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ससुर ने रातभर चोदकर मेरी चूत को फैला दिया

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जब मेरी शादी हुई तब पहली बार मेरी चुदाई हुई और मेरे पति ने मेरी सील को तो कर मेरी चुदाई का खाता खोला। मुझे अपने पहली चुदाई में बहुत मजा आया था और जब मेरी सील टूटी थी तो जोर जोर से चीखने लगी थी और मेरी आंखे भी भर आई थी। मेरे पति थोड़े स्मार्ट काम है इसलिए मुझे उनसे ज्यादा चुदने का मन नही करता है लेकिन वो मुझे जबरदस्ती ही चोदने लगते है, इसलिए मुझे चुदवाना ही पडता है। पहले मेरे बूब्स बहुत ही टाइट और सुडोल थे।

ऐसा लगता था की जैसे कोई टाइट मुसम्मी है, लेकिन शादी के बाद मेरे पति ने मेरी चूची दबा दबा के उसको खूब बड़ा और ढीला कर दिया। लेकिन फिर भी अभी भी वो बहुत ही चिकनी और बड़े बड़े है। अब तो मुझे भी उनको मसलने में मजा आता है। और मै अपनी चूत को हमेसा साफ रखती हूँ। हर तीसरे दिन मै अपने झांटो को साफ करती हूँ ताकि मेरी चूत दिखने में अच्छी लगे। अब मेरी चूत भी थोड़ी ढीली हो गयी है लेकिन कुछ दिन ना चुदवाने से फिर थोड़ी टाइट हो जाती है।

मेरे ससुरल में मेरे पति, मेरी साँस और ससुर रहते है। मेरे ससुर की उम्र लगभग 45 साल होगी लेकिन देखने से लगता है कि अभी वो 35 के होगे। ये सब सरकारी नौकरी का कमाल है, नौकरी के पैसे से मेरे ससुर खूब खाते थे, इसलिए वो अभी भी दिखने जवान ही लगते है।मेरी शादी को 4 साल हो गया है, हमने अभी कोई बच्चे पैदा नही किया है क्योकि मेरे पति कि अभी नौकरी नही लगी थी, इसलिए वो कहते थे जब पैसे आने लगे तब बच्चे पैदा कर लेंगे, अभी केवल चुदाई करो बस। हमारा खर्चा मेरे ससुर ही उठाते है, क्योकि वो अभी रिटायर नही हुए है।

मेरे ससुर तो बहुत ही हरामी है, मेरी साँस बता रही थी कि इन्होने अपने जामने में बहुत सी लड़कियों को चोदा है और अभी भी जब मन करता है तो ये चुदाई करने के लिये रंडियो के पास जाते है। मैंने बहुत बार देखा है कि मेरे ससुर मेरी तरफ देखा करते थे लेकिन मै अपने काम में बिजी रहती थी।ये चुदाई कहानी आप हॉट सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। कुछ दिन पहले कि बात है मेरे पति को एक नौकरी का पेपर देने जाना था। वो अपने पेपर देने चले गये। घर में मै और मेरे सास ससुर बचे थे। मै अपने कमरे में लेटी हुई थी और मेरे ससुर मेरे कमरे में आ गये, मैंने उनसे पूछा – क्या हुआ पापा कोई काम है क्या?? 

तो उन्होंने कहा – “हाँ बैठो बता रहा हूँ।मै बैठ गयी उन्होंने कहा – “सुनो तुम्हारे पति का अभी नौकरी तो लगी नही है और मुझे लगता है कि तुम्हे पैसे कि जरूरत रहती होगी। तुम चाहो तो मै तुम्हे हर महीने पैसे दे सकता हूँ”।मैंने उनसे पूछा – आप इतना महरबान क्यों है मुझ पर ?? तो उन्होने ने हँसते हुए कहा – “मै तुम्हे पैसे दूँगा और तुम मुझे उसके बदले में कुछ दे दिया करना”। मैंने उनसे पूछा – आप को मुझसे क्या चाहिए?? तो उन्होंने कहा – “मुझे तुम्हारे चूत के दर्शन करने है और तुम्हारी चूत को चाटकर चोदना भी है”। मै ये सुन कर  मुझे गुस्सा आ गया मैंने उनसे कहा – “और आप के अंदर शर्म नाम कि चीज नही है क्या और कोई अपने बहू से ऐसे बात करता है क्या”।


मेरी बात सुनकर मेरे ससुर जाने लगे और उन्होंने फिर एक बार कहा इस बारे में सोचना जरुर। जब मेरे पति वापस घर आये तो उन्होंने कहा – “लगता है कि अब कोई काम करना ही पड़ेगा कब तक ऐसे ही चलेगा”। उन्होंने मुझसे कहा – “अगर पापा थोड़े पैसे दे दे तो मै अपना काम शुरू कर दूँ। लेकिन पापा पैसे देंगे नही जल्दी”। मैंने उनसे कहा – “एक बार कहो तो सही हो सकता पैसे देने के लिये मान जाये”। मै और मेरे पति दोनों साथ में ससुर जी के पास गये, मेरे पति ने उनसे पैसे मांगे, लेकिन उनकी नजर मेरे ऊपर ही थी

मैंने उनको इशारे में कह दिया कि मै आप से चुदने के लिये तैयार हूँ बस आप इनको पैसे दे दीजिये। मेरे ससुर ने कहा ठीक है मै पैसे दे दूँगा, कितने चाहिए ?? मेरे पति ने कहा – दो लाख रूपये दे दीजिये। उन्होंने कहा ठीक है मै बैंक से निकाल कर दे दूँगा।मेरे पति खुश हो गये, उन्होंने मुझे अपने गोद में उठा लिया और मुझको बेड पर ले गये। वो इतने खुश थे कि उन्होंने मुझे बड़े प्यार से उस दिन चोदा। उन्हें क्या पता था कि मैंने उनके खातिर अपनी चूत को बेच दिया था। उनको तो पैसे मिल जायेगे लेकिन मुझे तो उनसे चुदवाने का दर्द मिलने वाला था।ये चुदाई कहानी आप हॉट सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

मेरे ससुर ने मेरे पति को पैसे दे दिए, अब वो अपने काम को सेट करने में लग गये, दिन में कोई घर नही रहता था, मेरी साँस तो हमेसा दूसरों के घर में बैठी रहती थी।एक दिन घर में कोई नही था, मै अपने कमरे में लेटी थी और वहां मेरे ससुर आ गये। वो मेरे बगल में बैठ गये, और मेरे हाथो पर अपना हाथ रख के सहलाने लगे और मुझसे कहा – “अब तो तुम खुश हो, अब मै तुम्हे चोद सकता हूँ मैंने तो पैसे भी दे दिए?? मैंने उनसे कहा – “हाँ आप मुझे चोद सकते है लेकिन ये बात मेरे पति को नही पता चलनी चाहिए”। उन्होंने मुझसे कहा – “तुम चिंता मत करो किसी को पता नही चलेगा”।

मेरे ससुर मेरी चुदाई करने वाले थे, वो मेरे हाथो को सहलाते हुए मेरी मेरे हाथो के ऊपर बढ़ने लगे और कुछ ही देर में उनका हाथ मेरे कंधे पर पहुँच गया। वो मुझे जोश में लाने के लिये मेरे हाथो को सहला रहें थे। मै भी धीरे धीरे जोश में आने लगी थी। उनका हाथ मेरे कंधे से होते हुए मेरी गाल तक पहुँच गया। वो मेरे गाल को मसलते हुए मेरे होठो को ओने हाथ की उंगलियो से सहलाने लगे जिससे मै बहुत ही ज्यादा बैचैन होने लगी, और मैंने उनके हाथो को पकड लिया और अपने चुचियो के ऊपर फेरते हुए अपने चूत तक ले गयी जिससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

मेरे ससुर भी धीरे धीरे पूरे पावर में आ गये उनका लंड खड़ा हो गया था और उनके हाथ भी गरम होने लगे थे।ये चुदाई कहानी आप हॉट सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। उन्होंने मुझे बैठा दिया और मेरे गाल पर चुम्मा लेने लगे। मैंने उनसे कहा – “आज कल ये नही चलता मै बताती हूँ कैसे किस करते है। मैंने उनके गालो को कटे हुए उनके होठ को अपने मुह में भर लिया, और मस्ती से उनके होठो को चूसने लगी।

मेरे ससुर भी धीरे धीरे मेरे होठो को चूसने लगे और कुछ ही देर में वो मेरे होठो को अपने मुह में डाल लिया और काटने लगे। मै मचलने लगी थी, वो लगातार मेरे होठो को चूस कर पीते हुए मुझे मदहोश कर रहें थे। मैंने उनके निचले होठ को अपने दांतों से काटते हुए उनको अपने बाँहों में भर लिया और उनसे कस कर चिपक गयी। मेरे ससुर भी जोश में आने लगे वो मेरे होठो को चूसते हुए मेरे मम्मो को दबाने लगे और बिना ब्लाउस की बटन खोले उसमे अपने हाथो को डालने लगे। वो बड़े मजे से मेरे होठो की चूस रहें थे और मेरे मम्मो को भी दबा रहें थे।


वो मेरे होठो को 30 मिनट तक पीते हुए मेरी चूची को खूब दबा। फिर वो मेरे गर्दन को पीते हुए मेरे चुचियो की तरफ बढ़ने लगे। वो मेरे चुचियो को ब्लाउस के ऊपर ही से अपने नाक से सूंघते हुए दांतों से काटने लगे। मैंने जल्दी से अपने ब्लाउस की बटन को खोल दिया और उसे निकाल दिया। मेरी चुचियाँ मेरे लाल रंग के ब्रा में किसी शिकार की तरह फसें हुए थे मेरे ससुर ने ,मेरे मम्मो को मसलते हुए मेरे ब्रा को निकाल दिया।

मेरे ब्रा को निकलने के बाद वो मेरी चुचियो के निप्पल को अपने जीभ से गोल गोल चाटते हुए मुझे उत्तेजित करने लगे। धीरे धीरे वो मेरे मम्मो को अपने हाथो से जोर जोर दबाने लगे और साथ साथ वो अपने मुह में मेरे मम्मो को रखकर गार घार कर पीने लगे। ऐसा लग रहा था कि जैसे मै कोई भैंस हूँ और ये मेरी छाती को गार गार कर पी रहें है। वो मेरी चूची के निप्पल को मसलने लगे जिससे मै सिसक सिसक के धीरे धीरे ,…अहह ..अह्ह्ह आह ओह ओह ओह ओह्ह्ह्ह……ओह्ह्ह.. मम्मी ,,, आह … करके चीखने  लगी थी। लेकिन मजा भी आ रहा था।

वो लगातार मेरे चुचियो को दबाते हुए पी रहें थे।ये चुदाई कहानी आप हॉट सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।बहुत देर तक मेरे मम्मो को पीने के बाद मेरे ससुर ने अपने लंड को सहलाते हुए बाहर निकाला, मै तो उनके लंड को देखती ही रह गई। मेरे पति का लंड तो इनके लंड से बहुत छोटा है, मैंने उनके लंड जल्दी से अपने हाथो में पकड लिया और सहलाने लगी। जब उनके लौड़े को सहलाती तो उनका लंड और भी टाइट हो जाता और तन भी जाता। मैंने उनके लंड को सहलाते हुए चूसने लगी। मैंने उनके पूरे लंड को अपने मुह के अंदर ले लिये और मज़े से चूसने लगी। उनका लौड़ा मेरे मुह ठीक से नही आ रहा था, लेकिन उसको चूसने का मजा ही अलग था।

मै उनके लंड को बहुत देर तक चूसती रही और कुछ देर बाद मेरे ससुर ने अपने लंड को मेरे मुह से निकाल लिया और मेरी कमर कि पीते हुए मेरी साडी को खोल दिया और साडी निकलने के बाद धीरे से मेरे पेटीकोट के नारे को भी खोल दिया। मैंने उस दिन पैंटी नही पहनी थी। मेरी चूत बहुत ही कटीली लग रही थी, मैंने दो दिन पहले अपनी झांट बनाई थी, अब वो किसी नुकीले कटे कि तरह छोटे छोटे हो गये थे। मेरे ससुर ने मेरी चूत को देखते हुए मेरी चूत को सहलाने लगे और धीरे धीरे मेरी चूत में अपनी उंगली को डालने लगे। मै जान गयी कि मेरे ससुर मेरी चूत का पानी निकलना चाहते है, इसीलिए वो मेरी चूत में उंगली करने लगे थे।


मै धीरे धीरे और भी कामुक होने लगी और अपने बदन को ऐठने लगी। वो मेरी चूत को उंगली डाल कर अंदर अपनी उंगली को फैला देते थे जिससे मै मचल जाती थी और तडप कर सिसकने लगी। धीरे धीरे वो अपनी उंगलियो को बहुत तेजी से मेरी बुर में डालने लगे जिससे मै तड़पने लगी और … आह्ह्ह..आह अहह   …मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ……ही ही ही ही ही…..अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. उ उ उ  करके चीखने लगी और  साथ साथ अपने मम्मो को दबते हुए मै मचल रही थी।  कुछ देर लगातार तेजी से मेरी चूत में उंगली करने से मै बेकाबू होने लगी और कुछ ही देर में मेरी चुत से पानी निकलने लगा। मेरे ससुर ने अपने मुह को लगा के मेररी चूत के पानी को पीने लगे।पानी पीने के बाद उन्होंने मेरी चूत को चाटते हुए उसमे अपनी जीभ डालने लगे और मेरी चूत की झालरदार दाने को चाटने लगे, अब तो और भी पागल होने लगी थी।

मेरे अंदर काम की ज्वाला और भी भडकने लगी थी।ये चुदाई कहानी आप हॉट सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। कुछ ही देर में वो अपने लंड को मेरी चूत के पास ले गये और उसको मेरी चूत के ऊपर पटकने लगे और धीरे से मेरी चूत में डाल दिया। मुझे उनका लंड अच्छा लगा क्योकि मेरे पति से मोटा और बड़ा भी था।  ऐसा लग रहा था कि पहली बार चुदाई हो रही है।  मेरी चूत हो ढीली थी लेकिन मोटे लंड से मजा आ रहा था।  लेकिन कुछ ही देर में मेरे ससुर मुझे जानवरों कि तरह पेलने लगे मेरी चूत तो फटी जा रही थी और मै पागलो कि तरह जोर जोर से चीखने लगी थी।

उनका लंड जब मेरी फुद्दी के अंदर जाता तो ऐसा लगता कि कोई कितनी मोटी चीज मेरी चूत में जा रही है।  उनका लंड बार बार मेरी चूत के अंदर जाता और बाहर आता और मै बड़ी जोर जोर से ..आह हा ओह्ह्ह ओह्ह्ह ओह …उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी.. हा हा हा.. ओ हो हो…….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ. हमममम अहह्ह्ह्हह.. अई…अई….अई…आऊ….. आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह….सी….अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्……उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह…..मेरी चूत को आज ही फाड़ दोगे क्या आराम से चोदो मुझे ओह्ह्ह…. बहुत दर्द हो रहा है,,,…. लेकिन मजा भी आ रहा है चोदो लेकिन आराम से आह्ह ओह्ह्ह ,,,… करके चीख रही थी लेकिन मेरे ससुर तो मेरी चूत को फाड़ने में लगे थे।  कुछ ही देर में वो अपनी पूरी जोर लगा कर मुझे चोदने लगे, अब तो उनकी रफ़्तार और भी तेज हो गयी थी।

अब तो ऐसा लग रहा था कि कहीं मेरे प्राण ना निकाल जाये, लेकिन कुछ देर में उन्होंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और मुठ मारने लगे। जब उन्होंने अपना लंड निकाला तो मुझे थोडा आराम मिला लेकिन मेरी चूत और भी फ़ैल गई थी। कुछ देर मुठ मारने से उनके लंड का माल निकलने लगा। और कुछ ही देर में उनका लंड ढीला पड़ गया। चुदाई के बाद मैंने उनसे कहा – “अगर आप मुझे पैसे देते रहें तो मै आप से रोज चुदने के लिये तैयार हूँ”। मेरे ससुर ने कहा – “ठीक है मै तुम्हे पैसे देता रहूँगा और तुम मुझसे ऐसे ही चुदवाती रहना”।इसके बाद मेरी तो एक दिन में दो बार चुदाई होती थी। कुछ दिन बाद जब मुझे लडका हुआ तो वो भी जुड़वाँ थे, एक मेरे ससुर का और एक मेरे पति का। 


बहू की जवानी ससुर ने लूटी

 

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Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape


Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape

Welcome Back Friends Me Aaj Fir Hajir Hu Aap Sab Ke Li Ye New Story Le Ke Ye Story Aaj Hi Muje Mere Email Pe Aai Thi Jo Me Aap Sab Ke Saam Ne Rakh Ne Jaa Raha Hu… Pe To Ab Me Aap Ko Kahani Sunna Ne Jaraha Hu Dos To Ye Kaha Ni Vidhva Ladki Ki Hai Rupa Naam Ki Ek Ladki Thi Jo Pahari Elako Me Ek Chhote Se Gaav Me Janam Mi Thi Vo Pedasi Manus Thi Jab Rupa Ka Janam Huva To Us Ke Maa Baap Chal Base.


Fir Us Ko Paal Post Ke Us Ke Mama Ne Bada Kiya Lekin Us Ki Manusiyat To Jise Us Ke Saath Hi Chal Rahi Thi Us Ke Maam Ko Kaaro Baar Me Bohod Bada Nuksaan Suva Ki Un Ka Ghar Baar Jaamin Sab Nilam Ho Gay Aur Jab Vo Apna Gaav Me To Sab Lut Gaya Tha Is Liye Vo Rupa Ko Le Ke Dus Re Pahadi Ila Ko Me Aa Gaye Jaha Pe Bohod Mandi Aur Devi Devta Ke Murti Aur Thapna Thi Lekin Vo Jab Yaha Gaav Chor Ke Dus Re Gaab Aa Rahe The Tab Rupa Ke Mami Ki Tabiyat Kharab Ho Gai Aur Vo Hate-Tit Se Chal Basi Us Ke Mama Ko Koi Aolad Na Thi Sirf Rupa Thi Kahi Logo Ne Kaha Ki Ye Ladki Manus Hai Lekin Rupa Ke Mama Ne Kisi Ke Bhi Baat Na Suni Aur Dus Re Gaav Aa Ke Rehe Ne Lage Aur Gaav Me Hi Ek School Me Bacho Ko Padha Ne Lage Vo School Me Sirf 6 Kaksh Tak Hi Padha Te Hai

Rupa Ke Mama Ne Us Kaksha Me Apni Bhanji Ko Bhi Padh Ne Bitha Diya Aur Ab Samay Bad Te Gaya Aur Ab Rupa 14 Saal Ki Ho Gai Thia Us Rang Bohod Hi Gora Tha Us Ka Chehra Itna Maasum Tha Ki Vo Kuchh Bhi Galti Kar De Kisi Ko Bura Hi Nahi Lagta Tha Aur Us Ke Chati Ke Bhag ( Boobs ) Bhi Kafi Bad Gaye The Rupa Dekh Ne Me Kafi Sexy Thi Rupa Ke Maama Ne Us Ki Saadi Bach Pan Me Hi Karva Di Thi Sief Gona Hona Baki Tha .

