Articles by "मामा भांजी चुदाई की कहानी"

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जवान भांजी की कुंवारी गांड का मजा लिया

 
 
जवान भांजी की कुंवारी गांड का मजा लिया

बात जून की छुट्टियों की है मेरे घर पर मेरी मौसी की लड़की और उनके साथ उनकी बेटी सौमिया आई हुई थी जो कानपुर में रहती हैं. सौमिया की उम्र 19 साल थी. रंग गोरा, उभरा हुआ सीना, एकदम कमसिन थी. उसका फिगर साईज 32 34 36 का होगा. उसे मैंने 4 साल बाद देखा था. मैं तो उसे देखकर ही पागल सा हो गया था. क्या कमसिन जवान लग रही थी.

मैंने उससे पूछा- सौमिया तुम तो एकदम बदल गई हो?

उसने कहा- मामा, आप भी बदल गये हो. और हम लोग 4 साल बाद मिल रहे हैं बदलाव तो होगा ही!

मैंने हाँ में जबाब दिया.

उसके बाद सब लोग बैठकर बातचीत करने लगे और मैं सौमिया को चोदने के बारे में सोचने लगा कि इसे कैसे चोदा जाये.

एक दिन गुजरा. मैं सारी रात सिर्फ सौमिया के बारे में सोचता रहा.

रात में न सोने की वजह से सुबह लेट तक सो रहा था कि तभी अचानक किसी ने मेरी चादर खींची.

मैंने देखा कि सौमिया ही मुझे जगाने आई है और उसने कहा- रात में क्या सपना देख रहे थे? अभी 8 बज चुके हैं. उठो, मुझे मार्केट जाना है.

तो मैं एकदम उठा और उससे कहा- तुम तैयार हो जाओ. तब तक मैं भी तैयार हो जाता हूँ.

उसके बाद मैं फ्रेश हुआ, नहाया और तैयार हो गया.

मैंने सौमिया से कहा- चलो!

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जब सौमिया तैयार होकर मेरे सामने आई तो ऐसा लगा जैसे कोई परी सामने खड़ी हो. उसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया पर किसी तरह मैंने खुद

को संभाला और उसे बाइक पर लेकर मार्केट चला गया.

पर वो मुझसे दूर बैठी थी और मैं चाहता था कि वह मुझसे चिपक कर बैठे ताकि उसके मम्में मेरी पीठ पर टच हों. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था.

तभी मैंने अचानक ब्रेक मारी और वो मुझसे चिपक गई. मुझे ऐसा लगा जैसे रेगिस्तान में बहार आ गई. अब उसके मम्मे मेरी पीठ पर टच होने लगे.

अब मैंने हिम्मत करके उसका एक हाथ जो मेरी कमर पर था, पकड़ कर अपनी जांघ पर रखवा लिया.

मैं उससे बातें करने लगा. तभी उसने अपना हाथ मेरी जांघ से हटा लिया.

मैंने पूछा- क्या हुआ?

तो उसने कहा- कुछ नहीं, मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था.

उसके बाद हम दोनों ने शापिंग की, वहीं लंच किया और वापिस आ गये.

शाम के 6 बज चुके थे. उसके बाद हम सब लोगों ने खाना खाया और बैठ के बातें करने लगे. मैं बार बार सौमिया को टच कर रहा था. उसके स्पर्श से मेरा 6 इंच का लंड खड़ा हो गया.

तभी मैं वहां से उठा और छत पर आ गया. शायद उसने भी मेरे लोवर में बना तम्बू देख लिया था मैं अपने तख्त पर लेटा सौमिया के बारे में सोचकर अपना लंड मसल रहा था.

अचानक सौमिया वहां आ गई और कहा- मामा, क्या कर रहे हो? आप बहुत जल्दी लेट गये. क्या बात है? किसी की याद आ रही है क्या जो अकेले में लेट गये आकर?

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मैंने कहा- नहीं!

और वो मेरे पास बैठ गई.

तभी उसने कहा- मैं आज थक गई हूँ, मेरी कमर में दर्द हो रहा है.

तो मैंने कहा- नीचे जाओ और दीदी से बाम लगवा लो.

उसने कहा- मैंने मम्मी से कहा पर वो नाराज होने लगीं.

तो आवाज लगा कर मैंने कहा- दीदी, सौमिया के कमर में दर्द हो रहा है इसके बाम लगा दो.

दीदी ने कहा- अगर तुझे इतनी चिंता है तो तू ही लगा दे, तू भी तो उसका मामा है.

मुझे यह बात सुनकर बहुत खुशी हुई. मैं झट से नीचे गया और बाम ले आया.

मैंने कहा- सौमिया लेटो, मैं बाम लगा देता हूँ.

उस समय उसने हाफ लोवर और टीशर्ट पहन रखी थी.

मैंने कहा- सौमिया, तुम्हारी चुस्त टीशर्ट में हाथ डाल कर बाम कैसे लग पायेगा? कुछ ढीला पहन कर आओ.

पर उसने कहा- अब मैं चेंज नहीं करूँगी, आप टीशर्ट ऊपर कर दो.

मैंने टीशर्ट ऊपर की. टीशर्ट चुस्त होने की वजह से उसका पेट भी खुल गया. अब जैसे ही मैंने उसकी नंगी पीठ पर हाथ रखा, मेरा लंड फिर से टाइट होने लगा. अब धीरे-धीरे अपने एक हाथ से बाम लगा रहा था और दूसरा हाथ उसके मम्मों पर टच करने लगा.

तभी उसने कहा- मामा पूरी पीठ पर बाम लगाओ.

अब मैं अपना हाथ उसकी पूरी पीठ घुमाने लगा. अब उसकी ब्रा मेरे हाथ में फंसने लगे.

मैंने कहा- सौमिया, तुम्हारी ब्रा फंस रही है.

तो उसने कहा- कोई बात नहीं, ऐसे लगा दो.

मैंने कहा- यहाँ कौन देख रहा है? इसे खोल दो.

तो उसने मना कर दिया.

मुझे लगा कि अब मैं इसे नहीं चोद पाऊँगा.

तभी मैंने उसे अपने बीच में किया और अपने लंड को उसकी गांड सेट किया और मालिश करते हुए आगे पीछे होने लगा. जिससे मेरे लंड का दबाव उसकी गांड पर होने लगा.

