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बहन की नाजुक चूत को लंड का मजा दिया

बहन की नाजुक चूत को लंड का मजा दिया

बहन की नाजुक चूत को लंड का मजा दिया


मुझे शुरू से ही सेक्स का बहुत शौक रहा है... अक्सर मैं गांव की देसी लड़की की चुदाई करता था... वो लड़की पैसे लेकर चुदवाती थी... देसी चूत की चुदाई करने में मजा ही अलग आता है मुझे... महीने में 5-6 बार तो मैं उसकी चूत जरूर मारता था...



मगर बार बार वही चूत मारकर मेरा मन फिर धीरे धीरे भरने लगा था... वैसे भी वो कइयों से चुदती थी तो उसकी ढीली हो चुकी थी...



फिर मेरा मन किसी नई टाइट चूत को चोदने का करने लगा... पता नहीं क्यों मेरे मन में मेरी मौसी की लड़की का ख्याल आया मैं उसको पसंद करता था... मगर चोदने की नहीं सोची थी...



अब जब मुझे चूत की सख्त जरूरत थी तो सोचा कि क्यों न मौसी की लड़की की चूत चुदाई करने की कोशिश करूं...



उसका नाम मोना था... वो लोग शहर में रहते थे... घर में केवल तीन ही लोग थे उनके... मोना और उसके मां-पापा...



वो बी...ए कर रही थी... उसका कोई भाई या बहन नहीं थी... हम खुलकर बातें किया करते थे... बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड की बातें भी शेयर कर लिया करते थे...



मैंने तो बहुत बार चूत चोदी थी लेकिन उसने अभी तक किसी के साथ सेक्स नहीं किया था...



कई बार वो मुझसे कहा करती थी कि उसको भी एक अच्छे हैंडसम लड़के को बॉयफ्रेंड बनाना है...



इसी वजह से उसकी चूत मेरे दिमाग में घूम रही थी... मैं उसके साथ सेक्स के सपने देख रहा था...



जहां तक मुझे लगता था कि वो सेक्स के लिए तड़प रही होगी... वो अपनी जवानी के पूरे उबाल पर थी और उस उम्र में चूत को भी लंड की उतनी ही जरूरत होती है जितनी कि लंड को चूत की।



जब मेरा सेमेस्टर खत्म हुआ तो 15 दिन की छुट्टियां हो गयीं... मैं अपनी मौसी के घर जाने की तैयारी करने लगा... मैंने सोच लिया था कि मोना की चूत मारकर ही लौटूंगा...



मां से पूछकर मैंने ट्रेन भी बुक करवा ली...



मैंने मोना को भी बता दिया कि मैं पहुंच रहा हूं... वो सुनकर खुश हो गयी... वो मुझे स्टेशन लेने आने वाली थी...



शाम को मैं उसके वहां के स्टेशन पहुंच गया... मोना स्कूटी पर मुझे लने आ गयी... उसने शॉर्ट्स और टीशर्ट पहन रखी थी... उसकी चूचियां भी पहले से बहुत बड़ी हो गयी थी... उसको देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा था...



मोना की नज़र भी मेरी लोअर पर पड़ गयी थी... वो थोड़ी शर्मा गयी...



वो मेरे से खुशी खुशी गले लगी और मैंने उसको थोड़ा कसकर अपनी छाती से सटा लिया और उसकी चूचियां मेरी छाती पर दब गयीं...



मेरा लंड उसकी चूत के एरिया पर जा सटा...



मैंने थोड़ा और कसकर भींचा तो वो कसमसा गयी और फिर मैंने उसको छोड़ दिया...



वो बोली- जान लोगे क्या भैया?



मैंने मन ही मन कहा- नहीं, तेरी गांड लूंगा साली! तुझे चोदने आया हूं...



वो बोली- चलो जल्दी अब... घर पर सब इंतजार कर रहे हैं...



मैं स्कूटी पर उसके पीछे बैठ गया...



