यूंकि मेरा भी चुदने का बड़ा दिल कर रहा है और यहाँ पर कोई जवान लंड भी नही है!! इसलिए आज मैं आपसे जरुर चुदूंगी!!” मैं बोली

फिर मेरे डैड ने अपनी शर्ट और जींस उतार दी। फिर बनियान, अंडरवियर और अपने जूते- मोज़े भी उतार दिए और पूरी तरह से नंगे होकर मेरे साथ बिस्तर में आ गये। ये बेड डैड ने मुझे मेरे पिछले बर्थडे पर गिफ्ट किया था। ये बेड बहुत बड़ा और आरामदायक था। हम बाप बेटी मजे करने लगे। डैड मेरे उपर लेट गये और मेरे नंगे जिस्म को उपर से नीचे तक सहलाने लगे। मुझे मजा आ रहा था।  फिर वो मुझ पर झुक गये और मेरे ताजे गुलाब से होठ चूसने लगे। आज मैं अपने सगे डैड से चुदने वाली थी। मैं पूरी तरह से नंगी थी और बहुत ही सेक्सी माल लग रही थी।

फिर मेरे डैड मेरे दूध चूसने लगे। मेरे मम्मे ३४” के थे जो बहुत ही गोल और सेक्सी बूब्स थे। डैड ने अपने दोनों हाथ मेरे बूब्स पर रख दिए थे और धीरे धीरे दबाने लगे थे। मुझे मजा आ रहा था इसलिए मैं“……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करके चिल्लाने लगी। डैड को भी भरपूर मजा मिलने लगा। वो मेरे रसीले बूब्स दबाने लगे और मुंह में लेकर चूसने लगे। मैं डैड के सिर के बालों में प्यार से अपने हाथ सहलाने लगी। आज मेरे सगे डैड ही अपनी बेटी को चोदने जा रहे थे। आज वो अपनी डाटर को फक करने जा रहे थे। मेरे डैड आज भी जवान थे और ४० साल के हस्त पुष्ट आदमी थे। मेरे बूब्स पीते पीते उनका लौड़ा खड़ा हो गया था और १२” लम्बा लग रहा था। मेरे मुंह में लौड़ा देखकर पानी आ रहा था क्यूंकि अभी मैं इसी लौड़े से चुदने वाली थी। मैंने अपने हाथ पैर खोल दिए और बेड पर सीधा लेट गयी जिससे मेरे डैड आराम से मेरे रसीले और गोलाकर बूब्स चूस सके।

वो मेरे आम को मजे से चूसने लगे। मेरी माँम घर पर नही थी वरना हम बाप बेटी की चुदाई कभी ना हो पाती। डैड मजे से मेरे बूब्स को मुंह में भरकर चूस रहे थे। मुझे फुल मजा मिल रहा था। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करके कराह रही थी और मजे ले रही थी। हम बाप बेटी घर पर पूरी तरह से अकेले थे और घर पर कोई भी नही था। आज मैं अपने डैड से चुदनेवाली थी। मेरी चूचियां ३४” की थी और बहुत बड़ी बड़ी और रसीली थी। डैड ललचा ललचाकर मेरे बूब्स चूस रहे थे। आज अपनी जवान बेटी को देखकर उनको गर्व हो रहा था। फिर मैंने उनको दोनों हाथो से पीठ से कसकर पकड़ लिया और सीने से चिपका लिया। वो मेरे मम्मे चूस रहे थे। मुझे मजा आ रहा था।

“बेटी आज मैं तुझे शीशे के सामने चोदना चाहता हूँ!!” डैड बोले

“ओके डैड ….आपका जैसे दिल करे वैसे मुझे ठोको!!” मैंने कंधे उचकाकर कहा

हम दोनों उठकर शीशे के सामने आ गये। मेरे कमरे में एक बहुत बड़ा शीशा लगा हुआ था जहाँ पर मैं मेकप किया करती थी। जैसे ही डैड मुझे शीशे के सामने लाए मैं शर्मा गयी। क्यूंकि मैं पूरी तरह से नंगी थी। मेरे सगे डैड मेरे सामने खड़े थे। मुझे शर्म आने लगी। मेरे डैड ने मेरी माँम को खूब चोदा था तब जाकर मैं पैदा हुई थी।  और आज वो मुझे चोदने वाले थे। आज मैं एक ४० साल के आदमी का मोटा और परिपक्व लंड खाने वाली थी। जब मैं शीशे में खुद को देखा तो मैं झेप गयी और अपनी चूत और दूध को छुपाने लगी।

“नही बेटी…अपनी चूत को मत छिपाओ!! यही तो तुम्हारी असली खूबसुरती है!!” डैड बोले

सामने शीशे में मेरी चूत साफ़ साफ़ दिख रही थी। सुबह ही मैंने अपनी चूत को क्लीन सेव किया था। मेरी चूत बड़ी गुलाबी गुलाबी थी जो सामने शीशे में दिख रहे थे। डैड ने मुझे पीछे से पकड़ रखा था और अपनी बाहों में भर रखा था। हम दोनों बड़ी देर तक खामोश रहे और शीशे के सामने खड़े रहे। डैड को मेरी चूत हर हालत में चोदनी थी, मैं ये बात जानती थी। उन्होंने शीशे के सामने ही अपने दोनों हाथ मेरी चिकनी, पतली दुबली और छरहरी कमर में डाल दिए और मेरे झुककर मेरे बाएं गाल पर किस कर लिया। मैं झेप गयी।

“बेटी…. तुम शीशे में नंगी कितनी अच्छी लगती थी। कितनी मस्त माल लग रही हो। कोई भी लड़का तुम्हारे यौवन पर मर मिटेगा!!” डैड बोले और शीशे के सामने ही मेरी चूत में ऊँगली करने लगे और सहलाने लगे।

“डैड…आप सिर्फ मेरी तारीफ़ कर रहे हो। पर आप भी इकदम अनिल कपूर जितने हॉट और सेक्सी लग रहे हो!!” मैं बोली।

फिर वो मेरे गाल पर किस करने लगे। बड़ी देर तक हम दोनों शीशे के सामने खड़े रहे और एक दूसरे के नंगे जिस्म को देखते और ताड़ते रहे। आज मुझे हर हालत में डैड का मोटा लंड खाना था। उन्होंने शीशे के सामने ही मुझे एक मेज से सहारा देकर खड़ा कर दिया और अपना घुटने के बल नीचे बैठ गये। और मेरी रसीली बुर पीने लगे। ओह्ह्ह …..मैं बता नही सकती थी की वो सब बहुत आकर्षक था। मैं खुद को शीशे में साफ साफ देख सकती थी। डैड मेरी चूत पी रहे थे। मैं उनके बालों में अपनी उँगलियाँ घुमा रही थी। डैड किसी चुदासे कुत्ते की तरह मेरी चूत चाट रहे थे। मैं “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हममममअहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करके तडप रही थी। ओह्ह कितना मधुर था ये मिलन।

डैड की लम्बी जीभ मजे से मेरी साफ चिकनी चूत को चाट, सहला और पी रही थी। दोस्तों मुझे फुल मजा मिल रहा था। मैं ऐश कर रही थी। मुझे इतना मजा तो डिलडो और वाईब्रेटर से भी नही मिलता। शीशे के सामने ही मैं अपने डैड को अपनी चूत पिला रही थी। इसी बीच मैं यौन उतेज्जना से पागल हुई जा रही थी। और मैंने अपनी एक टांग उपर को उठा दी। अब तो डैड को और अच्छा मौक़ा मिल गया था मेरी बुर चाटने का। उफफ्फ्फ्फ़….मैं तडप रही थी, काँप रही थी। मुझे झुरझुरी हो रही थी। डैड तो किसी चुदासे कुत्ते की तरह मेरी बुर चाट रहे थे। दोस्तों मैं फुल ऐश कर रही थी।

फिर डैड ने मुझे अपने आगे कर दिया और खुद मेरे पीछे खड़े हो गये। मुझे उन्होंने थोड़ा आगे को झुका दिया और मेरी चूत में अपना १२” लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगे। उफ्फ्फ्फ़…ये पहली बार था जब मैं शीशे के सामने खड़े होकर अपने सगे बाप से पेलवा रही थी। मैं लंड की प्यासी थी और आज कसकर चुदने के मूड में थी। डैड मुझे थोड़ा आगे झुकाकर पका पक पेलने खाने लगे। मैं शीशे के ठीक सामने खड़ी थी, डैड का लंड खा रही थी। ये बहुत रोमांटिक और जुनूनी था। डैड का लंड तेज तेज मेरी रसीली चूत की कुटईया कर रहा था। मेरे दोनों ३४” के दूध तेज तेज हिल रहे थे। हम बाप बेटी शीशे के सामने खड़े होकर ठुकाई का मजा ले रहे थे। मैं  “उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” करके चुद रही थी।

डैड ने मेरे दोनों हाथो को कंधे के पास से कसकर पकड़ रखा था और धांय धांय मुझे बजा रहे थे। आजतक मैं खड़े होकर कभी नही चुदवाया था और वो भी शीशे के सामने। दोस्तों डैड मुझे अमेरिकन स्टाइल में ठोंक रहे थे। दोस्तों फुल मजा आ रहा था। जादातर अमेरिकी ही शीशे के सामने खड़े होकर ठुकाई करते है। कुछ देर बाद तो मैं डैड के लौड़े का माल पूरी तरह से बन गयी और वो मुझे पीछे से गचा गच चोदने लगे। कुछ देर बाद डैड मेरी चूत में झड़ गये। डैड तेज तेज हाफ़ने लगे

“बेटी ….मजा आया???” डैड हाँफते हुए बोले। उनकी सांसें तेज चल रही थी। मुझे चोदने में उनकी काफी ताकत खर्च हो गयी थी। मैंने उसके माथे पर पसीना साफ़ साफ़ देख सकती थी। उनका चेहरा चुदाई करने के कारण तमतमा रहा था। वो एक स्ट्रोंग मैंन थे। मैं उनका मोटा १२ इंची लौड़ा खा चुकी थी और मजे लूट चुकी थी। मैं उनके लौड़े की दीवानी हो चुकी थी। अब भी उनके लौड़े से माल की बुँदे टपक रही थी।

“हाँ डैड …आपने मेरी चूत खूब बजाई। ओह्ह डैड यू आर सच इ मदरफकर!! यू फक ग्रेट!!” मैं कहा। डैड हंसने लगे।

“डैड …अब मैं आपका लौड़ा चूसूंगी। आप शीशे के सामने ही खड़े रहो!!” मैंने कहा

डैड शीशे के सामने ही खड़े हो गये। अब मैं जमीन पर बैठ गयी और उनका लौड़ा चूसने लगे। अभी अभी इसी लौड़े ने मुझे जन्नत का मजा दिला दिया था। मैं शीशे के सामने ही जमीन पर बैठकर डैड का लंड चूस रही थी। आज हम बाप बेटी ने सारी हदे पार कर दी थी। मैंने डैड का लौड़ा हाथ में ले लिया और मुंह में लेकर चूसने लगी। डैड मुझे प्यार कर रहे थे और मेरे सर को अपने हाथ से सहला रहे थी। मैं कोई वेश्या लग रही थी और अपने सगे बाप का मोटा लौड़ा चूस रही थी। मेरे कमरे में लगे शीशे के सामने ही खड़े होकर हम दोनों कांड कर रहे थे। मुझे मजा आ रहा था। हम दोनों फन कर रहे थे। डैड का लौड़ा बहुत मोटा था। वो ४० साल के हो चुके थे पर लौड़ा आज भी जवान और कसा था। डैड ने अपनी उम्र को थाम दिया था। डैड से वक़्त को चकमा दे दिया था। वो आज भी जवान थे। उन्होंने शीशे के सामने खड़े होकर मुझे २० मिनट बजाया था। ये कोई छोटी बात नही थी। अब मैं डैड के लौड़े को हाथ में लेकर फेट रही थी और मुंह में लेकर चूस रही थी। उसकी गोलियां तो बहुत बड़ी बड़ी थी जो नीचे को लटक रही थी। मैं डैड के लौड़े को मुंह में अंदर गले तक लेकर चूस रही थी।

“बेटी….मुझे तेरी गांड चाहिए” डैड बोले

“अभी….??”

