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कुंवारी नौकरानी की चूत के मजे लूटे

कुंवारी नौकरानी की चूत के मजे लूटे


मैं लखनऊ की रहने वाली हूं। मैंने अपनी पढ़ाई लखनऊ से ही पूरी की थी। मैं यहां अपने मम्मी पापा के साथ रहती थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद मुझे तुरंत ही पुणे से जॉब का ऑफर आ गया था। मैं पुणे जाना चाहती थी। लेकिन मेरे घर वालों को मेरी बहुत चिंता सता रही थी। कि मैं वहां अकेले कैसे रह पाऊंगी। पर मैंने अपने घरवालों को समझाया और कुछ दिन बाद मैं पुणे चली गई। वहां मैं अकेली रहती थी। मेरा ऑफिस मेरे फ्लैट से ज्यादा दूर नहीं था। मैं अकेली जाती और अकेली ही आती थी। फिर ऑफिस में मेरे कुछ नए दोस्त बने।


एक दिन मैं ऑफिस से घर जा रही थी तभी अचानक विवेक मुझे मिला। मैं उसे देख कर बहुत खुश हुई।  हम दोनों स्कूल से लेकर कॉलेज तक दोनों साथ ही पढ़ते थे। वह मेरा बहुत अच्छा दोस्त था। एक दिन वह पुणे आया पर उसे रहने की अच्छी जगह नहीं मिल रही थी तो मैंने उसे तब तक अपने ही साथ रहने को कहा। जैसे ही उसे नौकरी मिलती वह अपने लिए दूसरा फ्लैट देख लेता। लेकिन तब तक वह मेरे साथ मेरे फ्लैट में रहता था। यह बात मैंने अपने घरवालों को नहीं बताई थी। हम दोनों पहले से ही एक दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। तो मुझे उसके यहां रहने से कोई दिक्कत नहीं थी।


मैं सुबह अपने ऑफिस जाती और शाम को घर आती तब तक विवेक घर पर ही रहता। कभी वह जॉब की इंटरव्यू के लिए जाता इधर उधर भटकता फिरता रहता था। हम दोनों साथ में ही रहने लगे थे। कुछ दिन बाद उसे भी अच्छी जॉब मिल गई। हम दोनों साथ में ही घर से निकलते और साथ ही घर वापस आते हैं। हम दोनों मिलकर घर का काम करते थे। साथ रहते रहते हमें एक दूसरे की आदत हो गई थी। अब हम एक दूसरे के बिना नहीं रह पाते थे। हम दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे थे। जब भी हमें समय मिलता हम दोनों आपस में घूमने जाया करते दोनों समय बिताते।


एक दिन विवेक ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहने लगा तुम्हें मुझे देखकर कुछ लगता नहीं है क्या मैंने उसे कहा लगना क्या है इसमें। हम दोनों एक साथ रहते हैं इसमें कुछ समस्या वाली बात नहीं है। तो वह कहने लगा मेरी और भी जरूरत है क्या तुम पूरी करोगी। मैंने कहा ऐसी कौन सी जरूरत है तुम्हारी जो मैं पूरी नहीं कर पा रही हूं। मैं उसके मन में क्या है वह तो समझ चुकी थी। पर उस समय मैंने कुछ नहीं कहा फिर मैं नहाने चली गई। वह बाहर मेरा इंतजार कर रहा था। जैसे ही मैं नहा कर आई मैंने टॉवल अपने शरीर को लपेटा हुआ था। मेरे गीले बाल थे। उसने मुझे ऐसे ही अपनी बाहों में समा लिया और कहने लगा। अब तो तुम मेरी जरूरतों को समझ लो। उसके यह कहते ही मेरा टावल नीचे गिर गया। मेरी पैंटी ब्रा उसने देख ली।


मैं उसके सामने ऐसी खड़ी रही मुझे पहले अच्छा महसूस नहीं हो रहा था। उसने कहा  कोई बात नहीं और यह कहते हुए उसने मुझे अपने गले लगा लिया। अब उसने मेरी लाल पैंटी में हाथ डाला और मेरी योनि को दबाने लगा। मैंने आज ही अपने चूत से बाल साफ किए थे। तो वह एकदम  चिकनी हो रखी थी। जिसको देखकर वह कहने लगा। तुम्हारे तो एक भी बाल नहीं है। यह सुनकर में हंस पडी। हंसते-हंसते उसने मेरी चूत इतनी जोर से दबा दिया कि मेरे मुंह से आवाज निकल पड़ी। और मैं उसे कहने लगी। इतनी जोर से क्यों दबा रहे हो आराम से भी तो कर सकते हो। अब यह कहते हुए मैंने उसे  गले लगा लिया।


मैंने उसके होठों को अपने होठों से मिलाते हुए किस करना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे मैं किस करती जाती। वह मेरी तरफ आता जाता मैंने उसको बहुत तेजी से किस करना शुरू किया। वह मुझसे कहने लगा तुम तो बड़े अच्छे से किस करते हो। मेरे से भी नहीं रहा जा रहा था। मैंने जैसे ही उसकी पेंट  मैं हाथ लगाया तो उसका लंड खड़ा हो रखा था। यह देख कर मैं थोड़ा हिचकिचाने लगी। पर मैंने उसकी जीप खोल कर उसके लंड को बाहर निकाल लिया और उसको अपने मुंह में ले लिया। जैसे ही मैंने उसके लंड को अपने मुंह में लिया। वह कहने लगा तुम तो बड़े अच्छे से कर रही हो थोड़ा और अंदर लो। मैंने भी उसको लंड को पूरे अपने गले मे ले लिया।


जैसे-जैसे मैं अंदर बाहर करती जाती उसको मजा आता। वह कहता बहुत अच्छे से कर रही हो तुम अब उसके बाद उसने मुझे खड़ा किया और मेरी ब्रा को खोलते हुए। मेरे स्तनों को अपने हाथों से दबाने लगा। पहले वह धीरे धीरे दबा रहा था। किंतु अब उसने काफी तेज दबाना शुरु कर दिया। अब अपने मुंह में भी मेरे स्तनों को ले लिया और उसे चूसने लगा। धीरे-धीरे वह मेरे चूचो को चूसता तो मुझे गुदगुदी सी होती और मुझे अच्छा महसूस होने लगता। अब उसने मेरे चूचो को पूरे अपने मुंह में समा लिया था और उसको अच्छे से चूसने लगा था।


यह देखकर  मुझे अच्छा लग रहा था और अंदर से अच्छी फीलिंग आ रही थी। उसने मेरे निप्पल पर दांत भी काट दिए थे। जिससे मुझे सेक्स की मांग मेरी बढ़ गई थी। मैंने अपनी योनि में उंगली लगा कर उसे रगड़ना शुरू कर दिया।  जैसे-जैसे मेरा सेक्स की भूख बढ़ती जाती वैसे ही मुझे और अच्छा लगता जाता। वह मेरे स्तनों का  अच्छे से रसपान कर रहा था। उसके बाद उसने मुझे जमीन पर ही लेटा दिया और मेरी पैंटी उतार दी। जैसे ही उसने मेरी पैंटी उतारी उसके बाद उसने अपने मुंह में मेरी योनि को लेते हुए। मेरी योनि के ऊपरी हिस्से को दबा लिया। अब उसने मुझे उल्टा कर कर मेरी गांड को भी चाटने लगा वह मेरे दोनों तरफ चाटता कभी आगे कभी पीछे मुझे इससे अच्छा लगने लगा था। अब उसने धीरे से मुझे उठाकर थोड़ा सा किनारे पर कर दिया।


अब वह मेरे ऊपर लेट गया और जैसे ही वह मेरे ऊपर लेटा तो उसने अपने लंड को मेरी योनि में धीरे धीरे डालना शुरू किया। क्योंकि मेरी योनि गीली हो चुकी थी इस वजह से उसे डालने में कोई परेशानी नहीं हुई। वह पूरा अंदर तक चला गया मानो ऐसा लगा जैसे दीवार में उसने सटा दिया हो  उसने अपनी स्पीड पकड़ी और काफी तेज तेज करने लगा मेरे स्तन और तेज हिलने लगे। वह इतनी तेज हिल रहे थे जैसे मानो भूकंप के झटके आ रहे हो। उसने 10 मिनट तक किया उसके बाद मेरी योनि इतनी गरम हो गई कि वो बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसका वीर्य पतन हो गया। जैसे ही उसका वीर्य गिरा। वह कहने लगा तुम वाकई में बहुत अच्छी हो। उसके बाद उसने दोबारा से थोड़ी देर बाद मेरे साथ सेक्स किया।


इस बार उसने मुझे इतनी जोर से धक्का मारा कि मेरे तो गले तक ही आ गया उसका लंड वह बड़ी तेजी से कर रहा था मानो जैसे कोई ट्रेन छूटने वाली हो लेकिन मुझे अच्छा लग रहा था। थोड़ी देर में उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और उठाते उठाते ही वह मुझे चोदने लगा। अब मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था। मानो ऐसा लग रहा था जैसे मेरी इच्छा पूर्ति हो गई हो। उसने धीरे से मुझे कहा मेरा गिरने वाला है। उसके बाद उसने मुझे लिटा दिया और मेरे पेट पर ही सारा वीर्य गिरा दिया। जिससे कि मेरा पुरा पेट गीला हो गया। उसके बाद मैंने कपड़े से साफ किया और अब हम दोनों रोज रात को ऐसा करने लगे।


हमने कुछ समय बाद शादी का फैसला कर लिया। हम पहले से ही जानते थे तो हमें एक दूसरे के बारे में जानने की जरूरत नहीं पड़ी। विवेक बहुत अच्छा लड़का था। अब हम ने शादी करने का फैसला किया मैंने यह बात अपने घरवालों को बताई तो उन्होंने इनकार कर दिया। और कहां पहले हम विवेक से मिलना चाहते हैं। उसके बाद हम फैसला करेंगे। एक दो महीने बाद जब मैं घर गई तो मैंने अपने मम्मी पापा को विवेक के बारे में बताया और उसे अपने घर वालों से मिलाया। मेरे पापा को विवेक बहुत अच्छा लगा। लेकिन मेरे मम्मी अभी भी दुविधा में थी क्योंकि विवेक का इस दुनिया में कोई नहीं था।


बचपन से उसके पिताजी ने उस को पाला और उसको पढ़ाया-लिखाया पर कुछ समय बाद उनका भी देहांत हो गया। अब वह बिल्कुल अकेला रह गया था। मैं और विवेक एक दूसरे को बहुत पसंद करते थे। मैने जैसे तैसे करके अपनी मां को शादी के लिए मनाया। मेरी मां विवेक से शादी कराने के लिए इसलिए तैयार नहीं थी। क्योंकि मेरी मां ने मेरे लिए कहीं और रिश्ता तय कर रखा था। लेकिन यह बात मुझे पता नहीं थी। मेरी मां ने यह बात मेरे पापा से की लेकिन मेरे पापा तो मेरे फैसले से खुश थे। लेकिन मां को मेरी बहुत चिंता थी।

बचपन के प्यार की सील तोड़ चुत चुदाई

बचपन के प्यार की सील तोड़ चुत चुदाई

मेरे पड़ोस में मेरी एक प्यारी सी लड़की रहती है, जिससे मैं बचपन से प्यार करता आ रहा हूँ … लेकिन उसे अपना प्यार जताने की मेरी कभी हिम्मत नहीं हुई-. हम दोनों के परिवारों में काफी अच्छे सम्बन्ध थे, इस वजह से मैं ज्यादा हिम्मत नहीं कर पा रहा था कि कहीं हमारे परिवारों के बीच कोई कटुता न पैदा हो जाए-.
बचपन के प्यार की सील तोड़ चुत चुदाई


फिर एक दिन मैंने हिम्मत करके उसे अपने दिल की बात बता ही दी-. लेकिन उस समय उसने मेरा प्रस्ताव यह कहकर ठुकरा दिया कि वो लव मैरिज नहीं करना चाहती है-.

मेरे लाख समझाने और कोशिश करने पर भी वो नहीं मानी-. मैंने भी उसे फ़ोर्स करना अच्छा नहीं समझा-. फिर हम दोनों अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए-. एक दिन मुझे खबर लगी कि उसके लिए एक विदेश में नौकरी कर रहे लड़के का रिश्ता आया है-.

