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जुड़वा बहनों की एक साथ चुदाई किया मेरा भाई

Twins Sex Story, Judwa Bahan ki Chudai, Do Judwa Bahan ko Real Brother Ne Choda



Twins Sex Story, Judwa Bahan ki Chudai, Do Judwa Bahan ko Real Brother Ne Choda : मैं रिंकी की बड़ी बहन हूं मेरा नाम आकांक्षा है, हम दोनों जुड़वा बहन हैं हम दोनों की उम्र अभी 21 साल हुई है। कॉलेज में पढ़ते हैं एक साथ रहते हैं। फरीदाबाद में रहकर पढ़ाई करती हूं। मेरा घर लखनऊ है, मेरे मम्मी पापा दोनों लखनऊ में रहते हैं। हम दोनों फरीदाबाद में एक फ्लैट किराए पर लेकर वही पढ़ाई करते हैं। मेरा एक भाई है जो इंजीनियरिंग कर रहा है पुणे से वह फरीदाबाद आया था नए साल पर। पर हम तीनों के बीच में ऐसे केमिस्ट्री हो गई की बात सेक्स तक पहुंच गई। AdultStories.co.in पर मैं पहली बार यह कहानी लिख रही हूं। रोजाना यहां पर आकर कहानियां पढ़ती हूं पर लिखने का मौका पहली बार मुझे मिला है। अब मैं सीधे कहानी पर आती हूं मुझे पता है आप बेचैन हो रहे हैं।

मेरा भाई 22 साल का है। जिम जाता है बॉडी बनाया हुआ है देखने में हीरो जैसा लगता है। हम दोनों बहनों का वह प्यारा भाई है। हम दोनों बहन बहुत प्यार करते हैं उसको वह भी अपनी बहन को बहुत मानता है। परिवार को ज्यादा हो गया इस वजह से ठंड की रात में हम दोनों बहनों को गर्म कर दिया उसमें। कई बार जिंदगी में ऐसे कुछ बातें हो जाती है जो होना नहीं चाहिए। पर सब कुछ समय के साथ बदल जाता है। कई बार जो आप नहीं चाहते हैं वही हो जाता है वैसा ही हम दोनों बहनों के साथ ही हुआ था। हम दोनों नहीं चाहते थे कि मेरा भाई मुझसे शारीरिक संबंध बनाए। पर जवानी ऐसी दहलीज होती है जहां पर अक्सर लोग फिसल जाते हैं। यहां तक कि रिश्ते भी तार-तार हो जाते हैं। और बात वहां तक पहुंचता है जहां पहुंचना नहीं चाहिए।

जिस दिन मेरा भाई आया था हम तीनों बाहर खाना खाने गए। चिकन बिरयानी हम तीनों का फेवरेट है तो हम तीनों बाहर जाकर चिकन बिरयानी खा कर आए थे। जब हम लोग अपने फ्लैट पर वापस आए भैया बोला कोल्ड ड्रिंक पीने का मन कर रहा है। तो मैं बोली अभी नीचे से लेकर आ रही हूं नीचे जो है वहां से। मैं नीचे गई तो एक सिगरेट भी लेकर पी ली। अक्सर दिन में 2 सिगरेट पी जाती हूं। मुझे सिगरेट पीना था इस वजह से भी मैं नीचे कोल्ड्रिंक्स लेने के लिए आ गई थी।


हम दोनों जुड़वा बहन हैं एक दूसरे से कभी अलग नहीं होते हैं। पर मेरा भाई आया हुआ था इसलिए वह ऊपर रह गई। जब मैं वापस कमरे में पहुंची तो मैं दंग रह गई मेरा भाई रिंकी को किस कर रहा था। उसके चूचियां दबा रहा था। मैं थोड़ी देर के लिए बाहर रुक कर पर्दे के पीछे से देखने लगी कि आखिर यह सब क्या चल रहा है। मैं क्या देखती हूं वह दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे। मेरा भाई रिंकी के ब्रा के अंदर हाथ डाल कर उसके चुचियों को मसल रहा था। मैं हैरान हो गई यह बात कभी रिंकी ने बताया नहीं था। सच बताऊं दोस्तों मुझे गुस्सा नहीं आया। मुझे ऐसा लगा भाई मेरा है बहन भी मिली है वह दोनों जब इस चीज का मजा ले रहे। तो मैं क्यों पीछे रहूं।


और मैं कमरे के अंदर पहुंच गई वह दोनों एकदम से अलग हो गया। मैं उन दोनों से कहा मुझमें क्या कमी है। इतना प्यार कर सकते हो रिंकी को तो मुझे क्यों नहीं। इतना कहते ही मेरा भाई मुझे पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और मेरे होंठ को चूसने। रिंकी मेरा भाई मेरे चूचियों को मसलते हुए मेरे होठ को चूमने लगा था। मैंने रिंकी का हाथ पकड़ कर अपने पास लेकर आए और हम दोनों मिलकर अपने भाई को चूमने लगे। मैंने अपने भाई के पजामे में हाथ देकर उसका लंड पकड़ लिया मेरी बहन उसके गांड को सहलाने लगी।


हम दोनों ने दरवाजे खिड़कियां चारों ओर अच्छी तरक्की बंद किया और कमरे में आकर अपने अपने कपड़े खोल दे। हम दोनों का शरीर की बनावट एक जैसी है। बड़ी-बड़ी चूचियां गोरा बदन लंबे बाल होंठ गुलाबी, कजरारे आंखें, लंबी चौड़ी। हम दोनों बहन एक से बढ़कर एक हैं सुंदरता के मामले में और शरीर के मामले में। मैंने अपने भाई को बेड पर लिटा दिया। मेरी बहन रिंकी भाई का लंड पकड़ कर मुंह में लेकर चूसने लगी। और मैं अपने भाई के मुंह पर अपनी गांड रख दिया। उसने मुझे सेट किया और मेरी चूत को चाटने लगा। मेरे चुचियों को दबाते हुए मेरी चूत को चाट रहा था। और मेरी बहन लंड को चूस रही थी।


फिर मैं लंड चूसने लगी और वह अपनी चूत चटवाने लगी। कमरे में सिसकारियां ही सिसकारियां निकल रही थी। मेरा भाई चुपचाप होकर कभी मेरी चूचियों को पीता कभी मेरी बहन के चुचियों को, कभी मेरी गांड को चाटता कभी मेरी बहन के गांड को चाटता। हम दोनों की चूत पानी पानी हो गया था। हम दोनों के निप्पल टाइट हो गए थे। 10 मिनट में हम दोनों को मेरा भाई ऐसे गर्म कर दिया कि क्या बताऊं। अब बारी आई चुदाई की।


पहले मैं लेट गई नीचे अपनी टांगों को अलग अलग कर दी। मेरा भाई बीच में बैठ कर अपना निकाला और जोर से घुसा दिया। और जोर जोर से चोदने लगा। तब तक मेरी बहन अपना बूब्स भाई को पीला रही थी। वह जोर-जोर से मेरी चूत में लंड पर रहा था। मेरी बहन जब मुझे देखती तो मैं उसके हॉट को चूमने लगते। हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगते थे और एक दूसरे की चुचियों को दबाने लगते थे। ऐसा कभी पहले नहीं किया था। पर उस दिन कर रही थी।

अब रिंकी की बारी आएगी रिंकी नीचे लेट गई मेरा भाई रिंकी के टांगों को खोला और लंड घुसा दिया। मेरी चूत काफी ज्यादा गीली हो चुकी थी जब मेरा भाई रिंकी को चोद रहा था उस समय मैं अपना चूत अपने भाई से चटवा रही थी। मेरी गांड बहुत जरूरी है मेरा भाई मेरे चूतड़ पर थप्पड़ मारता था और मेरी गांड को मेरी चूत को चाटता था। जोर जोर से धक्के देकर वह हम दोनों को बारी-बारी से चोदने लगा। फिर हम दोनों ही एक साथ घोड़ी बन गए वह पीछे से कभी मेरी चूत में लंड डालता कभी रिंकी के चूत में लंड डालता। दोनों के चूतड़ पर थप्पड़ मारता और जोर-जोर से लंड घुसाता।
गरमा गरम है ये  भैया ने चोदा मुझे दिल्ली के होटल में

फिर मेरा भाई नीचे लेट गया हम दोनों बहन ऊपर से एक-एक करके अपनी चूत में उसका लंड लेकर धक्के देने लगी। तीनो भाई बहन सर्दी की रात में एक दूसरे को गर्म कर रहे थे। ऐसा लग रहा था मानो हम तीनों को जन्नत मिल गया हो। करीब डेढ़ घंटे की चुदाई के बाद मेरे भाई का माल सारा मेरे चूत के अंदर चला गया। हम तीनों ही शांत हो गए रजाई के अंदर हम तीनों सो गए बीच में मेरा भाई सोया अगल-बगल में मैं और मेरी बहन। उस दिन के बाद से 10 दिन तक लगातार हम तीनो भाई बहन रात भर रंगरेलियां मनाते हैं। 15 तारीख को वापस चला जाएगा।

अब हम दोनों बहन इसी चिंता में हैं मेरा भाई जो हम दोनों को आदत लगा दिया है वह कैसे पूरा होगा। कौन चोदेगा हम दोनों को यही सोचकर चिंता में रह रही हूँ। देखती हूं किस को पटाती हूँ। ताकि वह हम दोनों की चूत की गर्मी को शांत कर सके सर्दी के मौसम। मैं जल्द ही अपनी दूसरी कहानी इसी वेबसाइट पर यानि AdultStories.co.in पर लिखूंगी जैसे ही कोई मर्द मुझे मिलेगा वैसे ही और उसी दिन लिखूंगी। तब तक के लिए आप सभी का धन्यवाद।  

छोटी बहन को वियाग्रा खिलाकर उसकी चूत फाड़ी

Chhoti Bahan Ki Chudai Story, छोटी बहन को वियाग्रा खिलाकर उसकी चूत फाड़ी


Virgin Sex Story, Chhoti Bahan Ki Chudai Story  : मेरे प्यारे दोस्त मैं आज मैं आपको एक मस्त कहानी सुना रहा हु जो की मेरे बहन के बारे मैं है आज मैं आपको बताऊंगा मैंने कैसे अपने बहन का सील तोडा, खूब चुदाई की साली की, मजा आ गया तो सोचा क्यों ना मैं अपने नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम बाले फ्रेंड को भी अपनी बहन की चुदाई के बारे में बताऊँ, तो देर किस बात का दोस्त हाज़िर हु अपनी कहानी लिए क्यों की जब मैं यहाँ दूसरों की कहानी पढता हु तो मेरा भी फ़र्ज़ बनता है की मैं भी अपनी कहानी आपलोगो से शेयर करूँ.

ये स्टोरी मेरी बहन के साथ हुए एनकाउंटर की हे उसका रंग गोरा बाल काले ओर घुंघराले ओर फिगर की क्या बात करू दोस्तो देख के ही खड़ा हो जाय सभी का ओर उसी वक़्त मूठ मार लो उसका फिगर 34 28 36 हे हेना पर्फेक्ट सेक्स फिगर चलो देर ना करके सीधा स्टोरी पर आता हू


मैं मुंबई में रहता हु, और मैं जिगोलो हु, मैं अपने घर का खर्च भी उसी से उठता हु, क्यों की मुझे अपने घर चलने के लिए काफी पैसे की जरूरत होती है और कोई छोटी मोटी नौकरी में कितना कम लेगा इसलिए मुझे जिगोलो बनने के लिए मजबूर होना पड़ा, पर मुझे मस्ती रहती है रोज रोज मैं भाभी आंटी लड़की को जो की हॉस्टल में या किसी काम से मुंबई में रहती है, कॉलेज गर्ल को, बड़े घर के औरत को जिसका पति बिज़नेस टूर पे हमेशा रहता है उसकी वाइफ को मैं चुदाई से संतुष्ट करता हु और उसके बदले में मुझे पैसे मिलते है , मेरे घर मे मेरी मा मैं बहन ओर पापा हे पापा एलेक्ट्रॉनिक डिपार्टमेंट मे है जिनकी सैलरी कुछ खास नहीं हे |

इस साल ही मेरी बहन बारह्वी पास की तो मैंने उसको गिफ्ट में एक अच्छा सा मोबाइल फ़ोन गिफ्ट किया, रात को फिर वो मेरे पास आई और फिर एंड्राइड पे कुछ नयी नयी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए बोली.मैं उसके मोबाइल में सॉफ्टवेयर डालने लगा तभी मेरे क्लाइंट का फ़ोन आने लगा था, उसी समय मैं अपनी बहन की चूची देख ली उस समय वो एक ढीली ढली सी टी शर्ट पहनी थी मेरा मन तो बहक गया मैं क्या करता मेरा तो लैंड खड़ा होने लगा कोई चारा भी नहीं था मस्त मस्त गदराई हुयी सी चूची जो थी मैं भी क्या करता तुरंत बाथरूम में गया और मूठ मार ली.


एक दिन मे अपन कमरे मे नंगा था कपड़े बदला रहा था तभी अचानक से वो कमरे मे घुस आई मे डोर लॉक करना भी भूल गया था ओर उसने मूज़े नंगा देख लिया फिर वो तुरंत ही चली गयी ओर बाद मे मुझे से माफी माँगी उसकी भूल केलिए मेने भी माफ़ कर दिया


वो अपने न्यू सेल पे एक बार पॉर्न देख रही थी तो मेने देख लिया उसे लेकिन कुछ कहा नहीं क्यू की मे भी उसे चोदना चाहता था तो उसे गरम होने दे रहा था जैसे से ही उसने पॉर्न बंद की मे उसके पीछे से पास जाकर बैठ गया उसे ये लगा की मे उसे वीडियो देखते हुए देखलिया हे लेकिन मे अनजान बना रहा वो गरम हो चुकी थी ये देख के मेरा लंड पायजामे मे ही टेंट बना दिए था वो ये देख सके इसतरह मे पास ही बैठ गया ओर टीवी देख ने लगा बात बात ओर मैं उसके कमर ओर बदन को फील करने लगा ओर वो ओर गरम होती गई ऐसा व्यवहार मेने कई दीनो तक किया आख़िर सब्रका फल मीठा जो होता हे फिर उसकी नज़र मे मेने कुछ प्यास देखी की जो मे ही बुझा सकता था फिर मेने जान भुज कर जब मे क्लाइंट से बात करता तो वो सुन सके उस समय मैं और भी सेक्सी सेक्सी बात करता था.