रास्ते में मैंने उसकी कमर पर हाथ रखा और बिल्कुल उससे चिपक कर बैठ गया...



धीरे से अपना हाथ मैं उसके पेट की ओर ले गया... जैसे ही मैंने अपना हाथ उसके पेट पर रखा वो कसमसा गई...



लग रहा था कि आज तक किसी लड़के ने उसको छुआ नहीं था...



उसके बदन की नर्मी पाकर मेरे लंड में करारे झटके लगने लगे... मन किया कि अभी लिटाकर चोद दूं...



फिर जैसे तैसे हम चलते रहे...



घर से कुछ दूर पहले ही एक मार्केट में मोना ने स्कूटी रोकी और दुकान से कुछ सामान ले आई...



फिर सामान लेकर वो पीछे बैठी और स्कूटी मैंने चलाई...



थोड़ी ही देर में हम मौसी के घर पहुंच गये...



वो लोग मेरा ही इंतज़ार कर रहे थे...



मैं मौसी और मौसा जी से मिल कर खुश हुआ और वो लोग भी बहुत खुश थे...



मैंने थोड़ी देर उनके साथ बात की... उसके बाद मैं फ्रेश होने के लिए चला गया...



फिर खाने का टाइम हो गया और रात के खाने के दौरान खूब गप शप हुई...



उसके बाद मौसी ने मुझे मोना के कमरे में ही सोने को बोल दिया... उसका रूम ऊपर वाली मंजिल पर था... वो वहीं पर पढ़ाई करती रहती थी और फिर वहीं सो जाती थी...



मोना को घर का काम निपटाना था इसलिए वो नीचे ही रह गयी... मैं पहले ही उसके रूम में चला गया...



ऊपर जाकर देखा तो उसके बेड पर उसका लैपटॉप रखा हुआ था... मैंने उसको ऑन किया...



पासवर्ड लगा हुआ था... मैं नीचे आया और उससे पूछा कि पासवर्ड बता दे, मुझे फ्लिम देखनी हैं...



ये सुनकर उसके चेहरे पर परेशानी के भाव आ गये... वो सोच सी में पड़ गयी और कुछ पल बाद सोचकर बोली- तुम चलो न … मैं आ तो रही हूं थोड़ी देर में!



मैं बोला- अरे यार … पासवर्ड तो बता दे... तब तक मैं फ्लिम ढूंढ तो लूं कोई देखने लायक?



फिर उसने मरे से मन से अपना पासवर्ड बताया...



मैं समझ तो गया था कि लैपटॉप में जरूर कुछ प्राइवेट चीजें हैं... अब मैं तो मैं और उतावला था उसका लैपटॉप चेक करने के लिए...



ऊपर जाते ही मैंने दरवाजा ढाला और लैपटॉप का पासर्वड डाल दिया... फिर ढूंढने पर एक प्राइवेट फोल्डर दिखा...



मुझे पूरा शक था कि इसमें जरूर कुछ पोर्न या इसकी नंगी फोटो होंगी...



मैंने खोला तो उसमें पोर्न फ्लिम मिली... देखते ही मेरे लंड खड़ा हो गया...



मोना सेक्स की प्यासी होगी जरूर...



अब मैंने इस मौके का फायदा उठाने का सोचा...



लैपटॉप बंद करके मैं सोने का नाटक करने लगा... मैंने काफी देर तक लेटे हुए उसका इंतजार किया...



मैं थका हुआ था और उसकी राह देखते देखते पता नहीं कब आंख लग गयी...



अगली सुबह मेरी आंख खुली... वो मेरे से सटकर सोई हुई थी... मेरा तो दिमाग खराब हो गया ये सोचकर कि नींद कैसे आ गयी...



एक रात ऐसे ही खराब हो गयी...



अभी 6 बजे थे और मोना 8 बजे उठती थी... ये उसकी शुरू से ही आदत रही है...



