Articles by "Hindi Sex Stories Nonveg"

adult stories in hindi Antarvasna Story baap beti ki chudai ki kahani bahan ki chudayi balatkar ki kahani behen ki chudayi bhabhi ki chudai bhai bahan ki chudai bhai bahan sex story in hindi bollywood actress ki chudai ki kahani bollywoos sex stories in hindi chacha bhatiji ki chudai ki kahani chachi ki chudai ki kahani chhoti bahan ki chudai chhoti ladkai ki chudai chudai ki kahaniya dehati chudai ki kahani devar bhabhi ki chudai ki kahani Didi ki Chudai Free Sex Kahani gand chudai gand chudai ki kahani gangbang ki kahani Ghode ke sath desi aurat ki sex story girlfriend ki chudai gujarati bhabhi habshi lund se chudai hindi sex stories Hindi Sex Stories Nonveg hindi urdu sex story jija saali sex jija sali ki chudai ki kahani Kahani kunwari choot chudai ki kahani Losing virginity sex story mama bhanji ki chudai ki kahani mama ki ladaki ki chudai marathi sex story mote lund se chudai ki kahani muslim ladaki ki chudai muslim ladki ki chuadi nana ne choda naukarani ki chudai New Hindi Sex Story | Free Sex Kahani Nonveg Kahani Nonveg Sex Story Padosi Ki Beti pahali chudai pakistani ladaki ki chudai Pakistani Sex Stories panjaban ladki ki chudai sali ki chudai samuhik chudai sasur bahu ki chudai sasur bahu ki sex story sasural sex story school girl ki chudai ki kahani seal tod chudai sex story in marathi suhagraat ki chudai urdu chudai ki kahani in urdu Virgin Chut wife ki chudai zabardasti chudai ki kahaniya एडल्ट स्टोरी कुंवारी चूत की chudai गर्लफ्रेंड की चुदाई गांड चुदाई की कहानियाँ जीजा साली सेक्स पहलवान से चुदाई बलात्कार की कहानी बाप बेटी की chudai की सेक्सी कहानी मामा भांजी चुदाई की कहानी ससुर बहु चुदाई सेक्स स्टोरी
Showing posts with label Hindi Sex Stories Nonveg. Show all posts

देवर के साथ भाभी की सुहागरात - Devar ke sath bhabhi ki suhagraat

 


देवर के साथ भाभी की सुहागरात - Devar ke sath bhabhi ki suhagraat, देवर भाभी की चुदाई , देवर ने चोदा , प्यार से चोद दिया , मैं देवर से चुदवाई

देवर भाभी की चुदाई , देवर ने चोदा , प्यार से चोद दिया , मैं देवर से चुदवाई , बार - बार चुदने लगी , देवर का लंड चूसा , चूत भी चटवाई.


मेरा निकाह हो चुका था।  अभी दो दिन पहले ही मैंने अपनी सुहागरात मनाई थी।  आज तीसरे दिन मेरा देवर मेरे सामने आया।  उस समय कमरे में कोई नहीं था।  मैं थी और मेरा देवर तारिक़।  वह लगभग २२ साल का पूरा मर्द हो चुका था। गोरा चिट्टा हैंडसम और लंबा चौड़ा था।  उसे देख कर मेरे नियत ख़राब हो गई।

   

  • वह मुझे देख कर मुस्कराया और बोला - भाभी जान आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो।  बिलकुल मेरे दोस्त की भाभी की तरह।  वह भी इसी तरह बेहद हसीन है।  मैं कुछ नहीं बोली और तिरछीं निगाह से देख कर मुस्कराने लगी। इतने में वह अपनी लुंगी खोल कर मेरे सामने एकदम नंगा खड़ा हो गया.  उस भोसड़ी वाले का लण्ड खड़ा था . लण्ड देख कर मेरी चूत में आग लग गई बहन चोद। वह बोला - लो मेरा लण्ड पियो,  भाभी जान ।
        
  • लण्ड देख कर तो मैं ललचा ही गई थी.  मेरे मुंह से लार टपकने लगी थी और मेरी जबान लण्ड चाटने के लिए लपलपाने लगी।  पर मैं थोड़ा नखरा करने लगी।  
        
  • मैंने कहा - तुम भोसड़ी के बड़े बेशरम हो ? एक पराई बीवी के सामने इस तरह नंगे होकर खड़े होने में तुम्हे कोई शर्म नहीं आती ? अपना खड़ा लण्ड दिखाने में तुम्हे लाज नहीं आती ?
        
  • वह बोला - अरे भाभी जान अब नखरे न करो।  और भी लोग तेरे सामने नंगे खड़े होतें हैं।  तुम भी अपने कुनबे के ग़ैर मर्दों के आगे नंगी होती हो ? मैं तो कुनबे का ही लड़का हूँ।  मेरे आगे नंगी होने में तुम्हे तो कोई शर्म नहीं आना चाहिए।  अभी तो मैं ही नंगा हूँ।  मैं अभी तुझे भी नंगी कर दूंगा।
        
  • मैंने कहा - अरे यार तुम तो मेरे ऊपर खामखां ही चढ़े ही जा रहे हो ? मैं कोई ऐसी वैसी भाभी नहीं हूँ।
        
  • वह बोला - तुम जैसी  भाभी हो मुझे मालूम है । तुम बहुत खूबसूरत हो, बड़ी बड़ी आँखों वाली हो, बड़ी बड़ी चूँचियों वाली हो, मस्त गांड और बड़े बड़े चूतड़ वाली हो, बड़ी बड़ी जाँघों वाली हो और उसके बीच एक मस्तानी चूत वाली हो ? मैं जानता हूँ की तुम लण्ड बहुत अच्छी तरह पीती हो।  मेरी बड़ी भाभी भी मेरा लण्ड पीती हैं पर तुमसे अच्छा नहीं पीती। ये मुझे किसी ने बताया है।  प्लीज पकड़ कर पी लो न मेरा लण्ड।  देखो न कैसे अपना सर हिला हिला कर तुम्हे मना रहा है मेरा लण्ड।


उसकी प्यारी प्यारी बातों ने मुझे मजबूर कर दिया और मैंने हाथ बढ़ाकर पकड़ ही लिया उसका लण्ड। लंडमेरे हाथ में आते ही छलांगें मारने लगा।  साला और बढ़ भी गया और मोटा भी हो गया एकदम से।  वह बोला देखा भाभी जान तेरे हाथ में कितना जादू है।  मेरा लण्ड इतना बड़ा और मोटा कभी नहीं हुआ जितना तेरे हाथ में जाकर हो गया।  मैं उसके लण्ड का सुपाड़ा चाटने लगी और वह मुझे नंगी करने लगा। मेरी चूँचियाँ दबाने लगा और मेरी चूत सहलाने लगा।  फिर मैंने उसे चित लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गई। 

अपनी चूत उसके मुंह पर रख दिया और कहा लो देवर जी पहले मेरी चूत चाटो। अपनी जबान पूरी घुसेड़ दो मेरी चूत में और मैं झुक कर उसका लंडचाट्ने लगी।  हम दोनों 69 बन गए।  सच में मुझे ऐसे में बड़ा मज़ा आने लगा।  वह बोला भाभी जजान तेरी चूत बहुत स्वादिस्ट है।  ऐसी चूत अपने कुनबे में किसी की नहीं है।  मैंने पूंछा क्या तुम कुनबे की सबकी चूत चाट चुके हो।  वह बोला हां भाभी जान मैं सबकी चूत चाट चूका हूँ और आज भी चाटता हूँ।  सब मेरा लण्ड चाटती हैं। पीतीं हैं मेरा लण्ड।


इतने में किसी ने कहा भाभी जान लो मेरा भी लण्ड पियो ? मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो वह अनजान लड़का था एकदम नंगा खड़ा था उसका बिना झांट का लण्ड भी खड़ा था।  लण्ड का सुपाड़ा एकदम तोप का गोला लग रहा था।  वह लण्ड तारिक़ के लण्ड से बेहतर लगा मुझे।  मैं कुछ बोलती उसके पहले ही तारिक़ बोला भाभी जान ये मेरा दोस्त फहीम है। हम दोनों मिलकर चुदाई करतें हैं।  चाहे किसी की लड़की हो, चाहे किसी की माँ हो, चाहे किसी की बेटी या बहू हो, चाहे किसी की सास या नन्द हो देवरानी या जेठानी हो हम दोनों मिलकर चोदेतें हैं। मैंने ही इसे बुलाया है भाभी जान। इसकी भाभी जान मेरा लण्ड पीती है इसलिए मैं चाहता हूँ की तुम भी इसका भी लण्ड पियो।


मैंने पूंछा अच्छा ये बताओ की तेरी बीवी कौन चोदता है ? वह बोला मेरी बीवी फहीम चोदता है, इसके दोस्त भी चोदते हैं मेरी बीवी।  मैं इसकी बीवी चोदता हूँ और मेरे दोस्त भी इसकी बीवी चोदतें हैं।  इसीलिए हमारी इसकी पक्की दोस्ती है।  मैंने दूसरे हाथ से फहीम का लण्ड पकड़ लिया।  मैंने दोनों लंड अपने मुंह के पास ले आयी और बारी बारी से दोनों के सुपाड़े चाटने लगी।  मुझे इतनी जल्दी दो दो लण्ड का मज़ा मिलेगा यह मैंने कभी सोंचा नहीं था। हम तीनो पूरी तरह नंगे थे।  मैंने तारिक़ को जमीन पर लिटा दिया और फहीम को भी लिटा दिया। दोनों आमने सामने लेटे। यानी दोनों के लण्ड आमने सामने हो गये।  मैंने उनको और नजदीक आने को कहा।  फिर दोनों ने टांगों पर टांगें  रख लीं और उनके लण्ड एकदम चिपक कर आमने सामने हो गये।  लण्ड से लण्ड टकरा गया और पेल्हड़ से पेल्हड़।


मैंने दोनों लण्ड एक साथ अपनी दोनों हाथ की मुठ्ठी में लिया और मस्ती से हिलाने लगी।  उनके सुपाड़े चाटने लगी और फिर दोनों लण्ड एक दूसरे से लड़ाने लगी. अब दोनों लाँड़ बिलकुल साँड़ की तरह लड़ने लगे।  मुझे यह देख कर मज़ा आने लगा। मैं तारिक़ के लण्ड से फहीम के लण्ड को मारती और कभी फहीम के लण्ड से तारिक़ के लण्ड को मारती। कभी सुपाड़े को सुपाड़े पर रगड़ती।  वो दोनों भी खूब एन्जॉय करने लगे।   फिर मैंने पर्श से दो कंडोम निकाले और दोनों लण्ड पर चढ़ा दिया।  इस तरह दोनों लण्ड मिलकर एक महा लण्ड बन गया। मैं इस महा लण्ड पर बैठ गयी तो दोनों लण्ड एक साथ मेरी चूत में घुस गए।  मैं उनके ऊपर धीरे धीरे कूदने लगी।  लण्ड बार बार बुर के अंदर लेती और फिर बाहर निकाल देती ।  इससे उन्हें  भी मज़ा आने लगा और मुझे भी। फहीम बोला भाभी जान इस तरह तो आजतक मुझसे  किसी से नहीं चुदवाया।  ये तो बड़ा मजे दार तरीका है।  तारिक़ भी बोला हां भाभी जान तुम तो चुदाने में बड़ी एक्सपर्ट हो।  चुदाई के नए नए तरीकेआतें हैं तुम्हें। खूब मज़ा लेती हो तुम चुदवाने के ?


