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छोटी भतीजी की छोटी चूचियां मसल मसल चोदा चाचा ने

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चाचा भतीजी सेक्स, घर का माल, रिश्तों में सेक्स, Chacha Bhatiji Sex Story : हेल्लो दोस्तों मैं हरपाल सिंह खट्टर आप सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से इसका नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

दोस्तों मैं भटिंडा का रहने वाला हूँ। मेरे साथ में मेरे बड़े भैया और भाभी रहते है। मेरी पापा मम्मी गाँव में रहते है। मेरे बड़े भैया के 2 बच्चे थे. लिली और राहुल। धीरे धीरे मेरी भतीजी जवान और खूबसूरत माल होती जा रही थी। अब वो 17 साल की कच्ची कली हो गयी थी। उसका जिस्म अब पहले की तुलना में हॉट, सेक्सी और भरा हुआ हो गया था। मेरा तो लंड बार बार अपनी भतीजी को देखकर फुफकारने लग जाता था। मन करता था की इसका बलात्कार कर डालूं पर दोस्तों जो मजा किसी लौंडिया की चूत प्यार से मारने में होता है जो जोर जबरदस्ती में नही होता। इसलिए मैं अपनी भतीजी लिली को पटाकर चोदना चाहता था। धीरे धीरे मैं अपने काम पर जुट गया। कुछ दिनों बाद उसका 18 वां जन्मदिन मनाया गया।

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मैं भतीजी को एक मस्त स्मार्ट फोन गिफ्ट कर दिया। उसमे मैंने कुछ ब्लू फिल्म भी डाल दी। अब लिली का जिस्म बहुत हॉट हो गया था। उसकी छाती अब बड़ी बड़ी हो गयी थी और उसके बूब्स 34” से भी जादा बड़े बड़े हो गये थे और बिलकुल संतरे के जैसे गोल गोल और रसीले दिखते थे। अक्सर लिली मेरे कमरे में आकर जब झाड़ू लगाती तो उसके टॉप से उसके दूध मक्खन की तरह मुझे दिख जाते।

दोस्तों मेरे तो सोये अरमान जान जाते थे। मन करता था की बस अभी इसको चोद डालूं और अपने 10” के लंड की प्यास बुझा लूँ। पर मैं इन्तजार कर रहा था की सही मौका कब मिले। एक दिन रात के वक़्त मुझे प्रेस चाहिए था जो लिली के रूम में रखा था। उस वक़्त रात के 10 बजे थे। अचानक मैं उसके रूम में घुस गया। मेरी जवान भतीजी लिली मेरे द्वारा गिफ्ट किये गये स्मार्ट फोन में ब्लू फिल्म देख रही थी और “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की तेज आवाजे आ रही थी। जैसे ही मैं अंदर घुसा लिली डर गयी।

“चाचा आपपपप..????” उसके मुंह से निकला। वो जल्दी से फोन को बंद करने लगी पर इसी जल्दी में फोन हाथ से छूट कर गिर गया और फिर वो चुदाई वाली विडियो चलता ही रहा। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ…हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की गर्म गर्म आवाजे एक लड़की विडियो में निकाल रही थी जो चुदवा रही थी। पुरे कमरे में सिर्फ वो सेक्सी आवाज ही गूंज रही थी। लिली का चेहरा लाल पड़ गया। जल्दी से उसने फोन उठाया और बंद किया।

“चाचू प्लीस पापा मम्मी से मत बोलना” लिली बोली

“नही बोलूँगा। भला मैं अपनी भतीजी की बुराई क्यों करूंगा” मैंने कहा और हंसकर मैं प्रेस लेकर लौट गया। धीरे धीरे मेरी भतीजी को चुदाई वाले नई नई विडियो देखने की आदत हो गयी। अब वो इंटरनेट से नये नये विडियो डाउनलोड करने लगी और रोज नये नये विडियो देकने लगी। एक दिन मैं उसे चूत में ऊँगली करते रंगे हाथों पकड़ लिया।

“प्लीस चाचू पापा मम्मी से मत कहना” लिली बोली


मैं समझ गया की अब ये माल चूत आराम से दे देगी। 1 हफ्ते बाद मेरे बड़े भैया भाभी गाँव मेरे पापा को देखने चले गये। मेरे पापा की तबियत खराब थी। अब घर पर सिर्फ मैं और भतीजी लिली ही रह गये थे। उस दिन शाम को घर में बड़ा सन्नाटा था। मैं बहुत थका हुआ था। उस दिन ऑफिस में मुझे बड़ा काम पड़ा था। मैंने 9 बजे ही खाना खा लिया और सो गया। लिली टीवी वाले रूम में टीवी देख रही थी। मैं सो चुका था। रात 2 बजे मेरी नींद कुछ देर के लिए टूटी। “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की तेज आवाजे मैंने सुनी। जब मैं लिली के कमरे में गया तो हैरान रह गया। दोस्तों वो पूरी तरह से नंगी थी और स्मार्ट फोन में चुदाई वाली फिल्म देख रही थी। जल्दी जल्दी वो अपनी बुर में ऊँगली कर रही थी। उसकी रसीली चूत से ताजा ताजा मक्खन निकल रहा था।

साफ़ था की वो मोटा लंड खाना चाहती थी। मैं तुरंत जाकर उसे पकड़ लिया और उसके उपर लेट गया। अपना मुंह मैं भतीजी के होठो पर रख दिया और जल्दी जल्दी मैं उसके गुलाबी होठ चूसने लगा। लिली मान गयी। कहीं कोई मनाही नही। कोई विरोध नही। वो भी मेरे होठ चूसने लगी। लिली ने मुझे बाहों में भर लिया और हम दोनों रासलीला करने लगे। मैंने बनियान और कच्छे में था। क्यूंकि मैं यही पहनकर रात में सोता था गर्मी की वजह से। किस करते करते मेरा लंड मेरे कच्छे में ही खड़ा हो गया। अब दोनों तो एक दूसरे में समाए जा रहे थे। मेरी भतीजी मेरे जिस्म को बार बार सहला रही थी। वो भी अपना मुंह चला रही थी। इधर मैं भी अपना मुंह चला रहा था।

वो मेरे मुंह में अपनी जीभ डालने लगी। मैं जल्दी जल्दी चूसने लगा। लिली की जीभ मुझे पागल कर रही थी। दोस्तों आज मैं उसके जिस्म में उतर जाना चाहता था। उसकी आत्मा में समाकर उसके कसके चोद लेना चाहता था। मैंने भी अपनी जीभ उसके मुंह में डाल दी। उसके बाद तो ऐसा तांत्रिक चुम्बन हम लोगो से किया की उधर लिली की चूत भीग गयी और इधर मेरा लंड कच्छे में ही बहने लगा। मैंने उसके नीचे वाले होठ काट कई बार दांत से काट लिए। अब लिली को तेज सेक्स चढ़ चुका था। वो बिस्तर पर लेट गयी और अपनी चूत में जल्दी जल्दी ऊँगली करने लगी।

“चाचू! आज घर पर कोई नही है। बोलो क्या आप मुझे चोदोगे अपने इस मोटे लंड से???” लिली किसी छिनाल की तरह बोली

मैं खड़ा था। वो जल्दी जल्दी अपनी चूत में मेरे सामने ऊँगली कर रही थी।

“चाचू! प्लीस कुछ तो बोलो। आज लोगे मेरी चूत। तुमको भी मजा मिल जाएगा। इधर मैं भी अपनी चूत की प्यास बुझा लुंगी” लिली बोली

अब देर करना सही नही था। दोस्तों मैं अपना कच्छा उतार दिया। लिली के पैर खोल दिए। जिस गद्दे पर वो लेती थी वो काफी मोटा और नर्म और आरामदायक था। लिली की कमर पकड़कर मैं उसे किसी रंडी की तरह अपनी तरफ खीच लिया। उसके पैर खोल दिए। उसकी चूत में मैंने थूका तो सीधा चूत पर जाकर गिरा। अपना लंड मैंने हाथ से पकड़ लिया और लिली के चूत के दाने पर घिसने लगा। वो“अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की मधुर आवाजे निकालने लगी। मैं 5 मिनट तक अपनी भतीजी को तड़पाता रहा। अपने मोटे 10” के रोकेट जैसे दिखने वाले लंड से उसके चूत के दाने को घिसता रहा। लिली कसकती रही। आखिर वो ग्रेट पल आ गया जब मैं अपनी सगी भतीजी की रसीली चूत में लंड सरका दिया और घपा घप उसे बजाने लगा।

हम दोनों की जन्नत की तरह आनन्द की प्राप्ति होने लगी। हम दोनों चाचा भतीजी भरपूर यौन सुख का मजा लेने लगे। जल्दी जल्दी मैं अपनी भतीजी की बुर चोदने लगा। वो मस्त हो गयी। उसकी हालत, उसका चेहरा ये बताने के लिए पर्याप्त था की वो उच्च स्तर का मानसिक और शारीरक सुख का मजा ले रही थी। दोस्तों आज मेरे घर में बस “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ… यस यस ओह्ह यस चाचा! आज फाड़ दो मेरी रसीली चूत। पेलो और जोर से…ओह्ह यस” की आवाजे आ रही थी। लिली जबरदस्त सम्भोग रत थी। किसी रस्सी की तरह उसका बदन ऐठ और घूम रहा था। मैने उसकी पतली लचकती कमर को दोनों हाथो से कसके पकड़ रखा था। चाहकर भी लिली भाग नही पा रही थी। मैं लम्बे लम्बे शॉट्स उसकी चुद्दी में लगा रहा था। एक एक्सपर्ट मर्द की तरह मैं उसको पेल रहा था। मेरा 10” का लंड उसे भरपूर सुख और चुदाई वाला नशा दे रहा था।

हम दोनों जबर्दस्त तरीके से सम्भोग कर रहे थे। हमारे बेड के पावे चू चू कर रहे थे। लिली की चूत में बवंडर आ चुका था। वो मजे से लंड खा रही थी। मेरी कमर जल्दी जल्दी घूम घूम कर उसे बजा रही थी। दोस्तों आखिर में 16 17 मिनट बाद वो पल आ गया जिसका हम दोनों को इंतजार था। जल्दी जल्दी अनगिनत धक्के के बीच मैंने माल उसकी गुलाबी चुद्दी में छोड़ दिया। मैं स्खलित हो गया। लिली का पेट अब भी मरोड़ खा रहा था। “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाजे अब भी उसके मुंह से निकल रही थी। कुछ देर में वो भी ठंडी पड़ गयी। मैं भी एक किनारे लेटकर सुस्ताने लगा। हम चाचा भतीजी का पहला सम्भोग कामयाब रहा था। हम दोनों को भरपूर मज मिला था।