“हाँ…” डैड बोले

उन्होंने मेरे कमरे में रखी बड़ी सी डाइनिंग टेबल को खीच कर शीशे के सामने कर दिया और मुझे उस ऊँची डाईनिंग टेबल पर लिटा दिया। फिर डैड नीचे झुक गये और मेरी गांड के छेद को पीने लगे। मैंने अपने स्कूल में चूत तो खूब मरवाई थी पर आज तक किसी लड़के से गांड नही मरवाई थी। ये मेरा फर्स्ट टाइम था। मैं खुद को शीशे में नहीं देख सकती थी क्यूंकि मेरा सिर डैड की तरह था। पर मेरे डैड मुझे शीशे में साफ साफ देख सकते थे। वो इस वक़्त मेरी गुलाबी गांड को अपने गुलाबी होठो से चूस रहे थे और मजा ले रहे थे। मैं अपने चुतड उठा रही थी। फिर डैड ने मेरी गांड पर अपना १२ इंची लौड़ा रख दिया और तेज धक्का मारा। मेरी गांड की सील टूट गयी और उनका लौड़ा अंदर घुस गया। मैं “…….उई—उई—उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” चिल्लाई। धीरे धीरे डैड मेरी गांड लेने लगे। मुझे बहुत दर्द हो रहा था। डैड मुझे शीशे में देखकर पेलने लगे। मैंने अपने दोनों पैर उपर की तरफ उठा रखे थे। डैड सट सट मेरी गांड चोदने लगे। वो शीशे में देखकर मेरी गांड मार रहे थे। उनको तो मजा आ रहा था, पर मेरी तो गांड फटी जा रही थी। “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..”  मैं चिल्ला रही थी। डैड ने १ घंटे मेरी गांड चोदी और माल मेरे मुंह पर झार दिया। उस रात के बाद से हम बाप बेटी जब दिल करता है शीशे के सामने खड़े होकर चुदाई कर लेते है और मजे उड़ा लेते है।

ज्वार के खेत में कुंवारी बुर को लंड से खोला

ज्वार के खेत में कुंवारी बुर को लंड से खोला

एडल्ट स्टोरीज हिंदी में पढ़ें कि लॉकडाउन में मैंने अपने पड़ोस की कुंवारी लड़की को अपनी चाची की मदद से पटा कर खेतों में बुलाकर चोद दिया.

दोस्तो, मेरा नाम शैलेश है। (काल्पनिक नाम)

मैं हरियाणा में रोहतक के पास एक गांव है, वहाँ का रहने वाला हूं।
मेरी उम्र 21 साल है और हम तीन भाई हैं जिनमें मैं सबसे बड़ा हूं।

मैं देखने में ठीक ठाक हूं, मेरा कद 5’6″ है और मेरे लन्ड का साइज 6 इंच है।

मुझे अन्तर्वासना बहुत पसंद है.
यह हरियाणा सेक्स कहानी तब की है जब मैं अपना डिप्लोमा करके अपने गांव में 2 साल बाद वापिस आया था।

मेरे पड़ोस में एक निकिता नाम की एक लड़की रहती है, वह दिखने में बहुत ही सैक्सी है।
मैं कभी उस पर ध्यान नहीं देता था।
वो भी कॉलेज में बी. काम की पढ़ाई करती है, उसकी उम्र 19 साल है।
उसका फिगर 32-28-32 होगा क्योंकि वो कुंवारी है।

उसका गोरा रंग मानो किसी को भी मोह ले।

उसके घर में उसके मम्मी पापा और उसके दो बड़े भाई थे जिनमें से एक लव मैरिज करके दिल्ली में सेटल हो गया था।
उसके पापा ट्रक ड्राइवर हैं तो अक्सर बाहर ही रहते हैं।

घर में उसका बीच वाला भाई और उसकी मम्मी और वो ही रहते है। शुरू से हम दोनों साथ में ही खेला करते थे।
2020 मार्च में लॉकडाउन लगने के कारण वो भी घर पर ही रहने लगी।

वह कई बार मेरे घर पर आती तो मुझे अजीब तरह से देखती.
पर मैं उस पर ध्यान नहीं देता था।

एक दिन वो मेरे घर पर आई तो उस टाइम मेरे घर पर मैं अकेला था और फोन में यूट्यूब पे वीडियो देख रहा था।

उसने पूछा- शैलेश, तुम्हारी मम्मी कहाँ है?
तो मैंने कहा- वो तो बाहर गई हुई हैं. अगर कुछ काम है तो बता दो, मैं बता दूंगा।
वो बोली- नहीं उन्हीं से काम था।
मैं बोला- ठीक है!

वो बोली- फोन में क्या करता रहता है सारा दिन?
मैंने कहा- कुछ नहीं. ऐसे ही मूवी देखता रहता हूं.

उसने पूछा- कोई गर्लफ्रेंड बनाई बाहर जाकर?
मैंने कहा- गर्लफ्रेंड कहाँ है हमारी किस्मत में!
उसने बोला- हो जायेगी।

यह बात उसने थोड़े अजीब ट्रिक से की.
मैं समझ गया कि ये लडकी कुछ चाहती है।

खेत में कुंवारी चूत को चोदा

हमारे पड़ोस में चाची रहती है। उससे मैं बहुत खुला हुआ हूँ जिससे मैं अपने सारी बातें बताया करता था।

तो एक दिन मैंने उस चाची सारी बात बताई और बोला- चाची, निकिता से मेरी सेटिंग करवा दो।
पहले तो उसने मना किया।
फिर मेरे बहुत कहने पर उसने हामी भर दी।

उसने कहा- मैं पूछ कर बताती हूं।

उस रात मुझे नींद नहीं आई क्योंकि आज तक मैंने किसी लड़की को टच नहीं किया था।

2 दिन बाद चाची घर पर आई और बोली- मैंने तेरा काम करवा दिया है.
और उसने मुझे निकिता का नंबर लाकर दे दिया।

मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था।

चाची ने बताया- शाम को वो कॉल करेगी।
मैंने कहा- ठीक है।

शाम को करीब 6 बजे उसका एक अज्ञात नंबर से मुझे फोन आया.
मैंने पिक अप किया.
तो वह निकिता का ही फोन था।

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं उससे कैसे बात करूं; मेरे मन में घबराहट सी हो रही थी।

फिर मैंने उससे पूछा- क्या तुम भी मेरे से बात करना चाहती थी?
उसने कहा- हां, मैं तो तुम्हें बहुत दिन से लाइन दे रही थी. पर तुमने कभी नोटिस ही नहीं किया।

मैंने कहा- अच्छा जी, ऐसी बात है क्या!

उस दिन सिर्फ हमारी नॉर्मल बातें हुई।

उसने बताया- कॉल मैं खुद करूंगी, तुम मत करना. मेरा भाई मेरा फोन चेक करता रहता है।
मैंने कहा- ठीक है।

फिर हमारी डेली बातें होने लगी।

बीच बीच में मैं गंदी बातें भी करता था. उससे उसे भी मजा आने लगा।
और कभी हम घर पर अकेले होते तो सेक्स चैट भी करते थे।

वो कितनी देखने में सुंदर थी, उतनी ही ज्यादा सेक्सी बातें भी करती थी।

एक दिन उसका फोन आया तो मैंने उसे एक मैंने कहा- आज तुम किसी अलग कमरे में सोना. आज रात हम वीडियो कॉल पर बात करेंगे.
उसने बोला- ठीक है।

फिर रात को उसकी वीडियो कॉल आई।
मेरे मन में मानो खुशी की कोई हद ही नहीं थी।

मैंने कुछ देर तो ऐसे ही बात की.
फिर मैंने उससे पूछा- आज तक तुमने कभी सेक्स किया है?
तो उसने मना कर दिया, बोली- नहीं, मैंने आज तक सेक्स नहीं किया।

मैंने कहा- तुम मुझे अपनी चूची दिखा दो!
पर उसने मना कर दिया.

फिर मेरे 2-4 बार कहने से वो मान गई, उसने अपना शर्ट ऊपर करके मुझे चूची दिखाई।
निकिता की नंगी चूची देख कर मेरा लन्ड खड़ा हो गया.

मैंने उसे अपना लन्ड दिखा दिया.
मेरा खड़ा लंड देखकर उसकी आंखें खुली की खुली रह गई और बोली- हाय राम … इतना बड़ा?

मैंने उससे कहा- अपनी चूत के दर्शन और करा दे!
फिर उसने अपने सलवार उतार अपनी चूत दिखाई.

उसकी चूत बिल्कुल गुलाबी थी और उसने अपनी झांटें कुछ दिन पहले ही काटी थी.

अब मैंने कहा- अपनी चूचियों को दबाओ!
वो अपने उरोज दोनों हाथों में पकड़ कर दबाने लगी.

कुछ देर बाद उसकी सांसें तेज होने लगी।
मैंने उससे कहा- रूम की लाइट ऑन कर ले!

अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी तो उसने लाइट ऑन की.

तब मैंने उसके सारे कपड़े उतरवा दिए. वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी.

अब मैंने उसे उसकी चूत में उंगली करने को बोला.
वो अपनी चूत में धीरे धीरे उंगली डालने लगी।

मैंने तेज करने को बोला तो कहने लगी- दर्द हो रहा है!
अब मुझे पता चल गया कि वो वर्जिन है।

“आह आ … दर्द हो रहा है आ …” वह सिसकारियां भर रही थी।
फिर वो एकदम ढीली पड़ने लगी.

मैं समझ गया कि अब वो झड़ गई है. और उस रात मैंने भी मुठ मारी और फिर हम सो गए।

अगले दिन उसका दिन मैं फोन आया.
तो मैंने पूछा- रात को तुझे मजा आया?
वह खुश होकर बोली- मुझे क्ल रात बहुत मजा आया।

मैं समझ गया कि अब ये कुंवारी लड़की अपनी बुर चुदाई के लिए तैयार है।

पर उस टाइम लॉकडॉउन लगा हुआ था तो कहीं बाहर भी नहीं जा सकते थे।

मैंने कहा- अगर तुम्हें मजा आया तो क्यों ना हम दोनों कहीं बाहर मिलें?
तो उसने हां कर दिया.

अब वो भी बुर चुदाई के लिए उत्सुक हो रही थी.
उसने बोला- कल मेरी मम्मी मेरे मामा के घर पर जा रही हैं। क्यों ना हम हमारे खेत में मिलें?

उनके खेत गांव से 2 किलोमीटर दूर हैं।
उसने कहा- कल मैं अकेली जाऊंगी ज्वार लेने! मैं जाने से पहले तुम्हें कॉल करूंगी। तुम मुझे वहीं पर मिलना।

मुझे शुरू में तो डर लगा।
पर चूत भी तो चाहिए थी.
तो सोचा इतना रिस्क को लेना ही पड़ेगा।
मैंने कहा- ठीक है।

मैं उससे पहले ही उसके खेत में जा कर बैठ गया।

मैंने उससे दूर से ही आती देख लिया. उसे देखते ही मेरा लन्ड खड़ा हो कर सलामी देने लगा।
उसने भी मुझे देख लिया और उसके चहरे पर एक हल्की सी मुस्कान आ गई।

मैंने चारों तरफ देखा और मैं उसे ज्वार के खेत में ले घुसा।

वह अपने साथ एक ओढ़नी भी लाई थी ज्वार बांधने के लिए!
उस ओढ़नी को हमने नीचे बिछा लिया।

अब हम पूरी तरह से तैयार थे।
मैं सीधा उसके गुलाबी होंठों को पागलों की तरह चूमने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी.
फिर मैं अपनी जीभ को उसके मुंह में डाल देता कभी उसकी जीभ मेरे मुंह में आ जाती!

साथ के साथ उसके बोबे भी दबा रहा था।

उसके हाथ मेरे बालों में थे।
अब मैंने उसका एक हाथ लिया और अपने लन्ड पर रख दिया।

उसकी आंखें एकदम चौंधिया गई. और फिर वो मेरे लन्ड को सहलाने लगी।

अब मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोला और चूत को सहलाने लगा. साथ साथ मैं उसे किस भी कर रहा था।

उसने काले रंग की ब्रा और पैंटी पहन रखी थी … मानो वो परी जैसी दिख रही हो।
उसकी चूत गीली हो चुकी थी।

अब मैंने उसके सारे कपड़े निकलवा दिये और अपने भी सारे कपड़े निकाल दिए।
हम दोनों बिलकुल नंगे थे।

मैंने उसे लन्ड मुंह में लेने को बोला.
उसने मेरे लन्ड के टोपे को मुंह में ले लिया. मैंने पहली बार लन्ड को किसी के मुंह में डाला था. मुझे तो लगा कि मानो मैं स्वर्ग में चला गया हूं।

उस दिन वह चूत बिल्कुल साफ करके आई हुई थी।

अब मैंने भी उसकी चूत चाटनी थी तो हम 69 की पोजिशन में आ गए.
वह मेरा लन्ड चूस रही थी और मैं उसकी कुंवारी बुर चाट रहा था।
मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से चोद रहा था और उसके मुंह से हल्की हल्की सिसकारियां भी निकल रही थी।

अब हम दोनों झड़ने वाले थे।
2 मिनट बाद हम झड़ गए.

