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मामा की लड़की को घोड़ी बनाया

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मेरी ये कहानी कहानी ही नहीं मेरी जिदगी का वो समय था जिसे में आज तक नहीं भुला पाया.. दोस्तों मेरा नाम विक्की उम्र 23 साल लम्बाई 5’11 है.. में उत्तराखंड का रहने वाला हूँ.. बात उस समय की है जब में 12th मे पढ़ता था.. और में छुट्टियों पर अपने मामा के घर पर गया हुआ था.. मेरे मामा का परिवार बहुत बड़ा है..

परिवार के सभी लोग एक साथ रहते हैं.. मामा का अपना खुद का व्यापार है.. मामा के व्यापार में उनका बेटा भी साथ देता है.. उनके साथ मे उनका बेटा भी जाता है.. घर पर मेरी मामी और उनकी दो बेटीयाँ पहल और छाया और नाना नानी रह जाते हैं.. छाया की उम्र 22 साल पहल की उम्र 18 साल की है.. छाया की चूचियो का साइज़ पहल की चूचियो की साइज़ से कम है.. पहल का फिगर होगा 34 28 34.. बड़ी चूची पतली कमर मोटी गांड बड़ी सेक्सी लगती थी.. लेकिन में दोनो को कभी ग़लत नज़र से नहीं देखता था..

एक दिन की बात है जब मामी और छाया शॉपिंग करने बाहर गये थे और पहल को कह गये कि मेरा ख़याल रखे नाना नानी नीचे के कमरे में सो रहे थे.. पहल अपने काम मे लगी थी स्कूल का और में वहाँ घर पर बहुत बोर हो रहा था.. तो में उठा और उपर वाले कमरे मे चला गया.. और में कुछ गाने सुनने लगा तब पहल भी मेरे पीछे उपर वाले कमरे मे आ गई वो कुछ किताबे ले कर आई.. और मुझसे कुछ पूछने लगी उसने लाइट कलर की सलवार कमीज़ पहन रखी थी.. और दरवाज़ा बंद करके मेरे पास बेड पर बैठ गई.. में उसको देखता रह गया क्या लग रही थी वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी.. इतने करीब से मैने उसको पहली बार देखा था..

इतने मे वो मुझसे बोली: भैया मुझे कुछ पूछना है.. मैने कहा हाँ पूछो पहल बोली मुझे इसका उत्तर नहीं मिल रहा कुछ दिखाते हुए.. वो किताब को बेड पर रख कर आगे की ओर झुकी तो उसकी कुरती ढीली होने के कारण उसकी मोटी मोटी चुचियो का उभर मुझे दिखा में देखता ही रह गया.. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.. मेरा मन चाह रहा था की उसे पकडू और चोदू वो मुझे हिलाते हुए बोली भैया में कुछ कह रही हूँ.. मैने कहा की कल में बताऊंगा आज मेरे सर मे दर्द है.. तो उसने कहा लाओ में मालिश कर दूँ..

मैने मना किया तो उसने ज़बरदस्ती सर को पकड़ा और दबाने लगी.. और कुछ समय के बाद मेरे दिमाग़ मे एक तरकीब आई मैने उसे कहा की तुम सामने बैठ कर पढ़ो.. और में कांच की तरफ पीठ करके बैठ गया था.. और मैने अपनी ज़ेब से मोबाईल निकाल कर उसमे ब्लू फिल्म चला दी.. और में इस तरह बैठ गया की पीछे से शीशे मे उसको दिखे और मैने मोबाईल की अवाज बंद कर दी.. मैने नोटीस किया की वो ये सब कुछ देख रही है.. तभी पहल बोली भैया मोबाइल मे क्या कर रहे हो.. मुझे भी दिखाओ वीडियो मैने कहा तुम अभी छोटी हो ये सिर्फ बड़े लोग ही देखते हैं..

तभी पहल कहने लगी की मुझे दिख नहीं रहा क्या हो रहा है वीडियो मे फिर वो मेरे पास आकर बैठ गई.. अब मैने मोबाईल की थोड़ी अवाज बड़ा दी और मोबाईल पर मैने गांड मारने वाला सीन चला दिया.. वो कहने लगी भैया ऐसी वीडियो क्यों देखते हो.. मैने कहा की मज़े के लिए तो वो कहने लगी.. इसमे क्या मज़ा आता है उसमे लड़की रो रही है.. दर्द से तुम्हे मज़े की सूझी है.. मैने कहा नहीं पागल लड़की को भी मज़ा जब आता है तभी वो ऐसे करती है.. तो पहल कहने लगी की अब अगर इसके बच्चा हो जाएगा तो.. मैने कहा गांड मारने पर बच्चा नहीं होता है.. वो ये सब देख कर गर्म हो चुकी थी.. अब उससे रहा नहीं गया और तभी उसने मेरे पास आकर मेरे लंड को पकड़ लिया.. और कहने लगी मेरी भी गांड मारो प्लीज भैया.. फिर मैने उसको कहा ऐसे लंड थोड़ी ना घुस जाता है.. गांड में पहले गांड को गीला करना पड़ता है.. तभी पहल बोली में कर देती हूँ ना गीला बस आप तो लंड डाल दो..

फिर उसने मेरी पेंट की ज़िप खोल कर मेरा लंड बाहर निकाला.. और अपने मुहं मे भर लिया दोस्तो कसम ख़ाके कहता हूँ.. क्या मज़ा आया मुझे और मैने कहा रूको अभी पहले देख लो कोई है तो नहीं फिर वो कमरे से बाहर गई.. और उसने देखा की सब सो रहे हैं कमरे मे वो आ गई और उसने दरवाजा अंदर से लॉक कर दिया.. और तभी मैने उसे अपनी बाँहों मे भर कर उसके लिप्स अपने लिप्स मे भरकर उसका कुर्ता उतार दिया.. और अब उसकी सलवार का नाड़ा खोल कर नीचे गिरा दी.. 
 