हम दोनों पसीने में तर हो चुके थे। दोनों हांफ रहे थे। दोस्तों आधे घंटे बाद फिर से हम दोनों तैयार हो गये थे।

“क्यों भतीजी मेरे लंड की सेवा कैसी लगी???” मैंने लिली से पूछा

“मजा आ गया चाचू। अबसे फोन में चुदाई फिल्म देखना बंद। सिर्फ आपका ही मोटा लंड अब मुझे रोज खाना है” लिली शरारती होकर बोली अपना सिर हिलाकर

“अच्छा!…तो आकर मेरा लंड चूसो भतीजी” मैंने कहा

उसके बाद लिली मेरी जांघो को सहलाने लगी। दोस्तों मैं 5’ 10 लम्बा गबरू जवान मर्द था। अच्छी और फिट बॉडी थी मेरी। धीरे धीरे लिली मेरे नंगे जिस्म से खेल रही थी। आज घर पर कोई नही था इसका वो पूरा पूरा फायदा उठा रही थी। धीरे धीरे उसने मेरे लंड को हाथ से पकड़ लिया और उपर नीचे करके जल्दी जल्दी फेटने लगी। वो मजे लेकर से मेरा 10” का लौड़ा चूसने लगी। धीरे धीरे उसे अच्छा लगने लगा। वो जल्दी जल्दी मेरे लौड़े को हाथ से फेट भी रही थी।

मुझे अलग तरह की यौन उतेज्जना महसूस हो रही थी। अब मेरा लौड़े ३ इंच मोटा हो गया था। लिली इसे किसी आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। मुझे मजा आ रहा था। मेरा लौड़ा तो किसी खूटे की तरह दिख रहा था। बिलकुल तम्बू दिख रहा था। लिली इसे अपने मुंह में पूरा अंदर तक गहराई तक लेने लगी और लगन से चूसने लगी। मुझे तो परम आनंद मिलने लगा। अब मेरा लंड बहुत सुंदर और गुलाबी लग रहा था। लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था। लिली की उँगलियाँ उसपर जल्दी जल्दी घूम रही थी और मेरे लंड को फेट रही थी। मुझे आनंद आ रहा था। मैंने उसके सिर को दोनों हाथो से पकड़ लिया और जल्दी जल्दी लेटे लेटे ही उसका मुंह चोदने लगा। उसे तो साँस तक नही आ पा रही थी। मुझे ये सब बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने काफी देर तक मुख मैथुन का मजा ले रहा था। दोस्तों उसके बाद मैंने बिस्तर पर सीधा लेट गया।

“लिली चल मेरे लंड पर आ जा” मैंने कहा

लिली किसी शरारती लड़की की तरफ कूदकर मेरे लंड पर आकर बैठ गयी। फिर उसने खुद ही अपनी चूत में मेरा मोटा लंड घुसा दिया। अभी तो आधे पहले मैंने उसकी चुद्दी की बैंड बजाई थी इस वजह से उसके बुर के होठ पूरी तरह फट कर दाए बाए झूल रहे थे। मुझे खुसी हो रही थी की आज अपनी सेक्सी और खूबसूरत जवान की बुर मैंने फाड़कर रख दी।

फिर लिली मेरे लंड पर बैठ गयी और हल्के हल्के धक्के देने उसने शुरू कर दिए।

“ओह्ह यस!! ओह्ह यस बेबी” मैंने कहा

धीरे धीरे लिली किसी रंडी की तरह मेरे मोटे लंड पर कूदने लगी। वो तेज तेज उचल रही थी। उसके बाल खुल गये थे और तेज तेज हवा में उछल रहे थे। लिली का गोरा महकता जिस्म मेरे सामने था। जब वो जल्दी जल्दी कूद रही थी उसकी 34” की चूचियां इधर उधर डांस कर रही थी। मुझे मजा आ रहा था।

““……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” लिली पागलो की तरह चिल्ला रही थी। फिर मैं भी नीचे से धक्के मारने लगा। लिली की कमर को मैंने दोनों हाथों से पकड़ रखा था। कुछ देर बाद उसकी कमर अपने आप घूम रही थी। मुझे कुछ करना नही पड़ रहा था। भतीजी अपने आप चुद रही थी। मेरा लंड उसकी रसीली बुर में उसी तरफ से बुरी तरफ फंस गया था जैसे कुतिया की चूत में कुत्ते का लंड फंस जाता है। हम दोनों दो जिस्म एक जान हो गये थे। लिली मेरे लंड की सवारी कर रही थी। डिस्को डांस कर रही थी। वो मटक मटक कर चुदवा रही थी। उसके बाद दोस्तों वो झूला झूलने लगी।“..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा चाचू मजा आ रहा है। करते रहो। प्लीस अभी झड़ना मत…. ऐसा बोलने लगी।

मैंने उसकी संगमर्मर जैसी चूची को कसके हाथ में भर लिया और सहलाने लगा। फिर मैं धीरे धीरे दबाने लगा। लिली मचल मचल कर चुदाने लगी। उसकी आँखों बंद थी जैसे चुदाई वाली कोई पूजा या प्रार्थना कर रही हो। मैंने उसके रूप और खूबसूरती का रस अपनी आंखों से पी रहा था। दोस्तों जबकि दूसरी तरह उसकी रसीली चूत का रस मेरा लंड पी रहा था।

वो मेरे लंड पर कसरत कर रही थी। झुला झूल रही थी। आखिर में 35 मिनट के सम्भोग के बाद हम दोनों साथ ही स्खलित हो गये। लिली मेरे उपर गिर गयी जैसे युद्ध में उसे गोली लग गयी हो। वो जोर जोर से “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” बोलकर हांफ रही थी। मेरे सीने पर दो धडाम हो गयी। उसकी नर्म नर्म चूचियां मुझे जन्नत जैसा मजा दे रही थी। मैं प्यार से उसकी नंगी पीठ सहलाने लगा।

“मेरी बच्ची!! मजा आया चाचू का मोटा लंड खाकर?? बोलो भतीजी मजा आया की नही

“बहुत मजा आया चाचू” लिली बोली

दोस्तों अब मेरी भतीजी मुझसे पूरी तरह से पट चुकी है। जब मन करता है मैं उसे बता देता हूँ और उसके रूम में जाकर रात में उसे मैं चोद लेता हूँ।

Padosan Ko Ghodi Banakar Choda


Padosan Ko Ghodi Banakar Choda

Adult Stoies Mera naam Sujit hai, main aaj bohat dino baad ek ghatna ghadi jo mere saath hui wo lekar aaya hu. Boss ki biwi ko chodne ke baad main bilkul akela sa reh gya. Mujhe fir se moka nhi mila, aur bhabhi achanak se bina btaye gayab ho gyi. Bhabhi Sexy Gown

Uske baad meri shadi ho gyi, aur main acha settled ho gya. Aur fir mera 3-4 saal baad mera Vapi transfer ho gya. Whan ek room maine bhade par liya, aur main shanti se rehne lag gya. Ek din Saturday tha, us din main khin nhi gya, kyoki bahar bahot garmi thi.

Time pass ke liye main Hunter movie dekh rha tha, maine kaan me ear phone laga rhe the. Hunter movie ek secne aaya, jisme jo dival par hath tikakar piche se shot marta hai. Aur tabhi bajuwali mere pass khadi ho gyi, maine unhe dekha aur maine apne earphone nikal kar main bola.

Main – Aap yahan?

Wo – Maine tumhe 2 baar awaj lagayi, par tumhe suna nhi toh main ander aa gyi. Wese tum konsi movie dekh rhe ho?

Main – Hunter.

Wo – Ok acha chaye pi?

Main – Nhi agar aap piyogi toh main bnanta hun.
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Toh usne smile di aur main chaye banne chala gya. Jab main chaye bana kar wapis aaya toh wo boli.

Wo – Tum aisi hi movie dekhte ho.

Main – Asie hi matlab, ek baar shanti se puri movie dekho. Fir tumhe pata chal jayega ki movie kesi hai, aise secne par mat jao. Wo toh aaj kal ki movie me aate hi rehte hai.

Wo – Ab tak kitna kar chuke ho?

Main – Matlab?

Wo – Sex.

Main – Madam meri shadi ho gyi hai, aur mere 2 bache bhi hai. Aur maine tabhi tak kitna kiya hai, ye mujhe bhi nhi pata. Wese main roj raat ko 2 baar toh karta hi hun.

Wo – Acha toh ab use kyo nhi laye.

Main – Wo aram ke liye mayke gyi hai.

Wo – Pregnant hai?

Dosto maine apni wife se pichle 6 mahine se sex nhi kiya tha. Kyoki wo pragnent thi. Ab meri sex karne ki iccha toh hoti thi, isliye maine kyo na iske sath hi kaam chala lun aaj. Par main ek baat bhi aapko bta dun, wo dikhne me itni khass bhi nhi thi.
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Wo kali sawli aur patli sukdi si thi. Aisa lagta nhi tha, ki usko dekh kar kisi ka lund bhi khada hota hoga. Fir muth marne se acha hai, main iske sath hi kuch kar lun. Isliye maine use direct kha.

Main – Kya main aapke sath apna akelapan door kar skata hun.

Wo – Matlb?

Main – Matlab ki aap mere sath yhin par, agar aapko koi pareshani na ho toh. Agar koi problem hai toh abhi mana kar do, mujhe koi dikat nhi hai.

Wo – Thik hai, mujhe bhi koi taklif nhi hai. Par mujhe is bare me sochna padega.

Ye keh kar wo bhag gyi, ab main man me soch rha tha chalo kuch sex ke liye setting toh hui. Varna muth mar ke kaam chalna pad rha tha. Sham ko wo wapis aayi, aur kitchen me chali gyi. Main bhi whan aa gya, mujhe dekh kar wo boli.

Wo – Mujhe manjur hai, par sirf roj raat me 12 se 2 e bich isse jyada nhi.

Main ye sun kar khush ho gya, aur maine tabhi uski saree utha di. Aur maine dekha ki wo niche se nangi thi, par uski choot par bahot sare gandhe baal the.

Main – Saali tu kitni gandi hai baal dekh apne kabhi dhoti nhi kya. Nahate hue shave hi kar liya kar.

