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अपंग बाप की वासना मजबूरी में चुदाई

 

अपंग बाप की वासना मजबूरी में चुदाई



मेरे घर में मेरे सिवा मेरी एक बेटी है जो 25 साल की है। पहले मेरा भरा पूरा परिवार था। मैं मेरी पत्नी, एक बेटी और एक बेटा। एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था, बच्चे पढ़ रहे थे, तनख्वाह भी अच्छी थी, सब बहुत बहुत बढ़िया चल रहा था। फिर ना जाने किसकी नज़र लग गई।

अपंग बाप की वासना मजबूरी में चुदाई

एक एक्सीडेंट मे, मेरी पत्नी और मेरा बेटा मुझे छोड़ कर चले गए, मेरी दोनों टाँगें नकारा हो गई। जो चार पैसे बचा कर रखे थे, वो सब मेरे इलाज में और बाकी कामो में खर्च हो गए।


शुरू शुरू में तो कुछ दोस्तों रिशतेदारों ने दरियादिली दिखाई, मगर सारी उम्र कौन किसका खर्चा उठा सकता है।प्राइवेट जॉब थी तो जॉब गई तो घर में खाने के लाले पड़ गए।


कहाँ मैं सोच रहा था कि अपनी बेटी की शादी करूंगा, मगर अब हालात ये थे कि कोई रिश्ता भी नहीं आ रहा था। उस एक्सीडेंट के 4-6 महीने में ही सारी दुनिया ने जैसे मुझसे मुँह मोड़ लिया।

ना मुझे समझ में आ रहा था कि मैं क्या काम करूँ … क्योंकि चल तो मैं बिलक्कुल नहीं सकता था, सारा दिन व्हील चेयर पर बैठा रहता था।


तो एक दिन अपने एक मित्र से कह कर मैंने अपनी बेटी की नौकरी का इंतजाम कर दिया। अब जॉब तो उसकी भी प्राइवेट थी सुबह साढ़े आठ वो घर के सारे काम निपटा कर चली जाती और शाम को 7 बजे के करीब घर आती। घर आकर वो मुझे खाना बना कर देती।


मैं भी व्हील चेयर पर बैठे बैठे जितना काम हो सकता था, करता रहता। घर की सफाई कर देता, चाय बना लेता था।


इस एक्सीडेंट से उबरने में और ठीक होने में मुझे करीब एक साल लग गया।


बेटी का काम भी ठीक से जम गया था।


मगर अब मैं नोटिस कर रहा था कि उसमें भी बदलाव आने लगे हैं।


पहले वो सिर्फ सलवार कमीज़ पहनती थी, मगर वो जीन्स टीशर्ट, कैप्री, लेगिंग सब पहनने लगी।

घर में तो वो टीशर्ट और निकर में ही रहती थी।


अब इतनी बुज़ुर्गी तो मुझ पर भी नहीं आई थी, बेशक टाँगें नकारा हो चुकी थी मगर औज़ार एकदम सही था। रोज़ सुबह जब सोकर उठता हूँ तो पूरा कड़क होता है।

अब जब पेट में जाए अन्न तो खड़ा होए लन्न।


मगर इस खड़े का मैं क्या करूँ … कहाँ जाऊँ।

पैसे सारे बेटी के हाथ में होते थे तो उससे तो मांग नहीं सकता था कि बेटी थोड़े पैसे दो, मुझे किसी रंडी के पास जाना है।


तो इसका एक जवाब ये ढूंढा कि घर में काम करने वाली नौकरानी रख लो।

जो काम वाली रखी तो करीब 50 साल की रही होगी।


अब ये लोग अपना ख्याल तो रखती नहीं, तो इसलिये वो 50 में भी काफी बूढ़ी सी लगती थी।

मगर कुछ दिन बाद वो बूढ़ी भी मुझे परी लगने लगी।


अब दिक्कत यह थी कि इससे सेक्स की बात कैसे की जाए, आगे कैसे बढ़ा जाए।

और दूसरी बात अगर वो अपना घागरा उठाएगी, तो पैसे भी तो मांगेगी तो पैसे कहाँ से लाऊँगा।


फिर मैंने और स्कीम सोची कि पहले इसे पटा कर देखते हैं, पैसे का भी कोई न कोई इंतजाम हो ही जाएगा।


वो करीब 11 बजे आती थी, तो मैंने उसके आने का बड़ी बेसबरी से इंतज़ार करना, जब वो आती तो उसे चाय बना कर देनी, उससे बातें करनी, उसके दुख सुख में उसको सलाह देनी!


मतलब थोड़े दिनों में उससे मैंने दोस्ती सी तो कर ली।

अब वो भी चाय पीते वक्त मुझसे बहुत सी बातें कर लेती थी।


एक दिन मैंने उसे बातों बातों में बता दिया कि मुझे और कोई दिक्कत नहीं बस रात को नींद नहीं आती।

बीवी के जाने के बाद रात गुज़ारनी बहुत मुश्किल हो गई है। समझ में नहीं आता कि मैं क्या करूँ।

अब इशारा तो वो मेरा समझ गई … मगर बोली कुछ नहीं!

लगे हाथ मैंने साथ में ये भी कह दिया कि अब मेरे पास कोई पैसे भी नहीं होते, सारी कमाई बेटी के पास होती है, तो इस काम के लिए उससे पैसे मांग भी नहीं सकता।

अपनी बात कहते हुये मैंने अपने चेहरे पर बड़ी मायूसी और बेचारगी के भाव बनाए रखे।


उस दिन तो कुछ नहीं हुआ मगर हर थोड़े दिन बाद मैं घूमा फिरा कर फिर वही बात कहता।

मुझे यकीन था कि अगर ये मेरी बात बार बार सुन रही है तो एक दिन मान भी जाएगी।


अगर इसने ये काम नहीं करना होता तो मेरी बात ही नहीं सुनती; मुझे पहले ही टोक देती।


मेरी मेहनत रंग लाई।

एक दिन फिर चाय पीते पीते मैंने बात छेड़ी।


मैंने यूं ही झूठ ही कह दिया- जानती हो, आज के ही दिन मेरी शादी की सालगिरह है। पिछले साल हम दोनों ने कितना मज़ा किया था, दोनों सारा दिन घूमे, खाया पिया और रात को को कितना एंजॉय किया. और आज मैं अकेला यहाँ सड़ रहा हूँ। कोई भी ऐसा नहीं जो आज मेरा हाथ पकड़ सके, मुझे आज के दिन सांत्वना दे सके।


मैंने जानबूझ कर कुछ रोने की एक्टिंग सी करी।

वो उठी और मेरे पास आकार बोली- साहब मैं कई दिन से आपकी ये दर्द भरी कहानी सुन रही हूँ, आपने हमेशा मेरे सुख दुख में मुझे अच्छी सलाह दी, मैं आपके लिए क्या कर सकती हूँ। आप बताओ?


मैं अंदर से खिल उठा, बोला- तुम क्या करोगी, तुम भी शादीशुदा हो बाल बच्चे वाली हो। तुम्हें मैं कैसे ये सब कह सकता हूँ?

वो बोली- कोई बात नहीं साहब, मैं सब समझती हूँ। आप बहुत अच्छे हैं, रोज़ मुझे चाय पिलाते हैं, मेरे हर दुख दर्द को समझते हैं, बहुत सी कोठी वाली तो औरत होकर भी मेरी बात नहीं सुनती, मगर आप एक मर्द होकर भी मेरी सब बात सुन लेते हो। आपने मुझे इतना मान दिया, अब आपके लिए मुझे भी कुछ करना चाहिए।


मैंने सोचा कि यार क्या कहूँ, इसे कैसे कहूँ।

फिर कुछ सोच कर बोला- अगर तुमसे कुछ मांगूं तो दे सकती हो?

वो बोली- आप कहिए तो सही!


मैंने कहा- मुझे अपनी पत्नी का प्यार चाहिए, उसके तन का, मन का सब सुख चाहिए।

वो खड़ी मुझे देखती रही।


मुझे लगा जैसे ये चाह रही हो कि भोंसड़ी के हाथ आगे बढ़ा कर पकड़ ले अब क्या खुद ही तेरा लौड़ा पकड़ कर अपनी चूत में डालूँ।

तो मैंने अपने दुखी भाव के साथ उसका हाथ पकड़ कर कहा- तुम्हारा साथ ही मेरी ज़िंदगी को संवार सकता है.

कहते हुए मैंने उसका हाथ चूम लिया।


बाद में मुझे ख्याल आया कि यार ये तो झाड़ू लगा रही थी, और अपने हाथ भी धोकर नहीं आई।

मगर कोई बात नहीं … मैंने उसका हाथ सिर्फ ये देखने के लिए चूमा था कि कहीं वो इस बात का विरोध तो नहीं करती।


मगर वो कुछ नहीं बोली, तो मैंने उसके हाथ को फिर से चूमा और उसकी बाजू को सहलाया।

और सहलाते हुये उसे अपनी ओर खींचा।


वो आगे आई तो मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया।

स्त्री का आलिंगन करते ही मन बाग बाग हो गया, खिल उठा।


उसके ढीले मम्मे मेरे सीने से लगे और मैंने उसके गाल पर चूमा।

उसने भी मुझे हल्के से अपनी बांहों में भरा!


बस अब और क्या चाहिए था … तीन महीने की मेहनत रंग लाई, और आज मेरी काम वाली मेरी आगोश में थी।

मैंने बिना कोई और देर किये सीधे उसका मम्मा पकड़ा, थोड़ा ढीला सा नर्म सा था, ब्रा भी नहीं पहना था.

मगर फिर भी पराई औरत के जिस्म अलग ही कशिश होती है।


एक दो बार मम्मे दबा कर मैंने उसका ब्लाउज़ ऊपर उठा कर उसके मम्मे बाहर निकाले और चूस लिए।

मुँह में मम्मे के साथ उसके गंदे पसीने का स्वाद भी आया।


मैंने उससे कहा- एक बात कहूँ, क्या तुम मेरे लिये नहा सकती हो?

वो बोली- हाँ क्यों नहीं!


वह आगे आगे और मैं व्हील चेयर पर पीछे पीछे … वो बाथरूम में घुसी, मैंने भी अपने कपड़े उतारे.

बिलकुल नंगा होकर मैं भी अपने बदन को घसीटते हुये बाथरूम में घुस गया।


उसने अपने कपड़े उतारे तो मैंने अपने मोबाइल पर उसकी वीडियो बनानी शुरू कर दी।

मैं उठ कर खड़ा नहीं हो सकता था तो वो नीचे बैठ गई।


मैंने उसके बदन को अपने हाथों से साबुन लगा कर धोया। गंदमी रंग का भरा हुआ बदन।

करीब 36 साइज़ के मम्मे, बड़ा हुआ पेट, मोटी गाँड, भरी हुई जांघें। अंदर से तो वो बहुत पर्फेक्ट थी।


उसने भी मुझे नहलाया।

उसके हाथ लगाने से मेरा लंड अकड़ गया।

तो मैंने कहा- चूस ले इसे मेरी जान!


उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और मुँह में लेकर चूसा।

महीनों बाद ऐसा आनंद मिला।


मगर मैंने उसे ज़्यादा देर लंड चूसने नहीं दिया; मुझे डर था कि जैसे वो मज़े ले लेकर चूस रही थी, कहीं मेरा पानी ही न निकल जाए।


उसके बाद मैं उसे अपने बेडरूम में ले आया।

पहले अपने तौलिये से अपना बदन पौंछा, फिर उसका बदन पौंछा।


उसके बाद व्हील चेयर से उतर कर बेड पर बैठ गया, वैसे ही बिलकुल नंगा और लंड मेरा पूरा ताव में!


मैंने उसे कहा- वो अलमारी खोलो.

उसने अलमारी खोली।

मैंने कहा- उसमे ऊपर वाले दराज़ में मेरी बीवी के कपड़े हैं। तुम उनमे से एक ब्रा और पेंटी निकाल कर पहन लो।


उसने एक सफ़ेद ब्रा और एक मेरून कलर की पेंटी निकाल कर पहन ली।

फिर उसने मेरे कहने पर मेरी बीवी की लिपस्टिक लगाई, आँखों में काजल डाला। आने हिसाब से वो थोड़ा साज संवर कर मेरे पास आई।


मैंने कहा- बड़ी सुंदर लग रही हो!

जबकि वो लग नहीं रही थी.

मैंने उसकी झूठी तारीफ करी।


वो खुश हो गई, मुस्कुरा पड़ी.

मैंने उसे अपने पास बुलाया और अपनी कमर पर बैठने को कहा।


वो मेरी कमर पर एक टांग इधर और दूसरी टांग उधर कर करके बैठ गई।

मैंने उसके दोनों कूल्हों को पकड़ कर दबाया और उसको अपनी और खींच कर उसके होंठों को चूस लिया।


लिपस्टिक के स्वाद में उसके बासी मुँह का ज़ायका दब गया.


अब तो मुझे उसके जिस्म में कोई हूर नज़र आ रही थी।

मैंने उसके दोनों मम्मे पकड़े और खूब दबाये और जी भर के उसके होंठ चूसे, गाल चूसे।

वो भी अपनी कमर हिला कर अपनी चूत को मेरे लंड पर घिसा रही थी।


मैंने कहा- ब्रा खोल!

तो उसने अपने ब्रा की हुक खोलकर अपने दोनों मम्मे मेरे सामने आज़ाद कर दिये।


मैंने उसके मम्मे को पकड़ कर उसका निपल चूसा और जोश में आकर काट लिया तो वो सिसक उठी- अरे साहब, निपल पर मत काटो, दर्द होता है, कहीं और काट लो.

तो मैंने उसके मम्मो पर कई जगह काट काट कर निशान बना दिये।


मैंने कहा- जानेमन, बहुत दूध पी लिया, अब ज़रा अपनी मस्त चूत का नमकीन पानी का भी मज़ा दिला दो.

मेरे कहने पर वो उठकर खड़ी हुई और चड्डी उतार दी।


उसकी बालों से भरी चूत के भीगे होंठ मुझे साफ दिखे।


मैं सीधा होकर लेट गया तो वो मेरे ऊपर उल्टी हो कर लेट गई।

अपनी भरी हुई गाँड उसने मेरे मुँह पर रख दी।


मैंने उसके चूत के दोनों फांक खोल कर हल्के से अपनी जीभ से छुआ।

दरअसल मैं उसकी चूत के पानी का स्वाद देखना चाहता था.


अगर मुझे स्वाद अच्छा न लगता तो मैं शायद मैं उसकी चूत ना चाटता. मगर उसकी चूत का स्वाद ठीक था तो मैं अपनी जीभ उसकी चूत के दाने पर और सुराख के अंदर यहाँ वहाँ हर जगह

से चाट गया।


वो भी मेरे लंड को पूरा मज़ा लेकर चूस रही थी।

मेरे लंड टोपा बाहर निकाल कर पूरा गुलाबी टोपा उसने चाटा, चूसा; मेरे आँड ताक चाट गई।


फिर मैंने कहा- बस अब ऊपर आ जाओ, मैं तो तुम्हें चोद नहीं सकता, ये काम तुम्हें ही करना पड़ेगा।

वो बोली- कोई बात नहीं साहब, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।


कह कर वो घूमी और मेरे ऊपर आ बैठी। उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपनी चूत में लेने लगी, दो चार बार ऊपर नीचे होकर उसने मेरा सारा लंड निगल लिया।

अब वो अपने पाँव के बल बैठ कर चुदवाने लगी।


मुझे तो स्वर्ग के नज़ारे आ गए।

क्या मस्त चूत थी उसकी … गीली, चिकनी और टाईट।


मैंने पूछा- तेरा पति नहीं करता तेरे साथ?

वो बोली- करता है … पर बहुत कम! कभी कभी ही उसका मन करता है, नहीं रोज़ तो वो दारू में ही धुत्त रहता है।


मैंने पूछ लिया- तो फिर तुम किसी और के पास जाती होगी?

वो हंस कर बोली- हाँ है एक !


मैंने पूछा- कौन है?

वो बोली- जाने दो साहब, बस है कोई!

मुझे भी उससे क्या था।


वो धीरे धीरे मुझे चोदती रही; मैं उसके मम्मों से खेलता रहा।


उसका हुआ या नहीं मुझे पता नहीं … मगर करीब 7-8 मिनट के चुदाई के बाद मेरा ज्वालामुखी उसकी चूत के अंदर ही फट गया।

बहुत माल गिरा। भर भर के उसकी चूत से गाढ़ा सफ़ेद माल बाहर को चू रहा था।


मगर वो नहीं रुकी, तब तक जब तक उसका काम भी नहीं हो गया।

उसके बाद वो मेरे ऊपर ही निढाल होकर गिर गई।


कुछ देर वैसे ही लेटने के बाद वो उठी।

बाथरूम में जाकर अपना मुँह धोकर आई, लिपस्टिक काजल साफ किया, फिर मेरे बदन को साफ किया।


उसके बाद मुझे कपड़े निकाल कर दिये।


मैं कपड़े पहन कर फिर से अपनी व्हील चेयर पर बैठ गया।

वो चली गई।


उसके बाद हमारा तो काम चल निकला।

जब भी दिल करता वो मेरे घर आती; सुबह 9 से 6 बजे के बीच कभी भी।

मेरी सेक्स लाइफ बिलकुल रेगुलर हो गई।

अब तो मैं हर वक्त खुश रहता।


एक दिन रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी, बड़ा मन कर रहा था कि काश इस वक्त होती तो साली को पेलता।


नींद नहीं आ रही थी तो मैं बेड से उठ कर अपनी व्हील चेयर पर आ गया।

रात के करीब 11 बजे होंगे।


मुझे अपनी बेटी के कमरे से आवाज़ आई हंसी की।

मुझे लगा किसी से फोन पर बात कर रही होगी।


तो मैं धीरे धीरे से अपनी व्हील चेयर खींचता हुआ, बाहर को आ गया।


जब अपनी बेटी के कमरे के पास गया तो उसके कमरे की बत्ती जल रही थी।


खिड़की से अंदर झाँका तो मेरे पैरों के तले से ज़मीन निकल गई।

मैंने देखा कि बिस्तर पर मेरी बेटी घोड़ी बनी हुई है और एक लड़का उसे पीछे से पेल रहा है. जबकि दूसरे ने उसके मुँह में अपना लंड दे रखा है।


मैं तो जैसे शर्म से ज़मीन में ही गड़ गया … काँप उठा.