आख़िर मे मेरा इंतजार खत्म हुआ ओर वो घड़ी आयी गई की जब मे उसकी चूत का भोसड़ा बना डू उस रत मे अपने घर पर था ओर मां ओर पापा बाहर गये थे और वो एक हफ्ते बाद आने वाले थे मेरी सिस का भी वाकेशन था सो वो भी घर पर ही थी हम रोज रत को बाहर खाना खाने जाते थे मेरी बाइक पे तो मे जान बुजकर ब्रेक मरता ताकि उसे गर्म कर सकु लेकिन वो भी क्या खुद को कंट्रोल करती थी उसे लंड की प्यास थी


लेकिन वो उस प्यास को बुझा ना ही नई चाहती थी फिर मेने वियाग्रा उसे रात को खिलाई ओर बोला की इसे नींद अच्छी आती हे ओर उसके गरम होने का वेट किया जैसे ही वो गरमा हुई मे उसके सामने नंगा हो गया ओर वो मेरा खड़ा लंड देख के पागल हो गई ओर लोलीपोप की तरह चूस ने लगी दोस्तो क्या बतौ की क्या मज़ा अरहा था जैसे जन्नत मे हू मे फिर मेने उसको लेटया ओर उसकी अनचुई चूत को चाट कर मज़ा लिया मे ओर उसको सातवे आसमान की सेर कराई

फिर हमारा रीलेशन ही बदल सा गया हो फिर वो रह नहीं पा रही थी मेरे लंड की बगैर वो मुझे ज़ोर ज़ोर से बोल रही थी की मे कब से तेरे से चुदबाना चाहती थी आज मेरी ये ख्वाहिस पूरी कर दे ओर मेरी चूत को फाड़ दे मेरी चूत चोद दे उसे भोसड़ा बना दे मुझे आज कच्ची कली से फूल ओर देरी मत कर फाड़ दे चूत मेरी ये सब सुन कर मुज मे नया जोश जेसे अगया हो वो पहली बार चुद रही थी इसलिए मेने पास मे रखी पेट्रोलियम जेल ली

ओर थोड़ी उसकी चूत पर ओर मेरे लंड प्र ल्गाई पहले तीन चार धक्के मारे लेकिन लंड फिसल ही जाता था फिर क्या जैसे मे भाभी को चोदता वैसे ही लॅंड लगाया चूत पे ओर ज़ोर का ढाका मारा पूरा लंड एक जटके मे अंडर गुसा दिया ओर जैसे ही मेरा लंड घुसा कुछ फटा हो ऐसा महसूस हुवा मुहे ओर मे समझ आ गया की मेने इसकी सील तोड़ दी ओर वो ज़ोर से चिल्ला उठी ओर बोलने लगी की निकालो अपने लण्ड को मेरे चूत से बहुत दर्द हो रहा है, मैं रो दूंगी प्लीज निकालो मुझे सहन नहीं हो रहा है.


फिर मे उसी पोज़िशन्स मे रहा ओर उसका मूह अपने मूह से बाँध किया वो थोड़ी देर तड़पदै बाद मे नॉर्मल हो गई उसकी आँख से आँशु निकल गये थे फिर मे उसे धीरे धीरे फिर से उसके चूत में डालने लगा और उसकी चूची को दबाने लगा, वो फिर भी दर्द से कराह रही थी पर करीब दस मिनट के बाद वो नार्मल हो गयी और फिर वो अपना गांड उठा उठा के चुदवाने लगी, मैंने उसको फिर अलग अलग पोसिशन में चुदाई की, और चूच के निप्पल को अपने दांत से दबाता तो वो और भी कामुक हो जाती.

उस दिन मैंने कई बार उसको चोदा उस दिन वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी क्यों की वो काली से फूल बानी थी, उसके चूत में कॅाफ़ी दर्द हो रहा था, फिर शाम को मैंने दर्द की टेबलेट के साथ साथ मैंने गर्भ निरोधक गोली भी खिलाया ताकि वो प्रेग्नेंट ना हो जाये, फिर क्या अब तो मैं रोज उसको चोदता हु,

मुँहबोली बहन की कुवारी चुत की चुदाई

मुँहबोली बहन की कुवारी चुत की चुदाई


पहले मैं अपनी मुँहबोली बहन के बारे में बता देता हूँ. उसका नाम सौम्या है सौम्या मेरे करीबी दोस्त की गर्लफ्रेंड थी, तो वो मुझे भाई मानती थी … लेकिन मैंने जब उसे पहली बार देखा था, तो मेरा लंड उसको सलामी देने लगा था. मेरा दोस्त उससे कम ही बात करता था और मैं ज्यादा … क्योंकि मैं उसे पसंद करने लगा था. पर वो मुझे सिर्फ भाई ही मानती थी. कभी कभी मैं उससे बोल भी देता था कि काश तुम मेरी गर्लफ्रेंड होतीं … तो वो मजाक में मेरी बात हवा में उड़ा देती.


एक बार हम दोनों मार्केट गए, उसे शॉपिंग करनी थी. मैंने उसे अपने साथ बाइक पर बैठाया और हम मार्केट निकल गए. मैंने रास्ते में सोचा कि आज सौम्या से कुछ मज़ा लिया जाए. मैं जानबूझ कर डिस्क ब्रेक लगा देता और वो मुझसे चिपक जाती. जब उसका सीना मेरी पीठ पर लगता, तो उसके गठीले दूध मेरे लंड को बेचैन कर देते थे. मैंने रास्ते में कई बार ऐसा किया.


फिर हम मार्केट पहुंच गए. उसने ढेर सारी शॉपिंग की. कपड़े और सैंडल लिए. अब उसे ब्रा और पेंटी लेनी थी … तो उसने एक कॉस्मेटिक की शॉप के बाहर मुझे रुकने को कहा. मैं समझ गया कि इसे क्या लेना है.


मैंने उससे बोला- मैं भी साथ में चलता हूँ.

वो बोली- यहां पर लड़के नहीं आते हैं.

मैंने ज्यादा जिद की तो उसने कहा- ठीक है … आप काउंटर पर बैठना, मैं बस दस मिनट में आती हूँ.


मैंने हां कर दी, तो वो अन्दर जाकर ब्रा और पेंटी देखने लगी. अब मुझे भी ये देखना था वो किस स्टाइल वाली ब्रा पैन्टी खरीदती है.


मैंने अन्दर झांक कर देखा, तो पर्पल कलर की ब्रा उसके हाथ में थी. कुछ पल मैं यूं ही उसे देखता रहा. उसने अगले ही मिनट में खरीदारी पूरी की और बाहर आने लगी. मैं उसे आता देख कर वापस वहीं बैठ गया.


वो सामने काऊंटर पर गयी और उसने सामान पैक करवाके पैकेट अपने बैग में डाल लिया.


फिर मेरे करीब आते ही बोली- काफी देर हो गई है … अन्धेरा होने वाला है और बहुत तेज भूख भी लगी है, चलो कुछ खाते हैं.


मैंने हामी भर दी और हम लोग पास के एक रेस्टोरेंट में चले गए. वहां हमने खाना खाया और वेटर को बिल के पैसे देकर साथ में टिप भी दी.


वेटर ने अपनी झौंक में बोल दिया- थैंक्स सर यू आर ए नाइस कपल.


उसकी बात सुनकर हम लोग मुस्कुराने लगे. कुछ देर बाद हम दोनों घर के लिए निकले.


रास्ते में मैंने सौम्या से कहा- वो वेटर हमें कपल समझ रहा था.

उसने कहा- हां कोई भी होगा, वो हमको इतने क्लोज़ देख कर कहेगा ही. मगर उसे सच कहां मालूम होता है कि हम दोनों एक नहीं हैं.

मैंने झट से बोला- तो फिर बना लो ना एक.


उसने मेरे कन्धे पर प्यार से हाथ मार दिया. मैंने भी झटके से ब्रेक लगा दिए. इससे फिर से वो उसके चूचे मेरी पीठ में लग गए. मेरा लंड सांप के जैसे सलामी देने लगा.


वो बोली- भाई, आप जानबूझ कर तो ब्रेक नहीं लगा रहे हो?

मैंने कहा- ऐसा कुछ नहीं है … तुम ठीक से खुद को पकड़ कर बैठो ना.

वो हंसने लगी.


हम दोनों इसी तरह की मस्ती करते हुए घर आ गए. मैंने उसे उसके घर पर ड्रॉप किया और बाय कहा. फिर अपने घर आ गया. अब मैं उसके चूचे याद करके बिस्तर में अपने लंड को सहला रहा था. उसके मम्मों का टच मेरे लंड को तन्ना रहा था.


इतने में उसका कॉल आया कि भाई वो में कपड़े लिए थे, वो साइज़ में फिट नहीं आ रहे हैं.

मैंने पूछा- तो फिर क्या करें?

वो बोली- कल फिर से मार्केट चलना है.


मैंने झट से कहा- और उनकी साइज़ फिट हुई है?

वो बोली- किसकी?

मैंने कहा- तुमने और भी कुछ लिया था ना.

वो बोली- डायरेक्ट बोलो ना भाई.

मैंने कहा- अरे ब्रा और पैंटी की साइज़ कैसी रही?

वो हट कहते हुए बोली- मैंने उनको अभी चैक नहीं किया है.


मैंने कहा- एक आइडिया है तुम वीडियो कॉल करके मेरे सामने उनको भी चैक कर लो.

वो- अरे यार आप मेरे भाई हो … आपके सामने कैसे कर लूं?

मैंने कहा- मैं तो तुमको गर्लफ्रेंड मानता हूँ.

सौम्या बोली- अच्छा जाओ … आपसे कोई नहीं जीत सकता … बाय कल बात करते हैं.


उसने फोन काट दिया.


अब मैं रात में उसकी चुदाई के सपने देखने लगा. मैंने सोच लिया था कि कैसे भी करके मुझे इसे चोदना ही है. मैंने उसकी जवानी को याद करके लंड हाथ से हिलाया और उसके नाम की मुठ मारके सो गया.


सुबह मैंने प्लान बनाया कि कल सौम्या को किसी न किसी तरह से चोदना ही है.


उसे पता था कि मैं कभी कभी शराब पीता हूँ. बस मुझे आईडिया आ गया. मैंने उसे कॉल किया और बोला- तुम्हारा ब्वॉयफ्रेंड किसी दूसरी लड़की के साथ डेट पर गया है.

उसने कहा- इस बात का आपके पास क्या प्रूफ है?

मैंने बोला- एक मिनट रुको.


मैंने दोस्त को कॉल किया और उससे पूछा- कहां हो भाई?

वो बोला- तुम्हारी नई भाभी के साथ.


मैंने कॉल को कॉन्फ्रेंस पर लिया हुआ था. इसलिए सौम्या ने सब कुछ सुन लिया. अभी मेरा दोस्त कुछ और कहता, तब तक मैंने कॉन्फ्रेंस कॉल कट कर दी.


वो इस बात को सुनकर रोने लगी थी. मैंने उससे कहा- मत रो पगली … चल ब्रेकअप पार्टी करते हैं.

वो बोली- आप अभी कहां हो?

मैंने कहा- अपने घर पर अकेला ही हूँ. सब लोग दो दिन के लिए बाहर गए हैं … तो मैं ड्रिंक कर रहा हूँ. तुम लेना चाहो … तो आ जाओ.

सौम्या बोली- मैं आती हूँ भाई और आज मैं भी पियूंगी.

मैंने कहा- आ जा सौम्या आज तुझे ब्लैक लेबल पिलाऊंगा.

वो बोली- लेबल बेबल मैं कुछ नहीं जानती हूँ, बस आ रही हूँ.


मैं पहले से ही ब्लैक लेबल की बोतल लेकर आया था. थोड़ी देर में वो मेरे घर आ गई और आते ही मुझे गले लगा कर रोने लगी.


उसके गले लगते ही मेरा लंड खड़ा हो गया. उसके तने हुए ठोस मम्मे मुझे पागल बना रहे थे. मम्मों के टच होते ही में मदहोश हो गया. मैं पहले ही दो पैग ड्रिंक पिए हुए था.


वो जब सामान्य हुई, तो मैंने झट से उसका पैग बना दिया. वो बिना कुछ सोचे समझे एक बार में ही पूरा गिलास पी गयी. उसका मुँह बना, तो मैंने उसके मुँह में एक नमकीन काजू का टुकड़ा दे दिया. उसका स्वाद ठीक हुआ. तब तक फिर मैंने एक और बड़ा पैग बना दिया. वो उसे भी झट से पी गयी.


मैंने इस तरह उसे 4-5 हार्ड पैग दिए. शराब धीरे धीरे पी जाए, तो नशा होता है … मगर एक साथ गटगट करके ये पता ही चलता कि दारू चढ़ भी रही है या नहीं.


अब उसे नशा काफी हो गया था. मैंने सिगरेट जला कर उसे पकड़ा दी. वो सिगरेट को होंठों में लगा कर कश खींचने लगी.


मैंने उससे कहा- सौम्या … ये तुम्हारे साथ अच्छा नहीं हुआ.


बस फिर क्या था … वो नशे की टुन्नी में सब बताने लगी.

वो बोली- साले के लिए मैंने क्या नहीं किया … हरामी कुत्ते के साथ मैंने दो बार सेक्स किया … उस मादरचोद का लंड मुँह में लिया. मैं उसे पैसे भी देती थी.


उसके मुँह से गालियां सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैंने मौके का फायदा उठाया और एक हार्ड पैग बना कर उसके हाथ में पकड़ा दिया. उसने बिना सोचे समझे उस पैग को भी पी लिया.