मैंने कहा ये सब मैंने ब्लू फिल्म से सीखा है।  मुझे ब्लू फिल्म देखने का और उसी तरह चुदवाने का बड़ा शौक है। वैसे मेरे मुसलमानी समाज में कोई कंडोम इस्तेमाल नहीं करता लेकिन मैं कंडोम अपने पर्श में रखती जरूर हूँ क्योंकि मुझे कई बार नॉन मुस्लिम लण्ड से भी चुदवाने का मौक़ा मिलता है। फिर मैं फहीम का लण्ड चूसते हुए तारिक़ से चुदवाने लगी और फिर तारिक़ का लण्ड चूसते हुए फहीम से चुदवाने लगी। दोनों ने मुझे बारी बारी से  खूब चोदा। मैं इन दोनों से पीछे से भी चुदवाया और लण्ड पर बैठ कर भी चुदवाया।  मैंने मन में कहा मुझे तो लगता ही की आज ही मेरी असली सुहागरात हुई है।  जब दोनों लण्ड एक एक करके झड़ने लगे तो में झड़ते हुए लण्ड पिये।  उनका सारा वीर्य पी गयी मैं और फिर सुपाड़ा चाट चाट कर मज़ा लिया।  मुझे लण्ड का वीर्य पीना अच्छा लगता है इससे मेरी ख़बसूरती बढती रहती है। मुझे किसी का भी लण्ड पीना बड़ा अच्छा लगता है और मैं हमेशा किसी न किसी का लण्ड पीने के फ़िराक में रहती हूँ।


मैं चुदवा के उठी थी पर नंगी थी।  वो दोनों भी अभी नंगे ही थे। उनके लण्ड ठंढे हो चुके थे।  फिर हम सबने खाना खाया और कुछ देर तक हम लोग बात चीत करते रहे और फिर मैंने लण्ड सहलाना शुरू किया तो लण्ड धीरे धीरे खड़े होने लगे। रात का समय था और रात में औरतें जाने क्यों सब की सब रंडी हो जातीं हैं।  इतने में मेरी सास कमरे में आ गयी। उसने मुझे दोनों लण्ड हिलाते हुए देख लिया। उसकी नज़र सबसे पहले लण्ड पर पड़ी तो वह बोली हाय दईया इतने बड़े बड़े लण्ड बहू रानी ?  तेरी माँ का भोसड़ा बहू रानी।  तेरी  बुर चोदी नन्द की माँ की चूत  ? सास ने एक ही बार में सबको गरिया डाला।  फिर वह अपने बेटे तारिक़ का लण्ड पकड़ कर बोली हाय अल्ला कितना बड़ा और कितना प्यारा लौड़ा हो गया है मेरे बेटे का ?  ये तो बिलकुल मरद बन गया है मुझे इसका पता ही नहीं चला।  देखो न बहू रानी इसका लण्ड भोसड़ा चोदने वाला हो गया है।  और ये इसके दोस्त का लण्ड बाप रे बाप कितना मोटा और कितना सख्त है बहन चोद।बेटा फहीम तुम अपने दोस्त की माँ का भोसड़ा चोदो न।  तेरा लण्ड देख कर मैं चुदासी हो गयी हूँ।


सास ने तो उसका लण्ड अपने मुंह में भर लिया।  तब तक उसके पीछे एक लड़की नंगी नंगी आई और उसने तारिक़ का लण्ड अपने मुंह में भर लिया।  बाद में मालूम हुआ की वह मेरी जेठानी की बहन है और अपने जीजू का लण्ड पी कर आई है। तब तक मेरी नन्द आ गई।  वह मुझे नंगी नंगी ही मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बाहर ले गई और बोली भाभी चलो मैं तुम्हें एक चीज दिखाती हूँ। जब मैं उसके साथ बाहर एक बदफे कमरे में गई तो देखा की याहं तो बड़ी घनघोर चुदाई हो रही है।  कई लोग चोद रहे हैं।  कई लोगों की बुर चुद रही है।  तब नन्द ने बताया की भाभी जान देखो न मेरा अब्बू अपनी  बड़ी बहू की बुर चोद रहा है। मैं ये देख कर दंग रह गयी।  मेरी जेठानी बड़ी शिद्दत से अपने ससुर से चुदवा रही थी। नन्द ने फिर कहा और ये देखो मेरा खालू मेरी फूफी की बेटी चोद रहा है। फूफा खाला की बेटी चोद रहा है। तेरी देवरानी अपने भाई जान से चुदवा रही है. मेरे चचा जान की बेटी अपने ससुर से चुदवा रही है।


इन सबकी बुर एक साथ चुद रही है तो बड़ा मज़ा आ रहा है। मैं समझ गयी की मेरी ससुराल में खूब धड़ल्ले से चुदाई होती है।  तब तक नन्द ने अपने मियां का लौड़ा मुझे पकड़ा दिया और बोली लो भाभी अब तुम मेरे मियां से चुदवाओ।  यही सके सामने पियो मेरे मियां का लण्ड और फिर पेलो इसका लौड़ा अपनी चूत में।  मैंने कहा तो फिर  तू क्या करेगी मेरी बुर चोदी नन्द रानी।  वह बोली मैं अपने चचा जान से चुदवाऊंगी। मैंने दो साल से अपने चचा जान का लण्ड अपनी चूत में नहीं पेला जबकि इसका लण्ड मुझे बहुत पसंद है।  आज मैं इससे झमाझम चुदवाऊंगी और तेरी बुर मेरे मियां से चुदती हुई देखूँगी। फिर क्या मेरे नंदोई ने मुझे लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ बैठा।  उधर नन्द भी मेरे सामने अपने चचा जान का लण्ड मुंह में भर कर चूसने लगी।


मैं अपने आपको बड़ी नसीब वाली समझने लगी।  जहाँ एक दुल्हन अपने मियां के अलावा किसी और मरद का लण्ड देखने के लिए महीनो बर्षों तड़पती रहती है वहां मैं अपनी शादी के ३/४ दिन में ही अपने ससुराल के इतने सारे लण्ड एक साथ देख रही हूँ। मुझे तो नये नये लण्ड देखने का, लण्ड पकड़ने का और लण्ड पीने का बड़ा शौक है।  मुझे तो लगा की जैसे की मेरे लिये लण्ड की लाटरी खुल गयी है।  अब तो मैं किसी का भी लण्ड कभी भी हाथ बढ़ाकर पकड़ सकती हूँ।  ये सब भोसड़ी वाले मेरे आगे नंगे नंगे घूम रहें हैं तो फिर मुझे इनसे शर्म किस बात की ?  और फिर मैं भी तो इन सबके आगे नंगी हूँ। अभी एक एक करके सबके लण्ड पेलूँगी अपनी चूत में तो मैं भी एक मंजी हुई रंडी बन जाऊंगी।  फिर मुझे अपनी बुर चोदी नन्द की बुर और सास का भोसड़ा चोदने में ज़न्नत का  मज़ा आएगा।


मैं अपने नंदोई का लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगी और मेरी नन्द अपने चचा जान का लौड़ा चाटने लगी।  मैं भी
हाथ बढ़ाकर उसके पेल्हड़ सहलाने लगी।  उसे मालूम हो गया की मैं भी उससे चुदवाने के लिए तैयार हूँ।  वह मेरी चूत सहलाने लगा और नंदोई मेरी चूँचियाँ मसलने लगा। दोनों ही लण्ड बिना झांट के थे और लम्बे चौड़े थे।  मुझे दोनों ही लंड एक नज़र में भा गये।  इतने में नंदोई ने लण्ड पेल दिया मेरी बुर में।  मैं चिल्ला उठी उई माँ फाड़ डाला मेरी बुर। बड़ा मोटा है तेरा लण्ड ? चुद गयी मेरी यार।  धीरे धीरे चोदो न।  मैं कभी भागी नहीं जा रही हूँ।  अच्छी तरह चुदवाकर ही जाऊंगी।  तब तक मेरी नन्द बोली हाय चचा जान तेरा लौड़ा मेरी चूत का बाजा बजा रहा है।  तेरा लौड़ा तो साला बड़ा सख्त है।  तू भोसड़ी का मेरी अम्मी की बुर चोदता है और आज उसकी बेटी की बुर भी चोद रहा है।  तेरा जैसे हरामी आदमी दूसरा कोई नहीं होगा। 

मैंने सुना है की तू अपनी बेटी की बुर भी लेता है ? वह बोला हां लेता हूँ।  वह देती है तो मैं लेता हूँ।  मेरी बेटी भी तेरी ही तरह बहुत बेशरम और चुदक्कड़ लड़की है।  वह तो मेरे दोस्तों के भी लण्ड अपनी चूत में पेलती है तो फिर मैं क्यों न पेलूं ? मेरी नज़र अपने चचिया ससुर के लण्ड पर टिकी थी।  मैं चुदवा तो रही थी नंदोई से पर देख रही थी अपने चचिया ससुर का लण्ड।  उसका काला लण्ड मेरी जान ले रहा था।  मैं बहुत गोरी हूँ और गोरी औरत को काला लण्ड बड़ा अच्छा लगता है।  तब तक मेरी नन्द का खालू आ गया।  वह भी मादर चोद नंगा था। उसका भी लण्ड टन टना रहा था।  उसने लण्ड नन्द के कंधे पर रख दिया।  नन्द उसका भी लण्ड चाटने लगी. तब तक उसकी फूफी की बेटी आ गयी।  उसने मेरे  हाथ से नंदोई का लण्ड ले लिया और बोली भाभी जान अब मुझे अपने भाई जान से चुदवाने दो। मैंने उसे नंदोई का लण्ड दे दिया और मैं चचिया ससुर का लण्ड अपनी नन्द से ले लिया और उसे चूसने लगी।


मेरे मन की इच्छा पूरी हो रही थी। मुझे काले लण्ड का मज़ा मिलने लगा। मैं पहली बार किसी काले लण्ड से खेल रही थी।  लण्ड पूरे नंगे बदन पर फिरा रही थी खास तौर से अपनी चूँचियों पर।  बीच बीच में मैं लण्ड का  सुपाड़ा चाट रही थी।  लण्ड साला बिलकुल पोर्न स्टार के लण्ड की तरह लग रहा था और मैं अपने आपको ब्लू फिल्म की हीरोइन समझने लगी।  फिर मैंने लण्ड अपनी चूत में पेला और धकाधक चुदवाने लगी।  वह बोला बहू आज मुझे किसी नई ताज़ी बहू की नई ताज़ी बुर चोदने को मिली है। आज मैं खूब जी भर के तेरी बुर चोदूंगा।  वह चोदने की स्पीड बढ़ाता गया और मैं अपनी गांड उठा कर हर धक्के का जबाब धक्के से देती गयी।


कुछ देर में मुझे एहसास हुआ की ससुर का लण्ड झड़ने वाला है और इधर मैं भी करीब  आ चुकी थी। तब तक उसने मुझे अपने लण्ड पर बैठा लिया।  लण्ड पूरा मेरी बुर में घुसा हुआ था।  वह नीचे से धक्के मारने लगा और मैंभी ऊपर से कूदने लगी।  इतने में लण्ड ने उगल दिया वीर्य।  थोड़ा मेरी चूत में लगा थोड़ा मेरी गाड़ में।  मैं फिर घूम गयी और झाड़ता हुआ लण्ड चाटने लगी।  मुझे लण्ड का वीर्य चाटने का बड़ा अच्छा लगता है।  हर लण्ड का  स्वाद अलग अलग होता है।  खलास मैं भी हो गयी थी।  मैं बाथ रूम गयी और वहां से फ्रेश होकर आ गई।  मैं मस्ती से सबकी चुदाई देख रही थी।  पूरे घर में चुदाई ही चुदाई हो रही थीं।  सब भोसड़ी वाली लण्ड अदल बदल कर चुदवा रहीं थीं।


तभी अचानक मेरी फुफिया सास का बेटा नंगा नंगा अपना लण्ड मुझे दिखाते हुए बोला लो भाभी जान मेरा भी लण्ड पियो।


मैंने कहा हां देवर जी जरूर पियूँगी।  तेरा भी लण्ड पियूँगी और तेरे बाप का भी लण्ड पियूँगी।

Fauji Baap Ne beti ko Nanga Karke Choda

Fauji Baap Ne beti ko Nanga Karke Choda,फौजी बाप ने बेटी को नंगा करके चोदा,Baap beti ki chudai desi kahani

फौजियों का लंड तगड़ा होता है पर उन्हें चूत कम ही नसीब होती है। आईये पढते हैं एक कहानी एक पुलिस जवान और उसकी बीबी और जवान बेटी सीमा की। सीमा, उमर अठारह साल पर यार अठारह से ज्यादा, चूंचियां छत्तीस की और गांड भी इतनी ही। कमर है बस अठाइस की और अचरज होता है कि कैसे ये पतली कमर इस भारी भरकम चूंचे का बोझ संभालती होगी।


फौजी बाप ने बेटी को नंगा करके चोदा


तो आईये सुनाते हैं कहानी आपको एक लड़की की जो हमारे छोटे शहर सीतापुर के एक मुहल्ले की रहने वाली है। पूरवैया कल्चर वैसे तो है बहुत मधुर पर जब इसमें वासना घुलती है तो और मीठे जहर के तरह से रंगीन और रसदार हो जाती है, पता ही नहीं चलता आदमी इस दलदल में कैसे और कब फंस गया। सीमा के पिताजी पुलिस में हैं, और माताजी अकेले सीमा के साथ रहती हैं।एक बात तो जान लीजिए, पुलिस वालों की बीबियां मनमानी होती हैं और उनको लंड का अकाल हमेशा रहता है, अक्सर उनकी ड्यूटी आउट आफ सिटी होती है और चौबीस घंटों की भी होती है। इसलिए वह अक्सर बेवफा और तानाशाही रवैये की होती हैं।