Mama Ki Ladki Ko Ghodi Bana Ke Choda


अब पहल अपने घुटनो पर बैठ कर मेरी पैंट नीचे खीँच कर मेरे लंड को पकड़ कर मुहं मे लेकर चूसने लगी.. मैने उसकी ब्रा खोल दी आह दोस्तो वो मेरा पूरा लंड मुहं मे लेकर चूस रही थी.. मैने उसे खड़ा किया और बेड पर लिप्स चूसते हुए उसे बेड पर लिटा दिया.. और उसकी दोनो चुचियों को पकड़ लिया उसके बूब्स बहुत बड़े थे.. और में उस पर चड़कर चूसने लगा और निप्पल को मुहं मे लेकर चूस रहा था.. वो आह आह भैया चूसो आहै उईमाआ मज़ा आ रहा है कह रही थी.. मैने थोड़ा नीचे आकर उसकी पेंटी को फाड़ दिया और दोनो पैरो को फैलाकर अब में उसकी चूत में एक उंगली डालकर आगे पीछे करने लगा और चूसने लगा वो आहैहा हा भैया चूसो प्लीज़ आहै आहै कर रही थी और मेरे मुहं मे ही झड़ गई और अब मैने उसको कहा क्या करू? तभी वो बोलने लगी चूत मे लंड मत डालना तो मैने कहा मेरा क्या होगा..

अब वो मुझसे बोली मेरी गांड मे अपना लंड डाल लो मैने कहा ठीक है मुझे लंड को चूत में लेने से डर लगता है.. फिर उसको बेड से उठा कर जमीन पर लाकर के मैने उसे घोड़ी बनने को कहा.. वो जल्दी से घोड़ी बन गई तभी मैने पीछे से आकर उसकी गांड के छेद को फैलाया.. और उसे बहुत दर्द हुआ और मुझे भी तभी उसने कहा बेड के पास बॉक्स मे तेल है.. तभी मैने तेल निकाल के कुछ अपने लंड पर लगाया और बाकी उसकी गांड के छेद पर लगा दिया था.. मैने उसको गांड को फैलाने के लिए बोला उसने अपनी गांड अपने दोनो हाथो से फैला ली.. तब मैने अपना 7 इंच के लंड का अगला हिस्सा उसकी गांड मे टिका कर एक हल्का सा धक्का दिया.. अब लंड दो इंच अंदर गया था.. वो ज़ोर से चीखी मरर गईइई मैने पीछे से उसका मुहं दबा दिया उसकी चीख दब गई थी..

फिर मैने थोडे समय रुकने के बाद जब वो शांत हो गई तब मैने पीछे से एक हाथ से उसका मुहं दबा दिया.. और दूसरे हाथ उसकी चूची को भींच कर एक जोरदार झटका मारा मेरा पूरा लंड उसकी गांड मे समा गया.. और उसकी गांड से थोड़ा खून निकल गया.. और उसकी आँख से आँसू आ गये थे.. और ऐसे ही बिना मुड़े हुए में हिला तक नहीं फिर उसने मेरा हाथ अपने हाथ से हटा कर बोली भैया चोदो अपनी बहन की गांड मारो मेरी चूत मुझे रंडी बना कर चोदो.. तब में धीरे धीरे झटके मारते हुए अपनी स्पीड बड़ा दी..

दोस्तों आज मुझे जन्नत का मज़ा मिल रहा था.. हर एक झटके मे अलग एहसास था.. हम दोनों का दर्द से बुरा हाल हुआ उसकी गांड से अभी भी खून निकल रहा था.. लेकिन मैने उसे नहीं बताया और फिर मैने अपनी स्पीड और तेज कर दी थी.. क्योकि में कुछ देर के बाद में झड़ने वाला था.. मैने उसकी गांड मे वीर्य निकाल दिया तभी पहल ने कहा की उसको वीर्य मुहं में लेना है.. तभी मैने देर ना की और जल्दी से लंड को उसके मुहं में दिया अब वो लंड को चूस रही थी और बोली मैने पहले कभी लंड मुहं में नहीं लिया लेकिन आज मुझे लंड को चूसना अच्छा लगा..

हम दोनों उठे और साथ में बाथरूम में जाकर नहाए हमने वहाँ पर भी चुदाई की और बाहर आ गये.. दोस्तों मैने छाया और पहल को एक साथ कई बार चोदा लेकिन जो मजा मुझे पहल की गांड में आया वो मुझे छाया और पहल की चूत में अभी तक नहीं आया वो दोनों इस चुदाई में हमेशा मेरा पूरा पूरा साथ देती थी.. अब उन्हें बिना लंड लिये नींद नहीं आती और मेरी भी आदत हो गई.. दोस्तों ये थी पहल और मेरी सच्ची कहानी थी..

Bhanji Ne Ghar Me Nath khulwai

भांजी ने घर में नथ खुलवाई


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रीना रानी की मक्खन सी मस्त टाँगें देखते ही वहीं लण्ड अकड़ने लगा। उसकी अम्मा, माँ की लोड़ी, बार बार अपने चूचुक दिखाने में लगी थी।

खैर घर पहुँचकर मैंने कहा- मुझे 3 बजे होटल लैंडमार्क में मीटिंग के लिए जाना है।
मैंने यह भी कहा कि रीना को साथ ले जाता हूँ और मीटिंग में कह दूंगा कि यह मेरी सेक्रेटरी है। इसलिए मुझे 2 बजे तक लंच से फारिग कर दिया गया और ढाई बजे मैं और रीना रानी साले की टोयोटा ऑल्टिस कार में होटल के लिए रवाना हो गए।

कार ड्राइवर चला रहा था और हम पीछे की सीट पर थे।
मैंने कार में ही रीना रानी की मस्त जांघों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और उसका नाज़ुक सा हाथ उठाकर अपने लण्ड पर रख दिया।
लण्ड फंसा हुआ था पैंट में लेकिन ज़ोर से अकड़ा हुआ था, रीना रानी ने मज़े लेते हुए उसे अच्छे से दबाया।

कार में तो हम चुपचाप रहे, होटल पहुँच कर हम कॉफी शॉप में जाकर बैठ गए।
रीना रानी ने कहा- फ़ूफ़ा… तू ले तो आया मीटिंग में मुझे सेक्रटरी बनाकर लेकिन मुझे सेक्रेटरी का काम आता तो है नहीं, तो मैं यहीं इंतज़ार करुँगी, तू जाकर मीटिंग कर ले!

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मैं बोला- बहनचोद… कौन सी मीटिंग कैसी मीटिंग? मैं तो यहाँ तुझसे बातें करने आया हूँ। घर में रात तक का टाइम बिताना बड़ा ही टेढ़ा काम था। बहनचोद लण्ड अकड़े जा रहा है। अगर मैं यह न कहता कि तुझे सेक्रेटरी बनाकर ले जाना है तो तू मेरे साथ क्या बहाना मार के आती कुतिया?

