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मासूम आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून का बहाव हो रहा था

मासूम आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून का बहाव हो रहा था


मासूम आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून का बहाव हो रहा था हिंदी सेक्स स्टोरी : हेल्लो दोस्तों  मेरा नाम रणबीर कपूर है और मैं मुंबई का रहने वाला हूं. आप सब लोग तो वैसे भी मेरे बारे में सभ जानते है की मै कितना बड़ा बॉलीवुड एक्टर हूँ. मै हिंदी फिल्मो में काम करता हूँ. दोस्तों मैंने अभी अभी बॉलीवुड की फिल्म एक्ट्रेस आलिया भट्ट को सेट करा है और मेरी यह हिंदी सेक्स स्टोरी आलिया भट्ट की चुत चुदाई की ही है मै उम्मीद करता हूँ के मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी पड़ कर आप सभी को बहुत मजा आयगा…

जब मैं मासूम सेक्सी माल आलिया भट्ट से पहली बार मिला तो उससे मेरी उतनी बात नहीं हो पाई थी लेकिन हम लोगों की मुलाकात एक दो बार हुई तो मुझे जवान और सेक्सी माल आलिया भट्ट अच्छी लगने लगी वो बहुत ही मासूम और सेक्सी लड़की है मै समझ गया की इसको चुदाई के लिया सेट करना बहुत आसन है।
मासूम आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून का बहाव हो रहा था हिंदी सेक्स स्टोरी

फिल्म स्क्ट्रेस आलिया भट्ट का व्यवहार भी बहुत ही अच्छा है। कुछ दिनों तक हमारी फेसबुक पर बाते होने लगी फिर हम एक दुसरे को फ़ोन करने लगे और घंटो घंटो बाते करते. आलिया भट्ट भी मेरी तरफ आकर्षित हो रही थी मै समझ गया था की अब वो दिन दूर नहीं जब ये मासूम आलिया भट्ट मेरे बिस्ता पर मेरे निचे होगी और मै इसकी चुत में अपना लंड डाल कर इसे एक धंधा करने वाली रंडी की तरह चोद रहा होऊंगा.

फिर एक दिन मैंने आलिया भट्ट से अपने प्यार का इजहार कर दिया बदले में उसने भी मुझे I Love You बोला. फिर हम दोनों ने मिलने का प्लान बनाया मैंने होटल के एक कमरा बुक करवा लिया, उसी दौरान आलिया भट्ट मुझे मिली उस कमरे में आई आलिया भट्ट और मैं साथ में बैठे हुए थे हम दोनों आपस में बात कर रहे थे। मैंने आलिया भट्ट से कहा कि मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं तो वह मुझसे कहने लगी की रणबीर मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं।


फिर मैंने मासूम सी आलिया भट्ट मे सेक्स करने की उत्त्जेना जगाने के लिये  उसके हाथों को अपने हाथों में लिया और उसके हाथों को मैं अच्छे से चूमने लगा। मुझे मासूम सी बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट के साथ यहा सब करते हुए बड़ा अच्छा लग रहा था वह उस दिन बहुत ज्यादा सुंदर भी लग रही थी मैंने सेक्सी आलिया भट्ट से कहा कि क्या हम लोग आज साथ में समय बिता सकते हैं। मासूम आलिया भट्ट कहने लगी ठीक है फिर वह मेरे साथ आ गयी और  मेरे साथ मेरी कार में बैठी.

मैंने सेक्सी और हॉट माल आलिया भट्ट के गुलाबी होठों को अपने मुह में लेकर चूमना शुरू किया तो उसे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने मासूम आलिया भट्ट के होठों का रसपान काफी देर तक किया उसके अंदर की सेक्स करने की गर्मी बाहर निकलने लगी तो वह मुझे कहने लगी हम दोनों को कहीं चले जाना चाहिए। मैंने अपने दोस्त को फोन किया तो उसने मुझे कहा तुम मेरे फ्लैट में चले आओ रात को मैंने उससे उसके फ्लैट की चाबी ली और उसके फ्लैट में चली गए.

वहां पर एक बैड लगा हुआ था। उसमें हम दोनों लेट गए मैंने सेक्सी और गरम माल आलिया भट्ट के रसीले लाल लाल होठों का फिर से रसपान करना शुर कर दिया। यहाँ भी देखें: दिवाली की सफाई के दौरान मोटा लंड भाभी की गांड में डाल दिया थोड़ी देर बाद मासूम सी आलिया भट्ट एक रंडी बन चुकी थी फिर मैंने उसके सारे कपडे उतारे और आलिया भट्ट को बिलकुल नंगी पुंगी कर डाला.

मैंने जब आलिया भट्ट का नंगा शारीर देखा तो मेरे अंदर सेक्स करने की उत्तेजना और भी बढ़ गई मैंने करीब पांच मिनट तक उसके दोनों छोटे छोटे बोबो को अपने मुह में लेकर चूसा फिर उसकी चिकनी वर्जिन चुत पर अपने लंड को लगा दिया और उसकी गीली हो चुकी चूत के अंदर अपने लंड को मैंने जैसे ही घुसाया तो वह चिल्लाने लगी।

मेरा लंड आलिया भट्ट की कुँवारी चुत के अंदर बच्चे दानी तक जा चुका था मैं उसकी चुत में अपने 9 इंच लम्बे लंड से बड़ी तेजी से धक्के देने लगा। उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत मजा आता मैं लगातार उसे तेजी से धक्के दिए जाता जिससे कि उसके अंदर की उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ जाती और वह मेरा साथ बडे अच्छी तरीके से देती। आलिया भट्ट की चुत से खून का बहाव हो रहा था वो दर्द के मारे जोर जोर से रो रही थी.

आलिया भट्ट की वर्जिन चुत से खून निकलता देख मुझे और भी ज्यादा मजा आरहा था। आलिया पहली लड़की नहीं थी जिसकी चुत चुदाई के वक्त वर्जिन चुत से खून निकल रहा था बल्कि मै तो हर लड़की को ही इतना बुरा चोदता हूँ की उनकी गांड और चुत से खून निकल आता है. यहाँ भी देखें >> कुँवारी ट्यूशन टीचर की वर्जिन चूत फाड़ कर खून निकाला दोस्तों जो भी लड़की मेरे साथ सेक्स करती है उसकी चुत से खून का बहाव होना आम बात है मेरा लंड है ही इतना बड़ा के वो लडकियों की चुत को फाड़ते हुए उनकी बच्चे दानी तक चला जाता है.

मैंने सेक्सी आलिया भट्ट के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया और लगातार तेजी से धक्के मारने लगा .  चुत चुदवाते चुदवाते उस रंडी के मुंह से गन्दी गन्दी मादक आवाजे निकल रही थी जिससे मेरे अंदर उसे चोदने की उत्तेजना और भी ज्यादा बडती जा रही थी।

हम दोनों ही पूरी तरीके से जोश में आ चुके हैं मेरा वीर्य जैसे ही आलिया भट्ट की वर्जिन चुत में गिरा तो हम दोनों अपार सुख की अनुभूति हुई। मैंने उसे गले लगा लिया उस रात हम दोनों एक साथ नंगे ही लिपट कर सोये. मेरे 9 इंच लम्बे लंड से आलिया भट्ट बहुत खुश थी आलिया भट्ट ने सुबह उठकर मेरे 9 इंच लम्बे लंड को अपने हाथ से हिलाया और मेरा मुठ मारा जिस कारण मेरा लंड दोबारा से उसकी चुत में गुसने को खड़ा हो गया.

फिर वो मुझसे बोलने लगी की मेरी चुत की झिल्ली तो खुल चुकी है अब मेरी वर्जिन गांड की झिल्ली भी खोल दो रणबीर.  फिर मैंने वर्जिन आलिया भट्ट को गांड मारने के लिये उलटा करा वो फटा फट अपनी गांड मरवाने के लिये नंगी ही मेरे सामने घोड़ी बन गयी फिर मैंने उस कुंवारी लड़की की गांड में अपना लंड डाल कर करीब बीस मिनट तक उसकी टट्टी से भरी गांड मारी उसे भी मेरे लंड के अपनी गांड मरवाने में बहुत मजा आ रहा था.

चुदवाते चुदवाते मासूम सेक्सी आलिया भट्ट जोर जोर से चिल्ला रही थी फ़क मी रणबीर … ओह.. माय गॉड… माय प्ले बॉय रणबीर.. फ़क मी… आह… आह… फिर मेरे लम्बे और मोटे लंड ने उस कुंवारी लड़की की गरम गांड में अपना गर्म गर्म वीर्य चोद दिया फिर मै निढाल होकर नंगा ही आलिया भट्ट के उप्पर लेट गया. अब हमारा सेक्स ख़त्म हो चूका था और आलिया भट्ट अपनी वर्जिन चुत की झील्ली मेरे वर्जिन लंड से फड़वा कर अपना कोमार्य भंग करवा चुकी थी.

उसके बाद नंगी आलिया भट्ट वोशरूम में चली गयी और तैयार हो कर आयी फिर मैंने आलिया भट्ट को उसके घर पर छोड़ दिया। उस दिन आलिया भट्ट मेरा 9 इंच लम्बा लंड अपनी गांड और चुत में डलवा कर बहुत खुश थी अब हम बहुत जल्द शादी करने वाले है शादी के बाद तो मै रोज आलिया भट्ट को रंडी की तरह चोदा करूँगा बहुत मजा आयगा…

 वर्जिन आस्था मेरा पहला प्यार पार्ट -1

 

वर्जिन आस्था मेरा पहला प्यार पार्ट -1

वर्जिन आस्था मेरा पहला प्यार पार्ट -1  हैलो दोस्तो मेरा नाम निकी है । मैं दिल्ली कॉलेज में पढ़ता हूँ।मेरी हाइट 5 फ़ीट 9 इंच है और दिखने में ठीकठाक हूँ।मेरा घर पंजाब में है। हमारा घर काफी बड़ा है,मेरा कमरा छत पर यानी पहली मंजिल पर है। वैसे तो मेरे पापा मम्मी ने कई बार चुदाई का सुख प्राप्त करा होगा पर संतान एक ही पैदा करी और वो मै हूँ. जी हाँ दोस्तों मैं अपने माता पिता की इकलौती संतान हूं। मैं पढ़ाई में पहले से ही होशियार था। लॉकडाउन की वजह से मार्च से ही घर पर हूँ।

हमारे पड़ोस में एक लड़की है जिसका नाम है आस्था,उसकी उम्र 18 वर्ष है और वो 12वी में पढ़ती है। मैं उसे बहुत पसंद करता हूँ क्योकि वो है ही बहुत सुंदर और सेक्सी। उसकी हाइट 5 फ़ीट 5 इंच है। उसका रंग बिल्कुल गोरा है और शरीर से बिल्कुल फिट है,उसके बूब्स यानी बोबे बहुत बड़े बड़े है।उन्हें देखकर हमेसा दिल मे कुछ कुछ होता था और ऊपर से रोज वो इतने सुंदर सूट पहनती थी कि ऐसा लगता था कि कोई परी आई हो। पता नही कैसे पर 12वीं में दो विषयो में फैल हो गई एक तो बायोलॉजी यानी जीव विज्ञान और दूसरा केमिस्ट्ररी यानी रसायन विज्ञान।

इसलिए उसकी मम्मी एक दिन हमारे घर आई और मेरी मम्मी से पूछा कि बहनजी क्या निक्की आस्था को ट्यूशन पढ़ा देगा,पता नहीं ये लड़की फैल कैसे हो गयी।अब आपको तो पता है एक तो ये बीमारी चल रही है,और ऊपर से लड़की भी बड़ी हो गयी है। मैं उन दोनों की बाते सुन रहा था ,और मुझे खुशी हुई ये सुनकर।जिससे पहले मैं कुछ कहता ,मेरी मम्मी ने हाँ कर दी थी और कहा 4 बजे भेज दिया करो ,तब निक्की भी फ्री होता है।

अब वो ट्यूशन पर रोज आने लगती है. मैने कहा चलो ऊपर मेरे कमरे में यहाँ नीचे हम दोनों डिस्टर्ब रहेंगे। आस्था: ऊपर मेरे कमरे में आती है और मेरे कमरे को देखकर चुपचाप बैठ जाती है। मैने पूछा तुम फैल कैसे हो गयी? उसने कहा पता नही। मैने कहा चलो कोई नहीं आज से में तुम्हे पढ़ाऊंगा ,अगर कोई दिक्कत आए तो पुछ लेना। उसने हाँ भरते हुवे सिर हिलाया।

अब बीच-बीच में मैं हँसी मजाक कर लेता था। कभी उसके सूट के डिज़ाइन के ऊपर या कभी कोई जोक। अब वो भी मेरे से अच्छे से घुल मिल गई थी। धीरे धीरे उसके डाउट्स कम होते गए और हमारा सिलेब्स भी लगभग कवर हो गया था।एक दिन वो जीन्स टॉप पहन कर आई। मानो उस दिन तो मुझे वो हार्ट अटैक दे देती।उसके मोटे मोटे बोबे टॉप से बाहर आने को तरस रहे थे और उसकी जांघ उसकी जीन्स से सटी हुई। वो इतनी हॉट लग रही थी कि क्या बताऊँ।

मैंने पूछा आज ये ड्रेस क्यों? उसने कहा आज मम्मी नहीं थी ना, वो अपने गाँव गयी है।आज मेरा दिल किया तो पहन लिए।
मैने कहा बहुत सुंदर लग रही हो। उसने कहा थैंक्स। मैने पूछा आस्था तुम्हे कोई लड़का पसंद नहीं था क्या स्कूल में? आस्था ने कहा : नहीं मुझे कोई पसंद नहीं था। आस्था: क्या आपको कोई लड़की पसंद नही आई कॉलेज में? मैने कहा नही,वो दिल्ली है वहा की लड़कियों पर विश्वास नही है मुझे क्या पता जिससे प्यार करूँ वो धंधा करने वाली निकल जाये तो मेरी तो जिन्दगी ही ख़राब हो जायगी।

आस्था : क्यो ऐसा क्या कर देती है वो ,हँसते हुवे? मैने कहा छोड़ो उनको ,पर मुझे तुम बहुत पसंद हो शूरु से ही। दिल मे कुछ कुछ होता है जब भी में तुझे देखता हूं। आस्था बोली चल जूठा ,मैं ही मिली तुम्हे पागल बनाने को। और मैने उसे पढ़ाना शूरु किया।बीच मे उसने हिचकिचाते हुवे पूछा क्या तुम मुझे सच मे पसंद करते हो। मैने कहा हाँ । आस्था शरमाते हुए बोली की ऐसा क्या पसंद है तुम्हे मुझ में? मैने हस्ते हुवे कहा ,सबकुछ, तुम्हारा साफ दिल,तुम्हारा चेहरा तुम्हारा शरीर और उसकी खुशबू ,तुम्हारे बाल। आस्था बोली और कुछ भी बच गया क्या अब मेरे इस शरीर में??