जब उसने कोई विरोध नहीं किया तो मेरी हिम्मत और बढ़ गयी. मैंने उसकी ब्रा खोल दी और उसकी टीशर्ट उसके कंधों तक ऊपर कर दी जिससे उसकी पीठ एकदम नंगी हो गई. क्या मस्त गोरी चिकनी पीठ थी.

अब भी उसने कोई विरोध नहीं किया. शायद उसे मज़ा आने लगा था. अब मैं बगल से उसकी चूचियों तक हाथ ले जाने लगा. और कई बार बाम लगाते हुए उसके लोअर की बेल्ट के अंदर भी हाथ ले जाता.

कुछ देर बाद मैं उसके कूल्हों को लोअर के ऊपर से दबाने लगा यह कह कर कि इन्हें दबाने से उसे आराम मिलेगा.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसका लोअर थोड़ा नीचे सरकाया और उसके नंगे कूल्हों को दबाने लगा. अब उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी.

तभी मैंने उसे सीधा और उसके चूचे दबाने दबाने लगा. एक दो बार उसने मना किया- मामा, ऐसा मत करो. ये गलत है.

पर मैंने उसकी एक न सुनी और उसे लिप किस करने लगा.

थोड़ी देर में वो भी मेरा साथ देने लगी. तभी मैंने देर न करते हुए उसकी लोवर उतार दी और उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहलाने लगा. उसकी चूत गीली हो चुकी थी जिससे उसकी पेंटी भी गीली हो चुकी थी.

तभी मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी. उफ क्या मस्त चिकनी चूत थी एकदम गोरी उसकी चूत पर हल्के सुनहरे बाल थे.

उसकी चूत से मादक खुशबू आ रही थी जो मुझे पागल कर रही थी.

पहले मैंने उसकी चूत पर किस किया. मेरे होंठों का स्पर्श होते ही वह सिहर उठी.

फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा जिससे उसके मुँह से सेक्सी आवाज निकलने लगी- आ ऊ आ ऊ आ और जोर से मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.

कुछ देर बाद उसकी चूत से पानी निकल गया और वो झड़ गई.

फिर मैंने उसे अपना लंड चूसने को बोला. मेरा 6 इंच का लंड देख कर वह डर गई और बोली- इतना बड़ा और मोटा मुँह में कैसे जायेगा?

पहले उसने मना किया पर मेरे ज्यादा कहने पर वो मान गई और मेरा लंड चूसने लगी.

उसके मुँह में लंड जाते ही मुझे लगा कि मैं सातवें आसमान पर हूँ. अब हम लोग 69 की पोजीशन में हो गये. वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चूत चाट रहा था.

करीब बीस मिनट बाद उसने कहा- अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है. मामा, अब अपना लंड मेरी चूत में डालो.

मैंने सोचा कि लोहा गर्म है हथौड़ा मार दो. मैंने उसे सीधा लिटाया और उसकी टांगें खोलकर अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और हल्का धक्का दिया. पर चूत टाइट होने के कारण लंड फिसल गया. मैंने फिर लंड सेट किया और हल्का धक्का दिया इस बार भी लंड फिसल गया क्योंकि अभी तक वह चुदी नहीं थी.

इस बार मैंने लंड पकड़ कर धक्का दिया इस बार मेरे लंड का टोपा उसकी चूत कमसिन चूत में घुस गया. टोपा अंदर जाते ही उसकी चीख निकल गई और वह बोली- मामा बाहर निकालो प्लीज बहुत दर्द हो रहा है, मैं मर जाऊँगी.

तभी मैं थोड़ा रुका और उसे लिप किस करने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने फिर एक धक्का दिया और इस बार मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और रोने लगी. उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे.

वह मुझसे दूर होना चाहती थी, तभी मैंने जोर का झटका दिया और इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया. अब उसकी चूत की सील टूट चुकी थी और उसकी चूत से खून और आँखों से आंसू निकल रहे थे.

अब मैं रुका, उसे लिप किस करने लगा और उसके मम्में दबाने लगा. कुछ देर बाद उसका दर्द कम हुआ. उसके बाद मैं अपना लंड आगे पीछे करने लगा. थोड़ी देर बाद वह भी नीचे से अपनी गांड उठाकर मेरा साथ देने लगी.

उसके बाद हम मामा भानजी ने जबरदस्त चुदाई की.

फिर मैंने उसे डागी स्टाइल में चोदा. बीस मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था. मैंने उससे पूछा- अपना पानी कहाँ निकालूं?

तो उसने कहा- मेरी चूत मे ही निकालो और इसकी प्यास बुझा दो.

मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर लेट गया. कुछ देर बाद मैं अपनी नंगी भानजी के शरीर से हट कर उसकी बगल में लेट गया.

थोड़ी ही देर के बाद उसने कहा- कि मुझे और करना है.

तो मैंने कहा- ठीक है, मेरा लंड तैयार करो.

इतना कहते ही उसने मेरा लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी. थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और इस बार मैं लेट गया और उसे ऊपर करके अपने लंड पर बिठाया. मेरा लंड उसकी चूत में उतरता चला गया.

तभी एक बार मैंने उसे लंड से उठाया और फिर से झटके से बैठने को कहा.

इस बार मैंने अपने लंड ऐसा सेट किया कि उसकी गांड में घुसे.

वैसा ही हुआ जैसे ही वह झटके से बैठी, मेरा पूरा लंड एक ही बार में उसकी गांड में घुस गया और वह फिर से चीख उठी और रोने लगी.

पर मैंने उसे उठने नहीं दिया और थोड़ी देर बाद मैंने उसे ऊपर नीचे होने को कहा.

और अब उसे भी मज़ा आने लगा.

उसके बाद मैंने उस रात जमकर उसकी चूत और गांड मारी.