Wo – Nhi pichale 3 saal se maine shave nhi kari hai, par aaj main jarur karugi.

Main – Achi tarah naha kar aana.

Fir maine use 200 rupe diye. Aur usne jhat se mere hath se paise liye aur jate hue wo mujhe bol kar gyi.

Wo – Aap bhi apne chehre ke baal nikal lena.

Main – Thik hai.
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Fir wo chali gyi, aur uska husband ek number ka bevda tha. Wo kaam se pura tull ho kar hi aata tha. Uska ye fayda uski wife uthati thi, jab raat ko 11 baj toh wo mere pass gyi.

Main – Saali tu toh 12 baje aane wali thi.

Wo – Us sale bevade ne aaj jyada pi li hai. Isliye wo sala jaldi so gya hai, isliye main faatak aa gyi.

Wo mere kehne par ache se apni choot ki clean shave karke aayi thi, aur ache se naha kar bhi aayi thi.

Main – Darwaja band kar do.

Fir usne darwaja band kiya aur wo mere pass aa gyi. Main toh bistar par so rha tha. Maine use bola – Chal ab apne kapade utar sare, main bhi dekhun tu kya chiz hai. Usne gown utar diya aur niche usne kuch bhi nhi pehna hua tha. Aisi hi saali puri nangi ho gyi, aur mere pass aa gyi.

Maine use pura nihara uski choot dekhi toh mujhe pata chala, ki usk choot ka satyanash ho gya hai. Sidha bolu toh wo saali bahot jyada chudi hui thi. Fir wo mujhse boli – Main ek do mahine se chudi nhi hun.

Main – Kyo tujhe tera husband nhi chodta?

Wo – Nhi usne toh mujhe pichle 1-2 saal me mushkil se 20-25 baar hi choda hoga.

Main – Toh tujhe kon chodta hai?

Wo – Yahan main 2 mahine se rehne aayi hun, pehle main Valsad side me rheti thi. Whan mujhe 3-4 log hafate me 4-5 baar chodne aate rehte the. Aur har bar 500 ya 600 rupe de kar jate the.
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Main – 3-4 aadmi ek sath karte the?

Wo – Nhi ek ek karke aate the.

Main – Tu toh dhandaa karti hai tu toh ek rand hai.

Wo – Nhi main dhandaa nhi karti, wo toh mere husband ke hi ek dost hai. Jo uske sath company me kaam karte hai. Maine sirf ek ko fasaya tha, usne sale apne dost bhi mujhe chodne ke liye bhej diye.

Jab wo sab mujhe mahine ke 3000 rupe dene ko tyar ho gye. Toh main bhi un sab se chudne ke liye tyar ho gyi. “Bhabhi Sexy Gown”

Main – Behen chod tu toh khiladi nikali.

Wo – Khiladi toh aap ho jis tarah se main aapke samne nangi leati hun. Aisa feel mujhe pehle kabhi nhi hua hai.

Maine bhi apne kapade nikale aur main bhi nanga ho gya. Fir maine usko niche ghutno par bithaya aur main bola – Chal saali ab muh le kar chus mera.

Wo – Pagal ho kya kuch bhi karwage mujhse, mujh nhi karna sex.

Tabhi maine samjhaya aur use ek porn video dikhayi aur main bola – Dekh ise kehte hai sex, dekh kese lund chuste hai.

Fir wo man gyi aur wo khud mera lund chsune lag gyi. Uska muh ander se kafi garam tha, isliye mujhse jara bhi control nhi hua. Aur maine tabhi whin par jhad gya. Usne apna muh aur mera lund apne gown se saaf kiya, aur wo fir se mera lund chusne lag gyi. “Bhabhi Sexy Gown”
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Usne mera lund chus chus kar fir se khada kar diya. Maine bhi uski choot ko khola aur main niche jhuk kar uski choot ko jor jor se chusne lag gya. Itne hi wo pagal ho gyi, aur wo bed par machali ki tarah tadapane lag gyi. Aur wo fir wo boli.

Wo – Ahh ahah khao raja aaj apni Kanchan ko chod do.

Jab usne apna naam btaya toh mujhe uska naam pata chala. Varna mujhe toh uska naam hi nhi pata tha.

Main – Saali ab Kanchan nhi tu meri rand hai rand samjhi.

Fir maine usko raat ke 3 baje tak jam kar choda. Maine uski chudi hui choot ka bhi bhosada bana diya. Usse toh fir bhi chala nhi ja rha tha, aur jese tese wo apne room me chali gyi. Aur fir maine apna darwaja band kiya aur maine nanga hi so gya.

मैंने चाची को चोदा बड़े प्यार से

मैंने चाची को चोदा बड़े प्यार से


मेरे परिवार में हम चार लोग हैं. मैं, मेरे पिता जी, मेरी मम्मी और मेरा एक छोटा भाई. इस वक़्त मैं कॉलेज में पढ़ता हूँ. आपको पता ही है कि कॉलेज वाली उम्र में चाची भाभियों पर सबसे ज्यादा क्रश आता है और लौड़ा उनको देखते ही सलाम मारने लगता है.


आज उसी समय की काम वासना की कहानी पेश कर कर रहा हूँ, मजा लीजिएगा. यह बात आज से 8 महीने पुरानी है. मेरा क्रश मेरी चाची पर था, जो मेरी ही गली में रहती थीं. चाची का नाम ज्योति है. उनकी उम्र 31 साल है. उनका फिगर एकदम मस्त है.


चाची वैसे तो थोड़ी मोटी थीं, मगर उनके बड़े बड़े चूचे और गांड देख कर लंड खड़ा हो जाता. तब मुझसे रहा नहीं जाता और कई बार तो मुठ मारके अपने लौड़े को शांत करना पड़ता था. जब भी मुठ मारने के लिए लंड हाथ से हिलाता था, तब आंखें बंद करके अपने सपनों की रानी ज्योति चाची की चूचियां, मेरे भेजे को गर्म करती रहती थीं. लंड का रस निकालने के बाद यही सोचता था कि ज्योति चाची की चूत लेने का मजा ही कुछ और होगा.


उनकी चूत की चाहत से ही ये बात शुरू होती है. जैसे कि मैंने बताया कि मेरी गली में ज्योति चाची रहती थीं. उनकी अपने पति यानि चाचा के साथ कम बनती थी. उन दोनों की लड़ाई होती रहती थी. चाचा ने टूरिंग का काम पकड़ा हुआ था, तो वो अधिकतर बाहर ही रहते थे.


चाचा अक्सर मेरे घर पर पापा या मम्मी से मुझे उनके घर रुकने के लिए बोल जाते थे क्योंकि हमारे घर वालों की आपस में खासी बनती थी तो वो भी मना नहीं करते थे. उनके घर रुकने जाने के लिए सुनते ही मुझे बड़ा अच्छा लगता था. मेरी नजर चाची पर पहले से थी. चाची को देख लंड खड़ा हो जाता था.


इस बार चाचा पन्द्रह दिनों के लिए बाहर गए थे. तो मुझे इस बार जरा अच्छा मौका लगा.


जब मैं चाचा के घर रुकता था, तो हम दोनों एक ही कमरे में सोते थे. चाची और उनकी बेटी डबल बेड पर लेटती, मैं बगल की एक चारपाई पर सो जाता था.


शुरुआत में तो मैं रोज के जैसे चारपाई पर सो गया, पर मुझे चाची की लेनी थी तो मैंने सोचा कि अब चारपाई पर नहीं सोना है. अगर चाची के बड़े बड़े मम्मों और गांड का मजा लेना है, तो हिम्मत करनी पड़ेगी.


एक दिन ऐसे ही मौके पर मैंने कह दिया- चाची मुझे चारपाई पर नींद नहीं आती, मुझे भी बिस्तर पर सोना है.


चाची ने कहा- कोई बात नहीं, तू हमारे साथ ही सो जाना डबलबेड तो है, इतनी तो जगह रहती है.


मैं खुश हो गया. मैंने लेटने लगा. तो चाची ने अपनी बेटी को दूसरी तरफ लिटा दिया और मैं चाची के साथ सो गया. पहला दिन तो ऐसे ही निकल गया.


जब मैं तीन दिन बिस्तर पर चाची के बगल में सोया, तो मैंने कथा बांचना शुरू की. मतलब मैंने अपनी हरकत शुरू कर दी. चौथे दिन मैंने अपनी एक टांग चाची के ऊपर रखी और एक पल सांस रोके पड़ा रहा. जब चाची ने कोई हरकत नहीं की, तो मैंने अपना एक हाथ चाची के मोटे चूचे पर धर दिया और चुपचाप लेटा रहा.


कुछ समय रुकने के बाद मैंने हौले हौले चाची का चूचा दबाना शुरू किया. उनको कुछ भी अहसास नहीं हो रहा था. वो मजे से सो रही थीं और मैं स्वर्ग के मजे ले रहा था. लेकिन चूत लेने की चुल्ल थी तो मैंने टांग से चाची की टांग को हौले हौले सहलाना शुरू किया.


चाची जागने लगीं, तो मैं आंख बंद करके सोने लगा ताकि उनको पता लगे कि मैं सोते में ऐसा कर रहा हूँ. यह मेरा पहली बार था, मुझे मजा आ रहा था.


उन्होंने जाग कर मेरी स्थिति देखी और मुझे ठीक करके सो गईं. ऐसा दो तीन बार हुआ. मगर चाची ने कुछ नहीं कहा. इससे मेरी हिम्मत बढ़ गई. मैं अब लगभग रोज ही चाची के दूध दबा कर मजा लेने लगा.


एक बार ऐसे ही मजे ले रहा था और मेरा हाथ उनके मम्मों पर टिका था और अपना काम कर रहा था. इस समय चाची सो रही थीं, मुझे लगा कि रोज के जैसे ही सब हो रहा है. मैं मस्ती से दूध को हॉर्न के जैसे दबा कर लंड खड़ा कर रहा था. तभी अचानक से उन्होंने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया. मैं एकदम से डर गया और हाथ हटा लिया.


चाची मेरी तरफ मुड़ते हुए बोलीं- मजे लेने है तो खुल के ले. क्या ऊपर से दबा कर छोड़ देता है. चल आ जा.


खुले निमन्त्रण ने मैं खुश हो गया और मैंने कहा- चाची मैं आपको कब से चोदना चाहता था, मेरी ये इच्छा आज आपने समझ ली है. अब मेरी इच्छा जरूर पूरी होगी.