मैने कहा हाँ तुम्हारे मुलायम हाथ और उंगली दिखाते हुवे उसकी छाती पर लटके दो मोटे मोटे बूब्स की तरफ इशारा किया। मैने सोचा वो गुस्सा होगी पर वो एकदम हँसी। बहुत सुंदर लग रही थी आस्था मेरा पहला प्यार हँसते हुए। मैंने बिना कुछ सोचे उसके गालों पर एक किस कर दिया। उसने पूछा ये क्या था? मैंने कहा मेरा मन किया और वो घर चली जाती है क्योंकि आज का टयूशन समय हो गया था। सारी रात मैं उस किश के बारे में सोचता रहा ,उसके मुलायम से गाल। मैने ठान लिया था कि कल मैं उसको परपोज़ करूँगा और बहुत जल्द उसकी सलवार सूट खोलकर चुदाई भी करूँगा।

अगले दिन जब वो आती है उसके चेहरे पर अलग सी चमक दिख रही थी। मैं उसके सामने गया और घुटनों के बल बैठ गया और गुलाब देते हुवे पूछा क्या तुम मेरी गर्ल फ्रेंड बनोगी?? वर्जिन आस्था थोड़ा सोचते हुवे बोली “हाँ” । मेरी खुसी का मानो कोई ठिकाना ना रहा। और हम दोनों बैड पर आकर बैठ गए। मैं उसे पढ़ाने लगा क्योकि मैं कोई जल्द बाजी नही करने वाला था। बीच में मैने आस्था से पूछा क्या तुमने कभी किसी को किश करते देखा है होठो पर?? वो शर्मा गयी और शरमाते शरमाते मुस्कुराने लगी। मैने कहा देखो आज से हम सब कुछ शेयर कर सकते है ।क्योंकि आज ही तो हम गर्लफ्रैंड बॉयफ्रैंड बने है और ये बाते सिर्फ हमारे बीच रहेगी।

आस्था ने कहा हाँ टीवी पर देखा था एक फ़िल्म में। मैने पूछा क्या हम ट्राई करें?? आस्था बोली मुझे बहुत डर लग रहा है कोई आ गया और हमें देख लिया तो। मैने कहा मेरे रूम में कोई नही आता है। और हम बैड पर एक दूसरे के सामने मुँह करके बैठ गए। हम दोनों ने अपना मुँह आगे किया और हमारे होंठ आपस मे टच हुए। बहुत अनोखा एहसास था वो आज मै मेरे पहले प्यार के साथ जो मस्ती कर रहा था ।उसके गुलाबी होंठ बहुत मुलायम और गीले थे। उसकी साँसे तेज हो गयी थी। हम दोनों 5 मिनट तक ऐसे ही बैठकर एक दूसरे के होठो को टच कर रहे थे।


हमने फ्रेंच किस करने की कोशिश की।उसके मुँह का वो गरम गरम एहसास ,उसकी स्लाइवा का टेस्ट अब भी मुझे याद है।
फिर मैंने उसके चूचो को हाथ लगाया ,उसके सूट के ऊपर से। आस्था ने हल्का सा मेरे हाथ मार मारा। बहुत मुलायम और बड़े बड़े थे।मैं उन्हें देखना चाहता था। मैंने आस्था को सूट उतारने को कहा और पहले तो उसने शर्माते हुवे देखा और कहा नही कोई आ जायेगा। मैं उठा और रूम अंदर से बंद किया और कहा अब बोलो। उसने सलवार सूट उतारा ,और उसकी लाल रंग की ब्रा दिखी। मैंने कहा रुको मैं मदद करता हूँ।और मैन उसकी सेक्सी ब्रा के हूक खोले। उसके मोटे मोटे बूब्स बिल्कुल गोरे और निप्पल्स बिल्कुल टाइट हो रखे थे।

उसकी छाती पर दो तिल भी थे मानो उसकी बूब्स को बुरी नजर वालो से बचाने के लिए काला टिक्का हो। ये हम दोनों का ही पहला अनुभव था। इसलिए मैं उसे ज्यादा परेशान नही करना चाहता था। मैने कहा आस्था देखो मैं तुम्हे सही में बहुत प्यार करता हूँ इसलिए ऐसा कुछ नही करूँगा जिससे तुम्हे परेशानी हो,और वो हँसी और कहा ठीक है मुझे पता है। मैने उसके शरीर को सूँघा बहुत मनमोहक खुसबू आ रही थी।दिल कर रहा था कि सारे शरीर को किश करु। मैने उसके चूचो पर अपना हाथ रखा और उससे कहा यार सही में बहुत मुलायम और सुंदर है। क्या इनका स्वाद चेक कर लूं??

आस्था: ओके ठीक है। मैने उसके निप्पल्स को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा।अब वो गरम होने लगी थी और सिसकारियां भर रही थी।मैने आधे घंटे तक उसके दोनों निप्पल्स चूसे और प्रयास करता उसके सारे बूब(चूचो) को अपने मुँह में भरने का। आस्था ने कहा थोड़ी गुदगुदी हो रही है ,पर मजा आ रहा है।वो सिसकारियां अम्म अम्म आह अम्म अम्म अम्म ,और चूसो, ऐसे बोल रही थी। मैने अंत मे उसको फिर से किश किया और कहा यार टयूशन का समय तो खत्म हो गया। अब घर जाओ कल जल्दी आना।

मैने उससे पूछा क्या तुमने अपने झांट के बाल काट रखे है?? आस्था बोली नहीं । मैने पहले ही इंतेज़ाम कर रखा था ,मैंने उसको वीट(हेयर रिमूवल क्रीम) और एक ज़िलेट का रेजर दिया और कहा कल शेविंग करके आना ,हाथो और पैरों के बाल भी वीट से हटा लेना। आस्था पूछने लगी क्या ये जरूरी है?? मैंने उसे चुतिया बनाते हुए कहा हाँ, हमे अपने शरीर को साफ सुथरा रखना चाहिए।

अगले दिन वो ट्यूशन पर आती है. मैं और मेरी मम्मी आइस क्रीम खा रहे थे। मेरी मम्मी बोली बीटा निक्की आस्था को भी आइस क्रीम डाल कर दो। आस्था बोली नही आंटी इसकी कोई जरूरत नही है। मैने उसकी आइस क्रीम डाली और कहा हम दोनों पढ़ते पढ़ते ही खा लेंगे और ऊपर मेरे रूम में आ गए। उसके हाथों पर बाल नही थे मैं समझ गया था कि शेविंग करके आयी है आस्था। मैंने रूम अंदर से लॉक किया और आइस क्रीम बैड पर रखी।और आस्था का सूट उतारने लगा। आस्था: क्या हुवा ? मैंने कहा यार अब इंतेज़ार नही होता है।

आस्था: हँसी और बोली रुको मैं उतारती हूँ। मैंने उसे बैड पर लिटाया,और उसके बूब्स और सारे मुह पर आइस क्रीम लगा दी। उसके बूब्स बहुत सेंसिटिव थे,वो कहने लगी जल्दी करो गुदगुदी और बहुत ठंडा लग रहा है। मैंने उसके मुह और निप्पल्स को काफी देर तक चूसा और साफ किया। आस्था बोली बहुत मजा आ रहा है।

मैने उसकी सलवार में धीरे धीरे अपना हाथ डाला,उसकी चुत बहुत गर्म और मुलायम थी और गीली भी हो गयी थी।
मैंने अपने हाथों से रगड़ना स्टार्ट किया और उसकी मनमोहक आवाज़ें निकलने लगी।
मैं उसकी चुत को देखना चाहता था,अब वो इतनी गरम हो चुकी थी कि।

मैंने आज उसकी सलवार नीचे खींची ,उसने ब्लैक कलर की पैंटी पहन रखी थी। उसकी टांगें बहुत खूबसूरत लग रही थी बिना हेयर्स के। मैने उसके टांगो को किश करना स्टार्ट कर दिया और धीरे धीरे उसकी जांघो की तरफ बढ़ा। एक लुभावनी सी खुसबू आने लगी। मैंने उसकी पैंटी को उतारा और मैं देखकर हैरान रह गया कि उसकी चूत बिलकुल गोरी थी,जैसा कि फॉरेन(विदेशी) कन्ट्रीज की लड़कियों की होती है।

मैं देखना चाहता था कि इसकी चूत कितनी सेंसिटिव है। और मैंने उस पर अपना मुँह रखा और चूसने लगा। उसकी वर्जिन चूत का स्वाद नमकीन सा था,और एक अलग से खुसबू थी। वो तेज तेज सिसकारियां भर रही थी,आह आह आह आह आह आह अम्म अम्म आह आह आह आह आह आह आह आह अम्म………. इनको सुनकर मेरे अंदर जोश से आ रहा था जब वर्जिन चूत के छेद के अंदर मैं अपनी जीभ डालता तो वो बोलती नही आह दर्द होता है।

लगभग 3 मिनट बाद उसका सारा शरीर अकड़ने लगा और वो चिल्लाई कुछ आने वाले है। उसने मेरे मुँह पर एक पानी का फव्वारा जैसा मारा। उसका स्वाद हल्का नमकीन और खुसबू ठीक ठाक थी। मैंने पूछा आस्था कैसा लग रहा है? आस्था बोली मुझे ऐसा लग रहा था कि किसी दूसरी दुनिया मे हूं इतनी खुशी आज तक मुझे नही हुई है। आस्था थक गई थी पर उसकी वो अब भीगी हुई चिकनी चुत को देखकर दिल बोल रहा था कि अभी और खेलो इसके साथ।

मैने आधी आइस क्रीम उसकी चुत पे डाल ली,चूंकि चूत का तापमान ज्यादा होता है वो एक बार कापी और मेरे मुँह को पकड़कर अपनी चूत पर किया और कहा जल्दी हटाओ इसे। मैंने उसकी चूत को चाटना फिर से चालू किया अब आइस क्रीम का स्वाद ही बदल गया था। अबकी बार उसको पूरे 5 मिनट लगे।और थोड़ा सा पानी मेरे मुँह पर फिर से मारा। वो इतनी निढ़ाल होकर गिरी थी कि मानो दुनिया की सबसे खुश लड़की हो।

और मैं उसके ऊपर लेट गया ।उसके बूब्स मेरी शरीर से बिल्कुल टच थे।उसने मुझे किश किया, पर मेरा लन्ड इतने दिन से बहुत हार्ड रहता था क्योंकि पहले दिन से जब ,आस्था टयूशन के लिए आई थी उसी दिन मैंने सोच लिया था कि मैं हस्तमैथून खुद नही करूँगा। उस दिन से आज तक ,मैं मेरे लन्ड को बड़ी मुश्किल से संभाल रहा हूँ। आस्था ने आज महसूस किया और कहा कुछ चुभ रहा है। मैंने कहा मेरे लन्ड को भी तुम्हारी चुत के साथ खेलना है। आस्था बोली नही मैं बहुत थक गई हूं।उठने की हिम्मत नही है। मैने मेरे कपड़े उतारे ,और आस्था को अपना अंडर वियर उतारने को कहा। वो मेरा लौड़ा देखकर चौक गयी और कही इतना बड़ा और मोटा लंड। ये कैसे हो गया। बच्चों का तो छोटा सा नुन्नू जैसा होता है।

मैंने कहा ये अभी बड़ा है जब तुम्हारी चूत के साथ खेलेगा और थक जाएगा तो ये भी छोटा हो जाएगा। मैं उसके ऊपर बैठ गया। और मेरा लन्ड उसके मुँह में डाल दिया और कहा इसे चूसो। आस्था ने कमाल कर दिया,मुझे इतना अच्छा लग रहा था ,उसका गरम गरम मुह और उसकी चिकनी लार। मैं अपने लन्ड को आगे पीछे करने लगा। वो इतने जोर जोर से उसे चूश रही थी कि मेरा लन्ड से 4 मिनट बाद वीर्य (पानी ) निकल गया,जो उसके मुँह में भर गया था।

मैं समझ गया उसके चेहरे को देखकर की वो उसका क्या करे??
मैंने उसको फ्रेंच किश करते हुए आधा वीर्य अपने मुह में लिया और पी गया।और मैंने उससे भी ऐसा करने को कहा।
वीर्य का स्वाद हम दोनो ने ही पहली बार चखा था।
अजीब सा स्वाद था।
आज का ट्यूशन टाइम भी खत्म होने वाला था सिर्फ 5 मिनट बचे थे।
पर मेरा लन्ड दोबारा खड़ा हो रहा था धीरे धीरे।
आस्था: ओह्ह नो ,फिर से नही, ये कब थकेगा।
मैंने पहले तो उसके बड़े बड़े चूचो के बीच अपने लन्ड को हिलाया,बहुत मजा आया फिर उसकी चिकनी चूत पर लन्ड रगड़ने लगा,बहुत स्लिपरी हो रखी थी
इसलिए ज्यादा टाइम ना लगा और मैंने मेरा वीर्य उसके दोनों चूचो पर गिरा दिया ।
और उनकी काफी देर तक मालिश की जबतक वो वीर्य सुख नही गया।