ये जानकर मैं बहुत निराश हुआ क्योंकि मैं अभी भी उससे बहुत प्यार करता था-. एक दिन हमारे परिवार के लोग किसी रिश्तेदार की शादी में गए थे-. मैं घर पर अकेला था-. मैं पूरे दिन काम का थका शाम को हाफ-डे लेकर ऑफिस से जल्दी आ गया था और आते ही बेड पर सो गया-.

करीब आधे घंटे बाद मेरे घर की डोर बेल बजी-.

मैंने पूछा- कौन है?

बाहर से महिमा की आवाज आई- मैं हूँ-.

ये महिमा मेरी वही पड़ोसन है … जिससे में प्यार करता हूँ-.

मैं आपको महिमा के बारे में बता दूँ कि वो एक सुन्दर, कमसिन, कोमल, हॉट एवं काफी प्यारी सी लड़की है-. उसका फिगर 32-24-30 का है-.


पहली नजर में जो भी उसे देखता, उसकी खूबसूरती का दीवाना बन जाता था-.

जब दरवाजे पर उसकी आवाज सुनी, तो मैं उठ गया और उसे अन्दर आने को कहा-.

जैसे ही वो अन्दर आई, मैंने उसे ऊपर से नीचे तक निहारा-.

उसने टाइट कुर्ती सलवार पहना हुआ था-. उसके तने हुए दूध देखकर मेरे तो होश ही उड़ गए-.

मैंने उसे अन्दर आने को कहा-.

हम दोनों अन्दर आकर बात करने लगे-.

उसने सभी की अनुपस्थिति को लेकर पूछा-.

तो मैंने सभी को शादी में जाना बताया-.

उसने मुझसे पूछा कि तुम शादी में क्यों नहीं गए?

तो मैंने उत्तर दिया कि मेरा मन नहीं था-.

कुछ देर तक यूं ही बात करते रहने के बाद उसने पूछा- घर के लोग वापस कब आएंगे?

मैंने कहा- दो दिन बाद आएंगे-.

उसने मुझे खाना खाने के लिए पूछा-.

तो मैंने जवाब में मना कर दिया क्योंकि मैं तो उसके प्यार का भूखा था-.

मेरे मना करने पर वो जाने लगी और जैसे ही वो मुड़ी … तो उसकी चुनरी उसके पैरों में फंस गई और वो घूम कर मेरे ऊपर गिर गयी-.

इस तरह से हम दोनों में एक चुम्बन का सीन हो गया-.

यह अहसास मेरे लिए काफी रोमांचक था-. हम दोनों की आंखें एक दूसरे की आंखों में स्थिर हो गईं और कुछ आश्चर्यचकित सी रह गईं-.

क्या बताऊं दोस्तो, उसका कोमल शरीर मेरे बदन से सट गया था और उसके बड़े बड़े स्तन मेरी छाती को छू रहे थे-.

मुझे लग रहा था मानो कोई मुलायम गद्दे मेरे सीने दब गए हों-.

हमारी धड़कनें तेज हो गईं-.

फिर वो धीरे से उठने हो हुई-.

मगर उसी समय मैंने उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक और होंठों पर मुस्कान देखी-.

मुझे उसकी आंखों में एक ऐसी कामना सी दिखी मानो वो मुझे फिर से चूमने का न्यौता दे रही हो-.

हमारी सांसें गर्म हो चुकी थीं और हमारी नजरें एक दूसरे को ही ताक रही थीं-.

मुझसे रहा नहीं गया और मैं उसे चूमने लगा-.

पहले तो उसने विरोध किया लेकिन फिर उसने भी मेरा साथ दिया और हम एक दूसरे को चूमने चाटने लगे-.

कभी मैं उसके मुलायम गुलाब जैसे होंठों को चूमता, तो कभी गर्दन पर किस करता, तो कभी उसके कान की लौ काट लेता-.

वो भी मुझे इसी तरह से चूमने लगी-. हमें कोई होश नहीं था … हम एक दूसरे में मदहोश हुए जा रहे थे-.

थोड़ी देर चूमने के बाद मैंने उसे जल्दी से पलटा दिया और मैं उसके ऊपर आकर उसे चूमने लगा-.

उसे चूमते चूमते मेरा हाथ उसके स्तनों को दबाने लगे-.

उसके स्तन इतने बड़े थे कि एक स्तन मेरे पूरे हाथ में नहीं आ रहा था-.

मैं यूं ही धीरे धीरे उसके स्तनों को मसलता रहा और दबाता रहा-.

उसे भी मजा आने लगा और उसके मुंह से ‘आह … आह …’ की मादक आवाज आने लगी-.

उसकी कामुक सिस्कारियां मुझे और उकसाने लगी थीं-.

धीरे धीरे मैं अपना एक हाथ उसकी चूत पर ले गया और चुत को कपड़ों के ऊपर से ही मसलने लगा-.

पहले तो उसने मुझे रोका, लेकिन जब मैं नहीं रुका तो थोड़ी देर बाद उसने मुझे रोकना बंद कर दिया-.

शायद उसे भी अब मज़ा आने लगा था-.

ये सब चलते चलते पूरे कमरे में उसकी मादक सिसकारियों और मनमोहक खुशबू फ़ैल गई थी-.

मेरा लंड धीरे धीरे कड़क होने लगा था और उसे पैंट में से चुभने लगा था-.

वो धीमी आवाज में बोली- ये क्या चुभ रहा है?

उसकी बात सुनकर मैं रुक गया और जरा उठ सा गया-.

उसने मेरे पैंट पर बने तम्बू को देखा और सोच में पड़ गयी कि ये क्या है?

मैंने मुस्कुराकर कहा- क्या तुम्हें वाकयी नहीं पता कि ये क्या है?

उसने शर्मा कर न में सर हिला दिया-.

मैंने उसके कान में कहा कि ये मेरा औज़ार है और इससे हम मर्द, चुत चोदते हैं-.

उसने शर्मा कर पूछा कि चुत माने क्या?

मैंने उसकी चूत की ओर इशारा करते हुए उसे बताया कि चुत इधर होती है-.

वो शर्मा गई और मुस्कुराने लगी-.

उसे मुस्कुराता देख कर मेरी उत्तेजना और भी बढ़ गयी-.

तभी उसने आव देखा न ताव … और फट से मेरी पैंट का बटन और चैन खोल दी-.

मैंने अंडरवियर पहना था, जिसमें से मेरा लंड और भी बड़ा लग रहा था-.

उसने मेरे लंड को हाथ में लिया और मसलने लगी-.

पहली बार किसी लड़की ने मेरे लंड को टच किया था; मैं सिहर उठा और पागल सा हो गया-.

वासना में मैं उसके मम्मों को जोरों से दबाने लगा और किस करने लगा-.

वो भी गर्मा उठी थी-.

मैंने देर न करते हुए उसकी कुर्ती को ऊपर किया और उसकी गर्दन से निकालते हुए अलग को फेंक दिया-.

उसने अन्दर लाल कलर की नेट वाली ब्रा पहनी थी-.

लाल मेरा पसंदीदा रंग है तो मेरी वासना और भी भड़क गई-.

मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके स्तन दबाता और चूमता रहा और उसकी गर्म गर्म सांसें तेज होने लगीं-.

मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी पीठ के पीछे हाथ लेजाकर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया-.

उसकी ब्रा उतार कर अलग कर दी तो उसने शर्मा कर अपने स्तनों पर हाथ रख लिया और उन्हें ढक दिया-.

मैंने उसके हाथों को प्यार से हटाया और उसके स्तनों से अलग कर दिया-.

मेरे सामने दुनिया के बेहतरीन स्तन खुल गए थे-.

ये इतने मादक थे कि मैंने अब तक कभी भी किसी साईट में नहीं देखे थे … बल्कि अपनी कल्पना में भी ऐसे चुचे नहीं सोचे थे-.

उसके स्तन किसी पोर्नस्टार से भी अच्छे थे-. मैं तो बस उन्हें देखता ही रह गया-.

दूसरी तरफ उसने शर्म के मारे अपनी आंखें बंद कर लीं-.

मैंने उसके एक स्तन को हाथ में लिया और सहलाते हुए दबाने लगा-. दूसरे स्तन की चौंच को अपने होंठों में दबा कर चूसने लगा-.

आह ऐसा स्वाद मैंने अब तक कभी नहीं लिया था-.

मैं एकदम से बौरा सा गया था-. कभी उसके एक स्तन को दबाता, तो कभी कसके चूसने लगता-. उसके दूध को जोर जोर से पीता … तो कभी उसकी चूची को जोर से भींच देता-.

कुछ पल बाद मैं नीचे नाभि पर चूमने लगा-. मैं अपनी जुबान से उसकी नाभि को चोदने सा लगा था-.

वो तेज तेज स्वर में ‘आह -.-. आह -.-.’ की आवाजें निकालने लगी थी-.

कुछ देर बाद उसने मुझे खड़ा किया और खुद बैठ कर मेरी अंडरवियर को उतारने की जगह एक झटके से फाड़ दिया और मेरे लंड को आज़ाद कर दिया-.

मेरा 7 इंच का फनफनाता लंड देख कर उसके होश उड़ गए और वो घबरा गयी-.

वो लंड देख कर कहने लगी कि य…ये क्या है … इतना बड़ा और सख्त!

मैंने कहा- ये मेरा औजार है और इसे लंड भी कहते हैं-. अंग्रेजी में पेनिस इसे कहते हैं-. क्यों … क्या तुमने पहले कभी लंड नहीं देखा?

उसने कहा- देखा है … लेकिन केवल फोटो में … मगर इतना बड़ा नहीं देखा-.

वो मेरे लंड को हाथ में लेकर मसलने लगी-.

उससे रहा नहीं गया और उसने मेरे लंड को मुंह में भर लिया और उसे कुल्फी की तरह चूसने चाटने लगी-.

मुझे मज़ा आने लगा-.

लेकिन मेरा सिर्फ आधा लंड ही उसके मुँह में जा रहा था तो मैंने जोर से उसका मुँह दबाया और मेरा पूरा लंड उसके गले तक चला गया-.

उसने झट से लंड बाहर निकाला और खांसने लगी-.

मैंने उसे उठाया और उसे किस करने लगा और उसका स्तन पान करने लगा-.

वो मुझे खुद दूध पिलाने लगी-.

कुछ पल बाद मैंने उसे उठा कर बेड पर लुढ़का दिया और उसे पागलों की तरह चूमने लगा; उसके मम्मों को दबाने लगा-.

उसकी वासना से लबरेज सिसकारियां पूरे वातावरण को मादक बना रही थीं-.

अचानक से उसका शरीर अकड़ने लगा-.

मैं समझ गया कि उसका पानी छूट गया है-. लेकिन उसके लिए ये पहला अनुभव था … तो वो डर गई कि उसे क्या हो रहा है … कहीं पीरियड्स तो नहीं होने लगे हैं-.

मैंने उसे समझाया कि ये तुम्हारी चुत से निकलने वाला पानी है … जो उत्तेजना बढ़ने पर निकलता है-.

उसकी सलवार गीली हो चुकी थी-.

मैंने जल्दी से उसकी सलवार का नाड़ा खोला और उसे उतार दिया-.

उसने अन्दर नेट वाली लाल पैंटी पहनी थी, जो पूरी गीली हो चुकी थी-.

मैं लाल रंग की गीली पैंटी में उसकी फूली हुई चुत देख कर एकदम पागल हो गया और मैंने देर न करते हुए उसकी पैंटी को उतार फैंका-.

अब मेरे सामने एक कमसिन कुंवारी नंगी चूत थी-. उसकी चुत पर बारीक झांटें उगी थीं-.

चुत ऐसी लग रही थी … जैसे कुछ ही दिन पहले उसने चुत की झांटें साफ़ की हों-.

मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह रखा और उसकी खुशबू लेने लगा-.

काफी मनमोहक सुगंध थी-.

मैं उसकी चूत को चाटने लगा, उसे गुदगुदी होने लगी और वो हंस पड़ी-.

धीरे से मैंने उसकी चुत में अपनी जीभ लगा दी … लेकिन उसकी चुत काफी टाइट थी और मेरी जुबान अन्दर न जा सकी-.

मैंने फिर से कोशिश की मगर फिर से असफल हो गया-.