फिर मैंने चाची को अपनी बांहों में खींच लिया. चाची और मैं चूमने में लग गए.


चाची ने मुझे रोकते हुए गुड़िया को चारपाई बिछा कर उस पर सुलाने का कहा और गुड़िया को उधर लिटा दिया.


अब चाची और मैं लिपट गए. मैंने चाची के होंठ पर होंठ रख दिए और चूसने लगा. चाची भी मेरा पूरा साथ दे रही थीं.


कुछ ही देर में हम दोनों की उत्तेजना बढ़ने लगी और मैं चाची के पूरे बदन को चूमने लगा. मैंने चाची को चूमने के साथ ही हौले हौले उनके मम्मों को दबाना शुरू कर दिया. चाची के इतने बड़े बड़े मम्मों को पकड़ने से मुझे महसूस हो गया कि चाची के पूरे मम्मे मेरे हाथ में नहीं आ सकते थे.


मैं चाची को जोर से जकड़े हुए चूमने में लगा था. इस समय हम दोनों के बीच में से हवा भी नहीं निकल सकती थी. चाची की कामुकता देखते ही बन रही थी.

 

हम दोनों दस मिनट तक एक दूसरे को चूमते रहे. शायद इसका कारण था कि हम दोनों ही जिस्म की जरूरत से बहुत भूखे थे.


कुछ देर बाद मैंने चाची को नंगी करना शुरू किया. मैंने उनकी नाईट शर्ट को उतार दिया. चाची ने ब्रा नहीं पहनी थी, जिससे उनके बड़े बड़े दूध एकदम से उछाल मार कर बाहर आ गए.


चाची सीत्कार करते हुए बोलीं- आह … आराम से दबा … उखाड़ेगा क्या. ये दूध अब तेरे ही हैं.


मैं उनके मम्मों को बारी बारी से चूसने लगा. चाची ने मेरे सर को अपने मम्मों पर दबाते हुए दूध चुसवाने का मजा लेना शुरू कर दिया.


मैं दूध से तृप्त होने के बाद धीरे से नीचे आ गया. मैंने हाथ से उनका लोअर उतारा. अन्दर चाची ने ब्लैक पैंटी पहनी थी, जिसमें उनकी गोरी जांघें बहुत खूबसूरत लग रही थीं. उनकी पैंटी पूरी गीली हो गयी थी.


मैंने अब तक की शिक्षा में ये समझा था कि चूत चाटना बहुत मजेदार होता है. हालांकि मैंने आज तक किसी की चूत चाटी नहीं थी … मगर पोर्न देख कर मेरी ये एक फैंटसी बन गई थी कि चूत चाटने का मजा लेना है.


फिर मैं उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी चूत को चाटने लगा. चाची कसमसाने लगीं और उनकी टांगें एक बार तो अपनी चूत को दबाने लगीं. लेकिन मैंने उनकी टांगों को खोल दिया और पैंटी के ऊपर से ही चूत पर अपने होंठ फेरने लगा. चाची की चड्डी के ऊपर लगे चुतरस का स्वाद मेरे मुँह में आने लगा. चाची ने भी जल्द ही अपनी टांगें खुद ब खुद फैला दीं और अब उनकी गांड उठने लगी थी.


चाची ने बाल खिंचने से दर्द से आउच किया और वो मेरी तरफ गुस्से से देखने लगीं.


मैंने हंस कर आंख दबाई और उनसे सॉरी बोल कर माफी मांग ली. चाची मुस्कुरा दीं और उन्होंने मेरे सर को फिर से अपनी चूत पर दबा दिया.


मैं फिर से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ चला. अबकी बार मैंने एक पल चूत की फांकों को चाटा और उनकी चूत में अपनी एक उंगली घुसा दी. उंगली के अन्दर जाते ही चाची के मुँह से हल्की सी सीत्कार निकली और उन्होंने अपनी टांगें भींचते हुए मेरी उंगली को दबा लिया.


मैं चाची की टांगों को फैला कर हौले हौले से उनकी चूत को चाटने लगा. चाची चुदास से पागल होने लगीं. उनकी गांड फिर से मेरे मुँह पर उठते हुए चूत को दबाने लगी. मुझे चाची की चूत चाटने में बड़ा मजा आ रहा था.


आप मेरे इस अनुभव को बड़े ध्यान से पढ़ने की कोशिश कीजिएगा, आपके लंड और चूत से रस टपकना चालू न हो जाए, तो मुझे जरूर लिखना.


फिर दो मिनट बाद चाची मेरे ऊपर आ गईं और उन्होंने मेरा लोअर उतार दिया. मेरे अंडरवियर के ऊपर से मेरा खड़ा लौड़ा देखा और जोर से दबा दिया. लंड मसले जाने से मुझे बहुत जोर से दर्द हुआ.


मैंने चाची के लिए हल्के स्वर में चिल्लाते हुए गाली निकाल दी- बहन की लौड़ी, तू क्या पागल है?


चाची ने हंस कर कहा- मादरचोद साले भोसड़ी के … अब तुझे पता लगा कि झांटें खींचने से मुझे कितना दर्द हुआ होगा. चल कोई बात नहीं … अभी तेरा दर्द ठीक करती हूं.


मैं लंड पकड़े हुए सहला रहा था. चाची ने मेरा हाथ हटाया और अंडरवियर उतार कर मेरा लौड़ा मुँह में ले लिया. चाची लंड को जोर जोर से चूसने लगीं.


मैं इतना अधिक गरमा गया था कि बस दो मिनट बाद चाची कम मुँह में ही झड़ गया. चाची मेरा सारा माल निगल गईं और उन्होंने डकार भी नहीं मारी.


थोड़ी देर बाद चाची फिर से मेरा लंड चूसने लगीं. मेरा लौड़ा फिर से सलाम करने लगा. अब हम दोनों गर्म हो चुके थे.


चाची ने कहा- राहुल अब तुम जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड डाल दो … मुझसे अब नहीं रहा जाता.


मैंने कहा- चाची … शुभ काम में देरी कैसी … अभी लो.


मैंने चाची की चूत पर लंड रखा और रगड़ने लगा.


चाची कहने लगीं- भैन के लंड … अब डाल भी दे.


यह सुनते ही मैंने एक जोर का धक्का लगाया और लंड एक ही बार में अन्दर पेल दिया.


लंड अन्दर लेते ही चाची के मुँह से उम्म्ह… अहह… हय… याह… निकली. चाची की चूत थोड़ी सी टाइट थी. इधर मेरा भी पहली बार था, इसलिए मुझे भी दर्द हुआ. पर उस वक़्त तो चूत का नशा सवार था, तो पता नहीं लगा.


मैं हौले हौले चाची को चोदने लगा और उनको भी मजा आने लगा. चाची मुझे दबोचे हुए अपनी गांड उठा उठाकर लंड के झटके ले रही थीं.


मैंने चाची को बिना रुके दस मिनट तक लगातार चोदा. इसके बाद चाची ने मुझे रोका और वो बिना लंड निकाले मेरे ऊपर सवार हो गईं. मेरा लंड अब भी चाची की चूत की फंकों में फंसा था. चाची अपनी गांड उठाते हुए लंड पर उछलने लगीं. मैं उनकी हिलती हुई चूचियों के मजे लेने लगा.


कोई मिनट बाद चाची थक गईं. मैंने उनसे कहा कि अब पोजीशन बदल लेते हैं. आप घोड़ी बन जाओ.


मैंने चाची को बिस्तर के किनारे घोड़ी बनाया और नीचे खड़ा होकर चूत में लंड पेलने लगा. कुछ मिनट बाद चाची कराहने लगीं. शायद उनका रस निकलने को था.


मेरा भी छूटने वाला था तो मैंने चाची को बताया- चाची, मैं झड़ने वाला हूँ.


तभी चाची ने कहा- मैं झड़ गई हूँ … तू जब झड़े, तो मेरे अन्दर ही रस छोड़ देना. मैं गोली खा लूंगी.


मैंने तेज तेज धक्के लगाए और चाची के अन्दर ही लंड का रस छोड़ दिया. एक मिनट तक लंड की पिचकारी खाली करने के बाद हम दोनों थक कर लेट गए.


इस तरह मैंने पहली बार चाची को चोदा.


थोड़ी देर बाद हमने एक राउंड और खेला और कपड़े ठीक करके सो गए.


उसके बाद मैंने कई बार चाची को चोदा.


मगर न जाने क्यों अब वो मुझे मना कर देती हैं. वो कहती हैं कि ये सब गलत है, जो पहले हो गया, सो हो गया. मगर अब नहीं करूंगी.

कुँवारी चाची की चुदाई - सुहागरात से पहले ही चाची को चोदा

Chachi ki seel tod chudai ki


मेरी घर में बहुत इज्जत है क्योंकि मैं पढाई में बहुत तेज हूँ और छोटे चाचा 8 क्लास के बाद नहीं पढ़े। जब मैं शादी में गया तो चाची को देखता ही रह गया। वो बहुत मस्त थी, उस समय उनका फिगर 32-28-34 था। चाचा और चाची की जोड़ी बिल्कुल नहीं जम रही थी, जैसे लंगूर के हाथ में अंगूर या हूर!

मन तो कर रहा था कि ये अंगूर मुझे खाने को मिल जाये!

घर में शादी के बाद एक रिवाज़ की वजह से पहली रात चाची को अलग सोना था। घर पर मेहमान काफी थे इसलिए मैं पहले से जा कर चाची के कमरे में सो गया। चाचा को बाहर ही सोना था।

रात में मेरी नींद खुली तो देखा कि चाची मेरे बगल में सोयी हैं, शायद शादी की वजह से उन्हें थकान बहुत थी इसलिए वो बेधड़क सो रही थी। उनका पल्लू सीने से हट गया था। उनकी काले रंग की ब्रा देख कर मेरा 7 इंच का लंड बेकाबू हो गया।

मैंने धीरे -2 उनके ब्लोउज के बटन खोल दिए। उनकी गोरी-2 चूचियाँ देख कर मेरा लंड फ़नफ़ना रहा था। मैंने हौले से उनकी ब्रा की पट्टी कन्धों से किनारे हटा दी और एक हाथ से चूची को हलके-2 दबाने लगा, दूसरी चूची को अपने मुँह में भर के चूसने लगा।

मुझे लगा चाची जाग गयी हैं पर सोने का बहाना कर रही हैं तो मैं धीरे से उनकी साड़ी को उपर खिसका कर उनकी चूत पर उपर से हाथ फरने लगा। थोड़ी देर में मुझे पैंटी में गीलापन महसूस हुआ। मुझे लगा चाची को मजा आ रहा है तो मैंने धीरे से उन्हें आवाज दी- चाची…!