रीना रानी बोली- मादरचोद कमीने तू बहुत चालू और बदमाश है। मैं भी बड़ी उलझन में थी कि सारा दिन कैसे कटेगा जब तू बहन का लण्ड मेरी आँखों के सामने होगा। साले बहनचोद, एक एक मिनट भारी पड़ रहा है, चूत साली गरमाए जा रही है.. चूचियाँ सख्त हुई पड़ी हैं… गांड में भी चुलबुली हो रही है…

मैंने कहा- तसल्ली रख कुतिया… सब्र का फल मीठा होता है।

फिर मैं उसके साथ खूब चूत चुदाई की बातें करता रहा। अपनी चुदाईयों के अलग अलग स्टाइल्स के बारे में बताता रहा।
बीच बीच में मैंने दो तीन बार उसके पैर भी चूम लिए। मैं अपना पेन नीचे गिरा देता और उसे उठाने के बहाने झुक कर रीना रानी के अति सुन्दर पैर चूम लेता।

रीना रानी मस्ती में डूबे जा रही थी। इसी प्रकार दो तीन बार मैंने अपना I Pad उसे देकर सोफे पर उसके पीछे जाकर कुछ दिखाने के बहाने उसकी गर्दन चूमी और उसके चूचे भी दबाये।
होटल की कॉफी शॉप में इतने लोगों के बीच में इस मस्ती के खेल से रीना रानी खूब उत्तेजित हो गई, बाथरूम चली गई कि चूत बहुत रस छोड़ रही है, पोंछा नहीं तो जीन्स भी गीली हो जायगी, चड्डी तो पूरी भीग ही चुकी है।

जब रीना रानी बाथरूम से लौट के आई तो मैंने पूछा- यह तो बता मेरी भांजी रानी कि तूने मुझे पहचाना कैसे?

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रीना रानी इठलाती हुई बोली- राजे तूने अपनी कहानियों में अपनी बीवी को जूसी रानी कहा है, यह कोई ऐसा नाम तो है नहीं जो काफी कॉमन हो… उसी से पता चल गया.. फिर जो तूने कहानी के लिए जो अपना नाम दिया है वो भी तो तेरे असली नाम का छोटा रूप ही है… बस ऐसे हो गया कन्फर्म… फिर भी मैंने पक्का करने के लिए जूही दीदी से पूछा… तू उनको भी चोदता है ना?

मैंने हैरानी से पूछा- जूही का तुझे कैसे पता चला?’

रीना रानी ने कहा- मैं और जूही दीदी लड़की से लड़की वाला सेक्स करते हैं.. ऐसे ही एक सेक्स के दौरान उन्होंने ही मेरे साथ शेयर किया था कि वो भी तेरी रानियों में एक हैं… उन्होंने ही बताया कि तू बहुत मस्त मजा देता है… तभी तो मुझे धुन चढ़ी कि पहली चुदाई तो तुझ से ही करवाऊँगी।

मैं बोला- माँ की लोड़ियों, तुम दोनों बड़ी मादरचोद हो… और बहुत चालाक भी.. अब बहनचोद यह भी बता दे कि तुझे कैसे पता चला कि मैं तेरी बुआ को जूसी रानी कहता हूँ?

रीना रानी खिलखिला के हंसी… हरामज़ादी बड़ी लण्ड खड़ाऊ मस्त हंसी थी रंडी की… कहने लगी- भोसड़ी के तू जब बुआ को चोदता है तो कितना शोर करता है। बार बार जूसी रानी जूसी रानी चिल्लाता है और बुआ भी राजे राजे राजे बोल बोल के चुदवाती है… हमारी तरफ के सभी लोगों को पता है कि तू बुआ को जूसी रानी बोलता है… बहन के लौड़े इतना शोर आज घर में मचायेगा तो सारी पोल खुल जाएगी। ज़रा काबू में रखियो अपनी जीभ को… कभी लगे ऊँची ऊँची आवाज़ में रीना रानी… रीना रानी… की पुकार मचाने!

मैंने हंस कर कहा- तू मेरी जीभ को अपने मुंह में लेकर बिजी रखियो तो मैं कैसे शोर मचाऊँगा।

शाम को आठ बजे तक हम यूँ ही मस्ती करते रहे, फिर हम वापिस घर आ गए।
रात को खाना इत्यादि में ग्यारह बज गए तो मैंने रीना रानी को इशारा किया कि अपने रूम में जाये!
 


जवान भांजी की कुंवारी गांड का मजा लिया

 
 
जवान भांजी की कुंवारी गांड का मजा लिया

बात जून की छुट्टियों की है मेरे घर पर मेरी मौसी की लड़की और उनके साथ उनकी बेटी सौमिया आई हुई थी जो कानपुर में रहती हैं. सौमिया की उम्र 19 साल थी. रंग गोरा, उभरा हुआ सीना, एकदम कमसिन थी. उसका फिगर साईज 32 34 36 का होगा. उसे मैंने 4 साल बाद देखा था. मैं तो उसे देखकर ही पागल सा हो गया था. क्या कमसिन जवान लग रही थी.

मैंने उससे पूछा- सौमिया तुम तो एकदम बदल गई हो?

उसने कहा- मामा, आप भी बदल गये हो. और हम लोग 4 साल बाद मिल रहे हैं बदलाव तो होगा ही!

मैंने हाँ में जबाब दिया.

उसके बाद सब लोग बैठकर बातचीत करने लगे और मैं सौमिया को चोदने के बारे में सोचने लगा कि इसे कैसे चोदा जाये.

एक दिन गुजरा. मैं सारी रात सिर्फ सौमिया के बारे में सोचता रहा.

रात में न सोने की वजह से सुबह लेट तक सो रहा था कि तभी अचानक किसी ने मेरी चादर खींची.

मैंने देखा कि सौमिया ही मुझे जगाने आई है और उसने कहा- रात में क्या सपना देख रहे थे? अभी 8 बज चुके हैं. उठो, मुझे मार्केट जाना है.

तो मैं एकदम उठा और उससे कहा- तुम तैयार हो जाओ. तब तक मैं भी तैयार हो जाता हूँ.