Paashi Ke 2 Gaav Chhor Ke Ek Jamindar Ke Mulsi Jo Isaab Kitab Kar Te Hai Un Ke Bete Ke Sath Sadi Kar Va Di Thi 1. Mulsi Ka Naam Tha Narish Bhai 2 Narish Bhai Ke Bete Matalab Rupa Ke Pati Rahul Jis Ki Umer 15 Saal Thi 2 Naris Bhai Ke 53 Saal Hai And Unki Patni Rupa Ki Saas Ka Naam Hai Meena Devi Umer 45 Ho Gi Ek Din Rupa Ke Sasur Ne Rupa Ke Gha Aa Ke Rupa Ka Gona Kara Ke Apne Ghar Lejaa Ne Ki Baat Ki To Rupa Ke Mama Ne Kaha Ki Abhi To Rupa Bohod Choti Hai


Tab Rupa Ka Sasur Bola Aur Rupa Ke Mama Ji Her Maa Baap Ko Apni Beta Brti Chote Hi Lag Te Hai Fir Jab Rupa Ke Sasur Itna Jor De Ne Lage To Rupa Ke Mama Ne Kaha Ki Thik Hai Kal Hi Ham Gone Ki Rasma Ada Kare Ge Us Ke Baat Meri Rupa Bitiya Aap Ke Ghar Ki Hi Izaat Hai Aur Fir Sari Rasam Ho Jaa Ne Ke Baad Rupa Ke Sasur Aur Rupa Ki Saasu Ma Rupa Ko Ghar Me Le Aaye The Aur Jab Pure Din Ki Bhaag Dor Khatam Hui To Jise Hi Raat Hoi To Rupa Ki Saas Rupa Ko Apne Bete Rahul Ke Mare Me Sone Ko Kaha.


Tabhi Rupa Ke Sasur Ji Guss Me Aa Gaye Aur Bole Aree Bhagiy Vaan Tum Me Kuchh Akal Naam Ki Chiiz Bhi Hai Ke Nahi Abhi Hamre Bahu Ki Umar Hi Kiya Vo Abhi Sirf 14 Saal Ki Hai Aur Hamara Beta Bhi 15 Ka Hai To Fir Ham In Dono Ko Kaha Sula Ye Ge To Rupa Ke Sasur Guss Me Aa Ke Bolo Mere Sar Me Are Hamare Room Ke Jo Baaju Vala Room Hai Vo Room Me Bahu So Jaa Ye Gi Aur Sab Log Apne Apne Room Me Jaa Ke Sone Lage Aur Rupa Bhi Sone Chali Gai Jab Rupa Sone Ki Kosis Kar Rahi Thi Tabhi Us Apne Paas Vaale Room Yani Ke Aapne Sasur Aur Sasu Maa Ke Room Se Kuchh Aavaz Aai To Vo Kam Re Se Bahar Nikal Ke Sasur Ke Room Ke Darva Je Jisme Lock Kar Ne Ke Liye Chabi Ka Hold Tha Us Me Se Sab Dikha I De Raha Tha


Rupa Ye Dekh Ke Dang Rahe Gai Ki Us Ke Sasur Us Ki Sasu Me Ke Uper Chade Hu Ye The Aur Apna 8 Inch Lamba Land Us Ki Sasu Maa Ke Chut Me Gusa Diya Tha Ye Dekh Ke Rupa Ka Dilll Joro Se Dharak Ne Laga Tha Kiyo Ki Us Ne Ye Sab Pehe Li Baar Dekha Tha Jab Vo Dekh Rahi Thi Rupa Ke Sasur Apna 8 Inch Lamba Land Us Ki Sasu Maa Ki Chut Me Gusa Ke Ek Dam Dhire Dhire Apni Kamar Uper Niche Kar Rahe The Bilkul Dhire Dhire Aur Kuchh Baate Bhi Kar Rahe The

Sasu Ma :

Aarree Aap Ye Kiya Kar Rahe Hai Ab Aap Ek Sasur Ban Gaye Hai Aur Aap Ki Umar Bhi To 53 Hai Is Umer Me To Bhgavan Ka Naam Lena Chahi Ye Aur Aap Ye Kiya Kar Rahe Hai

Sasur Ji :

Vahi Jo Har Mard Kar Ta Hai Apni Bibi Ke Sath

Sasu Ma :

Kuchh To Saram Karo Ab Aap Ke Ghar Me Ek Bahu Hai Aur Vo Hamre Paas Vale Room Me Hi Hai Kahi Sun Na Le Hato Muje Chhhoo Ro…

Sasur Ji :

Kuchh Saalo Ke Baad To Bahu Aur Beta Bhi Hamare Jis Ek Dusre Se Chipak Ke Bethe Ho Ge ….

Sasu Ma :

He Bhagvan Mere En Ko Thori Sad Budhi Dena … Aaaahhhh…. Aaasssttee Kaaddddoo Kahi Bahu Sun Naaaaa Llllllleeeeeee….

Sasur Ji :


Are Vo Nahi Sune Gi Aur Me To Teri Chudai Har Roz Karta Tha Karta Rahu Ga Aur Aage Bhi Kar Ta Hi Rahu Ga.


Sasu Ma :


Aap Ki Ye Hi Baat Pe Mee Mar Ti Hu Aap Kitna Pyaar Se Chod Te Ek Dam Dhire Dhire Aap Apna Land Meri Chut Me Pura Ka Pura 8 Inch Lamba 2 Inch Mota Daal Dete Hai Aur Pura Ka Pura Nikal Deke Fir Se Dhire Dhire Daal Te Hai Aaahhhhh…… Kittttttnnnnnanaaa Maaaazzza Aaattttaaaa Haaaiiii..



Karab 2 Ghante Bit Gaye The Ye Sari Baa Te Sun Te Sun Te Rupa Aaj Pehe Li Baar 3 Baar Jad Gai Ye Baa Te Sun Ke Us Ne Apni Jind Dagi Meye Pehe Li Baar Sab Dekha Ta Vo To Jise Tadap Rahi Thi Lekin Rupa Ne Man Hi Man Me Apne Aap Ko Sambhal Liya Aur Apne Room Me Jaa Ke So Ne Lagi Rupa Ek Sanskari Ladki Thi Is Liye Us Ne Apne Maan Me Dhal Liya Tha Vo Apne Pati Ke Sath Hi Sex Kare Gi Dusre Kisi Bhi Yokti. Ke Sath Nahi.


Aur Subha Ho Gai Rupa Ne Jaldi Se Udh Ke Naa Dho Ke Sab Ke Liye Chai Nasta Bana Diya Tha Sab Nasta Kiya Aur Sab Apne Kaam Pe Chale Gaye Rupa Ka Pati Std Kar Hai Aur Sasur Ji Ka To Aap Sab Ko Pata Hi Hai Na Aur Rupa Ki Sasu Ma Ve Se To Vo Bohod Dharmik Hai Is Liye Jida Sar Samay Vo Mandi Ro Me Baba , Pandi Ji Se Poooja Part Kar Vane Me Hi Rehe Thi Hai Aur Is Tarah Se Saabhi Din Guzar Ne Lage Rupa Ki Sadi Ko 1 Mahi Na Ho Gaya Tha Aur Rupa Bhi Khus Thi Ki Yaha Us Ki Buri Kismat Ka Saya Us Pe Se Hat Gaya Aur Ye Hi Us Ki Galti Thi Ek Din Rupa Ke Sasu Maa Ke Bhai Jo Ki Seher Me Rehe Te Hai Un Ke Bete Ki Sadi Thi So Pure Parivar Sahit Sab Ko Bula Ya Tha Lekin Yaha Jamindar Ke Bohod Sara Isaab Kitaab Kaa Kaam Pada Tha


Is Liye Rupa Ke Sasur Ne Jaane Se Mana Kar Diya Aur Kaha Ki Tum Tino Chale Jaa Rupa Rupa Ki Pati Aur Ma Teeno Lekin Rupa Ki Sasu Maa Ne Kaha Ki Ham 3 Chale Jaa Ye Ge To Aap Ka Yaha Kon Khayal Rakhe Ga Aur Saadi Me Kam Se Kam 3 Din Lag Jaa Ye Ge Ek Kaam Kar Te Me Aur Rahul Chale Jaa Te Aap Aur Rupa Ye Hi Rahi Yr Rupa Yehi Ho Gi To Aap Ko Khana Bana Degi Aur Meri Chinta Bhi Kam Ho Jaa Ye Gi Aur Rupa Ki Sasu Maa Aur Rupa Ka Pati Rahul Chale Gaye 3 Din Ke Baad Jab Vo Lot Rahe The To Ek Pool Pe Ek 4 Well Bas Se Takda Gai 4 Wall Kafi Speed Me The Is Liye Bas Ko Bohod Jiyada Jor Se Takad Maari Aur Bas Palad Gai Jis Ke Karan Bas Ke Niche Petrol Ki Taki Fat Gai Aur Aag Lag Ne Se Bas Dhma Ke Me Ud Gai Aur Sare Yat Ri Maa Re Gaye.


Ye Baat Sun Ke To Jise Mere Aur Mere Sasur Ji Pe Pahar Gir Pada Abhi To Meri Umar Hi Kiya Tha Jo Me Vidhva Hom Gai 14 Saal Me Aur Fir Ham Ne Sasu Ma Aur Mere Pati Ke Kiya Dara Darkar Kiya Aur Kuchhh Din Log Ghar Me Aa Te Rahe Safed Kapde Pehen Ke Ham Se Hamra Dukh Baat Ne Lekin Muj Se Jiyada To Mere Sasur Ji Dukhi Hai Aur Jab Vo Mardo Ke Bich Bethe To Un Se Il Ne Aaye Hu Ye Log Go Neka Ki Ye Sab Teri Bahu Ke Vaja Se Huva Hai Vo Manus Hai Peyda Hote Hi Apne Maa Baap Ko Kha Gai Aur Apne Mami Ko Bhi Aur Ab Apne Pati Aur Apni Sasu Ma Ko


Ab To Muje Bhi Lag Ne Laga Tha Ki Me Hi Hu Mere Pati Aur Sasu Maa Ki Moth Ki Karan Din Gujar Ne Lage The Lekin Rupa Ke Sasur Ki Halat Bohod Kharab Thi Vo Apni Bibi Ko Har Raat Chod Te The Is Liye Vo Raat Ko Kam Re Me Thik Se So Nahi Pate The Rupa Ko Apne Sasur Ji Ke Kam Re Me Se Karvat Badl Ne Ki Avaaz Aati Thi Ab 15 Din Gujar Gaye The Rupa Ke Sasur Ji Ro Kaam Ko Jaa Te The Aur Saam Ho Te Hi Der Raat Ghar Aate Hai Aur Har Raat Vo Sarab Pi Ke Aate Hai Aur Bahar Hi Khana Kha Ke Aate Hai .


Ek Raat Ki Baat Hai Rupa Ke Sasur Ne Jab Sarab Pi Rahe The Tab Vo Apni Mari Hui Bibi Ko Bohod Yaaad Kar Rahe The Aur Apne Land Ko Sehe La Rahe The Us Raat Un No Puri Botal Pi Li Thi Aur Vo Ghar Aaye Ghar Ki Ek Aur Chavi Rupa Ke Sasur Ke Paas Hoti Hai Is Liye Rupa Raat Ko Itzar Nahi Kar Ti Hai Lekin Puro Botal Sarab Ki Pile Ne Ke Baad Rupa Ke Sasur Ko Char Gai Thi Us Ko Bas Har Jaga Apni Bibi Dikh Rahi Thi Jab Vo Apne Room Me Gaye To Vo Galti Se Apne Room Me Nahi Bal Ke Apne Bahu Ke Room Chale Gaye The


Rupa Gaav Ki Ladki Thi Is Liye Vo Ghagra Choli Hi Pehen Ti Thi Aur Under Kuchh Bhi Nahi …… Na Hi Panti Aur Nahi Bra Kiyo Rupa Ke Abhi Boobs Bohod Chhote The Is Liye Jise Hi Rupa Ka Sasur Under Room Gusa To Us Ne Room Ka Darva Je Pe Kadi -Maar Di Aur Vo Sone Naa Ne Laga Us Raat Baris Ho Rahi Thi Aur Is Liye Ghar Ke Sari Light Chali Gai Thi Aur Rupa Bhi Pure Din Ke Ghar Ke Kaam Kaaz Kar Ke Thak Gai Thi Is Liye Vo Geheri Need Me Thi Aur Baris Ke Vaje Se Bijliya Gir Rahi Thi Aur Rupa Ke Baju Me Us Ka Sasur Leta Huva Tha Sasur Je Se Hi Palta To Us Ka Haath Us Ki Vidhva Bhu Rupa Ke Sine Pe Gir Gaya Aur Nise Ke Vaja Se Rupa Ke Sasur Ko Laga Ki Us Ki Bib Leti Hui Hai Aur Rupa Ke Saur Ne Apni Dhoti Aur Apni Kurta Nikal Diya Aur Pura Naga Ho Gay Tha


Aur Us Ne Rupa Ke Choli Aur Ghagh Ra Bhi Nikal Ke Apni 14 Saal Ki Vidhva Bahu Rupa Ko Ek Dam Nanga Kar Diya Tha Ab Rupa Ka Sasur Rupa Se Lipat Gaya Aur US Ke Puere Body Ko Chune Aur Chum Ne Laga Rupa Need Hi Need Me Jat Pata Ne Lagi Thi Kuchh Der Baad Rupa Ke Susur Rupa Ke Uper Chad Gaya Aur Rupa Ke Tango Ko Khol Liya Aur Aone Land Ko Chut Ke Upar Upar Se Hi Masal Ne Laga Tha Aur Rupa Ke Boob Se K Bhi Apne Muh Me Le Ke Chus Ne Laga Tha Ab To Rupa Aur Us Ka Sasur Do No Hi Garam Ho Gaya Tha Tabhi Rupa Jad Gai Lekin Fir Bhi Rupa Ka Sasur Us Ke Boob Jo Ki Chote Chote The Un Ko Chus Ta Hi Raha

Aur Ek Baar Fir Rupa Ki Chut Jad Gai Thi Us Ke Chut Ke Ras Baha Nikal Ke Land Pe Gir Raha Tha Jis Se Vo Chip Chipa Ho Gaya Tha Aur Jse Hi Rupa Ke Sasur Ne Rupa Ke Kamsat Ho To Ko Chus Ne Laga Tab Rupa Ki Aakhi Khol Gai Aur Vo Apne Aap Ko Aur Apnr Sasur Ko Naga Paa Ke Yaha Tak Ki Rupa Ke Sasur Ka Land Jo Abhi Soya Huva Hai Ji Karib 7 Inch Tak Hai Vo Us Ki Chut Ke Uper Hi Uper Masl Raha Hai Rupa Ne Apne Sasur Ko Dhake Dene Ki Kosi Ki Lekin Sare Dhake Na Kamiyab Ho Rahe The Sasur Ji Muje Chor Diji Ye Me Aap Ki Bahu Hu Lekin Rupa Ke Sasur Nase Me The Vo Pure Ke Pure Sarab Ki Booo Se Mehek Rahe The Us Ko Rupa Ke Ek Baat Bhi Samaj Me Nahi Aa Rahi Thia Aur Rupa Ro Ne Lagi Lekin Fir Bho Vo Apne Land Ko Chut Me Ragad Te Rehe Aur Rupa Ke Hot Ko Chus Ne Lage Rupa Kuchh Nahi Kar Paa Rahi Thi Kiyo Ki Un Ke Sasur Ek 53 Saal Ke Moto Aur Tagde Mard The Jab Ki Vo To Un Ke Saam-Ne Ek Bach Thi Jo Abhi 14 Ki Hai

Aur Rupa Ki Chut Se Aise Thi Maa No Ke Kisi 6 Saal Ki Bach Ke Jise Aur Rupa Fir Ek Baar Jad Gai Lekin Is Baar Rupa Ke Sasur Ka Land Bhi Khada Ho Gay Tha Or Vo Rupa Ke Pet Ke Paas Chub Raha Tharupa Ko Samaj Me Nahi Aaraha Tha Ki Vo Kiya Kare Us Ne Apne Aap Apne Sasur Ke Panje Se Bohod Kosis Ki Chud Vane Ki Lekin Sab Fel Ho Gaya Tha Ab Dhire Dhire Rupa Bhi Modhos Si Ho Ne Lagi Thi Us Ki Aakhe Bandh -Ho Gai Thi Aur Vo Apne Muhh Se Aaahhhhaa…. Hhhaaaammmmm… Ooooohhhh…Eeeeuuuuu Aaaahhhhaaa.. Ki Avaj Nikal Ne Lagi Thi Tabhi Rupa Ke Sasur Ne Apne Ek Hath Se Apne Land Ko Apni Vidhva Bahu Ke Chut Ke Ched Me Tika Diya Aur Ek Tej Dhaka Maara To 4 Inch Gus Gaya Kiyo Ki Rupa Ke Sasur Ka Lnd Kafi Mota Tha Is Liye 4 Inch Hi Guss Paya Lekin Tabhi Rupa Chikh Padi Aur Rone Lagi Lekin Us Ke Sasur Ne Paga Lo Ke Jise Apni Vidhva Bahu Ke Hot Chus Ne Laga 10 Minit Chus Ne Ke Baad Thoda Darad Kam Huva Aur Rupa Fir Ek Baar Zar Gai Is Baar Us Ki Chut Se Khafi Sara Chik Chika Ras Nikla Tha Jo Us Ke Susar Ke Land Ko Nehe La Raha Tha

Tabhi Fir Se Us Ke Sasur Ne Dhaka Maar Diya Is Baaar Vo Pura Land Gus Gaya Tha 8 Inch Ka Rupa Roye Jaa Rahi Thi Dard Ke Maa Re Kareeb 15 Minit Rupa Ka Sasur Rupa Ke Uoer Pada Raha Ae Se Hi Aur 15 Minit Ke Baad Us Ke Sasur Apni Kamar Ko Ek Dam Bohod Jiyada Dhire Dhire Kamar Ko Uper Niche Kiye Jaa Raha Tha Ab Rupa Ko Bhi Achha Lag Ne Laga Tha Lekin Rupa Ki Chut Puri Tarah Se Suj Gai Thi Aur Hal Ka Hal Ka Darad Bhi Ho Raha Tha Vo Samaj Gai Thi Ki Ab Vo Bach Nahi Sakti Hai Aaj Vo Chuda Ke Hi Rahe Gi Lekin Rupa Ka Sasur Apna Land Ko Pura Ka Pura Bahar Nikal Ke Dhire Dhire Ander Bahar Kar Raha Tha 1 Ghanta Ho Gaya Tha Is Doran Rupa 7 Baar Zad Chu Ki Thi Aur Chut Bohod Chikni Ho Gai Thi.