अब मैंने अपनी उंगलियों से उसकी चुत को फैलाया और अपनी जीभ दरार में डाली-.

मेरी जीभ अन्दर तो गई मगर एक तंग जगह में फंस सी गयी-.

मैं धीरे धीरे जुबान को अन्दर बाहर करने लगा और अपने हाथों से उसके बड़े स्तनों को दबाता रहा-.

वो ‘आह … आह … आह …’ की मादक आवाज निकालने लगी थी-.

थोड़ी देर ऐसा करने के बाद वो फिर से झड़ गयी और मैंने उसका सारा पानी पी लिया-.

उसकी कुंवारी चुत का रस ऐसा लगा मानो मैंने अमृत पी लिया हो-.

वो झड़ने के बाद निढाल हो चुकी थी-.

कुछ देर बाद हम दोनों 69 की मुद्रा में आ गए-.

मैंने अपना लंड उसके मुंह में दे दिया और वो उसे मसल मसल कर चूसने लगी-.

कभी वो लंड के ऊपर के सुपारे को चूसती … तो कभी मेरे आंडों को बारी बारी से अपने मुँह में लेकर चूसती-.

एक तरफ वो मेरे लंड को चूस रही थी और दूसरी तरफ मैं अपनी उंगली उसकी चुत में डालने लगा था-.

उसकी चुत एकदम टाईट थी तो उंगली तक घुसेड़ने में मुश्किल हो रही थी-.

मैंने मेज़ पर रखा तेल उठा लिया और हाथ पर लगा कर उसकी चुत में मलने लगा-.

उसकी चुत के अन्दर तक कुछ तेल गया, तो अब मेरी उंगली उसकी चुत में आसानी से अन्दर चली गयी-.

उंगली को अपनी चुत के अन्दर लेते ही वो सिसक उठी और गांड उठाने लगी-.

कुछ देर एक उंगली से ही चुत को ढीला करने के बाद मैं अपनी दो उंगलियों से उसे चोदने लगा और उसकी चूत को चाटने लगा-.

अब उससे रहा नहीं गया और वो गिड़गिड़ाने सी लगी- आह रॉकी प्लीज … मुझसे रहा नहीं जाता … अब मुझे चोद दो-. मुझे अपनी रानी बना लो-.

उसके मुँह से यह सुन कर मैं चौंक गया और काफी खुश हुआ-.

मैं उस पर से उठा और नंगा ही भाग कर अपने बड़े भाई के कमरे में गया, उसकी अलमारी से कंडोम का पैकेट ले आया-.

मेरे बड़े भाई की शादी कुछ महीने पहले ही हुयी थी-. मुझे मालूम था कि वो भाभी को कंडोम लगा कर ही चोदता है-.

दोस्तो, चाहे कुछ भी हो … सेफ्टी फर्स्ट होती है-. कभी कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए-.

मैं जल्दी से कंडोम लेकर आया और अपने लंड पर पहनने लगा-.

उसने पूछा कि ये क्यों?

मैंने कहा- सेफ्टी जरूरी है … तुम्हारे लिए भी … और मेरे लिए भी!

मेरी बात सुनकर वो खुश हो गई और उसने मुझे गले से लगा लिया-.

मैंने झट से कंडोम पहन लिया और उसे लिटा कर चूमने चाटने लगा-.

अब मैंने अपना तना हुआ लंड उसकी बुर पर रखा और चुत के ऊपर घिसने लगा-.

वो मेरे लंड को चुत में लेने के लिए तड़प रही थी-.

अपनी आंखें बंद किए हुए वो मादक सिसकारियां ले रही थी-.

मैं लंड चुत पर घिस कर उसे और उकसा रहा था-.

वो कहने लगी- मेरे राजा … अब देर मत करो … और डाल दो इस हथियार को मेरी चुत में-.

मैंने अपना लंड उसकी गर्म चूत के द्वार पर सैट किया और हल्का सा धक्का दे दिया-.

लेकिन उसकी चूत काफी टाइट थी … पहली बार जो चुद रही थी-.

मेरा लंड फिसल गया और यह देख कर वो हंस पड़ी-.

मैंने उसकी गांड को कसके पकड़ा और लंड को फिर से सैट किया-.

इस बार सुपारा चुत की फांकों के मध्य जैसे ही सैट हुआ … मैंने जोर का धक्का लगा दिया-. मेरे लंड का मुखड़ा उसकी चूत में घुसता चला गया-.

मोटा लंड जब संकरी चुत में घुसा, तो वो जोर से चीख पड़ी-.

वो रोने लगी … मैं उसे किस करने लगा ताकि उसकी चीख दब जाए-.

वो रोती हुई कहने लगी- इसे निकालो … मुझे बहुत दर्द हो रहा है-.

मैं उसे चूमने लगा और उसके स्तन दबाने लगा-.

थोड़ी देर बाद वो शांत हुई तो मैंने एक और जोर का धक्का दे दिया-.

इस बार मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया था-.

वो फिर से चीख उठी- हाय मर गई मैं तो … इसे निकालो … मुझे नहीं करना-.

लेकिन अब मैं कहां रुकने वाला था … मैंने एक और जोर का झटका दे दिया और मेरा पूरा लंड उसकी चुत में घुस गया था-.

वो दर्द से कराह रही थी और उसके आंसू रुक ही नहीं रहे थे-. मैं उसे चूमता रहा ताकि वो शांत हो जाए-.

थोड़ी देर मैं ऐसे ही पड़ा रहा-.

फिर कुछ पल बाद जब वो शांत हुई तो मैं आगे पीछे होकर लंड को अन्दर बाहर करने लगा-.

पहले उसे दर्द हुआ … फिर वो भी मजे लेकर मेरा साथ देने लगी-.

अब तो वो अपनी गांड को उछाल उछाल कर साथ देने लगी थी-.

मैंने उसकी टांगों को अपने कंधे पर लिया और उसकी गांड पकड़ कर जोर जोर से झटके मारने लगा-.

पूरे कमरे में उसकी सिस्कारियों की आवाज ‘आह … आह … ओह माय गॉड … फ़क मी फ़क मी … रॉकी-.’ और ‘फच्च फच्च …’ की आवाजें गूंजने लगीं-.

मैंने दस बारह तेज शॉट मारे और उससे पूछा- मजा आ रहा है जान!

वो चीखने लगी, चिल्लाने लगी- ओह रॉकी बहुत मज़ा आ रहा … और जोर से करो … आह-.

मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दी-.

करीब 15 मिनट बाद मैं झड़ गया-.

इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी-. मैं लंड उसकी चूत में रखे ही उस पर लेटकर सो गया-.

कुछ देर बाद मेरी आंखें खुलीं, तो मैंने देखा कि मेरे लंड पर खून लगा था-.

मैंने देखा कि वो खून महिमा की चूत से आ रहा था-.

मुझे पता था कि पहली चुदाई में लड़की की सील टूटने पर खून निकलता है-.

मुझे लगा अगर महिमा ने ये देख लिया तो वो घबरा जाएगी-.

वो अभी सो रही थी-.

मैं जल्दी से बाथरूम से गीला कपड़ा लेकर आया और उसकी चूत और मेरे लंड से खून साफ़ किया-.

लेकिन अभी भी बेडशीट पर खून लगा था-. मैंने महिमा को उठाया तो उसमें उठने की भी ताकत नहीं थी-.

मैंने उसे सहारा देकर उठाया और अपनी गोद में उठा कर उसे बाथरूम में ले गया, उसे बाथटब में लिटा दिया और हल्का गर्म पानी भर दिया-.

गर्म पानी में उसे अच्छा लगा-.

वो अपने बदन की गुनगुने पानी से सिकाई करने लगी-.

तब तक मैंने जल्दी से कमरे में आकर बेडशीट को हटाया और धोने में डाल दिया-.

फिर मैं भी बाथरूम में आ गया और महिमा के साथ बाथटब में बैठ गया-.

मैंने उसे अपनी तरफ किया और उसके गोरे बदन पर साबुन मलने लगा-.

कभी उसके स्तन पर साबुन लगा कर दूध मसलता और दबाता, तो कभी उसकी चूत के ऊपर साबुन लगाता और अन्दर तक उंगली डाल कर चुत को मसलता-.

इसी तरह वो भी मेरे लंड पर साबुन मलती और उसे मसलती रही-.

मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया-. मैं उसकी गांड मसलने लगा-.

मैं टब में ही लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गयी-.

मेरे लंड को हाथ में लेकर वो अपनी चूत पर सैट करने लगी-.

धीरे से मेरा लंड उसकी चूत में जाने लगा-.

अब वो धीरे धीरे अपनी गांड को हिलाने लगी और ऊपर नीचे होने लगी-. इसी तरह हमने कई पोजीशन में टब में ही चुदाई की-.

डॉगी स्टाइल में कभी 69 में चुदाई का मजा आता रहा-. कभी मैं उसके ऊपर चढ़ जाता … तो कभी वो मेरे ऊपर चढ़ जाती-.

1st सेक्स करने के बाद मैंने उसे पूछा- तू तो बड़ी अनजान बन रही थी चूत लंड से? फिर कैसे तुझे सब पता चल गया और …

वो बोली- वो तो मैं ऐसे ही भोली बन कर दिखा रही थी-. ब्लू फ़िल्में देख कर मुझे सब पता था पहले से!

उस रात हमने पूरे घर में कई जगह और कई बार चुदाई की-. किचन में, खाना खाते समय डाइनिंग टेबल पर भी उसे चोदा, टीवी देखते समय सोफे पर चोदा-. टहलते समय छत पर भी चोदा-.

उस रात की सेक्स कहानी आगे भी बताऊंगा मगर वो सब अगली बार लिखूंगा-.

उस दिन के बाद जब भी हम दोनों अकेले में मिलते हैं, तो मिनटों तक किस करते हैं और कभी कभी मैं उसके मम्मों को भी चूस लेता हूँ-.

जब भी हम दोनों देर के लिए अकेले में मिलते हैं, तो चुदाई भी कर लेते हैं-.

Neha Ki Chudai Ki Kahani

Neha Ki Chudai Ki Kahani,नेहा की चुदाई की कहानी
नमस्ते दोस्तों, मैं नीरज अपनी दूसरी कहानी लेकर आया हूँ. मेरी पहली कहानी तो आप भूल गए होंगें जो मैंने 2015 में पोस्ट करी थी.

सच कहूँ लिखने में मुझे बहुत आलस आता है. मेरी पहली कहानी हमारी अधूरी कहानी दो पार्ट में है। मैं एक एक करके मैं अपनी सारी कहानी आप तक पहुँचाऊँगा.

जब मैं ये कहानी लिख रहा हूँ तो आज तक मैंने सिर्फ 8 औरतों के साथ सेक्स किया है. जिसमें से एक मेरी वाइफ है. तो बाकी 7 की कहानी मैं आप तक पहुँचाऊँगा. जिसमे से एक आप पढ़ चुके हैं. तो दुसरी चुदाई की कहानी पेश है.

ये बात तब की है जब मैं 22 साल का था. मैं पढ़ाई पूरी करके मैं दिल्ली जॉब की तलाश में आया.

दिल्ली में मेरा एक दोस्त रमेश 6 महीने पहले ही आ गया था और उसकी जॉब लग गई. वो फील्ड जॉब में था और आउट स्टेशन जाता रहता था. तो मैं उसी के रूम में एडजस्ट हो गया.

हमारे मकान मालिक पंजाबी थे. वो हसबैंड वाइफ उनका एक बेटा बहु 3 साल की पोती और बेटी रहती थी। बेटी का नाम नेहा था. हम फर्स्ट फ्लोर पर रहते थे फर्स्ट फ्लोर किराये के लिए ही बनाया था, जिसमे तीन रूम थे हमारे रूम में किचन था बाकी दो रूम के साथ किचन नहीं था. बाथरूम कॉमन था. बाकी दो रूम अभी खाली थे. घर की एंट्री कॉमन थी.

अब मैं आता हूँ इस कहानी की मुख्य किरदार पर नेहा. नेहा की उम्र 19 साल के आस पास थी. हद से ज्यादा गोरा रंग. मग़र चेहरा साधारण. शरीर की बनावट सोनम कपूर जैसी. कद 5′ 4″. स्तन 32 साइज़ के. मतलब साधरण रूप वाली बस कद और रंग ज़बरदस्त.