 

छोटी सी बुर में मामा का मोटा लंड

 
 
छोटी सी बुर में मामा का मोटा लंड

चंडीगढ़ से आप सभी ठरकी दोस्तों को राज शर्मा का नमस्कार! मैं एक बार फिर आप सभी के सामने अपनी एक नई कहानी को लेकर हाजिर हूं। आप सभी ने मेरी अपनी पिछली कहानियां पढ़ कर मुझे बहुत मेल व सुझाव दिए उसके लिए आप सभी का धन्यवाद।

मुझसे फेसबुक पर जुड़ने वाले दोस्तों, सभी गर्म आंटी भाभियों का इतना प्यार देने के लिए दिल से शुक्रिया। जिन्होंने मेरी पिछली कहानियों को नहीं पढ़ा वो ऊपर मेरे नाम में दिए लिंक में जाकर मेरी पिछली कहानियां जरूर पढ़ें।

 

मेरे बारे में तो आप सभी जानते ही हैं। मैं राज शर्मा चंडीगढ़ से सैक्सी कहानियां लिखने का व सैक्स करने का बहुत ज्यादा शौकीन हूँ। एक रात भी मेरी ऐसी नहीं होती जब मैं बिना लण्ड का पानी निकाले सोता हूं चाहे मुझे अपने हाथों से ही मुठ ही क्यों न मारनी पड़े। लण्ड तो मेरा हर समय हर जगह खड़ा ही रहता है। पर प्यास तो इनकी रात को ही बुझा पाता हूं।

 

दोस्तो, यह कहानी मेरी एक मित्र सुहानी की है। जिसने मुझे अपनी आप बीती कहानी के माध्यम से प्रकाशित करवाने की रिक्वेस्ट की थी। अब आप इस पूरी कहानी का मजा सुहानी की ही जुबानी सुनिये।

 

मेरा नाम सुहानी है। मैं 22 साल की एक सामान्य सी लड़की हूं। यह कहानी 3 साल पहले की मेरी आप बीती है जो मेरी और मेरे मामा के बीच की चुदाई की है। जिसमें मेरे मामा ने मुझे चोद चोद कर मेरी बुर का भोसड़ा बना दिया।

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मैं गांव में अपने माँ बाप के साथ रहती थी। बारहवीं तक की पढ़ाई मैंने अपने गांव के ही स्कूल से पूरी की। परन्तु मेरा आगे पढ़ने का बहुत मन था। पर गांव में तो 12वीं के बाद कोई कालेज ही नहीं था। तो मैंने अपने मामा मामी के घर से आगे की पढ़ाई पूरी करने की सोची।

 

मेरे मामा और मामी दोनों टीचर हैं। मैंने अपने घर इस बारे में बात की. पहले तो माँ नहीं मानी पर मैंने बाबूजी को मना लिया और उन्होंने मां को मना लिया। जब बाबूजी ने मामी मामा से बात की तो वो मुझे अपने पास रखने को राजी हो गए। मैं भी खुशी खुशी उनके साथ रहने के लिए आ गयी।

 

तब तक मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी पता नहीं था। मेरे मां बाप ने भी मुझे बहुत समझा बुझा कर यहां भेजा था कि अगर तेरी कोई भी शिकायत आयी तो वो वापस बुला लेंगे।

मुझे आगे पढ़ना था तो मैंने उनसे कहा- मैं आपको शिकायत का कोई भी मौका नहीं दूँगी।

 

शहर आकर मामा ने मेरा एक अच्छे कालेज में एडमिशन कर दिया। अब मेरा रोज का नियम हो गया, मैं सुबह तैयार होकर कालेज जाती और शाम को घर आती। फिर घर आकर पढ़ने बैठ जाती। शाम को जब मामी भी वापस घर आ जाती तो उनके घर के कामों में थोड़ा उनकी मदद करती। फिर रात का खाना खाकर थोड़ी देर अपने ही रूम में पढ़ाई करती औऱ सो जाती।

 

कुछ महीने तो मेरे ठीकठाक गुजरे। मामा मामी से मैं जल्दी ही घुलमिल गयी थी तो घर की याद भी नहीं आती थी, यही अब मुझे अपना घर लगता था।

कुछ महीनों बाद मुझे पता चला कि मामा को तो शराब की बुरी लत लगी हुई है, वो रात को मामी से लड़ते रहते थे। पर उनकी लड़ाई किस बात पर होती थी, मैंने कभी ध्यान नहीं दिया।

 

एक रात जब मैं सोई हुई थी तो मामा मामी जोर जोर से चिल्ला रहे थे। मेरी नींद खुल गयी। जब आवाजें कुछ ज्यादा आने लगी तो मैं उनके कमरे की तरफ गयी। मैंने उनकी खिड़की की झिरी से देखा मामा पूरे नंगे खड़े थे और मामी से बार बार अपने लिंग को चूसने को बोल रहे थे।

मैंने पहली बार उनका लिंग देखा, वो बहुत बड़ा था। अब तक मैंने छोटे बच्चों की ही लुल्लियां देखी थी।

मामी मान ही नहीं रही थी इसी चक्कर में दोनों लड़ रहे थे।

 

मामी भी पूरी नंगी थी मैं यह सब खिड़की से छुप कर देख रही थी। जब बहुत देर कहने के बाद भी मामी नहीं मानी तो मामा ने मामी को बेड पर पटक दिया और उन्हें गालियां देते हुये उनकी बुर में अपना लिंग डालकर उन्हें दनादन चोदने लगे।

 

मैं पहली बार किसी की चुदाई देख रही थी। मामी आह आह …’ की आवाज के साथ चुद रही थी। यह सब देख कर मुझे भी कुछ होने लगा। मेरी बुर का दाना भी अंदर से फड़कने लगा। मेरा हाथ अपने आप ही वहां चला गया। और मैं आज पहली बार अपनी बुर मसलने लगी।

 

मामा लगातार मामी को चोद रहे थे। उनकी चुदाई की आवाज ने मेरा भी बुरा हाल कर दिया था। थोड़ी देर में मामा हांफते हुए मामी के ऊपर ढेर हो गए। मैं ये देख कर हैरान थी कि मामी ने मामा का इतना मोटा लिंग कैसे अपने अंदर पूरा ले लिया। थोड़ी देर में मामा उठे और नंगे ही बाथरूम चले गए मामी तो ऐसे ही करवट बदल कर सो गई।

 

मैं अपने रूम में वापस आ गयी। ये मेरे जीवन का पहला सेक्स अनुभव था जो मेरी ख़ुद की मामा मामी ने मुझे दिया था। अब तो जब भी मुझे मौके मिलते मैं उन दोनों की चुदाई देखने लगी। मामी मामा का ज्यादा साथ नहीं देती थी। इस वजह से मामा उन्हें और भी बुरी तरह से चोदते थे।

इनकी चुदाई देख देख कर अब मैं भी अपनी बुर सहलाना शुरू कर चुकी थी मुझे भी बड़ा मजा आता था। मामी मामा की शराब पीकर बुरी तरह चोदने की आदत से परेशान हो गयी थी।

 

एक दिन पता चला कि मामी का ट्रांसफर कहीं और हो गया है। मुझे तो लगता है मामा से परेशान होकर ही उन्होंने उनसे किनारा काट लिया।

मामी चली गयी औऱ हमारे साथ रहने नानी आ गयी।

 

