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मेरी सगी बहन की चूत गांड मारी

मेरी सगी बहन की चूत गांड मारी

मेरी सगी बहन की चूत गांड मारी

Adult Stories मेरी शादीशुदा बहन की चूत और गांड मारने की है. वो कुछ दिन के लिए रहने आई थी. एक दिन मैंने उसे चूत में नकली लंड डालते देखा.

मेरा नाम है यश और मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं.
मैं यहां अपनी पहली कहानी बताने जा रहा हूं.

Adult Stories बताने से पहले मैं मेरी बहन के बारे में कुछ बता दूँ.
मेरी बहन की शादी हो चुकी है.

वो दीखने में बहुत ही सुन्दर और सेक्सी है और उसके बड़े बड़े बूब्स और उनके ऊपर गुलाबी निप्पल … हाय हाय … बहुत अच्छा लगता है.
उसकी फिगर 28 – 30 – 32 की होगी.

तो अब कहानी पर आते हैं.

बात है उन दिनों की है जब मैं 21 साल का था और मेरी बहन 25 साल की थी.
जब से मैंने मेरी बहन के स्तन देखे हैं, तब से मुझे अपनी बहन को चोदने की इच्छा हो गई थी.

एक दिन जब मेरी बहन का फोन आया तो मैंने फोन उठाया.
तो वो बोली- कैसा है मेरे छोटे भाई?
मैंने कहा- मैं बस ठीक हूँ दीदी.

तो मेरी बहन बोली- मेरे भाई को मेरी याद आती है या नहीं?
मैंने कहा- बहना … बहुत याद आती है तेरी … रोज आती है याद!

तभी मैंने दीदी को कहा- घर कब आयेंगी आप?
तो वो बोली- मैं तो कल दोपहर में ही आने वाली हूं.
मैंने कहा- जीजू भी आने वाले हैं क्या?
तो वो बोली- नहीं. अभी तो मैं अकेली ही आऊंगी.

मैंने कहा- ठीक है. आप आ जाओ!
तो मेरी बहन बोली- लेकिन तुम मम्मी पापा को बताना नहीं कि मैं आने वाली हूं. मैं उन्हें सरप्राइज देने वाली हूं.
मैंने कहा- ठीक है, जैसा आप कहो!

तो दूसरे दिन दोपहर को मेरी बहन हमारे घर आ गयी.
उस दिन मैंने भी स्कूल की छुट्टी ली हुई थी.

मैं तो अपनी बहन को देखते ही रह गया.

क्या बताऊं दोस्तो … मेरी बहन गुलाबी रंग की साड़ी में लिपटी हुई एकदम माल लग रही थी.
मेरा जी तो कर रहा था कि मैं उसे वहीं पटक कर चोद दूँ!

लेकिन फिर मैंने अपने आप से कहा- सबर कर … सबर का फल मीठा होता है.

फिर तो मैंने अपनी बहन के नाम के कई बार मुठ मारी.

लेकिन अब मैं उसे किसी रन्डी की तरह चोदना चाहता था.

तो अब मैं अपनी बहन की चूत को चोदने का प्लान बनाने लगा.
लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आया कि मैं क्या करूं!

इस तरह की काफी दिन बीत गए.

‌लेकिन अब मेरी किस्मत बदलने वाली थी.

तो एक दिन मैं रात को नहाने मेरे रूम के बाथरूम में गया.
15 – 20 मिनट के बाद नहाने के बाद मैं बाहर निकला तो मेरी बहन मेरे रूम में आई और उसने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया.

मेरी बहन को देख कर मैं वापस बाथरूम में चला गया और बाथरूम का दरवाजा आधा खोल कर अपनी बहन को देखने लगा.
पहले तो मेरी बहन अन्दर आकर बैड पर लेट गई और उसके हाथों से अपने स्तन खोलकर कामुकता से दबा रही थी.

कुछ देर बाद वो अब अपनी साड़ी उतार रही थी.

मेरी बहन ने काले रंग की ब्रा और पैंटी पहनी थी.

और मैं बाथरूम में मूठ मारने लगा
शायद मेरी बहन को लग रहा था कि उसे कोई नहीं देख रहा.

फिर उसने अपनी पैंटी उतारी और उसकी चूत नंगी हो गयी. तभी वो नकली लंड से अपनी चूत सहलाने लगी.

ये सब देख कर मेरा बुरा हाल हो गया.
और यही मौका था मेरे पास अपनी बहन को चोदने का!

तो फिर मैं पूरा नंगा बाथरूम में से बाहर आ गया.
मेरी बहन मुझे देख कर चौंक गई और अपने आप को ढकने लगी और कहने लगी- तुम यहां पर कैसे?
तो मैंने कहा- बहना, आप यह सब क्या कर रही थी?
वो घबरा कर इधर उधर देखने लगी, कुछ बोली नहीं.

