adult stories in hindi Antarvasna Story baap beti ki chudai ki kahani bahan ki chudayi balatkar ki kahani behen ki chudayi beti ki chidai bhabhi ki chudai bhai bahan ki chudai bhai bahan sex story in hindi bhatiji ki chudai ki kahani bollywood actress ki chudai ki kahani bollywoos sex stories in hindi chacha bhatiji ki chudai ki kahani Chachi ki Chudai chachi ki chudai ki kahani chhoti bahan ki chudai chhoti ladkai ki chudai chudai ki kahaniya dehati chudai ki kahani Desi Sex Stories devar bhabhi ki chudai ki kahani Didi ki Chudai Free Sex Kahani fufa ne choda gand chudai gand chudai ki kahani gangbang ki kahani Ghode ke sath desi aurat ki sex story girlfriend ki chudai gujarati bhabhi habshi lund se chudai hindi sex stories Hindi Sex Stories Nonveg hindi urdu sex story jija saali sex jija sali ki chudai ki kahani Kahani kunwari choot chudai ki kahani Kunwari Chut ki Chudai Losing virginity sex story mama bhanji ki chudai ki kahani mama ki ladaki ki chudai marathi sex story mote lund se chudai ki kahani muslim ladaki ki chudai muslim ladki ki chuadi nana ne choda naukarani ki chudai Naukrani sex story New Hindi Sex Story | Free Sex Kahani Nonveg Kahani Nonveg Sex Story Padosi Ki Beti pahali chudai pakistani ladaki ki chudai Pakistani Sex Stories panjaban ladki ki chudai sali ki chudai samuhik chudai sasur bahu ki chudai sasur bahu ki sex story sasural sex story school girl ki chudai ki kahani seal tod chudai sex story in marathi student ki chudai suhagraat ki chudai urdu chudai ki kahani in urdu Virgin Chut wife ki chudai zabardasti chudai ki kahaniya एडल्ट स्टोरी कुंवारी चूत की chudai गर्लफ्रेंड की चुदाई गांड चुदाई की कहानियाँ जीजा साली सेक्स पहलवान से चुदाई पहली बार चुदाई बलात्कार की कहानी बाप बेटी की chudai की सेक्सी कहानी मामा भांजी चुदाई की कहानी ससुर बहु चुदाई सेक्स स्टोरी

कुंवारी लड़की की सील तोड़ी

Kuwari Ladki Ki Seal todi

Kuwari Ladki Ki Seal todi,कुंवारी लड़की की सील तोड़ी


तृप्ति रविवार को मेरे ऑफिस में आई तो मैंने उससे अपने दिल की बात कही। मैंने कहा- जब से तुमने ज्वाइन किया है, मैं तब से तुम पर फ़िदा हो गया था और मैं नहीं चाहता था कि कोई और मेरे और तुम्हारे बीच में आये, इसी लिए मैंने तुमको पाने के लिए अपनी जी जान लगा दी।

मुझे पता चल चुका था कि तृप्ति सिर्फ पैसे वालों को लाइन देते थी और मेरे पास पैसे की कोई कमी नहीं थी, लिहाजा मैंने उसको पूरी तरह से इम्प्रेस कर लिया था। मैं शादी-शुदा था ये बात भी उसको पता थी पर फिर भी वो मुझको मन ही मन पसंद करने लगी थी और मुझे क्या टाइम पास चाहिए था।
बस वो मेरे जाल में फंसती चली गई और मैंने भी सोचा एक दिन, इससे पहले कि वो ऑफिस छोड़ के जाए मुझे इसके काम लगाना है। बस इसीलिए मैं उसे काम के बहाने रविवार को भी ऑफिस बुलाता था।
उस दिन मैंने तृप्ति की चूची दबाने का मन बना लिया था तो मैंने कुछ काम के बहाने उसे अपने पास बिठा लिया और अपने पीसी पर काम करने को कहा। वो मान गई। वो मेरे ऊपर झुक कर मेरे पीसी पर काम करने लगी और मैंने धीरे से अपने नजर तृप्ति की चूची की तरफ घुमाई तो मुझे तृप्ति की पूरी चूची उसकी कुरते के अंदर नजर आ गई। उसने काले रंग की ब्रा पहनी थी। उसकी बड़ी बड़ी चूची देख कर मेरा लण्ड आउट ऑफ़ कण्ट्रोल होने लगा।

मैंने उससे और पास आने को कहा वो मेरे बिलकुल करीब आ गई अब मैं उसकी चूची की खुशबू को सूंघ सकता था। मैंने धीरे धीरे उसकी चूची की तरफ अपना हाथ बढाया और उसकी एक चूची को पकड़ लिया। वो तुंरत पीछे हट गई और कहने लगी- सर, ये क्या कर रहे हैं? मैंने उसे समझाया- इसमें कुछ भी गलत नहीं है और मुझ पर शक न कर ! मैं तो शादी-शुदा हूँ, कुछ भी गलत नहीं करूंगा।

काफी न नुकुर के बाद तृप्ति मान गई- केवल चूची दबा लीजिये और कुछ नहीं करवाउंगी।
मेरा क्या ! आज वो अपनी चूची दबवाने को मान गई है एक दिन वो मुझसे चुदवाने को भी मान जायेगी ! नहीं तो जबरदस्ती चोद दूंगा साली को !