उन्होंने कहा- कुछ मत बोलो बस करते रहो…!

यह सुनते ही मैं उनके उपर आ गया और उनके रसीले होटों को चूमने लगा..

अब चाची मेरा पूरा साथ दे रही थी…

उन्होंने मेरे पायजामे में हाथ डाल कर मेरे लंड को पकड़ लिया और उसकी सुपाड़े की चमड़ी को ऊपर नीचे करने लगी। मैं भी दोनों हाथो से उनकी गोल-2 चूचियाँ दबा रहा था। उनके मुँह से सेक्सी आवाजें आ रही थी- चोदो मुझे मेरे राजा… आज मेरी सुहागरात है… 18 साल से ये अनचुदी है आज इसकी प्यास बुझा दो मेरे राजा…

मैं भी गरम हो रहा था, मैंने उनकी पैंटी को उतार फेंका…और उनकी चूत में मुह लगा दिया। वो शायद एक बार झड़ चुकी थी। उनकी चूत से पानी निकल रहा था, मैं सब पी गया। मैंने दो ऊँगलियाँ उनकी चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा।

उन्हें मजा आने लगा…

उन्होंने भी मेरा लंड पकड़ के मुँह में भर लिया और सटासट चाटने लगी…

मैं उनके मुँह में ही झड़ गया, वो मेरा सारा रस पी गयीं। उन्होंने चूस-2 कर फिर से मेरा लंड खड़ा कर दिया…

वो बोली- जान अब और न तड़पाओ! अपनी रानी को चोद दो! मुझे मेरी प्यास बुझा दो…

मैं तो तैयार था, उसने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत के मुहाने पर रखा और कहा- धक्का मारो!

मैंने भी बहुत जोर से पेल दिया पर चूत बहुत टाइट थी, लंड घुसा ही नहीं तो उसने लंड पकड़ कर ढेर सारा थूक मेरे सुपाड़े पर पोत दिया…

अबकी बार मैंने धीरे-2 धकेला तो आधा लंड अंदर चला गया…

वो दर्द से पागल हो गई, बोली- निकालो! बाहर करो! मैं नहीं सह पाऊँगी!

पर अब मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने उसे कमर से पकड़ कर पूरे जोर से एक धक्का मारा और लंड उसकी चूत की गहराइयों को छू गया…

वो दर्द से रोने लगी पर मैं धीरे धक्के लगाने लगा। थोड़ी देर में उसे भी मजा आने लगा, उसके मुँह से आवाज निकलने लगी थी- चोदो… और जोर से… आह… आह… मेरे राजा… मुझे जन्नत की सैर कराओ… और अंदर डालो… आह… सी…सी…

आह… मैं पूरे जोर से पेले जा रहा था- हाँ रानी… ले… खा ले… पूरा मेरा खा जा… ले… ले… पूरा ले… आह… राजा… मैं गई… सी… थाम लो…मुझे… आह…

मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है तो मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी…10-15 धक्कों के बाद हम दोनों साथ ही झड़ गये… मैंने अपनी सारी गर्मी उसकी चूत में भर दी… मैंने उठ कर देखा- खून से उसकी साड़ी लाल हो गई थी… मुझे गम न था आज एक कुंवारी चूत का रसपान जो किया था… उस रात मैंने उसे 4 बार चोदा… वो शायद सबसे हसीं रात थी…

पापा के दोस्त ने मेरी सील तोड़ी
Papa ke dost ne seal todi,पापा के दोस्त ने मेरी सील तोड़ी

हेल्लो दोस्तों, मैं तमन्ना आप सभी का नॉन वेज स्टोरी में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालों से एडल्टस्टोरीज की नियमित पाठिका रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली सील तोड़ी चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी पापा के दोस्त ने सील तोड़ी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।

मेरी स्टोरी बहुत ही सेक्सी है। कुछ महीने पहले मेरे घर के बगल एक नया परिवार आकर रहने लगा था। वो लोग बहुत अच्छे थे। वो पति पत्नी साथ में रहते थे और उनके अभी कोई बच्चा नही हुआ था। उनका नाम विकास अंकल और अर्चना था। वो लोग दिल्ली के रहने वाले थे पर अभी हम लोगो के आगरा शहर में आकर बस गये थे। विकास अंकल एक उम्र दराज आदमी था और आगरे के मशहूर होटल ओबेराए अमर विलास में एक्सेक्यूटिव शेफ था। मेरे पापा खाने पीने के बहुत शौक़ीन आदमी थे। हमारे पड़ोसी विकास अंकल और अर्चना अक्सर हमारे परिवार को डिनर पर बुलाते थे। धीरे धीरे विकास अंकल और अर्चना से मेरे घर वालो की खासकर पापा से अच्छी दोस्ती हो गयी। कुछ दी दिनों में विकास अंकल मेरे पापा का अच्छा दोस्त बन गया।

वो मेरे घर आने लगा और कई बार उसने हम लोगो के लिए तरह तरह की डिस बनाई। जब भी विकास अंकल मेरे घर आता तो मेरा हाल चाल जरुर पूछता। धीरे धीरे वो मुझे और मैं उसे पसंद करने लगी। कुछ दिन बाद मेरे पापा का जन्मदिन था। पापा ने अपने सबसे अच्छे दोस्त विकास अंकल और अर्चना को बुलाया और अन्य महमानों को भी बुलाया। शाम को केक कटने के बाद सब लोग मजे करने लगे। विकास अंकल की वाईफ अर्चना मेरी माँ से बात करने लगी। कुछ देर में ड्रिंक शुरू हो गये और अपने जन्मदिन पर मेरे पापा से बहुत शराब पी ली और नशे में धुत हो गये। मेरे पापा का सबसे ख़ास दोस्त विकास अंकल मुझसे बात करने लगा। वो मेरे लिए भी वाइन ले आया।

“लो तमन्ना.!…पियो!” पापा का दोस्त विकास अंकल बोला

“.......नही मैं शराब नही पीती हूँ” मैंने कहा

“अरे चलो भी ये वाइन है। ये शराब थोड़े ही नही है….लो पियो!” विकास अंकल बोला। उसके बहुत जोर देने पर मैंने वाइन पी ली और धीरे धीरे हम दोनों काफी वाइन पी गयी। हम दोनों खामोश थे और एक दुसरे को ताक रहे थे।

“आई लव यू तमन्ना.!” इतने में मेरे पापा का खास दोस्त विकास अंकल बोला

मैंने भी उसे आई लव यू बोल दिया। हम किस करने लगे। मेरी उम्र सिर्फ १९ साल थी। आज तक मैं किसी भी लड़के से चुदी नही थी। लगता है वाइन मुझे काफी चढ़ गयी थी। ३० साल की उम्र वाला विकास अंकल मेरे पास आ गया और मुझे कंधों से उसने पकड़ लिया और मेरे होठ पर उसने अपने होठ रख दिए। मुझे भी ये सब अच्छा लग रहा था। मैं भी उसे किस करने लगी। मेरे घर में पार्टी चल रही थी और घर मेहमानों से खचा खच भरा हुआ था। वूफर और साउंड पर तेज हिंदी फ़िल्मी गाने बज रहे थे। मेरी माँ विकास अंकल की वाइफ अर्चना से बात करने में बिसी थी और मैं इधर विकास अंकल से इश्क लड़ाने में बिसी थी। धीरे धीरे हम एक दूसरे को होठ पर किसने करने लगी।

हमे कोई देखने वाला नही था, क्यूंकि घर में सब तरफ मेहमान ही मेहमान थे। मैं विकास अंकल के दिल की बात समझ गयी थी। वो मुझे चोदना चाहता था। इधर मैं भी उससे प्यार करने लगी थी, इसलिए मैं भी उससे चुदवाने के मूड में थी।

“उपर चले……यहाँ भीड़ बहुत है.!” विकास अंकल बोला

“हाँ….ठीक है!” मैंने कहा

Papa ke dost ne seal todi


हम दोनों घर की छत पर आ गए। यहाँ पर सन बाथ वाली लम्बी लम्बी बेंचेस पड़ी थी, हम लोग अक्सर शाम को इस पर लेट पर आराम करते थे। मैं और विकास अंकल उस लम्बी सन बाथ वाली बेंचेस पर आ गये और प्यार करने लगे। विकास अंकल ने मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरे होठ पीने लगा। मैं भी उससे प्यार करने लगी। मैंने एक मस्त सुनहरे रंग का ब्लाउस और लाल रंग की स्कर्ट पहन रखी थी। धीरे धीरे हम आपस में प्यार करने लगे।

“ओह्ह्ह….तमन्ना.! तुम बहुत खूबसूरत हो….आई लव यू.!” मेरे पापा का सबसे ख़ास दोस्त विकास अंकल बोला और उसने मेरे ब्लाउस पर अपना हाथ रख दिया। मैं बिलकुल जावन माल थी और मेरा जिस्म काफी भरा और गदराया हुआ था। मेरे मम्मे ३६” के थे। विकास अंकल जोर जोर से मेरे ब्लाउस पर हाथ रखकर मेरे दूध दबाने लगा।

“आह…. “आआआआअह्हह्हह….ईईईईईईई…विकास अंकल मुझे तुम बहुत अच्छे लगते हो.!..आई लव यू.!” मैंने भी कह दिया

उसके बाद तो वो तेज तेज मेरे मम्मे दबाने लगा और उसने मुझे सन बाथ वाली लम्बी चेयर पर लिटा दिया और मेरे सिर के नीचे तकिया लगा दी। विकास अंकल मेरे उपर झुक गया और एक बार फिर से मेरे होठ पीने लगा। कुछ देर बाद उसने मेरा ब्लाउस खोल दिया और निकाल दिया, फिर मेरी ब्रा भी उसने निकाल दी। मेरे नर्म नर्म मस्त मस्त चुचे ठीक उसके सामने थे। विकास अंकल मुझ पर लेट गया और मजे से मेरे दूध पीने लगा। मैं मचल गयी और उसके बालो में मैंने अपना हाथ डाल दिया और उँगलियां उसके बालों में फिराने लगी।