मैंने उसके शरीर को एक कपडे से साफ किया और कपड़े पहनने में मदद की क्योकि ट्यूशन का टाइम खत्म हो गया था। मैंने आस्था से कल के लिए पूछा की इससे आगे करे क्या?? आस्था बोली मुझे नही पता इससे आगे क्या क्या होता है।पर मुझे बहुत मजा आया।इसलिए हाँ मैं तैयार रहूंगी।और वो घर चली गयी। और मैंने कल की तैयारी उसके जाने के बाद स्टार्ट कर दी। मैं नारियल का तेल,एंटीसेप्टिक क्रीम,बाजार से लेके आया। मेरे कमरे में ही बाथरूम था।इसलिए कोई दिक्कत वाली बात नही थी। अगले दिन मैं बेसब्री से उसका इंतजार कर रहा था।जैसे ही वो घर के अंदर आयी मैं तुरंत उसे ऊपर मेरे कमरे में लेके गया और दरवाजा बंद किया।

दोनो ने कपड़े उतारे,और पुरे नंगे होकर बैड पर लेट गए। पहले किस किये,उसके बूब्स को सहलाया,उन्हें चूसा, उसके पेट पर किस किये,और उसकी गुलाबी चुत चाटी। वो बहुत गर्म हो चुकी थी। आज आखिर कार वो दिन आ गया था जब हम दोनों अपनी वर्जिनीटी खोते। मैंने उसके मोटे मोटे कूल्हों के नीचे एक तकिया लगाया उसकी दोनों टांगे खुलवाई और उन्हें मेरे कंधो पर रख दिया।

मुझे पता था बहुत दर्द होगा पहली बार चुदवाने में इस वर्जिन लड़की को,इसलिए आस्था की आवाज को भी संभालना था ताकि नीचे कोई सुन ना ले की उप्पर पढाई के नाम पर चुदाई चल रही है । लंड और चूत के बिच घर्षण को कम करने के लिए मैंने आस्ता की चुत चोदने से पहले उसकी वर्जिन चुत पर नारियल का तेल लगाया और अपने 9 इंच लम्बे और 4 इंच मोटे लंड पर भी। उसकी चूत के छेद पर अपना तगड़ा लंड रखकर,अपने दोनों हाथों से उसके कंधो को पकड़ा हुवा था और अपने मुँह से उसके मुलायम होठो को बंद कर रखा था।

जैसे ही मैने पहला झटका मारा,उसके हाथ मेरे पेट पर गए और ऊपर धकेलने लगे।वो काँप उठी। उसकी आँखों मे आंसू आ गए थे।पर लन्ड अभी उसकी वर्जिन चूत में आधा ही गया था। आस्था की वर्जिन चूत की मसल्स मेरे तगड़े लन्ड को जकड़े हुए थी उसकी चुत बहुत गर्म थी जैसे उसकी चूत के अंदर हीटर चल रहा हो धीरे धीरे । मैंने एक और जोरदार झटका मारा और मेरा लन्ड उसकी चूत की सील तोड़ते हुए पूरा अंदर चला गया। चुदते चुदते वो कुँवारी लड़की दर्द के मारे मछली की तरह तिलमीला रही थी। मगर पहली चुदाई का ये दर्द तो उसे एक बार सहन करना ही पड़ेगा। उसको दर्द के मारे तड़पते देख मेरा दिल भी रोने को हो रहा था। मैंने कुछ समय के लिये उसकी फटी हुई चूत की चुदाई रोक दी और मैं ऐसे ही उसके ऊपर 3 मिनट तक लेटा रहा।

मैंने अपना मुँह उसके मुह से हटाते हुवे पूछा आस्था तुम्हारी चूत में दर्द हो रहा है क्या अभी भी? आस्था बोली अब तो इतना नही हो रहा पर तुम ऐसे ही लेटे रहो मेरे ऊपर। मैं भी उससे अलग नही होना चाहता था।उसकी नाजुक सी त्वचा मेरे शरीर को बहुत सुकून दे रही थी। मैंने जोर शोरो से उसे किश करना चालू किया। जैसे ही मेरा लन्ड थोड़ा सा हिलता वो दर्द से चिल्लाती आह आह दर्द होता है। मैंने उससे कहा देखो आज तो इतना दर्द ही होगा ये तुम्हे सहना पड़ेगा,वरना बार बार तुम्हे ये दर्द होगा।

आस्था: तो फिर जल्दी पूरा करो इसे और मैंने उसे किश करते हुवे लन्ड बाहर भीतर करने लगा।उसे हल्का हल्का दर्द होता और वो मेरे होठो को मजबूती से पकड़ लेती। लगभग 5 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था इसलिए मैंने अपना लन्ड बाहर निकाला जो खून का सना हुवा था। आस्था बोली ये खून कहा से आया?? मैने कहा ये तुम्हारा खून है ,ये पहली बार आता ही है जब कोई लड़की सेक्स करती है।

मैने लन्ड को हिलाना शूरू किया पहले तो कुछ लाल लाल बूंदे खून की आयी फिर सफेद पानी(वीर्य) जो मैंने उसके पेट पर गिरा दिया। और उसको अपनी बाहों में मजबूती से जकड़ कर लेट गया। मैंने उसके माथे पर किश किया। लगभग 10 मिनट बाद मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और बाथरूम में लेकर गया और वहां पानी से साफ किया।

अब उसकी चूत में एंटीसेप्टिक क्रीम लगानी थी,इसलिए पहले मैंने मेरे लन्ड पर एंटीसेप्टिक क्रीम लगाई और उसे पास बुलाकर एक दम लन्ड उसकी आधी चुत के अंदर डाल कर बाहर निकाल लिया। आस्था बोली अंदर थोड़ी जलन हो रही है। मैने कहा थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी और आज का ट्यूशन का टाइम भी चला गया और वो घर जाने लगी। आस्था की चाल भी थोड़ी बदल गयी थी। पर उसने कहा वो संभाल लेगी। सारी रात मुझे आस्था के सपने आये।और सपनों में मेरी शादी उसके साथ ही हुई। मैं सुबह बहुत खुश था उन सपनों को सोच सोच कर।

अगले दिन वो फिर आती है ट्यूशन पर: मैंने पूछा कैसी हो तुम अब?? आस्था बोली बढ़िया, अब दर्द भी नही हो रहा है। मैंने कहा चलो तो आज फिर पढ़ाई करते है,वो हैरान रह गयी ये सुनकर। मैंने फिर से उसे पढ़ाना स्टार्ट किया क्योकि मुझे उसे अच्छे नम्बरो से पास भी करवाना था। कुछ टाइम पढ़ाने के बाद मेरे से रुका नही गया,और मैने उसे बहुत टाइट गले लगा लिया। मैने कहा आई लव यू वेरी मच आस्था। आस्था:आज क्या हो गया है तुम्हे? मैंने कहा कुछ नही तुम मेरा पहला प्यार हो और मै तुमसे प्यार करने लगा हूँ।

मैने उसे किस करना शुरू किया। उस वर्जिन गर्ल की दिल की धड़कन बढ़ गयी थी। मैंने उसकी चूड़ीदार सलवार सूट उतारने में उसकी मदद की। मैने अपने कान उसकी छाती पर रखे और उसकी दिल की धड़कन साफ सुनाई दे रही थी। उसके गालों पर किश किया,फिर उसकी गर्दन पर,फिर उसके क्लीवेज पर फिर दोनो बूब्स पर। उसकी उतेजना बढ़ती जा रही थी,और साँसे और भी तेज।

मैंने आज उसके चूचे दबाने शुरू किए और उन्हें काफी देर तक चूसा।उसके मुँह से हल्की हल्की आवाजे निकल रही थी अम्म उम्म अम्म ऐसे ही करते रहो। फिर मैं उसके पेट की तरफ बढ़ा ,उसकी नाभि पर किश किया ,और अपनी जीभ से वह खेलने लगा। आस्था हँसी और बोली नही गुदगुदी होती है। मैने उसकी वी टाइप वाली सेक्सी ब्लू कलर की पैंटी उतारी, उसकी चुत का तो जैसे में दीवाना हो गया था।

अपने आप को रोक ही नही पाता था। मेरा मुह सीधे उसकी फटी हुई चुत पर गया और मैं उसे चाटने लगा। उसकी आवाजे अब और तेज हो गयी थी,थोड़ी देर में उसने मेरे मुह पर पानी का फव्वारा मारा। आस्था:तुम बहुत बढ़िया हो। मैने कहा अब तुम्हारी बारी,उसने मेरे कपड़े उतारे और सीधा मेरे लन्ड की तरफ गयी। उसने मेरे लन्ड को मुह में लिया और एक हाथ से लन्ड की त्वचा को आगे पीछे कर रही थी। मैंने कहा इसे अच्छे से गीला कर देना ताकि तुम्हारी चुत के अंदर आसानी से चला जाये।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे बैड पर वापस लिटाया और पूछा क्या तुम तैयार हो?? आज तुम्हे काफी मजा आएगा। आस्था: धीरे से करना और कहा मुझे चुम्मा चाटी करते रहो। मैंने उसके सेक्सी और हॉट जिस्म को बिलकुल टाइट पकड़ रखा था,उसके चुत के छेद पर लन्ड रखा और चुम्मा चाटी करना स्टार्ट किया। मैंने एक झटका मारा और लन्ड उसकी फटी हुई चूत में पूरा अंदर चला गया और उसकी फटी हुई चूत से खून बहने लगा और वो दर्द के मारे रोने लगी पर मैंने उसको चोदना जारी रखा और धीरे धीरे अपना लंड उसकी फटी हुई चूत के अंदर बाहर करने लगा।

आज उसकी पहली चुदाई थी थोड़ी देर तक तो उसे बहुत तेज दर्द हुआ लेकिन बाद में उसे मुझसे चुदवाने में काफी मजा आ रहा था और मेरे मुह में उसकी आवाज़ें आ रही थी। आह आह आह आह यस उम्म अम्म आह आह आह आह । आस्था ने अपने हाथ मेरे पेट पर रखे हुवे थे और चुदने की स्पीड कंट्रोल कर रही थी। मुझे भी आस्था को चोदने में बहुत मजा आ रहा था आखिर आस्था मेरा पहला प्यार जो थी ।

मैं और आस्था सेक्स करते करते अपने ऑर्गेज़म की चरम सीमा पर पहुचने वाले थे। जैसे ही वो झड़ी मैंने अपना लन्ड उसकी चुत से बाहर निकाला और हिलाकर अपना सारा पानी उसके नाभि पर डाल दिया।और हम दोनों निढाल होकर एक दूसरे के ऊपर लेट गए। मेरा लंड दोबारा खड़ा हो रहा था कि तभी नीचे से मेरी मम्मी की आवाज आई :-निक्की और आस्था बेटा नीचे आओ जल्दी

सलवार खोलकर बुर चुदाई कर डाली ट्यूशन पढ़ने आई लड़की की

सलवार खोलकर बुर चुदाई कर डाली ट्यूशन पढ़ने आई लड़की की
सलवार खोलकर चुदाई कर डाली ट्यूशन पढ़ने आई लड़की की  हैलो दोस्तो मेरा नाम निकी है । मैं दिल्ली कॉलेज में पढ़ता हूँ।मेरी हाइट 5 फ़ीट 9 इंच है और दिखने में ठीकठाक हूँ।मेरा घर पंजाब में है। हमारा घर काफी बड़ा है,मेरा कमरा छत पर यानी पहली मंजिल पर है। यहाँ भी देखें >> पत्नी चुदवाती नहीं थी तो जवान बहु को चोदने लगा हिन्दी सेक्स कहानी वैसे तो मेरे पापा मम्मी ने कई बार चुदाई का सुख प्राप्त करा होगा पर संतान एक ही पैदा करी और वो मै हूँ. जी हाँ दोस्तों मैं अपने माता पिता की इकलौती संतान हूं। मैं पढ़ाई में पहले से ही होशियार था। लॉकडाउन की वजह से मार्च से ही घर पर हूँ।

हमारे पड़ोस में एक लड़की है जिसका नाम है आस्था,उसकी उम्र 18 वर्ष है और वो 12वी में पढ़ती है। मैं उसे बहुत पसंद करता हूँ क्योकि वो है ही बहुत सुंदर और सेक्सी। उसकी हाइट 5 फ़ीट 5 इंच है। उसका रंग बिल्कुल गोरा है और शरीर से बिल्कुल फिट है,उसके बूब्स यानी बोबे बहुत बड़े बड़े है।उन्हें देखकर हमेसा दिल मे कुछ कुछ होता था और ऊपर से रोज वो इतने सुंदर सूट पहनती थी कि ऐसा लगता था कि कोई परी आई हो। पता नही कैसे पर 12वीं में दो विषयो में फैल हो गई एक तो बायोलॉजी यानी जीव विज्ञान और दूसरा केमिस्ट्ररी यानी रसायन विज्ञान।.


