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जुड़वा बहनों की एक साथ चुदाई किया मेरा भाई

Twins Sex Story, Judwa Bahan ki Chudai, Do Judwa Bahan ko Real Brother Ne Choda



Twins Sex Story, Judwa Bahan ki Chudai, Do Judwa Bahan ko Real Brother Ne Choda : मैं रिंकी की बड़ी बहन हूं मेरा नाम आकांक्षा है, हम दोनों जुड़वा बहन हैं हम दोनों की उम्र अभी 21 साल हुई है। कॉलेज में पढ़ते हैं एक साथ रहते हैं। फरीदाबाद में रहकर पढ़ाई करती हूं। मेरा घर लखनऊ है, मेरे मम्मी पापा दोनों लखनऊ में रहते हैं। हम दोनों फरीदाबाद में एक फ्लैट किराए पर लेकर वही पढ़ाई करते हैं। मेरा एक भाई है जो इंजीनियरिंग कर रहा है पुणे से वह फरीदाबाद आया था नए साल पर। पर हम तीनों के बीच में ऐसे केमिस्ट्री हो गई की बात सेक्स तक पहुंच गई। AdultStories.co.in पर मैं पहली बार यह कहानी लिख रही हूं। रोजाना यहां पर आकर कहानियां पढ़ती हूं पर लिखने का मौका पहली बार मुझे मिला है। अब मैं सीधे कहानी पर आती हूं मुझे पता है आप बेचैन हो रहे हैं।

मेरा भाई 22 साल का है। जिम जाता है बॉडी बनाया हुआ है देखने में हीरो जैसा लगता है। हम दोनों बहनों का वह प्यारा भाई है। हम दोनों बहन बहुत प्यार करते हैं उसको वह भी अपनी बहन को बहुत मानता है। परिवार को ज्यादा हो गया इस वजह से ठंड की रात में हम दोनों बहनों को गर्म कर दिया उसमें। कई बार जिंदगी में ऐसे कुछ बातें हो जाती है जो होना नहीं चाहिए। पर सब कुछ समय के साथ बदल जाता है। कई बार जो आप नहीं चाहते हैं वही हो जाता है वैसा ही हम दोनों बहनों के साथ ही हुआ था। हम दोनों नहीं चाहते थे कि मेरा भाई मुझसे शारीरिक संबंध बनाए। पर जवानी ऐसी दहलीज होती है जहां पर अक्सर लोग फिसल जाते हैं। यहां तक कि रिश्ते भी तार-तार हो जाते हैं। और बात वहां तक पहुंचता है जहां पहुंचना नहीं चाहिए।

जिस दिन मेरा भाई आया था हम तीनों बाहर खाना खाने गए। चिकन बिरयानी हम तीनों का फेवरेट है तो हम तीनों बाहर जाकर चिकन बिरयानी खा कर आए थे। जब हम लोग अपने फ्लैट पर वापस आए भैया बोला कोल्ड ड्रिंक पीने का मन कर रहा है। तो मैं बोली अभी नीचे से लेकर आ रही हूं नीचे जो है वहां से। मैं नीचे गई तो एक सिगरेट भी लेकर पी ली। अक्सर दिन में 2 सिगरेट पी जाती हूं। मुझे सिगरेट पीना था इस वजह से भी मैं नीचे कोल्ड्रिंक्स लेने के लिए आ गई थी।


हम दोनों जुड़वा बहन हैं एक दूसरे से कभी अलग नहीं होते हैं। पर मेरा भाई आया हुआ था इसलिए वह ऊपर रह गई। जब मैं वापस कमरे में पहुंची तो मैं दंग रह गई मेरा भाई रिंकी को किस कर रहा था। उसके चूचियां दबा रहा था। मैं थोड़ी देर के लिए बाहर रुक कर पर्दे के पीछे से देखने लगी कि आखिर यह सब क्या चल रहा है। मैं क्या देखती हूं वह दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे। मेरा भाई रिंकी के ब्रा के अंदर हाथ डाल कर उसके चुचियों को मसल रहा था। मैं हैरान हो गई यह बात कभी रिंकी ने बताया नहीं था। सच बताऊं दोस्तों मुझे गुस्सा नहीं आया। मुझे ऐसा लगा भाई मेरा है बहन भी मिली है वह दोनों जब इस चीज का मजा ले रहे। तो मैं क्यों पीछे रहूं।


और मैं कमरे के अंदर पहुंच गई वह दोनों एकदम से अलग हो गया। मैं उन दोनों से कहा मुझमें क्या कमी है। इतना प्यार कर सकते हो रिंकी को तो मुझे क्यों नहीं। इतना कहते ही मेरा भाई मुझे पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और मेरे होंठ को चूसने। रिंकी मेरा भाई मेरे चूचियों को मसलते हुए मेरे होठ को चूमने लगा था। मैंने रिंकी का हाथ पकड़ कर अपने पास लेकर आए और हम दोनों मिलकर अपने भाई को चूमने लगे। मैंने अपने भाई के पजामे में हाथ देकर उसका लंड पकड़ लिया मेरी बहन उसके गांड को सहलाने लगी।


हम दोनों ने दरवाजे खिड़कियां चारों ओर अच्छी तरक्की बंद किया और कमरे में आकर अपने अपने कपड़े खोल दे। हम दोनों का शरीर की बनावट एक जैसी है। बड़ी-बड़ी चूचियां गोरा बदन लंबे बाल होंठ गुलाबी, कजरारे आंखें, लंबी चौड़ी। हम दोनों बहन एक से बढ़कर एक हैं सुंदरता के मामले में और शरीर के मामले में। मैंने अपने भाई को बेड पर लिटा दिया। मेरी बहन रिंकी भाई का लंड पकड़ कर मुंह में लेकर चूसने लगी। और मैं अपने भाई के मुंह पर अपनी गांड रख दिया। उसने मुझे सेट किया और मेरी चूत को चाटने लगा। मेरे चुचियों को दबाते हुए मेरी चूत को चाट रहा था। और मेरी बहन लंड को चूस रही थी।


फिर मैं लंड चूसने लगी और वह अपनी चूत चटवाने लगी। कमरे में सिसकारियां ही सिसकारियां निकल रही थी। मेरा भाई चुपचाप होकर कभी मेरी चूचियों को पीता कभी मेरी बहन के चुचियों को, कभी मेरी गांड को चाटता कभी मेरी बहन के गांड को चाटता। हम दोनों की चूत पानी पानी हो गया था। हम दोनों के निप्पल टाइट हो गए थे। 10 मिनट में हम दोनों को मेरा भाई ऐसे गर्म कर दिया कि क्या बताऊं। अब बारी आई चुदाई की।


पहले मैं लेट गई नीचे अपनी टांगों को अलग अलग कर दी। मेरा भाई बीच में बैठ कर अपना निकाला और जोर से घुसा दिया। और जोर जोर से चोदने लगा। तब तक मेरी बहन अपना बूब्स भाई को पीला रही थी। वह जोर-जोर से मेरी चूत में लंड पर रहा था। मेरी बहन जब मुझे देखती तो मैं उसके हॉट को चूमने लगते। हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगते थे और एक दूसरे की चुचियों को दबाने लगते थे। ऐसा कभी पहले नहीं किया था। पर उस दिन कर रही थी।

अब रिंकी की बारी आएगी रिंकी नीचे लेट गई मेरा भाई रिंकी के टांगों को खोला और लंड घुसा दिया। मेरी चूत काफी ज्यादा गीली हो चुकी थी जब मेरा भाई रिंकी को चोद रहा था उस समय मैं अपना चूत अपने भाई से चटवा रही थी। मेरी गांड बहुत जरूरी है मेरा भाई मेरे चूतड़ पर थप्पड़ मारता था और मेरी गांड को मेरी चूत को चाटता था। जोर जोर से धक्के देकर वह हम दोनों को बारी-बारी से चोदने लगा। फिर हम दोनों ही एक साथ घोड़ी बन गए वह पीछे से कभी मेरी चूत में लंड डालता कभी रिंकी के चूत में लंड डालता। दोनों के चूतड़ पर थप्पड़ मारता और जोर-जोर से लंड घुसाता।
गरमा गरम है ये  भैया ने चोदा मुझे दिल्ली के होटल में

फिर मेरा भाई नीचे लेट गया हम दोनों बहन ऊपर से एक-एक करके अपनी चूत में उसका लंड लेकर धक्के देने लगी। तीनो भाई बहन सर्दी की रात में एक दूसरे को गर्म कर रहे थे। ऐसा लग रहा था मानो हम तीनों को जन्नत मिल गया हो। करीब डेढ़ घंटे की चुदाई के बाद मेरे भाई का माल सारा मेरे चूत के अंदर चला गया। हम तीनों ही शांत हो गए रजाई के अंदर हम तीनों सो गए बीच में मेरा भाई सोया अगल-बगल में मैं और मेरी बहन। उस दिन के बाद से 10 दिन तक लगातार हम तीनो भाई बहन रात भर रंगरेलियां मनाते हैं। 15 तारीख को वापस चला जाएगा।

अब हम दोनों बहन इसी चिंता में हैं मेरा भाई जो हम दोनों को आदत लगा दिया है वह कैसे पूरा होगा। कौन चोदेगा हम दोनों को यही सोचकर चिंता में रह रही हूँ। देखती हूं किस को पटाती हूँ। ताकि वह हम दोनों की चूत की गर्मी को शांत कर सके सर्दी के मौसम। मैं जल्द ही अपनी दूसरी कहानी इसी वेबसाइट पर यानि AdultStories.co.in पर लिखूंगी जैसे ही कोई मर्द मुझे मिलेगा वैसे ही और उसी दिन लिखूंगी। तब तक के लिए आप सभी का धन्यवाद।  

ठंड में पापा के रजाई में सोना भारी पड़ा मुझे पूरी रात उन्होंने मुझे चोदा

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Rajai Me Chudai, Baap Beti Sex Story, बेटी की चुदाई रजाई में, बाप बेटी की सेक्स कहानी: सर्दी का मौसम कई बार बहुत खास हो जाता है। जब आपको कुछ ऐसी चीजें सामने आ जाते हैं जो आपने कभी लाइफ में ना की हुई हो और वह करने का मौका मिल जाए तब वह खास हो जाता है। कल की रात मेरे लिए बहुत खास रात थी। कल रात मेरी पहली चुदाई हुई और वह भी अपने फादर के साथ जी हां दोस्तों कल मेरे पापा ने मुझे पूरी रात जमकर चोदा। आप वजह जानेंगे तो हैरान हो जाएंगे कैसे-कैसे क्या हुआ था वह मैं सारी बातें आपको इस वेबसाइट पर जाने के AdultStories.co.in पर सुनाने जा रही हूं। मेरी हिंदी थोड़ी कमजोर है इस वजह से अगर कहीं कोई गलतियां हो जाए तो आप माफ कर देना मेरी भावनाओं को समझना कि मैं क्या कहना आपको चाह रही हूं।


मेरा नाम संध्या है मेरे पापा शहर में रहते हैं। मेरे घर में मेरे अलावा मेरी बहन जो जुड़वा है और मेरी मां है। हम लोग गांव में रहते हैं पापा मेरे शहर में रहते हैं। मेरी मम्मी 18 साल बाद फिर से मां बन रही है इस वजह से पापा मेरे गांव आए हुए हैं क्योंकि डॉक्टर ने डेट दे दिया है डिलीवरी होने का। अपने आप में ही एक मजेदार बात है कि मेरी मां फिर से मां बन रही है। तो हुआ क्या था अब वह आपको बताने जा रहे हो ताकि आपको पता चले कि कैसे-कैसे क्या हुआ था कि एक तरफ ना मेरे प्रेग्नेंट है और दूसरी तरफ उसका बाप अपनी बेटी को मां बनाने की कोशिश कर रहा है।


इस मौसम का भी मैं दोष दूंगी अगर की सर्दी का मौसम नहीं होता तो होता तो मेरी चुदाई नहीं होती और मेरे पापा के साथ सेक्स संबंध नहीं बनते पर ठंड की वजह से ही कल बात थोड़ी आगे तक निकल गई और जवानी के जोश में ना मैं अपने आप को संभाल पाए ना पापा ने अपने आप पर काबू पाया क्योंकि मेरी मचलती जवानी को देखकर उनका लंड बर्दाश्त नहीं कर पाया और मेरी चूत में घुसने के लिए तैयार हो गया।


मेरे पापा शाम को 6:00 बजे हावड़ा नई दिल्ली एक्सप्रेस से उतरे घर आते आते हैं उनको शाम के 8:00 बज गए थे। घर आए तो खाना पीना हुआ हम लोग बैठ कर बातें करने लगे। मेरी मम्मी का 9 महीना हो चुका है तो ऐसे हालात में वह पापा के साथ नहीं सोएंगे। तो हम लोग बात करते करते काफी समय निकल गया और सोने का जब बारी आएगी तो एक बेड पर मेरी मम्मी और मेरी बहन सो रही थी। दूसरे पर मैं और पापा। मैं अलग भी सोती पर रजाई की कमी होने के कारण हम लोगों ने डिसाइड किया कि मम्मी बहन के साथ और मैं पापा के साथ सो जाऊं। हम लोग सो गए हम दूसरे कमरे में थे और मम्मी और मेरी छोटी बहन दूसरे कमरे में।


मैं और पापा दोनों ही आपस में बातचीत करने लगे। धीरे-धीरे मुझे नींद आ गई पता ही नहीं चला। करीब रात के 12:00 बजे मेरे नींद खुली नींद खुलने का कारण क्या था कि मेरे पापा मेरी सूचियों को दबा रहे थे साला रहे थे और अपना एक टांग मेरी टांग पर रखे हुए थे। उनकी सांसे तेज तेज चल रही थी और उनका लंड मेरे जांग पर सटा हुआ था जो मुझे महसूस हो रहा था कि काफी टाइट था उनका लंड। मुझे यह समझ नहीं आया कि क्या करना चाहिए मुझे। मुझे लगा कि मैं पापा को मना कर दूं। फिर मुझे लगा कि यह बात कल अगर मैं अपनी मां को बोलूंगी तुम्हारे मम्मी और पापा का रिश्ता तो खराब हो ही जाएगा मां बाप के बीच में भी मैं दुश्मन के रूप में उतर जाउंगी।

मैं चुप रहना बेहतर समझा पर मैं अपने पापा से चुदना नहीं चाहती थी। मुझे लगा कि पापा से लाकर मुझे छोड़ देंगे पर मैं गलत थी। धीरे-धीरे उन्होंने मेरे कपड़े के अंदर हाथ अपना घुसा दिया फिर मेरी चूचियों को पकड़ लिया , निप्पल को अपनी उंगली से रगड़ने लगे। मैं जाग चुकी थी इसलिए मेरी सांसे तेज तेज चलने लगी। पापा को भी शायद यह बात समझ आ गया कि मैं जाग चुकी हूं और मैं कुछ नहीं बोल रही हूं इससे उनका हौसला और भी थोड़ा बढ़ गया। उन्होंने मेरे कपड़े को मेरे छाती से ऊपर कर दिया अब मेरे दोनों बूब्स बाहर निकल गए थे उनको वह होले होले फैलाने लगे।

मैं मना करना चाहती थी पर मना नहीं कर पा रही थी। धीरे-धीरे उन्होंने अपने हाथ को मेरे अंदर घुसा दिया। जैसे उनका हाथ मेरी चूत के पास पहुंचा। मेरी चूत गीली हो चुकी थी। रिश्ते में कोई भी लगे जब आपके जिस्म को कोई छेड़ेगा और आप जवान हैं। तो आपकी वासना भड़क ही जाएगी ऐसा ही मेरे साथ हुआ था। ना चाहते हुए भी मेरे तन बदन में आग लगने लगी मेरी वासना भड़कने लगी मेरी कामवासना जाग गई थी। अब उन्होंने मेरे दोनों बूब्स को पकड़कर मसलना शुरू कर दिया। बार-बार वह मेरे पेंटी के अंदर हाथ घुसा देते थे फिर वह मेरे बूब्स को पकड़कर दबाते थे।


मेरी सांसे तेज तेज चलने लगी थी मैं कुछ भी नहीं बोल पा रही थी मुझे अच्छा भी लग रहा था खराबी लग रहा था। खराब इसलिए लग रहा था कि सामने वाला मेरा बाप था। अगर कोई लड़का रहता तो मैं अब तक आपके ऊपर चढ़ चुकी होती। सब्र से मैंने काम लिया पर मेरा सब्र का बांध टूट गया जैसे उन्होंने अपना होंठ मेरे होंठ पर रखा। मेरी सीमाएं टूट गई उन्होंने मुझे किस करने लगे और मैं भी उनको अपनी बाहों में भर कर उनके होंठ को चूमने लगी चूसने लगी।

