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ऑफिस में मेरी बीवी एक साथ 8 लोगों से चुदवा रही थी 

ऑफिस में मेरी बीवी एक साथ 8 लोगों से चुदवा रही थी


मेरी बीवी दीपिका एक बहुत सेक्सी औरत है, उसकी उम्र 26 साल है, हम दोनों मुंबई में जॉब करते है, मेरी बीवी का फिगर 40″38″44 है, दीपिका मोटी है लेकिन बहुत खूबसूरत है।

हमेशा जीन्स टॉप और छोटे कपडे पहनती है, ऐसी बीवी को हर पति दिन रात चोदना चाहेगा। मैं भी यही करता हूँ, हमारी शादी को 2 साल हो गए है मैं पूरी तरह से उसे चोद कर खुस रखने की कोशिस करता हूँ, हर रात चुदाई होती है लेकिन मेरा लंड सिर्फ 4 इंच का छोटा और पतला है जिसकी वजह से उसकी प्यास अधूरी रह जाती है दीपिका ने कभी मुझे बोला नहीं फिर भी मैं उसे देख कर समझ जाता हूँ।


1 महीने पहले मेरी नौकरी छूट गयी मैं घर पर ही रहता और नयी जॉब की तलाश में था लेकिन कही बात बन नहीं रही थी। दीपिका को डेली उसके ऑफिस बाइक से लेने और छोड़ने जाता था। एक दिन दीपिका खुश हो कर घर आयी और बोली मेरा प्रमोशन हुआ है, मैं सुन कर बहुत खुस हुआ और दीपिका से बोला चलो पार्टी हो जाये, लेकिन वो मना करने लगी, काम बहोत था थक गयी हूँ किसी और दिन पार्टी करेंगे। खाना खा कर हम दोनों सोने चले आये, मैं खुसी के मौके पर अपनी बीवी को चोदना चाहता था मैं उसको पकड़ कर चूमने लगा दीपिका मुझे गुस्से से धक्का दे कर बोली अरे यार थक गयी हूँ और तुम सुरु हो गए। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम


मैं रुक गया और सोचा काम से थक गयी है आराम करने देता हूँ, एक सप्ताह ऐसे ही निकल गए दीपिका उसके बाद ऑफिस से लेने आने को मना करने लगी। बोली आप शाम को मत आना मुझे काम से देर हो सकता है मैं कैब से घर आ जाउंगी। मैं मान गया मेरी पत्नी की खुसी में मेरी खुसी थी।

दूसरे दिन मैं बाहर सामान लेने निकला और दीपिका को साथ लेकर जाऊंगा सोच कर उसके ऑफिस चला गया 7 बज गए थे ऑफिस बंद होने का टाइम था। मैं अंदर गया वह कोई नहीं थी सभी जा चुके थे। अंदर हॉल की लाइट जल रही थी और कुछ लोगो की आवाज आ रही थी। मैं जैसे आगे बढ़ा मुझे सामने की गेट पर चपरासी आते हुए दिखा, सायद उसने मुझे नहीं देखा था। मैं चपरासी से बात किये बिना आगे बढ़ गया हॉल के विंडो पर जाली वाला पर्दा लगा हुआ था मैं अपनी पत्नी को ढूंढता हुआ वो पर्दा हलके से उठा कर अंदर देखा।

अंदर बहोत से आदमी बैठ कर शराब पी रहे थे तभी मेरी नजर मेरी बीवी पर गयी वो अपने बॉस की गोद में बैठी थी, ये सब देख कर मेरा गुस्सा बढ़ गया मैं जाकर अपनी बीवी को दो थप्पड़ मारना चाहता था लेकिन खुद को काबू किया और सोचने लगा देखता हूँ ये किस हद तक गिर सकती है आज पता चल ही जाये। वहाँ पर टोटल 8 आदमी थे सभी हट्टे कट्टे मोटे थे, मेरी बीवी अपने बोस की गोद में बैठी थी और उसका बॉस दीपिका के कमर में हाथ रख कर सहला रहा था। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

तभी दीपिका बोली राजीव सर मुझे देर हो रही है आज जल्दी कर लेते है वैसे भी 8 लोग है टाइम लग जायेगा। मेरी समझ में कुछ नहीं आया ये 8 लोग से क्या करना चाहती है। मेरी बीवी दीपिका का बॉस अपने पेन्ट की ज़िप खोल कर अपना लंड बाहर निकाल लिया, दीपिका उसका मोटा लम्बा लंड हाथ में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।

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वहाँ बैठे बाकी के 7 लोग अपने पेन्ट उतार कर चड्डी निकाल फेके और मेरी बीवी के पास आकर खड़े हो गए, दीपिका राजीव का लंड छोड़ कर उन सब के लंड को बारी – बारी चूसने लगी। राजीव उठा और अपनी पुरे कपडे उतार कर नंगा हो गया। दीपिका को खड़ा किया और उसके टॉप जीन्स निकाल कर सब दीपिका पर टूट पड़े ब्रा पेन्टी के ऊपर से 8 लोग उसको चूसने लगे। दीपिका पुरे मजे में सिसकारियां ले कर उनको खुस करने की पूरी कोसिस कर रही थी।

तभी एक ने दीपिका के पेंटी नीचे उतार कर उसकी चुत चाटने लगा एक बन्दा पीछे से उसकी गांड चाट रहा था। ऊपर से दो लोग उसकी ब्रा उतारकर दोनों निप्पल चूसने में लगे थे। बाकी के ४ लोग दीपिका के सरीर पर अपना लौड़ा रगड़ रहे थे। दीपिका का बॉस बोला ये ले तेरी चुत की खुजली मिटाने के लिए आज 8 लोग हो गए है बता अब तो खुजली मिट जाएगी तेरी। दीपिका बोली अरे ये तो कुछ भी नहीं मैं कॉलेज के दिनों में एक साथ 10 लड़को के साथ ग्रुप सेक्स करती थी।

मेरी चुदाई की प्यास बुझाना आसान नहीं है। दीपिका का बॉस बोला – तेरे गांडू पति से तो ज्यादा मजा देंगे हम लोग तेरे को। दीपिका चुप थी और वो लोग उसको मसल रहे थे। अपनी बुराई सुन कर मेरा दिमाग ख़राब हो गया था लेकिन मैं बर्दास्त कर गया। 5 मिनट बाद दीपिका का बॉस टेबल पर लेट गया और दीपिका को अपने लंड पर बैठा लिया पीछे से उसका एक काला दोस्त अपना 7-8 इंच का लंड लिए दीपिका की गांड में डाल कर दोनों एक साथ चोदने लगे। दीपिका उम्म्म्म अह्ह्ह्हह चोदा सालों मेरी प्यास बुझा दो ,, और चोदो साले चोदो चोदो अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह कर रही थी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

बाकी लोग अपना लंड हाथ में लिए मुठ मार रहे थे, 2 लोग दीपिका की तरफ बढे और एक ने दीपिका क्वे मुँह में लंड डाल दिया। अब दीपिका के तीनो छेद में लंड था। तीसरा बन्दा दीपिका के बूब्स चूसने लगा दीपिका उसका लंड अपने एक हाथ से हिलाने लगी। बाकी के ४ लोग खड़े थे दीपिका को चोदने का इन्तजार कर रह थे। 10 मिनट बाद शिफ्ट चेंज हुई और ये चार गए और बाकी के 4 दीपिका की वैसे ही चुदाई करने लगे। दीपिका के मुँह से गुन गु गु गु गु गु सिर्फ इतने आवाज निकल रही थी। कमरे से शराब की बदबू चुदाई की थपेड़ो की आवाज तप तप थप थप गन्दी गालिया और हंसने की आवाज आ रही थी 15 -20 मिनट ऐसे वो लोग चोद रहे थे सब अपना लंड हाथ में लेकर मुठ मारने लगे दीपिका टेबल पर लेटी हुई चारो तरफ से वो लोग उसके ऊपर अपना वीर्य गिरा रहे थे।

दीपिका ब्लू फिल्म के तरह उन लोगो से चुदवा कर उनका वीर्य चाटचाट कर पी गई।

अपनी बीवी के प्यास मैं बुझा नहीं सकता इसका दुःख था, लेकिन इस तरह वो दुसरो से चुदा कर मेरा मजाक बना रही थी इसका गुस्सा मुझे था। सब लोग कपडे पहनने लगे दीपिका नंगी थी तभी चपरासी हॉल में आया और बोला शाहब आप लोग का हो गया हो तो मैडम की मैं भी ले लूँ ? इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

राजीव बोला – हां जरूर तू हमारा वफादार है तेरा तो पूरा हक़ है। वैसे भी सब से बड़ा औजार तो तेरा है दीपिका तेरी दीवानी हो जाएगी।

दीपिका बोली आ चंदू आज तेरा लंड भी देखूँ कितना लम्बा – मोटा है। दीपिका चपरासी के कपडे निकाल कर फेकने लगी बाकी के 8 लोग बैठ कर किसी फिल्म की तरह इनकी चुदाई का खेल देखने को तैयार थे। चंदू का कपडा उतारते ही मेरी नजर उसके लंड पर गयी। उसका लंड ब्लू फिल्म में काले लोगो के जैसी 10 इंच से भी ज्यादा लम्बी और मोटी थी। दीपिका बोली ये क्या है कहा से इतना लम्बा मोटा ले आया तू ? बता न कैसे इतना बड़ा हुआ ?

ये सब देख कर मेरा दिमाग और ख़राब हो गया, मुझे मेरा 4 इंच का लंड याद आया जिसकी लम्बाई चंदू के लंड की आधी भी नहीं थी।

चंदू बिना समय बर्बाद किये दीपिका को गोद में उठा कर अपने लंड पर बैठा लिया और एक झटके से लंड चुत के अंदर डाल दिया। दीपिका बोली – हयी माँ मर गयी मैं साले बहनचोद धीरे से डालना था न भोसड़ीके। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

चंदू खड़े खड़े मेरी बीवी को उछाल कर चोदने लगा सब चुदाई देखने का आनंद ले रहे थे। चंदू कभी दीपिका कि गांड कभी चुत दोनों छेद बदल कर चोद रहा था। दीपिका उम्म्म्म अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह चोद माधरचोद और तेज और तेज बोल कर मजे ली रही थी। पैट पैट पैट पैट पैट की आवाज से पूरा ऑफिस गूंज गया।

मेरा दिमाग सुननन पड़ गया था मैं वहाँ से बाहर निकला और घर आ गया। रात को 9 बजे मेरी बीवी आयी और नहाने चली गयी, हमने साथ खाना खाया। जब सोने गए दीपिका बोली मुझे नींद आ रही है आज बहुत काम था थक गयी हूँ पूरा सरीर दर्द हो रहा है। मैं उसको गुड नाईट बोल कर लेट गया।

मेरी आँखों में नींद नहीं था पूरा नजारा घूम रहा था। मैंने फैसला किया जैसे भी है ठीक है, मेरा लंड छोटा है अगर इसकी चुत की आग ज्यादा है तो इसकी मर्जी किसी से चुदाई, अगर मैं कुछ बोला तो मेरा ही इनसल्ट होगा। उस दिन से आज 3 साल हो गए है मेरी दीपिका से सेक्स नहीं हुई है। दीपिका अपनी कंपनी में टॉप लेवल पर पहुँच गयी है,

 

मकान मालिक की कुंवारी बेटी की चुदाई,मकान मालिक की अविवाहित बेटी की चुदाई

मेरे मकान मालिक वहीँ रहते थे। उनका दो मंजिल का घर था और उन्होंने मुझे ऊपर वाला कमरा किराये पर दे दिया। मेरा मकान मालिक बहुत ही अच्छा था। उसके घर में वो पति – पत्नी और उनकी एक 19 साल की बेटी और 10 साल का बेटा रहते थे। मकान मालिक कोई सरकारी जॉब करते थे तो वो हमेशा दिन के समय घर से बाहर रहते थे।मैंने अपना सारा सामान सेट करके अपनी पहली दिन के क्लास के लिए निकल गया। जब मै वहन पहुंचा तो पहले से ही क्लास चल रही थी। मै बाहर ही बैठ गया। कुछ देर बाद बच्चे धीरे धीरे आने लगे। कुछ देर बाद अक लड़का आया, वो मेरे ही बगल में बैठ गया। कुछ देर बाद मेरी उससे दोस्ती हो गई।

मकान मालिक की अविवाहित बेटी की चुदाई


उसने अपना नाम सुनील बताया। उसके बोलने और ओके बात करने के स्टायल से लग रहा था कि वो पढने में तेज है। हम लोग वहां इंतजार ही कर रहे थे कि कुछ देर बाद एक लड़की आई और सुनील से बात करने लगी। वो दिखने में बहुत ही मस्त थी। बिल्कुल पटाका लग रही थी। उसको देखने के बाद मेरे मुह में तो पानी आ गया था। जब वो चली गयी तो मैंने सुनील से पूछा ये कौन थी??  तो उसने कहा – “यार ये मेरी क्लासमेट थी”। बस उसके साथ में दोस्ती है। मैंने सुनील से कहा – दोस्त या उससे बढकर ?? तो उसने कहा – “ऐसी कुछ बात नही है बस दोस्ती ही है”।

कुछ देर बाद हमारा क्लास शुरु ही गया। हमारे उस बैच में बहुत सी लड़कियां थी। अगर थोडा भी ध्यान भटक जाये तो तुम पढ़ नही सकते थे। उसमे में तो बहुत से लड़के केवल सिटीयाबाज़ी  करने आये थे। मै अपने दोस्त सुनील के साथ में ध्यान से पढ़ रहा था। हम दोनों का ध्यान केवल पढाई पर ही था। कोचिंग का पहला दिन काफी अच्छा था। जब क्लास छूटी तो मै और सुनील दोनो साथ में ही बात करते निकल रहे थे। जब बाहर निकले तो सुनील की दोस्त फिर से मिल गई। उसके उससे पूछा ये कौन है?? तो उसने कहा – “ये हिमांशु है मेरा नया दोस्त आज ही मिले है”।

उसकी दोस्त ने मुझसे हाथ मिलाया और अपना नाम ज्योति बताया। कुछ देर बाद वो चली गई। मै भी घर चला आया। वहां से आने के बाद मैंने थोडा सा खाना अपने बनाया और खाया। खाना खाने के बाद मै पढने के लिए बैठ गया। 3 घंटे पढने के बाद जब मै थोडा थक गया तो मैंने सोचा कुछ देर बाहर घूम लेता हूँ उसके बाद फिर पढता हूँ। मै घूमने के लिए छत पर चला गया। कुछ देर बाद जब मै वापस आया तो मैंने देखा ज्योति मकान मालिक से घर में चली गई। मै जान गया कि ये यहीं रहती है।   लेकिन उसे नही पता था। धीरे धीरे हमारी दोस्ती और भी ज्यादा हो गई। मेरे ग्रुप में मै सुनील और ज्योति 3 लोग रहते थे।

 

मकान मालिक की कुंवारी बेटी की चुदाई


एक दिन मैंने सोचा इसको बता दूँ की मै वहीँ तुम्हारे घर में ही रहता हूँ लेकिन मैंने सोचा सामने आकर बताऊंगा। कोचिंग के बाद मै घर चला आया। ज्योति भी घर आ गयी, मैंने नमक मांगने के बहाने से उसके घर गया और दरवाज़ा खटखटाया तो मकान मालकिन ने कहा – बेटी ज्योति देखना तो कौन आया है?? उसने जब दरवाज़ा खोला तो कहा – तुम यहाँ क्या कर रहे हो। मैंने उससे कहा – “मै तो नमक मांगने आया था”।

ये तुम्हारा घर है क्या ?? मुझे तो पता ही नही था मै इतने दिनों से यहीं पर रह रहा हूँ। कुछ देर में उसकी मम्मी आ गई। मैंने उनसे नमस्ते कहा और कहा – आंटी जी थोडा सा नमक मिल जायेगा। तो उन्होंने कहा – “क्यों नही बेटा अभी देती हूँ”। उन्होंने कहा – ज्योति तुम यहाँ क्या कर रही हो?? तो उसने कहा मम्मी ये मेरे दोस्त है मेरे साथ में पढता है। कुछ देर बात करने के बाद मै नमक लेकर वहां से चल आया। उसके बाद मेरी ज्योति से और भी तगड़ी दोस्ती हो गई। अब तो वो दिन में मेरे साथ में ही पढने के लिया आ जाया करती थी। ये चुदाई कहानी आप adultstories.co.in पर पड़ रहे है।