अब नानी और मैं ही घर का सारा काम देखते थे। कुछ महीने तो ये भी सही गुजरे पर अब मामा और ज्यादा दारू पीने लगे।

अगले महीने से मेरे पेपर होने थे तो मैंने मामा को मुझे थोड़ा पढ़ा देने को कहा।

 

मामा बोले- दिन में तो मैं स्कूल में होता हूँ, रात में खाना खाने के बाद पढ़ा दूँगा।

अब में रात को खाना खाने के बाद मामा के कमरे में पढ़ने जाने लगी।

 

दो दिन तो सब ठीक रहा पर तीसरे दिन मैंने महसूस किया कि मामा मुझे समझाने के बहाने से इधर उधर छू रहे हैं। मैंने कुछ नहीं कहा क्योंकि मुझे भी अच्छा लग रहा था।

धीरे धीरे मामा की हरकतें बढ़ती जा रही थी पर मैं भी उन्हें मना नहीं कर पाई।

 

एक रात ज्यादा देर तक पढ़ाने के बाद मामा ने कहा- आज तू यहीं सो जा।

उस दिन माना ने ज्यादा पी हुई थी। मैंने मना किया तो वो मुझे डांटने लगे- मैं बोल रहा हूँ ना, सो जा।

मैं डर गई और चुपचाप वहीं सो गई।

 

थोड़ी देर तो मुझे नींद नहीं आयी, फिर कुछ देर बाद आंख लग ही गयी।

 

रात में मुझे लगा कि कोई हाथ मेरे ऊपर रेंग रहा है। मैं अचानक उठ गई देखा मामा पूरे नंगे होकर मेरे बगल में लेटे हैं और मेरी चूचियाँ दबा रहे हैं।

मामा, ये क्या कर रहे हो? हटो यहां से।

मेरी रानी मजे ले। देख, तेरी मामी कई महीनों से मेरे पास नहीं है और मेरा बहुत मन हो रहा है। आज मुझे तुझे चोदना है, चोदने दे मुझे।

नहीं नहीं मामा, ये गलत है। मैं आपकी भांजी हूं। छोड़ दो मुझे।मैं ऊपरी मन से ऐसा बोल रही थी लेकिन मेरे दिल की गहरायी में मेरी वासना मुझे मामा को आगे बढ़ने देने के लिए कह रही थी.

 

मामा मेरे ऊपर आ गए और जोर से मेरी चूचियाँ मसलते हुए बोले- छोड़ ही तो नहीं सकता मेरी रानी। आज रात मैं तुझे चोद कर ही रहूँगा।

 

मामा मेरे बदन के साथ जोर से खिलवाड़ करने लगे, वो मेरी सलवार के ऊपर से ही मेरी बुर सहलाने लगे। लेकिन मैं दिखावे के लिए थोड़ा बहुत विरोध करती रही मामा का!

मामा मुझे समझा रहे थे- रानी, मान जा ना! अगर तेरी मामी होती तो ये दिन ही ना आते. अभी वो नहीं है तो थोड़ा अपने मामा की मदद कर दे। वैसे भी अब तू चुदने लायक हो चुकी है कोई ना कोई तो तेरी बुर फाड़ेगा ही तो तेरा मामा क्यों नहीं। घर की बात घर में भी रहेगी और तुझे भी घर पर ही लण्ड मिलता रहेगा। दोनों के मजे हो जाएंगे। अगर अब भी तू नहीं मानी तो मैं तेरे घर वालों को तेरे बिगड़ने की बात बता दूँगा और वे तुझे वापस बुला लेंगे। फिर हो गयी तेरी आगे की पढ़ाई। सोच ले पढ़ाई के साथ साथ चुदाई के मजे या यहां से घर को विदाई।

 

मामा को जब लगा कि अब मैं उन्हें कुछ भी नहीं बोलूंगी तो वो मेरे कपड़े उतारने लगे, उन्होंने मुझे पूरी नंगी कर दिया। मेरी बुर देखते ही वो बोले- वाह रानी, क्या मस्त बुर छुपा रखी थी तूने! आज से ये बुर मेरी हुई मैं इसे अब रोज प्यार करूँगा।

मामा धीरे धीरे मुझे गर्म करने लगे। कुछ ही देर में मुझे और भी अच्छा लगने लगा। इतने दिन उनकी चुदाई देख देख कर अब मैं भी लुच्ची होने लगी। मैं भी सब कुछ भूल कर उनका साथ देने लगी। वो कभी मेरी चूचियाँ मसलते कभी चूसते और इस प्रकार वो मेरी बुर तक पहुँच गए और चाटने लगे।

 

कुछ ही देर के बुर चाटने में ही मेरी बुरी हालत हो गयी और मैं उनके मुंह में ही झड़ गयी।

 

फिर मामा ने मेरे आगे अपना लिंग मेरे आगे जार दिया और उसे चूसने को बोले।

मामा, मुझे ये सब करना नहीं आता।

सब सीख जाओगी रानी। पहले इसे चूमो ओर फिर इसे मुंह में लेकर आगे पीछे करो।

 

मैंने मामा की बात मान कर उनका लंड अपने मुंह में लिए लियी. कुछ देर तो मुझे अच्छा नहीं लगा लेकिन फिर सही लगने लगा. अजीब सी स्मेल आ रही थी उनके लिंग से। मामा मेरे ही मुंह में धक्के लगाने लगे।

मेरी बुर फिर गीली हो गयी। मैंने मामा से कहा- मामा, नीचे कुछ हो रहा है मुझे। अजीब सा लग रहा है, कुछ करो।

मेरी रानी, अब तेरी ये बुर मेरा ये लिंग अपने अंदर मांग रही है। अब चुदने को तैयार हो जा।

 

मामा ने पास में रखी क्रीम पहले मेरी बुर पर अंदर तक लगाई फिर खूब सारी क्रीम अपने लिंग पर भी मल ली।

मामा बोले- मेरी जान, पहले थोड़ा दर्द होता है, उसके बाद बहुत मजे हैं उसे सहन करना। तू अगर चिल्ललाई तो मां जग जाएगी और तेरी ही बदनामी होगी। तू ही मेरे लिंग के नीचे नंगी लेटी है मेरे कमरे में। इसलिए अपनी ही पेंटी को अपने मुंह मे ठूंस ले ताकि तू आवाज न कर सके।

 