तो मै न्यूज़ पेपर में क्लासीफाइड में जॉब देखता. कहीं रेफरेंस से इंटरव्यू देने जाता फिर घर लौटता तो अक्सर वही दरवाजा खोलती और स्माइल देती.

लेकिन मैँ उस पर कोई ज्यादा ध्यान नहीं देता था बाद हेल्लो हाय ही होता.

ऐसे ही 9. 10 दिन बीत गए मेरी कहीं जॉब नहीं लगी. एक दिन रमेश बोला मकान मालिक की लड़की तेरे पे फिदा लगती है मैंने कहा अरे नहीं यार. मगर रमेश बार मुझे ऐसे ही बोलता तो मैं उस पर ध्यान देनेलगा.

एक दिन मैं घर पर था मई का महीना था. मैं म्यूजिक सिस्टम में सोनू निगम के गाने सुन रहा था. गर्मी बहुत थी तो मैंने केवल बॉक्सर पहना हुआ था. हमारे रूम में स्टैंडिंग फैन था उसी से काम चल रहा था.

तभी हमारे रूम के दरवाजे पर किसी ने नौक किया दरवाजा खुला था पर पर्दा गिरा हुआ था। मैंने पूछा कौन तो लड़की की आवाज आई मै.

मैं चौंक गया मैने जल्दी सेt शर्ट डाली और पर्दा हटाया.

मैं – जी.

नेहा – हेल्लो.

मैं- जी हेल्लो.

नेहा – ये जो आप सांग सुन रहे हैं ये मुझे बहुत पसंद हैं कि ये आप मुझे सीडी में डाल कर के दे सकते हैं.

मैं – सॉरी मेरे पास कंप्यूटर नहीं है मैं तो ये म्यूजिक सिस्टम में सुन रहा हूं. आप चाहो तो मेरे साथ सुन सकती हो.

नेहा – अच्छा! ये बोलकर वो अंदर आ गई. हमारे रूम में कोई चेयर नहीं थी तो वो चारपाई में ही बैठ गई. मैं भी चारपाई में बैठ गया.

फिर मैं बोला – आपका नाम क्या है?

वो बोली – नेहा, और आपका नाम?

मैं बोला – नीरज.

मै – आप क्या करती हैं.

नेहा – अभी बीए फर्स्ट इयर के एग्जाम. दिए है अभी छुटियाँ है और आप?

मैं – अभी तो जॉब की तलाश चल रही है. अंकल आंटी कहाँ हैं.

नेहा- पापा और भाई तो काम पर गए हैं. मां और भाभी और पीहू भाभी के मायके गए हैं.

मै – आप नहीं गई.

नेहा – नहीं. घर पर भी तो कोई होना चाहिये.

मै – हाँ वो तो है.

फिर मुझे रमेश की बात याद आई. तो मैंने सोचा कुछ चांस मरता हूँ.

नेहा- यँहा तो बहुत गर्मी है आप कैसे रहते हो.

मैं – क्या करे अब रहना तो है ही. वैसे आपकी स्माइल बहुत अच्छी है बिल्कुल नेचुरल.

नेहा – हाँ थैंक यू.

मैं – आपका कोई बॉयफ्रैंड है?

नेहा – नहीं कोई नहीं है.

मैं – सच में. मैंने तो सुना था दिल्ली की हर लड़की का बॉयफ्रैंड होता है.

नेहा- नहीं तो, ऐसा ज़रूरी थोड़ी है. आपकी कोई गर्लफ्रैंड है.

मै – नहीं, अभी तो जॉब पर ही फोकस है.

नेहा- अच्छा.

मै – एक बात बोलूं अगर बुरा ना मानो तो.

नेहा- बोलो!

मैं- मेरा मन तुम्हे किस करने का कर रहा है. (मै आप से तुम पे आ गया था)

नेहा- क्या.. ?? फिर उसने नज़रे झुका ली. अभी मैं उससे दूर बैठा था अब मै उसके पास आ गया.

सच कहूं तो मेरा इरादा उसे सिर्फ किस करने का था.

मैने उसका हाथ अपने दोनों हाथों में पकड़ा और बोला – बोलो ना, कर लूं?

वो कुछ नहीं बोली नज़रे भी नहीं मिला रही थी. उसके चेहरे पर शर्म साफ नजर आ रही थी.

मैंने सोचा अब जो भी हो देखा जाएगा.

मैंने उसकी ठुडी के नीचे हाथ लगया और उसके चेहरे को ऊपर उठाया. उसने आंखे बंद कर ली.

उसके कानों के नीचे पसीने की बूंदे थी. गर्मी की वजह से या कुछ और वजह से पता नहीं.

फिर मैंने अपने होंठ उसके पतले गुलाबी होंठो पर रख दिये. धीरे धीरे उसे किस करने लगा. मैने उसके निचले होंठ को अपने मुंह मे लेके चूसने लगा. फिर कुछ देर बाद नेहा भी मेरे होंठ चूसने लगी फिर मैं उसकी जीभ को चूसने लगा.

ऐसे ही हम लगभग 15 मिनट तक किस करते रहे. मेरा लंड खड़ा हो गया और बॉक्सर में टेंट सा बन गया.फिर मैंने नेहा का एक हाथ बॉक्सर के ऊपर से ही लन्ड पर रख दिया. वो कुछ चौंक गई पर उसने हाथ नहीं हटाया.

फिर मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा. और एक हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा. उसने कोई प्रतिरोध नहीं किया.

मैंने उसे ऐसे किस करते करते बिस्तर पर लिटा दिया पर हम दोनों के पैर बिस्तर से नीचे लटक रहे थे. नेहा ने सूट सलवार पहना था.

फिर मैंने उसका सूट थोड़ा ऊपर उठाया तो उसका गोरा फ्लैट पेट और नाभि दिखने लगी. उसने सूट के अंदर वाइट समीज भी पहनी थी. उसे भी ऊपर किया.

अब मै उसकी नाभि को अपनी जीभ से चाटने लगा. नेहा की आंख बंद थी. उसके हाथ मेरे सिर पे थे. थोड़ी देर में वो बोली बस करो नीरज मैं पागल हो जाउंगी.

लेकिन मैं नही रुका. एक हाथ से मैंने उसका नाडा खोल दिया और उसकी सलवार नीचे उतार दी. नेहा ने अपनी टांगे बन्द कर दी. उसने प्रिंटेड पैंटी पहनी थी.

मैं पैंटी के ऊपर से किस करने लगा तो देखा उसकी पैंटी गीली है. मैं समझ गया ये भी बहुत गर्म है. मैंने उसे बोला नेहा अपना सूट उतारो.

वो बोली – मुझे शर्म आ रही है.

मै बोला – कमओन!

मैंने उसे ऊपर उठाया और इसका सूट और समीज भी उतार दी.अब वो सफेद ब्रा में थी. मैं उसके बूब्स को किस करने लगा. किस करते करते मैंने उसके ब्रा के हक खोल दिये. और फिर उसकी ब्रा उतार फेंकी.

अब उसके छोटे संतरे के समान बूब्स मेरे सामने थे. उसके निपल पिंक थे. बिल्कुल अनछुहे लग रहे थे. उसके बूब्स छोटे थे लेकिन कमाल लग रहे थे. फिर मैंने उसके एक निप्पल को मुँह में लिया और चूसने लगा.

ओह नीरज तुम मुझे पागल करके छोड़ोगे. फिर मैं उसका दूसरा निप्पल चूसने लगा. और उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से सहला रहा था. मैने उसके निप्पल्स को चूस चूस के लाल कर दिया. उसकी पैंटी भी गीली होने लगी.

फिर मैंने उसकी पैंटी घुटनो तक उतार दी.क्या मस्त चूत थी.

ब्राउन हेयर थे जो अभी छोटे छोटे थे चूत भी गोरी और भी पिंक. मज़ा आ गया चूत देख के. अब मुझसे रहा नहीं गया और मैं उसकी चूत चाटने लगा.

मेरा लंड फड़पडा रहा था. मैं उसकी चूत में जीभ अंदर बाहर करने लगा. मै 5 मिनट तक ऐसा करता रहा. फिर उसने मेरा सर पकड़ लिया और वो बोलने लगी मुझे कुछ हो रहा है. और वो झटके से झड़ गई. उसका मस्त पानी निकलने लगा.

फिर मैंने अपना बॉक्सर. त सर्टऔर अंडरवियर उतार दिया. मै अब पूरा नंगा था. नेहा की नज़र मेरे खड़े लन्ड पर थी. फिर मैं अपना लन्ड उसके मुंह पर ले गया.

मैंने उसे बोला – लन्ड में किस कर.

वो बोली – इसको कैसे किस करूं.

फिर मैं जबरदस्ती लन्ड के सुपडे को उसके होंठो से रगड़ने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने थोड़ा लन्ड उसके मुंह में घुस दिया. धीरे धीरे उसे भी मजा आने लगा. मैं लंड अंदर बहार करने लगा.

फिर मैंने पूरा लंड उसके मुंह मे गले तक उतार दिया. उसका गला चौक होने लगा. तो मैने लन्ड बाहर निकाल. उसको बोला चाट इसे.

वो लन्ड को आइस क्रीम की तरह चाटने लगी वो मेरा लन्ड चाट रही थी और मैं उसके बूब्स मसल रहा था.

फ़िर मैने फिर से उसके मुंह मे लन्ड डाल दिया. और उसके बाल पकड़ के ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा.

नेहा मज़ा आ गया, और चूस मेरा लन्ड 5 मिनट बाद मुझे लगा मैं झड़ने वाला हूं. नेहा मुझे होने वाला है. और मैं उसके मुँह में ही झड़ गया.

उसने मुँह हटाने की कोशिश की पर मैने उसका सर जोर से पकड़ के रखा. जब पूरा झड़ गया तब उसका सर छोड़ा.

उसने तुरंत ही सारा माल फर्श पर थूक दिया और बोली – तुम बहुत गन्दे हो.

मैं उसके बगल में लेट गया और उसको खींच कर अपनी बाहों में ले लिया!




कोमल की सील तोड़ी बड़े प्यार से

 

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हैल्लो फ्रेंड्स.. मैं राज एक बार फिर इस साईट पर आप सभी के सामने एक और घटना लेकर आया हूँ और मैं दिल से आप सभी को मेरी पिछली कहानी को इतना प्यार देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहता हूँ। दोस्तों.. मेरी उम्र 22 साल है और मैं एक बहुत स्मार्ट लड़का हूँ और मेरी हाईट 5.11 इंच और मेरा लंड 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। दोस्तों.. मैं अब अपनी कहानी शुरू करता हूँ.. यह एक सच्ची कहानी है। मेरी पहले वाली कहानी की तरह यह भी एक साल पहले की है। दोस्तों एक दिन मुझे कॉल आया और यह कॉल गुडगाँव से कोमल नाम की लड़की का था। उसका असली नाम नहीं बता सकता इसलिए नाम चेंज किया है। उसने अभी अभी बारहवीं की पढ़ाई पूरी थी और नई नई घर से बाहर कॉलेज लाईफ मैं प्रवेश किया था। एक दिन उसका मुझे कॉल आया और वो थोड़ी परेशान और डरी हुई थी.. क्योंकि लाईफ मैं पहली बार किसी लड़के से बात कर रही थी और वो भी सेक्स के लिए.. किसी को पता चल जाएगा तो? यह सब उसने मुझे कॉल मैं बताया था.. लेकिन जब मैंने उसे समझाया कि मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगा.. तब जाकर उसको मुझ पर थोड़ा विश्वास हुआ।

 