उसके बाद मैं फ्रेश हुआ, नहाया और तैयार हो गया.

मैंने सौमिया से कहा- चलो!

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जब सौमिया तैयार होकर मेरे सामने आई तो ऐसा लगा जैसे कोई परी सामने खड़ी हो. उसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया पर किसी तरह मैंने खुद

को संभाला और उसे बाइक पर लेकर मार्केट चला गया.

पर वो मुझसे दूर बैठी थी और मैं चाहता था कि वह मुझसे चिपक कर बैठे ताकि उसके मम्में मेरी पीठ पर टच हों. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था.

तभी मैंने अचानक ब्रेक मारी और वो मुझसे चिपक गई. मुझे ऐसा लगा जैसे रेगिस्तान में बहार आ गई. अब उसके मम्मे मेरी पीठ पर टच होने लगे.

अब मैंने हिम्मत करके उसका एक हाथ जो मेरी कमर पर था, पकड़ कर अपनी जांघ पर रखवा लिया.

मैं उससे बातें करने लगा. तभी उसने अपना हाथ मेरी जांघ से हटा लिया.

मैंने पूछा- क्या हुआ?

तो उसने कहा- कुछ नहीं, मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था.

उसके बाद हम दोनों ने शापिंग की, वहीं लंच किया और वापिस आ गये.

शाम के 6 बज चुके थे. उसके बाद हम सब लोगों ने खाना खाया और बैठ के बातें करने लगे. मैं बार बार सौमिया को टच कर रहा था. उसके स्पर्श से मेरा 6 इंच का लंड खड़ा हो गया.

तभी मैं वहां से उठा और छत पर आ गया. शायद उसने भी मेरे लोवर में बना तम्बू देख लिया था मैं अपने तख्त पर लेटा सौमिया के बारे में सोचकर अपना लंड मसल रहा था.

अचानक सौमिया वहां आ गई और कहा- मामा, क्या कर रहे हो? आप बहुत जल्दी लेट गये. क्या बात है? किसी की याद आ रही है क्या जो अकेले में लेट गये आकर?

भांजी की कुंवारी गांड

मैंने कहा- नहीं!

और वो मेरे पास बैठ गई.

तभी उसने कहा- मैं आज थक गई हूँ, मेरी कमर में दर्द हो रहा है.

तो मैंने कहा- नीचे जाओ और दीदी से बाम लगवा लो.

उसने कहा- मैंने मम्मी से कहा पर वो नाराज होने लगीं.

तो आवाज लगा कर मैंने कहा- दीदी, सौमिया के कमर में दर्द हो रहा है इसके बाम लगा दो.

दीदी ने कहा- अगर तुझे इतनी चिंता है तो तू ही लगा दे, तू भी तो उसका मामा है.

मुझे यह बात सुनकर बहुत खुशी हुई. मैं झट से नीचे गया और बाम ले आया.

मैंने कहा- सौमिया लेटो, मैं बाम लगा देता हूँ.

उस समय उसने हाफ लोवर और टीशर्ट पहन रखी थी.

मैंने कहा- सौमिया, तुम्हारी चुस्त टीशर्ट में हाथ डाल कर बाम कैसे लग पायेगा? कुछ ढीला पहन कर आओ.

पर उसने कहा- अब मैं चेंज नहीं करूँगी, आप टीशर्ट ऊपर कर दो.

मैंने टीशर्ट ऊपर की. टीशर्ट चुस्त होने की वजह से उसका पेट भी खुल गया. अब जैसे ही मैंने उसकी नंगी पीठ पर हाथ रखा, मेरा लंड फिर से टाइट होने लगा. अब धीरे-धीरे अपने एक हाथ से बाम लगा रहा था और दूसरा हाथ उसके मम्मों पर टच करने लगा.

तभी उसने कहा- मामा पूरी पीठ पर बाम लगाओ.

अब मैं अपना हाथ उसकी पूरी पीठ घुमाने लगा. अब उसकी ब्रा मेरे हाथ में फंसने लगे.

मैंने कहा- सौमिया, तुम्हारी ब्रा फंस रही है.

तो उसने कहा- कोई बात नहीं, ऐसे लगा दो.

मैंने कहा- यहाँ कौन देख रहा है? इसे खोल दो.

तो उसने मना कर दिया.

मुझे लगा कि अब मैं इसे नहीं चोद पाऊँगा.

तभी मैंने उसे अपने बीच में किया और अपने लंड को उसकी गांड सेट किया और मालिश करते हुए आगे पीछे होने लगा. जिससे मेरे लंड का दबाव उसकी गांड पर होने लगा.

जब उसने कोई विरोध नहीं किया तो मेरी हिम्मत और बढ़ गयी. मैंने उसकी ब्रा खोल दी और उसकी टीशर्ट उसके कंधों तक ऊपर कर दी जिससे उसकी पीठ एकदम नंगी हो गई. क्या मस्त गोरी चिकनी पीठ थी.

अब भी उसने कोई विरोध नहीं किया. शायद उसे मज़ा आने लगा था. अब मैं बगल से उसकी चूचियों तक हाथ ले जाने लगा. और कई बार बाम लगाते हुए उसके लोअर की बेल्ट के अंदर भी हाथ ले जाता.

कुछ देर बाद मैं उसके कूल्हों को लोअर के ऊपर से दबाने लगा यह कह कर कि इन्हें दबाने से उसे आराम मिलेगा.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसका लोअर थोड़ा नीचे सरकाया और उसके नंगे कूल्हों को दबाने लगा. अब उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी.

तभी मैंने उसे सीधा और उसके चूचे दबाने दबाने लगा. एक दो बार उसने मना किया- मामा, ऐसा मत करो. ये गलत है.

पर मैंने उसकी एक न सुनी और उसे लिप किस करने लगा.

थोड़ी देर में वो भी मेरा साथ देने लगी. तभी मैंने देर न करते हुए उसकी लोवर उतार दी और उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहलाने लगा. उसकी चूत गीली हो चुकी थी जिससे उसकी पेंटी भी गीली हो चुकी थी.

तभी मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी. उफ क्या मस्त चिकनी चूत थी एकदम गोरी उसकी चूत पर हल्के सुनहरे बाल थे.

उसकी चूत से मादक खुशबू आ रही थी जो मुझे पागल कर रही थी.