अपनी व्हील चेयर चलाते हुये मैं वापिस अपने कमरे में आ गया।


आज पहली बार मैंने अपनी जवान बच्ची को बिलकुल नंगी देखा और वो भी दो मुश्टंडों से एक साथ चुदवाते हुये।

मुझे तो जैसे मरने को जगह नहीं मिल रही थी।


फिर मैंने सोचा कि वो भी जवान है, उसकी भी शादी की उम्र है, उसे भी तो अपने लिए एक साथ चाहिए।

ठीक है अगर उसका एक बॉय फ्रेंड होता तो कोई बात नहीं थी.

मगर ये तो दो थे और दोनों को देख कर लग रहा था के दोनों में से मेरी बेटी को तो कोई भी प्यार नहीं करता होगा।


मैंने सोचा कि इसके बारे में मुझे अपनी बेटी से बात करनी होगी।

एक दो दिन बाद मैंने उससे कहा- बेटा देखो अब तुम्हारी शादी की उम्र हो गई है, अगर मैं किसी काबिल होता तो तुम्हारे लिए कोई अच्छा सा वर खोजता। मगर तुम भी जानती हो, मैं मजबूर हूँ। अगर तुम्हारी कोई पसंद है, तो वो बता दो। मुझे वो भी मंजूर होगा।


बेटी ने पहले हैरानी से मुझे देखा और फिर बोली- ये आज अचानक मेरी शादी की बात कैसे छेड़ दी आपने?

मैंने कहा- बस मैंने सोचा, अब तुम्हें भी शादी कर लेनी चाहिए. चलो जो गलती हो गई सो हो गई, पर आगे से सब ठीक हो जाए तो अच्छा है।


वो मेरे पास आई और बोली- कौन सी गलती कर ली मैंने?

मैंने कहा- अरे जाने दो, छोड़ो उसे! तुम ये बताओ कि तुम्हें कोई लड़का पसंद है?


वो बोली- नहीं … पहले आप ये बताओ कि आपने मेरी कौनसी गलती पकड़ी है?

फिर मुझे मजबूर हो कर उसे कहना पड़ा- परसों रात को मैं वैसे ही बाहर आया था, तो मैं देखा था वो दो लड़के और तुम …

कहते कहते मैं रुक गया।


वो मेरे पास आकर बैठ गई और बोली- पापा, वो दोनों लड़के मेरे बॉय फ्रेंड नहीं थे।

मैंने पूछा- तो फिर तुम उनके साथ ऐसे?


वो सुबकने लगी और खुल कर बताने लगी:


ये सब आपके उस दोस्त ने ही शुरू किया जो आपके सामने मुझे अपनी बेटी कहता था।

मगर जब उसे पता चला कि मुझे आपके इलाज के लिए और पैसे चाहिए, उसी दिन वो अपनी औकात पर आ गया.

उसने मेरे सामने उसने शर्त रख दी कि अगर मुझे पैसे चाहिए तो मुझे उसकी बात माननी पड़ेगी।


मैंने बहुत सोचा, आपसे भी बात करनी चाहिए मगर आप भी मेरी क्या मदद करते।


फिर मजबूर होकर मैंने उसकी बात मान ली।


उसके बाद तो जैसे उसने मुझे अपने लिए ही रख लिया।

जब वो मुझे पैसे देता तो अपने ढंग के कपड़े भी पहनने को कहता, उसके कहने पर ही मैंने जीन्स टी शर्ट वगैराह पहनने शुरू किए।

फिर उसका बेटा विदेश से पढ़ कर वापिस आ गया।


जब उसने फेक्टरी जॉइन की एक उसने मुझे अपने बाप के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।

उसने अपने बाप को तो कुछ नहीं कहा मगर उसके बाद मेरी रेल बन गई। जब दिल करता बाप पकड़ लेता, जब दिल करता बेटा पकड़ लेता।

मुझे तो उन लोगों ने अपनी रखैल ही बना कर रख लिया।


धीरे धीरे मुझे समझ आने लगा कि ये खेल सिर्फ इसी चीज़ का है।


उसके बाद मैंने अपने दम पर अपने लिए लोग तलाश करने शुरू किए।

इसमें मुझे कोई खास दिक्कत नहीं आई।

और फिर तो मेरे बहुत से दोस्त बन गए।

उस रात जो आपने देखा वो मेरे बॉय फ्रेंड नहीं थे, मेरे क्लाइंट थे।


मैंने कहा- तो क्या तुम धन्धा करने लगी हो?

वो बोली- आप ये भी कह सकते हो. मगर यह मत भूलना कि ये जो आज आप अच्छा खा पीकर बढ़िया कपड़े पहन कर बैठे हो, ये सिर्फ उस फेक्टरी की कमाई है। इसमें मेरा खून पसीना सब लगा है।


इतना कहकर मेरी बेटी रोने लगी।


मैं पत्थर के बुत की तरह वहाँ बैठा रहा, अपनी रोती हुई बेटी को चुप भी न करवा सका।


रोने के बाद वो खुद हही चुप हो गई और मैं अपनी व्हील चेयर खींचता वापिस अपने कमरे में आ गया।


उस रात मुझे नींद नहीं आई, मैंने खुद को बहुत ही मजबूर पाया।


उसके बाद मैंने अपने मन में सोचा कि अगर मैंने समय से उसकी शादी कर दी होती आज मुझे ये दिन न देखना पड़ता!

Budha Bhikhari Aur 15 Saal Ki Bachchi




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10 Minit Taka E Se Kar Ne Baad Bhikhari Budha Ka Land Tang Gaya Tha Ab Richa Ki Chut Me Kuchh Chub Raha Tha Ab Bhikhari Budha Ka Land Khada Ho Ke 8 Inch Tak Lamba Ho Gaya Tha Or 1 Inch Mota Ho Gaya Tha Or Richa Ki Chut Ke Ched Bhi 1 Inch Ka Tha Es Li Ye Koi Problem Nahi Thi Or Ab Bhikhari Budha Ki Tanda Chali Gait Hi Or Vo  Bhikhari Budha Apni Kamar Baar Baar Niche Se Uchhal Raha Tha Bhikhari Budha Ki Kamar Uchhal Ne Se Richa Ki Kamar Bhi Upper Ki Or Jaa Ke Vaapis Niche Aa Jati Thi Es Tarah Bhikhari Budha

Ki Kamar Uchal Ne Ked Ha Ke Se Richaki Ki Kamar Bhi Dhako Se Uchhal Jati Thi Ab Bhikhari Budha Ache Se Pakad Ke Richa Ko Gol Gol Rol Kar Ke Richa Apne Niche Le Aaya Orkhud Richa Ke Upper Aagaya Ab Richa Ke Do No Tango Ke Bich Me Bhikhari Budha Aa Gaya Tha Lekin Bhikhari Budha Ab Tak Richa Ko Kiss Kar Na Chalu Tha Fir Bhikhari Budha Ne Apna Ek Hatah Ko Apni Kamar Ke Paas Apne Land Vale Hise Me Daal Ke Land Ko Pakad Liya Or Land Ke Muh Ko

Richa Ki Chud Ke Ched Me Tika Ke Jor Do Dha Ke Maa Re Ek Baad Ek Or Land Chud Ko Chirta Huva Richa Ki Chut Me 2 Inch Gus Gaya Lekin Richa Ki Chut Ka Ched Ki Size Bhi 1 Inch Th Or Bhikhari Budha Ke Land Ki Motai Ki Size Bhi 1 Inch Thi Es Liye Richa Ko Darad Nahi Ho Raha Tha Richa Ko Apni Chud Me Gud Hudi Si Ho Rahi Thi Richa Ke Pure Jivan Me Ye Us Ki Pehe Li Chudai Thi Es Liye Richa Machal Rahi Thi

Kisi Machhali Ke Je Se Land Le Ne Ke Liye Ro Bhikhari Budha Fir 2,3 Dhake Maar Ke Land Ko Or 3 Inch Gusa Diya Ab Tak Land 8 Inch Me Se 5 Inch Richa Ki Chud Me Gus Gaya Tha Or Bahar Shirf 3 Inch Hi Rehe Gaya Tha Kuchh Der Ruk Ne Ke Baad Bhikhari Budha Ne Apana Pura Land Chut Se Bahar Niakal Diya

Or Udhar Richa Tadap Ne Lagai Richa Apne Kamar Ko Uchhal Uchhal Ke Land Unde Le Ke Ki Kosis Kar Ne Lagi Thi Or Bhikhari Budha Ne Fir Se Ek Baar Apne Land Ko Pakda Or Richa Ki Chut Ke Ched  Me Tika Ya Or Es Baar Ek Jat Ke Me Pura Ka Pura 8 Inch Land Chut Ke Gehe Rai Me Gusa Diya Or Richa Ki Chut Me Halka Halaka Darad Ho Ne Laga K Ii Ab Land Kafi Under Chala Gaya Tha

Richa Jat Pata Ne Lagi Richa Apne Muh Se Avaj Nikal Ne Ki Kosis Ki Lekin Bhikhari Budha Ne Us Ke Muh Ko Chora Nahi Or Richa Ko Jakar Ke Rakha Pura Land 8 Inch Tak Richa Ki Chut Gus Ne Ke Baad To Bhikhari Budha Ko Bhi Ae Sa Lag Ratha Ki Us Ne Apana Land Kis Jalti Hui Chiz Me Daal Diya Tha Bhikhari Budha Ka Land Buri Tah Se Jal Raha Tha Or 1 Minit Me Richa Jad Gai Lekin Land Chut Me Ho Ne Ki Vaja Se Chut Ka Chip Chipa Panic Hut Ke Under Rehe Gaya Bahar Nahi Aa Paraha Tha

Karib Der Minit Ke Baad Richa Ki Chut Se Pani Dhire Hdire Richa Ki Chut Jo Kina Re Se Land Ko Nehe La Te Huye Halka Halka Bahar Aa Raha Tha Chut Ka Pani To Chut Se Bhi Jiyada Garam Tha Ae Se Garam Pani Ka Me Land Naha Ke Taro Taja Ho Gaya Tha Land Me Kuchh Hal Chal Mehe Sus Ho Ne Lagi Land Ki Size Or Bad Gai Ab Land Ki Size 10 Inc Lambi Or 2 Inch Moti Ho Gai Thi Ab To Bhikhari Budha Bhi Machhal Raha Tha Us Ke Land Me Bhi Bhari Dabav Ban Gaya Tha Or Ek Taraf Se Chut Bhi Fat Rahi Thui Or Us Me Se Khoon Bhi Nikal Raha Tha Or Richa Jat Pata Rahi Thi

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Bhikhari Budha Bhi Jat Pata Raha Tha Richa Se Ye Darad Bardas Nahi Huva Or Richa Behos Ho Gai

Bhikhari Budha 10 Minit Ruk Gaya Or 10 Minit Ke Baad Bhikhari Budha Apna Land Jo Ki 10 Inch Ka Tha Bhikhari Budha Apna Land Richa Ki Chut Me Under Bahar Kar Ne Laga Tha Or Richa Abhi Bhi Behos Thi Or 5 Minit Bhikhari Budha Ne Richa Ki Chut Me Land Ander Bahar Kar Te Kar Te Ab Apni Kamar Ked Hake Ko Tej Kar Diya Tha Or Jor Jor Se Dhak Ke Maar Raaha Tha Bhikhari Budha

Kitne Saal Lo Ke Baad Bhikhari Budha Ke Land Ko Ek Chut Mili Hai Vo Abhi Itni Garam Garam Chut Or 15 Saal Ki Bachi Ki Bhikhari Budha Jor Jor Ked Hake Maar Raha Tha Richa Ki Chut Me Apna Land Aage Pichhe Kiye Ja Raha Tha Or Sath Sath Bhikhari Budha Ke Hare K Dhake Ke Sath Jab   Bhikhari Budha Ka Land Richa Ki Chut Ke Bahar Aa Ke Fir Se Under Jata Tha Us Ke Dhak Ke Se Richa Puri Hil Jata Thi Sath Sath Jab Jab Bhikhari Budha Apan Land Richa Ki Chut Me Ander Bahar Kart Ha To Richa Or Bhikhari Budha Ke Jaange Or Kamar Ka Hisa Bhi Takra Ta Tha

Or Kamre Me Fat Fat Ki Aavaj Bhi Aati Thi Ab Bhikhari Budha Ne Richa Ke Muh Ko Chat Ne Laga Tha Kabhi Richa Ko Kiss Kart A Tha To Kabhi Richa Ke Gale Me To Kabhi Richa Ke Gaaloko Chat Ta Tha Baar Baar Richa Ka Chehera Chat Ne Ke Vaja Se Richa Ke Chehere Pe Bhikhari Budha Ka Dhuk Laga Gaya Tha Ab Richa Hos Me Aa Rahi Thi Rich Ne Ane Ankhe Kholi Or Dekha Ki Bhikhari Budha Us Se Lipat Gaya Hai Or Tej Tej Saas Le Raha Hai Richa Ke Kaan Ke Paas

Or Richa Ne Mehe Sush Kiya Ki Bhikhari Budha Ka Land Pura Ka Pura Land Chut Me Under Bahar Ho Ra Hai Ab Tak Ki 15 Minit Ho Gai Thi Or Bhikhari Budha Richa Ko Jor Jor Se Chod Raha Tha Ab To Richa Ko Bhi Apni Chut Me Gud Gudi Ho Ne Lagi Thi Richa Ne Apni Tang Ge Adhi Mor Li Jis Ke Vaja Se Richa Ki Chut Or Upper Aagai Ta Ki Land Aasani Se Bina Koi Pare Sani Ke Pura Ka Pura Ek Hi Jat Ke Me Under Bahar Ho Sake

Richa Apne Do No Hath Bhikhari Budha Ke Pith Ko Sehe La Rahi Thi Fir Richa Ne Apne Dono Hath Ko Dhire Dhire Niche Leja Te Hu Ye Bhikhari Budha Ke Kule (Bom) Pe Rakh Ke Bhikhari Budha Ke Kule Ko Under Ki Or Dhakel Ne Lagi Taki Land Or Under Jaa Ye Sath Hi Sath Richa Ke Muh Se Karaha Ne Ki Aavaj Bhi Nikal Rahi Thi Hhhmmmaaa Aahhaha Ooohhh Ahhhhm Ki Or Jit Na Jor Jor Se Bhikhari Budha Richa Ki Chut Me Land Ko Under Bahar Kar Ta Tha Richa Utni Hi Be Kabu Ho Jati Thi

Or Richa Apne Muh Ko Bhikhari Budha Ke Gale Or Kandh Ke Rakh Apne Dat Se Kaat Leti Thi Richa Ki Bhi Ye Pehe Li Chudai Thi Es Li Ye Richa Bhikhari Budha Se Jiya Da Jos Me Thi Ab Tak Ki Chudai Me 1 Ghanta  Ho Gaya Tha Or Richa 3 Baar Jar Gai Thi Or Kuchh Der Me Bhikhari Budha Ki Sas Tej Ho Gai Or Bhikhari Budha Ne Richa Ache Se Pakad Liya Or Apna Virya Richa Ki Chut Me Hi Gira Diya Karib 2 Minit Tak Viriya Richa Ki Chut Me Land Se Nial Ke Girt A Raha 10 Minit Tak Bhikhari Budha Richa Ke Upper Hi Lata Raha Or Apna Land Richa Ki Chut Me Gusa Ye Rakha

10 Minit Ke Baad Bhikhari Budha Ka Land Thanda Ho Gaya Or Dhila Ho Gaya Or Richa Ke Upper Se Hat Ke Richa Ke Paas Let Gaya Or Richa Se Lipat Gaya Or Apna Muh Ko Richa Ke Boobs Me Daba Diya Or So Gaya Next Day Subha Bhikhari Budha Richa Se Pehele Utha Gaya Tha Or Richa Abhi Bhi So Rahi Thi Bhikhari Budha Fir Ek Baar Richa Ko Sidha Pith Ke Bal Leta Ya Or Bhikhari Budha Richa Ke Upper Aa Gaya Or Richa Ke Do No Paav Kokhol Diya Or Khud Bich Me Aa Gaya Or Land Richa Ki Chut Se Ghis Ne Laga

Or Sath Sath Richa Ke Do No Boobs Ke Nipul Bari Bari Se Chus Raha Tha 6,7 Minit Me Land Khada Ho Gaya Or Apne Hali Poji San Me Aa Gaya Bhikhari Budha Ne Apna Land Ko Ek Hath Se Pakad Ki Richa Ke Chut Ke Ched Me Laga Ya Or Ek Hi Jat Ke Me Land Puran Ka Pura 10 Inch Lamba Or 2 Inch Mota Land Richa Ki Chut Me Aasani Se Under Chala Gaya Je Se Koi Saap Apne Bil Me Nata Hai

Fir Bhikhari Budha Apni Kamar Ko Es Baar Dhire Dhire Hila Ne Laga Bhikhari Budha Apne Kand Ke Jat Ke Richa Ki Chut Me Hal Ke Hal Ke Maar Raha Tha Har Jat Ke Me Land Ko Pura Bahar Nikal Deta Tha 10 Inch Tak Or Fir Ek Hi Jat Ke Me 10 Inch Kapura Land Richa Ki Chut Me Daal Deta Tha 10 Minit Ae Se Kar Te Raha Firricha Bhi Jag Gai Richa Ne Dekha Ki Bhikhari Budha Fir Se Richa Ki Chut Maar Raha Hai

Or Sath Hi Sath Richa Ki Boobd Ke Nipul Bhi Chus Raha Tha Richa Bhi Madh Hos Ho Ne Lagi Richa Bhi Aahha Ohh Ki Avaj Nikal Ne Lagi Thi Or 20 Minit Ke Baad Bhikhari Budha Ne Apne Jat Ke Tej Kar Di Ye Ab Bhikhari Budha Apna Land Bphod Teji Se Under Bahar Kar Raha Tha Or Richa Chikh Rahi Thi Aa Hhaha Oohhhaa Maaarrraaggaaiiii Ooohhh 45 Minit Ke Baad Bhikhari Budha Ne Richa Jakar Liya Or Jat Pata Ne Laga Or Richa Ko Apni Chut Ke Under Kuchh Garam Garam Pani Mehe Sus Ho Ne Laga Bhikhari Budha Fir Ek Baar Apna Viriya Richa Ki Chut Me Gira Diya