फिर क्या था दोस्तों उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए हम दोनों की साथ में तेज तेज चलने लगी बस हम दोनों एक दूसरे से कुछ बोल नहीं रहे थे। पर एक दूसरे को पता चल चुका था कि आगे क्या होने वाला है। मैंने भी अपने कपड़े उतार दी अब हम दोनों नंगे हो गए थे एक ही रजाई के अंदर। उन्होंने मुझे दबोच लिया, मुझे अपनी बाहों में समा लिया दोनों पैरों को अलग-अलग करके अपना लंड मेरी चूत के पास रखकर रगड़ने लगे। मैं भी अपने दोनों टांगों को फैला दी थी अपने हाथ को पर क र दी वह मेरे चुचियों को दबाते हुए मेरे होंठ को चूमने लगे। उस समय अपने लंबे बाल को खोल दी जिससे मैं और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी।

वह मेरे पैरों के तरफ चले गए रजाई हटाकर दोनों टांगों को अलग-अलग करके मेरी चूत को अपने जीभ से चाटने लगे। मेरे अंदर करंट दौड़ गई जैसे ही उनका जीभ मेरी चूत के छेद पर पड़ा। मैं बोखला गई। मेरे से रहा नहीं गया मैंने उनका लंड तुरंत पकड़ कर हिलाने लगी। तभी बाहर तभी बाहर कुछ आहट हुई हम दोनों शांत हो गए मेरी मम्मी बाथरूम गई थी। क्योंकि उनकी पायल की आवाज सुनाई दे रही थी। हम दोनों शांत हो गए पापा और मैं उस समय सिर्फ एक दूसरे को चूम रहे थे।

वह अपने जीभ को मेरे मुंह में डाल दिया था। और हम दोनों एक दूसरे से अपने जीभ को लड़ा रहे थे। हम दोनों की वासना और भी ज्यादा भड़क गई थी। मम्मी अपने कमरे में जाकर दरवाजा लगाई तो हम लोगों को पता चल गया कि मम्मी वापस जा चुकी है। पर हम दोनों ने 5 मिनट और इंतजार किया था कि मम्मी को नींद आ जाए। 5 मिनट बाद उन्होंने मेरे दोनों टांगों को अलग अलग किया अपना लंड मेरी चूत के छेद पर रखा। और जोर-जोर से घुसाने लगे। पर मेरी पहली चुदाई थी इस वजह से उनका लंड इतनी आसानी से मेरे चूत के अंदर नहीं जा रहा था।
गरमा गरम है ये  पहली बार लड़की की चूत की सील तोड़ने की कहानी

काफी मशक्कत करने के बाद उनका आधा लंड मेरी चूत के अंदर गया मैं दर्द से कराह ने लगे। मुझे काफी ज्यादा दर्द हो रहा था। उन्होंने मेरे मुंह को अपने हाथों से दबा दिया तकिया मेरे गांड के नीचे रखा और जोर से लंड घुसा दिया। उनका पूरा लंड मेरी चूत के अंदर समा गया पर मैं दर्द से कराह ने लगी। मेरे चूत से खून निकल गया था मेरे सील टूट चुकी थी। अब मैं वर्जिन नहीं रही थी। उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों चुचियों को पकड़ा और जोर-जोर से अपना लंड मेरी चूत के अंदर डालने लगे। 5 मिनट बाद में नार्मल हो गई अब मुझे दर्द नहीं कर रहा था और वह मुझे जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिए।

अब मैं उनको बाहों में लेकर उनके लैंड का मजा लेने लगी वह भी अपनी जवान बेटी का सील तोड़ कर चुदाई का मजा लेने लगे। उन्होंने करीब 1 घंटे तक मुझे ऊपर से नीचे से उलट कर पलट कर चोदा फिर उन्होंने सारा माल मेरी चूत के अंदर ही छोड़ दिया। अंत में सिर्फ एक ही बात बोले कल मैं टेबलेट ला दूंगा तुम खा लेना डरने की कोई बात नहीं। मैं बोली पापाजी मुझे बहुत दर्द हो रहा है। वह बोले कोई बात नहीं शुरू में होता ही है। कल तक सब ठीक हो जाएगा। और फिर हम दोनों एक दूसरे को पकड़ कर सो गए पर पापा कहां आप पूरी रात मेरे दोनों चुचियों को और मेरे चूत को सहलाता रहा। मैं अपने दूसरी कहानी जल्द ही AdultStories.co.in पर भी लिखने वाली हूं। तब तक के लिए आपसे मैं आज्ञा चाहती हूं। आप लोगों ने मेरी कहानियों को पढ़ा इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। 

छोटी भतीजी की छोटी चूचियां मसल मसल चोदा चाचा ने

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चाचा भतीजी सेक्स, घर का माल, रिश्तों में सेक्स, Chacha Bhatiji Sex Story : हेल्लो दोस्तों मैं हरपाल सिंह खट्टर आप सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से इसका नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

दोस्तों मैं भटिंडा का रहने वाला हूँ। मेरे साथ में मेरे बड़े भैया और भाभी रहते है। मेरी पापा मम्मी गाँव में रहते है। मेरे बड़े भैया के 2 बच्चे थे. लिली और राहुल। धीरे धीरे मेरी भतीजी जवान और खूबसूरत माल होती जा रही थी। अब वो 17 साल की कच्ची कली हो गयी थी। उसका जिस्म अब पहले की तुलना में हॉट, सेक्सी और भरा हुआ हो गया था। मेरा तो लंड बार बार अपनी भतीजी को देखकर फुफकारने लग जाता था। मन करता था की इसका बलात्कार कर डालूं पर दोस्तों जो मजा किसी लौंडिया की चूत प्यार से मारने में होता है जो जोर जबरदस्ती में नही होता। इसलिए मैं अपनी भतीजी लिली को पटाकर चोदना चाहता था। धीरे धीरे मैं अपने काम पर जुट गया। कुछ दिनों बाद उसका 18 वां जन्मदिन मनाया गया।

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मैं भतीजी को एक मस्त स्मार्ट फोन गिफ्ट कर दिया। उसमे मैंने कुछ ब्लू फिल्म भी डाल दी। अब लिली का जिस्म बहुत हॉट हो गया था। उसकी छाती अब बड़ी बड़ी हो गयी थी और उसके बूब्स 34” से भी जादा बड़े बड़े हो गये थे और बिलकुल संतरे के जैसे गोल गोल और रसीले दिखते थे। अक्सर लिली मेरे कमरे में आकर जब झाड़ू लगाती तो उसके टॉप से उसके दूध मक्खन की तरह मुझे दिख जाते।

दोस्तों मेरे तो सोये अरमान जान जाते थे। मन करता था की बस अभी इसको चोद डालूं और अपने 10” के लंड की प्यास बुझा लूँ। पर मैं इन्तजार कर रहा था की सही मौका कब मिले। एक दिन रात के वक़्त मुझे प्रेस चाहिए था जो लिली के रूम में रखा था। उस वक़्त रात के 10 बजे थे। अचानक मैं उसके रूम में घुस गया। मेरी जवान भतीजी लिली मेरे द्वारा गिफ्ट किये गये स्मार्ट फोन में ब्लू फिल्म देख रही थी और “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की तेज आवाजे आ रही थी। जैसे ही मैं अंदर घुसा लिली डर गयी।

“चाचा आपपपप..????” उसके मुंह से निकला। वो जल्दी से फोन को बंद करने लगी पर इसी जल्दी में फोन हाथ से छूट कर गिर गया और फिर वो चुदाई वाली विडियो चलता ही रहा। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ…हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की गर्म गर्म आवाजे एक लड़की विडियो में निकाल रही थी जो चुदवा रही थी। पुरे कमरे में सिर्फ वो सेक्सी आवाज ही गूंज रही थी। लिली का चेहरा लाल पड़ गया। जल्दी से उसने फोन उठाया और बंद किया।

“चाचू प्लीस पापा मम्मी से मत बोलना” लिली बोली

“नही बोलूँगा। भला मैं अपनी भतीजी की बुराई क्यों करूंगा” मैंने कहा और हंसकर मैं प्रेस लेकर लौट गया। धीरे धीरे मेरी भतीजी को चुदाई वाले नई नई विडियो देखने की आदत हो गयी। अब वो इंटरनेट से नये नये विडियो डाउनलोड करने लगी और रोज नये नये विडियो देकने लगी। एक दिन मैं उसे चूत में ऊँगली करते रंगे हाथों पकड़ लिया।

“प्लीस चाचू पापा मम्मी से मत कहना” लिली बोली


मैं समझ गया की अब ये माल चूत आराम से दे देगी। 1 हफ्ते बाद मेरे बड़े भैया भाभी गाँव मेरे पापा को देखने चले गये। मेरे पापा की तबियत खराब थी। अब घर पर सिर्फ मैं और भतीजी लिली ही रह गये थे। उस दिन शाम को घर में बड़ा सन्नाटा था। मैं बहुत थका हुआ था। उस दिन ऑफिस में मुझे बड़ा काम पड़ा था। मैंने 9 बजे ही खाना खा लिया और सो गया। लिली टीवी वाले रूम में टीवी देख रही थी। मैं सो चुका था। रात 2 बजे मेरी नींद कुछ देर के लिए टूटी। “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की तेज आवाजे मैंने सुनी। जब मैं लिली के कमरे में गया तो हैरान रह गया। दोस्तों वो पूरी तरह से नंगी थी और स्मार्ट फोन में चुदाई वाली फिल्म देख रही थी। जल्दी जल्दी वो अपनी बुर में ऊँगली कर रही थी। उसकी रसीली चूत से ताजा ताजा मक्खन निकल रहा था।

साफ़ था की वो मोटा लंड खाना चाहती थी। मैं तुरंत जाकर उसे पकड़ लिया और उसके उपर लेट गया। अपना मुंह मैं भतीजी के होठो पर रख दिया और जल्दी जल्दी मैं उसके गुलाबी होठ चूसने लगा। लिली मान गयी। कहीं कोई मनाही नही। कोई विरोध नही। वो भी मेरे होठ चूसने लगी। लिली ने मुझे बाहों में भर लिया और हम दोनों रासलीला करने लगे। मैंने बनियान और कच्छे में था। क्यूंकि मैं यही पहनकर रात में सोता था गर्मी की वजह से। किस करते करते मेरा लंड मेरे कच्छे में ही खड़ा हो गया। अब दोनों तो एक दूसरे में समाए जा रहे थे। मेरी भतीजी मेरे जिस्म को बार बार सहला रही थी। वो भी अपना मुंह चला रही थी। इधर मैं भी अपना मुंह चला रहा था।

वो मेरे मुंह में अपनी जीभ डालने लगी। मैं जल्दी जल्दी चूसने लगा। लिली की जीभ मुझे पागल कर रही थी। दोस्तों आज मैं उसके जिस्म में उतर जाना चाहता था। उसकी आत्मा में समाकर उसके कसके चोद लेना चाहता था। मैंने भी अपनी जीभ उसके मुंह में डाल दी। उसके बाद तो ऐसा तांत्रिक चुम्बन हम लोगो से किया की उधर लिली की चूत भीग गयी और इधर मेरा लंड कच्छे में ही बहने लगा। मैंने उसके नीचे वाले होठ काट कई बार दांत से काट लिए। अब लिली को तेज सेक्स चढ़ चुका था। वो बिस्तर पर लेट गयी और अपनी चूत में जल्दी जल्दी ऊँगली करने लगी।

“चाचू! आज घर पर कोई नही है। बोलो क्या आप मुझे चोदोगे अपने इस मोटे लंड से???” लिली किसी छिनाल की तरह बोली

मैं खड़ा था। वो जल्दी जल्दी अपनी चूत में मेरे सामने ऊँगली कर रही थी।

“चाचू! प्लीस कुछ तो बोलो। आज लोगे मेरी चूत। तुमको भी मजा मिल जाएगा। इधर मैं भी अपनी चूत की प्यास बुझा लुंगी” लिली बोली

अब देर करना सही नही था। दोस्तों मैं अपना कच्छा उतार दिया। लिली के पैर खोल दिए। जिस गद्दे पर वो लेती थी वो काफी मोटा और नर्म और आरामदायक था। लिली की कमर पकड़कर मैं उसे किसी रंडी की तरह अपनी तरफ खीच लिया। उसके पैर खोल दिए। उसकी चूत में मैंने थूका तो सीधा चूत पर जाकर गिरा। अपना लंड मैंने हाथ से पकड़ लिया और लिली के चूत के दाने पर घिसने लगा। वो“अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की मधुर आवाजे निकालने लगी। मैं 5 मिनट तक अपनी भतीजी को तड़पाता रहा। अपने मोटे 10” के रोकेट जैसे दिखने वाले लंड से उसके चूत के दाने को घिसता रहा। लिली कसकती रही। आखिर वो ग्रेट पल आ गया जब मैं अपनी सगी भतीजी की रसीली चूत में लंड सरका दिया और घपा घप उसे बजाने लगा।

हम दोनों की जन्नत की तरह आनन्द की प्राप्ति होने लगी। हम दोनों चाचा भतीजी भरपूर यौन सुख का मजा लेने लगे। जल्दी जल्दी मैं अपनी भतीजी की बुर चोदने लगा। वो मस्त हो गयी। उसकी हालत, उसका चेहरा ये बताने के लिए पर्याप्त था की वो उच्च स्तर का मानसिक और शारीरक सुख का मजा ले रही थी। दोस्तों आज मेरे घर में बस “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ… यस यस ओह्ह यस चाचा! आज फाड़ दो मेरी रसीली चूत। पेलो और जोर से…ओह्ह यस” की आवाजे आ रही थी। लिली जबरदस्त सम्भोग रत थी। किसी रस्सी की तरह उसका बदन ऐठ और घूम रहा था। मैने उसकी पतली लचकती कमर को दोनों हाथो से कसके पकड़ रखा था। चाहकर भी लिली भाग नही पा रही थी। मैं लम्बे लम्बे शॉट्स उसकी चुद्दी में लगा रहा था। एक एक्सपर्ट मर्द की तरह मैं उसको पेल रहा था। मेरा 10” का लंड उसे भरपूर सुख और चुदाई वाला नशा दे रहा था।

हम दोनों जबर्दस्त तरीके से सम्भोग कर रहे थे। हमारे बेड के पावे चू चू कर रहे थे। लिली की चूत में बवंडर आ चुका था। वो मजे से लंड खा रही थी। मेरी कमर जल्दी जल्दी घूम घूम कर उसे बजा रही थी। दोस्तों आखिर में 16 17 मिनट बाद वो पल आ गया जिसका हम दोनों को इंतजार था। जल्दी जल्दी अनगिनत धक्के के बीच मैंने माल उसकी गुलाबी चुद्दी में छोड़ दिया। मैं स्खलित हो गया। लिली का पेट अब भी मरोड़ खा रहा था। “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाजे अब भी उसके मुंह से निकल रही थी। कुछ देर में वो भी ठंडी पड़ गयी। मैं भी एक किनारे लेटकर सुस्ताने लगा। हम चाचा भतीजी का पहला सम्भोग कामयाब रहा था। हम दोनों को भरपूर मज मिला था।

हम दोनों पसीने में तर हो चुके थे। दोनों हांफ रहे थे। दोस्तों आधे घंटे बाद फिर से हम दोनों तैयार हो गये थे।

“क्यों भतीजी मेरे लंड की सेवा कैसी लगी???” मैंने लिली से पूछा

“मजा आ गया चाचू। अबसे फोन में चुदाई फिल्म देखना बंद। सिर्फ आपका ही मोटा लंड अब मुझे रोज खाना है” लिली शरारती होकर बोली अपना सिर हिलाकर

“अच्छा!…तो आकर मेरा लंड चूसो भतीजी” मैंने कहा

उसके बाद लिली मेरी जांघो को सहलाने लगी। दोस्तों मैं 5’ 10 लम्बा गबरू जवान मर्द था। अच्छी और फिट बॉडी थी मेरी। धीरे धीरे लिली मेरे नंगे जिस्म से खेल रही थी। आज घर पर कोई नही था इसका वो पूरा पूरा फायदा उठा रही थी। धीरे धीरे उसने मेरे लंड को हाथ से पकड़ लिया और उपर नीचे करके जल्दी जल्दी फेटने लगी। वो मजे लेकर से मेरा 10” का लौड़ा चूसने लगी। धीरे धीरे उसे अच्छा लगने लगा। वो जल्दी जल्दी मेरे लौड़े को हाथ से फेट भी रही थी।