मुझे अभी भी वो दिन याद है, रविवार का दिन था मै केवल कटिग वाली चड्डी पहने हुए पढ़ रहा था और ज्योति के बार में कुछ गन्दी बातें सोच रहा था, कि इतने में वो आ गई। मेरा लंड खड़ा था और वो सामने आ गई  मुझे तो शर्म आ गई मैंने जल्दी से एक कपडे से अपने लंड को ढक लिया। मैंने उससे कहा जरा थोड़ी देर के लिए अपना मुह उधर करो मै पेंट पहन लूँ। उसने मुह उधर कर लिया लेकिन वो हंस रही थी। मैंने जल्दी से पेंट पहन ली।  मैंने कहा – अब देख सकती हो।  वो हस रही थी मैंने उससे कहा यार इसमें हंसने वाली कौन सी बात है। मै बैठ गया और वो भी मेरे ही बगल में बैठ गई। मेरा लंड उसके बारे में सोच कर खड़ा था, वो बहुत हॉट लग रही थी।

मेरा मन उसको चोदने को कर रहा था। मुझे थोडा डर लग रहा था कैसे कहूँ। कुछ देर बाद बातो ही बातो मैंने अपना उसके जांघ पर रख दिया। मेरा तो पूरा मूड था उसको चोदने का लेकिन अगर ज्योति तैयार हो जाती तो मज़ा आ जाता, मैंने सोचा। कुछ देर बाद मैंने अपने हाथो को उसकी पैरो पर से हटाने लगा , तो ज्योति ने बड़े जोश में मुझसे कहा – अपना हाथ मत हटाओ मुझे अच्छा लग रहा है।  मै समझ गया कि ज्योतो भी आज मूड में है। मैंने अपने हाथ को ज्योति के जन्घो पर सहलने लगा। और मै उसको किस करने के लिए धीरे धीरे उसके होठो की तरफ बढ़ने लगा। वो भी मेरे होठो की तरफ बढ़ने लगी। और हम दोनों एक दुसरे के होठो के पास पहुँच गए और मैंने उसके होठो को चूमना शुरु कर दिया।

 

उसने भी मेरे होठो को अपने होठो से चूमती हुई मेरे होठो को अपने मुह में भर लिया और मेरे होठो को पीने लगी मैंने भी उसको अपने बांहों में भर लिया और कास के उसके होठो को पीने लगा। हम दोनों एक दुसरे से लिपटे हुए थे, और बड़े जोश से एक दूसरे के होठो को पी रहे थे। कुछ देर बाद मैंने उसको किस करना बंद कर दिया और मैंने उससे कहा – यार जो पहले कहना चाहिए था वो बाद में कहने जा रहा हूँ। “I LOVE YOU SO…. MUCH BABY” उसने भी मुझे I LOVE YOU 2 बोल दिया।

ज्योति का मन था की मै उसकी चुदाई भी करूँ लेकिन मैंने ऐसा कुछ नही कहा उससे। तो उसने खुद ही मुझे अपने बाँहों में भर कर मेरे लंड को सहलाते हुए मुझसे कहा – “तुम और कुछ नही करना चाहोगे”। मै समझ गया उसका इशारा। मैंने उसको बेड पर लिटा दिया और अपने कमरे के दरवाज़े को बंद कर लिया। मैंने पहले तो ज्योति के बदन को कपड़ो के ऊपर से चूमते हुए उसके मम्मो को दबाया और फिर मैंने उसके सरे कपड़ो को एक एक करके निकल दिए। और मैने भी अपने कपड़ो को निकल दिया। अब ज्योति ब्रा और पैंटी में और मै अपनी कटिंग वाली चड्डी में।

मैंने ज्योति के मम्मो को मसलते हुए उसके ब्रा को निकल दिया और उसके गोर गोर और काफी मुलायम चूचियो को अपने दोनों हाथो से पकड कर मसलने लगा और साथ में ही उसकी दूध को भी पीने लगा। मै नुकीली बेहद कमसिन चूचियों को मुँह में भरके पीने लगा। ये चुदाई कहानी आप हॉट सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मुझे मज़ा आ रहा था मै उसके  नुकीली छातियों को दांत से काट रहा था और पी भी रहा  था, जिससे उसे दर्द भी हो रहा था, उतेज्जना भी हो रही थी और मजा भी  आ  रहा था।  जब मै उसके छातियो को मसलते हुए पी रहा था तो ज्योति आह आह्ह अहह उफ़ उफ़ उफ् आराम से मेरी नारियल जैसे चूचियो को चुसो आराम से   ओह ओह  करके सिसक रही थी। हम दोनों को मज़ा आ रहा था।

बहुत देर तक उसके चूचियो को पीने के बाद मैने धीरे धीरे मै उसकी चूत की तरफ आकर्षित होते हुए मै उसके कमर चूमते हुए उसके नाभि को पीने लगा और कुछ ही देर मै और ज्योति दोनों बहुत ही जोश में आ गए और वो अपने चूचियो को जल्दी जल्दी मसलने लगी और मै उसके कमर को पीते हुए अपने हाथो को उसकी चूत के ऊपर फेरने लगा। कुछ ही देर में मै जोश से पागल होने लगा। मेरे अंदर एक अजीब सी बैचैनी होने लगी। मैने जल्दी से ज्योति के पैंटी को धीरे से निकाल दिया, और मै अपने हाथो की उंगलियो से उसकी चूत को सहलाते हुए मैंने उसके टांगो को फैला दिया और अपने मुह को उसकी चूत में लगा कर उसकी चूत को पीने लगा। मैं अपने जीभ से उसकी चूत के दाने को बार बार चाट रहा था और ज्योति जोश से सिसक रही थी।

 

बहुत देर तक उसके चूत को पीने के बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकाल, मेरे लंड को देख कर ज्योति का मन मेरे लंड को चूसने का था लेकिन मै इतने जोश में आया गया था की मै अपने आप को उसकी चुदाई करने से रोक नही पाया। मैंने अपने लंड को उसकी बुर पर जोर जोर से पटकते हुए धीरे से अपने लंड को उसकी चूत में डाल दिया। जब मेरा लंड उसकी चूत में गया तो ऐसा लग रहा था कि किसी ने मेरे लंड पर कोई गर्म चीज रख दी है। उसकी चूत बहुत गर्म थी। मै अपने लंड को उसकी चूत में धीरे धीरे डालने लगा। उसकी चूत की गर्मी मेरे लंड के अंदर जा रही थी। और धीरे धीरे मेरे चोदने की रफ़्तार बढ़ने लगी। मै तेजी से उसकी चूत को चोदने लगा।

मेरा लौडा ज्योति चूत के अंदर तक जा रहा था., ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड किसी गड्डे में जा रहा है। लेकिन उसकी चूत के किनारे पर मेरे लंड की रगड़ से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और ज्योति तो जैसे जैसे मै तेजी से चोदता तो वो तेजी से ..आह उम् उम उम उम्म्म्म ओह ओह ओह ऊह्ह्ह्हह्ह्ह उह्ह्ह्ह हा हा हां  सी सी सी सीईईईईईईइ. उफ़ उफ़ उफ़ फफफफफ मम्मी मामी आह अहह ह्ह्होह उनहू उनहू उनहू उनहू  आराम से अह्ह्ह अहह ..अह हहह हहह .. प्लीसससससस प्लीसससससस,  उ उ उ उ ऊऊऊ  ऊँ..ऊँ   माँ माँ ओह माँ करके चीख रही थी।

लगातार 50 तक चोदने के बाद जब उसकी चूत रमा हो गई तो उसको भी मज़ा आने लगा। और छोड़ो और तेजी तेजी से मज़ा आ रहा है और भी तेज अहह अहह हा  करके मुझे और तेज चोदने के लिए मजबूर कर रही थी। ये चुदाई कहानी आप हॉट सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैंने और भी तेजी से उसकी चोदने शुरु कर दिया। जिससे उसकी चूत तो फटने लगी थी और वो जोर जोर से चीखने लगी। कुछ ही देर में मेरा माल निकलने वाला था। ,मैंने जल्दी से उसकी चूत से अपने लंड को बहर निकाल लिया और उसके दोनों पैरो के पंजो के बीच में अपने लंड को रख कर उसके पैरो के बीच  में पेलने लगा। कुछ ही देर में मेरे लंड से सफ़ेद वार्य निकलने लगा। उसके कुछ ही देर बाद मेरा लंड ढीला हो गया।

ज्योति को चोदने के बाद भी मैंने उसकी चूचियो को दबा कर खूब पिया और साथ में उसके चूत उंगली कर कर के उसकी चूत का पानी भी निकाल लिया।  उसकी चुदाई करने में मुझे बहुत मज़ा आया क्योकि बहुत दिनों बाद चूत के दर्शन हुए थे। उस दिन के बाद मै और ज्योति दोनों ने साथ में बहुत बार सेक्स किया। मै तो उसको इतनी बार चोद चूका था की मेरा तो अब उसको चोदने का मन भी नही करता था लेकिन उसके कहने पर उसको चोदना ही पड़ता था। कैसी लगी अविवाहित जवान लड़की की चुदाई , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर कोई मेरी मकान मालिक के की बेटी चुदाई करना चाहते हैं.

Darji Ne Chodi Meri Chut

 

Darji Ne Chodi Meri Chut, दर्जी ने चोदी मेरी चूत

Hi doston, ummeed hai aaog thik honge, Me savita, is baar apni dost Sonal ki kahani bata rahi hu, sonal meri achhi dost hai, usne mere saath apna ek adbudh anubhav share kiya, to Me uska experience aap logo ke saath share kar rahi hu. Adult stories


Hello, mera naam Sonal hai, Me 30 yrs ki shaadi shuda mahila hu, mere pati rajiv hai, mera vital status 36-30-38 hai, mera rang gora hai, eyes badi, meri choochi bohot gore aur bade hai, aur mere chutad bhari bhadkam tarbooz hain, to doston ye baat meri shadi k 3 saal baad ki hai.

Mere pati ko sex me koi interest nahi reh gaya tha, vo aksar kaam me busy rehte the, meri o ne mujhe worn kiya kahi unka secretary ke saath kuch ho na, par Mene aisa kabhi socha nahi.

Do hafte ho gaye the rajiv ne mujhe choda nahi, pichli baar bhi yuhi jaldi jaldi karke apna kaam kar liya aur mujhe yuhi pyasa chod diyatha, Mene kai raat koshish kari, sexi nighty pehenkar, blue movies (jo rajivkabhi mere sath enjoy kiya karte the) lagakar unhe lubhaya, Mene role plat bhi karne ki koshish ki.

Mene kaha “Rajiv aaj Me tumhari favourite savita bhabhi ki tarah tumhari nurse ban jaati hu, naughty student banti hu, aap police vankar mujhe chori karte pakdo aur mujhe khoob chodo, ”

Par unhe kuch achha nahi lagta hai, khana kha kar har raat so jaate hain, isi tarah ek raat Mene unhe khoob lubhaya, unke lund ki apni nangi choot se massage kiya, par unhone mujhe daant kar hata diya, aur Me aisi hi ro ro kar so gai.

Subah uthkar Mene Ramu (tailor) ko phone kiya aur kaha aj 10 baje aakar mera naap le lena, mujhe blouse silwana hai, fir Me rajiv ko tayar hone me madad karne lagi.

Raat chudai nahi hone ke kaaran choot ki talab abhi baaki thi, baar baar vahin khayal ja raha tha, naashta nahi ban paya time par, rajiv office jaane lage, “Sonal!! Kitni der se awaz laga raha hu!!! Kya kitchen me dhatur ka khet uga rahi hai, abhi tak naashta nahi bana, chal aa kar darwaza band kar, Me baahar kha lunga.”

Rajiv gusse me the, vo aaj kal mujhe bohot daantne lage the, par patanahi, Me bhi thoda laparwahi baratti thi.

Me sofe par baith kar rone lagi, fir shant hokar mej par rakha paani liya, dheere dheere raat ki tadpan mujh par chadhne lagi aur Me maxi upar kar ke apni choot me ungli karne lagi.

Me aaah oohhh rajiv chodo na mujhe, tumhe mujhe kitne time se nahi choda, bol rahi thi, achanak darwaza khula aur raaju andar a gaya, rajiv darwaza bhidka kar office chale gaye the aur Me apne gham me kundi lagana bhul gai.

Me taang failaye choot me ungli diye bhaithi thi aur raaju mujhe aankh phaadkar dekh raha tha, do second me freeze ho gai, par fir achanak uchali aur khadi huwi.

Ramu: maaf karna mam darwaza khula tha.

Me: khula tha to andar chale aaoge, khatkhataya kyo nahi.

Ramu: mujhe rhodi na pata tha ki aap.

Me: Me kya? Tumhe kuch nahi dekha, chupchap naap lo.

Ramu: ok, blouse deep neck ka silna hai, ?

Me: haan, aur thoda right fit chahiye, shape aani chahiye.

Ramu mera naap lene laga, naap lene ke bahane vo meri choochi choo raha tha, uske haatho ka sparsh mujhe achha lag raha tha, par vo mere breast se jaada chipka ke naap le raha tha.

Me: raaju ye kya kar rahe ho.

Ramu: ab aapko tight fitting chaahiye to thoda tight to pakadna hoga na, itna kehkar mere piche chala gaya, “Madam thoda haath upar karo, “, vo piche se haath aage laya aur inchitape mere right nipple par chipka diya aur piche se aur pass a gaya.

Me: Ramu ye kya kar rahe ho.

Ramu: naap le ra hu mam, kuch der me mujhe aapne gaand par uska paina auzaar mehsoos huwa, Me sihur uthi.
Uska haath aur tape baar baar mere breast se meri kamar par ja rahe the.

Me: ho gaya naap.?

Ramu: nahi abhi breast ki golayi leni hai, cup fit cone ke liye, Ramu piche se hi pakadkar tape ko meri breast ki golaiyo me lapet liya aur aisa karte waqt mere choochi ko poore hatheli se choo liya.

Me: ssssss, Ramu: kya hua mam?

Me: ye pichhe se door hato, kuchh chubh raha hai.

Ramu aur chipakte huwe: lene do na mam, vaise bhi aap dene ko itna tadap rahi thi, naap.

Me: ohhhhsssss, kaisi baaten karte ho Ramu.

Ramu: saham kyo rahi ho madam, aur daba daba kar naap lu??

Me: haye, mere jada pass mat ao, uff ye kya kar rahe ho Ramu.

Ramu: ohh madam blouse ke liye aapke chooche kade karne honge, inhe masalna hoga.

Me: ohhh ahhhhh, ye kya kar rahe hoooooohhhhhh.

Ramu: is nipple ka naap lena hai madam, is sone me tight fit chahiye ya loose, ye tight aur paine achhe lagenge, unhe masalna padega.

Me “Aaahhh dhang sssse naap lo yekya kar rahe ho.”

Me (hosh me aate huwe): mujhe khud ko kaabu me rakhna hai.

Ramu (mere left choochi masalte huwe) : vo to thik hai, par ye bataiye jab Me aaya to tum siiskiya le kar keh rahi thi ki mujhe chodo rajiv, tumhe bohot dino se mujhe nahi choda, kya tum sachme chudne ko tadap rahi ho?.

Ye kekar Ramu ne meri nighty upar ki aur meri choot sehlaane laga.

Me (uska haath kichte huwe): Ramu ye bohot personal matter hai, aur mene kaha na bhul jaao jo bhi tumhe dekha.

Ramu: ye kaise bhool jau ki tu apni gulaabi gori choot me ungli pel rahi thi, ye kehkar rahu ne apni beech wali ungli meri choot me daal diya aur andar bahar karne laga.

Me: ye kya badtami hai.

Par Ramu ab tak meri choochi pakad kar masal raha tha aur meri choot me unhi zor zor se kar raha tha.

Me: aahhh ohhhh, Ramu ye kya kar rahe ho, meri haalat samjho please.

Ramu:tumhari haalat samajh kar hi to ye kar raha hu jaaneman.

Me: par Me apne pati se kya kahungi?

Ramu: kehna Ramu mere choochiyo ka naap le kar gaya hai, aur batana kaise Mene masal masal kar in gore kabootaro ka naap liya, aur tumhare nipple ko choos choos kar inhe khada kiya, kitni mehnat lagi mujhe tight naap lene me.

Me: ohhhhhh aaahhhh ssssss.

Ramu: ye bhi batana apne pati ko kaise Mene teri nighty utaari, aur tere choochi ke divye darshan kiye, Ramu me seedhe mere nipple par jhapatta maara aur unhe apne honth me dabochhkar choosne laga, fir mere nipple apne daanto me dabakar bahar ko kar ki khincha.

Me: aahhh dhire raja.

Ramu khuch der tak mere dono nipplle ke saath yahi karta raha, choochi tight pakadkar nipple daanto se khinchta ki halka dard hota, phir use choos kar shant karta, Me bas ooooh aahhh ssss karke is mithe dard ka maza lene lagi.

Ramu ab mujhe gale se le kar pet tak chaat aur choom raha tha, Me to pagal ho gai thi.

Ramu: tere pati ne kabhi teri choot khayi hai? Nai na, aise pati ki chinta kyon karti hai jo tujhe dino din pyasa rakhta ho, aisi biwi ho to chudai ki mehfil khatam na ho, ye kehte huwe Ramu mere taango ke bich aa kar panty, ke upar se hi choot muh me daba liya.