पहले मैंने उसकी चूत पर किस किया. मेरे होंठों का स्पर्श होते ही वह सिहर उठी.

फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा जिससे उसके मुँह से सेक्सी आवाज निकलने लगी- आ ऊ आ ऊ आ और जोर से मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.

कुछ देर बाद उसकी चूत से पानी निकल गया और वो झड़ गई.

फिर मैंने उसे अपना लंड चूसने को बोला. मेरा 6 इंच का लंड देख कर वह डर गई और बोली- इतना बड़ा और मोटा मुँह में कैसे जायेगा?

पहले उसने मना किया पर मेरे ज्यादा कहने पर वो मान गई और मेरा लंड चूसने लगी.

उसके मुँह में लंड जाते ही मुझे लगा कि मैं सातवें आसमान पर हूँ. अब हम लोग 69 की पोजीशन में हो गये. वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चूत चाट रहा था.

करीब बीस मिनट बाद उसने कहा- अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है. मामा, अब अपना लंड मेरी चूत में डालो.

मैंने सोचा कि लोहा गर्म है हथौड़ा मार दो. मैंने उसे सीधा लिटाया और उसकी टांगें खोलकर अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और हल्का धक्का दिया. पर चूत टाइट होने के कारण लंड फिसल गया. मैंने फिर लंड सेट किया और हल्का धक्का दिया इस बार भी लंड फिसल गया क्योंकि अभी तक वह चुदी नहीं थी.

इस बार मैंने लंड पकड़ कर धक्का दिया इस बार मेरे लंड का टोपा उसकी चूत कमसिन चूत में घुस गया. टोपा अंदर जाते ही उसकी चीख निकल गई और वह बोली- मामा बाहर निकालो प्लीज बहुत दर्द हो रहा है, मैं मर जाऊँगी.

तभी मैं थोड़ा रुका और उसे लिप किस करने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने फिर एक धक्का दिया और इस बार मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और रोने लगी. उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे.

वह मुझसे दूर होना चाहती थी, तभी मैंने जोर का झटका दिया और इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया. अब उसकी चूत की सील टूट चुकी थी और उसकी चूत से खून और आँखों से आंसू निकल रहे थे.

अब मैं रुका, उसे लिप किस करने लगा और उसके मम्में दबाने लगा. कुछ देर बाद उसका दर्द कम हुआ. उसके बाद मैं अपना लंड आगे पीछे करने लगा. थोड़ी देर बाद वह भी नीचे से अपनी गांड उठाकर मेरा साथ देने लगी.

उसके बाद हम मामा भानजी ने जबरदस्त चुदाई की.

फिर मैंने उसे डागी स्टाइल में चोदा. बीस मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था. मैंने उससे पूछा- अपना पानी कहाँ निकालूं?

तो उसने कहा- मेरी चूत मे ही निकालो और इसकी प्यास बुझा दो.

मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर लेट गया. कुछ देर बाद मैं अपनी नंगी भानजी के शरीर से हट कर उसकी बगल में लेट गया.

थोड़ी ही देर के बाद उसने कहा- कि मुझे और करना है.

तो मैंने कहा- ठीक है, मेरा लंड तैयार करो.

इतना कहते ही उसने मेरा लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी. थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और इस बार मैं लेट गया और उसे ऊपर करके अपने लंड पर बिठाया. मेरा लंड उसकी चूत में उतरता चला गया.

तभी एक बार मैंने उसे लंड से उठाया और फिर से झटके से बैठने को कहा.

इस बार मैंने अपने लंड ऐसा सेट किया कि उसकी गांड में घुसे.

वैसा ही हुआ जैसे ही वह झटके से बैठी, मेरा पूरा लंड एक ही बार में उसकी गांड में घुस गया और वह फिर से चीख उठी और रोने लगी.

पर मैंने उसे उठने नहीं दिया और थोड़ी देर बाद मैंने उसे ऊपर नीचे होने को कहा.

और अब उसे भी मज़ा आने लगा.

उसके बाद मैंने उस रात जमकर उसकी चूत और गांड मारी.

 

छोटी सी बुर में मामा का मोटा लंड

 
 
छोटी सी बुर में मामा का मोटा लंड

चंडीगढ़ से आप सभी ठरकी दोस्तों को राज शर्मा का नमस्कार! मैं एक बार फिर आप सभी के सामने अपनी एक नई कहानी को लेकर हाजिर हूं। आप सभी ने मेरी अपनी पिछली कहानियां पढ़ कर मुझे बहुत मेल व सुझाव दिए उसके लिए आप सभी का धन्यवाद।

मुझसे फेसबुक पर जुड़ने वाले दोस्तों, सभी गर्म आंटी भाभियों का इतना प्यार देने के लिए दिल से शुक्रिया। जिन्होंने मेरी पिछली कहानियों को नहीं पढ़ा वो ऊपर मेरे नाम में दिए लिंक में जाकर मेरी पिछली कहानियां जरूर पढ़ें।

 

मेरे बारे में तो आप सभी जानते ही हैं। मैं राज शर्मा चंडीगढ़ से सैक्सी कहानियां लिखने का व सैक्स करने का बहुत ज्यादा शौकीन हूँ। एक रात भी मेरी ऐसी नहीं होती जब मैं बिना लण्ड का पानी निकाले सोता हूं चाहे मुझे अपने हाथों से ही मुठ ही क्यों न मारनी पड़े। लण्ड तो मेरा हर समय हर जगह खड़ा ही रहता है। पर प्यास तो इनकी रात को ही बुझा पाता हूं।

 

दोस्तो, यह कहानी मेरी एक मित्र सुहानी की है। जिसने मुझे अपनी आप बीती कहानी के माध्यम से प्रकाशित करवाने की रिक्वेस्ट की थी। अब आप इस पूरी कहानी का मजा सुहानी की ही जुबानी सुनिये।

 

मेरा नाम सुहानी है। मैं 22 साल की एक सामान्य सी लड़की हूं। यह कहानी 3 साल पहले की मेरी आप बीती है जो मेरी और मेरे मामा के बीच की चुदाई की है। जिसमें मेरे मामा ने मुझे चोद चोद कर मेरी बुर का भोसड़ा बना दिया।

mama bhanji sex kahani hindi me

मैं गांव में अपने माँ बाप के साथ रहती थी। बारहवीं तक की पढ़ाई मैंने अपने गांव के ही स्कूल से पूरी की। परन्तु मेरा आगे पढ़ने का बहुत मन था। पर गांव में तो 12वीं के बाद कोई कालेज ही नहीं था। तो मैंने अपने मामा मामी के घर से आगे की पढ़ाई पूरी करने की सोची।