मुझे अलग तरह की यौन उतेज्जना महसूस हो रही थी। अब मेरा लौड़े ३ इंच मोटा हो गया था। लिली इसे किसी आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। मुझे मजा आ रहा था। मेरा लौड़ा तो किसी खूटे की तरह दिख रहा था। बिलकुल तम्बू दिख रहा था। लिली इसे अपने मुंह में पूरा अंदर तक गहराई तक लेने लगी और लगन से चूसने लगी। मुझे तो परम आनंद मिलने लगा। अब मेरा लंड बहुत सुंदर और गुलाबी लग रहा था। लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था। लिली की उँगलियाँ उसपर जल्दी जल्दी घूम रही थी और मेरे लंड को फेट रही थी। मुझे आनंद आ रहा था। मैंने उसके सिर को दोनों हाथो से पकड़ लिया और जल्दी जल्दी लेटे लेटे ही उसका मुंह चोदने लगा। उसे तो साँस तक नही आ पा रही थी। मुझे ये सब बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने काफी देर तक मुख मैथुन का मजा ले रहा था। दोस्तों उसके बाद मैंने बिस्तर पर सीधा लेट गया।

“लिली चल मेरे लंड पर आ जा” मैंने कहा

लिली किसी शरारती लड़की की तरफ कूदकर मेरे लंड पर आकर बैठ गयी। फिर उसने खुद ही अपनी चूत में मेरा मोटा लंड घुसा दिया। अभी तो आधे पहले मैंने उसकी चुद्दी की बैंड बजाई थी इस वजह से उसके बुर के होठ पूरी तरह फट कर दाए बाए झूल रहे थे। मुझे खुसी हो रही थी की आज अपनी सेक्सी और खूबसूरत जवान की बुर मैंने फाड़कर रख दी।

फिर लिली मेरे लंड पर बैठ गयी और हल्के हल्के धक्के देने उसने शुरू कर दिए।

“ओह्ह यस!! ओह्ह यस बेबी” मैंने कहा

धीरे धीरे लिली किसी रंडी की तरह मेरे मोटे लंड पर कूदने लगी। वो तेज तेज उचल रही थी। उसके बाल खुल गये थे और तेज तेज हवा में उछल रहे थे। लिली का गोरा महकता जिस्म मेरे सामने था। जब वो जल्दी जल्दी कूद रही थी उसकी 34” की चूचियां इधर उधर डांस कर रही थी। मुझे मजा आ रहा था।

““……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” लिली पागलो की तरह चिल्ला रही थी। फिर मैं भी नीचे से धक्के मारने लगा। लिली की कमर को मैंने दोनों हाथों से पकड़ रखा था। कुछ देर बाद उसकी कमर अपने आप घूम रही थी। मुझे कुछ करना नही पड़ रहा था। भतीजी अपने आप चुद रही थी। मेरा लंड उसकी रसीली बुर में उसी तरफ से बुरी तरफ फंस गया था जैसे कुतिया की चूत में कुत्ते का लंड फंस जाता है। हम दोनों दो जिस्म एक जान हो गये थे। लिली मेरे लंड की सवारी कर रही थी। डिस्को डांस कर रही थी। वो मटक मटक कर चुदवा रही थी। उसके बाद दोस्तों वो झूला झूलने लगी।“..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा चाचू मजा आ रहा है। करते रहो। प्लीस अभी झड़ना मत…. ऐसा बोलने लगी।

मैंने उसकी संगमर्मर जैसी चूची को कसके हाथ में भर लिया और सहलाने लगा। फिर मैं धीरे धीरे दबाने लगा। लिली मचल मचल कर चुदाने लगी। उसकी आँखों बंद थी जैसे चुदाई वाली कोई पूजा या प्रार्थना कर रही हो। मैंने उसके रूप और खूबसूरती का रस अपनी आंखों से पी रहा था। दोस्तों जबकि दूसरी तरह उसकी रसीली चूत का रस मेरा लंड पी रहा था।

वो मेरे लंड पर कसरत कर रही थी। झुला झूल रही थी। आखिर में 35 मिनट के सम्भोग के बाद हम दोनों साथ ही स्खलित हो गये। लिली मेरे उपर गिर गयी जैसे युद्ध में उसे गोली लग गयी हो। वो जोर जोर से “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” बोलकर हांफ रही थी। मेरे सीने पर दो धडाम हो गयी। उसकी नर्म नर्म चूचियां मुझे जन्नत जैसा मजा दे रही थी। मैं प्यार से उसकी नंगी पीठ सहलाने लगा।

“मेरी बच्ची!! मजा आया चाचू का मोटा लंड खाकर?? बोलो भतीजी मजा आया की नही

“बहुत मजा आया चाचू” लिली बोली

दोस्तों अब मेरी भतीजी मुझसे पूरी तरह से पट चुकी है। जब मन करता है मैं उसे बता देता हूँ और उसके रूम में जाकर रात में उसे मैं चोद लेता हूँ।

16 साल स्टूडेंट को कुतिया बनाकर चोदा - Sex With Student in doggy style

16 साल स्टूडेंट को कुतिया बनाकर चोदा - Sex With Student in doggy style


यह कहानी तब की है जब में 19 साल का था. में गणित विषय में बहुत अच्छा था और हमेशा फर्स्ट आता था. वैसे तो में गर्ल्स में ज़्यादा पॉपुलर नहीं था, लेकिन एक लड़की थी जो मुझ पर बिल्कुल फिदा थी, उसका नाम सपना था और वो मेरी ही क्लास में थी और उसका घर भी मेरी ही कॉलोनी में था. एक दिन वो अपनी माँ के साथ मेरे घर आई थी और जाकर मेरी माँ से कुछ बातें करने लगी. उनके जाने के बाद माँ ने मुझे बताया कि सपना कल से तुझसे गणित पढ़ने आने वाली है तो मैंने कहा कि माँ मुझसे तो पूछ लेते, फिर माँ ने कहा कि अब तो में प्रॉमिस कर चुकी हूँ तो तू पढ़ा देना, में मान गया.


अभी तक मुझे पता नहीं था कि वो मुझ पर मरती है, मुझे लगा कि वो तो बस पढ़ना चाहती है. आज वो आने वाली थी और में ये सोचकर पागल हो रहा था कि में उसे कैसे टच करूँगा? ओह सॉरी में आपको सपना के बारे में तो बताना ही भूल गया, उसके पहले में खुद के बारे में बता देता हूँ. में हाईट में नॉर्मल से थोड़ा ज़्यादा हूँ, बाकी बिल्कुल फिट और अच्छी बॉडी बनाई है. अब में आपको सपना के बारे में बताता हूँ. वो बिल्कुल परी के जैसे दिखती है और उसकी हाईट करीब 5 फुट 5 इंच और बिल्कुल गोरी, ब्राउन लम्बे बाल और सुंदर काली आखें, उसका फिगर 35-23-33 है और ये भी बता दूँ कि वो हमारी स्कूल की सबसे सुंदर और हॉट गर्ल्स में से एक है.


अब वो घर आई और उसने लॉक किया, तो माँ उसे अंदर लाई और मुझसे कहा कि बेटा जाओं पढाई वाले रूम में जाकर पढ़ लो, में कुछ नाश्ता लाती हूँ. अब मेरे मन में तो लड्डू फुट रहे थे कि वाह माँ ने तो हमें हॉल में पढ़ने की बजाए रूम में भेज दिया. फिर हमने पढ़ाई चालू की और में बिल्कुल मौका गंवाना नहीं चाहता और मैंने बीच-बीच में उसकी तारीफ करना चालू कर दी. मुझे थोड़ा डर लग रहा था कि कहीं अगर इसे बुरा लगा तो मेरी शामत भी आ सकती है, लेकिन अंजाम की किसको फ़िक्र थी. जब एक जवान लड़के के सामने एक जवान लड़की हो और जिसके पीछे उसकी आधी क्लास बैठी हो और वो भी ऐसे टॉप में जिससे उसके बूब्स साफ़ दिखे तो आगे की कौन सोचता है?


अब ऐसा कुछ दिन तक चला और फिर मैंने भी नोटीस करना चालू किया कि सपना मुझसे काफ़ी फ्रेंक हो रही है और वो रोजाना पहने जाने वालों कपड़ो में से काफ़ी ज़्यादा सेक्सी और शॉर्ट ड्रेस पहनकर आती थी और उसके गणित में पूछे जाने वाले सवाल भी बहुत सरल होते थे और वो भी ज़्यादा समय इधर उधर की बातों में लगा देती थी, जिसमें अक्सर या तो वो मेरे बारे पूछती थी या क्लास की हॉट गर्ल की बातें करती थी.


फिर आया वो मेरी लाईफ का सुनहरा दिन. मेरे मम्मी पापा दो दिन के लिए बाहर गये थे. और वो जब उस दिन आई तो बिल्कुल कातिलाना लग रही थी, मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे कि वो अभी ब्यूटी पार्लर से आई है, उसके खुले-खुले बाल, होंठो पर लाल लिपस्टिक, लाईट ग्रीन कलर का टॉप जो मुझे उसे चोदने के ग्रीन सिग्नल के जैसा लग रहा था और उसकी टाईट जीन्स.


फिर जब वो आई तो में तो बिल्कुल पागल होकर उसे देखता ही रहा और फिर में होश में आया और इस बार में उसे अपने बेडरूम में लेकर गया और वो बिना सवाल किए मेरे पीछे चल दी. फिर वहाँ पर हम मेरे बेड पर बैठ गये और में उसके सवाल हल करने लगा, उसका वो पर्फ्यूम मुझे बिल्कुल दीवाना कर रहा था. फिर बीच में अपनी नाक को उसकी गर्दन के बिल्कुल करीब लेकर गया और उसका पर्फ्यूम धीरे-धीरे स्मेल किया और उसे इंप्रेस करने के लिए कहा इज इट यार्डली? तो उसने हाँ कहा. अब में बिल्कुल बेकाबू हो रहा था तो मैंने उससे कहा कि सपना आज पढ़ने का मूड नहीं हो रहा है चलो और कोई बातें करते है तो उसने ओके कहा और फिर हमने बातें शुरू की.


फिर मौका देखकर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम सचमुच यहाँ सिर्फ़ गणित के लिए आती हो? तो वो थोड़ा हिचकिचाते हुए हाँ बोली. फिर मैंने बोला कि मुझे तो नहीं लगता और उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया. फिर में उसके पास जाते हुए उससे बोला कि लेकिन में तो सिर्फ़ तुम्हें पढ़ाने के लिय अपना टाईम नहीं निकालता तो उसने कहा तो क्यों निकालते हो? (अब हम दोनों की सांसे तेज हो गयी थी और अब में उसकी सांसे भी महसूस कर सकता था) फिर मैंने उसका जवाब दिया कि जल्दी ही पता चल जायेगा, क्योंकि आज में वो सब करने वाला हूँ. फिर में अपने लिप बिल्कुल उसके लिप के पास ले आया और इतना पास कि उसकी सांसे मुझे और मेरी उसे महसूस हो जाए. फिर उसने झट से अपनी आखें बंद की और मैंने उसे एक शॉर्ट लिप किस किया, फिर हमने 2 सेकेंड तक एक दूसरे की आँखों में देखा और फिर बिल्कुल पागलों की तरह किस करने लगे.


फिर मैंने पहले उसकी गोरी-गोरी गर्दन को किस किया और फिर उसके पूरे चेहरे पर छोटी-छोटी किस ली और फिर उसकी स्ट्रॉबेरी लिपस्टिक को चूसने लगा. अब वो पूरे समय मेरा नाम लेकर आई लव यू बोलती रही और आआआ ऊऊऊ भी करती रही. फिर जब हमने किस करना चालू किया तो में उसके बूब्स भी दबाने लगा.


फिर मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी तो उसने भी मुझे रिप्लाई दिया ओह क्या होंठ थे और क्या बूब्स थे उसके? अब में अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा. अब वो आवाज़े निकालकर मेरा जोश बढ़ा रही थी और उसने भी अपना हाथ मेरे अंडरवियर में डाला हुआ था और वो मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगी और अब वो मेरे लंड की चमड़ी भी ऊपर नीचे करने लगी थी.


फिर मैंने अपनी पेंट और अंडरवियर उतार दी और अब मेरा लंड उसके सामने बिल्कुल खुले सांड की तरह तन के खड़ा था. फिर उसने उसे फिर से बड़े प्यार से छुआ और दो चार बार उसकी चमड़ी ऊपर नीचे करके उसे अपने मुँह में ले लिया और उसे जोर-जोर से चूसने लगी. फिर थोड़ी ही देर बाद मैंने उसका टॉप उतार दिया, उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी और अब उसके दोनों गोल-गोल पहाड़ से स्तन मेरे सामने थे. फिर मैंने उन पर हमला बोल दिया और तेज़ी से उन्हें दबाने लगा, अब वो भी मेरे लंड के साथ मज़े से खेल रही थी और फिर मैंने उसकी पूरी बॉडी को चाटना शुरू किया, ओह माई गॉड, उसकी पीठ इतनी सुंदर लग रही थी कि मानों रात भर इसे ही चाटता रहूँ और उसकी कमर का तो जवाब ही नहीं और उसके शेव किए हुए पैर भी बहुत मस्त लग रहे थे.


फिर उसने कहा कि डार्लिंग मेरी चूत तुम्हारे लंड का इंतज़ार कर रही है और उसकी भी प्यास बुझा दो. फिर मैंने बिना देर किए उसकी जीन्स और पेंटी उतार दी और अब उसकी पेंटी पूरी गीली हो चुकी थी. मैंने उसे अपनी नाक से लगाकर ज़ोर से सूँघा तो सपना बोली कि क्या यार शराब सामने है? और तुम सोडा पी रहे हो, फक मी आकाश, फक मी. फिर मैंने उसकी चूत देखी तो वो बिल्कुल क्लीन शेव की हुई थी और बहुत ही प्यारी लग रही थी.


फिर मैंने पूछा कि क्या तुम रोज शेव करती हो? तो उसने कहा कि नहीं आज की है, मुझे पता था कि तुम्हारे मम्मी पापा बाहर गये है, गणित पढ़ने तो में कहीं भी जा सकती थी, लेकिन मुझे तुमसे कुछ और ही चाहिए था और फिर वो शर्मा गयी. फिर मैंने उसकी चूत को चाटना चालू किया. अब मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था आख़िर मेरा फर्स्ट टाईम था और उसका भी फर्स्ट टाईम था और वो भी इतनी हॉट गर्ल के साथ जो बिल्कुल सब मेरे हवाले कर चुकी थी.


फिर मैंने उसकी चूत में फिंगरिंग की क्योंकि उसकी चूत बहुत ही टाईट थी और मेरा लंड उसके मुक़ाबले मोटा था. फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के दरवाजे पर रखा और पहले थोड़ा आराम से उसकी चूत के चारों तरफ घुमाने लगा और फिर एक झटके में मैंने अपना आधा लंड उसकी चूत में डाल दिया. वो इतनी ज़ोर से चिल्लाई कि में तो डर गया और फिर वो बोली कि अरे मारोगे क्या? थोड़ा आराम से करो. फिर में थोड़ा झुका और उसको एक प्यारा सा किस किया और उसके होंठो को अपने होंठो से दबा दिया.


फिर जोर के झटको में पूरा लंड उसकी चूत में अंदर डाल दिया. इस बार तो वो चिल्ला भी नहीं पाई और अब मुझे बड़ी खुशी थी कि मैंने सपना की सील तोड़ी थी. फिर मैंने उसके होंठो को आज़ाद किया और अब तक तो उसकी आँखों से आंसू निकल गये थे. फिर में अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा. मैंने कई ब्लू फिल्म देखी और सेक्स कहानियाँ पढ़ी थी इसलिए मुझे पता था कि लड़कियां कैसे खुश होती है? फिर जब मैंने लंड अंदर बाहर किया तो वो फिर से आआआअ ऊऊऊउ ओओओ की आवाज़े निकालने लगी, इससे मुझे और मज़ा आने लगा और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.


फिर थोड़ी देर में उसकी आवाज़े और और तेज़ जैसे में बदल गयी और फिर मैंने उसे इस तरह आधे घंटे तक चोदा और फिर में झड़ गया. फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसने उसे चाट कर साफ कर दिया. फिर थोड़ी देर के बाद हमने अपनी पोजिशन बदल कर सेक्स किया और फिर मैंने उसकी गांड भी मारी. उसने बहुत मना किया, लेकिन वो मुझे रोकने की हालत में भी नहीं थी. फिर हम सो गये और जब उठे तो वो घर जाने लगी, लेकिन उसकी हालत चलने की भी नहीं थी. फिर मैंने उसे घर में मूवी देखने का बहाना बनाने को कहा और वो रुक गयी. फिर हम उस दिन नंगे ही रहे और अपनी सभी ख्वाहिश पूरी की.