Fir Kuchh Der Me 2 Ghante Hu Ye Lekin Ek Dam Dhire Dhire Chod Ne Ke Vaja Se Rupa Ka Sasur Zad Nahi Raha Tha Vo Lambi Chudai Kar Ne Vako Me Se Marad Tha 3 Ghante Ke Baad Vo Rupa Ki Chut Me Hi Apn Na Viriya Gir Diya Kafi Sara Viriya Nikala Tha Chut Se Bhi Bahar Nikal Ke Jaraha Tha Itna Viriya To Rupa Ke Sasu Maa Ko Chod Ke Bhi Nahi Nikla Tha Aur Vo Apna Viriya Apni Vidhva Bahu – Ki Chut Me Hi Gira Ke Land Ko Chut Me Hi Daal Ke Lambi Lambi Saase Lene Laga Tha Aur Rupa Bhi Tak Gai Thi 15 Minit Vo Do No Ae Se Hi Pade Rahe Aur Kab Subha Ho Gai Pata Na Chala.


Subha Ke 6:00 Am Bhaje The Tabhi Acha Nak Rupa Ke Sasur Ki Need Tut Gai Vo Ek Sapna Dekh Raha Tha Ki Kal Raat Ko Us Ne Apni Bibi Ki Ji Bhar Ke Chudi Ke Aur Us Sapne Ko Yaad Kar Raha Tha Tabhi Us Ka Land Fir Se Tight Ho Gaya Aur Us Ki Aakho Khol Gai Aur Us Ne Apne Aap Ko Aur Apni Vidhva Bahu Rupa Ko Apne Niche Aur Us Ke 8 Inch Tiger Land Ko Apni Bahu Ki Chud Me Paya To Vo Dang Rehe Gaya Tha Vo Samaj Me Nahi Aaraha Tha Ki Kiya Karu Tabhi Us – Ko Kuchh Yaas Aa Ya Ki Kal Raat Ko Us Ne Apni Bibi Ki Nahi Bal Ke Apni Vidha Jo Ki 14 Saal Ki Bahu Hai Us Ko Chod Diya Hala Ki Rupa Abhi Bhi Need Me Thi Kal Raat Der Tak Chuda Ne Aur Jag Ne Ke Vaje Se Us Ko Need Me Hi Thi

Lekin Ab Rupa Ka Sasur Ka Land Ye Sab Yaad Kar Ke Aur Apni Bahu Ki Garam Garam Chut Ke Under Apne Khade Hu Ye Land Ko Dekh Ke Vo Fir Se Dhire Dhire Apne Kamar Ko Hila Ne Laga Tha Aur Rupa Need Me Hi Kahra Ne Lagi Thi Hhhhmmmmmaaaaa….. Aaaaahhhhhhaaaaa…. Uuuhhhaaaaa..Eeeeuuuuu. Aaaahhhaa Haaammmm… 20 Minit Chod Ne Ke Baad Rupa Ka Sasur Us Ke Boobs Ko Chus Ne Laga Tha Tabhi Rupa Jag Gai Aur Boli Sasur Ji Muje Chhor Di Jiye Bahu Muje Maaf Kar De Kal Raat Me Nase Ma Tha Is Liye Tere Sath Vo Sab Kar Betha Lekin Aaj Me Subhe Utha Te Me Ne Dekha Ki Mera Land Teri Chut Me Fasa Huva Hai Aur – Ye Dekh Ke Mera Land Sakh Ho Gaya Muje Maaf Kar De Lekin Is Ko Ko Saant Karana Pade Ga Bahu Jo Sirf Teri Chut Hi Kar Sakti Hai Is Baar Us Sasur Ne Kaha Me Tuj Se Vada Kar Ta Hu Me Aaj Ke Baad Fir Kabhi Tere Sath Ae Sa Nahi Karu Ga Lekin Abhi Tu Muje Bhi To Samaj Ne Ki Kosis Kar


Aakhir Me Bhi To Ek Marad Hu Rupa Ka Ko Kuchh Samaj Me Nahi Aaraha Tha Aur Us Ne Socha Ki Kal Raat To Vise Bhi Mere Sasur Ne Muje Chod Diya Tha Aur Jab Vo Ye Baat Soch Rahi Thi To Us Ka Sasur Apni Kamar Ko Uper Niche Kar Ke Apna Land Under Bahar Kar Raha Tha Aur Us Se Rupa Madh – Hos Hone Lagi Thi Aur Rupa Ne Kaha Ki Thik Hai Ye Last Time Hai Us Ke Baad Kabhi Bhi Aap Mere Sath Ae Sa Nahi Kare Ge Aur Rupa Ke Sasur Ne Apni Mari Hui Bibi Yani Ke Tupa Ki Sasu Maa Ki Kasma Kha Ke Kaha Aur Rupa Ka Sasur Rupa Ki Chudai Kar Ne Laga Ek Ghanta Ho Gaya Rupa Ab Tak 7 Bar Zad Gai Thi Lekin Us Ka Sasur Dhire Dhire Apna Land – Under Bahar Kiye Ja Raha Tha Taki Chudai Lambi Ho 2 Ghan Te Ho Gaye Aur Rupa Ka Sasur Aur Rupa Do Nohi Ek Sath Zad Gaye Rupa Ke Sasur Ne Rupa Ki Chut Me Hi Apna Viriya Gira Diya Aur 8 Minit Uoo Hi Rupa Ke Uper Leta Raha Aur Us Ke Boobs Ko Chus Ta Raha Us Ke Baad Rupa Ka Sasur


Rupa Se Alag Ho Gaya Aur Apne Room Me Chala Gaya Tha Aur Naha Nelaga Tha Idhar Rupa Ke Chut Me Dard Ho Raha Tha Aur Vo Thik Se Chal Nahi Parahi Thi Vo Do Baar Bed Se Khare Ho Ne Gai To Gir Gai Lekin Rupa Ne Jse Tise Apne Aap Ko Sambhal Ke Bhath Room Me Jaka Apne Aap Ko Saaf Aur Naha Ne Lagi Vo Apne Har Ek Aang Ko Ghis Ghis Ke Saaf Kar Ne Lagi Us Ko Apne Aap Aur Apne Sasur Se Nafrat -Ho Ne Lagi Thi


2 Moth Letter Ke Baad Rupa Ko Pata Chala Ke Vo Maa Banne Vali Hai Us Ko Pata Tha Ki Ye Us Ke Pati Ka Nahi Us Ke Sasur Ka Bacha Hai Us Ka Maan To Kiya Ki Bache Ko Gir Va De Lekin Rupa Ne Baad Me Socha Ki Me Apne Sasur Ki Galti Is Maasum Ko Kiyo Du Rupa Ne Fisla Kiya Ki Vo Is Bache Ko Janam Degi Aur 7 Month Ho Gaye The Aur Ab Rupa Ka Pet Bhi Bad Gaya Tha Lekin Rupa Ke Sasur Ji Apni Bahu Se Naz Re Nahi Mila Pate The Is Liye Vo Din Raat Sarab Me Hi Dube Rehe Te The Aur 1 Month Guzar Gaya Ab 8 Month Gazar Gaye The Rupa Ke Pregnet Me


Ek Din Us Ke Saur Fir Se Bohod Jiya Da Sarab Pike Aaya Tha Aur Vo Fir Se Rupa Ko Chod Na Chaha Ta Th Lekin Rupa Na Inkaar Kar Diya Us Ke Pet Me Ek Bacha Tha Jab Rupa Aur Us Ke Sasur Ke Bich Hatha Pai Hui To Us Doran Rupa KE Sasur Ne Rupa Ko Dhaka De Diya Jis Se Vo Zamin Pe Gir Gaya Lekin Rupa Jab Zamin Pe Giri To Vo Pet Ke Bal Giri Thi Aur Us Ke Pet Ka Darad Suru Ho Ne Laga Lekin Us Ke Sasur To Vaas Na Me Undh Ho Gaya Tha Us Se Bach Ne Ke Liye Rupa Ne Apne Aas Paas Ek Gamla Dikha Us Ne Vo Gamla Apne Sasur Ke Sir Pe Maara Aur Vo Ghar Ke Bahar AA Gai Jise Tise Kar Ke


Aaj Paas Ke Logo Ne Jab Rupa Dekh To Vo Gaav Ki Daai Maa Ko Bula Laye Lekin Aap Sos Rupa Ke Zamni Par Pet Ke Bal Gir Jana Ke Vaja Se Bach Pet Me Hi Mar Gaya Tha Aur Mara Huva Bacha Peyda Hu Va Tha Aur Udher Rupa Ke Sasur Bhi Chal Base The Gamla Ser Pe Itni Jor Se Laga Ki Bohod Khoon Behe Gaya Tha Sabhi Ne Ye Hi Samja Ki Vo Sarab Ke Nase Me Hi Gir K Gamle Se Takda Gaya Ho Ga Aur Ye Haad Sa Ho Gaya Ho Ga


Jab Rupa Bach Ne Ki Kosis Kar Rahi Thi To Haa Tha Fai Me Vo Rupa Pet Ke Bal Zamin Pe Gir Gai Jis Se Us Ke Pet Me Darad Hone Laga Aur Ve Jise Te Se Kar Ke Bahar Aa Gai Aurkuchh Gaav Ki Aurato Ne Rupa Ko Dh Ke Charo Aur Khadi Ho Ke Gehe Ra Bana Diya Taki Koi Aur Na Dekh Sake Rupa Ke Bcha Peyda To Huva Lekin Mara Huva Ye Dekh Ke Vo Rene Lagi Tabhi Ek Gaav Ki Aurat Ghar Me Gai To Us Ne Dekh Ki Rupa Ke Sasur Ka Bhi Savarg Vaas Ho Gaya Tha


Rupa Ki Buri Kismat To Us Ka Pichha Chor Ne Ka Naam Hi Nahi De Rahi Thi Itni Choti Umer Me Sadi Ho Gai Aur Sadi Ke 1,2 Mahi Ne Ke Baad Rupa Ke Pati Aur Sasu Maa Ki Mot Aur Abhi Sasur And Rupa Ke Bache Ki Moth Rupa Ne Ek Fisla Liya Aur Vo Gaav Ke Ghar Ke Bech Ke Sab Chor Chaar Ke Us Gaav Se Bohod Dur Ek Himalay Parvat Ke Niche Ke Bhag Me Ek Chote Se Gaav Me Rehe Ne Ke Liye Chale Gaye Rupa .. Rupa Ager Chah Ti To Vo Apne Mama Ke Ghar Jaa Sakti Hai Lekin Rupa Ne Socha Mama Pehe Le Hi Meri Vaja Se Bohod Dukh Jel Chu Ke Hai


Bas Ab Aur Nahi Aur Vo Dus Re Gaam Me Posch Gai Apne Pati Ke Gaav Ke Ghar Ko Bech Diya Tha Us Se Kafi Peyse Mile The Us Payso Se Us Ne Neye Gaav Me Ek Kutiya ( Jupda ) Tha Jo Kahi Salo Se Bhand Pada Tha Aur Viran Tha Kiyo Sab Maan Te The Ki Vo Chupde Me Bhoot Preat Ka Vaas Hai Aur Vo Chupda Sunsal Ila Ko Me Tha Us Jupda Ka Koi Malik Na Tha Aur Rupa Ne Bhagavan Pe Bharosa Rakh Ke Us Chup De Me Rehe Ne Lagi Thi Aur Paas Hi Ke Kuchh Bade Zamin Daar The Jin Ke Ghar Chadu Pocha Laga Ne Jaati Thi Chubha 10:00 Am Se 11:00am Tak Aur Pura Din Vo Chupde Me Hi Rehe Ti Thi.


Gaav Me Aaye Hu Ye Us Ko 3 Month Gujar Gaye The Ab Vo 15 Saal Ki Ho Gai Thi Lekin Us Ka Bacha Mara Huva Peyda Huva Is Vaja Se Us Boobs Me Kafi Doodh Aata Tha Aur Us Ko Kafi Darad Bhi Hota Ta Kiyo Ki Us Ka Bacha Nahi Tha Is Lie Dos To Jab Koi Bhi Aurat Apne Sine Ka Doodh Apne Bache Ko Na Pila Ye To Us Ke Sine Me Bohod Hi Jiya Darad Hone Laga Ta Tha Thi Vise Hi Darad Rupa Ko Bhi Ho Raha Tha Is Liye Rupa Ko Aksar Apne Boobs Daba Daba Ke Sara Doodh Nikal Na Pad Ta Tha Is Vaza Se Us Ke Boob Ke Bol Me Bohod Darad Ho Ta Tha Aur A Us Ke Boob Pehe Le Se Kuchh Jiyada Bade Ho Gaye The Rupa


White Sari-( સફેદ સાડી ) , White Petticoat-( ઘાઘરો,ચણિયો) White Blouse-(પોલકું) Pehn Ti Thi Or Bra And Penti Nahi Penti Thi Kiyo Vo Gaav Ki Ladki Thi Gaav Me Hi Pali Bali Thi Vo Bhagava Ko Bohod Hi Maan Ti Thi Is Liye Vo Gaav Ke Ek Mandi Tha Vise To Bohod Sare Mandir The Lekin Vo Mandir Me Bhagva Siv Ki Puri Family Ke Murti Thi Aur Paas Hi Me Kaam Dev Aur Unki Patni Ke Bhi Mur Ti Thi Vaha Pe Ek Hi Pujari Tha Aur Vo Mandir Ke Pooja Kar Ne Ke Sath Sab Ke Bhavisy Dekh Ta Tha Us Ke Paas Kuch Sakti Ya Tha Jis Se Vo Bhavisy Me Hone Vali Ghatna Ya Bhoot Kaal Me Hone Vali Ghatna Ko Dekh Sak Ta Hai

Ek Din Ki Baat Thi Rup Subh To Kaam Pe Chali Jaa Ti Thi Lekin Saam Ko Matalab Ke 12:00pm Ke Baad Vo Free Ho Ti Hai Kal Subha Tak To Vo Soch Rahi Thi Ke Vo Doper Me Mandir Jaaya Kare Is Liye Vo Mandir Gai Vaha Bhagavan Siv Aur Un Ke Saha Parivaar Ke Darsan Kiye Aur Mandi Ke Piche Le Vale Bhag Me Bhi Mandir Tha Kaamdev Ka Dos To Aap Sab Ko To Pata Hu Hai Ke Kaam Dev Prem Ke Dev Ta Hai Sex Bhi Vahi Hai OE RUPA Jab Darasn Kar Ne Jaa Rahi Thi Kaam Dev Ke Aur Unki Patni Ke To Us Ke Mandi Ke Paas Vale His Se Me Dekha Ki Vaha Pe Kuch Chote Chote Kaamdev Ke Chitra Bane Huye The Jis Me Vo Ek Aurat Ke Sath Sex Kar Rahe The Ye Dekh Ke Rupa Ka Face Lal Ho Gay Aur Vo Vaha Se Jaldi Hi Bahar Aa Gai

Jab Vo Bahar Aai To Gaav Ki Kuchh Aur Te Pandi Je Ke Paas Aake Bethi Thi Aur Apna Apna Bhavis Ye Puch Rahi Thi Tabhi Rupa Ne Gaav Ki Ek Aurat Se Pucha Behn Ye Sab Aur Te Kiya Kar Rahi Hai Dus Ri Aurat Ne Rupa Se Kaha Ki Behen Ye Gaav Ke Bade Vidhvan Pandit Hai Ye Mandi Ke Pujari Bhi Hi Aur Inke Paas Kahi Aalokit Saktiya Bhi Hai Ye Logo Ke Bhvisye Bhi Dekh Sak Te Hai Aur Bhootkal Bhi Dekh Sak Te Hai Itna Hi Nahi Ye Ham Hare Aas Paa Ke Jo Akal Mot Hui Ho Or Aatma Ban Ke Bhatak Rahe He Vo Un Ko Bhi Dekh Sak Te Hai

Ye Sab Sun Ke Dekh Ke Rupa Ke Man Me Bhi Icha Jag Gi Ke Vo Apne Bad Kis Mati Ke Baa Re Me Pujari Ji Se Puchhe Aur Is Ka Ilaz Bhi Puch Le Taki Ab Us Ki Bad Kismati Us Ka Sath Chor De Us Ne Pujari Ji Ko Dekha Vo Ek Hate Kate Marad The Un Ki Umer Karib 60 Saal Se Bhi Jiyda Hogi Vo Kafi Had Tak Budhe Ho Gaye The Yaha Tak Ki Un Ke Jati Ke Aur Sar Aur Dadhi Ke Baal Bhi Safed Ho Gaye The Lekin Rupa Ne Socha Ki Me Abhi Pujari Ji Se Apni Bare Me Kise Puchi Yaha Itni Sari Aur Te Beti Hai Kahi Sab Ko Pata Chal Gaya Ki Me Jaha Jati Hu Vaha Sirf Barbadi Hi Hoti Hai Ye Soch Ke Vo Ruk Gai Aur Sari Aur To Ke Jaa Ne Ke Baad Jab 1:00 Pm Huva To Pujari Ji Apne Ghar Gaye Un Ka Ghar Mandir Se Bas 20 Kadam Duri Pe Hi Tha Rupa Piche Piche Chali Gai.