मैं उसकी चूत का सारा पानी पी गया. उसकी चूत का स्वाद नमकीन था.
और उसने मेरा सारा वीर्य पी लिया।

अब हम दोनों लीप किस करने लगे.
थोड़ी देर बाद मेरा लन्ड फिर उठ खड़ा हुआ।

फिर मैंने उसे ओढ़नी पर लेटाया और उसके ऊपर आ गया।
मेरा लन्ड उसकी चूत में जाने के लिए तैयार हो गया था.

मैंने अपना लन्ड उसकी चूत के ऊपर शुरू कर दिया.
वो मानो पागल सी हो रही थी जोर जोर से सिसकारियां ले रही थी।

फिर वो बोली- अब रहा नहीं जा रहा … डाल दो मेरी चूत में!

तभी मैंने उसकी चूत पर अपना गर्म लंड रखा. पर उसकी चूत टाइट होने के कारण अंदर नहीं जा रहा था.
फिर मैंने थूक लगाया और जोर लगा कर एक झटका मारा.

मेरे लन्ड का टोपा उसकी चूत में चला गया.
वर्जिन होने की वजह से उसे बहुत दर्द हो रहा था और उसकी चूत से खून भी निकल रहा था.

मैं समझ गया कि उसकी सील टूट चुकी है पर मेरे लंड में भी दर्द होने लगा था.
मैंने एक और झटका मारा तो आधे से ज्यादा उसकी चूत में मेरा लन्ड जा चुका था क्योंकि उसकी चूत बिल्कुल गीली हो रही थी।

इतने वो चिल्लाने की कोशिश करती, मैंने उसके होठों से अपने होंठ चिपका दिए और तीसरे झटके में मेरा 6 इंच का लन्ड उसकी चूत में समा गया.
उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे.
पर मैं उस पर ध्यान न देते हुए अपना लंड धीरे धीरे उसकी फटी चूत में आगे पीछे करने लगा।

मैं अपने दोनों हाथों से उसकी चूची दबाता रहा।
उसकी चूची मुझे मानो मक्खन जैसी लग रही थी.

अब उसका दर्द कम होने लगा था तो उसे भी मजा आने लगा.
अब वो भी मेरा कमर उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी, जोर जोर से सिसकारियां भी भरने लगी- आह शैलेश … फाड़ दो मेरी चूत!
मैं भी बोला- बहन की लोड़ी … आज मैं तेरी चूत बिल्कुल फाड़ दूंगा।

और मैं जोर जोर झटके मार रहा था।

अब मैंने उसे अपने ऊपर ले लिया और उससे बोला- मेरे लौड़े पर बैठ जा!
वो मेरे लन्ड पर बैठ गई और मजे से उछल रही थी.
मैं मानो जन्नत में था।

वो अब दूसरी बार झड़ने वाली थी पर मेरा अभी बाकी था.

करीब 10 मिनट तक चली जबरदस्त चुदाई के बाद मैं भी झड़ने वाला था, मैंने अपना सारा गाढ़ा माल उसकी चूत में ही निकाल दिया।

5 मिनट तक मैं उसके नंगे जिस्म के ऊपर ही लेटा रहा और उसके बोबे चूसता रहा।

अब मैंने उससे उसकी गांड मारने को बोला.
पर उसने मना कर दिया, बोली- मुझे पहले ही बहुत दर्द हो रहा है. अब अगर पीछे गांड में भी करोगे तो मुझसे चला भी नहीं जायेगा. और मुझे भैंसों के लिए चारा भी तो लेकर जाना है.
तब मैंने कहा- ठीक है।

और मैंने देसी लड़की की गांड चुदाई का विचार फिलहाल के लिए छोड़ दिया.

मेरा लन्ड फिर खड़ा हो गया और मैंने 20 मिनट तक फिर से उसकी चूत चुदाई की।

फिर हम दोनों ने कपड़े पहने, उसे खड़ी होने में थोड़ी दिक्कत आ रहा थी।
उसने कहा- अब तुम घर जाओ. कहीं किसी ने देख लिया तो गलत हो जायेगा. मैं तुम्हें घर जाकर फोन करती हूं.

और फिर मैं अपने घर पर आ गया.

करीब 30 मिनट बाद उसका फोन आया तो मैंने उसे पूछा- तुझे मजा आया आज की चुदाई में?
तो वो शर्मा गई और हंस पड़ी.

मैं समझ गया कि मैंने उसे आज अच्छी तरह से खुश कर दिया।

उसके बाद हमने बहुत बार चूत चुदाई के मजे किए।

अब जब भी वो कभी शहर जाती तो मुझे बता देती और हम बार बार चुदाई के मजे लेते।

मेरी सगी बहन की चूत गांड मारी

मेरी सगी बहन की चूत गांड मारी

Adult Stories मेरी शादीशुदा बहन की चूत और गांड मारने की है. वो कुछ दिन के लिए रहने आई थी. एक दिन मैंने उसे चूत में नकली लंड डालते देखा.

मेरा नाम है यश और मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं.
मैं यहां अपनी पहली कहानी बताने जा रहा हूं.

Adult Stories बताने से पहले मैं मेरी बहन के बारे में कुछ बता दूँ.
मेरी बहन की शादी हो चुकी है.

वो दीखने में बहुत ही सुन्दर और सेक्सी है और उसके बड़े बड़े बूब्स और उनके ऊपर गुलाबी निप्पल … हाय हाय … बहुत अच्छा लगता है.
उसकी फिगर 28 – 30 – 32 की होगी.

तो अब कहानी पर आते हैं.

बात है उन दिनों की है जब मैं 21 साल का था और मेरी बहन 25 साल की थी.
जब से मैंने मेरी बहन के स्तन देखे हैं, तब से मुझे अपनी बहन को चोदने की इच्छा हो गई थी.

एक दिन जब मेरी बहन का फोन आया तो मैंने फोन उठाया.
तो वो बोली- कैसा है मेरे छोटे भाई?
मैंने कहा- मैं बस ठीक हूँ दीदी.

तो मेरी बहन बोली- मेरे भाई को मेरी याद आती है या नहीं?
मैंने कहा- बहना … बहुत याद आती है तेरी … रोज आती है याद!

तभी मैंने दीदी को कहा- घर कब आयेंगी आप?
तो वो बोली- मैं तो कल दोपहर में ही आने वाली हूं.
मैंने कहा- जीजू भी आने वाले हैं क्या?
तो वो बोली- नहीं. अभी तो मैं अकेली ही आऊंगी.

मैंने कहा- ठीक है. आप आ जाओ!
तो मेरी बहन बोली- लेकिन तुम मम्मी पापा को बताना नहीं कि मैं आने वाली हूं. मैं उन्हें सरप्राइज देने वाली हूं.
मैंने कहा- ठीक है, जैसा आप कहो!

तो दूसरे दिन दोपहर को मेरी बहन हमारे घर आ गयी.
उस दिन मैंने भी स्कूल की छुट्टी ली हुई थी.

मैं तो अपनी बहन को देखते ही रह गया.

क्या बताऊं दोस्तो … मेरी बहन गुलाबी रंग की साड़ी में लिपटी हुई एकदम माल लग रही थी.
मेरा जी तो कर रहा था कि मैं उसे वहीं पटक कर चोद दूँ!

लेकिन फिर मैंने अपने आप से कहा- सबर कर … सबर का फल मीठा होता है.

फिर तो मैंने अपनी बहन के नाम के कई बार मुठ मारी.

लेकिन अब मैं उसे किसी रन्डी की तरह चोदना चाहता था.

तो अब मैं अपनी बहन की चूत को चोदने का प्लान बनाने लगा.
लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आया कि मैं क्या करूं!

इस तरह की काफी दिन बीत गए.

‌लेकिन अब मेरी किस्मत बदलने वाली थी.

तो एक दिन मैं रात को नहाने मेरे रूम के बाथरूम में गया.
15 – 20 मिनट के बाद नहाने के बाद मैं बाहर निकला तो मेरी बहन मेरे रूम में आई और उसने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया.

मेरी बहन को देख कर मैं वापस बाथरूम में चला गया और बाथरूम का दरवाजा आधा खोल कर अपनी बहन को देखने लगा.
पहले तो मेरी बहन अन्दर आकर बैड पर लेट गई और उसके हाथों से अपने स्तन खोलकर कामुकता से दबा रही थी.

कुछ देर बाद वो अब अपनी साड़ी उतार रही थी.

मेरी बहन ने काले रंग की ब्रा और पैंटी पहनी थी.

और मैं बाथरूम में मूठ मारने लगा
शायद मेरी बहन को लग रहा था कि उसे कोई नहीं देख रहा.

फिर उसने अपनी पैंटी उतारी और उसकी चूत नंगी हो गयी. तभी वो नकली लंड से अपनी चूत सहलाने लगी.

ये सब देख कर मेरा बुरा हाल हो गया.
और यही मौका था मेरे पास अपनी बहन को चोदने का!

तो फिर मैं पूरा नंगा बाथरूम में से बाहर आ गया.
मेरी बहन मुझे देख कर चौंक गई और अपने आप को ढकने लगी और कहने लगी- तुम यहां पर कैसे?
तो मैंने कहा- बहना, आप यह सब क्या कर रही थी?
वो घबरा कर इधर उधर देखने लगी, कुछ बोली नहीं.

तो मैंने कह दिया- दीदी, मुझे आपके साथ सेक्स करना है.
तब दीदी ने मेरी तरफ देखा और मेरी बहन मेरे लौड़े को देख कर चौंक गई और कहने लगी- हम दोनों भाई बहन हैं. सगे भाई बहन … हमें यह सब नहीं करना चाहिए!

तो मैंने कहा- मादरचोद रंडी … तुम तुम्हारी प्यास बुझाने के लिए यह सब कर सकती हो. तो मेरा क्या … मुझे भी मौका दो सेक्स करने का! नहीं तो मैं सबको बता दूंगा. यहां तक कि तुम्हारे घर वाले को भी बता दूंगा.

तब मेरी बहन कहने लगी- नहीं नहीं भाई, तुम्हें मेरी कसम. किसी को भी मत बताना. तुम जैसा बोलोगे, मैं वैसा करने के लिए राजी हूं, तैयार हूं. जो चाहे वह कर लो मेरे साथ तुम!
तो मैंने कहा- यह हुई ना बात रंडी सी प्यारी बहना!

फिर मैंने कहा- चलो अब खड़ी हो जाओ और मेरे पास आओ!

उसके बाद मैंने अपनी बहन को चूमना चालू किया
मैं कभी उसके होठों को काट लेता.
मैंने उसके होठों से खून भी निकाल दिया था.

और वह कामुक आवाज निकाल रही थी- आहं … आंह … चूसो … चूसो मेरे होंठ को और जोर से चूसो!
फिर उसके बाद मैंने अपनी बहन के ब्रा और पेंटी अपने हाथों से उतार दी.

और उसके बाद मैंने अपनी बहन के स्तनों को चूमना चालू किया.
धीरे-धीरे मैंने उसकी कमर को चाटना चालू किया, चूमना चालू किया. फिर उसके बाद उसकी चूत को भी चूमना चालू किया, उसकी जांघ को, उसके पैरों को चाटना चालू किया.

फिर मैंने उसे कहा- अब तुम नीचे बैठ जाओ और मेरा लौड़ा चूसना चालू करो!
तो वह कहने लगी- नहीं नहीं, मैं यह सब नहीं करूंगी.

तब मैंने कहा- रंडी साली मादरचोद … तू पहले नीचे तो बैठ!

उसके नीचे बैठते ही मैंने उसके बाल पकड़ लिए और जोर से खींचे और कहा- जल्दी से ले इसे अपने मुंह में … इसे चूस और मुझे आराम दे जल्दी!
मेरे गुस्सा करने के बाद वह मेरे लोड़े को चूसने लगी.

मेरी बहन मेरे लोड़े को इस तरह चूस रही थी जैसे कि वह उसे खा जाएगी.
थोड़ी देर बाद उसने अपने भाई का लंड चूसना बंद किया.

फिर मैंने भी कहा- ठीक है, काफी चूस लिया.

तब मैंने कहा- चलो मेरे साथ बाथरूम में!
वह बोली- क्यों? बाथरूम में क्या करना है?

तो मैंने वापिस कहा- तुम चलो तो सही मेरी जान!
इस पर वह थोड़ी मुस्कुरा दी.

हम बाथरूम में आ गए
हमारे बाथरूम में टॉयलेट भी अटैच है और टॉयलेट वेस्टर्न है.

मैंने अपनी बहन को कहा कि एक पैरे कमोड के ऊपर रख दो.
तो उसने पैर रख दिया कमोड पर!