मैंने सोचा कि अभी तो दो घंटे हैं... कुछ तो किया जा सकता है... मैंने अपनी टांग उसकी जांघ पर चढ़ा ली और आराम से लेटकर सोने का नाटक करने लगा...



उसका हाथ मेरी कमर पर ही रखा हुआ था... मेरा लंड खड़ा हो गया और वो मोना की मोटी मांसल जांघ से टकरा रहा था...



मगर वो नींद में सोती ही रही... मैं उसकी जांघ पर लंड को लगाता रहा...



वो नहीं उठी और इतने में ही मौसी ने नीचे से आवाज लगा दी...



उनकी आवाज सुनकर मैंने भी अपनी टांग हटा ली और पीछे हो गया...



अपने खड़े लंड पर मैंने चादर डाल दी...



वो एकदम से उठी और उठकर जाने लगी...



मेरा दिमाग फिर से खराब हो गया...



मैं भी उठकर फ्रेश हुआ और नीचे नाश्ते के लिये गया... मोना की जांघों को लंड से छूने के बाद मुठ मारने का मन कर रहा था...



मैंने सोचा कि ऐसे तो बात नहीं बनेगी... मैंने नाश्ता किया और फिर उसका लैपटॉप नीचे ले आया...



उसमें मैंने इंग्लिश फ्लिम डाउनलोड कर दी जिसमें बहुत सारे किसिंग सीन थे और सेक्स सीन भी थे...



नीचे बैठकर मैंने एक नॉर्मल फ्लिम देख ली... दोपहर हो गयी और फिर मोना और मौसी रसोई में लंच बनाने लगीं...



लंच के बाद मैं लैपटॉप लेकर ऊपर गया...



उसके रूम में एलईडी टीवी था... पेन ड्राइव में फ्लिम लेकर मैंने वो चला दी... मुझे पता था कि वो काम खत्म करके ऊपर ही आयेगी...



कुछ देर बाद वो आई तब तक मैंने फ्लिम को एक किसिंग सीन से कुछ मिनट पहले पॉज कर दिया था...



जैसे ही वो आई मैंने फ्लिम फिर से चला दी...



दस मिनट के बाद वो हॉट सीन आ गया...



मोना बहुत ही बेफिक्री से उसको देख रही थी...



मेरा लंड खड़ा होने लगा था... मैं उसके साथ ही दोनों टांगें खोल कर बेड के सिरहाने से पीठ लगाकर बैठा था...



मेरा लंड खड़ा होने लगा था... उसने आकार ले लिया और मोना की नजर भी मेरे लंड पर पड़ गयी...



फिर वो उठकर अचानक चली गयी...



मुझे लगा कि मैंने ही गलती कर दी... इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी उसको पटाने की...



मगर कुछ देर बाद वो फिर से आई और मैं उसको देखता ही रह गया...



उसने कपड़े बदल कर एक शॉर्ट्स और टीशर्ट पहन लिया था...



मैं तब तक फ्लिम बंद करके फोन में कामुकताज डॉट कॉम की सेक्स स्टोरी पढ़ने लगा था...



लंड मेरा अभी भी तना हुआ था और झटके लग रहे थे... मगर अब मैं असहज हो रहा था...



फिर वो बोली- फ्लिम क्यों बंद कर दी? अच्छी फिल्म थी...



मैं बोला- मुझे किसी के आने की आवाज हुई और मैंने सोचा कि शायद मौसी आ जाये और उनको फ्लिम के वो किस सीन दिख गये तो क्या सोचेगी... इसलिए बंद कर दी...



मोना- अरे पागल … अब वो नहीं आने वाली... वो खाना खाकर आराम कर रही है और दोपहर में 2-3 घंटे सोती है... तुम बेफिक्र होकर फ्लिम देखो...



फिर मैंने दोबारा से फ्लिम चला दी...



मैंने उसको बोला- मोना, बहुत हॉट लग रही हो आज...



वो मुस्कराकर मेरे पास आ लेटी और फ्लिम देखने लगी...