फिर उसने बताया कि मैंने इस साईट पर आपकी स्टोरी पढ़ी है और वो मुझे बहुत अच्छी लगी। आपने एक वर्जिन लड़की को कितने प्यार से संतुष्ट किया है.. इसलिए मैं आपको कॉल कर रही हूँ। तभी मैंने उससे पूछा कि क्या तुम भी वर्जिन हो? तो उसने कहा कि हाँ.. मुझे अभी तक किसी ने भी नहीं छुआ है और ना ही मैंने किसी को कुछ करने दिया है। तो मैंने पूछा कि फिर मुझसे सेक्स के लिए कैसे मन बना लिया? तो उसने कहा कि आपकी कहानी मुझे बहुत पसंद आई और मैंने अपनी फ्रेंड से सुना था कि अनुभवी लड़के के साथ सेक्स करने मैं बहुत मज़ा आता है। आपने इतनी वर्जिन गर्ल के साथ सेक्स किया हुआ है और मैं भी वर्जिन हूँ इसलिए मैं आपके साथ सेक्स करना चाहती हूँ। मैंने उससे पूछा कि फिर कब मिलना चाहती हो? तो उसने कहा कि अगले सप्ताह उसकी फ्रेंड का जन्मदिन है और मैं रात को उसके घर पर ही रुकने वाली हूँ.. तो उस रात हम मिल सकते है.. अगर आप फ्री हो तो। फिर मैंने कहा कि मैं आ जाऊंगा.. लेकिन क्या उसके घर पर उसके माता, पिता नहीं होंगे? तो उसने कहा कि उसके माता, पिता बिज़नेस के काम से दो दिन के लिए चंडीगढ़ गये है। घर पर वो और उसके है और दादा, दादी नीचे के कमरे मैं सोते है और रात को ऊपर नहीं आते।

 

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तो मैंने पूछा कि.. तुम्हारी फ्रेंड का क्या? तो उसने कह दिया कि वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ साईड वाले रूम मैं रहेगी और मैं उससे यह कहूंगी कि आप मेरे बॉयफ्रेंड है फिर उसने पूछा कि क्या आप ज्यादा उम्र के तो नहीं लगते? तो मैंने कहा कि मैं जवान और सुंदर लड़का हूँ। तुम्हारी फ्रेंड को शक भी नहीं होगा। फिर हमने एक सप्ताह तक चेटिंग की और उसने अपना मोबाईल नंबर भी मुझे दे दिया था और देर रात को हमारी बातें भी होती थी और कभी कभी फोन सेक्स भी। फिर एक सप्ताह के बाद उसका मुझे शाम को कॉल आया कि वो अपनी फ्रेंड के घर जा रही है और वो रात को मुझे कॉल कर देगी। मैं उसके फोन का इन्तजार करने लगा। रात 11 बजे तक कोई कॉल नहीं आया। मुझे लगा कि वो पागल बना रही थी। फिर 11:-15 पर उसका कॉल आया.. वो बोली कि आप आ जाओ मैंने अपनी फ्रेंड को बोल दिया है उसका फ्रेंड भी आ गया है। मैं आपको नीचे लेने आ जाउंगी.. आप मुझे कॉल कर देना। मैं बताये हुए एड्रेस पर गया और उसे कॉल किया तो वो नीचे आई और दरवाजा खोला तो मैंने देखा कि मेरे सामने बेहद ही सेक्सी और ब्यूटीफुल लड़की पिंक कलर की ड्रेस मैं थी। मैं उसे देखता ही रह गया। मैंने उससे पूछा तुम कोमल हो तो उसने कहा हाँ मैं ही हूँ.. वो थोड़ी परेशान थी और बोली की जल्दी ऊपर चलो कोई देख लेगा। मैं उसके साथ ऊपर चला गया। तब तक उसकी फ्रेंड के दादा, दादी सो चुके थे और वो अपने बोयफ्रेंड साथ अपने रूम मैं थी। कोमल मुझे दूसरे रूम मैं ले गयी.. वो खुश भी थी और परेशान भी। मैंने उससे पूछा कि तुम इतनी परेशान क्यों हो?

 

कोमल :- मुझे बहुत डर लग रहा है।

 

मैं :- लेकिन किस से?

 

कोमल :- मेरी फ्रेंड ने मुझे अभी अभी बताया है कि पहली बार सेक्स करने पर बहुत दर्द होता है।

 

मैं :- तुम डरो मत ऐसा कुछ भी नहीं होता और मैं हूँ ना.. मैं तुम्हे बिल्कुल भी दर्द नहीं होने दूंगा और थोड़ा बहुत होगा ज्यादा नहीं.. जिसे तुम आराम से सह सकती हो।

 

 

फिर मैंने उससे बातें की और करीब एक घंटे के बाद वो थोड़ी शांत हुई। मैंने उसे कंधे पर छुआ तो वो स्माईल करने लगी.. फिर मैंने उसे गर्दन पर किस किया तो उसने अपनी दोनों आंखे बंद कर ली। मैं उसे किस करते हुए आँखों पर गया और फिर होंठ पर। उसके होंठ गुलाब की तरह मुलायम थे और मैंने उसे स्मूच करना शुरू कर दिया। वो कुछ नहीं कर रही थी.. लेकिन मैं उससे लगातार स्मूच करता रहा। फिर उसका भी जवाब आने लगा.. उसने अपने होंठ खोल दिए। यार क्या टेस्ट था उसके होंठो मैं? फिर हमने 10 मिनट तक स्मूच किया और स्मूच करते करते मैंने उसके टॉप मैं हाथ डालकर उसके बूब्स को दबाने, सहलाने लगा वो बहुत ज्यादा मुलायम थे और धीरे धीरे उनकी निप्पल टाईट हो रही थी। जब मैंने उसके बूब्स को प्रेस किया तो वो धीर धीरे आवाज़ निकालने लगी, मैं समझ गया था कि उसे मज़ा आ रहा है। फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर आकर उसकी गर्दन पर किस करने लगा और किस करते हुए मैं नीचे उसके बूब्स पर टॉप के ऊपर से ही किस करने लगा और निप्पल अपने दांत से पकड़ने लगा। उसने मेरे चहरे को पकड़ लिया और बोली कि आराम से करो.. मैं आपकी ही हूँ। तो मैं और जोश मैं आ गया और उसके बूब्स पर किस करता रहा और फिर उसके टॉप को ऊपर उठाकर बूब्स को सक करने लगा। फिर जीभ को नाभि मैं डाल दिया। वो तो मेरे ऐसा करने से जैसे पागल हो गयी। तो उसने मुझसे कहा कि प्लीज़ और तड़पाओ मत अब मेरे साथ सेक्स करो।

 

मैं :- इतनी जल्दी नहीं.. आज तुम्हे सेक्स के पूरे मज़े दूंगा जिसे तुम जिंदगी भर याद करोगी।

 

कोमल :- तो ठीक है फिर आप जो करना चाहो करो मैं मना नहीं करूंगी.. लेकिन अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा।

 

मैं :- तुम कंट्रोल मैं मत रहो.. आऊट ऑफ कंट्रोल हो जाओ।

 

कोमल :- ह्म्‍म्म्मम अह्ह्ह।

 

फिर उसने अपनी आंखे बंद कर ली और पूरे पूरे मज़े लेने लगी.. तो मैंने उसका टॉप निकाल दिया और फिर ब्रा भी.. वो क्या लग रही थी बिना टॉप के एकदम सेक्सी.. मानो कि उसके शरीर के हर हिस्से को तराश कर बनाया हो। मैंने उससे कहा कि तुम बहुत ज्यादा सुंदर हो तो वो शरमा गई।

 

कोमल :- आज पहली बार किसी ने मेरी इतनी ज्यादा तारीफ की है और वो भी इतने प्यार से.. आप सही मैं बहुत अच्छे हो।

 

फिर मैं उसके बूब्स और निप्पल चूसने लगा वो ज़ोर ज़ोर से जोश मैं आवाजे निकालने लगी और मेरे सर को बूब्स पर ज़ोर से दबा रही थी और कह रही थी कि और ज़ोर से चूसो राज। तो मैंने भी उसके बूब्स के निप्पल चूस चूसकर उसके गुलाबी निप्पल लाल कर दिए और मैं बहुत ज्यादा प्यार से सक कर रहा था। फिर नीचे नाभि पर किस करते हुए चूत तक गया और लोवर के ऊपर से ही उसकी चूत पर किस किया.. वो कामुक हो रही थी और किस करते ही लोवर गीला हो गया.. फिर मैंने लोवर को नीचे करना शुरू किया उसने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

 

कोमल :- प्लीज़ मुझे बहुत शरम आ रही है। प्लीज़ नीचे नहीं.. मैंने यह सब कभी नहीं किया।

 

मैं :- मैंने ऊपर जो किया वो भी तुमने पहली बार किया था.. फिर क्यों तुम इतनी शरम महसूस कर रही हो?

 

तभी उसने हाथ हटा लिए और मैंने लोवर निकाल दिया और उसकी पेंटी पर किस करने लगा.. जो कि पूरी गीली थी और वो बहुत ज्यादा गरम भी हो रही थी। वो आहे भरने लगी और सिसकियाँ लेने लगी।

 

मैं :- जान अभी से ही यह हाल है तो जब मैं तुम्हारी चूत चाटूंगा तब क्या होगा?

 

कोमल :- राज अभी ही कंट्रोल नहीं हो रहा है.. तब तो मैं मार ही जाऊंगी।

 

मैं :- मैं तुम्हे अभी नहीं मरने दूंगा.. क्योंकि अभी तो तुम्हे जन्नत के मज़े लेने है।

 

फिर मैंने उसकी पेंटी को अपने मुँह से निकाल दिया.. वाह क्या चिकनी चूत थी? उसकी गुलाबी, बहुत मुलायम और बहुत हॉट चूत.. मैं तो देखते ही उस पर टूट पड़ा और उसके दोनों पैरों को खोलकर चूसने लग गया।

 

कोमल :- राज प्लीज़ रुक जाओ.. मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है।

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इतने मैं वो मेरे मुहं पर ही झड़ गई और उसका सारा जूस मैं पी गया और वो पहले से थोड़ी ठंडी हो गयी थी.. लेकिन उसे गरम करना ज़रूरी था। तो मैं फिर से उसकी चूत को सक करने लगा और दोनों बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और फिर धीरे धीरे वो गरम होने लगी और कामुक आवाज़े निकालने लगी।

 

कोमल :- आहह मैंने इतना अच्छा तो आज तक कभी भी महसूस नहीं किया था.. अह्ह्ह धन्यवाद राज।

 

मैं :- अभी तुम धन्यवाद मत बोलो.. क्योंकि यह तो अभी शुरुवात है।

 

कोमल :- क्या तुम सच कह रहे हो राज.. फिर तो मुझे आज वो अहसास दे दो जो मैंने कभी महसूस नहीं किया।

 

मैं :- जान मैं आज वो सब दूंगा तुम्हे जो तुम मुझसे चाहती हो।

 

फिर चूत सक करते करते मैंने अपनी पेंट निकाल दी.. अब मैं अंडरवियर मैं था। मैंने उससे कहा कि तुम मेरा अंडरवियर भी निकाल दो।

 

कोमल :- नहीं मुझे बहुत शरम आ रही है।

 

मैं :- प्लीज़ मेरे लिए प्लीज़ एक बार।

 

कोमल :- ठीक है फिर उसने मेरा लोवर निकाला और मेरे लंड को देखते ही डर गयी।

 

कोमल :- इतना बड़ा, मोटा लंड अंदर कैसे जाएगा?