उसके बाद मैं नीचे को बैठा और अपने हाथों से उसकी गांड को फैला दिया और उसकी चूत, और गांड चाटना शुरू कर दिया.

मैं बिल्कुल कुत्तों की तरह चाट रहा था और स्वाद ले रहा था.
क्या मजा आ रहा था!

और वह भी अपने गांड को मटका रही थी- जोर से भाई … और जोर से चाटो … मैं एक रंडी हूं!
अब मेरी बहन मुझसे कह रही थी- भाई, मुझसे आप कंट्रोल नहीं हो रहा … अपना गरम औजार अपनी बहन की चूत में घुसा दो!
मैंने कहा- हां मेरी जान मेरी रंडी बहना! तुझे तो मैं आज पूरे जन्नत की सैर कराऊंगा.

और उसके बाद मैंने उसकी गांड और चूत पर बहुत सारा थूक फेंक दिया.
मैंने उसे कहा- आगे की ओर थोड़ा झुक जाओ.

और उसके बाद मैंने अपना लौड़े का टोपा उसकी चूत पर रगड़ना चालू किया.
मेरी प्यारी बहना कहने लगी- भाई, क्यों तड़पा रहे हो अपनी सेक्सी बहन को! लंड अंदर डालो ना!
तो मैंने कहा- ठीक है ठीक है, डालता हूं लंड तेरी चूत के अंदर!

मैंने थोड़ा धीरे से झटका दिया और मेरे लोड़े का टोपा आधा मेरी बहन की चूत के अंदर घुस गया था.
तो मेरी बहन दर्द से कराह गई- आहह हह उह!
और कहने लगी- भाई, थोड़ा धीरे करो!
मैंने बोला- चुप कर रंडी! अब तो मैं अपने मन की करूंगा. मनमर्जी से बहन की चूत मारूंगा.

मैंने तो जोर जोर से झटके मारना चालू कर दिए और अपनी बहन की गांड पर चमाट मारना शुरू कर दिया.

इसकी वजह से मेरी बहन की गांड पूरी तरह से लाल हो चुकी थी.
और मैं अभी भी जोर-जोर से अपने गर्म औजार से उसकी चूत में धक्के मार रहा था.

मेरी बहन के स्तनों को मैंने दबा दबा कर पूरा निचोड़ दिया.
इससे मेरी बहन की आंखों में से आंसू भी आ रहे थे, वो बोल रही थी- भाई थोड़ा धीरे करो!
पर मैं कहां मानने वाला था!

इस दौरान मेरी बहन एक बार झड़ चुकी थी और कहे जा रही थी- भाई, मुझे और चोदो … और चोदो … फाड़ डालो मुझे … और चोदो और चोदो!
अब मैंने कहा- मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.
तो वह घबरा गई- क्या भाई? नहीं पीछे नहीं!
मैंने कहा- मेरी जान, बहुत ही प्यार से मारूंगा तेरी गांड मैं!

तो वह थोड़ी ना नुकुर के बाद मान गई.

मेरे बेडरूम में जाकर मैं तेल लेकर आ गया.
फिर मैंने अपनी बहन की गांड पर बहुत सारा तेल लगाया. इससे उसकी गांड एकदम चिकनी हो चुकी थी.

और थोड़ा तेल मैंने अपने लोड़े पर भी लगा लिया.

फिर मैंने अपना लंड हाथ में पकड़ा और अपनी बहन की गांड के छेद पर लगाया और धीरे से झटका दिया.
लेकिन मेरा लौड़ा उनकी गांड के छेद में घुसा नहीं!

तो मैंने और इस बार जोर से धक्का दिया तो आधा लोड़ा मेरी बहन की गांड के छेद में घुस गया.

इससे उसे बहुत दर्द हुआ, वह रोने लग गई और जोर-जोर से चीखें निकालने लगी.

उसके चीखें निकालने की वजह से मैंने अपना हाथ उसके मुंह पर रख दिया.
फिर मैंने वापस से जोर से और एक धक्का दिया.
इसी के साथ मेरा पूरा लौड़ा उसकी गांड के छेद में पूरा का पूरा समा गया और उसके बाद मैंने धक्का मारना शुरू किया.

थोड़ी देर बाद मेरी बहन को भी मजा आने लगा और वह कामुक आवाज निकालने लगी- आह हहह!
और कहने लगी- भाई और डालो … और डालो … फाड़ डालो अपनी बहन की गांड को!

मेरी बहन का ऐसा कहने से मेरा जोश और भी बढ़ गया था तो मैंने धक्के बहुत जोर जोर से लगाने शुरू कर दिए.
और अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उसे कहा- मेरा सारा माल कहां पर निकालूं?
तो उसने कहा- मेरे मुंह पर डाल देना!

मैंने वैसा ही किया.

कम से कम 8-10 मिनट तक लगातार झटके मारने के बाद मैंने अपना लंड उसके छेद में से निकाल लिया और सारा माल उसके मुंह पर डाल दिया.
और मेरी बहन सारे माल को मुंह में रखकर उसके साथ खेलने लगी.

उसके बाद मैंने कहा- मेरे लोड़े को थोड़ा साफ कर दो अपने मुंह में लेकर!
तो हॉट सिस्टर ने वैसा ही किया, मेरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगी.

ऐसी जोरदार चुदाई के बाद मेरी बहन को चलने में दिक्कत होने लगी थी.
पर वह भी 2-3 दिनों के बाद ठीक हो गई.

Air Hostess Ki Mast Chudai ki kahani

Air Hostess Ki Mast Chudai ki kahani


Ab main sex stories in hindi pe aata hoon mera age 23 hai me ek handsome ladka hoon, mene kabhi mere lund ka size napa nahi lekin yakin ke sath keh sakta hoon ki wo kisiko bhi satisfy kar dunga.

Jo airhostess thi dosto kya maal thi yaar 1 no, uska name nisha tha jaise flight me enter kiya sab log usko gur gur ke dekhne lage, uski age 27, size 38″ 36″ 38 ki thi, mera lund to bhar aane ke liye fanfane laga lekin mene control kiya.

Koi bhi sexy house wife, bhabi, unmarried, college ladki mujse sex karna chahti ho turant mere email-id par mail kare maan bharke chudai karunga aapki dosto email pe name change hai.

Phir story pe chalte hai, thode der baad flight chalu ho gayi, wo sabko muskura kar dekh rahi thi aur snack’s & drink de rahi thi, jaise wo mere pass aayi mujhe current sa lag gaya kya perfume tha uska me usko smile di aur uske ball dekhte reh gaya.

Thodi der baad wo boli excuse me sir mene kaha ha boliye usne kaha kya hua? Koi dikkat hai? Mene kaha kuch nahi wo to me appko dekh raha tha kyoki aap bahut khubsurat ho to hasne lagi aur kaha thank u, agar kuch help chayie to bula lena, mene kaha thik hai, raat ke 12 baj rahe the meri flight uk ki thi to pura din flight se hi gujarne wala tha.

Air Hostess Ki Chudai ki kahani


Raat ko dhire dhire sab passenger sone lage, nisha apne staff ke sath cabin me thi me uske aane ka wait karne laga thodi der baad wo round mare aa gayi me usse pass bulaya mere lund meri pant se fanfanata hua khada ho gaya, usne wo notice kiya aur halke se smile kiya me samaj gaya.

Mene usse kaha,kya mujhe 1 glass dhudh milega usne kaha thik hai aur wo dhudh lane chali gayi, mera lund out of control hua, phir mene apna lund chain kholkar bhahar nikala aur uske yaad me hila raha tha.

Achanak nisha as gayi mene apna lund tishu paper se chupa liya aur dhudh ka glass uske hath se lete samay uske janbujkar hath hataya aur sara dhudh mere pant per gir gaya.

Phir mene usse gurte dekha usne fatak se sorry kaha mene kaha it’s ok aur wo saaf karne lagi phir wo niche jhukkar pant saaf karte waqt usse mera khada lund mehsoos hua mera lund pura tan gaya aur wo dekhte hi reh gayi phir sharmate hue jane lagi to mene uska hath pakdte apne taraf khich liya.

Aur uske ball dono haato se dabaya, gand dabaya wo siskariya waha se bhagne ki koshish kar rahi thi par me usko jakhad liya tha, mene passenger ko dekha sab ghere neend me the.

Phir mene uska boobs dono haato se dabata ja raha tha gand shehela raha tha wo aah aah aau aau uee use dhire karo na puri laal ho gayi thi phir mene uske half knit ke andar hath dalkar uski chaddi ke andar ungli dala to usse uccha padi boli uee ma mar gayi uski chut bhigi hue thi par dosto kya ball aur chut thi uski jaise koi amul ki ghee, malai bharfi.

Phir mene usko pura nanga karke uski gand jo ek sofe ki tarah soft thi usko mere lund pe rakh kar bada diya aur gheesne laga seat hill rahi thi sath hi uske boobs bahut jor jor se daba raha tha mene kaha mujhe garam dhudh ki jaroorat hai energy ke liye wo hass padi boli lelo mere raja pure raat pilo garam dhudh aur mujhe janaat ka sukh dilao.

Phir me usko uppar nich karke fat fat fat fat dhakke mar raha tha, wo use aah aah aah aah aah fuck me vivek fuck me harder aur jor se aaha aah ahh mar gayi aur wo 2 baar me 1 baar jhad gaya. Humne apne appko chaddar me dhak liya tha taki koi dekh na sake, flight main total 8 airhostess thi usme nisha ke room partner 3 lady airhostess thi.

Usme ek airhostess ka birthday tha to wo sab nisha ko dekhne aaye, nisha to mere lund se chudte ja rahi thi ye sab dekh kar wo mere pass aaye me to dar gaya aur nisha unko aakh marte hue boli kya hua dosto me thodi entertainment kar rahi hoon to wo sab haas pade.

Wo sabhi ladkiya kya maal thi dosto ek se badkar ek mano asman se pariyoki bhauchad hue ho, me to unko dekhta reh gaya tabhi sab ne hamari chaddar nikali mene shram ke mare nicche dekha to nisha boli tension mat lena andar room jake dekho kya kya hota hai.

Phir hum room me jakar birthday cake kata, mujhe bahut maja aa raha tha mene, jiska birthday tha usne mujhe cake khilaya aur mene dono haato se usse pakadkar lip kiss kiya aur uske half knit se chaddi se uski chut main ungli dalkar andar bahar kiya aur kaha happy birthday sweet heart to wo hass padi boli love u baby aur lund shelane lagi.

Ye sab dekhar uski saheliya mere pass aakar khadi hue mene ek ek karke sabko nanga kiya aur ek ek karke sabke doobs dabata kabhi gand dabata phir mene sabke chut aur gand me cake ghusaya usse bahut chata phir nisha mere lund ko cake lagakar bahut chusne lagi.

Mene jiska birthday tha usko litaya aur uske chut me apni jeeb dalkar uska ras chusa wo chilla uthi lekin mene uska lips mere lips me raha tha, phir mene usko dogi style main aane kaha aur jor se 2 dhakke lagaye aur pura lund andar daal diya wo chikh padi chodo chodo lekin me kaha dhire dhire karunga.

Phir mene speed badakar pachak pachak pachak pachak chode ja raha tha, aisa karte karte mene sabko dogi style me ek ek baar choda, aur sabko mere lund ka ek byte dete dete lund phir se khada kiya aur sex ki dawai khayee.

Sab ladkiya gand matkati hue nangi ghum rahi thi keh rahi thi wow vivek baby bahut maja aa raha hai aaj chodo hume jee bharkar chodo buja do hamari pyass iss birthday ko yaadgar banao baby come on vivek darling phir me kabhi kiska ball dabata to kisika gand marta.

Phir me sabko ek saath bulakar bade chaddar me soya aur ek ek karke chut me lund dalta 5 min ke liye aur jiske andar jhad gaya usko mere saath gand marne ka mauka pahile milta to sab ladkiya ucchal ucchal kar chudati aur mujhe jhadne pe majboor karti thi.

Pure room me aahhh.. ahhhhh.. come on fuck me baby fuck me oooo mar gayi ooooooeee.. aauch aauch baby ueei ueei ueei ueei aaaah.. aaaah.. aaaah.. aaisi alag alag awaje aa rahi thi aur me bahut kush hokar mera josh badta tha.

To dosto iss tarah mene wo airhostess ki chudai karke unki birthday party yaadgar banayi aur humne ek dusre ka phone no, liya, ab jab bhi humko ek saath aane ka mauka milta hai hum night party karke sex enjoy karte hai, mene sab ka body shape bhi perfect banaya hai.

Kahani padhne ke baad apne vichar niche comment section me jarur likhe, taaki DesiKahani par kahaniyon ka ye dor apke liye yun hi chalta rhe.