इसलिए उसकी मम्मी एक दिन हमारे घर आई और मेरी मम्मी से पूछा कि बहनजी क्या निक्की आस्था को ट्यूशन पढ़ा देगा,पता नहीं ये लड़की फैल कैसे हो गयी।अब आपको तो पता है एक तो ये बीमारी चल रही है,और ऊपर से लड़की भी बड़ी हो गयी है। मैं उन दोनों की बाते सुन रहा था ,और मुझे खुशी हुई ये सुनकर।जिससे पहले मैं कुछ कहता ,मेरी मम्मी ने हाँ कर दी थी और कहा 4 बजे भेज दिया करो ,तब निक्की भी फ्री होता है।

अब वो ट्यूशन पर रोज आने लगती है. मैने कहा चलो ऊपर मेरे कमरे में यहाँ नीचे हम दोनों डिस्टर्ब रहेंगे। आस्था: ऊपर मेरे कमरे में आती है और मेरे कमरे को देखकर चुपचाप बैठ जाती है। मैने पूछा तुम फैल कैसे हो गयी? उसने कहा पता नही। मैने कहा चलो कोई नहीं आज से में तुम्हे पढ़ाऊंगा ,अगर कोई दिक्कत आए तो पुछ लेना। उसने हाँ भरते हुवे सिर हिलाया।


अब बीच-बीच में मैं हँसी मजाक कर लेता था। कभी उसके सूट के डिज़ाइन के ऊपर या कभी कोई जोक। अब वो भी मेरे से अच्छे से घुल मिल गई थी। धीरे धीरे उसके डाउट्स कम होते गए और हमारा सिलेब्स भी लगभग कवर हो गया था।एक दिन वो जीन्स टॉप पहन कर आई। मानो उस दिन तो मुझे वो हार्ट अटैक दे देती।उसके मोटे मोटे बोबे टॉप से बाहर आने को तरस रहे थे और उसकी जांघ उसकी जीन्स से सटी हुई। वो इतनी हॉट लग रही थी कि क्या बताऊँ।

मैंने पूछा आज ये ड्रेस क्यों? उसने कहा आज मम्मी नहीं थी ना, वो अपने गाँव गयी है।आज मेरा दिल किया तो पहन लिए। मैने कहा बहुत सुंदर लग रही हो। उसने कहा थैंक्स। मैने पूछा आस्था तुम्हे कोई लड़का पसंद नहीं था क्या स्कूल में? आस्था ने कहा : नहीं मुझे कोई पसंद नहीं था। आस्था: क्या आपको कोई लड़की पसंद नही आई कॉलेज में? मैने कहा नही,वो दिल्ली है वहा की लड़कियों पर विश्वास नही है मुझे क्या पता जिससे प्यार करूँ वो धंधा करने वाली निकल जाये तो मेरी तो जिन्दगी ही ख़राब हो जायगी।

आस्था : क्यो ऐसा क्या कर देती है वो ,हँसते हुवे? मैने कहा छोड़ो उनको ,पर मुझे तुम बहुत पसंद हो शूरु से ही। दिल मे कुछ कुछ होता है जब भी में तुझे देखता हूं। आस्था बोली चल जूठा ,मैं ही मिली तुम्हे पागल बनाने को। और मैने उसे पढ़ाना शूरु किया।बीच मे उसने हिचकिचाते हुवे पूछा क्या तुम मुझे सच मे पसंद करते हो। मैने कहा हाँ । आस्था शरमाते हुए बोली की ऐसा क्या पसंद है तुम्हे मुझ में? मैने हस्ते हुवे कहा ,सबकुछ, तुम्हारा साफ दिल,तुम्हारा चेहरा तुम्हारा शरीर और उसकी खुशबू ,तुम्हारे बाल। आस्था बोली और कुछ भी बच गया क्या अब मेरे इस शरीर में??

मैने कहा हाँ तुम्हारे मुलायम हाथ और उंगली दिखाते हुवे उसकी छाती पर लटके दो मोटे मोटे बूब्स की तरफ इशारा किया। मैने सोचा वो गुस्सा होगी पर वो एकदम हँसी। बहुत सुंदर लग रही थी आस्था मेरा पहला प्यार हँसते हुए। मैंने बिना कुछ सोचे उसके गालों पर एक किस कर दिया। उसने पूछा ये क्या था? मैंने कहा मेरा मन किया और वो घर चली जाती है क्योंकि आज का टयूशन समय हो गया था। सारी रात मैं उस किश के बारे में सोचता रहा ,उसके मुलायम से गाल। मैने ठान लिया था कि कल मैं उसको परपोज़ करूँगा और बहुत जल्द उसकी सलवार सूट खोलकर चुदाई भी करूँगा।

अगले दिन जब वो आती है उसके चेहरे पर अलग सी चमक दिख रही थी। मैं उसके सामने गया और घुटनों के बल बैठ गया और गुलाब देते हुवे पूछा क्या तुम मेरी गर्ल फ्रेंड बनोगी?? वर्जिन आस्था थोड़ा सोचते हुवे बोली “हाँ” । मेरी खुसी का मानो कोई ठिकाना ना रहा। और हम दोनों बैड पर आकर बैठ गए। मैं उसे पढ़ाने लगा क्योकि मैं कोई जल्द बाजी नही करने वाला था। बीच में मैने आस्था से पूछा क्या तुमने कभी किसी को किश करते देखा है होठो पर?? वो शर्मा गयी और शरमाते शरमाते मुस्कुराने लगी। मैने कहा देखो आज से हम सब कुछ शेयर कर सकते है ।क्योंकि आज ही तो हम गर्लफ्रैंड बॉयफ्रैंड बने है और ये बाते सिर्फ हमारे बीच रहेगी।

आस्था ने कहा हाँ टीवी पर देखा था एक फ़िल्म में। मैने पूछा क्या हम ट्राई करें?? आस्था बोली मुझे बहुत डर लग रहा है कोई आ गया और हमें देख लिया तो। मैने कहा मेरे रूम में कोई नही आता है। और हम बैड पर एक दूसरे के सामने मुँह करके बैठ गए। हम दोनों ने अपना मुँह आगे किया और हमारे होंठ आपस मे टच हुए। बहुत अनोखा एहसास था वो आज मै मेरे पहले प्यार के साथ जो मस्ती कर रहा था ।उसके गुलाबी होंठ बहुत मुलायम और गीले थे। उसकी साँसे तेज हो गयी थी। हम दोनों 5 मिनट तक ऐसे ही बैठकर एक दूसरे के होठो को टच कर रहे थे।

हमने फ्रेंच किस करने की कोशिश की।उसके मुँह का वो गरम गरम एहसास ,उसकी स्लाइवा का टेस्ट अब भी मुझे याद है। फिर मैंने उसके चूचो को हाथ लगाया ,उसके सूट के ऊपर से। आस्था ने हल्का सा मेरे हाथ मार मारा। बहुत मुलायम और बड़े बड़े थे।मैं उन्हें देखना चाहता था। मैंने आस्था को सूट उतारने को कहा और पहले तो उसने शर्माते हुवे देखा और कहा नही कोई आ जायेगा। मैं उठा और रूम अंदर से बंद किया और कहा अब बोलो। उसने सलवार सूट उतारा ,और उसकी लाल रंग की ब्रा दिखी। मैंने कहा रुको मैं मदद करता हूँ।और मैन उसकी सेक्सी ब्रा के हूक खोले। उसके मोटे मोटे बूब्स बिल्कुल गोरे और निप्पल्स बिल्कुल टाइट हो रखे थे।

उसकी छाती पर दो तिल भी थे मानो उसकी बूब्स को बुरी नजर वालो से बचाने के लिए काला टिक्का हो। ये हम दोनों का ही पहला अनुभव था। इसलिए मैं उसे ज्यादा परेशान नही करना चाहता था। मैने कहा आस्था देखो मैं तुम्हे सही में बहुत प्यार करता हूँ इसलिए ऐसा कुछ नही करूँगा जिससे तुम्हे परेशानी हो,और वो हँसी और कहा ठीक है मुझे पता है। मैने उसके शरीर को सूँघा बहुत मनमोहक खुसबू आ रही थी।दिल कर रहा था कि सारे शरीर को किश करु। मैने उसके चूचो पर अपना हाथ रखा और उससे कहा यार सही में बहुत मुलायम और सुंदर है। क्या इनका स्वाद चेक कर लूं??

आस्था: ओके ठीक है। मैने उसके निप्पल्स को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा।अब वो गरम होने लगी थी और सिसकारियां भर रही थी।मैने आधे घंटे तक उसके दोनों निप्पल्स चूसे और प्रयास करता उसके सारे बूब(चूचो) को अपने मुँह में भरने का। आस्था ने कहा थोड़ी गुदगुदी हो रही है ,पर मजा आ रहा है।वो सिसकारियां अम्म अम्म आह अम्म अम्म अम्म ,और चूसो, ऐसे बोल रही थी। मैने अंत मे उसको फिर से किश किया और कहा यार टयूशन का समय तो खत्म हो गया। अब घर जाओ कल जल्दी आना।

मैने उससे पूछा क्या तुमने अपने झांट के बाल काट रखे है?? आस्था बोली नहीं । मैने पहले ही इंतेज़ाम कर रखा था ,मैंने उसको वीट(हेयर रिमूवल क्रीम) और एक ज़िलेट का रेजर दिया और कहा कल शेविंग करके आना ,हाथो और पैरों के बाल भी वीट से हटा लेना। आस्था पूछने लगी क्या ये जरूरी है?? मैंने उसे चुतिया बनाते हुए कहा हाँ, हमे अपने शरीर को साफ सुथरा रखना चाहिए।

अगले दिन वो ट्यूशन पर आती है. मैं और मेरी मम्मी आइस क्रीम खा रहे थे। मेरी मम्मी बोली बीटा निक्की आस्था को भी आइस क्रीम डाल कर दो। आस्था बोली नही आंटी इसकी कोई जरूरत नही है। मैने उसकी आइस क्रीम डाली और कहा हम दोनों पढ़ते पढ़ते ही खा लेंगे और ऊपर मेरे रूम में आ गए। उसके हाथों पर बाल नही थे मैं समझ गया था कि शेविंग करके आयी है आस्था। मैंने रूम अंदर से लॉक किया और आइस क्रीम बैड पर रखी।और आस्था का सूट उतारने लगा। आस्था: क्या हुवा ? मैंने कहा यार अब इंतेज़ार नही होता है।

आस्था: हँसी और बोली रुको मैं उतारती हूँ। मैंने उसे बैड पर लिटाया,और उसके बूब्स और सारे मुह पर आइस क्रीम लगा दी। उसके बूब्स बहुत सेंसिटिव थे,वो कहने लगी जल्दी करो गुदगुदी और बहुत ठंडा लग रहा है। मैंने उसके मुह और निप्पल्स को काफी देर तक चूसा और साफ किया। आस्था बोली बहुत मजा आ रहा है।

मैने उसकी सलवार में धीरे धीरे अपना हाथ डाला,उसकी चुत बहुत गर्म और मुलायम थी और गीली भी हो गयी थी।
मैंने अपने हाथों से रगड़ना स्टार्ट किया और उसकी मनमोहक आवाज़ें निकलने लगी।
मैं उसकी चुत को देखना चाहता था,अब वो इतनी गरम हो चुकी थी कि।

मैंने आज उसकी सलवार नीचे खींची ,उसने ब्लैक कलर की पैंटी पहन रखी थी। उसकी टांगें बहुत खूबसूरत लग रही थी बिना हेयर्स के। मैने उसके टांगो को किश करना स्टार्ट कर दिया और धीरे धीरे उसकी जांघो की तरफ बढ़ा। एक लुभावनी सी खुसबू आने लगी। मैंने उसकी पैंटी को उतारा और मैं देखकर हैरान रह गया कि उसकी बुर बिलकुल गोरी थी,जैसा कि फॉरेन(विदेशी) कन्ट्रीज की लड़कियों की होती है।

मैं देखना चाहता था कि इसकी चूत कितनी सेंसिटिव है। और मैंने उस पर अपना मुँह रखा और चूसने लगा। उसकी वर्जिन चूत का स्वाद नमकीन सा था,और एक अलग से खुसबू थी। वो तेज तेज सिसकारियां भर रही थी,आह आह आह आह आह आह अम्म अम्म आह आह आह आह आह आह आह आह अम्म………. इनको सुनकर मेरे अंदर जोश से आ रहा था जब वर्जिन चूत के छेद के अंदर मैं अपनी जीभ डालता तो वो बोलती नही आह दर्द होता है।

लगभग 3 मिनट बाद उसका सारा शरीर अकड़ने लगा और वो चिल्लाई कुछ आने वाले है। उसने मेरे मुँह पर एक पानी का फव्वारा जैसा मारा। उसका स्वाद हल्का नमकीन और खुसबू ठीक ठाक थी। मैंने पूछा आस्था कैसा लग रहा है? आस्था बोली मुझे ऐसा लग रहा था कि किसी दूसरी दुनिया मे हूं इतनी खुशी आज तक मुझे नही हुई है। आस्था थक गई थी पर उसकी वो अब भीगी हुई चिकनी चुत को देखकर दिल बोल रहा था कि अभी और खेलो इसके साथ।

मैने आधी आइस क्रीम उसकी चुत पे डाल ली,चूंकि चूत का तापमान ज्यादा होता है वो एक बार कापी और मेरे मुँह को पकड़कर अपनी चूत पर किया और कहा जल्दी हटाओ इसे। मैंने उसकी बुर को चाटना फिर से चालू किया अब आइस क्रीम का स्वाद ही बदल गया था। अबकी बार उसको पूरे 5 मिनट लगे।और थोड़ा सा पानी मेरे मुँह पर फिर से मारा। वो इतनी निढ़ाल होकर गिरी थी कि मानो दुनिया की सबसे खुश लड़की हो।

और मैं उसके ऊपर लेट गया ।उसके बूब्स मेरी शरीर से बिल्कुल टच थे।उसने मुझे किश किया, पर मेरा लन्ड इतने दिन से बहुत हार्ड रहता था क्योंकि पहले दिन से जब ,आस्था टयूशन के लिए आई थी उसी दिन मैंने सोच लिया था कि मैं हस्तमैथून खुद नही करूँगा। उस दिन से आज तक ,मैं मेरे लन्ड को बड़ी मुश्किल से संभाल रहा हूँ। आस्था ने आज महसूस किया और कहा कुछ चुभ रहा है। मैंने कहा मेरे लन्ड को भी तुम्हारी चुत के साथ खेलना है। आस्था बोली नही मैं बहुत थक गई हूं।उठने की हिम्मत नही है। मैने मेरे कपड़े उतारे ,और आस्था को अपना अंडर वियर उतारने को कहा। वो मेरा लौड़ा देखकर चौक गयी और कही इतना बड़ा और मोटा लंड। ये कैसे हो गया। बच्चों का तो छोटा सा नुन्नू जैसा होता है।