मैंने अपनी पेंटी अपने मुंह मे ठूँस ली। मामा ने थोड़ी देर लिंग को बुर के मुंह पर रगड़ा फिर एक हाथ से लिंग पकड़ कर मेरे बुर के छेद पर लगाया और दूसरा हाथ मेरे मुंह पर रखकर बोले- चल रानी, अपनी टांगें फैला ले और शरीर को ढीला छोड़ दे।

वैसा ही किया मैंने मेरा भी बुरा हाल था, मैं भी यही चाह रही थी कि अब मामा जल्दी से अपना लिंग मेरी बुर में डाल ही दें।

 

जैसे ही लिंग बुर के मुंह पर सेट हुआ, मामा ने एक जोर का धक्का लगा दिया। उनका लिंग मेरी बुर की धज्जियां उड़ाता हुआ आधा मेरी बुर में घुस गया। मेरी तो हालत खराब हो गयी थी. ऐसा लगा जैसे किसी ने बुर में चाकू डाल कर चीर दिया हो। इतना दर्द होगा ये तो मैंने सोचा ही नहीं था। मैंने चिल्लाने की बहुत कोशिश की पर मामा ने अपना हाथ मेरे मुंह से हटाया ही नहीं। मैंने उन्हें अपने से धकेलने की बहुत कोशिश की पर उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया। अब वो भी हिल नहीं रहे थे।

 

थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद उन्होंने लिंग को थोड़ा बाहर निकाला और फिर पूरे वेग के साथ दुबारा धक्का मारा। इस बार उनका लिंग मेरी बुर की सील तोड़ता हुआ पूरा अंदर घुस गया।

मैं तो बेहोश सी हो गयी, दर्द से बुरा हाल था। आँख से आंसू लगातार बह रहे थे पर मुंह में पेंटी व मामा का हाथ होने के कारण में चीख ही नहीं पाई।

 

मामा ने मुझ पर ध्यान दिए बगैर अपनी चुदाई जारी रखी। उनका लिंग झेलना मुझे मुश्किल हो रहा था तो मैंने मामा को रुकने का इशारा किया।

मामा लिंग को बुर में डाले ही रुक गए और मेरे मुंह से पेंटी निकाल दी।

मामा, निकाल लो इसे। बहुत दर्द हो रहा है। मैं आपका लिंग सह नहीं पाऊंगी। देखो आपने मेरी बुर का क्या हाल कर दिया है वो पूरी फट गई है। उसमें से खून भी निकल रहा है। छोड़ दो मामा मुझे रहम करो अपनी भांजी पर!

रानी बस हो गया। अब तो पूरा डाल दिया है मैंने अंदर। पहली बार मे दर्द और थोड़ा खून तो निकलता ही है डरने की कोई बात नहीं है। तेरी बुर थोड़ी ही देर में मेरे लिंग लायक जगह बना लेगी फिर तो मजे ही मजे हैं। रही छोड़ने की बात तो तुझ जैसी कुंवारी लड़की को कैसे छोड़ सकता हूँ जिसकी बुर में मेरा पूरा लिंग घुसा हुआ है। बहुत सालों बाद तो कुंवारी बुर और बहुत दिनों बाद बुर नसीब हुई है। आज तो मैं तुझे सारी रात चोदूँगा तभी जाकर मेरा लिंग शांत होगा।

 

फिर मामा मुझे पेलने लगे। थोड़ी देर में अब मुझे भी मजा आने लगा। मैं भी अब उछल उछल कर उनका साथ देने लगी। मामा मुझे आसन बदल बदल कर चोदने लगे इस चुदाई में मैं दो बार झड़ गयी। मामा भी थोड़ी देर चोदने के बाद मेरी बुर में अपना माल गिराने लगे। उनके माल के बुर के अंदर जाने से मेरी जलती बुर को शांति सी मिल गयी। मैंने भी मामा को कस कर बांहों में भर लिया। मामा ने भी मुझे अपने से चिपटा लिया और मुझे बेतहासा किस करने लगे।

 

थोड़ी देर ऐसे ही हम दोनों लेट कर अपनी सांसों को कंट्रोल करने लगे। जब सब कुछ शांत हो गया तो मामा मेरी चुचियों को सहलाकर बोले- अब बता मेरी जान, कैसा लगा अपने मामा से चुद कर?

मामा कैसा लगा आपने तो मेरी जान ही निकाल दी थी। मेरी इतनी छोटी सी बुर में अपना इतना मोटा लिंग डाल कर इसे फाड़ डाला। देखो मेरी नाजुक सी बुर कैसी कर दी आपने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा। अपनी भांजी को ही चोद डाला। अगर किसी को पता चल गया तो क्या होगा?”

मेरी जान, किसी को पता नहीं चलेगा और तेरी इस जवानी को अब मैं रोज मसलूंगा. तुझे भी घर पर ही चुदाई के मजे मिलेंगे तो बदनामी का कोई डर नहीं बस तू खुल कर चुदाई का मजा ले।

 

मामा और मैं दोनों ने बाथरूम जाकर अपने आप को साफ किया मामा ने मेरी बुर अच्छे से साफ की। मेरी हालत खराब थी मेरे से चला भी नहीं जा रहा था तो मामा मुझे गोदी में उठाकर बेडरूम तक लाये। बेड की चादर तो खून से खराब हो गयी थी मामा ने उसे बदला और बिस्तर पर लिटा दिया।

 

उस रात मामा ने मुझे चार बार चोदा और मेरी हालत खराब कर डाली। उन्होंने बुर चोद चोद कर उसे खून के आंसू रुला दिए। सुबह तो मुझ से चला भी नहीं जा रहा था। दो दिन तो मैं स्कूल भी नहीं जा पाई। नानी से पैर फिसलने का बहाना बना कर किसी तरह बच गयी।

इन दो दिनों में मैंने मामा को पास फटकने भी नहीं दिया, न उनके कमरे की तरफ ही गयी।

 

पर तीसरे दिन से मेरी चुदाई फिर से शुरू हो गयी, मामा मुझे मेरे ही कमरे में चोदने आ गए। इस बार भी दर्द हुआ पर पहले जितना नहीं।

अब तो मामा मुझे जब भी समय मिलता, तब चोदने लगे। उनकी चुदाई तो कभी दिन में भी शुरू हो जाती। अब तो ये सिलसिला ही चल निकला। लगातार चुदाई से मैं प्रेग्नेंट हो गयी। मामा ने मेरा गर्भपात करा दिया पर मामा तो फिर भी नहीं माने हर बार मेरी बुर में ही अपना माल डालते रहे।

 

अब तो वो मुझे अपनी बीवी ही समझने लगे, रात को दारू पीकर आते और खूब चोदते। तीन साल मैं उनके घर रही जिसमें 4 बार तो मुझे गर्भपात ही कराना पड़ा। इतनी बार गर्भपात से मैं कमजोर हो गयी मेरी तबियत भी ठीक नहीं रहने लगी। पर मामा पर तो कोई असर ही नहीं हो रहा था, उन्हें तो बस मेरी बुर चोदने से ही मतलब था।

 

जब मामा की अति हो गयी तो मैंने अपने रहने का इंतजाम अपनी एक सहेली के साथ उसके रूम में कर लिया.