प्लेन में एयर होस्टेस की चुदाई

प्लेन में एयर होस्टेस की चुदाई

Adult Stories हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम समीर है, मुझे उम्मीद है कि यह कहानी आप सभी को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों यह बात जून महीने की है, जब में मॉस्को से दिल्ली आ रहा था, क्योंकि में इंडिया आने के लिए कभी मुंबई और कभी दिल्ली के रास्ते आता हूँ। दोस्तों में 12 जून की रात को फ्लाइट से दिल्ली आ रहा था और में उस समय फ्लाइट में बैठ गया। फिर कुछ देर बाद ही फ्लाइट चलने लगी और उस दिन मैंने देखा कि वो फ्लाइट थोड़ी खाली थी, इसलिए में अपनी सीट नंबर पर ना बैठकर फ्लाइट में पीछे की तरफ जाकर बैठ गया, क्योंकि में उस समय थोड़ा सा थका हुआ था।

दोस्तों फ्लाइट चलने के आधे घंटे बाद एक बहुत ही सुंदर इंडियन एयरहोस्टेज मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक लेकर मेरे पास आ गई। फिर मैंने कोल्ड ड्रिंक को तो ले लिया, लेकिन मैंने उससे कहा कि प्लीज़ मेडम मेरे लिए आप पानी भी ले आए। उस सुंदर परी ने कहा कि हाँ ठीक है सर में अभी लाती हूँ और करीब पांच मिनट के बाद ही वो परी मेरे पास दोबारा आई और वो मुझसे बोली यह लीजिए सर आपका पानी। अब मैंने उससे पानी ले लिया, उसके सुंदर बदन के साथ साथ उसकी आवाज़ भी बहुत ही मीठी सुरीली थी। दोस्तों उसके अलावा वैसे उस फ्लाइट में चार और एयरहोस्टेज थी, लेकिन सबसे ज़्यादा सुंदर आकर्षक होने की वजह से वो कुछ ज्यादा ही कयामत ढा रही थी। दोस्तों उसकी वो छोटी सी स्कर्ट बाप रे बाप क्या मस्त लग रही थी? उसकी वो गदराई हुई जवानी मेरे शरीर में उफान उठा रही थी। अब में लगातार बस उसी को ही घूरे जा रहा था। उसके बदन का आकार 34-27-34 था और वो क्या मस्त माल थी? में उसके कपड़ो के ऊपर से ही उसके नंगे शरीर की कल्पना कर रहा था, जिसकी वजह से मेरा लंड जोश में आ रहा था।

फिर कुछ देर बाद वो मेरे पास से निकल रही थी, तब मैंने उससे कहा कि मेडम क्या मुझे पानी मिलेगा? उसने कहा कि हाँ सर और वो पानी लेकर आ गयी। अब मैंने हिम्मत करके उससे उसका नाम पूछ लिया और फिर उसने मुझे अपना नाम प्रियंका बताया और उसने भी मुझसे मेरा नाम पूछा और मैंने उसको अपना नाम बता दिया। फिर वो मेरी तरफ देखकर हंसते हुए वहां से चली गयी, लेकिन उसकी कातिल अदा मुझे मारे जा रही थी, दोस्तों में सच कहूँ तो वो हिरोइन से कम सुंदर भी नहीं थी। फिर थोड़ी ही देर के बाद खाना आ गया। मैंने देखा कि प्रियंका ही खाना भी लेकर मेरी तरफ आ रही है और उसने अब मुझसे मुस्कुराते हुए पूछा कि समीर तुम्हे क्या चाहिए? मेरा लंड तो पहले से ही तनकर खड़ा हो गया था। में बहुत जोश में था इसलिए अचानक से मेरे मुहं से निकल गया कि मुझे आप चाहिए। दोस्तों शायद उसने मेरे खड़े हुए लंड को मेरी पेंट के ऊपर से ही देख लिया था, इसलिए वो मेरी तरफ मुस्कुराते हुए बोली आपको खाने में क्या चाहिए? मैंने उससे कहा कि आप कुछ भी जो आपको अच्छा लगे दे दो, उसके हाथों से में खाना ले रहा था और मैंने खाना लेते समय उसके हाथों को छू लिया जिसकी वजह से मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सी बिजली दौड़ने लगी।

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फिर मैंने मन ही मन खुश होकर वो खाना खा लिया और मेरी तरह सभी लोग करीब करीब खाना खा चुके थे। अब सभी एयरहोस्टेज हमारी प्लेट उठा रही थी और आखरी में प्रियंका मेरी प्लेट उठाने आ गई, वो भी मेरी प्लेट को उठा ही रही थी कि तभी अचानक से हाथ फिसल जाने से उसके हाथों से सब्जी की प्लेट मेरी पेंट पर ठीक लंड के ऊपर जाकर गिर गई। अब मेरे कुछ कहने से पहले ही वो मुझसे माफी मांगने लगी और फिर तुरंत ही वो मेरे लंड के ऊपर गिरी सब्जी को उठाने लगी थी। फिर उसने जैसे ही मेरे लंड के ऊपर पेंट पर अपने हाथ से छूना शुरू किया तो मेरा लंड एकदम टाईट हो गया। अब प्रियंका को भी महसूस हो गया कि मेरा लंड खड़ा हो गया है इसलिए वो और थोड़ी देर तक ऐसा ही कर रही थी, जिसकी वजह से मुझे लगने लगा था और अब में अच्छी तरह से समझ चुका था कि उसने ही जानबूझ कर मेरी ऊपर उस सब्जी को गिराया था।
फिर वो अपने नरम मुलायम हाथ से मेरे लंड को सहला रही थी, कभी लंड को ज़ोर से पकड़ भी लेती और अब मुझे समझ में ही नहीं आया कि यह मेरे साथ क्या हो रहा है? तभी उसने बड़े प्यार से मुझसे पूछा क्यों मज़ा आ रहा है मेरी जान? मैंने उससे कहा कि हाँ आ रहा है।


फिर उसने कुछ देर बाद मुझसे कहा कि जानू में अभी जा रही हूँ, लेकिन में अभी थोड़ी देर में वापस आ जाउंगी। अब वो दूसरे लोगो को चाय, कॉफी लाकर दे रही थी, लेकिन वो मेरे पास एक बार भी दोबारा नहीं आई। फिर करीब आधे घंटे बाद सभी जगह की लाइट बंद हो गयी। फिर मैंने देखा कि उसी समय वो मेरे पास आई और उसके दोनों हाथों में दो पेक विस्की के थे। अब उसने मेरा पास आकर एक मुझे दे दिया और एक वो खुद ही पी गयी और फिर अब तक सभी आसपास के लोग सो चुके थे और में तो उस समय सबसे आखरी में बैठा था और वहाँ पर आसपास कोई भी नहीं बैठा था। फिर विस्की को पीने के बाद उसने मेरे लंड को पेंट के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से में धीरे धीरे जोश में आ रहा था और अब मैंने भी उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया। फिर मैंने उसकी शर्ट, छोटी स्कर्ट को खोल दिया जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने ब्रा और पेंटी में ही थी, उस समय फ्लाइट में हल्की रौशनी थी जिसकी वजह से मुझे उसकी ब्रा और पेंटी के रंग का पता चल गया।

दोस्तों वो उस समय गुलाबी रंग की ब्रा पहनी हुई थी, अब में और वो एक दूसरे को होंठो से होंठो पर चूमने लगे थे। फिर कुछ देर बाद कभी वो मेरी जीभ को और कभी में उसकी जीभ को अपने मुहं में लेकर चूसने लगते और साथ ही साथ में उसके बूब्स को भी दबा रहा था। फिर करीब दस मिनट के बाद, उसने मेरे सारे कपड़े खोल दिए, जिसकी वजह से में अब उसके सामने पूरा नंगा हो गया था और अब मैंने उसकी ब्रा और पेंटी को भी खोल दिया। अब वो भी मेरे सामने पूरी नंगी हो चुकी थी। मैंने देखा कि उसकी चूत बिना बालों की एकदम चिकनी थी, जिसको देखकर में पागल हो चुका था। फिर में जोश में आकर उसके बूब्स के निप्पल को अपने मुहं में भरकर चूसने लगा था और अपने दूसरे हाथ से में उसके दूसरे बूब्स को दबा भी रहा था। अब वो जोश में आकर सिसकियाँ लेने लगी थी और वो बहुत धीरे धीरे चिल्ला भी रही थी और वो आह्ह्ह ऊईईई की हल्की आवाज़ भी अपने मुहं से बाहर निकाल रही थी। फिर वो कुछ देर बाद मुझसे कहने लगी ऊह्ह्ह हाँ थोड़ा ज़ोर ज़ोर से चूसो ना ऐसे का बच्चों की तरह चूस रहे हो? में उसके मुहं से यह बात सुनकर अब पहले से ज्यादा ज़ोर ज़ोर से बूब्स को चूसने लगा।

फिर उसने कुछ देर बाद मुझसे कहा कि जानू मेरे बूब्स को चूसने के साथ सहलाना और निप्पल को दबाना भी शुरू करो ना। अब मैंने उसके कहने पर ठीक वैसा ही किया और मेरे यह सब करने की वजह से वो कुछ ही देर में गरम होकर झड़ गयी। फिर मैंने उसके बूब्स का पीछा छोड़कर अब नीचे आकर उसकी चूत को चूसना और चाटना शुरू कर दिया और उस समय वो भी मेरे लंड को चूसने लगी थी। अब हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ चुके थे। फिर तभी उसने मुझसे कहा कि वाह तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है, इसको पाकर तो मुझे मज़ा आ गया। दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर में खुश था और फिर मेरे और उसके मुहं से अगले आघे घंटे तक बड़ी अजीब अजीब सी आवाज़े निकल रही थी। अभी में उसकी चूत को चाट ही रहा था कि उसकी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया और मैंने उस अमृत को चूस चूसकर पीना शुरू किया। फिर वो मुझसे कहने लगी कि में अब बहुत थक चुकी हूँ। यह बात सुनकर हम रुक गए और हम दोनों ने करीब पांच मिनट के बाद दोबारा अपना काम शुरू कर दिया।

दोस्तों इस बार मैंने प्रियंका को कुर्सी पर लेटा दिया और उसके बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत के दोनों होंठो के पास रख दिया। फिर में धीरे धीरे धक्का देते हुए उसकी चूत में अपने लंड को डालने लगा था, लेकिन बस दो इंच ही लंड अभी उसकी चूत के अंदर गया था और वो दर्द की वजह से सब कुछ भूलकर ज़ोर से चिल्ला पड़ी। अब मैंने तुरंत ही उसका मुहं अपने एक हाथ से बंद किया और में वैसे ही रुका रहा। फिर उसने अपने मुहं से हाथ को हटाकर मुझसे कहा कि जानू मुझे बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज धीरे करो ना, में इस दर्द से मरी जा रही हूँ। अब मैंने उससे कहा कि थोड़े देर तुम शांत रहो, क्योंकि यह दर्द तुम्हे बस कुछ पल ही होगा और फिर उसके बाद तुम्हे भी बहुत मज़ा आने लगेगा। दोस्तों यह बात खत्म करके मैंने लंड को बाहर निकालकर उसकी चूत पर थोड़ा सा थूक लगा दिया, जिसकी वजह से वो चिपचिपी हो गई और एक बार फिर से में उसकी चूत में लंड को डालकर धक्के देने लगा था। अब उसको भी दर्द कम होने के बाद मज़ा आने लगा था और में उसका जोश देखकर खुश हुआ, क्योंकि अब वो भी मेरे धक्को के साथ अपने कूल्हे उठाकर मेरा साथ दे रही थी।

फिर मैंने सही मौका देखकर अचानक ही ज़ोर से एक धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत मे समा गया। दोस्तों उसको दर्द तो उस समय बहुत तेज हुआ, लेकिन वो ज्यादा ज़ोर से चिल्ला तो नहीं सकती थी क्योंकि आसपास कुछ लोग भी थे और यह बात सोचकर उसने तुरंत ही अपने एक हाथ को अपने मुहं पर रखकर वो सिसक पड़ी। मैंने देखा कि वो बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थी। फिर मैंने अपने लंड को दोबारा ज़ोर से धक्का मार दिया, जिसकी वजह से अब मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत की गहराईयों में समा गया और वो दर्द की वजह से सिसक पड़ी। अब वो इतना सब हो जाने के बाद भी चाहकर भी चिल्ला नहीं सकती थी, क्योंकि वहां पर हम दोनों अकेले नहीं थे हमारे साथ दूसरे लोग भी थी। दोस्तों मैंने देखा कि उस धक्के के दर्द की वजह से उसकी आंखे फटी की फटी रह गयी। फिर कुछ देर उसके शांत होने के बाद मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूत में अंदर बाहर करना शुरू किया और अब वो हल्की हल्की आवाज से सिसक रही थी और धीरे धीरे उसको भी अब मज़ा आने लगा था और इसलिए वो भी अब अपनी गांड को मेरे हर एक धक्के के साथ उठा उठाकर मेरा साथ दे रही थी।