Kuchh Der Baad Richa Ke Upper Se Hat Gaya Richa Fir Bed Pe Se Khadi Ho Ne Lagi Lekin Richa Jameen Me Gir Gai Fir Richa Himat Kar Ke Khadi Hui Or Bathroom Me Gain Aha Ne Ke Liye Jab Richa Naha Rahi Thi To Richa Ne Dekha Ki Richa Ki Chut Kafi Ful Gait Hi Or Buri Tarah Se Suj Gait Hi Or Richa Ke Chut Ka Muh Bhi Khula Ka Khula Hi Rehe Gaya Tha Richa 20 Minit Ke Baad Naha Ke Aai Towel Ko Lapte Ke

Fir Richa Bed K Eek Kina Re Beth Gai Kiyo Ki Richa Ko Khade Rehe Ne Me Problem Ho Rahi Or Udher Bhikhari Budha Bed Lete Lete Apne Ek Hath Se Land Ko Sehe La Raha Tha Or Richa Socha Rahi Thi Ki Es Bhikhari Budha Ne Kal Raat Se 2 Baar Apna Viriya Meri Chut Me Gira Ya Hai Kahi Me Maa Ban Gai To Me Kisi Ko Muh Dikha Ne Ke Layak Nahi Rahu Gi Tabhi Richa Ko Yaad Aaya Ki Us Ko Mom Ded Ke Bedroom Me Pregnant Na Ho Ne Goli Hai Kiyo Richa Apni Maa Ko Kahi Baar Ye Goli Kha Te Hu Ye Dekha Tha

Richa Ne Turant Apne Mom Ded Ke Bedroom Ko Open Kiya Or Vaha Se Goli Ka Pana Le Ke Aa Gai Or Us Me Se Ek Goli Nikali Or Tebal Pe Rakhi Kiyo Vo Goli Khana Ke Baad Leni Hai Ae Sa Us Goli Ke Peket Me Likha Tha Fir Richa Ne Socha Ki Abhi Nasta Kar Ne Ke Baad Vo Goli Kha Legi Ro Richa Ke Piche Bed Ke Upper Bhikhari Budha Apne Land Ko Jor Jor Se Sehela Raha Tha Or Fir Ek Baar Bhikhari Budha Ka Land Khada Ho Ke Salami De Ne Laga Bhikhari Budha Richa Ka Hath Piche Se Pakda Or Apni Or Khich Liya

Or Richa Ne Jo Towel Apane Badan Par Lapeta Than Aha Ne Ke Baad Us Bhikhari Budha Ne Ek Hi Jat Ke Me Khich Ke Bedke Niche Fek Diya Or Richa Ko Bhikhari Budha Ne Apne Upper Khich Liya Or Richa Ke Hoto Ko Chus Ne Laga Richa Ko Pagalo Ke Je Se Kiss Kar Ne Laga Or Ab Richa Bhikhari Budha Ke Upper Thi Or Bhikhari Budha Richa Ke Niche Es Liye Bhikhari Budha Ka Land Richa Ki Chut Ke Niche Daba Huva Tha

Tab Bhikhari Budha Ne Apane Ek Hatah Se Apana Land Ko Pakda Or Land Richa Ke Chut Ke Under Jana Ka Rasata Dikha Ya Or Je Se Hi Land Ko Richa Ki Chut Ke Under Ja Ne Ka Rasta Mil Gaya Land Turant Makhan Ke Je Se Sooop Kar Ke Chut Ki Under Chala Gaya Fir Bhikhari Budha Ne Apne Do No Hath Ko Richa Ke Bom (Kula) Pe Rakha Richa Ki Gaan Ko Apni Ungli Se Khol Ne Lga Or Bhikhari Budha Ne Apne Do No Tango Ko Mor Diya Or Richa Ke Niche Se Bhikhari Budha Apni Kamar Ko Tej Tej Jat Ke Maar Maar Ke Land Ko Chut Me Under Bahar Ka Ne Laga Tha

20 Minit Ke Baad Richa Bhi Upper Se Apni Kamar Ko Hila Hila Ke Lenad Ko Chut Me Under Bahar Kar Ne Lagi Or 20 Minit Nikala Gaye Richa Ki Chudai Me  Ab Fir Ek Baar Bhikhari Budha Jar Ne Vala Tha Es Li Ye Bhikhari Budha Ne Richa Ko Achhe Se Pakad Ke Khud Richa Ke Sath Rol Ho Te Hu Ye Richa Apni Niche Le Aaya Or Khud Richa Ke Upper Aa Gaya Or Jor Se Haft E Hu Ye Land Ko Chut Me Teji Se Under Bahar Kar Ne Laga Or 2 Minit Ke Baad Bhikhari Budha Ne Fir Se Richa Ki Chut Me Apna Viriya Gira Diya Or Kuchh Der Baad Richa Ke Upper Se Hat Gaya

Fir Richa Ne Jaldi Jaldi Uth Kea Pane School Dress Pehen Li Taki Fir Ye Bhikhari Budha Apane Land Ko Khada Kar Ke Fir Ek Baar Richa Ki Chudai Nahi Kar Sake Richa Niche Jaa Ke Nasta Kar Upper Apne Bed Room Me Aai Or Bhikhari Budha Se Kaha Dekhi Ye Kal Raat Baris Ho Rahi Thi Us Liye Me Aap Ko Upper Lai Thi Lekin Ab Baris Nahi Ho Rahi Hai Or Meri Dadi Bhi Apne Room Me Hai Ab Aap Mere Ghar Se Bahar Chale Jaa Ye Bhikhari Budha Ne Kaha Kiya Huva Muj Se Kuchh Gali Ti Ho Gai

Lekin Richa Ne Kuchh Na Kaha Or Kaha Ki Ab Aap Jaa Ye Yaha Se Bhikhari Budha Ne Kaha Ki Thik Hai Me Jaa Raha Hu Kiya Me 3,4 Din  Tum Hari Chudai Kar Sakta Hu Vada Kar Ta Hu Us Ke Baad Mena Shirf Tum Hare Ghar Se Bala Ke Es Seher Se Dur Chala Jaa Vu Ga Kisi Or Jaga Pe Meri Ab Tak Sadi Bhi Nahi Hui Thi Kiyo Ki Mere Per Gutno Ke Niche Ke Hisaa Bejaan Hai Es Liye Kisi Bhi Orat Ne Muj Sadi Nahi Ki Or Mere Ghar Valo Ne Bhi Muje Nikal Diya Kiyo Ki Me Un Pe Ek Boj Ban Gaya Tha

Lekin Aaj Itne Saalo Ke Baad Jab Kal Raat Me Ne Pehe Li Baar Tum Choda To Muje Ae Sas Huva Ki Me Ne Ab Tak Apni Jind Dagi Bekar Me Gava Di Lekin Kal Raat Ke Baad Pata Chala Ke Jind Dagi Kiya Ho Ti Hai Kiyo Muje Apne Jivan Me Tum Hari Jesi Koi Apsara Pari Raaj Kumara Mili Nahi Thi Shirf 3,4 Din Me Apni Puri Jind Gai Bhar Tum Hara Hesan Man Rahu Ga

Richa Soch Me Pad Gai Richa Socha Ba Kiya Karu Tab Bhikhari Budha Bed Pe Se Niche Gir Kar Rengta Huva Richa Ke Paas Aay Or Richa Ke Paav Pakad Li Ye Or Hath Jor Ne Laga Tab Riicha Ne Kaha Ki Thik Hai Lekin Shirf 4 Din Us Ek Din Bhi Jiyada Nahi Or Meri Ek Sarat Hai Ye Mera School Jane Ka Time Hai Or Me Apna Bedroom Bandh Kar Ke Jaa Vu Tum Ko Under Bandh Kar Ke Or Tum Bedroom Me Koi Avvaj Na Karo Ge Or Bahar Nahi Nik Lo Ge Or Me Saam Ko Aavu Gi

Tab Bhikhari Budha Apna Sir Haa Me Hila Ya Or Richa School Ke Li Ye Nikal Gai Kiyo Ki Richa Ki Chhutiya Bhi Khatam Ho Gai Thi Jab Richa School Gai To Bhikhari Budha Soch Raha Tha Ki Ager Richa Jesi Ladki Jo Shirf 15 Saal Ki Bali Umer Ki Ladki Us Ke Hath Se Jani Nahi Cha Hi Ye Es Liye Bhikhari Budha Ek Tarkip Lagai Ki Vo En 4 Din Me Richa Ko Raat Din Itni Chudai Kare Ga Ki Richa Ki Chut Ko Land Chut Me Le Ne Ki Aadat Ho Jaa Ye Or Richa Ko Ae Si Lat Lag Jaaa Ye Chuda Ne Ki Je Se Kisi Sarabi Ko Sarab Pine Ki Lag Ti Thi Jab Richa Saam Ko School Se Ghar Aai Or Apne Room Me Gai Apni School Dress Change Kar Ne

Richa Apne Bed Room Me Pochi To Us Ne Dekha Ki Bhikhari Budha So Raha Tha Richa Ke Bed Pe Richa Ne Koi Avaj Nahi Ki Or Bathroom Me Jaa Ken Aha Dho Ke Towel Lappet Ke Bahar Aai Or Ek Kbaat Me Se Kapde Nikal Le Or Bed Bethi Or Towel Nikala Or Richa Ne Dusri Penti Pehen Ne Ke Liye Apna Per Daal Hi Rahi Thi Ki Bhikhari Budha Ki Aakh Khul Gai Or Bhikhari Budha Ne Richa Ko Pichhe Se Pakad Liya Or Richa Ki Pith Ko Chaat Ne Laga Richa Ne Kaha Ki Ye Tum Kiya Kar Rahe Ho Abhi Nahi Raat Me Lekin Bhikhari Budha Ne Richa Ek Baat Na Suni Or

Bhikhari Budha Ne Apna Ek Hath Ko Pichhe Se Ho Kar Richa Ke Sine Pe Le Gaya Or Richa Ke Boobs Ko Jor Se Daba Ne Laga Sath Sath Richa Ki Pith Ko Jor Se Chaat Or Kiss Kar Raha Tha Achanak Bhikhari Budha Ne Richa Ko Piche Se Kich Ke Richa Ko Bed Pe Gira Diya Or Khud Richa Ke Upper Aa Gaya Or Richa Boobs Ke Nipul Kobari Bari Se Chus Ne Laga Tha Or Sath Sath Richa Boobs Ko Kaat Bhi Raha Tha Kabhi Richa Ke Boobs Ko Kaat Ta Tha To Kabhi Richa Ke Gale Pe Richa Ko Jab Bhikhari Budha Kaat Ta Tha To Richa Datrad Ke Mare Aahahahhh Aahhha Hahhaha Kar Jati Thi

Fir Bhikhari Budha Richa Ne Boos Ko Chat Te Chat Te Niche Ane Laga Or Richa Ke Pet Pe Kiss Kar Ne Laga Or Sath Bich Me Bich Me Kaat Bhi Raha Tha Or Udhar Richa Madh Hos Ho Rahi Bhikhari Budha Or Niche Ane Laga Chat Te Chat Te Ab Bhikhari Budha Richa Ki Chut Ko Chat Ne Laga Je Se Hi Bhikhari Budha Ne Apni Jibh Ko Richa Ke Chut Ke Muh Me Gusai Richa Machal Ne Lagi Jat Pata Ne Lagi Richa Ko Maza Bhi Aaraha Tha Lekin Bhikhari Budha Ki Jibh Richa Ke Chut Ke Ched Ke Under Jaa Ke Richa Ke Chut Ke Muh Ko Chaat Jati To Richa Machal Jati Thi Je Se Ki Richa Ki Jaan Jaa Rahi Ho

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Jari Rakha Or Je Se Hi Richa Ki Chut Se Pani Nikla Ne Laga Bhikhari Budha Ne Apna Muh Ko Richa Ke Chut Ke Ched Ko Pane Muh Me Bhar Liya Jis Se Richa Ki Chut Se Pani Nikal Ke Sidhe Bhikhari Budha Ke Muh Me Jara Tha Or Sath Hi Sath Bich Bich Me Bhikhari Budha Apni Jibh Ko Richa Ke Chut Ke Ched Me Under Tak Daal Ke Richa Ki Chut Ka Pani Ke Hare K Aakhri Bundh Ko Apni Jibhi Richa Ki Chut Ke Under Tak Daal Ke Chaat Chaat Ke Richa Ki Chut Ko Saaf Kar Diya Or Richa Ki Chut Ko Sukha Diya Tha

Ab To Bhikhari Budha Ka Land Bhi Khada Ho Gaya Tha Or Bhikhari Budha Ne Richa Ke Chut Ko Chaat Te Chaat Te Hu Ye Richa Ki Chut Ke Upper Ho Te Huye Richa Ke Pet Ke Paas Aya Or Upper Aaya Bhikhari Budha Richa Ke Upper Or Bhikhari Budha Ne Richa Ke Muh Tak Puch Gaya Or Richa Ke Hoto Ko Chum Ne Laga Or Sath Hi Sath Richa 2 No Tang Ko Khol Ke Khud Bich Me Aa Gaya Or Richa Ke Chut Ke Upper Se Apna 10 Inch Lambe Land Ko Richa Ki Chut Ke Upper Dhis Raha Tha Or Richa Ke Hoto Chum Raha Tha

Richa Ko Bhikhari Budha Ke Muh Se Us Ki Chut Ke Badbu Bhi Aa Rahi Thi Sath  Hi Sath Richa Ko Bhikhari Budha Ke Muh Me Richa Ki Chut Ka Pani Ka Namkin Savad Bhi Aaraha Tha Bhikhari Budha Ne Jor Jor Se Apana 10 Inch Lambe Land Ko Richa Ki Chut Ke Upper Ghis Ne Laa Tha Lekin Bhikhari Budha Es Baar Khud Apne Hat Tho Se Pakad Ke Nahi Cgut Me Daal Na Chha Tat Ha Kiyo Bhikhari Budha Ye Chah Tat Ha Ki Richa Kud Apne Hatah Se Bhikhari Budha Ke 10 Lambe Land Ko Apne Hath Tho Se Pakad Ke Chut Ke Under Daa Le

Richa Machal Rahi Thi 3o Minit Nikla Gaye Lekin Bhikhari Budha Ne Apna Land Chut Me Nahi Dala Or Chut Ke Upper Hi Dhis Raha Tha Aakhir Richa Se Bar Daas Nahi Huva Richa Ne Apane Ek Hath Bhikhari Budha Ke Land Ko Pkada Or Bhikhari Budha Ke 10 Inch Lambe Land Ka Muh Ko Apne Chut Ke Ched Me Tika Diya Lekin Fir Bi Bhikhari Budha Apne 10 Inch Lambe Land Ko Chut Me Daal Ne Ke Liye Apni Kamar Ko Dhaka Nahi Maar Raha Tha Richa Or Machhal Ne Lagi Kiyo Ki Itna Bada 10 Inch Ka Land Ka Muh Richa Ki Chut Ke Ched Me Land Ka Muh Tika Rakha Tha Lekin Fir Land Under Daal Nahi Raha Tha Bhikhari Budha

Richa Ne Aba Apne Do No Hat Se Bhikhari Budha Ka Land Pakda Or Land Ko Kich Ke Chut Me Daal Ne Lagi Tab Jaa Ke Bhikhari Budha Ka 10 Inch Land Me Se 3 Inch Richa Ki Chut Me Gus Gaya Tha Lekin Ab Bhi Bhikhari Budha Apni Kamar Ko Nahi Hila Raha Tha Fir Richa Ne Apni 2 No Tang Go Mor Ke Bhikhari Budha Ke Kule Se Lipta Diya Or Apne Do No Tango Ko Jor Bhikhari Budha Ke Kule Ko Apni Or Kicha Or Bhikhari Budha Ka 10 Inch Lamba Or 2 Inch Mota Land Pura Ka Puara Chut Ke Under Sat Ho Gaya Or Fir Bhikhari Budha Samaj Gay Ki Ab Richa Tayaar Ho Gai Hai Bhikhari Budha Ne Richa Ki Chudai Su Ru Kar Di 1o Minit Chudai Kar Ne Ke Baad Richa Jar Gai Or Richa Ki Chut Se Garam Garam Pani Nikal Ne Laga

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स्कूल गर्ल की अनचुदी फुद्दी वृद्ध चपरासी ने फाड़ डाली

स्कूल गर्ल की अनचुदी फुद्दी वृद्ध चपरासी ने फाड़ डाली


Old And Young Hindi Chudai Ki Kahani स्कूल गर्ल की अनचुदी फुद्दी वृद्ध चपरासी ने फाड़ डाली  हैल्लो दोस्तों मेरा नाम देविका है और में 18 साल की जवान और बहुत ही गरम स्कूल गर्ल हूँ. मेरा बदन बहुत सुंदर है और इसकी वजह से में कुछ लोगों के लिए अच्छी हूँ. मेरी लम्बाई भी कुछ ज़्यादा नहीं है में 5.2 लम्बाई की हूँ, किन्तु मेरा शरीर भरा हुआ है और मेरी छाती भी अच्छी है. मेरी टट्टी से भरी चूतड़ के छेद को ढके हुए मेरे कूल्हे भी बहुत मोटे मोटे है मेरे कुल्हे थोड़े बाहर निकले हुए है जिसकी वजह से हर कोई लड़का मेरी तरफ आकर्षित हो जाता है पर मुझसे खुलकर बात करने से डरता है.

दोस्तों वैसे तो आम तौर पर सुहागन महिलाये और लड़कियाँ अपनी चुदाई की चुदाई की कहानिया कहानी हिंदी में बताते हुए शरमाती है किन्तु अपनी आपबीती सुनाने में उझे कोई शरम वाली बात नहीं लगती है ? दोस्तों आज जो चुदाई की कहानियां वेबसाइट हिंदी में में आप सभी को सुनाने जा रही हूँ वो घटना आज से करीब चार पांच महीने पहले की है जब में विद्यालय में पढ़ा करती थी और में जवानी की आग में बहक गई थी और हमारे विद्यालय के एक वृद्ध चपरासी से अपनी अनचुदी फुद्दी चुदवा बैठी थी. उस 60 साल के वृद्ध चपरासी का लौड़ा बहुत लम्बा और मोटा था और मेरी अनचुदी फुद्दी का छेद बहुत छोटा था उसने मेरी अनचुदी फुद्दी चोदते चोदते फाड़ डाली थी और मेरी फटी हुई फुद्दी से बहुत सारा ब्लड भी निकला था.