“विकास अंकल ……क्या तुम मुझे चोदना चाहते हो.?” मैंने भारी पलकों से कहा

“हाँ ….तमन्ना! तुम बहुत सुंदर हो। आज मैं तुमको कसके चोदना चाहता हूँ!” वो बोला और एक बार फिर से नीचे झुक गया और मेरे दूध मजे से पीने लगा। मेरे घर की इस छत पर कोई नही था मेरे और विकास अंकल के सिवा। मेरा घर ४ मंजिला था इसलिए यहाँ छत पर कोई मेहमान नही आने वाला था क्यूंकि पार्टी नीचे ग्राउंड फ्लोर पर चल रही थी। हम दोनों अकेले थे, इसलिए मेरे पापा का सबसे ख़ास दोस्त मुझे आराम से चोद सकता था। विकास अंकल बड़ी अच्छी तरह से मेरी चूचियां पी रहा था। कुछ ही देर में मैं बहुत जादा चुदासी हो गयी थी, मेरी चूत में जैसे आग सी जलने लगी थी। मैं गर्म गर्म आहे भर रही थी। मेरा दांया दूध पीने के बाद विकास अंकल ने मेरा बाया मम्मा मुंह में भर लिया और मजे से चूसने लगा। मैं बार बार “ओह्ह्ह्हह्ह…अई..अई..अई….अई..मम्मी.......” चीख रही थी। मेरी माँ विकास अंकल की वाईफ से नीचे बात करने में मस्त थी। मेरे पापा तो शराब के नशे में टल्ली हो चुके थे और यहाँ उसकी लड़की उनके ही दोस्त से चुदवाने जा रही थी। कुछ देर तक विकास अंकल ने जी भर के मेरे रसीले रबर जैसे मुलायम मम्मे पिए, फिर मेरी स्कर्ट का हुक उसने खोल दिया और शर्ट निकाल दी। विकास अंकल मेरी चूत को काली रंग की पेंटी के उपर से ही चाटने लगा तो मुझे बहुत अच्छा लगा। कुछ देर बाद उसने मेरी काली पेंटी भी निकाल दी और मैं पूरी तरह से नंगी हो गयी। विकास अंकल ने एक एक करके अपनी जींस और सफ़ेद शर्ट निकाल दी और अपना कच्छा उसने निकाल दिया और पूरी तरह से नंगा हो गया।

जहाँ नीचे ग्राउंड फ्लोर में काफी गर्मी थी, वही उपर छत का मौसम बड़ा सुहावना था। ठंडी हवा बड़ा सकून पंहुचा रही थी। विकास अंकल मेरी चूत पर लेट गया और मजे लेकर मेरी चूत चाटने और पीने लगा। मैं सिस्कारियां लेने लगी। पापा का दोस्त मजे से मेरी चूत को पी रहा था। मेरी चूत का दाना काफी उठा हुआ था, विकास अंकल मजे से मेरे चूत के दाने को चाट और चूम रहा था। मेरी चूत का रंग चोकलेटी जैसा था और विकास अंकल मजे से मेरी चूत पीने में मस्त था। वो अपनी निकाल निकालकर मजे से मेरा भोसड़ा पी रहा था। मैं “उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी.. की आवाज निकाल रही थी। इसी बीच विकास अंकल ने अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाल दिया। मैंने अपने आप अपने दोनों पैर और जांघे खोल दी और मेरे पापा का सबसे खास दोस्त विकास अंकल ही मुझे चोदने लगा। वो तेज तेज मेरी चूत में लंड देने लगा।

मैं भी मस्ती से चुदवाने लगी। विकास अंकल के चोदने से मेरी चूत के दोनों होठ बार बार खुलते थे और बार बार बंद हो जाते थे। वो मुझे जोर जोर से पेल रहा था। सच में मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। बहुत मजा मिल रहा था। बड़ी नशीली रगड़ थी पापा के दोस्त के लौड़े की। बहुत सुख मुझे मिल रहा था दोस्तों। ३० साल का विकास अंकल हचर हचर करके मेरे जैसे १९ साल की कच्ची कली को चोद रहा था। उसके मोटे से लम्बे लौड़े पर मेरा पूरा शरीर थिरक रहा था और डांस कर रहा था। जैसे लग रहा था वो कोई इंजन मेरी चूत में डाल के चला रहा हो। वो मेरी चूत पर बड़ी मेहनत कर रहा था। वो हच हच करके मुझे चोद रहा था। जैसे वो अपना लौड़ा मेरी चूत में डालता था, लौड़ा हच्च से देता था मैं 2-4 इंच आगे सरक जाती थी। फिर जैसे वो लौड़ा निकलता था मैं 2-4 इंच वापिस पीछे आ जाती थी। वो जोर जोर से हच हच करके मेरी चूत में लौड़ा अंदर बाहर कर रहा था। वो इतनी तेजी से लौड़ा अंदर बाहर कर रहा था बार बार मैं 2-4 इंच आगे और 2-4 इंच पीछे सरक जाती थी। घंटों यही सिलसिला चला।

कुछ देर बाद उसने अपना मॉल मेरी चूत में ही छोड़ दिया। वो मेरे उपर लेट गया और हम दोनों प्यार करने लगे। मेरी चूत में थोड़ा दर्द हो रहा था क्यूंकि मेरे पापा का दोस्त विकास अंकल ने मुझे बहुत तेज तेज ठोंका था।

“तुम्हारा लौड़ा तो बहुत बड़ा है.!…आज तक मैंने कभी इतना मोटा लौड़ा नही खाया.!” मैंने बोली

“तुमको पसंद आया.?” विकास अंकल ने पूछा

“हाँ….बहुत!” मैंने कहा

“क्या तुम अपनी बीबी अर्चना की ठुकाई भी इसी तरह करते हो??” मैंने अपने से ११ साल बड़े विकास अंकल से पूछा

“हाँ…मैं उसे इसी तरह तेज तेज लेता हूँ। मेरी वाइफ अर्चना को धीमे धक्के पसंद नही है, इसलिए मैं उसे तेज तेज धक्के देकर उसकी चूत लेता हूँ” विकास अंकल बोला

फिर वो मेरी नंगी चूत की तरफ देखने लगा। मेरी चूत उसके लंड के ताबड़तोड़ हलने से पूरी तरह से कुचल गयी थी। जैसे किसी आवारा सांड ने कोई हर भरा खेत अपने पैरों तले कुचल दिया हो। उसने बड़े प्यार से अपनी चूत पर अपने सीधे हाथ की उँगलियाँ रख दी और सहलाने लगा।

“तमन्ना.!.......मेरी जान, क्या अभी भी तुम्हारी चूत में दर्द हो रहा है.?” विकास अंकल ने प्यार भरी आवाज में मुस्काकर पूछा

“…हाँ….तुमने मुझे चोदा ही इतनी बेदर्दी से है.!” मैंने रूठकर कहा

उसके बाद वो मेरे गाल पर किस करने लगा और मुझसे प्यार करने लगा। मैं मन ही मन उसकी वाइफ अर्चना से जलने लगी थी। कितनी किस्मत वाली औरत है विकास अंकल कैसे हट्टे कट्टे आदमी का लम्बा लम्बा लंड रोज खाती होगी। सच में अर्चना कितनी किस्मत वाली है। मैं सोचने लगी। मेरे घर की इस छत पर मौसम बहुत अच्छा और अनुकूल था। ताज़ी हवा के झोके बार बार आते थे और मुझे और विकास अंकल को आनंदित कर जाते थे। हम दोनों अभी भी नंगे थे, पूरी तरह से नंगे। मेरी मलाईदार चूत के दर्द को कम करने के लिए विकास अंकल मेरी चूत को बार बार सहला रहा था। शाम को चलने वाली ठंडी हवा ने मेरा बाल उड़ रहे थे। विकास अंकल बड़ी देर तक मेरी चूत अपनी उँगलियों से सहलाता रहा, कुछ देर मेरी चूत का दर्द कम हो गया।

अब रात को चुकी थी और ९ बज चुके थे। पर ना ही मेरा और ना ही वेवेक का यहाँ से जाने का मन कर रहा था। विकास अंकल ने एक बार फिर से मेरे दूध पर अपने हाथ रख दिए और हम प्यार करने लगे। उसके जिस्म की खुशबू मुझे बहुत आकर्षित कर रही थी। विकास अंकल एक असली मर्द था।

“विकास अंकल….तुम बहुत हैंडसम हो.!” मैंने कहा तो वो हँसने लगा

“थैंक्स….” इस कॉम्प्लीमेंट के लिए

कुछ देर बाद हम दोनों का फिर से चुदाई का दिल करने लगा।

“मैं तुम्हारा मोटा ८ इंच का लौड़ा चूसूंगी.!” मैंने मुस्काकर कहा

“.......आओ” विकास अंकल बोला

अब वो उस लम्बी सन बात वाली आराम वाली कुर्सी पर लेट गया और मैं उपर आ गयी। मैंने उनके मोटे और रसीले लंड को हाथ में पकड़ लिया और उपर नीचे करके फेटने लगी। मेरे काले घने बाल खुले थे, विकास अंकल मेरे बालो में अपने हाथ फिराने लगा। मैंने उसके लिंग को मुंह में ले लिया और किसी लोलीपॉप की तरह चूसने लगी। सच में वो असली मर्द था। कुछ ही देर में मैं बहुत गर्म हो गयी और जोर जोर से विकास अंकल का लंड चूसने लगी। मैं इस समय उसके साथ जबरदस्त मुख मैथुन कर रही थी, इसमें हम दोनों को मजा आ रहा था। “आआआआअह्हह्हह….” विकास अंकल तेज तेज आवाज निकाल रहा था। हम दोनों मुख मैथुन का आनंद उठा रहे थे। मैंने आजतक ८ इंच का इतना बड़ा लिंग नही देखा था। सच में ये बहुत बड़ा लिंग था।

“तमन्ना.!….मेरी जान…मेरी गोलियां भी चूसो.!” विकास अंकल से फिर कहा

मैंने अपने मुंह से उसका लम्बा लिंग निकाला और फिर उसकी गोलियां मैं चूसने लगी। विकास अंकल का चेहरा बता रहा था की उसको बहुत मजा मिल रहा है। उसका चेहरा ये बात बता रहा था। उनकी आँखे और पलकें काफी भारी हो गयी थी, जैसे उसे नींद आ रही हो। कुछ देर बाद उसने मुझे अपनी कमर पर बिठा लिया और मजे से चोदने लगा। कितनी ताजुब की बात थी की मेरी जरा सी चूत में उसका लंड पूरा अंदर धंस गया था। मैं उछल उछलकर उससे चुदवाने लगी।“……मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा .......ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” मैं बार बार कह रही थी।