फिर उसने कुछ देर बाद मुझसे कहा कि जानू अब तुम थोड़ा ज़ोर ज़ोर से करो ना, तुम्हारे साथ सेक्स करने में मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा है। फिर मैंने उसके मुहं से यह बात सुनकर खुश होकर अपने धक्को की रफ्तार को पहले से ज्यादा तेज कर दिया, वो सिसकियाँ ले रही थी और धीरे धीरे से चिल्ला भी रही थी। अब उसको और मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था, दोस्तों आप सभी को में क्या बताऊँ में तो स्वर्ग के असली मज़े ले रहा था। फिर करीब 35-40 मिनट के बाद वो झड़ गई और उसके 5-10 मिनट के बाद में भी झड़ गया, तभी थोड़ी देर तक तो हम दोनों कुर्सी पर ऐसे ही एक दूसरे के ऊपर लेटे रहे। फिर प्रियंका ने मुझसे कहा कि अब तो उठो ऐसे कब तक आप मेरे ऊपर लेटे रहोगे और अब आप मेरे साथ बाथरूम चलो, क्योंकि अब वैसे भी फ्लाइट का उतरने का समय होने वाला है। फिर हम दोनों अपने कपड़े लेकर बाथरूम में आ गये और वो पानी से अपनी चूत को धो रही थी, तभी मुझे उसकी गांड नजर आने लगी, जिसको देखकर मेरे मुहं में पानी आ गया।

दोस्तों अब में एक बार उसकी गांड भी मारना चाहता था और फिर मैंने बिना देर किए उसकी गांड और अपने लंड पर थूक ढेर सारा लगाया। अब वो मुझसे पूछने लगी कि तुम यह क्या कर रहे हो? मैंने उससे कहा कि तुम्हारी गांड बहुत प्यारी है में आज इसको भी मारना चाहता हूँ, लेकिन उसने मेरे मुहं से यह बात सुनकर पहले तो मना किया, लेकिन मेरे कुछ देर ज़िद करने पर वो मान गयी और अब वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज धीरे से करना जानू मुझे बहुत दर्द होगा और गलती से मेरी आवाज बाहर चली गई तो सभी को उठकर आ जाएगें। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो में बड़े आराम से करूंगा, उससे इतना कहकर में अब उसकी गांड में अपने लंड को डालने लगा, लेकिन मेरा लंड उसकी कसी हुई गांड के अंदर जा ही नहीं रहा था। फिर में बार बार अपने लंड और उसकी गांड में थूक लगा रहा था और करीब पांच मिनट के बाद मेरा लंड उसकी गांड में चला गया, लेकिन अभी थोड़ा ही अंदर गया था। अब में उसके बूब्स को सहलाने लगा और थोड़ी ही देर बाद मैंने दोबारा एक जोरदार धक्का मार दिया, जिसकी वजह से अब मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में चला गया। अब वो दर्द से चिल्ला रही थी, मचल रही थी और उसकी आखों से लगातार आँसू निकल रहे थे।

फिर कुछ देर के बाद उसको भी अच्छा लगने लगा और में धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा और अब हम दोनों को इस खेल में बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने कुछ देर बाद अपने धक्को को बढ़ा दिया में अब तेज गति से उसको धक्के देकर उसकी गांड में अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा था, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद मैंने अपना वीर्य उसकी गांड में निकाल दिया और वो भी झड़कर ठंडी होती चली गई और उसके साथ साथ मेरा भी जोश ठंडा होता चला गया। फिर इस काम के खत्म हो जाने के बाद उसने मुझसे कहा कि तुम फ्रेश होकर वापस अपनी सीट पर चले जाओ क्योंकि अब फ्लाइट उतरने वाली है। फिर में जल्दी से फ्रेश होकर अपनी सीट पर आ गया और करीब बीस मिनट के बाद फ्लाइट की लाइट चालू हो गयी और एक आवाज मुझे सुनाई दी, जिसमे बोला गया कि बस दस मिनट बाद हमारी फ्लाइट दिल्ली उतरने वाली है। अब सभी एयरहोस्टेस आ गई और वो हम सभी को सीट बेल्ट लगाने के लिए कहने लगे थे। फिर में उन सभी के बीच प्रियंका को ढूँढने लगा। करीब दो मिनट में वो भी मुझे नजर आ गयी और उस समय वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी। अब वो मुझे अपनी उस एयरहोस्टेस की ड्रेस में एक बार फिर से मस्त पटाखा लग रही थी, में उसकी सुंदरता को देखकर उससे बहुत प्रभावित हुआ और इसलिए में मन ही मन उससे प्यार भी करने लगा था और शायद उसका यही हाल था।

फिर कुछ ही मिनट में हमारी फ्लाइट दिल्ली उतर गयी और सभी के नीचे उतर जाने के बाद वो मेरे पास आ गई और उसने अकेले में मेरे होंठो पर शानदार चुम्मा दिया और साथ ही साथ उसने उसी समय मुझे अपना मोबाइल नंबर भी दिया। फिर वो और में अपने अपने रास्ते चले गये, इसके बाद हर सप्ताह वो या में एक दूसरे को फोन करते है ।

Bhanji Ne Ghar Me Nath khulwai

भांजी ने घर में नथ खुलवाई


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रीना रानी की मक्खन सी मस्त टाँगें देखते ही वहीं लण्ड अकड़ने लगा। उसकी अम्मा, माँ की लोड़ी, बार बार अपने चूचुक दिखाने में लगी थी।

खैर घर पहुँचकर मैंने कहा- मुझे 3 बजे होटल लैंडमार्क में मीटिंग के लिए जाना है।
मैंने यह भी कहा कि रीना को साथ ले जाता हूँ और मीटिंग में कह दूंगा कि यह मेरी सेक्रेटरी है। इसलिए मुझे 2 बजे तक लंच से फारिग कर दिया गया और ढाई बजे मैं और रीना रानी साले की टोयोटा ऑल्टिस कार में होटल के लिए रवाना हो गए।

कार ड्राइवर चला रहा था और हम पीछे की सीट पर थे।
मैंने कार में ही रीना रानी की मस्त जांघों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और उसका नाज़ुक सा हाथ उठाकर अपने लण्ड पर रख दिया।
लण्ड फंसा हुआ था पैंट में लेकिन ज़ोर से अकड़ा हुआ था, रीना रानी ने मज़े लेते हुए उसे अच्छे से दबाया।

कार में तो हम चुपचाप रहे, होटल पहुँच कर हम कॉफी शॉप में जाकर बैठ गए।
रीना रानी ने कहा- फ़ूफ़ा… तू ले तो आया मीटिंग में मुझे सेक्रटरी बनाकर लेकिन मुझे सेक्रेटरी का काम आता तो है नहीं, तो मैं यहीं इंतज़ार करुँगी, तू जाकर मीटिंग कर ले!

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मैं बोला- बहनचोद… कौन सी मीटिंग कैसी मीटिंग? मैं तो यहाँ तुझसे बातें करने आया हूँ। घर में रात तक का टाइम बिताना बड़ा ही टेढ़ा काम था। बहनचोद लण्ड अकड़े जा रहा है। अगर मैं यह न कहता कि तुझे सेक्रेटरी बनाकर ले जाना है तो तू मेरे साथ क्या बहाना मार के आती कुतिया?

रीना रानी बोली- मादरचोद कमीने तू बहुत चालू और बदमाश है। मैं भी बड़ी उलझन में थी कि सारा दिन कैसे कटेगा जब तू बहन का लण्ड मेरी आँखों के सामने होगा। साले बहनचोद, एक एक मिनट भारी पड़ रहा है, चूत साली गरमाए जा रही है.. चूचियाँ सख्त हुई पड़ी हैं… गांड में भी चुलबुली हो रही है…

मैंने कहा- तसल्ली रख कुतिया… सब्र का फल मीठा होता है।

फिर मैं उसके साथ खूब चूत चुदाई की बातें करता रहा। अपनी चुदाईयों के अलग अलग स्टाइल्स के बारे में बताता रहा।
बीच बीच में मैंने दो तीन बार उसके पैर भी चूम लिए। मैं अपना पेन नीचे गिरा देता और उसे उठाने के बहाने झुक कर रीना रानी के अति सुन्दर पैर चूम लेता।

रीना रानी मस्ती में डूबे जा रही थी। इसी प्रकार दो तीन बार मैंने अपना I Pad उसे देकर सोफे पर उसके पीछे जाकर कुछ दिखाने के बहाने उसकी गर्दन चूमी और उसके चूचे भी दबाये।
होटल की कॉफी शॉप में इतने लोगों के बीच में इस मस्ती के खेल से रीना रानी खूब उत्तेजित हो गई, बाथरूम चली गई कि चूत बहुत रस छोड़ रही है, पोंछा नहीं तो जीन्स भी गीली हो जायगी, चड्डी तो पूरी भीग ही चुकी है।

जब रीना रानी बाथरूम से लौट के आई तो मैंने पूछा- यह तो बता मेरी भांजी रानी कि तूने मुझे पहचाना कैसे?

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रीना रानी इठलाती हुई बोली- राजे तूने अपनी कहानियों में अपनी बीवी को जूसी रानी कहा है, यह कोई ऐसा नाम तो है नहीं जो काफी कॉमन हो… उसी से पता चल गया.. फिर जो तूने कहानी के लिए जो अपना नाम दिया है वो भी तो तेरे असली नाम का छोटा रूप ही है… बस ऐसे हो गया कन्फर्म… फिर भी मैंने पक्का करने के लिए जूही दीदी से पूछा… तू उनको भी चोदता है ना?

मैंने हैरानी से पूछा- जूही का तुझे कैसे पता चला?’

रीना रानी ने कहा- मैं और जूही दीदी लड़की से लड़की वाला सेक्स करते हैं.. ऐसे ही एक सेक्स के दौरान उन्होंने ही मेरे साथ शेयर किया था कि वो भी तेरी रानियों में एक हैं… उन्होंने ही बताया कि तू बहुत मस्त मजा देता है… तभी तो मुझे धुन चढ़ी कि पहली चुदाई तो तुझ से ही करवाऊँगी।

मैं बोला- माँ की लोड़ियों, तुम दोनों बड़ी मादरचोद हो… और बहुत चालाक भी.. अब बहनचोद यह भी बता दे कि तुझे कैसे पता चला कि मैं तेरी बुआ को जूसी रानी कहता हूँ?

रीना रानी खिलखिला के हंसी… हरामज़ादी बड़ी लण्ड खड़ाऊ मस्त हंसी थी रंडी की… कहने लगी- भोसड़ी के तू जब बुआ को चोदता है तो कितना शोर करता है। बार बार जूसी रानी जूसी रानी चिल्लाता है और बुआ भी राजे राजे राजे बोल बोल के चुदवाती है… हमारी तरफ के सभी लोगों को पता है कि तू बुआ को जूसी रानी बोलता है… बहन के लौड़े इतना शोर आज घर में मचायेगा तो सारी पोल खुल जाएगी। ज़रा काबू में रखियो अपनी जीभ को… कभी लगे ऊँची ऊँची आवाज़ में रीना रानी… रीना रानी… की पुकार मचाने!

मैंने हंस कर कहा- तू मेरी जीभ को अपने मुंह में लेकर बिजी रखियो तो मैं कैसे शोर मचाऊँगा।

शाम को आठ बजे तक हम यूँ ही मस्ती करते रहे, फिर हम वापिस घर आ गए।
रात को खाना इत्यादि में ग्यारह बज गए तो मैंने रीना रानी को इशारा किया कि अपने रूम में जाये!
 

Chut chhoti aur kunbe ke land bade bade

Chut chhoti aur kunbe ke land bade bade


चूत छोटी और कुनबे के लंड बड़े बड़े - Chut chhoti aur kunbe ke land bade bade, घर में चुदाई का सिलसिला , रिश्तों में होती है चुदाई , परिवार के लोग ही तोड़ते है कुवारी लड़की की सील , बड़े ही सिखाते है चोदना और चुदना.