Old And Young Hindi Chudai Ki Kahani स्कूल गर्ल की अनचुदी फुद्दी वृद्ध चपरासी ने फाड़ डाली


मेरी बहुत सारी विद्यालय फ्रेंड थी और करीब करीब उस सभी के यार थे एक बस मेरा ही कोई यार नहीं था और मेरी बो सभी फ्रेंड्स आये दिन कभी रूम पर तो कभी होटल पर उनसे अपनी फुद्दी चुदवाने जाया करती थी. मेरी फ्रेंड्स को देख देख कर मेरी भी फुद्दी में खुजली मचती थी और मेरा भी बहुत दिल करता था की काश मेरा भी कोई यार हो. मेरी फुद्दी में खुजली होने के चलते में भी लड़को को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास किया करती थी पर में यार बनाने में कामयाब नहीं हो पा रही थी में दिखने में भी गदराई थी और मेरा फिगर भी कमाल का था पर में एक भी लड़का सेट नहीं कर पा रही थी.

मैंने यार बनाने की चाहत में सभी प्रयास कर लिये थे और अब में भी इस बात से परेशान आ गई थी की भला इतनी हॉट और गदराई होते हुए भी कोई लड़का मुझसे खुलकर सेक्स के बारे में बात नहीं करता, क्योंकि आख़िर में भी तो एक लड़की ही थी और मेरे सर पर तो बस किसी लड़के को अपना यार बनाकर उसके लौड़े से पानी फुद्दी ठुकवाने का भूत सवार. हमारे विद्यालय के एक चपरासी की हवस से भरी गन्दी नजर मुझ पर थी, क्योंकि उसे तो बस सेक्स करने के लिए एक खिलोना चाहिए था. उसकी उम्र करीब 42 साल थी और वो बिहार का रहने वाला था, किन्तु उसका शरीर बहुत गठीला था और वो थोड़ा मोटा भी था.

दोस्तों मुझे थोड़ा सा भी पता नहीं था कि वो मेरी इन सब हरकतो पर गौर किया करता है और उसे पता था कि मेरे भीतर जवानी उफान मार रही है और अब मुझसे बिना चुदे रहा नहीं जा रहा और इसी बात का उस 60 साल के डोकरे चपरासी ने फायदा उठाया. एक दिन जब में विद्यालय से छुट्टी के वक़्त निकली तो उस चपरासी ने मुझसे कहा कि उसे मुझसे कुछ बात करनी है और में उसकी वो बात सुनने के लिए रुक गई, उस वक्त वहाँ पर कोई भी नहीं था और उसने मुझसे कहा कि उसे पता है कि में सच्चे प्यार की तलाश कर रही हूँ. उस 60 वर्ष के वृद्ध चपरासी के मुहं से यह बात सुनकर में एकदम से हैरान हो गई, किन्तु में उससे इसके आगे क्या कहती.

फिर वो आगे कहा कि एक लड़का मुझे बहुत पसंद करता है बेटी और वो मुझसे मिलना चाहता है. दोस्तों मेरी तो जैसे प्रसनी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा और मुझे लगा कि मुझे अब सब कुछ मिल गया, किन्तु मुझे थोड़ा सा भी पता नहीं था कि यह चपरासी मुझे चोदना चाहता है और मेरी प्रसनी देखकर वो समझ गया कि में उसके शिकंजे में फंस गई हूँ.  स्कूल गर्ल की अनचुदी फुद्दी वृद्ध चपरासी ने फाड़ डाली फिर उसने मुझसे कहा कि वो लड़का मुझसे मिलना चाहता है, मैंने पूछा कि कब? तो उसने कहा कि जब तुम्हे ठीक लगे. इसके बाद मैंने कहा कि में शाम को कोचिंग के लिए घर से बाहर जाती हूँ और आज में तुम्हारे पास आ जाउंगी, तब तुम मुझे उससे मिलवा देना.

उस वृद्ध चपरासी ने कहा कि ठीक है और फिर में वहाँ से चली गई और उसी शाम को अपने घर से कोचिंग के लिए निकल गई और अब विद्यालय में चपरासी के घर पर उसके पास चली गई. फिर उसने मुझे अपने कमरे में बुला लिया उस वक्त वहां पर कोई भी नहीं था और वैसे वो मैरिड था, किन्तु उसकी वाइफ और बच्चे बिहार में ही रहते थे और इस कारण से उसका कमरा बिल्कुल खाली था, बस वहां पर एक खटिया और कुछ कपड़े और चड्डी बनियान पड़े थे. तभी उसने मुझे बैठने को कहा और में ठीक उसके सामने अपनी लेट्रिंग से भरी चूतड़ टेक कर बैठ गई.


उस 60 साल के वृद्ध चपरासी की हवस से भरी गन्दी नजरे मेरे गदराई और हॉट बदन को खा जाने वाली थी और वो किसी भूखे कुत्ते के तरह मुझे लगातार घूर रहा था. इसके बाद मैंने उससे पूछा कि वो लड़का कहा ँ है? तो उसने कहा कि वो मुझे आज एक सच बताना चाहता है और फिर उसने कहा कि कोई लड़का नहीं है, किन्तु वो खुद ही मुझे बहुत पसंद किया करता है. दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर मेरी साँसे एकदम से रुक गई मुझे और थोड़ा सा भी समझ में नहीं आ रहा था कि में अब क्या करूं और में बिल्कुल चुप रही. वो मेरे पास आया और मुझसे कहने लगा कि तुम थोड़ा सा भी टेंशन मत करो और किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा और तुम भी मेरे साथ बहुत प्रसन रहोगी. तभी मैंने उससे गुस्से में आकर साफ मना कर दिया और फिर में उठकर वहां से जाने लगी.

फिर उस वृद्ध चपरासी ने कहा कि अगर तुम्हे किसी ने यहाँ से इस तरह जाते हुए देख लिया तो तुम बहुत बदनाम हो जाओगी, तभी उसकी बात को सोचकर में वहीं पर रुक गई और बहुत डर गई और मैंने उससे कहा कि अब में क्या करूं? उसने कहा कि अगर तुम मेरा साथ दो तो में तुम्हे चुपके से यहाँ से निकाल दूँगा और इसके बाद मैंने उससे कहा कि ठीक है, किन्तु इसके लिए मुझे क्या करना होगा? तो वो कहा कि में तुम्हारे साथ शादी करना चाहता हूँ और अपनी जोरू बनाना चाहता हूँ और तुम्हारे साथ वो सब करना चाहता हूँ जो सभी लोग अपनी जोरू के साथ करते है. दोस्तों मुझे थोड़ा सा भी पता नहीं था कि सभी लोगों का कुछ करने का क्या मतलब है? तो मैंने उससे बिना सोचे समझे कहा कि ठीक है, किन्तु प्लीज मुझे यहाँ से बाहर निकालो.

फिर वो वृद्ध चपरासी लड़खड़ाते हुए मेरे पास आया और उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया में कुछ बोलती उससे पहले ही उसने मुझे चूमना शुरू कर दिया और अब मेरा मुँह बंद हो गया और वो मेरे मोटे मोटे ब्रेस्ट को मसलने लगा. मैंने उससे छूटने की बहुत नाकाम प्रयास की, किन्तु वो बहुत मजबूत था. फिर उसने मुझे छोड़ा और कहने लगा कि तुम्हे भी बहुत आनंद आएगा एक दफे मेरे लण्ड से अपनी फुद्दी चुदाई करवा कर तो देखो. फिर उसकी बातें सुनकर अब मेरा भी दिल उसके साथ सेक्स करने का कर रहा था और मैंने भी उसे एक किस किया और मुझे ऐसा करना बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा.

फिर उस डोकरे चपरासी ने मुझसे कहा कि अभी और भी बहुत सारे काम करने बाकी है, तुम अब जल्दी से अपने कपड़े उतार दो और उसने भी अब अपने सारे कपड़े उतार दिए थे और जब मैंने पहली बार उसका लण्ड देखा तो में डर गई और उसे आहिस्ता आहिस्ता खड़ा और अपना आकार बदलते हुए देखकर में बहुत हैरान रह गई, किन्तु वो अभी भी पूरी तरह खड़ा भी नहीं हुआ था, किन्तु फिर भी 6 इंच का था और मैंने उससे कहा कि क्यों तुम्हारा लण्ड इतना बड़ा है? और यह तो अभी पूरी तरह से खड़ा भी नहीं हुआ है. तभी उस डोकरे चपरासी ने मुझसे कहा कि बेटी ये पूरा खड़ा होकर 9 इंच लम्बा और करीब पांच इंच मोटा हो जायगा फिर वो मुझसे कहा की बेटी अब इस पप्पू को खड़ा तो तुम्हे ही करना पड़ेगा, मैंने पूछा कि बाबा वो कैसे? तो उसने कहा कि इसे अपने मुँह में लेकर चुसो. तभी मैंने कहा कि में कभी भी ऐसा नहीं करूँगी.

उस वृद्ध चपरासी ने कहा कि बेटी अब कोई फायदा नहीं है जो तेरी मर्ज़ी पड़े कर ले, किन्तु तेरी बदनामी हो जाएगी. अब में बहुत डर गई थी और मुझे अब अच्छा भी लग रहा था और फिर उसने मेरे कपड़े उतारे और मेरा कामुक बदन देखकर वो तो पागल हो गया और उसने मुझे अपनी बाहों में ले लिया. फिर उसने मुझसे कहा कि अगर में उसका पूरा पूरा साथ दूँगी तो सब कुछ एकदम ठीक रहेगा. फिर उसने अपना काला मोटा लौड़ा मेरे मुँह में डाल दिया, किन्तु अब मेरे पास और कोई चारा भी नहीं था और मुझे भी आहिस्ता आहिस्ता ऐसा करने में आनंद आ रहा था और में उसके पेनिस को धीरे से मुहं में लेकर चूसने लगी और अपनी जबान से लोलीपोप की तरह चाटने लगी.

मेरी विद्यालय के उस डोकरे चपरासी का लौड़ा वाकई बहुत तगड़ा था वो मेरे मुँह में पूरी तरह से आ ही नहीं रहा था और मुझे अपना पूरा मुहं जबरदस्ती खोलना पड़ रहा था. अब वो कुछ देर बाद और भी बड़ा हो गया, किन्तु उस चपरासी ने ज़बरदस्ती मेरे मुँह में अपना पूरा का पूरा लण्ड घुसा दिया, किन्तु तभी उसने देखा कि मेरे मुँह में उसका लण्ड नहीं आ रहा है, जिसकी वजह से मेरी सांसे रुकने लगी थी और मेरी आंख से आंसू बाहर आने लगे थे. फिर उसने कुछ ही देर बाद मुझसे कहा कि चलो तुम अब रहने दे. फिर उसने मुझे बिस्तर पर जाने को कहा और में वहाँ पर चली गई.

फिर वो डोकर चपरासी लडखडाता हुआ गया और जाकर सरसों का तेल ले आया और उसने थोड़ा सा तेल मेरी अनचुदी फुद्दी पर लगाया और बहुत अच्छी तरह से मेरी फुद्दी की मालिश करने लगा और फिर उसने अपनी एक उंगली को फुद्दी में भीतर डाल दिया जिसकी वजह से तेल मेरी फुद्दी के भीतर चला गया और मुझे ऐसा लगा कि कोई गरम गरम चीज़ मेरी फुद्दी के भीतर चली गई हो, मुझे थोड़ा सा दर्द भी हुआ, किन्तु अब कुछ समय बाद मुझे उसके ऐसा करने से बहुत आनंद आने लगा. फिर उसने अपनी दूसरी उंगली और फिर उसने अपनी तीसरी उंगली को भी मेरी अनचुदी फुद्दी के छेद के भीतर घुसा दिया.


मुझे उसकी वजह से दर्द तो बहुत हुआ, किन्तु कुछ देर बाद में वो दर्द आनंद बन गया था और उसने अभी तक मेरी सील नहीं तोड़ी थी, शायद वो उसे अपने लण्ड के साथ ही तोड़ना चाहता था. फिर उसने मेरा सारा बदन अपनी जबान से चाट चाटकर साफ कर दिया और अब उसने मेरे दोनों टांगों को अपने कंधे पर रख लिया और अपने लण्ड का टोपा मेरी फुद्दी पर लगा दिया. मैंने उससे कहा कि यह भीतर नहीं जाएगा तो वो कहा कि चला जाएगा.

इसके बाद मैंने उससे कहा कि अगर मुझे कुछ हो गया तो? वो कहा कि तुम टेंशन मत करो तुम्हे कुछ नहीं होगा, आज तुम्हार पहला सेक्स है इस लिये थोडा दर्द ज्यादा होगा बेटी तुम बस थोड़ा धीरज रखो और अब में बिल्कुल चुप हो गई. फिर उसने अपना काला मोटा लौड़ा भीतर डालना प्रारम्भ करा. अभी उस साले चोदू के तंदरुस्त और फौलादी लण्ड का केवल टोपा ही थोड़ा भीतर गया था कि मुझे बहुत तेज दर्द होने लगा में ज़ोर ज़ोर से चीखने, चिल्लाने लगी सीईईईई अह्ह्ह्हह आईईईईइ प्लीज बाहर निकालो इसे उह्ह्ह्हह्ह मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है.

फिर उसने मेरा मुँह अपने लिप्स को उन पर रखकर बिल्कुल बंद कर दिया और कुछ समय बाद मुझे थोड़ा सा आराम मिला, मैंने सोच कि शायद अब लण्ड भीतर चला गया है और अब आनंद आएगा? किन्तु जब मैंने अपना सर उठाकर नीचे की तरफ देखा तो में चौंक गई, क्योंकि अभी तक तो उसका पूरा लण्ड बाहर ही था तो मैंने उससे बहुत चकित होते हुए पूछा कि यह कब भीतर जाएगा? तो उसने एक और धक्का मारा और दो इंच लण्ड भीतर चला गया और अब मैंने महसूस किया कि मेरी फुद्दी की सील फट गई है और में दर्द के मारे बेहोश हो गई थी.

में उस दर्द से छटपटाने लगी थी और जब मुझे होश आया तो मैंने मेरी कंचो जैसी मोटी मोटी आँखों से देखा कि उसका लण्ड अब तक पूरा भीतर चला गया था और वो बहुत मस्ती से मेरे निप्पल को चूस रहा था. मैंने उससे दर्द से करहाते हुए कहा कि प्लीज अब इसे मेरी फुद्दी से बाहर निकाल लो वरना में इसके दर्द से मर ही जाउंगी. फिर वो कहने लगा कि मेरी रानी आज अगर मैंने इसे अधूरे में बाहर निकाल लिया तो फिर कभी ऐसा मज़ा नहीं ले पाएगी और अगर आज ले लिया तो पूरी जिन्दगी बहुत मज़े करेगी, बस थोड़ा सा दर्द और होगा. इसके बाद मैंने अपनी दोनों आँखें बंद कर ली और उसने फिर से अपने लण्ड का मेरी फुद्दी पर ज़ोर से दबाव बनाना शुरू कर दिया और अब आहिस्ता आहिस्ता उसका लण्ड सरकता हुआ भीतर जा रहा था.

इसके बाद मैंने महसूस किया कि कुछ ही सेकिंड में उसका लण्ड फिसलता हुआ करीब दो इंच और भीतर चला गया और अब उसका आधा लण्ड मेरी फुद्दी के भीतर था और में तो दर्द के मारे तड़प रही थी. इसके बाद मैंने उससे कहा कि में तो आपकी बेटी जैसी हूँ अह्ह्ह्हह्ह प्लीज अब इसे बाहर उह्ह्ह्ह निकाल लो छोड़ दो मुझे. फिर उसने कहा कि अब तो तू मेरी वाइफ जैसी है और मेरे होने वाले बच्चे की माँ भी बनेगी और यह बात कहकर वो मुझे किस करने लगा और आहिस्ता आहिस्ता अपनी कमर हिलाने लगा. वो मेरे दर्द की वजह से बहुत आहिस्ता आहिस्ता झटके मार रहा था.


इसके बाद मैंने उससे कहा कि प्लीज मुझे अब छोड़ दो वरना में मर जाउंगी. उसने कहा कि तुम्हे कुछ नहीं होगा तुम बस थोड़ा इंतजार रखो और फिर उसने मुझे बिस्तर से उठाया, किन्तु मेरी फुद्दी से पेनिस को बाहर नहीं निकाला और वो खुद बिस्तर पर लेट गया. अब में उसके ऊपर आ गई थी और उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया और अपनी कमर को हिलाने लगा. दोस्तों मुझे अब दर्द के साथ साथ आनंद भी आ रहा था वो ऐसा लगातार करता रहा और कुछ देर बाद मैंने अपना पानी छोड़ दिया, किन्तु वो अभी तक मेरी फुद्दी में अपना काला मोटा लौड़ा हिला रहा था. फिर उसने मुझे अपनी बाहों में ज़ोर से जकड़ा और एक ज़ोर काशॉट मारा तो मुझे लगा कि जैसे उसका लण्ड अब मेरे गले तक पहुंच गया और में फिर से बैहोश हो गई.

फिर कुछ समय बाद बाद जब मुझे होश आया तो मैंने मेरी कंचो जैसी मोटी मोटी आँखों से देखा कि वो मुझे चूम रहा था और मेरे ब्रेस्ट को दबा रहा था, किन्तु अब भी मुझे फुद्दी में बहुत तेज दर्द हो रहा था और मेरी फुद्दी से ब्लड भी बहुत निकल रहा था, किन्तु में अब प्रसन भी थी कि मैंने अपनी दोस्तों में सबसे बड़ा लण्ड लिया है फिर चाहे वो किसी भी मर्द का था और जो उम्र में मेरे बाप के बराबर ही क्यों ना हो और अब मुझे भी उससे प्यार हो गया था और मुझे लगा कि सच में ही यह मेरा पति है. फिर उसने आहिस्ता आहिस्ता अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया वो थोड़ा सा लण्ड बाहर निकालता और फिर धीरे से भीतर डाल देता अब मुझे ज़्यादा तकलीफ़ नहीं हो रही थी और आनंद भी बहुत आ रहा था.