सीमा की मां भी चालीस साल की उमर में भी एक दम से जवान दिखती हैं और उसकी शारीरिक संबंध मुहल्ले के पनवारी, सब्जी वाले दूध वाले, वो सब जिनका कि रोजमर्रा कि जिंदगी में काम है, उन सब वर्ग के दुकानदारों से है। सच तो ये है, सीमा के पापा अक्सर बाहर रहते हैं और घर पर पैसे भी कम देते हैं। कंजूसी में घर कहां चलता है, इसलिए सीमा की मां ने भी अक्सर समझौते कर लिये हैं। सबका मामला सेट है, बड़े चतुराई से मैनेज करती हैं, अपने अपने रिश्ते को। वैसे आईये उसकी फिगर भी बता ही दें। चालीस की उम्र की गदराई हुई आंटी, मस्त चूंचे, पतली कमर फैली प्लेटफार्म जैसी गांड और रसीले होठ। कुल मिला के मलैका जैसी दिखती है और अपनी बेटी से बस जरा सा ही उन्नीस दिखती है। इस वजह से वो भी अपने ब्वायफ्रेंड्स मैनेज करती है।अपने लंड लेगी और बेटी सीमा पर कड़ी निगरानी अच्छी बात है कि वो सीमा पर बड़ा नियंत्रण रखती है, पर सीमा जो कि अक्सर अपनी मां की काली करतूत देख रही होती है, उसे अपनी जवानी संभाले नहीं संभल रही। कालेज गर्ल्स का है और बगल में है, इसलिए बाइक पर घूमने जाने और ब्वायफ्रेंड बनाने का सपना उसका पूरा न हो सका, पर सच ये है कि अक्सर सीमा को अपने पापा को देख कर एक उम्मीद बंधती है। वो जानती है उसके पिताजी कितने वफादार, और मेहनती हैं और मां कितना चीट करती है उनको। इसलिए इस बार पापा आएंगे तो उनको भरपूर प्यार देगी और हो सके तो इस बार मम्मी को नीचा दिखा के मानेगी।

तो गर्मी की छुट्टियों में पापा आ गये। मां को मायके जाना पड़ा और इस बार घर में सीमा और पापा रह गये। सीमा ने देखा, इस बार उसका रवैया बदला हुआ था, उसने देखा कि पापा के बदन में चालीस पार होने के बाद भी गजब की मांसल मांसपेशियां हैं और मजबूत बदन, वाले उसके पापा एक दम से जबरदस्त दिख रहे हैं। उसने देखा, पापा का बदन एक दम से एथलिट जैसा है, चौड़ी छाती, सटी गांड और लंबे हाथ, लंबाई तो उनकी वैसे भी अच्छी है। फिर उसका ध्यान गया पापा के लंड के उपर क्या, वो भी उतना ही बड़ा होगा, जितना कि पापा के अन्य अंग हैं। ये तो कमाल की बात होगी, उसने आज पापा को बाथरुम में नहाते हुए देखने के बारे में सोचा। अक्सर पापा बाथरुम का दरवाजा खोलके ही नहाते हैं। आज उन्होंने लंगोट कसी हुई थी।

बाथरुम में घुस कर के उन्होने अपने बदन पर पानी डाला और रगड़ रगड़ कर नहाने लगे, इसी बीच सीमा धीरे से पीछे से आकर खुले दरवाजे से उनको देखने लगी। उसे लगा कि आज पापा का लंड देख ही लेना है। पीछे से उसने देखा कि पापा की गांड में लंगोट की रस्सी ऐसे घुसी हुई है कि पिछवाड़ा पूरा नंगा है। उसे बहुत सनसनी हो रही थी। अकेले मर्द और वो, आज उसे अपने बाप में अकेला मर्द दिख रहा था जो कि मौके का फायदा उठाने में कत ई नहीं चूकता। तो सीमा ने अपनी बुर को सलवार के उपर से ही मसलना शुरु कर दिया और सोचने लगी कि कैसे देखूंगी पापा का लंड। अचानक से उसे एक शरारत सूझी।

उसने अपने कपड़े उतारकर के सिर्फ ब्रा और पैंटी पहनी और बाथरुम में घुस कर बोली हेलो पापा, मुझे भी नहाना है। उसके पापा ने जब उसे इस रुप में देखा तो अवाक रह गये और उनका लंड एक दम से तन गया। सच तो ये है कि लंड को दिमाग नहीं होता, वह रिश्ते नहीं पहचानता और इसी वजह से अपनी बेटी को अचानक अधनंगी देखते ही सीमा के पापा का लंड तन गया, ढीली और भीग चुकी लंगोट अचानक से खुल कर नीचे गिर गयी।

Baap beti ki chudai desi kahani



बड़ा लंड फुफकारने लगा और सीमा जोर जोर से हंसने लगी, बोली पापा ये क्या है ये तो अच्छा खिलौना है, मुझे कभी खेलने को नहीं दिया, ही ही, जरा दो ना और वहीं उसने तपाक से लंड को पकड़ लिया। उसका प्लान सफल रहा। उसने अपने बाप का लंड पकड़ कर मसलना शुरु कर दिया। भीगा लंड तन कर गर्म हो गया था और नर्म नर्म हथेलियों से उसका लन्ड को मसलना और कयामत ढा रहा था।उसने अपनी बेटी सीमा को दूर करने की कोशिश की लेकिन वो लंड को छोड़ नहीं रही थी और खुद सिपाही का मन भी आज चूत चोदने का कर रहा था। उसकी छिनाल बीबी मायके में थी और बिचारे क ई महीने से चूत से दूर रहने वाले सिपाही को चूत की जोरदार दरकार थी।उसने सीमा के चूंचे पकड़ लिये और हुक खोल दिया। मारे उत्तेजना के सीमा के स्तन खड़े हो चले थे। जब सिपाही ने अपनी बेटी के चूंचे को पकड़ कर दबाना शुरु किया तो सीमा सिस्कारियां मारते हुए बोली स्स्स, आह्ह, पापा, प्लीज करो ना अच्छा लग रहा है।

फिर क्या था। अपनी ही बेटी को चोदने के लिए सिपाही का लंड तो पहले ही तन चुका था, अब वो उसको चोदने के लिए एकदम से बेकरार हो उठा। उसने उसके बदन पर दो लोटे पानी डाल कर भिगा दिया। उसके चूंचों से सरक सरक कर छन के आता हुआ पानी उसके नाभि पर ज्यों ही पहुंचा सिपाही ने उसको अपनी जीभ लगा के लपक लिया।इस प्रकार से जैसे उसने अपनी बेटी सीमा के नाभि पर जीभ लगाई, और उपर चूंचों से छन के आते हुए पानी को पीने लगा, सीमा को ऐसा लगा जैसे कि उसकी नाभि एक दम सुर सुराहट से भर गयी हो। कसम से इस एहसास को पाने के लिए वो सालों से तड़प रही थी और आज उसका सपना सच हो रहा था। इधर सिपाही का लंड भी एक दम दन्नाया हुआ था।

उसको हमेशा यह लगता था कि उसकी मां उसके साथ ना इंसाफी करती है और आज उसको पता चल गया था कि इस खेल में कितना मजा आता है। उसने सिपाही के बाल पकड़ कर के अपने नाभि की तरफ उसका सिर और जोर से दबा दिया। उसके बाप की नाक और होठ सब उसके सेक्सी बद्न को टच कर रहे थे। इस बात पर उसके पापा ने उसकी नाभि में अपनी जीभ घुसाकर फिरानी शुरु कर दी। सीमा ने उत्तेजित होकर आंखें बंद कर लीं और कहने लगी, आह्ह पापा बहुत अच्छा लग रहा है। वो बोल रही थी और उसके बाप का जोश बढता जा रहा था। सच में आज सिपाही ने देखा कि वो उसकी बीबी जैसी ही दिखती है, जवानी में सीमा की मां भी तो ऐसा ही दिखती थी। फिर क्या था, उसने अपनी बेटी को चोदने के बारे में अपना निश्चय दृढ कर लिया। वैसे भी, उसकी जवानी और मस्त चूंचे के आगे अब उसकी मां फीकी पड़ चु्की थी।

मस्त चूंचे देख कर रिश्ता भूला।उसने उसकी कोमल त्वचा का रस लेने के लिए जीभ उसके नाभि से उपर बढाई। एक एक इंच सरकते हुए उपर की तरफ, उसने हर इंच को अच्छे से चूमा। पूरी जीभ उसके बदन के हर अक्षांश और देशांतर रे्खा पर फिराने के साथ ही साथ आज उसका इरादा अपनी कुंवारी बेटी के कुंवारे बदन को वो मजा देना था कि बस वो अपने बाप की बन के रह जाए। हालांकि वह जानता था कि यह थाना उसका नहीं है पर उसको तो दूसरे के थाने में ड्यूटी देने की इच्छा थी। अप्ने दामाद के लिए वह काम सुगम बनाने जा रहा था। उसने नाभि से उपर सारा पेट चूम लिया। और फिर पीछे घूम गया। जींस बांधने की जगह से उपर की पीठ पर जीभ की नोक से स्पर्श करते हुए उसने हल्की लार टपकानी भी जारी रखी। भीगा बदन, गर्म जीभ और गर्म बदन के साथ ही उसने सीमा के बदन की गरमी और भी बढानी जारी रखी।

चूसते हुए सीमा के बदन को उसने पूरी नंगी पीठ चूस डाली। अब सीमा अपनी पीठ सिकोड कर यह बता रही थी कि उसको और मजा चाहिए। उसने ब्रा का एक हुक खोल दिया। एक चूंची आगे की तरफ लटक गयी।

अब सिपाही सामने आकर अपनी सीमा बेटी के उस नंगे चूंचे को पकड़ कर के दबाने लगा। ऐसे जैसे कि दूहने की कोशिश कर रहा हो। इस अदा पर सीमा को बहुत आनंद मिल रहा था क्योंकि उसने सर उपर करके आंखें मूंद ली थी और पूरी उत्तेजना को पीने की कोशिश कर रही थी। सिपाही ने उसके चूंचे को मसल के रख दिया और जब वह एक दम लाल और कड़ा हो गया, अपने मुह से लगाकर स्तन पान करने लगा। आह्ह्, आह्ह करती सीमा ने खुद ही दूसरा चूंचा खोल कर अपने बाप के हाथों में थमा दिया।बारी बारी से चूसे चूंचे।

सिपाही अपनी जीत पर मुस्कराया और उसके दूसरे चूंचे को दूहते हुए पहले वाले को चूसता रहा। वो एकदम मस्ती में डोलती रही और खड़े खड़े बाथरुम में ही चुसवाती रही। खैर अब सिपाही ने दूसरे चूंचे का भी वही हश्र किया और आखिर में उसको भी अच्छे से चूसा। चूंचे अब देखने में साढे छत्तीस लग रहे थे। अब बारी थी नीचे कुछ करने की, सीमा ने अपनी पैंटी सरका दी और फिर अपने हाथों से अपनी नंगी चूत ढंक ली।

उसको ऐसा करते देख सिपाही ने सोचा साली गयी है एक दम अपनी रंडी मां पर पर क्या करें चोदने में इसे बहुत मजा आने वाला है। और उसने उसके गांड की तरफ मुह करके उसके दोनों गांड की गोलाईयों को दबोच लिया अपने हाथों से। दबोचने के बाद उसने जोर से उनको दबाया। और हल्के हल्के चपत तेजी से लगाने शुरु कर दिये। गांड हर थपकी के बाद हिल हिल कर अपनी पोजिशन पर आजाती और फिर उस्का बाप उसी तरह से उसको थपथपाता। उसकी गोरी नाजुक चमड़ी एक दम से लाल हो गयी अपने बाप के थपेड़ों से तो उसके बाप ने अपने मुह से एक बड़ा बाईट उसकी गांड पर लिया, ऐसे जैसे कि तरबूज खा रहा हो।

सीमा चिल्लाई, पर उसने हल्के दांतों का अहसास कराया था, जो कि उसको अच्छा लगा। वो उत्तेजना में फुसफुसाई, काट लो मेरी गांड को।और सिपाही ने दूसरे नितंब को भी ऐसे ही किया, हल्के दांत गड़ाकर उसकी गांड को चुदवाने के लिए पैंपर कर लिया। सच तो ये है सिपाही भी बड़ा खिलाड़ी था। चुदाई के मामले में वो राउडी था, भले ही उसकी बीबी उसको सीधा समझती हो।दोनों नितम्बों को काटकर के उसने अब दो उंगलियां जोड़ीं, हल्का साबुन अपनी बेटी के गांड पर मला और फिर धीरे धीरे करके, उसमें अपने दो उंगलिओं को ठेलने लगा। सीमा चिल्लाई, उईईई, पर कोई बात नहीं थोड़ी देर में दोनों उंगलियां अंदर थीं। अब सिपाही ने अपनी बेटी की गांड फड़ाई शुरु कर दीथी। एक नया अहसास था यह। पीछे से गांड में उंगली पेलने के बाद सिपाही सामने की तरफ आ गया और उसने सीमा के चूत के फांकों पर अपने दोनों होठ रख दिये। इस तरह से उसने होठ रखे कि दोनों होठ एक दम से उसके चूत के फांकों की लंबाई की दिशा में थे।

अब वो अपनी कुंवारी बेटी की बुर को चाट चाट कर एक दम रसीली बना देने पर तुल गया था। तो सिपाही अब अपनी बिटिया को चोदने से पहले बुरचटाई के रस्म से नवाज रहा था, मजे से चूत चुसवाती हुई सीमा अपने दोनों चूंचे मल रही थी और बार बार अपनी टांगें सटा के अपने पापा के मुह को दोनों टांगों के बीच चांप दे रही थी। यह एक अत्यंत रोमांचकारी अनुभव था उसके लिए। उसके मुह से सिर्फ एक ही शब्द निकल रहा था, आई लव यू पापा, आप कितने अच्छे हो। आह्ह चूस लो, आह्ह्ह ये तो और अच्छा है, प्लीज फिर से करो ना।अपने फौजी बाप को अपनी चूत का दीवाना बना लिया सीमा ने।