मैंने कहा ये अभी बड़ा है जब तुम्हारी चूत के साथ खेलेगा और थक जाएगा तो ये भी छोटा हो जाएगा। मैं उसके ऊपर बैठ गया। और मेरा लन्ड उसके मुँह में डाल दिया और कहा इसे चूसो। आस्था ने कमाल कर दिया,मुझे इतना अच्छा लग रहा था ,उसका गरम गरम मुह और उसकी चिकनी लार। मैं अपने लन्ड को आगे पीछे करने लगा। वो इतने जोर जोर से उसे चूश रही थी कि मेरा लन्ड से 4 मिनट बाद वीर्य (पानी ) निकल गया,जो उसके मुँह में भर गया था।

मैं समझ गया उसके चेहरे को देखकर की वो उसका क्या करे??
मैंने उसको फ्रेंच किश करते हुए आधा वीर्य अपने मुह में लिया और पी गया।और मैंने उससे भी ऐसा करने को कहा।
वीर्य का स्वाद हम दोनो ने ही पहली बार चखा था।
अजीब सा स्वाद था।
आज का ट्यूशन टाइम भी खत्म होने वाला था सिर्फ 5 मिनट बचे थे।
पर मेरा लन्ड दोबारा खड़ा हो रहा था धीरे धीरे।
आस्था: ओह्ह नो ,फिर से नही, ये कब थकेगा।
मैंने पहले तो उसके बड़े बड़े चूचो के बीच अपने लन्ड को हिलाया,बहुत मजा आया फिर उसकी चिकनी चूत पर लन्ड रगड़ने लगा,बहुत स्लिपरी हो रखी थी
इसलिए ज्यादा टाइम ना लगा और मैंने मेरा वीर्य उसके दोनों चूचो पर गिरा दिया ।
और उनकी काफी देर तक मालिश की जबतक वो वीर्य सुख नही गया।

मैंने उसके शरीर को एक कपडे से साफ किया और कपड़े पहनने में मदद की क्योकि ट्यूशन का टाइम खत्म हो गया था। मैंने आस्था से कल के लिए पूछा की इससे आगे करे क्या?? आस्था बोली मुझे नही पता इससे आगे क्या क्या होता है।पर मुझे बहुत मजा आया।इसलिए हाँ मैं तैयार रहूंगी।और वो घर चली गयी। और मैंने कल की तैयारी उसके जाने के बाद स्टार्ट कर दी। मैं नारियल का तेल,एंटीसेप्टिक क्रीम,बाजार से लेके आया। मेरे कमरे में ही बाथरूम था।इसलिए कोई दिक्कत वाली बात नही थी। अगले दिन मैं बेसब्री से उसका इंतजार कर रहा था।जैसे ही वो घर के अंदर आयी मैं तुरंत उसे ऊपर मेरे कमरे में लेके गया और दरवाजा बंद किया।

दोनो ने कपड़े उतारे,और पुरे नंगे होकर बैड पर लेट गए। पहले किस किये,उसके बूब्स को सहलाया,उन्हें चूसा, उसके पेट पर किस किये,और उसकी गुलाबी चुत चाटी। वो बहुत गर्म हो चुकी थी। आज आखिर कार वो दिन आ गया था जब हम दोनों अपनी वर्जिनीटी खोते। मैंने उसके मोटे मोटे कूल्हों के नीचे एक तकिया लगाया उसकी दोनों टांगे खुलवाई और उन्हें मेरे कंधो पर रख दिया।

मुझे पता था बहुत दर्द होगा पहली बार वर्जिन बुर की चुदाई करवाने में इस वर्जिन लड़की को,इसलिए आस्था की आवाज को भी संभालना था ताकि नीचे कोई सुन ना ले की उप्पर पढाई के नाम पर चुदाई चल रही है । लंड और चूत के बिच घर्षण को कम करने के लिए मैंने आस्ता की चुत चोदने से पहले उसकी वर्जिन चुत पर नारियल का तेल लगाया और अपने 9 इंच लम्बे और 4 इंच मोटे लंड पर भी। उसकी बुर के छेद पर अपना तगड़ा लंड रखकर,अपने दोनों हाथों से उसके कंधो को पकड़ा हुवा था और अपने मुँह से उसके मुलायम होठो को बंद कर रखा था।

जैसे ही मैने पहला झटका मारा,उसके हाथ मेरे पेट पर गए और ऊपर धकेलने लगे।वो काँप उठी। उसकी आँखों मे आंसू आ गए थे।पर लन्ड अभी उसकी वर्जिन चूत में आधा ही गया था। आस्था की वर्जिन चूत की मसल्स मेरे तगड़े लन्ड को जकड़े हुए थी उसकी चुत बहुत गर्म थी जैसे उसकी बुर के अंदर हीटर चल रहा हो धीरे धीरे । मैंने एक और जोरदार झटका मारा और मेरा लन्ड उसकी बुर की सील तोड़ते हुए पूरा अंदर चला गया। चुदते चुदते वो कुँवारी लड़की दर्द के मारे मछली की तरह तिलमीला रही थी। मगर पहली चुदाई का ये दर्द तो उसे एक बार सहन करना ही पड़ेगा। उसको दर्द के मारे तड़पते देख मेरा दिल भी रोने को हो रहा था। मैंने कुछ समय के लिये उसकी फटी हुई चूत की चुदाई रोक दी और मैं ऐसे ही उसके ऊपर 3 मिनट तक लेटा रहा।

मैंने अपना मुँह उसके मुह से हटाते हुवे पूछा आस्था तुम्हारी चूत में दर्द हो रहा है क्या अभी भी? आस्था बोली अब तो इतना नही हो रहा पर तुम ऐसे ही लेटे रहो मेरे ऊपर। मैं भी उससे अलग नही होना चाहता था।उसकी नाजुक सी त्वचा मेरे शरीर को बहुत सुकून दे रही थी। मैंने जोर शोरो से उसे किश करना चालू किया। जैसे ही मेरा लन्ड थोड़ा सा हिलता वो दर्द से चिल्लाती आह आह दर्द होता है। मैंने उससे कहा देखो आज तो इतना दर्द ही होगा ये तुम्हे सहना पड़ेगा,वरना बार बार तुम्हे ये दर्द होगा।

आस्था: तो फिर जल्दी पूरा करो इसे और मैंने उसे किश करते हुवे लन्ड बाहर भीतर करने लगा।उसे हल्का हल्का दर्द होता और वो मेरे होठो को मजबूती से पकड़ लेती। लगभग 5 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था इसलिए मैंने अपना लौड़ा बाहर निकाला जो खून का सना हुवा था। आस्था बोली ये खून कहा से आया?? मैने कहा ये तुम्हारा खून है ,ये पहली बार आता ही है जब कोई लड़की सेक्स करती है। मैने लन्ड को हिलाना शूरू किया पहले तो कुछ लाल लाल बूंदे खून की आयी फिर सफेद पानी(वीर्य) जो मैंने उसके पेट पर गिरा दिया। और उसको अपनी बाहों में मजबूती से जकड़ कर लेट गया। मैंने उसके माथे पर किश किया। लगभग 10 मिनट बाद मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और बाथरूम में लेकर गया और वहां पानी से साफ किया।

अब उसकी बुर में एंटीसेप्टिक क्रीम लगानी थी,इसलिए पहले मैंने मेरे लन्ड पर एंटीसेप्टिक क्रीम लगाई और उसे पास बुलाकर एक दम लन्ड उसकी आधी चुत के अंदर डाल कर बाहर निकाल लिया। आस्था बोली अंदर थोड़ी जलन हो रही है। मैने कहा थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी और आज का ट्यूशन का टाइम भी चला गया और वो घर जाने लगी। आस्था की चाल भी थोड़ी बदल गयी थी। पर उसने कहा वो संभाल लेगी। सारी रात मुझे आस्था के सपने आये।और सपनों में मेरी शादी उसके साथ ही हुई। मैं सुबह बहुत खुश था उन सपनों को सोच सोच कर।

अगले दिन वो फिर आती है ट्यूशन पर: मैंने पूछा कैसी हो तुम अब?? आस्था बोली बढ़िया, अब दर्द भी नही हो रहा है। मैंने कहा चलो तो आज फिर पढ़ाई करते है,वो हैरान रह गयी ये सुनकर। मैंने फिर से उसे पढ़ाना स्टार्ट किया क्योकि मुझे उसे अच्छे नम्बरो से पास भी करवाना था। कुछ टाइम पढ़ाने के बाद मेरे से रुका नही गया,और मैने उसे बहुत टाइट गले लगा लिया। मैने कहा आई लव यू वेरी मच आस्था। आस्था:आज क्या हो गया है तुम्हे? मैंने कहा कुछ नही तुम मेरा पहला प्यार हो और मै तुमसे प्यार करने लगा हूँ।

मैने उसे किस करना शुरू किया। उस वर्जिन गर्ल की दिल की धड़कन बढ़ गयी थी। मैंने उसकी चूड़ीदार सलवार सूट उतारने में उसकी मदद की। मैने अपने कान उसकी छाती पर रखे और उसकी दिल की धड़कन साफ सुनाई दे रही थी। उसके गालों पर किश किया,फिर उसकी गर्दन पर,फिर उसके क्लीवेज पर फिर दोनो बूब्स पर। उसकी उतेजना बढ़ती जा रही थी,और साँसे और भी तेज।

मैंने आज उसके चूचे दबाने शुरू किए और उन्हें काफी देर तक चूसा।उसके मुँह से हल्की हल्की आवाजे निकल रही थी अम्म उम्म अम्म ऐसे ही करते रहो। फिर मैं उसके पेट की तरफ बढ़ा ,उसकी नाभि पर किश किया ,और अपनी जीभ से वह खेलने लगा। आस्था हँसी और बोली नही गुदगुदी होती है। मैने उसकी वी टाइप वाली सेक्सी ब्लू कलर की पैंटी उतारी, उसकी चुत का तो जैसे में दीवाना हो गया था।

अपने आप को रोक ही नही पाता था। मेरा मुह सीधे उसकी फटी हुई चुत पर गया और मैं उसे चाटने लगा। उसकी आवाजे अब और तेज हो गयी थी,थोड़ी देर में उसने मेरे मुह पर पानी का फव्वारा मारा। आस्था:तुम बहुत बढ़िया हो। मैने कहा अब तुम्हारी बारी,उसने मेरे कपड़े उतारे और सीधा मेरे लन्ड की तरफ गयी। उसने मेरे लन्ड को मुह में लिया और एक हाथ से लन्ड की त्वचा को आगे पीछे कर रही थी। मैंने कहा इसे अच्छे से गीला कर देना ताकि तुम्हारी चुत के अंदर आसानी से चला जाये।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे बैड पर वापस लिटाया और पूछा क्या तुम तैयार हो?? आज तुम्हे काफी मजा आएगा। आस्था: धीरे से करना और कहा मुझे चुम्मा चाटी करते रहो। मैंने उसके सेक्सी और हॉट जिस्म को बिलकुल टाइट पकड़ रखा था,उसके चुत के छेद पर लन्ड रखा और चुम्मा चाटी करना स्टार्ट किया। मैंने एक झटका मारा और लन्ड उसकी फटी हुई चूत में पूरा अंदर चला गया और उसकी फटी हुई चूत से खून बहने लगा और वो दर्द के मारे रोने लगी पर मैंने उसको चोदना जारी रखा और धीरे धीरे अपना लंड उसकी फटी हुई चूत के अंदर बाहर करने लगा।

आज उसकी पहली चुदाई थी थोड़ी देर तक तो उसे बहुत तेज दर्द हुआ लेकिन बाद में उसे मुझसे चुदवाने में काफी मजा आ रहा था और मेरे मुह में उसकी आवाज़ें आ रही थी। आह आह आह आह यस उम्म अम्म आह आह आह आह । आस्था ने अपने हाथ मेरे पेट पर रखे हुवे थे और चुदने की स्पीड कंट्रोल कर रही थी। मुझे भी आस्था को चोदने में बहुत मजा आ रहा था आखिर आस्था मेरा पहला प्यार जो थी ।

मैं और आस्था चुदाई करते करते अब चरमसुख प्राप्त करने वाले थे। जैसे ही वो झड़ी मैंने अपना लौड़ा उसकी चुत से बाहर निकाला और हिलाकर अपना सारा पानी उसके नाभि पर डाल दिया।और हम दोनों निढाल होकर एक दूसरे के ऊपर लेट गए। मेरा लंड दोबारा खड़ा हो रहा था कि तभी नीचे से मेरी मम्मी की आवाज आई :-निक्की और आस्था बेटा नीचे आओ जल्दी शेष कहानी अगले भाग में… ।


अँधेरे में छोटी सिस्टर को दिआ मोटा लंड


छोटी सिस्टर को दिआ मोटा लंड

मेरी सिस्टर मुझसे उम्र में 3 साल छोटी थी पर वह शायद उम्र से जल्दी ही बहुत बड़ी हो गयी थी। जैसा की आप समझ ही गए होंगे की उसके जिस्म पर जवानी का असर बाकी लड़कीओ से जल्दी हुआ था।

मेरी सिस्टर के बूब्स काफी मोटे और गोल हो गए थे जिन्हे देख किसी का भी दिल उन्हें दबाने को करने लगे। एक भाई होने की वजह से मै अपनी नजरे हमेशा निचे ही रखता था।

पर एक लड़का होने की वजह से कभी कभी मेरा दिल भी उन बूब्स को दबाने का करने लगता था। वह मेरी सिस्टर थी पर मेरी हवस से कारण मै उसे एक लड़की की तरह से देखने लगा था जो की यौवन में आ चुकी थी।

अब एक रात की बात है जब बारिश हो रही थी। मै अपने काम पर से घर भीगता हुआ आया था और आज बारिश की वजह से मुझे सर्दी भी लग चुकी थी। वैसे तो यह गर्मिओ का मौसम चल रहा था प् बारिश ने आज इसे सर्दी ने बदल दिआ था।