उस दिन मैं बड़े रोमांटिक मूड में थी।  अचानक मेरी दोस्त का फोन आ गया।  मैंने कहा हां बोल भोसड़ी की रेशमा तुझे इतने दिनों के बाद मेरी याद आयी ? ,,,,,,,,,,,,,अभी तक क्या माँ चुदा रही थी तू अपनी,,,,,,,,,,,,,, ? वह बोली - नहीं  यार, ऐसा कुछ नहीं है।  मैं शहर के बाहर चली गयी थी और ऐसे लोगों से घिरी थी की तुझसे बात करने का मौक़ा ही नहीं मिल रहा था।  तू बुर चोदी गालियों से बात करती है और मैं भी तो ऐसे में कोई एकांत जगह चाहिए न ?
अच्छा हां बता ,,,,,,,,,,,,,,,,? अच्छा ये बात है उसकी माँ का भोसड़ा ,,,,,,,,,,,,,,,,,? उसकी बात मत करो यार ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,मैं छोटे लोगों से और छोटे लण्ड वालो से बात नहीं करती ,,,,,,,,,,,,,,? तुझे मालूम है की मुझे छोटे लण्ड बिलकुल पसंद नहीं है,,,,,,,,,,,,,,,? एक तो मेहनत करके कोई लड़का पटाओ और जब खोल कर देखो तो  लण्ड साला छोटा मिलता है, बहन चोद ,,,,,,? ऐसे में मेरी माँ चुद जाती है ,,,,,,,,,,,,,,झांटें सुलग कर राख हो जातीं हैं मेरी,  बहन चोद,,,,,,,? मेहनत पर पानी फिर जाता है यार ,,,,,,,,? अब तो मैं पहले ही पूंछ लेती हूँ की तेरे लण्ड का साइज क्या है ? ,,,,,,,,,,,, अगर पसंद आया तो दोस्ती करती हूँ वरना गांड पर लात मार कर भगा देती हूँ, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,तू क्या करेगी ? ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,देखने में हैंडसम है तो क्या लण्ड तो छोटा है।,,,,,
,,,,,,,,,,,तेरी तो गांड पहले ही फट जाती है ,,,,,,,,,,,,,,माँ चुद जाती है तेरी लण्ड देख कर ,,,,,,,,,,,,? मुझे देखो, मादर चोद ,,,,,,,,,,,, लण्ड जब तक 8" का न हो तब तक मैं हाथ नहीं लगाती ? ,,,,,,,,,,,,,हां ये बात तो है ,,,,,,,,,,, ऐसे लण्ड ढूंढने के लिए बड़ी मसक्कत करनी पड़ती है, रेशमा ,,,,,,,,,,,,,,माँ चुद जाती है मन माफिक लण्ड ढूंढते ढूंढते ,,,,,,,,,, हां बिलकुल करूंगी मसक्कत क्योंकि चूत तो बुर चोदी  बिना लण्ड के रह नहीं सकती न ?
मैंने अपनी बात ख़तम की और फोन बंद करके पीछे मुड़ी तो देखा की मेरी अम्मी जान सामने खड़ी हैं।  मैं थोड़ा सहम गई की मेरी गन्दी गन्दी बातें और गालियां अम्मी जान ने सुन लीं हैं।  अब तो डांट पड़ेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

    अम्मी बोली - हाय मेरी हुमा बेटी,  मुझे नहीं पता था की इतना कुछ जानती हो ? इतनी अच्छी अच्छी बातें कर लेती हो और खुल कर लेती हो ?
    मैंने कहा - नहीं अम्मी जान बस यूं ही अपनी दोस्त से बातें कर रही थी।  अब दोस्ती में कुछ इधर उधर की बातें हो ही जातीं हैं,  अम्मी जान ?
    हां आज मुझे मालूम हुआ की दोस्तों से कैसे ही बातें की जातीं हैं।  पर बेटी तुम कुछ 'लण्ड' वगैरह की बातें भी कर रहीं थीं ?
    अरे अम्मी जान, बस ऐसे ही बातों बातों में हो जाता है। अब कॉलेज की लड़कियां सब इसी तरह की  बातें करतीं हैं तो मैं भी बोल लेती हूँ।
    अरे बेटी हुमा मैं तो खुद तुमसे ये सब बातें करने वाली थी।  पर मैं तुम्हे जवान होने का इंतज़ार कर रही थी।  मैंने सोंच लिया है जब तू 18 + की हो जाएगी तो मैं तुझे अपनी दोस्त बना लूंगी और तब हम दोनों भी इसी तरह की बातें करेंगी जैसी तू अभी कर रही थी।  तुझसे गालियों से ही बात किया करूंगी।  
    अरे अम्मी जान मैं 18 + की पिछले साल ही हो गयी थी।  अब तो मैं  19 + की हो गयी हूँ।  पूरी जवान हो गई हूँ मैं ? बालिग हो गई हूँ मैं। सब कुछ जानती समझती हूँ.   
    हाय अल्लाह, मैंने बेकार में ही एक साल बर्बाद कर दिया।  हुमा बेटी, तेरी माँ की चूत, बहन चोद। तूने पहले क्यों नहीं बताया ?  तूने बताया होता तो मैं अब तक जाने कितने लण्ड तेरी माँ की बिटिया की बुर में पेल चुकी होती ? चोद डालती तेरी माँ की  बिटिया की बुर ? मैं तो भरी बैठी हुई थी ।  
    अब मुझे क्या मालूम था अम्मी जान ? नहीं तो मैं पर साल ही बता देती तुम्हे और अब तक मैं भी जाने कितने लण्ड तेरी बेटी की माँ के भोसड़ा में घुसा चुकी होती ? चोद डालती तेरी बेटी की माँ का भोसड़ा, अम्मी जान।  मैं भी भरी बैठी हुई थी माँ चोदने के लिए।   
    अम्मी जान, ने मेरे गाल थपथपाये और कहा अब आज से तू मेरी दोस्त है हुमा और हम उसी तरह बातें  करेंगीं जैसे दोस्त आपस में करतीं हैं। लेकिन हां तू वो 'लण्ड' की आतें कर रही थी।  उसके बारे में बता न  मुझे ? पहले तो यह बता की तूने अब तक कितने लण्ड पकड़ें हैं और कहाँ कहाँ के लण्ड पकड़ें हैं ? सब सही सही बताना मुझे ?
    मैंने तो अभी तक 10/12 लण्ड पकड़े होंगें ? दो तो मेरी सहेलियों के भाई जान के लण्ड हैं और बाकी कॉलेज के लड़कों के लण्ड ?
    लेकिन तू कुछ मोटे  लण्ड की बात कर रही थी ?
    हां अम्मी जान मैंने जब से नेट पर पोर्न फ़िल्में देखीं है तबसे जाने क्यों मुझे मोटे लण्ड ज्यादा अच्छे लगने लगे हैं।  और मैं मोटे लण्ड की दीवानी हो गई हूँ।  लेकिन हकीकत में मोटे लण्ड बड़ी मुश्किल में मिलते हैं।  4 लण्ड पकड़ती हूँ जब कहीं एक लण्ड मेरे मन का मिलता है।  मैं तो हॉस्टल रहती हूँ तो मुझे लण्ड के लिए बाहर जाकर ही ढूंढना पड़ता है।  मैं बस मोटे के तलाश में  रहती हूँ।
    हाय अल्लाह एक कहावत है बेटी "कनिया लड़का गाँव गुहार" ? इसका मतलब यह हैं की लड़का तो अपनी गोद में हैं और माँ उसे गाँव भर में ढूँढती फिर रही है।  
    क्या मतलब मैं समझी  नहीं अम्मी जान ?
    मतलब यह है मेरी  माँ की लौड़ी हुमा की बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड तो तेरे कुनबे में ही हैं।  और तू भोसड़ी की उन्हें बाहर ढूंढने में लगी है।  मुझसे बताया होता तो मैं अपने कुनबे के ही मोटे मोटे लण्ड की लाइन लगा देती ?
    मैंने आँखें फाड़ कर कहा  वाओ, सच अम्मी जान ? इतने मोटे मोटे लण्ड अपने कुनबे में ही हैं ?
    तो फिर दखाओ न मुझे अम्मी जान।  मैं तो उन्हें पकड़ कर देखने के लिए बेताब हो रही हूँ।
    अब तू जवान हो गई है।  अभी तक तू बच्चों के कमरे में लेटती थी।  अब बड़े लोगों के साथ रात में मेरे पास लेटना। वहीं पर मैं तुम्हे मोटे मोटे लण्ड से रूबरू करा दूँगी।  