Me : hai raam ohhhhh ufffff Ramu mere raja, pagal kar doge kya, ohhhh, Ramu ne meri panti utaar di aur mera ek pair mez par rakh diya, mez unchi hone ke kaaran meri geeli choot khul gai.

Ramu: dekh to teri chot lund ke swad me kaise laar tapka rahi hai, lalachi billi, par pehlie Me ise choos choos kar ise laall karunga.

Ramu ne apni pant aur, kachha utar diya, uska lund 7.5 inch ka hoga aur bohot mota tha, bahar nikalte hi vo poora tan kar khada ho gaya, Ramu meri choot ko khol kar jeeb se chaatne laga, mere choot ko bahar se andar se chaat kar honth gol kiye aur mere daane ko daboch liya.

Me: aahh Ramu Me jhad jaungi ohhh, aur chooso, Ramu ne apni jeebh gol aur tight ki aur mere choot ke ched me andar bahar karne laga.

Phir hum jamin par let gaye aur 69 position me ho gaye Me uska lund choosne lagi aur vo mujhe jeebh se chodta raha, Me: aaahhh ohhhhh umffff ahhhh, sssssss choos Ramu choos, mere choot ka bhi naap le, ise kaat kaat kar kha ja, Ramu choot ka daana kaatne laga.

Oooooh hai mera to likhte huwe bhi haalat kharab ho rahi hai aisa tadpaya ussne, Me ek baar jhad chuki thi, Me: Ramu ab to chodo mujhe, Ramu upar utha aur apni pant utaar di, fir mujhe table par liya kar mere par chaude kar diye aur mere choot par thook gira kar andar bahar mal diya.

Phir apne lund ka topi ched se sata kar dhaka lagaya, lund adha andar chala gaya par bohot din choot sookhi rehne ke kaaran halka dard huwa, Me: aahhh dheere Ramu, Ramu apna lund andar bahar karne laga.
Ramu: randi ab to Me ise chod chod kar phar dunga, hmmmfff hmpphhhffff, tu bas choot marwane ka maza le, tere pati ne tujhe choda hi kahan hai, aj asli chudai dekhegi.

Aur usne meri tang cheer kar ek zordar dhaka maara.

Me: aaahhhhh kutte.

Ramu: mmmmphfffff aj tu banegi bhosdi wali, le chud, bohot lund khaane kha shok hai, le hmmmpfffff aur le.

Me: ahhhh haan aur pel apna lund, thok mujhe zor zor se raaja, randi banalo mujhe apni, aaaahhhhhssss chodo ahhhhhhhh mmmmmm.

Me 35 minute ki chudai me teen baar jhar gai thi, phir raaju ka nikalne wala tha to Mene kaha mere muh me jhado.

Ramu ne apna lund nikalkar mere muh me daal diya aur mera muh chodne laga, Me bhi muh bhich kar uska lund daba kar choos rahi thi, 5 minutes muh dudai ke baad Ramu ka paani nikal gaya jo mere gale se neeche utar gaya, Mene uska lund chaat kar saaf kiya, fir humne kapde pehen liye.

Ramu ne mere lips kaate aur choochi masalte huwe kaha: naap achhe se liya na madam.

Me: haan raaju, aise hi naap lete rahoge to aur bhi blouse silwaungi, aur is tarah Ramu mujhe chodta rehta hai jab mauka mile.

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biwi ne bhikhari ke lode ke sath maza kiya

 

बीवी ने भिखारी के लोड़े के साथ मजा किया Biwi ne bhikhari ke lode ke sath maza kiya , गंदे भिखारी ने की चूत चुदाई , भिखारी से चूत चुदवा ली

बीवी ने भिखारी के लोड़े के साथ मजा किया Biwi ne bhikhari ke lode ke sath maza kiya , गंदे भिखारी ने की चूत चुदाई , भिखारी से चूत चुदवा ली , भीख मांगने वाले के साथ किया सेक्स , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.

हैल्लो दोस्तों, हम दोनों पति पत्नी को गंदे लोग पसंद है जैसे भिखारी, रिक्शे वाला, ऑटो वाला या मज़दूर. हम दोनों किसी ऐसे गंदे आदमी को मेरी बीवी को चोदते हुए सोचते है और फिर तो ज़बरदस्त सेक्स होता है. वैसे भी हमें काले लंड पसंद है और इन लोगों के लंड ही काले ही होते है. फिर एक रात को घर पर बैठे हुए हमें सेक्स का एक नया आइडिया आया. फिर हम दोनों ने यह सोचा कि रात को निकलते है और जितने भी गंदे लोग दिखेंगे उनका मुठ मारेंगे और एक दो का मुँह में भी ले लेंगे. अब हमेशा की तरह मैंने मेरी बीवी को मिनी स्कर्ट पहनाई और फिर क्या? हम लोग रात को निकल पड़े. फिर कुछ ही देर में हमें पहले एक रिक्शे वाला मिला, वो सोने ही वाला था कि हमने उसे आवाज़ देकर अपने पास बुलाया, तो वो उठकर आ गया.


अब वो मेरी बीवी की साईड पर आ गया था और वो वहाँ पहुँचते ही घबरा गया. अब मैंने मेरी बीवी की मिनी स्कर्ट काफ़ी ऊपर कर रखी थी और वो उस रिक्शे वाले को अपनी टाँगों का पूरा नज़ारा दे रही थी. अब वो रिक्शे वाला मेरी बीवी को घूरने लग गया था, जैसे अभी ही गाड़ी से निकालकर चोद देगा. फिर मैंने उससे बोला कि क्या हुआ? पसंद आई क्या? तो वो बोला कि हाँ जी साहब यह तो बहुत सुंदर है, आपकी गर्लफ्रेंड है क्या? तो मैंने कहा कि नहीं यह मेरी बीवी है, चल अब काम की बात करते है, तेरे पास 50 रूपए है तो आगे बात कर. फिर उसने कहा कि हाँ जी साहब है, लेकिन आप क्या करोगें? आप तो अमीर हो. तो मैंने कहा कि हाँ, लेकिन फिर भी फ्री में कुछ नहीं मिलता, चल निकाल पैसे.

फिर उसने मुझे पैसे निकाल कर दे दिए. फिर मैंने अपनी बीवी से बोला कि तुम इसका काम करना शुरू करो. अब मेरी बीवी ने सुना और उस रिक्शे वाले को अपने पास बुलाया और अपना एक हाथ उस रिक्शे वाले की लुंगी के ऊपर रख दिया और उसका लंड खड़ा करने लगी. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। अब उसका लंड खड़ा होने लगा था, तो उस रिक्शे वाले ने एकदम से अपनी लुंगी हटाई और अंडरवियर उतारकर नीचे से नंगा हो गया. अब उसका लंड दिख रहा था, उसका काला सा लंड करीब 4 इंच का था, तो मेरी बीवी बोली कि अरे यह तो बहुत छोटा सा लंड है, इसका क्या करोगे? तो उसने कहा कि मेडम आप चिंता मत करो मैंने आपको पैसे दिए है, आप बस अपना काम करो.

अब यह सुनकर मेरी बीवी हँसी और फिर उस आदमी के लंड पर अपना हाथ लगाने लगी. अब उसका लंड पूरा खड़ा था और मेरी बीवी पहले तो धीरे से हिलाने लगी, लेकिन फिर एकदम से अपनी स्पीड पकड़ ली और उसके काले लंड को मुठ मारने लगी. अब मेरी बीवी गाड़ी के अंदर ही थी और गाड़ी कि खिड़की से ही उसका लंड हिला रही थी.

भीख मांगने वाले के साथ किया सेक्स


फिर अचानक से ही वो रिक्शे वाला हिला और उसका सारा माल मेरी बीवी के हाथों पर निकल गया. अब उसका माल निकलते ही हम वहाँ से निकले और आगे हमें एक भिखारी मिला, वो करीब 70 साल का होगा, वो सो रहा था तो हमने उसे जगाया. अब वो भी मेरी बीवी की साईड से कार के पास आ गया, फिर जैसे ही उसने मेरी बीवी की टाँगे देखी तो वहीं पर जम गया और घूरने लगा. अब उस भिखारी को दो बार आवाज़ देने के बाद ही उसका ध्यान मेरी बीवी की टाँगो से हटा और क्यों ना घूरता?

मेरी बीवी मिनी स्कर्ट, हाई हील्स में जो थी और अपनी गोरी टांगे जो दिखा रही थी. फिर हम दोनों ने एक दूसरे को देखा और मुस्कुरा गये, क्या हुआ बाबा? अटक क्यों गये? तो वो बोला कि नहीं नहीं कुछ नहीं जी आप बोलिए में आपके लिए क्या कर सकता हूँ? तो मैंने कहा कि आप नहीं हम लोग करेंगे आपके लिए, क्या आपकी जेब में 50 रूपए है? तो वो बोला कि नहीं साहब मेरे पास सिर्फ़ 10 रूपए है. तो मैंने कहा कि ठीक है, वैसे तुमको मेरी बीवी कैसी लगी?

फिर वो बोला कि साहब यह तो बहुत सुंदर है और यह मिनी स्कर्ट तो बहुत छोटी है, इसमें से तो सब कुछ दिख रहा है और यह स्कर्ट तो काफ़ी ऊपर है. फिर मैंने कहा कि हाँ तो एक काम करो तुम बूढ़े हो और तुम्हारे पास पैसे भी नहीं है तो कोई बात नहीं, अबकी बार तुम्हारा उधार हमारे ऊपर रहेगा चलो गाड़ी में अंदर आ जाओं, हम दोनों तुम्हारी मदद करते है, लेकिन जितना कहा जाए सिर्फ़ उतना ही करना अगर ज्यादा कुछ किया तो इस जन्नत से बाहर निकाल दूँगा.

अब यह बोलकर हमने उस भिखारी को गाड़ी में पीछे बैठा लिया, वो बहुत पतला और काला था, उसके कपड़े भी काफ़ी पुराने थे, लेकिन वो साफ लग रहा था. फिर मैंने कहा कि अच्छा बाबा एक काम करो, कुछ देर के लिए मेरी बीवी तुम्हारी है, तुम्हें जो करना है कर सकते हो, लेकिन पूछ लेने के बाद, ऐसे किया तो बाहर निकाल दूंगा, तो वो बोला कि ठीक है साहब.

अब यह बोलकर मैंने अपनी बीवी को इशारा किया कि वो भी उस भिखारी के साथ पीछे बैठ जाए, तो वो पीछे चली गयी और उस भिखारी के साथ बैठ गयी. अब वो उस भिखारी के बिल्कुल पास में बैठी थी और उस भिखारी से गंदी बातें करने लगी अच्छा बाबा तुम्हारी शादी हो गयी, या फिर अकेले हो, तो वो बोला कि नहीं भिखारी कौन बनता है? पति.


भिखारी से चूत चुदवा ली


मेरी बीवी बोली कि में हूँ ना, चिंता क्यों करते हो? अच्छा बताओं तुम्हें मेरी टाँगे कैसी लगी? तो वो बोला कि मेडम आपकी टाँगे तो बहुत गोरी और लंबी है देखकर मज़ा आ गया. फिर मेरी बीवी ने कहा कि अच्छा इतनी अच्छी है तो अपना हाथ क्यों नहीं लगा रहे हो? अब यह सुनते ही उस भिखारी ने अपने काले गंदे हाथ मेरी बीवी की जांघो पर रख दिए और ऊपर नीचे फैरने लगा. अब जब उसका हाथ मेरी बीवी की चूत के पास आया, तो मेरी बीवी ने पूछा कि तुम्हें चूत को हाथ लगाए हुए कितना टाईम हो गया है? तो वो बोला कि मेडम 6 साल हो गये है.

तो मेरी बीवी ने कहा कि अच्छा ठीक है मेरी पेंटी साईड में करो और मेरी चूत को हाथ लगाओ और अपनी उंगली मेरी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दो. फिर उस भिखारी ने बीवी की लाल पेंटी साईड में कर दी और अपना एक हाथ उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा. फिर कुछ देर तक रगड़ने के बाद उसने अपनी 2 उंगली ली और मेरी बीवी की चूत के अंदर डाल दी और आगे पीछे करने लगा.

अब उस गंदे आदमी का हाथ मेरी बीवी की चूत के अंदर देखकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था. अब वो भिखारी मेरी बीवी की चूत को ज़ोर-जोर से चोद रहा था और अब मेरी बीवी सिसकियाँ निकाल रही थी. फिर कुछ ही देर में मेरी बीवी झड़ गयी और फिर वो उठी और उस बूढ़े भिखारी से पूछा कि तुम्हें क्या पसंद है? तो वो बूड़ा बोला कि मेडम आप पहली औरत हो जिसको मैंने छुआ है, मेरी क्या किस्मत है? आप लंड चूसती हो और अगर चूसती हो तो मेरा लंड भी अपने होठों के बीच में रखकर चूस लो, तो मेरी बीवी ने कहा कि ठीक है.

फिर मेरी बीवी ने कंडोम निकाला और उसके लंड के टोपे पर रखा और उसका टोपा अपने मुँह में ले लिया, ताकि कंडोम ना हीले और अपने हाथ से पूरा ढक दिया. फिर मेरी बीवी उस गंदे काले भिखारी का लंड पूरा अपने मुँह में निगल गयी और धीरे-धीरे ऊपर नीचे करने लग गयी. अब उसके होठों से उस भिखारी का लंड अंदर जाता हुआ बहुत सेक्सी लग रहा था, वैसे भी मेरी बीवी गोरी थी और उस काले अफ्रिकन जैसे लंड को देखकर मज़ा आ रहा था. अब वो भिखारी भी बहुत मज़ा ले रहा था.

फिर मेरी बीवी ने अपनी स्पीड बढ़ा दी. अब उसका मुँह पिस्टन की तरह उस भिखारी के लंड पर ऊपर नीचे होने लगा था. अब उस भिखारी से रहा नहीं गया और उसने अपना सारा पानी कंडोम में ही छोड़ दिया. फिर मेरी बीवी ने अपने कपड़े पहने और मेरे साथ आगे बैठ गई और हम फिर से अपने शिकार की तलाश निकल गये.

फिर मैंने अपनी पेंट की चैन खोली और मेरी बीवी का हाथ अपने लंड पर रखकर आराम से हिलाने को बोला, तो मेरी बीवी ने मेरा लंड बाहर निकाला और एक हाथ से मेरा लंड हिलाने लगी. फिर आगे चलकर हमें एक और भिखारी मिला तो मैंने गाड़ी का शीशा नीचे किया और उस भिखारी को गाड़ी से आवाज़ लगाई, तो दूसरी बार बुलाने पर वो मेरी बीवी की तरफ से गाड़ी के दरवाज़े के पास आ गया. फिर मैंने उससे सबसे पास सुनसान जगह के बारे में पूछा और 3 बार बोलने के बाद जब उसका ध्यान मेरी बीवी के हाथ पर पड़ा तो उसकी आँखें खुली की खुली रह गयी. फिर उसने मेरी तरफ देखा, लेकिन वो कुछ बोल नहीं पाया.

फिर मैंने बोला कि क्या हुआ? कभी किसी लड़की को किसी मर्द का लंड हिलाते हुए नहीं देखा क्या? तो भिखारी बोला कि नहीं साहब असली में तो नहीं देखा, लेकिन हाँ पिक्चर में ज़रूर लड़की को लंड हिलाते हुए देखा है. फिर मैंने बोला कि अच्छा अब यह बता कि आस पास सुनसान जगह कहाँ पर है? फिर मैंने उसको पूरी रात के 2000 रुपये दिए और बोला कि चल अब जल्दी से बता. तो वो भिखारी बोला कि साहब आपको ऐसे पता नहीं चलेगा में भी आपके साथ चलता हूँ. में आपको पूरा रास्ता बता दूँगा.

अब में समझ गया था कि इसका लंड खड़ा हो गया है और यह मेरी बीवी को चुदते हुए देखना चाहता है. फिर वो हमें पास में ही एक सुनसान जगह पर ले गया और अब हम तीनों गाड़ी में ही बैठे हुए थे, मुझे वो भिखारी करीब 50 साल का लग रहा था, काला रंग और पतला सा था. अब मेरी बीवी उस भिखारी के सामने मेरा लंड अभी भी हिलाए जा रही थी. अब मेरा हाथ मेरी बीवी की टाँगो पर था और मैंने उसकी मिनी स्कर्ट पूरी ऊपर कर रखी थी. अब मुझे उस भिखारी का लंड भी खड़ा हुआ लग रहा था जो उसकी पेंट में टेंट सा बना रहा था.

फिर मैंने उस भिखारी से बोला क्यों तुझे यह सब देखकर मज़ा आ रहा है? तो भिखारी बोला कि जी साहब पहली बार देख रहा हूँ, बहुत मज़ा आ रहा है. मेरा लंड तो आपकी रांड को देखकर ही खड़ा हो गया था, इस रांड की क्या मस्त टाँगे है? मन करता है कि पूरा ऊपर से लेकर नीचे तक चूम लूँ और चाट दूँ.