बेटी द्वारा इतना उकसाए जाने पर पुलिस के जवान अधेड़ उम्र के बाप की जवानी भी एक दम शोला बन चुकी थी, उसने अपने लंड को भी अब तक छुआ न था पर वो नीचे लटक कर के एक दम से गदहे के लंड जैसे आकार का हो गया था। समझ में नहीं आता है कि इतने बड़े लंड वाले पति के होते हुए उसकी आखिर उसकी बीबी किसी दूसरे के झांसे में पड़ कैसे सकती है। खैर जो भी हो सच तो ये है कि वो छिनाल हो गयी थी और आखिर में उसके संबंध कितने ही गैर मर्दों से थे। इसलिए उसकी अपनी बेटी भी बिगड़ चुकी थी और आज अपने पापा से ही इश्क फरमा रही थी।ऐसा सुनने के बाद और बार बार प्लीज दुबारा करो ना कहने पर उसके सिपाही बाप का लंड एक दम हथोड़ा हो चुका था।

खून का प्रवाह लंड में अतिरेक से था और एक ऐसे रिश्ते जिसके बारे में सोचा न जा सके, उसमें चोदने की कल्पना करना ही अपने आप में अति उत्तेजक होता है, तो खैर अपने लंड को देखते हुए उसके बाप ने अपनी बिटिया के फुद्दी के फांकों को पीना जारी रखा। लंड एक दम कड़ा हो गया तो उसने सीमा को नीचे बिठा दिया।घुटनों के बल सीमा बैठ गयी तो उसने अपने अंडे को उसके मुह में डाल कर हिलाना शुरु कर दिया। सीमा उसे अपने होठों के बीच चूस कर ऐसे कर रही थी जैसे कि उसको आमलेट बना देगी। वह बार बार उसको चूसे जा रही थी और वो अपने लंड को अपने हाथों में पकड़ कर मूठ मार कर और भी धारदार बनाने के कोशिश में था।

इस प्रकार से अपने लँड को सहलाते हुए और उसके मुह में अंडकोष को देते हुए उसने देखा, सीमा के मस्त चूंचे एक दम से उपर नीचे हो रहे थे, यह एक अत्यंत रोमांचक पल था और नजारा भी। काश कि जिंदगी ऐसे ही चोदते हुए बीत जाती पर ऐसा नहीं होता रियल लाईफ में। ऐसे मजेदार लम्हें कभी कभी ही मिलते हैं। उसने सीमा को अंडों को खूब जम के चूसने दिया।अब बारी थी देसी मुखमैथुन की। इसलिए उसने सीमा के मुह में अपना बड़ा सुपाड़ा डाल कर के धकियाया। छोटे से मुह और बड़े से लंड के सुपाड़े को देख कर के ऐसा लग रहा था कि कैसे घुसेगा उसके मुह में पर सीमा ने अपनी औकात से ज्यादा मेहनत करके लंड को मुह में ले लिया। किसी छोटी सी चूत के छेद की तरह उसका मुह और होठ उस मोटे लंड पर पकड़ बनाए हुए थे। उसके पापा ने अंदर की तरफ लंड ठेलते हुए देखा कि कैसे उसके आंखें खुली जा रही थीं लंड को अंदर लेते हुए। फिर भी मुखमैथुन का जोर ऐसा चढता है कि फिर रोके से नहीं रुकता है। ऐसा ही हाल था उस समय उन दोनों का। चूंकि सिपाही अपने बेटी की बुर पहले ही चूस चुका था इसलिए उसको अब लंड चूसवाना ही था किसी तरह से।अब लंड को अंदर ठेल कर हल्के हल्के अंदर बाहर करना शुरु कर दिया।

लंड ने जब गति पकड़ी तो कभी सीमा के हलक में उतरा, कभी उसके गालों पर अंदर से मालिश की और कभी तालू का तबला बजाया। पूरे मुह को अखाड़ा बना के रख दिया था सीमा के पापा ने। खैर बेटी को इतना अच्छा गिफ्ट देते हुए आज वो बहुत खुश था। सीमा भी अपनी मां को चैलेंज दे रही थी।रंडियों सी हालत हो गयी चुदते समय उसकी अपने बाप के सामने।अब जब कि लंड मुह की गर्माहट पाकर और भी तन चुका था, बारी थी सीमा के चूत की गहराई की थाह लेने की। उसके पापा ने उसको कंधे पर उठाया और बाथरुम से उठा कर सीधा बेडरुम मे बेड पर पटक दिया। उसके टांगों को खोल कर बिना बाल वाली कुंवारी चूत को नजदीक से देखा।

एक दम गुलाबी चूत के अंदर छोटा सा छेद और उसमें झलकती हायमन का नजारा। उसको याद आया, इसकी मां तो बिना हायमन मतलब कि फटी हुई चूत लेके आई थी, चलो कमसे कम अब उस कमी को उसकी बेटी पूरा कर रही है।उसने उसके पैरों को कमर तक बेड के बाहर खींच लिया और अपने हथौड़े जैसे मोटे और गदहे जैसे लंबे लंड को उसके चूत के उपर रगड़ना शुरु किया। अब सीमा को डर लग रहा था, उसने कहा – पापा मुझे कुछ होगा तो नहीं न, मुझे डर लग रहा है। इस बात पर सीमा के पापा ने कहा, नहीं बेटा ये सब तो बस खेल जैसा है, थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा। और सिपाही ने सीमा के चूंचे पकड़ लिये और फिर अपने लंड को उसके छेद के उपर टिका दिया।

अपने हाथों से उसके मुह को बंद करने के बजाय बेडरुम के ड्रावर में रखा चाकलेट निकाला और उसको थमा के बोले, ले इसको एक ही बार में खा जा, इसके बाद जब तक तू इसे निगलेगी। सब कुछ हो जाएगा, डरने की कोई जरुरत नहीं है।सीमा ने एक बड़ी बाईट कैडबरी की ली और उसके पापा ने उसके चूत में अपने लंड का कीला ठोक दिया। दन्न से चूत की झिल्ली की बखिया उधेड़ते हुए लौड़ा उसके बच्चेदानी के दरवाजे पर टकराया, चरम सुख देने वाले जी स्पाट का लंड के सुपाड़े से स्पर्श और कोमल और नाजुक झिल्ली का फटना दोनोंएक साथ हुआ। अब सब कुछ आसान था।

हालांकि सीमा के हाथ से चाकलेट छूट चुकी थी पर फिर भी एक टुकड़ा मुह में था, दर्द के साथ चाकलेट का स्वाद भी कसैला हो चला था पर लंड के अंदर जाने के बाद उसकी मिठास और भी बढ़ गयी। अब सीमा अपने पापा की रखैल बन चुकी थी और वो भी उसे अपनी प्रेमिका की तरह ही ट्रीट कर रहा था। उसके चूंचों को मलते हुए और अंदर की तरफ पुरजोर धक्के लगाते हुए सि्पाही जी ने सीमा को अपने लंड का स्वाद चखाना जारी रखा। आधे घंटे तक इस स्टाइल में चोदने के बाद उसने अपना वीर्य अपनी बेटी को पिला दिया। और फिर यह लड़ाई लंड और चूत की, पहले दिन तो आठ घंटे कामुकता के रसीले और रंगीन खेल में चलती रही।”