अब वो नशे में मदहोश हो कर अपने पैर फैला कर मेरे सामने बैठी थी. मैंने अपना एक हाथ उसकी जांघ पर फेरते हुए उससे कहा- काश अगर उसकी जगह मैं होता, तो तुम्हारे जैसी इतनी सुन्दर माल को धोखा नहीं देता.


वो मुझे नशीली आंखों से देखने लगी और बोली- आप इतना प्यार करते मुझे?


मैंने हां कर दिया और सीधे उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर उसे किस करने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी. मैं उसे चूमते हुए अपने एक हाथ को उसके मम्मे पर ले गया और दबाने लगा.


अब उसे सेक्स का नशा भी चढ़ गया. उसने मेरी शर्ट खींची. मैंने उसकी इच्छा समझ कर अपने सारे कपड़े झट से निकाल फेंके. अब मैं उसके सामने एकदम नंगा खड़ा था. मैंने उसको किस किया और नीचे लंड पर इशारा करते हुए उसको लंड मुँह में लेने को कहा.


उसने झट से मेरा 7 इंच का लंड मुँह में भर लिया और लॉलीपॉप के जैसे चूसने लगी. वो इतना मस्त लंड चूस रही थी कि मैं कुछ ही मिनट में उसके मुँह में ही झड़ गया. वो मेरे लंड का पूरा माल पी गयी.


अब मैं उसे बिस्तर पर ले गया और उसके सारे कपड़े निकाल दिए. वो मेरे सामने एकदम नंगी हो गयी थी. मैं उसके मम्मों को मसलने लगा, उसके एक निप्पल को चूसे जा रहा था. वो मस्त होकर मेरा साथ दे रही थी.


फिर वो बोली- भाई, मैं बहुत प्यासी हूँ … बहुत दिनों से चुदायी नहीं की … आप जल्दी से चुदाई करो … अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है … प्लीज फ़क मी ब्रो.

मैंने कहा- अभी तो सारी रात बाकी है मेरी जान … आज मैं तुझे बहुत चोदने वाला हूँ … क्योंकि मैंने आज तक तेरे नाम की बहुत मुठ मारी है.

वो बोली- भाई मैं भी आपसे कब का चुद जाती … पर मैं आपको भाई बोलती थी ना … इसलिए मैं झिझकती थी. पर आज आपने मेरा सारा संकोच निकाल दिया है … आप आज मुझे जमकर चोदो और मुझे अपनी बना लो.


ये सुनकर मैं उसकी टांगों के बीच में आया और उसकी चुत चाटने लगा.

वो गांड उठाते हुए कहे जा रही थी- आह … और चाटो भाई … और और … आह ऐसे ही … उफ्फ करते रहो.


कुछ ही पलों में वो एकदम से अकड़ गयी और उसने अपनी चुत से पानी छोड़दिया. मैं उसका सारा चुत रस पी गया.


थोड़ी देर तक वो शिथिल पड़ी रही. दारू के नशे से उसकी आंखें बोझिल हुई जा रही थीं. मैंने देर करना उचित न समझा और अपना 7 इंच का मोटा लंड उसकी चुत पर रख दिया.


वो बोली- एक मिनट रुको.

मैंने कहा- क्यों?

सौम्या बोली- पहले आप मेरी कसम लो कि कभी मुझे धोखा नहीं दोगे.

मैंने कहा- जान तेरी कसम … मैं तुझे सारी जिन्दगी ऐसे ही चोदूंगा और तू अब मेरी लुगाई बनके रहेगी.


वो हंस दी और हम दोनों ने एक लम्बा किस किया. फिर मैंने दुबारा से चुत पर लंड सैट किया और एक ही झटके में अपना 7 इंच का लंड डाल दिया.


वो लंड घुसते ही एकदम से चिल्ला पड़ी और बोली- आह मर गई … रुक जा हरजाई … कोई भला ऐसे अपनी लुगाई को चोदता है … तुम तो मुझे रंडी के जैसे चोद रहे हो.


मैंने वासना में गुर्राते हुए कहा- आज मैं तुझे रंडी के जैसे ही चोदना चाहता हूँ … ताकि तू मेरी पहली चुदाई भूल ना पाए.

वो बोली- ठीक है … तो चोदो … आज मुझे आप अपनी रंडी ही समझो.


मैंने लंड को बाहर निकाला और फिर से एक झटके में डाल दिया. अब मैं उसे किस करता रहा और तेज झटकों से चोदता रहा.


मैं उसे चोदते हुए बोला- मादरचोद … साली छिनाल … रंडी … इतने दिनों से तड़पा रही थी … अब जाकर मुझे तेरा छेद चोदने को मिला है. कितनी सुन्दर है तू … आह तेरी चुत का भी जवाब नहीं है मेरी जान … तेरी चुत में बहुत रस है मेरी रंडी …


सौम्या गांड उठाते हुए बोली- आह साले बहनचोद पी ले मेरा सारा रस … बहन के लौड़े मेरा पूरा बदन अब तेरा है … चोद साले मुझे … अपनी रंडी बना कर चोद दे हरामी … तेरा लंड भी कम नहीं है. मैं सिर्फ आज ही नहीं … मैं तुझसे रोज चुदूंगी … आह तेरे लंड से चुत की खाज मिटवाऊंगी … आह चोद साले.


मैं उसकी नशीली बातें सुनकर और जोश में आ गया. मैंने धक्के और तेज कर दिए. चुदाई के साथ मैं उसके मम्मे को चूस रहा था.


वो अपने हाथ से अपना एक दूध पकड़ कर मुझे पिलाते हुए बोली- आह पी ले साले … भैनचोद … आज अपनी बहन का दूध चूस ले … आज तूने बहन को अपनी रंड़ी बना लिया … आह तू बहुत बड़ा बहनचोद है.


मैं 25 मिनट तक उसको तेजी से चोदता रहा. फिर मैं झड़ने को होने लगा.

मैंने उससे बोला- मेरा निकलने वाला है.

वो बोली- भाई, मेरी चुत में ही छोड़ दो.

मैंने अपना सारा माल उसकी चुत में भर दिया. हम कुछ देर एसे ही चिपके पड़े रहे.


थोड़ी देर बाद वो मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर उसे फिर से जगाने लगी.

अब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैंने उससे कहा- शायद लंड को भी पता है कि उसकी बहन अभी बहुत प्यासी है.


उसने मेरा लंड मुँह में भर लिया और चूसने लगी.


मैंने उससे कहा- मुझे अब तुम्हारी गांड मारनी है.

वो बोली- नहीं … मैंने कभी गांड नहीं मरवायी … बहुत दर्द होगा.

मैंने कहा- जान मैं आराम से डालूंगा … और अब तो मैं तुझे लुगाई के जैसे ही चोदूंगा.

उसने हां कर दी.


मैंने उसे एक लार्ज पैग बना कर उसे पिलाया और उसकी गांड मारने की तैयारी कर ली. मैंने उसकी गांड में तेल की शीशी का ढक्कन खोल दिया और ढेर सारा तेल उसकी गांड में भर दिया. फिर एक उंगली से उसकी गांड को खोदा. फिर दो उंगलियों से गांड ढीली की.


अब वो खुद ही नशे में कहने लगी- साले भोसड़ी के लंड डालकर गांड मार ना … क्यों उंगली से खेल कर रहा है.


मैंने भी एक पैग ठोका और लंड का सुपारा उसकी गांड से टिका दिया. फिर उसकी कमर पकड़ कर मैंने लौड़ा गांड में पेल दिया. उसकी मां चुद गई मगर वो लंड झेल गई. मैंने पूरा लंड पेल कर उसकी गांड मारने का सुख भी ले लिया.


उस रात मैंने उसे 6 बार चोदा. अब हमें जब भी मौका मिलता है, हम जमकर चुदाई का मजा ले लेते हैं.


आपको मेरी मुँहबोली बहन सौम्या की चुत चुदाई की कहानी कैसी लगी … प्लीज़ मुझे मेल करके जरूर बताएं.

चुदाई की भूखी लड़की के साथ सेक्स किया

चुदाई की भूखी लड़की के साथ सेक्स किया Chudai ki bhukhi ladki ke sath sex kiya , चुदने को व्याकुल महिला की चुदाई , चूत बुर चोदी गांड मारी मुंह में लंड चुसाया , लौड़े का दिया स्वाद , प्यासी कमसिन जवान फुद्दी को चुदवाया.

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एक लड़की थी निर्मलता उम्र 18 साल उससे बात करके मैने जाना की वो थोड़ी ग़रीब परिवार से है। दिल की अच्छी है। और सेक्स की भूखी है। उसके घर मे माँ, बाप, भाई, भाभी और वो है। मैने उससे बहुत बार सेक्स चैट करी है। और उसको नेट भी ज़्यादा चलाना नही आता था तो मैने उसे समझाया ओर उसके लिए आई-डी बनाई। वो जब भी मुझे सेक्स चैट करती थी तो वो बहुत जज्बाती हो जाती थी। और कहती थी मुझे कुछ डालना है चूत मे ओर कभी बोलती की मोमबती डाल रही हूँ तो कभी बोलती केला डाल रही हूँ।

मुझे तो लगता था झूट बोल रही है। उसने मुझसे कहा की मैं तुमसे जीवन मे एक बार ज़रूर चुद्वाऊगी। फिर धीरे धीरे समय चलता गया। कभी कभी बात होती थी। फिर जब मुझे उस पर विश्वास हुआ तो मैने उसको अपनी फोटो दिखाई। जब तक वो नेट में एक्सपर्ट हो गयी थी। उसको मैं बहुत अच्छा लगा। उसने मुझे कहा की वो मिलना चाहती है। मुझे लगा था की वो घर से नही निकल पाएगी। तो मैने उससे कहा तो उसने कहा की घर से निकालने की क्या ज़रूरत है। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। जब आप मेरे घर पर ही रुकोगे तो उसने मुझे बताया की हम टूरिस्ट लोगो को अपने यहा रेस्ट करने देते है।
पैसे लेकर आप आ जाना और पापा से बात कर लेना। तो वो आपको 1 रात के लिए 400 रु. किराया लेगें। मैने कहा ठीक है। उसने कहा की आप ऐसे दिखावा करना की आप मुझे जानते नही। तो मैने कहा ठीक है। मैं शुक्रवार को निकला और रात 8 बजे पहुचा और उसके पापा को फोन किया और कहा की मेरा दोस्त आपके यहा रुका था तो उसी से नंबर मिला मुझे 3 दिन के लिए रुकना है उन्होने मुझे रूम बताया मैं पहुचा तो निर्मलता मुझे पहली बार दिखी क्या माल थी गोरी नही थी। सावली थी। हाइट 5’5 इंच होगी। और फिगर देखने लायक था। उसका फिगर 34 28 36 था। मैं तो देखते ही खुश हो गया। वो मुझे देख के मुस्कुराई वो आगन मे काम कर रही थी घर का। और वो अपना काम करने लगी। उसने ब्लाउस टाइप का शर्ट पहना था। बॉडी ज़्यादा भी टाइट नही। पर उसका बोब्स दिख रहे थे।

और वो नीचे लोंग स्कर्ट पहनी थी मैं तो मन ही मन बहुत खुश हुआ। और वो चल रही थी तो उसकी गांड क्या हिल रही थी। मुझे लड़कियो की मटकती गांड कुछ ज़्यादा ही पसंद है। मेरा लंड हिलना शुरु हो गया। मैं ज़्यादा नहीं देख पाया क्योंकि उसका बाप वही कुछ और काम कर रहा था। मैं उनसे मिला उन्होने मुझे एक कमरा दिया। मैने खाना खाया वो मुझे नही दिखी उसके बाप ने ही खाना खिलाया। रात के 10 बज गये। खाना खाते खाते फिर सोचने लगा कब मिलेगी ये। मैने लैपटॉप चालू किया और ब्लू फिल्म देखने लगा अपने रूम मे। वहा पर लोग जल्दी सो जाते है। 11 बजे करीब पूरा सुनसान था। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। तो मुझे आगन मे से झूला हिलने की आवाज़ आई।
मैं खुश हुआ देखा तो वो झूला झूल रही थी और मेरे दरवाजे की तरफ ही देख रही थी। वो वही कपड़े पहनी थी। और झूले की वजह से उसके बोब्स मस्त हिल रहे थे। लग रहा था की ब्रा नही पहनी। मैने दरवाजा खोला और उससे अंदर आने का इशारा किया। तो वो इधर उधर देख के दबे पाँव मेरे रूम मे आ गयी मैने दरवाजा बंद किया और उसे देखने लगा। बहुत सुंदर थी और उसकी बड़ी बड़ी लिप्स किस करने लायक थे। वो मेरे पास आई और मेरे गले लग गयी। मैने बनियान पहने हुवे था। वो जब मेरे गले लगी तो उसके बोब्स क्या प्रेस हो रहे थे। तब मुझे लग गया की ब्रा नही पहनी। मैने उसका चेहरा पकड़ा और ढेर सारे होटो पर किस करने लगा। फिर मैं अपना हाथ कमर से लेते हुए। उसकी गांड पे ले गया। उसने पेंटी नही पहनी थी। मैं उसकी गांड को ज़ोर से दबाने लगा। उसको जोश आ गया और मेरा सर के पीछे बॉल पकड़ कर मुझे ज़ोर से किस करने लगी। मेरी जीभ चुस रही थी। और अपनी डाल रही थी। मज़ा ही आ गया।