फिर मैंने उससे बोला कि अच्छा यह बात है क्या? तो अब देख, बता तेरे पास कितने पैसे है? तो वो बोला कि साहब मेरे पास तो सिर्फ़ 50 रुपये है, तो मैंने कहा कि ठीक है. फिर उसने 50 रुपये निकाले, तो मैंने उससे कहा कि आज में तुझे जन्नत की परी के साथ मज़े करवाता हूँ. फिर में अपनी बीवी की तरफ मुड़ा और बोला कि क्यों डार्लिंग? क्या आज तुम एक की जगह 2 लंड लेना पसंद करोगी? तो मेरी बीवी बोली कि हाँ कर लूँगी, अगर यह कंडोम लगाएगा तो, पता नहीं इसने कहाँ कहाँ अपना लंड डाला होगा? फिर भिखारी बोला कि मेरा लंड 7 साल से किसी के अंदर तक नहीं गया है में सिर्फ़ मुठ मारकर ही अपना काम चलाता हूँ, आपकी जैसी परी तो बहुत दूर की बात है. फिर मैंने कहा कि ठीक है, 50 रुपये निकाल और बाहर आ जा.

फिर हम तीनों गाड़ी से बाहर निकले और फिर मैंने मेरी बीवी को हम दोनों के बीच में ही खड़ा कर लिया. अब वो भिखारी मेरी बीवी की गांड पर था और में उसकी चूत पर था. अब वो हम दोनों के बीच में पिस रही थी. फिर उसने भिखारी के लंड पर अपना हाथ रख दिया और उसकी पेंट के ऊपर से लंड हिलाने लगी. अब उस भिखारी का हाथ भी मेरी बीवी के ऊपर बूब्स की तरफ जा रहा था.

अब हम दोनों मेरी बीवी को बीच में रखकर उसके साथ अपने लंड तब तक रगड़ते रहे जब तक हमें यह नहीं लगा कि बस अब पिचकारी निकलने वाली है. फिर हम तीनों अलग हुए और गाड़ी की पीछे वाली सीट पर जा कर बैठ गये. अब मेरी बीवी उस आदमी और मेरे बीच में थी. आप यह कहानी adultstories.co.in पर पढ़ रहे है। फिर हम दोनों ने एक साथ मेरी बीवी का टॉप ऊपर किया और उसके 42 साईज के बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगे. वाह रंडी तेरे बूब्स तो बहुत मस्त है और यह बोलकर उस भिखारी ने मेरी बीवी के बूब्स को ब्रा से बाहर निकाला और फिर अपनी जीभ से उसके दोनों बूब्स को चाटने लगा.

फिर उसने मेरी बीवी की निप्पल अपने मुँह में ले ली और एक छोटे बच्चे की तरह चूसने लगा. अब उसने अपने दोनों हाथों में मेरी बीवी के दोनों बूब्स पकड़े हुए थे और साथ-साथ दबा रहा था. फिर मैंने भी वैसा ही किया. फिर उस आदमी ने मेरी बीवी से बोला कि चल रांड अब अपने दोनों हाथ दोनों लंडो पर रख और हिलाकर अपने पैसे कमा. यह बोलकर उस भिखारी ने मेरी बीवी का हाथ अपने लंड के ऊपर रख दिया और मेरी बीवी ने उसकी पेंट की चैन खोलकर उसका लंड बाहर निकाला और अपने हाथ में ले लिया. उसका लंड 5 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा था.

अब उसके लंड को देखकर मेरी बीवी हंस पड़ी और बोली कि यह लंड है या पेन्सिल, इतना छोटा सा लंड है कि अंदर डालते वक्त किसी को पता भी नहीं लगता होगा. फिर उस भिखारी ने कहा कि अरे रांड चिंता मत कर, बस मेरा और साहब का लंड हिला, फिर देख में तुझे कैसे चोदता हूँ? अब यह सुनकर मेरी बीवी ने एक कंडोम निकाला और उस भिखारी के लंड के टोपे पर रख दिया और उसके छोटे लंड पर पूरी तरह से कंडोम चढ़ा दिया.

अब मेरी बीवी ने मेरा लंड भी बाहर निकाल लिया था और बीच में बैठे हुए हम दोनों के लंडो को अपने दोनों हाथों में लिया और फिर अपने हाथ से ऊपर नीचे करने लगी. अब वो भिखारी तो 5 सेकेंड में ही झड़ गया था और मेरी बीवी बोली कि अरे क्या हुआ? छोटा लंड होने के साथ साथ पानी भी जल्दी निकलता है. फिर मेरी बीवी ने उसके लंड से अपना हाथ हटाया और उसका पानी से भरा कंडोम उतारा और एक नया कंडोम अपने हाथ में ले लिया. अब उसका लंड खड़ा नहीं हो रहा था, तो मेरी बीवी ने उसका लंड छोड़ा और अपने दोनों हाथ मेरे लंड पर रख दिए और मेरी मुठ मारना शुरू कर दिया. अब यह देखकर कुछ ही देर में भिखारी का काला गंदा सा लंड फिर से खड़ा होने लगा था. अब उसके अपने हाथ ने लंड को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया था और अब उसने धीरे से मूठ मारना भी शुरू कर दिया था.

फिर मेरी बीवी बोली कि अरे इसको देखो तो, इस भिखारी का लंड फिर से खड़ा हो गया, लगता है यह 10 साल की कसर आज ही निकालेगा. अब मेरा भी पानी निकलने वाला था तो मैंने बीवी को बोला कि तेज़ तेज़ हिला, मेरा पानी निकलने वाला है. फिर उसने एकदम से अपने हाथ की स्पीड तेज कर दी और मेरा पानी 15 सेकेंड में ही उसके हाथों के ऊपर ही छूट गया. अब वो भिखारी अभी भी अपना लंड हिला रहा था और बोला कि आजा रानी अब एक बार पानी निकल चुका है, अब दुबारा पानी निकलने में टाईम लगेगा.

फिर उस भिखारी ने ज़बरदस्ती मेरी बीवी का हाथ अपने लंड पर रखवा दिया और हिलाने को बोला. अब मेरी बीवी उसका छोटा सा लंड दुबारा से हिलाने लगी और अब उस भिखारी की आँखे बंद थी और अब वो मेरी बीवी को और तेज़ हिलाने को बोलता जा रहा था. फिर मेरी बीवी ने अपनी स्पीड पकड़ ली और उस भिखारी का माल भी 5 मिनट में निकल गया.

फिर वो भिखारी मुझसे बोला कि साहब हम दोनों थोड़ा थक गये है, क्यों ना हम इस रांड को पीछे वाली सीट पर लेटाकर इसकी टाँगे चाटे और उसकी चूत में अपनी जीभ और उंगली डाले? तो मैंने बोला कि ठीक है. फिर हम लोग गाड़ी से बाहर निकल आए और मेरी बीवी को पीछे वाली सीट पर लेटा दिया. अब उस भिखारी ने उसकी मिनी स्कर्ट बिल्कुल ऊपर तक कर दी थी.

फिर हम दोनों 1 मिनट तक बाहर खड़े होकर मेरी बीवी की टाँगे और चूत को ही देखते रहे. फिर वो भिखारी बोला कि साहब आप पहले चाट लो, में तो बाद में जाऊंगा. फिर में मेरी बीवी के पास गया और बैक सीट पर लेटते हुए उसकी टाँगे उठाकर मेरे कंधो पर रख दी और उनको चाटने लगा. उसकी टाँगे बहुत मस्त लंबी है और गोरी भी है, उसकी टाँगे देखकर मज़ा आ जाता है. फिर थोड़ी देर तक चाटने के बाद मैंने उस भिखारी से बोला कि चल अब तेरी बारी है, अब मुझे दिखा कि तू इस रांड के साथ क्या करता है? फिर उस भिखारी ने स्माईल किया और बोला कि अच्छा साहब आपको देख़ना पसंद है, तो में आपकी जगह ले लेता हूँ.

फिर वो गंदा आदमी मेरी बीवी के पास पीछे वाली सीट पर गया और फिर उसने मेरी बीवी की टाँगो पर अपना हाथ फैरना शुरू कर दिया. अब उसका हाथ पैर से लेकर ऊपर जांघो तक जाता और फिर नीचे आ कर रगड़ता. अब उसने अपनी जीभ से मेरी बीवी की टाँगे चाटनी शुरू कर दी थी. अब वो नीचे पैर से ऊपर जांघ तक अपनी जीभ रगड़ देता और फिर दूसरी टाँग पर भी यही करता.

अब वो धीरे-धीरे मेरी बीवी की चूत के पास आ रहा था. फिर उसने मेरी बीवी की चूत के ऊपर अपना हाथ रगड़ना शुरू कर दिया. अब मेरी बीवी तो पहेले से ही गीली थी और उसके हाथ लगाने से तो वो और भी ज्यादा गीली हो गयी थी. अब वो सड़क का आदमी मेरी बीवी की चूत के ऊपर ही अपनी उंगली रगड़ रहा था. फिर वो नीचे झुका और उसने अपना मुँह मेरी बीवी के टाँगों के बीच में रखा और अपनी जीभ से पहले तो बाहर से चाटने लगा और जब मेरी बीवी सिसकारी मारने लगी तो उसने अपनी जीभ बाहर निकाली और मेरी बीवी की चूत के अंदर डाल दी. अब उसकी जीभ मेरी बीवी की चूत के अंदर थी और अब वो अपनी जीभ को चूत के अंदर बाहर कर रहा था.

अब मेरी बीवी मस्त आवाजें निकालने लगी थी और अब मेरी बीवी बोल रही थी कि हाँ मेरी जान, चूस मेरी चूत को, बहुत मज़ा आ रहा है, कमाल की जीभ है तेरी, बहुत लड़कियों की चाटी है क्या तूने? अब वो मेरी बीवी की चूत के अंदर ऐसे ही अपनी जीभ अंदर बाहर करता रहा. जब तक में ना झड़ जाऊं, रुकना मत समझा. अब यह बोलकर मेरी बीवी ने उसके सिर पर हाथ रखा और वो उसका मुँह और ज़ोर से अपनी चूत पर रगड़ने लगी.

फिर 10 मिनट तक वो भिखारी मेरी सुंदर बीवी की चूत से मज़े लेता रहा और अब में यह सब देखते हुए ही अपना लंड हिला रहा था. अब मुझे मेरी बीवी की बातें सुनकर मज़ा आ गया था. अब मेरी बीवी झड़ चुकी थी. फिर उसने उस भिखारी को ज़बरदस्ती अपने ऊपर से हटाया और बोली कि तेरी जीभ से बहुत मज़ा आया, अब तू आगे भी दिखा क्या कर सकता है?

फिर भिखारी बोला कि जो आप बोलोगे. तो मेरी बीवी बोली कि यह साहब है ना, इनको अपना लंड मुँह में देने का बहुत शौक है, चल दिखा कि तेरा मुँह इस लंड पर क्या कर सकता है? तो उस भिखारी ने मना कर दिया कि में लंड अपने मुँह में नहीं लूँगा. तो मेरी बीवी ने उससे बोला कि अगर तू लंड नहीं लेगा तो तुझे और कुछ करने को नहीं मिलेगा और उसके 50 रूपये वापस दे दिए और 2000 रुपये भी नहीं मिलेगें. अब वो भिखारी सोच में पड़ गया और आख़िरकार वो मेरी बीवी के बड़े-बड़े बूब्स के सामने हार मान गया. फिर मेरी बीवी बोली कि कभी किसी का लंड अपने मुँह में लिया है, तो भिखारी ने अपना सिर हिलाकर मना कर दिया.

फिर मेरी बीवी बोली कि कोई बात नहीं में सिखाती हूँ और यह बोलकर उसने मेरा लंड अपने हाथ में लिया और बोली कि देख अब में इस लंड का टोपा चाटकर दिखाउंगी, तुम्हें भी वैसे ही करना है. अब मेरी बीवी ने अपनी जीभ से मेरा लंड चाटना शुरू कर दिया था. फिर वो बोली कि अच्छा देख कैसे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसते है? और यह बोलकर मेरी बीवी ने अपना मुँह खोला और मेरा पूरा लंड अपने मुँह के अंदर ले गयी. फिर उसने मेरे लंड को आम की तरह चूसना शुरू कर दिया और साथ-साथ अंदर बाहर भी कर रही थी.

अब वो मेरा पूरा लंड निगल जाती और फिर पूरा बाहर निकाल देती. फिर वो रुकी और उस गंदे आदमी को अपने घुटनों पर बैठने को कहा, तो उस भिखारी ने मेरा लंड अपने गंदे हाथों में ले लिया और मेरे टोपे के ऊपर अपनी जीभ फैरने लगा. फिर मैंने उसके सिर पर अपना एक हाथ रखा और अपना पूरा लंड उसके मुँह में डाल दिया. आप यह कहानी adultstories.co.in वेबसाइट पर पढ़ रहे है। अब उस भिखारी का पूरा मुँह भर गया था और फिर मैंने उसके मुँह से अपना लंड बाहर निकाला और दुबारा से अंदर डाल दिया.

अब वो भिखारी सब समझ गया था और अब में उसका सिर पकड़कर मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से उसके मुँह के अंदर घुसा रहा था. फिर कुछ ही देर में मैंने बोला कि में झड़ने वाला हूँ, तो उस भिखारी ने हटने की कोशिश की, लेकिन मैंने ज़बरदस्ती उसका मुँह पकड़ा हुआ था और 2 मिनट के अंदर ही में उसके मुँह में झड़ गया. फिर उस भिखारी ने एकदम से मेरा सारा माल साईड पर थूक दिया. अब मेरा काम होने के बाद मैंने उस भिखारी को खड़ा किया और उसके लंड पर अपना हाथ रखकर उसका मुठ मारने लगा और अब उसका 2 या 3 मिनट में ही ज़मीन पर झड़ गया था. फिर हमने उस भिखारी को पैसे दिये और अपने घर आ गये.
 

Beti Ki Rasili Choot Dekh Man Bahaka

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सभी adultstories.co.in प्रेमियों को राना का नमस्कार! मैं कई सालों से adultstories.co.in पर कहानी पढ़कर अपने लंड की प्यास बुझाता हूँ.
अन्तर्वासना पर यह मेरी पहला लेख है. दोस्तो, यह कोई कहानी नहीं बल्कि हकीकत है.
कई लोग अन्तर्वासना पर कहानियां पढ़कर इस सोच में रहते हैं कि क्या असल में ये कहानियाँ सत्य होती होंगी. बाकी का तो पता नहीं … पर मेरी ये कहानी बिलकुल सत्य है.
इस कहानी में मैं अकेला ही एक किरदार हूँ. मगर आप लोगों की मदद से अगली बार इस कहानी में दूसरा किरदार भी हो सकता है. मेरे लिए सिर्फ ये एक कहानी नहीं बल्कि एक सुझाव भी होगा. और आगे का रास्ता भी.

मेरी बीवी बहुत सुंदर है. मेरी एक ही औलाद है मेरी बेटी … वो अठारह साल की हो चुकी है, उसका नाम है आरज़ू. वो भी अपनी माँ पर गयी है, बहुत खूबसूरत है. छोटी छोटी चूचियां और मुलायम सी चूत है मेरी बिटिया की. उस मुलायम चूत पर हल्के से बाल उगने शुरू हो गये हैं.
बात कुछ दिन पहले की है. उस दिन मेरी पत्नी घर पर नहीं थी. रात को हम दोनों बाप बेटी ने खाना खाया और बिटिया सो गयी.

मैं लेपटोप पर गन्दी मूवी देखने लग गया. पता नहीं मुझे क्या हो गया और मैं बिटिया के कमरे में गया. वो कम्बल ओढ़ कर सोयी हुई थी. मैं अपनी बेटी का कम्बल हटा कर उसकी चूत देखने की कोशिश करने लग गया. पर दिखी नहीं. फिर मैंने उसकी सलवार ब्लेड से फाड़ दी और हल्के हल्के हाथ से उसका सलवार हटा दी. फिर मैंने अपनी बेटी की अंदर से कच्छी भी ब्लेड से काट दी. उसके बाद मुझे जो दिखा मैं पागल हो गया. 18 साल की लड़की की इतनी सुन्दर चूत … क्या चूत थी. छोटी सी और मुलायम … हल्के हल्के बाल!

मेरा दिमाग जैसा पगला सा गया, मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था. और लंड मानो अभी बिटिया की चूत में घुस कर सील तोड़ दे. मगर खुद पर काबू रखा और हाथ लगा कर उसे धीरे धीरे सहलाने लगा. मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत की दरार में फिरायी तो मेरी बेटी के बदन में जैसे सिरहन सी हुयी. ऐसी चूत नसीब वालों को देखने को मिलती है.

Baap Ne Beti Ko Choda Masti Se


मैं लगातार पर धीमे धीमे हल्के हाथ से अपनी बिटिया की चूत की दरार सहला रहा था. कुछ ही देर में मेरी उंगली गीली हो गयी. इतनी मस्त और रसीली चूत तेरी मेरी बिटिया की … क्या कहूँ! कोई भी ऐसी चूत के लिए तरस जाये.