सगी सालियों की चूतो का उद्घाटन किया मोटे लंड से

सगी सालियों की चूतो का उद्घाटन किया मोटे लंड से

बात उस समय की है जब मेरी शादी को 2 साल हो गए थे और मेरी बीबी को पहला बच्चा हुआ था.. वो उस समय अपने मायके में ही थी.... जब काफी दिन हो गए तो मै अपने आफिस से छुट्टी ले कर अपने ससुराल गया ताकि बीबी और बच्चे से मिल आऊं.. अभी मेरी बीबी का आने का कोई प्रोग्राम नहीं था.. क्यों कि इस समय दिसंबर का महीना चल रहा था और जाड़ा काफी अधिक पड़ रही थी..
जब मै अपने ससुराल गया तो मेरी खूब खातिरदारी हुई.. मेरे ससुराल में मेरे ससुर, सास, 1 साला और 2 सालियाँ थी.. मेरे साले की हाल ही में नौकरी हुई थी.. और वो दिल्ली में पोस्टेड था.. ससुरजी भी अच्छे सरकारी नौकरी में थे.. 2 साल में रिटायर होने वाले थे.. लेकिन अधिकतर बीमार ही रहा करते थे.. मेरी सालियाँ बड़ी मस्त थीं.. दोनों ही मेरी पत्नी से छोटी थीं..
मेरी पत्नी से ठीक छोटी वाली का नाम सीमा था.. वो 23 साल की थी.. उस से छोटी मधु की उम्र 21 साल की थी.. दोनों ही स्नातक कर चुकी थी.. यूँ तो दोनों दिन भर मेरे से चुहलबाजी करती रहती थी लेकिन कभी बात आगे नही बढी थी.. मैंने भी सीमा की एक - दो बार चूची दबा दी थी.. लेकिन वो हंस कर भाग जाती थी.. खैर मेरी बीबी नेहा खुद भी काफी सुन्दर थी.. इसलिए कभी कोई ऐसी वैसी बात होने कि नौबत नही आई..
इस बार मै ज्यों ही अपने ससुराल पहुंचा तो वहां एक अजब समस्या आन पड़ी थी.. दोनों ही सालियों ने बी..एड करने का फॉर्म भरा था और दोनों की ही परीक्षा होनी थी.. परीक्षा पुरे एक सप्ताह की थी.. समस्या ये थी कि इन दोनों के साथ जाने वाला कोई था ही नहीं.. क्यों कि मेरे साले कि अभी अभी नौकरी लगी थी और वो दिल्ली में था.. मेरे ससुर जी को जोड़ों के दर्द ने इस तरह से जकड रखा था कि वो ज्यादा चल फिर नहीं पा रहे थे.. सास का तो उनको छोड़ कर कहीं जाने का सवाल ही पैदा नही होता था.. मेरी दोनों सालियाँ तो अकेले ही जाने के लिए तैयार थी, लेकिन जमाने को देखते हुए मेरे ससुरजी इसके लिए तैयार नहीं हो रहे थे.. इस कारण मेरी दोनों सालियाँ काफी उदास हो गयी थी.. मुझे लगा कि यूँ तो मै 15 दिनों की छुट्टी ले कर आया हूँ और यहाँ 3 दिन में ही बोर हो गया हूँ क्यूँ ना मै ही चला जाऊं, लेकिन ससुरजी क्या सोचेंगे ये सोच कर मै खामोश था..
अचानक मेरी सास ने ही मेरे ससुर को कहा कि क्यों नहीं दामाद जी को ही इन दोनों लड़कियों के साथ भेज दिया जाये.. ससुरजी को भी इसमें कोई आपत्ति नजर नहीं आई.. उन्होंने मुझसे पूछा तो मैंने थोड़ी टालमटोल करने के बाद जाने के लियी हाँ कर दी.. और उसी दिन शाम को ही ट्रेन पकड़ कर रवाना हो गए.. अगले दिन सुबह पहुँच कर एक होटल में हमलोग रुके .. होटल में मैंने दो रूम बुक किये.. एक डबल रूम , दोनों सालियों के लिए तथा एक सिंगल रूम अपने लिए.. हम लोगों ने नाश्ता - पानी किया और मैंने उन दोनों को उनके परीक्षा सेंटर पर पहुंचा दिया..
हर तीसरे दिन एक परीक्षा होनी थी .. 12 बजे से 2 बजे तक .. उसके बाद दो दिन आराम .. दोनों ने परीक्षा दे कर वापस होटल आने के क्रम में ही भोजन किया .. मैंने दोनों से परीक्षा के बारे में पूछा तो दोनों ने बताया कि परीक्षा काफी अच्छी गयी है.. खाना खाने के बाद हम लोग होटल चले आये .. वो दोनों अपने कमरे में गयी तथा मै अपने कमरे में जा कर आराम करने लगा ..
करीब 5 बजे मुझे लगा कि उनलोगों को कहीं घुमने जाना है क्या? ये सोच कर मै उनके रूम में गया.. रूम का दरवाज़ा सीमा ने खोला .. रूम में मधु नजर नही आयी ..
मैंने सीमा से पूछा- मधु कहाँ है?
वो बोली- बाथरूम गयी है..
मैंने कहा - ओह..
मैंने देखा कि सीमा सिर्फ एक झीनी सी नाइटी पहने हुए है.. उसके चूची साफ़ साफ़ आभास दे रही है.. उसके चूची के निपल तक का पता चल रहा था..
मै बिछावन पर बैठ गया और मैंने सीधे बिना किसी शर्म के ही धीरे से कहा- क्या बात है ? ब्रा नही पहनी हो
उसने कहा - यहाँ कौन है जिस से अपनी चूची को छिपाना है?
सुन कर मै दंग रह गया, और कहा - क्यों , मै नहीं हूँ?
वो बोली- आप से क्या शर्माना? आप तो अपने आदमी हैं..
मै कहा- कभी ठीक से छूने भी नहीं देती हो और कहती हो कि आप अपने आदमी हैं ..
उसने मेरे गोद में बैठते हुए कहा - इसमें कुछ ख़ास थोड़े ही है जो आपको छूने नहीं दूंगी.. आप छू कर देखिये.. मै मना नहीं करूंगी..
मैंने धीरे से उसे पीछे से पकड़ा और अपने हाथ सीमा के एक चूची पर रख दिया.. उसने सचमुच कुछ नहीं कहा और ना ही किसी प्रकार का प्रतिरोध किया.. मै उसकी चूची को जोर जोर से दबाने लगा.. उसे भी मज़ा आने लगा.. जब मैंने देखा कि उसको भी मज़ा आ रहा है तो मेरा मन थोडा और बढ़ गया.. और मैंने अपना हाथ उसके नाइटी के अन्दर डाला और उसके चूची को पकड़ लिया.. उफ़ क्या मखमली चूची थी सीमा की .. मैंने तो कभी कल्पना भी नही की थी कि मेरी साली इतनी सेक्सी हो सकती है.. मै कस कर के उसकी चूची दबा रहा था.. वो आँख बंद कर के अपने चूची के मर्दन का आनंद ले रही थी.. मेरा लंड तनतना गया..
मैंने धीरे से कहा- ए, जरा नाईटी खोल के दिखा ना..
सीमा ने कहा- खुद ही खोल कर देख लीजिये ना..
मैंने उसकी नाईटी को अचानक नीचे सरका दिया और उसकी चुचियों के नीचे लेते आया.. ऊऊफ़्फ़्फ़्फ़ क्या मस्त चूची थी.. मैंने दोनों हाथों से से उसकी दोनों चुचियों को को पकड़ कर मसलना शुरू कर दिया.. वो सिर्फ आँखे बंद कर के मज़े ले रही थी..
उसने धीरे से कहा - जीजाजी, इसे चूसिये ना..
मैंने उसको बेड पर लिटा दिया और उसकी चूची को चूसने लगा.. ऐसा लग रहा था मानो शहद की चासनी चूस रहा हूँ.. मेरा लंड एकदम उफान पर था.. .. मेरा लंड पैंट के अन्दर ही अन्दर गीला हो गया था.. मैंने एक झटके में उसके बदन से पूरी नाइटी उतार दी.. और अपना शर्ट एवं पैंट भी.. अब वो सिर्फ पेंटी में थी और मै अंडरवियर में .. मैंने उसके बदन को चूमना चालु किया.. चुमते चुमते अपना दाहिना हाथ उसके पेंटी के अन्दर डाल दिया.. घने घने बाल साफ़ आभास दे रहे थे.. थोडा और नीचे गया तो कोमल सा चूत साफ़ आभास होने लगा.. पूरी गीली हो गयी थी.. उसने भी मेरे लंड पर हाथ लगा दिया और कहा - इसे भी खोलो ना जीजू.. मैंने बिना देर किये अपना अंडरवियर भी खोल दिया .. वो मेरा लंड को अपने हाथ में ले कर सहलाने लगी ..
मैंने उसके होठों को कस कर दबाया हुआ था.. मै उसके चूत में अपनी उंगली डालने की कोशिश करने लगा तो वो बुरी तरह से छटपटाने लगी.. तभी मैंने उसकी पेंटी भी खोल दी और उसके चूत को घसने लगा.. वो मछली की तरह तड़प रही थी.. मैंने किसी तरह से अपनी ऊँगली उसके चूत में डाल ही दी.. तभी बाथरूम के अन्दर से फ्लश की आवाज़ आयी.. मै हडबडा गया क्यों कि मधु निकलने वाली थी और सीमा नंगी पड़ी हुई थी.. मै झट उठ कर बैठ गया और अंडरवियर पहन लिया .. .. सीमा ने तुरंत ही अपनी पतली सी चादर अपने अपने नंगे बदन पर ओढ़ लिया.. मै सोच रहा था कि यहाँ से चला जाऊं.. लेकिन तभी बाथरूम का दरवाजा खुला और मधु बाहर आ गयी.. ये क्या ! उसने भी तो सिर्फ पेंटी ही पहन रखी थी.. ऊपर वो पूरी तरह से नंगी थी .. एक तो वो मुझे अचानक देख कर शरमा गयी और वो मुझे अंडरवियर में देख कर चौंक गयी.. मेरा लंड अभी भी 9 इंच के तनाव पर था..
फिर वो मुझे देख कर अपने हाथो से अपनी गोरी गोरी चूची को छिपाने का असफल प्रयास करते हुए हुए मुस्कुराई और बोली- आप कब आये?
मैंने कहा -अभी थोड़ी देर पहले..
मुझे पता नहीं था कि दुबली पतली सी दिखने वाली इस लड़की के चूची इतने बड़े होंगे.. मै सोचने लगा - यार इसके भी तो चूची अब हाथ लगाने लायक हो ही गए हैं..
अभी मै इसी विषय पर सोच ही रहा था कि मधु ने कहा- क्यों जीजू , क्या देख रहे हो?
मैंने कहा - देख रहा हूँ कि छोटी बच्ची अब जवान हो गयी है..
मधु ने कहा - आप को अभी तक पता ही नही चला था क्या?
मैंने अपने लंड को अंडरवियर के ऊपर से कस के दबाते हुए कहा- मुझे तो अंदाजा ही नही था कि आपका नीम्बू अब खरबूज बन गया होगा.. तेरी चूची तो तो तेरी बहन सीमा से भी बड़ा है.. तू तो उसकी बड़ी बहन लगती है..
ये सुन कर मधु बोली- धत, मेरी चूची तो अभी सीमा दीदी से छोटा ही है..
मैंने कहा - नहीं, तेरा बड़ा है..
वो बोली- नहीं, मेरा छोटा है दीदी से..
मैंने कहा- लगी शर्त? तेरा बड़ा है.. अगर तेरा छोटा हुआ तो 500 रुपये तेरे.. अगर बड़ा हुआ तो तू मुझे 500 रूपये देगी.. बोल मंजूर है?
वो बोली- हाँ , मंजूर है.. दीदी जरा खोल के दिखा तो अपनी चूची..
सीमा तो नंगी थी ही.. उसने अपना चादर हटाया.. मधु ने देखा तो कहा - अरे तू तो पहले से ही नंगी है?
सीमा ने कहा - जीजू , मेरे चूची का साइज़ और चूत की गहराई नाप रहे थे.. अच्छा , अब तू भी खोल के दिखा..
मधु ने बिना समय दिखाए अपने हाथ नीचे कर के अपनी चूची मेरे सामने ला कर खड़ी हो गयी.. यूँ तो वास्ताव में मधु की चूची सीमा के चूची से छोटी थी.. लेकिन मै तो सिर्फ उसकी चूची को देखने के लिए इतना ड्रामा कर रहा था.. उसकी चूची भी मस्त थी..
मैंने कहा - ऐसे तो पता नहीं चल रहा है.. हाथ से नाप कर ही पता चलेगा..
मधु मेरे पास आ गयी और बोली- तो ठीक है.. हाथ से नाप कर ही देख लीजिये और बताइए किसकी चूची बड़ी है और किसकी छोटी ?
मैंने उसे अपनी गोद में बिठाया और उसकी चूची को मसलने लगा.. मेरे लंड का हाल बुरा हो रहा था.. थोड़ी देर उसकी चूची मसलता रहा.. मधु की आँख बंद हो गई थी- उसे भी काफी आनंद आ रहा था..
उसने धीरे से कहा- जीजू अब बताइए न किसकी चूची बड़ी है और किसकी छोटी?
मै भी कम धूर्त ना था.. मैंने कहा - अंदाज़ ही नही मिल रहा है.. दोनों बहनों की चुचियों को एक साथ छूना होगा.. सीमा इधर आ, तू भी मेरे गोद में बैठ जा..
सीमा भी सिर्फ पेंटी पहन कर मेरी गोद में बैठ गयी.. अब मै दोनों की चूचियां को मसलने रहा था.. दोनों ही हलकी हलकी सिसकारी भर रही थी..
फिर मैंने कहा - ऐसे पता नही चलेगा.. मुह में चूस कर साइज़ पता चलेगा..
मैंने दोनों को बिस्तर पर सटा कर लिटा दिया.. और बारी बारी से दोनों की चुचीयां को चूसने लगा.. दोनों को अपनी चूचियां चुसवाने में बहुत मज़ा आ रहा था..
मैंने कहा - दोनों की चूची तो 19 - 20 है.. अच्छा ये बता तुम दोनों में से किसके चूत पर बाल अधिक हैं?
सीमा ने कहा - जीजू, खुद ही मेरी पेंटी खोल के देख लो न..
मैंने उस की पेंटी में हाथ डाला और उस की पेंटी खींच कर उतार डाली.. दोनों अब मेरे सामने नंगी थी.. दोनों के चूत पर घने बाल थे.. मै दोनों के चूत को सहलाने लगा.. दोनों की आँखे बंद थी.. दोनों की चूत गीली हो रही थी..
मैंने कहा - दोनों की चूत पर घने बाल हैं.. शेव नहीं करती हो क्या?
सीमा ने कहा - नहीं
मैंने पूछा - तुम दोनों में से मुठ अधिक कौन मरती हो?
मधु ने कहा - दीदी अधिक मारती है.. दिन में दो बार वो भी बैगन से..
मैंने कहा - तू मुठ नहीं मारती..
मधु ने कहा - कभी कभी.... वो भी दीदी को मुठ मारते देख कर..
सीमा मेरे लंड को पकड़ कर बोली - हाँ लेकिन ये इतनी डरपोक है कि पतले मोमबत्ती को चूत में डाल कर मुठ मारती है.. मैंने कितनी बार इसे बैगन से मुठ मारने को कहा है लेकिन ये मानती ही नहीं....
मैंने कहा - कभी तुम दोनों ने अपनी चूत चुसवाया है?
मधु ने कहा - हाँ
मैंने कहा - किस से?
सीमा ने कहा - हम दोनों अक्सर ही एक दुसरे की चूत चूसते हैं..
मैंने कहा - अरे वाह, दोनों तो बिलकूल एक्सपर्ट हो.. कहाँ से सीखा?
मधु ने कहा - बड़ी दीदी ने सिखाया.. दरअसल हम तीनो बहन एक दुसरे की चूत चूसते हैं..
मैंने कहा - वाव.... ये बात तो मुझे आज तक पता ही नहीं थी..
मधु ने कहा - जीजा जी, सिर्फ हमारी ही देखोगे क्या? अपनी भी दिखाओ ना..
मैंने बिना कुछ कहे अपने अंडरवियर को को भी खोल दिया.. मेरा लंड जो एक चूत और दो चूची को देख कर जितना बड़ा होता है आज दो दो चूत और चार चूची को देख कर डबल बड़ा हो रहा था..
अनु ने मेरे लंड को देखते ही पकड़ लिया और कहा - हाय राम, जीजू आपका जूजू कितना बड़ा है.. इतना बड़ा लुल्ली तुम दीदी के चूत में पूरा डाल देते हो? दीदी की चूत तो दर्द से बिलबिला जाती होगी..
ये सुन कर सीमा हँसी और कहा- धत पगली, ये लुल्ली थोड़े ही है, ये तो लंड है.. चूत में इसे डालने से दर्द थोड़े ही होता है? बल्कि मज़ा आता है.. इस को पीयेगी? सुना है बहुत मज़ा आता है..
अनु ने कहा - किसने कहा
सीमा - दीदी ने..
मैंने कहा - दीदी तुम्हे ये सब बातें बताती है?
सीमा ने मेरे लंड को मुह में लिया और थोडा चूसते हुए कहा- और नहीं तो क्या? वो मुझे अपनी चुदाई कि सब बातें बताती है..
मैंने कहा - सिर्फ थ्योरी से ही काम नहीं चलेगा, कुछ प्रेक्टिकल भी करना होगा..
दोनों ने कहा - हाँ जीजू, कुछ प्रेक्टिकल कीजिये ना..
मैंने कहा - पहले किस से साथ करूँ..
सीमा ने कहा - मेरे साथ, क्यों कि यहाँ मै बड़ी हूँ..
मधु ने कहा - हाँ ये ठीक है, तब तक मै देखती हूँ और जानूंगी कि कैसे क्या होता है..
मैंने कहा - ठीक है..
और मै सीमा के बदन पर लेट गया और मधु बगल में ही लेट कर चुचाप देख रही थी.. मै सीमा के नंगे मखमली बदन पर लेट कर उसके हर अंग को चाटने लगा.. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.. मैंने उसके बुर को चाटना चालु किया तो वो सिसकारी भरने लगी.. लेकिन मै उसके बुर के रस को छोड़ भी नहीं पा रहा था.. इतना नरम और रसीला बुर था मानो लग रहा था कि लीची को उसका छिलका उतार कर सिर्फ उसे चाट रहा हूँ.. उसके बुर ने पानी छोड़ दिया.. मै उसके बुर को छोड़ फिर उसके चूची को अपने सीने से दबाया और मैंने पूछा- अपनी चूत चुदवाओगी?
सीमा ने कहा- हाँ ..
मैंने कहाँ - ठीक है.. तो तैयार हो जा प्रैक्टिकल के लिए
मैंने उसके दोनों टांगो को अलग किया और चूत के छेद का मुआयना किया.. उसमे उंगली डाल कर उसे फैलाया फिर अपना लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और और धीरे धीरे लंड को उसके चूत में घुसाना चालु कर दिया..
ज्यों ही मैंने लंड डाला वो चीख पड़ी- आ .......... यी........आह...... मर गयी
मैंने कहा - क्यों री.. चूत में बैगन डाल के मुठ मारती हो और लंड लेने में तुझे परेशानी हो रही है..
सीमा ने कहा - हाय राम, आपका लंड किसी बैगन से कम मोटा नहीं है.. और ये काफी सख्त भी तो है.. बैगन तो नरम होता है..
मैंने कहा - हाँ वो तो है.. लेकिन सख्त लंड से ही तुझे मज़ा आएगा.. तेरी झिल्ली फटी है कि नहीं अभी तक?
सीमा ने कहा -- नहीं....
मैंने कहा - फाड़ दूँ तेरी झिल्ली?
सीमा ने कहा - अब देर ना करो जीजू.. जो भी करना है जल्दी करो.. चूत में बहुत खुजली हो रही है......आह …..मेरे चूत में अपना इतना मोटा लंड डाल कर इतने सवाल कर कर के मुझे यूँ ना सताओ..
उसका चूत एकदम नया था.. मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उसके चूत में धक्के मारना शुरू किया.. मेरा लंड उसके चूत के गहराई में गया तो उसकी झिल्ली फट गयी तो वो पूरी तरह चीख पड़ी- आ ..........ह......जी..............जू हाय राम......
मैंने कहा - क्या हुआ सीमा ?
सीमा ने दर्द भरे स्वर में कहा - कुछ नहीं जीजा जी .. तेरे लंड ने मेरी झिल्ली फाड़ डाली.. आह......कितना मज़ा है इस दर्द में.. ..
मैंने सीमा को उसके दर्द कि परवाह किये बगैर जोर जोर से चोदना चालू किया.. थोड़ी देर में ही उसे आनंद आने लगा.. अब वो आराम से बिना किसी शर्म के जोर जोर से बोलने लगी- आह जीजा जी.. हाय जीजाजी.. जरा धीरे धीरे चोदिये ना.. आय हाय कितना मज़ा आ रहा है.. आआअ ........ह्ह्ह्ह........ वो साली ही क्या जिसने अपने जीजा के मज़े ना लूटे हों..
सुन के मुझे उसके हिम्मत पर ख़ुशी हुई और आराम से उसके अंग अंग को देखते हुए चोदने लगा.. वो भी जोर जोर से चिल्लाने लगी- हाय......आआअह्ह्ह्ह.......... ओह्ह माँ , ओह जीजू, हाय रे आःह्ह्ह ................
मै उसकी नंगे बदन पर लेट कर उसकी चुदाई कर रहा था.. मैंने चुदाई करते समय मधु कि तरफ देखा तो वो भी काफी खुश लग रही थी..
मै उसे चोदता रहा.. थोड़ी देर में सीमा के चूत से पानी निकलने लगा.. मेरे लंड ने भी पानी छोड़ देने का सिग्नल दे दिया..
मैंने सीमा से कहा - बोल कहाँ गिरा दूँ माल?
वो बोली- मेरे मुह में..
मैंने अपने लंड को उसके चूत से निकाला और अभी उसके मुह में भी नही डाला था कि मेरे लंड ने माल छोड़ना चालु कर दिया.. इस वजह से मेरे लंड का आधा माल उसके मुह में और आधा माल उसके गाल और चूची पर गिर गया.. फिर भी वो प्यासी कुतिया की तरह मेरा लंड चूसती रही..
उसने मधु को अपनी चूची दिखाई और कहा - मधु ले माल को चाट.. मज़ा आएगा..
मधु ने बिना देर किये सीमा के चूची को चाटना शुरू कर दिया और उस पर गिरे मेरे माल को चाट चाट कर खा गयी..
मुझे काफी मज़ा आ रहा था.. लेकिन मैंने गौर किया कि मधु भी काफी अंगडाई ले रही थी.. इसका मतलब कि अब उसके चूत में भी खुजली हो रही थी..
मैंने सीमा को कहा - अब तेरी छोटी बहन की बारी है.. देख तो कैसा अकड़ रही है?
सीमा अपनी चूत को साफ़ करती हुई बोली- इसकी तड़प को रोकने का एक ही उपाय ये है कि इसे भी अभी चोद दीजिये.. ..क्यों री मधु ? चुदवायेगी ना? बहुत मज़ा आएगा..
मधु बोली- लेकिन दीदी , तू तो अभी करह रही थी लग रहा था कि तुझे काफी दर्द हो रहा था ..
सीमा - अरी पगली , वो दर्द नहीं ....मज़ा था री .. तू भी चुदवा के देख ना
मधु ने कहा - लेकिन दीदी तुने ही तो एक दिन कहा था कि चूत पर पहला हक पति का होता है ?
सीमा - धत पगली .... साली के चूत पर पहला हक तो जीजा का ही होता है न.. चल अब ये सब छोड़ .. और लेट जा .... देख जीजू अभी तुझे जन्नत की सैर करायेंगे ..
अब मैंने मधु को अपने नीचे लिटाया और उसकी चूची को छूने लगा.. मुझे पता था कि ये लड़की अभी गरम है.. इसे काबू में करना कोई मुश्किल काम नहीं है.. मै उसकी मस्त चूची को दबाने लगा.. वो कुछ नहीं बोल रही थी सिर्फ मुस्कुरा रही थी.. .. मैंने एक हाथ उसकी चूत पर हाथ ले गया.. ओह उसकी चूत तो पानी बहा रही थी , बिलकूल गीली थी.. मैंने अब कोई तकल्लुफ नहीं किया अब वो पूरी तरह से मेरी गिरफ्त में थी.. मै उसके होठों को बेतहाशा चूमने लगा.. अब वो भी मुझे जोरदार तरीके से मेरे होठों को चूमने लगी.. अब वो मेरा साथ देने लगी थी.. वो भी दीदी कि चुदाई देख कर मस्त हो चुकी थी.. उसकी चूची तो सीमा कि चूची से भी नरम थी.. आखिर उसकी चूत का भी मैंने उद्धार किया और और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया.. लेकिन जैसे ही मैंने डाला वो चीखने लगी .. उसकी चूत का छेद अभी छोटा था ..
सीमा ने कहा - एक मिनट जीजू .... ये क्रीम इसकी चूत में डाल दीजिये ना .. तब चोदिये .. तब इसे दर्द नहीं होगा ..
मैंने मधु के चूत से अपना लंड निकाल लिया .. सीमा ने वेसलिन क्रीम को मधु की चूत पर अच्छी तरह से माला.. मधु चुप चाप अपने चूत पर वेसलिन लगवा रही थी ..
मैंने मधु की चूची को दबाते हुए कहा - सीमा , तुने तो अपनी चूत पर वेसलिन नहीं लगाया ..
सीमा ने कहा - मुझे तो मोटे बैगन अपने चूत में डालने की आदत है ना .. ये मधु की बच्ची तो सिर्फ मोमबत्ती ही डालती है अपनी प्यारी सी चूत में.. इसलिए आपका मोटा लंड इसे चुभ रहा है .. लेकिन अब नहीं चुभेगा .. मैंने वेसलिन डाल दिया है इसके चूत में अब आप इसके चूत में अपना लंड बेहिचक डालिए.. ..
मैंने फिर से मधु के चूत में अपना लंड धीरे धीरे डालना शुरू किया .. इस बार भी वो थोड़ी चीखी लेकिन जल्दी ही अपने आप पर काबू पा ली.. 4-5 शोट में ही उसकी भी झिल्ली फट गयी और उसके चूत से बलबला के खून निकलने लगा .. लेकिन मैंने लंड के धक्के से उसकी चुदाई जारी रखी.. थोड़ी देर में ही उसकी चूत भी खुल गयी.. वो भी अपनी दीदी कि तरह जोश में आ गयी थी.... उसने अपने दोनों हाथो से मेरी गर्दन को लपेट कर मेरे होठो को चूमने लगी.. उसकी जम कर चुदाई के बाद मेरे लंड से भरपूर माल निकला जो कि उसके चूत में ही समा गया..
मै अपना लंड उसके चूत से निकाल कर उसके बगल में लेट गया..
तब सीमा ने मधु की चूची को दबा कर बोली- क्यों बहना, मज़ा आया ना?
मधु ने कहा- हाँ दीदी.. एक बार फिर करो ना जीजू..
सीमा ने कहा- नहीं पहले मेरी चूत में भी रस डालिए तब मधु की बारी..
सीमा मेरे बगल में लेट कर अपने दोनों टांगो को आजु बाजू फैला कर अपनी चूत मेरे सामने पेश कर मुझे छोड़ने का न्योता देने लगी.. मेरा लंड अभी थका नही था.. मै तीसरी बार चूत छोड़ने के लिए तैयार था.. मै झट से उसकी टांगों को अपने कंधे पर रखा और एक ही झटके में अपना लंड उसके चूत में प्रवेश करा दिया..
सीमा - हाय राम.... जीजू कितना हरामी है रे तू.. धीरे धीरे डाल न....
मैंने कहा - देख कुतिया.... अभी मै तेरी कैसी चुदाई करूंगा कि इस जनम में दोबारा चुदाई का नाम ना लेगी तू..
मेरी बात सुन के सीमा ने हँसते हुए कहा - जा रे हिजड़े.... तेरे जैसे दस लंड को मै अपननी चूत में एक साथ डाल लूं तो भी मेरी चूत को कुछ नही होने वाला..
मैंने भी हँसते हुए कहा - तो ये ले...... सभाल इसे कह कर मैंने काफी जोर जोर से उसके चूत में अपना लंड आगे पीछे करने लगा.. पहले तो वो सिर्फ अपने होठो को दांत में दाब कर दर्द बर्दाश्त करती रही.. लेकिन थोड़ी देर में ही उसकी चीखे निकलने लगी.... वो हलके हलके स्वर में चिल्लाते हुए कहने लगी - हाय रे.... मादरचोद.... फाड़ डाला रे.... साले जीजू.... कुत्ता है तू...... एक नम्बर का रंडीबाज है.. आदमी का लंड है कि गधे का लंड.. साले कुछ तो रहम कर मेरी नाजुक चूत पर..
मुझे उसकी गालियाँ काफी प्यारी लग रही थी.. उसकी गालियाँ मेरा जोश बढ़ा रही थी.. मै जानता था कि उसे काफी मज़ा आ रहा है क्यों कि इतने दर्द होने के बावजूद वो अपनी चूत से मेरा लंड निकालने का प्रयास नही कर रही थी..