 

मैं :- जान यह दिखता मोटा है.. लेकिन चूत मैं बड़े आराम से चला जाएगा। तुमसे पहले भी तो यह बहुत सी लड़कियों की चूत मैं गया है ना।

 

मैंने प्यार से उसे समझाया तो वो समझ गयी और फिर वो कहने लगी कि प्लीज़ अब कुछ करो ना मुझसे रहा नहीं जा रहा है। तो मैंने कहा कि बस दो मिनट रुको और फिर से उसके निप्पल सक करने लगा.. वो पागल हो गयी निप्पल सक करते हुए उंगली से चूत पर सहला रहा था.. लेकिन अब उससे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हुआ।

 

कोमल :- राज प्लीज़ करो नहीं तो मैं मर जाऊंगी।

 

मैं :- ठीक है जान मैं करता हूँ.. फिर मैंने लंड उसकी चूत पर लगाया और अंदर डालने की कोशिश की.. लेकिन लंड नहीं गया और फिर से ट्राई किया.. लेकिन फिर भी नहीं गया तो मैंने थोड़ा उसकी चूत का जूस लंड पर लगाया और फिर से ट्राई किया। मैंने उसे बहुत टाईट पकड़कर लंड को धक्का दिया तो लंड दो इंच चूत के अंदर चला गया और वो बहुत ज़ोर से चिल्लाने लगी उईईई माँ मर गई अहह अह्ह्ह्हह। मैंने उसके मुहं पर हाथ रख लिया। उसकी आंखो से आंसू आ गये फिर मैं रुक गया और प्यार से उसे किस करने लगा.. तो उसे भी थोड़ा अच्छा लगा और वो जब थोड़ी ठीक हुई.. तब मैंने पूछा कि अगर नहीं करना है तो हम नहीं करते। तो वो बोली कि करना है। तो मैंने थोड़ा दबाव डाला और एक झटका दिया और लंड 4 इंच अंदर चला गया। वो फिर से चिल्लाने लगी आअहह निकालो प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है। मैंने एक और धक्का लगाया और पूरा लंड अंदर चला गया और उसने अपनी आंखे बंद कर ली, दांत टाईट कर लिए.. लेकिन फिर से चिल्लाई नहीं।

 

कोमल :- आअहह मुऊउंमाआअ प्लीज़ राज निकालो प्लीज़ मैं मर जाउंगी आअहह।

 

मैं :- जान बस अब ज्यादा दर्द नहीं होगा.. सच मैं।

 

फिर मैं थोड़ी देर कोमल पर लेटा रहा और उसके बाद वो थोड़ी नॉर्मल हुई तो लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा और अब उसे भी मज़ा आ रहा था और वो भी अब गांड को उठा उठाकर पूरे मज़े लेने लगी.. मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और वो आआअहह माँ मरी की आवाज़ निकालने लगी। मैं उसे 20 मिनट तक लगातार चोदता रहा और फिर वो मुझसे बोली कि मुझे कुछ हो रहा है राज तो मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है और उसने मुझे बहुत टाईट पकड़ लिया और मेरी पीठ पर नाख़ून भी गड़ा दिए और वो आअहह उईईइ राज करते करते डिसचार्ज हो गयी.. लेकिन मैं अभी भी अपनी स्पीड मैं चुदाई कर रहा था। 12 मिनट तक चोदने के बाद जब मैं झड़ने लगा तो मैंने उससे कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ। उसने कहा कि अंदर कुछ मत करना.. हमने कंडोम का उपयोग नहीं किया है।

 

तो मैंने कहा कि इसकी एक गोली आती है उसको खाने से तुम्हें कुछ नहीं होगा.. तुम डरो मत। तो मैंने अपनी स्पीड और ज्यादा कर दी और ज़ोर ज़ोर के धक्को के साथ मैं उसकी चूत मैं ही झड़ गया। वो बहुत ज्यादा खुश लग रही थी। वो मुझे किस करते हुए बोली कि धन्यवाद मुझे इतना प्यार करने के लिए और फिर मैंने भी उसे धन्यवाद किया। फिर मैं उसे उठाकर बाथरूम मैं ले गया और नहाने के लिए जैसे ही नीचे उतरा तो वो ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही थी। फिर मैंने उसे समझाया कि पहली चुदाई के समय ऐसा ही होता है और थोड़ी देर मैं ठीक हो जाएगा। फिर हम दोनों एक साथ नहाए और वापस रूम मैं गये। रूम मैं जाकर देखा तो बेडशीट बहुत गन्दी हो गई थी। वो उसे बदलने लगी। मैंने कहा कि क्यों मज़ा नहीं आया क्या? उसने कहा कि मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आया।

 

कोमल :- आज मैं लाईफ मैं सब से ज्यादा खुश हुई हूँ। आप इतना ध्यान रखने वाले और प्यार से करने वाले हो.. मैंने आपसे अपनी वर्जिनिटी खत्म करवा कर एकदम ठीक किया है आज मैं बहुत बहुत ज्यादा खुश हूँ।

 

मैं :- तो बेड शीट चेंज क्यों कर रही हो? और सेक्स नहीं करना क्या ?

 

वो बहुत खुश हो गयी और मुझसे गले लग गयी और उस रात सुबह के 6 बजे तक हमने सेक्स किया। उसकी फ्रेंड के दादा, दादी के उठने का समय हो गया था.. तो मैं अपने घर वापस आ गया और फिर उसने मुझे फोन पर बहुत किस किए और बोली कि मेरी चूत थोड़ा दर्द कर रही है और मुझे बार बार आपकी याद दिला रही है। तो मैंने कहा कि जब भी तुम्हे सेक्स करना हो मुझे बता देना मैं आ जाऊंगा। फिर उसके बाद हमने कई दिनों तक बहुत बार सेक्स किया और फिर वो कुछ दिनों के बाद अपनी पढ़ाई के लिए बेंगलोर चली गयी

Goa Me Punjabi ladki ki gand aur Choot ka Swad Chakha

गोवा में पंजाबी लड़की की गांड और चूत का स्वाद चखा

दोस्तों ये कहानी आज से कुछ डेढ़ साल पहले की हे. मैं कोलेज में था और मेरे ग्रुप में मेरे अलावा, अंजलि, बबिता, सोनिया, मिहिर, अनवर, टोनी और बाबु थे. सब को रहने दे क्यूंकि वो लोग इस हिंदी सेक्स कहानी में उतने इन्वोल्व नहीं हे. अंजलि के बारे में जान लें क्यूंकि वही इस पोर्न कहानी की मेन हिरोइन हे. अंजलि छाबरा साहब की बेटी हे. छाबरा साहब का यहाँ मुंबई में और मुंबई के पास के एरिया में मिनरल वोटर सप्लाय का बहुत बड़ा धंधा हे. अंजलि एक सेक्सी पंजाबी लड़की हे जो हॉट कपडे पहनती हे और हॉट बातें भी करती हे.
अंजलि को मैं उस दिन से पहले कभी ख़राब नियत या नजर से नहीं देखा था. पर उस दिन संजोग ऐसे हुए की मैंने उसे सब छेद में लंड डाल के चोदा. अगस्त का महिना था. गर्मी ठीक ठीक ही थी मुंबई में. हम लोग गोवा गए थे. मतलब की पूरा ग्रुप. शाम को हम लोग वहां पहुंचे. और होटल में चेक इन के बाद सीधे ही हम लोग कलंगुट बिच पर आ गए. वहां पर माहोल बड़ा सुहाना सा था. एक रंगीन शाम जिसे कहते हे वो सब माहोल था वहाँ का. शराब, शबाब और बोटी कबाब!



वही बिच के एक रेस्टोरेंट में हम लोगों ने डिनर किया. लड़कियों ने अपने लिए बियर तो हम लोगों ने हार्ड ड्रिंक ऑर्डर की. खाने में सी-फ़ूड बड़ा ही मस्त था. मैंने 2 ही पेग लिए क्यूंकि मैं नॉर्मली कम ही पीता हूँ. लेकिन बाकी सब ने अच्छा खासा ड्रिंक कर रखा था. खाने के बाद हम लोग वापस बिच पर आ गए. लड़कियों के ऊपर भी चिल्ड बियर का नशा था और लौंडे तो बिना पिए भी नशे में होते हे फिर वो तो अभी पिए हुए थे. मुझे भी आल्कोहोल के ओएच ग्रुप में दिल में ओये ओये करवा दिया था. अंजलि ने ब्लेक लूज टी और जींस पहनी हुई थी. उसकी चुंचियां बहार आने के लिए मरी जा रही थी जैसे. बाकी लडकिया भी टी में ही थी लेकीन अंजलि का टी सब से सेक्सी था.
अनवर और बाबु ने कहा चलो नहाते हे. और सब लोगों ने अपने अपने कपडे खोल दिए. मेरा ध्यान अंजलि पर था. उसने अन्दर ब्लेक ब्रा और निचे लम्बी वाली पेंटी पहनी थी. वो बिना शर्म के ब्रा पेंटी में खड़ी थी. बाकी सब लड़के भी अंडरवेर में आ गए. मैंने भी पेंट खोली और अंडरवेर में आ गया. अंजलि की गांड मेरी तरफ थी. वो अपने बदन के ऊपर लोशन लगा रही थी. और पीछे उसके कुल्हे इधर से उधर हो रहे थे. मेरा लंड खड़ा होने लगा. दोस्तों की नजर से बचने के लिए मैं दरिया में चला गया. और फिर सब लोग वन बाय वन आ गए. अंजलि के ऊपर ही मेरा ध्यान था. वो मुझे देख के मुस्काई, शायद उसे अब तक पता नहीं था की पहली बार उसे चोदने के लिए मेरा बाबुराव कडक हो गया था. सब लोग एक दुसरे के ऊपर पानी उड़ा रहे थे. मैंने भी अंजलि के ऊपर पानी डाला. वो भी मेरे ऊपर पानी डाल के बदला ले रही थी. ऐसा करते करते हम दोनों करीब आ गए. मैंने उसे पकड़ के निचे खिंचा. वो आआउच बोल पड़ी. लेकिन उतने में तो उसके बूब्स मेरी छाती से लग गए थे. मैंने उसे खींचे रखा और उसे मेरे लंड का गरम गरम टच भी हुआ तो होगा. वो छटपटा रही थी. हमारे सब तरफ बाकी के दोस्त भी मस्ती में ही थे. किसी ने कुछ नहीं देखा.


लेकिन मेरी आँखे अंजलि की आँखों में डूब सी गई. शायद वासना के उमड़े हुए सैलाब ने उसे अपना रंग दिखा दिया था. उसने छटपटाना छोड़ दिया. और उसने जैसे अपनेआप को समर्पित कर दिया. लेकिन यहाँ कुछ हो भी तो नहीं सकता था! मेरे लंड ने उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से ही टच किया था. पर मैं उसे चूसने और चाटने के अगिनित खवाब अभी से देखने लगा था. अंजलि के होंठो पर चुम्बन किया और उसने आँखे बंध कर ली. मैंने फट से चुम्बन तोड़ भी दिया क्यूंकि सब लोग देख भी सकते थे. अंजलिको मैंने छोड़ दिया. वो अपने बाल सीधे करते हुए मेरे चहरे और मेरे लौड़े दोनों को देख रही थी.
और फिर मुड़ते हुए उसने एक ऐसी स्माइल दी जिस से मुझे लगा की वो भी इंटरेस्टेड ही हे! मैं भी तौलिया पकड के अपने बदन को पूछने लगा. या यूँ कहिये की मैंने अपने कडक हुए लंड को छिपाने के लिए ही तौलिया ले लिया था. अंजलि बाल सुखा के मेरे पास आ गई. मैंने उसे कहा, सोरी इफ आई हर्ट यु!
अंजलि ने कहा, अरे बाबा इट्स ओके!
ये सुन के मेरी जान में जान आई. लेकिन मैं थोडा बहुत तो जानता ही था की उसके ऊपर भी चुदाई का नशा चढ़ा ही था. मैंने उसका हाथ पकड़ के कहा, यु नो आई लाइक यु?
वो मेरी तरफ देख के बोली, रियली?
मैंने कहा, याह.
अंजलि ने कहा, ये प्रोपोस था?
मैं हंस पड़ा और उसे कहा, यु नो मेरी एंगेज माँ पापा ने बहुत पहले ही कर दी हे. हमारे वहां रिवाज ने ब्लडी एवरीथिंग!
वो हंस पड़ी. और फिर मेरी आँखों में देख के बोली, यु नो इवन आई हेट ये सब. पर करना पड़ता हे मोम डेड के लिए, शायद मेरे लिए भी पापा पंजाब में कोई पगड़ी वाला सरदार ही देखेंगे. वो चाहते हे की हम खुश रहे इसलिए वो अरेंज्ड मेरेजिस में बिलीव करते हे.
मैंने देखा की मेरे बाकी के सब दोस्त अभी भी नहाने में ही थे.
बाबु ने बिच में कहा भी, कम ओं अंजली एंड रघु.
मैंने हाथ से उसे वेव किया और कहा, मैं यही ठीक हूँ!
अंजलि ने कहा, सो….!
वो आइस ब्रेक करना चाहती थी.
मैंने हिम्मत कर के कहा, केन वी कम क्लोज़?
अंजलि बोली, मतलब की?
मैंने उसे देखा और उसके हाथ को दबा के कहा, रोमांस.
वो कुछ नहीं बोली तो मैंने थोडा रु के कहा, सेक्स!
अब की उसने मेरी और देख के कहा, क्या ये सही होगा?
मैंने कहा, तुम राजी हो तो करेंगे अधरवाइस नहीं.
अंजलि कुछ बोली तो नहीं लेकिन मेरे हाथ को उसने अपने हाथ से दबा दिया. शायद वो उसके हाँ कहने की स्टाइल थी!
कुछ देर में सब नाहा के बहार आ गए. फिर अबाउट 20 मिनट तक सब ने अपने बदन को साफ़ किया. और फिर सब ने अपना अपना बेकपेक उठाया. हमलोग होटल की और चल पड़े.
लोबी में अंजलि को उसके कमरे में जाते हुए मैंने देखा! वो भी जैसे अन्दर जाने से पहले मुझे देख लेना चाहती थी.
अंदर जा के मेरे दोस्तों ने कुछ और शराब मंगवा ली. और मिनी फ्रिज का सामान भी निकाल के बैठ गए. मैंने कहा, गायस मेरे विलेज के दोस्त का शॉप यही कलंगुट में हे इफ यु डोंट माइंड यु केन केरी ओन. मैं उनकी शॉप पर ही उन्हें मिल लेता हु. दोस्त लोगों ने कहा, तू आज पिएगा नहीं?
मैंने कहा, मेरा मुड़ कम हे एसिडिटी की वजह से.
फिर मैंने अपने कपडे चेंज किये. और मैं बहार लोबी में आ गया. मैंने बहार से अंजली को टेक्स्ट किया की विल यु कम आउट विथ मी?
उसका रिप्लाय आया, कहा?
मैंने कहा, कही भी जहाँ हम दोनों अकेले हो!
वो बोली, वेइट.
मैंने कहा, मैं निचे पार्किंग के बहार खड़ा हूँ.
करीब 10-12 मिनट के बाद वो आई तो जींस और टी में थी. मैंने उसके हाथ को पकड़ के कहा, आई लव यु!
अंजलि ने जवाब नहीं दिया और सिर्फ हंस दिया.
मैंने कहा, शेल वी गो टू अनधर होटल?
वो अब भी कुछ नहीं बोली.
मैंने हम जहाँ रुके थे उस से १०० मीटर दूर एक होटल पर पूछा. उसने देखा की मैं लड़की के साथ हूँ तो एक्स्ट्रा ही पैसे बोले. मैं कच कच कर के चुदाई का मजा बिगाड़ना नहीं चाहता था, इसलिए मैंने उसे कहा ओके.
2 मिनट के बाद हम दोनों कमरे में थे. अंजलि के कंधे को पकड़ के मैं उसे अन्दर ले आया. और दरवाजे को बंध करते ही मैंने उसे अपनी तरफ खिंच लिया. ग्रीन कमरे में डिम लाईट ओन थी उसके अन्दर अंजलि का सेक्सी गोरा बदन चमक सा रहा था. मैंने उसे अपनी तरफ खिंच के अपने होंठो से उसके होंठो पर किस दे दी वो भी मेरे से लिपट गई. और उसने अपने दोनों हाथ मेरी गांड के स्लाईट ऊपर रख दिए.
वो मुझे अपनी तरफ खिंच रही थी. मैंने अपने होंठो को उसके होंठो से हटा के उसकी क्लीवेज पर लगा दिया. वो जोर जोर से साँसे ले रही थी. और उसके फर्म बूब्स ऊपर निचे हो रहे थे. उसके बदन से लाईट लेडीज़ परफ्यूम की महक भी आ रही थी. मैंने अपने हाथ को ऊपर कर के उसके बूब्स दबा दिए. वो उछल सी गई.