भीगने की वजह से मेने अब गरम पानी पिआ पर खाना खाकर सोने के लिए अपने कमरे में आ गया। मेरी सिस्टर भी मेरे ही कमरे में सोती थी क्युकी घर में ज्यादा कमरे नहीं थे।

पर मेरी सिस्टर की एक आदत थी की वह हर दिन कुछ ना कुछ ओढ़के ही सोती थी। और वही उल्टा मै गर्मी की वजह से पिछले कुछ दिनों से ऐसे ही सो रहा था। अब रात के 12 बज रहे होंगे और मुझे ठंडी लगना शुरू हो गयी।

इंटरनेट से सेक्स करने तक की कहानी
सिस्टर के साथ सो गया अँधेरे में

अब मेने उठके पहले तो कुछ ओढ़ने के लिए ढूँढना शुरू कर दिआ। जैसे ही मेने कमरे की लाइट जलाई मेरी सिस्टर भी उठ गयी। उसने मुझसे कहा की मै इतनी रात को क्या धुंध रहा ह।

मेने उसे बताया की मुझे बहुत ठंडी लग रही है और मुझे कुछ ओढ़ने के लिए चाहिए। अब उसने चारो तरफ देखा और जब कुछ भी ओढ़ने के लिए नहीं मिला उसने मुझे कहा की मै उसके बिस्तर पर ही आ जायु।

यह बात मेने कुछ पल सोची पर नींद की वजह से वह बहुत गुस्सा कर रही थी और उसके दूसरी बार बोलने पर मै उसके पास जाकर उसके पीछे सो गया। चद्दर छोटी थी और हम दोनों एक दूसरे की तरफ पीठ करके सोये हुए थे।

अब जैसे ही मेरी सिस्टर को सर्दी लगी वह मेरी तरफ मुह्ह करके सोने लगी और उसके बूब्स मेरी पीठ पर चिपकने लगे। उसके बूब्स लगने से मेरा लंड एकदम ही खड़ा हो गया था जिसे मेने अपने हाथ से सेट करके कोने में कर लिआ।

पर अब मेरी सिस्टर ने नींद में अपना हाथ मेरे ऊपर रख लिआ और मुझे बाहो में ले लिआ। धीरे धीरे वह मुझसे एकदम चिपक गयी थी और अब मेरी हवस मुझपर काबू कर चुकी थी।

मेने भी अब अपना मुह्ह अपनी सिस्टर की तरफ कर लिआ। उसक साँसे बहुत ही ज्यादा गरम हो रखी थी और अब उसकी जरा सी नींद टूट गयी और वह वापस से दूसरी तरफ मुह्ह करके सो गयी।

दोस्त की चुदक्कड़ मम्मी की चुदाई करि
सिस्टर को अँधेरे में दिआ लंड का मजा

पर अब उसकी गांड मेरे लंड को छू रही थी और वह एकदम से पीछे हुई जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी गांड की दरार में धस गया। वह अब मुझसे चिपकी हुई थी और मेरा लंड उसक गांड में लगता हुआ आगे पीछे हो रहा था।

शायद अब मेरी सिस्टर भी जाग गयी थी। मेने अब अपना हाथ उसके ऊपर रख दिआ और उसे सिस्टर के पेट पर रख दिआ। उसक टीशर्ट पहले से ही ऊपर थी जिससे मेरा हाथ उसके नंगे बदन पर चलने लगा।

उसके पेट को सहलाते हुए मै अपना हाथ उसके बूब्स पर ले गया और उसने मुझे कुछ नहीं कहा। मेरी हिमायत बढ़ चुकी थी और अब मेरा लंड भी बहुत मजबूत हो चूका था।

मेने अब बिना देखे अपनी सिस्टर के बूब्स हाथ में भर लिए और पीछे से दबाने लगा। वह भी हवस से भर चुकी थी और प्यारी प्यारी आहे ले रही थी। उसके बदन को मै पीछे से ही अपने हाथ से सहलाये जा रहा था और निचे मेरा लंड उसकी गांड पर खुद मसल रहा था।

अब मेने अपनी सिस्टर की गांड पर हाथ लगाया और उसकी पजामी निचे कर दी। चादर के अंदर ही मेने उसकी पैंटी भी निचे कर दी और अपना लंड बाहर निकाल लिआ।

अब मेने उसक टांग को थोड़ा ऊपर किआ और लंड को चुत में घुसा डाला। एक जोर से झटके के साथ मेने चुदाई शुरू कर दी। धीरे धीरे झटको के साथ मै और में सिस्टर अँधेरे में चुदाई का लुफ्त ले रहे थे।

मेरी सिस्टर भी आह आह करके अपनी चुत चुदाई करवा रही थी। यह चुदाई काफी देर तक चलती रही और जैसे ही मेरा माल निकलने वाला था मेने अपना लंड सिस्टर की चुत से बाहर निकाल लिआ।

Pati Ke Birthday Par Patni Ka Surprise Gift

Pati Ke Birthday Par Patni Ka Surprise Gift


Adult Stories Hlo dosto mai Sid phir se agya hun apni 4th kahani lekr, to kaise h aap sab, sab se phle to mai app saf se mafi mangta hun kl Mera janamdin tha to apni kahani nhi likh paya, par aaj mai apko apni taza taza kahani sunane ja rha mere kl ke sex ke bare me, kl janamdin par mujhe bahut aacha surprise Mila. Foursome Chudai

Kya bataun dosto dill khus ho gya. Wese aap sab puch rhe meri kahani asli hai ki nakali to mai bata dun kahani asli hai pr aap sabko sunne me maja aye iske liye thoda masla, tadka to lagana banta hai n dosto. Ab story par ata hun, jaise maine bataya kl Mera janamdin tha pr sala kal b jana pada office.

Maine socha tha biwi sath ghumne jaunga sex krunga pr kuch n ho saka, office se ghr aya, neha ne door khola or mujhe ek glass dudh door pr hi pila diya phir age gya to main kya dekha mera bedroom saja hua tha meri biwi neha ne pura room balooon or gulab se saja rkha tha.


Mai andr gya meri biwi to kya sexy one piece phni thi pure red clr me tha upar se uski lipstick b red clr ki, Cake tha baju me ek bhut bada sa gift tha.. kabir 6 ft ka maine neha se pucha isme kya h …to boli khud dekh lo , phir maine ribbon kata dabba ko khola to andr 2 ladkiyan thi or vo ladkiyan meri sali riya or neha ki Frnd varsha thi.

M ekdum se hairan ye kya h, phir meri neha boli happy birthday janu.. ye h apna gift aap puri raat hum tino apka birthday celebrate krenge, phir m samjh gya aaj tino ko chodna h mtlb m neha se pucha kaise to varsha ne ek chota sa box khola usme alg Alg flavour ke 10 12 condom the.

Kya bataun dosto aaj to meri chandi hi chandi hone wali thi, yesa birthday to mai kabhi b nhi bhul jaunga phir mai cake kata 4ro log mill kr khaye phir beer or vodka piye neha ne cigrete jalaya phir neha mere pass aai mujhe bed pr gira di.. phir tino mill kr dance krne lgi kya randi jaise tino dance kr rhi thi.


Phir tino mill kr mujje nanga krne lge sirf chadhi chod diya, phir tino aps me ek dusre ko nanga krne lge , tino pure nange the mere samne mera lund to full tight tha , ye neha ne jo dudh pilaya tha usme vigra tha , tabhi mera lund kuchh jyada hi tight tha phir tino baith kr meri chadhi se lund nikal kr sath me chusana shuru kar di.

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Phir Riya kaha chup rhne wali thi sabse jyada gandi gali to wahi deti h, usne bola rand ki aulad phle mera daba boob, phir kya mere 2 hath or dabwane wali 3.. phir b bari bari se sabka daba mai , phir neha boli bata bhadwe phle Kise chodega.

Tabhi riya or varsha fatak se bol padi phle mujhe phle mujhe krk, phir maine bola tino ek dusre ke upar let jao, tinko sandwich jaise ek dusre ke upar let gai main bari bari se tino ko choda sabse niche Riya ko choda phir neha ko phir sabse upar varsha ko.


Tino itti gandi gandi gali de rhi thi ki kya bataun, upar se nai to vigra kha rkha tha itti jaldi mera lass niklne wala nhi tha, phir tino kutiya bn gai phir tino ko choda m bari vsri se 1hr ho chuka tha abhi b Mera lund hard ka hard hi tha, phir m bola yese nhi maja ane wala..

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Udhe se dono chila rhi thi chhdoo bahdwe is randi ko, sabse jyada iski ho chut me chul machti h aaj iski chut ka bhosda kr hi dena itta chodo ki kl ye chal b na paye.. yese m phir usko 20 mi choda phir m neha ka hath pakad kr bulaya pr bhn ki laudi varsha usko boli tu to roj chutti h aaj phle mujhe chudne de phir varsha ka ek pair m kandhe pe rkha. “Foursome Chudai”

Ek pair riya pkdi thi.. Phir m usko chodna shuru kra vo aaaah jiju chodo mujhe or kass kr chodo bol rhi thi. Neha boli randi ye kya jiju jiju kr rhi bhadwa bol isse, ye madarchod h.. or teri chut ka bhosda kr dega, phir varsha ko m 30 min choda.


Tabhi mere lund se lass nikl gya phir kya neha ko chodna bacha tha. Neha dekhi mera lund to chota ho gya vo mujhe gali dena shuru kar di bhadwe ye dono ko chod diya or apni biwi ko chode bina lass Nikal Diya bhadwe ja rhi m dusre se chudne madarchod h tu bhn ka lauda kahi ka mujhe chod hi nhi.

Phir mai b gali dena start kra bhn ki laudi chota ho gya to chus ka bada kr n randi, neri patni h tu betichod to tujhe sabse jyada chodunga n, phir neha mera lund chus kr bada kr di phir maine neha ke pairo ko apne kandhe pr rkha.. Udhr varsha neha ke boob dabane lgi or riya kiss krne lgi.

Phir m usko chodna shuru kra, udhr riya varsha gali dene lgi chodo is randi ko bhadwe jiju teri biwi chinnaal h, bhn ki laudi h, ek no ko randi h ye, aaj iski b chut ka bhosda ke do jiju, ragad kr chodo is bhn ki laudi ko, phir m usko 50min se jyada choda. “Foursome Chudai”


Phir tino kr sath 4bje raat tk khela vigra ka asar khatm hua th thoda nind ane lgi baki sab mere aju baju ek hi bed pr so gye.. Meri ankh 10bje khuli to dekha tino naha rhi thi sath me, phir Riya to sahi se chal b nhi pa rhi thi subha jake Nasha khtm hua to riya mere pass akr lund pkd kr boli bhut jaha maja diya apke kund ne jiju.

Phir NXT day m office nhi gya duphr tk tino nanghe the yese khana khaye phir dono apne apne ghr chali gai, abhi sham ko m ye kahani likh rha yese hi baki kahani apko milti rhegi, aap bs cmnt krk batao meri kahani sun ke kitta maja ata h.


Padosan Ko Ghodi Banakar Choda


Padosan Ko Ghodi Banakar Choda

Adult Stoies Mera naam Sujit hai, main aaj bohat dino baad ek ghatna ghadi jo mere saath hui wo lekar aaya hu. Boss ki biwi ko chodne ke baad main bilkul akela sa reh gya. Mujhe fir se moka nhi mila, aur bhabhi achanak se bina btaye gayab ho gyi. Bhabhi Sexy Gown

Uske baad meri shadi ho gyi, aur main acha settled ho gya. Aur fir mera 3-4 saal baad mera Vapi transfer ho gya. Whan ek room maine bhade par liya, aur main shanti se rehne lag gya. Ek din Saturday tha, us din main khin nhi gya, kyoki bahar bahot garmi thi.

Time pass ke liye main Hunter movie dekh rha tha, maine kaan me ear phone laga rhe the. Hunter movie ek secne aaya, jisme jo dival par hath tikakar piche se shot marta hai. Aur tabhi bajuwali mere pass khadi ho gyi, maine unhe dekha aur maine apne earphone nikal kar main bola.

Main – Aap yahan?

Wo – Maine tumhe 2 baar awaj lagayi, par tumhe suna nhi toh main ander aa gyi. Wese tum konsi movie dekh rhe ho?

Main – Hunter.

Wo – Ok acha chaye pi?

Main – Nhi agar aap piyogi toh main bnanta hun.
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Toh usne smile di aur main chaye banne chala gya. Jab main chaye bana kar wapis aaya toh wo boli.

Wo – Tum aisi hi movie dekhte ho.

Main – Asie hi matlab, ek baar shanti se puri movie dekho. Fir tumhe pata chal jayega ki movie kesi hai, aise secne par mat jao. Wo toh aaj kal ki movie me aate hi rehte hai.

Wo – Ab tak kitna kar chuke ho?

Main – Matlab?

Wo – Sex.

Main – Madam meri shadi ho gyi hai, aur mere 2 bache bhi hai. Aur maine tabhi tak kitna kiya hai, ye mujhe bhi nhi pata. Wese main roj raat ko 2 baar toh karta hi hun.

Wo – Acha toh ab use kyo nhi laye.

Main – Wo aram ke liye mayke gyi hai.

Wo – Pregnant hai?

Dosto maine apni wife se pichle 6 mahine se sex nhi kiya tha. Kyoki wo pragnent thi. Ab meri sex karne ki iccha toh hoti thi, isliye maine kyo na iske sath hi kaam chala lun aaj. Par main ek baat bhi aapko bta dun, wo dikhne me itni khass bhi nhi thi.
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Wo kali sawli aur patli sukdi si thi. Aisa lagta nhi tha, ki usko dekh kar kisi ka lund bhi khada hota hoga. Fir muth marne se acha hai, main iske sath hi kuch kar lun. Isliye maine use direct kha.

Main – Kya main aapke sath apna akelapan door kar skata hun.

Wo – Matlb?

Main – Matlab ki aap mere sath yhin par, agar aapko koi pareshani na ho toh. Agar koi problem hai toh abhi mana kar do, mujhe koi dikat nhi hai.