मैं एक हाथ से उसके गांड दबा रहा था और दूसरा हाथ आगे लाकर स्कर्ट के उपर से चूत पर फेरने लगा। वो गीली हो गयी थी। मेरा तो मन कर रहा था की अभी नीचे जाके चूत चाट लू। और फिर मैने किस रोक दिया। वो तो करे ही जा रही थी। और क्या मुह से आवाजे निकल रही थी। किस करते वक्त। फिर हमने एक दूसरे को देखा और मुस्कुराए। फिर मैने उसका हाथ पकड़ के उल्टा किया और पीछे से उसके बॉल एक तरफ किये। और उसके कंधे को किस करने लगा और मेरा लंड उसके गांड से टच हो रहा था। और एक हाथ से बोब्स दबाने लगा और दूसरे हाथ से स्कर्ट उपर करके चूत धीरे धीरे हाथ फेरने लगा। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। क्या चूत थी। मज़ा आ गया। वो कह रही थी की तडपती हूँ मैं तुमसे मिलने के लिय आज तो खा ही जाना। छोड़ना मत। और सिसकारिया ले रही थी।
जैसे जैसे मैं बोब्स के निप्पल और चूत हाथ फेर रहा था। वैसे वैसे उसकी आवाज़े और सिसकारिया बडती जा रही थी। उसने कहा की मुझे पीछे कुछ चुभ रहा है। और वो अपने आप मेरे लंड को पकड़ने लगी। मेरा लंड लंबा हो गया था। वो उसको अपने हाथ से दबा रही थी, और आवाज़े निकल रही थी। क्या मस्त लंड है। इसको तो मैं खा जाउंगी। कितने दिन से चुदना चाहती थी तुमसे और ना जाने क्या क्या बोल रही थी। मेरा लंड बाहर निकाला और अपनी स्कर्ट उपर करी और गांड के बीच में मूठ मार रही थी। और उसकी आखे बंद थी वो मुझे होटो पे किस करने लगी मदहोश होकर। वो सच मे भूखी शेरनी लग रही थी।

मै उसके बोब्स दबाने लगा और निप्पल को भी दबाने लगा। तो वो कहने लगी और ज़ोर से दबाओ। मैने उसके शर्ट के बटन खोलने लगा। फिर पूरे बटन खोल दिए और उसके बोब्स जो बाहर आये तो देखने लायक थे। उसके निपल्स अच्छे थे और बड़े थे। लग रहा था की खुद इनको रोज मालिश करती है। तभी इतने बड़े है। मैने दोनो बोब्स को हाथ मे लिया। मैने कहा जान क्या बोब्स है। खुद दबाती हो की कोई आता है दबाने इतने बड़े हो गए। उसने कहा की पड़ोस का लड़का कभी कभी दबा देता है। और जब स्कूल जाती थी तो दोस्त और टीचर से दबाते थे। मैने कहा जान पहले तो कभी नही बताया ये सब और कितने राज छुपाए है। वो कहने लगी बस तुम मेरी इस भूख को शांत करो मैं सब बताती हूँ। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। मैं उसके बोब्स दबाए जा रहा था दोनो हाथो से।
वो स्पंज बॉल की तरह लग रहे थे। सॉफ्ट। मैं उसके पीछे से दबा रहा था और वो एक हाथ मे लंड पकड़ के गांड और चूत मे फेर रही थी और दूसरे हाथ से अपने निपल्स दबा रही थी। और कह रही थी की ऐसे दबाओ और आ…. आ… की सिसकारिया ले रही थी और फिर कहने लगी। आज जम कर चोदना मुझे खा ही जाना सुबह तक चोदते रहना। जब मैने देखा की साली खुद ही अपने निप्पल दबा रही है। तभी इतने बड़े हुए है। उसने कहा ऐसा क्या देख रहे हो। कभी लड़की को खुद से खेलते नही देखा क्या और मुझे आगे कर के मेरा सिर अपने बोब्स मे डाल दिया और कहने लगी खा ले मेरे राजा….चूस डाल…काट ना…..मेरे निप्पल को बारी बारी….कितना मज़ा आ रहा है….भगवान तुमने चुदाई क्या चीज़ बनाई है। शरीफ से शरीफ लड़की भी चुदते वक्त रांड़ बनना चाहती है। मैने उसका शर्ट पूरा निकाल दिया अब वो सिर्फ़ स्कर्ट मे थी।

मेरा हाथ तो उसके गांड मे था। स्कर्ट के कपड़े के उपर से सहलाने मे जो मज़ा आ रहा था वो बता नही सकता। उसने मेरा बनियान निकाला और मेरे निप्पल को चाटने लगी। मुझे तो मज़ा आ रहा था। मैं लंड उसकी चूत लंड से रगड रहा था। लंड रगड करने से वो मुझे और ज़ोर से पकडने लगी और जो आवाज़े निकलती थी उससे तो मदहोश हो रहा था। उसने मुझे छोड़ा और नीचे झुक कर मेरा लंड मुह मे ले लिया। एक बार मे पूरा। मैं तो समझ गया था की ये तो रंडी है। खूब मज़ा आएगा पर वो हमेशा मुझसे कहती थी की वो केला डालती रहती है चूत मे। मैने उससे कहा कितने लंड ले चुकी हो। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। तो उसने लंड को चूसते हुए कहा की एक लंड लिया है बहुत बार एक महीने मे।
मैने कहा कौन तो उसने कहा की छोटे चाचा ने तो मैने उसे उपर उठाया और कहा पहले क्यू नही बताया तो उसने कहा की क्या कहती की चाचा ने चोदा है मुझे मैने उससे बेड पे बैठाया और उसका स्कर्ट उपर करते हुए किस कर रहा था। क्या टाइट थे… मैं उससे प्यार से बाते करता हुआ उसकी चूत पे आया। क्या सुगंद थी यार मज़ा ही आ गया। और मैने कहा की पेंटी क्यू नही पहनी तो उसने कहा की अभी उतार के आई हूँ। तो मैने कहा की मुझे तुम्हारी पेंटी की सुगंद लेनी है तो उसने कहा क्यू मैने कहा की मुझे सुगंद अच्छी लगती है। और तुम्हारी चूत की सुगंद बहुत मस्त है तो उसने कहा ठीक है पर पहले मेरी चूत चूसो और मेरा सर पकड़ के डाल दिया।

मैने उसकी चूत कुत्ते की तरह चाटी और अपनी जीभ से अंदर बाहर करने लगा। वो अपनी गांड हिला के चुसवा रही थी। वो क्या आवाज़े निकाल रही थी और ज़ोर से हिल हिल कर करवाना चाह रही थी उसे और जोश आ रहा था। उसने कहा मुझे लंड चूसना है। मैं नीचे और वो मेरे उपर मैने उससे अपने मुह पर बैठाया पहले और उसकी चूत को खूब मूह लगाया जीभ डाली। वो मेरे उपर बेठ के हिल रही थी और दूसरे हाथ से मेरा लंड उपर नीचे कर रही थी। फिर थोड़ी देर बाद उसे नही रहा गया और उसने मेरे मूह मे बैठे बैठे अपना चूत रस छोड़ दिया। मेने पूरा चाट लिया। और फिर वो नीचे झुकी और लंड चाटने लगी क्या मज़ा आ रहा था। फिर मैने थोड़ी देर लेटा रहा। फिर वो अपनी चूत मेरे मूह मे रगड़ करने लगी तो मैं समझ गया की फिर से आ गयी जोश मे। मैने इस बार उसकी गांड को दबाने लगा।
 
आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। वो तो उचकने लगी और कहन लगी ये क्या कर रहे हो। । किसी ने आज तक वहा किस नही किया। तुम क्या कर रहे हो। । । और वो सिसकारिया ले रही थी। मैने पूछा तुमको मज़ा आ रहा है की नही तो वो बोलने लगी बहुत आ रहा है। मैने बारी बारी चूत और गांड खूब चाटी और उसने भी लंड खूब प्यार से चाटा। मेरा निकालने वाला था तो मैने पूछा की मेरा निकालने वाला है तो वो और ज़ोर से चूसने लगी। और मैं उसके मूह मे छुट गया। वो लंड घुमा घुमा के चूस रही थी। मज़ा आ गया…मैने चाट चाट के गांड और चूत लाल कर दिए थे। उसको बड़ा मज़ा आया।

फिर उसने मेरा लंड छोड़ा और कहने लगी की मुझे घोड़े की सवारी करनी है। मैं समझ गया आज तो पुरा मज़ा देगी ये। वो सीधी हुई और मेरे मुह मे सीधे आकर बैठ गयी और पलंग को हाथ से पकड़ कर आगे पीछे होने लगी। वो कह रही थी…आ..हा मेरे घोड़े और ज़ोर से भाग और ऐसे कहते कहते झड़ गयी। और मेरे पास मे लेट गयी। ये सब देख के तो मेरा लंड खड़ा हो गया था। उसने मेरा खड़ा लंड देखा और वो बिना कुछ कहे मेरे लंड पर बैठ गयी और उपर नीचे होने लगी और सिसकारिया ले रही थी। आ…आआ…उ.ऊ.. मज़ा आ गया…. यह दिन मैं आज तक नही भूल पाया। क्या गांड हिला हिला के गोल गोल लंड ले रही थी। मैं तो उसको देख कर और जोश मे आ गया, ऐसा लग रहा था की जन्नत यही है।
उसका चेहरा इतना नशीला लग रहा था बताना मुश्किल होगा। वो अपने बोब्स को खुद दबा रही थी और एकदम से उसको पता नही क्या हुआ। कहने लगी…मार भोसड़ी के…आज तो मेरा भुर्ता बना दे। गली के लड़के तो मेरे आगे पीछे घूमते रहते है। मैने कभी उनमे से किसी से नही चुदवाया…मैं खुद भी चाहती हूँ की कोई मुझे निचोड़ के रख दे….इतना प्यार करे की मेरी सारी प्यास भुझ जाए….पर मैने कभी उनको मोका नही दिया बदनामी के वजह से….अब तुम आ गये हो….छोड़ना मत…बस चोदते रहो। मैने उसकी कमर पकड़ी और एक बार मे उसको लेटा दिया लंड डाले रहने दिया। और जो शॉट मारने शुरू किया पलंग हिलने लगा और पूछ पूछ की आवाज़े आने लगी। इतने ज़ोर से मैने कभी किसी की चुदाई नही की होगी। वो बनी ही चुदाई के लिए थी।  आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।

मैं लगातार 5 मींनट तक शॉट मारता रहा। कभी बोब्स दबाता…निपल्स दबाता….वो मचल उठती। वो जब अपने हाथ से चूत रगड रही थी। और मैं चुदाई मे लगा हुआ था। ये सीन देख कर और जोश आ गया। ये सारा जोश मुझे अपने लंड पे महसूस हो रहा था। में अपनी गांड हिला हिला के चुदाई कर रहा था। फिर जब वो झडने के लिए हुई….तो उसकी आखे बड़ी हो गयी और अपनी गांड ज़ोर से उचकाने लगी। मुझे ये देखकर झडने का मन हुआ तो में भी झड़ गया। क्या आवाज़े निकल रही थी….आआ..आआ.. करते झड़ गये हम दोनो पसीना पसीना हो गये थे। मैं उसके उपर लेट गया और थोरी देर लेटा रहा। उसके बाद हम उठे पानी पिया। वो बाथरूम जा रही थी। उसकी पीछे से गांड देखने लायक थी क्या हिल रही थी। बिल्कुल टाइट थी और मोटी गांड थी। उपर नीचे होते जा रही थी।


Didi Ki Sleeper Bus Me Chudai

Didi Ki Sleeper Bus Me Chudai


Hindi Sex Story Hello dosto samajh sakta hua ap sab thik hi hoge is story ko padh kar apko bahut maza ane wala he kyuki jisne apni bahan ko chod diya samjho sab kuch pa liya ye bahut rishki kaam he hnn agar bahan maan jay to jo maje bahan ke sath mil sakte he wo girlfriend ke sath nahi to chaliye story shuru karte. Real Bhai Bahan Porn

Is stor me sab kuch real he bas naam ko chod kar or hnn story me kuch bahar se bhi add he matlab jese hua same nahi he story ko kamuk bnane ke liye he Mere ghar me 5 members he mammy papa dadi or me and badi bahan Mera naam gurmit he me punjab ludhiyana se hu.

Me hatta khata dikhta hu gym jata hu or college ke last year me hu fir ati he mujh se badi meri bahan jiska naam simran he mere se 4 sal badi uski age 26 he apko to pta hi hoga 1 panjabi girl kesi dikhti he to me btata hu simran didi collage pura kar chuki thi bas ghar par rahti thi.

Didi ka figer 34/23/36 he kya mast ankhe he hiran ke jesi gulabi honth jise bas chusta hi rahu lambi gardan 34 ke bade tight boobs sangemarmar badan didi ki chut akdam gulabi he kul mila kar didi bollywood singer (SHAKIRA) jesi dikhti he hair bhi didi ke khulke golden he fair color ghar me sabka alag room he.


Abhi tak sab sahi chal raha tha mera didi ko or koi bhi gandi najar nahi hi hnn but bhai bahan me pyar bahut tha didi mujhe mathe or mere lips pe apne lips rakh kar chumma de deti thi didi mere bager khana nahi khati thi pahla tukda apne hath se deti mom dad bhi ye dekh kar bolte simran jab teri shadi ho jaygi to ise khana kon khilayga.

To didi bolti me shadi nhi krugi humesha bhai ke pass rahungi mom dad haste or bolte 1 din sabko jana he mera mumbai me 1 exam tha to me usi ki teyari kar raha tha ki simran didi mere room me aai or boli bhai mujhe bhi apke sath jana he isi bahane mumbai ghoom lungi.

Me bola me apna flight ticket kara chuka hu didi simran didi bhai koi nhi hum train se jayge me aaj tak train ka safar nahi kiya to me socha or hun kar diya papa ka acha bussiness he or jameen bhi he isi kiye jaha bhi hum jate car se jate the me flight ticket cancel kiya or do a.c koch ke ticket kara diye.

Kal hume nikalna tha to hum jaldi so gye fir hum morning me nikalne lage to didi ko me sath lekar chal diya station pahuche waha hume train mili hum chal diye pura dun safar kiya fir night hone lagi (mumbai jane me 2 din lagte he train se) ab hum sone ki teyari karne lage.