 

मेरे मामा और मामी दोनों टीचर हैं। मैंने अपने घर इस बारे में बात की. पहले तो माँ नहीं मानी पर मैंने बाबूजी को मना लिया और उन्होंने मां को मना लिया। जब बाबूजी ने मामी मामा से बात की तो वो मुझे अपने पास रखने को राजी हो गए। मैं भी खुशी खुशी उनके साथ रहने के लिए आ गयी।

 

तब तक मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी पता नहीं था। मेरे मां बाप ने भी मुझे बहुत समझा बुझा कर यहां भेजा था कि अगर तेरी कोई भी शिकायत आयी तो वो वापस बुला लेंगे।

मुझे आगे पढ़ना था तो मैंने उनसे कहा- मैं आपको शिकायत का कोई भी मौका नहीं दूँगी।

 

शहर आकर मामा ने मेरा एक अच्छे कालेज में एडमिशन कर दिया। अब मेरा रोज का नियम हो गया, मैं सुबह तैयार होकर कालेज जाती और शाम को घर आती। फिर घर आकर पढ़ने बैठ जाती। शाम को जब मामी भी वापस घर आ जाती तो उनके घर के कामों में थोड़ा उनकी मदद करती। फिर रात का खाना खाकर थोड़ी देर अपने ही रूम में पढ़ाई करती औऱ सो जाती।

 

कुछ महीने तो मेरे ठीकठाक गुजरे। मामा मामी से मैं जल्दी ही घुलमिल गयी थी तो घर की याद भी नहीं आती थी, यही अब मुझे अपना घर लगता था।

कुछ महीनों बाद मुझे पता चला कि मामा को तो शराब की बुरी लत लगी हुई है, वो रात को मामी से लड़ते रहते थे। पर उनकी लड़ाई किस बात पर होती थी, मैंने कभी ध्यान नहीं दिया।

 

एक रात जब मैं सोई हुई थी तो मामा मामी जोर जोर से चिल्ला रहे थे। मेरी नींद खुल गयी। जब आवाजें कुछ ज्यादा आने लगी तो मैं उनके कमरे की तरफ गयी। मैंने उनकी खिड़की की झिरी से देखा मामा पूरे नंगे खड़े थे और मामी से बार बार अपने लिंग को चूसने को बोल रहे थे।

मैंने पहली बार उनका लिंग देखा, वो बहुत बड़ा था। अब तक मैंने छोटे बच्चों की ही लुल्लियां देखी थी।

मामी मान ही नहीं रही थी इसी चक्कर में दोनों लड़ रहे थे।

 

मामी भी पूरी नंगी थी मैं यह सब खिड़की से छुप कर देख रही थी। जब बहुत देर कहने के बाद भी मामी नहीं मानी तो मामा ने मामी को बेड पर पटक दिया और उन्हें गालियां देते हुये उनकी बुर में अपना लिंग डालकर उन्हें दनादन चोदने लगे।

 

मैं पहली बार किसी की चुदाई देख रही थी। मामी आह आह …’ की आवाज के साथ चुद रही थी। यह सब देख कर मुझे भी कुछ होने लगा। मेरी बुर का दाना भी अंदर से फड़कने लगा। मेरा हाथ अपने आप ही वहां चला गया। और मैं आज पहली बार अपनी बुर मसलने लगी।

 

मामा लगातार मामी को चोद रहे थे। उनकी चुदाई की आवाज ने मेरा भी बुरा हाल कर दिया था। थोड़ी देर में मामा हांफते हुए मामी के ऊपर ढेर हो गए। मैं ये देख कर हैरान थी कि मामी ने मामा का इतना मोटा लिंग कैसे अपने अंदर पूरा ले लिया। थोड़ी देर में मामा उठे और नंगे ही बाथरूम चले गए मामी तो ऐसे ही करवट बदल कर सो गई।

 

मैं अपने रूम में वापस आ गयी। ये मेरे जीवन का पहला सेक्स अनुभव था जो मेरी ख़ुद की मामा मामी ने मुझे दिया था। अब तो जब भी मुझे मौके मिलते मैं उन दोनों की चुदाई देखने लगी। मामी मामा का ज्यादा साथ नहीं देती थी। इस वजह से मामा उन्हें और भी बुरी तरह से चोदते थे।

इनकी चुदाई देख देख कर अब मैं भी अपनी बुर सहलाना शुरू कर चुकी थी मुझे भी बड़ा मजा आता था। मामी मामा की शराब पीकर बुरी तरह चोदने की आदत से परेशान हो गयी थी।

 

एक दिन पता चला कि मामी का ट्रांसफर कहीं और हो गया है। मुझे तो लगता है मामा से परेशान होकर ही उन्होंने उनसे किनारा काट लिया।

मामी चली गयी औऱ हमारे साथ रहने नानी आ गयी।

 

अब नानी और मैं ही घर का सारा काम देखते थे। कुछ महीने तो ये भी सही गुजरे पर अब मामा और ज्यादा दारू पीने लगे।

अगले महीने से मेरे पेपर होने थे तो मैंने मामा को मुझे थोड़ा पढ़ा देने को कहा।

 

मामा बोले- दिन में तो मैं स्कूल में होता हूँ, रात में खाना खाने के बाद पढ़ा दूँगा।

अब में रात को खाना खाने के बाद मामा के कमरे में पढ़ने जाने लगी।

 

दो दिन तो सब ठीक रहा पर तीसरे दिन मैंने महसूस किया कि मामा मुझे समझाने के बहाने से इधर उधर छू रहे हैं। मैंने कुछ नहीं कहा क्योंकि मुझे भी अच्छा लग रहा था।

धीरे धीरे मामा की हरकतें बढ़ती जा रही थी पर मैं भी उन्हें मना नहीं कर पाई।

 

एक रात ज्यादा देर तक पढ़ाने के बाद मामा ने कहा- आज तू यहीं सो जा।

उस दिन माना ने ज्यादा पी हुई थी। मैंने मना किया तो वो मुझे डांटने लगे- मैं बोल रहा हूँ ना, सो जा।