और मैंने दुसरे हाथ से उसकी गांड को टच किया. जींस के अन्दर भी उसकी गांड एकदम सॉफ्ट लग रही थी. मैंने उसे अपने बदन पर दबा दिया और उसकी क्लीवेज के बिच की चमड़ी को चाटने लगा. मैं अपनी जबान को उसके बदन पर घुमा रहा था. और वो सिसकियाँ रही थी मदहोशी के साथ!
तभी मैंने महसूस किया की अंजलि ने अपना हाथ आगे ला के मेरे लंड वाली जगह पर रख दिया. वाऊ, वो मेरे लंड से खेलने लगी थी. मैंने उसे आराम से मजे देने के लिए अपनी जिप को खोला. लंड को उसने बहार नहीं निकला. और उसकी जगह उसने अपने हाथ को ही अन्दर पेंट और अंडरवेर में घुसेड दिया. वो पेंट के अंदर ही मेरे लंड को दबा रही थी. मैं भी कामुकता के सातवें सिखर पर था. मैंने अंजलि की टी को पेट के पास से पकड़ लिया. उसने अपने दोनों हाथ ऊपर कर दिए. मैंने टी उतार फेंकी. अंदर पिंक ब्रा थी जिसके स्ट्रिप्स लाईट ब्राउन थे और वो क्लियर प्लास्टिक के थे. मैं अपने हाथ को पीछे ले गया. वहां पर के हुक को मैंने खोला और उसकी ब्रा निचे गिर पड़ी. अंजलि ने अपने हाथ चूचो पर रख दिये. मैंने हाथो को अपने हाथ से दूर किया. क्या मस्त टाईट चुचिया थी इस पंजाबी लड़की की. मैंने उन्हें चूसने की लालच को छिपा नहीं सका और मेरे मुहं में पानी आ गया.
मैंने उसकी एक निपल को टच किया जबान से और दूसरी को दो उंगलियों में ले के एकदम प्यार से दबा दी. अंजलि सिसक उठी. मैंने अपनी पेंट की बटन खोली. और लंड को बहार निकाल दिया पेंट निचे गिरा के. अंडरवेर के होल से लंड अंजलि पहले ही बहार कर चुकी थी. मैंने अंडरवेर को भी उतार दिया.


अंजलि ने मेरे लंड को देखा और बोली, नाईस कोक!
मैंने हाथ से उसकी पजींस खोली और फिर पेंटी भी निकाल दी. उसकी चूत पर छोटे छोटे बाल थे. हम लोग अभी भी दरवाजे पर ही थे. फिर मैंने उसे अपनी गोदी में उठाया और गद्दे में फेंका. मिनी फ्रिज से मैंने बर्फ का एक टुकड़ा निकाला. और अंजलि की टांगो को खोल के उसकी चूत पर रख दिया. वो मस्तियाँ उठी. मैंने बर्फ के टुकड़े को उसके पुसी होल, टमी, नावेल बटन सब पर घुमाया. और फिर मैं उसे चूसने लगा. अंजलि ने बर्फ मेरे हाथ से ले ली और मेरे सुपाडे पर लगा दी. मुझे ठंडा ठंडा लगा.
बर्फ का टुकड़ा बहुत सब घुल चूका था. अंजलि ने उसे मुहं खोल के खा लिया. फिर मैंने और उसने 69 पोजीशन बनाई. मैंने उसकी चूत पर अपनी जबान लगाईं और उसने मेरा लंड अपने मुहं में दबाया. कसम से उसकी चूत की खुसबू लंड को पागल कर देने वाली थी. मैंने चूत के दाने यानि की क्लाइटोरिस को ऐसे चाटा की अंजलि पागल कुतिया के जैसे सिसकियाँ उठी. कमरे में उसकी चुदास की चीखें गूँज रही थी. और वो भी बड़े सेक्सी ढंग से मेरा लोडा चूस रही थी! हम दोनों ने करीब 10 मिनट तक ओरल सेक्स का मजा दिया एक दुसरे को. और इतने समय में मैं एक बार और अंजलि 2 बार झड़ चुके थे. मैंने उसकी चूत का रस पिया और उसने मेरे स्पर्मस खा लिए.
फिर मैंने लंड उसके मुहं से निकाला. वो बोली कम ओन रघु, लेट्स फक नाऊ.
मैंने कहा, यस बेबी!
और अंजलि ने अपनी टाँगे फैला दी. मैंने अपने लंड के सुपाडे को उसकी चूत के होल पर लगा दिया. वो बड़ा चिकना था. एक ही झटके में लंड अन्दर डाला तो वो दर्द के मारे बौखला उठी, ऊऊऊउ अह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह माय गॉड, इट पेइन्न्न्नन्नस लाइक फक, अह्ह्ह्हह्ह निकालूऊऊऊऊऊ! मैंने उसे अपने गले से लगाया और उसके शोल्डर के ऊपर किस करते हुए कहा, इट इस फक डार्लिंग!
वो छटपटा रही थी. मैंने जरा भी जल्दबाजी नहीं की. लंड को अन्दर रहने दिया और मैं कभी उसके बूब्स मसलता था तो कभी उसे छोटे छोटे किस देता था.
2 मिनिट के बाद उसके अंदर चुदाई के होरमोंस का जोश आया और वो सामने से अपने बदन को हिलाने लगी. मैंने कहा, यु आर ओके नाऊ?
वो सिर्फ हूँऊऊउ बोली.


और मैंने धक्के लगाने चालू कर दिए. उसकी सेक्सी चिकनी चूत में मेरे लंड की पणजी एक्प्रेस चालु हो गई!!!
वो भी अपनी कमर को बड़े ही सेक्सी ढंग से हिला के मुझे चुदाई का पूरा सपोर्ट दे रही थी. और मैं भी उसके बदन को हाथ से सहलाते हुए उसे प्यार देते हुए चोद रहा था.
करीब 5 मिनिट की चुदाई में ही मेरे लंड का पानी उसके बुर में चूत गया. वो अपनी पुसी टाईट कर के बोली, आईपिल लेनी पड़ेंगी. मैंने कहाँ हां वापस जाते हुए ले लेंगे.

मैंने जब लंड अंजलि की चूत से निकाला तो वो लाल होगया था. और सुपाड़ा एकदम फुला हुआ था. अंजलि ने अपनी चूत को टिश्यु से साफ़ किया और वो थकान की वजह से पलंग पर ही लेट गई!!!

14 साल की कुँवारी लड़की की टाइट चूत की चुदाई (Kuwari ladki ki virgin chut chudai)

Kuwari ladki ki virgin chut chudai


हेलो दोस्तों, आज जो कुमारी चूत की चुदाई कहानियां बताने जा रहा हू वो मेरी पडोश में एक कुँवारी लड़की की चुदाई की हैं . मेरे पडोश में एक फैमिली रहती थी, उनकी दो बेटियां ही थी, एक करीब आठवी में और एक चौथी में पढ़ती थी, मैं उस मकान में करीब ४ साल तक रहा था इस वजह से वो लोग अच्छे तरह से पहचान गए थे, फिर मैंने वह से मकान खली कर दिया और कही और रहने लगा इस दरम्यान कई जगह चेंज किया, इस साल जहाँ मैं चेंज कर के आया.

14 साल की कुँवारी लड़की की टाइट चूत की चुदाई


एक दिन पार्क में घूमते घूमते वही फैमिली मिल गयी, वो हाल चाल पूछने लगी, बड़ी बेटी तो शादी कर के चली गयी, और छोटी बेटी की शादी तो हो गयी पर उसने अपने हस्बैंड से तलाक ले लिया, मैंने पूछा और इनके पापा तो वो लोग बोले की वो आज कल दुबई में रहते है साल में दस दिन के लिए ही आते है. फिर मैंने पूछा बड़ी बेटी आपकी तो बोली वो अपने ससुराल में रहती है, और छोटी बेटी तो आप देख ही रहे हो, मैंने पूछा क्या बात है तलाक क्यों हो गया तो बोली क्या बताऊँ बोलने लायक बात नहीं है.

वो लोग मेरे निचे के फ्लोर में रहते थे, अचानक मेरी वाइफ को गाँव जाना पड़ गया मैंने अकेला था यहाँ पर, तो निचे बाली आंटी बोली रणबीर ऐसा करना तुम्हारी वाइफ नहीं है यहाँ पे तो तब तक मेरे यहाँ ही खा लेना, मैंने कहा ठीक है रात का खाना मैं आपके यहाँ ही खा लूंगा, शाम को करीब ६ बजे आंटी आई और बोली रणबीर मेरी माँ का तबियत बहुत खराब है मुझे अभी हिसार जाना पड़ रहा है, ध्यान रखना मेरे घर का भी और नेहा घर पर ही है( नेहा उनकी छोटी बेटी) तुम्हारा खाना वही बन रहा है खा लेना. और वो चली गई.