सलवार खोलकर बुर चुदाई कर डाली ट्यूशन पढ़ने आई लड़की की

सलवार खोलकर बुर चुदाई कर डाली ट्यूशन पढ़ने आई लड़की की
सलवार खोलकर चुदाई कर डाली ट्यूशन पढ़ने आई लड़की की  हैलो दोस्तो मेरा नाम निकी है । मैं दिल्ली कॉलेज में पढ़ता हूँ।मेरी हाइट 5 फ़ीट 9 इंच है और दिखने में ठीकठाक हूँ।मेरा घर पंजाब में है। हमारा घर काफी बड़ा है,मेरा कमरा छत पर यानी पहली मंजिल पर है। यहाँ भी देखें >> पत्नी चुदवाती नहीं थी तो जवान बहु को चोदने लगा हिन्दी सेक्स कहानी वैसे तो मेरे पापा मम्मी ने कई बार चुदाई का सुख प्राप्त करा होगा पर संतान एक ही पैदा करी और वो मै हूँ. जी हाँ दोस्तों मैं अपने माता पिता की इकलौती संतान हूं। मैं पढ़ाई में पहले से ही होशियार था। लॉकडाउन की वजह से मार्च से ही घर पर हूँ।

हमारे पड़ोस में एक लड़की है जिसका नाम है आस्था,उसकी उम्र 18 वर्ष है और वो 12वी में पढ़ती है। मैं उसे बहुत पसंद करता हूँ क्योकि वो है ही बहुत सुंदर और सेक्सी। उसकी हाइट 5 फ़ीट 5 इंच है। उसका रंग बिल्कुल गोरा है और शरीर से बिल्कुल फिट है,उसके बूब्स यानी बोबे बहुत बड़े बड़े है।उन्हें देखकर हमेसा दिल मे कुछ कुछ होता था और ऊपर से रोज वो इतने सुंदर सूट पहनती थी कि ऐसा लगता था कि कोई परी आई हो। पता नही कैसे पर 12वीं में दो विषयो में फैल हो गई एक तो बायोलॉजी यानी जीव विज्ञान और दूसरा केमिस्ट्ररी यानी रसायन विज्ञान।.


इसलिए उसकी मम्मी एक दिन हमारे घर आई और मेरी मम्मी से पूछा कि बहनजी क्या निक्की आस्था को ट्यूशन पढ़ा देगा,पता नहीं ये लड़की फैल कैसे हो गयी।अब आपको तो पता है एक तो ये बीमारी चल रही है,और ऊपर से लड़की भी बड़ी हो गयी है। मैं उन दोनों की बाते सुन रहा था ,और मुझे खुशी हुई ये सुनकर।जिससे पहले मैं कुछ कहता ,मेरी मम्मी ने हाँ कर दी थी और कहा 4 बजे भेज दिया करो ,तब निक्की भी फ्री होता है।

अब वो ट्यूशन पर रोज आने लगती है. मैने कहा चलो ऊपर मेरे कमरे में यहाँ नीचे हम दोनों डिस्टर्ब रहेंगे। आस्था: ऊपर मेरे कमरे में आती है और मेरे कमरे को देखकर चुपचाप बैठ जाती है। मैने पूछा तुम फैल कैसे हो गयी? उसने कहा पता नही। मैने कहा चलो कोई नहीं आज से में तुम्हे पढ़ाऊंगा ,अगर कोई दिक्कत आए तो पुछ लेना। उसने हाँ भरते हुवे सिर हिलाया।


अब बीच-बीच में मैं हँसी मजाक कर लेता था। कभी उसके सूट के डिज़ाइन के ऊपर या कभी कोई जोक। अब वो भी मेरे से अच्छे से घुल मिल गई थी। धीरे धीरे उसके डाउट्स कम होते गए और हमारा सिलेब्स भी लगभग कवर हो गया था।एक दिन वो जीन्स टॉप पहन कर आई। मानो उस दिन तो मुझे वो हार्ट अटैक दे देती।उसके मोटे मोटे बोबे टॉप से बाहर आने को तरस रहे थे और उसकी जांघ उसकी जीन्स से सटी हुई। वो इतनी हॉट लग रही थी कि क्या बताऊँ।

मैंने पूछा आज ये ड्रेस क्यों? उसने कहा आज मम्मी नहीं थी ना, वो अपने गाँव गयी है।आज मेरा दिल किया तो पहन लिए। मैने कहा बहुत सुंदर लग रही हो। उसने कहा थैंक्स। मैने पूछा आस्था तुम्हे कोई लड़का पसंद नहीं था क्या स्कूल में? आस्था ने कहा : नहीं मुझे कोई पसंद नहीं था। आस्था: क्या आपको कोई लड़की पसंद नही आई कॉलेज में? मैने कहा नही,वो दिल्ली है वहा की लड़कियों पर विश्वास नही है मुझे क्या पता जिससे प्यार करूँ वो धंधा करने वाली निकल जाये तो मेरी तो जिन्दगी ही ख़राब हो जायगी।

आस्था : क्यो ऐसा क्या कर देती है वो ,हँसते हुवे? मैने कहा छोड़ो उनको ,पर मुझे तुम बहुत पसंद हो शूरु से ही। दिल मे कुछ कुछ होता है जब भी में तुझे देखता हूं। आस्था बोली चल जूठा ,मैं ही मिली तुम्हे पागल बनाने को। और मैने उसे पढ़ाना शूरु किया।बीच मे उसने हिचकिचाते हुवे पूछा क्या तुम मुझे सच मे पसंद करते हो। मैने कहा हाँ । आस्था शरमाते हुए बोली की ऐसा क्या पसंद है तुम्हे मुझ में? मैने हस्ते हुवे कहा ,सबकुछ, तुम्हारा साफ दिल,तुम्हारा चेहरा तुम्हारा शरीर और उसकी खुशबू ,तुम्हारे बाल। आस्था बोली और कुछ भी बच गया क्या अब मेरे इस शरीर में??

मैने कहा हाँ तुम्हारे मुलायम हाथ और उंगली दिखाते हुवे उसकी छाती पर लटके दो मोटे मोटे बूब्स की तरफ इशारा किया। मैने सोचा वो गुस्सा होगी पर वो एकदम हँसी। बहुत सुंदर लग रही थी आस्था मेरा पहला प्यार हँसते हुए। मैंने बिना कुछ सोचे उसके गालों पर एक किस कर दिया। उसने पूछा ये क्या था? मैंने कहा मेरा मन किया और वो घर चली जाती है क्योंकि आज का टयूशन समय हो गया था। सारी रात मैं उस किश के बारे में सोचता रहा ,उसके मुलायम से गाल। मैने ठान लिया था कि कल मैं उसको परपोज़ करूँगा और बहुत जल्द उसकी सलवार सूट खोलकर चुदाई भी करूँगा।

अगले दिन जब वो आती है उसके चेहरे पर अलग सी चमक दिख रही थी। मैं उसके सामने गया और घुटनों के बल बैठ गया और गुलाब देते हुवे पूछा क्या तुम मेरी गर्ल फ्रेंड बनोगी?? वर्जिन आस्था थोड़ा सोचते हुवे बोली “हाँ” । मेरी खुसी का मानो कोई ठिकाना ना रहा। और हम दोनों बैड पर आकर बैठ गए। मैं उसे पढ़ाने लगा क्योकि मैं कोई जल्द बाजी नही करने वाला था। बीच में मैने आस्था से पूछा क्या तुमने कभी किसी को किश करते देखा है होठो पर?? वो शर्मा गयी और शरमाते शरमाते मुस्कुराने लगी। मैने कहा देखो आज से हम सब कुछ शेयर कर सकते है ।क्योंकि आज ही तो हम गर्लफ्रैंड बॉयफ्रैंड बने है और ये बाते सिर्फ हमारे बीच रहेगी।

आस्था ने कहा हाँ टीवी पर देखा था एक फ़िल्म में। मैने पूछा क्या हम ट्राई करें?? आस्था बोली मुझे बहुत डर लग रहा है कोई आ गया और हमें देख लिया तो। मैने कहा मेरे रूम में कोई नही आता है। और हम बैड पर एक दूसरे के सामने मुँह करके बैठ गए। हम दोनों ने अपना मुँह आगे किया और हमारे होंठ आपस मे टच हुए। बहुत अनोखा एहसास था वो आज मै मेरे पहले प्यार के साथ जो मस्ती कर रहा था ।उसके गुलाबी होंठ बहुत मुलायम और गीले थे। उसकी साँसे तेज हो गयी थी। हम दोनों 5 मिनट तक ऐसे ही बैठकर एक दूसरे के होठो को टच कर रहे थे।

हमने फ्रेंच किस करने की कोशिश की।उसके मुँह का वो गरम गरम एहसास ,उसकी स्लाइवा का टेस्ट अब भी मुझे याद है। फिर मैंने उसके चूचो को हाथ लगाया ,उसके सूट के ऊपर से। आस्था ने हल्का सा मेरे हाथ मार मारा। बहुत मुलायम और बड़े बड़े थे।मैं उन्हें देखना चाहता था। मैंने आस्था को सूट उतारने को कहा और पहले तो उसने शर्माते हुवे देखा और कहा नही कोई आ जायेगा। मैं उठा और रूम अंदर से बंद किया और कहा अब बोलो। उसने सलवार सूट उतारा ,और उसकी लाल रंग की ब्रा दिखी। मैंने कहा रुको मैं मदद करता हूँ।और मैन उसकी सेक्सी ब्रा के हूक खोले। उसके मोटे मोटे बूब्स बिल्कुल गोरे और निप्पल्स बिल्कुल टाइट हो रखे थे।

उसकी छाती पर दो तिल भी थे मानो उसकी बूब्स को बुरी नजर वालो से बचाने के लिए काला टिक्का हो। ये हम दोनों का ही पहला अनुभव था। इसलिए मैं उसे ज्यादा परेशान नही करना चाहता था। मैने कहा आस्था देखो मैं तुम्हे सही में बहुत प्यार करता हूँ इसलिए ऐसा कुछ नही करूँगा जिससे तुम्हे परेशानी हो,और वो हँसी और कहा ठीक है मुझे पता है। मैने उसके शरीर को सूँघा बहुत मनमोहक खुसबू आ रही थी।दिल कर रहा था कि सारे शरीर को किश करु। मैने उसके चूचो पर अपना हाथ रखा और उससे कहा यार सही में बहुत मुलायम और सुंदर है। क्या इनका स्वाद चेक कर लूं??

आस्था: ओके ठीक है। मैने उसके निप्पल्स को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा।अब वो गरम होने लगी थी और सिसकारियां भर रही थी।मैने आधे घंटे तक उसके दोनों निप्पल्स चूसे और प्रयास करता उसके सारे बूब(चूचो) को अपने मुँह में भरने का। आस्था ने कहा थोड़ी गुदगुदी हो रही है ,पर मजा आ रहा है।वो सिसकारियां अम्म अम्म आह अम्म अम्म अम्म ,और चूसो, ऐसे बोल रही थी। मैने अंत मे उसको फिर से किश किया और कहा यार टयूशन का समय तो खत्म हो गया। अब घर जाओ कल जल्दी आना।

मैने उससे पूछा क्या तुमने अपने झांट के बाल काट रखे है?? आस्था बोली नहीं । मैने पहले ही इंतेज़ाम कर रखा था ,मैंने उसको वीट(हेयर रिमूवल क्रीम) और एक ज़िलेट का रेजर दिया और कहा कल शेविंग करके आना ,हाथो और पैरों के बाल भी वीट से हटा लेना। आस्था पूछने लगी क्या ये जरूरी है?? मैंने उसे चुतिया बनाते हुए कहा हाँ, हमे अपने शरीर को साफ सुथरा रखना चाहिए।

अगले दिन वो ट्यूशन पर आती है. मैं और मेरी मम्मी आइस क्रीम खा रहे थे। मेरी मम्मी बोली बीटा निक्की आस्था को भी आइस क्रीम डाल कर दो। आस्था बोली नही आंटी इसकी कोई जरूरत नही है। मैने उसकी आइस क्रीम डाली और कहा हम दोनों पढ़ते पढ़ते ही खा लेंगे और ऊपर मेरे रूम में आ गए। उसके हाथों पर बाल नही थे मैं समझ गया था कि शेविंग करके आयी है आस्था। मैंने रूम अंदर से लॉक किया और आइस क्रीम बैड पर रखी।और आस्था का सूट उतारने लगा। आस्था: क्या हुवा ? मैंने कहा यार अब इंतेज़ार नही होता है।

आस्था: हँसी और बोली रुको मैं उतारती हूँ। मैंने उसे बैड पर लिटाया,और उसके बूब्स और सारे मुह पर आइस क्रीम लगा दी। उसके बूब्स बहुत सेंसिटिव थे,वो कहने लगी जल्दी करो गुदगुदी और बहुत ठंडा लग रहा है। मैंने उसके मुह और निप्पल्स को काफी देर तक चूसा और साफ किया। आस्था बोली बहुत मजा आ रहा है।

मैने उसकी सलवार में धीरे धीरे अपना हाथ डाला,उसकी चुत बहुत गर्म और मुलायम थी और गीली भी हो गयी थी।
मैंने अपने हाथों से रगड़ना स्टार्ट किया और उसकी मनमोहक आवाज़ें निकलने लगी।
मैं उसकी चुत को देखना चाहता था,अब वो इतनी गरम हो चुकी थी कि।

मैंने आज उसकी सलवार नीचे खींची ,उसने ब्लैक कलर की पैंटी पहन रखी थी। उसकी टांगें बहुत खूबसूरत लग रही थी बिना हेयर्स के। मैने उसके टांगो को किश करना स्टार्ट कर दिया और धीरे धीरे उसकी जांघो की तरफ बढ़ा। एक लुभावनी सी खुसबू आने लगी। मैंने उसकी पैंटी को उतारा और मैं देखकर हैरान रह गया कि उसकी बुर बिलकुल गोरी थी,जैसा कि फॉरेन(विदेशी) कन्ट्रीज की लड़कियों की होती है।

मैं देखना चाहता था कि इसकी चूत कितनी सेंसिटिव है। और मैंने उस पर अपना मुँह रखा और चूसने लगा। उसकी वर्जिन चूत का स्वाद नमकीन सा था,और एक अलग से खुसबू थी। वो तेज तेज सिसकारियां भर रही थी,आह आह आह आह आह आह अम्म अम्म आह आह आह आह आह आह आह आह अम्म………. इनको सुनकर मेरे अंदर जोश से आ रहा था जब वर्जिन चूत के छेद के अंदर मैं अपनी जीभ डालता तो वो बोलती नही आह दर्द होता है।

लगभग 3 मिनट बाद उसका सारा शरीर अकड़ने लगा और वो चिल्लाई कुछ आने वाले है। उसने मेरे मुँह पर एक पानी का फव्वारा जैसा मारा। उसका स्वाद हल्का नमकीन और खुसबू ठीक ठाक थी। मैंने पूछा आस्था कैसा लग रहा है? आस्था बोली मुझे ऐसा लग रहा था कि किसी दूसरी दुनिया मे हूं इतनी खुशी आज तक मुझे नही हुई है। आस्था थक गई थी पर उसकी वो अब भीगी हुई चिकनी चुत को देखकर दिल बोल रहा था कि अभी और खेलो इसके साथ।

मैने आधी आइस क्रीम उसकी चुत पे डाल ली,चूंकि चूत का तापमान ज्यादा होता है वो एक बार कापी और मेरे मुँह को पकड़कर अपनी चूत पर किया और कहा जल्दी हटाओ इसे। मैंने उसकी बुर को चाटना फिर से चालू किया अब आइस क्रीम का स्वाद ही बदल गया था। अबकी बार उसको पूरे 5 मिनट लगे।और थोड़ा सा पानी मेरे मुँह पर फिर से मारा। वो इतनी निढ़ाल होकर गिरी थी कि मानो दुनिया की सबसे खुश लड़की हो।