Jab Pujari Ji Ne Apne Ghar Poch Ke Ghar Ke Tala Kho Ke Under Jane Lage To Me Ne Piche Se Aavaz Lagi Ke Ruk Jaa Ye Pujari Ji Aur Vo Ruk Gaye Aur Vo Rupa Ko Dekh Heran Ho Gaye Kiyo Ki Rupa Bohod Hi Sunder Thi Aur Abhi Bhi 15 Saal Ki Ek Vidhva Ladki Thi Pujari Ji Ne Kaha Kiya Baat Hai Beta Bolo Me Ne Kaha Ki Pujari Ji Muje Ap Se Apne Baare Me Kuchh Puch Na Hai Matalab Me Apna Bavisy Jaan Na Chah Ti Hu Lekin Sab Ke Sam Ne Nahi To Kiya Pujari Ji Aap Mer Chupde Me Aa Ye Ge Mera Bhavisy Dekh Ne Ke Liye Un Ne Kaha Haa Zaru Ye To Mera Kaam Hai Isi Kaam Ke To Me Daksina Leta Hu

Me Kal 2ped Ko 2:00 Pm Ko Aavuga Aur Rupa Vaha Se Chali Gai Aur Rupa Kal Do Ped Ka Intzar Kar Ne Lagi Vo Kuch Thi Ke Ab Se Us Ki Buri Kismat Se Us Ka Pichha Zaru Chut Jaa Ye Ga Lekin Rupa Ko Kiya Pata Tha Ki Us Ki Buri Kismat Us Ka Pichha Chor Ne Ko Tayar Hi Nahi Thi Aur Jis Hi 2:00 Pm Hu Ye Pujari Ji Chupde Me Aaye Aur Vo Chupde Ko Ghur Ghur Ke Dekh Ne Lage Rupa Ne Kaha Ki Kiya Huva Pujari Ji Un No Kuchh Nahi Aur Vo Ek Kambal Jo Jamin Pe Rakha Huva Tha Vaha Jaa Ke Beth Gaye Aur Kuchh Agar Bati Ya Jalai Aur Ek Kitab Nikali Sayad Vo Koi Dharmin Kitab Thi

Ab Rupa Ko Pujari Ji Ne Apne Paas Bulaya Aur Kaha Beti Idhar Aavo Mere Thik Saam Ne Beth Jaa O Ab Tum Muje Apna Right Hend Do Taki Me Tum Hare Hatho Ki Rekha Dekh Ke Tum Hara Bhavisya Dekh Saku Lekin Jise Hi Rupa Ne Apna Hath Pujari Ji Ke Hath Me Diya Vo Hath Ko Sehe La Ne Laga Aur Bohol Beta Tum Hare Hath Bohod Komal Hai Aur Vo Bhavisy Dekh Ne Laga Tabhi Pandit Ke Dimag Me Ek Tarkip Aai Ke Ye Gaav Me Nai Nai Aai Hai Aur Ye Vidhva Hai Aur Is Ki Umar Bhi Abhi Bohod Kam Hai Kiyo Na Is Ko Me Bevakup Bana Ke Apni Pyaas Is Se Bujva Du

Aur Pandit Ne Ne Rupa Ke Bhavisy Me Nahi Aur Us Ne Us Ke Paas Yani Ke Bhoot Kaal Me Jaa Ke Dekh To Us Ko Sab Malum Ho Gaya Ki Kise Us Ke Sasur Ne Sarab Ke Nase Me Us Ka Balatkar Kiya Aur Rupa Ke Bacha Bhi Mar Gaya Aur Pati And Sasu Maa Bhi Hadse Me Moth Ho Gai Hai Vo Sab Samaj Gaya Aur Us Ne Aakho Kholi Aur Rupa Se Kaha Beti Ghor Sankat Hai Gjor Sankat Hai Aur Pujari Vaha Se Uth Ke Jane Laga Tabhi Rupa Ne Pujari Ke Ped Pakad Liye Aur Boli Pujari Ji Aap Itne Parisan Kiyo Ho Gaye Hai Aur Aap Ne Ae Sa Kiyo Kaha Ki Ghor Sankat Muje Bata Ye

Aur Pujari Ne Rupa Se Ye Juth Kaha Ki Jab Tum Hare Pet Me Tum Hara Bacha Tha Tab Tum Hare Sasur Ne Tum Hare Sath Zabardas Ti Ki Thi Aur Tum Ne Un Ke Sir Pe Gamla Maar Ke Maardala Tha Tab Rupa Chok Gai Pujari Ji Ye Aap Ko Kise Pata Chala Lekin Mene Jaan Buch Ke Nahi Mara Tha Pujari Ji Bata Me Jaan Ta Hu Tum Ne Jaan Buj Ke Nahi Mara Tha Aur Tum Hare Jo Pet Me Bacha Tha Vo Bhi Tum Hare Pati Ka Nahi Tum Hare Sasur Ka Tha Rupa Ne Kaha Ji Pandi Ji Aap Sahi Bol Rahe Hai Mere Sasur Ne Mere Sat Zabar Dasti Ki Thi Pujari Ji Haa Bata Muje Sab Malum Ho Gaya Hai



Ye Sari Baate Sun Ke To Rupa Ne Pujari Ji K Bhagvan Maan Liya Tha Tbhi Pujari Ji Ne Kaha Beta Tum Abi Bhi Ghor Sankat Me Giri Hui Ho Pujari Ne Rupa Se Juth Bola Taki Vo Us Ke Sath Apni Havas Mita Sake Pujari Ne Kaha Ke Beta Tum Hara Sasur Mar Ke Bhi Is Duniya Ko Chhor Ke Nahi Gaya Hai Vo Aaj Bhi Ye Hi Hai Is Vakt Vo Tum Hare Pichhe Khada Hai Vo Aaj Bhi Tumhare Sath Apni Vasna Puri Kar Na Chah Ta Hai Ye Baat Sun Ke Rupa Thar Thar Kaap Ne Lagi

Rupa:

Pandi Ji Koi Rasta Bata Ye Muje Is Musi Bat Se Nikal Ne Ka

Pujari Ji:

Beta Raasta To Hai Lekin Bohod Mus Kil Hai Tum Nahi Chal Paavo Gi Us Raste Pe


Rupa:


Pujari Ji Aap Jo Bole Me Vo Kar Ne Ke Liye Tayar Hu Lekin Muje Is Musibat Se Bahar Nikale


Pujari Ji:


Thik Hai Beta Dekh Beta Tum Hara Sasur Ek Vasna Ka Bhukhi Aatma Ban Gayi Hai Vo Sir Tum Hare Sath Hi Sambhog Kar Na Chah Ti Hai Is Liye Vo Raat Me Tum Hare Sath Hota Hai Ye Baat Tum Ko Pata Nahi Hai Kiyo Ki Vo Tum Ko Geheri Need Me Dal Deta Hai Fir Tum Hare Sath Sex Ki Vasna Meeta Ta Hai


Rupa:


Dar Ke Maare Aur Vo Ghabh Rane Lagi Aur Puchha Koi Marg Bata Ye Pujari Ji


Pujari Ji:


Ek Marg Hai Mager Tum Muje Galat Mat Samj Na Dekha Beta Vo Tum Hara Sasur Mar Ne Ke Baad Bhi Us Ke Aatma Tum Se Judi Hui Hai Tum Do No Ke Bich Me Ke Dos Si Bandh Gai Hai Sab Se Pehe Le Ham Me Ye Dor Tor Ni Ho Gi Is Ka Sirf Ek Hi Ilaz Hai Kaamdev Kiyo Ki Vaasna Sex Love Is Ke Dev Vahi Hai Kaamdev Is Liye Ham Me Kaam Dev Ki Pooja Kar Ni Pade Gi Vo Bhi Aaj Raat Se Hi Suru Kar Ni Pade Gi Aur Ye Pooja Sirf Raat Me Hi Hosak Ti Hai


Rupa:


Ji Pujari Ji Aap Jisa Thik Sam Je


Pujari Ji:


Aur Is Ki Sari Samgri Me Hi Leke Aavu Ga Raat Ke 12 Bage Lekin Beta Ek Baat Ka Khayal Rahe Ye Pooja Karib 10 Din Ki Hai Aur Ye Pooja Ham Bich Me Nahi Chhod Sak Te Hai Ho Sakta Hai Ki Tum Hara Sasur Ki Aatma Tum Hare Man Ko Bhatkane Ki Kosis Kare



Rupa:


Ji Pujari Ji Me Samaj Gai Aap Ki Baat Me Tayar Hu


Pujari Ji:


Thik Hai Beta Ab Me Raat Ko Hi Aavu Ga



Jise Hi Raaat Hui Aur 12 Bage Pujari Ji Ek Dhoti Pehen Ke Aur Uper Kuchh Bhi Nahi Sirf Ekdupate Ke Jise Jis Me Shri Ram Likha Tha Aur Vo Kisri-( Orange ) Color Ke The Aur Ek Safed Rang Ke Kapde Me Pooja Kaa Saman Tha Pooja Jupda Me Hi Kar Ni Thi Ab Pujari Ji Ne Muje Char Dhag Di Ye Jo Muje Apne Jupda Ke Char Disa Me Bahar Se Bhandh Ne The Aur Jupda Me Aake Darvaja Bandh Kar Dena Tha

Ab Pujari Ji Ne Ek Chota Se Yagn Kudal Laa Ye Te Jis Me Un No Ne Kuchh Lakdiya Daal Ke Yagn Ke Liye Aag Jalai Aur Muje Kaha Ki Bata Tum Ab Ye Vastra Nikal Ke Sirf Jo Pujari Ji Ne Muje Diye The Do Whit-Sfed Rang Ke Do Tukde Kapad Ke Diye Aur Kaha Ki Ame Us Ko Apne Boobs Ke Uper Lapet Du Aur Dusra Tukda Me Apne Puss Pe Laped Du Aur Yaha Aake Yagn Me Bet Jaavu Ye Sun Ke Rupa Chok Padi Tab Pujari Ne Kaha Ke Bata Ham Me Ye Tum Hare Aur Tum Sasur Ke Bich Me Dor Tod Ne Ke Liye Ye Sab Kar Na Pade Ga Aur Ham Me Kaamdev Ko Bhi Prasant Kar Na Hai

Aur Rupa Vise Hi Kapde Ko Laped Ke Aagey Ab Rupa Ki Gori Gori Tange Aur Pet Aur Gardan Ke Bhag Pujari Ke Sam Ne Pade The Pujari Ki Aakho Me To Ek Chamak Si Aagai Thi Vo Ghor Ghor Ke Dekh Nelaga Baad Me Us Ne Kaha Ki Ab Beta Muje Bhi Tu Hare Jse Apne Puss Pe Ye Hi Kapde Lipat Ke Aana Ho Ga Tabhi Pooja Thik Se Sapan Ho Gi Aur Beta Tum Mat Daro Me Ne Ne Jo Tum Ko Char Dhage Diye The Jupde Ke Char Bahar Ke Bhaag Me Baad Ne Ko Us Tum Hare Sasur Ki Aatma Under Nahi Aa Sake Gi



Ye Sun Ke Rupa Thoda Dar Kam Ho Gaya Tha Ab Pandit Ji Ne Ek Pustak Nikali Aur Muje Kaha Ki Beti Ab Tum Mera Paas Aake Betho Thik Mera Paas Muje Tum Ko Kuchh Bata Na Hai Aur Ye Puchtak Dikha Ni Hai Rupa Paas Aagai Aur Boli Ji Pujari Ji Boli Ye Dekho Beta Ham Me Tum Aur Tum Hare Sasur Ke Bich Ki Dor Tod Ne Ke Liye Ye Yagn Kar Rahe Hair Ham Me Kaamdeb Ko Prsan Kar Na Hai Ye Yagna 10 Din Tak Kar Na Hoga Har Raat Rupa Na Kaha Ji Pujari Ji To Beta Ham Me Kaamdev Ko Prasant Kar Na Hai Tum Me Pata To Hoga Ki Is Sansaar Me Kaamdev Hi Ae Se Devta Hai Jo Love Sex Ke Devta Hai Rupa Ji Pandi Ji To Beta Aaj Me Tum Ko Ye Pustak Dekha Ne Jaa Raha Hu Is Me Kuchh Aasan Hai Vo Her Ek Aasan Tum Me Kar Na Hoga Bina Kapdo Ke Ye Sun Ke Rupa Chok Gai Aur Vo Mana Kar Ne Lagi Tabhi Pujari Ji Ne Kaha Ki Thik To Tum Nahi Karo Gi Tum Tum Hare Sasur Hamisa Tum Hare Sath Hi Rahe Ge Aur Tum Ko Kabhi Nahi Chore Ge


Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape Ye Sun Ke Rupa Dar Gai Aur Dar Ke Maa Re Haa Kar Di Beta Tum Ko Ye Aasan Ake Le Nahi Kar Na Hai Ek Sidh Purus Ke Sath Kar Na Hai Yanai Ki Koi Pujari Ya Pandit Matal Mere Sath Kiyi Ki Me Pandit Bhi Hu Aur Mandir Ki Pooja Kar Ta Hu Is Liye Pujari Bhi Hu Ye Har Aasan Ham Ko 10 Minit Tak Kar Na Hai Aur Rupa Ne Kaha Ki Thik Hai To Beta Me Tum Ko Ye Aasan Ab Bata Ne Ja Raha Hu Ye Hai Is Kitab Ka Pehela Aasan 1 Is Aasan Me Aurat And Purus Ko Naga Ho Ja Na Tha Aur Pujari Ji And Rupa Nage Ho Gaye Rupa Sarma Rahi Thi Tabhi Pandit Ne Kaha Beta Ye Sab Ham Tum Hare Achhe Ke Hi Liye Kar Rahe Is Liye Laza Ko Tiyag Do Aur Jise Hi Kitab Ke Pehela Aasan Dikha Ya Is Aasan Me Marad Zame Pe Niche Beth Jata Hai Aur Aurat Us Ki God Me Aajati Hai Lekin Pujari Ji Ne Zamin Pe Beth To Gaye Lekin Un No Ne Apni Puss Se Vo Kapda Nahi Hatha Ya Aur Muje Apni God Me Aane Ko Kaha Mene Kitab Ke Mutabik Apne Sare Kapde Utar Ke Pujari Baba Ke God Me Is Phote Ke Jise Betha Gai Tabhi Pujari Ji Ne Bethe Beth Hi Apne Puss Se Vo Kapda Khich Ke Nikal Diya Sayad Vo Apna Land Rupa Ko Dikha Na Nahi Chahte Ho Ge Kiyo Ki Vo Rupa Dar Na Jaa Ye Pujari Ke Land Soya Huva Tha Lekin Is Avasta Me Bhi Un Ka Land 10 Inch Ka Tha Aur Moth Sirf 1 Inch Ka Tha Hala Ke Rupa Ki Choidi Ko Kafi Waqt Gujar Gaya Tha Is Liye Us Ke Chut Fir Tight Ho Gai Thi Aur Pujari Jaan Ta Tha Ki Ager Abhi Land Khada Karu Ga To Rupa Kis Chut Me Nahi Gus Paya Ge Kiyo Ki Pujari Ke Land Khada Ho Jane Ke Baad 2 Inch Moth Aur 12 Inch Lamba Tha


Is Liye Pujari Ne Apne Land Soya Avsta Me Hi Apne Hath Se Pakad Ke Rupa Ki Chut Ke Ched Me Poari Ke Land Ka Supra Ha Hapne Hath Se Daba Dab Ke Dalta Chala Gaya Land Soya Huva Tha Is Liye Vo Kafi Dhila Aur Naram Tha Aur Bohod Garam Bhi Tha Rupa Ko Achha Lag Raha Tha Jise Us Chut Me Kisi Ne Apni Jaban Daal Li Ho Vo Garam Ho Gai Thi Lekin Pujari Dhirie Dhire Apna Land 9 Inch Tak Daal Liya Aur Fir Kamar Se Ek Aur Jat Ka Jis Se Puara Under Chala Gaya Tha Ab Jise Ki Her Aasan Kitab Ke Anusar 10 Minit Tak Vise Hi Rehe Na Hai To Pujari Aur Rupa Aise Hi Chupak Rahe Tabhi Rupa Zar Ne Lagi Aur Us Ke Cut Se Kafi Sar Chip Chipa Ras Nikal Ne Laga Lekin Land Chut Ke Under Hone Ke Vaja Se Ras Chut Me Hi Land Ke Muh Me Gir Raha Tha Aur Land Hi Vo Sara Ras Piye Ja Raha Tha Thodi Der Me 2 Minit Huye Aur Ras Sar Land Ke 4 Aur Fel Gaya Aur Land Chikna Ho Gaya Aur Vo Tight Hota Gaya Aur Vo Apne Realy Size Me Aagaya Aur Chut Far Di Khoon Nikal Ne Laga Rupa Jat Pata Ne Lagi Aur


Pujari Se Alag Hone Ki Kosi Kar Ne Lagi Lekin Vo Jitna Hilti Us Ko Utna Hi Teg Dard Hota Hai Tabhi Pujari Ne Kaha Beta Saant Raho Ye Abhi Tum Hara Darad Santh Ho Jaaye Ga Aur Fir Pujari Ji Ki Baat Maan Te Huye Vo Hilna Dulna Bandh Kardiya Rupa Ne 6 Minit Ke Baad Darad Kam Gaya Tha Us Ke Baad Pujari Apne Kamar Ko Dhake De Ke Land Under Bahar Kar Raha Tha Aur 2 Minit Ho Gaye


Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape


Ab Asan No : 2 Us Rupa Ko Apni Dono Tange Khol Ke Bethna Tha Aur Pujari Ji Ko Apni 2 No Tango Ko Rupa Ke 2 No Tango Ke Bich Ma Se Rupa Ki Kamar Ke Bhag Se Apni Aur Dabana Ahai Jise Hi Poari Aur Rupa Ae Se Asan Me Aagaye Tabhi Pujari Ne Apne Tango Se Rupa Ko Apni Aur Kas Liya Jis Se Pujari Ka 12 Inch Lamba Aur 2 Inch Motha Land Under Chala Gaya Ab Pujari Land Ko Under Bahar Kar Rahe The Aur Rupa Ke Muhu Se Aaahhhaa Hhhammmaaa.. Eeeuuuaa.. Aaaahhhhaaaa.. Ki Avaz Aane Lagi Pujari Samaj Gaya Ki Ab Rupa Ko Achha Lagne Laga Hai Ke Tabhi Rupa Fir Ek Baar Zar Gai Aur Sara Garam Garam Chip Chipa Pani Pujari Ke Land Pe Gira Aur Pujari Ka Land Us Ras Me Naha Ne Laga Is Dusre Aasan Me Bhi 2 Minit Gujar Chuke The Aur Rupa 2 Baar Jad Chuki Thi Is Liye Chut Kafi Gili Aur Chikni Ho Gai Thi Aur Ab Pujari Bhi Dhake Teg Teg Maar Ne Laga Tha Pujari Ki Sase Ful Gai Thi Us Ke Har Ek Dhake Me Me Puri Hil Jati Thi Lekin Vo Dhake Speed Me Maar Ta Raha Aur 4 Minit Guzar Gaye Total 2 Asan Me Ab Tak 6 Minit Ho Chuke The Fir Pozari Ne Kaha Ki Me Ab Zar Ne Vala Hu To Rupa Na Kaha To Fir Aap Muje Se Alag Ho Jaaye Nahi To Aap Meri Chut Me Hi Gira Dege Aap Ka Viriya Nahi Beta Kitaab Ke Anusar Ye Jo Mere Ling Se Yani Ke Land Se Jo Viriya Nikle Ga Na Vo Hamari Aaj Ki Puja Ka Prsad Hai Is Ko Tum Hi Ko Lena Ho Ga Aur Pujari Teg Teg Dhake Maar Maar Ke Apna Viriya Rupa Ke Chut Me Hi Gira Diya Ab Karib Vo4 Minit Ae Se Hi Raha Us Ke Baad Vo Alag Ho Gaye Aur Pujari Ne Haha Baki Ke Aasan Aur Poja Kal Kare Ge


Abhi Ham Me Jana Hoga Ham Kal Raat Ko Fir Aaye Ge 12 Bage Pujari Chale Gaye Aur Rupa Ne Darvaza Bandh Kar Ke Sone Lagi Lekin Aaj Us Ko Nid Nahi Aarahi Thi Vo Is Sex Ki Ghatna Se Bohod Utejeet Ho Gai Thi Aur Udhar Pujari Bhi Raat Me So Nahi Paraha Tha Us Se To Bas Rupa Ki Chut Hi Nazar Aa Rahi Thi Kiya Mast Chut Thi Ae Si Chut Thi Ke Maa No Kis 15 Sal Ki Bachi Ki Nahi Bal Ke 6 Saal Ki Choti Bachi Ki Chut Ho Aur Pujari To Us Yaad Kar Raha Tha Tabhi Pujari Ka Land Khad Ho Gaya Aur Pujari Ne Rupa Ko Yaad Kar Te Huye Us Pal Ko Jab Rupa Ne Aur Pujari Ne Asan No 1,2 Kiya Tha Pujari Muth Maar Ke So Gaya


Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape


Pujari Ab Kuvara Hi Tha Is Liye Us Ne Aaj Tak Kisi Bhi Aurat Ko Nahi Choda Tha Lekin Yaha To Us Ke Hath Ek Vidhva Ladki Hath Me Aa Gai Thi Jis Ki Umer Sirf 15 Saal Hi Thi Subha Ho Gai Aur Dhire Dhire Raat Hone Lagi Jise Hi Ghari Me 12 Bage Pujari Rupa Ke Jupde Ke Darvaza Thap Thapaya Aur Rupa Darvaja Khol Diya Aur Pujari Pooja Ki Tayari Me Lag Gaya Aur Yangna Jala Liya Aur Rupa Ko Bola Beta Apne Sare Kapde Utar Do Aur Rupa And Pujari Dono Ne Apne Sare Kapde Utaar Diye


Aaj Rupa Beta Ham Asan No : 3 Kare Ge Is Aasan Me Me Jamin Pe Let Jaavu Ga Aur Tum Mere Puss Ke Jo Bhag Hai Us Pe Beth Jana Aur Rupa Ne Ae Se Hi Kiya Jise Hi Pujari Letgaya Rupa Is Ke Puss Ke Bhag Pe Bet Ne Jaa Rhi Thi Tabhi Rupa Is Tarah Se Bethi Ki Us Ka Land Ko Pichhe Kar Diya Aur Beth Gai Jis Se Land Chut Me Nahi Gaya Tab Pujari Bolo Beta Tum Ko Is Land Ke Uper Hi Beth Na Hai Us Ko Apni Cut Ke Ched Pe Rakha Aur Apne Sare Vajan Sahi Is Ke Upar Beth Jaa O Jise He Rupa Bethi To Us Vaja Se Vo Kand Pe Beth Gai Lekin Pujari Ka Land Chud Me Chirata Huva Geherai O Me Poch Gaya Aur


Pujari Ke Muh Se Aaahhhha Nikal Padi Ab Pujari Ne Kaha Kitab Ke Anusar Tum Ko Apni Kamar Ko Uper Niche Kar Na Hai To Thik Vise Hi Kar Na Aur Rupa Ae Se Hi Pujari Ke Land Pe Apni Kamar Ko Uper Niche Kar Ti Rahi 10 Minit Ak Ab Us Ko Bhi Maza Aane Laga Tha Tabhi Vo Zad Gai Aur Pujari Ka Land Bhig Gaya Rupa Ke Chut Ke Ras Me Hi


Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape


Ab Beta Ham 4 Asan Kare Asan No : 4 Is Asan Me Me To Uuuhiii Leta Rahu Ga Aur Tum Mere Puss Pe Apne Puss Ko Rakh Ke Ulti Leti Raho Gi Thik Hai Pujari Ji Aur Rupa Thik Vise Hi Pujari Ke Puss Pe Apni Puss Rakh Ke Let Gai Pujari Ka Land Fir Chirta Huva Rupa Ki Chud Me Guss Gaya Aur Ab Pujari Aur Rupa Do No Hi Apni Apni Kamar Ko Hika Te Jaa Rahi The Kuchh Der Ke Baad Un Dono Ne Teji Se Apni Apni Kamr Ko Upre Niche Kiye Jaa Rahi Bohod Teg Jat Ke Maar Rahi Thi Tabhi Rupa Fir Ek Baar Jad Gai Aurapn Sara Chip Chipa Ras Pujari Ke Land Pe Hi Gira Diya Itna Chipa Chipa Ras Gira Tha Us Ki Vaja Se Pujari Apna Land To Ae Se Chut Me Under Bahar Kiya Jaa Raha Tha Jise Ham Kisi Churi Se Makhan Khat Te Hai Karib 10 Minit Hone Hi Aaye The Aur Pujari Bhi Zad Gauya Aur Kuchh Der Ae Se Hi Aasan Me Rahe Rupa Aur Pujari Ji Fir Aalag Ho Gaye Aur Pujari Chale Gaye Ab 3 Din Huva Aur Raat Ko Fir Se Pujari Aagaya Aur Us Ne Jaldi Jaldi Sari Tyari Kar Li Aur Rupa Bhi Kapde Nikal Ke Hi Aa Gai Pujari Ke Bolne Se Pehe Le Hi Aur Pujari Ne Aaj Rupa Ke Naam Ke Na Aage Naa Peche Beta Sabd Lagaya Sirf Rupa Hi Bol Raha Tha Rupa Aaj Ham Kare Ge Asan No : 5


Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape Is Aasan Me Tum Ek Kutiya Ban Jana Hai Aur Me Tum Hare Piche Se Tum Hare Uper Aavuga Aur Rupa Ne Kaha Thik Hai Pujari Ji Aur Rupa Apne Khati Ke Paas Aake Apne Khataya Pe Apne Chati K Bhag Rakh Diya Aur Pujari Ne Turant Hi Rupa Ke Pichhe Aagai Ya Aur Apna Land Sirf Ek Hi Hal Ke Se Jat Ke Me Rupa Ki Chud Me Daal Diya Pujari Ka Land Ab Rupa Ko Nage Dekh Ta Hai To Khada Ho Jata Hai Is Liye Pujari Ka Land Khada Hi Tha Ab Pjari Ne Apna Sara Bhai Rupa Ke Sari Pe De Raha Tha Aur Piche Se Dhake Maar Raha Tha Taki Land Under Bahar Ho Rupa Ne To Aakh Bandh Hi Kar Li Thi Aur Muh Se Aaahhhhhaaa… Hhhhhmmmmmaa Aaaaaahhhhh,,, Hhhhaaaa Aaaaahhhhha Maaa Zzaaa Aaa Gaaayyyyaaaa Hhhhhmmmaa Ae Aur Pujari Piche Apne Land Se Rupa Ki Chut Masak Raha Tha Aur Uper Se Pujari Rupa Ke Sare Badan Ko Nichor Raha Tha Vo Rupa Ki Bhith Ko Chum Raha Tha Pagalo Ke Jise Aur Chat Raha Tha Aur Kuchh Hi Der Me 10 Minit Ho Gaye Aur Pujari Hat Gaya Aur Bola Rupa Ab Asan No : 6


Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape


Is Aasan Me Rupa Ko Kutiya Hi Ban Ke Rehe Na Hai Aur Pichhe Se Pujari Us Se Chipak Gaya Aur Pujari 12 Inch Lamba Aur 2 Inch Moth Land Rupa Ki Chut Me Gus Gaya Aur Ab Pujari Dhak To Maar Raha Hai Sathi Sath Rupa Ke Boobs Ko Bhi Daba Raha Hai Jis Se Rupa Fir Se Kahra Ne Lagi Aaaahhhhhaaa Eeeuuummmmmaaa Maaaar Gaaaaaiiii Lekin Budha Pujari Us Ke Boobs Ko Dabata Hi Raha Aur Rupa Ke Nipul Se Doodh Nikal Ne Laga Kiyo Ki Us Bacha Us Ki Kok Me Hi Mar Gaya Tha Aur Us Baat Ko Abhi 3 Month Huye The Is Liye Doodh Nikal Jaa Raha Tha Kafi Sara Doodh Zamin Pe Gira Aur Rupa Fir Ek Baar Zad Gai Aur Is Baar Pujari Bhi Sath Me Hi Us Ki Chud Me Apna Viriya Daal Diya Jo Rupa Ke Liye Parsad Tha Kaamdev Ka Aur Pujari Fir Chala Gaya Uu Hi Din Gujar Te Gaye Ab Sirf 2 Din Baki The Aaj 9 Ma Deen Tha Aur Raat Ho Gai Aaj Pujari Aaya Aur Us Ne Kaha Ki Ab Hamari Pooja Param Sima Pe Pohch Gai Hai Is Ka Fal Tum Me Zaru Mile Ga


Rupa Ab Ham Kare Ge Asan No : 7,8

Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rapisasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape


Is Aasan Me Pehe Libaar Tum Let Jana Zamin Pe Aur Apni Tange Khol Dena Us Ke Baad Me Apni Tango Ko Khole Huye Hi Tum Hare Youni ( Chut ) Ke Paas Apna Land Le Ke Us Me Gusaa Duga Aur Fir Apni Kamar Upare Niche Karu Ga Dus Re Asan Me Tum Beth Na Aur Me Letu Ga Pehe 7 Aasan Kiya 10 Minit Ke Baad Rupa Zad Gau Asan No 8 Me Fir 10 Mint Ke Baad Rupa Zad Gai Aur Us Vaja Se Chut Gili Aur Chikni Ho Gai Thi Ab Pujari Ne Kaha Ni Ab Ham Asna No 9 Kare Ge

Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape

Ye Aasan Rupa Ham Me 2 Baar Kar Na Hai Aur Vo Bhi 15 Minit Ke Liye Is Liye Aaj Raat Me Ye Hi Ruku Ga Aur Ab Pujari Rupa Ko Ek Khatiya Pe Le Gaya Aur Us Ko Leta Diya Aur Us Ki Chut Me Apna Land Gus Diya Aur Us Ko Uoper Niche Kar Ne Laga Aur Sath Sath Rupa Ke Kamzad Boobs Ko Chus Chus Ke Us Ka Sara Doodh Nikal Ke Pine Laga Aur Rupa Sirf Karra Rahi Tha Aaaahhha Uuuummmaa Maaa Rr Gaaa Iiiii Kiyo Ki Pujari Budh Bich Bich Me Rupa Ke Nipuls Ko Kaate Jaa Raha Tha Ab Tak Chuda Ne Me Kafi Time Guzar Gaya Tha 30 Minit Se Bhi Jiyada Lekin Fir Bhi Pujari Rupa Ko Chod Raha Tha Aur 10 Mint Jam Ke Chod Ne Ke Baad Vo Apne Dhake Tej Kar Ne Laga Aur Vo Jad Gaya Hamisa Ke Jise Hi Us Ne Apna Viriya Rupa Ki Chut Me Hi Gira Diya Aur Us Pe Nidhal Ho Ke Rupa Ke Uper Hi Ket Gaya


Aur Rupa Ke Boobs Ko Chus Ne Laga Us Ka Doodh Pine Laga Karin 13 Minit Tal Doodh Piye Jaa Raha Tha Lekin Rupa Ko Ye Achha Lag Raha Tha Aur Pujari Sathi Sathi Apne Soye Huye Land Jo Abhi Bhi Rupa Ki Chut Me Hi Pada So Raha Tha Vo Apni Kamar Ko Rupa Ke Puss Se Ek Dam Sat Kar Hila Raha Ta Jise Koi Hiroda Ke Petrol Ki Taki Me Hila Ke Dekh Ta Hai Ki Petrol Hai Ki Nahi Ae Se Kar Ne Se Rupa Bhi Hil Rahi Thi Aur Puara Char Paya Ki Khatiya Bhi Hila Rahi Thi Tabhi Rupa Fir Zad Gai Aur Pujari Ke Land Fir Bhig Gaya Aur Fir Vo Land Sakht Ho Gaya Aur Fir Se Pujari Ne Apna Land Hila Na Suru Kar Diya Aur 22 Minit Ke Baad Fir Vo Rupa Ki Chut Me Hi Zad Gaya


Aur Kafi Der Raat Ho Gai Thi Raat Ke 3:30 Am Bage The Aur Fir Pujari Ne Viriya Gira Ke Rupa Pe So Gaya Aur Pata Hi Nahi Chal Kab Do No Ki Aakh Lag Gai Aur Subha Hui To Fir Ek Baar Pujari Ne Rupa Ko Kubh Choda Aur Chupat Chupata Rupa Ke Jupde Se Nikal Gaya Tha Aur Aaj 10 Din Tha Aur Raat Ho Gai 12 Bage Aur Pujari Aagaiya Tha Pujari Ne Kaha Ki Aaj Jo Ham Aasan Kare Ge Vo Aakhri Aasan Hoga Asan No : 10


Sasur Ji Aur Pujari Milkar 14 Saal Ki Bahu Ka Rape


Ye Aasan Ham Me Bed Pe Hi Kar Na Hoga Aur Ye Aasan Lamba Hai Is Liye Is Ko Raat Bhar Kar Na Hai Pujari Ko Pata Tha Ki Aaj Aakhri Raat Hai Aur Vo Ae Sa Chahta Tha Ki Aaj Ki Raat Ko Vo Rupa Ko Itna Chode Ga Itna Chode Ga Ki Us Ki Chut Far Dega Aur Rupa Ko Chod Ne Ki Lat Laga Dega Taki Us Ke Baad Rupa Kud Muj Se Chudva Ne Aaya Kare Rupa Ko Bed Pe Leta Diya Aur Do No Nage Ho Gaye The Aur Ab Sidhe Pujari Uchal Ta Huva Pujari Ne Sidhe Bed Pe Aake Rupa Pe Ek Jor Daar Chhalag Lagai Hai Jis Se Vo Thi Uper Ke Pic Ke Jse Rupa Ke Tango Ke Bich Gir Gaya Aur Land Chut Ke Under Gus Gaya Aur Is Baar Vo Jor Jor Se Dhake La Rahe The Itne Jor Se Ke Bed Se Bhi Avaaz Aane Lagi Ke Abhi Vo Tut Jaa Ye Ga


Lekin Rupa Ko To Maza Aa Raha Tha 1 Ghante Ke Baad Pjari Ne Apne Viriya Rupa Ki Chud Me Daal Diya Aur Us Pe Let Ke Apne Soye Huey Land Ko Chut Ke Under Hi Daal Ke Hila Ne Laga Aur Kuchhi Der Me Vo Fir Se Khada Ho Gaya Is Tarah Us Raat Rupa Ko Us Budhe Pujari Ne 6,7 Bar Choda Aur Subha Utha Or Kaha Rupa Aaj Se Tum Hare Sasur Ki Aatma Ka Aur Tum Se Jo Bich Dhaga Bandh Gaya Tha Aao Vo Tut Gaya Hai Ab Vo Aatma Chali Gai Hai


Aur 3 Month Ho Gaye Lekin Rupa Ne Pujari Ko Fir Nahi Kaha Ki Us Ko Chodo Sayad Rupa Chud Vane Ke Liye Is Liye Tayar Ho Gai Thi Kiyo Ki Vo Dar Gai Hogi Aur Ek Din Rupa Ko Pata Chala Ki Vo Fir Se Maa Ban Ne Vali Hai Us Ne Ye Baat Pujari Ko Bata I Poajri Ne Us Ko Kaha Ke Dekho Me Ne To Sirf Tum Hari Madat Ke Liye Tum Ko Choda Tha Lekin Me Ye Bhi Jaan Ta Hu Ki Ye Bacha Mera Hai Ager Tum Bura Na Maan No To Me Tum Se Sadi Karna Chah Ta Hu Aur Is Bache Ko Baap Ka Naam Dena Chah Ta Hu Aur Rupa Socha Ki Ye Muje Vise Bhi Kahi Baar Chod Chuka To Ab Is Se Hi Sadi Kar Lu Aur Aaj Rupa Ki Sadi Ko 5 Saal Ho Gaye Hai Aur Rupa Ke 3 Bache Huye Hai Jis Me Se 2 Ladke Aur 1 Ladki


Bhabhi Ki Chhoti Bahan Mast Chudwane Lagi

Bhabhi Ki Chhoti Bahan Mast Chudwane Lagi



Garam Hindi Sex Story, Jija Sali Fucking, Mera naam Jatin hai aur main 20 saal ka hoon. Mera rang gora aur height 5’8 hai aur maine body bhi bahot achi bna rakhi hai jiss par bahot si ladkiyan fida hai. Mere lund ka size 7inch hai aur wo mota bhi hai jisse ladkiyan choosna chahti hai. Ab main apni kahani par aata hoon aur apko apni kahani me le chalta hoon. Bhabhi Ki Chhoti Bahan Mast Chudwane Lagi.

Ye kahani pichle saal pehle ki hai jab main B.Tech. 1st year me tha aur mere college ki bahot si ladkiyan mujh par marti thi. Us time mere bhaiya ki shadi bhi thi aur meri bhabhi mere city ki doosri colony me rehte the. To mujhe udhar side coaching ke liye aana padta tha aur unka flat bhi mere raste me aata tha.