मेरी उत्सुकता बढ़ गई। मैं बड़ी बेकरारी से रात होने का इंतज़ार करने लगी। मोटे मोटे लण्ड पकड़ कर देखने की मेरी तमन्ना आसमान छू रही थी। एक एक पल मेरे भारी था।  किसी तरह ७ बजा तो मैं इधर उधर झांकने लगी और यह पता लगाने लगी की आज हमारे साथ कौन कौन मर्द लेटेगा ? इतने में अम्मी जान आ गई।
वह बोली -  देखो हुमा - तुम जवान भी हो और बोल्ड भी हो।  मैं तुमसे खुल कर बता रही हूँ।   रात को यहाँ औरत और मर्द सब साथ साथ लेटते हैं।  फिर रात में चुदाई शुरू हो जाती है। मर्द औरतों पर चढ़ाई कर देतें हैं और औरतें भी मर्द पर चढ़ जातीं हैं। कौन किसको चोदेगा और कौन किससे चुदवायेगी यह पता नहीं चलता ?  सब उसी वखत जो मन में आता वो सब लोग करतें हैं।  पर हां कोई औरत कभी किसी को इंकार नहीं करती और कोई मर्द भी कभी किसी को इंकार नहीं करता।  सब लोग मिलजुल कर चुदाई करतें हैं और मज़ा लेते हैं।  एक बात और है औरतों को गालियां देने का हक़ है पर मर्दों को नहीं।  मर्द तो औरतों के मुंह से गालियां सुन सुन कर मज़ा लेते हैं।
करीब 9 बजे सब लोग खाना वगैरह खा कर सोने के लिए आने लगे। मैं तो पहले से ही थी।  फिर मेरी भाभी जान हिना आ गई , मेरी खाला जान शाबिरा आ गई, उसकी बेटी रिया भी आ गई और अम्मी जान भी।  फिर मर्दों का आना शुरू हुआ।  सबसे पहले मेरा  करीम भाई जान आया, फिर यासिर मामू जान, फिर खालू मंसूर , फिर मेरे चचा जान हासिम, और रिया का मियां मुनीर भी आ गया. सब एक ही लाइन लेट गए।
खालू जान ने कहा - ज़ोया भाभी (मेरी अम्मी का नाम) आज तो आपकी की बेटी हुमा भी नज़र आ रही है।
अम्मी ने कहा - हां बिलकुल, अब तो वह एकदम जवान हो गई है 19  + की है वो। अब वह बच्ची नहीं रही। इसलिए मैंने उसे भी शामिल कर लिया जैसे पिछली बार मैंने तेरी बेटी सायरा को शामिल किया था।
वह बोला - हां सायरा अब तो हम सबके साथ ही लेटती है।
कुछ देर तक मामला शांत रहा। कहीं से कोई आवाज़ नहीं आयी। फिर मैंने देखा की  मेरी हिना भाभी जान की चूँचियाँ खुली हुई हैं और उन पर चचा जान का हाथ चल रहा है।  यानी मेरा चचा मेरी भाभी के बूब्स दबाने लगा है।  फिर मैंने भाभी का हाथ चचा के पजामा के अंदर देखा।  मुझे यह जानने में देर नहीं लगी की भाभी जान लौड़ा सहला रहीं हैं।  फिर पलक झपकते ही उसने  लण्ड बाहर निकाल लिया।  लण्ड धीरे धीरे बढ़ने लगा।  उधर खाला जान भाई जान से चिपकी हुई थी।  मेरे देखते ही देखते खाला एकदम नंगी हो गईं और भाई जान भी। खाला की मस्त मस्त बड़ी बड़ी चूँचियाँ मुझे बड़ी अच्छी लग रहीं थीं।  सामने भाई जान का लौड़ा एकदम तन कर खड़ा हो गया था।  मैं तो लण्ड देख कर हैरान हो गई।  बहन चोद इतना बड़ा और मोटा लण्ड मेरे ही घर में ही है  ,,,,,,? मैं बुर चोदी ऐसे ही लण्ड के लिए बेकार ही इधर उधर धक्के खा रही थी।  खाला ने भाई जान का लण्ड  मुंह में भर लिया।
मैंने सोंचा की जब मेरी भाभी नंगी हैं, मेरी खाला भी नंगी हैं तो मैं क्यों न नंगी हो जाऊं ? मैंने भी अपने कपड़े उतार कर फेंक दिया और खाला जान के हाथ से लण्ड लेकर खुद चाटने और चूसने लगी। वह पेल्हड़ चाटने लगी।  कुछ देर में मेरी नज़र उठी तो मैंने देखा की मेरा मामू भोसड़ी का खाला की बेटी रिया के ऊपर चढ़ा हुआ है।  मामू भी नंगा और रिया भी नंगी।  मामू रिया की चूत चाट रहा था और रिया मामू का लण्ड चाट रही थी।  मैंने मन में कहा रिया बुर चोदी अपने ही मियां के आगे मामू का लण्ड रंडी की तरह चाटने में जुटी है।  मुझे हैरानी तो तब हुई जब मैंने देखा की मेरा खालू मेरी माँ का भोसड़ा भकाभक चोद रहा है।  अम्मी भी चित लेटी हुई अपनी टांगें फैलाये हुए अपना भोसड़ा बड़े प्यार से चुदवा रही हैं।  इतने में अचानक रिया के शौहर मुनीर ने अपना लण्ड मेरे कंधे पर रख दिया।  मैंने कनखियों से देखा तो मुझे पहाड़ी आलू की तरह लण्ड का सुपाड़ा दिखाई पड़ा।  मैं थोड़ा मुस्कराई तो उसने लण्ड मुंह में घुसेड़ दिया।  लण्ड देख कर मैं दंग रह गई।  मुनीर यहाँ सबसे छोटा मर्द है और लौड़ा इसका साला इतना बड़ा और मोटा है।  मेरे मुंह से निकला मुनीर तेरी माँ का भोसड़ा, तेरी बहन की बुर। तूने इतनी देर में लौड़ा क्यों मेरे मुंह में डाला ?  पहले क्यों नहीं डाला ?  माँ चुद रही थी तेरी ?
मेरी गालियों ने माहौल को और गरमा दिया।
उस बिस्तर पर अब कोई ऐसा नहीं था जो नंगा न हो या नंगी न हो। मुझे इतने सारे लोग नंगे नंगे देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था।  मैंने अभी तक इतने नंगे लण्ड देखे नहीं थे। मुझे अब अपने जवान होने पर फक्र महसूस होने लगा। मेरा मन हुआ की मैं सबके लण्ड नाप कर देखूं लेकिन सोंचा चलो छोड़ो यार क्या जरुरत है।  लेकिन मन नहीं माना तो मैंने अपनी पर्श से इंची टेप निकाला और सबके लण्ड नापने लगी। सबसे पहले चचा का लण्ड नापा तो वह 8" x 5" का निकला। फिर भाई जान का लौड़ा नापा तो वह 8.2" x 5" का निकला।  फिर खालू का लौड़ा 8.3" x 5.2" का था, मामू का लण्ड 8" x 5.5" का था और मुनीर का लौड़ा बहन चोद 8.5" x 5.5" का था।  मैं कहा - अम्मी जान तुम सच कह रहीं थीं की मोटे मोटे लण्ड तो कुनबे में ही हैं।  इन सब भोसड़ी वालों के लण्ड गज़ब के मोटे हैं।
मैं उधर सबके लण्ड का साइज ले रही थी और इधर खालू लण्ड पेल कर मेरी माँ का भोसड़ा चोदने लगा. चाचा ने अपना पूरा लण्ड भाभी की बुर में घुसा रखा था।  वह भी धकाधक् चोदने लगा, भाई जान ने अपना लौड़ा खाला की चूत में पेला और उसे अपनी बीवी समझ कर चोदने लगा। मामू खाला की बेटी रिया की बुर चोदने में पागलों की तरह जुट गया। इधर रिया का मियां मुनीर ने लण्ड गप्प से मेरी चूत में घुसा दिया। वह बड़ी बेशर्मी और बेरहमी से मेरी बुर चोदने लगा।  इस तरह हम सब की बुर का बाजा बजने लगा।  चुदाई की आवाज़ से सारा घर गूंजने लगा।  मुझे तो अपनी बुर चुदवाने से ज्यादा मज़ा सबकी चुदती हुई बुर देखने में आ रहा था।  कौन कैसे चुदवाती है और कौन कैसे चोदता है इसका भी पता चल रहा था। मुझे आज मालूम हुआ की मेरा कुनबा बहन चोद चोदा चोदी के मामले में बहुत आगे है।
तब तक भाभी जान ने कहा - अरी मेरी नन्द रानी तू तो बहुत अच्छी चुदवा लेती है ? लगता है तू पहले भी चुदवा चुकी है ?  अगर ऐसा है तो तूने मुझे बताया क्यों नहीं।  तेरी माँ की चूत ? अब मुझसे कुछ छुपाना नहीं ?
मैंने कहा - तेरी सास का भोसड़ा भाभी जान तेरी नन्द की चूत ? मैं भी एक हॉट लड़की हूँ।  मेरे पास भी एक चूत है मुझे भी लण्ड चाहिए। चुदवाऊंगी नहीं तो क्या झांटें उखाडूँगी ?  एक तरफ चुदाई हो रही थी और दूसरी तरफ हमारी हंसी मजाक चल रही थी।  अचानक खालू ने लण्ड अम्मी की चूत से निकाल कर भाभी की चूत में पेल दिया।  चचा जान ने भाभी की चूत से लण्ड निकाल कर खाला के भोसड़ा में घुसा दिया, भाई जान तो खाला को छोड़ कर खाला की बेटी की बुर चोदने लगा।  यानी अभी तक माँ का भोसड़ा चोद रहा था अब उसकी बिटिया की बुर चोदने लगा।  मामू ने लण्ड मेरी चूत में पेला तो मुनीर मेरी बुर से लण्ड निकाल कर मेरी अम्मी के भोसड़ा में घुसेड़ दिया। वह मादर चोद अभी तक बेटी की बुर चोदने में लगा था और अब बेटी की माँ का भोसड़ा चोदने चला गया।  इस तरह चूत और लण्ड अदल बदल कर चुदाई मैं पहली बार देख रही थी।
इतना रंगीन, सेक्सी और मजेदार नज़ारा था की हमारी उत्तेजना हर पल बढती जा रही थी।  मुझे इस बात का फक्र हो रहा था की हमारे ही घर में, हमारे ही कुनबे में ही इतने बड़े बड़े लण्ड हैं, इतने मोटे मोटे लण्ड हैं की अब हमें कहीं और देखने की जरुरत ही नहीं। उत्तेजना से चूत बहन चोद बोल गई।  ढीली हो गई मेरी बुर चोदी बुर।  मेरी ही नहीं मैंने देखा की सबकी बुर ढीली हो रही है और अब लण्ड भी खलास होने लगें हैं।  कोई चूत में झड़
गया कोई चूँचियों पर कोई मुंह में झड़ा तो कोई चूतड़ों पर।  फिर हम एक एक करके बाथ रूम गए और फ्रेश होकर अपने अपने  बिस्तर पर आ गए। मेरी नज़र अभी चचा जान के लण्ड पर, खालू के लण्ड पर और भाई जान के लण्ड पर थी। मैं जब तक इन लौंड़ों को पकड़ कर चूस नहीं लेती इन्हें अपनी चूत मे घुसा नहीं लेती तब तक मुझे न नींद आएगी और न चैन ? रिया ने कहा अरे हुमा तुम बहुत बड़ी चुदक्कड़ लड़की।  बड़ी मस्ती से चुदवाती है तू ? कहाँ से सीखा तूने इस तरह  चुदवाना।  मैंने कहा तेरी माँ का भोसड़ा चोद चोद कर सीखा है मैंने चुदवाना।  वह भी मुस्कराकर बोली अच्छा ये  मैं भी अब तेरी माँ की गांड मार मार सीखूंगी तेरी गांड मारना ? तब तक अम्मी जान ने कहा अरी निशा तू भी तो अपनी माँ चुदाने में बड़ी होशियार है। किसका लण्ड ठोकती है तू अपनी माँ की चूत में ? निशा ने कहा अरे खाला जान मेरी अम्मी तो मेरे ही मियां का लौड़ा ठोंक लेती है अपनी चूत में ? तो उधर से खाला बोली तू भी तो अपने ससुर का लण्ड पेल लेती है अपनी बुर में, बुर चोदी,  रिया।  मैंने कहा वॉवो तुम दोनों एक दूसरे की पोल खोल रही हो।  मेरी अम्मी ने कहा अरे हुमा इन दोनों में कोई पोल है ही नहीं। दोनों एक दूसरे की बुर में लण्ड  पेलती हैं।  तब तक चचा मेरी तरफ बढ़ा और बोला  बेटी हुमा मैंने अभी तक तेरी बुर नहीं चोदी।  मैंने कहा तो फिर चोदो ने मेरी बुर चचा जान।  मेरी बुर है ही चुदने के लिए पेलो न  लण्ड गचागच।  उधर से खालू बोला हुमा मैं भी पेलूँगा लण्ड तेरी चूत में।  मैंने कहा हां हां तुम पेलो न।  तुम दोनों मिलकर चोदो मुझे और सबके सामने चोदो। मुझे भी सुनहरा मौक़ा मिया और मैं दोनों चुदवाने लगी।  एक लण्ड मुंह में तो दूसरा लण्ड बुर में।  एक लण्ड चूँची में तो दूसरा लण्ड हाथ में।  मैं बड़ी बेशर्मी से लण्ड का मज़ा लेने लगी।
मुझे देख कर मेरी भाभी जान को भी जोश आ गया। उसने अपना हाथ बढाकर मामू जान का लण्ड  पकड़  लिया और दूसरे हाथ से मुनीर का लण्ड।  उसका भी मन दो दो लण्ड से चुदवाने का हो गया।  वह मेरी भाभी और मैं उसकी नन्द।  हम दोनों में अपने आप कम्पटीशन होने लगा की कौन कितने अच्छे तरह से चुदवाती है ? बाकी सब हम दोनों की चुदाई देखने लगी।
अम्मी ने कहा - बहू,  तेरी बुर चोदी नन्द की चूत खूब चुद रही है।
तो खाला ने जबाब दिया -  हुमा, तेरी माँ की बहू की बुर भी खूब चुद रही है भोसड़ी वाली ?
इन सब बातों से हमारी चुदाई का हौसला बढ़ने लगा और तब न मैंने चुदाई में कोई कसर छोड़ी और न भाभी जान ने ?
सवेरे मैंने अम्मी जान का शुक्रिया अदा किया और कहा की आपकी की वजह से मुझे इतने बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड का दीदार हुआ। अम्मी बोली बेटी हुमा आज तू इनसे भी बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड देखेगी।  मैं फिर रात  होने का बड़ी बेक़रारी से इंतज़ार करने लगी। रात को जब मैं लेटी तो देखा की मेरे बड़े अब्बू आ गए हैं।  . वह मेरे अब्बू से दो साल बड़े हैं। उसके पीछे मेरा फूफा जान भी था।  वह मेरे अब्बू के बराबर उम्र का था।  मैं दोनों से मिली बड़ा मज़ा। आया  फिर खाला जान का बेटा वाहिद भी  गया।  वाहिद मेरी उम्र का था।  मैंने सोंचने लगी की क्या इसका भी लौड़ा बड़ा मोटा है ? उधर मेरी चची जान भी गई।  वह भी मेरे साथ लेट गयीं।  पहले तो कुछ बातें हुई और फिर हम सब अपनी अपनी औकात में आ गयीं।  अम्मी ने सबसे पहले बड़े अब्बू का लौड़ा खोल कर बाहर निकाल लिया और उसे  प्यार से हिलाने लगीं।  चची जान ने फूफा का लौड़ा निकाला और उसे चुम कर  सहलाने लगी।  मैं भी बेशर्मी से वाहिद को नंगा किया और उसका लण्ड हिलाने लगी।  साथ साथ मैं मादर चोद अपने कपड़े खोल कर नंगी भी हो गयी।
लण्ड जब सबके तन कर खड़े हो गए तो अम्मी ने कहा हुमा ले अब तू इनके साइज नाप ले ? मैंने बड़े अब्बू का लण्ड नापा तो वह 9" x 5.5 " का निकला।  फूफा का लौड़ा 8.5" x 5" का था और वाहिद का लौड़ा 8.5" x 5.5" का था।  मैंने कहा हाय अल्लाह ये तो कल वाले लौंडों से भी बड़े हैं अम्मी जान। हमारा कुनबा वाकई बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड वाला है। अम्मी बड़े अब्बू का लण्ड चाटने लगी, चची फूफा का लौड़ा और मैं वाहिद का लौड़ा।  तीनो मर्द भी बिलकुल नंगे थे और हम तीनो औरतें भी।
इतने में बड़े अब्बू बोले - बेटी हुमा, मैंने तेरी माँ कई बार चोदी है और खूब चोदी है।  आज मैं सबसे पहले तेरी बुर चोदूंगा।
मैंने कहा - ठीक है अब्बू जान चोद लो।  मैं तैयार हूँ।
तब तक फूफा ने लण्ड मेरी चची जान की बुर में पेल दिया और वाहिद बहन चोद मेरी माँ का भोसड़ा चोदने लगा। इस तरह हम तीनो की चूत का बाजा एक साथ बजने लगा।

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