और मैं उसके ऊपर लेट गया ।उसके बूब्स मेरी शरीर से बिल्कुल टच थे।उसने मुझे किश किया, पर मेरा लन्ड इतने दिन से बहुत हार्ड रहता था क्योंकि पहले दिन से जब ,आस्था टयूशन के लिए आई थी उसी दिन मैंने सोच लिया था कि मैं हस्तमैथून खुद नही करूँगा। उस दिन से आज तक ,मैं मेरे लन्ड को बड़ी मुश्किल से संभाल रहा हूँ। आस्था ने आज महसूस किया और कहा कुछ चुभ रहा है। मैंने कहा मेरे लन्ड को भी तुम्हारी चुत के साथ खेलना है। आस्था बोली नही मैं बहुत थक गई हूं।उठने की हिम्मत नही है। मैने मेरे कपड़े उतारे ,और आस्था को अपना अंडर वियर उतारने को कहा। वो मेरा लौड़ा देखकर चौक गयी और कही इतना बड़ा और मोटा लंड। ये कैसे हो गया। बच्चों का तो छोटा सा नुन्नू जैसा होता है।

मैंने कहा ये अभी बड़ा है जब तुम्हारी चूत के साथ खेलेगा और थक जाएगा तो ये भी छोटा हो जाएगा। मैं उसके ऊपर बैठ गया। और मेरा लन्ड उसके मुँह में डाल दिया और कहा इसे चूसो। आस्था ने कमाल कर दिया,मुझे इतना अच्छा लग रहा था ,उसका गरम गरम मुह और उसकी चिकनी लार। मैं अपने लन्ड को आगे पीछे करने लगा। वो इतने जोर जोर से उसे चूश रही थी कि मेरा लन्ड से 4 मिनट बाद वीर्य (पानी ) निकल गया,जो उसके मुँह में भर गया था।

मैं समझ गया उसके चेहरे को देखकर की वो उसका क्या करे??
मैंने उसको फ्रेंच किश करते हुए आधा वीर्य अपने मुह में लिया और पी गया।और मैंने उससे भी ऐसा करने को कहा।
वीर्य का स्वाद हम दोनो ने ही पहली बार चखा था।
अजीब सा स्वाद था।
आज का ट्यूशन टाइम भी खत्म होने वाला था सिर्फ 5 मिनट बचे थे।
पर मेरा लन्ड दोबारा खड़ा हो रहा था धीरे धीरे।
आस्था: ओह्ह नो ,फिर से नही, ये कब थकेगा।
मैंने पहले तो उसके बड़े बड़े चूचो के बीच अपने लन्ड को हिलाया,बहुत मजा आया फिर उसकी चिकनी चूत पर लन्ड रगड़ने लगा,बहुत स्लिपरी हो रखी थी
इसलिए ज्यादा टाइम ना लगा और मैंने मेरा वीर्य उसके दोनों चूचो पर गिरा दिया ।
और उनकी काफी देर तक मालिश की जबतक वो वीर्य सुख नही गया।

मैंने उसके शरीर को एक कपडे से साफ किया और कपड़े पहनने में मदद की क्योकि ट्यूशन का टाइम खत्म हो गया था। मैंने आस्था से कल के लिए पूछा की इससे आगे करे क्या?? आस्था बोली मुझे नही पता इससे आगे क्या क्या होता है।पर मुझे बहुत मजा आया।इसलिए हाँ मैं तैयार रहूंगी।और वो घर चली गयी। और मैंने कल की तैयारी उसके जाने के बाद स्टार्ट कर दी। मैं नारियल का तेल,एंटीसेप्टिक क्रीम,बाजार से लेके आया। मेरे कमरे में ही बाथरूम था।इसलिए कोई दिक्कत वाली बात नही थी। अगले दिन मैं बेसब्री से उसका इंतजार कर रहा था।जैसे ही वो घर के अंदर आयी मैं तुरंत उसे ऊपर मेरे कमरे में लेके गया और दरवाजा बंद किया।

दोनो ने कपड़े उतारे,और पुरे नंगे होकर बैड पर लेट गए। पहले किस किये,उसके बूब्स को सहलाया,उन्हें चूसा, उसके पेट पर किस किये,और उसकी गुलाबी चुत चाटी। वो बहुत गर्म हो चुकी थी। आज आखिर कार वो दिन आ गया था जब हम दोनों अपनी वर्जिनीटी खोते। मैंने उसके मोटे मोटे कूल्हों के नीचे एक तकिया लगाया उसकी दोनों टांगे खुलवाई और उन्हें मेरे कंधो पर रख दिया।

मुझे पता था बहुत दर्द होगा पहली बार वर्जिन बुर की चुदाई करवाने में इस वर्जिन लड़की को,इसलिए आस्था की आवाज को भी संभालना था ताकि नीचे कोई सुन ना ले की उप्पर पढाई के नाम पर चुदाई चल रही है । लंड और चूत के बिच घर्षण को कम करने के लिए मैंने आस्ता की चुत चोदने से पहले उसकी वर्जिन चुत पर नारियल का तेल लगाया और अपने 9 इंच लम्बे और 4 इंच मोटे लंड पर भी। उसकी बुर के छेद पर अपना तगड़ा लंड रखकर,अपने दोनों हाथों से उसके कंधो को पकड़ा हुवा था और अपने मुँह से उसके मुलायम होठो को बंद कर रखा था।

जैसे ही मैने पहला झटका मारा,उसके हाथ मेरे पेट पर गए और ऊपर धकेलने लगे।वो काँप उठी। उसकी आँखों मे आंसू आ गए थे।पर लन्ड अभी उसकी वर्जिन चूत में आधा ही गया था। आस्था की वर्जिन चूत की मसल्स मेरे तगड़े लन्ड को जकड़े हुए थी उसकी चुत बहुत गर्म थी जैसे उसकी बुर के अंदर हीटर चल रहा हो धीरे धीरे । मैंने एक और जोरदार झटका मारा और मेरा लन्ड उसकी बुर की सील तोड़ते हुए पूरा अंदर चला गया। चुदते चुदते वो कुँवारी लड़की दर्द के मारे मछली की तरह तिलमीला रही थी। मगर पहली चुदाई का ये दर्द तो उसे एक बार सहन करना ही पड़ेगा। उसको दर्द के मारे तड़पते देख मेरा दिल भी रोने को हो रहा था। मैंने कुछ समय के लिये उसकी फटी हुई चूत की चुदाई रोक दी और मैं ऐसे ही उसके ऊपर 3 मिनट तक लेटा रहा।

मैंने अपना मुँह उसके मुह से हटाते हुवे पूछा आस्था तुम्हारी चूत में दर्द हो रहा है क्या अभी भी? आस्था बोली अब तो इतना नही हो रहा पर तुम ऐसे ही लेटे रहो मेरे ऊपर। मैं भी उससे अलग नही होना चाहता था।उसकी नाजुक सी त्वचा मेरे शरीर को बहुत सुकून दे रही थी। मैंने जोर शोरो से उसे किश करना चालू किया। जैसे ही मेरा लन्ड थोड़ा सा हिलता वो दर्द से चिल्लाती आह आह दर्द होता है। मैंने उससे कहा देखो आज तो इतना दर्द ही होगा ये तुम्हे सहना पड़ेगा,वरना बार बार तुम्हे ये दर्द होगा।

आस्था: तो फिर जल्दी पूरा करो इसे और मैंने उसे किश करते हुवे लन्ड बाहर भीतर करने लगा।उसे हल्का हल्का दर्द होता और वो मेरे होठो को मजबूती से पकड़ लेती। लगभग 5 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था इसलिए मैंने अपना लौड़ा बाहर निकाला जो खून का सना हुवा था। आस्था बोली ये खून कहा से आया?? मैने कहा ये तुम्हारा खून है ,ये पहली बार आता ही है जब कोई लड़की सेक्स करती है। मैने लन्ड को हिलाना शूरू किया पहले तो कुछ लाल लाल बूंदे खून की आयी फिर सफेद पानी(वीर्य) जो मैंने उसके पेट पर गिरा दिया। और उसको अपनी बाहों में मजबूती से जकड़ कर लेट गया। मैंने उसके माथे पर किश किया। लगभग 10 मिनट बाद मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और बाथरूम में लेकर गया और वहां पानी से साफ किया।

अब उसकी बुर में एंटीसेप्टिक क्रीम लगानी थी,इसलिए पहले मैंने मेरे लन्ड पर एंटीसेप्टिक क्रीम लगाई और उसे पास बुलाकर एक दम लन्ड उसकी आधी चुत के अंदर डाल कर बाहर निकाल लिया। आस्था बोली अंदर थोड़ी जलन हो रही है। मैने कहा थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी और आज का ट्यूशन का टाइम भी चला गया और वो घर जाने लगी। आस्था की चाल भी थोड़ी बदल गयी थी। पर उसने कहा वो संभाल लेगी। सारी रात मुझे आस्था के सपने आये।और सपनों में मेरी शादी उसके साथ ही हुई। मैं सुबह बहुत खुश था उन सपनों को सोच सोच कर।

अगले दिन वो फिर आती है ट्यूशन पर: मैंने पूछा कैसी हो तुम अब?? आस्था बोली बढ़िया, अब दर्द भी नही हो रहा है। मैंने कहा चलो तो आज फिर पढ़ाई करते है,वो हैरान रह गयी ये सुनकर। मैंने फिर से उसे पढ़ाना स्टार्ट किया क्योकि मुझे उसे अच्छे नम्बरो से पास भी करवाना था। कुछ टाइम पढ़ाने के बाद मेरे से रुका नही गया,और मैने उसे बहुत टाइट गले लगा लिया। मैने कहा आई लव यू वेरी मच आस्था। आस्था:आज क्या हो गया है तुम्हे? मैंने कहा कुछ नही तुम मेरा पहला प्यार हो और मै तुमसे प्यार करने लगा हूँ।

मैने उसे किस करना शुरू किया। उस वर्जिन गर्ल की दिल की धड़कन बढ़ गयी थी। मैंने उसकी चूड़ीदार सलवार सूट उतारने में उसकी मदद की। मैने अपने कान उसकी छाती पर रखे और उसकी दिल की धड़कन साफ सुनाई दे रही थी। उसके गालों पर किश किया,फिर उसकी गर्दन पर,फिर उसके क्लीवेज पर फिर दोनो बूब्स पर। उसकी उतेजना बढ़ती जा रही थी,और साँसे और भी तेज।

मैंने आज उसके चूचे दबाने शुरू किए और उन्हें काफी देर तक चूसा।उसके मुँह से हल्की हल्की आवाजे निकल रही थी अम्म उम्म अम्म ऐसे ही करते रहो। फिर मैं उसके पेट की तरफ बढ़ा ,उसकी नाभि पर किश किया ,और अपनी जीभ से वह खेलने लगा। आस्था हँसी और बोली नही गुदगुदी होती है। मैने उसकी वी टाइप वाली सेक्सी ब्लू कलर की पैंटी उतारी, उसकी चुत का तो जैसे में दीवाना हो गया था।

अपने आप को रोक ही नही पाता था। मेरा मुह सीधे उसकी फटी हुई चुत पर गया और मैं उसे चाटने लगा। उसकी आवाजे अब और तेज हो गयी थी,थोड़ी देर में उसने मेरे मुह पर पानी का फव्वारा मारा। आस्था:तुम बहुत बढ़िया हो। मैने कहा अब तुम्हारी बारी,उसने मेरे कपड़े उतारे और सीधा मेरे लन्ड की तरफ गयी। उसने मेरे लन्ड को मुह में लिया और एक हाथ से लन्ड की त्वचा को आगे पीछे कर रही थी। मैंने कहा इसे अच्छे से गीला कर देना ताकि तुम्हारी चुत के अंदर आसानी से चला जाये।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे बैड पर वापस लिटाया और पूछा क्या तुम तैयार हो?? आज तुम्हे काफी मजा आएगा। आस्था: धीरे से करना और कहा मुझे चुम्मा चाटी करते रहो। मैंने उसके सेक्सी और हॉट जिस्म को बिलकुल टाइट पकड़ रखा था,उसके चुत के छेद पर लन्ड रखा और चुम्मा चाटी करना स्टार्ट किया। मैंने एक झटका मारा और लन्ड उसकी फटी हुई चूत में पूरा अंदर चला गया और उसकी फटी हुई चूत से खून बहने लगा और वो दर्द के मारे रोने लगी पर मैंने उसको चोदना जारी रखा और धीरे धीरे अपना लंड उसकी फटी हुई चूत के अंदर बाहर करने लगा।

आज उसकी पहली चुदाई थी थोड़ी देर तक तो उसे बहुत तेज दर्द हुआ लेकिन बाद में उसे मुझसे चुदवाने में काफी मजा आ रहा था और मेरे मुह में उसकी आवाज़ें आ रही थी। आह आह आह आह यस उम्म अम्म आह आह आह आह । आस्था ने अपने हाथ मेरे पेट पर रखे हुवे थे और चुदने की स्पीड कंट्रोल कर रही थी। मुझे भी आस्था को चोदने में बहुत मजा आ रहा था आखिर आस्था मेरा पहला प्यार जो थी ।

मैं और आस्था चुदाई करते करते अब चरमसुख प्राप्त करने वाले थे। जैसे ही वो झड़ी मैंने अपना लौड़ा उसकी चुत से बाहर निकाला और हिलाकर अपना सारा पानी उसके नाभि पर डाल दिया।और हम दोनों निढाल होकर एक दूसरे के ऊपर लेट गए। मेरा लंड दोबारा खड़ा हो रहा था कि तभी नीचे से मेरी मम्मी की आवाज आई :-निक्की और आस्था बेटा नीचे आओ जल्दी शेष कहानी अगले भाग में… ।


Saali ki chudai


hi i am rachna with a story of my friend in his won words.he mailed me his chudai story and i am only going to pasting it here.

hi friends, myself rajeev is here to tell my first sex story with a girl who is my brother's sali.first i am describing her hot sexy body. kya gajab ki mal thi, how i tell u? 17 sal ki kamsin jawani, bhare kase gore jism, najuk gulabi rasile hoth, rasgule jaise rasile gal, bade bade mastani chuchiya.kisi angel ki tarah dikhti thi. mai use dekhkar pagal ho jata,mai kya koi bhi ho jayega,meri najre uske machalte huye gol gol tarbujon ko niharne lagti, mera lund chatpatane lagta, man karta ki use wahi patak kar uske bur ko chir dalu.

i think i am quite lucky to have fucked such a hot girl.mujhe use bed tak le jane me jyada samay nahi laga kyuki wo bhi chudwane ke liye tarap rahi thi,bekrar thi apni chuchiya masalwane ke liye.aag dono taraph se barabar lagi hui thi,mai aur wo aapas me mobile par bahut gande majak kiya karte the.wo mujhe hamesa apne yaha aane ke liye kahti. ek bar jab usne mujhe phir se aane ke liye kaha to maine usse puch diya,dogi na??,wo haskar boli,kya loge?ik jawan larke ko ek jawan larki se kya chahiye, ye bhi batana parega mujhe? acha to aise bolo na ki meri gand marni hai,sarma kyu rahe ho larki ki tarah,aao to sahi aisa maja dungi ki bhul nahi paoge ,apni rasili jawani ke rash me puri tarah nahla dalungi tujhe.mera man karta abhi hawa me urkar uske pas pahuch jau

jab maine bola ki kya teri naram si chut mere land ko jhel payegi,kahi phat gai to.to wo boli,mai to bekrar hu pharwane ke liye,bas tu aaja mere raja,apna khambha mere bur ki gahraiyo me utar dal aur rat bhar mujhe chod.maine bola tujhe kya pata meri rani maine kitni bar tujhe sochkar muth mari hai,ab to mai apna ras tere bur me hi utarna chahta hu.tere rasile chuchiyo ka dudh pina chahta hu,unhe ji bharke masalna chahta hu .meri jan apna size batao na plz.wo boli aakar nap lena, maine to abhi napa nai,waise tera size kya hai? mera size??to wo boli chodu tere khute ka size? maine kaha maine bhi nahi napa to wo boli acha mai hi nap lungi.maine kaha kaise,wo boli,mere pussy me kitni gahrai karti hai uske aadhar pe.to maine kaha agar teri puri gahrai me mera danda sama gaya to,wo boli simple hai tere dande ki lambai 9 inch hogi.wao to teri bur itni gahri hai,kya maja aayega .