तब जाकर मामा की चुदाई से मेरी जान छूटी।

पर तब तक तो मेरी बुर का भोसड़ा बन चुका था।

Mama Ji Bhanji ki Chut Mein Mota Lund Dala

 

Mama Ji Bhanji ki Chut Mein Mota Lund Dala

मेरा नाम लवली है। मैं सुल्तानपुर की रहने वाली हूँ। मैं 24 साल की जवान लडकी हूँ। अभी मेरा B.Sc फाइनल चल रहा है। मैं जवान और खूबसूरत हूँ। मेरा फिगर बिलकुल दीपिका पादुकोण की तरह है। 34 30 36 का फिगर है मेरा। मुझे देखते ही लड़को के लंड खड़े हो जाते है। सब मुझे चोदने के जुगाड़ में रहते है। पर मैं सिर्फ स्मार्ट लड़को से चुदवाती हूँ। मेरे एक ही मामा है जिनका नाम हरिशंकर मामा है। वो हफ्ते में रोज ही मेरे घर आ जाते थे। जबसे मेरे पापा की मौत हुई थी मामा ही घर के खर्च के लिए पैसा देते थे। वो बहुत अच्छे थे और मेरा, मेरे भाई और माँ का बड़ा ख्याल रखते थे। धीरे धीरे मैं जवान होती चली गयी और मामा की नियत अब मुझे चोदने की होने लगी।

 

दोस्तों मेरे घर में सिर्फ तीन लोग ही थे मैं, भाई और माँ। जब भी मामा जी आते मैं ही उनके लिए चाय नाश्ता बनाती थी। इतना ही नही उन्होंने हमारे घर को बनवाने के लिए काफी पैसा दिया था पर मुझे नही मालुम था की एक दिन वो मुझे चोदकर सब वसूल कर लेंगे। एक दिन जब मैं मामा जी को खाना देने गयी तो मुझे पास ही बिठा लिया और चिकनी चुपड़ी बाते करने लगे। मैं समझ नही पा रही थी की क्या हो रहा है।

 

लवली बेटी!! कभी इस तरह के विडियो देखे है??” मामा जी बोले

 

और फोन में चुदाई वाले विडियो दिखाने लगे। उसमे लड़का लड़की आपस में किस कर रहे थे। मैं देखने लगी। धीरे धीरे मामा ने मुझे अपने से चिपका लिया और जबरदस्ती दिखाने लगे। फिर मुझे भी गाल पर किस करने लगे। इस तरह से उन्होंने मुझे चुदाई का लेसन सिखाना शुरू कर दिया। मैं जब जब उनके लिए कुछ चाय नास्ता लेकर जाती मुझे पास बिठा लेते और हाथ पकड़कर प्यार करते। अब मैं समझ गयी थी की वो मुझे चोदने के मूड में आ गये है। एक दिन जब मेरी माँ कही गयी थी उस दिन मामा ने फिर से मुझे विडियो दिखाना शुरू कर दिया।

 

लवली बेटा!! आज हम तुम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड वाला नाटक का खेल खेलते हैमामा जी बोले

 

ओकेमैं बोली

 

आज तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनने की एक्टिंग करोवो बोले

 

ठीक है मामा जीमैं बोली

 

उसके बाद मुझे बेड पर ले गये और अपनी गोद में बिठा लिए। फिर मुझे सब जगह किस करने लगे। मैं उस दिन लाल टॉप और स्कर्ट पहनी हुई थी। मामा ने मेरे बाल खोल दिए। खुले में मेरे काले बाल बड़े सेक्सी दिख रहे थे क्यूंकि वो घने और लम्बे थे।

 

अब लवली बेटे मुझे गर्लफ्रेंड की तरह किस करोमामा बोले

 

Mote Lund Se Bhanji Ki Chudai

मैं उनको किस करने लगी। फिर वो अपनी तरफ से करने लगे। ऐसे हम दोनों का चुम्मा चाटी चालु हो गया। उसके बाद हम दोनों ही चुदासे बन गये। हरीशंकर मामा ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रखकर कसके चूसने लगे। मुझे गर्मी चढ़ गयी। जोश आ गया और अब मेरा भी चुदने का दिल अंदर से करने लगा। मैं भी जोश में आकर उनके लिप्स चूसने लगी और दोनों साइड से होठ का किस चालू हो गया था। अब मुझे बड़ा आनन्द मिल रहा था। मेरे लाल रंग के टॉप से मेरी 34 इंच की हरी भरी चूचियां मेरे मामा जी को दिख रही थी। वो हाथ लगाकर टच करने लगे और दाबने लगे। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा हा हा सी सी सीकरने लगी। अब मामा जी और कामुक हो गये। मेरे टॉप के उपर से दूध दबाने लगे। कस कसके दबाने लगे। मेरी आहे और जादा तेज हो गयी थी। आज पहली बार कोई मर्द मेरे दूध मसल रहा था। चुदने को तडप रही थी मैं।

 

भांजी!! तेरे दूध तो अब काफी बड़े हो गये हैमामा जी बोले

 

तो मुंह में लेकर चूस लीजिये मामा जीमैं बोली

 

दोस्तों उसके बाद वही हुआ। मामा ने मेरे टॉप को उतरवा दिया। मैंने अंदर समीज पहन रखी थी। मेरे 34 की बड़ी बड़ी चूचियां समीज के उपर से गदर मचा रही थी। मामा ने मुझे फिर से गोद में बिठा लिया और चूची को दबाने लगी। मामा की नजरो में सिर्फ हवस थी। इधर मैं भी आज लंड खाने के मूड में थी। मामा जी सफ़ेद समीज के उपर से मेरी दूध को मुंह में लेकर चूसने लगे। कुछ देर उपर से मसल रहे थे मेरे दोनों मस्त मस्त आम को।

 