Didi apna combel lena bhul gyi thi use thand lagne lagi usne mujhe rat 11baje uthaya me bola didi ap mere burth pe aa jao combel bahut bada he dono adjust kar lege to didi mere baju me akar let gyi didi ne dai or se leti thi me bhi didi ke gand ki traf apna lund lga rkha tha.

Jab didi mere blanket me aai to pure blanket me ak ajeeb si small fal gyi wo didi ki body ki small thi mujhe bahut achi lagne lagi (ye first time tha hum dono bhai bahno ka jo aksath lete the) mera lund khada hone lga or didi ki badi 34 ki gand ki drar me jane lga.

Ab mujhe azeeb sa nasha hone lga or me apna 1 per didi me uper rakh diya jisse mera lund full kadak hokar didi ki gand me didi ki pent fadne ko teyar tha didi so chuki thi me ak hath didi ke uper rakha jo didi ki shirt ke uper se unki boobs ko tuch hone lga.

Mujhe bahut maza ane lga tha 2 minat aise hi karte hue me didi ko seedha leta diya or didi ke shirt ke button kholne lga mene sare button khol diye or dekha to ander white color ki sport bra pahan rakhi thi humara cabin lock tha hume koi nahi dekh sakta tha pata nahi mujhe kya hota gya.


Me didi ki bra ke uper se didi ke boobs dabane lga or bra ko uper karke boobs shuk karne lga didi ke boobs le red nippel the jo boobs ki shan ko bdha rahe the me. Nipple ko danto se dabane lga kuch hi der me didi ke nippel khade hone lage me chuste gya ab to or bhi maza ane lga tha.

Didi ke boobs kareeb 1 inch kade ho gye hoge ab me ak hath se didi ki pent ka button khol diya dheere se didi ki chain kholi or niche white color ki penty thi me panty ke uper se hi didi ki chut ko tham liya jisse didi akdam machal gyi kr meri gardan pakad ke meri gardan pakad ke apne lips se mere lips sata diya or mera niche wala hont ko chusne lagi.

Me bhi didi ke uper ke lips ko chusne lga kabhi didi meri jeeb chusti kabhi me didi ki jeeb chhat ta 10 minat ho gye hoge kiss karte hue or jab kiss tuti to jor jor se hafne lge simran didi boli bhai is pyar ka me kab se intazar kar rahi thi ahh aj mujhe jannat me jana he bhai chod do mujhe me kab se tujhe samjhana cha rahi thi par tu ise bhai bahan ka pyar samjh ta tha.

Fir humne kiss start kar diya or 5 minat baad didi ne meri tshart nikal diya or mera lover bhi me bhi didi ki jins utar di ab didi panty me thi jise me fad diya didi bhai aram se me apki hi hu ab mujhe tumhare se koi juda nahi kar sakta or hum 69 pose me aa gye. “Real Bhai Bahan Porn”


Didi mera kund chus rahi thi me didi ki chut didi ki kya mast chut thi abhi tak me aisi chut nahi dekhi akdam chikni safed red chut ke lips jab bhi me didi ki calory chut ke dane ko chatta didi gunn ahhh gunn karti ab hum alag hue or kiss kiya.

Fir me didi ke muh me apna lund dal diya jise didi ahhh gunnn gunnnn gunnn karke pine lagi ab me didi ka muh pakad ke dhakke marne laga didi ahuccc hhh gunnnnhhh gunnnnnnhhh gunnnnhhh gunnnnhh gunnnnhh ahhhhmmm karti or mouth fucking karwa ti rahi.

10 minat muh chodne ke baad me didi ke muh me jhad gya jise didi ne apne boobs pe ugal diya or window khol ke ulti kar diya simran didi bhai bta sakte the mujhe virya ganda lagta he fir me didi ko hanky se saf kiya or nunge hi let gye ak dusre ki baho me fir me 15 minat baad teyar hua or didi Ke boobs ko fuck kiya kr ab didi ke chut pe lund rakha.

Didi ne shihar bhari thoda thuk lga kar ak jordar dhakka mara mera adha lund didi ki chut me gya or didi ko michi lagne lagi ahhhh bhaaaiiii marrrr jauuuungiii me plz mat karo abhi he sab ahhh mummy meri chut fat rahi he aahhhh .Mere bbaii ahhhhh siiiiiihiiiii. “Real Bhai Bahan Porn”

Fir me jordar dhakka mara mera pura lund ander chala gya or didi ki chut ko chir diya didi rone lagi hath jhatpata ne lagi ahh bhai ahhhh or me pelta gya didi ki chut akdam lal ho chuki thi ab didi ko bhi maza ane lga or sath dene lagi didi ko mene sab angel me choda kabhi ghodi bna kar ya uper bitha kar or me ander hi jhad gya.


Morning ye result aaya ki didi ki chut sooj gyi jise didi ko problem bahut hue or fir agli rat bhi humne train me chudai ki or mumbai jakar bhi khoob maze kiye mumbai me didi ne mere se shadi kar liya cort me jakar fir hum flight se ghar aa gye ab hum jab bhi man hota chudai karte.

Didi bahut badal gyi he ab to ak orat jesi dikhti he didi ki age ab 29 ho gyi mom dad bahut forse karte he shadi ke liye but nahi karti fir me didi ko samjhaya tab jakar shadi ke kiye mani agle mahine didi ki shadi he me abhi didi ki kokh bhar chuka hu didi 1 month se pregnant he to kesi lagi humari story share kare


Mauseri Bahan Ko Saja Kar Choda

Mauseri Bahan Ko Saja Kar Choda

Chudai Ki Kahaniya Mera naam Tipendra hai. Mai abhi job kar raha hu aur acha khaasa kamaata hu. Meri ek mauseri Behan hai, jiska naam Trisha hai aur jo ki us waqt college me padhayi kar rahi thi. Wo dikhne me kaafi sundar hai, bas thodi si saawli hai. Uski ubhri gaand ki golayi kamaal ki hai aur na-mard ko bhi mard hone ka ehsaas dila de. Doggy Style Incest Sex

Wo gaaon ki hone ke kaaran shehar ka rang dhang nahi jaanti thi aur shehar waalo se thoda kam baat cheet karti thi. Wo sab kuch apne mann me hi rakhti thi aur bahut shy kisam ki thi. Uska sharmaana to seene me waar kar deta tha. Wo bachpan se hi mere se close thi aur mere peeche hi padi rehti thi.

Fir padhayi ki wajah se uska shehar aana kam ho gaya, lekin jab usne hamaare yaha college join kiya, to wo bahut khush thi. Wo hamaare ghar par nahi rehne waali thi, kyuki college ghar se zara doori par tha aur waha se college jaane ke liye direct bus nahi thi aur 3 buses badal kar college jana padta tha.

Wo jab aayi thi, to 10 din hamaare yaha rahi thi. Maine usko bachpan ke baad seedha aaj jawaani me dekha tha. Usne eyebrow, upper lip, makeup, ye sab nahi kiya tha, so zyada khoobsurat nahi dikh rahi thi. Lekin jab maine usko gale se lagaya tha, to uske mamme mujhe mehsoos ho gaye the. Pata chalta tha, ki chhori jawaan ho gayi thi.


Fir doosre din Maa usko parlour se lekar aayi. Jab wo parlour hoke mere saamne aayi, to Mai to usko dekh kar pehchaan hi nahi saka. Jaise Mai apne office me shehri ladkiyo ki gaand aur mammo ko taadta hu, wo bilkul un ladkiyo jaisi hi dikh rahi thi.

Fir mujhe laga, ki uska pakka koi to chodu hoga, warna itni maal kaise banti. Lekin un 10 dino me usne mujhe akela hi nahi chodha. Usne pata nahi kayi baar galti se, ya jaan-boojh kar apni gaand, mamme mujhse touch karwaye.

Ab wo hostel chali gayi thi aur wo mujhse phone par baate karti thi. Raat ko ghar-waale so gaye hote the aur hum baat kar rahe hote the. Ab to Mai pakka sure tha, ki uske saath kuch kiya jaa sakta tha. Ab wo har roz phone karke mera dimaag chaat-ti thi aur kehti thi-

Trisha: Exam me fail ho jaungi, kyuki maine kuch nahi padha hai.

Waise to wo hoshiyaar thi. Fir maine usko aise hi bol diya-

Mai: Agar tum pass ho gayi to?

Fir wo boli: Aap jo kahoge, Mai wo aapko doongi.

Ispe maine kaha: Dekh le, baad me mukar to nahi jaayegi?

Usne kaha: Nahi baba. Waise aap kya maangoge?

Mai bola: Mujhe tumhaari pappi chahiye.

Ye sun kar wo hasne lagi aur boli-

Trisha: Chee, shee, gande, bolu kya Mausi ko? Koi behan se aisi baat karta hai kya?

Uski ye baat sun kar Mai thoda darr gaya, ki wo kahi sach me Mummy ko naa bata de. Lekin saali mujhe chidha rahi thi. Maine bola-


Mai: Aisa kar, tu rehne de. Tujhse nahi hoga.

To wo boli: Kyu nahi hoga, zaroor hoga. Gaal pe hi to pappi deni hai.

Maine kaha: Arre nahi, poori baat to sun lo. Agar tum pass ho gayi naa, to poore ek ghante tak Mai lagataar jaha chaahu waha pappi deni padegi.

Trisha: Oh ho! Sahi hai Bhaiya. Aap to bahut hi us type ke ho.

Maine bola: Dekha, maloom tha mujhe.

To wo boli: Theek hai, mujhe shart manzoor hai.

Fir kya tha, firse normal baate chalne lagi. Fir 1 maheene baad uska result aaya. Mai kaam par tha, to mujhe uske result ke baare me pata nahi tha. Shaam ko ghar aane ke baad, Maa ne mujhe uske result ke baare me bataya.

Maine usko phone nahi kiya aur naa hi message kiya. Raat ko 2 baje uska phone aaya. Jab maine pehli baar me phone nahi uthaya, to wo wapas se phone karne lagi. Phone uthaane par wo jaal me fass gayi. Wo dheemi awaaz me baat kar rahi thi aur boli-

Trisha: Kya hua Bhaiya, aaj aapne phone nahi kiya.

Maine uske saath aise behave kiya, jaise kuch pata hi naa ho.

To wo boli: Bhaiya aap shart jeet gaye.

Maine kaha: Kya baat kar rahi ho Trisha, tum pass ho gayi? Ye to achi baat hai. Tumhe bahut-bahut badhayi ho. Chal ab Mai sone jaa raha hu, kal baat karte hai.

Tabhi wo shart ka poochne lagi. Ispe Maine bola-

Mai: Arre Mai to mazaak kar raha tha. Tu bhi kaha serious ho gayi.

Fir usne mujhe doosre din bula liya. Us din wo ek-dum saj-dhaj kar mera intezaar kar rahi thi. Usne t-shirt pehani thi aur neeche lambi skirt pehni thi. Mai usko aise dikha raha tha, jaise mujhe kuch khaas farak nahi padta. Fir hum mall me gaye aur wo boli-


Trisha: Bhaiya aap aise kyu behave kar rahe ho. Galti ho gayi kya mujhse koi? Agar hui hai to sorry, maaf kardo mujhe.

Maine kaha: Arre nahi re, aisa kuch nahi hai.

To usne kaha: Movie dikhao fir.

Hum andar gaye aur maine corner seat li thi. Thodi der baad wo kaan me boli-

Trisha: Bhaiya shart ki chummi chahiye?

Aur ye keh kar wo seedha mujhe choomne lagi. Usne mere hontho pe apne honth rakh diye. Mai kitni der usse gussa reh sakta tha, to ab Mai bhi usko choomne lag gaya. Mai paaglo ki tarah usko choom raha tha, jaise saalo se bhookha hu.

Hum dono hi ek-doosre ko chodh nahi rahe the. Aakhir hame alag hona pada, kyuki hame saans lene me bhi takleef ho rahi thi. Jaise hi hum dono alag hue, ham lambi saanse le rahe the aur haanf rahe the.

Fir maine usko apni aur kheencha. Ab jeebh ki chusayi chaalu ho gayi aur mere haath na-jaane kaise uske mammo par chale gaye aur Mai uske mamme dabaane laga. Wo bhi apne boobs dabwa kar maze lene lagi. Thodi der baad interval hua aur lights onn ho gayi. Hum dono ne ek-doosre ko dekha aur hum dono ki aankhen vaasna se bhari hui thi. Maine usko bola-

Mai: Aisa karo, toilet jaa kar bra-panty nikaal do.

Wo chali gayi aur bra-panty nikaal kar wapas aa gayi. Fir baad me jaise hi light band hui, hum firse chaalu ho gaye. Is baar maine uski kameez upar karke, uske nange mammo ke darshan kiye. Fir Mai uske mammo ko choosne lag gaya. Wo ab dheere-dheere siskiya le rahi thi.

Trisha: Ssshh.. ssshhhh.. aahhh..


Maine uski skirt upar uthaani chaalu ki. Ab uska nanga mulayam badan mere lund ko uksa raha tha. Maine apne lund ko azaad kiya aur Trisha ko lund pakadne ko kaha. Usne jhat se lund daboch liya.

Ab mere haath uski jaangho par the. Usne pair faila kar apni chut khol di, jo poori clean chut thi. Mai us par apni ungliya ragadne laga aur wo pagal hi ho gayi. Maine apne jeb se rumaal nikaala aur uske muh me daal diya, taaki awaaz naa aaye.

Ab Mai uske mammo aur chut se khel raha tha. Fir maine rumaal uske muh se nikaal diya aur usko apne lund ki chummi lene ke liye bola. Wo jhat se neeche jhuk gayi aur mere lund ki chummi lene lagi. Maine waise hi uska sir pakad liya aur lund uske muh me de diya. Fir maine usko bola-

Mai: Chooso ab is lund ko.

Aur wo lund choosne lagi aur Mai uske muh ko chodne laga. Fir Mai uske muh ke andar hi jhad gaya. Usne mera maal waha kone me hi thook diya aur rumaal se khud ko saaf kar liya. Baad me hum jab baahar aaye, tab usne mujhe propose kar diya. “Doggy Style Incest Sex”

Maine kaha: Dekh mujhe tu bahut pasand hai, lekin behan ke nazariye se.