उस दिन से मैंने रोज़ तृप्ति की चूची को दबाता और बाथरूम जाकर हाथ से मारता। कुछ दिन बाद उसको शक हो गया कि मैं जब भी उसकी चूची दबाता हूँ तो उसके तुंरत बाद बाथरूम क्यूँ जाता हूँ।
उसने मुझे पूछा कि ऐसा क्यूँ ?

मैंने बता दिया कि मैंने तुमसे वादा किया है मैं सिर्फ तुम्हारी चूची दबाऊंगा, तुमको चोदूंगा नहीं, इसीलिए अपने लण्ड को शांत करने के लिए बाथरूम जाकर हाथ से मारता हूँ।

इस पर उसने कहा- आप जब चूची दबाते हैं तो मेरा मन भी चुदवाने को होता है, पर क्या करूँ, यहाँ नहीं हो सकता है !

कुंवारी लड़की की सील तोड़ी


इस पर मैंने उससे कहा- ऐसे बात है तो पहले क्यूँ नहीं बताया? मैं तुमको किसी बढ़िया होटल ले के चलता !
यह बात सुन कर तो उसकी बांछें खिल गई। वो अगले रविवार को होटल चलने के लिए तैयार हो गई।
मैं उसे अपनी कार में ले जाने की बात कही तो उसने न नहीं किया। मुझे पता था कि उसको अमीर लोग पसंद आते हैं इसीलिए मुझे न नहीं करेगी।

मैंने रविवार के लिए एक फाइव स्टार होटल बुक कराया, तृप्ति को अपनी पत्नी बना के ले गया। मैंने उससे कहा था- तुम पहले ऑफिस आना, फिर यहाँ से चलेंगे !

मैं अपने साथ अपनी बीवी की एक साड़ी लाया था। मैंने तृप्ति से कहा- यह साड़ी पहन लो ताकि किसी को शक न हो !

उसने वैसा ही किया। होटल पहुँच कर रूम लिया, अंदर गए और रूम अंदर से लॉक कर लिया।
बस फिर क्या था हम दोनों की मुराद आज पूरी होने जा रही थी। मैंने तृप्ति को बिस्त्तर पर लिटा दिया तुंरत, और उसके ऊपर चढ़ के बैठ गया। उसकी दोनों चूची को कस के पकड़ के मसलने लगा। तृप्ति को समझ नहीं आ रहा था मुझे अचानक क्या हो गया।

मैंने कहा- मेरे जान अभी कुछ न कहो, बाद में कहना ! महीनों बाद तुम मिली हो ! मुझे अपने लण्ड की प्यास बुझाने दो ! फिर बात करेंगे !

मैंने उसका ब्लाऊज़ उतारा, उसने सफ़ेद रंग की ब्रा पहनी थी, तुंरत ही उसकी ब्रा भी उतार दी और तृप्ति की चूची को दबाने लगा। तृप्ति भी गर्म-गर्म साँसें लेने लगी। तृप्ति की चूची को अब मैं अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। मैं तृप्ति की चूची को दबा दबा के मुँह में चूसे जा रहा था। तृप्ति भी बिस्तर में मचलने लगी थी। मैंने तुंरत तृप्ति की साड़ी और चड्ढी को उतारा, अपने लण्ड तुंरत तृप्ति की चूत में डाल दिया। तृप्ति की तो जैसे गांड फट गई- साली बिस्तर पर तड़पने लगी और मैं तो कई दिनों से तड़प रहा था उसको चोदने के लिए !

इतना मोटा लण्ड तृप्ति की चूत में जायेगा तो क्या हाल होगा तृप्ति का ! आप सोच सकते हो ! साली की मैया चुद गई ! जब मैंने पूरा लण्ड तृप्ति की चूत में डाल दिया तो उसकी चूत से खून बहने लगा क्यूँकि यह तृप्ति की पहले चुदाई थी न ! अभी तक तृप्ति की चूत की सील नहीं टूटी थी सो आज वो भी टूट गई। मैंने तोड़ा तृप्ति की सील को और मैंने ही तृप्ति की चूत को भी चोदा ! यह मेरी किस्मत है तृप्ति ने मुझसे चुदवाना पसंद किया।
खैर मैंने साली को जम के चोदा, मादरचोद को !