तो मैंने कह दिया- दीदी, मुझे आपके साथ सेक्स करना है.
तब दीदी ने मेरी तरफ देखा और मेरी बहन मेरे लौड़े को देख कर चौंक गई और कहने लगी- हम दोनों भाई बहन हैं. सगे भाई बहन … हमें यह सब नहीं करना चाहिए!

तो मैंने कहा- मादरचोद रंडी … तुम तुम्हारी प्यास बुझाने के लिए यह सब कर सकती हो. तो मेरा क्या … मुझे भी मौका दो सेक्स करने का! नहीं तो मैं सबको बता दूंगा. यहां तक कि तुम्हारे घर वाले को भी बता दूंगा.

तब मेरी बहन कहने लगी- नहीं नहीं भाई, तुम्हें मेरी कसम. किसी को भी मत बताना. तुम जैसा बोलोगे, मैं वैसा करने के लिए राजी हूं, तैयार हूं. जो चाहे वह कर लो मेरे साथ तुम!
तो मैंने कहा- यह हुई ना बात रंडी सी प्यारी बहना!

फिर मैंने कहा- चलो अब खड़ी हो जाओ और मेरे पास आओ!

उसके बाद मैंने अपनी बहन को चूमना चालू किया
मैं कभी उसके होठों को काट लेता.
मैंने उसके होठों से खून भी निकाल दिया था.

और वह कामुक आवाज निकाल रही थी- आहं … आंह … चूसो … चूसो मेरे होंठ को और जोर से चूसो!
फिर उसके बाद मैंने अपनी बहन के ब्रा और पेंटी अपने हाथों से उतार दी.

और उसके बाद मैंने अपनी बहन के स्तनों को चूमना चालू किया.
धीरे-धीरे मैंने उसकी कमर को चाटना चालू किया, चूमना चालू किया. फिर उसके बाद उसकी चूत को भी चूमना चालू किया, उसकी जांघ को, उसके पैरों को चाटना चालू किया.

फिर मैंने उसे कहा- अब तुम नीचे बैठ जाओ और मेरा लौड़ा चूसना चालू करो!
तो वह कहने लगी- नहीं नहीं, मैं यह सब नहीं करूंगी.

तब मैंने कहा- रंडी साली मादरचोद … तू पहले नीचे तो बैठ!

उसके नीचे बैठते ही मैंने उसके बाल पकड़ लिए और जोर से खींचे और कहा- जल्दी से ले इसे अपने मुंह में … इसे चूस और मुझे आराम दे जल्दी!
मेरे गुस्सा करने के बाद वह मेरे लोड़े को चूसने लगी.

मेरी बहन मेरे लोड़े को इस तरह चूस रही थी जैसे कि वह उसे खा जाएगी.
थोड़ी देर बाद उसने अपने भाई का लंड चूसना बंद किया.

फिर मैंने भी कहा- ठीक है, काफी चूस लिया.

तब मैंने कहा- चलो मेरे साथ बाथरूम में!
वह बोली- क्यों? बाथरूम में क्या करना है?

तो मैंने वापिस कहा- तुम चलो तो सही मेरी जान!
इस पर वह थोड़ी मुस्कुरा दी.

हम बाथरूम में आ गए
हमारे बाथरूम में टॉयलेट भी अटैच है और टॉयलेट वेस्टर्न है.

मैंने अपनी बहन को कहा कि एक पैरे कमोड के ऊपर रख दो.
तो उसने पैर रख दिया कमोड पर!

उसके बाद मैं नीचे को बैठा और अपने हाथों से उसकी गांड को फैला दिया और उसकी चूत, और गांड चाटना शुरू कर दिया.

मैं बिल्कुल कुत्तों की तरह चाट रहा था और स्वाद ले रहा था.
क्या मजा आ रहा था!

और वह भी अपने गांड को मटका रही थी- जोर से भाई … और जोर से चाटो … मैं एक रंडी हूं!
अब मेरी बहन मुझसे कह रही थी- भाई, मुझसे आप कंट्रोल नहीं हो रहा … अपना गरम औजार अपनी बहन की चूत में घुसा दो!
मैंने कहा- हां मेरी जान मेरी रंडी बहना! तुझे तो मैं आज पूरे जन्नत की सैर कराऊंगा.

और उसके बाद मैंने उसकी गांड और चूत पर बहुत सारा थूक फेंक दिया.
मैंने उसे कहा- आगे की ओर थोड़ा झुक जाओ.