Mai tujhe girlfriend ya Biwi se bhi zyada pyaar doonga, par Behan ke taur par. Wo bhi meri baat maan gayi. Fir hum aise hi baithe the aur ab mujhe usko chodna tha. Mai usko lodge me leke gaya. Waha hum dono aadhe ghante tak ek-doosre ko choom rahe the aur chaat rahe the.

Ab mujhe uski gulaabi chut maarni thi, lekin mere paas condom nahi tha. Wo bhi mujhe mana kar rahi thi, lekin Mai nahi maana. Fir jaise hi maine aadhe lund ke 2-4 dhakke maare, to uski chut se khoon nikalna chaalu ho gaya aur seal toot gayi.

Fir wo rone lag gayi aur mere poore mood ka bhonsda ho gaya tha. Maine usko samjhaya, ki pehle-pehle aise hi hota hai. Abhi dard bardaasht kar lo, baad me maza aayega. Usne mere dimaag ka bhonsda kar diya, lekin maine bhi usko chod ke hi chodha.

Us din ke 10 -12 din baad uska phone aa gaya aur usne mujhe milne ke liye bulaya. Fir us din Mai usko leke room par gaya. Waha maine usko mast garam kiya aur uski chut maarne laga. Aaj wo maze se apni chut chudwa rahi thi aur mujhe mast maza aa raha tha.

Wo gaand uchaal-uchaal kar mera saath de rahi thi. Fir maine usko doggy style me bhi choda aur usko godi me leke bhi choda. Wo itni kush thi, ki mujhe chodh hi nahi rahi thi. Saali ne us din 4 baar apni chut chudwa li thi aur fir bhi shaant nahi hui thi. “Doggy Style Incest Sex”


Mera lund ab sooj gaya tha. Maine fir jaise-taise usko shaant karke bhej diya. Fir kya tha? Mujhe har sunday chudai karne ko milti thi. Ab wo 2 bachho ki Maa lag rahi thi. Maine uske neembu jaise mamme aam bana diye the aur uski gaand kharbooze jaisi ho gayi thi.

Wo ab mera lund apni gaand me bhi leti thi. Ab lodge waale bhi hame pehchaan-ne lage the aur wo bhi hamaare naam se. Unko bhi lagta tha, ki hum shaadi karenge. Ab Mai usko bina condom ke hi choda karta tha aur apne maal uske andar hi chodh deta tha.

Ab uski shaadi ho gayi hai, lekin shaadi ke baad bhi uske Pati ke kaam par jaane ke baad, Mai usko milne ke bahaane se jaata hu aur poori-poori dopahar usko chodta hu. Wo bhi apni gaand jhuka kar mera lund leti hai.


दिवाली में गाँव में चूत का जुगाड़ हो गया

दिवाली में गाँव में चूत का जुगाड़ हो गया

मैं भागलपुर शहर में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा हूँ और मैं शहर से थोड़ी दूर एक छोटे शहर या कस्बे का रहने वाला हूँ. यह बात दीवाली की है, जब मैं घर गया था. मैं अपने गांव गया, जहाँ चाची ने मुझे बहुत स्नेह दिया और रात को पिछली बार की तरह बदले में उन्हें प्यार दिया. “Adult Stories”

फिर अगली सुबह हमारे पड़ोस में रहने वाली एक दीदी चाची के पास आईं. चूंकि बचपन में वहीं रहा, उनके साथ खेला कूदा, बड़ा हुआ, तो मैं उनके बारे में सब जानता था. मैं उन्हें नमस्ते कहकर वहाँ से चला गया.

अपने कुछ दोस्तों के साथ बगल वाले गांव से निकलती नदी पर नहाने चला गया, जहाँ हमने ठंडे ठंडे पानी में बहुत देर तक उछल कूद की. जिससे मुझे ज़ुकाम हो गया. शाम के समय तक थोड़ा बहुत बुखार भी आ गया था. बस मैं खटिया पर लेटा था.

चाची बहुत देर से कहीं बाहर गई थीं, तभी वो पड़ोसन, जिसे मैं दीदी कहता था … घर आईं. चूंकि मैं अकेला था, तो वे मेरी खटिया पर बैठकर मुझसे बात करने लगीं. खटिया के पास एक रुमाल पड़ा था, जिससे मैं कई बार अपनी नाक पौंछ चुका था. उन्होंने उसे उठाया और मुझे डांटते हुए अंदाज में बोला- क्यों बे सोनू … तू ये सब काम कब से करने लगा?

तो मैं बोला- कैसे काम? मैंने क्या गलती कर दी?

वो मुझे रूमाल दिखाकर बोलीं- ये क्या है?


मैं बोला- रुमाल ही तो है, इसमें क्या गड़बड़ है?

वो- क्या पौंछा है इससे तूने?

मैं- क्या आपको क्या दिखता है … मेरी नाक है. कहीं आपने इसे और कुछ तो नहीं समझ लिया?

वो- अरे बेबकूफ ऐसे पौंछेगा तो कोई भी गलत समझेगा ही.

मैं- ये तो समझने वाले के ऊपर है. वैसे अगर ये सचमुच में वही होता तो!

वो- तो तेरी शामत आ जाती अभी.


मैं- वैसे मुझे वो सब अपने आप करने की कोई जरूरत पड़ती ही नहीं, तो कैसी दिक्कत.

वो- मतलब? किससे करवाता है.

मैं- इससे आपको क्या? सबके अपने अपने राज होते हैं.

वो- कैसे राज? कहीं कोई गलत काम तो करके नहीं आया न.

मैं- अरे थोड़ा शांत बैठो, ऐसा कुछ नहीं है. मैं बस मजाक कर रहा था, केवल मजे ले रहा था और कुछ नहीं.

वो- मजाक ठीक है, लेकिन अगर ये सच हुआ, तो तेरी ऐसी की तैसी हो जाएगी जरा संभल के चलो, अभी बता रही हूँ.

मैं- इसमें गलत क्या है. अगर कोई आपसे काम के लिए कहता है या मजबूरी में आपको करना पड़ता है, तो बात अलग होती है.

वो जरा बिंदास बोलती थीं तो खुल कर कहने लगीं- ऐसा कौन होगा, जो किसी से भी चुदवा ले.

मैं- कुछ लोगों की होती है … मजबूरी या कोई ऐसा, जो आपको पसंद करता हो या फिर चुदाई के शौक़ीन.

वो- तू पहले भी किसी को चोद चुका है.

मैं- अब ये मैं आपको नहीं बता सकता क्योंकि थोड़ा प्राइवेट मामला है.

वो- कुछ भी हो लेकिन अपने पेरेंट्स की इज्जत का ख्याल रखना.

इतना कह कर वो चली गईं, इनके बारे में थोड़ा बहुत बताता हूं. उनका नाम डिम्पल सेक्सी बदन, उम्र-29 वर्ष, पति ने धोखा देकर इन्हें 10 साल पहले छोड़ दिया था, अब ये अपने पेरेंट्स के साथ रहती हैं.

अगले दिन चाची के भाई की तबियत खराब हो गई, जिससे वो अपने मायके घर को मेरे हवाले छोड़कर चली गईं. मैं भी अकेले होने के चक्कर में अपने लंड को हिला रहा था, तभी दीदी ने मुझे आवाज दी और कमरे में आ गईं. मैंने झट से अपने कपड़े ठीक किए.

वो बोलीं- अकेले अकेले क्या कर रहा था? जो तूने मेरी आवाज नहीं सुनी.

मैं- कुछ नहीं, वो अन्दर था तो आवाज नहीं आई.

वो- लेकिन तेरी पैन्ट को देखकर तो नहीं लगता. रुक अब तेरी मम्मी को बताना ही पड़ेगा.

मैं- अरे सॉरी न … कोई कितना कंट्रोल कर सकता है.

वो- तू रुक … अभी बताती हूँ कण्ट्रोल कैसे होता है … तेरी मम्मी को जब पता लगेगा तो अपने आप ही सीख जाएगा.

मैं- बोला न सॉरी … गलती हो गई, चाहो तो कोई सजा दे दो, लेकिन उन्हें मत बताओ … बहुत मार पड़ेगी.

वो- जब मार से डरते हो तो ऐसे काम करते ही क्यों हो.

मैं- माफ़ी मांग रहा हूँ न … और क्या करूँ. आप चाहें तो कोई भी सजा दे दो, लेकिन उन्हें मत बताओ प्लीज.

वो- चल ठीक है … बता किसको याद करके हिला रहा था.

मैं- आप भी न मौके का फायदा उठा रही हो.

वो- लगाऊं फोन?

मैं- हैं भागलपुर में एक दो, जिनके साथ, उन्हीं के उनके कहने पर करता हूँ. बदले में वो भी मुझे खुश रखती हैं.

वो- अभी तो मैं जा रही हूँ, लेकिन अभी तेरी सजा बाकी है, बाद में बताती हूँ.

फिर वो चली गईं. उनकी धमकियों से एक टाइम तो मेरी गांड फट गई थी, लेकिन फाइनली वो मान गईं. अब मैं सोचने लगा कि ये मुझसे क्या करवाएंगी. तभी चाची का फोन आया, उन्होंने बोला- तू डिम्पल के यहाँ खाना खा लेना, मैं सुबह आऊँगी. कुछ देर बाद मैं खाना खाने पहुंचा और उनसे बोला- दीदी भूख लगी है कुछ मिलेगा.

वो बोलीं- हाँ मिलेगा न … रसोई में बैठ, मैं अभी आई.

रसोई में बिठा कर उन्होंने मुझे खाना परोसा और मेरे सामने बैठ गईं. फिर बोलीं- आज तू मेरा एक काम करेगा.

मैं- वैसे भी आपने जो धमकी दी है, उसको ध्यान करके तो करना ही पड़ेगा.

वो- जैसे कि तूने कहा कि सबकी अपनी जरूरत होती है. मेरी भी है … क्या तू उसे ख़त्म करेगा.

मैं- मतलब?

वो- मतलब तू मुझे चोदेगा.

मैं- क्यों आपको कैसे?

वो- अबे पूछ नहीं … बता रही हूँ तैयार रहना.


मैं- ठीक है … और कर भी क्या सकता हूँ.

मैं घर आ गया और उनके बारे में सोच सोचकर उनके प्रति फीलिंग्स लाने की कोशिश करने लगा, लेकिन बात बन नहीं रही थी. मेरे मन में उनके प्रति कोई गलत विचार नहीं आ रहे थे. फिर मैंने उनकी बॉडी को इमैजिन किया. मेरी जितनी हाइट, एवरेज शरीर, एवरेज बूब्स लेकिन गांड थोड़ी बड़ी थी, जिससे थोड़ी बहुत फीलिंग मेरे अन्दर आई. तभी शाम हो गई और करीब 8-9 बजे वो आ गईं.

वो थोड़ा बहुत एडल्ट बात करके बोलीं- चल शुरू हो जा.

मैं- कैसे शुरू हो जाऊं … क्या करूँ?

वो- जो कर सकता है, वो कर.

मैं- मैं अकेला क्या करूँगा, करने को तो बहुत तरीके हैं, लेकिन अकेला कुछ नहीं कर पाउँगा.

वो- अबे भोसड़ी के सीधे सीधे बोल न … क्या करना है, बातों को घुमा क्यों रहा है?

मैं- एक काम करो, पहले एक वीडियो देख लो, फिर ही आप कुछ समझ पाओगी.

मैंने उन्हें एक पोर्न वीडियो दिखा दी, जिससे वो थोड़ा बहुत गर्म हो गईं और मेरे पास बैठकर मुझे किस करने लगीं. मैं भी बराबर साथ देने लगा और उनके बूब्स प्रेस करने लगा. किस करते करते मैंने उनके कपड़े उतार दिए और उन्होंने मेरे कपड़े खींचते हुए उतार दिए.

किस के बाद मैं उनके बूब्स को चूमने लगा. उनके मम्मे मेरे अनुमान से कुछ ज्यादा ही सेक्सी थे. उनका हाथ भी मेरे लौड़े तक पहुँच गया, जिसे वो सहलाने लगीं. फिर मैं उनकी चूत के पास आ गया.

उसके आस पास काफी बाल थे, उन बालों के बीच उनकी कई सालों से अनचुदी चूत रिस रही थी. मैंने उसमें उंगली की और चूत की फांकों के बीच के भाग को, मतलब दाने को अपने होंठों से खींचने लगा. जिससे वो बेड पर गांड उछालते हुए उछलने लगीं.

मैं उनकी चूत को अपनी जीभ से चोद रहा था, जिससे वो थोड़ी ही देर में झड़ गईं. मैंने उन्हें मेरा लंड चूसने को कहा, पहले तो उन्होंने मना किया. फिर मेरी जिद पर उन्होंने तब तक उसे मुँह में लिया, जब तक वो पूरी तरह खड़ा नहीं हो गया. “Adult Stories”

इन सब क्रियाओं के बाद मैं उनकी चुदाई करने जा रहा था. मैंने उनकी चूत के छेद में थूक भरा और धीरे धीरे दो तीन धक्कों में पूरा लंड अन्दर डाल दिया. फिर लंड बाहर निकालकर एक ही झटके में दोबारा घुसा दिया, जिससे वो चिल्ला कर बोलीं- अबे मादरचोद धीरे कर … मार डाला साले … इतना तेज मत कर.

लेकिन मैं और तेज चुदाई करने लगा. वो बेड पर सीधी लेटी हुई थीं, उनकी एक टांग मेरे हाथ में और दूसरी टांग बेड पर रखी हुई थी. मैं अपना लंड उनकी चूत में पूरा बाहर निकालकर झटके से अन्दर डालता और दोबारा बाहर निकालकर फिर झटका दे मारता, जिससे वो गाली पर गाली बके जा रही थीं.