Wo – Thik hai, mujhe bhi koi taklif nhi hai. Par mujhe is bare me sochna padega.

Ye keh kar wo bhag gyi, ab main man me soch rha tha chalo kuch sex ke liye setting toh hui. Varna muth mar ke kaam chalna pad rha tha. Sham ko wo wapis aayi, aur kitchen me chali gyi. Main bhi whan aa gya, mujhe dekh kar wo boli.

Wo – Mujhe manjur hai, par sirf roj raat me 12 se 2 e bich isse jyada nhi.

Main ye sun kar khush ho gya, aur maine tabhi uski saree utha di. Aur maine dekha ki wo niche se nangi thi, par uski choot par bahot sare gandhe baal the.

Main – Saali tu kitni gandi hai baal dekh apne kabhi dhoti nhi kya. Nahate hue shave hi kar liya kar.

Wo – Nhi pichale 3 saal se maine shave nhi kari hai, par aaj main jarur karugi.

Main – Achi tarah naha kar aana.

Fir maine use 200 rupe diye. Aur usne jhat se mere hath se paise liye aur jate hue wo mujhe bol kar gyi.

Wo – Aap bhi apne chehre ke baal nikal lena.

Main – Thik hai.
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Fir wo chali gyi, aur uska husband ek number ka bevda tha. Wo kaam se pura tull ho kar hi aata tha. Uska ye fayda uski wife uthati thi, jab raat ko 11 baj toh wo mere pass gyi.

Main – Saali tu toh 12 baje aane wali thi.

Wo – Us sale bevade ne aaj jyada pi li hai. Isliye wo sala jaldi so gya hai, isliye main faatak aa gyi.

Wo mere kehne par ache se apni choot ki clean shave karke aayi thi, aur ache se naha kar bhi aayi thi.

Main – Darwaja band kar do.

Fir usne darwaja band kiya aur wo mere pass aa gyi. Main toh bistar par so rha tha. Maine use bola – Chal ab apne kapade utar sare, main bhi dekhun tu kya chiz hai. Usne gown utar diya aur niche usne kuch bhi nhi pehna hua tha. Aisi hi saali puri nangi ho gyi, aur mere pass aa gyi.

Maine use pura nihara uski choot dekhi toh mujhe pata chala, ki usk choot ka satyanash ho gya hai. Sidha bolu toh wo saali bahot jyada chudi hui thi. Fir wo mujhse boli – Main ek do mahine se chudi nhi hun.

Main – Kyo tujhe tera husband nhi chodta?

Wo – Nhi usne toh mujhe pichle 1-2 saal me mushkil se 20-25 baar hi choda hoga.

Main – Toh tujhe kon chodta hai?

Wo – Yahan main 2 mahine se rehne aayi hun, pehle main Valsad side me rheti thi. Whan mujhe 3-4 log hafate me 4-5 baar chodne aate rehte the. Aur har bar 500 ya 600 rupe de kar jate the.
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Main – 3-4 aadmi ek sath karte the?

Wo – Nhi ek ek karke aate the.

Main – Tu toh dhandaa karti hai tu toh ek rand hai.

Wo – Nhi main dhandaa nhi karti, wo toh mere husband ke hi ek dost hai. Jo uske sath company me kaam karte hai. Maine sirf ek ko fasaya tha, usne sale apne dost bhi mujhe chodne ke liye bhej diye.

Jab wo sab mujhe mahine ke 3000 rupe dene ko tyar ho gye. Toh main bhi un sab se chudne ke liye tyar ho gyi. “Bhabhi Sexy Gown”

Main – Behen chod tu toh khiladi nikali.

Wo – Khiladi toh aap ho jis tarah se main aapke samne nangi leati hun. Aisa feel mujhe pehle kabhi nhi hua hai.

Maine bhi apne kapade nikale aur main bhi nanga ho gya. Fir maine usko niche ghutno par bithaya aur main bola – Chal saali ab muh le kar chus mera.

Wo – Pagal ho kya kuch bhi karwage mujhse, mujh nhi karna sex.

Tabhi maine samjhaya aur use ek porn video dikhayi aur main bola – Dekh ise kehte hai sex, dekh kese lund chuste hai.

Fir wo man gyi aur wo khud mera lund chsune lag gyi. Uska muh ander se kafi garam tha, isliye mujhse jara bhi control nhi hua. Aur maine tabhi whin par jhad gya. Usne apna muh aur mera lund apne gown se saaf kiya, aur wo fir se mera lund chusne lag gyi. “Bhabhi Sexy Gown”
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Usne mera lund chus chus kar fir se khada kar diya. Maine bhi uski choot ko khola aur main niche jhuk kar uski choot ko jor jor se chusne lag gya. Itne hi wo pagal ho gyi, aur wo bed par machali ki tarah tadapane lag gyi. Aur wo fir wo boli.

Wo – Ahh ahah khao raja aaj apni Kanchan ko chod do.

Jab usne apna naam btaya toh mujhe uska naam pata chala. Varna mujhe toh uska naam hi nhi pata tha.

Main – Saali ab Kanchan nhi tu meri rand hai rand samjhi.

Fir maine usko raat ke 3 baje tak jam kar choda. Maine uski chudi hui choot ka bhi bhosada bana diya. Usse toh fir bhi chala nhi ja rha tha, aur jese tese wo apne room me chali gyi. Aur fir maine apna darwaja band kiya aur maine nanga hi so gya.

घरीच ठोकले सेक्सी चुलत बहिणीला

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मित्रानो नमस्कार। माझे नाव सुरज आहे। मी आज माझ्या चाळीस वर्षाचा आहे। मी आज तुम्हाला अशी एक गोष्ट सांगणार आहे ज्यामुळे मी माझ्या चुलत बहिणीला उपभोगू शकलो।


तेव्हा मी माझ्या कॉलेज ला होतो। दिसायला मी चांगला होतो। उंच, धिप्पाड आणि पिळदार स्नायू यामुळे मी सगळ्यांना आवडत होतो। त्यातच मी अभ्यासात देखील खूप चांगला असल्याने तर माझी डिमांड जास्तच होती तशी। त्यामुळे मला पण खूपच मजा येत असे। मी गावी राहत असे। शेती करत होतो आम्ही। सुरवातीस आम्ही सगळे एकत्र राहत होतो। पण नंतर माझे काका नोकरी निम्मित शहरात सेट झाले।


माझ्या घरी मी आणि आई वडील होते। ते दोघे पण सकाळी लवकर शेताला गेले कि खूप उशिरा अंधार पडला कि येत असत। त्यामुळे दिवसभर मी घरी एकटाच असायचो। मग काय मूठ मारणे हा एकमेव कार्यक्रम मी करत असे। रोज कोणाला ना कोणाला तरी आठवायचे आणि तिच्यावर मूठ मारायचे हेच मी दिवसभर करत असे। टीव्ही तरी किती बघणार ना शेवटी आणि त्यावर पण जरी काही बघितले तरी अश्लील असेल तरच मी बघत असे।


काका कडे तो काकी आणि त्यांची मुलगी म्हणजे माझी चुलत बहीण असे तिघेच रहात असत। माझ्या चुलत बहिणीचे नाव मोनिका होते। मोनिका आणि मी तसे दोघे पण समवयस्क होतो। लहानपणी आम्ही एकत्रच होतो त्यामुळे आमच्यात एक प्रकारचे वेगळेच संबंध होते। त्या नंतर काका बदली झाली म्हणून जे गेला ते आजवर आम्ही दोघे कधी भेटू शकलो नाही। बाकी फोन वर तेवढे आम्ही नियमितपणे बोलत असू।


मोनिका पण कॉलेज ला होती आणि ती ऍग्रीकल्चर बाजूला होती। त्यासाठी तिला माझी मदत हवी होती।तेव्हा सुट्टीचा कालावधी नेमका चालू होता। उन्हाळ्याच्या सुट्ट्या असल्याने कॉलेज वगैरे सगळे काही बंद होते। त्यामुळे ती आमच्याकडे सुट्टीला येणार होती। त्यामुळे मी खूप खुश झालो होतो। कारण खूपच वर्षांनी आम्ही दोघे एकमेकांना भेटणार होतो।


त्या दिवशी मोनिका आली आणि तिला मी बघतच राहिलो। लहानपणी एवढी एवढी असणारी मोनिका आता एक परिपूर्ण स्त्री झाली होती। तिला बघून मी अचंबितच झालो खरे। ती दिसायला आधीपासूनच देखणी होती। पण आता तिच्या त्या देखणेपणात तिच्या शरीराची देखील भर पडली होती। तिचा तो मदमस्त देह बघून मी काय बघू आणि कुठे बघू असे मला झाले होते।


तिचा गोर गोरा वर्ण तिच्या शरीराच्या ठेवणीला उठून दिसत होता। तिचे ते नाजूक ओठ अतिशय रसाळ होते। तिचे ते घारे डोळे समोरच्याच्या मनात लगेच घर करत होते। तिची छाती अशी काही होती कि नुकत्याच वयात आलेल्या आणि तारुण्याने मुसमुसलेल्या मुलीचे प्रतिबिंबच होते ते। तिची ती ३६-२४-३६ फिगर म्हणजे माझ्या रात्रीची मूठ मारण्याची सोय करून देणारी होती। तिची गांड अशी काही बाहेर अली होती कि जणू काही ती रोजच कोणाकडून तरी गांड मारून घेत आहे कि असेच बघताना वाटावे।


ती मला बघताच खूपच खुश झाली। ती मला म्हणाली "काय रे सुरज। किती मोठा झाला आहेस? मी तर तुला ओळखलेच नाही। खूपच बदल झाला आहे तुझ्यात।एकदम हँडसम दिसत आहेस"


ती असे म्हणताच मी पण तिला म्हणालो "मोनिका तुला बघ। तू किती चेंज झाली आहेस। तुझ्याकडे बघून मला तर असे वाटले कि मी कोना नटी कडे बघत आहे कि काय" असे म्हणून मी तिच्या शरीराकडे वर खाली अशी माझी एक नजर फिरवताच ती माझ्याकडे बघून हसली आणि तिने मला एक लाडाने चापटी मारली आणि मला म्हणाली "तुझे आपले काहीही असते सुरज"


आमचे रुटीन चालू झाले। आई बाबा शेताला गेलो कि मी आणि मोनिका दोघेच घरी असायचो। तिच्या समवेत वेळ घालवता येत असल्याने मी खूप खुश होतो। तिच्या शरीराच्या हालचाली टिपत माझा वेळ अगदी मजेत जात असे। आम्ही खूप दंगा मस्ती करत होतो। मोठ्या शहरातील ती आता झाली होती ना ती त्यामुळे ती तशीच मॉडर्न झाली होती। आमच्यात प्रौढ गप्पा त्यामुळे लगेचच चालू झाल्या होत्या।


ती माझ्या शरीराकडे बघून खूप वेळा अश्लील शेरेबाजी करत होती। मी पण मग तेच चालू केले। मला लक्षात आले कि मोनिका आता पूर्ण ताणात आलेली आहे आणि तिला पण संभोगाची गरज आहे। मी लगेच काही केले नाही पण।


त्या दिवशी माझे सगळे कपडे धुवायला टाकले होते। मला माहीतच नसल्याने मी जुनी एक शॉर्ट घातली होती। अंडर वियर पण घातली नव्हती। पण मला हे माहित नव्हते कि ती खालून फाटली आहे ते। त्याच दिवशी आदल्या दिवशी आणलेल्या चिंचेचा गोळा खात मोनिका माझ्या जवळच बसली होती। तिच्याकडे मी रोखून बघत होतोच। तिची छाती तिच्या श्वासा बरोबर अशी काही वर येत होती कि काही विचारू नका।


तिच्या सगळ्या चिंचा खाऊन झाल्या आणि ती माझ्याकडे बघत मला म्हणाली "मला अजून चिंचा हव्या आहेत"


"आता आज बाबा घेऊन येतील शेतातून त्या खा उद्या" मी असे म्हणत असताना तिची नजर माझ्या शॉर्ट कडे खाली गेल्याचे माझ्या लक्षात आले। ती काय बघत आहे ते मला नेमके समजले नाही। तोच ती मला म्हणाली "अरे तुझ्या कडे असलेला चिंचेचा गोळा दे ना मला"


मला काही समजले नाही।मी तिला म्हणालो "माझ्याकडे कुठे आला आहे चिंचेचा गोळा ग?"


मी असे म्हणताच ती मला म्हणाली "अरे हे काय खाली तू लपवून खाली ठेवला आहेस" असे म्हणून तिने सरळ माझ्या शॉर्ट मधून खाली असलेल्या गोट्या तिच्या हातात पकडल्या आणि ती त्यांना चोळू लागली।


माझी शॉर्ट फाटली आहे ते मला तेव्हा समजले आणि मग खजील झालो। तिने माझ्या गोट्या सरळ तिच्या हातात घेतल्या असल्याने मला काही समजायचे बंद झाले। ती मला म्हणाली "तुझ्या चिंचेचा गोळा इतका मोठा असेल असे वाटले नव्हते मला। आणि काय रे इतका मोठा गोळा असेल तर पुढे असलेली चिंच किती मोठी असेल बरे?"