स्कूल गर्ल की अनचुदी फुद्दी वृद्ध चपरासी ने फाड़ डाली


फिर जब उस रांड बाज वृद्ध चपरासी को लगा कि में उसके लम्बे मोटे पेनिस को सहन कर रही हूँ तो वो अपने पुरे लौड़े को बाहर निकालता और पूरे ज़ोर से भीतर डाल देता. उसके ऐसा करने से में तो बहुत आनंद ले रही थी और आहिस्ता आहिस्ता उसने अपना पूरा 9 इंच लम्बा और 5 इंच मोटा लौड़ा बाहर निकालना शुरू कर दिया. अब मुझे बहुत आनंद आ रहा था और अब तो में भी उसे किस कर रही थी और में इस बीच करीब दो बार और झड़ चुकी थी, किन्तु वो नहीं.


फिर उस वृद्ध चपरासी ने मुझे खटिया पर लिटा दिया और अपना काला मोटा लौड़ा मेरी फुद्दी में डालने लगा अब वो 60 साल का वृद्ध चपरासी मेरे बोबे के निप्पल चूस रहा था जिसकी वजह से मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे आज वो अपने मन की सारी हसरत पूरी करना चाहता हो, किन्तु मुझे थोड़ा सा भी पता नहीं था कि उसके बाद मेरी फुद्दी का क्या हाल हुआ होगा? मुझे तो बस चुदवाने का जोश आ रहा था कि में इतनी ज्यादा उम्र के आदमी से इतनी छोटी उम्र में चुद रहीं हूँ और हम दोनों पसीने से एकदम भीग गये थे, किन्तु में पूरे जोश में थी.


तभी उस वृद्ध चपरासी ने मुझसे कहा कि वो मुझे अब कुतिया बनाकर पीछे से चोदना चाहता है. यारों मैंने पहले से ही बहुत सारी गदराई ब्लू फिल्मो में सेक्स करने की करीब करीब सारी पोजीशन देख रखी थी और में तभी अपने दोनों घुटनो को टेक कर अपने दोनों हांथो को आगे जमीं पर टेक कर कुतिया बन गई. फिर उस 60 साल के वृद्ध चपरासी ने पीछे से पेनिस को मेरी फुद्दी के भीतर डाल दिया और मुझे भी कुतिया बनकर उस वृद्ध चपरासी से चुदवाने के बाद ऐसा लगा कि जैसे आज मेरी अंतिम तमन्ना पूरी हो गई है.

अब वो डोकर चपरासी बहुत ज़ोर ज़ोर से मेरी नासमझ फुद्दी में शोर्ट मार रहा था और फिर उसने कहा कि वो अब झड़ने वाला है और उसने कहा कि वो मेरी फुद्दी में ही अपना गरमा गरम वीर्य झाड़ना चाहता है ताकि उसका बच्चा मेरे पेट से जन्म ले और फ्मे उस वृद्ध चपरासी के बच्चे की माँ बन जाऊं. इसके बाद मैंने उस वृद्ध चपरासी सेकहा कि नहीं अपना माल मेरी फुद्दी के भीतर मत निकालना तुम 60 साल के वृद्ध हो और अभी मेरी उम्र मात्र 18 साल है अभी में माँ बन्ने के लिये तैयार नहीं हूँ इससे मेरी बदनामी हो जाएगी और अभी ठीक सही वक्त नहीं है और फिर उसने यह बात सुनकर अपना काला मोटा लौड़ा बाहर निकालकर मेरे मुँह में डाल दिया और अपना सारा स्पर्म मेरे मुँह में डाल दिया और में एक आज्ञाकारी वाइफ की तरह उसका सारा गरमा गरम स्पर्म शर्बत समझ कर पी गई.

जब मैंने अपनी फुद्दी को देखा तो में एकदम से चौंक गई क्योंकि मेरी अनचुदी फुद्दी बिल्कुल फट गई थी और उसमे से ब्लड बह रहा था वृद्ध चपरासी ने मेरी अनचुदी फुद्दी को अपने मोटे तगड़े लौड़े से चोदकर फाड़ डाली थी. में मेरी फटी हुई फुद्दी देखकर जोर जोर से रोने लगी फिर मेरे विद्यालय के उस वृद्ध चपरासी ने मुझे समझाया की बेटी तू टेंशन मत आज तेरी अनचुदी फुद्दी की पहली बार चुदाई हुई है आज मैंने तेरी अनचुदी फुद्दी की सील फाड़ी है इस लिये तेरी फटी हुई फुद्दी से ब्लड निकल रहा है यह अपने आप ठीक हो जाएगी और फिर उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरी फुद्दी से अभी भी थोड़ा थोड़ा ब्लड आ रहा था.

फिर उसने मुझे एक दवाई दी और मुझसे अपनी फटी हुई खुनम खान फुद्दी पर लगाने को कहा तो उससे मेरी फुद्दी का दर्द बिल्कुल कम हो गया और उसने कहा कि इससे सब ठीक हो जाएगा और इसके बाद मैंने उससे कहा कि अब मुझे घर पर जाना है और दोबारा मिलने का वादा लेकर उसने मुझे अपने कमरे से चोरी से बाहर निकाल दिया और उसकी दी हुई दवाई की वजह से मेरा दर्द अब ठीक था किन्तु फिर भी मुझे थोड़ी सी तकलीफ़ थी और में अपने घर पर आकर चुपचाप सो गई और मोर्निंग उठकर जब विद्यालय गई तो वो वृद्ध चपरासी जिसने कल मेरी अनचुदी फुद्दी चोद चादकर फाड़ डाली थी वो विद्यालय के दरवाजे पर ही खड़ा हुआ था, उसने मुझसे मेरी फटी हुई फुद्दी का हाल चल पूछा तो मैंने मुस्कुराते हुए कहा कि अब मेरी फुद्दी एकदम ठीक है और एक दो दिन में फिर से तुम्हार लौड़ा झेलने के लिये तैयार हो जायगी.

मेरी बात सुन वो वृद्ध चपरासी बहुत प्रसन हो गया और उसने मुझे आशीर्वाद दिया जीती रहो बेटी. में उस वृद्ध चपरासी से बाते कर ही रही थी की तभी विद्यालय की घंटी बज उठी और फिर में मुस्कुराहट के साथ अपनी क्लास में चली गई. अब में और मेरे विद्यालय का वृद्ध चपरासी चोरी छुपे अवैध सेक्स संबंध बनाते है. दोस्तों वह चपरासी भले एक 60 वर्ष का वृद्ध मर्द हो पर उस साले चोदू के तंदरुस्त और फौलादी लण्ड में आज भी किसी जवान मर्द के लौड़े जैसा दम है.

भैंस चराने गई लड़की को पेला

भैंस चराने गई लड़की को चोदा


यारों मैं फिर एक बार अपनी कहानी लेकर हाजिर हूँ. इस बार मैं आपको अपने बचपन की एक कहानी सुना रहा हूं मेरा परिवार शुरू में गांव में रहता था. गांव का माहौल शहर के माहौल से बिल्कुल अलग होता है मेरे घर का माहौल भी एक गांव के माहौल की तरह ही था. घर में मैं मेरे पिताजी और माताजी थे सबसे छोटा होने के कारण मैं अपने मां-बाप का बहुत लाड़ला बेटा था इस कारण थोड़ा जिद्दी भी हो गया था. Desi Village XXX Story

मैं करीब 14- 15 साल की उम्र अपने मम्मी पापा के साथ ही सोता है इसीलिए कई बार मुझे मां की लाइफ चुदाई देखने का मौका मिला! गांव में पति पत्नी एक साथ नहीं सोते हैं एक ही कमरे में भी अलग अलग खटिया पर सोते हैं. मेरे पापा अलग खटिया पर और मैं और मेरी मां उसी कमरे में अलग खटिया पर सोते थे. मैं तीन-चार साल तक तो अपनी मां का दूध पीता ऱहा था, इसीलिए मैं उनके साथ ही सोता था.

कभी-कभी मैं चड्डी पहन के तो कभी एकदम नंगा सो जाता हूं गांव में बच्चे अक्सर ऐसे ही सोते हैं. चड्डी पहन कर बनियान पहनकर गांव में भी घूमते रहते हैं अक्सर मेरे पापा रात में मम्मी की चुदाई करते थे बिल्कुल नंगा करके. एक रात जब मेरी नींद टूटी तो देखा पापा मेरे पास मम्मी के पास लेते हैं. और मम्मी की पीठ के पास चिपकर कुछ कर रहे हो मुझे यह सब समझ में नहीं आता था.


फिर भी मैंने देख पापा मम्मी बिल्कुल नंगे हो मैं उठ कर बैठ गया और मम्मी मम्मी करने लगा. मम्मी ने मुझे अपने पास लेटा लिया पापा भी मम्मी के पास ही लेटे रहे मैंने देखा पापा मम्मी की चुदाई कर रहे. पापा का लंड मम्मी की चूत में डाला था दोनों बिल्कुल नंगी थे. थोड़ी देर बाद मुझे सोया जानकर पापा मम्मी को अपने पास खटिया पर ले गए. उन्होंने मम्मी की चूत चाटना शुरू कर दी है.

मैं फिर उठकर मम्मी पापा के पास पहुंच गया मुझे देखकर पापा कहने लगे तेरे को नींद नहीं आ रही है. मैंने आप मिलते हुए कहा मुझे आपके पास लेटना है पापा ने मुझे अपने पास लिटा लिया और फिर मम्मी की चुदाई करने लगे. पापा ने इस बार मम्मी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उनके बूब्स दबाने लगे. मैं जाग रहा था और सब कुछ देख रहा था लेकिन मेरे पापा मम्मी को मेरे जागने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा वे तो अपने काम में मस्त थे.

थोड़ी देर बाद में जब उठ गया तो पापा ने मुझे अपनी जांघो के पास बैठा लिया. और अपना लंड मुझे पकड़ा दिया और कहा तू इसके साथ खेल. मैं पापा का लंड पकड़ कर खेलने लगा कभी पापा का लंड पकडकर हिलाता तो कभी चूसता, मुझे और मजा आ रहा था. थोड़ी देर बाद में मम्मी के जनों के बीच बैठ गया और मैंने मम्मी की चूत में उंगली डालना शुरू कर दिया. कि बीच बीच मे कभी जीभ से चुम्मी लेकर चूत चाट लेता था.

मैं काफी छोटी उम्र से पापा से लंड से खेलता था मुझे लंड से खेलना और चूत में उंगली डालना बहुत अच्छा लगता था. जब मैं छोटा था तो रात में उठ जाता था तो पापा मुझे इसी तरह अपनी जांघों के बीच बिठाकर लंड से खेलने को कह देते थे. और पापा मम्मी कै कभी होठों का रस पीते तो कभी दुघ चूसते थे. पापा जब मम्मी की चूत चाटने लगे तो मैं मम्मी के दूध चूसने लगता था.


मेरी मम्मी मेरे सामने छोटे से ही नंगी हो जाते थे मेरे सामने नहा भी लेते अपने कपड़े बदल लेते हैं. इसी तरह मेरे पापा मेरे सामने नंगे होकर नहा लेते थे और कपड़े भी बदल लेते थे. 1 दिन जोरदार बारिश हो रही थी मैं बाहर से जब घर पर आया तो मुझे घर पर मम्मी कहीं नहीं देखी. मैंने पूरा घर छान मारा लेकिन मुझे मम्मी कहीं नहीं देखी फिर मैं बेडरूम में गया यहां मेरे मम्मी पापा सोते थे.

मैंने गेट खोल कर देखा तो पापा मम्मी की चुदाई कर रहे थे पापा मम्मी दोनों एकदम नंगे थे. पापा ने मम्मी को घोड़ी बना रखा था और उनकी चूत में अपना लंड डाल रखा है मैं गेट खोल कर सीधे कमरे में घुस गया. अचानक मुझे देखकर मेरे मम्मी पापा हड़बड़ाबे और अलग हो गए. मम्मी बोली बेटा तू कब आया मैंने बोला मैं अभी आया आप नहीं दिखे तो मैं घर आ गया.

उस समय मेरा सिर्फ खड़ा होता था लंड को पकड़ कर मसलने में मजा आता था लेकिन पिचकारी नहीं छूटती थी मैं कमरे में खटिया पर बैठ गया. मैं यह देखकर हैरान रह गया कि मेरे मम्मी पापा मेरे पास ऐसे नंगे ही बैठ गए. पापा खटिया पर लेट गए मैं हर बार की तरह पापा लण्ड सहलाने लगा. पापा मम्मी की चूत चाटने लगी थोड़ी देर बाद पापा ने मुझे अलग कर दिया और मम्मी को आगे की ओर झुका दिया और अपना लंड एक ही झटके में मम्मी की चूत में डाल दिया.

मैंने पहली बार मम्मी की लाइफ चुदाई अपनी आंखों से देखें. पापा मम्मी ने मुझे कमरे से बाहर जाने को भी नहीं कहा मम्मी ने पापा के कान में कहा कि इसको बाहर भेज दो. पापा बोले अभी तो बहुत छोटा है उसे कोई ज्ञान नहीं है बैठा रहने दो. मैंने पापा से मासूमीयत इसलिए पूछा पापा आप यह क्या कर रहे है तो पापा कहने लगी मैं संभोग कर रहा हूं. मैंने कहा यह क्या होता है पापा बोले जब तुम बड़ा हो जाएगा तो तू भी अपनी पत्नी के साथ यह सब करेगा.

पापा कहने लगे तू भी तो इसी चू से निकला है मैंने कहा पापा यह चूत क्या होती है. तो पापा कहने लगे औरत की नंगू को चूत कहते हैं और पापा के सुसु को लंड कहते हैं. मैंने कहा तो क्या मेरी सुसु भी लंड कहेगी पापा कहने लगी हां तेरा भी अब खड़ा होने लगा है तेरी सुसु अब लंड बन गया है. पापा और मैं बातें कर रहा था और पापा मेरे सामने ही मम्मी की चूत मार रहे थे.


20 मिनट की चुदाई के बाद पापा ने मम्मी की चूत में ही अपना माल पानी छोड़ दिया. पापा मम्मी को नंगा देखकर मैं भी उत्तेजित हो गया था मैंने भी अपनी चड्डी उतार और अपनी सुसु को सहलाता रहा और हम तीनों मजा करते रहे. घर में रोज मम्मी पापा की चुदाई देखकर मैं भी उत्तेजित हो जाता था और मुझे भी किसी की चूत मारने की इच्छा होने लगी थी.

गांव में अक्सर लड़का लड़की अपने पालतू जानवरों को चराने के लिए जंगल जाते हैं. मेरे पड़ोस में भी एक लड़की मेरी ही हम उम्र थी वह भी अपनी गाय भैंस चलाने के लिए जंगल जाती थी. मैं भी एक दिन उसी के साथ जंगल चला गया जंगल में हम दोनों एक सिला पर बैठ गए और आसपास ही हमारे जानवर चलने लगे. हम लोगों की बातें करते रहे मैंने चड्डी बनियान पहन रखी थी तो उस लड़की ने भी देखा ब्लाउज और घाघरा पहन रखा था.

कुछ देर बाद छोकरी को लैट्रिन लगी छोकरी मुझसे बोली मेरे जानवर देखना मैं लैट्रिन होकर आती हूं. छोकरी एक बोतल में पानी लेकर झाड़ियों के पीछे बैठ गई और पॉटी करने लगी. थोड़ी देर में मैं भी उसी लड़की के सामने जा पहुंचा लड़की मुझे देख कर कहने लगी तुम यहां क्यों आ गए. मैंने कहा मुझे भी लेट्रिन आ रही है और मैं अपनी चड्डी खिसका कर उसी के सामने पॉटी करने बैठेगा.

लड़की कहने कोई आ जाएगा मैंने कहा इस जंगल में अभी कोई नहीं आएगा. मुझे वैसे पॉटी नहीं आ रही थी लेकिन मैं तो लड़की की चूत देखने के लिए बैठ गया था. थोड़ी देर बाद मैंने उससे कहा तेरी सुसु तो बहुत अच्छी है मैं उसे छूकर देखना चाहता हूं. छोकरी बोली कोई आ जाएगा मैंने कहा कोई नहीं आएगा. और मैंने उसकी चूत पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और एक उंगली उसकी चूत के अंदर डाल दी और उसकी चूत में उंगली करने लगा

मेरे उंगली करने से लड़की को मजा आने लगा मैंने लड़की से कहा मेरी सुसु भी पकड़ कर देख. डरते डरते लड़की ने मेरा लंड पकड़ लिया और जोर से दबाने लगी. उसके लंड दबाने से और उसकी चूत में उंगली करने से मेरा लंड पहले ही खड़ा हो गया था. लड़की से मैंने कहा इसकी खाल पीछे करो तो उसने मेरे लंड की खाल पीछे की तो मेरा लाल सुपडा देखकर वह खुश हो गई.


कहने लगी तेरी सुसु तो बहुत अच्छी और बड़ी है मेरे पापा की सुसु भी ऐसी ही है. मैंने उससे कहा जब लड़का बड़ा हो जाता है तो उसको सुसु नहीं लड कहते हैं और तू भी अब बड़ी हो गई है तो तेरी चू चू चू तो बन गई है. लड़की मेरे लंड को शहला टी रही मैं उसकी चूत में उंगली करता रहा. थोड़ी देर बाद हम लोग फिर टीले पर आकर बैठ गए मैंने लड़की से कहा चलो पापा मम्मी वाला खेल खेलते हैं.

लड़की कहने लगी मुझे यह खेल नहीं आता है मैंने कहा मुझे यह खेल आता है. मैंने पापा मम्मी को कई बार खेलते हुए देखा है मैं लड़की को झाड़ी के पीछे ले गया. और मैंने लड़की को पीठ के बल सीधा लिटा दिया लड़की का घाघरा और उसकी चड्डी उतार दी. और मैं उसकी दोनों टांगों के बीच में बैठ गया मैंने उसकी सुसु अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दी.