तृप्ति की दोनों चूचियों को पकड़ के लण्ड तृप्ति की चूत में अंदर-बाहर करने लगा और तृप्ति भी जोर जोर से सांसे लेने लगी। मैं जैसे बिस्तर पर पटक देता वैसे ही साली पड़ी रहती मादरचोद ! मैंने गधे की तरह चोदा मादरचोद को ! बहुत चोदा ! मैंने तृप्ति को पूरी ताकत से चोदा, तृप्ति झड़ गई, फिर मैं भी झड़ गया।
तृप्ति ने पूछा- आपने ऐसा क्यूँ किया?

मैंने कहा- मैं तुमको चोदने के लिए इतना परेशान था कि बस मौका मिलते मैं तुमको चोदना चाहता था इसीलिए तुंरत तुम को चोद डाला ! अब हमारे पास मौका भी है और टाइम भी है ! अभी फिर थोड़ी देर में तुम को चोदूंगा ! तुम नहा धो लो ! तब तक मैं नाश्ते का आर्डर देता हूँ, फिर उसके बाद चोदूंगा !
एक घंटे के बाद मैंने तृप्ति से कहा- तुम तैयार हो चुदवाने को?
उसने कहा- मैं तो कब से रेडी हूँ !
मैंने तुंरत तृप्ति को बिस्तर पर लिटाया और चढ़ गया साली मादरचोद पे ! और लगा चूसने तृप्ति की चूची को !
इस बार बहुत टाइम था तो अब तृप्ति को आराम से चोदना था !
मैंने तृप्ति की दोनों टांगों को उठा के ऊपर किया और उसकी चूत को चाटने लगा। तृप्ति की चूत को चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था कि आपको क्या बताऊँ ! दोस्तो, काश आप भी होते वहां पे !
खैर अगली बार तुम सब भी चलना मेरे साथ तृप्ति को चोदने ! लेकिन तृप्ति को पहले मैं ही चोदूंगा, फिर तुम सब !

क्यूँकि तृप्ति मेरा माल है ना !
खैर तृप्ति आधे घंटे तक तृप्ति की चूत चाटने के बाद मैंने तृप्ति से अपने लण्ड को चूसने को कहा तो मादरचोद ने मना कर दिया।
मैंने कहा- चाट के देख मेरी जान, बहुत मज़ा आएगा ! तुझे जो चाहिए, मैं दूंगा ! पहले इस दिन को तो जी लो मेरी जान ! मैं तेरा प्रमोशन कर दूंगा !
इस पर तृप्ति तैयार हो गई और मेरा लण्ड चूसने लगी। वो साली मेरा पूरा लण्ड मुँह में लेकर चूस रही थी। मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था !
१५ मिनट तक तृप्ति ने मेरा लण्ड चूसा, फिर मैं तृप्ति की चूची चूसने लगा, उसके निप्प्ल को खूब मसलने लगा। मैंने अपना मुंह तृप्ति की चूत में लगा रक्खा था कि जब इसकी चूत झड़ेगी तो मैं उसकी चूत चाटूंगा।
मैंने तृप्ति की चूची को खूब रगड़ा और तृप्ति की चूत को भी !
कहते है न कि चूत और खैनी जितना रगड़ोगे, उतनी नशीली हो जाएँगी ! थोड़ी देर में तृप्ति झड़ गई पर मैं तो अभी भी वैसा ही था। अब तृप्ति की चूत नशीली हो गई थी इसीलिए चाटने में बहुत मज़ा आने लगा। तृप्ति की चूत से जो भी माल निकला, मैंने उसे चाट लिया और तृप्ति की चूची को इतना दबाया कि उसमें से दूध सा निकलने लगा। फिर मैंने तृप्ति का दूध पिया। तृप्ति की चूत और तृप्ति का दूध पीने के बाद तृप्ति झड़ चुकी थी। उसकी गाण्ड में ज्यादा दम नहीं बचा था। तब तक मैंने अपने लण्ड को कण्ट्रोल में रक्खा, फ़िर मेरी बारी आई। मैंने तृप्ति को बिस्तर पर पटक के चोदा।
कैसे?
बताता हूँ !