दीदी ‘धीरे कर … धीरे कर साले …’ चिल्ला रही थीं. थोड़ी देर बाद मैं थोड़ा आराम से करने लगा, जिससे उन्हें भी पूरा मजा आने लगा. खैर मुझे तो मजा आ ही रहा था. मैं दीदी को चोदने के साथ साथ उनके मम्मों को भी मसल रहा था. “Adult Stories”

थोड़ी देर बाद जब मैं थक गया तो मैं लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गईं. अब दीदी अपनी चूत में लंड लेकर चुदवाने लगीं. इस स्थिति में उन्हें किस भी कर सकता था. थोड़ी देर बाद उन्होंने पानी छोड़ दिया, लेकिन मैं उन्हें कुतिया बनाकर तब तक पेलता रहा, जब तक कि मैं नहीं छूटा.

जब सब ख़त्म हुआ तो वो बोलीं- मजा आ गया. शायद ही कोई इस तरह करता होगा … एक बार और हो जाए. मैं उनके दूध दबा कर बोला- जी हुजूर. बस कुछ ही देर में एक बार और पूरे जोरों शोरों के साथ ठुकाई हुई. उन्हें बहुत मजा आया, उन्होंने मुझे बकी गालियों के लिए माफी मांगी और चुदाई के लिए शुक्रिया अदा किया. 

 


Khet Me Pahla Lund Liya Maine

Khet Me Pahla Lund Liya Maine

Adult Stories Main Vaani Greater Noida se aaj apni pehli jabardast dard se bhari chudai ki ek majedar kahani le kar aayi hoon. Wese main Greater Noida me ek call center me kaam karti hoon. Meri umar aaj 23 saal hoon, aur apni umar ke hisab se main 23 ladko se ab tak chud chuki hoon. Village Girl Virgin Pussy

Main apni call center ke office me ek manger ki post par hoon. Whan tak pouchne ke liye, main apne raste me aane wale. Un sab mardo ke bistar garam kiye hai. Jo jo mere raste me aaye hai, aur aaj bhi main time to time unko khush karti rehti hoon.

Dosto main apni life ke ye 23 chudai ke kisse baten ke liye aayi hoon. Par aaj main aapko apni life ki pehli chudai ke bare me batana chahati hoon. Jo meri life ka sabse majedar aur dard bhara rha hai. Mujhe puri umeed hai, ki aapko meri ye pehli kahani pasnad aayegi.

Toh chaliye main aaj ki kahani aap sab ko batati hoon. Ye kahani aaj se 5 saal pehle ki hai. Jab main gaon me apne ghar walo ke sath rehti thi. Mujhe sex ke bare me itna nhi pata tha. Bas jitna school me meri friends ne mujhe btaya tha, sirf hi utna hi pata tha.
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Par us umar me hi sex naam sunte hi choot aur meri pure jism me ek ajeeb si halchal honi shuru ho jati hai. Mere ghar me mere sath mere mummy papa rehte hai. Main ek gaon me rehti thi, mere papa ke pass apne 11 khet hai. Jis vajah se unhone apni help ke liye.

Ek nokar rkha hua tha, wo bahot time se humare pass rehta tha. Isliye main bachapan se hi use chacha kehti thi. Ab wo humari family ka member jesa hi tha. Dheere dheere main badi aur jawan hone lag gyi. Chacha ek dam kale rang ke patle se the, wo dikhne me bahot ajeeb se lagte the.

Par wo mere sath majak karte the, isliye hum dono ki achi baat chit thi. Par fir bhi main usne kafi kam bolte thi. Papa ne use apne ghar ke pass wale ek aur apna hi ek chhota sa room rehne ke liye diya hua tha. Isliye wo subah hi humhare ghar aa jate the, aur wo breakfast karke papa ke sath khet me chale jate the.

Fir main ya mummy dopher ko khet me lunch dene ke liye jati thi. Main aur mummy papa ke jane ke baad, ek dam akeli reh jati thi. Jis vajah se hum dono kafi boor ho jate the. Par ek din main ghar par thi, school ke aane ke baad mujhe nind nhi aa rhi thi.

Isliye main aise hi apne ghar ke charo taraf ghum rhi thi. Jahan par bhanise rkhte the, main us side gyi. Tabhi mujhe pani ki awaj aayi, main aise us awaj ki taraf gyi. Main tabhi ek diwar ke pass gyi toh maine dekha ki chacha apna lamba bada kala lund bahar nikal kar diwar par peshab kar rhe the.
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Jese hi maine unka lund dekha, meri ankhen us pad jam gyi. Chacha ne jab mujhe dekha ki main unka lund dekh rhi hoon. Toh wo mujhe dekh kar meri aur smile karte hue. Apna lund apne hath se hilane lag gye, unka lamba lund hawa hilate dekh mujhe kuch kuch hone lag gya.

Thodi der baad jab mujhe ehsas hua, ki chacha mujhe dekh kar apna lund hila rhe hai. Toh main sharam se pani pani ho gyi, aur bhag kar apne ghar me ja kar ghus gyi. Us time meri dil ki dhadkan bahot tez ho chuki thi.

Meri choot me ek ajeeb si san sani si fail gyi thi. Meri ankho ke samne se chacha ka lamba kala lund hatne ke naam tak nhi le rha tha. Mujhe us raat nind nhi aayi, kyoki main sari raat chacha ke lund ke bare me jo soch rhi thi.

Mujhe us time apni firends ki baat yaad aayi, ki wo kehti hai ki lund dekhne me hi bahot mast hota hai. Use dekhte hi apne pure jism me kuch kuch hona shuru ho jata hai. Mujhe aaj unki ek ek baat kehi sach lag rhi thi. Kyoki aaj wo sab mere sath real me ho rha tha.

Jo pehle mujhe sab kuch nakali aur bakwas lagta tha. Aaj wo hi sab mujhe pagal kar rha tha. Meri choot me ajeeb sa chikna pani nikal rha tha. Maine mehsus kiya, ki main puri tarah garam ho rhi hoon. Maine jese raat wo raat nikali, agle din sunday tha. Isliye main ghar par hi thi, par aaj subah se hi papa ko bukhar ho rha tha.

Chacha ji subah hi aa gye, unhe dekhte hi main sexy si smile kar di. Aur wo bhi mujhe hawas se bhari najaro se dekhne lag gye. Aaj mujhe unki najar kuch thik nhi lag rhi thi. Kyoki aaj wo mere jism ko uper se le kar niche tak ache se ghur ghur kar dekh rhe the. Mujhe unki najaren kuch kuch kar rhi thi. Mummy mere chacha ke pass aayi aur boli.

Mummy – Bhai aaj Vaani ke papa ki tabyit thik nhi hai. Aaj aap akele hi chale jayo khet me.

Chacha – Thik hai bhabhi ji koi baat nhi, aaj bhayia koi rest karne do. Main chalta hoon, kaam bahot hai.

Mummy – Thik hai par khana toh kha lete.

Chacha – Are aap pack karke le aana.

Mummy – Mujhe time lag skata hai, chal thik hai main Vaani ko bhej dungi.

Jab mummy ne mera naam liya toh mere chehre par ek ajeeb si khushi aa gyi. Main chacha ko dekha toh chaha mujhe hawas se bhari smile kar rhe the. Fir wo whan se jane lage aur piche mud kar mujhe fir se smile karte hue, ishare me mujhe kuch keh gye.

Unke jate hi main bathroom me gyi aur nahane lag gyi. Aaj main na jane kyo apni choot ko shave kar liya, aur apni choot ache se saaf kar liya. Us din na jane kyo mujhe ander se lag rha tha, ki aaj jarur main apni choot marwaungi.
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Fir main subah hi kafi ache se tyar ho gyi. Maine apne gulabi hontho par halki halki gulabi lipstick laga li. Aur halka halka makeup karke main chacha ka khana le kar khet ki taraf chal padi. Jese hi main chacha ke pass pounchi toh maine dekha ki wo mujhe dekhte hi ek dam khade ho gye.

Unhe dekh kar aisa laga ki mano wo kab se mera hi wait kar rhe the. Wo mujhe dekh kar smile kar rhe the, aur sath hi mujhe sath wale chhote se room me jane ka ishara kar rhe the. Maine charo taraf dekha, whan door door tak koi nhi tha. Isliye main sidha room me ghus gyi.

Mere dil ki dhadkan bahot tez chal rhi thi, na jane ab mere sath kya hone wala tha. Main ander darwaje ki taraf kamar karke manje par baith gyi. Tabhi kuch der baad darwaja khulne ki mujhe awaj aayi. Chacha ne ander se darwaja band kar liya, maine piche mud kar halka sa dekha toh meri gand fat gyi.

Kyoki maine dekha ki chacha pure nange the. Unka lund lamba kala bahot hi khatarnak lag rha tha. Maine jhat se apna muh aage kar liya, fir wo mere pass aa gye aur mere piche khade ho gye. Maine jese hi piche dekha toh unka lund mere hontho ke pass aa gya. Itna lamba aur kala mota lund ek dam mere ankho ke samne tha.

Maine ye dekh kar kafi hairan ho gyi. Fir chacha mere samne aa gye aur apne lund ko mere hontho par ragad kar mere muh me dalne lag gye. Par maine unhe mana kar diya, par unhone fir mere sath thodi jabardasti kari. Aur fir maine na chahate bhi unka lund apne muh me bhar liya.

Unka lund sach me bahot hi acha tha, main unke lund ko chusne lag gyi. Lund ki khushboo ne pehle hi mujhe apna diwana bana diya tha. Shayad chacha ko ab mujhe lund chusawane me maja aane lag gya tha. Isliye ab wo dheere dheere apne lund se mera muh chodne lag gye.
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Mujhe bhi ab unka lund chusne me bahot maja aa rha tha, tabhi chacha ne pehle se jyada jor se mera muh chodna shuru kar diya. Aur fir achanak unke muh se aahh nikali aur mere muh ke ander lasi bhar gyi. Unke lund se ek tarah ki malai nikal rhi thi. “Village Girl Virgin Pussy”

Jiska sawad mujhe lasi jesa laga, maine unka sara pani pee liya. Uske baad fir unhone mere sare kapade nikal diye. Chacha ne mujhe manje par leta diya, aur mere uper leat kar wo mere dono boobs ko pagalo ki tarah chusne lag gye.

Mujhe us time aisa lag rha tha, mano chacha ne ek hafate se kahana nhi khaya. Aur ab wo mere dono boobs ko kha rhe hai. Fir wo meri choot par gye aur meri gelli choot ko wo apni jeeb se chatne lag gye. Unhone meri choot ko puri tarah se chat chat kar saaf kar diya.

Itne me unka lund fir se khada ho gya, jab main bhi puri tarah garam ho gyi. Unhone apna lund meri choot par ragadna shuru kar diya. Isse main lund lene ke liye machalne lag gyi, aur mast ho kar boli.

Main – Chachu ab dal do apna lund meri choot me.

Meri ye mast awaj sun kar chacha ne ek jordar dhaka mara aur apna mota lund meri choot me adha dal diya. Unke chaku jese lund ne meri choot ko faad kar rkh diya. Jisse mujhe bahot jyada dard hua, main dard ke vajah se bahot jor se chila uthi.

Meri awaj sun ker chacha dar gye, unhone tabhi pass padi meri panty ko utha kar mere muh me thus diya. Aur mere dono hath pakad kar apna lund ek aur dhake se meri choot me dal diya. Mujhe itna dard hua ki main aapko bta nhi skati.

Par chacha ek berheam insan ki tarah meri choot ko chod rhe the. Meri choot me se khoon nikal rha tha, kyoki mera khoon unke pet par lag rha tha. Par 10 minute ki dard bhari chudai ke baad mujhe maja aane lag gya. “Village Girl Virgin Pussy”
Kamukata Hindi Sex Story : Holi Mein Garam Mummy Ko Lund Se Nahlaya

Fir kuch der baad meri choot ne apna pani nikal diya aur thodi der baad chacha ke lund ne bhi meri choot me apna pani bhar diya. Fir uske baad wo thak kar mere uper gir gye. Karib 10 minute wo mere uper uthe aur main apne kapade dalne lag gyi.

Par tabhi chacha aur unka lund fir se uth gya, main jese hi jane lagi. Tabhi chacha ne mujhe fir se pakad liya. Aur meri panty fir se utar kar jabardasti meri choot me apna lund fir se dal diya. Unhone fir meri choot ko 20 minute tak aur choda, mujhe bhi unse chud kar bahot maja aaya.

Uske baad fir hum dono ka pani nikal gya, toh unhone mujhe choda. Aur fir maine apne kapade aur apne ghar aa gyi. Ghar aakar kisi ko mere uper shak nhi hua, ki aaj apni choot apne hi chacha se fadwa kar ghar aayi hoon.


दोस्त की बहन को झाड़ियों में जबरदस्ती चोदा

दोस्त की बहन को झाड़ियों में जबरदस्ती चोदा


सभी फ्रेंड्स का मैं शेखर स्वागत करता हूँ. मेरी उम्र 26 साल है. मेरी शादी नही हुई है और कई गर्ल्स को मैंने पटा रखा है. आपको अपनी रोचक स्टोरी सुना रहा हूँ. कैसे मैंने अपने दोस्त की बहन सौम्या को पटा लिया और कैसे अपने प्यार में फंसा लिया. फ्रेंड्स सारी लड़कियाँ बस एक चीज की प्यासी होती है और वो है अपनी खूबसूरती की तारीफ की. बस मैंने ऐसा ही किया और सौम्या को पटा लिया. मेरा दोस्त हरी मेरे घर के पास ही रहता था. मेरी उससे जान पहचान कॉलेज में हुई थी. फिर हमारी दोस्ती बढ़ गयी और मैं अक्सर उसके घर आने जाने लगा. हरी की मम्मी का सुभाव काफी अच्चा था.


वहां पर पहली बार मैंने उसकी बहन सौम्या को देखा. वो मेरे सामने लॉन्ग फ्रोक यानी गाउन में आई थी. वो बहोत गोरी थी बिलकुल दूध की तरह. उसी समय वो मेरे को पसंद आ गयी थी.