उस रात मैंने अपनी बिटिया की चूत देख देख कर चार बार मुठ मारी. जब भी वो नहाने के लिए जाती तो मेरा मन करता कि मैं अपनी बेटी को नंगी नहाते हुए देखूं इसलिए मैंने बाथरूम में फोन का कैमरा छुपा कर लगा दिया. फिर 1 बजे के करीब वो नहाने के लिए गयी.

जब मेरी जवान बेटी नहा कर बाहर निकली तो मैंने अपना फोन चेक किया और देखा पहले मेरी बिटिया आरज़ू ने अपनी काली लेगी उतारी. उसकी गोरी और मुलायम टाँगें बहुत सेक्सी थी. मेरी बिटिया की टाँगें बहुत हॉट और सेक्सी थी. आरज़ू ने ब्लेक कलर की पारदर्शी पेंटी पहन रखी थी जिसे उसने अब उतार दिया था. अब वो नीचे से पूरी नंगी थी, उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे और उसे देखकर तो जैसे मेरे बदन मे बिजली सी मचल गयी थी.

फिर आरज़ू ने अपना कुर्ता उतारा और अब वो सिर्फ एक सफेद कलर की पारदर्शी बनियान में थी और फिर कुछ देर बाद वो भी नीचे उतर गयी. अब मेरी बिटिया आरज़ू पूरी नंगी थी और मैं विडियो देख कर अपना लंड पकड़कर बैठा सब देख रहा था.

अब आरज़ू की छोटे-छोटे और मासूम सी चूची देखकर तो मैं पागल ही हो गया था. अब आरज़ू को नंगा देखने के बाद मैं पागल हो चुका था. फिर कुछ देर सोचने के बाद मैं वापस बाथरूम में गया. और उसकी उतारी कच्छी और बनियान को चूमने और चाटने लग गया.

उसके बाद उसकी विडियो दुबारा देख मैंने अपनी बिटिया के नाम से मुठ मारी.

दोस्तो, इस कहानी में यहीं तक!

अब आपको लोगों से सवाल पूछना चाहता हूँ कि क्या मुझे अपनी बिटिया को चोदना चाहिए. मैं चाहता हूँ अपनी बिटिया को सेक्स के पूरे मजे दूँ. अगर आप लोगों को लगता है कि चोदना चाहिए तो प्लीज मुझे कमेंट्स करके बताएं.

बॉलीवुड अभिनेत्री की चुदाई

बॉलीवुड अभिनेत्री की चुदाई

नमस्कार दोस्तो, कैसे हो आप सब का आप सब ने Adult Stories पर बहुत ही गर्म कहानियाँ पढ़ी होंगी. कुछ कहानियाँ इनमें से कल्पना की गई होती हैं. मैंने सोचा कि मैं भी आपको आज एक शानदार कहानी कल्पना के रूप में पेश करूँ. बॉलीवुड की हिरोइन के लाखों दीवाने लंड उनकी चूचियों की दरार, उनकी गोल-गोल गांड और उनकी मखमली चूत के बारे में सोचकर मुट्ठ मारते रहते होंगे.
आप में से भी बहुत से लोगों ने हिन्दी फिल्मों की हिरोइन के किस सीन को देखकर ही मुट्ठ मार ली होगी. उनके सीन होते ही इतने जबरदस्त हैं कि लंड जब तक हाथ में रगड़ा न जाए उसको चैन नहीं आता. मगर क्या आपने सोचा कि यदि कोई आपकी पसंदीदा हिरोइऩ किसी दिन आपके सामने ऐसे लिबास में आ जाए, जिसमें से उसका मलाई बदन करीब से निहारा जा सके तो आप पर क्या गुजरेगी. जाहिर सी बात है कि आप खुद पर कंट्रोल नहीं रख पाएंगे. इसलिए आपकी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए मैं आपको आज एक ऐसी ही हिन्दी फिल्मों की हिरोइन की कहानी बताने जा रहा हूँ.

आपने एम.एम.एस. तो बहुत देखे होंगे मगर आज मैं आपको पूरी पिक्चर दिखाने की कोशिश करूंगा. जिस हिरोइन की मैं बात करने जा रहा हूँ वह क्रिकेट प्लेयर की गर्लफ्रेंड भी है. उसने तो पता नहीं उसके कितने मजे लिए होंगे मगर हम और आप तो कहानी के जरिए उसके पूरे मजे ले सकते हैं. इसलिए आपका ज्यादा समय न लेते हुए मैं आज की कहानी शुरू करता हूँ. आप भी अपने लंड को पकड़ कर रखिए, कहीं कहानी के बीच में ही आपका लंड आपका साथ न छोड़ दे.

हिन्दी फिल्मों की हिरोइनों की बात ही कुछ अलग होती है. उनको चोदने के लिए लंड हमेशा तैयार मालूम पड़ता है. मैं भी आज आपको अनुष्का वर्मा की चुदाई की कहानी सुनाना चाहता हूँ.
मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह कपोल कल्पित गर्म कहानी पसंद आएगी. मेरा नाम कवि पाठक है और मैं अभिनेत्री अनुष्का वर्मा की वेनिटी वैन का ड्राइवर हूँ. मुझे ज्वाइन किए हुए अभी दो महीने ही हुए थे. अनुष्का की स्माइल को देखकर तो अच्छे अच्छों के लंड मचल जाते हैं मैं तो फिर भी एक ड्राइवर था.

यह बात तब की है जब वह एन.एच-10 नामक फिल्म की शूटिंग कर रही थी. वह दिल की बहुत अच्छी है. उनका व्यवहार मेरे साथ भी काफी बढ़िया था. मुझे उनसे एक मोटी तनख्वाह मिलती थी. मुझे उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में काफी कुछ पता था.
मुझे ये भी पता था कि वह वैनिटी वैन में हीरो के साथ अपनी चूत भी चुदवाती थी. मैं अक्सर उनकी आवाज सुनकर मुट्ठ भी मारा करता था. वैन पर मेरे साथ एक गार्ड भी रहता था. गार्ड का काम यह देखना था कि कोई अंदर न आ पाए. अंदर क्या हो रहा है किसी को कुछ नहीं पता चलता था. एन.एच-10 की शूटिंग में एक दिन उनका बिकनी सीन शूट किया जाना था. उस दिन अनुष्का ने बिकनी पहनी हुई थी.

जब वह शूटिंग करके वैन में आई तो मैं अंदर का सामान ठीक कर रहा था. मुझे देखकर अनुष्का ने एक स्टॉल अपने ऊपर डाल लिया. मगर वह इतना छोटा था कि उसके चूचों की क्लीवेज साफ-साफ दिखाई दे रही थी. नीचे उसकी बिकनी में उसकी गोरी टांगें देखकर मेरे मुंह से लार टपकने लगी.

अनुष्का ने पूछा- क्या देख रहे हो? मैं अच्छी नहीं लग रही क्या?
मैंने कहा- आज तो आप कमाल लग रही हो मैडम.

उसकी चूत का फूलापन देखकर मेरे लंड ने मेरी पैंट में तंबू बना दिया था. मेरा तंबू मेरी पैंट में अब साफ-साफ देखा जा सकता था.

उसने पूछा- इससे पहले तुमने कभी किसी को बिकनी में देखा है क्या?
मैंने कहा- बस फिल्मों में ही देखा है मैडम.
अनुष्का बोली- तभी तो तुम्हारे लंड की हालत खराब हो रही है.
मैंने नीचे की तरफ देखा तो मेरा लंड मेरी पैंट में उछल रहा था.
मैंने कहा- सॉरी मैडम, मुझसे गलती हो गई. आप मुझे माफ कर दीजिए. आप मुझे मेरी इस हरकत पर नौकरी से मत निकालना. मैं आपसे रिक्वेस्ट कर रहा हूँ.
वह बोली- कोई बात नहीं, मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी. मगर उसके लिए तुम्हें मेरी एक बात माननी पड़ेगी.
मैंने कहा- मैं आपके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ मैडम मगर आप मुझे नौकरी से मत निकालना. नहीं तो मेरे बच्चे भूखे मर जाएंगे.
वह बोली- ठीक है, मगर अभी तुम गार्ड से कह दो कि कोई भी अंदर न आने पाए.

मैं गार्ड को बोलकर आ गया कि अंदर किसी को न आने दे. उसके बाद मैं अनुष्का के पास दोबारा आकर खड़ा हो गया. अब तक मेरा लंड वापस बैठने लगा था. मगर पूरी तरह से नहीं बैठा था. जब मैं अनुष्का के पास जाकर खड़ा हुआ तो मेरा लंड फिर से तन गया. मेरी पैंट में उछलने लगा.
मैंने अपनी शर्ट से उसको छिपाने की कोशिश की. मगर वह फिर भी तनकर दिखाई दे रहा था. उसके बाद अनुष्का उठ कर खड़ी हो गई. मैंने सोचा कि अब मैडम सच में गुस्सा हो गई है.
मैंने अपनी नजरें नीचे झुका लीं.
अगले ही पल अनुष्का मेरे पास आई और मेरी पैंट के ऊपर से मेरे खड़े लंड को छूकर हाथ फिराते हुए बोली- बहुत उछल रहा है ये. क्या बात है?

मैंने डर के मारे कुछ नहीं बोला और उसके बाद अनुष्का ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया. वह मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी. मेरा लंड पूरी तरह से तन कर अनुष्का के हाथ में भर गया.
मगर मैं डर के मारे कुछ नहीं बोल रहा था.

अनुष्का बोली- तुम्हारा यह औजार तो बहुत ही मस्त है. मैंने तो कभी ध्यान ही नहीं दिया कि मेरी वैनिटी वैन के ड्राइवर पास इतना लंबा, मोटा और तगड़ा औजार है.
उसके बाद अनुष्का ने मेरी पैंट की चेन खोल दी और मेरी पैंट की चेन के अंदर से हाथ डालकर मेरे कच्छे के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगी. अब मेरी आंखें बंद होने लगी थीं. अनुष्का मैडम के हाथों की छुअन से मेरे लंड में बिजली सी दौड़ पड़ी और वह एकदम टाइट होकर किसी रॉड की तरह हो गया बिल्कुल सख्त.

उसके बाद अनुष्का ने मेरी पैंट को खोल दिया और मेरी पैंट नीचे गिर गई. मैं अब शर्ट और कच्छे में खड़ा था और मेरा लम्बा, मोटा लंड मेरे कच्छे में तना हुआ था.
उसके बाद अनुष्का ने मेरे कच्छे को भी उतार दिया और मुझे नीचे से पूरा नंगा कर दिया. मैंने अनुष्का की आंखों में देखा तो उसने मुझे आंख मार दी. मेरी नजर अनुष्का की छाती पर गई तो उसकी क्लीवेज देखकर मेरे लंड ने एक जोर का झटका दे दिया. उसके बाद अनुष्का ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और मेरे लंड के टोपे को पीछे खींचकर उसको सहलाने लगी.
मैं तो पागल सा हो गया. उसने मेरे टट्टों को छेड़ दिया और मैंने अनुष्का की कमर पर हाथ रख दिये. उसके मलाई जैसे मखमली कोमल बदन को छूकर तो ऐसा लगा कि यह स्वर्ग की कोई अप्सरा है.

अचानक से अनुष्का ने मेरे हाथ हटा दिए और मैंने सोचा कि जोश में आकर मैंने गलती कर दी. इतनी बड़ी हिरोइन को छू लेना बहुत ही गुस्ताखी भरा काम है. इसलिए मैडम गुस्सा हो गई है.
अगले ही पल अनुष्का अपने घुटनों पर बैठ गई और मेरे लंड को हाथ में लेकर अपने मुंह के सामने कर लिया और फिर एकदम से अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी. मैं तो उसके होंठों की चुम्मी से सांतवें आसमान पर पहुंच गया. मुझे लगा कि मैं तो 2 मिनट में ही झड़ जाऊंगा.

वह मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी और मैंने उसके सिर को पकड़ लिया और उसको लंड अच्छे तरीके से चुसवाने लगा. मेरा तो जैसे बहुत बड़ा सपना पूरा हो गया था. मैंने कई बार अनुष्का की कामुक आवाजें वैन में सुनी थी मगर आज तो मैं खुद अपने मुंह से कामुक आवाजें निकालने पर मजबूर हो गया. आह्ह्ह … वह मेरे लंड को जोर से चूस रही थी.
कुछ देर तक लंड चूसने के बाद वह बोली- तुम कुछ नहीं करोगे क्या?

उनका इतना कहने की देर थी कि मैंने उसको अपनी बांहों में उठा लिया और सोफे पर ले जाकर आराम से प्यार से लेटा दिया. उसके चूचे उसकी बिकनी से बाहर आने वाले थे. मैंने उसकी बिकनी के ऊपर से उसके चूचों को किस किया. फिर उसने मेरी शर्ट उतरवा दी और मैं पूरा का पूरा नंगा हो गया.
उसके बाद अनुष्का ने खुद ही अपनी बिकनी खोल दी और उसके दूध जैसे चूचे मेरे सामने खुलकर आ गये. उसके चूचे बिल्कुल तनकर खड़े हो गए लग रहे थे. उसके गुलाबी रंग के निप्पल उसके गोरे चूचों के बीच में बहुत ही सुंदर दिखाई दे रहे थे.

उसके बाद मैंने उसके चूचों को दबाना शुरू कर दिया. बहुत ही मुलायम और मस्त चूचे थे उसके. उसके बाद मैं धीरे-धीरे उसके चूचों को चूसने लगा और फिर उसके पेट पर किस करते हुए नीचे की तरफ आने लगा. मैंने कुछ देर तक उसकी नाभि में जीभ को घुसाकर उसको और ज्यादा उत्तेजित कर दिया. उसके बाद मैंने धीरे से मैंने उसकी पैंटी को किस कर दिया. उसकी फूली हुई चूत पैंटी के अंदर से ही उठी हुई दिख रही थी. अब मुझसे कंट्रोल करना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो गया था.

मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया और उसकी चूत के दर्शन मुझे हो गए. जो चूत बड़े-बड़े अरबपतियों को नहीं देखने को मिलती वह चूत अब मेरे सामने नंगी थी. उसकी चूत बिल्कुल चिकनी थी. एकदम प्यारी सी. मैंने हल्के से उसकी चूत को किस किया. अनुष्का ने खुद ही अपनी टांगें फैला दीं और अपनी चूत को खोलकर मेरे सामने अच्छी तरीके से लेट गई. मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया.
धीरे-धीरे उसकी चूत में गर्मी आने लगी और उसके मुंह से कामुक सिसकारियाँ निकलने लगी. वह मेरे सामने पूरी की पूरी नंगी पड़ी थी और अपनी चूत को मेरी जीभ से चटवाने का मजा ले रही थी. मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अनुष्का वर्मा की चूत को देख पाऊंगा. मगर आज तो उसकी चूत को मैं अपने होंठों से चूस रहा था. मैंने जरूर कुछ अच्छे कर्म किए होंगे पिछले जन्म में जो उसकी चूत के दर्शन मुझे हुए.

हम दोनों पूरे नंगे थे और दोनों ही सेक्स की आग में जल रहे थे. अनुष्का की चूत से अब पानी टपकना शुरू हो गया था जिसका हर के एक कतरा मैं उसकी चूत से बाहर नहीं जाने देता था. जैसे ही उसकी चूत से रस बाहर आता मैं उसको अपने होंठों से चूसकर पी जाता था. ऐसा अमृत पीकर तो मैं अमर ही हो जाऊं.
मैंने उसकी चूत को अच्छी तरह से चूसना और चाटना जारी रखा और मैडम की आवाजें तेज होती जा रही थी.

वह बोली- आह्ह … बहुत मजा आ रहा है. जल्दी-जल्दी चूसो. इसमें बहुत दिन से खुजली हो रही थी. आह्ह … ओह्ह … चूसो मेरी चूत को मेरे ड्राइवर.
अनुष्का अपनी गांड को उठाकर अपनी चूत को मेरे होंठों पर धकेल रही थी. थोड़ी देर के बाद उसने अपनी चूत में मेरे सिर को दबा लिया और मेरी नाक भी उसकी चूत में जा घुसी. अगले ही पल उसकी चूत से कामरस का झरना सा बह गया. मैं उस झरने की एक-एक बूंद का रस पी गया.

उसके बाद अनुष्का ने मेरे लंड को दोबारा से मुंह में ले लिया और उसको तेजी के साथ चूसने लगी. 2 मिनट में ही मेरे लंड ने उसके मुंह में वीर्य छोड़ दिया. जिसको अनुष्का ने नीचे फर्श पर थूक दिया. उसने टिश्यू पेपर से अपने मुंह को साफ किया और अपने होंठों को पौंछ लिया.