तो लड़की मस्त हो गई कहने लगी बहुत मजा आ रहा है फिर मैं सिक्सटी नाइन की स्थिति में उसके ऊपर लेट गया. और मैंने अपना लंड उसके मुंह में दे दिया और कहा यह तू भी चूस तेरे को भी बहुत मजा आएगा. लड़की ने मेरा पूरा लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी. हम दोनों एक दूसरे के लंड और चूत चूस रहे थे तभी किसी की आने की आहट सुनाई दी. “Desi Village XXX Story”

तो हम लोग अलग हो गए और अपने कपड़े पहन कर टीले के पास आ गए. उस दिन मैं उस लड़की की चुदाई नहीं कर सका, लड़की चुदाई के लिए तैयार थी लेकिन किसी के आज आने की आहट के कारण में चुदाई नहीं कर सका. मेरा लंड प्यासा ही रह गया मैंने लड़की के सामने ही अपनी मुठ मारी लड़की कहने लगी यह क्या कर रहे हो. मैंने कहा यह मैं मुठ मार रहा हूं कल पापा मम्मी वाला बाकी खेल भी खेलेंगे.

दूसरे दिन जब हम लोग गए तो पहले की तरह झाड़ियों के पीछे पहुंच गए. मैंने लड़की की चूत में उंगली करना शुरू कर दिया और उसके बूब्स चूसने लगा. थोड़ी देर में लड़की की चूत पानी छोड़ने लगी तो मैंने उसकी चूत चाटना शुरू कर दिया और अपना लंड उस लड़की के मुंह में दे दिया. हम दोनों ने 10 मिनट तक एक दूसरे की चूत और लंड चाहते लड़की की चूत नमकीन पानी छोड़ने लगी.

तो मैंने उसकी दोनों टांगों के बीच में बैठ गया और अपना लंड थूक लगा धीरे-धीरे लड़की की चूत में डालना शुरू किया. लड़की कहने लगी दर्द हो रहा है दर्द हो रहा है, मैंने उससे कहा तेरी चूत अभी फ्री नहीं है इसलिए थोड़ा सा दर्द होगा थोड़ा सा बर्दाश्त करो. मैं रोका नहीं धीरे-धीरे मैंने लड़की की चूत में लण्ड डालकर चुपचाप लेट गया. थोड़ी देर बाद जब लड़की का दर्द कम हो गया तो मैंने फिर मैंने चूत में लंड घिसना शुरू कर दिया.
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : पति को हार्डकोर सेक्स से खुश करके उनका प्यार फिर से पा लिया

धीरे-धीरे लड़की को भी मजा आने लगा और वह भी मेरी चुदाई में सहयोग करने लगी. 15 मिनट की चुदाई के बाद में अपना माल पानी उसी की चूत में छोड़ गए. हम दोनों एक दूसरे के ऊपर ऐसे ही देते रहे फिर अलग होगए. कई दिनों तक हम लोग इसी तरह चुदाई का मजा लेते रहे. मेरे पापा मम्मी जिस तरह से अलग-अलग आसन में चुदाई का मजा लेते थे मैं भी उसी को देखकर लड़की के साथ चुदाई का मजा लेता था.

एक बार मैंने लड़की को घोड़ी बनाकर पहले उसकी चूत चाटी फिर उसकी चूत घोड़ी बनाकर मारी. हम दोनों को बहुत मजा आया लड़की को भी मरवाने में बहुत मजा आता था. इसलिए वह भी जल्दी तैयार हो जाती थी हम लोग झाड़ी के पीछे जाकर रोज संभोग करते थे. लड़की उस समय एमसी से ठीक से नहीं होती थी इसलिए प्रेग्नेंट होने का ज्यादा डर नहीं था.

पहली बार जब मैंने लड़की की चुदाई की तो उसकी चूत से ढेर सारा खून निकला मेरा लंड भी खून से रंगे आता लड़की डर गई. लेकिन मैंने उससे कहा कि मैंने बीएफ में देखा है लड़की चूत से खून निकलता है तो लड़की समझ गई. हम दोनों ने उस दिन चुदाई के बाद अपने पास के ही एक तालाब में धोया और लड़की की चूत भी धोकर साफ कर दी. ताकि उसके घर वालों को पता ना पड़े की लड़की चुदाई करवा कर आई है आगे की कहानी अगले भाग में मैं लिखूंगा!

दिवाली में गाँव में चूत का जुगाड़ हो गया

दिवाली में गाँव में चूत का जुगाड़ हो गया

मैं भागलपुर शहर में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा हूँ और मैं शहर से थोड़ी दूर एक छोटे शहर या कस्बे का रहने वाला हूँ. यह बात दीवाली की है, जब मैं घर गया था. मैं अपने गांव गया, जहाँ चाची ने मुझे बहुत स्नेह दिया और रात को पिछली बार की तरह बदले में उन्हें प्यार दिया. “Adult Stories”

फिर अगली सुबह हमारे पड़ोस में रहने वाली एक दीदी चाची के पास आईं. चूंकि बचपन में वहीं रहा, उनके साथ खेला कूदा, बड़ा हुआ, तो मैं उनके बारे में सब जानता था. मैं उन्हें नमस्ते कहकर वहाँ से चला गया.

अपने कुछ दोस्तों के साथ बगल वाले गांव से निकलती नदी पर नहाने चला गया, जहाँ हमने ठंडे ठंडे पानी में बहुत देर तक उछल कूद की. जिससे मुझे ज़ुकाम हो गया. शाम के समय तक थोड़ा बहुत बुखार भी आ गया था. बस मैं खटिया पर लेटा था.

चाची बहुत देर से कहीं बाहर गई थीं, तभी वो पड़ोसन, जिसे मैं दीदी कहता था … घर आईं. चूंकि मैं अकेला था, तो वे मेरी खटिया पर बैठकर मुझसे बात करने लगीं. खटिया के पास एक रुमाल पड़ा था, जिससे मैं कई बार अपनी नाक पौंछ चुका था. उन्होंने उसे उठाया और मुझे डांटते हुए अंदाज में बोला- क्यों बे सोनू … तू ये सब काम कब से करने लगा?

तो मैं बोला- कैसे काम? मैंने क्या गलती कर दी?

वो मुझे रूमाल दिखाकर बोलीं- ये क्या है?


मैं बोला- रुमाल ही तो है, इसमें क्या गड़बड़ है?

वो- क्या पौंछा है इससे तूने?

मैं- क्या आपको क्या दिखता है … मेरी नाक है. कहीं आपने इसे और कुछ तो नहीं समझ लिया?

वो- अरे बेबकूफ ऐसे पौंछेगा तो कोई भी गलत समझेगा ही.

मैं- ये तो समझने वाले के ऊपर है. वैसे अगर ये सचमुच में वही होता तो!

वो- तो तेरी शामत आ जाती अभी.


मैं- वैसे मुझे वो सब अपने आप करने की कोई जरूरत पड़ती ही नहीं, तो कैसी दिक्कत.

वो- मतलब? किससे करवाता है.

मैं- इससे आपको क्या? सबके अपने अपने राज होते हैं.

वो- कैसे राज? कहीं कोई गलत काम तो करके नहीं आया न.

मैं- अरे थोड़ा शांत बैठो, ऐसा कुछ नहीं है. मैं बस मजाक कर रहा था, केवल मजे ले रहा था और कुछ नहीं.

वो- मजाक ठीक है, लेकिन अगर ये सच हुआ, तो तेरी ऐसी की तैसी हो जाएगी जरा संभल के चलो, अभी बता रही हूँ.

मैं- इसमें गलत क्या है. अगर कोई आपसे काम के लिए कहता है या मजबूरी में आपको करना पड़ता है, तो बात अलग होती है.

वो जरा बिंदास बोलती थीं तो खुल कर कहने लगीं- ऐसा कौन होगा, जो किसी से भी चुदवा ले.

मैं- कुछ लोगों की होती है … मजबूरी या कोई ऐसा, जो आपको पसंद करता हो या फिर चुदाई के शौक़ीन.

वो- तू पहले भी किसी को चोद चुका है.

मैं- अब ये मैं आपको नहीं बता सकता क्योंकि थोड़ा प्राइवेट मामला है.

वो- कुछ भी हो लेकिन अपने पेरेंट्स की इज्जत का ख्याल रखना.

इतना कह कर वो चली गईं, इनके बारे में थोड़ा बहुत बताता हूं. उनका नाम डिम्पल सेक्सी बदन, उम्र-29 वर्ष, पति ने धोखा देकर इन्हें 10 साल पहले छोड़ दिया था, अब ये अपने पेरेंट्स के साथ रहती हैं.

अगले दिन चाची के भाई की तबियत खराब हो गई, जिससे वो अपने मायके घर को मेरे हवाले छोड़कर चली गईं. मैं भी अकेले होने के चक्कर में अपने लंड को हिला रहा था, तभी दीदी ने मुझे आवाज दी और कमरे में आ गईं. मैंने झट से अपने कपड़े ठीक किए.

वो बोलीं- अकेले अकेले क्या कर रहा था? जो तूने मेरी आवाज नहीं सुनी.

मैं- कुछ नहीं, वो अन्दर था तो आवाज नहीं आई.

वो- लेकिन तेरी पैन्ट को देखकर तो नहीं लगता. रुक अब तेरी मम्मी को बताना ही पड़ेगा.

मैं- अरे सॉरी न … कोई कितना कंट्रोल कर सकता है.

वो- तू रुक … अभी बताती हूँ कण्ट्रोल कैसे होता है … तेरी मम्मी को जब पता लगेगा तो अपने आप ही सीख जाएगा.

मैं- बोला न सॉरी … गलती हो गई, चाहो तो कोई सजा दे दो, लेकिन उन्हें मत बताओ … बहुत मार पड़ेगी.

वो- जब मार से डरते हो तो ऐसे काम करते ही क्यों हो.

मैं- माफ़ी मांग रहा हूँ न … और क्या करूँ. आप चाहें तो कोई भी सजा दे दो, लेकिन उन्हें मत बताओ प्लीज.

वो- चल ठीक है … बता किसको याद करके हिला रहा था.

मैं- आप भी न मौके का फायदा उठा रही हो.

वो- लगाऊं फोन?

मैं- हैं भागलपुर में एक दो, जिनके साथ, उन्हीं के उनके कहने पर करता हूँ. बदले में वो भी मुझे खुश रखती हैं.

वो- अभी तो मैं जा रही हूँ, लेकिन अभी तेरी सजा बाकी है, बाद में बताती हूँ.

फिर वो चली गईं. उनकी धमकियों से एक टाइम तो मेरी गांड फट गई थी, लेकिन फाइनली वो मान गईं. अब मैं सोचने लगा कि ये मुझसे क्या करवाएंगी. तभी चाची का फोन आया, उन्होंने बोला- तू डिम्पल के यहाँ खाना खा लेना, मैं सुबह आऊँगी. कुछ देर बाद मैं खाना खाने पहुंचा और उनसे बोला- दीदी भूख लगी है कुछ मिलेगा.

वो बोलीं- हाँ मिलेगा न … रसोई में बैठ, मैं अभी आई.

रसोई में बिठा कर उन्होंने मुझे खाना परोसा और मेरे सामने बैठ गईं. फिर बोलीं- आज तू मेरा एक काम करेगा.

मैं- वैसे भी आपने जो धमकी दी है, उसको ध्यान करके तो करना ही पड़ेगा.

वो- जैसे कि तूने कहा कि सबकी अपनी जरूरत होती है. मेरी भी है … क्या तू उसे ख़त्म करेगा.

मैं- मतलब?

वो- मतलब तू मुझे चोदेगा.

मैं- क्यों आपको कैसे?

वो- अबे पूछ नहीं … बता रही हूँ तैयार रहना.


मैं- ठीक है … और कर भी क्या सकता हूँ.

मैं घर आ गया और उनके बारे में सोच सोचकर उनके प्रति फीलिंग्स लाने की कोशिश करने लगा, लेकिन बात बन नहीं रही थी. मेरे मन में उनके प्रति कोई गलत विचार नहीं आ रहे थे. फिर मैंने उनकी बॉडी को इमैजिन किया. मेरी जितनी हाइट, एवरेज शरीर, एवरेज बूब्स लेकिन गांड थोड़ी बड़ी थी, जिससे थोड़ी बहुत फीलिंग मेरे अन्दर आई. तभी शाम हो गई और करीब 8-9 बजे वो आ गईं.

वो थोड़ा बहुत एडल्ट बात करके बोलीं- चल शुरू हो जा.

मैं- कैसे शुरू हो जाऊं … क्या करूँ?

वो- जो कर सकता है, वो कर.

मैं- मैं अकेला क्या करूँगा, करने को तो बहुत तरीके हैं, लेकिन अकेला कुछ नहीं कर पाउँगा.

वो- अबे भोसड़ी के सीधे सीधे बोल न … क्या करना है, बातों को घुमा क्यों रहा है?

मैं- एक काम करो, पहले एक वीडियो देख लो, फिर ही आप कुछ समझ पाओगी.

मैंने उन्हें एक पोर्न वीडियो दिखा दी, जिससे वो थोड़ा बहुत गर्म हो गईं और मेरे पास बैठकर मुझे किस करने लगीं. मैं भी बराबर साथ देने लगा और उनके बूब्स प्रेस करने लगा. किस करते करते मैंने उनके कपड़े उतार दिए और उन्होंने मेरे कपड़े खींचते हुए उतार दिए.

किस के बाद मैं उनके बूब्स को चूमने लगा. उनके मम्मे मेरे अनुमान से कुछ ज्यादा ही सेक्सी थे. उनका हाथ भी मेरे लौड़े तक पहुँच गया, जिसे वो सहलाने लगीं. फिर मैं उनकी चूत के पास आ गया.

उसके आस पास काफी बाल थे, उन बालों के बीच उनकी कई सालों से अनचुदी चूत रिस रही थी. मैंने उसमें उंगली की और चूत की फांकों के बीच के भाग को, मतलब दाने को अपने होंठों से खींचने लगा. जिससे वो बेड पर गांड उछालते हुए उछलने लगीं.

मैं उनकी चूत को अपनी जीभ से चोद रहा था, जिससे वो थोड़ी ही देर में झड़ गईं. मैंने उन्हें मेरा लंड चूसने को कहा, पहले तो उन्होंने मना किया. फिर मेरी जिद पर उन्होंने तब तक उसे मुँह में लिया, जब तक वो पूरी तरह खड़ा नहीं हो गया. “Adult Stories”

इन सब क्रियाओं के बाद मैं उनकी चुदाई करने जा रहा था. मैंने उनकी चूत के छेद में थूक भरा और धीरे धीरे दो तीन धक्कों में पूरा लंड अन्दर डाल दिया. फिर लंड बाहर निकालकर एक ही झटके में दोबारा घुसा दिया, जिससे वो चिल्ला कर बोलीं- अबे मादरचोद धीरे कर … मार डाला साले … इतना तेज मत कर.

लेकिन मैं और तेज चुदाई करने लगा. वो बेड पर सीधी लेटी हुई थीं, उनकी एक टांग मेरे हाथ में और दूसरी टांग बेड पर रखी हुई थी. मैं अपना लंड उनकी चूत में पूरा बाहर निकालकर झटके से अन्दर डालता और दोबारा बाहर निकालकर फिर झटका दे मारता, जिससे वो गाली पर गाली बके जा रही थीं.

दीदी ‘धीरे कर … धीरे कर साले …’ चिल्ला रही थीं. थोड़ी देर बाद मैं थोड़ा आराम से करने लगा, जिससे उन्हें भी पूरा मजा आने लगा. खैर मुझे तो मजा आ ही रहा था. मैं दीदी को चोदने के साथ साथ उनके मम्मों को भी मसल रहा था. “Adult Stories”

थोड़ी देर बाद जब मैं थक गया तो मैं लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गईं. अब दीदी अपनी चूत में लंड लेकर चुदवाने लगीं. इस स्थिति में उन्हें किस भी कर सकता था. थोड़ी देर बाद उन्होंने पानी छोड़ दिया, लेकिन मैं उन्हें कुतिया बनाकर तब तक पेलता रहा, जब तक कि मैं नहीं छूटा.

जब सब ख़त्म हुआ तो वो बोलीं- मजा आ गया. शायद ही कोई इस तरह करता होगा … एक बार और हो जाए. मैं उनके दूध दबा कर बोला- जी हुजूर. बस कुछ ही देर में एक बार और पूरे जोरों शोरों के साथ ठुकाई हुई. उन्हें बहुत मजा आया, उन्होंने मुझे बकी गालियों के लिए माफी मांगी और चुदाई के लिए शुक्रिया अदा किया. 

 


दोस्त की बहन को झाड़ियों में जबरदस्ती चोदा

दोस्त की बहन को झाड़ियों में जबरदस्ती चोदा


सभी फ्रेंड्स का मैं शेखर स्वागत करता हूँ. मेरी उम्र 26 साल है. मेरी शादी नही हुई है और कई गर्ल्स को मैंने पटा रखा है. आपको अपनी रोचक स्टोरी सुना रहा हूँ. कैसे मैंने अपने दोस्त की बहन सौम्या को पटा लिया और कैसे अपने प्यार में फंसा लिया. फ्रेंड्स सारी लड़कियाँ बस एक चीज की प्यासी होती है और वो है अपनी खूबसूरती की तारीफ की. बस मैंने ऐसा ही किया और सौम्या को पटा लिया. मेरा दोस्त हरी मेरे घर के पास ही रहता था. मेरी उससे जान पहचान कॉलेज में हुई थी. फिर हमारी दोस्ती बढ़ गयी और मैं अक्सर उसके घर आने जाने लगा. हरी की मम्मी का सुभाव काफी अच्चा था.


वहां पर पहली बार मैंने उसकी बहन सौम्या को देखा. वो मेरे सामने लॉन्ग फ्रोक यानी गाउन में आई थी. वो बहोत गोरी थी बिलकुल दूध की तरह. उसी समय वो मेरे को पसंद आ गयी थी.

हरी- सौम्या!! ये है मेरा दोस्त शेखर!

सौम्या ने मेरी ओर मुस्कुराकर देखा

मैं- हलो!

मैंने उससे हाथ मिलाया और सौम्या मुस्कुरा दी.