थोड़ी ही देर में एक सेक्सी सीन आया तो मोना मेरी तरफ देखने लगी...



मेरी नजर तो पहले ही उसकी चूचियों को घूर रही थी... मोना ने ब्रा नहीं डाल रखी थी।



मोना- भाई क्या देख रहे हो? फ्लिम उधर चल रही है...



मैं बोला- फ्लिम तो चल रही है लेकिन मुझे फ्लिम से ज्यादा कुछ और देखने में मजा आ रहा है...



उसने मेरी ओर देखा तो मेरी नजर उसकी चूचियों पर ही थी...



फिर उसने अपनी चूचियों की ओर देखा और बोली- क्या भैया, आप अब ऐसे करोगे? बहन हूं आपकी...



मैं बोला- मैं प्यार भी तो बहुत करता हूं तेरे से...



वो बोली- मैं नहीं करती क्या?



मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने तने हुए लंड पर रखते हुए कहा- अगर करती तो मुझे ऐसे तड़पता देखकर आराम से बैठी नहीं रहती...

उसने एकदम से हाथ खींच लिया...

मैं बोला- आ ना यार … तू जानती है कि हम दोनों की जरूरत क्या है... मैं पसंद करता हूं तुझे...



उसने कुछ नहीं बोला और मैं उसके कंधे को सहलाने लगा...



वो बस आराम से टीवी की ओर देख रही थी...



फिर धीरे धीरे मैं अपना हाथ उसकी चूचियों पर ले गया और छेड़ने लगा...



वो तब भी बैठी रही...



फिर मैंने उनको दबाना शुरू कर दिया...



वो थोड़ी कसमसाने लगी... फिर उसका हाथ मैंने दोबारा से अपने तड़पते लंड पर रखवा दिया...



अबकी बार उसने हाथ नहीं हटाया और मेरे लंड को सहलाने लगी... मेरे मुंह से अब सिसकारियां निकलने लगीं...



वो भी गहरी सांसें ले रही थी...



मैंने हाथ उसके टीशर्ट में डाल दिया...



अंदर हाथ जाते ही मेरे लंड में जैसे तूफान मच गया...



उसकी नर्म चूची हाथ से छूते ही लंड बैखला गया और नसें फटने को हो गयीं...



मेरा मन मोना को चोदने के लिए कर गया लेकिन मुझे डर लग रहा कि कहीं सारा खेल बिगड़ न जाये...



फिर मैंने अपनी लोअर भी निकाल दी... उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और मैं उसकी चूची जोर से दबाने लगा...



कुछ पल तक हमारे हाथ एक दूसरे के अंगों पर चलते रहे और फिर होंठ मिले तो ऐसे मिले कि एक दूसरे को निचोड़ने लगे...



मैं जोश में आ गया और बोला- बस अब आगे क्या करना है?



वो बोली- मेरी तो नीचे वाली भट्टी में आग लग गयी है यार … कर ले जो करना है...



मैं बोला- तो दरवाजा लॉक कर आ...



वो बोली- अगर मां आ गयी तो?



मैं- तू ही तो कह रही थी कि नहीं आएगी?



मोना- अरे फिर भी आ गयी तो, और दरवाजा बंद मिला तो शक नहीं हो जायेगा?



मैं- ठीक है तो स्टूल लगा दे... अगर आने भी लगी तो मैं एकदम से चादर ओढ़कर लेट जाऊंगा और तू टीशर्ट नीचे कर लियो... हम पूरे नंगे नहीं होंगे...



वो बोली- हां ये तो हो सकता है...



फिर वो उठकर गयी और दरवाजे के पीछे स्टूल लगाकर आ गयी... उसके आते ही मैंने उसे बेड पर गिरा लिया और उसकी टीशर्ट उठाकर उसकी चूचियों को जोर जोर से पीने लगा...



वो कसमसाते हुए अंदर ही अंदर ही अंदर सिसकारी लेने लगी... हम ज्यादा आवाज नहीं कर सकते थे...