रात को करीब साढ़े नौ बजे मैं खाना खाने के लिए उसके घर गया, वो दरवाजा खोली और मुझे बड़े ही आदर से बुलाया, क्या बताऊँ यार क्या लग रही थी, उसने पिंक कलर की नाईटी पहनी थी, नाईटी शरीर से चिपका हुआ था उसके शरीर का अंग अंग दिख रहा था नाईटी के ऊपर से ही, उसपर से वो ब्रा नहीं पहनी थी, माय गॉड, मेरी तो धड़कन बढ़ गयी,  उसको देख कर क्यों की उसकी चूचियाँ बड़ी बड़ी थी और वो थोड़ी मोटी भी थी, श्यामली थी, घर में गुलाब की भीनी भीनी खुशबु आ रही थी मैंने पूछा खुशबु बड़ी अच्छी आ रही है, बोली हां ये खुसबू आपके लिए है, और मुस्कुरा दी, मैं चुपचाप सोफे पे बैठ गया, और उसके घर को निहारने लगा, जब भी मौक़ा मिल रहा था मैं उसको देख लेता था क्यों की मुझे ये भी लग रहा था की अगर मैं टक टकी लगा कर देखूंगा तो पता नहीं वो क्या सोचेगी, पर मेरी धड़कन तेज हो गया था.

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वो मेरे सामने बैठ गयी, अब उसकी नाईटी के ऊपर से दोनों चूच का थोड़ा थोड़ा गोल गोल पार्ट बीच में दरार दिखने लगा था और पूरा चूच कपडे के ऊपर से ही दिख रहा था, कपडे जाँघों में चिपके थे, यहाँ टक की पेट पे नेवल भी दिख रहा था कपडे के ऊपर से ही, मैं तो पागल हो रहा था, मुझे बस देखना था और खाना खाके ऊपर जाके मुझे मूठ मारना था उसकी याद में. थोड़ा देर तक इधर उधर की बात हुयी फिर बोली मैं खाना लगाऊं तो मैंने हामी भर दी, वो किचन के लिए जाने लगी पीछे से उसके दोनों चूतड़ ऊपर निचे जैसे जा रहा था मेरा कलेजा कट रहा था, ऐसा लग रहा था मैं दौड़कर पकड़ लू उसे, तभी वो एकदम से मुड़ी और मुझे देखि उस समय मैं आँख पहाड़ पहाड़ के आँखे सेक रहा था, मैं शर्मा गया, वो मुस्कुरा दी.

जब तक वो खाना निकाल रही थी मेरे मन में कई सवाल आ रहे थे, की ये सारे कुछ नार्मल तो नहीं है, ऐसा तो कोई नहीं करता है रात के करीब १० बजने बाले है, और वो मुझे इस तरह से देख रही है , बलखा के चल रही है, कुछ तो है इस लड़की के मन में, मैंने एक लम्बी सांस ली, अब मुझे लग रहा था की काश आज रात मैं इसके साथ बिताता तो आनंद आ जाता, वो खाना लेके आ गयी, सेंटर टेबल पर ही हम दोनों खाना खाए, वो मुझे कातिल नज़रो से देख रही थी और बात चित भी चल रही थी.  

खाना खाकर हाथ मुह धोया और मैंने बोला थैंक्स, तो बोली क्यों किस बात का ये तो मेरा फ़र्ज़ है, मैं कहा थैंक्स आपने इतनी की मेरे लिए, तो वो बोली फिर मेरे लिए भी कुछ कर दो और मुस्करा दी. मैंने कहा समझा नहीं, बोली बस मैं यहाँ कह रही हु, माँ यहाँ नहीं है मुझे अकेले डर लगता है, आपके यहाँ भी कोई नहीं है तो आप रात में यही सो जाओ ऐसे भी कल संडे है ऑफिस तो जाना नहीं है आपको.

मैंने कहा ठीक है, बैठ के बातचित करने लगे, फिर मैंने पूछा क्या बात है आप इतने सुन्दर हो फिर भी आपका पति छोड़ दिया है, तो बोली उसने नहीं छोड़ा मैंने उसको छोड़ दिया, क्यों की वो मुझे संतुष्ट नहीं कर पाटा था, और एक साल में एक दिन भी सेक्स नहीं किया, आप बताओ मैं क्या करती, और रोने लगी, मैंने उसके पास बैठ गया और पीठ पे हाथ रख दिया, क्यों की वो मेरे से आधे उम्र की थी, उस समय मुझे खराब लगा पर वो मेरी आँखों में आँखे दाल के देखने लगी और उसके होठ सकपकाने लगे, थोड़ा वो बढ़ी थोड़ा मैं बढ़ा दोनों के होठ मिल गए, वो मेरा पीठ सहलाने लगी मैंने उसका पीठ, वो और करीब हो गयी उसकी चूची मेरे साइन को टच किया तो ऐसा लगा गुलाब का फूल मेरे साइन से रगड़ खा रहा हो, फिर होश ना रहा, मेरा हाथ उसके पुरे शरीर को टटोलने लगा और वो भी मेरे शरीर को टटोलने लगी ।

फिर दोनों खड़े हो गया और एक दूसरे को थामे हुए, बैडरूम में आ गए, वो निचे मैं ऊपर मेरे हाथ में उसका चूच जो की समा नहीं रहा था, और होठ को चूस रहा था, कब हम दोनों ने अपने अपने कपडे उतार दिया पता ही नहीं चला अब बचा तो साँसे अलग अलग और जिस्म एक हो गया, चूत उसकी गीली इतनी हो गयी थी की मेरा लौड़ा चूत में अनायास ही आ जा रहा था, चूत काफी टाइट था

इसवजह से जब बहार मेरा लण्ड निकलता अंडर डालने में थोड़ा जोर लगाना पड़ता वो अपनी आँखे बंद कर के होठो को दाँतों से दबा के, मेरे पीठ को सहलाते हुए, अपने पैरों से मुझे फसाते हुआ निचे से धक्का दे रही थी, और मैं ऊपर से धक्का दे रहा था, फच फच की आवाज और आअह आआह आआअह आआह्ह्ह्ह की आवाज आ रही थी, करीब एक लय में आधे घंटे तक चोदने के बाद हम दोनों निढाल हो गया

मेरा सारा वीर्य उसके चूत में लबालब भर गया था, करीब १० मिनट टक पड़े रहे फिर लण्ड निकाला जब छोटा हो गया था, उसको चूमा और एक दूसरे को पकड़ के बात करने लगे, वो कहने लगी आज मैं संतुष्ट हुई हु, आज रात भर मुझे इसी तरह से सेक्स करो, रात में करीब ४ बार मैंने उसको चोदा. और सो गया मैंने अभी अपने कमरे में नहा के ये कहानी लिख रहा हु, बिलकुल ताज़ी है इसवजह से मैंने अच्छे तरीके से उस समय को शब्दों में आपके सामने ला पाया हु. कैसी लगी मेरी सेक्स की कहानियों अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे.

16 Saal ki Virgin Girlfriend ko Choda

Hello friends, ye meri pahle sex story hai. Mera nam virat h, 22 sal ka hu, mai U.P ka rahne wala hu. mai dikhne me thk thak hu hight 5″10 h or lund ka size 6.5 h or capacity 35 minutes for first round h.

Ab story pe ata hu, uss wqt meri age 18 the mai fb pe ek ldki se bat krta tha uska nam anjali tha, wo 16 saal ko thi. Wo 10th me school me padhthi thi. Me kbhi mila nahi tha usse. ek din achanak mai market kisi kam se gya maine uss ldki ko dekha or usse rok ke hi hello karne laga wo tuition ja rhe the

Maine bhi uska tuition or tyming puch li or roz raste me uss tym ate jate bat krta aise he karte karte mujhe uska number mil gya fir maine use purpose kiya fir kuch din bad mera b’dy tha mai use date pe le gya wha usne mujhe kiss kiya or gift diye ye mera 1st experience tha maine cheap randiyo ko choda tha lekin kabhi kiss nahi kia tha bad me mai har 2-3 din pe use khi le k jata or kiss karta ye silsila 6 month chala or hmari sex chat suru ho gyi chut ki pics boobs ki pics mangta fingering karana

Sab fir ham dono se control nahi ho rha tha or koi place bhi nahi tha jha jaya ja sake or sex bhi nahi krna tha bs kiss boobs etc fir mere ek friend ka ghr khali tha hm wha gye mai uske upr toot pada or boobs dabane laga fir uski choot me ungli dalne lga wo siskiya bhar rhi the. School girl ki chudai kahani Indian Adult story par padh ke muth marte rahiye.

Fir uska hath mere lund pe gya or usse masanle lgi maine apni bant nikal di or uski laggy bhi sarka di use lund mu me diya usne dheere dheere suck kiya fir maine uski choot chati bht hi testy the uski choot uske bad maine apna lund fir uske muhmre diya or suck krne lagi mera pani niklne wala tha to maine uska sar daba diya or mu me chut gya wo thukh di uske ek week bad uske ghr koi nahi tha bas choti bahan jo 8 me the or chota bhai jo ki 5 me tha mai gaya.

Fir dono ko chocklate di or fir usko ek alag room me le k chla gya or pron film dikhane lga mobile me wo garam hone lagi or kiss karne lagi mai bhi uska boobs bdane lgs wo pagal ho rhi the mera shirt nikalne lagi fir maine uska top or capry nikal di

Ab wo bs panty me the usne bra nae pahni the maine wo bhi nikal di or choot me jor jor se ungali karne lga fir wo siskiya bahrne lagi or mai chut chatne lga or jibh fold kr k choot k andar dalne lga fir wo jhad gyi or mai sara pani pee gya ab wo mere lund se khele lagi or supara kholne band karne lagi or bolls ko sehlane lgi or mere chest pe kiss karne lgi maine use suck karne kha suck kr rhi the or bolls bhi chat rhi the pron dekh k uss time professional ho gayi the maine use chodne ko bola wo mna kr di

16 Saal ki Virgin Girlfriend ki Seal Todi

Fir maine uske choot pe lund rakh k upr niche kiya leken andar nahi dala aap meri halat smjh sakte honge fir maine use muh me de diya or kch der bad mai jhadne wala tha or mai uske muh me jhad gya wo sara pani pee gyi sab aisa 2 mhine chla.

fir usne mujhe cheat kiya or maine breakup kr liye fir bad 2 mnth uska massage aya mujhe maf kr do mere man me badle ki bhawna the maine use jan bhujh k ignore kiya usne mujhse kha thk mai tumhme yakin dilane ke liye kch bhi karungi mai man gya or bola sex krne ko. School girl ki chudai kahani Indian Adult story par padh ke chut me ungli karte rahiye.

Maine use friend room pe bulaya or kiss krne lga wo maine use bep pe lita diya or boobs kiss krne lga fir maine uska top jeans nikla or khud bhi sare kapde nikla diye fir uski chut me ungli karne lga or chut chatne lga or wo apna pair jor jor se hilane lgi or siskiya lene lagi or jhad gyi fir usko lund mu me dia wo pura sir pkad kr gale tak le jane lga wo ulti jise muh bnane lgi maine use condom lagane ko bola usne lagaya

Fir maine uski tange failai or lund uske chut pe set kiya or zor se dkha mara adha lund andar gaya or wo akh ulta krne lgi rone lgi maine usi position pe rahte huwe usse kiss krne lga jise usne rona band kiya bine fir dhka lgaya or wo fir rone lgi or khne lgi please ab nae bht drd ho rha.

Virgin Girlfriend ki Seal Todi

Maine lund nikla pura white condom pe khun lga tha fir maine condom nikla or use samjhane lga wo nae man rhi the maine suck krne ko bola wo rote rote kr rhi the fir dheere uska drd kam hua

Or fir maine use manya ki mai dheere se krunga wo man gyi or maine machinery position me ho gya or lund set karne ko kaha or uske dono hath pakd ko kaha or uske dono hath pakd liye fir jor se jhtka mara or wo rone lgi fir iss bar condom nahi tha to mere supare me bhi drd dua lkn maine continue rkha or fir use kiss karne lga or jb wo enjoy karne lagi to maine uske hath chod diye fir pair se mujhe dabane lgi or jhad gyi

Fir maine use upr baithne ko kha wo baith ke kar rhi the pr bht dheere 2 koi mza nahi aya fir mai usi position me waps aya or tez tez lagtar 5 min sex krne ke bad mai lund uske chut k upr rkh ke jhad gaya or wise he 10 min leta rha fir wo uthi or panty se apni choot pochi or boli ki mujhe ab mat chodna kbhi uske ghr jate hi maine use fb whatsapp pe block mar diya or call blacklist me dal di.

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