मैं डर गई और चुपचाप वहीं सो गई।

 

थोड़ी देर तो मुझे नींद नहीं आयी, फिर कुछ देर बाद आंख लग ही गयी।

 

रात में मुझे लगा कि कोई हाथ मेरे ऊपर रेंग रहा है। मैं अचानक उठ गई देखा मामा पूरे नंगे होकर मेरे बगल में लेटे हैं और मेरी चूचियाँ दबा रहे हैं।

मामा, ये क्या कर रहे हो? हटो यहां से।

मेरी रानी मजे ले। देख, तेरी मामी कई महीनों से मेरे पास नहीं है और मेरा बहुत मन हो रहा है। आज मुझे तुझे चोदना है, चोदने दे मुझे।

नहीं नहीं मामा, ये गलत है। मैं आपकी भांजी हूं। छोड़ दो मुझे।मैं ऊपरी मन से ऐसा बोल रही थी लेकिन मेरे दिल की गहरायी में मेरी वासना मुझे मामा को आगे बढ़ने देने के लिए कह रही थी.

 

मामा मेरे ऊपर आ गए और जोर से मेरी चूचियाँ मसलते हुए बोले- छोड़ ही तो नहीं सकता मेरी रानी। आज रात मैं तुझे चोद कर ही रहूँगा।

 

मामा मेरे बदन के साथ जोर से खिलवाड़ करने लगे, वो मेरी सलवार के ऊपर से ही मेरी बुर सहलाने लगे। लेकिन मैं दिखावे के लिए थोड़ा बहुत विरोध करती रही मामा का!

मामा मुझे समझा रहे थे- रानी, मान जा ना! अगर तेरी मामी होती तो ये दिन ही ना आते. अभी वो नहीं है तो थोड़ा अपने मामा की मदद कर दे। वैसे भी अब तू चुदने लायक हो चुकी है कोई ना कोई तो तेरी बुर फाड़ेगा ही तो तेरा मामा क्यों नहीं। घर की बात घर में भी रहेगी और तुझे भी घर पर ही लण्ड मिलता रहेगा। दोनों के मजे हो जाएंगे। अगर अब भी तू नहीं मानी तो मैं तेरे घर वालों को तेरे बिगड़ने की बात बता दूँगा और वे तुझे वापस बुला लेंगे। फिर हो गयी तेरी आगे की पढ़ाई। सोच ले पढ़ाई के साथ साथ चुदाई के मजे या यहां से घर को विदाई।

 

मामा को जब लगा कि अब मैं उन्हें कुछ भी नहीं बोलूंगी तो वो मेरे कपड़े उतारने लगे, उन्होंने मुझे पूरी नंगी कर दिया। मेरी बुर देखते ही वो बोले- वाह रानी, क्या मस्त बुर छुपा रखी थी तूने! आज से ये बुर मेरी हुई मैं इसे अब रोज प्यार करूँगा।

मामा धीरे धीरे मुझे गर्म करने लगे। कुछ ही देर में मुझे और भी अच्छा लगने लगा। इतने दिन उनकी चुदाई देख देख कर अब मैं भी लुच्ची होने लगी। मैं भी सब कुछ भूल कर उनका साथ देने लगी। वो कभी मेरी चूचियाँ मसलते कभी चूसते और इस प्रकार वो मेरी बुर तक पहुँच गए और चाटने लगे।

 

कुछ ही देर के बुर चाटने में ही मेरी बुरी हालत हो गयी और मैं उनके मुंह में ही झड़ गयी।

 

फिर मामा ने मेरे आगे अपना लिंग मेरे आगे जार दिया और उसे चूसने को बोले।

मामा, मुझे ये सब करना नहीं आता।

सब सीख जाओगी रानी। पहले इसे चूमो ओर फिर इसे मुंह में लेकर आगे पीछे करो।

 

मैंने मामा की बात मान कर उनका लंड अपने मुंह में लिए लियी. कुछ देर तो मुझे अच्छा नहीं लगा लेकिन फिर सही लगने लगा. अजीब सी स्मेल आ रही थी उनके लिंग से। मामा मेरे ही मुंह में धक्के लगाने लगे।

मेरी बुर फिर गीली हो गयी। मैंने मामा से कहा- मामा, नीचे कुछ हो रहा है मुझे। अजीब सा लग रहा है, कुछ करो।

मेरी रानी, अब तेरी ये बुर मेरा ये लिंग अपने अंदर मांग रही है। अब चुदने को तैयार हो जा।

 

मामा ने पास में रखी क्रीम पहले मेरी बुर पर अंदर तक लगाई फिर खूब सारी क्रीम अपने लिंग पर भी मल ली।

मामा बोले- मेरी जान, पहले थोड़ा दर्द होता है, उसके बाद बहुत मजे हैं उसे सहन करना। तू अगर चिल्ललाई तो मां जग जाएगी और तेरी ही बदनामी होगी। तू ही मेरे लिंग के नीचे नंगी लेटी है मेरे कमरे में। इसलिए अपनी ही पेंटी को अपने मुंह मे ठूंस ले ताकि तू आवाज न कर सके।

 

मैंने अपनी पेंटी अपने मुंह मे ठूँस ली। मामा ने थोड़ी देर लिंग को बुर के मुंह पर रगड़ा फिर एक हाथ से लिंग पकड़ कर मेरे बुर के छेद पर लगाया और दूसरा हाथ मेरे मुंह पर रखकर बोले- चल रानी, अपनी टांगें फैला ले और शरीर को ढीला छोड़ दे।

वैसा ही किया मैंने मेरा भी बुरा हाल था, मैं भी यही चाह रही थी कि अब मामा जल्दी से अपना लिंग मेरी बुर में डाल ही दें।

 

जैसे ही लिंग बुर के मुंह पर सेट हुआ, मामा ने एक जोर का धक्का लगा दिया। उनका लिंग मेरी बुर की धज्जियां उड़ाता हुआ आधा मेरी बुर में घुस गया। मेरी तो हालत खराब हो गयी थी. ऐसा लगा जैसे किसी ने बुर में चाकू डाल कर चीर दिया हो। इतना दर्द होगा ये तो मैंने सोचा ही नहीं था। मैंने चिल्लाने की बहुत कोशिश की पर मामा ने अपना हाथ मेरे मुंह से हटाया ही नहीं। मैंने उन्हें अपने से धकेलने की बहुत कोशिश की पर उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया। अब वो भी हिल नहीं रहे थे।