फिर समीज भी उतरवा दी। अब मैं नंगी हो गयी। मेरे काले लम्बे बाल खुले हुए थे और मेरे दोनों आम को ढंक रहे थे। मामा ने मेरे बालो को पकड़कर पीछे कर दिया। फिर मेरे दूध को हाथ में ले लिया। मेरी एक एक मुसम्मी आधा आधा किलो की थी। मेरे चूची इतनी कामुक थी की कोई भी सिर्फ देखकर ही झड़ जाता। मामा ने अपनी शर्ट बनियान उतार दिया और उपर से नंगे हो गये और मुझे फिर से गोद में ले लिया। सेक्सी होकर मुझे अपने सीने से चिपका लिया और बड़ी जोर का हग दिया। अब मैं और हरीशंकर मामा जी दोनों की उपर से नंगे थे।

 

मेरे दूध सफ़ेद थे और कसे कसे थे। जबकि मेरी निपल्स काली काली गोल भूरे छल्लो के घिरे हुए थे। मामा ने मेरी लेफ्ट साइड वाली चूची को पकड़ा और मुंह में डाल लिया और मस्ती से चूसने लगे। मैं बेचैन होकर “……अईअई….अई…..इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगे। मामा चूसने लगे। मैं भी मजे काटने लगी। वो मेरी उभरी, जवानी के रस से भीगी चूची की निपल्स अच्छे से चूसने लगे। मैं बेचैन हो रही थी। उनको पिला रही थी।

 

ओह्ह मामा जी!! you are so great!!” suck me hard सी सी सीहा हा..मैं बोल रही थी

 

वो दांत चला चलाकर चूस रहे थे। मेरी नर्म नर्म छाती को अपने पैने दांतों से चबा चबाकर छलनी कर रहे थे। मैं कसक रही थी, भेड़ की तरह मिमिया रही थी। पर मामा जी मेरी जवानी चूसने में मस्त थे। फिर मेरी दूसरी छाती भी मुंह में लेकर पीने लगे। मैं जन्नत में पहुच गयी थी। मामा ने आज मुझे जवानी का सुख दे दिया था। मेरे अंदर की कामुकता को जागृत कर दिया था।

 

चलो लवली बेटा लेट जाओ!!हरीशंकर मामा जी बोले

 

मुझे पलंग पर लिटा दिया। मेरी स्कर्ट खोल डाली। अब मेरी चूत पर वो आ गये। मैंने गुलाबी रंग की जाली वाली पेंटी पहनी थी। मामा उपर से जीभ लगाकर चाटने लगे।

 

ये आप क्या कर रहे है???” मैं बोली

 

बेटी!! तेरी चूत के फूल को खिला रहा हूँ। अभी तेरे को भरपूर मजा मिलेगामामा जी बोले

 

पेंटी के उपर से ऊँगली लगाकर मेरे बुर के दाने को घिसने लगे। और जीभ लगाकर चाटने लगे। मैं “……अईअई….अई…..इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी। फिर पेंटी को उतार दिया। अब मेरी मस्त मस्त बुर का दर्शन करने लगे। दोस्तों मैं तो काफी गोरी थी पर मेरी चूत सांवली सलोनी थी। मामा जी जीभ लगाकर उसका रस चाटने लगे। मैं उछल पड़ी क्यूंकि मुझे गुदगुदी हो रही थी। मामा जी मेरे चूत के फूल को अच्छी तरह मुंह लगाकर चाटने चूसने लगे। मैं अपनी कमर और गांड हवा में उठा रही थी क्यूंकि मुझे बहुत अधिक नशा मिल रहा था।

 

“ohh!! yes yes yes मामा जी जी!! मेरी चूत में अपनी नुकीली जीभ घुसाकर चूसो!!मैं कहने लगी

 

उसके बाद तो मामा जी बड़े चुदक्कड मर्द बन गये और मेरे पैर खोलकर अच्छे से मेरी बुर पीने लगे। जैसे लोग मलाई को चाटते है वैसे चाट रहे थे। मेरी चूत के भगोष्ठ बड़े बड़े थे, फिसलन भरे और चमकदार चूत के ओंठ थे। बिलकुल जेली जैसे दिखते थे उसे मामा जी अपनी खुदरी जीभ से खुरच खुरच कर चाट रहे थे। मैं अई…..अई….अईअहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” बोलकर झड़ने वाली थी। मामा जी कई मिनट तक मेरे चूत के दाने को किसी रसीली लीची समझकर चूसते रहे। उनको भरपूर मजा मिल गया। फिर मैं झड़ गयी। मेरी चूत से जो रस निकला उसे मामा जी पी लिए।

 

मामा जी!! आज आपने मुझे बड़ा मजा दे दियामैं बोली

 

दोस्तों अत्यधिक उत्तेजना की वजह से मेरी चूत की वेदी फूलकर कुप्पा हो गयी थी। मेरी चूत किसी जलेबी की तरह रस से नहा गयी। मामा की खुदरी जीभ अब भी मेरी फिसलनभरी चूत में सरक रही थी। मैं अपने पेट को बार बार उठा रही थी। मैं पागल हो रही थी। मामा जी आज मेरी बुर को खा लेना चाहते थे। मैं चुदने के लिए मचल रही थी।

 

आहहहहह मामा जी!! अब देर मत करो। डाल दो अपना लंड मेरे चूत में और कसके चोद दो मुझे!!मैं कामातुर होने कहने लगी

 

हरीशंकर मामा ने अब अपनी पेंट खोली और उतार दी। अपना कच्छा खोलकर अपने 10 इंच लंड को फेटने लगे। उनका लौड़ा किसी गधे के लौड़े की तरह बड़ा सा था। मुठ दे देकर चूसने लगे। फिर लंड को हाथ से पकड़ लिया और मेरी चूत की गद्दीदार वेदी को पीटने लगे। मैं आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हहसी सी सी सी..हा हा हा..करने लगी। मामा ने अपने मोटे सुपारे से मेरी चूत की पिटाई कर डाली। फिर सुपारे को मेरी बुर के लिप्स पर घिसने लगे। मैं कसक उठी। गर्म गर्म सांसे अपनी नाक से छोड़ने लगी। मामा भी चुदासे हो गये और जोर जोर से घिसने लगे। फिर लंड को मेरी बुर के छेद पर रखकर अंदर डालने लगे। मैं दर्द से काँप उठी। मामा का लंड मेरी चूत में घुस गया। अब वो मुझे चोदने लगे। मैं और तेज तेज आवाज निकालने लगी।