मेरे पापा के ख़ास दोस्त और अर्चना के पति से मैं चुदवा रही थी। उसके मोटे ताजे लिंग का बड़ा आकार मैं अपनी चूत में साफ साफ़ महसूस कर सकती थी। डॉ लग रहा था की कहीं विकास अंकल का मोटा लंड मेरे गर्भाशय में ना पहुच जाए। मैं अपनी आँखे बंद कर ली और मजे मजे चुदवाने लगी।

“ओह्ह्ह्ह….तमन्ना! तुम कितनी खूबसूरत हो! मैंने तुम्हारे जैसी हसींन लड़की आजतक नही देखी.!” विकास अंकल बोला

उसके हाथ मेरी रसीली मस्त गोल गोल बड़ी बड़ी छातियों पर जा पहुचे और उनको हाथ में भर लिया विकास अंकल ने। मेरे दूध को हल्का हल्का मजा लेते हुए दबाने लगा, फिर मेरी निपल्स को वो अपने अंगूठे और तर्जनी से हल्का हल्का मसलने लगा। नीचे से वो मुझे बड़े प्यार से आराम आराम से चोदने लगा। क्यूंकि कुछ देर पहले उसने मुझे बहुत कसकर चोदा था। इसलिए मेरी दूसरी चुदाई विकास अंकल बिना किसी जल्दबाजी के बहुत आराम से कर रहा था। वो आधे घंटे तक इसी तरह मुझे कमर पर बिठाकर मेरी चूत मारना रहा और मेरी चूचियों की निपल्स को वो अपने अंगूठे और तर्जनी से मसलता रहा। इसी बिच मैं २ बार झड गयी। फिर विकास अंकल ने मेरी चूत में अपना माल गिरा दिया।

chacha ne kuwari bhatiji ki choot mari

जवान भतीजी की गोरी चूत देख कर चुदाई कर डाली

दोस्तों मेरा नाम रमेश है मैं जमुई बिहार का रहने वाला हूँ मेरा रंग सांवला है और हाइट 5 फुट 11 इंच है मेरी उम्र 24 साल है। मेरा लन्ड 7 इंच लम्बा तथा 3 इंच मोटा है। मेरे चचेरे भाई की 3 बेटियां है उसमें से बड़ी का नाम पूजा है जिसकी उम्र अभी 21 वर्ष है। ये कहानी 5 साल पहले की है जब मैं 19 साल का था और वो 16 साल की थी।

मेरे घर मे मेरी दादी का श्राद्ध चल रहा था जिसमे की पूजा मेरे घर आई थी वो एक जवान और कमसिन लड़की लग रही थी शुरू में तो मैंने उसे कभी गंदे नजर से नही देखा क्योंकि वो मेरी भतीजी थी पर हैं उसकी मां से में मजाक अक्सर उसके सामने ही करता रहता था।

वो काफी गोरी थी उसके बूब्स 32 के होंगे उस समय और कमर 28 के काफी सेक्सी लगती थी। वो गांव में रहती थी और मेरे घर के बगल के के के एम कॉलेज में उसका नाम था उसे परीक्षा दिलवाना उसका फॉर्म भरना सब मेरा काम था एक बार मैंने एग्जाम के समय किसी लड़के से फोन पर बात करते उसे देख लिया था और काफी डांट दिया था जिससे वो मुझसे डर डर कर रहती थी थी।

अब सीधे कहानी पर आता हूँ।

एक दिन दादी के श्राद्ध के दिन रात को 12 बजे मुझे पिसाब लगा तो मैं बाथरूम जाने के लिए जगा तो देखा कि घर मे कई लोगो के होने के कारण सारी औरते जिसमे मेरी दीदी,पूजा की मम्मी,मेरी और भाभियाँ,चाची सब जमीन पर सोई हुई हैं और सारे बचव्हे ऊपर पलँग पर सोये हैं मुझे बहुत तेज पिसाब लगा था और बाथरूम का रास्ता कमरे होकर ही था।और इतने में लाइट भी चली गई मैने तुरंत टोर्च चालू की और रास्ता ढूंढने के लिए जैसे ही टोर्च मार में ढंग रह गया।मेरी भतीजी पूजा जो कि नाइटी पहने सोई हुई थी उसने एक पैर अपने बहन पर रख था और दूर पैर भी काफी फैलाये थी उसकी नाइटी कमर से ऊपर उठ गई थी।

उसके दोनों गोरे गोर जांघ मुझे साफ दिख रहे थे। और मेरी टोर्च की लाइट सीधे उसके जांघों के बीच उसकी काली पैंटी पर पड़ रही थी। वाह क्या मस्त नजारा था। गांव की होने के बावजूद उसने क्या अजीब पैंटी पहन रखी थी मैं तो देख कर ढंग रह गया पैंटी पूरी जालीदार थी जिससे उसकी छोटी छोटी बालें उसके पैरों के पास नजर आ रही थी लेकिन चूत बिल्कुल ढंकी थी वहां कपड़ा मोटा था। उसके हल्के हल्के चूतड़ भी नजर आ रहे थे चूतड़ के तरफ भी पैन्टी उसकी छोटी ही थी।मै यह सब देखते रह गया।

मुझे रहा नहीं गया मैं उसे छूने आगे बढ़ा ही था कि लाइट आ गयी।मैं डर गया लेकिन लाइट में मुझे जो दिखा मैं वो देख कर और दंग रह गया उसके नाइटी के बटन खुले थे शायद गर्मी के कारण और तो और मैने देखा उसकी ब्रा जो कि ब्लू रंग की था वो भी उसके तकिये के नीचे आधी छिपी हुई है। और उसके दोनों गोल गोरे बूब्स मुझे दिख रहे थे की तभी मेरी नजर नीचे पड़ी औरतों पर पड़ी तो मैं पागल हो गया कोई सिर्फ पेटीकोट में है तो किसी ने अपनी पेटीकोट भी ऊपर की हुई है तो तभी मेरी नजर पूजा के मां पर पडी वो अपनी साड़ी ऊपर की हुई थीं और ब्लाउज के सारे बटन खुले थे बगल में में मेरी दीदी भी थी जिसने अपनी सलवार खोल दी थी और सूट भी वो सिर्फ पेंटी और ब्रा में थी।

तभी मेरी चाची की नींद खुली और मैं तुरन्त उनके नींद खुलने से पहले कमरे से बाहर आकर दीवाल के पीछे छिप गया और खिड़के से देखने लगा रात में लाइट न रहने पर खिड़की में अंदर की चीजें तो बाहर से देखी जा सकती हैं लेकिन बाहर की अंदर से नही।मैने देखा कि चाची उठी और बोली कि सब कैसे सोये हैं कोई मर्द आ गया तो क्या होगा आजकल के औरतों को कोई शर्म ही नही है। ऐसा कह कर चाची ने कहा चलो लाइट आ गयी अब गर्मी तो नही लगेगी और वो भी सो गई।

15 मिनट इंतजार करने के बाद मैं कमरे में गया और जाते ही सबसे पहले कमरे की लाइट ऑफ कर दी ताकि रूम में अंधेरा हो जाये और कोई अगर जग भी जाये तो मुझे ना देख पाए। क्योंकि लाइट ऑफ हिने के बाद कमरे में पर्याप्त अंधेरा हो जाता था मैंने सबसे पहले लाइट ऑफ किया और पूजा के पास पहुँचा और उसके चूत पर अपना हाथ रख दिया उसे शायद नींद में लगा कि किसी बच्चे ने ऐसा किया और वो दूसरे करवट हो गयी जिससे मेरा हाथ गया पर मुझे उसकी मस्त चूतड दिख गयी पर आधा मैन तुरन्त उसकी नाइटी कमर के ऊपर की और उसके चूतड़ पर हाथ फेरने लगा

मेरा लन्ड पूरी तरफ फुफकार रहा था मैंने उसे बाहर कर दिया और पूजा के बगल में सो गया इतने में पूजा ने फिर करवट मारी और इस बार उसने एक टांग मेरे ऊपर रख दी और हाथ से मुझे पकड़ लिया शायद उसे लगा कि मैं उसकी बहन हूँ लेकिन इससे मेरी हालत बिल्कुल खराब हो गयी उसकी चुत मेरे लन्ड से सट गए और चूची मेरे मुँह के पास आ गए मुझसे नही रह जा रहा था तभी मैन हल्के से उसकी चुत के पास से उसकी पेंट हटा कर अपना लन्ड उसकी चुत में सटा दिया। मेरे लन्ड ने इतने में ही पानी छोड़ दिया शायद ये सब कुछ मेरे साथ पहली बार हो रहा था

इसलिए मेरा वीर्य उसकी चुत से सट कर गिरने लगा और चुत भीगने से उसकी नींद खुली और उसने अपनी चुत को देखने के लिए हाथ बढ़ाया तो उसे मेरा लन्ड मिला उसने मेरे लन्ड को पकड़ कर नींद में ही बोला ये बैगन यहां बेड पर किसने रख दिया ।लगता चाप कर फट गया है शायदउसने जैसे ही बैगन समझ कर मेरा लैंड खींचा वो हटा ही नही और वो उठ कर बैठ गयी और जब सुने ध्यान से देखा तो उसे कुछ गड़बड़ लगा उसने अपने फोन की लाइट जलाई तो देखा कि ये एक लंबा मोटा लन्ड है वो चौंक गए और तुरन्त लाइट मेरे चहरे पर मारी मैने तुरन्त उसका मुंह चांप दिया और उसे कहा कि देखो मैंने तुम्हारे साथ बहुत कुछ कर दिया है

अब अगर तुम हल्ला भी करोगी तो कुछ नही हीग देख लो तुम्हारी चुत में मेरा वीर्य लगा हुआ है इसका मतलब है कि अब तुम मां बन जाओगी। और अगर ऐसा हो गया तो तुम्हारी बहुत बदनामी होगी और मैन तुम्हारे बॉयफ्रैंड की बात तुम्हारे पापा को बताई थी अतः अब अगर तुम मां बन गयी तो वो तुम्हें छोड़ेंगे नही और हैं मेरा नाम लोगों तो मैं ये कह दूंगा की तुम सिर्फ मुझे फंस रही हो क्योंकि मैंने तुम्हारे बॉयफ्रेंड के बारे में बताया था। इतना सुनते ही उसके आंखों में आंसू आ गए मैने उसका मुँह से हाथ हटा लिया वो बोली अंकल मैन कभी किसी के साथ कुछ गलत नही किया है