meri to aah nikal rahi hai janu,kaise control karu yar tu hi bata na?tune koi larki chodi hai pahle,wo puchi to maine kaha abhi tak to aisi kismat nahi rahi meri.wo boli mai bhi abhi virgin hu yar abhi tak tere liye.maine pucha meri yaad aati hai tujhe.boli der rat tak blue filme dekhti hu,tere lund ki jagah apni unguli se hi kam chala leti hu,bas mere chodu jaldi se aakar meri gand mar,ise bas tera hi intejar hai. hamdono ko hi bas ek hasin rat ki talash thi aur uske liye hame jyada intjar nahi karna pada. chath puja me bhabhi apane mayake jane lagi,bhaiya ko chuti nahi thi to unhone mujhse kaha ki bhabhi ko chor aao. mai jhat se taiyar ho gaya.raste bhar mai use chodne ke bare me hi sochta raha.udhar uski chut bhi mere land ka besbri se intjar kar rahi thi. aakhir mai apni manjil par pahuch hi gaya. mai karib 8 mahine bad use dekh raha tha. uski jawani aur bhi nikhar gai thi,pari jaisi khubsurat lag rahi thi. usne mera saman mere bedroom me rakh diya.mai hath muh dhokar bed par let gaya.kuch der bad meri dream girl muskurate huye nasta lekar aai.

maine kaha,jis bhukh ko bujhane yaha aaya hu,wo kab bujhegi??wo muskurane lagi aur mere pas hi baith gai. maine use khichkar apni god me le liya aur haule haule se uske phul ko dabate huye bola,hiii kitni pyari hai ye meri rani. wo boli,rat to hone do mere raja, phir mai tujhe apni jawani ka ras pilati hu.wo machalte huye boli ye jawani aaj tujhpe lut jayegi? mera land machalne laga aur maine bina kuch soche use bed par gira diya aur uske upar chadhkar use rondne laga. lekin usne mujhe aur aage nahi badhne diya aur mujhe ek taraph hatakar bed se uthkar khadi ho gai. kahne lagi, kuch der apne land ko nahi samhal sakte,koi dekh leta to,rat to hone do,tumhe kya lagta hai meri chut kam tarap rahi hai.maine sorry kaha to wo mujhse lipat kar mere galo aur hotho par chumbano ki jhari laga di aur phir jane lagi aur jate jate boli,rat ko taiyar rahna. aakhir wo raat aa hi gai jiska mujhe na jane kab se intjar tha.sab khana khakar sone chale gaye.maine bhi khana khakar apane bedroom me aa gaya aur uska besbri se intjar karne laga.sardi ka din tha,maine rajai dal liya apane upar,kewal underwear me aa gaya aur uske ander hath dal kar use sahlane laga.i think 10 se kuch jyada samay hua hoga,mere sapno ki sahjadi aa pahuchi aur aate hi rajai me ghuskar mujhse lipat gai. maine use dabochte huye kaha oh meri jan,kab se mera land taraph raha hai.wo haste huye boli,achha ab sant kar deti hu tere is dande ko.usne mujhe kas kar jakar liya aur mere hotho ko apne rasile hotho se chusne lagi.

uske bade bade boobs mere sine me gadne lage.aur mere hath uski khabar lene lage.mai uske upar chadh gaya.uske kapde ko utarne laga.usne bra nahi pahan rakhi thi.phir maine uske pajame ko bhi utar dala aur ab wo sirf panty me thi.maine bhi apni baniyan utar dali aur sair karne nikal pada.uske dono katoro ke sath khelne laga.use pure thao me bharne ki koshis karte huye bola,oh my god..kya kayamat hai,uska size 36 se kam ho hi nahi sakta. mai use jor jor se masalne laga.usne mera underwear nikal diya aur mere dande ke sath khelne lagi.mere land ko apane dono hatho me bharkar haste huye boli,yaar bahut moti hai,meri chut to phat hi jayegi,plz dhire dhire chodna.uske garm hatho ka sparsh pakar mera land aur kada ho gaya. mai madhosh hote huye bola,darling ise chuso na please.why not my dear,ye kahkar wo land ko apane muh me lekar chusne lagi.mai exitement me apne sir ko hilane laga.wo bade maje lekar chus rahi thi.mai bahut jyada garam ho chuka tha.maine use bed pe patak diya aur uski panti ko noch kar phek diya.hamdono puri tarah nange ho chuke the.usne mujhe apne upar chadha liya.ab mai thik uske upar tha,mere land uske bur se takrane lage aur mai sihar gaya.

wo bhi bekrar ho gai lekin mai bahut jaldi nahi karna chahta tha.use bhi puri tarah ready kar dena chahta tha.mai uske nipples aur dono chuchiyo ko pakarkar bekrari se masalne laga. najuk se usake boobs ko apane dono hatho se maslte huye bola,kya maal ho yaar,hi kitni ras hai teri in mastani chuchiyo me.wo siskariya lene lagi,sayad use dard bhi ho raha tha,boli yaar itni jor se kyu masal rahe ho jara dhire maslo na,mai kahi bhagi thore na ja rahi hu,jitna chahe maslo,masal kar lal kar do,mai rok thore na rahi hu.karib 1 min tak masalne ke bad maine hath ko aaram de diya apne mouth ko kam par laga diya.mere muh uski rasdar chuchiyo ka ras pine lagi,badi mast chuchiya thi yaar,ji bharkar chusa aur wo mujhe kas kar pakre huye thi.phir boli,isi pe lage rahoge ki aage bhi badhoge,mujhe sagar par karao na ab,now fuck me dear as hard as u can. maine bhi bina der kiye huye apane saman ko sidha karte huye kaha,ye lo aur lund ko uski chut me dhakel diya.wo ui ui karne lagi aur mujhse boli, dhire dhire karo na darling,bahut dard ho raha hai. lekin mai control me nahi tha,dhake pe dhake lagane laga,pyase land ko ek hasin si chut ki garmi jo mil rahi thi to ye kaise tham sakta tha. mera land uski chut me periodic motion karne laga aur dhire dhire uska period of oscillation badhne laga,sath sath penetration power bhi tej hone laga. use bhi bharpur maja milne laga aur exitment me apane hoth katne lagi.

maine pucha,maja aa raha hai,wo boli yaar kuch pucho mat bas karte raho,kya paini aujar hai teri,meri chut chalni chalni ho rahi hai,aah kya maja hai chudai ka,ab bas marte raho,jannat ki sair kar rahi hu mai.kuch der aise hi chodta raha use,uski chikni gand marta raha ,phir wo boli ki ab style change karte hai, ab doggy style me chodo muje.maine kaha ok,wo thehune ke bal jhuk gai aur maine uski kamar ko pakar liya aur uske ched me apana phanphanata land ghused diya.mai khre hokar uski chudai kar raha tha aur jor jor se dhake laga raha tha,mera pura ka pura land uski chut me sama jata,wo badi muskil se apane aapko us pose me roke huye thi.karib 2 min tak maine use isi pose me choda.phir use bed par muh ke bal letne ko kaha aur uske kamar ke niche ek takiya rakh diya aur uske upar aakar let gaya.phir apane land ko uske hole me dalkar phir se suru ho gaya.apne dono hatho se uske dono mame ko pakar kar masalne laga. takiya gol tha aur uski kamar uspar slide kar rahi thi,uski gand aage piche ho rahi thi aur usme ghusa hua mera land bhi to and fro kar raha tha. dhire dhire mai end ki taraph pahuchne laga aur wo bhi bar bar muje jor jor se thokne ke liye kahne lagi.

maine use sidha kiya aur uspar chadhakar let gaya aur apana sara bhar usake upar dal diya.apane land ko jaldi se ghuseda aur vigrously chodne laga.use kas kar dono hatho se pakar liya aur gand ko uthakar tabartor pelne laga. usne bhi mujhe kas kar jakar liya. dhire dhire jharne ke kagar par pahuch raha tha aur meri chodne ki gati andhadhundh badhti ja rahi thi.thap thap...ki aawaje hone lagi,mera hathora uski chut me puri gahrai me sama ja rahi thi.chudai ki raftar badhti chali gai aur ant me mai apani puri sakti lagakar last penetration diya aur mera garam hathaura usaki chut me hi thanda ho gaya. mai nidhal hokar usake upar gir para aur buri tarah haphne laga. wo bhi haph rahi thi aur uska pani bhi nikal gaya tha aur kaphi khus lag rahi thi.maine pucha maja aaya to wo muskurane lagi aur boli wakai tera laura kamal ka hai,mere chut ki pyas ab tumhi bujhana.

kuch der aaram karne ke bad wo mere upar sawar ho gai.boli chalo next round suru karte hai aur mere hathaure ko apane hatho me lekar sahlane lage.uske najuk najuk hath mere land ki malis karne lage aur mera aujar phir se chmakne laga.iski dhar pahle se bhi tej thi. maine bola i am ready now to fuck u twice,what about u. me too dear aur mujhe apne upar lekar bed me dhas gai aur boli,mard ki baho me pisne me kya maja hai,kash mai randi hoti,daily naye naye land ka swad leti. maine use dabocha aur bola chalo mai aaj tujhe randi bana hi deta hu.phir mai chal diya apni dagar pe.isbar mai pura time use chodta hi raha. uski jawani ka pura rash maine chus liya. wo mujhe dubara nahi mili.uski saadi ho gai,maine na jane kitni bar use sochkar muth mara.man karta hai usake sasural pahuch jaun aur kam se kam ek bar use phir se chodu.

चुदाई की भूखी लड़की के साथ सेक्स किया

चुदाई की भूखी लड़की के साथ सेक्स किया Chudai ki bhukhi ladki ke sath sex kiya , चुदने को व्याकुल महिला की चुदाई , चूत बुर चोदी गांड मारी मुंह में लंड चुसाया , लौड़े का दिया स्वाद , प्यासी कमसिन जवान फुद्दी को चुदवाया.

चुदाई की भूखी लड़की के साथ सेक्स किया Chudai ki bhukhi ladki ke sath sex kiya , चुदने को व्याकुल महिला की चुदाई , चूत बुर चोदी गांड मारी मुंह में लंड चुसाया , लौड़े का दिया स्वाद , प्यासी कमसिन जवान फुद्दी को चुदवाया.


एक लड़की थी निर्मलता उम्र 18 साल उससे बात करके मैने जाना की वो थोड़ी ग़रीब परिवार से है। दिल की अच्छी है। और सेक्स की भूखी है। उसके घर मे माँ, बाप, भाई, भाभी और वो है। मैने उससे बहुत बार सेक्स चैट करी है। और उसको नेट भी ज़्यादा चलाना नही आता था तो मैने उसे समझाया ओर उसके लिए आई-डी बनाई। वो जब भी मुझे सेक्स चैट करती थी तो वो बहुत जज्बाती हो जाती थी। और कहती थी मुझे कुछ डालना है चूत मे ओर कभी बोलती की मोमबती डाल रही हूँ तो कभी बोलती केला डाल रही हूँ।

मुझे तो लगता था झूट बोल रही है। उसने मुझसे कहा की मैं तुमसे जीवन मे एक बार ज़रूर चुद्वाऊगी। फिर धीरे धीरे समय चलता गया। कभी कभी बात होती थी। फिर जब मुझे उस पर विश्वास हुआ तो मैने उसको अपनी फोटो दिखाई। जब तक वो नेट में एक्सपर्ट हो गयी थी। उसको मैं बहुत अच्छा लगा। उसने मुझे कहा की वो मिलना चाहती है। मुझे लगा था की वो घर से नही निकल पाएगी। तो मैने उससे कहा तो उसने कहा की घर से निकालने की क्या ज़रूरत है। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। जब आप मेरे घर पर ही रुकोगे तो उसने मुझे बताया की हम टूरिस्ट लोगो को अपने यहा रेस्ट करने देते है।
पैसे लेकर आप आ जाना और पापा से बात कर लेना। तो वो आपको 1 रात के लिए 400 रु. किराया लेगें। मैने कहा ठीक है। उसने कहा की आप ऐसे दिखावा करना की आप मुझे जानते नही। तो मैने कहा ठीक है। मैं शुक्रवार को निकला और रात 8 बजे पहुचा और उसके पापा को फोन किया और कहा की मेरा दोस्त आपके यहा रुका था तो उसी से नंबर मिला मुझे 3 दिन के लिए रुकना है उन्होने मुझे रूम बताया मैं पहुचा तो निर्मलता मुझे पहली बार दिखी क्या माल थी गोरी नही थी। सावली थी। हाइट 5’5 इंच होगी। और फिगर देखने लायक था। उसका फिगर 34 28 36 था। मैं तो देखते ही खुश हो गया। वो मुझे देख के मुस्कुराई वो आगन मे काम कर रही थी घर का। और वो अपना काम करने लगी। उसने ब्लाउस टाइप का शर्ट पहना था। बॉडी ज़्यादा भी टाइट नही। पर उसका बोब्स दिख रहे थे।

और वो नीचे लोंग स्कर्ट पहनी थी मैं तो मन ही मन बहुत खुश हुआ। और वो चल रही थी तो उसकी गांड क्या हिल रही थी। मुझे लड़कियो की मटकती गांड कुछ ज़्यादा ही पसंद है। मेरा लंड हिलना शुरु हो गया। मैं ज़्यादा नहीं देख पाया क्योंकि उसका बाप वही कुछ और काम कर रहा था। मैं उनसे मिला उन्होने मुझे एक कमरा दिया। मैने खाना खाया वो मुझे नही दिखी उसके बाप ने ही खाना खिलाया। रात के 10 बज गये। खाना खाते खाते फिर सोचने लगा कब मिलेगी ये। मैने लैपटॉप चालू किया और ब्लू फिल्म देखने लगा अपने रूम मे। वहा पर लोग जल्दी सो जाते है। 11 बजे करीब पूरा सुनसान था। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। तो मुझे आगन मे से झूला हिलने की आवाज़ आई।
मैं खुश हुआ देखा तो वो झूला झूल रही थी और मेरे दरवाजे की तरफ ही देख रही थी। वो वही कपड़े पहनी थी। और झूले की वजह से उसके बोब्स मस्त हिल रहे थे। लग रहा था की ब्रा नही पहनी। मैने दरवाजा खोला और उससे अंदर आने का इशारा किया। तो वो इधर उधर देख के दबे पाँव मेरे रूम मे आ गयी मैने दरवाजा बंद किया और उसे देखने लगा। बहुत सुंदर थी और उसकी बड़ी बड़ी लिप्स किस करने लायक थे। वो मेरे पास आई और मेरे गले लग गयी। मैने बनियान पहने हुवे था। वो जब मेरे गले लगी तो उसके बोब्स क्या प्रेस हो रहे थे। तब मुझे लग गया की ब्रा नही पहनी। मैने उसका चेहरा पकड़ा और ढेर सारे होटो पर किस करने लगा। फिर मैं अपना हाथ कमर से लेते हुए। उसकी गांड पे ले गया। उसने पेंटी नही पहनी थी। मैं उसकी गांड को ज़ोर से दबाने लगा। उसको जोश आ गया और मेरा सर के पीछे बॉल पकड़ कर मुझे ज़ोर से किस करने लगी। मेरी जीभ चुस रही थी। और अपनी डाल रही थी। मज़ा ही आ गया।

मैं एक हाथ से उसके गांड दबा रहा था और दूसरा हाथ आगे लाकर स्कर्ट के उपर से चूत पर फेरने लगा। वो गीली हो गयी थी। मेरा तो मन कर रहा था की अभी नीचे जाके चूत चाट लू। और फिर मैने किस रोक दिया। वो तो करे ही जा रही थी। और क्या मुह से आवाजे निकल रही थी। किस करते वक्त। फिर हमने एक दूसरे को देखा और मुस्कुराए। फिर मैने उसका हाथ पकड़ के उल्टा किया और पीछे से उसके बॉल एक तरफ किये। और उसके कंधे को किस करने लगा और मेरा लंड उसके गांड से टच हो रहा था। और एक हाथ से बोब्स दबाने लगा और दूसरे हाथ से स्कर्ट उपर करके चूत धीरे धीरे हाथ फेरने लगा। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। क्या चूत थी। मज़ा आ गया। वो कह रही थी की तडपती हूँ मैं तुमसे मिलने के लिय आज तो खा ही जाना। छोड़ना मत। और सिसकारिया ले रही थी।
जैसे जैसे मैं बोब्स के निप्पल और चूत हाथ फेर रहा था। वैसे वैसे उसकी आवाज़े और सिसकारिया बडती जा रही थी। उसने कहा की मुझे पीछे कुछ चुभ रहा है। और वो अपने आप मेरे लंड को पकड़ने लगी। मेरा लंड लंबा हो गया था। वो उसको अपने हाथ से दबा रही थी, और आवाज़े निकल रही थी। क्या मस्त लंड है। इसको तो मैं खा जाउंगी। कितने दिन से चुदना चाहती थी तुमसे और ना जाने क्या क्या बोल रही थी। मेरा लंड बाहर निकाला और अपनी स्कर्ट उपर करी और गांड के बीच में मूठ मार रही थी। और उसकी आखे बंद थी वो मुझे होटो पे किस करने लगी मदहोश होकर। वो सच मे भूखी शेरनी लग रही थी।