तृप्ति अब मेरे सामने पूरी नंगी लेटी थी, मैंने उसके पूरे बदन को चाट चाट कर चूसा। मैं तृप्ति को दोनों पैरों से ऊपर उठा कर बिस्तर के किनारे ले आया और तृप्ति की चूत में अपना १० इंच मोटा लण्ड घुसा दिया। फिर उसको तृप्ति तो पहले झड़ चुकी थी उसके ज्यादा दम नहीं था। उसकी चूची को, उसकी चूत को चोद-चोद के भोंसड़ा बना दिया उस दिन मैंने ! अब मैं झड़ने लगा तो मैंने तृप्ति को नहीं बताया कि मेरा निकलने वाला है। मैंने अपनी गति को बढ़ा दिया, चोदने की पूरी ताकत से तृप्ति की चूत की मैं चुदाई कर रहा था कि तभी मेरे लण्ड से माल निकलने लगा और मैंने भी सारा माल तृप्ति की चूत के अंदर गिरा दिया।
तृप्ति को पता चला कि मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में गिरा दिया तो वो थोड़ा नाराज हुई।
मैंने उसे समझा दिया कि कुछ नहीं होगा, मैंने ऑपरेशन कराया है, बच्चा नहीं होगा तुमको !
तो वो मान गई साली ! गधी है न !
जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था !

मुझे तो उसकी चूत को टेस्ट करना था, वो कर लिया ! उस दिन दो बार तृप्ति को चोदने के बाद जो मज़ा आया वो आज तक नहीं आया ! अभी भी हमारे पास टाइम था, तृप्ति को घर जाना था उसमें भी टाइम था।
मैंने सोचा था- आज पूरी तरह तृप्ति को बर्बाद कर दूंगा ! मादरचोद किसी को मुंह नहीं दिखा पायेगी साली !
मैंने उससे कहा- अभी कपड़े नहीं पहनना ! अभी एक बार और करूँगा ! टाइम है, फिर घर चलूँगा !
तृप्ति ने कहा- चाहे जितना करिये ! मेरी चूत तो अब आपकी हो गई है !
मैं खुश हो गया बहुत ! मैं तृप्ति से चिपट कर लेट गया। थोड़ी देर में हम दोनों फ़िर तैयार !
तृप्ति को मैंने नहीं बताया पर इस बार मैंने तृप्ति की गांड मारने की सोची थी।
मैं तृप्ति की चूची मसलने लगा और मुंह में ले के चूसने लगा, तृप्ति का दूध पीने लगा।
तृप्ति से मैंने अपना लण्ड चूसने को कहा तो तृप्ति ने मेरा लण्ड चूस कर खड़ा कर दिया। जब मेरा लण्ड खड़ा हो गया तो मैंने तृप्ति को कुतिया की तरह बिस्तर पे खड़ किया और तृप्ति की चूत में लण्ड डाल के तृप्ति को दुबारा चोदने लगा। जब मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो गया और तन गया तो मैंने अपना लण्ड तृप्ति की चूत से निकाल कर तृप्ति की गांड

में डाल दिया। तृप्ति की तो मैया चुद गई, लेकिन मेरा मन तृप्ति की गांड मारने को था तो वही किया।
१५ मिनट तक तृप्ति की मैं गांड मारता रहा और फ़िर जो मेरे लण्ड से माल निकला वो मैंने दुबारा तृप्ति की चूत में अपना लण्ड डाल के तृप्ति की चूत में गिरा दिया।
इतना होने के बाद मैंने तृप्ति से कहा- मेरा पूरा जिस्म चाटो और लण्ड भी !
तृप्ति ने वही किया और तब मेरा लण्ड खडा नहीं हुआ तो मैं समझ गया कि अब आज के लिए हो गया।
अगले इतवार फिर आऊंगा यहाँ पे तुम को लेके !
तृप्ति ने कहा- अब हम हर रविवार ऑफिस के बहाने यहाँ आयेंगे और मज़े करेंगे !
अब मैं तृप्ति को हर रविवार ऑफिस के बहाने बुलाता और तृप्ति को साड़ी पहना कर अपनी कार में होटल ले के जाता, वहाँ पूरा दिन में तृप्ति को चोदता रहता।
यह सिलसिला तृप्ति के साथ आज भी चल रहा है क्यूँकि अभी तृप्ति की शादी नहीं हुई है और मैं इतनी आसानी से तृप्ति की शादी होने भी नहीं दूंगा !
नहीं तो मेरा क्या होगा !

तृप्ति ने दो बार बच्चा गिराया है, अब तृप्ति मुझे कुछ नहीं कहती क्यूँकि मैंने सारा इन्तज़ाम करवा दिया है, मेरे जब मर्ज़ी होती है मैं तृप्ति को चोद देता हूँ और वो चुदवा भी लेती है। मैं उसको पूरी रण्डी बना दूंगा।
अब अगली कहानी में आप को बताऊंगा कि कैसे मेरे दोस्तों ने तृप्ति को मेरे सामने चोदा !
यह एक सच्ची घटना है जो मेरे साथ हाल के कुछ दिनों में हुई थी। ……

Kuwari Ladki Ki Seal todi,कुंवारी लड़की की सील तोड़ी

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

[blogger]

Author Name

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.