वो एक रॉंग कॉल था जिसे की मैं कॉल करने से मना कर रही थी उस दिन क्योंकि वो मुझे परेशान कर रहा था। मगर आज तो आपने मेरे साथ ये सब कर दिया उसने अपने चुत पर हाथ रखते हुए बोला उसकी चुत मेरे वीर्य से गीली थी।मैंने बोला चलो कोई बात नही जब गलती हो ही गयी है तो अब इसे और हो जाने दो कल मैं तुम्हें एक दवा दे दूंगा जिससे तुम मां नही बनोगी लेकिन इसके लिए तुम्हें में जो कहूंगा वो करना होगा।

वो रोते हुए भारी मन से तैयार हो गयी मैंने उसे भंडार घर मे आने को कहा वो वहां आ गयी मैंने एक गमछी जमीन पर बिछा दी और खुद लेट गया और उसे अपना लन्ड चूसने को कहा तो उसने कहा छि इससे तो पिसाब किया जाता है और इसे तो मुंह मे नही कहीं और दिया जाता है मैन कहा कहाँ तो वो रट हुए भी शर्मा गयी और बोली पता नही

मैन कहा तुम्हें कैसे पता तो उसने बोला एक बार दिन में पापा को ये गन्दा वाला काम करते देखा था पापा अपना शुशु पता नही कहाँ लेकिन मम्मी के साड़ी को उठा कर कहीं डाल रहे थे।मैंने झट से कहा इसे शुशु नही लन्ड कहते हैं और वो तेरी मम्मी के चुत में डाल रहे होंगे इतना कहते ही मैंने बैठकर हाथ उसके नीति के अंदर से डालकर उसकी चुत पकड़ ली वो खड़ी थी तुरंत कर के नीचे बैठ गयी। फिर उसने कहा कि नही मम्मी की वो जगह मैं नही देख पाई बस साड़ी उठी थी और पापा उनपर चढ़कर अपना शुशु डाल रहे थे।

मैन तुरंत टोका तुम अब जवान हो लन्ड बोला करो ये लन्ड होता है। उसने बोला हैं वही। लेकिन मैंने पापा का तो देखा था पर आपका उनसे काफि बड़ा और मोटा है मैने कहा क्या नाम बताओ ढंग से उसने शर्माते हुए बोला लन्ड। मैने बोला अब चुसो इसे।इसपर वो बोली आप अंकल हो मेरे और ये सब काम शादी सुदा लोग करते हैं। प्लीज मेरे साथ ये सब मय कीजिये अंकल मैं हाथ जोड़ती हूँ। मैन कहा अब नौटंकी मत करो अभी तो बड़ी गंदी गंदी बातें कर रही अब क्या हुआ ये संस्कार कहाँ से जाग गया।

तो वो रट हुए बोली कि वो तो बस कुछ याफ आ गया था तो बोल दिया प्लीज छोड़ दीजिए ना अंकल। मैंने कहा छोड़ दूंगा लेकिन बस मेरा लन्ड चूस दो बस ये शांत हो जाये। क्योंकि ये मेरे बस की चीज नहीतो उसने बोला ये ऐसा कैसे हो गया आप खुद से शांत लो ना मैने बोला तुझे देखकर खड़ा हुआ है अब ज्यादा नौटंकी मत कर और चूस तब उसने बड़ी उदास मन से मेरा लैंड अपने हाथ मे लिया और उसे मुंह मे डालने लगी और बस थोड़ा सा लेकर छोड़ दिया मैन कहा चुसो इसे आइस्क्रीम की तरह इस पर वो बोल उठी ये नमकीन लगता है अंकल और मैं ये नही कर सकती ये अजीब लगता है मुझे

मैन कहा तब तो हो गया कल तुझे दबाई नही मिलेगी इसपर वो रोने लगी और मेरे लन्ड को चूसने लगी। लन्ड चूसने में शायद उसे मजा नही आ रहा मैने उसे कहा अपनी नाइटी उतार लें गर्मी अधिक है। वो बोली नही आपके सामने मैं ये नही करूँगी। मैने कहा अरे पागल तुझे कमर के निके नंगा तो मैंने देख ही लिया है और तेरे बूब्स भी देख ही लिए अब कैसा शर्म मुझसे और वैसे मैं सिर्फ गर्मी के लिए बोल रहा हूँ देख उस रूम में सब कैसे सोये हैं। इसपर वो टपक से बोली मैन अंदर ब्रा भी नही पहनी है गर्मी की वजह से खोल दी थी।

मैंने कहा लाओ उतारो नाइटी मैं पीछे से ब्रा पहना दूंगा तब नाइटी उतार कर आराम से रहना उसने मुझे ब्रा दी और नाइटी उतार पर मुझसे कंट्रोल नही हुआ और मैन उसकी ब्रा पहनाने की जगह उसकी बूब्स को पकड़ लिया और उसे मसलने लगा वो सहम सी गयी और कहने लगी ये क्या कर रहे हैं। मैन मदहोश होकर पागल की तरह उसकी बूब्स चूस रहा था साथ ही उसे जहां तहां किस भी कर रहा था अब उसे भी मजा आने लगा और वो ना ना कह कर भी साथ देने लगी। मैने पूछा मजा आ रहा है वो बोली हाँ मैंने कहाँ तुम्हारी बूब्स चुसूं वो कुछ नही बोली मैं उसकी चूची को दबाने लगा और चूसने भी बड़ी मस्त बड़ी गोरी चूची थी उसकी वो मदहोश हो कर सिसकारियां लेने लगी

तभी मैने अपना हाथ उसके पैन्टी में दे दिया वो मचल सी उठी और मेरे हाथ को पकड़ लिया और माना करने लगी। मैंने हाथ निकाल लिया और अपना लन्ड उसके हाथ मे दे दिया और दोनों हाथ से उसकी चूची मसलने लगा और उसके ऊपर बैठ गया। वो पागलों की तरह मेरे लन्ड को हिंला रही थी मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके चूची को मसलने लगा और उसके गर्दन गाल और लिप्स को चूमने लगा। और अपना लन्ड उसके चुत पर ऊपर से ही रगड़ने लगा वो गर्म हो रही थी

मैंने वहीं भाड़े की तकिया जो पहले से राखी थी उसके गांड के तर में रख दी फिर उसके ऊपर चढ़ जिससे वो और भी गर्म हो गयी और जब वो पूरी गर्म हुई मैने एक झटके में उसकी पैंटी खोल दी घुटनो तक उसने मुझे धक्का देते हुए अपनी चुत अपने हाथों से ढंक ली लेकिन इस क्रम में उसकी ही एक उंगली उसके चुत में चली गयी। वो कसक उठी और जब तक पेंट ऊपर करती मैन फिर उसके ऊपर आ गया और अपना मुंह उसकी चुत में लगा दी वो मचल से गयी लेकिन क्या बताऊँ क्या महक थी उसकी चुत की बिल्कुल मदहोश कर देने वाली।मै पागलों की तरह उसकी चुत चाटने लगा वो पागल होकर मेरा सर पकड़ कर पागलों की तरह रगड़े लगी और झड़ गयी और बिल्कुल अकड़ सी गयी।

मैंने तुरन्त अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा और जोर का धक्का मारा चुत गीली होने के कारण आधा लन्ड झट से अंदर चला गया और उसको बलडिंग होने लगी वो दर्द से चीख गयी मैन तुरंत उसका मुंह बंद किया। उसने अपने हाथ से मेरा लन्ड निकालने की कोशिश की लेकिन मैंने पूरा जोर दे दिया और पूरा लन्ड उसके बुर में घुस गया। वो दर्द से तड़प गयी। मुझे भी बड़ा तेज दर्द हुआ जैसे कुछ काट गया हो। पर मैन लन्ड बाहर नही निकाला 2 मिनट तक लन्ड वहीं रहा।लन्ड में सिकुड़न आने से उसे कुछ आराम मिल केकिन तभी मैने दो जोरदार झटके मारे जिससे मेरा लन्ड अंदर ही जाग गया।

उसने अपने मुह से मेरा हाथ हटा कर दर्द भरे स्वर में बोला अंकल इसे निकालो दर्द हो रहा है।मैन कहा कोई जग जाएगा तुम दर्द सहो कुछ बोलो मत वो चुप हो गयी।और मैं झटके मारने लगा फच फच की आवाज आने लगी वो भी छोड़ दीजिए अंकल निकालो इसे करने लगी फिर वो धीरे धीरे शांत होने लगी और अपनी चूतड़ उचकने लगी मैने पूछा कैसा लग रहा है तो वो बोली दर्द हो रहा है पर पता नही क्यों मजा भी आ रहा है करीब 45 मिनट तक हमदोनों सेक्सक्स्क्स करते रहे । उसकी सिसकारियां मेरा हौसला बढ़ा रही थी मैन उसे जम कर चोदा। कुछ कुछ देर बाद करीब सुबह 4 बजे तक मै उसे चोदते रहा। फिर किसी के जाग जाने के डर से उसे जाने दिया।

अगली सुबह जब हम मीले तो मैंने उसे इशारा किया कि बाथरूम में आओ वो नहाने के बहाने बाथरूम आयी मैन उसे कहा ये रही दवाई लेक्जन इससे पहले एक बार और वो पहले तो मन की फिर मान गयी मैंने खड़े खड़े उसकी चुत में हाथ डाल दिया वो दर्द से कांप गयी फिर मैंने उसकी पैंटी उतारी और उसे झुकने बोला और फिर पीछे से उसे चोदने लगा फिर उसके पूरे कपड़े खुद से उतारे और उसे कहा अब मेरा लन्ड चुसो उसने करीब 10 मिनट तक मेरा लन्ड चूसा फिर मैं झड़ गया।

फिर मैंने उसके दोनों बूब्स के बीच रगड़ कर अपना लन्ड खड़ा किया और फिर उसको बाथरूम में सुला कर चोदने लगा। तभी मैने देखा कि अचानक से बाथरूम का डोर खुल गया मैं उस समय पूजा की चुदाई ही कर रहा था।शायद पूजा दवा खाने के जल्दी मे दरवाजे की कुंडी ठीक से नही लगाई थी।हमदोनो ने देखा कि उसकी बहन ने हमे इस हालत में देख लिया।अब आगे क्या हुआ वो अगली स्टोरी में बताऊंगा। कहानी कैसी लगी जरूर बताएं। जल्द ही दूसरी कहानी भी लाऊंगा।


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