इतनी देर में ही अनुष्का दोबारा से गर्म हो गई थी. उसने मुझे अपने ऊपर लेटा लिया और मेरी गांड को दबाने लगी. मेरा लंड उसकी चूत में जाकर टच होने लगा. धीरे-धीरे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. उसके बाद अनुष्का ने वैनिटी के ड्राअर से एक कंडोम का पैकेट निकाला.
उसने मेरे हाथ में कंडोम का पैकेट थमा दिया और बोली- पहन लो और तैयार हो जाओ मेरी सवारी करने के लिए.

मैंने जल्दी से कंडोम का पैकेट फाड़ कर एक कंडोम निकाला और अपने लंड पर पहन लिया. कंडोम पहनते ही मैडम ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरा लंड अपने हाथ से चूत पर सेट कर लिया. मैंने भी मैडम की इच्छा को भांप कर अपना लंड अनुष्का की चूत में धकेल दिया.
पल भर की देर किए बिना ही मैंने अनुष्का की चूत को चोदना शुरू कर दिया. उसकी टांगें फैल गई और वह चुदाई का मजा लेने लगी. मैं अनुष्का की चूत चोदने में लगा हुआ था.

उसके बाद अनुष्का ने मेरा लंड अपनी चूत से निकलवा दिया और अपनी गांड को उठाकर मेरे मुंह की तरफ कर दिया. मैंने उसकी पीठ को चूमते हुए उसकी चूतड़ों को दबाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे मैं नीचे की तरफ बढ़ रहा था और अनुष्का मेरे चूमने से अपनी गांड को और ऊपर उठाती जा रही थी.
मेरे होंठ उसकी गांड के छेद तक पहुंच गए और मैंने उसकी गांड को चाटना शुरू कर दिया.

वह बोली- गांड में डालने का इरादा है क्या?
मैंने कहा- जैसा आपका हुक्म मैडम, मैं तो आपका सेवक हूँ. आप जहाँ पर बोलोगी मैं वहाँ पर डाल दूंगा.
वह बोली- तो फिर रुके क्यों हो, डाल दो.
मैंने उसकी गांड की दरार को अपने हाथ से चौड़ी किया और अपना लंड उसकी गांड में धकेल दिया. उसके गोरे चूतड़ों ने मेरे लंड को निगल लिया. मैं तो सोच रहा था कि इसको दर्द होगा मगर यह तो आराम से पूरा लंड ले गई. लगता है इसका यार भी इसकी गांड को चोदता है. इसलिए इसको मेरा लंड लेने में परेशानी नहीं हो रही है.

मेरे धक्कों के साथ ही उसके मुंह से फिर से कामुक आवाजें निकलना शुरू हो गई. उसकी आवाजों से माहौल और ज्यादा गर्म होने लग गया. पहले से ज्यादा मदहोशी छा गई. मैं उसकी गांड को चोदते हुए आनंद ले रहा था.

उसके बाद वह फिर से सीधी हो गई और अपनी चूत को मेरे मुंह की तरफ कर दिया. मैं उसकी चूत को चाटने लगा तो उसने मेरे मुंह को अपनी चूत में दबा लिया और फिर दोबारा से मुझे नीचे लेटा दिया. अबकी बार उसने खुद ही अपनी चूत में लंड ले लिया और मेरे ऊपर लेट कर चूत को मेरे लंड पर धकेलने लगी. ऐसा लग रहा था कि वह मुझे चोद रही है. मैंने उसके चूचों को जोर से दबाना शुरू कर दिया.

कुछ ही देर के बाद उसका बदन अकड़ना शुरू हो गया. उसकी चूत से पानी निकल गया और साथ ही मेरा वीर्य भी निकल गया. हम दोनों एक साथ ही झड़ गए और शान्त होने लगे. हमारी सांसें अभी धीरे-धीरे धीमी हो रही थी तभी अनुष्का मैडम को कोई बुलाने आ गया.

मैडम ने जल्दी से अपनी चूत को टिश्यू पेपर से पोंछ लिया और मुझे आगे की तरफ ड्राइविंग सीट की तरफ धकेल दिया. उसने अपनी बिकनी पहनी और तभी गार्ड को अंदर आने के लिए कहा.
गार्ड के कहने पर टीम मेंबर अंदर आया और बोला- मैडम अगला सीन रेडी है.
अनुष्का बोली- आज की शूटिंग कैंसल. मेरी तबीयत ठीक नहीं है. मैं आराम करना चाहती हूँ.

उसने उस आदमी को वापस भेज दिया और दरवाजा फिर से बंद हो गया. फिर मैडम ने मुझे उनके बंगले पर छोड़ने के लिए कहा.
जब मैं वैन लेकर उनके बंगले पर पहुंचा तो मैडम ने मुझे भी अंदर आने के लिए कहा.
मैं अंदर गया तो उनका बंगला देखकर मेरी आंखें फटी रही गई. बंगला नहीं वह तो महल था.

मैडम मुझे अपने रूम में ले गई और जल्दी से मेरे कपड़े उतरवा दिये.
अनुष्का बोली- तुमने मेरी चूत तो चोद दी थी, मगर गांड की चुदाई अभी अधूरी ही रह गयी थी. मैडम ने जल्दी से अपना गाउन निकाल फेंका और मेरे सामने घोड़ी बनकर बेड पर झुक गई. मैंने जेब से दूसरा कंडोम निकाला और मैडम की गांड चुदाई शुरू कर दी. उसके बाद मैंने अनुष्का की गांड चोद-चोद कर उसको थका दिया. तीस मिनट की चुदाई के बाद अनुष्का मैडम की गांड को मैंने चोद-चोद कर उसकी ठुकाई कर डाली.

अनुष्का वर्मा की गांड फिल्मों में ज्यादा बड़ी दिखाई नहीं देती मगर वह मेरे मोटे लंड को आराम से खा गई. उसकी गांड मारकर मुझे इतना मजा आया कि मैं समझ गया कि हिरोइनों की गांड इतनी मस्त क्यों होती है.
मैडम मेरी सर्विस से बहुत खुश हो गया. अब मैडम ने मेरी तनख्वाह भी बढ़ा दी है. अनुष्का वर्मा की चूत चोद कर मैं तो धन्य हो गया. अब मुझे किसी और की चूत पसंद ही नहीं आती.

Lahore me aunty ki chudai ki kahnai

Lahore me chachi ki chudai ki kahnai


Ye Aaj se 2 saal pehle ki baat hai jab main home tution dya karta tha choti class ke bachoon ko usi doraan mujhe gulshan ki taraf tuition mila aik choti bachi thi 2 class ki usey parhana tha, bachi ki maa divorce thi age around 38 to 40 hogi bhara bhara jism tha figure un ka 36 30 38 hoga. Ghar main woh apni ammi aur beti ke sath rehti thien. Pehle din jab main parhaney gaya to mujhe aunty kafi rude si lagi par us waqt main wrong tha after 1 month meri un se achi baat cheet hogai aisa samjh len ke dosti hogai jab main parha raha hota tha to woh akey aksar room main beth jaya karti thin. Ahista ahista maine notice kya ke woh jaan bojh kar room main ati hain baar baar. Aik din jab main parhaney gaya to us din aunty ne blue color ka half sleeve dress pehna tha jis ka gala kafi bara tha aur sath main white color ka tits pehan rakha tha, gala bara honey ki waja se un ka half inch ka cleavage saaf visible tha ye dekh kar to main bechain ho gaya. Thori dair baad aunty mere samney akey carpet pe beth gaien. Un ke bethney ka style aisa tha ke dewar se peeth laga kar thora jhuk kar bethi thien woh koi magazine parh rahi thien aur meri nazar un ke galay se nazar atey husn par thi.. jo cleavage pehle half inch dikh raha tha woh ub 3 inch se bhi zyada nazar araha tha. Un ki kameez bhi short thi unhoon ne tits bhi pehni thi jis ki waja se un ki sexy thighs aur hips ka nazara bhi ho raha tha. Ye dekh dekh kar mera lun hard hoo gaya maine bari mushkil se apne lun ko tangoon ke beech daba rakha tha.

Thori der baad aunty kitchen main gaien mere lye tea lene ke lye aur jab woh wapis aaien aur mujhe tea deney ke lye jhuki to un ke adhey se zyada breast mere samney thay even ke mujhe un ki black net ki bra bhi saaf dikh rahi thi dopata to unka sirf naam ka tha khair us din maine bari mushkil se khudh ko control kara aur parha ke ghar agaya.Isi terha se din guzartey rahey takreeban 6 months ho chukey thay mujhe parhatey huwe. aise buhat se nazarey maine dekhe. Aunty mujhse buhat frank ho chuki thien ub to woh aksar mere samney bina dopattey ke he bethi hoti thin. Aik din jab main parhaney gaya to Aunty kaheen janey ki tayyari main thin mere pochney pe unhoo ne bataya ke kisi ki shadi main jana hai unhen. Phir woh apne room main chali gaien. Kuch he dair guzri thi ke unhoon ne mujhe awaz di ye first time tha ke unhoon ne mujhe apne room main bulaya tha. Main gaya to dekha woh blouse ka huk laganey ki koshish kar rahi thin bilkul aisa laga ke koi filmi scene chal raha hoo. Unhoon ne meri soch ke mutabik kaha ke un ke blouse ka huk laga don. Uff main kya bataon friends aunty ki half kamar mujhe dikh rahi thi aur red color ka blouse jis main red bra pehan rakhi thi us ki strip bhi peeth par meri aankhoon ke samney thi. Maine koshish ki blouse waqai buhat zyada tight tha maine hanstey huwe kaha ke aisa na hoo ye phat he jaye to woh mujhse hanstey huwe kehney lagin tum indirectly mujhe moti keh rahey hoo main bola ke nahi maine to blouse ko chota bola hai. Phir unhoon ne apne chest ko thora sa press kara jis se blouse thora lose huwa aur maine hook laga diye magar ye sab dekh kar meri halat buhat buri ho chuki thi mera bas nahi chal raha tha ke unko bed pe lita don aur khudh un ke oper let jaon. Phir aunty ne saree pehani shuro ki is baar bhi unhoo ne meri help li aur mera hath un ke jism se takrata raha..


Aik din jab main gaya to dekha Aunty ne white color ki bareek si kameez pehan rakhi hai jis main se unka jism saaf dikhai de raha tha ye dekh kar he mere hosh urh gaye. Jab main door se enter huwa to who mere agey agey chal rahi thin aur main un ki panty aur bra strip dekh raha tha jo ke bilkul saaf nazar arahi thi. Aunty mujhe drawing room main bitha kar khudh room main chali gaien. Mera buhat ajeeb haal ho raha tha sardi ke din thay magar mujhe paseeney arahey thay mera lun itna hard ho chukka tha ke sambhalna mushkil ho raha tha us par maine shalwar kameez pehan rakhi thi jis ki waja se mera lun saaf pata chal raha tha. Main student ko parhaney laga itney main Aunty aaien aur boli ke aaj meri thori help kar doo maine kitchen set karna hai. Main un ke sath sath kitchen main gaya jahan aik stul rakha tha unhoo ne mujhe pakarney ko kaha jab woh stul par charney lagi to un ke naram naram doodh bilkul mere moun ke pass agaye to main jaan bojh ke thora sa agey hoo gaya jis ki waja se un ke doodh mere moun se touch huwe.. ufff kya feelings thi dil kara ke sab choor ke woheen pakar lon magar phir control karna para khair woh shoulder pe hath rakh kar oper charh gaien aur kitchen ka cabinet khali karney lagin. Isi doran main un ke doodh ko dekhe ja raha tha ghoor karney par maloom huwa ke Aunty ne sky blue bra pehan rakhi hai aur un ki bra pe white color ke phool baney huwe thay. Bra buhat tight ho rahi thi jis ki waja se un ke doodh aur bhi zyada barey dikh rahey thay meri bechaini barhti ja rahi thi. Aunty jab neechey utarney lagi to unhoon ne mere shoulder pe phir se hath rakha ye dekh kar maine mauka zaya kiye baghair un ki kamar pe dono side se hath rakh dya Aunty kuch nahi boli bas aik smile di aur utar gaien..

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Kuch dair baad Aunty bolin ke ub main thak gai hoon thora samaan tum utar doo slabs se main un ka sahara le kar charhney laga to woh thori si disbalance huwin jis ki waja se mera hath shoulder se slip hota huwa un ke naram garam doodh par laga uff mujhe current sa laga maine bhi maukey se faida uthtey huwe un ke doodh ko zoor se press kar dya.. Aunty phir bhi kuch nahi bolin khair phr saman neechey utar kar oper slabs saaf kye maine is doraan main neechey dekhta raha jahan se un ke doodh saaf dikh rahey thay un ki bra ki strip phisal kar shoulder se bahir agai thi aur mujhe saaf nazar arahi thi. Aunty ne apna huliya durust karney ki koshish nahi ki Phir maine ghoor kya ke Aunty baar baar mere lun ki taraf dekh rahi hain choor nazroon se. unki aankhoon se sex appeal saaf nazar arahi thi. Ye dekh kar maine maukey se faida uthaney ka socha magar meri samjh nahi araha tha ke baat agey kaise barhaon, isi doraan Aunty ki ammi kitchen main aaien aur bolin ke woh zara paroos tak ja rahi hain thori dair main ayen gi ye bol kar woh chali gaien..


Maine socha thora flirting kar ke dekhta hon shayad kaam ban jaye, maine Aunty se bola ke aap ne ub tak dosri shadi kyon nahi ki hai aap itni khobsurat hain ke koi bhi mil sakta hai aap ko to ye sun kar woh bolin ke mujhe mard zaat par zara bhi bharosa nahi raha is lye main aise he khush hon. Maine dekha ke is baat se kaam nahi bana to main bola ke mujhe to aap buhat pasand hain kash aap ki shadi mujhse ho jati pehle to main aap ko kabhi nahi chorta ye sun kar woh hasney lagin aur boli ke duniya ki sari jawan larkyan mar gaien hain jot um mere aashiq ban rahey hoo. Ye sun kar main bola ke aap hain he itni khobsourat ke kisi aur ka khayal nahi ata hai par afsoos aap ne shadi karni nahi maine dekha ye sab sun kar woh thora Sharma rahi hain. Himmat kar ke maine pocha kya aap mujhe apna dost samjhti hain woh bolin ke main itni batain nahi karti kisi se tum dost hoo jabhi to karti hon main bola maine buhat khas dosti karni hai aap se to woh bolin ke ye khas dosti kaise hoti hai ye sun kar main bola ke aise ke aap aur main sab kuch apas main share Karen is baat pe woh hansi aur kehne lagin ke main to har baat he share karti hon tum se. main bola ke buhat si batain hain jo ub tak aap ne batai nahi hain us par woh hasney lagi ke ub kya janna chahtey hoo...

main flirt kartey huwe bola ke aap ki khobsurti ka raaz.. is par woh thora sa sharmai aur boli ke ye to dekhney waley pe depend karta ke us ko kya khobsurat lagey.. main bola acha to aap ki nazar main aap ki body main best feature kya hai jo aap samjhti hain ke aap ke pass buhat khas hai. Is baat par woh thori dair chup huwin aur kuch sochney ke baad bolin ke ye main nahi bata sakti hon.. maine masnooi ghusa kartey huwe bola ke abhi to bari pakki dost ban rahi thien.. woh bolin ke acha to tum he bata doo tumhen kya khas lagta hai.. is par main bola ke aap to pori he khas hain mere lye. Us par woh bolin ke tum bhi buhat khas hoo mere lye apni batain tum se kar ke dil behla leti hon. Ye sun kar main un ke kareeb agaya aur bola chalen ub sad na hon sath maine unka hath pakar lya magar unhoo ne apna hath churaney ki koshish nahi ki ye dekh kar meri himmat barhi. Woh khamoosh rahin to maine un ko kaha ub hug karon kya smile to den is par woh Sharma gaien ye dekh kar maine un ke dono shoulder pe apna hath rakha aur kaha ub to mujhe hug chaye hai is par woh thora sa ghabraien aur boli ke fiza dekh legi maine unki suni an suni kardi aur hug kar lya uff kya feelings thin maine buhat zoor se pakra tha un ko aaaj itney arsey ke baad ye mauka mila tha .. isi doraan maine note kya ke aunty bhi bharpoor sath de rahi hain aur meri peth par hath pher rahi hain.. mera hosla mazeed barha aur main bola ke buhat thak gai hain ajayen room main chalen woh kehne lagi ye safai kaun karega to main bola fiker na Karen sath main saaf karwa ke jaon ga.. phir hum dono room main agaye.