हरी- जाओ शेखर के लिए चाय बना लाओ

उसके बाद मैं और शेखर बैठकर बात करने लगे. कुछ देर में सौम्या मेरे वास्ते चाय ले आई. उसी समय से वो मेरे को बहोत पसंद आ गयी थी. मैंने चाय पी और कुछ देर बाद अँधेरा हो गया तो मैं घर चला आया. पर बार बार सौम्या की याद मेरे को सता रही थी. मैंने अपने लोअर में हाथ डाल दिया और लंड पकड़कर हिलाने लगा. सिर्फ हरी की बहन सौम्या की याद मैं कर रहा था. कुछ देर बाद मामला गम्भीर हो गया और मेरा 7 इंच लम्बा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया. मैं खुद को रोक न पाया और मुठ मारने लगा. आखिर अपने लोअर को मैंने निचे सरका दिया और लंड को कच्छे से बाहर निकाल दिया. मैंने अपनी आँखे बंद कर दी और सिर्फ सौम्या को याद कर करके मुठ मारने लगा. 5 मिनट बाद मैंने अपना पानी छोड़ दिया.

धिरे धिरे हमारी मुलाकाते बढ़ने लगी. कुछ दिनों बाद हरी ने मुझे अपने घर पर क्रिकेट खेलने के लिए बुला लिया. हम सब खेलने लगे. हरी की बहन भी हमारे साथ खेलने लगी. उसने मेरे को कई बार बोलिंग की. आज उसने व्हाईट शर्ट और नीली जींस पहनी थी. जब वो बोलिंग करने के लिए जोर से दौड़ती थी तो उसके दूध बार बार किसी गेंद की तरह उछलते थे जिसे देखकर बड़ा मजा आता था. मेरे को तो सौम्या शुरू से अच्ची लगती थी. नीली चुस्त जींस में उसकी कमर, नितम्ब और गांड का नजारा तो देखने लायक था. आज अच्छी तरह से मैं उसके पिछवाड़े को ताड रहा था. मैंने सौम्या की बाल पर कई बार चौके जड़ दिए. क्रिकेट का खेल मेरे को भी बहोत पसंद था. कुछ देर बाद मेरे सारे ओवर खत्म हो गये और हरी की बैटिंग आ गयी. अब मैं बोलिंग कर रहा था. जैसे ही पहली बाल डाली हरी से उसे बहोत जोर से मारा की बोल बहोत दूर पेड़ों के पीछे चली गयी.

हरी- जाओ शेखर!! बाल लेकर आओ

मैं- न बाबा न!! वहां पर इतनी झाड़ी है. पता नही कहा मार दी तुमने. वहां तो सांप, बिच्छु भी होगा. मैं तो उस झाडी में नही जाउंगा

हरी- कोई बात नही!! मैंने बाल लेकर आता हूँ

वो बोला और चला गया. अब मैं और सौम्या अकेले रह गये. मौका देखकर सौम्या को मै एक बड़े पेड़ के पीछे ले गया और किस करने लगा

सौम्या- अभी मुझे किस मत करो. कही हरी से देख लिया तो गुस्सा करेगा

मैं- उसे बोल ढूंढने में करीब 10 मिनट लग जाएगा

मैंने बोला और फिर सौम्या को पकड़ लिया. उसे पेड़ से सटाकर खड़ा कर दिया और किस करने लगा. फ्रेंड्स, सौम्या बहोत गजब की माल थी. मेरे को पता था की वो अभी कुवारी है और एक वार भी चुदी नही है. जब उसे किस कर रहा था तो वो भी गर्म हो गयी और मेरे को किस करने लगी. कुछ देर बाद हम दोनों ही गर्म हो गये. उसकी सफ़ेद शर्ट पर उसके दूध बड़े बड़े बाहर की तरफ निकले थे. ऐसा लगता था की अभी शर्ट को फाड़कर बाहर निकल आएँगे. जैसे ही मैंने उसके गेंद जैसे दूध पर हाथ रखा वो “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” करने लगी. उसके बाद तो मैं रुक न सका. और हरी की खूबसूरत जवान बहन की चूचियां मसलने लगा. वो बार बार सिसकारी लेने लगी. मैंने दूसरी तरफ झांककर देखा की हरी कहाँ है. पर वो पेड़ो के पीछे गेंद ढूढ़ रहा था. मेरे पास कुछ समय था.

मैं फिर से सौम्या पर झुक गया और किस करने लगा. कुछ देर बाद वो फ्रेंक हो गयी और अच्छी तरह से मेरे को किस करने लगी. अब उसको भी मजा आ रहा था. मैंने उसे पेड़ से सटाकर खड़ा रखा और तबियत भरके उसके दूध दबा लिए. मुझे इसमें बहोत आनन्द आया. जब जब दूध मसलता था सौम्या …ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” चिल्लाती थी. मेरे को और मस्ती चढ़ गयी. मैंने उसकी नीली जींस पर चूत के उपर हाथ लगाना शुरू कर दिया. अब तो सौम्या सी सी करने लगी. उसकी जींस की जिप मैंने नीचे सरका दी और हाथ अंदर घुसा दिया. सौम्या की चूत मेरे को मिल गयी. मैं चूत को ऊँगली से हिलाने लगा तो सौम्या अजीब अजीब कामुक आवाजे निकलने लगी. लगा की अभी अपनी चूत का पानी छोड़ देगी. काफी देर तक मैं उसके साथ इंटरटेनमेंट करता रहा. चूत में ऊँगली कर करके मैंने उसकी चूत को गीला कर दिया. फिर हरी आ गया. हम दोनों जल्दी से पेड़ के पीछे से आ गये. उस रात मैंने सौम्या को काल किया.

मैं- कैसी हो जाने बहार?? सच सच वोलना की आज तेरे को मैच में मजा आया की नही??

सौम्या- आज मेरे को बहोत आनन्द आया

मैं- गुलबदन! मैं तेरे को इससे वी जादा आनन्द दे सकता हूँ. पर किसी काम से तुम हरी को वाहर भेज दो बस!

सौम्या- कल मैं हरी को किसी काम से वाहर भेज दूंगी. तब तुम मेरे घर आ जाना

अगले दिन सुबह के 11 बजे हरी को गैस सिलिंडर भरवाने भेज दिया और मेरे को काल कर दिया. मैं तुरंत ही उसके घर आ गया क्यूंकि हम दोनों का घर मुस्किल से 300 मीटर दूर था. सौम्या की माँ कहीं गयी हुई थी. आज तो हम दोनों की सुहागरात होने वाली थी. मैं गया तो सौम्या बाहर सीढियों पर ही खड़ी हुई थी. उसके बाद हम दोनों अंदर चले गये. हम दोनों की किसिंग शुरू हो गयी. दोनों कमरे में चले गये. अब हम दोनों के पास काफी समय था जिसमे हम चुदाई कर सकते थे.

आज तो सौम्या भी पुरे मूड में दिख रही थी. वो मेरे को बड़े जोश से किस कर रही थी. दोनों के लिप्स से लिप्स आपस में टकराकर चिंगारी निकाल रही थी. जितने जोश से मैं उसे चुस रहा था उतने ही जोश से वो मेरे को चुस रही थी. आज उसने फिर से लोग गाउन पहना था. उसे मैंने एक दीवाल से सटाकर खड़ा कर दिया और गोल गोल 36 इंच के दूध को मसलने लगा. वो “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” कर रही थी. फिर हम दोनों ही बेडरूम में चले गये.

मैं- सौम्या!! आज मेरे को तेरे मस्त मस्त दूध देखने है

सौम्या- शेखर! मैं भी चाहती हूँ की तुम मेरे मस्त मस्त दूध मुंह में लेकर चूसो. मेरा वी कबसे चुसाने का दिल कर रहा है

उसने कहा और फिर अपना गुलाबी रंग का गाउन उतार दिया. उसे जव मेने ब्रा और पेंटी में देखा तो सोये अरमान जाग गये. आज कितने दिनों बाद कोई गर्ल को फक करने का मौका मिल रहा था. मैं खुद को किस्मत वाला समझ रहा था. उसने रंग बिरंगी ब्रा और पेंटी पहनी थी जिसमे वो बहोत सेक्सी दिख रही थी. जिस तरह से समुद्र के बीच पर लडकियां स्विम सूट में दिखती है, उसी तरह सौम्या मेरे को दिख रही थी. मैं भी पूरे जोश में आ गया. मैंने खड़े खड़े ही उसे बाँहों में लपेट लिया. उसके बाद तो हम दोनों की खुब किसिंग हुई.

सौम्या- शेखर! क्या तुम कपड़े नही उतारोगे??

मैं- लगता है रानी बड़ी जल्दी में हो. लो उतार देता हूँ

उसके बाद मैंने अपनी टी शर्ट और जींस उतार दी. मेरा लंड 7” का था जो कबसे मेरे अंडरवियर में था और बूंद बूंद करके रस छोड़ रहा था. मैंने वो भी उतार दिया. अब मैं फुल न्यूड हो गया था. धिरे धिरे अपन ने सौम्या की ब्रा और पेंटी भी उतार दी. वो बेड पर सीधी लेट गयी. मैं उसके करीब आ गया और फिर से किसिंग शुरू हो गयी. अब मेरे को उसके रसीले दूध सक करने थे. मैंने उसके चूचियां पर हाथ लगाना स्टार्ट कर दिया. सौम्या के दूध काफी कसे थे और बिलकुल देसी थे. फ्रेंड्स, जिस तरह से तन्दुरुस्त इंडियन गर्ल्स के दूध काफी बड़े बड़े और रसीले होते है, उसी तरह से हरी की बहन सौम्या के दूध थे. मैं हाथ में लेकर दबाने लगा तो वो “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी. मेरे को पता चल गया था उसको भी बड़ा एन्जॉय मिल रहा है. उसके बूब्स काफी चिकने और सॉफ्ट थे.

मेरे को बहोत मजा आ रहा था. उसके बाद मैंने उसके दूध को मुंह में भर लिया और मस्ती से चूसने लगा. अब तो वो और कराहने लगी. मुझे बार बार प्यार कर रही थी. हम दोनों ही अब नंगे थे. मैं तो उसके दूध ऐसे चुस रहा था जैसे वो मेरी वाइफ हो. मैं अच्छी तरह से मुंह चलाकर सक कर रहा था. मेरे को पता था की अगर उसे एक बार में मैंने मजा दे दिया तो वो मेरे से बार बार अपने बूब्स सक करवाएगी. इस तरह मैं अच्छी तरह से सक कर रहा था. सब रस पी रहा था. उसके बाद मैंने दूसरी निपल को मुंह में लगा लिया और फिर से चूसने लगा. मैंने सौम्या की तरफ देखा तो वो आँख बंद की हुई थी. उसके बाद मैं 69 में आ गया.

मैं- बेबी!! तेरे को मेरा लंड आज सक करना है. देखो अच्छे से करना वरना ये ठीक से खड़ा नही हुआ तो तेरे को चुदाई में मजा नही आएगा

सौम्या- शेखर!! मैं सक करती हूँ. पर तेरे को भी मेरी चुत अच्छे से चाटनी है

उसके बाद हम दोनों 69 में आ गये और काम पर लग गये. मेरे मुंह के ठीक उपर सौम्या की चुत थी. मैं जीभ लगाकर अविलम्ब चाटने लगा. उसकी चूत बहोत सुंदर थी. मेरे को तो देख देख कर ही बड़ा आनन्द आ रहा था. मैं जल्दी जल्दी चाट रहा था. उधर हरी की बहन सौम्या वी अपने काम पर लगी हुई थी. मेरे लंड को जल्दी जल्दी हिलाकर मुंह में लेकर चुस रही थी. काफी देर तक दोनों 69 में मजे लेते रहे. उसके बाद मैंने उसको घोड़ी बना दिया. सौम्या ने अपना कंधा बेड पर रखा और अपनी गांड उपर उठा दी. आज पहली बार उसके न्यूड नितम्ब और पिछवाडा देखने का अवसर मिला. फ्रेंड्स, सच में वो कच्ची कली थी.

मेरे को बहोत स्वीट लग रही थी. उसके न्यूड नितम्ब पर मैंने कई बार हाथ फिराया और किस किया. फिर मैंने उसकी चूत सक करना शुरू कर दिया. उसकी चूत बहोत सुंदर थी. मैं जल्दी जल्दी सक (चाटने) करने लगा. धिरे धिरे सौम्या की चुत अपना रस छोड़ने लगी. मैंने कई बार उसकी चुत का पानी पिया.

मेरे को बड़ा आनंद आया. उसके बाद मैंने उसकी चुत फकिंग (चुदाई) शुरू कर दी.

मैंने हल्का सा झुककर उसकी चूत में अपना लंड घुसाकर उसे चोदने लगा. सौम्या “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” कर रही थी. अपना अंगूठा उसने अपने मुंह में डाल दिया था और आँखे बंद करके चूस रही थी जैसे बचपन में छोटे बच्चे चुसते है. ऐसे में वो मेरे को बड़ी प्यारी लग रही थी. मैंने जल्दी जल्दी उसे चोदने लगा जिससे वो जादा से जादा आवाज निकाले और मेरे को और मजा आये. वो अपने सीधे हाथ का अंगूठा चुस्ती रही और एक अच्छी बच्ची की तरह घोड़ी बनकर चुदवाती रही. उसके सेक्सी नितम्ब को मैंने कई बार हाथ से छुकर आनंद लिया. फिर जल्दी जल्दी किसी जोश में आकर पेलने लगा. सौम्या फिर से “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” चिल्लाने लगी. मैं रुका नही और जल्दी जल्दी उसे फक करता रहा. एंड में 15 मिनट वाद मैंने खल्लास हो गया.

बचपन के प्यार की सील तोड़ चुत चुदाई

बचपन के प्यार की सील तोड़ चुत चुदाई

मेरे पड़ोस में मेरी एक प्यारी सी लड़की रहती है, जिससे मैं बचपन से प्यार करता आ रहा हूँ … लेकिन उसे अपना प्यार जताने की मेरी कभी हिम्मत नहीं हुई-. हम दोनों के परिवारों में काफी अच्छे सम्बन्ध थे, इस वजह से मैं ज्यादा हिम्मत नहीं कर पा रहा था कि कहीं हमारे परिवारों के बीच कोई कटुता न पैदा हो जाए-.
बचपन के प्यार की सील तोड़ चुत चुदाई


फिर एक दिन मैंने हिम्मत करके उसे अपने दिल की बात बता ही दी-. लेकिन उस समय उसने मेरा प्रस्ताव यह कहकर ठुकरा दिया कि वो लव मैरिज नहीं करना चाहती है-.

मेरे लाख समझाने और कोशिश करने पर भी वो नहीं मानी-. मैंने भी उसे फ़ोर्स करना अच्छा नहीं समझा-. फिर हम दोनों अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए-. एक दिन मुझे खबर लगी कि उसके लिए एक विदेश में नौकरी कर रहे लड़के का रिश्ता आया है-.

ये जानकर मैं बहुत निराश हुआ क्योंकि मैं अभी भी उससे बहुत प्यार करता था-. एक दिन हमारे परिवार के लोग किसी रिश्तेदार की शादी में गए थे-. मैं घर पर अकेला था-. मैं पूरे दिन काम का थका शाम को हाफ-डे लेकर ऑफिस से जल्दी आ गया था और आते ही बेड पर सो गया-.

करीब आधे घंटे बाद मेरे घर की डोर बेल बजी-.

मैंने पूछा- कौन है?

बाहर से महिमा की आवाज आई- मैं हूँ-.

ये महिमा मेरी वही पड़ोसन है … जिससे में प्यार करता हूँ-.

मैं आपको महिमा के बारे में बता दूँ कि वो एक सुन्दर, कमसिन, कोमल, हॉट एवं काफी प्यारी सी लड़की है-. उसका फिगर 32-24-30 का है-.


पहली नजर में जो भी उसे देखता, उसकी खूबसूरती का दीवाना बन जाता था-.

जब दरवाजे पर उसकी आवाज सुनी, तो मैं उठ गया और उसे अन्दर आने को कहा-.

जैसे ही वो अन्दर आई, मैंने उसे ऊपर से नीचे तक निहारा-.

उसने टाइट कुर्ती सलवार पहना हुआ था-. उसके तने हुए दूध देखकर मेरे तो होश ही उड़ गए-.

मैंने उसे अन्दर आने को कहा-.

हम दोनों अन्दर आकर बात करने लगे-.

उसने सभी की अनुपस्थिति को लेकर पूछा-.

तो मैंने सभी को शादी में जाना बताया-.

उसने मुझसे पूछा कि तुम शादी में क्यों नहीं गए?

तो मैंने उत्तर दिया कि मेरा मन नहीं था-.

कुछ देर तक यूं ही बात करते रहने के बाद उसने पूछा- घर के लोग वापस कब आएंगे?

मैंने कहा- दो दिन बाद आएंगे-.

उसने मुझे खाना खाने के लिए पूछा-.

तो मैंने जवाब में मना कर दिया क्योंकि मैं तो उसके प्यार का भूखा था-.

मेरे मना करने पर वो जाने लगी और जैसे ही वो मुड़ी … तो उसकी चुनरी उसके पैरों में फंस गई और वो घूम कर मेरे ऊपर गिर गयी-.

इस तरह से हम दोनों में एक चुम्बन का सीन हो गया-.

यह अहसास मेरे लिए काफी रोमांचक था-. हम दोनों की आंखें एक दूसरे की आंखों में स्थिर हो गईं और कुछ आश्चर्यचकित सी रह गईं-.

क्या बताऊं दोस्तो, उसका कोमल शरीर मेरे बदन से सट गया था और उसके बड़े बड़े स्तन मेरी छाती को छू रहे थे-.

मुझे लग रहा था मानो कोई मुलायम गद्दे मेरे सीने दब गए हों-.

हमारी धड़कनें तेज हो गईं-.

फिर वो धीरे से उठने हो हुई-.

मगर उसी समय मैंने उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक और होंठों पर मुस्कान देखी-.

मुझे उसकी आंखों में एक ऐसी कामना सी दिखी मानो वो मुझे फिर से चूमने का न्यौता दे रही हो-.

हमारी सांसें गर्म हो चुकी थीं और हमारी नजरें एक दूसरे को ही ताक रही थीं-.

मुझसे रहा नहीं गया और मैं उसे चूमने लगा-.

पहले तो उसने विरोध किया लेकिन फिर उसने भी मेरा साथ दिया और हम एक दूसरे को चूमने चाटने लगे-.

कभी मैं उसके मुलायम गुलाब जैसे होंठों को चूमता, तो कभी गर्दन पर किस करता, तो कभी उसके कान की लौ काट लेता-.