फिर मैंने उसकी लोअर को नीचे कर दिया और उसकी चूत को चाटने लगा...



मेरी बहन की चूत पानी छोड़ चुकी थी और उसमें से अजीब सी गंध आ रही थी...



उसकी चूत की खुशबू थोड़ी अलग थी... मगर जब मैं चाटने लगा तो मजा आ गया...



मैंने कई मिनट तक उसकी चूत चाटी और फिर उसके ऊपर आकर अपने शॉर्ट्स नीचे कर लिये...



मेरा लंड उसके मुंह के सामने था...



वो इशारा समझ गयी और लंड को मुंह में भर लिया...



कुछ देर चुसवाकर मैं अलग हो गया...



मुझे अब उसकी चूत का पानी पीना था और अपना पानी उसको पिलाना था...



हम 69 की पोजीशन में हो गए।



उसकी चूत की फांकों को अलग करके मैं अपनी जीभ उसकी चूत में डालने लगा और वो मेरे लंड को प्यार से चूसने लगी...



हम दोनों एक दूसरे को जन्नत की सैर करा रहे थे...



फिर मैं और तेजी से उसकी चूत में जीभ चलाने लगा और एकदम से उसकी चीख निकल गयी... उसकी टांगें कांप सी गयी और उसकी चूत ने काफी सारा गर्म पानी मेरे मुंह में निकाल दिया...



मैंने उसका पानी पी लिया और फिर वो भी मेरे लंड को जोर से चूसने लगी...



कुछ पल बाद मेरा भी वीर्य उसके मुंह में निकला...



हम दोनों शांत हो गये...



तभी उसकी मां ने आवाज लगा दी और वो जल्दी से खुद को संभालकर नीचे चली गयी...



फिर उसका इंतजार करते करते मैं सो गया...



फिर एकदम से टीवी की आवाज ने मेरी नींद खोली...



उठा तो देखा कि एक लड़का मेरे साथ मेरे बगल में लेटा हुआ टीवी देख रहा था...



मैंने उसको देखा मगर पहचाना नहीं... मैं वापस से मुंह फेरकर सो गया...



कुछ देर बाद मोना उसके लिए दूध लेकर आई...



मैं भी उठ गया और मोना ने बताया कि ये भावुक है... चाचा का लड़का...



फिर हमने कुछ बातें कीं और वो नीचे चली गयी...



दरअसल मोना के चाचा गांव में रहते थे और आज अपने भाई से मिलने आये हुए थे...



एक दिन उनको यहीं रुकना था इसलिए भावुक यहीं पर बैठा रहा...



रात को खाना खाकर उसे मेरे ही रूम में भेज दिया गया...



मोना नीचे मौसी के साथ सो गयी...



फिर अगली सुबह मैं उठा और भावुक अपने घर चला गया... मैं भी फ्रेश होकर नीचे चला गया... नीचे जाते ही मौसी नाश्ता ले आयी...



मेरे साथ बैठ कर चाय पीने लगीं...



मौसी- मैं और तेरे मौसा जी 3-4 दिन के लिए गाँव जा रहे हैं... गाँव में एक शादी है... तेरे छोटे मौसा उसी का न्यौता देने आये थे... साथ ही गाँव में जमीन है उसको भी देखकर आना है... तू मोना का ध्यान रखना...



ये बात मेरे कानों में गयी तो लंड खुशी से झूम उठा...



मोना मेरे पास में ही बैठी थी...



उसके बाद मौसी पैकिंग करने के लिए कहकर उठने लगी... उन्होंने मोना को बर्तन साफ करने का बोला और कमरे में चली गयी...



जैसे ही मौसी ने कमरे का दरवाजा बंद किया तो मैं मोना पर टूट पड़ा...



मैं उसकी गर्दन को चूमने लगा...



उसने मुझे पीछे धकेला और बर्तन लेकर चली गयी...