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Room main atey he main bed pe let gaya aur woh bed ke corner pe beth gaien ye dekh kar maine un ka hath pakar lya aur ahista se apni taraf khencha woh Sharma ke boli ub khas dosti main ye sab bhi hoga? Us par main hansa aur bola abhi aap ko buhat kuch bardasht karna parega. Phir main bola pehle maine hug kara hai ub aap ki bari hai us par woh boli buhat naughty hoo rahey tum baar baar hug chaye iradey kya hain. Main chup raha woh kareeb agaien mere oper jhuki thin maine un ki kamar pe hath rakh kar pherna shuro kar dya ahista ahista woh bolin uthoo ge to hug karoon gi na ye sun kar main bola ke let kar bhi kar sakti hain phir woh mere oper agaien aur hug kar lya mujhe isi waqt maine un ki neck par aik kiss kar dya ufff pata nahi kaun sa perfume laga rakha tha sath un ki body ki smell main to pagal he huwa ja raha tha. Phir woh uthney lagi to maine kamar ko nahi chora to woh bolin janab aik hug ki baat huwi thi ub choro bhi.. us par maine un ko zoor se apni taraf khencha aur un ke hontoon pe apne hont rakh dya Aunty thora sa kasmasai churaney ki koshish ki magar maine un ke face pe smile dekh ke samjh lya ke ub rasta khula hai aur main un ke meethey meethey lips chosney laga shuro main woh response nahi de rahi thien magar phir ahista ahista woh bhi cooperate karney lagi aur hum dono takreeban 10 mins tak liptey huwe kissing kartey rahey kabhi woh oper ajati kabhi main dono main se kisi ka dil nahi chah raha tha ke hum apne lips door Karen. 


Isi doraan main aunty ki kameez ki zip khool di aur un ki peeth sehla raha tha dono aik dosrey main madhoosh ho chukey thay.. mera lun un ki thighs se chipka huwa tha jisey main baar baar thighs se rub kar raha tha. Aunty ne meri kameez ke button khol dye thay aur woh pagaloon ki terha mere seeney par apne nazuk hontoon se kiss kar rahi thin.. maine apne dono hath se un ke naram doodh dabaney shuro kye ufff dostoon mere hath main jaise koi foam agaya tha buhat he maza araha tha doodh dabaney main Aunty ahista se mere kaan main bolin ye mere best feature hain kharab na karna.. ye sun kar maine un ke doodh par apna moun laga dya aur kameez ke oper se he usey chosney laga aur sath bola phir to maine nahi chorna aap ke breast ko. Mere aise suck karney se aunty ki kameez geeli hogai thi jis main se un ki blue bra aur us par white flowers saaf dikh rahey thay.. isi doraan aunty ka hath pakar kar maine apne lun pe rekha jisey woh mazbooti se pakar kar shalwar ke oper se masalney aur dabaney lagi.. aahhhhh kitna nasha charh raha tha un ki is harkat se.. nazuk hathoon main le kar woh mere lun se khoob khel rahi thin.. maine aik jhatkey main un ki kameez utar di aur pagaloon ki terha un ke doodh chosney laga isi doran un ki bra bhi khul chuki thi. Aunty ke gorey gorey doodh mere moun main thay jo ke buhat meethey aur gool gool thay itni age honey ke bawajood aunty ka figure kamal ka tha.. aunty ke moun se ssssssssssss ahhhhhhhhh ufffff aram see ahhhhh jaisi awazain nikal rahi thin.

maine aunty ke nippels ko dant se katna shuro kya halka halka jis par un ki awazain aur barh gaien aur woh mere sir ko peechey hataney lagin un se bardasht nahi ho raha tha magar maine un ke doodh ko aur zyada chosna aur chatna shuro kar dya sath apna aik hath un ke bharey bharey hips par pherney laga. Unhoon ne mere lun ko shalwar se bahir nikal lya aur buhat tezi se masalney lagi.. ye dekh kar maine un ki shalwar neechey utar dii.. uff baqi jism ki terha un ki chut bhi buhat he pyari thi kafi time se kuch na honey ki waja se kafi tight lag rahi thi maine panty side kar dya thi aur un ki chut main 2 fingers daal ke ghuma raha tha woh pori terha se bechain hogaien thi un ki siskariyan tez hoti ja rahi thin.. itney main un ki chut se pani behney laga.. maine apni fingers hata lin ub main pora un ke oper achuka tha aur doodh apne moun main le kar chos raha tha aik hath se maine lun ko un ki chut pe rakha aur oper oper se chut par apna lun rub karna shuro kya ufffffff ahhhh kitna maza araha tha main words main bayan nahi kar sakta.. ahista ahista maine un ki chut main apne lun dalna shuro kya woh apni dono tangain band karney ki koshish kar rahi thin jis ki waja se mujhe mushkil ho rahi thi dalney main magar buhat maza araha tha shayad woh isi lye band kar rahi thin ke hum zyada maza le saken.. mere lun ka top un ki chut main tha maine ahista ahista jhatkney dena shuroo kye aahhh lun ahista ahista phisalta huwa chut main janey laga akhir maine pora lun jo ke 6 inch ka hai ander daal dya.

 Aunty zoor zoor se siskariyan bhartey huwe bol rahi thin ke plzzz fuck me .. sath un ke moun se I love u aur janu aahh jaise words bhi nikal rahey thay maine speed tez kardi thi ub unhoon ne tangain khool li thin main full speed se unko chood raha tha mera lun ander tak ghus kar wapis araha tha aur un ki chut pani chorey ja rahi thi. Kareeb 2 se 3 minutes main un ko chodta raha isi doraan maine feel kya ke ub main farigh honey wala hon to maine apna lun bahir nikal lya aur sath unko bethney ko kaha.. ub main bed ke kinarey khara tha aur un ke doodh ke beech main apna lun rakh kar oper neechey rub kar raha tha ufff kitney sexy doodh thay.. Aunty ne apne dono hath mere hathoon pe rakh dye aur khudh bhi woh doodh se mere lun ko rub karney lagi.. mera lun baar baar un ke lips se takra raha tha maine isharey se un ko lun ko moun main lene ka kaha pehle to woh inkaar karti rahin magar maine zabardasti apne lun ko un ke lips se laga dya woh ahista ahista kiss karti rahin phr unhoon ne suck karna shuro kya ufff ahhh woh zoor zoor se lun ko moun main khench rahi thin un ko maza aney laga tha. Apni zuban se woh mere lun ko chaat bhi rahi thin.. main bilkul he farigh honey ka kareeb tha maine apna lun foran bahir nikal un ke moun se aur phr main farigh hoo gaya un ke face pe farigh huwa tha jis ki waja se un ka face geela ho gaya jisey woh apne hath se saaf karney lagin phir woh hanstey huwe bolin ke tum abhi se farigh hoo gaye .. main heraan reh gaya ke woh khudh 2 se 3 dafa farigh hoo chuki thin magar un ki garmi khatam nahi huwi thi..

Main farigh honey ki waja se laziness feel kar raha tha maine kaha ub next time karengey magar woh razi nahi huwin aur boli ke mujhe abhi aur fuck karoo plz.. ye sun kar maine bola acha thora sabar Karen aur phir main bed pe let gaya.. unhoo ne apne kaprey pehney aur room se bahir janey lagin. Main washroom main ghus gaya bahir nikla to dekha ke woh bed pe bethi hain aur hath main milk ka glass hai. Maine dil main socha ke aaj ye mujhe aise janey nahi dengi.. maine doodh piya to woh bolin ke abhi tum drawing room main betho ammi aney wali hain.. main ja kar beth gaya unka andaza theek tha 5 min main he unki ammi agaien.. raat ke 10 baj rahey thay Fiza ko maine chuti dedi woh bichari neend se behaal ho rahi thi. Aunty mere pass akey beth gaien aur bolin ke abhi ammi soo jayen gi adhey ghantey main. Maine bola main ghar par kya bolon ga raat buhat ho chuki hai us par woh bolin ke khas dosti ki hai to kuch to karna parega ub mujhe bechain kar dya hai tum ne.. maine ghar pe phone kya aur bola ke aaj kisi dost ke pass ruk raha hon humara party karney ka program hai.. isi doraan hum idher udhar ki batain kartey rahey.. 10:30 bajey ke time woh uth kar ammi ke room main gaien aur phr wapis nikal kar mujhe ishara kara apne room main aney ka. Main dil main sochtey huwe uth gaya ke itney months se to mauka nahi mil raha tha aur aaj pori raat in ke sath guzarni hai.


Room main mere atey he unhoon ne door lock kar dya aur mujhe hug kar ke kiss karney lagin.. kiss kartey kartey hum dono bed pe agaye ahista ahista meri laziness daur honey lagi takreeban 1 ghantey se zyada hum dono kissing kartey rahey sath kabhi woh mere lun ko chosti kabhi main un ke doodh se moun meethey karta tha.. akhir ko mera lun phir se tayar ho gaya tha un ki aag bujhaney ke lye.. mere lun ko hard hotey dekh kar unhoon ne mujhe ishara kya ke main bed pe let jaon ub un ki bari hai. Main bed pe seedha let gaya aur woh apne hath main lun pakar kar us ko chut se laganey lagin main samjh gaya ke woh kya chah rahi hain ye dekh kar maine un ki kamar ko dono hath se pakar lya aur woh mere lun ko ahista ahista ander leti huwi pori beth gaien.. uff unhoon ne ahista ahista se jump lena shuro kya aahhh kitna maza araha tha un ke aisa karney se woh ahista ahista tez hoti ja rahi thien. Ssssss mera lun un ki chut main ghusey jar aha tha aur woh ub tezi se uchal uchal kar mera lun ander le rahi thi.. isi doran woh mere oper jhuk gaien aur apne doodh ko mere moun se laga dya.. maine un ka doodh chosna shuro kar dya.. aahh un ke uchalney ke sath sath ub main bhi jhatkey maar raha tha lun buhat tezi se un ki chut main ja raha tha woh aik dafa phir se farigh ho gai thien magar unko kisi baat ki parwa nahi thi aaj un ka irada mujhe pora nichorney ka tha. Kareeb 6 7 minutes woh aise chudwati rahin.

Maine un ko doggy style main aney ko kaha . woh bed pe ghoori ban gaien.. un ke sexy hips mere face ke bilkul samney thay maine apna face un ke hips pe masalna shuro kya unhoon ne bhi apne hips ko mere face pe rub karna shuro kar dya. Akhir ko main bechain hoo kar guthnoo pe beth gaya aur apna lun un ki chut se laga dya.. main ahista ahista jhatkey maar raha tha .. mera lun ub pora ander tak jar aha tha .. maine agey jhuk kar un ke doodh pakar lye jo ke jhatkey marney ki waja se buhat hil rahey thay. Kareeb 10 mins tak main un ko aise chodta raha.. dosri dafa aisa karney ki waja se timming barh gai thi.. pori raat pari thi is lye main abhi dobara jaldi farigh nahi hona chahta tha is lye maine un ko kaha ke ub aram aram se Karen.. woh meri baat maan gaien hum pori raat aik dosrey se liptey kiss kartey rahey sath maine Aunty ko 3 4 dafa choda bhi.. Jab main dobara farigh huwa to us waqt raat ke 4 baj rahey thay.. us ke baad phir hum aik dosrey se lipat kar soo gaye aur main subha un ki ammi ke uthney se pehle he nikal gaya. Us ke baad bhi kafi dafa hum ne sex kya hai. Aunty ub mujhse pori terha se satisfy hain.

Pakistani Kuwari Ladki Ko Choda

Pakistani Kuwari Ladki ki chudai ki kahani

Meri umar 26 saal hai. Mai ek American company mai Katar mai kaam karta tha. Aab meri posting Kuwait mai ho gayi hai.
Kuwait mai office ke pehale din mai sabse mila waha par ek ladki thi, ekdum gori, badan essa ki dil kare abhi use chod du. Jab lunch time hua toh usne mujhe kaha – aap bhi khana kha lo !
Toh maine uske saath khoob baate ki aur maine usko pucha –tum kaha se ho?
Usne bataya ki woh Pakistan se hai,uski umar 26 saal hai aur naam Sadaf Khan ! Woh apne parivaar ke saath Kuwait mai rehati thi. Dosto, aab hum kahani par aate hai ki maine use kaise chod diya.
Uss din Friday tha, mai net par baitha tha toh Sadaf bhi online aa gayi. Usne mujhse pucha – tum kahi ghumne gaye? Aaj chutti hai, kahi bahar ghumne chale jate ! Vaise bhi tum naye ho Kuwait nahi dekha tumne.


Maine use kaha – mera koi dost nahi hai yaha par! nayi jagah mai mei kisi ko janta nahi!
Toh usne kaha – mai hu na dost ! aap mere saath chalo ghumne !
Maine use ha kar di. Usne mujhe ek mall mai bulaya aur mai jaldi se taaiyar hokar waha chala gaya. Hum log shaam ko 4 baje tak ghume.


Phir usne kaha – aaj India-Pakistan ka match hai, mujhe bahut shauk hai match dekhne ka !
Toh maine kaha – mere kamre par chalte hai, waha baith kar match dekhenge.
Waha raazi ho hi gayi. Mera kamra mujhe company ki taraf se mila tha. Hum kamre par pahuch kar match dekhne lage. Usne achanak channel badal diya toh usmai ek ladka ladki ko choom raha tha aur phir uske kapde utar kar chodne laga. Woh yeh dekhkar kuch sharma se gayi aur meri taraf dekhne lagi.
Maine kaha – tumne kabhi kiya hai yeh sab?


Toh usne kaha – uska boy friend tha lekin kabhi sex nahi kiya, kiss kiya tha uske saath.
Mai uske pass jakar bola – kabhi dil karta hai sex karne ka?
Toh woh sharma gayi aur kehane lagi – mai chalti hu aab! Ammi intezaar kar rahi hogi!
Maine kaha – tumne jawab nahi diya?


Toh woh achanak mere seene se chipak gayi aur boli – pyaase ko puch rahe ho ki paani chahiye?
Bus mujhe yeh mauka mila aur mai uske hotho par apne hoth rakh kar choosne laga. Kaafi der tak choosne ke baad usne meri shirt khol di aur maine uski shirt utar fenki. Aab mai underwear mai tha aur woh bra aur penty mai thi. Aab maine uss ki bra aur penty ko bhi utar fenka aur usne mera underwear utar fenka. Aab hum dono ekdum nange the. Maine use mera lund choosne ko kaha toh usne lund muh mai le liya. Kuch der chusne ke baad maine use bister par letne ko kaha aur taange chaudi karne ko kaha. Usne vaisa he kiya toh uski choot ekdum mere samne thi – ekdum gulabi aur mast!
Mai pagalo ki tarah uski choot par toot pada aur chatne laga. Maine kaafi der uski choot chati. Woh pagalo ki tarah karne lagi – aaah aaahhh uuuuuiii.

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Phir usne dhire se kaha – aab chod do mujhe! mujhe chod kar apni bana lo!
Maine apna lund uski choot par rakha aur halka sa dhakka maara toh lund ka top uski choot mai chala gaya. Woh chikh padi, maine jaldi se apne hoth uske hotho par rakhe phir maine use samjhaya – tum kuwari ho na! iss liye dard ho raha hai!
Toh usne kaha kuch karo! bardasht nahi ho raha! bahut dard ho raha hai
Mai uske upar se utha aur lund par tel laga kar phir uski choot mai dala toh lund ek dhakke ke saath addha andar chala gaya. Phir woh chikhi lekin iss baar maine jaldi se uske hoth daba diye aur halke-halke dhakke marne laga. Laga ki uska dard bhi kam hone laga aur woh bhi gand uchal-uchal kar maaze lene lagi. Kaafi der esse karne ke baad maine use apne upar aane ko kaha tohwoh fatafat upar aa gayi aur gand uchal uchal kar dhakke marne lagi. Uski gand kaafi bahar nikali hui thi.Phir maine use kaha – ghodi ban jaayo! mujhe esse chodna hai tumhe!


Toh woh mast awaaz nikalne lagi aaa… uuiii… aur maaze lete hue ghodi ban gayi. Jaisai woh ghodi bani maine uski chikani choot mai lund daal kar dhakke marne laga aur woh mast awaaze nikalti rahi.
Usne kaha – ma jaane wali hu! meri choot se paani nikal raha hai! uiiiin aaaaaah iiiiiii maaaai luvvvvv!
Woh jhad gayi aur maine apne dhakko ki speed badha di aur tab maine use kaha- pehale lund ka pehala paani lene ke liye taiyaar ho jaayo! aur maine do aur jhatke maare aur paani uski choot mai daal diya. Phir usne lund ko chaat kar saaf kiya aur hum dono nahane chale gaye.
Iss tarah hum dono ki chudai ka silsila kai mahino tak chalta raha. Maine kai dafa uski gand bhi maari.
Lekin dosto, aab mai waapis India aa gaya hu kyunki meri company aab mujhe Canada bhejne wali hai. Woh net par mere se baat karti hai aur mujhe yaad karti hai.