इस बार मैंने सीमा के चूत को घमासान तरीके से 20 मिनट तक चोदा.. 20 मिनट कि घमासान चुदाई के बाद मेरे लंड से लावा फुट पड़ा.. और सारा लावा उसके चूत में ही गिराया.. सीमा की हालत देखने लायक थी.. वो इतनी पस्त हो चुकी थी कि बिना कोई करवट लिए जैसे की तैसी लेटी लेटी ही सो गयी..


नशे में पापा ने मुझे कॉन्डोम लगाकर चोदा

nashe me apni beti ko choda,नशे में पापा ने मुझे कॉन्डोम लगा कर माँ की जगह चोदा,नशे में पापा ने मुझे कॉन्डोम लगा,कॉन्डोम लगाकर नशे में पापा ने मुझे चो
पापा ने मुझे कॉन्डोम लगा कर माँ की जगह चोदा हिन्दी संभोग स्टोरी, हेल्लो दोस्तों मेरा नाम कामाक्षी शर्मा है और मै मुंबई की रहने वाली एक बहुत सीधी साधी लड़की हूँ! मेरा कोई बॉयफ्रेंड भी नहीं है! मै अभी 12th क्लास मै हूँ! और मेरी स्कूल मेरे घर से थोड़ी दूर ही है! दोस्तों मेरे पापा के पास बहुत पैसा है उनके पूर्वज छोड़ कर गए है और अब मेरे पापा अपने जीवन में ऐश कर रहे है!

नशे में पापा ने मुझे कॉन्डोम लगा कर माँ की जगह चोदा


मेरे पापा एक बहुत बड़े शराबी है मेरे पापा को शबाब और शराब का बहुत शौक है! मेरी माँ बहुत सुन्दर है जो रोज मेरे पापा के सामने चुपचाप चुदवाने के लिये नंगी हो कर लेट जाती है और मेरे पापा मेरी माँ को एक रंडी की तरह खूब बुरी तरह टौरचर करते करते चोदते है! मैंने कई बार मेरे पापा को मेरी माँ को चोदते हुए देखा था और और अब मै भी जवान हो गयी थी तो मेरा भी मन संभोग करने का होने लगा था!!