मै उसके बोब्स दबाने लगा और निप्पल को भी दबाने लगा। तो वो कहने लगी और ज़ोर से दबाओ। मैने उसके शर्ट के बटन खोलने लगा। फिर पूरे बटन खोल दिए और उसके बोब्स जो बाहर आये तो देखने लायक थे। उसके निपल्स अच्छे थे और बड़े थे। लग रहा था की खुद इनको रोज मालिश करती है। तभी इतने बड़े है। मैने दोनो बोब्स को हाथ मे लिया। मैने कहा जान क्या बोब्स है। खुद दबाती हो की कोई आता है दबाने इतने बड़े हो गए। उसने कहा की पड़ोस का लड़का कभी कभी दबा देता है। और जब स्कूल जाती थी तो दोस्त और टीचर से दबाते थे। मैने कहा जान पहले तो कभी नही बताया ये सब और कितने राज छुपाए है। वो कहने लगी बस तुम मेरी इस भूख को शांत करो मैं सब बताती हूँ। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। मैं उसके बोब्स दबाए जा रहा था दोनो हाथो से।
वो स्पंज बॉल की तरह लग रहे थे। सॉफ्ट। मैं उसके पीछे से दबा रहा था और वो एक हाथ मे लंड पकड़ के गांड और चूत मे फेर रही थी और दूसरे हाथ से अपने निपल्स दबा रही थी। और कह रही थी की ऐसे दबाओ और आ…. आ… की सिसकारिया ले रही थी और फिर कहने लगी। आज जम कर चोदना मुझे खा ही जाना सुबह तक चोदते रहना। जब मैने देखा की साली खुद ही अपने निप्पल दबा रही है। तभी इतने बड़े हुए है। उसने कहा ऐसा क्या देख रहे हो। कभी लड़की को खुद से खेलते नही देखा क्या और मुझे आगे कर के मेरा सिर अपने बोब्स मे डाल दिया और कहने लगी खा ले मेरे राजा….चूस डाल…काट ना…..मेरे निप्पल को बारी बारी….कितना मज़ा आ रहा है….भगवान तुमने चुदाई क्या चीज़ बनाई है। शरीफ से शरीफ लड़की भी चुदते वक्त रांड़ बनना चाहती है। मैने उसका शर्ट पूरा निकाल दिया अब वो सिर्फ़ स्कर्ट मे थी।

मेरा हाथ तो उसके गांड मे था। स्कर्ट के कपड़े के उपर से सहलाने मे जो मज़ा आ रहा था वो बता नही सकता। उसने मेरा बनियान निकाला और मेरे निप्पल को चाटने लगी। मुझे तो मज़ा आ रहा था। मैं लंड उसकी चूत लंड से रगड रहा था। लंड रगड करने से वो मुझे और ज़ोर से पकडने लगी और जो आवाज़े निकलती थी उससे तो मदहोश हो रहा था। उसने मुझे छोड़ा और नीचे झुक कर मेरा लंड मुह मे ले लिया। एक बार मे पूरा। मैं तो समझ गया था की ये तो रंडी है। खूब मज़ा आएगा पर वो हमेशा मुझसे कहती थी की वो केला डालती रहती है चूत मे। मैने उससे कहा कितने लंड ले चुकी हो। आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। तो उसने लंड को चूसते हुए कहा की एक लंड लिया है बहुत बार एक महीने मे।
मैने कहा कौन तो उसने कहा की छोटे चाचा ने तो मैने उसे उपर उठाया और कहा पहले क्यू नही बताया तो उसने कहा की क्या कहती की चाचा ने चोदा है मुझे मैने उससे बेड पे बैठाया और उसका स्कर्ट उपर करते हुए किस कर रहा था। क्या टाइट थे… मैं उससे प्यार से बाते करता हुआ उसकी चूत पे आया। क्या सुगंद थी यार मज़ा ही आ गया। और मैने कहा की पेंटी क्यू नही पहनी तो उसने कहा की अभी उतार के आई हूँ। तो मैने कहा की मुझे तुम्हारी पेंटी की सुगंद लेनी है तो उसने कहा क्यू मैने कहा की मुझे सुगंद अच्छी लगती है। और तुम्हारी चूत की सुगंद बहुत मस्त है तो उसने कहा ठीक है पर पहले मेरी चूत चूसो और मेरा सर पकड़ के डाल दिया।

मैने उसकी चूत कुत्ते की तरह चाटी और अपनी जीभ से अंदर बाहर करने लगा। वो अपनी गांड हिला के चुसवा रही थी। वो क्या आवाज़े निकाल रही थी और ज़ोर से हिल हिल कर करवाना चाह रही थी उसे और जोश आ रहा था। उसने कहा मुझे लंड चूसना है। मैं नीचे और वो मेरे उपर मैने उससे अपने मुह पर बैठाया पहले और उसकी चूत को खूब मूह लगाया जीभ डाली। वो मेरे उपर बेठ के हिल रही थी और दूसरे हाथ से मेरा लंड उपर नीचे कर रही थी। फिर थोड़ी देर बाद उसे नही रहा गया और उसने मेरे मूह मे बैठे बैठे अपना चूत रस छोड़ दिया। मेने पूरा चाट लिया। और फिर वो नीचे झुकी और लंड चाटने लगी क्या मज़ा आ रहा था। फिर मैने थोड़ी देर लेटा रहा। फिर वो अपनी चूत मेरे मूह मे रगड़ करने लगी तो मैं समझ गया की फिर से आ गयी जोश मे। मैने इस बार उसकी गांड को दबाने लगा।
 
आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। वो तो उचकने लगी और कहन लगी ये क्या कर रहे हो। । किसी ने आज तक वहा किस नही किया। तुम क्या कर रहे हो। । । और वो सिसकारिया ले रही थी। मैने पूछा तुमको मज़ा आ रहा है की नही तो वो बोलने लगी बहुत आ रहा है। मैने बारी बारी चूत और गांड खूब चाटी और उसने भी लंड खूब प्यार से चाटा। मेरा निकालने वाला था तो मैने पूछा की मेरा निकालने वाला है तो वो और ज़ोर से चूसने लगी। और मैं उसके मूह मे छुट गया। वो लंड घुमा घुमा के चूस रही थी। मज़ा आ गया…मैने चाट चाट के गांड और चूत लाल कर दिए थे। उसको बड़ा मज़ा आया।

फिर उसने मेरा लंड छोड़ा और कहने लगी की मुझे घोड़े की सवारी करनी है। मैं समझ गया आज तो पुरा मज़ा देगी ये। वो सीधी हुई और मेरे मुह मे सीधे आकर बैठ गयी और पलंग को हाथ से पकड़ कर आगे पीछे होने लगी। वो कह रही थी…आ..हा मेरे घोड़े और ज़ोर से भाग और ऐसे कहते कहते झड़ गयी। और मेरे पास मे लेट गयी। ये सब देख के तो मेरा लंड खड़ा हो गया था। उसने मेरा खड़ा लंड देखा और वो बिना कुछ कहे मेरे लंड पर बैठ गयी और उपर नीचे होने लगी और सिसकारिया ले रही थी। आ…आआ…उ.ऊ.. मज़ा आ गया…. यह दिन मैं आज तक नही भूल पाया। क्या गांड हिला हिला के गोल गोल लंड ले रही थी। मैं तो उसको देख कर और जोश मे आ गया, ऐसा लग रहा था की जन्नत यही है।
उसका चेहरा इतना नशीला लग रहा था बताना मुश्किल होगा। वो अपने बोब्स को खुद दबा रही थी और एकदम से उसको पता नही क्या हुआ। कहने लगी…मार भोसड़ी के…आज तो मेरा भुर्ता बना दे। गली के लड़के तो मेरे आगे पीछे घूमते रहते है। मैने कभी उनमे से किसी से नही चुदवाया…मैं खुद भी चाहती हूँ की कोई मुझे निचोड़ के रख दे….इतना प्यार करे की मेरी सारी प्यास भुझ जाए….पर मैने कभी उनको मोका नही दिया बदनामी के वजह से….अब तुम आ गये हो….छोड़ना मत…बस चोदते रहो। मैने उसकी कमर पकड़ी और एक बार मे उसको लेटा दिया लंड डाले रहने दिया। और जो शॉट मारने शुरू किया पलंग हिलने लगा और पूछ पूछ की आवाज़े आने लगी। इतने ज़ोर से मैने कभी किसी की चुदाई नही की होगी। वो बनी ही चुदाई के लिए थी।  आप यह कहानी एडल्टस्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।

मैं लगातार 5 मींनट तक शॉट मारता रहा। कभी बोब्स दबाता…निपल्स दबाता….वो मचल उठती। वो जब अपने हाथ से चूत रगड रही थी। और मैं चुदाई मे लगा हुआ था। ये सीन देख कर और जोश आ गया। ये सारा जोश मुझे अपने लंड पे महसूस हो रहा था। में अपनी गांड हिला हिला के चुदाई कर रहा था। फिर जब वो झडने के लिए हुई….तो उसकी आखे बड़ी हो गयी और अपनी गांड ज़ोर से उचकाने लगी। मुझे ये देखकर झडने का मन हुआ तो में भी झड़ गया। क्या आवाज़े निकल रही थी….आआ..आआ.. करते झड़ गये हम दोनो पसीना पसीना हो गये थे। मैं उसके उपर लेट गया और थोरी देर लेटा रहा। उसके बाद हम उठे पानी पिया। वो बाथरूम जा रही थी। उसकी पीछे से गांड देखने लायक थी क्या हिल रही थी। बिल्कुल टाइट थी और मोटी गांड थी। उपर नीचे होते जा रही थी।


अपंग बाप की वासना मजबूरी में चुदाई

 

अपंग बाप की वासना मजबूरी में चुदाई



मेरे घर में मेरे सिवा मेरी एक बेटी है जो 25 साल की है। पहले मेरा भरा पूरा परिवार था। मैं मेरी पत्नी, एक बेटी और एक बेटा। एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था, बच्चे पढ़ रहे थे, तनख्वाह भी अच्छी थी, सब बहुत बहुत बढ़िया चल रहा था। फिर ना जाने किसकी नज़र लग गई।

अपंग बाप की वासना मजबूरी में चुदाई

एक एक्सीडेंट मे, मेरी पत्नी और मेरा बेटा मुझे छोड़ कर चले गए, मेरी दोनों टाँगें नकारा हो गई। जो चार पैसे बचा कर रखे थे, वो सब मेरे इलाज में और बाकी कामो में खर्च हो गए।


शुरू शुरू में तो कुछ दोस्तों रिशतेदारों ने दरियादिली दिखाई, मगर सारी उम्र कौन किसका खर्चा उठा सकता है।प्राइवेट जॉब थी तो जॉब गई तो घर में खाने के लाले पड़ गए।


कहाँ मैं सोच रहा था कि अपनी बेटी की शादी करूंगा, मगर अब हालात ये थे कि कोई रिश्ता भी नहीं आ रहा था। उस एक्सीडेंट के 4-6 महीने में ही सारी दुनिया ने जैसे मुझसे मुँह मोड़ लिया।

ना मुझे समझ में आ रहा था कि मैं क्या काम करूँ … क्योंकि चल तो मैं बिलक्कुल नहीं सकता था, सारा दिन व्हील चेयर पर बैठा रहता था।


तो एक दिन अपने एक मित्र से कह कर मैंने अपनी बेटी की नौकरी का इंतजाम कर दिया। अब जॉब तो उसकी भी प्राइवेट थी सुबह साढ़े आठ वो घर के सारे काम निपटा कर चली जाती और शाम को 7 बजे के करीब घर आती। घर आकर वो मुझे खाना बना कर देती।


मैं भी व्हील चेयर पर बैठे बैठे जितना काम हो सकता था, करता रहता। घर की सफाई कर देता, चाय बना लेता था।


इस एक्सीडेंट से उबरने में और ठीक होने में मुझे करीब एक साल लग गया।


बेटी का काम भी ठीक से जम गया था।


मगर अब मैं नोटिस कर रहा था कि उसमें भी बदलाव आने लगे हैं।


पहले वो सिर्फ सलवार कमीज़ पहनती थी, मगर वो जीन्स टीशर्ट, कैप्री, लेगिंग सब पहनने लगी।

घर में तो वो टीशर्ट और निकर में ही रहती थी।


अब इतनी बुज़ुर्गी तो मुझ पर भी नहीं आई थी, बेशक टाँगें नकारा हो चुकी थी मगर औज़ार एकदम सही था। रोज़ सुबह जब सोकर उठता हूँ तो पूरा कड़क होता है।

अब जब पेट में जाए अन्न तो खड़ा होए लन्न।


मगर इस खड़े का मैं क्या करूँ … कहाँ जाऊँ।

पैसे सारे बेटी के हाथ में होते थे तो उससे तो मांग नहीं सकता था कि बेटी थोड़े पैसे दो, मुझे किसी रंडी के पास जाना है।


तो इसका एक जवाब ये ढूंढा कि घर में काम करने वाली नौकरानी रख लो।

जो काम वाली रखी तो करीब 50 साल की रही होगी।


अब ये लोग अपना ख्याल तो रखती नहीं, तो इसलिये वो 50 में भी काफी बूढ़ी सी लगती थी।

मगर कुछ दिन बाद वो बूढ़ी भी मुझे परी लगने लगी।


अब दिक्कत यह थी कि इससे सेक्स की बात कैसे की जाए, आगे कैसे बढ़ा जाए।

और दूसरी बात अगर वो अपना घागरा उठाएगी, तो पैसे भी तो मांगेगी तो पैसे कहाँ से लाऊँगा।


फिर मैंने और स्कीम सोची कि पहले इसे पटा कर देखते हैं, पैसे का भी कोई न कोई इंतजाम हो ही जाएगा।


वो करीब 11 बजे आती थी, तो मैंने उसके आने का बड़ी बेसबरी से इंतज़ार करना, जब वो आती तो उसे चाय बना कर देनी, उससे बातें करनी, उसके दुख सुख में उसको सलाह देनी!


मतलब थोड़े दिनों में उससे मैंने दोस्ती सी तो कर ली।

अब वो भी चाय पीते वक्त मुझसे बहुत सी बातें कर लेती थी।


एक दिन मैंने उसे बातों बातों में बता दिया कि मुझे और कोई दिक्कत नहीं बस रात को नींद नहीं आती।

बीवी के जाने के बाद रात गुज़ारनी बहुत मुश्किल हो गई है। समझ में नहीं आता कि मैं क्या करूँ।

अब इशारा तो वो मेरा समझ गई … मगर बोली कुछ नहीं!

लगे हाथ मैंने साथ में ये भी कह दिया कि अब मेरे पास कोई पैसे भी नहीं होते, सारी कमाई बेटी के पास होती है, तो इस काम के लिए उससे पैसे मांग भी नहीं सकता।

अपनी बात कहते हुये मैंने अपने चेहरे पर बड़ी मायूसी और बेचारगी के भाव बनाए रखे।


उस दिन तो कुछ नहीं हुआ मगर हर थोड़े दिन बाद मैं घूमा फिरा कर फिर वही बात कहता।

मुझे यकीन था कि अगर ये मेरी बात बार बार सुन रही है तो एक दिन मान भी जाएगी।


अगर इसने ये काम नहीं करना होता तो मेरी बात ही नहीं सुनती; मुझे पहले ही टोक देती।


मेरी मेहनत रंग लाई।

एक दिन फिर चाय पीते पीते मैंने बात छेड़ी।


मैंने यूं ही झूठ ही कह दिया- जानती हो, आज के ही दिन मेरी शादी की सालगिरह है। पिछले साल हम दोनों ने कितना मज़ा किया था, दोनों सारा दिन घूमे, खाया पिया और रात को को कितना एंजॉय किया. और आज मैं अकेला यहाँ सड़ रहा हूँ। कोई भी ऐसा नहीं जो आज मेरा हाथ पकड़ सके, मुझे आज के दिन सांत्वना दे सके।


मैंने जानबूझ कर कुछ रोने की एक्टिंग सी करी।

वो उठी और मेरे पास आकार बोली- साहब मैं कई दिन से आपकी ये दर्द भरी कहानी सुन रही हूँ, आपने हमेशा मेरे सुख दुख में मुझे अच्छी सलाह दी, मैं आपके लिए क्या कर सकती हूँ। आप बताओ?


मैं अंदर से खिल उठा, बोला- तुम क्या करोगी, तुम भी शादीशुदा हो बाल बच्चे वाली हो। तुम्हें मैं कैसे ये सब कह सकता हूँ?