 

थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद उन्होंने लिंग को थोड़ा बाहर निकाला और फिर पूरे वेग के साथ दुबारा धक्का मारा। इस बार उनका लिंग मेरी बुर की सील तोड़ता हुआ पूरा अंदर घुस गया।

मैं तो बेहोश सी हो गयी, दर्द से बुरा हाल था। आँख से आंसू लगातार बह रहे थे पर मुंह में पेंटी व मामा का हाथ होने के कारण में चीख ही नहीं पाई।

 

मामा ने मुझ पर ध्यान दिए बगैर अपनी चुदाई जारी रखी। उनका लिंग झेलना मुझे मुश्किल हो रहा था तो मैंने मामा को रुकने का इशारा किया।

मामा लिंग को बुर में डाले ही रुक गए और मेरे मुंह से पेंटी निकाल दी।

मामा, निकाल लो इसे। बहुत दर्द हो रहा है। मैं आपका लिंग सह नहीं पाऊंगी। देखो आपने मेरी बुर का क्या हाल कर दिया है वो पूरी फट गई है। उसमें से खून भी निकल रहा है। छोड़ दो मामा मुझे रहम करो अपनी भांजी पर!

रानी बस हो गया। अब तो पूरा डाल दिया है मैंने अंदर। पहली बार मे दर्द और थोड़ा खून तो निकलता ही है डरने की कोई बात नहीं है। तेरी बुर थोड़ी ही देर में मेरे लिंग लायक जगह बना लेगी फिर तो मजे ही मजे हैं। रही छोड़ने की बात तो तुझ जैसी कुंवारी लड़की को कैसे छोड़ सकता हूँ जिसकी बुर में मेरा पूरा लिंग घुसा हुआ है। बहुत सालों बाद तो कुंवारी बुर और बहुत दिनों बाद बुर नसीब हुई है। आज तो मैं तुझे सारी रात चोदूँगा तभी जाकर मेरा लिंग शांत होगा।

 

फिर मामा मुझे पेलने लगे। थोड़ी देर में अब मुझे भी मजा आने लगा। मैं भी अब उछल उछल कर उनका साथ देने लगी। मामा मुझे आसन बदल बदल कर चोदने लगे इस चुदाई में मैं दो बार झड़ गयी। मामा भी थोड़ी देर चोदने के बाद मेरी बुर में अपना माल गिराने लगे। उनके माल के बुर के अंदर जाने से मेरी जलती बुर को शांति सी मिल गयी। मैंने भी मामा को कस कर बांहों में भर लिया। मामा ने भी मुझे अपने से चिपटा लिया और मुझे बेतहासा किस करने लगे।

 

थोड़ी देर ऐसे ही हम दोनों लेट कर अपनी सांसों को कंट्रोल करने लगे। जब सब कुछ शांत हो गया तो मामा मेरी चुचियों को सहलाकर बोले- अब बता मेरी जान, कैसा लगा अपने मामा से चुद कर?

मामा कैसा लगा आपने तो मेरी जान ही निकाल दी थी। मेरी इतनी छोटी सी बुर में अपना इतना मोटा लिंग डाल कर इसे फाड़ डाला। देखो मेरी नाजुक सी बुर कैसी कर दी आपने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा। अपनी भांजी को ही चोद डाला। अगर किसी को पता चल गया तो क्या होगा?”

मेरी जान, किसी को पता नहीं चलेगा और तेरी इस जवानी को अब मैं रोज मसलूंगा. तुझे भी घर पर ही चुदाई के मजे मिलेंगे तो बदनामी का कोई डर नहीं बस तू खुल कर चुदाई का मजा ले।

 

मामा और मैं दोनों ने बाथरूम जाकर अपने आप को साफ किया मामा ने मेरी बुर अच्छे से साफ की। मेरी हालत खराब थी मेरे से चला भी नहीं जा रहा था तो मामा मुझे गोदी में उठाकर बेडरूम तक लाये। बेड की चादर तो खून से खराब हो गयी थी मामा ने उसे बदला और बिस्तर पर लिटा दिया।

 

उस रात मामा ने मुझे चार बार चोदा और मेरी हालत खराब कर डाली। उन्होंने बुर चोद चोद कर उसे खून के आंसू रुला दिए। सुबह तो मुझ से चला भी नहीं जा रहा था। दो दिन तो मैं स्कूल भी नहीं जा पाई। नानी से पैर फिसलने का बहाना बना कर किसी तरह बच गयी।

इन दो दिनों में मैंने मामा को पास फटकने भी नहीं दिया, न उनके कमरे की तरफ ही गयी।

 

पर तीसरे दिन से मेरी चुदाई फिर से शुरू हो गयी, मामा मुझे मेरे ही कमरे में चोदने आ गए। इस बार भी दर्द हुआ पर पहले जितना नहीं।

अब तो मामा मुझे जब भी समय मिलता, तब चोदने लगे। उनकी चुदाई तो कभी दिन में भी शुरू हो जाती। अब तो ये सिलसिला ही चल निकला। लगातार चुदाई से मैं प्रेग्नेंट हो गयी। मामा ने मेरा गर्भपात करा दिया पर मामा तो फिर भी नहीं माने हर बार मेरी बुर में ही अपना माल डालते रहे।

 

अब तो वो मुझे अपनी बीवी ही समझने लगे, रात को दारू पीकर आते और खूब चोदते। तीन साल मैं उनके घर रही जिसमें 4 बार तो मुझे गर्भपात ही कराना पड़ा। इतनी बार गर्भपात से मैं कमजोर हो गयी मेरी तबियत भी ठीक नहीं रहने लगी। पर मामा पर तो कोई असर ही नहीं हो रहा था, उन्हें तो बस मेरी बुर चोदने से ही मतलब था।

 

जब मामा की अति हो गयी तो मैंने अपने रहने का इंतजाम अपनी एक सहेली के साथ उसके रूम में कर लिया.

तब जाकर मामा की चुदाई से मेरी जान छूटी।

पर तब तक तो मेरी बुर का भोसड़ा बन चुका था।

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