 

मामा जी और जल्दी जल्दी पेलो!! फाड़ दो मेरे भोसड़े को!!मैं किसी रंडी की तरह बोली

 

अब तो हरीशंकर मामा जी मेरी दोनों टांग खोलकर जल्दी जल्दी मुझे चोदने लगे। मेरी कसी कसी चूत में उनका 10 इंची लंड किसी खूटे की तरह गड़ा हुआ था। वो जल्दी जल्दी संहार करने लगे। फटाफट फटके मार मारके मजा देने लगे। मैं मस्त होकर चुदवाने लगी। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँहूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अईअईअई…..”करने लगी। वो मेरी कसी कसी बुर में लंड घुसाकर मुझे बेदर्दी से चोद रहे थे। मुझे दर्द भी हो रहा था और आनन्द भी मिल रहा था। एक बार वो फिर से मेरे चिकने बदन पर लेट गये और मेरी 34 इंच की रस से भरी चूची को हाथ से दबोटने लगे। दबाने, मसलने, लगे। मुंह में लेकर काटना शुरू कर दिए। फिर चूसने लगे। मेरी हालत खराब कर दी। हरीशंकर मामा जी अब मेरे स्तन पी पीकर मेरी चूत में लंड घुसा रहे थे। मेरा भोसड़ा फाड़ रहे थे। मैं भी कामुक होकर अपनी गांड और कमर उठाने लगी। हा हा हाबोलकर वो धक्के पर धक्के देते रहे। और अब झड़ने वाले हो गये।

 

मामा जी!! मेरे बिल में ही अपना माल छोड़नामैं बोली

 

अब वो और जोर जोर से धक्का मारते हुए मेरी बुर में ही झड़ गये। मैं उनको कसके सीने में दबा ली।

 

क्यों रंडी!! मजा आया की नहीवो पूछने लगे

 

मामा जी!! आज आपने अपनी भांजी को चोद चोदकर अपनी रंडी बना दियामैं कही

 

उसके बाद वो फिर से मेरे लब चूसने लगे। फिर मामा चले गये। कुछ दिन बाद वो फिर आये। मेरी माँ उसके पास जाकर बाते करने लगी। मेरी माँ उनको अपना प्यासा भाई समझती थी पर माँ को क्या पता था की उनका भाई ही उनकी बेटी को चोद चूका है और इज्जत लूट चूका है।मामा जी माँ से बात कर रहे थे पर उनकी हवस में डूबी नजरे मुझे ही देख रही थी।

 

बहन लवली किधर है दिख नही रहीमामा जी बोले

 

मैं उस समय अपने कॉलेज गयी हुई थी। जैसे ही मैं आई तो हरीशंकर मामा मुझे देखकर बड़े खुश हो गये। मैं कॉलेज की ड्रेस पहनी हुई थी। सफ़ेद रंग का सलवार सूट मैं पहनी थी।

 

लो भैया!! लवली आ गयीमाँ मुझे देखकर बोली

 

मामा जी मुझे देखकर मुस्कुराने लगे। मैं अपने कमरे में चली गयी। पीछे पीछे मामा आ गये और मेरे कमरे में घुस आए। मुझे पकड़ लिया और ओंठ पर ओंठ लगाकर चूसने लगे। फिर मेरी सलवार के उपर से मेरी चूत सहलाने लगे।

 

आप ये क्या कर रहे है??? माँ जान जाएगीमैं घबराकर बोली

 

मुझे तेरी गांड मारनी है अभी!! चल कपड़े उतार रंडी!!मामा जी बोले

 

छिनाल!! जल्दी से कपड़े उतार दे वरना फाड़ दूंगा। अभी तेरी गांड चोदूंगामामा बोले

 

जबरदस्ती मेरे कपड़े उतरवा दिए। दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और कुण्डी लगा दी। मुझे बिस्तर पर कुतिया बना दिया। फिर जल्दी जल्दी मेरी कुवारी गांड के भूरे छेद को चाटने लगे। मेरे मस्त मस्त चूतड़ पर पापा हाथ लगा लगाकर सहलाने लगे। खूब मजा मिल रहा था। मामा जी मेरे उभरे मुलायम चूतड़ दबा दबाकर रस निकालने लगे। उसे दांत गड़ाकर काट लेते थे। मैं उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआसी सी सी सी….. ऊँऊँऊँ….” कर रही थी। फिर वो अपनी जेब से एक मोटा डिलडो निकाले। उन्होंने मेरी गांड चोदने के लिए डिलडो ओनलाइन ख़रीदा था। उसमे तेल लगाकर मेरी गांड के कुवारे छेद में घुसाने लगे।    

 

मुझे बहुत दर्द हो रहा था। अंत में पूरा 6 इंच घुसा दिए और अंदर बाहर करने लगे। मुझे बड़ा नशा मिल रहा था। इस तरह से डिलडो लेकर मेरी गांड चोदने लगे। मैं जोर जोर से कराह रही थी। फिर अंत में अपनी पेंट खोलकर लंड निकाल दिए। मेरे पीछे आ गये और गांड के बिल में लंड तेल लगाकर घुसा डाले और जल्दी जल्दी मेरी गांड चोदने लगे। मैं पागल होकर हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँऊँऊँ सी सी सीहा हा.. ओ हो हो….” करने लगी। मामा जी आज मेरी गांड चोदन का महान पर्व मना रहे थे। अपनी हवस को मुझसे शांत कर रहे थे। दरवाजा अंदर से बंद था। तभी मेरी माँ आ गयी और कुण्डी खटखटाने लगी।

 

 

तुम भांजी मामा क्या कर रहे हो। चाय बन गयी है। चलो पियो आकरमेरी माँ बाहर से बोली

 

बहना तुम चलो!! मैं 2 मिनट में लवली हो लेकर आ रहा हूँमामा बोले

 

तो मेरी माँ चली गयी। उसके बाद जल्दी जल्दी मेरी गांड चोदने लगे और मजा काट रहे थे। मैं कुतिया बनी रही और “……मम्मीमम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँऊँउनहूँ उनहूँ..की तेज तेज आवाजे निकाल रही थी। फिर जोर जोर के धक्के देते देते मामा गांड में ही झड़ गये। मेरी गांड उनके सफ़ेद चिपचिपे माल से भर गयी थी। अब मैं उनकी खास रंडी बन गयी हूँ। जब मन करता है मेरे घर आते है। मेरे दोनों छेद में लंड घुसाकर पेलते है।

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