वो बोली- कोई बात नहीं साहब, मैं सब समझती हूँ। आप बहुत अच्छे हैं, रोज़ मुझे चाय पिलाते हैं, मेरे हर दुख दर्द को समझते हैं, बहुत सी कोठी वाली तो औरत होकर भी मेरी बात नहीं सुनती, मगर आप एक मर्द होकर भी मेरी सब बात सुन लेते हो। आपने मुझे इतना मान दिया, अब आपके लिए मुझे भी कुछ करना चाहिए।


मैंने सोचा कि यार क्या कहूँ, इसे कैसे कहूँ।

फिर कुछ सोच कर बोला- अगर तुमसे कुछ मांगूं तो दे सकती हो?

वो बोली- आप कहिए तो सही!


मैंने कहा- मुझे अपनी पत्नी का प्यार चाहिए, उसके तन का, मन का सब सुख चाहिए।

वो खड़ी मुझे देखती रही।


मुझे लगा जैसे ये चाह रही हो कि भोंसड़ी के हाथ आगे बढ़ा कर पकड़ ले अब क्या खुद ही तेरा लौड़ा पकड़ कर अपनी चूत में डालूँ।

तो मैंने अपने दुखी भाव के साथ उसका हाथ पकड़ कर कहा- तुम्हारा साथ ही मेरी ज़िंदगी को संवार सकता है.

कहते हुए मैंने उसका हाथ चूम लिया।


बाद में मुझे ख्याल आया कि यार ये तो झाड़ू लगा रही थी, और अपने हाथ भी धोकर नहीं आई।

मगर कोई बात नहीं … मैंने उसका हाथ सिर्फ ये देखने के लिए चूमा था कि कहीं वो इस बात का विरोध तो नहीं करती।


मगर वो कुछ नहीं बोली, तो मैंने उसके हाथ को फिर से चूमा और उसकी बाजू को सहलाया।

और सहलाते हुये उसे अपनी ओर खींचा।


वो आगे आई तो मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया।

स्त्री का आलिंगन करते ही मन बाग बाग हो गया, खिल उठा।


उसके ढीले मम्मे मेरे सीने से लगे और मैंने उसके गाल पर चूमा।

उसने भी मुझे हल्के से अपनी बांहों में भरा!


बस अब और क्या चाहिए था … तीन महीने की मेहनत रंग लाई, और आज मेरी काम वाली मेरी आगोश में थी।

मैंने बिना कोई और देर किये सीधे उसका मम्मा पकड़ा, थोड़ा ढीला सा नर्म सा था, ब्रा भी नहीं पहना था.

मगर फिर भी पराई औरत के जिस्म अलग ही कशिश होती है।


एक दो बार मम्मे दबा कर मैंने उसका ब्लाउज़ ऊपर उठा कर उसके मम्मे बाहर निकाले और चूस लिए।

मुँह में मम्मे के साथ उसके गंदे पसीने का स्वाद भी आया।


मैंने उससे कहा- एक बात कहूँ, क्या तुम मेरे लिये नहा सकती हो?

वो बोली- हाँ क्यों नहीं!


वह आगे आगे और मैं व्हील चेयर पर पीछे पीछे … वो बाथरूम में घुसी, मैंने भी अपने कपड़े उतारे.

बिलकुल नंगा होकर मैं भी अपने बदन को घसीटते हुये बाथरूम में घुस गया।


उसने अपने कपड़े उतारे तो मैंने अपने मोबाइल पर उसकी वीडियो बनानी शुरू कर दी।

मैं उठ कर खड़ा नहीं हो सकता था तो वो नीचे बैठ गई।


मैंने उसके बदन को अपने हाथों से साबुन लगा कर धोया। गंदमी रंग का भरा हुआ बदन।

करीब 36 साइज़ के मम्मे, बड़ा हुआ पेट, मोटी गाँड, भरी हुई जांघें। अंदर से तो वो बहुत पर्फेक्ट थी।


उसने भी मुझे नहलाया।

उसके हाथ लगाने से मेरा लंड अकड़ गया।

तो मैंने कहा- चूस ले इसे मेरी जान!


उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और मुँह में लेकर चूसा।

महीनों बाद ऐसा आनंद मिला।


मगर मैंने उसे ज़्यादा देर लंड चूसने नहीं दिया; मुझे डर था कि जैसे वो मज़े ले लेकर चूस रही थी, कहीं मेरा पानी ही न निकल जाए।


उसके बाद मैं उसे अपने बेडरूम में ले आया।

पहले अपने तौलिये से अपना बदन पौंछा, फिर उसका बदन पौंछा।


उसके बाद व्हील चेयर से उतर कर बेड पर बैठ गया, वैसे ही बिलकुल नंगा और लंड मेरा पूरा ताव में!


मैंने उसे कहा- वो अलमारी खोलो.

उसने अलमारी खोली।

मैंने कहा- उसमे ऊपर वाले दराज़ में मेरी बीवी के कपड़े हैं। तुम उनमे से एक ब्रा और पेंटी निकाल कर पहन लो।


उसने एक सफ़ेद ब्रा और एक मेरून कलर की पेंटी निकाल कर पहन ली।

फिर उसने मेरे कहने पर मेरी बीवी की लिपस्टिक लगाई, आँखों में काजल डाला। आने हिसाब से वो थोड़ा साज संवर कर मेरे पास आई।


मैंने कहा- बड़ी सुंदर लग रही हो!

जबकि वो लग नहीं रही थी.

मैंने उसकी झूठी तारीफ करी।


वो खुश हो गई, मुस्कुरा पड़ी.

मैंने उसे अपने पास बुलाया और अपनी कमर पर बैठने को कहा।


वो मेरी कमर पर एक टांग इधर और दूसरी टांग उधर कर करके बैठ गई।

मैंने उसके दोनों कूल्हों को पकड़ कर दबाया और उसको अपनी और खींच कर उसके होंठों को चूस लिया।


लिपस्टिक के स्वाद में उसके बासी मुँह का ज़ायका दब गया.


अब तो मुझे उसके जिस्म में कोई हूर नज़र आ रही थी।

मैंने उसके दोनों मम्मे पकड़े और खूब दबाये और जी भर के उसके होंठ चूसे, गाल चूसे।

वो भी अपनी कमर हिला कर अपनी चूत को मेरे लंड पर घिसा रही थी।


मैंने कहा- ब्रा खोल!

तो उसने अपने ब्रा की हुक खोलकर अपने दोनों मम्मे मेरे सामने आज़ाद कर दिये।


मैंने उसके मम्मे को पकड़ कर उसका निपल चूसा और जोश में आकर काट लिया तो वो सिसक उठी- अरे साहब, निपल पर मत काटो, दर्द होता है, कहीं और काट लो.

तो मैंने उसके मम्मो पर कई जगह काट काट कर निशान बना दिये।


मैंने कहा- जानेमन, बहुत दूध पी लिया, अब ज़रा अपनी मस्त चूत का नमकीन पानी का भी मज़ा दिला दो.

मेरे कहने पर वो उठकर खड़ी हुई और चड्डी उतार दी।


उसकी बालों से भरी चूत के भीगे होंठ मुझे साफ दिखे।


मैं सीधा होकर लेट गया तो वो मेरे ऊपर उल्टी हो कर लेट गई।

अपनी भरी हुई गाँड उसने मेरे मुँह पर रख दी।


मैंने उसके चूत के दोनों फांक खोल कर हल्के से अपनी जीभ से छुआ।

दरअसल मैं उसकी चूत के पानी का स्वाद देखना चाहता था.


अगर मुझे स्वाद अच्छा न लगता तो मैं शायद मैं उसकी चूत ना चाटता. मगर उसकी चूत का स्वाद ठीक था तो मैं अपनी जीभ उसकी चूत के दाने पर और सुराख के अंदर यहाँ वहाँ हर जगह

से चाट गया।


वो भी मेरे लंड को पूरा मज़ा लेकर चूस रही थी।

मेरे लंड टोपा बाहर निकाल कर पूरा गुलाबी टोपा उसने चाटा, चूसा; मेरे आँड ताक चाट गई।


फिर मैंने कहा- बस अब ऊपर आ जाओ, मैं तो तुम्हें चोद नहीं सकता, ये काम तुम्हें ही करना पड़ेगा।

वो बोली- कोई बात नहीं साहब, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।


कह कर वो घूमी और मेरे ऊपर आ बैठी। उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपनी चूत में लेने लगी, दो चार बार ऊपर नीचे होकर उसने मेरा सारा लंड निगल लिया।

अब वो अपने पाँव के बल बैठ कर चुदवाने लगी।


मुझे तो स्वर्ग के नज़ारे आ गए।

क्या मस्त चूत थी उसकी … गीली, चिकनी और टाईट।


मैंने पूछा- तेरा पति नहीं करता तेरे साथ?

वो बोली- करता है … पर बहुत कम! कभी कभी ही उसका मन करता है, नहीं रोज़ तो वो दारू में ही धुत्त रहता है।


मैंने पूछ लिया- तो फिर तुम किसी और के पास जाती होगी?

वो हंस कर बोली- हाँ है एक !


मैंने पूछा- कौन है?

वो बोली- जाने दो साहब, बस है कोई!

मुझे भी उससे क्या था।


वो धीरे धीरे मुझे चोदती रही; मैं उसके मम्मों से खेलता रहा।


उसका हुआ या नहीं मुझे पता नहीं … मगर करीब 7-8 मिनट के चुदाई के बाद मेरा ज्वालामुखी उसकी चूत के अंदर ही फट गया।

बहुत माल गिरा। भर भर के उसकी चूत से गाढ़ा सफ़ेद माल बाहर को चू रहा था।


मगर वो नहीं रुकी, तब तक जब तक उसका काम भी नहीं हो गया।

उसके बाद वो मेरे ऊपर ही निढाल होकर गिर गई।


कुछ देर वैसे ही लेटने के बाद वो उठी।

बाथरूम में जाकर अपना मुँह धोकर आई, लिपस्टिक काजल साफ किया, फिर मेरे बदन को साफ किया।


उसके बाद मुझे कपड़े निकाल कर दिये।


मैं कपड़े पहन कर फिर से अपनी व्हील चेयर पर बैठ गया।

वो चली गई।


उसके बाद हमारा तो काम चल निकला।

जब भी दिल करता वो मेरे घर आती; सुबह 9 से 6 बजे के बीच कभी भी।

मेरी सेक्स लाइफ बिलकुल रेगुलर हो गई।

अब तो मैं हर वक्त खुश रहता।


एक दिन रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी, बड़ा मन कर रहा था कि काश इस वक्त होती तो साली को पेलता।


नींद नहीं आ रही थी तो मैं बेड से उठ कर अपनी व्हील चेयर पर आ गया।

रात के करीब 11 बजे होंगे।


मुझे अपनी बेटी के कमरे से आवाज़ आई हंसी की।

मुझे लगा किसी से फोन पर बात कर रही होगी।


तो मैं धीरे धीरे से अपनी व्हील चेयर खींचता हुआ, बाहर को आ गया।


जब अपनी बेटी के कमरे के पास गया तो उसके कमरे की बत्ती जल रही थी।


खिड़की से अंदर झाँका तो मेरे पैरों के तले से ज़मीन निकल गई।

मैंने देखा कि बिस्तर पर मेरी बेटी घोड़ी बनी हुई है और एक लड़का उसे पीछे से पेल रहा है. जबकि दूसरे ने उसके मुँह में अपना लंड दे रखा है।


मैं तो जैसे शर्म से ज़मीन में ही गड़ गया … काँप उठा.

अपनी व्हील चेयर चलाते हुये मैं वापिस अपने कमरे में आ गया।


आज पहली बार मैंने अपनी जवान बच्ची को बिलकुल नंगी देखा और वो भी दो मुश्टंडों से एक साथ चुदवाते हुये।

मुझे तो जैसे मरने को जगह नहीं मिल रही थी।


फिर मैंने सोचा कि वो भी जवान है, उसकी भी शादी की उम्र है, उसे भी तो अपने लिए एक साथ चाहिए।

ठीक है अगर उसका एक बॉय फ्रेंड होता तो कोई बात नहीं थी.

मगर ये तो दो थे और दोनों को देख कर लग रहा था के दोनों में से मेरी बेटी को तो कोई भी प्यार नहीं करता होगा।


मैंने सोचा कि इसके बारे में मुझे अपनी बेटी से बात करनी होगी।

एक दो दिन बाद मैंने उससे कहा- बेटा देखो अब तुम्हारी शादी की उम्र हो गई है, अगर मैं किसी काबिल होता तो तुम्हारे लिए कोई अच्छा सा वर खोजता। मगर तुम भी जानती हो, मैं मजबूर हूँ। अगर तुम्हारी कोई पसंद है, तो वो बता दो। मुझे वो भी मंजूर होगा।


बेटी ने पहले हैरानी से मुझे देखा और फिर बोली- ये आज अचानक मेरी शादी की बात कैसे छेड़ दी आपने?

मैंने कहा- बस मैंने सोचा, अब तुम्हें भी शादी कर लेनी चाहिए. चलो जो गलती हो गई सो हो गई, पर आगे से सब ठीक हो जाए तो अच्छा है।


वो मेरे पास आई और बोली- कौन सी गलती कर ली मैंने?

मैंने कहा- अरे जाने दो, छोड़ो उसे! तुम ये बताओ कि तुम्हें कोई लड़का पसंद है?


वो बोली- नहीं … पहले आप ये बताओ कि आपने मेरी कौनसी गलती पकड़ी है?

फिर मुझे मजबूर हो कर उसे कहना पड़ा- परसों रात को मैं वैसे ही बाहर आया था, तो मैं देखा था वो दो लड़के और तुम …

कहते कहते मैं रुक गया।


वो मेरे पास आकर बैठ गई और बोली- पापा, वो दोनों लड़के मेरे बॉय फ्रेंड नहीं थे।

मैंने पूछा- तो फिर तुम उनके साथ ऐसे?


वो सुबकने लगी और खुल कर बताने लगी:


ये सब आपके उस दोस्त ने ही शुरू किया जो आपके सामने मुझे अपनी बेटी कहता था।

मगर जब उसे पता चला कि मुझे आपके इलाज के लिए और पैसे चाहिए, उसी दिन वो अपनी औकात पर आ गया.

उसने मेरे सामने उसने शर्त रख दी कि अगर मुझे पैसे चाहिए तो मुझे उसकी बात माननी पड़ेगी।


मैंने बहुत सोचा, आपसे भी बात करनी चाहिए मगर आप भी मेरी क्या मदद करते।


फिर मजबूर होकर मैंने उसकी बात मान ली।


उसके बाद तो जैसे उसने मुझे अपने लिए ही रख लिया।

जब वो मुझे पैसे देता तो अपने ढंग के कपड़े भी पहनने को कहता, उसके कहने पर ही मैंने जीन्स टी शर्ट वगैराह पहनने शुरू किए।

फिर उसका बेटा विदेश से पढ़ कर वापिस आ गया।


जब उसने फेक्टरी जॉइन की एक उसने मुझे अपने बाप के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।

उसने अपने बाप को तो कुछ नहीं कहा मगर उसके बाद मेरी रेल बन गई। जब दिल करता बाप पकड़ लेता, जब दिल करता बेटा पकड़ लेता।

मुझे तो उन लोगों ने अपनी रखैल ही बना कर रख लिया।


धीरे धीरे मुझे समझ आने लगा कि ये खेल सिर्फ इसी चीज़ का है।


उसके बाद मैंने अपने दम पर अपने लिए लोग तलाश करने शुरू किए।

इसमें मुझे कोई खास दिक्कत नहीं आई।

और फिर तो मेरे बहुत से दोस्त बन गए।

उस रात जो आपने देखा वो मेरे बॉय फ्रेंड नहीं थे, मेरे क्लाइंट थे।


मैंने कहा- तो क्या तुम धन्धा करने लगी हो?

वो बोली- आप ये भी कह सकते हो. मगर यह मत भूलना कि ये जो आज आप अच्छा खा पीकर बढ़िया कपड़े पहन कर बैठे हो, ये सिर्फ उस फेक्टरी की कमाई है। इसमें मेरा खून पसीना सब लगा है।


इतना कहकर मेरी बेटी रोने लगी।


मैं पत्थर के बुत की तरह वहाँ बैठा रहा, अपनी रोती हुई बेटी को चुप भी न करवा सका।


रोने के बाद वो खुद हही चुप हो गई और मैं अपनी व्हील चेयर खींचता वापिस अपने कमरे में आ गया।


उस रात मुझे नींद नहीं आई, मैंने खुद को बहुत ही मजबूर पाया।


उसके बाद मैंने अपने मन में सोचा कि अगर मैंने समय से उसकी शादी कर दी होती आज मुझे ये दिन न देखना पड़ता!

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