मेरी माँ मेरे पापा से बहुत डरती थी क्यों की एक दिन मेरी माँ ने मेरे पापा के साथ संभोग करने से मना कर दिया था तो मेरे पापा ने शराब के नशे में मेरी माँ को नंगी करके बहुत बुरा मारा और उनकी चूत में लाल मिर्च का पौडर डाल दिया था उस दिन का दिन है और आज का दिन है मेरी माँ कभी भी मेरे पापा से सामने ज्यादा चु चपड नहीं करती है और जब भी पापा उन्हें चोदने के लिये नंगी होने के लिये बोलते है वो चुप चाप नंगी होकर लेट जाती है!

एक दिन मेरे पापा मेरी माँ से बोले के रंडी तुझे चोदते चोदते बरसो हो गए है अब तेरी गांड मारने में और चूत चोदने में बिलकुल भी मजा नहीं आता आज मै तेरी बेटी को अपनी पत्नी बना कर चोदुंगा! मेरी माँ रोते हुए बोली के ये आप कैसी बात कर रहे हो भला कोई बाप अपनी सगी बेटी को चोदता है भला आप को जितना चोदना है मुझे चोद लो लेकिन मेरी बेटी को अभी वर्जिन ही रहने दो अभी उसने अपने जीवन में देखा ही क्या है.....? मेरी माँ की इस बात पर मेरे पापा हँसते हुए बोलने लगे सही बोल रही हो अभी उसने देखा ही क्या है! जब मै तुम्हारी वर्जिन बेटी को नंगी करके चोदुंगा तब उसके आंड पोपले लंड और एक मर्द की गांड सब कुछ दिखा दूंगा!

फिर मेरे पापा गुस्से से मेरी माँ को बोलने लगे की बहन की लौड़ी तुझसे जितना बोला जाए उतना कर आज रात को मुझे तेरी बेटी बिस्तर पर संभोग करने के लिये तेरी जगह चाहिये नहीं तो तेरी गंड और चूत दोनों में मिर्च का पौडर भर डालूँगा! मेरी माँ मेरे पापा की धमकी से डर गयी और बोली के जैसा तुम बोलोगे मै वैसा ही करुँगी! यहाँ भी देखे >> गांड और चूत में सरसों का तेल लगा डंडा गुसाते हुए जवान सेक्सी नंगी लड़की की

मेरी माँ रोते रोते मेरे बैडरूम में आयी और मुझसे बोलने लगी की बेटी तुम अब जवान हो चुकी हो और अब तुम्हारे पापा तुम्हारे साथ संभोग करना चाहते है! तो मै मेरी माँ से बोलने लगी के माँ भला मै मेरे अपने सगे पापा के साथ कैसे संभोग कर सकती हूँ एक बाप और बेटी का रिश्ता तो बहुत पवित्र रिश्ता होता है! फिर मेरी माँ बोली के बेटी तुम्हे अपने पापा के साथ संभोग करना पड़ेगा और उन्हें खुश करना पड़ेगा नहीं तो वो तुम्हारी माँ की गांड और चूत में लाल मिर्च पौडर डाल देंगे वो बहुत खतरनाक इन्सान है!

nashe me apni beti ko choda


दोस्तों मुझे भी मेरी चूत में एक लंड लेने का मन कर रहा था पर मुझे पता नहीं था के उप्पर वाला मेरी इतनी जल्दी सुन लेगा और मुझे अपने जीवन का पहला लंड मेरे अपने सगे बाप का ही नसीब होगा! मेरा संभोग करने का मन तो कर रहा था पर मै धर्म संकट मै थी एक तरफ बाप बेटी का पवित्र रिश्ता था तो दूसरी तरफ मेरी माँ थी! फिर मै मेरी माँ की बात सुन कर दर गयी और मेरी माँ से बोल दिया के ठीक मै माँ मै आप के खातिर अपने सगे पापा के साथ संभोग करने को तैयार हूँ! आज रात को मै आप की जगहे पापा के बैडरूम में चुदवाने चली जाउंगी पर पापा को बोलना के मुझे कॉन्डोम लगा कर ही चोदे!

मेरी माँ ने बोला के ठीक है बेटी मै तुम्हारे पापा को तुम्हे कॉन्डोम लगा कर चोदने के लिये बोल दूंगी और मै खुद मेडिकल स्टोर से कॉन्डोम के एक पैक ले आती हूँ! फिर मेरी माँ मेडिकल स्टोर पर गयी और एक मैन फौर्स कॉन्डोम का वनिला फलेवर वाला कॉन्डोम पेक लाकर मेरे पापा को दे दिया और बोला! तुम्हारी बेटी तुम्हारे साथ संभोग करने को तैयार है बस उसकी एक शर्त है के तुम उशे कॉन्डोम पहन कर ही चोदो! मेरे पापा बोले के अगर मेरा मन करा तो कॉन्डोम पहन कर चुदाई करूँगा वारना वैसे ही अपना लंड तुम्हारी बेटी की गांड और चूत में पेल डालूँगा! यहाँ भी देखे >> मैं नन्ही जान और पापा के शराबी दोस्त अंकल मेरी ब्रा के ऊपर से ही स्तन चूस रहे थे

फिर रात हूँ और हम सब ने एक साथ खाना खाया! और मै मेरे पापा के बैडरूम में मेरे पापा के साथ सोने चली गयी! बैडरूम में जाकर मेरे पापा ने अपनी जेब से कॉन्डोम का पैक निकाल कर बैड पर रख दिया और मुझे बोले के इस पैक से एक कॉन्डोम निकाल कर रख को अभी दारू पिने के बाद अपने लंड पर पहन कर तुम्हारी चूत चुदाई करूँगा और गांड मरूँगा!

थोड़ी देर तक शराब पिने के बाद मेरे पापा ने मुझे बोला के बेटी अपने सारे के सारे कपडे खोल डालो और एक रंडी की तरह नंगी होकर बैड पर लेट जाओ मै बस ये आखरी पैक ख़त्म कर के आता हूँ..... मुझे मेरे पापा के सामने नंगी होने में शर्म आ रही थी पर मेरी भी चूत में आग लगी पड़ी थी तो मैंने अपने सारे के सारे कपडे उतार दिया और पलंग पर नंगी होकर लेट गयी!

मै आधे घंटे तक तो पलंग पर नंगी लेती रही पर फिर मेरे पापा आये और मुझे बोलने लगे की बेटी तुम्हारा शारीर तो उम्हारी माँ पर गया है तुम बहुत सुन्दर हो तो मैंने मेरे पाप को बोला के ज्यादा मख्हन लगाने की जरुरत नहीं है अब जल्दी से मुझे चोदो और जाने दो मरा कल एग्जाम है मुझे पडाई करनी है!

फिर मेरे पापा मुझे चोदने के लिये अपने सारे कपडे उतार कर नंगे हो गए और मेरे मोटे मोटे बूब्स को जोर जोर से दबाने लगे और मुझसे बोलने लेते के बेटी तुम मेरे लंड को ऐसे क्या देख है हो इसे अपने हाथो में लो और मेरी मुठ मारनी शुरू करो! पहले तो मेरे पाप का लंड निढाल हो कर लटका पड़ा था पर जब मैंने उनके लंड को हिलाना और सहलाना शुरू करा तो वो तनकर 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा हो गया! मैंने जब मेरे पापा का मोटा और मजबूत लंड अपने हाथ में पकडा तो मुझे और चुदास होने लगी अब मुझे मेरे पापा से बिलकुल भी शर्म नहीं आ रही थी!

फिर मेरे पापा बोले के बेटी चलो अब मेरा लंड तन कर खड़ा हो चूका है अब तुम बैड पर लेट जाओ मै अब तुम्हारी वर्जिन चूत में मेरा 12 इंच लम्बा लंड पेलता हूँ! फिर मै मेरे पापा से चुदवाने के लिये बैड पर नंगी लेट गयी और मेरे पापा मेरी चूत के छेद पर अपना लंड सेट करने लगे तो मैंने मेरे पाप से बोला के पापा पहले अपने लंड पर कॉन्डोम तो लगा लो नहीं तो मुझे बी बच्चा टेहर जायगा और आप को भी एड्स हो सकता है! फिर मेरे पापा ने मुझसे बोला के बेटी तुम ही तुम्हारे पापा के लंड को कॉन्डोम पहना दो! फिर मै उठी और मेरी पापा के लंड पर कॉन्डोम पहना कर फिर अपनी टांगे फसार कर पापा के आगे लेट गयी! मेरे पापा ने अपना लंड मेरी वर्जिन चूत में एक जोरदार झटके के साथ गुसा डाला मेरी आँखों से दर्द के मारे आंसू बहने लगे और मै जोर जोर से चिल्लाने लगी आह.................आह!! उमह...........................आह........ आह.....................!

दोस्तों आज मेरे जीवन का पहला संभोग था वो भी मेरे शराबी पापा के साथ! आज मैंने मेरी चूत की सील खुलवा ली थी! मेरी चूत की सील टूटने के कारण मेरी चूत से बहुत खून बह रहा था! अब मेरे पापा को जुनून चढ़ चुका था, उन्होंने बड़ी मजबूती से मेरी कमर को दोनों तरफ से पकड़ लिया और जोर जोर से मेरी चूत में अपना 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लंड पेलने लगे आज पापा की परी पापा के लंड का स्वाद चख रही थी हम बाप बेटी का संभोग जोरदार चल रहा था मेरे पापा मुझे एक रंडी की तरह जोर जोर से धक्के देते हुए चोद रहे थे।

दोस्तों मुझे संभोग के स्टार्टिंग में तो थोडा दर्द हुआ पर बाद में मेरे पापा के साथ संभोग करने में बहुत मजा आने लगा! मेरे पापा मुझे बहुत जोर जोर से चोद रहे थे जिस कारण मेरे सारे बाल बिखर गए थे मेरे पापा का नशा तो जैसे मुझे होने लगा था। उनकी चुदाई में मैं बस ‘आई सेक्सी माँ जी, ऊई सेक्सी माँ!! आह............... आह!! आह!! आह जैसी मादक आवाजे निकाल रही थी।

मेरे पापा ने मुझे करीब 20 मिनट चोदा। मुझे चोदते चोदते मेरे पापा ने अपना सारा का सारा वीर्य मेरी चूत के अंदर ही निकाल डाला लेकिन मेरे पापा के लंड पर कॉन्डोम चड़ा होने के कारण वो सारा वीर्य उनके कंडोम में भर गया और मेरे पापा निढाल हो कर मेरे नंगे शारीर पर लेट गए! उसके बाद मेरे पापा ने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और अपना कॉन्डोम उतार कर मेरे उमह में डाल दिया और बोले मेरी बेटी पी जाओ इस वीर्य को यह अमृत है! इसे पिने से उम्हारा योवन सदा बरक़रार रहेगा! मुझे पहले तो पापा का वीर्य पिने में सुग आ रही थी पर फिर भी मै ना चाहते हुए कॉन्डोम का सिरा अपने मुह पर लगा अपने पापा का सारा का सारा वीर्य पी गयी वो बहुत गडा गडा और खट्टा खट्टा था!

फिर मेरे पापा ने मेरी गांड मारने के लिये मुझे उल्टी कर के लेटा दिया और बिना कॉन्डोम लगाये ही अपना 12 इंच लम्बा लंड मेरी टट्टी से भरी मोटी गांड में पेल डाला! मेरे पापा जोर जोर से मेरी गांड में झटके मारने लगे! और उन्हों ने करीब 20 मिनट तक मेरी गांड मारी फिर अचानक मेरे पापा के लंड से वीर्य का सैलाब आ गया और सारा का सारा वीर्य मेरी गांड के अंदर तक भर गया ।

मेरे पापा ने बहुत ज़ोर वो आखरी झटके मेरी टट्टी से भरी गांड में मारे, और जब झड़ गए तो फिर से नंगे ही मेरे उप्पर गिर कर सो गए। मैं वैसे ही लेटी रही। मेरी गांड से मेरे पापा का वीर्य बाहर की तरफ रिसने लगा! रिसते रिसते सारा वीर्य मेरी गांड से होते हुए बिस्तर पर गिरने लगा! फिर मेरे पापा ने मुझे चादर को चाट चाट कर साफ करने के ले बोला जब मैंने पहली बार मेरे पापा का वीर्य खाया था तब मुझे थोड़ी सुग जरुर आयी थी पर खाने में बहुत आच्छा लगा था तो इस बार मै चुप चाप मेरे पापा का चादर पर गिरा वीर्य अपनी जीभ से चाटाने लगी और थोड़ी देर में ही सारा का सारा वीर्य खा गयी। उसके बाद मै बिल्कुल नंगी ही मेरे पापा के साथ चिपक कर सो गई। उस दिन के बाद से तो जैसे मेरे पापा ने मुझे अपनी रंडी ही समझ लिया था जब भी चुदाई करने का मन होता था तो मेरी माँ की जगह मुझे चोदने के लिये बुला लिया करते थे!