Ek din kuch aisa hua ki main jab coaching puri kar ke wapis apne ko ghar ko jane ke chala toh thodi aage jate hi mujhe meri hone wali bhabhi mil gyi aur main bike rok li. Main bhabhi ko namaste ki aur kha – Aayo bhabhi main apko ghar tak chord deta hoon.


Bhabhi ne bhi han kha aur beth gyi kyoki wo time sardiyo ka tha aur thand bhi bahot padti thi. Main unhe ghar chod kar wapis hone lga tabhi bhabhi ne kha andar aaja par maine mna kar diya kyoki sham ke 5 baj gye the aur sardiyo me andhera jaldi hone ki vajah se rush bhi bahot hojata hai. Par bhabhi ne mujhe jaane nhi diya aur andar le hi gyi main bhi unki baat kaat na ska aur andar chala gya.

Main andar aa gya aur sofe par beth gya aur pta chala ki ghar par bhabhi aur unki choti behen Jhanvi hai, aur baki sare ghar wale pados me kisi function par gye hue hai. Tab bhabhi ne mujhse roti khane ko kha par maine mna kar diya aur itne me unki choti behen humare pass aa gyi.

Wah kya kayamat lag rhi thi Jhanvi uski kaatilana najar, uske gulab se bhare gulabi honth aur figure to maano bande ko khada khada hi geela kar de. Wo dikhne me bahot sundar thi aur sexy bhi maine jab usse dekha to dekhta hi reh gya aur lund bhi khada ho gya. Fir hum sab uske room me beth kar baate marne lag gye aur baton baton me pta chala ki usne abi 11th ke exam diye hai aur 12th me admission li hai.

Itne me ghar ki bell baji aur bhabhi ne darwaja khola to dekha ki pados ki aunty unhe bulane aayi hai aur wo unke sath bahar chali gyi. Hum ek dusre sath itna ghul mil gye the ki mano aise lag rha ho ki pichle janam ki bhichde panchi mil gye ho.


Tab mujhe bahot jor ki susu lagi thi aur maine usse washroom ke baare pucha aur washroom chala gya. Jab main washroom se wapis aa rhi thi tab maine dekha ki Jhanvi mere phone me blue film lga kar dekh rhi hai aur apne hatho se apne boobs daba rhi hai.

Main kamre ke bahar se usse dekh rha tha aur khade khade uski chudai ke sapne dekh rha tha aur mera lund bhi bhi dande ki tarah khada ho gya tha. Mujhse ab aur intezar nhi ho rha tha main dheere se andar gya aur usse piche se pakad kar uski frock ke upar se hi uske boobs ko hatho me le liya.

Pehle to wo ghabra gyi par mujhe dekh kar bina kuch kahe mera sath dene lag gyi. Kya kamaal ke the uske boobs main usse dheere dheere masalne lag gya aur khada khada hi uski panty me hath daal kar chut ki jannat ko apni ungalio se mehsus karne lag gya.

Ab maine usse bed par gira diya aur uske upar aa kar uske gulabi hontho ko chusne lag gya. Wo bhi mere hontho ko chus chus kar mere hontho ka sawad le rhi thi. Ab maine apni jeeb uske muh me daal di aur usne meri jeeb ko lolipop ki tarah chusa. Mujhe bahot maja aa rha tha fir maine uske kapde utar diye aur usne mere bhi utar diye. Kyoki humme garmi lagne lag gyi thi.


Ab maine uske nange badan ko niharta aur niharta hi reh gya, kyoki uska nanga badan dekh kar mere muh me paani aa gya tha. Aur maine usse chatna shuru kar diya aur chatte -2 uski garden par dant bhi maar diya. Aur fir uske santre jaise boobs ko pakad kar muh me le liya aur muh me bhar kar chusne lag gya. Iska Jhanvi bhi bahot maja le rhi thi aur maje me lambi lambi siskariya bhar rhi thi.

Ab mujhse aur bardash nhi hua aur maine uski panty utar kar usse nanga kar diya aur apna muh uski choot par le gya. Jaise hi mera muh uski choot par aaya uski choot ki khushbu se mano chehak utha aur chooth ko khol kar chatne lag gya. Uski chikni gulabi choot itni mast thi ki main uski choot ko icecream samjh kar chaati ja rha tha.

Idhar Jhanvi bhi bahot maja le rhi thi aur lambi lambi siskariya bhar rhi thi. Aur ek dam se apni tango ko tight kar mera muh fasa kar apna saara paani mere muh me hi nikal diya jisse main saara chatt se pi gya.

Ab maine uski choot ka paani pi liya tha aur uska paani bahot lajvab tha. Main uski choot ko lagatar chaati ja rha tha aur uske boobs ko hatho me le kar dabayi ja rha tha jisse Jhanvi fir se mera sath dene lag gyi thi.


Ab maine bhi deri kiye apna lund uski choot par ragadana shuru kar diya tha aur jor jor se uski choot par ragadta ja rha tha. Aur idhar uske nipple ko muh me le kar chus rha tha tabhi fir se Jhanvi ki choot ne apna paani mere lund par nikal diya.

Ab maine bhi bina deri kiye uski choot par apna chikna lund set kiya aur ek dhakka mara jisse lund choot me aadha chala gya. Par aadhe jaane se lund ki payas nhi bhuj rhi thi isliye maine ek jor dar jhatka mara jisse lund uski choot me pura chala gya.

Aur idhar Jhanvi ne bahot jor se cheenkh maari maine uske muh par apna hath rakh diya. Ab fir se lund ko bahar nikal kar uski choot me ek rocket ki tarah apna lund chalaya jo ki uski bachedani pe ja kar lga jisse usne fir se cheenkh maari. Aur maine fir se uske muh par apna hath rakh diya aur wo rone lag gyi. “Bhabhi Ki Chhoti Bahan”

Thodi der tak main dheere dheere uski choot marta rha jisse uska dard kam ho gya. Aur maine fir se apne lund ki speed bada kar uski chudai karne lag gya, ab Jhanvi bhi aaaahhhh aaahhhhh aaaahhh jaise awaje nikal rhi thi aur madhoshi me hi chod do chod do boli ja rhi thi.


Maine apna rocket chalu rakha jisse Jhanvi ne apna paani ek baar fir nikal diya. Aur ab maine bhi moke ki najakat ko samjhte hue 10minute baad apna kholta hua laava uski choot me uchaal diya. Ab hum dono thodi der aise hi lete rhe aur fir thodi der baad apne kapde daal kar beth gye aur ek dusre se baaten marne lag gye.

Thodi der baad ghar ki bell baji aur humme lga ki bhabhi aa gyi hai. Jhanvi ke uthne se pehle maine usse long kiss kari aur uske boobs ko jor jor se dabaya aur fir wo darwaja kholne chali gyi aur kha – Didi aayi hai.

Main – Bhabhi aap itni der se kha thi? Bhabhi – Pados me jha function tha main vaha chali gyi thi. Raat ke 9 baj rhe the aur bhabhi ne mujhe vahi rukne ko kha par maine bhabhi se kha – Bhabhi agar nhi gya to ghar wale pareshan ho jayenge aur dant bhi bahot padegi.

Bhabhi – Itni si baat hai toh main phone kar ke keh deti hoon ki Jatin aaj mere yha so jayega. Tab to koi pareshani nhi hogi!! Mere man me laddu foot rhe the aur maine kha – Jaise apko thik lage. Main apne bhaiya ke hone wale sasural me ruka.

Kamina Sasur Ji

Kamina Sasur Ji



Vikas Naam Ka Ek 60 Saal Ka No Javan Tha Us Ki Sadi Ek Bohod Achhi Ladki Ke Sath Hui Thi Ladki Ka Naam Mina Tha Mina Ki Age 50 Saal Ki Thi Vikas Ke Maa Baap Bachpan Me Hi Gujar Gaye The Vikas  Ke 2 Bete Hai Us Ke Baa Re Me Baad Me Bata O Gaa Vikaas Apne Saadi Ke Din Ko Yaad Kar Raha Tha Jab Nai Nai Sadi Hui Thi Vikas Mina Se Bohod Piyaar Kar Ta Tha Vikas Ne Apne Sadi Ke Suhagraat Ko Jab Vikas Room Me Aaya To Mina Ghughat Laga Ke Bethi Thi

Vikas Ne Mina Ka Ghughant Ko Hata Ya Or Mina Ke Uper Tut Pada Pagalo Ke Je Se Mina Ka Blows Ke Baton Tor Diye Mina Ki Sari Bhi Khich Ke Nikal Di Thori Der Me Vikas Ne Mina Ke Sare Kapde Nikal Di Ye Or Khud Bhi Naga Ho Gaya Or Bas Na Daye Dekh Naa Baye Dekha Vikas Sidhe Mina Ke Do No Paav Ko Khol Ke Mina Ke Do No Paav Ke Bich Me Aa Gaya Or Mina Ki Chut Ke Uper Apna Land Ko Ragar Ne Laga Sath Hi Sath Mina Ke Kabhi Hot Ko Chumta To Kabhi Mina Ke Boobs Ke Nipul Ko Muh Me Le Ke Chat Ta

Or Khuchh Hi Der Me Vikas Ka Land Tight Ho Gaya Or Khada Ho Ke Salami Dene Laga Vikas Ka Land Khada Ho Ke 10 Inch Tak Lamba Ho Gaya Tha Or 2 Inch Mota Ho Gaya Tha Vikas Ne Sidhe Apne Ek Hath Se Apna Land Pakda Or Apni Patni Mina Ki Chut Ke Ched Me Tika Diya Or Jor Ka Jat Ka Maar Diya Mina Chila Padi Kiyo Ki Land Kafi Mota Or Sakht Tha Mina Ne Apne Pati Se Kaha Ki Dekhi Ye Aap Land Ko Bahar Nikal Diji Ye Or Apne Land Pe Tel Laga O Fir Chut Me Daa Lo Uuu Sukha Land Chut Me Mat Daa Lo Ek Aap Ka Itna Bada Or Mota Land Upper Se Meri Chut Bhi Sukhi Hui Thi Or Aap Ka Land Umder Jaa Te Hi Muje Darad Ho Raha Hai Vikas Ne Kaha Ki

Meri Jaan Bas Thora Sa Hi Darad Hoga Ghabhra O Mat Or Chudai Ka To Hasli Maja Chut Ke Under Sukha Land Daal Ne Me Hi Maja Hai Ye Tel Laga Ke Land Chut Me Daal Ne Me Maja Bil Kul Nahi Hai Or Fir Ek Jat Ka De Ke Ek Or Inch Gusa Diya Land Mina Ki Chut Meab 8 Inch Land Chut Ke Bahar Tha Vikas Ne Kaha Ki Mina Tu To Badi Sexy Hai Or Tuj Se Bhi Jiyada Teri Chut Kamal Ki Hai Mina Ne Pucha Ki Kiya Vikas Ne Kaha Ki Dekh Na

Abhi To Teri Chut Me Shirf Mere Land Ka 2 Inch Hi Under Gaya Hai Lekin Teri Chut Mere Land Ko Ander Daba Daba Ke Land Ka Kachumbar Bana Rahi Hai Mina Ye Sun Ke Sarma Gai Or Fir Ek Jat Ka Laga Ya Vikas Ne Fir Ek Inch Land Mina Ki Chut Me Gus Gaya Mina Ke Muh Se Fir Chikh Nikali Aahhhha Plzz Dhireeee Dhhiirreee Mmmuuujjjee Daarrr Hooo Ttaaa Haa Plzz Vikas Ne Kaha Ki Peheli Baar Hai Na Es Liye Darad Hota Hai

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Lekin Vikas Ab Bhi Chod Na Chah Ta Tha Lekin Vikas Ki Bibi Ab Vikas Se Chudva Na Bandh Kar Diya Tha Or Vikas Ki Patni Mina Do No Alag Alag Bed Room Me So Te The Or Vikas Ko Jab Bhi Man Ho Ta Tha To Vikas Muth Maar Le Ta Tha Or Khud Ko Saanth Kar Leta Tha Dhire Dhire Vakt Gujar Ta Gaya After 25 Saal Baad Vikaas Budha Ho Gaya Tha Ab Vikas Ki Age 60 Ki Thi Or Mina Ki 50 Vikas Or Mina Ke Bache Bhi Bad Ho Gaye The

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Jab Vikas Bathroom Me Muth Maar Ke Bahar Aaya To Us Ki Nazar Puja Ke Room Pe Gai Puja Ka Room Ka Daravaja Khula Tha Puja Jis Bed Pe Soi Thi Vo Khid Ki Ke Saam Ne Tha Or Khid Ki Me Ne Halki Ros Niaa Rahi Thi Jo Puja Ke Upper Gir Rahi Thi Achanak Piya Ne Karavat Li Bed Pe Or Puja Ne Jo Safed Sari Safed Blows Or Safed Petticoat Jo Pehe Na Tha Puja Ka Petticoat Puja Pero Pe Se Sadak Ke Uper Jango Tak Aa Gaya Tha

Puja Ki Jange Nagi Ho Gai Thi Or Puja Ki Jago Pe Puja Ke Sasur Vikas Ki Nazar Pad Gai Thi Itne Saalo Ke Baad Kisi Javal Ladki Ki Nagi Jango Ko Dekh Ke Puja Ke Sasur Vikas Ka Land Fir Se Khada Ho Gaya Puja Ke Sasur Vikas Puja Ke Bedroom Me Ander Jaa Ke Puja Ke Bedroom Ka Daravaja Bandh Kar Ke Puja Ke Paas Aake Ghur Ghur Ke Puja Ki Tango Ko Dekh Ne Laga Tha

Lekin Sath Hi Sath Puja Ke Sasur Vikas Ko Dar Bhi Lag Raha Tha Ki Kahi Us Ki Bahu Jag Na Jaa Ye Akhir Puja Ke Sasur Vikas Ne Himat Kar Ke Apne Ek Hath Se Puja Ke Petticoat  Ke Nare Ko Khol Diya Or Dhire Dhire Kar Ke Patticoat Ko Kamar Se Niche Ki Or Sarkha Te Hu Ye Pero Tak Laa Ke Nikal Diya Or Ye Najara Dekh Ke To Puja Ke Sasur Vikas Pagal Ho Gaya Kiyo Ki Patticoat Ke Under Puja Kuchh Nahi Pehe Na Tha Puja Ki Chut Nagi Thi Or Puja Ne Apni Chut Ke Baalo Ko Bhi Kaat Ke Saaf

Kar Rakha Tha Puja Ki Chut Saaf Saaf Dikh Rahi Thi Puja Ke Sasur Ko Puja Ke Sasur Vikas Ne Fir Himat Kar Ke Puja Ki Jang Ko Pakad Ke Sidha Kar Ke Do No Paav Ko Khol Diya Or Apna Muh Ko Puja Ki Chut Ke Paas Laa Ke Puja Ki Chut Ke Ched Me Apni Jaban Daal Ke Chaat Ne Laga Tabhi Puja Thori Si Hil Padi Puja Ke Sasur Vikas Sasur Dar Gaya Or Us Ne Apni Jibh Ko Bahar Nikal Diya

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Puja Ke Sasur Vikas Ne Sara Chip Chipa Ras Pi Ne Ke Baad Fir Se Puja Ki Chut Me Apni Jaban Daal Ke Chus Ne Chat Ne Laga Or 15 Minit Ke Baad Fir Puja Ki Chut Me Se Ras Nikal Na Suru Huva Lekin Es Baar Puja Ke Sasur Vikas Ke Sasur Ne Puja Ki Chut Ka Ras Chata Nahi Or Es Baar Puja Ke Sasur Kahda Ho Gaya Or Apni Thoti Or Kurat Nikal Diya Or Fir Se Puja Ki Do No Tango Ke Bich Aa Gaya Or Apna Land Ko Puja Ki Chut Ke Uper Ghis Ne Laga Jis Ke Vaja Se Puja Ki Chut Ka Ras

Puja Ke Sasur Vikas Ke Land Ke Uper Ragar Ne Laga Or Dekh Te Hi Dekh Te Puja Ke Sasur Vikas Ke Land Puja Ke Chut Ke Ras Se Chi Chipa Ho Gaya Or Upper Puja Ke Sasur Vikas Ne Puja Ke Blows Ke Huk Khol Diye Or Apna Land Ko Puja Ki Chut Ke Ched Me Tika Ke Ek Jor Daar Jat Ka Mara

Or Puja Ki Chut Se Bhi Kasi Sara Ras Nikla Tha Or Puja Ke Sasur Ke Land Pe Bhi Ras Charo Or Se Chipka Huva Tha Es Liye Puja Ke Sasur Vikas Ka Land 10 Inch Lambe Ro 2 Inch Mote Land Me Se Sidhe 4 Inch Tak Puja Ki Chut Ko Chirta Farta Huva Ander Chala Gaya Or Puja Ki Chut Ka Ek Chheda Fat Gaya Or Khoon Nikal Ne Laga Puja Ki Chut  Me Bhaya Nak Darad Hone Laga Jis Ke Vaja Se Puja Ki Aakhe Khul Gai

Lekin Puja Chila Pati Us Se Pehe Le Puja Ke Sasur Ne Apne Hoto Ko Puja Ke Hoto Se Chipka Diya Taki Puja Chila Na Paa Ye Or Apne Do No Hath Ko Ungliya Ko Puja Ke Do No Hath Ki Ungli Yo Ke Ander Daal Ke Daba Diya Taki Puja Apne Aap Ko Chhud Va Na Sake Ab Tak 10 Inch Land Me Se 4inch Land Puja Ki Chut Me Chala Gaya Tha Or Bahar 6 Inch Land Baki Tha 5 Minit Ruk Ne Ke Baad

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Puja Ke Sasur Vikas Ne Aakhir Kar Apna Pura Ka Pura 10 Inch Lamba Land Aaj Pehe Li Baar Kisi Land Ki Chut Me Pura Sama Diya Land Chut Ke Under Puaara Jaa Ne Ke Bad Puja Ka Sasur To Khusi Se Pagal Ho Gaya Tha Kiyo Puja Ki Chut Kafi Garam Thi Maano Puja Ke Sasur Ko To Ae Sa Lag Raha Tha Ki Maa No Vo Khud Ka Land Ki Sekai Kar Raha Ho 15 Minit Ae Se Hi Rehe Ne Ke Baad