असे म्हणताच मी हसू लागलो। तीला काय हवे आहे ते मला समजले होते त्यामुळे मी पण मग तिला म्हणालो "माझी चिंच आहे मोठी। पण तुझे आंबे पण काही कमी मोठे दिसत नाहीत। म्हणजे बाहेरून तरी किमान ते मोठे दिसतात।" तिच्या छातीला दाबत मी तिला म्हणालो।


त्या सरशी तिने तिचा टीशर्ट वर केला आणि मला तिच्या छातीचे धावते दर्शन मला दिले। मी तिला म्हणालो "असे बघून कसे समजणार?" मी असे म्हणताच ती मला म्हणाली "मी एवढे तरी दाखवले आहे तू कुठे तुझी चिंच दाखवली आहेस?"
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असे म्हणताच मी माझी पॅन्ट काढली आणि माझा सोटा मी बाहेर काढला। माझा तो भलामोठा सोटा बघून ती वेडीच झाली। तिने काही विचार न करता तो तिच्या हातात घेतला आणि त्याला हलवू लागली। माझा आधीच मोठा असलेला सोटा तिच्या हाताच्या स्पर्शाने अधिकच मोठा झाला। तिने मग त्याला तिच्या तोंडात घेतले आणि त्याला चोकू लागली।


तोंड वर खाली करत ती त्याच्यावर तुटून पडली होती। अस्सल गावरान सोटा तिला पहिल्यांदाच मिळाला होता आणि त्यामुळे ती वेडीपिशी झाली होती। तिच्या तोंडाच्या मानाने माझा सोटा खूपच मोठा होता। तरीही ती जमेल तसे त्याला तिच्या तोंडात घेऊन चोकत होती। हळू हळू करत तिने त्याला पूर्णपणे तिच्या तोंडात मावेल असा शेवटी घेतलाच आणि ती त्याचा आनंद लुटू लागली।


खूप वेळ तिने माझा सोटा चोकून झाला आणि मग मी तिला सोफ्यावर झोपवले। तिच्या भरदार छातीला मी जोरजोरात माझ्या हाताने दाबू लागलो। तिची छाती कमालीची मोठी झाली। तिचे ते टपोरे निप्पल्स मी माझ्या तोंडात घेतले आणि मी त्यांना चोकू लागले। चोकून चोकून मी ते निप्पल्स खूपच जास्त बाहेर आणले होते।


मग मी गेलो तिच्या योनीकडे। तिच्या मांड्या फाकवुन दिसणारी तिची ती नाजूक पण कमालीची मादक योनी मी बघता बघता माझ्या जिभेने चाटू लागलो। तिच्या योनीला मी वेड्यासारखे काढले। ओल्या चिंब झालेल्या त्या योनीत मग मी माझे भलेमोठे हत्यार कचकन कोंबले आणि तिच्यावर उडू लागलो। प्रचंड वेगाने मी माझी कंबर जोरजोरात हलवत होतो।


तिच्या योनीच्या मी चिंध्या केल्या होत्या। आह आह आह आह करत ती त्याचा आस्वाद घेत होती। खूप वेळ तिला मी ठोकून काढले आणि मग शेवटी माझे सगळे विरी तिच्या योनीत सोडले आणि आम्ही दोघे शांत झालो। अश्या प्रकारे मी मोनिका ला त्या दिवशी ठोकून तर काढलेच पण पुढे जेव्हा ती कॉलेज साठी म्हणून आमच्याकडे शिफ्ट झाली तेव्हा तर मी रोजच तिला घरी ठोक ठोक ठोकून काढू लागलो होतो।

चुकून ठोकली रघूची गोलाकार सेक्सी गांड

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मी आणि राजू रिलेशन मध्ये होतो। खूप वर्ष रिलेशन मध्ये असल्याने आम्हाला बरोबर माहीत होते कि आम्हाला काय हवे आहे ते। मी तर राजू ला असा काही ठोकत असे कि काही विचारू नका। त्याच्या मदमस्त फिगर चा कर्ता धर्ता खरे बघायला गेले तर मीच होतो। त्याच्या सिंहकटी कमरेला बघून मी आज पण वेडा होतोच होतो। त्याची ती गोलाकार गांड म्हणजे माझ्यासाठी पर्वणीच असायची।

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तो आणि मी एकाच रूम वर राहत असे आणि त्यामुळे मला पाहिजे तेव्हा मी त्याला उपभोगू शकत असे। अगदी मी कधीही ऑफिस मधून आलो तरी तो माझ्या सेवे साठी तत्पर तयार असे। त्यामुळे खूप वेळा तर मी त्याला मध्यरात्री आल्यावर देखील उठवून ठोकून काढले होते आणि आज देखील खूप वेळा मी तसे त्याला उठवत असे। पण कधी कधी तो खूपच थकला असेल तर तो उठत नसे।



पण याचा अर्थ असा नव्हे कि मग तो मला उपभोगू देत नसे त्याला। अश्या वेळी मग तो त्याची पॅन्ट उतरवून त्याची गांड फक्त माझ्या हवाली करत असे। मग मी आपला त्याच्या गांडीवर असे काही तुटून पडे कि काही विचारू नका। त्याच्या गांडीच्या मनसोक्तपणे उपभोग घेउनच मग मी पूर्ण शांत झालो कि मग गप आनंदाने झोपत असे। असे हे आमचे सगळे नीट चालू होते।



त्या दिवशी पण तसेच झाले। मला ऑफिस मधून येण्यास खूपच वेळ झाला। मी त्यामुळे जेवण बाहेरच घेतले होते आणि त्या सोबत दारू देखील। त्यामुळे मी तसा लोड चो होतो। मला नीटसे दिसत देखील नव्हते। कसातरी मी रूम वर आलो। माझ्या बेडरूम मध्ये जाताच मी राजू ला उठवणार होतो। पण मग मीच विचार केला कि खूपच उशीर झाला आहे त्यामूळे त्याला न उठवता आपले आपण त्याची गांड मारावी आणि गप झोपावे।



असा विचार करून मी फ्रेश होऊन आलो। लाईट्स काही मी लावल्या नव्हत्या कारण त्याने त्याची झोपमोड झाली असती। मी तसाच त्याच्या पांघरुणात शिरलो। तो तसाही पोटावरच झोपला होता आणि त्यामुळे त्याची गांड माझ्याकडे आधीच माझ्यासाठी तयार असल्या सारखी होती। मी त्याचे दोन्ही पाय थोडेसे फाकवले आणि त्यांच्या मध्ये जाऊन गुडघ्यावर बसलो। त्याच्या गांडीवर मी माझे तोंड ठेवून मी त्याचा वास घेऊ लागलो।



एक अद्भुत वास त्याच्या गांडीला होता। मी नशेत होतो आणि तरीही मला तो वास आवडला होता। मी हळूच त्याची शॉर्ट काढली आणि त्याला नग्न केले। त्याची गांड त्या दिवशी मला नेहमीपेक्षा गोरीपान दिसत होती। तिचा आकार पण कमालीचा गोल दिसत होता। त्याचे गांडीचे काप असे काही बाहेर आले होते किकही विचारू नका। मी त्याच्या गांडीला बघून नेहमी खुश होतो त्या पेक्षा जास्त खुश झालो।



मी मनोमन आनंदित झालो होतो कि मी जे आजवर त्याच्यावर कष्ट घेतले होते त्याचे फळ मला आज मिळत आहे। कारण इतकी त्याची गांड डेव्हलप झाली आहे ते मला त्याच रात्री लक्षात आले। मग मात्र मी थांबलो नाही। मी खाली झोपलो आणि त्याच्या गाडीवरून माझी जीभ फिरवू लागलो। त्याची ती गोरीपान गांड मी चाटत चाटत मी माझ्या हाताने त्याच्या गांडीचे ते मांसल काप बाजूला केले।



ते काप बाजूला करताच त्याचे ते भुऱ्या रंगाचे गांडीचे भोक मला दिसताच मी बेभान झालो। मी माझी जीभ त्याच्या गांडीच्या भोकावर ठेवली आणि त्यावरून फिरवू लागलो। गोलाकार माझी जीभ फिरत होती आणि त्यामुळे त्याचे ते भोक आत बाहेर होत होते। आकुंचन प्रसरण पावत असल्या सारखे त्याचे ते भोक आत बाहेर होत होते।



मी अजून थोडी ताकद लावून ते काप बाजूला केले आणि त्याच्या गांडीच्या भोकात मी माझी जीभ सरकवली। हळू हळू करत मी त्याच्या गांडीत माझी जीभ घातली आणि आत बाहेर करत मी त्याची गांड माझ्या जिभेने मारू लागलो। त्याची गांड मला त्या दिवशी गोड लागत होती आणि त्यामुळे तर मी अधिक त्वेषाने माझी जीभ आत बाहेर करत तिला खात होतो।



खूप वेळ त्याची गांड मी चाटून काढली आणि मग मात्र मी माझे हत्यार बाहेर काढले। माझा तो भलामोठा सोटा मी हळू हळू करत त्याच्या गांडीत घातला आणि त्याच्यावर तुटून पडलो। प्रचंड जोराचे हिसडे देत मी त्याची गांड मारत होतो। तो झोपते असून देखील त्याने त्याची गांड अजिबात इकडे तिकडे न करता मला पाहिजे त्या पोजिशन ला ठेवली होती। त्यामुळे तर मला त्याला अधिक चांगल्या पद्धतीने ठोकता येत होते।



खूप वेळ मी त्याला ठोक ठोक ठोकून काढले आणि जेव्हा माझे सगळे वीर्य मी त्याच्या गांडीत सोडेल तेव्हा कुठे मी शांत झालो आणि मग झोपी गेलो। मी तसाच नग्न झोपलो होतो। त्याच्या गांडीवर मी माझा एक पाय टाकून निवांत मी झोपलो होतो।



सकाळी मला खूप उशिरा जाग आली। मी बघितले तर राजू अजूनही झोपला होता। इतका वेळ कसे काय तो झोपला आहे म्हणून त्याला मी उठवायला गेलो आणि बघतो तर काय तो राजू नव्हता तर दुसरेच कोणी तरी होते। त्याला बघून मी जगाचा उडालोच। मी म्हणजे मी रात्री ज्याला राजू म्हणून ठोकले होते तो राजू नव्हता तर दुसराच कोणी मुलगा होता। मी त्याला उठवले।



तो जागा झाला आणि माझयाकडे बघून हसला आणि मला म्हणाला "मग कालची रात्र कशी वाटली? कशी आहे माझी गांड?"



"तू आहेस तरी कोण पण? आणि राजू कुठे आहे?" त्याला मी विचारताच तो मला म्हणाला "अरे मी राजुचा मित्र आहे।माझे नाव रघु आहे। तो तिकडे पलीकडे झोपला आहे। काल आम्ही पण उशिरा आलो होतो आणि फुल दारू पिलो होतो। त्यामुळे मी इकडेच झोपलो होतो आणि तू रात्री आल्यावर माझ्या गांडीशी असे काही खेळू लागला कि मी पण स्वतःला रोखू शकलो नाही आणि म्हणून मी जागा असून देखील तुला मी थांबवले नाही"



त्याचे बोलणे ऐकताच मला सगळे नेमके काय झाले ते समजले आणि त्याच्याकडे बघून मी हसू लागलो। तोच राजू पण तिथे आला आणि त्याला जेव्हा हे सगळे समजले तेव्हा तो पण हसू लागला। आता सगळे झाले होतेच त्यामुळे आता फार काही त्यावर बोलण्यात अर्थ नव्हता।



त्यामुळे मी लगेच त्या दोघांना माझ्या जवळ घेतले आणि दोघांचे पण एक एक असे दीर्घ चुंबन घेतले। मी चुंबन घेताच ते दोघे पण संभोगासाठी लगेचच तयार झाले। त्या दोघांनी मला खाली झोपवले। राजू ने माझ्या गोट्या त्याच्या तोंडात घेतल्या आणि तो त्यांना चोकू लागला। ते बघून मग रघु पण जागेवरून उठला आणि त्याने माझा सोटा त्याच्या तोंडात घेतला आणि त्यालाच चोखायला चालू केले।



ते दोघे सकाळी सकाळी माझ्यावर तुटून पडले होते। त्यांना माझा सोटा कमालीचा आवडत होता। ते दोघे बेभान होऊन माझ्या सोट्याला आणि माझ्या गोट्याना चोक चोक चोकत होते। त्यांनी मग मला उभे केले। आता राजू ने माझ्या सोट्याचा ताबा घेतला आणि तो त्याला पूर्ण तोंडात घेऊन चोकू लागला हतोय। इकडे रघु माझ्या गांडीकडे गेला।



त्याने त्याचे दोन्ही हात मागून माझ्या कमरेवर ठेवले आणि त्याची जीभ माझ्या गांडीत घातली आणि तो त्याचे तोंड आत बाहेर करत माझ्या गांडीचे भोक चाटू लागला। त्याला ते म्हणावे तसे जमत नाही ते बघून त्याने माझ्या गांडीचे काप त्याच्या हाताने बाजूला केले आणि मग कुठे त्याला त्याची जीभ सर सर करत माझ्या गाडीवरून फिरवता येऊ लागली।



खूप वेळ हे सगळे चालू होते।मग मी त्यांना बाजूला केले । माझे हत्यार कमालीचे कडक झाले होते। त्या दोघांना पण मी एकच वेळी गुडघ्यावर बसवले। राजुच्या गांडीत मी माझा सोटा कोंबला आणि त्याच्यावर प्रचंड ताकदीने मी तुटून पडलो। त्याचे सगळे शरीर माझ्या प्रत्येक दणक्याने मागे पुढे होत होते। त्याला त्या दणक्यांची सवय होतीच। खूप वेळ त्याची मी गांड मारली आणि माझा सोटा बाहेर काढला।



आता मी माझा सोटा रघु च्या गांडीत घातला। त्याच्या गोलाकार गांडीत माझा सोटा घालताच मी माझे दोन्ही हात त्याच्या गांडीवर ठेवले आणि माझी कंबर मागे पुढे करत काच काच त्याच्यावर उडू लागलो। एकसारखे त्याच्यावर पण उडून झाल्यावर मी माझा सोटा बाहेर काढला आणि त्याच्या ताब्यात दिला। त्या दोघानी एकच वेळी त्याला चोखायला चालूं करताच त्यातून सर सर करत वीर्याचा फवारा बाहेर आला।



त्यांनी ते सगळे वीर्य पिऊन टाकले आणि मग आम्ही शांत झालो। पुढे पण खुप वेळ ते माझ्या सोट्याशी खेळ करत होते। त्यांना माझा सोटा सोडवत नव्हता। चाटून चाटून त्यांनी माझा सोटा साफ करून दिला आणि मग आम्ही कामाला लागलो। तेव्हापासून आम्ही तिघे नियमितपणे हा डाव करू लागलो होतो।

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