और उसके बाद मैंने अपना लौड़े का टोपा उसकी चूत पर रगड़ना चालू किया.
मेरी प्यारी बहना कहने लगी- भाई, क्यों तड़पा रहे हो अपनी सेक्सी बहन को! लंड अंदर डालो ना!
तो मैंने कहा- ठीक है ठीक है, डालता हूं लंड तेरी चूत के अंदर!

मैंने थोड़ा धीरे से झटका दिया और मेरे लोड़े का टोपा आधा मेरी बहन की चूत के अंदर घुस गया था.
तो मेरी बहन दर्द से कराह गई- आहह हह उह!
और कहने लगी- भाई, थोड़ा धीरे करो!
मैंने बोला- चुप कर रंडी! अब तो मैं अपने मन की करूंगा. मनमर्जी से बहन की चूत मारूंगा.

मैंने तो जोर जोर से झटके मारना चालू कर दिए और अपनी बहन की गांड पर चमाट मारना शुरू कर दिया.

इसकी वजह से मेरी बहन की गांड पूरी तरह से लाल हो चुकी थी.
और मैं अभी भी जोर-जोर से अपने गर्म औजार से उसकी चूत में धक्के मार रहा था.

मेरी बहन के स्तनों को मैंने दबा दबा कर पूरा निचोड़ दिया.
इससे मेरी बहन की आंखों में से आंसू भी आ रहे थे, वो बोल रही थी- भाई थोड़ा धीरे करो!
पर मैं कहां मानने वाला था!

इस दौरान मेरी बहन एक बार झड़ चुकी थी और कहे जा रही थी- भाई, मुझे और चोदो … और चोदो … फाड़ डालो मुझे … और चोदो और चोदो!
अब मैंने कहा- मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.
तो वह घबरा गई- क्या भाई? नहीं पीछे नहीं!
मैंने कहा- मेरी जान, बहुत ही प्यार से मारूंगा तेरी गांड मैं!

तो वह थोड़ी ना नुकुर के बाद मान गई.

मेरे बेडरूम में जाकर मैं तेल लेकर आ गया.
फिर मैंने अपनी बहन की गांड पर बहुत सारा तेल लगाया. इससे उसकी गांड एकदम चिकनी हो चुकी थी.

और थोड़ा तेल मैंने अपने लोड़े पर भी लगा लिया.

फिर मैंने अपना लंड हाथ में पकड़ा और अपनी बहन की गांड के छेद पर लगाया और धीरे से झटका दिया.
लेकिन मेरा लौड़ा उनकी गांड के छेद में घुसा नहीं!

तो मैंने और इस बार जोर से धक्का दिया तो आधा लोड़ा मेरी बहन की गांड के छेद में घुस गया.

इससे उसे बहुत दर्द हुआ, वह रोने लग गई और जोर-जोर से चीखें निकालने लगी.

उसके चीखें निकालने की वजह से मैंने अपना हाथ उसके मुंह पर रख दिया.
फिर मैंने वापस से जोर से और एक धक्का दिया.
इसी के साथ मेरा पूरा लौड़ा उसकी गांड के छेद में पूरा का पूरा समा गया और उसके बाद मैंने धक्का मारना शुरू किया.

थोड़ी देर बाद मेरी बहन को भी मजा आने लगा और वह कामुक आवाज निकालने लगी- आह हहह!
और कहने लगी- भाई और डालो … और डालो … फाड़ डालो अपनी बहन की गांड को!

मेरी बहन का ऐसा कहने से मेरा जोश और भी बढ़ गया था तो मैंने धक्के बहुत जोर जोर से लगाने शुरू कर दिए.
और अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उसे कहा- मेरा सारा माल कहां पर निकालूं?
तो उसने कहा- मेरे मुंह पर डाल देना!

मैंने वैसा ही किया.

कम से कम 8-10 मिनट तक लगातार झटके मारने के बाद मैंने अपना लंड उसके छेद में से निकाल लिया और सारा माल उसके मुंह पर डाल दिया.
और मेरी बहन सारे माल को मुंह में रखकर उसके साथ खेलने लगी.

उसके बाद मैंने कहा- मेरे लोड़े को थोड़ा साफ कर दो अपने मुंह में लेकर!
तो हॉट सिस्टर ने वैसा ही किया, मेरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगी.

ऐसी जोरदार चुदाई के बाद मेरी बहन को चलने में दिक्कत होने लगी थी.
पर वह भी 2-3 दिनों के बाद ठीक हो गई.

मेरी सगी बहन की चूत गांड मारी Adult Stories मेरी शादीशुदा बहन की चूत और गांड मारने की है. वो कुछ दिन के लिए रहने आई थी. एक दिन मैंने उसे चूत में नकली

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