Puja Ke Sasur Ne Apni Kamar Ko Dhire Dhire Under Bahar Kar Na Suru Kar Diya Tha Or Puja Ke Hoto Ko Ab Tak Puja Ke Sasur Ne Nahi Choda Tha Jab Ab Puja Ka Sasur Apna Land Puja Ki Chut Me Under Bahar Kar Ne Laga Tha To Us Ne Puja Ke Hoto Ko Chhor Diya Je Se Hi Puja Ke Hoto Ko Chhora To Puja Chila Ye Us Se Pehe Le Puja Ke Sasur Ne Puja Se Kaha Ki Kabar Daaar Tum Chilai To Ager Chilai To Tum Hara Hi Nuksaan Ho Ga Me Sab Se Kehe Duga Ki Me Bathroom Kar Ne Niche Aaya Tha Meri Bahu Puja Ne Muje Apne Room Me Jabar Dasti Khich Ke

Mere Sath Ye Kar Ne Lagi Jab Me Ne Mana Kiya To Muje Dhamki De Di  Ki Ager Aap Meri Baat Nahi Maa No Ge To Me Chila Chila Ke Sab Ko Bula Dugi Or Ye Kahu Gi Ki Aap Ne Meri Hijat Lut Ne Ki Kosis Ki Thi Fir Dekh Lena Ghar Me Se Tum Nikal De Ge Or Sab Tum Ko Bach Chalan Kahe Ge Puja Ne Kaha Ki Sasur Ji Aap Kiyo Ae Sa Kar Rahe Ho Plzz Bhagvan Ke Li Ye Muje Chhor Do Or Uder Ab Puja Ke Sasur Ne Apne Land Teji Se Puja Ki Chut Me Under Bahar Kar Na Suru Kar Diya Tha

Udher Puja Bhikh Maag Rahi Thi Ki Us Ko Chhor Do Lekin Puja Ke Sasur Ne Kaha Ki Chup Kar Or Meri Baat Sun Dhiyan Se Dekh Vese Bhi Mera Land Teri Chut Me Ghus Gaya Hai Or Me Ne Teri Chudai Bhi Chalu Kar Di Hai Or Chahe Tu Kuchh Bhi Kar Le Me Tuj Ko Nahi Chhoru Ga Teri Chut To Kiti Tigher Hai Mere Land Ki Achhi Malis Ho Rahi Hai Tri Chut Ke Under Bahu Me To Tuj Ko Roj Chod Na Chah Ta Hu Dekh Vese Bhi Tera Pati Yani Ke Mera Beta Vo Ab Es Duniya Me Nahi

To Teri Bhi Piya Adhuri Hai Or Meri Bibi Hai Lekin Fir Bhi Vo Muje Apne Aap Ko Chhu Ne Nahi Deti Hai Are Bahu Vo To Suhagraat Ko Mera Land Apni Chut Shirf Adha Hi Gus Ne Diya Or Muje Pura Land Bhi Chut Me Nahi Daal Ne Diya Or Muje Majbur Ho Ke Adhe Land Se Hi Chudai Kar Ni Padi Lekin Bahu Teri Chut To Janat Hai Mere Land Ki Size Pata Hai Tuj Ko 10 Inch Lamba Hai Or 2 Inch Mota Land Hai Jo Abhi Teri Chut Me Gusa Huva Hai Aaj Muje Afso Ho Raha Hai Ki Tu Muje Pehe Le Kiyo Nahi Mili

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ससुर जी का जवान लंड बहू की कुंवारी चूत में

ससुर जी का जवान लंड बहू की कुंवारी चूत में,sasur ka jawan lund bahu-ki kunwari choot me


सविता की शादी को दो साल हो चुके थे. बचपन से ही सविता बहुत खूबसूरत थी. १६ साल की उम्र में ही जिस्म खिलने लग गया था. सोलहवां साल लगते लगते तो सविता की जवानी पूरी तरह नीखर आई थी. ऐसा लगता ही नहीं था की अभी १०थ् क्लास में पर्ती है. स्कूल की स्किर्ट में उसकी भरी भरी जांघें लड़कों पे कहर ढाने लागी थी. स्कूल के लड़के skirt के नीचे सी झाँक कर सविता की पैंटी की एक झलक पाने के लीये पागल रहते थे. कभी कभार जब बास्केटबाल खेलते हुए या कभी हवा के झोंके सी सविता की स्किर्ट उठ जाती तो किस्मत वालों को उसकी पैंटी के दर्शन हो जाते. लड़के तो लड़के, School के Teacher भी सविता की जवानी के असर से नहीं बचे थे. सविता के भारी नितम्ब, पतली कमर और उभरती चूचियां देखके उनके सीने पे चहुरियन चल जाती. सविता को भी अपनी जवानी पे नाज़ था. वो भी लोगों का दिल जलाने में कोई कसर नहीं छोड़ती थी.

उनीस साल की होते ही सविता की शादी हो गई. सविता ने शादी तक अपने कुंवारे बदन को संभाल के रखा था. उसने सोच रखा था की उसका कुंवारा बदन ही उसके पति के लीये सुहाग रात को एक उन्मोल तोह्फहोगा. सुहाग रात को पति का मोटा लम्बा लंड देख कर सविता के होश उर गए थे. उस मोटे लंड ने सविता की कुंवारी चूत लहू लुहान कर दी थी. शादी के बाद कुछ din तो सविता का पति उसे रोज़ चार पाँच बार चोद्ता था. सविता भी एक लम्बा मोटा लौडा पा कर बहुत खुश थी. लेकीन धीरे धीरे चुदाई कम होने लगी और शादी के एक्साल बाद तो ये नौबत आ गई थी की महीने में मुश्किल से एक दो बार ही सविता की चुदाई होती. हालांकी सविता ने सुहाग रात को अपने पति को अपनी कुंवारी चूत का तोहफा दीया था, लेकीन वो बचपन से ही बहुत कामुक लड़की थी. बस कीसी तरह अपनी वासना को कंट्रोल करके, अपने School और कॉलेज के लड़कों और टीचर्स से शादी तक अपनी चूत को बचा के रखने में सफल हो गई थी. महीने में एक दो बार की चुदाई से सविता की वासना की प्यास कैसे बुझती ? उसे तो एक दिन में कम से कम तीन चार बार चुदाई की ज़रूरत थी.

आखिकार जब सविता का पति जब तीन महीने के लीये टुर पे गया तो सविता के देवर ने उसके अकेलेपन का फायदा उठा कर उसकी वासना को तृप्त किया. अब तो सविता का देवर रामू सविता को रोज़ चोद कर उसकी प्यास बुझाता था. एक दिन गाँव से टेलीग्राम आया की सास की तबियत कुछ ख़राब हो गई है. सविता के ससुर एक बड़े ज़मींदार थे. गाँव में उनकी काफ़ी खेती थी. सविता का पति राजेश काम के कारण नहीं जा सकता था और देवर रामू का कॉलेज था. सविता को ही गाँव जाना पड़ा. वैसे भी वहां सविता की ही ज़रूरत थी, जो सास और सुर दोनों का ख्याल कर सके और सास की जगह घर को संभाल सके. सविता शादी के फौरन बाद अपने ससुराल गई थी. सास सौर की खूब सेवा करके सविता ने उन्हें खुश कर दीया था.

सविता की खूबसूरती और भोलेपन से दोनों ही बहुत प्राभवित थे. सविता की सास माया देवी तो उसकी प्रशंसा करते नहीं थकती थी. दोनों इतनी सुंदर, सुशील और मेहनती बहू से बहुत खुश थे. बात बात पे शर्मा जाने की अदा पे तो ससुर रामलाल फीदा थे. उन्होंने ख़ास कर सविता को कम से कम दो महीने के लीये भेजने को कहा था. दो महीने सुन कर सविता का कलेजा धक् रह गया था. दो महीने बिना चुदाई के रहना बहुत मुश्किल था. यहाँ तो पति की कमी उसका देवर रामू पूरी कर देता था. गाँव में दो महीने तक क्या होगा, ये सोच सोच कर सविता परेशान थी लेकीन कोई चारा भी तो नहीं था. जाना तो था ही. राजेश ने सविता को कानपूर में ट्रेन में बैठा दीया. अगले दिन सबह ट्रेन गोपालपुर गाँव पहुँच गई जो की सविता की सौराल थी.

सविता ने चूरिदार पहन रखा था. कुरता सविता के घुटनों से करीब आठ इंच ऊपर था और कुरते के दोनों साइड का कटाव कमर तक था. चूरिदार सविता के नितम्ब तक तैघ्त था. चलते वक्त जब कुरते का पल्ला आगे पीछे होता या हवा के झोंके से उठ जाता तो तिघ्त चूरिदार में कसी सविता की टांगें, मदहोश कर देने वाली मांसल जांघें और विशाल नितम्ब बहुत ही Sexy लगते. ट्रेन में सब मर्दों की नज़रें सविता की टांगों पर लगी हुई थी. स्टेशन पर सविता को लेने सास और ससुर दोनों आए हुए थे. सविता अपने ससुर से परदा कत्र्ती थी इसलिए उसने चुन्नी का घूँघट अपने सिर पे ले लिया. अभी तक जो चुन्नी सविता की छातीयों के उभार को छुपा रही थी, अब उसके घूँघट का काम करने लगी. सविता की बड़ी बड़ी छातियन स्टेशन पे सबका ध्यान खींच रही थी.

सविता ने झुक के सास के पाँव छूए. जैसे ही सविता पों छूने के लीये झुकी रामलाल को उसकी चूरिदार में कसी मांसल जांघें और नितम्ब नज़र आने लगे. रामलाल का दिल एक बार तो धड़क उठा. शादी के बाद से बहू किखूब्सूरती को चार चाँद लग गए थे. बदन भर गया था और्जवानी पूरी तरह नीखर आई थी. रामलाल को साफ दीख रहा था की बहू का तिघत चूरिदार और कुरता बरी मुश्किल से उसकी जवानी को समेटे हुए थे. सास से आशिर्वाद लेने के बाद सविता ने सुर्जी के भी पैर छूए. रामलाल ने बहू को प्यार से गले लगा लीया. बहू के जवान बदन का स्पर्श पाते ही रामलाल कांप गया.

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सविता की सास माया देवी बहू के आने से बहुत खुश थी. स्टेशन के बाहर नीकल कर उन्होंने तांगा कीया. पहले माया देवी टाँगे पे चढी. उसके बाद रामलाल ने बहू को चढ़ने दीया. रामलाल को मालूम था की जब बहू टाँगे पे चढ़ने के लीये टांग ऊपर करेगी तो उसे कुरते के कटाव में से बहू की पूरी टांग और नितम्ब भी देखने को मिल जाएंगे. वाही हुआ. जैसे ही सविता ने टाँगे पे बैठने के लीये टांग ऊपर की राम्म्लाल को चूरिदार में कसी बहू की Sexy टांगों और भारी चूतडों की झलक मिल गई. यहाँ तक की रमलाल को चूरिदार के सफ़ेद महीन कपरे में से बहू की कच्छी (पैंटी) की भी झलक मिल गई. बहू ने गुलाबी रंग की कच्छी पहन रखी थी. अब तो रामलाल का लंड भी हरकत करने लगा. उसने बरी मुश्किल से अपने को संभाला. रामलाल को अपनी बहू के बरे में ऐसा सोचते हुए अपने ऊपर शरम आ रही थी. वो सोच रहा था की मैं कैसा इंसान हूँ जो अपनी ही बहू को ऐसी नज़रों से देख रहा हूँ. बहू तो बेटी के समान होती है. लेकीन क्या करता ? था तो मरद ही. घर पहुँच कर सास ससुर ने बहू की खूब खातिरदारी की.

गाँव में आ कर अब सविता को १५ दिन हो चुके थे. सास की तबियत ख़राब होने के कारण सविता ने सारा घरका काम संभाल लीया था. उसने सास ससुर की खूब सेवा करके उन्हें खुश कर दीया था. गाँव में औरतें लहंगा चोली पहनती थी, इसलिए सविता ने भी कभी कभी लहंगा चोली पहनना शुरू कर दीया. लहंगे चोली ने तो सविता की जवानी पे चार चाँद लगा दिए. गोरी पतली कमर और उसके नीचे फैलते हुए भारी नितम्ब ने तो रामलाल का जीना हराम कर रखा था.

सविता का ससुर रामलाल एक लम्बा तगर आदमी था. अब उसकी उम्र करीब ५५ साल हो चली थी. जवानी में उसे पहलवानी का शौक था. आज भी उसका जिस्म बिल्कुल गाथा हुआ था. रोज़ लंगोट बाँध के कसरत करता था और पूरे बदन की मालिश करवाता था. सबसे बरी चीज़ जिस पर उसे बहुत नाज़ था, वो थी उसके मुस्क्लेस और उसका ११ इंच लम्बा फौलादी लंड. लेकीन रामलाल की बदकिस्मती ये थी की उसकी पत्नी माया देवी उसकी वासना की भूख कभी शांत नहीं कर सकी. माया देवी धार्मिक स्वभाव की थी. उसे सेक्स का कोई शौक नहीं था.

रामलाल के मोटे लंबे लौदे से डरती भी थी क्योंकि हेर बार चुदाई में बहुत दर्द होता था. वो मजाक में रामलाल को गधा कहती थी. पत्नी की बेरुखी के कारण रामलाल को अपने जिस्म की भूख मिटाने के लीये दूसरी औरतों का सहारा लेना पड़ा. राम लाल के खेतों में कई औरतें काम करती थी. In मजदूर औरतों में से सुंदर और जवान औरतों को पैसे का लालच दे कर अपने खेत के पम्प हौस में चोद्ता था. जिन औरतों को रामलाल ने एक बार चोद दीया वो तो मानो उसकी गुलाम बुन जाती थी. आख़िर ऐसा लम्बा मोटा लंड बहुत किस्मत वाली औरतों को ही नसीब होता है. तीन चार औरतें तो पहली चुदाई में बेहोश भी हो गई.

दो औरतें तो ऐसी थी जिनकी चूत रामलाल के फौलादी लौदे ने सुच्मुच ही फाड़ दी थी. अब तक रामलाल कम से कम बीस औरतों को चोद चुका था. लेकीन रामलाल जानता था की पैसा दे कर चोदने में वो मज़ा नहीं जो लड़की को पटा के चोदने में है. आज तक चुदाई का सबसे ज़्यादा मज़ा उसे अपनी साली को चोदने में आया था. माया देवी की बहिन सीता, माया देवी से १० साल छोटी थी. रामलाल ने जब उसे पहली बार चोदा उस वक्त उसकी उम्र १७ साल की थी. कॉलेज में पर्ती थी. गर्मिओं की छुट्टी बिताने अपने जीजा जी के पास आई थी. बिल्कुल कुंवारी चूत थी. रामलाल ने उसे भी खेत के पम्प हौस में ही चोदा था. रामलाल के मूसल ने सीता की कुंवारी नाज़ुक सी चूत को फाड़ ही दीया था. सीता बहुत चिल्लाई थी और फीर बेहोश हो गई थी. उसकी चूत से बहुत खून निकला था.

रामलाल ने सीता के होश में आने से पहले ही उसकी चूत का सारा खून साफ कर दीया था ताकी वो डर न जाए. रामलाल से चुदने के बाद सीता सात दिन ठीक से चल भी नहीं पाई और जब ठीक से चलने लायक हुई तो शहर चली गई. लेकीन ज़्यादा दिन शहर में नहीं रह सकी. रामलाल के फौलादी लौडे की याद उसे फीर से अपने जीजू के पास खींच लायी. इस बार तो सीता सिर्फ़ जीजा जी से चुदवाने ही आई थी. रामलाल ने तो समझा था की साली जी नाराज़ हो कर चली गई. आते ही सीता ने रामलाल को कहा ” जीजा जी मैं सिर्फ़ आपके लीये ही आई हूँ.” उसके बाद तो करीब रोज़ ही रामलाल सीता को खेत के पम्प हौस में चोद्ता था. सीता भी पूरा मज़ा ले कर चुदवाती थी. रामलाल के खेत में काम करने वाली सभी औरतों को पटा था की जीजा जी साली की खूब चुदाई कर रहे हैं.

ये सिलसिला करीब चार साल चला. सीता की शादी के बाद रामलाल फीर खेत में काम करने वालिओं को चोदने लगा. लेकीन वो मज़ा कहाँ जो सीता को चोदने में आता था. बरे नाज़ नखरों के साथ चुदवाती थी. शादी के बाद एक बार सीता गाँव आई थी. मोका देख कर रामलाल ने फीर उसे चोदा. सीता ने रामलाल को बताया था की रामलाल के लंबे मोटे लौडे के बाद उसे पति के लंड से त्रिप्ती नहीं होती थी. सीता भी राम लाल को कहती ” जीजू आपका लंड तो सुच्मुच गधे के लंड जैसा है.” गाँव में गधे कुछ ज़्यादा ही थे. जहाँ नज़र डालो वहीं चार पाँच गधे नज़र आ जाते. कुछ दिन बाद सीता के पति और सीता दुबई चले गए. उसके बाद से रामलाल को कभी भी चुदाई से तृप्ति नहीं मिली. अब तो सीता को दुबई जा कर २० साल हो चुके थे.

रामलाल के लीये अब वो सिर्फ़ याद बुन कर रह गई थी. माया देवी तो अब पूजा पथ में ही ध्यान लगाती थी. इस उम्र में खेत में काम करने वाली औरतों को भी छोड़ना मुश्किल हो गया था. अब तो जब कभी माया देवी की कृपा होती तो साल में एक दो बार उनको चोद कर ही काम चलाना परता था. लेकीन माया देवी को चोदने में बिल्कुल भी मज़ा नहीं आता था. धीरे धीरे रामलाल को विश्वास होने लगा था की अब उसकी चोदने की उम्र नीकल गई है. लेकीन जब से बहू घर आई थी रामलाल की जवानी की यादें फीर से ताज़ा हो गई थी.

बहू की जवानी तो सुच्मुच ही जान लेवा थी. सीता तो बहू के सामने कुछ भी नहीं थी. शादी कऐ बाद से तो बहू की जवानी मनो बहू के ही काबू में नहीं थी. बहू के कपरे बहू की जवानी को छुपा नहीं पाते थे. जब से बहू आई थी रामलाल की रातों की नींद उर गई थी. बहू रामलाल से परदा करती थी. मुंह तो दहक लेती थी लेकीन उसकी बड़ी बड़ी छूचियन खुली रहती थी. गोरा बदन, लंबे काले घने बाल, बड़ी बड़ी छातियन, पतली कमर और उसके नीचे फैलते हुए चूतडों बहुत जान लेवा थे. तिघत चूरिदार में तो बहू की मांसल टांगें रामलाल की वासना भड़का देती थी. सविता जी जान से अपने सास ससुर की सेवा करने में लगी हुई थी.सविता को महसूस होने लगा था की सुर्जी उसे कुछ अजीब सी नाज्रोंसे देखते हैं.