पापा ने चूत और गांड लाल कर दिया चोद-चोद कर

पापा ने चूत और गांड लाल कर दिया चोद-चोद कर

Father Daugher Sex Story in Hindi : हेल्लो दोस्तों, मैं आप सभी का adultstories.co.in में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मेरा नाम झुम्पा शर्मा है। मैं पिछले कई सालों से एडल्ट स्टोरीज की नियमित पाठिका रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।

मैं अपने सगे पापा से फंस चुकी थी। हुआ ऐसा था की पापा ने पूरे घर में कैमरे लगवा दिए थे। मैं हरिद्वार के स्कूल में पढ़ रही थी। वही पर मुझे शराब और सेक्स की बुरी लत लग गयी थी। जब मुझे लंड खाने को नही मिलता था तब मैं चूत में ऊँगली कर लेती थी। मैंने कई बड़े डिलडो और वाईब्रेटर भी खरीद लिए थे और जब मुझे चुदाई की तलब होती थी मैं अपनी चूत में डिलडो या वाईब्रेटर डालकर मजा ले लेती थी। गर्मियों की छुट्टियों में मैं जब घर आई तो मुझे नही मालूम था की डैड ने पुरे घर में कैमरे लगवा रखे है। एक रात जब मैं डिलडो लेकर अपनी चूत चोदने लगी तो डैड ने मुझे देख लिया और मेरे कमरे में घुस जाए। मैं पूरे २० मिनट से अपनी चूत को डिलडो से चोद रही थी। अब मेरा माल छूटने वाला था। पर ना जाने कहाँ से डैड मेरे कमरे में घुसे चले आये। उनको देखकर मैं डर गयी पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

डैड के सामने ही मेरा माल छूट गया और कई पिचकारी मेरी पुसी से निकली। मैं बहुत शर्मिंदा थी।

“बेटी झुम्पा…..देखो जो तुम कर रही हो वो गलत है!!” डैड बोले

“….ओह्ह्ह्ह डैड मैं क्या करती। मुझे चुदाई की बड़ी जोर की तलब लगी थी। अब यहाँ कोई लड़का तो है नही जो मेरी रसीली चूत में लौड़ा दे देता। इसलिए मैं डिलडो का इस्तेमाल कर रही थी!!” मैंने सफाई दी

पर तभी डैड ने मुझे पकड़ लिया और मेरे होठो पर किस करने लगे। मुझे भी अच्छा लग रहा था। फिर डैड मेरे साथ बिस्तर में ही लेट गये और मेरे रसीले होठ चूसने लगे। आज वो अपनी सगी बेटी को चोदने वाले थे। मैंने कभी सोचा नही था की एक दिन मेरे डैड मुझे बजाएँगे। सायद उनको भी चूत की बहुत तलब लगी हुई थी। मैं पूरी तरह से नंगी थी और अपने बिस्तर पर पड़ी थी पर अब तो डैड भी मेरे साथ आकर लेट गये थे। उन्होंने मेरे दोनों हाथो को कसके पकड़ रखा था जिससे मैं उनको रोक न सकूं। वो तेज तेज मेरे रसीले और गुलाबी होठ चूस रहे थे। कुछ देर बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा और मैं भी डैड के होठ चूसने लगी। कुछ देर बाद उन्होंने मेरे रसीले होठ अच्छे से चूस लिए।

“बेटी झुम्पा …..चूत देगी???” डैड बोले

“हाँ जरूर डैड …..क्यूंकि मेरा भी चुदने का बड़ा दिल कर रहा है और यहाँ पर कोई जवान लंड भी नही है!! इसलिए आज मैं आपसे जरुर चुदूंगी!!” मैं बोली

फिर मेरे डैड ने अपनी शर्ट और जींस उतार दी। फिर बनियान, अंडरवियर और अपने जूते- मोज़े भी उतार दिए और पूरी तरह से नंगे होकर मेरे साथ बिस्तर में आ गये। ये बेड डैड ने मुझे मेरे पिछले बर्थडे पर गिफ्ट किया था। ये बेड बहुत बड़ा और आरामदायक था। हम बाप बेटी मजे करने लगे। डैड मेरे उपर लेट गये और मेरे नंगे जिस्म को उपर से नीचे तक सहलाने लगे। मुझे मजा आ रहा था।  फिर वो मुझ पर झुक गये और मेरे ताजे गुलाब से होठ चूसने लगे। आज मैं अपने सगे डैड से चुदने वाली थी। मैं पूरी तरह से नंगी थी और बहुत ही सेक्सी माल लग रही थी।

फिर मेरे डैड मेरे दूध चूसने लगे। मेरे मम्मे ३४” के थे जो बहुत ही गोल और सेक्सी बूब्स थे। डैड ने अपने दोनों हाथ मेरे बूब्स पर रख दिए थे और धीरे धीरे दबाने लगे थे। मुझे मजा आ रहा था इसलिए मैं“……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करके चिल्लाने लगी। डैड को भी भरपूर मजा मिलने लगा। वो मेरे रसीले बूब्स दबाने लगे और मुंह में लेकर चूसने लगे। मैं डैड के सिर के बालों में प्यार से अपने हाथ सहलाने लगी। आज मेरे सगे डैड ही अपनी बेटी को चोदने जा रहे थे। आज वो अपनी डाटर को फक करने जा रहे थे। मेरे डैड आज भी जवान थे और ४० साल के हस्त पुष्ट आदमी थे। मेरे बूब्स पीते पीते उनका लौड़ा खड़ा हो गया था और १२” लम्बा लग रहा था। मेरे मुंह में लौड़ा देखकर पानी आ रहा था क्यूंकि अभी मैं इसी लौड़े से चुदने वाली थी। मैंने अपने हाथ पैर खोल दिए और बेड पर सीधा लेट गयी जिससे मेरे डैड आराम से मेरे रसीले और गोलाकर बूब्स चूस सके।

वो मेरे आम को मजे से चूसने लगे। मेरी माँम घर पर नही थी वरना हम बाप बेटी की चुदाई कभी ना हो पाती। डैड मजे से मेरे बूब्स को मुंह में भरकर चूस रहे थे। मुझे फुल मजा मिल रहा था। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करके कराह रही थी और मजे ले रही थी। हम बाप बेटी घर पर पूरी तरह से अकेले थे और घर पर कोई भी नही था। आज मैं अपने डैड से चुदनेवाली थी। मेरी चूचियां ३४” की थी और बहुत बड़ी बड़ी और रसीली थी। डैड ललचा ललचाकर मेरे बूब्स चूस रहे थे। आज अपनी जवान बेटी को देखकर उनको गर्व हो रहा था। फिर मैंने उनको दोनों हाथो से पीठ से कसकर पकड़ लिया और सीने से चिपका लिया। वो मेरे मम्मे चूस रहे थे। मुझे मजा आ रहा था।

“बेटी आज मैं तुझे शीशे के सामने चोदना चाहता हूँ!!” डैड बोले

“ओके डैड ….आपका जैसे दिल करे वैसे मुझे ठोको!!” मैंने कंधे उचकाकर कहा

हम दोनों उठकर शीशे के सामने आ गये। मेरे कमरे में एक बहुत बड़ा शीशा लगा हुआ था जहाँ पर मैं मेकप किया करती थी। जैसे ही डैड मुझे शीशे के सामने लाए मैं शर्मा गयी। क्यूंकि मैं पूरी तरह से नंगी थी। मेरे सगे डैड मेरे सामने खड़े थे। मुझे शर्म आने लगी। मेरे डैड ने मेरी माँम को खूब चोदा था तब जाकर मैं पैदा हुई थी।  और आज वो मुझे चोदने वाले थे। आज मैं एक ४० साल के आदमी का मोटा और परिपक्व लंड खाने वाली थी। जब मैं शीशे में खुद को देखा तो मैं झेप गयी और अपनी चूत और दूध को छुपाने लगी।

“नही बेटी…अपनी चूत को मत छिपाओ!! यही तो तुम्हारी असली खूबसुरती है!!” डैड बोले

सामने शीशे में मेरी चूत साफ़ साफ़ दिख रही थी। सुबह ही मैंने अपनी चूत को क्लीन सेव किया था। मेरी चूत बड़ी गुलाबी गुलाबी थी जो सामने शीशे में दिख रहे थे। डैड ने मुझे पीछे से पकड़ रखा था और अपनी बाहों में भर रखा था। हम दोनों बड़ी देर तक खामोश रहे और शीशे के सामने खड़े रहे। डैड को मेरी चूत हर हालत में चोदनी थी, मैं ये बात जानती थी। उन्होंने शीशे के सामने ही अपने दोनों हाथ मेरी चिकनी, पतली दुबली और छरहरी कमर में डाल दिए और मेरे झुककर मेरे बाएं गाल पर किस कर लिया। मैं झेप गयी।

“बेटी…. तुम शीशे में नंगी कितनी अच्छी लगती थी। कितनी मस्त माल लग रही हो। कोई भी लड़का तुम्हारे यौवन पर मर मिटेगा!!” डैड बोले और शीशे के सामने ही मेरी चूत में ऊँगली करने लगे और सहलाने लगे।

“डैड…आप सिर्फ मेरी तारीफ़ कर रहे हो। पर आप भी इकदम अनिल कपूर जितने हॉट और सेक्सी लग रहे हो!!” मैं बोली।

फिर वो मेरे गाल पर किस करने लगे। बड़ी देर तक हम दोनों शीशे के सामने खड़े रहे और एक दूसरे के नंगे जिस्म को देखते और ताड़ते रहे। आज मुझे हर हालत में डैड का मोटा लंड खाना था। उन्होंने शीशे के सामने ही मुझे एक मेज से सहारा देकर खड़ा कर दिया और अपना घुटने के बल नीचे बैठ गये। और मेरी रसीली बुर पीने लगे। ओह्ह्ह …..मैं बता नही सकती थी की वो सब बहुत आकर्षक था। मैं खुद को शीशे में साफ साफ देख सकती थी। डैड मेरी चूत पी रहे थे। मैं उनके बालों में अपनी उँगलियाँ घुमा रही थी। डैड किसी चुदासे कुत्ते की तरह मेरी चूत चाट रहे थे। मैं “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हममममअहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करके तडप रही थी। ओह्ह कितना मधुर था ये मिलन।

डैड की लम्बी जीभ मजे से मेरी साफ चिकनी चूत को चाट, सहला और पी रही थी। दोस्तों मुझे फुल मजा मिल रहा था। मैं ऐश कर रही थी। मुझे इतना मजा तो डिलडो और वाईब्रेटर से भी नही मिलता। शीशे के सामने ही मैं अपने डैड को अपनी चूत पिला रही थी। इसी बीच मैं यौन उतेज्जना से पागल हुई जा रही थी। और मैंने अपनी एक टांग उपर को उठा दी। अब तो डैड को और अच्छा मौक़ा मिल गया था मेरी बुर चाटने का। उफफ्फ्फ्फ़….मैं तडप रही थी, काँप रही थी। मुझे झुरझुरी हो रही थी। डैड तो किसी चुदासे कुत्ते की तरह मेरी बुर चाट रहे थे। दोस्तों मैं फुल ऐश कर रही थी।

फिर डैड ने मुझे अपने आगे कर दिया और खुद मेरे पीछे खड़े हो गये। मुझे उन्होंने थोड़ा आगे को झुका दिया और मेरी चूत में अपना १२” लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगे। उफ्फ्फ्फ़…ये पहली बार था जब मैं शीशे के सामने खड़े होकर अपने सगे बाप से पेलवा रही थी। मैं लंड की प्यासी थी और आज कसकर चुदने के मूड में थी। डैड मुझे थोड़ा आगे झुकाकर पका पक पेलने खाने लगे। मैं शीशे के ठीक सामने खड़ी थी, डैड का लंड खा रही थी। ये बहुत रोमांटिक और जुनूनी था। डैड का लंड तेज तेज मेरी रसीली चूत की कुटईया कर रहा था। मेरे दोनों ३४” के दूध तेज तेज हिल रहे थे। हम बाप बेटी शीशे के सामने खड़े होकर ठुकाई का मजा ले रहे थे। मैं  “उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” करके चुद रही थी।

डैड ने मेरे दोनों हाथो को कंधे के पास से कसकर पकड़ रखा था और धांय धांय मुझे बजा रहे थे। आजतक मैं खड़े होकर कभी नही चुदवाया था और वो भी शीशे के सामने। दोस्तों डैड मुझे अमेरिकन स्टाइल में ठोंक रहे थे। दोस्तों फुल मजा आ रहा था। जादातर अमेरिकी ही शीशे के सामने खड़े होकर ठुकाई करते है। कुछ देर बाद तो मैं डैड के लौड़े का माल पूरी तरह से बन गयी और वो मुझे पीछे से गचा गच चोदने लगे। कुछ देर बाद डैड मेरी चूत में झड़ गये। डैड तेज तेज हाफ़ने लगे

“बेटी ….मजा आया???” डैड हाँफते हुए बोले। उनकी सांसें तेज चल रही थी। मुझे चोदने में उनकी काफी ताकत खर्च हो गयी थी। मैंने उसके माथे पर पसीना साफ़ साफ़ देख सकती थी। उनका चेहरा चुदाई करने के कारण तमतमा रहा था। वो एक स्ट्रोंग मैंन थे। मैं उनका मोटा १२ इंची लौड़ा खा चुकी थी और मजे लूट चुकी थी। मैं उनके लौड़े की दीवानी हो चुकी थी। अब भी उनके लौड़े से माल की बुँदे टपक रही थी।

“हाँ डैड …आपने मेरी चूत खूब बजाई। ओह्ह डैड यू आर सच इ मदरफकर!! यू फक ग्रेट!!” मैं कहा। डैड हंसने लगे।

“डैड …अब मैं आपका लौड़ा चूसूंगी। आप शीशे के सामने ही खड़े रहो!!” मैंने कहा

डैड शीशे के सामने ही खड़े हो गये। अब मैं जमीन पर बैठ गयी और उनका लौड़ा चूसने लगे। अभी अभी इसी लौड़े ने मुझे जन्नत का मजा दिला दिया था। मैं शीशे के सामने ही जमीन पर बैठकर डैड का लंड चूस रही थी। आज हम बाप बेटी ने सारी हदे पार कर दी थी। मैंने डैड का लौड़ा हाथ में ले लिया और मुंह में लेकर चूसने लगी। डैड मुझे प्यार कर रहे थे और मेरे सर को अपने हाथ से सहला रहे थी। मैं कोई वेश्या लग रही थी और अपने सगे बाप का मोटा लौड़ा चूस रही थी। मेरे कमरे में लगे शीशे के सामने ही खड़े होकर हम दोनों कांड कर रहे थे। मुझे मजा आ रहा था। हम दोनों फन कर रहे थे। डैड का लौड़ा बहुत मोटा था। वो ४० साल के हो चुके थे पर लौड़ा आज भी जवान और कसा था। डैड ने अपनी उम्र को थाम दिया था। डैड से वक़्त को चकमा दे दिया था। वो आज भी जवान थे। उन्होंने शीशे के सामने खड़े होकर मुझे २० मिनट बजाया था। ये कोई छोटी बात नही थी। अब मैं डैड के लौड़े को हाथ में लेकर फेट रही थी और मुंह में लेकर चूस रही थी। उसकी गोलियां तो बहुत बड़ी बड़ी थी जो नीचे को लटक रही थी। मैं डैड के लौड़े को मुंह में अंदर गले तक लेकर चूस रही थी।

“बेटी….मुझे तेरी गांड चाहिए” डैड बोले

“अभी….??”

“हाँ…” डैड बोले

उन्होंने मेरे कमरे में रखी बड़ी सी डाइनिंग टेबल को खीच कर शीशे के सामने कर दिया और मुझे उस ऊँची डाईनिंग टेबल पर लिटा दिया। फिर डैड नीचे झुक गये और मेरी गांड के छेद को पीने लगे। मैंने अपने स्कूल में चूत तो खूब मरवाई थी पर आज तक किसी लड़के से गांड नही मरवाई थी। ये मेरा फर्स्ट टाइम था। मैं खुद को शीशे में नहीं देख सकती थी क्यूंकि मेरा सिर डैड की तरह था। पर मेरे डैड मुझे शीशे में साफ साफ देख सकते थे। वो इस वक़्त मेरी गुलाबी गांड को अपने गुलाबी होठो से चूस रहे थे और मजा ले रहे थे। मैं अपने चुतड उठा रही थी। फिर डैड ने मेरी गांड पर अपना १२ इंची लौड़ा रख दिया और तेज धक्का मारा। मेरी गांड की सील टूट गयी और उनका लौड़ा अंदर घुस गया। मैं “…….उई—उई—उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” चिल्लाई। धीरे धीरे डैड मेरी गांड लेने लगे। मुझे बहुत दर्द हो रहा था। डैड मुझे शीशे में देखकर पेलने लगे। मैंने अपने दोनों पैर उपर की तरफ उठा रखे थे। डैड सट सट मेरी गांड चोदने लगे। वो शीशे में देखकर मेरी गांड मार रहे थे। उनको तो मजा आ रहा था, पर मेरी तो गांड फटी जा रही थी। “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..”  मैं चिल्ला रही थी। डैड ने १ घंटे मेरी गांड चोदी और माल मेरे मुंह पर झार दिया। उस रात के बाद से हम बाप बेटी जब दिल करता है शीशे के सामने खड़े होकर चुदाई कर लेते है और मजे उड़ा लेते है।

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