वो भी मुझे इसी तरह से चूमने लगी-. हमें कोई होश नहीं था … हम एक दूसरे में मदहोश हुए जा रहे थे-.

थोड़ी देर चूमने के बाद मैंने उसे जल्दी से पलटा दिया और मैं उसके ऊपर आकर उसे चूमने लगा-.

उसे चूमते चूमते मेरा हाथ उसके स्तनों को दबाने लगे-.

उसके स्तन इतने बड़े थे कि एक स्तन मेरे पूरे हाथ में नहीं आ रहा था-.

मैं यूं ही धीरे धीरे उसके स्तनों को मसलता रहा और दबाता रहा-.

उसे भी मजा आने लगा और उसके मुंह से ‘आह … आह …’ की मादक आवाज आने लगी-.

उसकी कामुक सिस्कारियां मुझे और उकसाने लगी थीं-.

धीरे धीरे मैं अपना एक हाथ उसकी चूत पर ले गया और चुत को कपड़ों के ऊपर से ही मसलने लगा-.

पहले तो उसने मुझे रोका, लेकिन जब मैं नहीं रुका तो थोड़ी देर बाद उसने मुझे रोकना बंद कर दिया-.

शायद उसे भी अब मज़ा आने लगा था-.

ये सब चलते चलते पूरे कमरे में उसकी मादक सिसकारियों और मनमोहक खुशबू फ़ैल गई थी-.

मेरा लंड धीरे धीरे कड़क होने लगा था और उसे पैंट में से चुभने लगा था-.

वो धीमी आवाज में बोली- ये क्या चुभ रहा है?

उसकी बात सुनकर मैं रुक गया और जरा उठ सा गया-.

उसने मेरे पैंट पर बने तम्बू को देखा और सोच में पड़ गयी कि ये क्या है?

मैंने मुस्कुराकर कहा- क्या तुम्हें वाकयी नहीं पता कि ये क्या है?

उसने शर्मा कर न में सर हिला दिया-.

मैंने उसके कान में कहा कि ये मेरा औज़ार है और इससे हम मर्द, चुत चोदते हैं-.

उसने शर्मा कर पूछा कि चुत माने क्या?

मैंने उसकी चूत की ओर इशारा करते हुए उसे बताया कि चुत इधर होती है-.

वो शर्मा गई और मुस्कुराने लगी-.

उसे मुस्कुराता देख कर मेरी उत्तेजना और भी बढ़ गयी-.

तभी उसने आव देखा न ताव … और फट से मेरी पैंट का बटन और चैन खोल दी-.

मैंने अंडरवियर पहना था, जिसमें से मेरा लंड और भी बड़ा लग रहा था-.

उसने मेरे लंड को हाथ में लिया और मसलने लगी-.

पहली बार किसी लड़की ने मेरे लंड को टच किया था; मैं सिहर उठा और पागल सा हो गया-.

वासना में मैं उसके मम्मों को जोरों से दबाने लगा और किस करने लगा-.

वो भी गर्मा उठी थी-.

मैंने देर न करते हुए उसकी कुर्ती को ऊपर किया और उसकी गर्दन से निकालते हुए अलग को फेंक दिया-.

उसने अन्दर लाल कलर की नेट वाली ब्रा पहनी थी-.

लाल मेरा पसंदीदा रंग है तो मेरी वासना और भी भड़क गई-.

मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके स्तन दबाता और चूमता रहा और उसकी गर्म गर्म सांसें तेज होने लगीं-.

मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी पीठ के पीछे हाथ लेजाकर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया-.

उसकी ब्रा उतार कर अलग कर दी तो उसने शर्मा कर अपने स्तनों पर हाथ रख लिया और उन्हें ढक दिया-.

मैंने उसके हाथों को प्यार से हटाया और उसके स्तनों से अलग कर दिया-.

मेरे सामने दुनिया के बेहतरीन स्तन खुल गए थे-.

ये इतने मादक थे कि मैंने अब तक कभी भी किसी साईट में नहीं देखे थे … बल्कि अपनी कल्पना में भी ऐसे चुचे नहीं सोचे थे-.

उसके स्तन किसी पोर्नस्टार से भी अच्छे थे-. मैं तो बस उन्हें देखता ही रह गया-.

दूसरी तरफ उसने शर्म के मारे अपनी आंखें बंद कर लीं-.

मैंने उसके एक स्तन को हाथ में लिया और सहलाते हुए दबाने लगा-. दूसरे स्तन की चौंच को अपने होंठों में दबा कर चूसने लगा-.

आह ऐसा स्वाद मैंने अब तक कभी नहीं लिया था-.

मैं एकदम से बौरा सा गया था-. कभी उसके एक स्तन को दबाता, तो कभी कसके चूसने लगता-. उसके दूध को जोर जोर से पीता … तो कभी उसकी चूची को जोर से भींच देता-.

कुछ पल बाद मैं नीचे नाभि पर चूमने लगा-. मैं अपनी जुबान से उसकी नाभि को चोदने सा लगा था-.

वो तेज तेज स्वर में ‘आह -.-. आह -.-.’ की आवाजें निकालने लगी थी-.

कुछ देर बाद उसने मुझे खड़ा किया और खुद बैठ कर मेरी अंडरवियर को उतारने की जगह एक झटके से फाड़ दिया और मेरे लंड को आज़ाद कर दिया-.

मेरा 7 इंच का फनफनाता लंड देख कर उसके होश उड़ गए और वो घबरा गयी-.

वो लंड देख कर कहने लगी कि य…ये क्या है … इतना बड़ा और सख्त!

मैंने कहा- ये मेरा औजार है और इसे लंड भी कहते हैं-. अंग्रेजी में पेनिस इसे कहते हैं-. क्यों … क्या तुमने पहले कभी लंड नहीं देखा?

उसने कहा- देखा है … लेकिन केवल फोटो में … मगर इतना बड़ा नहीं देखा-.

वो मेरे लंड को हाथ में लेकर मसलने लगी-.

उससे रहा नहीं गया और उसने मेरे लंड को मुंह में भर लिया और उसे कुल्फी की तरह चूसने चाटने लगी-.

मुझे मज़ा आने लगा-.

लेकिन मेरा सिर्फ आधा लंड ही उसके मुँह में जा रहा था तो मैंने जोर से उसका मुँह दबाया और मेरा पूरा लंड उसके गले तक चला गया-.

उसने झट से लंड बाहर निकाला और खांसने लगी-.

मैंने उसे उठाया और उसे किस करने लगा और उसका स्तन पान करने लगा-.

वो मुझे खुद दूध पिलाने लगी-.

कुछ पल बाद मैंने उसे उठा कर बेड पर लुढ़का दिया और उसे पागलों की तरह चूमने लगा; उसके मम्मों को दबाने लगा-.

उसकी वासना से लबरेज सिसकारियां पूरे वातावरण को मादक बना रही थीं-.

अचानक से उसका शरीर अकड़ने लगा-.

मैं समझ गया कि उसका पानी छूट गया है-. लेकिन उसके लिए ये पहला अनुभव था … तो वो डर गई कि उसे क्या हो रहा है … कहीं पीरियड्स तो नहीं होने लगे हैं-.

मैंने उसे समझाया कि ये तुम्हारी चुत से निकलने वाला पानी है … जो उत्तेजना बढ़ने पर निकलता है-.

उसकी सलवार गीली हो चुकी थी-.

मैंने जल्दी से उसकी सलवार का नाड़ा खोला और उसे उतार दिया-.

उसने अन्दर नेट वाली लाल पैंटी पहनी थी, जो पूरी गीली हो चुकी थी-.

मैं लाल रंग की गीली पैंटी में उसकी फूली हुई चुत देख कर एकदम पागल हो गया और मैंने देर न करते हुए उसकी पैंटी को उतार फैंका-.

अब मेरे सामने एक कमसिन कुंवारी नंगी चूत थी-. उसकी चुत पर बारीक झांटें उगी थीं-.

चुत ऐसी लग रही थी … जैसे कुछ ही दिन पहले उसने चुत की झांटें साफ़ की हों-.

मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह रखा और उसकी खुशबू लेने लगा-.

काफी मनमोहक सुगंध थी-.

मैं उसकी चूत को चाटने लगा, उसे गुदगुदी होने लगी और वो हंस पड़ी-.

धीरे से मैंने उसकी चुत में अपनी जीभ लगा दी … लेकिन उसकी चुत काफी टाइट थी और मेरी जुबान अन्दर न जा सकी-.

मैंने फिर से कोशिश की मगर फिर से असफल हो गया-.

अब मैंने अपनी उंगलियों से उसकी चुत को फैलाया और अपनी जीभ दरार में डाली-.

मेरी जीभ अन्दर तो गई मगर एक तंग जगह में फंस सी गयी-.

मैं धीरे धीरे जुबान को अन्दर बाहर करने लगा और अपने हाथों से उसके बड़े स्तनों को दबाता रहा-.

वो ‘आह … आह … आह …’ की मादक आवाज निकालने लगी थी-.

थोड़ी देर ऐसा करने के बाद वो फिर से झड़ गयी और मैंने उसका सारा पानी पी लिया-.

उसकी कुंवारी चुत का रस ऐसा लगा मानो मैंने अमृत पी लिया हो-.

वो झड़ने के बाद निढाल हो चुकी थी-.

कुछ देर बाद हम दोनों 69 की मुद्रा में आ गए-.

मैंने अपना लंड उसके मुंह में दे दिया और वो उसे मसल मसल कर चूसने लगी-.

कभी वो लंड के ऊपर के सुपारे को चूसती … तो कभी मेरे आंडों को बारी बारी से अपने मुँह में लेकर चूसती-.

एक तरफ वो मेरे लंड को चूस रही थी और दूसरी तरफ मैं अपनी उंगली उसकी चुत में डालने लगा था-.

उसकी चुत एकदम टाईट थी तो उंगली तक घुसेड़ने में मुश्किल हो रही थी-.

मैंने मेज़ पर रखा तेल उठा लिया और हाथ पर लगा कर उसकी चुत में मलने लगा-.

उसकी चुत के अन्दर तक कुछ तेल गया, तो अब मेरी उंगली उसकी चुत में आसानी से अन्दर चली गयी-.

उंगली को अपनी चुत के अन्दर लेते ही वो सिसक उठी और गांड उठाने लगी-.

कुछ देर एक उंगली से ही चुत को ढीला करने के बाद मैं अपनी दो उंगलियों से उसे चोदने लगा और उसकी चूत को चाटने लगा-.

अब उससे रहा नहीं गया और वो गिड़गिड़ाने सी लगी- आह रॉकी प्लीज … मुझसे रहा नहीं जाता … अब मुझे चोद दो-. मुझे अपनी रानी बना लो-.

उसके मुँह से यह सुन कर मैं चौंक गया और काफी खुश हुआ-.

मैं उस पर से उठा और नंगा ही भाग कर अपने बड़े भाई के कमरे में गया, उसकी अलमारी से कंडोम का पैकेट ले आया-.

मेरे बड़े भाई की शादी कुछ महीने पहले ही हुयी थी-. मुझे मालूम था कि वो भाभी को कंडोम लगा कर ही चोदता है-.

दोस्तो, चाहे कुछ भी हो … सेफ्टी फर्स्ट होती है-. कभी कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए-.

मैं जल्दी से कंडोम लेकर आया और अपने लंड पर पहनने लगा-.

उसने पूछा कि ये क्यों?

मैंने कहा- सेफ्टी जरूरी है … तुम्हारे लिए भी … और मेरे लिए भी!

मेरी बात सुनकर वो खुश हो गई और उसने मुझे गले से लगा लिया-.

मैंने झट से कंडोम पहन लिया और उसे लिटा कर चूमने चाटने लगा-.

अब मैंने अपना तना हुआ लंड उसकी बुर पर रखा और चुत के ऊपर घिसने लगा-.

वो मेरे लंड को चुत में लेने के लिए तड़प रही थी-.

अपनी आंखें बंद किए हुए वो मादक सिसकारियां ले रही थी-.

मैं लंड चुत पर घिस कर उसे और उकसा रहा था-.

वो कहने लगी- मेरे राजा … अब देर मत करो … और डाल दो इस हथियार को मेरी चुत में-.

मैंने अपना लंड उसकी गर्म चूत के द्वार पर सैट किया और हल्का सा धक्का दे दिया-.

लेकिन उसकी चूत काफी टाइट थी … पहली बार जो चुद रही थी-.

मेरा लंड फिसल गया और यह देख कर वो हंस पड़ी-.

मैंने उसकी गांड को कसके पकड़ा और लंड को फिर से सैट किया-.

इस बार सुपारा चुत की फांकों के मध्य जैसे ही सैट हुआ … मैंने जोर का धक्का लगा दिया-. मेरे लंड का मुखड़ा उसकी चूत में घुसता चला गया-.

मोटा लंड जब संकरी चुत में घुसा, तो वो जोर से चीख पड़ी-.

वो रोने लगी … मैं उसे किस करने लगा ताकि उसकी चीख दब जाए-.

वो रोती हुई कहने लगी- इसे निकालो … मुझे बहुत दर्द हो रहा है-.

मैं उसे चूमने लगा और उसके स्तन दबाने लगा-.

थोड़ी देर बाद वो शांत हुई तो मैंने एक और जोर का धक्का दे दिया-.

इस बार मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया था-.

वो फिर से चीख उठी- हाय मर गई मैं तो … इसे निकालो … मुझे नहीं करना-.

लेकिन अब मैं कहां रुकने वाला था … मैंने एक और जोर का झटका दे दिया और मेरा पूरा लंड उसकी चुत में घुस गया था-.

वो दर्द से कराह रही थी और उसके आंसू रुक ही नहीं रहे थे-. मैं उसे चूमता रहा ताकि वो शांत हो जाए-.

थोड़ी देर मैं ऐसे ही पड़ा रहा-.

फिर कुछ पल बाद जब वो शांत हुई तो मैं आगे पीछे होकर लंड को अन्दर बाहर करने लगा-.

पहले उसे दर्द हुआ … फिर वो भी मजे लेकर मेरा साथ देने लगी-.

अब तो वो अपनी गांड को उछाल उछाल कर साथ देने लगी थी-.

मैंने उसकी टांगों को अपने कंधे पर लिया और उसकी गांड पकड़ कर जोर जोर से झटके मारने लगा-.

पूरे कमरे में उसकी सिस्कारियों की आवाज ‘आह … आह … ओह माय गॉड … फ़क मी फ़क मी … रॉकी-.’ और ‘फच्च फच्च …’ की आवाजें गूंजने लगीं-.

मैंने दस बारह तेज शॉट मारे और उससे पूछा- मजा आ रहा है जान!

वो चीखने लगी, चिल्लाने लगी- ओह रॉकी बहुत मज़ा आ रहा … और जोर से करो … आह-.

मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दी-.

करीब 15 मिनट बाद मैं झड़ गया-.

इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी-. मैं लंड उसकी चूत में रखे ही उस पर लेटकर सो गया-.

कुछ देर बाद मेरी आंखें खुलीं, तो मैंने देखा कि मेरे लंड पर खून लगा था-.

मैंने देखा कि वो खून महिमा की चूत से आ रहा था-.

मुझे पता था कि पहली चुदाई में लड़की की सील टूटने पर खून निकलता है-.

मुझे लगा अगर महिमा ने ये देख लिया तो वो घबरा जाएगी-.

वो अभी सो रही थी-.

मैं जल्दी से बाथरूम से गीला कपड़ा लेकर आया और उसकी चूत और मेरे लंड से खून साफ़ किया-.

लेकिन अभी भी बेडशीट पर खून लगा था-. मैंने महिमा को उठाया तो उसमें उठने की भी ताकत नहीं थी-.

मैंने उसे सहारा देकर उठाया और अपनी गोद में उठा कर उसे बाथरूम में ले गया, उसे बाथटब में लिटा दिया और हल्का गर्म पानी भर दिया-.

गर्म पानी में उसे अच्छा लगा-.

वो अपने बदन की गुनगुने पानी से सिकाई करने लगी-.

तब तक मैंने जल्दी से कमरे में आकर बेडशीट को हटाया और धोने में डाल दिया-.

फिर मैं भी बाथरूम में आ गया और महिमा के साथ बाथटब में बैठ गया-.

मैंने उसे अपनी तरफ किया और उसके गोरे बदन पर साबुन मलने लगा-.

कभी उसके स्तन पर साबुन लगा कर दूध मसलता और दबाता, तो कभी उसकी चूत के ऊपर साबुन लगाता और अन्दर तक उंगली डाल कर चुत को मसलता-.

इसी तरह वो भी मेरे लंड पर साबुन मलती और उसे मसलती रही-.

मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया-. मैं उसकी गांड मसलने लगा-.

मैं टब में ही लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गयी-.

मेरे लंड को हाथ में लेकर वो अपनी चूत पर सैट करने लगी-.

धीरे से मेरा लंड उसकी चूत में जाने लगा-.

अब वो धीरे धीरे अपनी गांड को हिलाने लगी और ऊपर नीचे होने लगी-. इसी तरह हमने कई पोजीशन में टब में ही चुदाई की-.

डॉगी स्टाइल में कभी 69 में चुदाई का मजा आता रहा-. कभी मैं उसके ऊपर चढ़ जाता … तो कभी वो मेरे ऊपर चढ़ जाती-.

1st सेक्स करने के बाद मैंने उसे पूछा- तू तो बड़ी अनजान बन रही थी चूत लंड से? फिर कैसे तुझे सब पता चल गया और …

वो बोली- वो तो मैं ऐसे ही भोली बन कर दिखा रही थी-. ब्लू फ़िल्में देख कर मुझे सब पता था पहले से!

उस रात हमने पूरे घर में कई जगह और कई बार चुदाई की-. किचन में, खाना खाते समय डाइनिंग टेबल पर भी उसे चोदा, टीवी देखते समय सोफे पर चोदा-. टहलते समय छत पर भी चोदा-.

उस रात की सेक्स कहानी आगे भी बताऊंगा मगर वो सब अगली बार लिखूंगा-.

उस दिन के बाद जब भी हम दोनों अकेले में मिलते हैं, तो मिनटों तक किस करते हैं और कभी कभी मैं उसके मम्मों को भी चूस लेता हूँ-.

जब भी हम दोनों देर के लिए अकेले में मिलते हैं, तो चुदाई भी कर लेते हैं-.

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