वैसे भी औरतों को मरद के इरादों का बहुत जल्दिपता लग जाता है. फीर वो अक्सर सोचती की शायद ये उसका वहम है.सुर जी तो उसके पिता के समान थे.एक दिन की बात है. सविता ने अपने कपरे धो कर छत पर सूख्नेदाल रखे थे. इतने में घने बादल छा गए. बारिश होने कोठी. रामलाल सविता से बोले,” बहू बारिश होने वाली है मैं ऊपर से कपडे ले आता हूँ.”" नहीं. नहीं पिताजी आप क्यों तकलीफ करते हैं मैं अभी जा के लाती हूँ.” सविता बोली. उसे मालूम था की आज सिर्फ़ उसी के कपडे सूख रहे थे.” अरे बहू टब सारा दिन इतना काम करती हो. इसमे तकलीफ कैसी? हमें भी तो कुछ काम करने दो.” ये कह के रामलाल चाट पे चल पड़ा. छत पे पहुँच के रामलाल को पटा लगा की क्यों बहू ख़ुद ही कपरे लेन की जीद कर रही थी. डोरी पर सिर्फ़ दो ही कपरे सूख रहे थे. एक बहू की कच्छी और एक उसकी ब्रा.

रामलाल का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा.कितनी छोटी सी कच्छी थी, बहू के विशाल नितम्ब को कैसे धक्तिहोगी. रामलाल से नहीं रहा गया और उसने सविता की पैंटी को डोरी सुतार लीया और हाथों में पैंटी के मुलायम कपरे को फील कर्नेलगा. फीर उसने पैंटी को उस जगह से सूंघ लीया जहाँ सविता किचूत पैंटी से तौच करती थी. हालांकी पैंटी धुली हुई थी फीर भि राम्लाल औरत के बदन की खुशबू पहचान गया. रामलाल मन ही मन सोचने लगा की अगर धुली हुई कच्छी में से इतनी मादक खुश्बू आती है तो पहनी हुई कच्छी की गंध तो उसे पागल बना देगी. राम्लाल्का लौडा हरकत करने लगा. वो बहू की पैंटी और ब्रा ले कर नीचे आया,

” बहू ऊपर तो ये दो ही कपडे थे.” ससुर के हाथ में अपनी पंत्यौर ब्रा देख कर सविता शरम से लाल हो गई. उसने घूघट तोनिकाल ही रखा था इसलिए रामलाल उसका चेहरा नहीं देख सकता था.सविता शर्माते हुए बोली,” पिताजी इसीलिए तो मैं कह रही थी की मैं ले आती हूँ. आप्नेबेकार तकलीफ की.”

” नहीं बहू तकलीफ किस बात की? लेकीन ये इतनी छोटी सी कछितुम्हारी है?” अब तो सविता का चेहरा टमाटर की तरह सुर्ख लाल होगया.

” ज्ज्ज..जी पिताजी.” सविता सिर नीचे किए हुए बोली.” लेकीन बहू ये तो तुम्हारे लीये बहुत छोटी है. इससे तुम्हारा काम्चल तो जाता है न?”" जी पिताजी.” सविता सोच रही थी की कीसी तरह ये धरती फत्जाए और मैं उसमे समा जाऊं.” बेटी इसमे शर्माने की क्या बात है ?. तुम्हारी उम्र में लड़किओं कि कछी अक्सर बहुत जल्दी छोटी हो जाती है.

गाँव में तो और्तें कच्च्ही पहनती नहीं हैं. अगर छोटी हो गई है तो सासू माँ सेकः देना शहर जा कर और खरीद एंगी. हम गए तो हम ले आएँगे.लो ये सूख गई है, रख लो.” ये कह कर रामलाल ने सविता को उस्कि पंटी और ब्रा दे दी. इस घटना के बाद रामलाल ने सविता के साथ और्खुल कर बातें करना शुरू कर दीया था एक दिन माया देवी को शहर सत्संग में जन था. रामलाल उनको ले कर शहर जाने वाला था. दोनों घर से सबह स्टेशन की और चल पड़े.रास्ते में रामलाल के जान पहचान का लड़का कार से शहर जाता हामिल गया. रामलाल ने कहा की Aunty को भी साथ ले जाओ.

लड़का मंगाया और माया देवी उसके साथ कार में शहर चली गई. रामलाल घर्वापस आ गया. दरवाज़ा उंदर से बूंद था. बाथरूम से पानी गिरने किअवाज़ आ रही थी. शायद बहू नहा रही थी. सविता तो समझ रहिथि की सास ससुर शाम तक ही वापस लौटेंगे. रामलाल के कमरे का एक्दार्वाज़ा गली में भी खुलता था. रामलाल कमरे का टला खोल के अप्नेकमरे में आ गया. उधर सविता बेखबर थी. वो तो समझ रही थीकि घर में कोई नहीं है. नहा कर सविता सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज में ही बाथरूम से बाहर नीकल आई. उसका बदन अब भी गीला था. बाल भीगे हुए थे. सविता अपनी पैंटी और ब्रा जो अभी उसने धोई थी सुखाने के लीये आँगन में आ गई. रामलाल अपने कमरे के परदे के पीछे से सारा नज़ारा देख रहा था. बहू को पेटीकोट और ब्लाउज में देख कर रामलाल को पसीना आ गया. क्या बाला की खूबसूरत थी.

बहुत कसा हुआ पेटीकोट पहनती थी. बदन गीला होने के कारण पेटीकोट उसके चूतडों से चिपका जा रहा था. बहू के फैले हुए चूतडों पेटीकोट में बरी मुश्किल से समा रहे थे. बहू का मादक रूप मनो उसके ब्लाउज और पेटीकोट में से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था. उफ क्या गद्राया हुआ बदन था. बहू ने अपनी धुली हुई कच्छी और ब्रा डोरी पर सूखने दाल दी. अचानक वो कुछ उठाने के लीये झुकी तो पेटीकोट उसके विशाल चूतडों पर कास गया. पेटीकोट के सफ़ेद कपरे में से रामलाल को साफ दीख रहा था की आज बहू ने काले रंग की कच्छी पहन रखी है.

उफ बहू के सिर्फ़ बीस प्रतिशत चूतडों ही कच्छी में थे बाकी तो बाहर गिर रहे थे. जब बहू सीधी हुई तो उसकी कच्छी और पेटीकोट उसके विशाल चूतडों के बीच में फास गए. अब तो रामलाल का लौडा फन्फनाने लगा. उसका मन कर रहा था की वो जा कर बहू के चूतडों की दरार में फँसी पेटीकोट और कच्छी को खींच के निकाल ले. बहू ने मानो रामलाल के दिल की आवाज़ सुन ली. उसने अपनी चूतडों की दरार में फँसे पेटीकोट को कींच के बाहर निकाला लीया. बहू आँगन में खरी थी इसलिए पेटीकोट में से उसकी मांसल टांगें भी नज़र आ रही थी.

रामलाल के लंड में इतना तनाव सीता को चोदते वक्त भी नहीं हुआ था. बहू के सेक्सी चूतडों को देख के रामलाल सोचने लगा की इसकी गांड मार के तो आदमी धन्य हो जाए. रामलाल ने आज तक कीसी औरत की गांड नहीं मारी थी. असलियत तो ये थी की रामलाल का गधे जैसा लौडा देख कर कोई औरत गांड मरवाने के लीये राज़ी ही नहीं थी. माया देवी तो चूत ही बरी मुश्किल से देती थी गांड देना तो बहुत दूर की बात थी. एक दिन सविता ने खेतों में जाने की इच्छा प्रकट की. उसने सासू माँ से कहा, ” मम्मी जी मैं खेतों में जाना चाहती हूँ, अगर आप इजाज़त देन तो आपके खेत और फसल देख औन. शहर में तो ये देखने को मिलता नहीं है.”

” अरे बेटी इसमें इजाज़त की क्या बात है? तुम्हारे ही खेत हैं जब चाहो चली जाओ. मैं अभी तुम्हारे ससुर जी से कहती हूँ तुम्हें खेत दिखाने ले जाएँ.”

” नहीं नहीं मम्मी जी आप पिताजी को क्यों परेशान करती हैं मैं अकेली ही चली जाउंगी.”

” इसमे परेशान करने की क्या बात है? कई दिन से ये भी खेत नहीं गए हैं तुझे भी साथ ले जाएंगे. जाओ टब तैयार हो जाओ. और हाँ लहंगा चोली पहन लेना, खेतों में जाने के लीये वही ठीक रहता है.” सविता तैयार होने गई. माया देवी ने रामलाल को कहा,

” अजी सुनते हो, आज बहू को खेत दिखा लाओ. कह रही थी मैं अकेली ही चली जाती हूँ. मैंने ही उसको रोका और कहा ससुरजी तुझे ले जाएंगे.”

” ठीक है मैं ले जाऊंगा, लेकीन अकेली भी चली जाती तो क्या हो जाता ? गाँव में किस बात का डर?”"

” कैसी बातें करते हो जी? जवान बहू को अकेले भेजना चाहते हो. अभी नादाँ है. अपनी जवानी तो उससे संभाली नहीं जाती, अपने आप को क्या संभालेगी? ” इतने में सविता आ गई. लहंगा चोली में बला की खूबसूरत लग रही थी.

” चलिए पिताजी मैं टायर हूँ.”

” चलो बहू हम भी टायर हैं.” ससुर और बहू दोनों खेत की और नीकल परे. सविता आगे आगे चल रही थी और रामलाल उसके पीछे. सविता ने घूंघट निकाल रखा था. रामलाल बहू की मस्तानी चाल देख कर पागल हुआ जा रहा था. बहू की पतली गोरी कमर बल खा रही थी. उसके नीचे फैले हुए मोटे मोटे चूतडों चलते वक्त ऊपर नीचे हो रहे थे. लहंगा घुटनों से थोड़ा ही नीचे था. बहू की गोरी गोरी टांगें और चूतडों तक लटकते लंबे घने काले बाल रामलाल की दिल की धड़कन बारह रहे थे. ऐसा नज़ारा तो रामलाल को ज़िंदगी में पहले कभी नसीब नहीं हुआ. रामलाल की नज़रें बहू के मटकते हुए मोटे मोटे चूतडों और पतली बल खाती कमर पर ही टिकी हुई थी.

जान लेवा चूतडों को मटकते देख कर रामलाल की आंखों के सामने उस दिन का नजारा घूम गया जिस दिन उसने बहू के चूतडों के बीच उसके पेटीकोट और कच्छी को फँसे हुए देखा था. रामलाल का लौडा खड़ा होने लगा. सविता घूंघट निकाले आगे आगे चली जा रही थी. वो अच्छी तरह जानती थी की ससुर जी की आँखें उसके मटकते हुए नितम्ब पे लगी हुई हैं. रास्ता संकरा हो गया था और अब वो दोनों एक पूग डंडी पे चल रहे थे. अचानक साइड की पूग डंडी से दो गधे सविता के सामने आ गए. रास्ता इतना कम चौरा था की साइड से आगे निकलना भी मुश्किल था. मजबूरन सविता को गधों के पीछे पीछे चलना पड़ा. अचानक सविता का ध्यान पीछे वाले गधे पे गया.

” अरे पिताजी देखिये ये कैसा गधा है ? इसकी तो पाँच टांगें हैं.” सविता आगे चल रहे गधे की और इशारा करते हुए बोली.

” बेटी, टब तो बहुत भोली हो, ज़रा ध्यान से देखो इसकी पाँच टांगें नहीं हैं.” सविता ने फीर ध्यान से देखा तो उसका कलेजा दहक सा रह गया. गधे की पाँच टांगें नहीं थी, वो तो गधे का लंड था. बाप रे क्या लम्बा लंड था ! ऐसा लग रहा था जैसे उसकी टांग हो. सविता ने ये भी नोटिस कीया की आगे वाला गधा, गधा नहीं बल्कि गधी थी क्योंकि उसका लंड नहीं था. गधे का लंड खरा हुआ था. सविता समझ गई की गधा क्या करने वाला था. अब तो सविता के पसीने चूत गए. पीछे पीछे ससुर जी चल रहे थे. सविता अपने आप को कोसने लगी की ससुर जी से क्या सवाल पूछ लीया. सविता का शरम के मरे बुरा हाल था. रामलाल को अच्छा मोका मिल गया था. उसने फीर से कहा,

” बोलो, बहू हैं क्या इसकी पाँच टांगें ?” सविता का मुंह शरम से लाल हो गया, और हक्लाती हुई बोली,

” जज..जी चार ही हैं.”

” तो वो पांचवी चीज़ क्या है बहु?”

” ज्ज्ज…जी वो तो ……जी हमें नहीं पटा.”

„ पहले कभी देखा नहीं बेटी ?” रामलाल मेज़ लेता हुआ बोला.

” नहीं पिताजी.” सविता शर्माते हुए बोली.

” मर्दों की टांगों के बीच में जो होता है वो तो देखा है न?”

” जी..” अब तो सविता का मुंह लाल हो गया.

” अरे बहू जो चीज़ मर्दों के टांगों के बीच में होती है ये वाही चीज़ तो है.” रामलाल सविता के साथ इस तरह की बातें कर ही रहा था की वाही हुआ जो सविता मन ही मन मन रही थी की ना हो. गधा अचानक गधी पे चढ़ गया और उसने अपना तीन फ़ुट लम्बा लंड गधी की चूत में पेल दीया. गधा वहीं खरा हो कर गधी के उंदर अपना लंड पेलने लगा. इतना लम्बा लंड गधी की चूत में जाता देख सविता हार्बर कर रुक गई और उसके मुंह से चीख नीकल गई,

” ऊओईइ मा….”

” क्या हुआ बहू ?”

” ज्ज्ज..जी कुछ नहीं.” सविता घबराते हुए बोली.

” लगता है हमारी बहू डर गई.” रामलाल मौके का पूरा फायदा उठता हुआ दरी हुई सविता का साहस बर्हाने के बहाने उसकी पीठ पे हाथ रखता हुआ बोला.

” जी पिताजी.”

” क्यों डरने की क्या बात है ?”

” वैसे ही.”

” वैसे ही क्या मतलब ? कोई तो बात ज़रूर है. पहली बार देख रही हो न?” रामलाल सविता की पीठ सहलाता हुआ बोला.

” जी.” सविता शर्माते हुए बोली.

” अरे इसमें शर्माने की क्या बात है बहु. जो राकेश तुम्हारे साथ हेर रात करता है वाही ये गधा भी गधी के साथ कर रहा है.”

” लेकीन इसका तो इतना…….” सविता के मुंह से अनायास ही नीकल गया और फीर वो पच्छ्तायी..

” बहुत बड़ा है बहु?” रामलाल सविता की बात पूरी करता हुआ बोला.

अब रामलाल का हाथ फिसल कर सविता के नितम्ब पे आ गया था.

” ज्ज्जी….” सविता सिर नीचे किए हुए बोली.

” ओ ! तो इसका इतना बार देख के डर गई ? कुछ मर्दों का भी गधे जैसा ही होता है बहु. इसमें डरने की क्या बात है ?. जब औरत बरे से बार झेल लेती है, फीर ये तो गधी है.”

सविता का चेहरा शरम से लाल हो गया था. वो बोली,

” चलिए पिताजी वापस चलते हैं, हमें बहुत शरम आ रही है.”

” क्यों बहू वापस जाने की क्या बात है? तुम तो बहुत शर्माती हो. बस दो मिनट में इस गधे का काम खत्म हो जाएगा फीर खेत में चैलेन्ज.” बातों बातों में रामलाल एक दो बार सविता के नितम्ब पे हाथ भी फेर चुक्का था. रामलाल का लंड सविता के मुलायम नितम्ब पर हाथ फेर के खड़ा होने लगा था. वो सविता की पैंटी भी फील कर रहा था. सविता क्या करती ? घूंघट में से गधे को अपना लंड गधी के उंदर पेलते हुए देखती रही. इतना लम्बा लंड गधी के उंदर बाहर जाता देख उसकी चूत पे भी चीतियन रेंगने लगी थी.

सविता को रामलाल का हाथ अपने नितम्ब पर महसूस हो रहा था. इतनी भोली तो थी नहीं. दुनियादारी अच्छी तरह से समझती थी. वो अच्छी तरह समझ रही थी की ससुर जी मौके का फायदा उठा के सहानुभूति जताने का बहाना करके उसकी पीठ और नितम्ब पे हाथ फेर रहे हैं. इतने में गधा झर गया और उसने अपना तीन फ़ुट लम्बा लंड बाहर निकाल लीया. गधे के लंड में से अब भी वीर्य गिर रहा था. ससुर जी ने दोनों गधों को रास्ते से हटाया और सविता के चूतडों पे हथेली रख कर उसे आगे की और हलके से धक्का देता हुआ बोला,

” चलो बहू अब हम खेत चलत हैं.”

” चलिए पिताजी.”

” बहू मालूम है तुम्हारी सासू माँ भी मुझे गधा बोलती है.”

” हा.. ! क्यों ? आप तो इतने अच्छे हैं.”

” बहू तुम तो बहुत भोली हो. वो तो कीसी और वझे से मुझे गधा बोलती है.” अचानक सविता रामलाल का मतलब समझ गई. शायद ससुर जी का लंड भी गधे के लंड के माफिक लम्बा था तुभी सासू माँ ससुर जी को गधा बोलती थी. इतनी सी बात समझ नहीं आई ये सोच कर सविता अपने आप को मन ही मन कोसने लगी. सविता सोच रही थी की ससुर जी उससे कुछ ज़्यादा ही खुल कर बातें करने लगे हैं. इस तरह की बातें बहू और ससुर के बीच तो नहीं होती हैं. बात बात में प्यार जताने के लीये उसकी पीठ और नितम्ब पे भी हाथ फेर देते थे.थोरी ही देर में दोनों खेत में पहुँच गए. रामलाल ने सविता को सारा खेत दिखाया और खेत में काम करने वाली औरतों से भी मिलवाया. सविता थक गई थी इसलिए रामलाल ने उसे एक आम के पैर के नीचे बैठा दीया.

” बहू तुम यहाँ आराम करो मैं कीसी औरत को तुम्हारे पास भेजता हूँ. मुझे थोड़ा पम्प हौस में काम है.”

” ठीक है पिताजी मैं यहाँ बैठ जाती हूँ.”

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