हरी- सौम्या!! ये है मेरा दोस्त शेखर!

सौम्या ने मेरी ओर मुस्कुराकर देखा

मैं- हलो!

मैंने उससे हाथ मिलाया और सौम्या मुस्कुरा दी.

हरी- जाओ शेखर के लिए चाय बना लाओ

उसके बाद मैं और शेखर बैठकर बात करने लगे. कुछ देर में सौम्या मेरे वास्ते चाय ले आई. उसी समय से वो मेरे को बहोत पसंद आ गयी थी. मैंने चाय पी और कुछ देर बाद अँधेरा हो गया तो मैं घर चला आया. पर बार बार सौम्या की याद मेरे को सता रही थी. मैंने अपने लोअर में हाथ डाल दिया और लंड पकड़कर हिलाने लगा. सिर्फ हरी की बहन सौम्या की याद मैं कर रहा था. कुछ देर बाद मामला गम्भीर हो गया और मेरा 7 इंच लम्बा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया. मैं खुद को रोक न पाया और मुठ मारने लगा. आखिर अपने लोअर को मैंने निचे सरका दिया और लंड को कच्छे से बाहर निकाल दिया. मैंने अपनी आँखे बंद कर दी और सिर्फ सौम्या को याद कर करके मुठ मारने लगा. 5 मिनट बाद मैंने अपना पानी छोड़ दिया.

धिरे धिरे हमारी मुलाकाते बढ़ने लगी. कुछ दिनों बाद हरी ने मुझे अपने घर पर क्रिकेट खेलने के लिए बुला लिया. हम सब खेलने लगे. हरी की बहन भी हमारे साथ खेलने लगी. उसने मेरे को कई बार बोलिंग की. आज उसने व्हाईट शर्ट और नीली जींस पहनी थी. जब वो बोलिंग करने के लिए जोर से दौड़ती थी तो उसके दूध बार बार किसी गेंद की तरह उछलते थे जिसे देखकर बड़ा मजा आता था. मेरे को तो सौम्या शुरू से अच्ची लगती थी. नीली चुस्त जींस में उसकी कमर, नितम्ब और गांड का नजारा तो देखने लायक था. आज अच्छी तरह से मैं उसके पिछवाड़े को ताड रहा था. मैंने सौम्या की बाल पर कई बार चौके जड़ दिए. क्रिकेट का खेल मेरे को भी बहोत पसंद था. कुछ देर बाद मेरे सारे ओवर खत्म हो गये और हरी की बैटिंग आ गयी. अब मैं बोलिंग कर रहा था. जैसे ही पहली बाल डाली हरी से उसे बहोत जोर से मारा की बोल बहोत दूर पेड़ों के पीछे चली गयी.

हरी- जाओ शेखर!! बाल लेकर आओ

मैं- न बाबा न!! वहां पर इतनी झाड़ी है. पता नही कहा मार दी तुमने. वहां तो सांप, बिच्छु भी होगा. मैं तो उस झाडी में नही जाउंगा

हरी- कोई बात नही!! मैंने बाल लेकर आता हूँ

वो बोला और चला गया. अब मैं और सौम्या अकेले रह गये. मौका देखकर सौम्या को मै एक बड़े पेड़ के पीछे ले गया और किस करने लगा

सौम्या- अभी मुझे किस मत करो. कही हरी से देख लिया तो गुस्सा करेगा

मैं- उसे बोल ढूंढने में करीब 10 मिनट लग जाएगा

मैंने बोला और फिर सौम्या को पकड़ लिया. उसे पेड़ से सटाकर खड़ा कर दिया और किस करने लगा. फ्रेंड्स, सौम्या बहोत गजब की माल थी. मेरे को पता था की वो अभी कुवारी है और एक वार भी चुदी नही है. जब उसे किस कर रहा था तो वो भी गर्म हो गयी और मेरे को किस करने लगी. कुछ देर बाद हम दोनों ही गर्म हो गये. उसकी सफ़ेद शर्ट पर उसके दूध बड़े बड़े बाहर की तरफ निकले थे. ऐसा लगता था की अभी शर्ट को फाड़कर बाहर निकल आएँगे. जैसे ही मैंने उसके गेंद जैसे दूध पर हाथ रखा वो “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” करने लगी. उसके बाद तो मैं रुक न सका. और हरी की खूबसूरत जवान बहन की चूचियां मसलने लगा. वो बार बार सिसकारी लेने लगी. मैंने दूसरी तरफ झांककर देखा की हरी कहाँ है. पर वो पेड़ो के पीछे गेंद ढूढ़ रहा था. मेरे पास कुछ समय था.

मैं फिर से सौम्या पर झुक गया और किस करने लगा. कुछ देर बाद वो फ्रेंक हो गयी और अच्छी तरह से मेरे को किस करने लगी. अब उसको भी मजा आ रहा था. मैंने उसे पेड़ से सटाकर खड़ा रखा और तबियत भरके उसके दूध दबा लिए. मुझे इसमें बहोत आनन्द आया. जब जब दूध मसलता था सौम्या …ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” चिल्लाती थी. मेरे को और मस्ती चढ़ गयी. मैंने उसकी नीली जींस पर चूत के उपर हाथ लगाना शुरू कर दिया. अब तो सौम्या सी सी करने लगी. उसकी जींस की जिप मैंने नीचे सरका दी और हाथ अंदर घुसा दिया. सौम्या की चूत मेरे को मिल गयी. मैं चूत को ऊँगली से हिलाने लगा तो सौम्या अजीब अजीब कामुक आवाजे निकलने लगी. लगा की अभी अपनी चूत का पानी छोड़ देगी. काफी देर तक मैं उसके साथ इंटरटेनमेंट करता रहा. चूत में ऊँगली कर करके मैंने उसकी चूत को गीला कर दिया. फिर हरी आ गया. हम दोनों जल्दी से पेड़ के पीछे से आ गये. उस रात मैंने सौम्या को काल किया.

मैं- कैसी हो जाने बहार?? सच सच वोलना की आज तेरे को मैच में मजा आया की नही??

सौम्या- आज मेरे को बहोत आनन्द आया

मैं- गुलबदन! मैं तेरे को इससे वी जादा आनन्द दे सकता हूँ. पर किसी काम से तुम हरी को वाहर भेज दो बस!

सौम्या- कल मैं हरी को किसी काम से वाहर भेज दूंगी. तब तुम मेरे घर आ जाना

अगले दिन सुबह के 11 बजे हरी को गैस सिलिंडर भरवाने भेज दिया और मेरे को काल कर दिया. मैं तुरंत ही उसके घर आ गया क्यूंकि हम दोनों का घर मुस्किल से 300 मीटर दूर था. सौम्या की माँ कहीं गयी हुई थी. आज तो हम दोनों की सुहागरात होने वाली थी. मैं गया तो सौम्या बाहर सीढियों पर ही खड़ी हुई थी. उसके बाद हम दोनों अंदर चले गये. हम दोनों की किसिंग शुरू हो गयी. दोनों कमरे में चले गये. अब हम दोनों के पास काफी समय था जिसमे हम चुदाई कर सकते थे.

आज तो सौम्या भी पुरे मूड में दिख रही थी. वो मेरे को बड़े जोश से किस कर रही थी. दोनों के लिप्स से लिप्स आपस में टकराकर चिंगारी निकाल रही थी. जितने जोश से मैं उसे चुस रहा था उतने ही जोश से वो मेरे को चुस रही थी. आज उसने फिर से लोग गाउन पहना था. उसे मैंने एक दीवाल से सटाकर खड़ा कर दिया और गोल गोल 36 इंच के दूध को मसलने लगा. वो “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” कर रही थी. फिर हम दोनों ही बेडरूम में चले गये.

मैं- सौम्या!! आज मेरे को तेरे मस्त मस्त दूध देखने है

सौम्या- शेखर! मैं भी चाहती हूँ की तुम मेरे मस्त मस्त दूध मुंह में लेकर चूसो. मेरा वी कबसे चुसाने का दिल कर रहा है

उसने कहा और फिर अपना गुलाबी रंग का गाउन उतार दिया. उसे जव मेने ब्रा और पेंटी में देखा तो सोये अरमान जाग गये. आज कितने दिनों बाद कोई गर्ल को फक करने का मौका मिल रहा था. मैं खुद को किस्मत वाला समझ रहा था. उसने रंग बिरंगी ब्रा और पेंटी पहनी थी जिसमे वो बहोत सेक्सी दिख रही थी. जिस तरह से समुद्र के बीच पर लडकियां स्विम सूट में दिखती है, उसी तरह सौम्या मेरे को दिख रही थी. मैं भी पूरे जोश में आ गया. मैंने खड़े खड़े ही उसे बाँहों में लपेट लिया. उसके बाद तो हम दोनों की खुब किसिंग हुई.

सौम्या- शेखर! क्या तुम कपड़े नही उतारोगे??

मैं- लगता है रानी बड़ी जल्दी में हो. लो उतार देता हूँ

उसके बाद मैंने अपनी टी शर्ट और जींस उतार दी. मेरा लंड 7” का था जो कबसे मेरे अंडरवियर में था और बूंद बूंद करके रस छोड़ रहा था. मैंने वो भी उतार दिया. अब मैं फुल न्यूड हो गया था. धिरे धिरे अपन ने सौम्या की ब्रा और पेंटी भी उतार दी. वो बेड पर सीधी लेट गयी. मैं उसके करीब आ गया और फिर से किसिंग शुरू हो गयी. अब मेरे को उसके रसीले दूध सक करने थे. मैंने उसके चूचियां पर हाथ लगाना स्टार्ट कर दिया. सौम्या के दूध काफी कसे थे और बिलकुल देसी थे. फ्रेंड्स, जिस तरह से तन्दुरुस्त इंडियन गर्ल्स के दूध काफी बड़े बड़े और रसीले होते है, उसी तरह से हरी की बहन सौम्या के दूध थे. मैं हाथ में लेकर दबाने लगा तो वो “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी. मेरे को पता चल गया था उसको भी बड़ा एन्जॉय मिल रहा है. उसके बूब्स काफी चिकने और सॉफ्ट थे.

मेरे को बहोत मजा आ रहा था. उसके बाद मैंने उसके दूध को मुंह में भर लिया और मस्ती से चूसने लगा. अब तो वो और कराहने लगी. मुझे बार बार प्यार कर रही थी. हम दोनों ही अब नंगे थे. मैं तो उसके दूध ऐसे चुस रहा था जैसे वो मेरी वाइफ हो. मैं अच्छी तरह से मुंह चलाकर सक कर रहा था. मेरे को पता था की अगर उसे एक बार में मैंने मजा दे दिया तो वो मेरे से बार बार अपने बूब्स सक करवाएगी. इस तरह मैं अच्छी तरह से सक कर रहा था. सब रस पी रहा था. उसके बाद मैंने दूसरी निपल को मुंह में लगा लिया और फिर से चूसने लगा. मैंने सौम्या की तरफ देखा तो वो आँख बंद की हुई थी. उसके बाद मैं 69 में आ गया.

मैं- बेबी!! तेरे को मेरा लंड आज सक करना है. देखो अच्छे से करना वरना ये ठीक से खड़ा नही हुआ तो तेरे को चुदाई में मजा नही आएगा

सौम्या- शेखर!! मैं सक करती हूँ. पर तेरे को भी मेरी चुत अच्छे से चाटनी है

उसके बाद हम दोनों 69 में आ गये और काम पर लग गये. मेरे मुंह के ठीक उपर सौम्या की चुत थी. मैं जीभ लगाकर अविलम्ब चाटने लगा. उसकी चूत बहोत सुंदर थी. मेरे को तो देख देख कर ही बड़ा आनन्द आ रहा था. मैं जल्दी जल्दी चाट रहा था. उधर हरी की बहन सौम्या वी अपने काम पर लगी हुई थी. मेरे लंड को जल्दी जल्दी हिलाकर मुंह में लेकर चुस रही थी. काफी देर तक दोनों 69 में मजे लेते रहे. उसके बाद मैंने उसको घोड़ी बना दिया. सौम्या ने अपना कंधा बेड पर रखा और अपनी गांड उपर उठा दी. आज पहली बार उसके न्यूड नितम्ब और पिछवाडा देखने का अवसर मिला. फ्रेंड्स, सच में वो कच्ची कली थी.

मेरे को बहोत स्वीट लग रही थी. उसके न्यूड नितम्ब पर मैंने कई बार हाथ फिराया और किस किया. फिर मैंने उसकी चूत सक करना शुरू कर दिया. उसकी चूत बहोत सुंदर थी. मैं जल्दी जल्दी सक (चाटने) करने लगा. धिरे धिरे सौम्या की चुत अपना रस छोड़ने लगी. मैंने कई बार उसकी चुत का पानी पिया.

मेरे को बड़ा आनंद आया. उसके बाद मैंने उसकी चुत फकिंग (चुदाई) शुरू कर दी.

मैंने हल्का सा झुककर उसकी चूत में अपना लंड घुसाकर उसे चोदने लगा. सौम्या “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” कर रही थी. अपना अंगूठा उसने अपने मुंह में डाल दिया था और आँखे बंद करके चूस रही थी जैसे बचपन में छोटे बच्चे चुसते है. ऐसे में वो मेरे को बड़ी प्यारी लग रही थी. मैंने जल्दी जल्दी उसे चोदने लगा जिससे वो जादा से जादा आवाज निकाले और मेरे को और मजा आये. वो अपने सीधे हाथ का अंगूठा चुस्ती रही और एक अच्छी बच्ची की तरह घोड़ी बनकर चुदवाती रही. उसके सेक्सी नितम्ब को मैंने कई बार हाथ से छुकर आनंद लिया. फिर जल्दी जल्दी किसी जोश में आकर पेलने लगा. सौम्या फिर से “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” चिल्लाने लगी. मैं रुका नही और जल्दी जल्दी उसे फक करता रहा. एंड में 15 मिनट वाद मैंने खल्लास हो गया.

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