अब तो मेरी माँ भी मुझसे जलने लगी थी क्यों की अब मेरी वजह से उन्हें लंड नसीब नहीं हो रहा था अब मेरे पापा को मेरी माँ की जगह मेरे साथ संभोग करने में मजा आता था और वो रोज़ रात को मेरे पापा मुझे घोड़ी बनाकर चोदा करते थे मुझे भी अब मेरे पापा के साथ संभोग करने में कोई ऐतराज नहीं था क्यों की अब मुझे समझ में आ गया था के इसमें कुछ गलत नहीं है जानवर भी तो अपनी माँ बहनों के साथ संभोग करते है अब तो मैंने मेरे मन तन और धन से मेरे पापा को ही मेरा पति मान लिया था! दोस्तों आप को मेरी हय हिन्दी संभोग स्टोरी “नशेडी पापा ने मुझे कॉन्डोम लगा कर माँ की जगह चोदा हिन्दी संभोग स्टोरी” कैसी लगी मुझे ईमेल करके जरुरु बताना.....


bhikhari ke damdar lund se chudai

 
भिखारी का दमदार लंड से चुदाई

 

हेलो दोस्तों मेरा नाम नेहा शर्मा है मैं बोली दिल्ली से बिलॉन्ग करती हूं मेरी एज 30 साल की है और मेरा बूब्स बहुत ही बड़े बड़े और गोरे है। मेरी कमर और गांड का साइज देखकर किसी भी लड़के का लंड खड़ा हो जाएगा।

मेरे पति का नाम निखिल कुमार है और उनकी उमर 32 साल है उनका लंड 5 इंच का है रात को निखिल घर आते हैं वह आते ही मुझे अपनी बाहों में भर लेते हैं पहले वह मुझे किस करते हैं। हम दोनों एक दूसरे को जोरदार किस करते हैं उनकी जीभ मेरे मुंह के बिल्कुल अंदर तक जाती है।

मेरी उनके मुंह के बिल्कुल अंदर तक जाती है। वह मेरे होंठों को चूस रहे होते हैं और मैं बोली उनके होठों को खा जाने की नियत से चूस रही होती हुं।

वो धीरे धीरे मेरे बूब्स पर हाथ रखते हैं, एक हाथ से मेरे बूब्स की मालीश हो रही होती है और एक हाथ से मेरी गांड सेहला रहे होते हैं और हम दोनों एक दूसरे को किस कर रहे होते।

फिर वह मेरी नाइटी को उतार देते हैं अब मैं बोली अपने पति के सामने केवल ब्लैक ब्रा और पेंटी में होती हूं,मैं बोली नीचे झुक कर अपने पति के पेंट को खोलकर उनके  लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लग जाती हूं, मैं बोली अपने पति के लंड को एकदम रंडी की तरह चुसती हूं। जिससे उनकी आपकी आवाज आने लग जाती है मैं बोली आपको एक बात बता दूं मैं बोली एकदम रंडी हूं मैं बोलीने बहुत से लंड खाऐ है।

फिर मेरे पति मुझे उठा कर बेडरूम में ली जाते है फिर से मुझे लिटा कर किस करने लग जाते है  मेरी ब्लैक ब्रा को उतार देते है मेरी  बूब्स के दाने को भी दांतों से काटे लग जाते हैं, जिससे मुझे बहुत मजा आता है बाद में वह मेरे बूब्स को चूसते हैं और मेरी चूत में उंगली करने लग जाते हैं,फिर वह मेरी चूत को धीरे धीरे सेहलाते रहते हैं और मेरे बूब्स को चुसते रहते हैं।

मैं उनके पूरे कपड़े उतार देती हूं फिर वह अपनी पैंट उतार कर मेरे ऊपर चड जाते हैं और मुझे जबरदस्त चोदने लग जाते हैं वह केवल मेरी चूत को 5 मिनट की चूत पाते हैं और उनका लंड झड़ जाता है। मुझे यह सोच कर बहुत दुख होता है मैं बोली अक्सर ऐसे तड़पती रह जाती हूं और मेरा पति मुझे कभी भी सेटिस्फाई नहीं कर पाता बाद में वह सो जाता है। और कई बार Desi Sex Story या पोर्न देखके खुद को संतुस्ती देनी पड़ती थी।

बाद में मैं अलमारी में से डीलडो निकालकर अपनी चूत में रगड़ना शुरु कर देती हूं,मैं बोली पूरा का पूरा डीलडो अपनी चूत में ले लेती हूं और शाम के लंड के बारे में सोचने लग जाती हूं।

श्याम एक 50 साल का आदमी है जो हमारी गली में भीख मांगने के लिए आता है, मैं बोलीने उसके कपड़े फटे हुए होने के कारण उसके पजामे में से उसका लंड देखा था। जब से मैं बोलीने उसका लंड देखा है मैं बोली रात दिन उसके लंड के बारे में सोचती रहती हूं उसका लंड बहुत ही बड़ा है,उसका लंड 9 इंच का होगा।

अगले दिन सुबह उठकर,

मुझे बताते हैं कि हफ्ते भर के लिए कहीं बाहर जा रहे हैं और वह ऑफिस के लिए चले जाते हैं।

दोपेहर 1 बजे जब शाम भीख मांगने के लिए आता है तो पेजामे में से उसका लंड साफ दिख रहा होता है। वह कभी भी नीचे अंडरवियर नहीं पहनता मुझे आज फिर उस लंड देखकर अपनी चूत की प्यास याद आ जाती है,

सोचती हूं कि चाहे आज कुछ भी हो जाए लंड को मैं बोली अपनी चूत में समा कर रहुंगी!!

मैं गेट से बाहर निकल कर देखती हूं तू गली में कोई नहीं होता, मैं बोली सोचती हूं मुझे अच्छा मौका है मैं बोली शाम को घर के अंदर आने के लिए कहती हूं।

मैं बोली बाबा जी आप अंदर चलीऐ मैं बोली आपको ताजी सब्जी रोटी बना कर खिलाती हूं।

श्याम जी बेटा तुम्हारा बहुत ही भला होगा मुझे भूख लगी थी।

मैं बोली रोटी दाल लेकर शाम के पास जाती हूं और उसके ऊपर दाल गिरा देती हूं जिससे उसके सारे कपड़े गंदे हो जाते हैं।

मैं बोली उसे कहती हूं कि आप कपड़े बदल लीजिए मैं बोली आपको अंदर से कपड़े लाकर देती हूं यह वैसे भी यह कपड़े बहुत गंदे हो चुके हैं।

अंदर जाकर निखिल के भी पुराना कुर्ता पजामा निकालकर शाम को देतीे हुं मैं बोली शाम को अंदर वाले कमरे में चेंज करने के लिए भेज देती हूं और खुद पहले कमरे का दरवाजा खुला छोड़कर अपनी चूत को सहलाने लग जाती हूं।

मैं जल्दी से अपने सारे कपड़े उतारती हूं और डिलडो को अपनी चूत में डालने लग जाती मैं बोली जानबूझकर,

इतनी जोर से आ आााा आअ्अहहहह आहहहहह आ अम्म अम्म उह्ह येह की आवाज निकालती हूं!

वो जब मेरे कमरे के पास आता है तो मेरे इस हबस को देख कर उसकी आंखों में चमक आ जाती है वह आते ही सीधा मेरी चूत पर अपनी जीव लगा देता है, मेरी चूत को चाटना शुरू कर देता है। मैं बोली बहुत ही मस्त तरीके से मेरी चूत को चाटते है वह अपनी जीभ को मेरी की चूत के बिल्कुल अंदर तक ले जाने की कोशिश करता है।

मैं शाम के पजामे को उतारकर उसका लंड चूसने शुरु कर देती हूं मैं बोली उसका लंड को एकदम मस्त चुस्ती हूं पर उसके लंड से बदबू आ रही होती है, ऐसा लगता है वह काफी दिनों से नहाया ना हो।

पर मुझे सेक्स कि हबस सब कुछ भुला देती है वैसे ही मैं बोली उसके लैंड को चुस्ती रहती हूं उसकी कुर्ता भी उतार देती हूं और उसकी छाती पर  किस करने कर देती हूं। मैं बोली उसके बालों से भरी हुई छाती पर किस करती रहती हूं, और वह भी मेरी बरा को उतारकर मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर देता है।

मैं नीचे बैठ कर उसके लंड को पूरा चूस चूस कर उसका माल निकाल देती हूं,उसका पूरा का पूरा माल अपने मुंह में भर कर उसको पी जाती हूं।

मैं बोली बाबा आपके शरीर से बदबू आ रही है चलो आज मैं बोली आपको अपने हाथों से नहला देती हुं।

हम दोनों नंगे  बाथरूम में जाकर शाबर ऑन कर के नीचे नहाना शुरू कर देते हैं मैं बोली साबुन से श्याम के पूरे शरीर पर साबुन लगाती हूं। उसकी पूरी बॉडी से गंदगी उतार देती हूं, फिर हम शावर के नीचे ही एक दूसरे को किस करना शुरू कर देते हैं पानी की बूंदों में एक दूसरे को किस करने का मजा ही अलग है।

वो मेरे बूब्स पर टूट पड़ता है वह मेरे बूब्स को दांतो से काटना शुरु कर देता है और मेरे बूब्स को लगातार चुसता है जिससे मुझे बहुत ही मजा आ रहा होता है एक हाथ से मेरी चूत को सहलाने शुरू कर देता है और एक हाथ से मेरे बूब्स को मसल रहा होता हैैं मैं बोली भी उसके लंड को सहला रही होती हूं।

वो नीचे बैठकर मेरी चूत को चाटने शुरू करता है इस बार वह पहले से भी ज्यादा मजेदार चुत को चाटता है, भिखारी से चुदाई में बहुत कामुक आनंद आ रहा था। ऐसा लगता है कि मैं बोली जन्नत की सैर करती हूं फिर मैं बोली नीचे बैठकर शाम के लंड को अपने मुंह में भर लेती हूं और लॉलीपॉप की तरह उसको चुसना शुरु कर देती हूं।

मैं उसके लंड के ऊपर ले बाग पर जीव से चाटना शुरु कर देती हूं मैं बोली उसके लंड के ऊपर ले भाग चुसती रहती हूं।

श्याम मुझे दीवार की तरफ करके मेरी चूत को मारना शुरू कर देता है वह मेरी चूत के बिल्कुल अंदर तक अपने लंड डाल देता है जिससे मुझे अपनी चूत की गहराई में लंड महसूस होता है उसका लंड मेरे बच्चेदानी पर लग रहा होता है।

मेरे लंड को पूरा का पूरा बाहर निकालता है वह पूरा का पूरा मेरी चूत के अंदर डाल देता है,ऐसा करने से मुझे और भी ज्यादा मजा आता है वो लगातार अपने लंड को मेरी चूत के अंदर वाहर करता रहता है,उसके चोदने की स्पीड बहुत ही तेज होती है आज मुझे पहली बार लग रहा था कि कोई मर्द मुझे चोद रहा है।

फिर वह मुझे उल्टा करके मेरी गांड मारनी शुरू करता है मेरी गांड कभी मेरे पति ने नहीं मारी थी मुझे गांड में बहुत दर्द होने लग जाता है पर मैं बोली हवस के आगे उसको कुछ नहीं कह पाती वह पूरा का पूरा लंड मेरी गांड में एक झटके में डाल देता है जिससे मेरी चीख निकल जाती है।

फिर वह मुझे घोड़ी बनाता है और मेरी गांड में ताबड़तोड़ चुदाई करनी शुरू कर देता है वह मेरी गांड पर बीच बीच में थप्पड़ मारता रहता है जिससे मुझे और सेक्सी एहसास होता है मेरी गांड की लगातार चुदाई कर रहा होता है और मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा होता है फिर वह मेरी गांड की चुदाई करने के बाद फिर से मेरी चूत को चोदना शुरू कर देता है हमें चुदाई में लगभग 30 से 35 मिनट हो चुके होते हैं ।

लेकिन उसका झड़ने का नाम नहीं ले रहा था इसके बीच में तीन  बार झड़ चुकी होती हूं, मेरी अन्तर्वासना चुदास बहुत खुस होती है, वो मेरी चुत की लगातार चुदाई करता रहता है ऐसे ही चुदाई करने के 10 मिनट बाद वह मुझे कहता है मेरा माल निकलने वाला है बोल कहां निकालो।

 मैं बोली मुझे आपका माल पीना है आप मेरे मुंह में निकाल दीजिए

फिर वह मेरा पूरा का पूरा माल मेरे मुंह में निकाल देता है उसका माल बहुत ही टेस्टी होता है एक ही दिन में उसका दो बार माल पी कर मुझे बहुत मजा आता है।

उस दिन के बाद जब भी मेरा और श्याम का चुदाई का दिल होता है मेरे घर पर आकर मुझे चोद देता था और बदले में मैं बोली उसे कुछ पैसे और कपड़े वगैरह दे देती थी।

 

Author Name

Adult Stories

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.