मैं भी उसके पीछे चला गया और उसको पीछे से पकड़ लिया... अपना लंड उसकी गांड पर दबाता हुआ बोला- जान … ये लंड मान नहीं रहा है... जल्दी से इसको मुंह में लेकर शांत कर दो...



मोना- नहीं, मम्मी आ गई तो पंगा हो जाएगा... बाद में रूम में जाकर करुँगी... अभी तुम बाहर जाओ।



मैंने भी उसको सीधा किया और बोला- देख जल्दी चूस दे... मुझसे रुका नहीं जा रहा...



वो मना करती रही...



फिर मैंने उसकी शॉर्ट्स उतार कर उसकी चूत में उंगली डाल दी...



वो चिहुंक गयी और बोली- निकाल इसे बाहर...



मैं- बोल … अभी मेरा लन्ड मुँह में लेगी या एक और उंगली दे दूं चूत में?



मोना- पहले तो तू उंगली निकाल … फिर तू जो बोलेगा मैं वो करुँगी।



मैं- तुम बर्तन साफ करो, मैं मौसी को देख कर आता हूं... वो नहाने लगी है या नहीं।



मौसी के रूम में गया तो वो बैग में कपड़े डाल रही थी।



मुझे देखा तो बोली- अमित थोड़ी मदद कर मेरी... अभी बाजार भी जाना है।



जैसे ही पैकिंग का काम खत्म हुआ मौसी बोली- मैं नहाने जा रही हूं... मोना को बोलना कि आज दोपहर का खाना न बनाये... मैं आते समय होटल से ले आऊँगी तुम दोनों के लिए।



यह बोलकर वो बाथरूम में चली गई और मैं मोना के पास गया और बोला- अब हम दोनों 2-3 घण्टे के लिए अकेले हैं। मौसी बाजार जा रही है और बोला है कि खाना भी नहीं बनाना। अब जल्दी से मेरा लन्ड मुंह में लो और पानी निकालो इसका!



वो नीचे बैठ गयी और मेरा लंड चूसने लगी...



मैंने उसका सिर पकड़ लिया और उसके मुंह में धक्के मारने लगा...



कुछ मिनट बाद ही मेरा माल उसके मुंह में निकल गया...



मोना ने मेरा सारा पानी निगल लिया और अपनी जीभ से मेरा लन्ड साफ कर दिया।



फिर मोना को गर्म करने के लिए मैंने उसकी चूत पर उंगली चलानी शुरू कर दी।



मोना की आँखें बंद हो गईं...



जब मुझे लगा कि उसकी चूत में आग भड़क चुकी है तो मैंने अपनी उंगली चूत से हटा ली और उसकी गर्दन को चूमने लगा...



उसकी हालत बुरी हो गई थी।



मैं सिर्फ उसको गर्म करके छोड़ देना था ताकि वो अपनी चूत शांत करने के लिए मेरी हर बात माने।



तो मैं मोना से अलग हो गया...



मोना बोली- चलो ऊपर चलते हैं, तुम्हारा तो काम हो गया... अब मुझे भी शांत करो।



मैं- रुको थोड़ी देर... मौसी को जाने दो... फिर आज कुछ नया करते हैं... तब तक चूत की आग को जलने दो। तभी तुम्हें मज़ा आएगा।



हमने अपने आप को व्यवस्थित किया कि इतने में मौसी बाहर आ गई... वो बाजार जाने के लिए तैयार थी...



फिर वो अपना पर्स लेकर निकल गयीं और दरवाजा अंदर से बंद करने को बोल गयीं...



मोना दरवाज़ा बन्द करने गई तो मैं भी उसके पीछे चल दिया और जैसे ही उसने दरवाज़ा बन्द किया तो मैंने उसको पकड़ लिया; उसके कपड़े वहीं उतरवा दिये...



मैं उसको बेतहाशा चूमने लगा... हवस की आग बहुत तेज थी... उसके पूरे बदन को मैंने चाट डाला और वो वहीं नंगी खड़ी जोर जोर से सिसकारने लगी...


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